Author: bharati

  • तापसी की एक टिप्पणी से भड़कीं कंगना रनौत माता पिता तक पहुंची जुबानी जंग फिर याद आया सस्ती कॉपी वाला विवाद

    तापसी की एक टिप्पणी से भड़कीं कंगना रनौत माता पिता तक पहुंची जुबानी जंग फिर याद आया सस्ती कॉपी वाला विवाद


    नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत और तापसी पन्नू के बीच वर्षों पुराना विवाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। दोनों अभिनेत्रियों के बीच लंबे समय से चली आ रही जुबानी तकरार ने उस समय नया मोड़ ले लिया जब तापसी पन्नू ने इंडिया टुडे वुमन समिट 2026 में कंगना के साथ अपने बिगड़े रिश्ते को लेकर बात की। तापसी के बयान के कुछ ही घंटे बाद कंगना ने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए अपनी नाराजगी जाहिर की और तापसी पर बेहद तीखा हमला बोला। इस बार विवाद सिर्फ दोनों अभिनेत्रियों तक सीमित नहीं रहा बल्कि कंगना ने तापसी की परवरिश और उनके माता पिता तक पर सवाल खड़े कर दिए।

    दरअसल समिट के दौरान तापसी से कंगना के साथ रिश्ते सुधरने को लेकर सवाल पूछा गया था। जवाब में तापसी ने कहा कि वह कभी कंगना से मिली ही नहीं हैं। उन्होंने कंगना के बारे में कुछ कहने से इनकार करते हुए इशारों में कहा कि किसी व्यक्ति के बारे में इस तरह बात करना उसकी परवरिश और उसके नजरिए को दिखाता है। तापसी ने यह भी कहा कि लोग खुद देख सकते हैं कि कौन कहां से आता है। तापसी ने अपनी बात यहीं खत्म कर दी लेकिन उनका यह बयान कंगना को पसंद नहीं आया।

    तापसी की टिप्पणी सामने आने के बाद कंगना ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने तापसी को एक बार फिर सस्ती कॉपी कहकर निशाना बनाया। कंगना ने आरोप लगाया कि तापसी मीडिया के सामने जब भी आती हैं तो उनके पास बात करने के लिए कंगना रनौत के नाम के अलावा कुछ नहीं होता। कंगना ने कहा कि इस बार तापसी ने उनकी परवरिश और माता पिता का मजाक उड़ाने की हद पार कर दी है। कंगना ने यह भी कहा कि वह आमतौर पर किसी बहस में सामने वाले के माता पिता को शामिल नहीं करतीं क्योंकि उनका मानना है कि हर माता पिता अपने बच्चों के लिए अपनी तरफ से पूरी कोशिश करते हैं।

    हालांकि इसके बाद कंगना ने तापसी के माता पिता को लेकर भी तीखी टिप्पणी कर दी। उन्होंने सवाल किया कि आखिर तापसी के माता पिता उनके माता पिता की तरह कोई ओरिजिनल इंसान क्यों नहीं पैदा कर पाए और ऐसी सस्ती कॉपी क्यों पैदा हुई। कंगना की इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर दोनों अभिनेत्रियों के पुराने विवाद की चर्चा फिर तेज हो गई है। उनके बयान को लेकर प्रशंसक और सोशल मीडिया यूजर्स भी अलग अलग प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

    कंगना और तापसी के बीच यह विवाद नया नहीं है। इसकी जड़ करीब सात साल पुरानी है। वर्ष 2019 में कंगना की फिल्म जजमेंटल है क्या के ट्रेलर की तापसी ने तारीफ की थी लेकिन उस दौरान कंगना का नाम नहीं लिया था। इसके बाद कंगना की बहन रंगोली चंदेल ने तापसी को सस्ती कॉपी कहकर निशाना बनाया था। बाद में वर्ष 2020 में बॉलीवुड में नेपोटिज्म और आउटसाइडर्स की बहस के दौरान कंगना ने तापसी को B-ग्रेड एक्ट्रेस और जरूरतमंद आउटसाइडर तक कह दिया था।

    इतने वर्षों के बाद तापसी ने अब इस पुराने विवाद पर अपनी बात रखी तो एक बार फिर दोनों के बीच जुबानी जंग तेज होती दिखाई दे रही है। तापसी ने जहां अपने बयान में कंगना का नाम लेकर सीधे हमला करने से बचने की कोशिश की वहीं कंगना ने सोशल मीडिया के जरिए खुलकर जवाब दिया। अब इस नए विवाद के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि तापसी पन्नू कंगना के इस तीखे पलटवार पर कोई प्रतिक्रिया देती हैं या फिर मामले को यहीं खत्म करना पसंद करेंगी।

  • निज्जर हत्याकांड पर कथित बातचीत सामने आई, गोल्डी बराड़ ने हत्या के पीछे दुश्मनी और नेटवर्क का जिक्र किया

    निज्जर हत्याकांड पर कथित बातचीत सामने आई, गोल्डी बराड़ ने हत्या के पीछे दुश्मनी और नेटवर्क का जिक्र किया

    नई दिल्ली ।कनाडा में खालिस्तान समर्थक नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर कथित तौर पर सामने आए एक ऑडियो ने मामले को फिर चर्चा में ला दिया है। वायरल ऑडियो में भारत में वांटेड गैंगस्टर गोल्डी बराड़ को खालिस्तानी आतंकवादी परमजीत सिंह पम्मा से बातचीत करते हुए सुना जाने का दावा किया जा रहा है। बातचीत में बराड़ ने कथित तौर पर निज्जर की हत्या कराने की जिम्मेदारी लेने और इसके पीछे कई कारण बताए हैं।

