Author: bharati

  • स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को ट्रंप ने बताया ‘अमेरिकी इलाका’, ईरान ने कहा- रुख नहीं बदला तो बंद रहेगा

    स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को ट्रंप ने बताया ‘अमेरिकी इलाका’, ईरान ने कहा- रुख नहीं बदला तो बंद रहेगा


    नई दिल्ली। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को ट्रूथ सोशल पर एक मैप शेयर करते हुए होर्मुज को फिर ‘अमेरिकी इलाका’ बताया। दूसरी तरफ ईरान का कहना है कि जब तक वॉशिंगटन अपना रुख नहीं बदलता, तब तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने का सवाल नहीं है।

    पहले भी कर चुके हैं होर्मुज को लेकर दावा
    ट्रंप इससे पहले भी होर्मुज को अमेरिकी क्षेत्र बताए जाने की बात कह चुके हैं। उन्होंने 18 अगस्त को भी इसी तरह का मैप शेयर किया था और कहा था कि जल्द ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अमेरिकी इलाका घोषित किया जाएगा। इससे पहले 14 अगस्त को लॉन्ग आइलैंड में ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका जल्द ही होर्मुज को अपना क्षेत्र घोषित करेगा।

    ईरान ने ट्रंप के इस दावे को खारिज किया है। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी मोहसिन रेज़ाई ने अमेरिकी दावे पर तंज कसते हुए कहा था कि होर्मुज को दोबारा खोल पाने में अमेरिका की नाकामी और उस पर मालिकाना हक जताने के दावे के बीच की दूरी, वॉशिंगटन और होर्मुज के बीच की दूरी से भी ज्यादा है।

    ईरान पर नए प्रतिबंधों की तैयारी
    ट्रंप का ताजा बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका ईरान के खिलाफ नए आर्थिक प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रहा है। अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ईरान पर अब तक के सबसे कड़े प्रतिबंधों की घोषणा कर सकते हैं। उन्होंने चीन से भी तेहरान के तेल निर्यात को लेकर अमेरिका का सहयोग करने की अपील की है।

    चीन ईरानी तेल का बड़ा खरीदार है। ऐसे में नए अमेरिकी प्रतिबंधों का असर सिर्फ ईरान तक सीमित रहने के बजाय उसके प्रमुख व्यापारिक साझेदारों पर भी पड़ सकता है।

    ईरान ने अमेरिकी प्रतिबंधों को बताया गैरकानूनी
    ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने प्रस्तावित अमेरिकी प्रतिबंधों की आलोचना की है। उनका आरोप है कि अमेरिका अपनी सीमाओं से बाहर भी अपने अधिकार थोपने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि सेकेंडरी प्रतिबंधों का अंतरराष्ट्रीय कानून में कोई आधार नहीं है।

    मोहसिन रेज़ाई ने पड़ोसी देशों को भी अमेरिकी आर्थिक अभियान का समर्थन नहीं करने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि जो देश अमेरिका के आर्थिक युद्ध में शामिल होंगे, ईरान उन्हें दुश्मन मानेगा।

    ट्रंप-ईरान के बीच नहीं थमा तनाव
    ट्रंप लगातार दूसरे देशों से ईरान को आर्थिक मदद या व्यापारिक रास्ता उपलब्ध नहीं कराने की अपील कर रहे हैं। उनका जोर इस बात पर है कि तेहरान को अमेरिका के मुताबिक समझौते की शर्तें स्वीकार करनी चाहिए।

    वहीं, ईरान भी अपने रुख पर कायम है। हालांकि, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने टकराव खत्म करने के लिए कूटनीतिक समाधान की बात कही है। उनका कहना है कि ईरान अपनी ताकत और सम्मान बनाए रखते हुए संघर्ष को खत्म करने का रास्ता तलाशना चाहता है।

    होर्मुज को लेकर दोनों देशों के सख्त रुख के बीच अब तनाव और बढ़ने की आशंका है। खासकर नए अमेरिकी प्रतिबंधों और ईरानी तेल व्यापार पर दबाव बढ़ने से यह विवाद आर्थिक मोर्चे पर भी गंभीर रूप ले सकता है।

  • MP में आज 14 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, चंबल-जबलपुर और नर्मदापुरम संभाग में चेतावनी

    MP में आज 14 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, चंबल-जबलपुर और नर्मदापुरम संभाग में चेतावनी


    भोपाल। मध्य प्रदेश में बारिश का दौर अभी थमा नहीं है। पूर्वी हिस्से में लो प्रेशर एरिया और मानसून ट्रफ के एक्टिव होने से कई जिलों में तेज बारिश हो रही है। शनिवार को बालाघाट, छतरपुर, नरसिंहपुर, सतना, सीधी और पन्ना समेत कई जिलों में नदी-नाले उफान पर रहे। मौसम विभाग ने रविवार को 14 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। जबलपुर, चंबल और नर्मदापुरम संभाग में बारिश का असर ज्यादा रहने की संभावना है, जबकि भोपाल में हल्की बारिश हो सकती है।

    14 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

    मौसम केंद्र भोपाल के मुताबिक अगले 24 घंटे में श्योपुर, मुरैना, भिंड, शिवपुरी, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, डिंडौरी और सीधी में भारी बारिश होने की संभावना है।

    वहीं भोपाल, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, हरदा, ग्वालियर, गुना, दतिया, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, मंडला, रीवा, सतना, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

    सीधी में 104 करोड़ की सड़क का हिस्सा बहा

    लगातार बारिश के बीच सीधी में करीब छह महीने पहले बनी 104 करोड़ रुपए की सड़क का बड़ा हिस्सा तेज बहाव में बह गया। सड़क के क्षतिग्रस्त होने से आवागमन प्रभावित हुआ है।

