Author: bharati

  • 29 जून से बुध का बड़ा गोचर, मिथुन, धनु और वृषभ राशि के लिए चुनौती भरा समय शुरू

    29 जून से बुध का बड़ा गोचर, मिथुन, धनु और वृषभ राशि के लिए चुनौती भरा समय शुरू


    नई दिल्ली । वैदिक ज्योतिष में बुध ग्रह को बुद्धि, तर्क, वाणी, व्यापार, शिक्षा, संचार और निर्णय क्षमता का कारक माना जाता है। जब बुध अपनी सामान्य चाल छोड़कर वक्री यानी उल्टी गति से चलते हैं, तब इसका प्रभाव व्यक्ति के जीवन के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर देखने को मिलता है। 29 जून 2026 से 23 जुलाई 2026 तक बुध ग्रह वक्री रहेंगे। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार यह अवधि कई लोगों के लिए आत्ममंथन और पुराने कार्यों की समीक्षा का समय होगी, लेकिन विशेष रूप से मिथुन, धनु और वृषभ राशि के जातकों को इस दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।

    मिथुन राशि वालों के लिए बढ़ सकता है आर्थिक दबाव

    मिथुन राशि के स्वामी स्वयं बुध ग्रह हैं। ऐसे में इस राशि पर बुध की वक्री चाल का प्रभाव सबसे अधिक पड़ सकता है। इस दौरान अचानक खर्च बढ़ने से आर्थिक संतुलन बिगड़ सकता है। नौकरीपेशा लोगों को कार्यस्थल पर संवाद में सावधानी रखनी होगी, क्योंकि छोटी-सी गलतफहमी भी विवाद का कारण बन सकती है। परिवार और मित्रों के साथ बातचीत में संयम बनाए रखना जरूरी होगा। जल्दबाजी में लिया गया कोई फैसला भविष्य में परेशानी खड़ी कर सकता है।

    धनु राशि वालों को व्यापार और स्वास्थ्य में बरतनी होगी सावधानी

    धनु राशि के जातकों के लिए यह समय मानसिक तनाव और असमंजस लेकर आ सकता है। व्यापार करने वालों को उम्मीद के मुताबिक लाभ मिलने में देरी हो सकती है, जबकि निवेश से जुड़े फैसलों में नुकसान की आशंका बनी रहेगी। नौकरी करने वाले लोगों को भी कार्यस्थल पर धैर्य बनाए रखने की सलाह दी जाती है। स्वास्थ्य के लिहाज से भी यह समय थोड़ा चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। पुरानी बीमारियां दोबारा परेशान कर सकती हैं, इसलिए नियमित जांच और संतुलित दिनचर्या अपनाना लाभदायक रहेगा।

    वृषभ राशि वालों के काम में आ सकती हैं रुकावटें

    वृषभ राशि के लिए बुध का वक्री होना संचार, पराक्रम और योजनाओं से जुड़े मामलों को प्रभावित कर सकता है। मीडिया, लेखन, डिजिटल मार्केटिंग, विज्ञापन या सोशल मीडिया से जुड़े लोगों को बार-बार काम में बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। किसी भी नए निवेश या बड़े आर्थिक फैसले को कुछ समय के लिए टालना बेहतर रहेगा। साथ ही अपनी भविष्य की योजनाओं को दूसरों के साथ साझा करने से बचें, क्योंकि गोपनीयता बनाए रखना इस समय अधिक लाभदायक साबित हो सकता है।

    बुध वक्री के दौरान किन बातों का रखें विशेष ध्यान

    ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बुध की वक्री अवधि में नए कारोबार की शुरुआत करने से बचना चाहिए। किसी भी कानूनी, बैंकिंग या वित्तीय दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने से पहले उसे अच्छी तरह पढ़ लें। वाहन, प्रॉपर्टी, महंगे इलेक्ट्रॉनिक सामान या अन्य बड़ी खरीदारी भी इस अवधि में टालना बेहतर माना जाता है। महत्वपूर्ण निर्णय सोच-समझकर लें और भावनाओं में बहकर कोई कदम न उठाएं।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दौरान बुधवार के दिन भगवान गणेश और भगवान विष्णु की पूजा करना, हरे रंग की वस्तुओं का दान करना तथा बुध मंत्रों का जाप करना शुभ माना जाता है। हालांकि ज्योतिषीय भविष्यवाणियां पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित होती हैं और इन्हें व्यक्तिगत निर्णय का एकमात्र आधार नहीं बनाना चाहिए। विवेकपूर्ण सोच, धैर्य और सही योजना के साथ इस अवधि को सकारात्मक तरीके से पार किया जा सकता है।

