Author: bharati

  • शेयर मार्केट में इन 5 शेयरों ने मचाई धूम दिलाया तगड़ा मुनाफा

    शेयर मार्केट में इन 5 शेयरों ने मचाई धूम दिलाया तगड़ा मुनाफा


    नई दिल्‍ली ।
    पिछले हफ्ते भारतीय शेयर बाजार ने नई ऊंचाइयां छुईं जहां BSE सेंसेक्स और Nifty 50 दोनों ने नए ऑल-टाइम हाई बनाए। सेंसेक्स 85,712.37 अंक पर बंद हुआ हालांकि सप्ताह के दौरान 86,159.02 तक पहुंचा। इसी तरह निफ्टी ने 26,325.80 का रिकॉर्ड तोड़ा और 26186.45 पर क्लोजिंग दी। इस उछाल के बीच कुछ किफायती शेयरों ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया जो 5 दिनों में 57% तक का मुनाफा दे गए।

    परमेश्वर मेटल

    परमेश्वर मेटल के शेयर में पिछले हफ्ते जबरदस्त तेजी आई। इसका शेयर 81.18 रुपये से बढ़कर 127.79 रुपये तक पहुंच गया जिससे निवेशकों को 57.42% का रिटर्न मिला। हालांकि शुक्रवार को इसमें 5% की गिरावट आई और यह 127.79 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी की मार्केट वैल्यू 195.60 करोड़ रुपये है। यह प्रदर्शन दर्शाता है कि इस शेयर में बड़े उतार-चढ़ाव हो रहे हैं जिससे निवेशकों को अच्छी कमाई का मौका मिला।

    ओरटिन ग्लोबल

    ओरटिन ग्लोबल के शेयर में पिछले हफ्ते 33.39% का उछाल देखने को मिला। इसका शेयर 11.53 रुपये से बढ़कर 15.38 रुपये तक पहुंचा। शुक्रवार को इसमें 10% की वृद्धि हुई और यह 15.38 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी का मार्केट कैप 12.95 करोड़ रुपये है। इस शेयर की तेजी के पीछे इसके कारोबार और संभावित वृद्धि को लेकर निवेशकों का सकारात्मक दृष्टिकोण हो सकता है।

    मोहित इंडस्ट्रीज

    मोहित इंडस्ट्रीज के शेयर ने भी शानदार प्रदर्शन किया। इसका शेयर 2.79 रुपये से बढ़कर 3.73 रुपये तक पहुंचा और 5 दिनों में 32.26% का रिटर्न दिया। शुक्रवार को इसमें 9.82% की बढ़त दर्ज हुई और यह 3.69 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी की मार्केट कैप 71.15 करोड़ रुपये है और यह शेयर निवेशकों के बीच आकर्षण का केंद्र बन गया है।

    आदि इंडस्ट्रीज

    आदि इंडस्ट्रीज के शेयर ने भी 31.75% का रिटर्न दिया। इसका शेयर 5.04 रुपये से बढ़कर 6.64 रुपये तक पहुंच गया। शुक्रवार को इसमें 9.93% की वृद्धि देखी गई और यह 6.64 रुपये पर बंद हुआ। इस शेयर की वृद्धि कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति और कारोबार के विस्तार के संकेत देती है।

    फार्मासिया

    फार्मासिया के शेयर में भी शानदार तेजी आई। इसका शेयर 79.90 रुपये पर 4.99% की वृद्धि के साथ बंद हुआ और पिछले हफ्ते में 31.75% का रिटर्न दिया। कंपनी की मार्केट कैप 54.55 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। फार्मासिया के शेयरों में निवेशकों को पिछले सप्ताह अच्छे मुनाफे का मौका मिला।

    इन शेयरों की बढ़ती कीमतें और निवेशकों को मिलने वाला अच्छा रिटर्न दर्शाते हैं कि सही समय पर निवेश करने से अच्छी कमाई की जा सकती है। हालांकि इस तरह की तेजी बाजार के उतार-चढ़ाव के कारण अस्थिर हो सकती है इसलिए निवेशकों को सतर्क रहते हुए अपने निवेश निर्णय लेने चाहिए। वर्तमान में बाजार के आंकड़े और कंपनियों के प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए यह समय उन निवेशकों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है जो जोखिम लेने के लिए तैयार हैं।

  • सर्दियों में फटे होंठ? अपनाएं ये घरेलू और आयुर्वेदिक तरीके, होंठ रहेंगे मुलायम और स्वस्थ

    सर्दियों में फटे होंठ? अपनाएं ये घरेलू और आयुर्वेदिक तरीके, होंठ रहेंगे मुलायम और स्वस्थ


    नई दिल्ली। सर्दियों का मौसम आते ही कई लोग होंठ फटने, सूखने और दरारों जैसी समस्याओं से परेशान हो जाते हैं। खासकर महिलाओं के लिए यह समस्या और अधिक परेशान करने वाली होती है, क्योंकि इससे होंठों का रंग और खूबसूरती प्रभावित होती है। ज्यादातर लोग इस समस्या का समाधान ढूंढने के लिए घरेलू और प्राकृतिक उपायों की ओर रुख करते हैं। आइए जानते हैं कुछ आसान, प्रभावी और आयुर्वेदिक तरीके, जिनसे आप सर्दियों में होंठों को मुलायम और स्वस्थ रख सकते हैं।

    घरेलू उपाय

    1. घी और मक्खन
    घी और मक्खन प्राकृतिक मॉइस्चराइजर की तरह काम करते हैं। सर्दियों में सोने से पहले थोड़ी मात्रा में घी या मक्खन अपने होंठों पर लगाएं। यह होंठों को नमी प्रदान करता है और फटने से बचाता है।