    पन्ना में उफनती नदी में एक डंपर बह गया। धरमपुर थाना क्षेत्र में कालिंजर से अजयगढ़ जा रहा डंपर शहपुरा नदी के तेज बहाव की चपेट में आया। चालक सनी उर्फ रोहित सिंह ने किसी तरह तैरकर अपनी जान बचाई।

    सतना में बाइक समेत तीन लोग नाले में बहे

    सतना के नागौद क्षेत्र में ललचहा-इटमा नाले में शुक्रवार देर रात तेज बहाव के दौरान बाइक समेत तीन लोग बह गए। बालेंद्र सिंह और दीपू पांडेय तैरकर सुरक्षित बाहर निकल आए, जबकि तीसरा व्यक्ति पानी के तेज बहाव में बह गया। उसकी तलाश की जा रही है।

    छतरपुर में नदी पार कर स्कूल जाते हैं बच्चे

    छतरपुर के महाराजपुर क्षेत्र के हरपई पुरवा में कुम्हेड़ नदी का जलस्तर बढ़ने से करीब 250 से 300 लोगों की परेशानी बढ़ गई है। पुल नहीं होने के कारण ग्रामीणों का महाराजपुर से संपर्क प्रभावित हो जाता है। कई बार अभिभावकों को बच्चों को कंधे पर बैठाकर नदी पार करानी पड़ती है। बीमार, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाओं को भी इसी रास्ते से गुजरना पड़ता है।

    नर्मदा का जलस्तर बढ़ा, पुल डूबे

    नरसिंहपुर में लगातार बारिश और बरगी बांध के गेट खुले होने से नर्मदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बरमान के रेतघाट पर बना पुल पूरी तरह पानी में डूब गया है। वहीं नरसिंहपुर-जबलपुर को जोड़ने वाला झांसीघाट पुल भी जलमग्न होने की स्थिति में पहुंच गया है।

    26 अगस्त तक बारिश का दौर

    मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 21 और 22 अगस्त को पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश का सबसे ज्यादा असर रहा। अब 23 से 26 अगस्त तक भी प्रदेश में बारिश जारी रहने के आसार हैं। इस दौरान पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी तेज बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

    40 जिलों में सामान्य से कम बारिश

    प्रदेश के पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में अब तक 19% तक कम बारिश हुई है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, डिंडौरी, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी और टीकमगढ़ में सामान्य से 1% से 51% तक कम पानी गिरा है।

    पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, अलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 2% से 47% तक कम बारिश दर्ज हुई है।

    15 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश

    IMD के आंकड़ों के मुताबिक अनूपपुर, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, बड़वानी, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, गुना, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन और राजगढ़ में अब तक सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

  • DA Hike News: केंद्रीय कर्मचारियों के जुलाई डीए में 3 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की संभावना, रक्षाबंधन पर घोषणा पर नजर

    DA Hike News: केंद्रीय कर्मचारियों के जुलाई डीए में 3 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की संभावना, रक्षाबंधन पर घोषणा पर नजर

    नई दिल्ली । केंद्रीय कर्मचारियों को जुलाई 2026 से लागू होने वाले महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का इंतजार है। सरकार की ओर से अभी तक इस संबंध में आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन कर्मचारियों के बीच संभावित वृद्धि को लेकर चर्चा तेज है। मौजूदा संकेतों के आधार पर महंगाई भत्ते में 2 से 3 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है।

    केंद्र सरकार के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में सामान्य तौर पर साल में दो बार संशोधन किया जाता है। पहला संशोधन जनवरी से और दूसरा जुलाई से प्रभावी माना जाता है। जनवरी वाले संशोधन की घोषणा आमतौर पर वर्ष की शुरुआत के बाद होती है, जबकि जुलाई वाले संशोधन का फैसला बाद के महीनों में सामने आता है।

    इस बार कर्मचारियों की नजर रक्षाबंधन के अवसर पर भी बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार सितंबर की शुरुआत में महंगाई भत्ते की घोषणा करना चाहती है, तो अगस्त के अंत में इसकी जानकारी दी जा सकती है। हालांकि रक्षाबंधन के दिन ही घोषणा होने की बात अभी निश्चित नहीं है और इसे केवल संभावना के तौर पर देखा जा रहा है।

    महंगाई भत्ते में संशोधन का फैसला केंद्र सरकार की कैबिनेट मंजूरी के बाद होता है। इसके लिए महंगाई और उपभोक्ता कीमतों से जुड़े आंकड़ों को आधार बनाया जाता है। महंगाई भत्ते का उद्देश्य कर्मचारियों की आय पर बढ़ती महंगाई के प्रभाव को कुछ हद तक संतुलित करना है।

    मौजूदा व्यवस्था सातवें वेतन आयोग के तहत जारी है। आठवें वेतन आयोग के लागू होने तक केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन में महंगाई भत्ते से संबंधित संशोधन इसी व्यवस्था के अनुसार होते रहेंगे। इसलिए जुलाई 2026 के संशोधन को लेकर कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की नजर सरकार के अगले फैसले पर है।

    इस वर्ष पहले संशोधन में महंगाई भत्ते में 2 प्रतिशत की वृद्धि की गई थी। इसके बाद महंगाई भत्ता 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो गया था। अब जुलाई के लिए संभावित संशोधन में भी 2 प्रतिशत की वृद्धि की संभावना बताई जा रही है। कुछ आकलनों में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के रुझानों को देखते हुए 3 प्रतिशत वृद्धि की संभावना भी जताई गई है।