  • इंदौर से मिले ग्रीन फ्यूचर के संकेत EV कॉन्क्लेव में निवेश नवाचार और क्लीन ट्रांसपोर्ट पर बड़ा मंथन

    इंदौर से मिले ग्रीन फ्यूचर के संकेत EV कॉन्क्लेव में निवेश नवाचार और क्लीन ट्रांसपोर्ट पर बड़ा मंथन


                                                         
    इंदौर । इंदौर एक बार फिर नवाचार और भविष्य की तकनीकों का केंद्र बनकर उभरा है। शहर में आयोजित ईवी और ग्रीन एनर्जी कॉन्क्लेव ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी स्वच्छ ऊर्जा और सस्टेनेबल डेवलपमेंट के क्षेत्र में नए अवसरों की मजबूत तस्वीर पेश की। शेराटन ग्रैंड पैलेस में आयोजित इस कार्यक्रम में देशभर से आए निवेशकों स्टार्टअप संस्थापकों उद्योग विशेषज्ञों कॉरपोरेट प्रतिनिधियों और नीति निर्माताओं ने भाग लेकर हरित विकास की दिशा में नई रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की।

    ह्युन्स ऑफ ईवी द्वारा आयोजित इस कॉन्क्लेव में 200 से अधिक वरिष्ठ अधिकारी निवेशक और उद्योग जगत के प्रतिनिधि शामिल हुए। इंदौर नगर निगम ने सिटी होस्ट पार्टनर के रूप में आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इससे यह भी स्पष्ट हुआ कि शहर स्वच्छ ऊर्जा और टिकाऊ विकास को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।

    कार्यक्रम के दौरान इलेक्ट्रिक व्हीकल इकोसिस्टम बैटरी और ऊर्जा प्रबंधन चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर लॉजिस्टिक्स टेक्नोलॉजी क्लाइमेट टेक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सर्कुलर इकोनॉमी जैसे अहम विषयों पर विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए। उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भविष्य की चुनौतियों निवेश की संभावनाओं और नई तकनीकों के बेहतर उपयोग पर विस्तृत मंथन किया।

    कॉन्क्लेव का सबसे आकर्षक हिस्सा स्टार्टअप्स की लाइव पिच प्रस्तुति रही। देशभर से मिले लगभग 2400 आवेदनों में से बहुस्तरीय चयन प्रक्रिया के बाद केवल नौ स्टार्टअप्स को निवेशकों के सामने अपने इनोवेशन और बिजनेस मॉडल पेश करने का अवसर मिला। इस दौरान निवेशकों और स्टार्टअप्स के बीच कई महत्वपूर्ण व्यावसायिक चर्चाएं हुईं और भविष्य में सहयोग की संभावनाओं पर भी विचार किया गया।

    कार्यक्रम में कई अग्रणी कंपनियों और उद्योग समूहों की भागीदारी रही। इस मंच ने स्टार्टअप्स उद्योग और निवेशकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के साथ नए निवेश और तकनीकी सहयोग का रास्ता भी खोला। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे आयोजन भारत में स्वच्छ परिवहन और ग्रीन एनर्जी सेक्टर को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाएंगे।

    एचईवी के सीईओ डॉ ललित सिंह ने कहा कि भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और क्लीन ट्रांसपोर्ट तेजी से विस्तार कर रहे हैं। ऐसे मंच स्टार्टअप्स को नवाचार के साथ निवेशकों तक पहुंचने का अवसर देते हैं और उद्योग के विकास को गति प्रदान करते हैं। वहीं सलाहकार स्वप्निल बंसल ने कहा कि इंदौर जैसे टियर टू और टियर थ्री शहर अब स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए मजबूत केंद्र बनते जा रहे हैं जहां नवाचार को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान और निवेश दोनों मिल रहे हैं।

    डायरेक्टर आभा सिंह और एडिटर दिव्या ठक्कर ने कहा कि यह आयोजन इस बात का संकेत है कि ग्रीन एनर्जी और इलेक्ट्रिक व्हीकल आधारित नवाचार अब केवल महानगरों तक सीमित नहीं हैं। मध्य भारत भी तेजी से इस परिवर्तन का महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है और आने वाले समय में इस क्षेत्र में नई तकनीकों निवेश और रोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिल सकती है।

