Author: bharati

  • IndiGo पर DGCA का बड़ा एक्शन: रोजाना 110 उड़ानें प्रभावित, सरकार ने एयरलाइन को चेताया

    IndiGo पर DGCA का बड़ा एक्शन: रोजाना 110 उड़ानें प्रभावित, सरकार ने एयरलाइन को चेताया


    नई दिल्ली। देश की प्रमुख एयरलाइन IndiGo पर नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने बड़ा एक्शन लिया है। हाल के हज़ारों फ्लाइट रद्द होने और यात्रियों की परेशानी के कारण सरकार ने एयरलाइन के शीतकालीन उड़ान कार्यक्रम में 5% कटौती का आदेश दिया है। इसका मतलब है कि इंडिगो से रोजाना करीब 110 उड़ानें छीन ली जाएंगी, जिन्हें अन्य एयरलाइंस को आवंटित किया जाएगा।

    DGCA का कदम और पृष्ठभूमि
    नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने कहा, “हम इंडिगो के मार्गों में कटौती करेंगे। फिलहाल वे 2,200 उड़ानें चला रहे हैं, अब 5% कम होंगी।” यह कार्रवाई 5 दिसंबर को इंडिगो की 100 से अधिक उड़ानों के प्रभावित होने के बाद हुई। DGCA ने एयरलाइन को कारण बताओ नोटिस जारी किया था।

    विवरण संख्या/राशि
    प्रतिदिन वर्तमान उड़ानें 2,200
    आदेशित कटौती (%) 5%
    रोजाना छीनी जाने वाली उड़ानें (अनुमानित) 110
    रद्द PNR के लिए मुआवजा ₹745 करोड़

    यात्रियों की भरपाई:
    सरकार ने बताया कि 1 से 8 दिसंबर तक रद्द किए गए 7,30,655 PNR के लिए ₹745 करोड़ का मुआवजा दिया जा चुका है। खोए हुए 9,000 बैगों में से 6,000 लौटाए जा चुके हैं और बाकी बैग जल्द ही यात्रियों तक पहुंचेंगे।

    IndiGo की प्रतिक्रिया:
    एयरलाइन ने कहा कि उड़ानें रद्द होने के पीछे तकनीकी खराबियां, खराब मौसम, हवाई यातायात की भीड़ और क्रू ड्यूटी लिमिटेशन जैसी बाहरी वजहें हैं। इंडिगो ने स्थिति सामान्य करने के लिए 15 दिनों का समय मांगा है।

    सरकार ने चेताया है कि यदि एयरलाइन ने रवैया नहीं सुधारा तो एक्शन और कड़ा किया जाएगा। यह कदम स्पष्ट संदेश देता है कि यात्रियों की असुविधा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

  • मीशो IPO में GMP के दम पर निवेशकों में जोश कल होगी शेयर बाजार में लिस्टिंग

    मीशो IPO में GMP के दम पर निवेशकों में जोश कल होगी शेयर बाजार में लिस्टिंग


    नई दिल्ली ।
    ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म मीशो का आईपीओ निवेशकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रे मार्केट प्रीमियम के दम पर इस आईपीओ ने बाजार में काफी ध्यान आकर्षित किया है। इसके बावजूद GMP में उतार-चढ़ाव के बाद भी लिस्टिंग पर 32 फीसदी तक मुनाफे की उम्मीद जताई जा रही है। आईपीओ 3 से 5 दिसंबर तक खुला था और अब निवेशकों की नजर 10 दिसंबर पर है जब कंपनी शेयर बाजार में लिस्ट होगी।
    लिस्टिंग पर कितना हो सकता है मुनाफा
    लिस्टिंग से एक दिन पहले ग्रे मार्केट में मीशो का GMP 35 रुपये प्रति शेयर पर ट्रेड कर रहा था। इसे आधार मानते हुए मीशो के शेयर 146 रुपये प्रति शेयर पर लिस्ट हो सकते हैं जो इश्यू प्राइस 111 रुपये से करीब 32% ज्यादा है। हालांकि GMP में उतार-चढ़ाव को देखते हुए लिस्टिंग के वक्त प्रीमियम में बदलाव हो सकता है और इस वजह से लिस्टिंग पर वास्तविक मुनाफे का आकलन तभी होगा।