    यदि सरकार 3 प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी देती है, तो केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता मूल वेतन का 63 प्रतिशत हो जाएगा। वहीं 2 प्रतिशत की वृद्धि होने पर यह 62 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। हालांकि अंतिम प्रतिशत और लागू होने की तारीख का फैसला सरकार की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।

    कर्मचारी संगठनों की ओर से भी सरकार से महंगाई भत्ते की घोषणा जल्द करने की मांग की जा रही है। कर्मचारी प्रतिनिधियों का कहना है कि त्योहारों के मौसम में कर्मचारियों को समय पर वेतन और भत्तों से जुड़े निर्णय मिलने से उन्हें आर्थिक राहत मिल सकती है।

    रक्षाबंधन और ओणम जैसे त्योहारों को देखते हुए कुछ कर्मचारी संगठनों ने वेतन समय से पहले जारी करने की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि यदि सितंबर में महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की योजना है, तो अगस्त के अंत तक इसकी घोषणा की जा सकती है।

    फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों को सरकार की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है। संभावित 2 से 3 प्रतिशत वृद्धि की चर्चा के बीच सबसे महत्वपूर्ण बात यह होगी कि कैबिनेट कब निर्णय लेती है और संशोधन को किस तारीख से लागू किया जाता है। घोषणा होने के बाद कर्मचारियों को बढ़े हुए महंगाई भत्ते के साथ बकाया राशि के संबंध में भी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

  • चीनी के बढ़ते दामों ने बढ़ाई आम लोगों की चिंता, सोशल मीडिया पर महंगाई को लेकर वायरल हो रहे मजेदार मीम्स और जोक्स

    चीनी के बढ़ते दामों ने बढ़ाई आम लोगों की चिंता, सोशल मीडिया पर महंगाई को लेकर वायरल हो रहे मजेदार मीम्स और जोक्स

    नई दिल्ली । देश के कई हिस्सों में चीनी की कीमतों में हुई बढ़ोतरी अब केवल बाजार और घरेलू बजट तक सीमित नहीं रही है, बल्कि सोशल मीडिया पर भी इसका असर दिखाई दे रहा है। महंगी होती चीनी को लेकर लोग तरह-तरह के मजेदार मीम्स, वीडियो और जोक्स साझा कर रहे हैं। बढ़ती कीमतों के बीच इंटरनेट पर लोगों की प्रतिक्रियाएं तेजी से चर्चा में आ रही हैं।

    चीनी रोजमर्रा की जरूरत की प्रमुख खाद्य वस्तुओं में शामिल है। ऐसे में इसकी कीमत बढ़ने का सीधा असर परिवारों के मासिक खर्च पर पड़ता है। खासकर त्योहारों का मौसम नजदीक होने के कारण चीनी की मांग बढ़ने की संभावना रहती है। मिठाइयों और घरेलू पकवानों में इसका इस्तेमाल अधिक होने से आने वाले दिनों में इसकी खपत भी बढ़ सकती है।

    बाजार से सामने आ रही जानकारी के अनुसार, देश के कुछ हिस्सों में खुदरा बाजार में चीनी की कीमत करीब 65 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है। अलग-अलग राज्यों और बाजारों में कीमतों में अंतर देखने को मिल रहा है। इसी वजह से उपभोक्ताओं के बीच बढ़ते खर्च को लेकर चिंता बढ़ी है।

    मुंबई के बाजार में भी चीनी के भाव में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अगस्त के मध्य में एम30 ग्रेड चीनी की कीमत करीब 59 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई। रोजाना इस्तेमाल की वस्तु होने के कारण कीमत में मामूली बढ़ोतरी भी बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं के घरेलू बजट को प्रभावित कर सकती है।

    पंजाब में स्थिति और अधिक चर्चा में है। यहां चीनी का थोक भाव करीब 60 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंचने की जानकारी सामने आई है, जबकि खुदरा दुकानों पर इसकी कीमत लगभग 65 रुपये प्रति किलोग्राम तक बताई जा रही है। स्थानीय बाजार में कीमतों में लगातार बढ़ोतरी ने व्यापारियों और उपभोक्ताओं दोनों का ध्यान खींचा है।

    त्योहारों से पहले मांग बढ़ना चीनी की कीमतों में तेजी के पीछे बताए जा रहे प्रमुख कारणों में से एक है। इस अवधि में घरों के अलावा मिठाई और खाद्य कारोबार से जुड़े व्यवसायों में भी चीनी की मांग बढ़ती है। मांग और बाजार में उपलब्धता के बीच संतुलन बिगड़ने पर कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।

    बढ़ती कीमतों के बीच सरकार की ओर से भी बाजार में पर्याप्त चीनी उपलब्ध रखने और जमाखोरी पर नजर बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है। बाजार में आपूर्ति सामान्य बनाए रखना और अनावश्यक रूप से कीमत बढ़ने से रोकना इस समय महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    हालांकि, चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी का सबसे अलग असर सोशल मीडिया पर दिखाई दे रहा है। इंटरनेट यूजर्स महंगाई को लेकर अपनी प्रतिक्रिया सीधे शिकायत के बजाय हास्य और व्यंग्य के माध्यम से व्यक्त कर रहे हैं। कई मीम्स में चीनी की कीमतों की तुलना दूसरी महंगी वस्तुओं से की जा रही है, जबकि कुछ पोस्टों में त्योहारों के दौरान बढ़ने वाले घरेलू खर्च को मजाकिया अंदाज में दिखाया जा रहा है।

    सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे ये मीम्स इस बात का संकेत भी देते हैं कि रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों में बदलाव आम लोगों के बीच कितनी तेजी से चर्चा का विषय बन जाता है। हालांकि मीम्स और सोशल मीडिया पोस्ट मनोरंजन का माध्यम हैं, लेकिन इनके पीछे बढ़ती महंगाई और घरेलू खर्च को लेकर लोगों की वास्तविक चिंता भी दिखाई दे रही है।