    2. शहद
    शहद न केवल होंठों को हाइड्रेट करता है, बल्कि इसमें एंटीबैक्टीरियल गुण भी मौजूद हैं। इसे सीधे होंठों पर लगाएं और कुछ देर बाद हल्के गुनगुने पानी से धो लें। शहद नियमित रूप से लगाने से होंठ मुलायम और स्वस्थ बने रहते हैं।

    3. नारियल तेल
    नारियल तेल में एंटीऑक्सीडेंट और एंटीइंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। यह सूखे और फटे होंठों को जल्दी ठीक करता है। दिन में कई बार नारियल तेल लगाने से होंठ नरम और हाइड्रेटेड रहते हैं।

    4. एलोवेरा जेल
    एलोवेरा जेल होंठों की जलन और सूजन को कम करता है। इसमें ठंडक देने वाले गुण मौजूद हैं, जो फटे होंठों को राहत देते हैं। इसे दिन में या रात में सोने से पहले इस्तेमाल किया जा सकता है।

    5. पानी
    पर्याप्त मात्रा में पानी पीना पूरे शरीर की नमी बनाए रखता है और होंठों के फटने की समस्या को काफी हद तक कम करता है।

    आयुर्वेदिक उपाय

    1. तिल का तेल
    आयुर्वेद में तिल का तेल होंठों के लिए बेहद उपयोगी माना गया है। यह गहरी नमी प्रदान करता है और फटी त्वचा को ठीक करता है। सर्दियों में नियमित रूप से तिल का तेल लगाने से होंठ सुखी और फटने से बचते हैं।

    2. बादाम तेल
    बादाम तेल में विटामिन E और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं। यह होंठों को मुलायम बनाता है और ठंड से बचाता है। रात को सोने से पहले इसे होंठों पर लगाना सबसे अच्छा तरीका है।

    3. गुलाब जल
    गुलाब जल में त्वचा को ठंडक और नमी देने वाले गुण हैं। इसे रुई की मदद से होंठों पर लगाएं। यह होंठों को हाइड्रेटेड रखेगा और सूजन को भी कम करेगा।

    4. नीम का तेल
    नीम का तेल एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुणों से भरपूर होता है। यह फटे होंठों में संक्रमण के जोखिम को कम करता है और उन्हें स्वस्थ बनाने में मदद करता है।

    5. कपूर और सरसों का तेल
    कपूर और सरसों के तेल का मिश्रण होंठों को नमी और आराम देता है। कपूर की ठंडक जलन को कम करती है, जबकि सरसों का तेल होंठों को मुलायम बनाता है। यह एक प्रभावी आयुर्वेदिक उपचार माना जाता है।

    निष्कर्ष

    सर्दियों में होंठों का फटना सामान्य है, लेकिन घरेलू और आयुर्वेदिक उपाय अपनाकर इसे आसानी से रोका जा सकता है। घी, मक्खन, शहद, नारियल तेल, एलोवेरा जेल, तिल और बादाम तेल जैसे उपाय होंठों को नमी, पोषण और सुरक्षा प्रदान करते हैं। गुलाब जल, नीम का तेल और कपूर-सरसों का मिश्रण होंठों को ठंड और संक्रमण से बचाता है। साथ ही पर्याप्त पानी पीना भी बेहद जरूरी है। इन सरल उपायों को अपनाकर आप सर्दियों में भी अपने होंठों को मुलायम, चमकदार और स्वस्थ रख सकते हैं।

  • रिलायंस पावर पर ED का शिकंजा! कस्टम सिस्टम में बड़े बदलाव की तैयारी ,चांदी-सोना हुआ महंगा

    रिलायंस पावर पर ED का शिकंजा! कस्टम सिस्टम में बड़े बदलाव की तैयारी ,चांदी-सोना हुआ महंगा


    नई दिल्ली ।शनिवार का दिन देश की अर्थव्यवस्था, कॉर्पोरेट सेक्टर और कीमती धातुओं के बाजार के लिहाज से बेहद अहम रहा। जहां एक ओर प्रवर्तन निदेशालय ने अनिल अंबानी की रिलायंस पावर के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की, वहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कस्टम सिस्टम में बड़े बदलावों का संकेत देते हुए व्यापार जगत में हलचल पैदा कर दी। इसके अलावा सोना–चांदी की रिकॉर्ड तेजी और टॉप कंपनियों के मार्केट कैप में उतार–चढ़ाव भी सुर्खियों में रहे।

    आज की प्रमुख सुर्खियों में यह शामिल है कि रविवार होने के चलते शेयर बाजार बंद रहेगा और पेट्रोल–डीजल के दाम भी स्थिर बने हुए हैं। अब नज़र डालते हैं कल की 5 सबसे बड़ी खबरों पर-
    1. रिलायंस पावर के खिलाफ ED ने दाखिल की चार्जशीट -₹68 करोड़ की फर्जी बैंक गारंटी का मामला  अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस पावर लिमिटेड और 10 अन्य लोगों के खिलाफ ED ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में चार्जशीट दाखिल की है। यह मामला 68.2 करोड़ रुपए की फर्जी बैंक गारंटी का है, जिसे सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया SECI के एक टेंडर को हासिल करने के लिए जमा किया गया था। जांच एजेंसी के अनुसार, रिलायंस ग्रुप के अधिकारी इस फर्जी गारंटी से पूरी तरह वाकिफ थे। इससे 24 घंटे पहले ही ED ने मामले से जुड़ी ₹1120 करोड़ की संपत्तियां भी जब्त की थीं। यह पूरा मामला 2024 में दर्ज किए गए कथित फंड हेरफेर से संबंधित है।