    GMP का ट्रेंडकब कितना प्रीमियम

    पिछले 10 दिनों में मीशो आईपीओ का GMP 31.5 रुपये से 49.5 रुपये के बीच रहा। शुरुआती दिनों में प्रीमियम मजबूत बना रहा लेकिन 9 दिसंबर को इसमें थोड़ी गिरावट देखी गई। 30 नवंबर को GMP 42 रुपये था जो 2 दिसंबर को बढ़कर 49 रुपये तक पहुंच गया लेकिन कुछ ही दिनों में यह घटकर 9 दिसंबर को 31.5 रुपये रह गया। इससे यह संकेत मिलता है कि बाजार में अस्थिरता है और निवेशकों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।

    मीशो का आईपीओ और निवेशकों का आकर्षण

    मीशो एक सोशल ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म है जो खासकर छोटे और मझोले व्यापारियों को ऑनलाइन बिक्री के लिए एक मंच प्रदान करता है। कंपनी का ब्रांड वैल्यू और मजबूत ग्रे मार्केट प्रीमियम ने इसे निवेशकों के बीच काफी आकर्षक बना दिया है। कंपनी की प्राइस बैंड 105-111 रुपये प्रति शेयर रखी गई है और एक लॉट में 135 शेयर शामिल हैं। इस आईपीओ का कुल इश्यू साइज 488396721 शेयरों का है जो कुल 5421.20 करोड़ रुपये का है। इसमें से 4250 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू और 1171.20 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल है। कंपनी की फेस वैल्यू 1 रुपये रखी गई है।

    निवेशकों के लिए एक मौका

    मीशो के आईपीओ ने निवेशकों को एक अच्छा मौका प्रदान किया है लेकिन इसमें जोखिम भी है। ग्रे मार्केट प्रीमियम के उतार-चढ़ाव को देखते हुए निवेशकों को अपने निर्णय में सतर्क रहना चाहिए। कई बार आईपीओ की लिस्टिंग पर प्रीमियम में बदलाव हो सकता है और इसलिए निवेशकों को लिस्टिंग के समय निवेश के फैसले पर ध्यान देना चाहिए।

     मीशो का आईपीओ निवेशकों के लिए एक आकर्षक मौका हो सकता है खासकर जब लिस्टिंग के समय संभावित मुनाफे की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि बाजार की अस्थिरता को देखते हुए यह महत्वपूर्ण है कि निवेशक अपने निवेश निर्णयों में सतर्क रहें और किसी भी प्रकार की शॉर्ट टर्म अस्थिरता से बचने के लिए उचित रणनीति अपनाएं। 10 दिसंबर को लिस्टिंग के बाद ही इस आईपीओ की असली तस्वीर सामने आएगी।

  • गौतम गंभीर को पुराने साथी आकाश चोपड़ा की नसीहत-“इतनी लड़ाइयाँ मत लो, लोग गिरने का इंतज़ार करेंगे”

    गौतम गंभीर को पुराने साथी आकाश चोपड़ा की नसीहत-“इतनी लड़ाइयाँ मत लो, लोग गिरने का इंतज़ार करेंगे”


    नई दिल्ली । टीम इंडिया के मुख्य कोच गौतम गंभीर लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। अपने छोटे से कोचिंग कार्यकाल में ही वे कई विवादों में घिर चुके हैं। अब उनके पुराने साथी और पूर्व भारतीय ओपनर आकाश चोपड़ा ने गंभीर को सार्वजनिक मंचों पर टकराव से बचने की सलाह दी है।

    दिल्ली कैपिटल्स के मालिक पर टिप्पणी से बढ़ा विवाद

    हाल ही में गंभीर ने दिल्ली कैपिटल्स के मालिक पार्थ जिंदल पर बिना नाम लिए जवाब दिया था। जिंदल ने टीम के लिए स्प्लिट कोचिंग मॉडल अपनाने की बात कही थी। गंभीर ने इस सुझाव पर कटाक्ष करते हुए कहा था कि “हर किसी को अपने डोमेन में रहना चाहिए।”

    भारत की साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज़ जीत के तुरंत बाद दिए गए इस बयान ने और बहस छेड़ दी-खासकर तब, जब इससे पहले टीम को घरेलू टेस्ट सीरीज़ में 0-3 से हार झेलनी पड़ी थी। इस हार ने गंभीर के शुरुआती कोचिंग दौर में कई सवाल खड़े किए।

    आकाश चोपड़ा की सलाह-“गंभीर खुद पर आलोचना की बौछार बुला लेते हैं”