    आने वाले त्योहारों को देखते हुए चीनी की कीमतों पर बाजार की नजर बनी रहेगी। यदि मांग बढ़ती है तो आपूर्ति और कीमतों का संतुलन महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल उपभोक्ताओं के लिए बढ़े हुए भाव राहत की खबर नहीं हैं, जबकि सोशल मीडिया ने इस आर्थिक परेशानी को हास्य और मीम्स के जरिए एक अलग चर्चा में बदल दिया है।

  • जबलपुर की महिला आरक्षक वर्षा पटेल ने माउंट एल्ब्रुस पर तिरंगा फहराकर मध्य प्रदेश पुलिस का गौरव बढ़ाया

    जबलपुर की महिला आरक्षक वर्षा पटेल ने माउंट एल्ब्रुस पर तिरंगा फहराकर मध्य प्रदेश पुलिस का गौरव बढ़ाया

    मध्य प्रदेश पुलिस में आरक्षक के पद पर कार्यरत वर्षा पटेल ने पर्वतारोहण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। जबलपुर की रहने वाली वर्षा ने 21 अगस्त 2026 को यूरोप की सर्वोच्च चोटी माउंट एल्ब्रुस के शिखर पर पहुंचकर भारत का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा और मध्य प्रदेश पुलिस का ध्वज फहराया। उनकी इस उपलब्धि से जबलपुर के साथ-साथ मध्य प्रदेश पुलिस का भी गौरव बढ़ा है।

    माउंट एल्ब्रुस अभियान की शुरुआत 11 अगस्त को हुई थी। अभियान के दौरान पर्वतारोहियों को मौसम की चुनौती का सामना करना पड़ा। तेज हवाओं, कड़ाके की ठंड और बदलती मौसम परिस्थितियों के कारण टीम को शिखर अभियान के लिए अनुकूल समय का इंतजार करना पड़ा। मौसम में सुधार आने के बाद अंतिम चढ़ाई शुरू की गई और वर्षा पटेल ने निर्धारित लक्ष्य हासिल करते हुए चोटी पर तिरंगा फहराया।

    वर्षा पटेल का पर्वतारोहण से जुड़ा सफर उनकी खेल पृष्ठभूमि से भी जुड़ा हुआ है। जबलपुर के गढ़ा क्षेत्र से संबंध रखने वाली वर्षा को बचपन से खेल और साहसिक गतिविधियों में रुचि रही है। वह राष्ट्रीय स्तर की बेसबॉल खिलाड़ी भी रह चुकी हैं। विभिन्न प्रतियोगिताओं में उनके नाम 10 से अधिक पदक हासिल करने की जानकारी सामने आई है।

    मध्य प्रदेश पुलिस में जिम्मेदारी निभाने के साथ वर्षा ने पर्वतारोहण के अपने जुनून को भी जारी रखा। पुलिस सेवा की नियमित जिम्मेदारियों के बीच कठिन पर्वतारोहण अभियानों की तैयारी करना उनके अनुशासन और निरंतर प्रयास को दर्शाता है। माउंट एल्ब्रुस की सफलता उनके इसी अभियान का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।

    इससे पहले वर्षा पटेल ने अगस्त 2024 में ऑस्ट्रेलिया की सर्वोच्च चोटी माउंट कोजियास्को पर भारत का तिरंगा फहराया था। उस समय भी उन्होंने पर्वतारोहण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की थी। माउंट कोजियास्को की ऊंचाई करीब 2,228 मीटर है और इसे ऑस्ट्रेलिया की सबसे ऊंची चोटी माना जाता है।

    माउंट एल्ब्रुस पर तिरंगा फहराने के बाद वर्षा पटेल का लक्ष्य अब और बड़े पर्वतारोहण अभियानों की ओर बढ़ना है। वह दुनिया के सात महाद्वीपों की सर्वोच्च चोटियों पर पहुंचकर भारत का राष्ट्रीय ध्वज फहराने वाले सात शिखर अभियान को पूरा करना चाहती हैं। माउंट एल्ब्रुस की सफलता के बाद उनकी नजर अफ्रीका की सर्वोच्च चोटी माउंट किलिमंजारो पर है।

    सात शिखर अभियान को दुनिया के प्रमुख पर्वतारोहण लक्ष्यों में गिना जाता है। इसके तहत सातों महाद्वीपों की सर्वोच्च चोटियों को फतह करने का प्रयास किया जाता है। वर्षा पटेल की मौजूदा उपलब्धि इस लंबे अभियान की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है।

    वर्षा की यात्रा यह भी दिखाती है कि पुलिस सेवा, खेल और साहसिक गतिविधियों को एक साथ आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रशिक्षण, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता जरूरी होती है। माउंट एल्ब्रुस की कठिन परिस्थितियों में हासिल की गई यह सफलता उनके पर्वतारोहण अभियान को नई दिशा देती है और आने वाले अभियानों के लिए उनके अनुभव को मजबूत करती है।

    मध्य प्रदेश के लिए भी यह उपलब्धि इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि राज्य पुलिस में कार्यरत एक महिला आरक्षक ने अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण अभियान में अपनी पहचान बनाई है। तिरंगे के साथ मध्य प्रदेश पुलिस का ध्वज फहराकर वर्षा ने अपनी सेवा और अपने राज्य दोनों का प्रतिनिधित्व किया। अब उनकी अगली चुनौती माउंट किलिमंजारो और सात शिखर अभियान के अन्य पर्वतों तक पहुंचने की होगी।