    2. वित्त मंत्री का बड़ा बयान -कस्टम सिस्टम में जल्द बदलाव, नियम होंगे सरल
    आगामी बजट से पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संकेत दिया है कि सरकार कस्टम सिस्टम में व्यापक सुधारों की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि- प्रक्रिया को सरल किया जाएगा ट्रांसपेरेंसी बढ़ाई जाएगी व्यापारियों और उद्योगों के लिए कंप्लायंस आसान होगा वित्त मंत्री के अनुसार, बीते दो वर्षों में कस्टम ड्यूटी को कई चरणों में कम किया गया है। अब सरकार उन वस्तुओं पर ध्यान केंद्रित करेगी, जिन पर अभी भी उच्च दरें लागू हैं। इस कदम से निर्यात को बढ़ावा मिलने और समग्र इकोनॉमी को गति मिलने की उम्मीद है।

    3. सोना–चांदी ने तोड़ा रिकॉर्ड -एक हफ्ते में चांदी ₹13,851 और सोना ₹2,001 महंगा
    कीमती धातुओं में पिछले दो सप्ताह से लगातार तेजी देखी जा रही है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के अनुसार: 28 नवंबर: सोना 1,26,591 रुपये प्रति 10 ग्राम, 5 दिसंबर: 2,001 रुपये बढ़कर 1,28,592 रुपये,17 अक्टूबर को सोना अब तक के सर्वाधिक 1,30,874 रुपये/10 ग्राम तक पहुंच चुका है। चांदी के दामों में इस सप्ताह सबसे ज्यादा उछाल आया।28 नवंबर: 1,64,359 रुपये/किलो  5 दिसंबर: 13,851 रुपये बढ़कर 1,78,210 रुपये/किलो यह इसकी अब तक की उच्चतम कीमत है। पूरे साल में सोने ने 69% और चांदी ने 107% रिटर्न दिया जो निवेशकों के लिए रिकॉर्ड लाभ है।

    4. भारतीय दिग्गज कंपनियों का मार्केट कैप -5 कंपनियों की वैल्यू ₹72,286 करोड़ बढ़ी
    देश की टॉप–10 कंपनियों में से पाँच ने इस सप्ताह अपनी वैल्यू में बड़ा इजाफा दर्ज किया।
    सबसे बड़ी बढ़त TCS को मिली जिसका मार्केट कैप ₹35,910 करोड़ बढ़कर ₹11.72 लाख करोड़ हो गया। इसके अलावा- इंफोसिस: +₹23,405 करोड़ अब ₹6.71 लाख करोड़ बजाज फाइनेंस: ₹6,720 करोड़ एयरटेल: +₹3,792 करोड़ वहीं रिलायंस इंडस्ट्रीज को बड़ी गिरावट झेलनी पड़ी और उसकी वैल्यू ₹35,117 करोड़ कम हो गई।

    5. नया फोन खरीद रहे हैं? इन 9 फीचर्स पर दें ध्यान
    आज स्मार्टफोन खरीदने के लिए बाजार में अनगिनत विकल्प मौजूद हैं। केवल ब्रांड देखकर फोन खरीद लेना अक्सर गलत साबित होता है। विशेषज्ञों के अनुसार, नया फोन खरीदने से पहले इन 9 फीचर्स को जरूर देखें- प्रोसेसर – फोन की स्पीड और परफॉर्मेंस यहीं से तय होती है।रैम – मल्टीटास्किंग के लिए कम से कम 6GB बेहतर।स्टोरेज -128GB बेस स्टोरेज आज की जरूरत है।

    डिस्प्ले क्वालिटी -AMOLED या OLED बेहतर अनुभव देते हैं।

    कैमरा सेंसर – सिर्फ मेगापिक्सल नहीं, सेंसर और ऑप्टिक्स महत्वपूर्ण। बैटरी लाइफ – 5000mAh आज का मानक है। चार्जिंग स्पीड – फास्ट चार्जिंग सपोर्ट अनिवार्य। 5G सपोर्ट – भविष्य के लिए आवश्यक। ब्रांड आफ्टर–सेल्स सर्विस -लंबे समय के उपयोग में सबसे महत्वपूर्ण।

  • Saphala Ekadashi 2025: जानें सफला एकादशी के व्रत का महत्व, तारीख और जरूरी नियम

    Saphala Ekadashi 2025: जानें सफला एकादशी के व्रत का महत्व, तारीख और जरूरी नियम


    नई दिल्ली। हिंदू धर्म में एकादशी तिथि को विशेष और पवित्र माना गया है। भगवान विष्णु को समर्पित यह दिन भक्तों के लिए कल्याणकारी माना गया है। साल में कुल 24 एकादशी आती हैं और हर एकादशी आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ मानी जाती है। इन्हीं में से एक है-सफला एकादशी, जिसे पौष मास के कृष्ण पक्ष में रखा जाता है। माना जाता है कि इस दिन व्रत व पूजा करने से व्यक्ति के जीवन में सफलता, सुख और समृद्धि आती है। 2025 में सफला एकादशी का व्रत शुभ योग में पड़ रहा है, इसलिए इसका महत्व और बढ़ जाता है।

    सफला एकादशी 2025 की तिथि और समय

    हिंदू पंचांग के अनुसार पौष मास की कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि

    14 दिसंबर 2025 को रात 08:46 बजे शुरू होगी,

    और 15 दिसंबर 2025 को रात 10:09 बजे समाप्त होगी।

    पंचांग गणना के अनुसार सफला एकादशी व्रत 15 दिसंबर 2025 (सोमवार) को रखा जाएगा। द्वादशी तिथि में उपवास का पारण किया जाएगा।

    सफला एकादशी का महत्व

    सफला एकादशी का अर्थ है-“सफलता देने वाली एकादशी।” मान्यता है कि इस दिन किया गया व्रत और पूजा जीवन में रुके हुए कार्यों को गति देता है और हर प्रकार के अशुभ प्रभाव दूर होते हैं। कहा जाता है कि जो व्यक्ति नियमित रूप से एकादशी का व्रत रखता है, उसे भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
    इस दिन भगवान विष्णु के पूजन का फल अनेक यज्ञों के समान बताया गया है। साथ ही यह व्रत साधक को मानसिक शांति, आर्थिक समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति प्रदान करता है।

    क्या करें सफला एकादशी के दिन?