    अपने यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए चोपड़ा ने कहा:
    “गौतम की खासियत है कि वे प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिल खोलकर बोलते हैं, कुछ भी नहीं छुपाते। लेकिन मेरी एक निजी सलाह है कि इतनी लड़ाइयाँ मत लो। जब आप किसी बात पर बहुत ज्यादा टकराव वाले हो जाते हैं, तो लोग आपकी हार का इंतजार करने लगते हैं। कभी-कभी लगता है कि गंभीर खुद को आलोचना के लिए एक्सपोज़ कर देते हैं।”

    “दिल सही जगह पर है, लेकिन टकराव कम करें”

    चोपड़ा ने गंभीर के जज़्बे और इरादों की तारीफ करते हुए कहा:
    “एक बात पक्की है-गौतम बेहद पैशनेट इंसान हैं। उनका दिल देश और टीम के लिए धड़कता है। वे हमेशा लड़ने को तैयार रहते हैं। लेकिन मेरी सलाह यही है कि अनावश्यक लड़ाइयाँ मत लड़ो। किसी को खुश करना जरूरी नहीं, लेकिन लोगों को आपके गिरने का इंतज़ार न करने दो।”

  • Budhwar Puja: मोदक के साथ ये 5 फल भी अतिप्रिय हैं गणेश जी को, बुधवार को जरूर चढ़ाएं

    Budhwar Puja: मोदक के साथ ये 5 फल भी अतिप्रिय हैं गणेश जी को, बुधवार को जरूर चढ़ाएं

    बुधवार का दिन भगवान गणेश की उपासना के लिए शुभ माना जाता है। हिंदू धर्म में गणपति को विघ्नहर्ता और प्रथम पूजनीय देवता का दर्जा दिया गया है। इसी कारण किसी भी मांगलिक कार्य की शुरुआत से पहले उनका आह्वान किया जाता है ताकि जीवन से बाधाएं दूर हों और सफलता मिले।

    आम तौर पर गणेश जी को मोदक का भोग अति प्रिय माना जाता है, लेकिन इसके साथ कुछ ऐसे फल भी हैं जो उन्हें विशेष रूप से पसंद हैं। मान्यता है कि बुधवार के दिन ये फल अर्पित करने से भगवान गणेश अत्यंत प्रसन्न होते हैं और भक्तों को शुभ फल प्राप्त होता है।

    बुधवार की पूजा में जरूर चढ़ाएं ये 5 फल
    1. केला

    गणेश जी को केला बहुत पसंद है। कहा जाता है कि बुधवार के दिन केले का भोग लगाने से जीवन में उन्नति होती है।
    ध्यान रहे—केला कभी अकेला न चढ़ाएं, हमेशा जोड़े में ही अर्पित करें।

    2. अमरूद

    अमरूद भगवान गणेश के प्रिय फलों में से एक है। मान्यता है कि अमरूद चढ़ाने से मनोकामनाएं शीघ्र पूर्ण होती हैं और जीवन में सौभाग्य बढ़ता है।

    3. बेल का फल

    जहां बेल का फल शिवजी को अत्यंत प्रिय है, वहीं शिवपुत्र गणेश भी इसे पसंद करते हैं। बुधवार के दिन बेल का फल अर्पित करने से घर में सुख-शांति आती है और शुभाशीष मिलता है।

    4. जामुन

    जामुन भी पंचफलों में शामिल है जो गणेश जी के प्रिय माने जाते हैं। यह मौसमी फल होते हुए भी बहुत शुभ माना जाता है। बुधवार की पूजा में जामुन चढ़ाने से बप्पा प्रसन्न होते हैं और भक्तों की कठिनाइयाँ दूर होती हैं।

    5. सीताफल (शरीफा)

    सीताफल को भी गणपति का प्रिय फल बताया गया है। मान्यता है कि इसे भोग लगाने से गणेश जी का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है और जीवन में स्थिरता आती है।

    बुधवार के दिन मोदक के साथ इन पांच फलों का भोग लगाने से भगवान गणेश की कृपा प्राप्त होती है। यह न केवल पूजा को पूर्णता देता है, बल्कि भक्तों के जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता भी लाता है।

  • Year Ender 2025: सोना-चांदी ने दी रिकॉर्ड कमाई, सेंसेक्स-निफ्टी ने किया निराश

    Year Ender 2025: सोना-चांदी ने दी रिकॉर्ड कमाई, सेंसेक्स-निफ्टी ने किया निराश


    नई दिल्ली। साल 2025 सोना और चांदी निवेशकों के लिए शानदार साबित हुआ, जबकि शेयर बाजार उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका। पूरी दुनिया में आर्थिक अनिश्चितताओं और बाजार की अस्थिरता के बीच कीमती धातुओं ने लगातार नए रिकॉर्ड बनाए और सुरक्षित निवेश विकल्प बनने की अपनी छवि को और मजबूत किया।