  • रील बनाने का जुनून या ट्रैफिक के लिए खतरा? इंदौर में गाड़ियों के सामने जेब्रा क्रॉसिंग पर लेटी इंफ्लुएंसर, पुलिस ने शुरू की जांच

    रील बनाने का जुनून या ट्रैफिक के लिए खतरा? इंदौर में गाड़ियों के सामने जेब्रा क्रॉसिंग पर लेटी इंफ्लुएंसर, पुलिस ने शुरू की जांच


    इंदौर। सोशल मीडिया पर वायरल होने की होड़ में बनाए जा रहे वीडियो अब कई बार लोगों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं। इंदौर में ऐसा ही एक मामला सामने आया है जहां एक महिला इंफ्लुएंसर का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में युवती ट्रैफिक सिग्नल के पास वाहनों के सामने जेब्रा क्रॉसिंग पर लेटकर वीडियो शूट कराती नजर आ रही है। वीडियो सामने आने के बाद इंदौर पुलिस की सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल ने मामले को संज्ञान में लिया है और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है।

    प्रारंभिक जांच में पुलिस को वायरल वीडियो इंदौर के लैंटर्न चौराहे का प्रतीत हो रहा है। वीडियो में सिग्नल पर वाहन रुके हुए दिखाई देते हैं और इसी दौरान युवती उनके आगे जेब्रा क्रॉसिंग पर लेटती नजर आती है। बताया जा रहा है कि युवती का नाम प्रकृति गौर है और वह सोशल मीडिया के लिए फोटो और वीडियो शूट करा रही थी। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने भी सड़क पर इस तरह शूटिंग करने को लेकर सवाल उठाए और यातायात नियमों के पालन की मांग की।

    मामले की जानकारी पुलिस तक पहुंचने के बाद सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल ने वायरल वीडियो को आइडेंटिफाई किया। एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया के मुताबिक शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर सामने आए इस वीडियो की पुलिस ने पहचान की है। शुरुआती जांच में वीडियो लैंटर्न चौराहे का होने की संभावना सामने आई है। हालांकि पुलिस अब वीडियो से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि कर रही है।

    पुलिस यह भी जांच कर रही है कि वीडियो शूट के दौरान वास्तव में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन हुआ था या नहीं। इसके साथ ही यह देखा जा रहा है कि युवती के सड़क पर लेटने से यातायात प्रभावित हुआ या वाहन चालकों और राहगीरों के लिए किसी तरह का खतरा पैदा हुआ। अगर जांच में नियमों का उल्लंघन या लोगों की सुरक्षा को खतरे में डालने की बात सामने आती है तो संबंधित युवती के खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है।

    एडिशनल डीसीपी ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर कंटेंट बनाने की स्वतंत्रता का मतलब यह नहीं है कि यातायात नियमों की अनदेखी की जाए। पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह की ओर से सोशल मीडिया कंटेंट को लेकर जारी प्रिवेंटिव ऑर्डर के तहत भी इस मामले की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि इंफ्लुएंसर कोई भी हो यदि उसके कंटेंट के कारण यातायात बाधित होता है या खुद अथवा किसी अन्य व्यक्ति की जान को खतरा पैदा होता है तो कार्रवाई की जा सकती है।

    वहीं मामला सामने आने और विवाद बढ़ने के बाद संबंधित इंफ्लुएंसर ने एक अन्य वीडियो जारी कर सफाई दी और खेद जताया। उनका कहना है कि वीडियो को कुछ लोगों ने गलत तरीके से पेश किया है। इंफ्लुएंसर ने दावा किया कि शूटिंग के दौरान जानबूझकर ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन नहीं किया गया था। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में सार्वजनिक स्थानों पर वीडियो शूट करते समय ज्यादा सावधानी बरती जाएगी।

    फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। वीडियो की वास्तविक लोकेशन शूटिंग के समय ट्रैफिक की स्थिति और नियमों के उल्लंघन से जुड़े तथ्यों की पुष्टि के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी। यह मामला एक बार फिर सोशल मीडिया कंटेंट बनाने के दौरान सार्वजनिक सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों का ध्यान रखने की जरूरत को सामने लाता है।

  • जेन-जी वोटर्स से सीधा जुड़ाव बढ़ाएगी भाजपा, नितिन नवीन की नई टीम में स्मृति ईरानी समेत कई प्रमुख नेता शामिल

    जेन-जी वोटर्स से सीधा जुड़ाव बढ़ाएगी भाजपा, नितिन नवीन की नई टीम में स्मृति ईरानी समेत कई प्रमुख नेता शामिल

    नई दिल्ली । भारतीय जनता पार्टी ने जेन-जी यानी युवा पीढ़ी के बीच अपनी पहुंच और संवाद को मजबूत करने के लिए विशेष रणनीति तैयार की है। शनिवार को भाजपा मुख्यालय में पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन की अध्यक्षता में 65 सदस्यीय नई राष्ट्रीय टीम की पहली बैठक हुई। बैठक में संगठन को मजबूत करने के साथ युवा मतदाताओं के बीच संपर्क बढ़ाने की दिशा में भी चर्चा हुई।

    पार्टी ने जेन-जी से सीधे जुड़ने के लिए अपनी नई राष्ट्रीय टीम के प्रमुख नेताओं को जिम्मेदारी देने का फैसला किया है। इस टीम में भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन के अलावा राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी और विनोद तावड़े, गुजरात के मंत्री हर्ष सांघवी तथा छत्तीसगढ़ के मंत्री ओपी चौधरी जैसे नेता शामिल हैं। इन नेताओं के माध्यम से युवाओं की सोच, उनकी प्राथमिकताओं और भविष्य से जुड़ी अपेक्षाओं को समझने पर जोर दिया जाएगा।