    सफला एकादशी के दिन कुछ खास नियमों का पालन करना अत्यंत आवश्यक माना गया है। इनका पालन करने से व्रत का पूरा फल मिलता है-

    1. स्नान और संकल्प

    सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद भगवान विष्णु के समक्ष व्रत का संकल्प लें।

    2. भगवान विष्णु की पूजा

    विष्णु भगवान की प्रतिमा या चित्र के सामने घी का दीपक जलाएं।

    पीले फूल, फल, चंदन और तुलसी अर्पित करें।

    घर के पूजा स्थल में शांति और पवित्रता बनाए रखें।

    3. तुलसी पूजा

    तुलसी माता को भगवान विष्णु के पूजन का अनिवार्य अंग माना गया है।

    तुलसी चालीसा का पाठ करें।

    भगवान के भोग में तुलसी दल अवश्य शामिल करें।

    4. मंत्र जाप

    सफला एकादशी के दिन निम्न मंत्रों का जाप अत्यंत शुभ माना गया है-

    “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय”

    या फिर

    “हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे…”

    5. ब्रह्मचर्य और संयम

    इस दिन ब्रह्मचर्य का पालन करें और मन, वाणी तथा व्यवहार से शुद्ध बने रहें।

    6. द्वादशी पर पारण

    व्रत का पारण द्वादशी तिथि में शुभ मुहूर्त पर ही किया जाना चाहिए।
    पारण से पहले –

    ब्राह्मणों, जरूरतमंदों या गरीबों को भोजन कराएं।

    अनाज, फल, तिल, वस्त्र आदि का दान करना अत्यंत शुभ माना गया है।

    क्या न करें सफला एकादशी को?

    व्रत का पूरा फल पाने के लिए इस दिन कुछ बातों का खास ध्यान रखना जरूरी है-

    1. चावल का सेवन न करें

    एकादशी पर चावल खाना धार्मिक रूप से वर्जित है।

    2. तामसिक भोजन से दूर रहें

    लहसुन, प्याज, मांसाहार, शराब आदि का सेवन वर्जित है।

    3. तुलसी पत्ती न तोड़ें

    एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते तोड़ना दोषकारी माना जाता है।

    4. साफ-सफाई से संबंधित कार्य न करें

    बाल, नाखून या दाढ़ी न कटवाएं।

    5. झूठ, निंदा और कलह से बचें

    किसी की बुराई न करें, झूठ न बोलें और विवाद से दूर रहें।

    निष्कर्ष

    सफला एकादशी आध्यात्मिक और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत फलदायी दिन है। इस दिन भगवान विष्णु की आराधना, व्रत और दान करने से जीवन में सफलता, शांति और समृद्धि का मार्ग खुलता है। सही नियमों का पालन करने से यह व्रत मनोवांछित फल प्रदान करता है।

  • भारत ने जीती सीरीज! तीसरा वनडे: साउथ अफ्रीका को 9 विकेट से हराया!

    भारत ने जीती सीरीज! तीसरा वनडे: साउथ अफ्रीका को 9 विकेट से हराया!


    नई दिल्ली /विशाखापट्टनम में खेले गए तीसरे वनडे में टीम इंडिया ने दक्षिण अफ्रीका को 9 विकेट से मात देकर तीन मैचों की श्रृंखला 2-1 से अपने नाम कर ली। डॉ. वाईएस राजशेखर रेड्डी स्टेडियम में टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी करने का फैसला भारतीय कप्तान केएल राहुल के लिए फायदेमंद साबित हुआ। दक्षिण अफ्रीका की टीम 270 रन पर सिमट गई जिसके बाद भारत ने लक्ष्य को 40वें ओवर में ही हासिल कर लिया। अंत में विराट कोहली ने लुंगी एनगिडी की लगातार दो गेंदों पर चौके लगाकर भारत को शानदार जीत दिलाई।

    दक्षिण अफ्रीका 270 पर ढेर – कुलदीप और कृष्णा का कहर

    मेहमान टीम की ओर से सबसे बड़ा योगदान क्विंटन डी कॉक का रहा, जिन्होंने शानदार शतक लगाया। अन्य बल्लेबाजों में- टेम्बा बावुमा – 48, डेवाल्ड ब्रेविस – 29, मैथ्यू ब्रीट्ज़की -24