    सोना-चांदी का धमाकेदार साल

    2025 में सोना और चांदी दोनों की कीमतों में भारी वृद्धि दर्ज की गई। सबसे बड़ी छलांग चांदी ने लगाई, जिसने सोने को भी रिटर्न के मामले में पीछे छोड़ दिया।

    चांदी का रिटर्न (2025):

    1 सप्ताह: 12.13%

    1 महीना: 19.70%

    3 महीने: 44.91%

    6 महीने: 77.73%

    1 वर्ष: 97.83%

    मौजूदा कीमत: 1,80,900 प्रति किलोग्राम (टैक्स सहित)

    सोने का रिटर्न (2025):

    1 सप्ताह: 1.75%

    1 महीना: 6.41%

    3 महीने: 21.45%

    6 महीने: 32.57%

    1 वर्ष: 68.14%

    मौजूदा कीमत: 1,30,000 प्रति 10 ग्राम के करीब

    दोनों धातुओं की चमक ने निवेशकों को बेहतरीन रिटर्न दिया-चाहे वे ज्वेलरी खरीदार हों या सुरक्षित संपत्ति की तलाश में लगे निवेशक।

    गोल्ड-सिल्वर ETF ने कराया मालामाल

    कीमती धातुओं के ETF ने भी इस साल धमाकेदार प्रदर्शन किया।

    गोल्ड ETF रिटर्न (1 वर्ष):

    औसतन 58-60%

    GLD और SGOL जैसे बड़े ETFs ने भी 58%+ रिटर्न दिया

    सिल्वर ETF रिटर्न (1 वर्ष):

    UTI Silver ETF: 100.89%

    ICICI Prudential Silver ETF: 100.72%

    HDFC Silver ETF: 100.29%

    SBI Silver ETF: -100%

    ETF क्षेत्र में सिल्वर सबसे आगे रही, जिससे छोटे निवेशकों को भी अच्छी कमाई का मौका मिला।

    सेंसेक्स-निफ्टी ने किया निराश

    जहां सोना-चांदी ने निवेशकों को खुश किया, वहीं शेयर बाजार सुस्त रहा।

    इंडेक्स परफॉर्मेंस (2025):

    सेंसेक्स: 5.30%

    निफ्टी 50: 6.38%

    म्यूचुअल फंड्स का हाल इससे भी खराब रहा। 41 में से केवल 3 फंड्स ने ही बेहतर रिटर्न दिया। यह संकेत है कि 2025 में इक्विटी मार्केट की राह चुनौतीपूर्ण रही।

    सोना-चांदी क्यों चमके और बाजार क्यों कमजोर पड़ा?
    कीमती धातुओं में तेजी के प्रमुख कारण:

    वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता

    डॉलर की कमजोरी

    अंतरराष्ट्रीय मुद्रास्फीति

    भू-राजनीतिक तनाव

    चांदी की औद्योगिक मांग में उछाल

    शेयर बाजार की कमजोरी के कारण:

    बाजार में अस्थिरता

    विदेशी निवेशकों की सावधानी

    आर्थिक दबाव

    ग्लोबल मार्केट में मंदी का असर

    इन परिस्थितियों ने निवेशकों को सुरक्षित एसेट्स की ओर मोड़ा और सोना-चांदी की तेजी और बढ़ गई।

    एक्सपर्ट्स की राय

    HDFC सिक्योरिटीज के कमोडिटी विशेषज्ञ सौमिल गांधी के अनुसार-

    ग्लोबल मार्केट में मजबूत ट्रेंड और रुपये की कमजोरी के कारण घरेलू सोने के दाम तेजी से बढ़े।

    फेडरल रिजर्व की संभावित ब्याज दर कटौती की उम्मीदों से डॉलर कमजोर हुआ, जिससे बुलियन मार्केट को समर्थन मिला।

    निवेशक US रोजगार डेटा और ISM सर्विसेज PMI पर नज़र बनाए हुए हैं, जो आगे की दिशा तय करेगा।

    निवेशकों के लिए सबक

    2025 ने निवेशकों को एक अहम बात सिखाई-
    केवल स्टॉक्स पर निर्भर रहना समझदारी नहीं है।

    एक संतुलित पोर्टफोलियो में शामिल होना चाहिए:

    सोना

    चांदी

    इक्विटी

    कम जोखिम वाले दीर्घकालिक साधन

    सोना-चांदी ने यह साबित किया कि आर्थिक अनिश्चितता के दौर में ये धातुएं निवेश में स्थिरता लाती हैं।

  • रुपाली गांगुली पहली बार पहुंचीं वृंदावन, अनिरुद्धाचार्य के आश्रम में वृद्धाओं की आपबीती सुनकर रो पड़ीं; बताया-बंदर और सांप के बीच होती है शूटिंग

    रुपाली गांगुली पहली बार पहुंचीं वृंदावन, अनिरुद्धाचार्य के आश्रम में वृद्धाओं की आपबीती सुनकर रो पड़ीं; बताया-बंदर और सांप के बीच होती है शूटिंग


    नई दिल्ली । ‘अनुपमा’ फेम एक्ट्रेस रुपाली गांगुली पहली बार वृंदावन पहुंचीं, जहां उन्होंने कथावाचक अनिरुद्धाचार्य से मुलाकात की। आश्रम में रहने वाली वृद्ध महिलाओं की दर्दभरी कहानियां सुनकर रुपाली खुद को संभाल नहीं पाईं और उनकी आंखें नम हो गईं। इस दौरान उन्होंने अपनी शूटिंग लोकेशन से जुड़ा एक चौंकाने वाला खुलासा भी किया।

    आश्रम में पहुंचकर भावुक हुईं रुपाली

    रुपाली अपने बेटे के साथ अनिरुद्धाचार्य जी के आश्रम पहुंचीं। वहां उन्हें बताया गया कि आश्रम में सैकड़ों वृद्ध महिलाएं रहती हैं-वो महिलाएं जिन्हें उनके अपने परिवारों ने छोड़ दिया है।

    अनिरुद्धाचार्य ने एक घटना साझा की कि हाल ही में एक माता का देहांत हुआ। जब उनके बेटे को अंतिम संस्कार के लिए बुलाया गया तो उसने कहा कि “हम पहले ही अंतिम संस्कार कर चुके हैं।” यह सुनकर रुपाली की आंखों में आंसू आ गए।

    एक्ट्रेस ने वृद्धाओं से मिलकर उनका आशीर्वाद लिया। कई महिलाएं उन्हें ‘अनुपमा’ के नाम से ही पहचानती थीं, जिससे रुपाली बेहद भावुक हो उठीं। सभी ने उन्हें गले लगाकर आने के लिए धन्यवाद दिया।

    बांके बिहारी के दर्शन और अगली यात्रा का वादा

    आश्रम के बाद रुपाली ने बांके बिहारी के दर्शन किए और भक्तों में प्रसाद बांटा। विदा लेते हुए उन्होंने अनिरुद्धाचार्य जी के पैर छुए और वादा किया कि अगली बार वह गुरुकुल और गौशाला भी देखने आएंगी।

    “बंदर–सांप के बीच होती है शूटिंग” – रुपाली का खुलासा

    बातचीत के दौरान रुपाली ने बताया कि उनकी शूटिंग लोकेशन पर बंदर, कुत्ते और कई बार सांप तक दिखाई देते हैं।

    उन्होंने कहा-
    “जिस जगह हम शूट करते हैं, वहां बहुत बंदर हैं, कुत्ते हैं, कभी-कभी सांप भी आ जाते हैं। लेकिन सभी बहुत प्यार से पास आते हैं-कभी कोई नुकसान नहीं पहुंचाता।”

    उनके इस अनुभव पर अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि जो बोल नहीं सकते, उनके लिए इंसान ही सहारा होता है। हर जीव में नारायण का वास है और सेवा करना ही सच्ची भक्ति है।

  • कुमकुम भाग्य' फेम जीशान खान सड़क हादसे में बाल-बाल बचे, फैंस जानना चाह रहे हाल

    कुमकुम भाग्य' फेम जीशान खान सड़क हादसे में बाल-बाल बचे, फैंस जानना चाह रहे हाल


    नई दिल्ली। टीवी एक्टर जीशान खान मुंबई में हुए एक सड़क हादसे में घायल होने से बच गए। देर रात यारी रोड इलाके में उनकी कार से एक दूसरी कार की टक्कर हो गई। घटना लगभग रात 10:30 बजे तब हुई जब जीशान जिम से घर लौट रहे थे। टक्कर के बावजूद सौभाग्य से दोनों वाहनों में मौजूद सभी लोग सुरक्षित हैं। दूसरी कार में सवार बुजुर्ग दंपत्ति भी पूरी तरह ठीक बताए जा रहे हैं। केवल कारों को मामूली नुकसान पहुंचा है।