    कथित ऑडियो में बराड़ ने निज्जर को अपना विरोधी बताते हुए आरोप लगाया कि वह उसके दुश्मनों की मदद कर रहा था। बातचीत के दौरान उसने दावा किया कि निज्जर ने उसके विरोधी अर्श डाला को छिपने में सहायता दी, हथियारों की व्यवस्था कराने और नेटवर्क तैयार करने में मदद की। बराड़ ने यह भी आरोप लगाया कि निज्जर ने उसकी टीम से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी विरोधियों तक पहुंचाई थी।

    ऑडियो में बराड़ ने निज्जर पर युवाओं को नशे के कारोबार में इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया। उसके अनुसार, निज्जर कथित तौर पर कम उम्र के युवाओं को ड्रग्स की बिक्री के लिए तैयार करता और दबाव या ब्लैकमेल के जरिए उनका इस्तेमाल करता था। हालांकि, ऑडियो में लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इन्हें कथित बातचीत में बराड़ के दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

    बराड़ ने कथित बातचीत में कहा कि निज्जर द्वारा उसके विरोधियों की लगातार मदद किए जाने के बाद उसकी टीम ने उसे निशाना बनाया। उसने यह भी दावा किया कि निज्जर के कारण उसकी गैंग से जुड़े कई लोग जेल पहुंचे थे। बातचीत में हत्या को लेकर जिम्मेदारी का दावा किए जाने से यह ऑडियो सामने आने के बाद निज्जर हत्याकांड पर फिर सवाल उठने लगे हैं।

    हरदीप सिंह निज्जर की 18 जून 2023 को कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया स्थित एक गुरुद्वारे के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद भारत और कनाडा के संबंधों में गंभीर तनाव पैदा हुआ था। तत्कालीन कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने हत्या में भारतीय एजेंटों की संभावित भूमिका के आरोप लगाए थे। भारत ने इन आरोपों को खारिज करते हुए उन्हें निराधार बताया था और कनाडा में भारत विरोधी गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।

    निज्जर लंबे समय से भारत की सुरक्षा एजेंसियों के निशाने पर था। उसे भारत सरकार ने 2020 में आतंकवादी घोषित किया था। उसके खिलाफ विभिन्न मामलों में जांच और कानूनी कार्रवाई चल रही थी। 2022 में राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने उसकी गिरफ्तारी के लिए इनाम घोषित किया था। निज्जर पर खालिस्तान टाइगर फोर्स से जुड़े होने और भारत में हिंसक गतिविधियों की साजिश से संबंधित आरोप लगाए गए थे।

    निज्जर की हत्या के बाद कनाडा में जांच आगे बढ़ी और कई संदिग्धों के खिलाफ कार्रवाई हुई। इसी बीच गोल्डी बराड़ का नाम भी हत्याकांड की जांच से जुड़े आरोपों में सामने आता रहा है। कथित नए ऑडियो में बराड़ द्वारा हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा मामले की जांच और पहले सामने आए आरोपों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, लेकिन केवल किसी लीक रिकॉर्डिंग के आधार पर अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।

    इस पूरे मामले में ऑडियो की प्रामाणिकता, बातचीत की तारीख, रिकॉर्डिंग के संदर्भ और उसमें किए गए दावों की स्वतंत्र जांच महत्वपूर्ण होगी। निज्जर हत्याकांड भारत और कनाडा के बीच कूटनीतिक संबंधों से जुड़ा संवेदनशील मामला रहा है और सामने आए किसी भी नए दावे का मूल्यांकन उपलब्ध साक्ष्यों तथा आधिकारिक जांच के आधार पर ही किया जाना जरूरी है।

  • पेट के दाईं हिस्से में दर्द है तो रहें सावधान गैस नहीं इन गंभीर बीमारियों का भी हो सकता है इशारा

    पेट के दाईं हिस्से में दर्द है तो रहें सावधान गैस नहीं इन गंभीर बीमारियों का भी हो सकता है इशारा


    नई दिल्ली। पेट में दर्द होना आम समस्या है और अक्सर लोग इसे गैस अपच या ज्यादा खाना खाने की वजह मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। खासतौर पर पेट के दाईं तरफ दर्द होने पर कई लोग बिना जांच के गैस की दवा ले लेते हैं लेकिन ऐसा करना हर बार सही नहीं होता। पेट के दाईं हिस्से में होने वाला दर्द कई बार शरीर के महत्वपूर्ण अंगों से जुड़ी परेशानी का संकेत हो सकता है। इसके पीछे गैस और कब्ज जैसी सामान्य समस्या से लेकर पित्ताशय की पथरी अपेंडिसाइटिस किडनी की पथरी लिवर से जुड़ी बीमारी और आंतों के संक्रमण तक कई कारण हो सकते हैं। इसलिए दर्द को केवल उसकी जगह देखकर नहीं बल्कि उसकी तीव्रता अवधि और साथ दिखाई देने वाले दूसरे लक्षणों के आधार पर समझना जरूरी है।

    पेट के ऊपरी दाएं हिस्से में लिवर और पित्ताशय जैसे महत्वपूर्ण अंग मौजूद होते हैं। अगर इस हिस्से में दर्द खासकर तला भुना या ज्यादा वसायुक्त भोजन खाने के बाद बढ़ता है और पीठ या दाएं कंधे तक महसूस होता है तो यह पित्ताशय में पथरी की ओर संकेत कर सकता है। ऐसे मामलों में मतली और उल्टी भी हो सकती है। वहीं दर्द के साथ बुखार या आंखों और त्वचा का रंग पीला पड़ने लगे तो लिवर या पित्त नलिकाओं से जुड़ी परेशानी की संभावना को गंभीरता से लेना चाहिए।