    भारत की ओर से गेंदबाज़ी में

    कुलदीप यादव और प्रसिद्ध कृष्णा ने 4-4 विकेट लेकर प्रोटियाज़ खेमे की कमर तोड़ दी। जायसवाल का पहला वनडे शतक, रोहित–जायसवाल की 155 रन की साझेदारी 271 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया को रोहित शर्मा और यशस्वी जायसवाल ने तेज़ शुरुआत दिलाई। दोनों ने पहले ओवर में ही 8 रन जोड़ दिए और फिर 155 रन की विशाल साझेदारी कर दी। रोहित शर्मा -75 रन सीरीज की दूसरी फिफ्टी यशस्वी जायसवाल -नाबाद शतक, करियर का पहला ODI सेंचुरी रोहित के आउट होने के बाद विराट कोहली क्रीज पर आए और उन्होंने खेल का रुख और तेज़ कर दिया। कोहली की आग: 40 गेंदों में फिफ्टी, करियर की 76वीं अर्धशतक 39वें ओवर में ओटनील बार्टमैन की गेंद पर लगातार बाउंड्री लगाते हुए विराट कोहली ने केवल 40 गेंदों में अपनी 76वीं वनडे फिफ्टी पूरी की। उसी ओवर में जायसवाल–कोहली की साझेदारी ने 100 रन का आंकड़ा भी पार कर लिया। 40वें ओवर में दोनों ने लक्ष्य हासिल कर भारत को शानदार जीत दिलाई।

    रोहित शर्मा के 20 हजार अंतरराष्ट्रीय रन पूरे
    इस मैच में रोहित शर्मा ने एक और बड़ा मुकाम हासिल किया। उनके अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 20,000 रन पूरे हो गए, और वे ऐसा करने वाले भारत के चौथे बल्लेबाज बन गए। उनसे पहले यह उपलब्धि सचिन तेंदुलकर विराट कोहली और राहुल द्रविड़ हासिल कर चुके हैं।

    सीरीज का हाल:

    भारत ने वनडे जीता, साउथ अफ्रीका ने टेस्ट वनडे सीरीज: भारत 2-1 टेस्ट सीरीज: साउथ अफ्रीका 2-0 T20 सीरीज 5 मैच: 9 दिसंबर से शुरू दक्षिण अफ्रीका ने दूसरा वनडे 359 रन का लक्ष्य चेज कर जीता था, लेकिन निर्णायक मुकाबले में भारतीय टीम ने एकतरफा प्रदर्शन करके सीरीज अपने नाम कर ली।
  • पाम ऑयल की खाद्य तेल सुरक्षा में अहम भूमिका: गलतफहमियों को वैज्ञानिक तथ्यों से चुनौती देने की जरूरत

    पाम ऑयल की खाद्य तेल सुरक्षा में अहम भूमिका: गलतफहमियों को वैज्ञानिक तथ्यों से चुनौती देने की जरूरत


    नई दिल्‍ली । पाम ऑयल की महत्वता को लेकर भारत में जो गलतफहमियां फैली हुई हैं उन्हें वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर चुनौती देने की आवश्यकता है क्योंकि खाद्य तेल सुरक्षा में पाम ऑयल का योगदान बेहद अहम है। यह बयान एशियन पाम ऑयल अलायंस के सेक्रेटरी जनरल डॉ. सुरेश मोटवानी ने पाम ऑयल कॉन्क्लेव 2025 के दौरान दिया। उनका कहना था कि पाम ऑयल को लेकर भारत में जो नकारात्मक धारणाएं बनाई गई हैं वे निराधार हैं और इसे सस्ती होने की वजह से कम गुणवत्ता वाला समझा जाता है जो पूरी तरह गलत है।

    डॉ. मोटवानी ने पाम ऑयल की खेती को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह दुनिया भर में छोटे किसानों के लिए एक लाभकारी फसल है। विशेष रूप से पाम ऑयल की प्रति एकड़ पैदावार अन्य तेल फसलों की तुलना में 5 से 10 गुना अधिक होती है जिससे यह खेती करने वाले किसानों के लिए आर्थिक रूप से अधिक लाभकारी साबित होती है। इसके अलावा पाम ऑयल का पर्यावरणीय प्रभाव भी न्यूनतम होता है बशर्ते इसे जिम्मेदारी से उगाया जाए।

    भारत की खाद्य तेल सुरक्षा में पाम ऑयल की भूमिका को लेकर डॉ. मोटवानी ने बताया कि भारत अपनी खाद्य तेल की जरूरतों का 60% आयात करता है, और इसमें पाम ऑयल की हिस्सेदारी 80% तक है। ऐसे में उपभोक्ताओं के बीच पाम ऑयल के प्रति नकारात्मक सोच खाद्य तेल बाजार को गहरे स्तर पर प्रभावित कर सकती है। इस स्थिति को सुधारने के लिए पाम ऑयल के फायदे और वास्तविकता को सही ढंग से पेश किया जाना जरूरी है।

    उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए 11,000 करोड़ रुपये के ‘ऑयल पाम मिशन’ का जिक्र करते हुए कहा कि यह मिशन भारत में पाम ऑयल उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया गया है। यदि इस मिशन का फायदा देश की जनता तक नहीं पहुंचा तो यह मिशन असफल हो सकता है। इसके लिए उपभोक्ताओं के बीच भ्रांतियों को दूर करना बेहद आवश्यक है।

    डॉ. मोटवानी ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी प्रकार के खाद्य तेल अच्छे होते हैं, लेकिन यह महत्वपूर्ण है कि किसी भी तेल का उपयोग किस मात्रा में और किस प्रकार से किया जा रहा है। उदाहरण के लिए डीप फ्राइंग में पाम ऑयल अधिक स्थिर और सुरक्षित माना जाता है। वहीं किसी भी तेल को बार-बार गरम करना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।

    उपभोक्ताओं की शंकाओं को लेकर उन्होंने कहा कि हम किसी भी तथ्य को छिपाने का प्रयास नहीं कर रहे हैं। कॉन्क्लेव में प्रदर्शनी के दौरान 30 से अधिक ब्रांड्स ने गर्व से यह बताया कि वे पाम ऑयल का उपयोग कर रहे हैं। उनका उद्देश्य यही है कि उपभोक्ताओं में पाम ऑयल को लेकर किसी भी प्रकार की दुविधा या भ्रम न हो और वे इसके सही उपयोग को समझ सकें।