    भाजपा की योजना के तहत युवा संवाद अभियान चलाया जाएगा। इसके माध्यम से 14 से 25 वर्ष की आयु के युवाओं को विभिन्न कार्यक्रमों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। पार्टी का मानना है कि संवाद आधारित कार्यक्रमों के जरिए युवा वर्ग के साथ सीधा संपर्क स्थापित किया जा सकता है और उनके मुद्दों को बेहतर तरीके से समझा जा सकता है।

    प्रस्तावित कार्यक्रमों में युवाओं के साथ बातचीत, चर्चा और संवाद के अवसर तैयार किए जाएंगे। इनमें युवाओं को भाजपा नेताओं के साथ सीधे बातचीत करने तथा शिक्षा, रोजगार, तकनीक, सामाजिक विषयों और भविष्य से जुड़े सवाल रखने का अवसर मिलने की संभावना है। अभियान का विस्तृत कार्यक्रम, स्थान और प्रारूप आने वाले दिनों में सामने आने की उम्मीद है।

    शनिवार की बैठक में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। इसके साथ बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने और केंद्र तथा राज्य सरकारों की योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने की रणनीति पर विचार किया गया। पार्टी की कोशिश संगठनात्मक गतिविधियों को जमीनी स्तर पर और प्रभावी बनाने की है।

    बैठक में वंदे मातरम को लेकर भी प्रस्ताव पारित किया गया। भाजपा ने कांग्रेस के कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत के केवल दो पद गाए जाने के फैसले की आलोचना की और कहा कि वंदे मातरम की विरासत और सम्मान से राजनीतिक सुविधा के लिए समझौता नहीं किया जाना चाहिए। पार्टी ने इसके सम्मान और ऐतिहासिक विरासत को देशभर में पहुंचाने के लिए अभियान चलाने की बात कही।

    नितिन नवीन ने भाजपा अध्यक्ष बनने के 209 दिन बाद 17 अगस्त को 65 सदस्यीय नई राष्ट्रीय टीम की घोषणा की थी। इसमें 51 नए चेहरों को जगह दी गई है। टीम में 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और आठ राष्ट्रीय महासचिव शामिल हैं। स्मृति ईरानी और राम माधव की संगठन में वापसी हुई है, जबकि वसुंधरा राजे, बैजयंत पांडा और तीरथ सिंह रावत जैसे अनुभवी नेताओं को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं।

    नई टीम में पीयूष गोयल को राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष और बीएल संतोष को संगठन महामंत्री की जिम्मेदारी पर बरकरार रखा गया है। वहीं, भाजपा के आईटी सेल की जिम्मेदारी में भी बदलाव किया गया है। अमित मालवीय की जगह छत्तीसगढ़ के दीपक म्हास्के को यह जिम्मेदारी दी गई है। महासमुंद की लोकसभा सांसद रूपकुमारी चौधरी को भाजपा महिला मोर्चा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है।

    नई राष्ट्रीय टीम की पहली बैठक के बाद पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन और टीम के सदस्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने वाले हैं। भाजपा के लिए जेन-जी अभियान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पार्टी युवा वर्ग के साथ लगातार प्रत्यक्ष संवाद बढ़ाने और उनकी बदलती प्राथमिकताओं को संगठनात्मक रणनीति में शामिल करने पर जोर दे रही है।

  • यशवर्धन आहूजा का बॉलीवुड डेब्यू जनवरी 2027 में, साजिद खान की हॉरर कॉमेडी में नितांशी गोयल भी आएंगी नजर..

    यशवर्धन आहूजा का बॉलीवुड डेब्यू जनवरी 2027 में, साजिद खान की हॉरर कॉमेडी में नितांशी गोयल भी आएंगी नजर..

    नई दिल्ली । अभिनेता गोविंदा के बेटे यशवर्धन आहूजा के बॉलीवुड डेब्यू को लेकर लंबे समय से चर्चा चल रही थी। अब उनकी पहली फिल्म से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। यशवर्धन फिल्म हीरो की हॉररोइन में मुख्य भूमिका निभाते नजर आएंगे। यह फिल्म हॉरर कॉमेडी शैली की बताई जा रही है और इसके जरिए वह हिंदी सिनेमा में अपने अभिनय करियर की शुरुआत करेंगे।

    यशवर्धन की पहली फिल्म पहले सितंबर 2026 में रिलीज होने की चर्चा में थी, लेकिन अब इसकी रिलीज तारीख बदल गई है। सामने आई जानकारी के मुताबिक फिल्म को 7 जनवरी 2027 को सिनेमाघरों में रिलीज किया जा सकता है। रिलीज तारीख की जानकारी सामने आने के बाद यशवर्धन के डेब्यू को लेकर दर्शकों की दिलचस्पी बढ़ गई है।

    फिल्म का निर्देशन साजिद खान कर रहे हैं। साजिद खान लंबे समय बाद निर्देशन के क्षेत्र में वापसी कर रहे हैं। फिल्म को हॉरर और कॉमेडी के मेल के रूप में तैयार किया गया है, इसलिए इसमें डर और मनोरंजन दोनों का मिश्रण देखने को मिल सकता है। हालांकि फिल्म की कहानी और यशवर्धन के किरदार से जुड़ी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

    यशवर्धन आहूजा फिल्मी परिवार से आते हैं। उनके पिता गोविंदा हिंदी सिनेमा के चर्चित अभिनेताओं में शामिल रहे हैं और कई दशकों तक उन्होंने दर्शकों का मनोरंजन किया है। ऐसे में यशवर्धन के लिए फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखना उनके परिवार की विरासत को आगे बढ़ाने के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि उनका असली परीक्षण उनके अभिनय और दर्शकों के बीच उनकी स्वीकार्यता से होगा।