    पेट के निचले दाएं हिस्से में अचानक बढ़ने वाला दर्द अपेंडिसाइटिस का संकेत भी हो सकता है। कई बार इसकी शुरुआत नाभि के आसपास दर्द से होती है और धीरे धीरे दर्द दाईं निचली तरफ केंद्रित होने लगता है। चलने खांसने या शरीर को हिलाने पर दर्द बढ़ सकता है। इसके साथ भूख कम लगना मतली उल्टी और बुखार जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं। ऐसे दर्द को गैस समझकर लगातार दवा लेते रहना नुकसानदायक हो सकता है क्योंकि गंभीर अपेंडिसाइटिस में अपेंडिक्स के फटने जैसी जटिलता हो सकती है।

    दाईं तरफ पेट या कमर में होने वाला दर्द किडनी की पथरी या मूत्र मार्ग की समस्या से भी जुड़ा हो सकता है। यदि दर्द पीठ या कमर की तरफ फैल रहा है और पेशाब करते समय जलन पेशाब में खून या बार बार पेशाब आने जैसी समस्या भी है तो चिकित्सकीय जांच जरूरी है। दूसरी ओर गैस कब्ज या आंतों की सामान्य परेशानी में पेट फूलना ऐंठन भारीपन और मल त्याग में बदलाव जैसे लक्षण हो सकते हैं और कई बार मल त्याग के बाद राहत भी मिल जाती है।

    इसलिए पेट के दाईं तरफ होने वाले दर्द को समझने के लिए यह देखना जरूरी है कि दर्द कब शुरू हुआ लगातार है या रुक रुककर हो रहा है और उसके साथ कौन से दूसरे लक्षण मौजूद हैं। तेज या लगातार बढ़ता दर्द बुखार बार बार उल्टी मल में खून पीलापन बेहोशी या पेट में अत्यधिक जकड़न जैसे संकेत दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेना जरूरी है। डॉक्टर जरूरत के अनुसार शारीरिक जांच के साथ खून और पेशाब की जांच या अल्ट्रासाउंड जैसी जांच करा सकते हैं। सही समय पर कारण की पहचान होने से गंभीर बीमारी और संभावित जटिलताओं से बचाव किया जा सकता है।

  • हरिद्वार के जंगलों में छिपा कुंडी सोटेश्वर महादेव मंदिर, जहां शिव बारात और रहस्यमयी पेड़ से जुड़ी है अनोखी मान्यता

    हरिद्वार के जंगलों में छिपा कुंडी सोटेश्वर महादेव मंदिर, जहां शिव बारात और रहस्यमयी पेड़ से जुड़ी है अनोखी मान्यता

    नई दिल्ली ।हरिद्वार के आसपास धार्मिक आस्था से जुड़े कई ऐसे स्थल मौजूद हैं, जिनसे पौराणिक कथाएं और स्थानीय लोकमान्यताएं जुड़ी हुई हैं। इन्हीं में कुंडी सोटेश्वर महादेव मंदिर का नाम भी लिया जाता है। श्यामपुर और सज्जनपुर पीली क्षेत्र के पास राजाजी टाइगर रिजर्व के जंगलों के बीच स्थित यह मंदिर शांत वातावरण और धार्मिक महत्व के साथ अपनी रहस्यमयी लोककथाओं के लिए भी जाना जाता है।

    स्थानीय मान्यता के अनुसार मंदिर में मौजूद शिवलिंग किसी व्यक्ति द्वारा स्थापित नहीं किया गया, बल्कि यह स्वयं जमीन से प्रकट हुआ था। श्रद्धालुओं के बीच इसे स्वयंभू शिवलिंग माना जाता है। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से प्रार्थना करने वाले भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इसी आस्था के चलते आसपास के क्षेत्रों के अलावा दूर से भी लोग मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

    कुंडी सोटेश्वर महादेव मंदिर से जुड़ी सबसे प्रमुख कथा भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह से संबंधित है। लोककथा के अनुसार जब भगवान शिव कैलाश से माता पार्वती से विवाह करने के लिए बारात लेकर निकले थे, तब उनकी बारात इस स्थान पर रुकी थी। शिव की बारात में देवताओं के साथ उनके गण और विभिन्न अलौकिक शक्तियों के शामिल होने की मान्यता बताई जाती है।

    कहा जाता है कि शिव बारात के दौरान उनके गणों ने यहां भांग तैयार करने के लिए कुंडी और सोटे का इस्तेमाल किया था। इसी लोकविश्वास के आधार पर इस स्थान का नाम कुंडी सोटेश्वर पड़ने की कथा प्रचलित है। स्थानीय लोगों के बीच यह मान्यता आज भी सुनाई जाती है और मंदिर की पहचान से इसका विशेष संबंध माना जाता है।

    मंदिर के आसपास मौजूद एक पुराने पेड़ को लेकर भी एक अलग लोककथा प्रचलित है। मान्यता के अनुसार शिव की बारात में शामिल कुछ भूत-प्रेत और गण यहां रुकने के दौरान बारात से अलग हो गए थे। कहा जाता है कि भांग के नशे में मस्त रहने के कारण वे आगे नहीं जा सके और बाद में इसी पेड़ के आसपास उनका ठिकाना बन गया।

    इसी मान्यता के कारण स्थानीय लोग इस पेड़ को सामान्य पेड़ से अलग धार्मिक और रहस्यमयी नजरिए से देखते हैं। कई लोग इसके बेहद करीब जाने से भी बचते हैं। हालांकि इन कथाओं का आधार धार्मिक लोकविश्वास है और इनके संबंध में किसी वैज्ञानिक प्रमाण की पुष्टि नहीं हुई है।