    पुलिस ने इस मामले में फिलहाल कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं की है, लेकिन दुर्घटना की प्रारंभिक जांच जारी है। जीशान खान ने अभी तक इस घटना पर सोशल मीडिया के जरिए कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, जिससे उनके फैंस उनकी स्थिति को लेकर चिंतित हैं।

    टीवी करियर से मिली पहचान

    जीशान खान को लोकप्रियता 2019 से 2021 के बीच ‘कुमकुम भाग्य’ में आर्यन खन्ना की भूमिका से मिली। इस किरदार ने उन्हें टीवी दर्शकों के बीच पहचान दिलाई और इंडस्ट्री में उनकी जगह मजबूत की। इसके बाद वे ‘नागिन’ समेत कई शोज में नजर आए।

    उनकी फैन फॉलोइंग तब और बढ़ी जब वह ‘बिग बॉस OTT’ के पहले सीजन का हिस्सा बने। शांत स्वभाव और संतुलित खेल के लिए चर्चा में रहे जीशान का सफर शो में ज्यादा लंबा नहीं रहा, क्योंकि एक टास्क के दौरान नियम तोड़ने पर उन्हें अचानक बाहर कर दिया गया। विदाई के वक्त उन्होंने फैंस को भावुक संदेश लिखकर समर्थन के लिए धन्यवाद दिया था।

    2015 में शुरू हुआ सफर

    जीशान ने 2015 में ‘कुछ तो है तेरे मेरे दरमियां’ से एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा था। इसके बाद वह ‘परवरिश सीजन 2’ में भी नजर आए। सोशल मीडिया पर उनकी लोकप्रियता काफी अधिक है — इंस्टाग्राम पर उनके 9.19 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं और वह जल्द ही एक मिलियन के आंकड़े तक पहुंचने वाले हैं।

    हादसे में चोट न लगने से उनके प्रशंसक राहत में हैं और सभी उम्मीद कर रहे हैं कि जीशान जल्द ही इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करेंगे।

  • जान से मारने की धमकियों से घिरे विधायक हुमायूं कबीर, सुरक्षा के लिए हाईकोर्ट जाने की तैयारी

    जान से मारने की धमकियों से घिरे विधायक हुमायूं कबीर, सुरक्षा के लिए हाईकोर्ट जाने की तैयारी


    नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में बाबरी मस्जिद की नींव रखने वाले विधायक हुमायूं कबीर को लगातार मिल रही धमकियों ने सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। कबीर ने बताया कि 6 दिसंबर को शिलान्यास के बाद से उन्हें राज्य के बाहर से फोन कर जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं।

    सोमवार को पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि तत्काल उपाय के तौर पर वह मंगलवार से अपने लिए आठ निजी सुरक्षाकर्मी तैनात करेंगे। उन्होंने राज्य सरकार और केंद्र सरकार दोनों को सुरक्षा मुहैया कराने के लिए मेल भेजा है। कबीर ने कहा कि अगर उनकी मांग पर कार्रवाई नहीं हुई तो वह कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।

    एक टीवी चैनल से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा, “पिछले सात दिनों से लगातार धमकी आ रही है। कहा जा रहा है कि बाबरी मस्जिद की नींव रखने से पहले ही मुझे मार दिया जाएगा। मैं डरा नहीं हूं, अल्लाह पर पूरा भरोसा है, लेकिन सावधानी के लिए सुरक्षा ज़रूरी है।”

    उन्होंने यह भी कहा कि 16 दिसंबर को वह बेंगलुरु जाएंगे और इसके बाद नोएडा की यात्रा करेंगे, इसलिए यात्रा के दौरान सुरक्षा की जरूरत और अधिक बढ़ जाती है।

    तृणमूल कांग्रेस द्वारा निलंबित किए जा चुके कबीर ने राज्य पुलिस पर भरोसा न होने की बात भी कही। उनका कहना है कि चूंकि सत्तारूढ़ पार्टी टीएमसी बाबरी मस्जिद के लिए फंडिंग को लेकर बीजेपी पर आरोप लगा रही है, इसलिए उन्हें सुरक्षा व्यवस्था को लेकर संदेह है।

    कबीर ने स्पष्ट किया कि वह जल्द ही पर्याप्त सुरक्षा की मांग के लिए उच्च न्यायालय का रुख कर सकते हैं।