    इस प्रकार पाम ऑयल को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करने और इसके फायदे को सही तरीके से प्रस्तुत करने के लिए समग्र दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत है। साथ ही यह भी आवश्यक है कि सरकार और उद्योग एकजुट होकर पाम ऑयल के वास्तविक लाभों को उजागर करें ताकि यह भारतीय खाद्य तेल उद्योग की एक अहम और स्थिर कड़ी बन सके।

  • Bangladesh: पूर्व PM खालिदा जिया की हालत बेहद नाजुक… लंदन ले जाने की योजना भी टली

    Bangladesh: पूर्व PM खालिदा जिया की हालत बेहद नाजुक… लंदन ले जाने की योजना भी टली


    ढाका।
    बांग्लादेश (Bangladesh) की पूर्व प्रधानमंत्री (Former Prime Minister) और तीन बार देश का नेतृत्व कर चुकीं खालिदा जिया (Khaleda Zia) की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। लंदन ले जाने की तैयारी कई दिनों से चल रही थी, लेकिन डॉक्टरों ने एक बार फिर उनकी यात्रा टाल दी है। शनिवार को मेडिकल बोर्ड ने साफ कहा कि इस समय खालिदा जिया का विदेश जाना सुरक्षित नहीं है। इसी वजह से लंदन रवाना करने की योजना अनिश्चित काल के लिए टाल दी गई।

    डॉक्टरों के मुताबिक, खालिदा जिया को फिलहाल ढाका के एवरकेयर अस्पताल के CCU में रखा गया है। 80 साल की जिया को पिछले महीने सीने में गंभीर संक्रमण होने के बाद भर्ती कराया गया था। उनकी हालत लगातार उठ-बैठ रही है, इसलिए मेडिकल बोर्ड ने यात्रा को ‘जोखिम भरा’ बताया। डॉक्टरों का कहना है कि एयर एम्बुलेंस तैयार है, लेकिन मरीज की स्थिति यात्रा योग्य होने पर ही उड़ान होगी।


    एयर एम्बुलेंस दो बार टली

    पहले तय था कि जिया शुक्रवार को लंदन रवाना होंगी, लेकिन कतर की ओर से भेजी जा रही एयर एम्बुलेंस तकनीकी खराबी के कारण ढाका नहीं पहुंच सकी। बाद में मीडिया रिपोर्ट में दावा हुआ कि कतर ने जर्मनी से दूसरा विमान मंगवाया, लेकिन डॉक्टरों ने कहा कि मरीज की हालत अब यात्रा की अनुमति नहीं देती। BNP नेता डॉक्टर जाहिद हुसैन ने बताया कि जिया की विदेश यात्रा उनकी सेहत सुधरते ही कराई जाएगी।

    बेटे तारीक की पत्नी ढाका पहुंचीं
    खालिदा जिया के बेटे और BNP के कार्यवाहक प्रमुख तारीक रहमान लंदन में रहते हैं और कई कानूनी कारणों से बांग्लादेश नहीं लौट पा रहे। हालांकि उनकी पत्नी जुबैदा रहमान शुक्रवार को ढाका पहुंच गईं ताकि जिया को लंदन ले जाने की प्रक्रिया में सहयोग कर सकें। तारीक रहमान ने सोशल मीडिया पर लिखा कि वे मां के पास आना चाहते हैं, लेकिन यह निर्णय सिर्फ उनके हाथों में नहीं है।

    हेलीकॉप्टर लैंडिंग की भी तैयारी
    जिया की हालत बिगड़ने के बाद सेना और वायुसेना ने एवरकेयर अस्पताल की छत पर हेलीकॉप्टर लैंडिंग ट्रायल भी किया था। योजना यह थी कि जरूरत पड़ने पर सीधे अस्पताल से उन्हें एयरपोर्ट ले जाया जाएगा। इससे साफ होता है कि सरकार और चिकित्सा बोर्ड पूरी प्रक्रिया को बेहद गंभीरता से संभाल रहे हैं। BNP नेता देशभर में मस्जिदों और मंदिरों में जिया के स्वास्थ्य लाभ के लिए दुआ और प्रार्थना कर रहे हैं। बांग्लादेश की बदलती राजनीतिक स्थिति के बीच BNP पहले ही मुख्य राजनीतिक शक्ति के रूप में उभर चुकी है। अब खालिदा जिया की खराब सेहत ने पार्टी के भविष्य को और संवेदनशील बना दिया है।

  • फर्जी बैंक गारंटी से टेंडर मामले में ED की बड़ी कार्रवाई… रिलायंस पावर के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

    फर्जी बैंक गारंटी से टेंडर मामले में ED की बड़ी कार्रवाई… रिलायंस पावर के खिलाफ चार्जशीट दाखिल


    नई दिल्ली।
    एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (Enforcement Directorate- ED) ने शनिवार को रिलायंस पावर लिमिटेड (Reliance Power Limited) और 10 अन्य के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग (Money laundering.) के एक मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी है. यह मामला 68 करोड़ रुपए से ज्यादा की फर्जी बैंक गारंटी के जरिए एक बड़ा सरकारी टेंडर हासिल करने से जुड़ा हुआ है. यह चार्जशीट दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत दाखिल की गई है.

    इस चार्जशीट में रिलायंस पावर के पूर्व CFO अशोक कुमार पाल, रिलायंस NU BESS लिमिटेड, रोजा पावर सप्लाई कंपनी लिमिटेड, रिलायंस ग्रुप के एग्जीक्यूटिव पुनीत नरेंद्र गर्ग और ट्रेड फाइनेंसिंग कंसल्टेंट अमर नाथ दत्ता का नाम शामिल किया गया है. इसके अलावा बायोथेन केमिकल्स प्राइवेट लिमिटेड, रविंदर पाल सिंह चड्ढा और मनोज भैयासाहेब पोंगडे को भी आरोपी बनाया गया है.