    इस पेड़ से जुड़ी एक और परंपरा स्थानीय स्तर पर बताई जाती है। मान्यता है कि यहां शिवगणों के लिए भोजन रखा जाता है। स्थानीय विश्वास के अनुसार भोजन रखने की यह परंपरा लंबे समय से चली आ रही है और माना जाता है कि अदृश्य शक्तियां इसे ग्रहण करती हैं। इसी वजह से मंदिर और पेड़ से जुड़ी कथा श्रद्धालुओं तथा पर्यटकों के बीच आकर्षण का विषय बनी हुई है।

    कुंडी सोटेश्वर महादेव मंदिर की विशेषता इसकी प्राकृतिक स्थिति भी है। जंगलों से घिरे इस क्षेत्र में धार्मिक आस्था और प्रकृति का अलग वातावरण दिखाई देता है। हालांकि मंदिर से जुड़ी शिव बारात, स्वयंभू शिवलिंग और रहस्यमयी पेड़ की कथाएं स्थानीय मान्यताओं पर आधारित हैं, इसलिए इन्हें ऐतिहासिक तथ्य के बजाय लोकपरंपरा के रूप में देखना उचित है।

  • रक्षाबंधन 2026 पर राखी खरीदते समय रखें डिजाइन का ध्यान, जानिए भगवान की तस्वीर से काले धागे तक क्या मान्यताएं हैं

    रक्षाबंधन 2026 पर राखी खरीदते समय रखें डिजाइन का ध्यान, जानिए भगवान की तस्वीर से काले धागे तक क्या मान्यताएं हैं

    नई दिल्ली ।रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और सुरक्षा के संकल्प से जुड़ा माना जाता है। इस दिन बहन भाई की कलाई पर राखी बांधती है और भाई उसकी रक्षा का वचन देता है। धार्मिक और पारंपरिक मान्यताओं में राखी को केवल धागा नहीं माना जाता, बल्कि इसके रंग, डिजाइन और उस पर बने प्रतीकों को भी विशेष महत्व दिया जाता है। इस वर्ष रक्षाबंधन का पर्व 28 अगस्त को मनाया जाएगा।

    राखी खरीदते समय बाजार में कई तरह के डिजाइन देखने को मिलते हैं। इनमें देवी-देवताओं की तस्वीर वाली राखी, ॐ और स्वास्तिक जैसे शुभ चिह्नों वाली राखी, सूती या रेशमी धागे की राखी के अलावा बच्चों के लिए कार्टून और आधुनिक डिजाइन भी शामिल हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन सभी का महत्व एक जैसा नहीं माना जाता।

    भगवान गणेश, भगवान कृष्ण या भगवान हनुमान की तस्वीर वाली राखी को पारंपरिक रूप से शुभ माना जाता है। मान्यता है कि ऐसी राखी भाई के जीवन में ईश्वर की कृपा और सुरक्षा का प्रतीक बन सकती है। हालांकि धार्मिक चित्र वाली राखी को रक्षाबंधन के बाद सम्मानपूर्वक रखने की सलाह दी जाती है और उसे इधर-उधर फेंकने से बचने की परंपरा बताई जाती है।

    ॐ और स्वास्तिक जैसे शुभ चिह्नों वाली राखी को भी धार्मिक दृष्टि से सकारात्मक माना जाता है। इन प्रतीकों का संबंध मंगल, शांति और समृद्धि से जोड़ा जाता है। ऐसी राखी चुनने वाले लोग इसकी पवित्रता और साफ-सफाई का ध्यान रखते हैं। धार्मिक प्रतीकों वाली वस्तुओं को सम्मान के साथ रखने की परंपरा भी भारतीय संस्कृति में रही है।

    साधारण सूती या रेशमी धागे की राखी को सबसे पारंपरिक विकल्पों में माना जाता है। इसमें किसी विशेष सजावट की जरूरत नहीं होती और यह भाई-बहन के स्नेह तथा रिश्ते की सरलता का प्रतीक मानी जाती है। पारंपरिक रूप से सादे और पवित्र धागे को रक्षाबंधन की भावना से जोड़ा जाता है।

    बच्चों के बीच कार्टून और फैंसी राखियों का चलन काफी बढ़ा है। अलग-अलग पात्रों और आकर्षक आकृतियों वाली ऐसी राखियां बच्चों को पसंद आती हैं। हालांकि धार्मिक दृष्टि से इनका कोई विशेष महत्व नहीं माना जाता। इन्हें मुख्य रूप से पसंद और सुविधा के आधार पर चुना जा सकता है।

    इवल आई यानी नजर से बचाने वाले प्रतीक वाली राखियों को लेकर भी अलग-अलग धारणाएं हैं। आधुनिक मान्यताओं में इसे बुरी नजर से सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है, लेकिन पारंपरिक वैदिक मान्यताओं में इसका कोई अनिवार्य धार्मिक महत्व नहीं है। इसलिए इसे न पूरी तरह शुभ माना जाता है और न ही अशुभ।

    काली राखी को लेकर कुछ धार्मिक मान्यताओं में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। इसी तरह टूटी, खंडित या बहुत नुकीली डिजाइन वाली राखी से बचने की बात कही जाती है। राखी बांधते समय उसके टूट जाने को भी कुछ परंपराओं में अपशकुन माना जाता है। प्लास्टिक से बनी राखियों को लेकर भी पारंपरिक पसंद कम बताई जाती है।

    हालांकि राखी के शुभ या अशुभ प्रभाव को लेकर वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं। ये बातें मुख्य रूप से धार्मिक विश्वास, ज्योतिषीय मान्यताओं और सांस्कृतिक परंपराओं पर आधारित हैं। इसलिए राखी चुनते समय भाई-बहन के रिश्ते की भावना, पसंद और सुविधा को प्राथमिकता देना सबसे महत्वपूर्ण है।