  • शादी की शान बनी घोड़ी पर क्रूरता का वार डंडे से पिटाई का VIDEO वायरल पुलिस से कार्रवाई की मांग

    शादी की शान बनी घोड़ी पर क्रूरता का वार डंडे से पिटाई का VIDEO वायरल पुलिस से कार्रवाई की मांग


    इंदौर । इंदौर में एक घोड़ी के साथ कथित क्रूरता का मामला सामने आने के बाद लोगों में नाराजगी फैल गई है। शहर के नृसिंह बाजार चौराहे के पास एक घोड़ी को डंडों से पीटकर जबरन नचाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद पशु प्रेमियों और सामाजिक संगठनों ने इस घटना को अमानवीय बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। मामले की शिकायत पुलिस तक पहुंच चुकी है और वीडियो की जांच शुरू कर दी गई है।

    जानकारी के अनुसार घटना 25 जून की रात करीब 11 बजे की बताई जा रही है। वायरल वीडियो में एक युवक घोड़ी को नियंत्रित करने और उससे जबरन प्रदर्शन कराने के लिए लगातार डंडे मारता दिखाई दे रहा है। इस दौरान आसपास बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे लेकिन किसी ने भी घोड़ी को बचाने या युवक को रोकने का प्रयास नहीं किया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद लोगों ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज कर दी।

    पशु कल्याण के क्षेत्र में कार्य करने वाले नीडीटेल फाउंडेशन के प्रियांश जैन ने पंढरीनाथ थाना पुलिस को लिखित शिकायत सौंपी है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि घोड़ी को दर्द और भय के जरिए प्रदर्शन करने के लिए मजबूर किया गया। उन्होंने पुलिस से मामले में एफआईआर दर्ज कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

    इस घटना से जुड़ा एक और वीडियो भी सामने आया है जिसमें उसी घोड़ी को सड़क पर नचाते हुए देखा जा सकता है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि जानवर को उसकी इच्छा के विरुद्ध प्रताड़ित कर प्रदर्शन कराया गया जिससे उसे शारीरिक और मानसिक पीड़ा पहुंची।

    कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार यदि जांच में यह साबित होता है कि घोड़ी को अनावश्यक पीड़ा पहुंचाई गई या उसे बेरहमी से पीटा गया तो आरोपियों के खिलाफ पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11 के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है। इस कानून के तहत किसी भी पशु को मारना पीटना या अनावश्यक कष्ट पहुंचाना दंडनीय अपराध है।

    इसके अलावा यदि जांच में यह सामने आता है कि घोड़ी को गंभीर चोट पहुंची है या उसे स्थायी नुकसान हुआ है तो भारतीय न्याय संहिता की धारा 325 के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है। इस प्रावधान के तहत पशु को घायल करने या अपंग बनाने पर पांच वर्ष तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है।

    फिलहाल पुलिस वायरल वीडियो की सत्यता की जांच कर रही है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर पशुओं के साथ होने वाली क्रूरता और उनके संरक्षण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • क्या BCCI ने कर दी जल्दबाजी? चैंपियन कप्तानों की विदाई के बाद टीम इंडिया के प्रदर्शन पर उठे सवाल

    क्या BCCI ने कर दी जल्दबाजी? चैंपियन कप्तानों की विदाई के बाद टीम इंडिया के प्रदर्शन पर उठे सवाल


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी BCCI एक बार फिर अपने कप्तानी से जुड़े फैसलों को लेकर चर्चा के केंद्र में है। पिछले कुछ वर्षों में भारतीय टीम ने आईसीसी टूर्नामेंटों में शानदार सफलता हासिल की, लेकिन इन सफलताओं के बावजूद कप्तानी में किए गए बदलावों ने क्रिकेट विशेषज्ञों और प्रशंसकों के बीच कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब कोई कप्तान टीम को विश्व स्तर पर सफलता दिला रहा हो तो क्या उसे अचानक नेतृत्व से हटाना उचित फैसला माना जा सकता है।