    ED इससे पहले इस केस में अपनी पहली चार्जशीट दाखिल कर चुकी है, जिसमें ओडिशा की शेल कंपनी बिस्वाल ट्रेडलिंक प्राइवेट लिमिटेड और उसके MD पाठा सारथी बिस्वाल का नाम था. जांच एजेंसी का दावा है कि यह पूरा नेटवर्क कमीशन के बदले फर्जी बैंक गारंटी जारी करने में शामिल था. यह मामला 68.2 करोड़ रुपए की बैंक गारंटी से जुड़ा है, जो रिलायंस पावर की लिस्टेड कंपनी रिलायंस NU BESS लिमिटेड की तरफ से सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड से टेंडर हासिल करने के लिए जमा की गई थी. ED का दावा है कि रिलायंस ग्रुप के अधिकारियों को पता था कि बैंक गारंटी फर्जी थी।

    जांच एजेंसी के अनुसार, SBI की एक नकली ईमेल ID के जरिए SECI को जाली एंडोर्समेंट भेजे गए. जब SECI को धोखाधड़ी का शक हुआ, तो एक दिन के भीतर IDBI बैंक से असली बैंक गारंटी जुटाने की कोशिश की गई, लेकिन तय समयसीमा के बाद जमा होने के कारण SECI ने इसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया. ED का आरोप है कि जब रिलायंस NU BESS लिमिटेड L-2 बिडर के तौर पर सामने आई और टेंडर हाथ से फिसलता दिखा, तो कोलकाता में SBI ब्रांच से एक और नकली विदेशी बैंक गारंटी का एंडोर्समेंट कराने की कोशिश की गई. इसके लिए एक बैंक के नाम पर फर्जी गारंटी तैयार की गई.

    जांच में यह भी सामने आया कि इस फर्जी गारंटी को असली दिखाने के लिए sbi.co.in से मिलता-जुलता एक नकली डोमेन s-bi.co.in इस्तेमाल किया गया. इसी डोमेन से SBI के नाम पर फर्जी ईमेल और एंडोर्समेंट लेटर भेजे गए. ED ने यह भी आरोप लगाया है कि फर्जी बैंक गारंटी के इंतजाम के लिए जरूरी फंडिंग जुटाने को रिलायंस की दूसरी सब्सिडियरी रोजा पावर सप्लाई कंपनी लिमिटेड से बिस्वाल ट्रेडलिंक को फर्जी ट्रांसपोर्टेशन सर्विस के नाम पर 6.33 करोड़ रुपए भेजे गए. इस मामले में ED ने अब तक करीब 1000 करोड़ रुपए की संपत्ति अटैच की है. जांच में 5.15 करोड़ रुपए की ठगी सामने आई है।

    इस केस में बिस्वाल के साथ-साथ रिलायंस पावर के पूर्व CFO अशोक कुमार पाल और अमर नाथ दत्ता को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है. वे फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं. रिलायंस पावर ने स्टॉक मार्केट को दिए अपने बयान में कहा है कि कंपनी, उसकी सब्सिडियरी और कर्मचारी पूरी तरह से निर्दोष हैं. वे थर्ड पार्टी द्वारा किए गए फ्रॉड, जालसाजी और साजिश के शिकार हैं. कंपनी का कहना है कि ED का यह केस उसी FIR पर आधारित है, जो खुद कंपनी ने दर्ज कराई थी. जांच एजेंसी के आरोपों की अभी तक न्यायिक पुष्टि नहीं हुई है. यह मनी लॉन्ड्रिंग केस दिल्ली पुलिस की नवंबर 2024 में दर्ज FIR से निकला है।

  • यूरोप के इस देश में पति किराए पर ले रही महिलाएं….यहां पुरुषों की भारी कमी

    यूरोप के इस देश में पति किराए पर ले रही महिलाएं….यहां पुरुषों की भारी कमी


    रीगा।
    यूरोपीय देश लातविया (European country Latvia) इस समय एक गंभीर लैंगिक समस्या (Serious Gender Problem) का सामना कर रहा है। हालात यह हो गए हैं कि यहां पर महिलाओं (Women) के बीच में घंटों के हिसाब से पति किराए पर लेने की सेवा में तेजी आई है। इन अस्थायी पतियों की सहायता से यह महिलाएं घर के छोटे-मोटे काम जैसे मरम्मत या घरेलू जिम्मेदारियों को पूरा करती है। इसके अलावा वह अकेलेपन की जिंदगी में बात करने के लिए भी प्रभावी होते हैं।

    न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक लातवियाई समाज की यह हालत गंभीर लैंगिक असंतुलन की वजह से हुई है। इस देश में पुरुषों की संख्या महिलाओं की तुलना में 15.5 फीसदी तक कम है। यह अनुपात यूरोपीय संघ के लैंगिक अनुपात से तीन गुना कम है। वर्ल्ड एटलस की रिपोर्ट के मुताबिक लातविया में पुरुषों की औसत उम्र भी महिलाओं से कम है। यहां पर 65 वर्ष से ज्यादा उम्र के लोगों में महिलाओं की संख्या पुरुषों की तुलना में दो गुनी है।