  • E20 के खिलाफ प्रदर्शन से पहले तहसीन पूनावाला नजरबंद, पुलिसवालों को ऑफर किया गन्ने का जूस

    E20 के खिलाफ प्रदर्शन से पहले तहसीन पूनावाला नजरबंद, पुलिसवालों को ऑफर किया गन्ने का जूस


    नई दिल्ली। E20 फ्यूल पॉलिसी और चीनी की बढ़ती कीमतों के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने से पहले एक्टिविस्ट तहसीन पूनावाला ने दिल्ली पुलिस पर उन्हें घर से बाहर नहीं निकलने देने का आरोप लगाया है। पूनावाला का दावा है कि शनिवार को पुलिस उनके घर पहुंची और उन्हें प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जंतर-मंतर जाने से रोक दिया।

    पूनावाला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कई वीडियो शेयर किए हैं। इनमें वह पुलिसकर्मियों से सवाल करते नजर आ रहे हैं कि उन्हें जंतर-मंतर जाने से क्यों रोका जा रहा है। वीडियो में एक पुलिस अधिकारी कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए कहता नजर आता है कि प्रदर्शन स्थल पर उनके पहुंचने से समर्थक जुट सकते हैं और भीड़ में कुछ गलत लोग शामिल हो सकते हैं। पूनावाला ने इस पर सवाल उठाया कि महज आशंका के आधार पर पुलिस किसी व्यक्ति को घर से बाहर निकलने से कैसे रोक सकती है।

    ‘मैं हाउस अरेस्ट हूं, कोई दस्तावेज नहीं मिला’
    पूनावाला ने इंडिया टुडे डिजिटल से बातचीत में दावा किया कि उनके सिटिजन एडवोकेसी ग्रुप ‘टीम भारत’ ने चीनी की बढ़ती कीमतों के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन की योजना बनाई थी। उनका आरोप है कि दिल्ली पुलिस ने उनके घर पहुंचकर उन्हें बाहर जाने से रोक दिया।

    उन्होंने कहा, ‘मैं हाउस अरेस्ट हूं। कोई दस्तावेज नहीं दिया गया है।’ पूनावाला ने पुलिसकर्मियों पर तंज कसते हुए उन्हें गन्ने का जूस भी ऑफर किया। इसका वीडियो भी उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह चीनी और एथेनॉल से जुड़ी नीतियां आगे बढ़ रही हैं, आने वाले समय में गन्ने का जूस भी महंगा हो सकता है।

    E20 नीति को लेकर भी विरोध
    पूनावाला का विरोध केंद्र सरकार की E20 फ्यूल पॉलिसी को लेकर भी है। इस नीति के तहत पेट्रोल में 20% तक एथेनॉल मिलाने का प्रावधान है। पूनावाला का आरोप है कि एथेनॉल और चीनी से जुड़ी नीतियों का असर आम लोगों की जेब पर पड़ रहा है। उन्होंने इन नीतियों को ‘शुगर स्कैम’ और ‘एथेनॉल स्कैम’ बताते हुए दावा किया कि इससे राजनीतिक रूप से प्रभावशाली लोगों के परिवारों को फायदा पहुंच रहा है।

    हालांकि, पूनावाला द्वारा साझा किए गए वीडियो में पुलिस की ओर से उन्हें नजरबंदी या हिरासत का कोई लिखित आदेश देते हुए नहीं दिखाया गया है। वीडियो में पुलिसकर्मी उन्हें जंतर-मंतर नहीं जाने की बात कहते हुए संभावित कानून-व्यवस्था की स्थिति का हवाला देते नजर आते हैं।

    पहले भी पुलिस से हुआ है टकराव
    E20 के विरोध को लेकर पूनावाला और दिल्ली पुलिस के बीच पहले भी टकराव हो चुका है। 31 जुलाई को उन्होंने एपीजे अब्दुल कलाम रोड से तीस जनवरी मार्ग स्थित गांधी स्मृति तक अकेले मार्च और दिनभर की भूख हड़ताल का ऐलान किया था।

    इससे पहले भी उन्होंने आरोप लगाया था कि पुलिस ने संसद तक ‘टीम भारत’ की प्रस्तावित ‘गाड़ी मार्च’ को अनुमति नहीं दी थी। पूनावाला का कहना है कि उनका विरोध शांतिपूर्ण है और सरकार की चीनी तथा एथेनॉल नीति पर सवाल उठाना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है।

  • ‘आरक्षण कोई खैरात नहीं, संवैधानिक अधिकार’, जंतर-मंतर प्रदर्शन पर बोले चिराग पासवान

    ‘आरक्षण कोई खैरात नहीं, संवैधानिक अधिकार’, जंतर-मंतर प्रदर्शन पर बोले चिराग पासवान


    पटना। जंतर-मंतर पर आरक्षण खत्म करने की मांग को लेकर चल रहे प्रदर्शन के बीच केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने आरक्षण को लेकर अपना रुख स्पष्ट किया है। पटना एयरपोर्ट से दिल्ली रवाना होने से पहले मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि आरक्षण कोई खैरात नहीं, बल्कि संविधान से मिला अधिकार है। इसे किसी के कहने या मांग करने भर से खत्म नहीं किया जा सकता।

    चिराग पासवान ने कहा कि आरक्षण का उद्देश्य उन सामाजिक वर्गों को आगे लाना है, जिन्हें लंबे समय तक भेदभाव और वंचना का सामना करना पड़ा। उन्होंने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति का जिक्र करते हुए कहा कि संविधान में इन वर्गों को चिन्हित कर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने और समान अवसर देने के लिए आरक्षण का प्रावधान किया गया।