    फिल्म की स्टारकास्ट में यशवर्धन के साथ नितांशी गोयल का नाम भी सामने आया है। नितांशी गोयल को फिल्म लापता लेडीज के बाद व्यापक पहचान मिली थी। इसके अलावा सिमरत कौर रंधावा, ब्रजेश काला, जेमी लीवर और चंकी पांडे जैसे कलाकार भी फिल्म का हिस्सा बताए जा रहे हैं। अलग-अलग अनुभव और पृष्ठभूमि वाले कलाकारों की मौजूदगी फिल्म की कास्ट को खास बनाती है।

    यशवर्धन की मां सुनीता आहूजा भी इस प्रोजेक्ट से जुड़ी होने की जानकारी पहले सामने आई थी। इससे यह फिल्म परिवार के लिए और भी खास बन जाती है। यशवर्धन के डेब्यू को लेकर सुनीता की ओर से भी पहले पुष्टि की जा चुकी है। हालांकि फिल्म में उनकी भूमिका और स्क्रीन पर उनकी मौजूदगी को लेकर विस्तृत जानकारी का इंतजार है।

    यशवर्धन ने फिल्मी दुनिया में प्रवेश से पहले अपने अभिनय करियर की तैयारी पर ध्यान दिया है। स्टार किड होने के कारण उनके डेब्यू पर दर्शकों और फिल्म उद्योग की नजर बनी हुई है। उनके सामने एक ओर पिता गोविंदा की लोकप्रियता की विरासत है, वहीं दूसरी ओर नई पीढ़ी के दर्शकों के बीच अपनी अलग पहचान बनाने की चुनौती भी होगी।

    फिल्म के निर्माता पक्ष से जुड़े विवरणों के अनुसार इसे एकता कपूर के प्रोडक्शन से जोड़ा गया है। फिल्म की रिलीज जनवरी 2027 में होने से नए साल की शुरुआत में दर्शकों को एक नई हिंदी हॉरर कॉमेडी देखने को मिलेगी। अब फिल्म का ट्रेलर, यशवर्धन का पहला लुक और कहानी से जुड़ी अन्य जानकारियां सामने आने का इंतजार है।

    यशवर्धन के लिए यह फिल्म केवल डेब्यू नहीं बल्कि बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाने का पहला बड़ा अवसर होगी। फिल्म की रिलीज के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि दर्शक उन्हें किस तरह स्वीकार करते हैं और उनकी पहली स्क्रीन प्रस्तुति गोविंदा की विरासत से अलग अपनी पहचान बनाने में कितनी सफल रहती है।

  • Gold Price: सोना 8,257 रुपए महंगा होकर 1.60 लाख के पार, चांदी भी 2.46 लाख रुपए के स्तर पर पहुंची

    Gold Price: सोना 8,257 रुपए महंगा होकर 1.60 लाख के पार, चांदी भी 2.46 लाख रुपए के स्तर पर पहुंची

    नई दिल्ली ।देश के सर्राफा बाजार में इस सप्ताह सोने और चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय तेजी दर्ज की गई। दोनों कीमती धातुओं के भाव में लगातार मजबूती देखने को मिली, जिसके चलते 24 कैरेट सोने की कीमत 1.60 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर को पार कर गई। वहीं, चांदी का भाव भी 2.46 लाख रुपए प्रति किलोग्राम से ऊपर पहुंच गया।

    इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन के आंकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट सोने का भाव इस सप्ताह 8,257 रुपए बढ़कर 1,60,620 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया। इससे पहले इसका भाव 1,52,363 रुपए प्रति 10 ग्राम था। इस तरह सप्ताह के दौरान सोने में मजबूत बढ़त दर्ज की गई और निवेशकों का ध्यान एक बार फिर कीमती धातुओं की ओर बढ़ा।

    22 कैरेट सोने की कीमत भी सप्ताह के दौरान तेजी के साथ बढ़ी। इसका भाव 1,39,565 रुपए प्रति 10 ग्राम से बढ़कर 1,47,128 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया। इसी तरह 18 कैरेट सोने की कीमत 1,14,272 रुपए से बढ़कर 1,20,465 रुपए प्रति 10 ग्राम पहुंच गई। इससे अलग-अलग शुद्धता वाले सोने के भाव में व्यापक तेजी का संकेत मिलता है।

    सप्ताह के दौरान सोने की कीमत में उतार-चढ़ाव भी देखने को मिला। 19 अगस्त की सुबह के सत्र में 24 कैरेट सोने का न्यूनतम भाव 1,52,884 रुपए प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। इसके बाद कीमत में लगातार मजबूती आई और 21 अगस्त की शाम के सत्र में यह बढ़कर 1,60,620 रुपए प्रति 10 ग्राम के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।

    सोने की तेजी के साथ चांदी ने भी मजबूत प्रदर्शन किया। चांदी का भाव इस सप्ताह 12,788 रुपए बढ़कर 2,46,630 रुपए प्रति किलो हो गया। इससे पहले इसकी कीमत 2,33,842 रुपए प्रति किलो थी। सप्ताह के दौरान चांदी का न्यूनतम भाव 19 अगस्त की सुबह 2,27,392 रुपए प्रति किलो दर्ज किया गया था।

    इसके बाद चांदी की कीमत में तेजी तेज हुई और 21 अगस्त की शाम को यह 2,46,630 रुपए प्रति किलो के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। इस तरह सप्ताह के दौरान चांदी की कीमत में भी बड़ा उछाल देखने को मिला।