    भारतीय क्रिकेट के हालिया घटनाक्रम इसी बहस को और तेज कर रहे हैं। रोहित शर्मा की कप्तानी में भारतीय टीम ने आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया। उनकी रणनीति, अनुभव और शांत नेतृत्व की हर तरफ सराहना हुई। लेकिन खिताब जीतने के कुछ समय बाद ही कप्तानी में बदलाव करते हुए टीम की कमान शुभमन गिल को सौंप दी गई। इसके बाद भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ वनडे सीरीज में हार का सामना करना पड़ा। इन नतीजों के बाद कई पूर्व खिलाड़ियों और क्रिकेट प्रेमियों ने सवाल उठाया कि क्या सफल कप्तान को इतनी जल्दी बदलना जरूरी था।

    इसी तरह टी20 क्रिकेट में सूर्यकुमार यादव ने भारत को विश्व विजेता बनाने में अहम भूमिका निभाई। उनकी आक्रामक सोच, बेहतरीन कप्तानी और मैच के अनुसार रणनीति बनाने की क्षमता ने टीम इंडिया को आईसीसी टी20 विश्व कप का खिताब दिलाया। इसके बावजूद कप्तानी में बदलाव करते हुए उन्हें नेतृत्व से हटा दिया गया और टीम की कमान श्रेयस अय्यर को सौंप दी गई। इतना ही नहीं टीम चयन में भी सूर्यकुमार यादव की भूमिका सीमित होती दिखाई दी।

    नए कप्तान और नए कोचिंग सेटअप के साथ भारतीय टीम को अपने पहले ही बड़े मुकाबले में आयरलैंड के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। बेलफास्ट में मिली इस हार ने कप्तानी परिवर्तन को लेकर चल रही बहस को और तेज कर दिया। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी टीम में बदलाव जरूरी होते हैं, लेकिन बदलाव का समय और तरीका भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है। यदि सफल कप्तानों को बिना स्पष्ट कारण नेतृत्व से हटाया जाता है तो उसका असर टीम के मनोबल और ड्रेसिंग रूम के माहौल पर भी पड़ सकता है।

    हालांकि दूसरी ओर यह भी तर्क दिया जा रहा है कि किसी भी क्रिकेट टीम में भविष्य को ध्यान में रखते हुए नए खिलाड़ियों और नए नेताओं को तैयार करना आवश्यक होता है। लंबी अवधि की योजनाओं के तहत बोर्ड कई बार कठिन फैसले लेता है ताकि आने वाले वर्षों में टीम मजबूत बनी रहे। ऐसे निर्णयों का मूल्यांकन केवल कुछ मैचों के आधार पर करना भी उचित नहीं माना जा सकता।

    फिलहाल इतना तय है कि लगातार कप्तानी में बदलाव और शुरुआती हार के बाद BCCI के फैसले चर्चा के केंद्र में हैं। आने वाले महीनों में नए नेतृत्व का प्रदर्शन ही तय करेगा कि यह बदलाव भारतीय क्रिकेट के लिए दूरगामी सफलता का आधार बनता है या फिर चैंपियन कप्तानों को समय से पहले हटाने का फैसला एक बड़ी रणनीतिक भूल साबित होता है।

  • इंदौर में 200 रुपये का नकली नोट चलाने पहुंचा युवक धराया 40 हजार के जाली नोट और प्रिंटिंग मशीन बरामद

    इंदौर में 200 रुपये का नकली नोट चलाने पहुंचा युवक धराया 40 हजार के जाली नोट और प्रिंटिंग मशीन बरामद


    इंदौर । इंदौर में 200 रुपये का नकली नोट चलाने की एक कोशिश ने जाली करेंसी के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया। एक युवक रेस्टोरेंट में नकली नोट देकर भुगतान करने पहुंचा था लेकिन संचालक की सतर्कता के कारण उसकी चालाकी सफल नहीं हो सकी। पूछताछ के बाद पुलिस ने उसके दो साथियों को भी गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से 40 हजार रुपये के नकली नोट और नोट छापने में इस्तेमाल होने वाली प्रिंटिंग मशीन बरामद की गई है। पुलिस का कहना है कि गिरोह लंबे समय से नकली नोट तैयार कर उन्हें बाजार में खपाने की कोशिश कर रहा था।

    गांधी नगर थाना पुलिस के अनुसार 25 जून को राजनगर स्थित सांवरिया रेस्टोरेंट पर संचालक यशवंत यादव मौजूद थे। इसी दौरान दीपक नाम का युवक वहां पहुंचा और भुगतान के लिए 200 रुपये का नोट दिया। नोट को देखते ही संचालक को उस पर शक हुआ। उन्होंने कर्मचारियों की मदद से युवक को वहीं रोक लिया और तत्काल पुलिस को सूचना दी।