    ‘आज भी भेदभाव की घटनाएं सामने आती हैं’

    केंद्रीय मंत्री ने कहा कि समाज में आज भी भेदभाव की घटनाएं सामने आती हैं। ऐसे में आरक्षण की जरूरत और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों पर गंभीरता से चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने आरक्षण खत्म करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे लोगों की चिंताओं को भी सुने जाने की बात कही।

    चिराग ने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी समस्या का समाधान बातचीत और संवाद के जरिए निकाला जा सकता है। प्रदर्शनकारियों के साथ बैठकर चर्चा होनी चाहिए, ताकि आरक्षण की जरूरत और इसके पीछे के उद्देश्य को लेकर बातचीत हो सके।

    ‘प्रदर्शनकारियों की बात सुनी जानी चाहिए’

    रामदास अठावले के बयान से जुड़े सवाल पर भी चिराग पासवान ने कहा कि प्रदर्शन करने वालों की बात सुनी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संवाद बेहद जरूरी है और बातचीत के जरिए ही विवादों का समाधान निकाला जा सकता है।

    बिहार की आर्थिक स्थिति पर तेजस्वी को घेरा

    चिराग पासवान ने बिहार की आर्थिक स्थिति को लेकर तेजस्वी यादव के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विधानसभा सत्र के दौरान विपक्ष को आंकड़ों के साथ अपनी बात रखनी चाहिए थी। विपक्ष की जिम्मेदारी सिर्फ सरकार पर आरोप लगाना नहीं है, बल्कि राज्य को आगे बढ़ाने में सरकार के साथ मिलकर भूमिका निभाना भी है।

    उन्होंने कहा कि बिहार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए सरकार राजस्व बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। आने वाले समय में निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर भी जोर दिया जाएगा।

    ‘डबल इंजन सरकार से बिहार को फायदा’

    चिराग पासवान ने केंद्र और राज्य में एक ही गठबंधन की सरकार को बिहार के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के मिलकर काम करने से राज्य को फायदा होगा। सरकार का लक्ष्य विकास को गति देने के साथ निवेश बढ़ाना और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करना है।

  • पैरों में लगातार क्रैंप और कमजोरी शरीर में पोटैशियम की कमी का संकेत हो सकती है, जानिए लक्षणों से जांच और खानपान का सही तरीका

    पैरों में लगातार क्रैंप और कमजोरी शरीर में पोटैशियम की कमी का संकेत हो सकती है, जानिए लक्षणों से जांच और खानपान का सही तरीका

    नई दिल्ली । मांसपेशियों में बार-बार ऐंठन, पैरों में कमजोरी और बिना ज्यादा मेहनत के थकान महसूस होना आम समस्या लग सकती है, लेकिन कुछ मामलों में इसके पीछे शरीर में पोटैशियम का असंतुलन भी जिम्मेदार हो सकता है। पोटैशियम शरीर के लिए आवश्यक इलेक्ट्रोलाइट है, जो नसों के सामान्य कामकाज, मांसपेशियों के संकुचन और शरीर में तरल पदार्थों के संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हालांकि केवल लक्षणों के आधार पर यह तय नहीं किया जा सकता कि किसी व्यक्ति में पोटैशियम की कमी है।

    पोटैशियम का स्तर शरीर में एक निश्चित सीमा के भीतर रहना जरूरी होता है। इसकी मात्रा बहुत कम होने के साथ-साथ बहुत अधिक होना भी स्वास्थ्य के लिए परेशानी पैदा कर सकता है। इसलिए किसी भी तरह के सप्लीमेंट का इस्तेमाल बिना चिकित्सकीय सलाह के करना उचित नहीं माना जाता। खासकर ऐसे लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए जिन्हें पहले से कोई बीमारी है या जो नियमित रूप से कुछ दवाएं लेते हैं।

    पोटैशियम की कमी होने पर कुछ लोगों में मांसपेशियों की कमजोरी और ऐंठन दिखाई दे सकती है। पैरों में अचानक तेज क्रैंप पड़ना, सामान्य गतिविधियों के दौरान मांसपेशियों में कमजोरी महसूस होना या शरीर में असामान्य थकान जैसे लक्षण सामने आ सकते हैं। लेकिन इन समस्याओं के कई दूसरे कारण भी हो सकते हैं। लंबे समय तक एक ही स्थिति में रहना, अत्यधिक व्यायाम, शरीर में पानी की कमी या दूसरे इलेक्ट्रोलाइट्स का असंतुलन भी मांसपेशियों में ऐंठन पैदा कर सकता है।

    लगातार कमजोरी को भी केवल पोटैशियम की कमी से जोड़ना सही नहीं है। पर्याप्त नींद न मिलना, तनाव, खून की कमी, पोषण संबंधी कमियां और कई अन्य स्वास्थ्य समस्याएं थकान का कारण बन सकती हैं। इसलिए यदि कमजोरी लगातार बनी हुई है, बढ़ रही है या रोजमर्रा के काम प्रभावित होने लगे हैं तो चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

    गर्मी के मौसम में लंबे समय तक पसीना आने या बहुत अधिक शारीरिक मेहनत करने पर शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन प्रभावित हो सकता है। ऐसे समय में अत्यधिक कमजोरी, चक्कर, मांसपेशियों में ऐंठन या अस्वस्थ महसूस होने पर इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। पर्याप्त तरल पदार्थ और संतुलित भोजन सामान्य परिस्थितियों में शरीर की जरूरतों को पूरा करने में मदद करते हैं, लेकिन लगातार समस्या होने पर कारण की जांच जरूरी है।