    बुलियन बाजार में सोने और चांदी के भाव दिन में दो बार जारी किए जाते हैं। सुबह और शाम के सत्र में कीमतों में होने वाले बदलाव से बाजार की दिशा और मांग की स्थिति का पता चलता है। घरेलू कीमतों पर अंतरराष्ट्रीय बाजार की चाल का भी महत्वपूर्ण प्रभाव रहता है।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतें मजबूत बनी हुई हैं। सोने का भाव करीब 4,600 डॉलर प्रति औंस और चांदी का भाव लगभग 69 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया है। वैश्विक बाजार में मजबूती का असर घरेलू कीमतों पर भी दिखाई दे रहा है।

    बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, सोने और चांदी में तेजी के पीछे बॉन्ड यील्ड में गिरावट और सुरक्षित निवेश की मांग में बढ़ोतरी प्रमुख कारण हैं। वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों को लेकर अनिश्चितता के बीच निवेशक सुरक्षित परिसंपत्तियों की ओर रुख कर रहे हैं। इससे कीमती धातुओं में खरीदारी को समर्थन मिल रहा है और दोनों धातुओं की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं।

  • देश में 1,800 किलोमीटर नए एलपीजी पाइपलाइन नेटवर्क को मंजूरी, 7,000 करोड़ रुपये के निवेश से मजबूत होगी गैस आपूर्ति

    देश में 1,800 किलोमीटर नए एलपीजी पाइपलाइन नेटवर्क को मंजूरी, 7,000 करोड़ रुपये के निवेश से मजबूत होगी गैस आपूर्ति

    नई दिल्ली । देश में रसोई गैस की आपूर्ति व्यवस्था को अधिक मजबूत, सुरक्षित और प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड ने लगभग 1,800 किलोमीटर लंबे नए एलपीजी पाइपलाइन नेटवर्क के विकास को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं पर करीब 7,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। नई पाइपलाइनों के जरिए एलपीजी की लंबी दूरी तक आपूर्ति को सड़क परिवहन की तुलना में अधिक व्यवस्थित बनाने का प्रयास किया जाएगा।

    स्वीकृत परियोजनाएं तेलंगाना, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, कर्नाटक और गोवा में विकसित की जाएंगी। इनका उद्देश्य देश के एलपीजी परिवहन ढांचे का विस्तार करना और विभिन्न क्षेत्रों में रसोई गैस की आपूर्ति को अधिक भरोसेमंद बनाना है। भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है, जिसके बाद इसे देश के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचाया जाता है।

    नई पाइपलाइन परियोजनाओं के पूरा होने से आयातित एलपीजी को संबंधित क्षेत्रों तक पहुंचाने की प्रक्रिया को अधिक कुशल बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। पाइपलाइन के जरिए परिवहन से सड़क मार्ग पर निर्भरता कम होगी और एलपीजी की आवाजाही के लिए इस्तेमाल होने वाले टैंकरों की संख्या में भी कमी आ सकती है।

    स्वीकृत प्रमुख परियोजनाओं में तेलंगाना के चेरलापल्ली से महाराष्ट्र के नागपुर तक 556 किलोमीटर लंबी एलपीजी पाइपलाइन शामिल है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के झांसी से उत्तराखंड के सितारगंज तक 611 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन विकसित की जाएगी। महाराष्ट्र के शिकरापुर से गोवा और कर्नाटक के हुबली तक 633 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन परियोजना को भी मंजूरी दी गई है।

    इन सभी परियोजनाओं के निर्माण और संचालन की जिम्मेदारी गेल इंडिया लिमिटेड संभालेगी। परियोजनाओं के पूरा होने के बाद पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड द्वारा अधिकृत सामान्य वाहक एलपीजी पाइपलाइन नेटवर्क की कुल लंबाई करीब 7,700 किलोमीटर से बढ़कर लगभग 9,500 किलोमीटर हो जाएगी। इस तरह देश के अधिकृत एलपीजी पाइपलाइन नेटवर्क में लगभग 23.5 प्रतिशत की वृद्धि होगी।

    यह मंजूरी ऐसे समय में मिली है जब देश में एलपीजी के सुरक्षित और कम लागत वाले परिवहन के लिए पाइपलाइन नेटवर्क के विस्तार पर जोर दिया जा रहा है। इससे पहले कांडला-गोरखपुर एलपीजी पाइपलाइन परियोजना को मंजूरी मिल चुकी है। लगभग 2,757 किलोमीटर लंबी यह परियोजना देश की सबसे लंबी एलपीजी पाइपलाइन परियोजना मानी जाती है।

    नियामक के अनुसार, एलपीजी को पाइपलाइन के माध्यम से परिवहन करना सुरक्षित, किफायती और पर्यावरण की दृष्टि से बेहतर विकल्प है। सड़क परिवहन में बड़ी संख्या में टैंकरों की आवाजाही होती है, जबकि पाइपलाइन नेटवर्क के विस्तार से इस निर्भरता को कम किया जा सकता है।

    टैंकरों की आवाजाही घटने से सड़क सुरक्षा में सुधार और परिवहन व्यवस्था पर दबाव कम होने की उम्मीद है। इसके साथ ही लॉजिस्टिक्स लागत और ईंधन खपत में कमी आ सकती है। पाइपलाइन आधारित परिवहन से कार्बन उत्सर्जन कम करने में भी मदद मिलने की संभावना है।

    नियामक बोर्ड का दीर्घकालिक लक्ष्य एलपीजी को बॉटलिंग संयंत्रों तक पहुंचाने में सड़क परिवहन पर निर्भरता को न्यूनतम करना है। छह राज्यों में प्रस्तावित नई परियोजनाओं को इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। इनके पूरा होने से देश के एलपीजी परिवहन ढांचे का विस्तार होने के साथ ऊर्जा आपूर्ति व्यवस्था को अधिक टिकाऊ और कुशल बनाने में मदद मिल सकती है।