    पुलिस पूछताछ में दीपक ने अपने साथी संजय का नाम बताया। इसके बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए संजय और उसके साथी रवि को भी गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से 40 हजार रुपये के नकली नोट और नोट छापने में इस्तेमाल होने वाली प्रिंटिंग मशीन जब्त की गई। पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि इस गिरोह ने अब तक कितने नकली नोट बाजार में चलाए हैं और इनके संपर्क में कौन कौन लोग थे।

    जांच में सामने आया कि दीपक और संजय पहले एक शराब दुकान पर सेल्समैन के रूप में साथ काम करते थे। वहीं दोनों की पहचान हुई थी। इसी दौरान संजय ने दीपक को बताया था कि उसका एक परिचित बिल्कुल असली जैसे दिखने वाले नकली नोट तैयार करता है। कुछ समय बाद दीपक ने नौकरी छोड़ दी और ट्रक ड्राइवर बन गया जबकि संजय इंदौर आ गया। बाद में दोनों के बीच फिर संपर्क हुआ और नकली नोटों के कारोबार की योजना बनाई गई।

    पुलिस के अनुसार दोनों के बीच ऐसा सौदा तय हुआ था जिसमें एक हजार रुपये देने पर चार हजार रुपये के नकली नोट उपलब्ध कराए जाते थे। दीपक पहली बार ही नकली नोट लेकर उन्हें बाजार में चलाने निकला था लेकिन रेस्टोरेंट संचालक की सतर्कता के कारण वह पकड़ा गया और पूरा मामला सामने आ गया।

    जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी संजय के खिलाफ पहले से ही एसटीएफ में नकली नोटों से जुड़े दो मामले दर्ज हैं। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि गिरोह के अन्य सदस्य कौन हैं और नकली नोट तैयार करने का सामान कहां से लाया जाता था। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि अब तक कितने लोगों को इस नेटवर्क के जरिए जाली करेंसी उपलब्ध कराई गई। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जल्द ही इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।

  • जिसे पुलिस ने बताया MD ड्रग्स वह निकला यूरिया बर्खास्त पुलिसकर्मी बरी अब अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप

    जिसे पुलिस ने बताया MD ड्रग्स वह निकला यूरिया बर्खास्त पुलिसकर्मी बरी अब अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप


    इंदौर । इंदौर में कथित एमडी ड्रग्स बरामदगी के चर्चित मामले ने नया मोड़ ले लिया है। जिस पदार्थ को पुलिस ने करोड़ों रुपए की एमडी ड्रग्स बताकर बड़ी कार्रवाई का दावा किया था वह दोनों सरकारी फॉरेंसिक जांच में साधारण यूरिया निकला। इसके बाद अदालत ने इस मामले में गिरफ्तार किए गए पुलिसकर्मी समेत तीनों आरोपियों को बरी कर दिया। अब बर्खास्त पुलिसकर्मी ने दो आईपीएस अधिकारियों सहित 19 पुलिसकर्मियों पर झूठे मामले में फंसाने का गंभीर आरोप लगाया है।

    करीब 16 महीने पहले इंदौर पुलिस ने विजय पाटीदार और शाहनवाज शेख को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 198 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद होने का दावा किया था। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने पुलिसकर्मी लखन गुप्ता का नाम लिया जिसके बाद उन्हें भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। बाद में विभागीय कार्रवाई करते हुए लखन गुप्ता को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया।

    मामले की जांच के दौरान जब्त किए गए पदार्थ के नमूने भोपाल स्थित फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी भेजे गए। जांच रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि जब्त पदार्थ किसी भी प्रकार का मादक पदार्थ नहीं बल्कि सामान्य यूरिया है। इसके बाद पुलिस ने दोबारा हैदराबाद की केंद्रीय प्रयोगशाला से भी परीक्षण कराया लेकिन वहां भी रिपोर्ट में पदार्थ यूरिया ही पाया गया।

    दोनों प्रयोगशालाओं की रिपोर्ट अदालत के सामने पेश की गई जिसके आधार पर विशेष अदालत ने लखन गुप्ता सहित तीनों आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया। अदालत के फैसले के बाद लखन गुप्ता ने इंदौर जिला कोर्ट की विशेष अदालत में परिवाद दायर कर दो आईपीएस अधिकारियों सहित 19 पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