    पोटैशियम की कमी का पता लगाने के लिए डॉक्टर जरूरत के अनुसार रक्त जांच कराने की सलाह दे सकते हैं। जांच के परिणामों के आधार पर आहार में बदलाव या उपचार की जरूरत तय की जाती है। पोटैशियम युक्त खाद्य पदार्थ संतुलित आहार का हिस्सा हो सकते हैं, लेकिन किसी व्यक्ति को कितनी मात्रा की जरूरत है, यह उसकी उम्र, स्वास्थ्य और अन्य परिस्थितियों पर निर्भर करता है।

    केला पोटैशियम का एक जाना-पहचाना स्रोत है, लेकिन केवल केले को पोटैशियम की कमी का इलाज मानना सही नहीं है। संतुलित भोजन में विभिन्न पोषक तत्वों और खनिजों का पर्याप्त सेवन जरूरी है। यदि जांच में कमी सामने आती है तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार आहार और जरूरत पड़ने पर सप्लीमेंट की व्यवस्था की जा सकती है।

    सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मांसपेशियों में ऐंठन या कमजोरी होने पर खुद से पोटैशियम की गोलियां लेना शुरू न करें। शरीर में पोटैशियम का अत्यधिक बढ़ जाना भी गंभीर समस्या पैदा कर सकता है। इसलिए बार-बार होने वाले क्रैंप, लगातार कमजोरी या अन्य असामान्य लक्षणों को नजरअंदाज करने के बजाय चिकित्सकीय जांच कराना ही सुरक्षित तरीका है।

  • ‘जेल में इमरान खान को किया जा रहा टॉर्चर…’, बहन उज्मा का दावा, हालत को लेकर जताई चिंता

    ‘जेल में इमरान खान को किया जा रहा टॉर्चर…’, बहन उज्मा का दावा, हालत को लेकर जताई चिंता


    नई दिल्ली। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की जेल में सेहत और उनके साथ कथित व्यवहार को लेकर उनकी बहन उज्मा खान ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उज्मा का दावा है कि इमरान ने उनसे मुलाकात के दौरान कहा कि उनके साथ अन्याय हो रहा है और उन्हें जेल में कथित तौर पर प्रताड़ित किया जा रहा है।

    उज्मा के मुताबिक, इमरान ने उनसे कहा कि “मेरे साथ अन्याय हुआ है। मुझे बहुत बुरी तरह टॉर्चर किया जा रहा है।” उन्होंने यह भी बताया कि एक डॉक्टर ने इमरान से मुलाकात की और कहा कि लंबे समय से लोगों से संपर्क न होने के कारण उनकी तबीयत प्रभावित हो रही है।

    10 महीने से टीवी और पढ़ने का सामान नहीं
    उज्मा खान ने दावा किया कि इमरान खान के पास पिछले करीब 10 महीनों से पढ़ने के लिए कोई सामग्री या टीवी तक नहीं है। उनके मुताबिक, लंबे समय तक बाहरी दुनिया से संपर्क सीमित रहने का असर उनकी मानसिक और शारीरिक स्थिति पर पड़ रहा है।

    उन्होंने इमरान की आंखों की समस्या को लेकर भी जानकारी दी। उज्मा के अनुसार, इमरान ने उन्हें आंख में बचे हेमरेज का हल्का निशान दिखाया। डॉक्टर ने उन्हें बताया कि इंजेक्शन से स्थिति में सुधार होगा और एहतियात के तौर पर आगे भी फॉलो-अप इंजेक्शन देने पड़ सकते हैं। उज्मा ने कहा कि इमरान की नजर में पहले की तुलना में सुधार हुआ है, लेकिन वह अभी पूरी तरह ठीक नहीं हुई है।

    अस्पताल से जांच के बाद फिर जेल भेजे गए इमरान
    21 अगस्त को इमरान खान को रावलपिंडी की अदियाला जेल से इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल अस्पताल ले जाया गया था। इसके बाद उनकी बहनों नोरिन नियाजी और उज्मा खान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उनकी स्थिति को लेकर जानकारी दी। रिपोर्टों के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इमरान को गुरुवार देर रात अस्पताल ले जाया गया था। डॉक्टरों ने मेडिकल जांच के बाद उन्हें फिट बताया, जिसके बाद शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे उन्हें दोबारा अदियाला जेल भेज दिया गया।

    सरकार ने क्या कहा?
    पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया कि इमरान खान को 20 और 21 अगस्त की रात सुरक्षा व्यवस्था के बीच अस्पताल ले जाया गया था। वहां डॉक्टरों की टीम ने उनकी मेडिकल जांच की। इमरान खान अगस्त 2023 से अदियाला जेल में बंद हैं। उन्हें भ्रष्टाचार समेत कई मामलों में गिरफ्तार किया गया था। अब उनकी बहन के आरोपों के बाद जेल में उनकी स्थिति और स्वास्थ्य को लेकर पाकिस्तान में राजनीतिक विवाद फिर तेज होने के संकेत हैं।

  • आज किस्मत देगी साथ और किसे रहना होगा सावधान? 23 अगस्त का राशिफल जानें मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का भविष्यफल

    आज किस्मत देगी साथ और किसे रहना होगा सावधान? 23 अगस्त का राशिफल जानें मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का भविष्यफल



    नई दिल्ली। मेष राशि के जातकों के लिए आज का दिन उत्साह और आत्मविश्वास से भरा रह सकता है। कामकाज में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और आपकी मेहनत वरिष्ठ लोगों की नजर में आ सकती है। कारोबार से जुड़े लोगों को कोई लाभदायक अवसर मिल सकता है। परिवार में किसी सदस्य के साथ चल रही गलतफहमी दूर होने के संकेत हैं। खर्च करते समय बजट का ध्यान रखें और जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला लेने से बचें।