  • मंगलवार को ऐसे करें हनुमान जी की पूजा: सही विधि, मंत्र और उपाय दूर करेंगे जीवन के सभी संकट डिस्क्रिप्शन:

    मंगलवार को ऐसे करें हनुमान जी की पूजा: सही विधि, मंत्र और उपाय दूर करेंगे जीवन के सभी संकट डिस्क्रिप्शन:


    नई दिल्ली ।सनातन संस्कृति में सप्ताह का प्रत्येक दिन किसी न किसी देवता को समर्पित माना गया है और मंगलवार का दिन विशेष रूप से भगवान हनुमान के पूजन का दिवस है। भक्त मानते हैं कि इस दिन हनुमान जी की उपासना करने से साहसशक्तिबुद्धिभक्ति और स्वास्थ्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है। हनुमान जी को संकटमोचन कहा गया है क्योंकि वे अपने भक्तों के सभी दुख और भय का नाश करते हैं।

    मंगलवार का महत्व – क्यों माना जाता है पवित्र?
    धर्मग्रंथों में उल्लेख है कि मंगलवार का दिन हनुमान जी के जन्म से जुड़ा है। माना जाता है कि इसी दिन बजरंगबली का प्रकटोत्सव हुआ था। इस कारण- इस दिन की गई पूजा अत्यंत फलदायी मानी जाती है मनोकामनाएं तेजी से पूर्ण होती हैं जीवन में चल रहे बाधाएँकोर्ट-कचहरी के झंझटनौकरी में रुकावटें और ग्रह दोष कम होते हैं मानसिक तनाव और भय का नाश होता है लाखों भक्तों का अनुभव है कि मंगलवार का व्रत और पूजा नियमित रूप से करने पर जीवन में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई देते हैं।

    हनुमान जी पूजा विधि – Tuesday Puja Vidhi

    मंगलवार की पूजा का समय सूर्योदय के बाद का माना गया है। नीचे दी गई सरल और संपूर्ण विधि से हनुमान जी की पूजा की जा सकती है:  स्नान और शुद्धि- सुबह जल्दी उठेंस्नान करें और साफ लाल या पीले वस्त्र धारण करें। घर के मंदिर या पूजा स्थान की सफाई कर दीया जलाएं। -हनुमान जी का ध्यान- हनुमान जी की मूर्ति या चित्र के सामने बैठकर उनका ध्यान करें। कुछ पल शांत रहकर ॐ हनुमते नमः का जप करें।-पूजा सामग्री- हनुमान जी को प्रिय सामग्री रखें-लाल चंदन, सिंदूर, चमेली का तेल, गुड़ और चने,लाल फूल ,तुलसी, दीपक और धूप ,विशेष रूप से सिंदूर और चमेली के तेल का अर्पण बहुत शुभ माना जाता है।- मंत्र और स्तोत्र पाठ- पूजन के दौरान निम्न मंत्र या स्तोत्र पढ़ना अत्यंत शुभ है:हनुमान चालीसा,बजरंग बाण,हनुमानाष्टक ,इनमें से कोई एक भी श्रद्धा पूर्वक पढ़ने से मन शांत होता है और ऊर्जा प्राप्त होती है।- नैवेद्य अर्पण- हनुमान जी को गुड़-चनाकेले या बूंदी का भोग लगाएं। अंत में आरती कर परिवार की सुख-शांति की कामना करें।

    मंगलवार के विशेष उपाय – Hanuman Ji Remedies

    धर्मग्रंथों और मान्यता के अनुसारकुछ सरल उपायों से हनुमान जी की कृपा और अधिक मिलती है:- सुबहे के समय हनुमान मंदिर जाएं मंदिर जाकर चमेली का तेल और सिंदूर चढ़ाएं। यह बाधाओं को दूर करता है। – गरीबों को प्रसाद बाँटे गुड़-चना या फल बच्चों और जरूरतमंदों को देने से पुण्य बढ़ता है।- कष्ट निवारण मंत्र का जप ॐ ऐं भ्रीम हनुमते श्रीराम दूताय नमः इस मंत्र का 108 बार जप करने से भय और नकारात्मकता दूर होती है। – मंगलवार का व्रत
    यदि स्वास्थ्य अनुमति देतो दिन भर फलाहार करके व्रत रख सकते हैं। यह मनोकामना पूर्ति के लिए अत्यंत प्रभावी माना जाता है।