    लखन गुप्ता का आरोप है कि उन्हें सुनियोजित साजिश के तहत इस मामले में फंसाया गया। उनका कहना है कि कुछ पुलिस अधिकारियों ने मुखबिर के जरिए पहले से गिरफ्तार आरोपियों से उनका नाम कहलवाया और फिर उन्हें आजाद नगर क्षेत्र से उठाकर तेजाजी नगर थाने ले जाया गया। वहां पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया और बाद में नौकरी से भी बर्खास्त कर दिया गया।

    लखन गुप्ता के अधिवक्ता नितिन पाराशर के अनुसार अदालत में दायर परिवाद में संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभिन्न कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग की गई है। विशेष अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए 27 जून की तारीख तय की है। सुनवाई के दौरान अदालत जांच के आदेश एफआईआर दर्ज कराने या अन्य कानूनी कार्रवाई को लेकर निर्णय ले सकती है।

    यह मामला अब इंदौर पुलिस की जांच प्रक्रिया और कार्रवाई की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। मामले में आगे अदालत के आदेश और जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।

  • जम्मू-कश्मीर में सीमा पर हाई अलर्ट, LoC पार करते पकड़ा गया PoK निवासी; जांच शुरू

    जम्मू-कश्मीर में सीमा पर हाई अलर्ट, LoC पार करते पकड़ा गया PoK निवासी; जांच शुरू


    नई दिल्ली । जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा पर सुरक्षाबलों ने एक संदिग्ध घुसपैठ की कोशिश को नाकाम करते हुए पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के एक नागरिक को हिरासत में लिया है। सुरक्षा एजेंसियां पकड़े गए व्यक्ति से गहन पूछताछ कर रही हैं ताकि उसके भारत में प्रवेश के उद्देश्य और संभावित संपर्कों का पता लगाया जा सके। घटना ऐसे समय सामने आई है जब अमरनाथ यात्रा और श्री माता वैष्णो देवी यात्रा को लेकर पूरे जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही हाई अलर्ट पर है।

    अधिकारियों के अनुसार पकड़े गए व्यक्ति की पहचान मोहम्मद सज्जाद के रूप में हुई है जो रफीक का पुत्र और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के पोलास क्षेत्र का निवासी बताया जा रहा है। नियमित गश्त और निगरानी के दौरान सुरक्षाबलों ने उसकी संदिग्ध गतिविधियां देखीं जिसके बाद उसे रोककर हिरासत में ले लिया गया। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां उससे पूछताछ कर रही हैं और यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि वह गलती से सीमा पार आया या किसी विशेष उद्देश्य से भारतीय सीमा में प्रवेश करने की कोशिश कर रहा था।

    इस बीच जम्मू-कश्मीर में आगामी श्री अमरनाथ यात्रा और श्री माता वैष्णो देवी यात्रा को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है। उधमपुर रियासी रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक शिव कुमार शर्मा ने कटड़ा में उच्चस्तरीय संयुक्त सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में पुलिस सेना सीआरपीएफ इंटेलिजेंस ब्यूरो सीआईडी रेलवे ट्रैफिक पुलिस और श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

    बैठक में कटड़ा शहर यात्रा मार्ग और भवन क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई। सीसीटीवी निगरानी प्रणाली जवानों की तैनाती आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय को और मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त निगरानी और सुरक्षा बलों की रणनीतिक तैनाती के निर्देश दिए।

    कटड़ा से भवन तक पूरे यात्रा मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था का भी बारीकी से आकलन किया गया ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और निर्बाध यात्रा का अनुभव मिल सके। इसके अलावा होटल लॉज गेस्ट हाउस होमस्टे और अन्य ठहरने की जगहों के नियमित सत्यापन और निरीक्षण के निर्देश भी दिए गए हैं ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर समय रहते कार्रवाई की जा सके।

    सुरक्षा अधिकारियों ने कहा कि तीर्थयात्रा के दौरान किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए सभी एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल और खुफिया सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को पूरी तरह सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना और जम्मू-कश्मीर में धार्मिक यात्राओं को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना है।

  • शिवपुरी में अवैध खनन कार्रवाई के दौरान बवाल युवक को थप्पड़ मारते खनिज निरीक्षक का VIDEO वायरल

    शिवपुरी में अवैध खनन कार्रवाई के दौरान बवाल युवक को थप्पड़ मारते खनिज निरीक्षक का VIDEO वायरल