    वृषभ राशि वालों के लिए आज आर्थिक मामलों में सकारात्मक संकेत मिल सकते हैं। रुका हुआ पैसा वापस मिलने की संभावना है और व्यापार में किसी पुराने संपर्क से फायदा हो सकता है। नौकरी करने वालों को अपने काम में निरंतरता बनाए रखनी होगी। परिवार के साथ समय बिताने से मन प्रसन्न रहेगा। स्वास्थ्य के मामले में खानपान को लेकर लापरवाही न करें।

    मिथुन राशि के लिए आज का दिन नए अवसर लेकर आ सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी बातचीत और समझदारी से कोई महत्वपूर्ण काम पूरा हो सकता है। नई योजना पर काम शुरू करने से पहले उसके सभी पहलुओं को अच्छी तरह समझ लें। विद्यार्थियों को पढ़ाई में बेहतर परिणाम के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ सकती है। प्रेम संबंधों में विश्वास बढ़ेगा और दांपत्य जीवन में मधुरता बनी रहेगी।

    कर्क राशि के जातकों को आज अपने निर्णय सोच समझकर लेने की जरूरत है। कार्यक्षेत्र में किसी व्यक्ति से मतभेद हो सकता है लेकिन शांत रहकर बात करने से स्थिति संभल जाएगी। आर्थिक मामलों में अनावश्यक जोखिम लेने से बचें। परिवार के किसी बड़े सदस्य की सलाह आपके लिए उपयोगी साबित हो सकती है। मानसिक तनाव कम करने के लिए आराम और सकारात्मक सोच पर ध्यान दें।

    सिंह राशि वालों के लिए आज का दिन उपलब्धियों से जुड़ा रह सकता है। आपकी नेतृत्व क्षमता की सराहना हो सकती है और किसी महत्वपूर्ण काम में सफलता मिलने के योग हैं। कारोबारियों को नए सौदे से फायदा मिल सकता है। धन संबंधी मामलों में स्थिति मजबूत हो सकती है। रिश्तों में अहंकार को बीच में न आने दें। किसी प्रिय व्यक्ति से मुलाकात मन को खुशी दे सकती है।

    कन्या राशि के लिए आज मेहनत का अच्छा परिणाम मिलने की संभावना है। नौकरी में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं लेकिन इससे भविष्य में लाभ मिलेगा। आर्थिक स्थिति सामान्य से बेहतर रह सकती है। किसी पुराने निवेश से उम्मीद के मुताबिक लाभ मिलने की संभावना है। घर में किसी शुभ समाचार से माहौल खुशनुमा हो सकता है। स्वास्थ्य को लेकर नियमित दिनचर्या बनाए रखना फायदेमंद रहेगा।

    तुला राशि के जातकों के लिए आज रिश्तों और काम के बीच संतुलन बनाना जरूरी होगा। नौकरी में किसी महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापार में साझेदारी से जुड़े मामलों में जल्दबाजी न करें। परिवार के साथ किसी यात्रा की योजना बन सकती है। प्रेम जीवन में बातचीत से गलतफहमियां दूर होंगी। आर्थिक मामलों में सोच समझकर खर्च करना बेहतर रहेगा।

    वृश्चिक राशि वालों के लिए आज का दिन आत्मविश्वास बढ़ाने वाला हो सकता है। आपकी मेहनत का असर कार्यक्षेत्र में दिखाई देगा। किसी पुराने विवाद का समाधान निकल सकता है। व्यापार में लाभ के नए रास्ते खुल सकते हैं। हालांकि किसी पर आंख बंद करके भरोसा करने से बचें। परिवार के साथ समय बिताने से मानसिक सुकून मिलेगा।

    धनु राशि के लिए आज नई शुरुआत का दिन हो सकता है। नौकरी और कारोबार से जुड़े लोगों को आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है। किसी प्रभावशाली व्यक्ति से मुलाकात भविष्य में लाभ दे सकती है। धन की स्थिति बेहतर होने के संकेत हैं। यात्रा की योजना बन सकती है। विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य पर पूरा ध्यान केंद्रित करने की जरूरत होगी।

    मकर राशि के जातकों को आज काम में अनुशासन और धैर्य बनाए रखना होगा। कोई पुराना काम पूरा होने से राहत मिल सकती है। आर्थिक मामलों में स्थिति संतुलित रहेगी लेकिन बड़े खर्च को कुछ समय के लिए टालना बेहतर होगा। परिवार में किसी सदस्य की सफलता से खुशी मिलेगी। सेहत को लेकर लापरवाही न करें और पर्याप्त आराम लें।

    कुंभ राशि वालों के लिए आज का दिन नए विचारों और अवसरों से भरा रह सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी रचनात्मकता की तारीफ होगी। व्यापारियों को नए ग्राहक या नए संपर्क से फायदा मिल सकता है। धन लाभ के योग बन रहे हैं लेकिन साथ ही खर्च भी बढ़ सकते हैं। प्रेम संबंधों में सकारात्मक बदलाव आएगा। परिवार का सहयोग आपके आत्मविश्वास को मजबूत करेगा।

    मीन राशि के लिए आज का दिन मिलाजुला रहने वाला है। किसी जरूरी काम में थोड़ी देरी हो सकती है लेकिन धैर्य रखने पर परिणाम आपके पक्ष में आ सकते हैं। आर्थिक मामलों में सावधानी जरूरी होगी। नौकरी में वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। परिवार के साथ किसी धार्मिक या सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिल सकता है। मानसिक शांति के लिए सकारात्मक गतिविधियों पर ध्यान देना लाभकारी रहेगा।