    क्या कहते हैं धर्म शास्त्र?
    शास्त्रों में यह स्पष्ट कहा गया है कि हनुमान जी अत्यंत दयालु और भक्तवत्सल हैं। जो व्यक्ति सच्चे मन से उन्हें पुकारता हैउनकी सभी बाधाएँ दूर होती हैं।
    मंगलवार की नियमित पूजा-

    आत्मबल बढ़ाती है

    मानसिक स्थिरता देती है हर प्रकार की नकारात्मकता का नाश करती है कार्यों में सफलता दिलाती है इसी कारण हनुमान जी को संकटमोचन और कलियुग के जीवित देवता कहा गया है। मंगलवार का दिन हनुमान भक्ति का सर्वश्रेष्ठ दिन माना गया है। जो भक्त इस दिन विधि-विधान से पूजा करते हैंउनका जीवन भयरोगशोक और संकटों से मुक्त होकर सफलता और शांति की ओर बढ़ता है। श्रद्धा और भक्ति से की गई छोटी-सी पूजा भी बड़े परिणाम देती है।

  • PAK के पहले CDF बनने पर आसिम मुनीर ने दी भारत को चेतावनी: अगला जवाब और भी सख्त होगा

    PAK के पहले CDF बनने पर आसिम मुनीर ने दी भारत को चेतावनी: अगला जवाब और भी सख्त होगा


    नई दिल्‍ली । पाकिस्तान (Pakistan) के पहले CDF यानी चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (Chief of Defence Forces) नियुक्त होने के बाद फील्ड मार्शल आसिम मुनीर (Field Marshal Asim Munir) ने भारत (India) का जिक्र कर दिया। अपने पहले ही संबोधन में उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का अगला जवाब और भी सख्त होगा। मई में हुए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना ने पाकिस्तानी क्षेत्र में प्रवेश कर कार्रवाई की थी, जिसके बाद दोनों मुल्कों के बीच करीब 4 दिन संघर्ष चला। हालांकि, बाद में पाकिस्तान की ओर से अनुरोध किए जाने के बाद सीजफायर का ऐलान किया गया था।

    मुनीर ने कहा, ‘भारत को किसी भी गलतफहमी में नहीं रहना चाहिए, क्योंकि पाकिस्तान का जवाब और भी तेज और ज्यादा सख्त होगा।’ ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना की कार्रवाई में पाकिस्तान को भारी सैन्य नुकसान उठाना पड़ा था। भारत ने जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में अप्रैल में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में ऐक्शन लिया था।

    मिला गार्ड ऑफ ऑनर
    देश के पहले सीडीएफ के रूप में नियुक्त होने पर मुनीर को सम्मानित करने के लिए जीएचक्यू (मुख्यालय) में ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया। ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ का निरीक्षण करने के बाद मुनीर ने सशस्त्र बलों के अधिकारियों को संबोधित करते हुए यह भी कहा कि किसी भी आक्रमण की स्थिति में पाकिस्तान की प्रतिक्रिया ‘बहुत अधिक तीव्र और गंभीर’ होगी।

    मुनीर ने सोमवार को कहा कि पाकिस्तान शांतिपूर्ण राष्ट्र है, लेकिन आगाह किया कि किसी को भी इस्लामाबाद की क्षेत्रीय अखंडता या संप्रभुता को परखने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

    अफगानिस्तान से तनाव पर क्या कहा
    पाकिस्तान-अफगानिस्तान तनाव पर मुनीर ने कहा कि काबुल में अफगान तालिबान शासन को एक स्पष्ट संदेश दिया गया है। उन्होंने कहा, ‘(अफगान) तालिबान के पास फितना अल-खवारिज (TTP) और पाकिस्तान में से किसी एक को चुनने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।’ सरकार ने पिछले वर्ष प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान को ‘फितना अल-खवारिज’ के रूप में अधिसूचित किया था, जो कि इस्लामी इतिहास के एक ऐसे समूह का संदर्भ है जो हिंसा में शामिल था।

    फील्ड मार्शल मुनीर ने पहले सीडीएफ के रूप में कार्यभार संभाला है। सरकार ने मुनीर की नई भूमिका में नियुक्ति के लिए पांच साल के कार्यकाल को लेकर पिछले सप्ताह अधिसूचना जारी की। इसके साथ ही वह सेना प्रमुख के रूप में भी कार्य करेंगे। सीडीएफ का गठन पिछले महीने 27वें संविधान संशोधन और उसके बाद पाकिस्तान सेना, वायुसेना और नौसेना (संशोधन) विधेयक 2025 में किए गए बदलावों के बाद किया गया।