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के पिछोर क्षेत्र में अवैध खनिज परिवहन के खिलाफ कार्रवाई के दौरान हुए विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में खनिज निरीक्षक ऋषभ दीक्षित एक युवक को थप्पड़ मारते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद पूरे घटनाक्रम को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस का कहना है कि वीडियो समेत सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

    जानकारी के अनुसार कुछ दिन पहले खनिज निरीक्षक ऋषभ दीक्षित अपनी टीम के साथ पिछोर क्षेत्र में अवैध खनिज परिवहन के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने पत्थरों से भरी एक ट्रैक्टर ट्रॉली को रोककर जांच की। चालक के पास वैध रॉयल्टी और परिवहन से जुड़े आवश्यक दस्तावेज नहीं मिलने पर ट्रैक्टर ट्रॉली को जब्त कर लिया गया।

    जब जब्त वाहन को पुलिस बल की मौजूदगी में थाने ले जाया जा रहा था तभी मौके पर मौजूद कुछ लोगों और अधिकारियों के बीच विवाद हो गया। इसी दौरान धक्का मुक्की और तीखी बहस की स्थिति बन गई। घटना के बाद खनिज निरीक्षक ने पिछोर थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि मंगल लोधी और उसके साथियों ने शासकीय कार्य में बाधा डाली पुलिसकर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार किया और जब्त वाहन छुड़ाने का प्रयास किया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया।

    अब सामने आए वायरल वीडियो में खनिज निरीक्षक पहले युवक मंगल लोधी से मोबाइल मांगते दिखाई देते हैं। कुछ ही क्षण बाद वे युवक को थप्पड़ मार देते हैं जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच धक्का मुक्की और कहासुनी शुरू हो जाती है। वीडियो के वायरल होने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है और कार्रवाई की निष्पक्षता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वीडियो में दिखाई दे रही घटना की पूरी परिस्थितियों की जांच की जा रही है। यह पता लगाया जाएगा कि थप्पड़ मारने से पहले क्या हुआ था और विवाद किस वजह से बढ़ा। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि दोनों पक्षों की भूमिका क्या रही। पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो को जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है और सभी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि तथ्यों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।

  • शिवपुरी में दर्दनाक सड़क हादसा पोहरी SDM के रीडर की पत्नी की मौत खड़ी ट्रैक्टर ट्रॉली से टकराई कार

    शिवपुरी में दर्दनाक सड़क हादसा पोहरी SDM के रीडर की पत्नी की मौत खड़ी ट्रैक्टर ट्रॉली से टकराई कार


    शिवपुरी  शिवपुरी में देर रात हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। सड़क किनारे खड़ी ट्रैक्टर ट्रॉली से तेज रफ्तार कार टकरा गई जिससे पोहरी एसडीएम कार्यालय के रीडर श्याम सिंह दोहरे की पत्नी मनीषा दोहरे की मौत हो गई। हादसे में श्याम सिंह दोहरे सहित चार अन्य लोग घायल हुए हैं जिनका मेडिकल कॉलेज शिवपुरी में उपचार जारी है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

    जानकारी के अनुसार पोहरी एसडीएम कार्यालय में पदस्थ रीडर श्याम सिंह दोहरे का हाल ही में भिंड तबादला हुआ था। शुक्रवार को जिला मुख्यालय शिवपुरी से कार्यमुक्त होने के बाद वे अपने परिवार और परिचितों के साथ कार से पोहरी लौट रहे थे। कार में उनकी पत्नी मनीषा दोहरे के अलावा एक शिक्षक उनकी पत्नी और उनका बच्चा भी सवार थे।

    बताया जा रहा है कि शिवपुरी पोहरी मुख्य मार्ग की खराब स्थिति के कारण उन्होंने झिरी मार्ग से जाने का फैसला किया। शुक्रवार देर रात करीब साढ़े बारह बजे मुद्गल पेट्रोल पंप के पास उनकी कार सड़क किनारे खड़ी ट्रैक्टर ट्रॉली से पीछे से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार सभी लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

    घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से घायलों को तत्काल मेडिकल कॉलेज शिवपुरी पहुंचाया गया। इलाज के दौरान मनीषा दोहरे ने दम तोड़ दिया जबकि श्याम सिंह दोहरे और अन्य घायलों का इलाज जारी है। चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार किया जा रहा है।

    शनिवार को मेडिकल कॉलेज चौकी पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह सड़क किनारे खड़ी ट्रैक्टर ट्रॉली से कार की टक्कर मानी जा रही है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि ट्रैक्टर ट्रॉली सड़क पर किस परिस्थिति में खड़ी थी तथा सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन किया गया था या नहीं।

    यह हादसा एक बार फिर सड़क किनारे बिना पर्याप्त संकेतों के खड़े भारी वाहनों से होने वाले खतरों की ओर इशारा करता है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच के बाद आगे की कार्रवाई करेगी।

  • बाबा बर्फानी यात्रा होगी ग्रीन, पॉलीथिन और सिंगल यूज प्लास्टिक पूरी तरह बैन

    बाबा बर्फानी यात्रा होगी ग्रीन, पॉलीथिन और सिंगल यूज प्लास्टिक पूरी तरह बैन


    नई दिल्ली । इस वर्ष होने वाली श्री अमरनाथ यात्रा को स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए प्रशासन ने कई अहम फैसले लिए हैं। यात्रा के दौरान बालटाल और पहलगाम आधार शिविरों से लेकर पवित्र अमरनाथ गुफा तक पॉलीथिन बैग थर्माकोल और सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। प्रशासन का उद्देश्य हिमालयी क्षेत्र के प्राकृतिक सौंदर्य को सुरक्षित रखना और यात्रा मार्ग को प्रदूषण मुक्त बनाना है।

    श्रद्धालुओं को यदि आधार शिविर पर पॉलीथिन बैग के साथ पाया जाता है तो उन्हें उसे आगे ले जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऐसे यात्रियों को किसी तरह की असुविधा न हो इसके लिए प्रशासन ने निशुल्क कपड़े के थैलों की व्यवस्था की है। दोनों प्रमुख आधार शिविरों बालटाल और पहलगाम में करीब डेढ़ लाख कपड़े के बैग तैयार रखे गए हैं जिन्हें जरूरतमंद श्रद्धालुओं को मुफ्त वितरित किया जाएगा।

    यात्रा मार्ग पर संचालित होने वाले सभी भंडारों और दुकानदारों को भी पर्यावरण संरक्षण संबंधी नियमों का पालन करना होगा। भोजन परोसने के लिए केवल स्टील की प्लेट और गिलास का उपयोग करने की अनुमति होगी। प्लास्टिक के गिलास या अन्य सिंगल यूज प्लास्टिक सामग्री का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

    श्राइन बोर्ड ने इस बार कचरा प्रबंधन की व्यवस्था को भी पहले से अधिक मजबूत बनाया है। यात्रा मार्ग पर उत्पन्न होने वाले कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण की जिम्मेदारी इंदौर की गैर सरकारी संस्था स्वाहा रिसोर्स मैनेजमेंट को सौंपी गई है। वहीं जम्मू कश्मीर के ग्रामीण स्वच्छता विभाग को पूरे अभियान की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है ताकि स्वच्छता व्यवस्था प्रभावी ढंग से संचालित हो सके।

    यात्रा मार्ग पर सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगभग चार हजार कर्मचारियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा 623 कर्मचारी विशेष रूप से कचरा संग्रहण और उसके प्रबंधन का कार्य संभालेंगे। प्रशासन का लक्ष्य है कि इस वर्ष पिछले वर्ष की तुलना में कम से कम 15 प्रतिशत कम कचरा उत्पन्न हो।

    श्रद्धालुओं की सुविधा और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए यात्रा मार्ग पर करीब पांच हजार अस्थायी शौचालय और स्नानघर भी स्थापित किए गए हैं। इन सुविधाओं का उद्देश्य खुले में गंदगी रोकना और यात्रियों को बेहतर स्वच्छता उपलब्ध कराना है।

    पिछले वर्ष अमरनाथ यात्रा के दौरान लगभग 450 टन कचरा एकत्र हुआ था। इस बार प्रशासन ने पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए कचरे की मात्रा कम करने और पूरी यात्रा को अधिक स्वच्छ बनाने का लक्ष्य तय किया है। अधिकारियों का कहना है कि श्रद्धालुओं के सहयोग से ही इस अभियान को सफल बनाया जा सकता है और बाबा बर्फानी की पवित्र यात्रा को स्वच्छ तथा प्रदूषण मुक्त बनाया जा सकेगा।