    रिपोर्ट में कहा गया कि देश में पुरुषों की कमी स्पष्ट रूप रे रोजमर्रा की जिंदगी में भी नजर आ जाती है। फेस्टिवल ऑर्गनाइज करवाने का काम करने वाली दानिया नाम की एक महिला ने बताया कि उसके सभी सहकर्मी महिलाएं ही हैं। ऐसा नहीं है कि उन्होंने भर्ती करने के लिए पुरुषों को नहीं तलाशा… उन्होंने ऐसा किया था, लेकिन ऐसा संभव नहीं हो पाया। दानिया की दोस्त जेन ने बताया कि देश में पुरुषों की संख्या का कम होना स्वाभाविक रूप से नजर आ जाता है। हालात यह है कि कई लातवियाई महिलाएं विकल्प कम होने की वजह से शादी के लिए विदेश जाने को मजबूर हैं।

    देश में पुरुषों की कमी की वजह से कई ऐसी महिलाएं हैं, जो बिना साथी के ही रह रही हैं। ऐसे में इस देश में हैंडिमेन किराए पर मिलने की सेवाओं का प्रचलन भी तेजी के साथ बढ़ रहा है। यह प्लेटफार्म ऐसे पुरुषों को उपलब्ध कराते हैं,जो प्लंबिंग, बढ़ईगिरी, मरम्मत जैसे कामों को बढ़िया तरीके से करते हैं। इसके अलावा बेहतर बातें भी करते हैं। एक और कंपनी है, जो घंटे भर के लिए पति किराए पर देने का काम करती है। इसमें फोन के माध्यम से या ऑनलाइन बुक करने पर एक आदमी तुरंत घर पहुंचकर घरेलू कामों में मदद करता है।


    क्या है पुरुषों की कमी का कारण

    विशेषज्ञों के मुताबिक लातविया में लैंगिक समस्या का मुख्य कारण पुरुषों की कम जीवन प्रत्याशा दर है। इसके पीछे धुम्रपान की उच्च दर और जीवनशैली से जुड़ी समस्याएं प्रमुख हैं।

  • शनि देव की पनौती: छोटी और बड़ी पनौती, क्या है वरदान या अभिशाप

    शनि देव की पनौती: छोटी और बड़ी पनौती, क्या है वरदान या अभिशाप


    नई दिल्‍ली । पनौती शब्द को अक्सर बुरी किस्मत अशुभता और नकरात्मकता से जोड़ा जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि शनि देव की पनौती का संबंध ज्योतिषशास्त्र में किससे है और यह वास्तव में वरदान है या अभिशाप ज्योतिष के अनुसार शनि देव की पनौती मुख्य रूप से साढ़ेसाती और ढैय्या से जुड़ी होती है जिन्हें बड़ी पनौती और छोटी पनौती कहा जाता है।

    शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या

    ज्योतिष में शनि देव की पनौती को दो प्रमुख हिस्सों में बांटा गया है बड़ी पनौती साढ़ेसाती और छोटी पनौती ढैय्या । शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव व्यक्ति की राशि पर लगभग 7.5 वर्षों तक रहता है, जबकि ढैय्या का प्रभाव ढाई वर्षों तक होता है। इन दोनों के समय में व्यक्ति को कई तरह की मुश्किलों और चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। आमतौर पर इन्हें बुरा समय माना जाता है लेकिन इसका एक गहरा उद्देश्य भी होता है।

    बड़ी पनौती साढ़ेसाती

    शनि की साढ़ेसाती एक गंभीर और लंबा चलने वाला समय होता है, जब शनि अपनी राशि से सातवें आठवें और नवें घर में भ्रमण करता है। इस दौरान व्यक्ति को कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है जैसे आर्थिक संकट रिश्तों में समस्याएं, करियर में बाधाएं या शारीरिक और मानसिक तनाव। हालांकि यह समय चुनौतीपूर्ण होता है लेकिन शनि का यह समय व्यक्ति को संयम अनुशासन और धैर्य सिखाने का भी कार्य करता है। इस अवधि में व्यक्ति को अपने कर्मों का फल मिलता है और उसे अपने जीवन के उद्देश्य को समझने का अवसर मिलता है।

    छोटी पनौती ढैय्या

    शनि की ढैय्या एक छोटा लेकिन असरदार समय होता है। यह शनि के पहले या दूसरे घर में भ्रमण करते हुए उत्पन्न होता है और यह लगभग ढाई वर्षों तक रहता है। इस दौरान व्यक्ति को कम गंभीर लेकिन फिर भी परेशानियां उत्पन्न हो सकती हैं। हालांकि ढैय्या की अवधि में उतनी कठिनाई नहीं होती जितनी साढ़ेसाती में होती है लेकिन यह भी व्यक्ति के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ढैय्या का उद्देश्य भी जीवन में संतुलन और आत्म-निर्भरता की दिशा में काम करना होता है।

    वरदान या अभिशाप

    ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास के अनुसार शनि की पनौती को अभिशाप कहना पूरी तरह से गलत होगा। हालांकि यह समय कठिन होता है परंतु इसका उद्देश्य व्यक्ति को मजबूत संयमित और समझदार बनाना होता है। शनि की पनौती की अवधि में अगर व्यक्ति अपने कार्यों पर ध्यान देता है सही रास्ते पर चलता है और ईमानदारी से काम करता है तो यह उसे जीवन में बेहतर दिशा और सफलता दिला सकती है।

    शनि की पनौती जीवन के कई पहलुओं को मजबूत करने में मदद करती है। यह व्यक्ति को उन कमजोरियों को पहचानने और सुधारने का मौका देती है, जिनसे वह खुद भी अनजान हो सकता है। इसलिए शनि की पनौती को अभिशाप नहीं बल्कि एक कठिन लेकिन आवश्यक अनुभव माना जा सकता है, जो व्यक्ति के आत्म विकास में सहायक होता है।

    भद्राकाल और शुभ कार्यों में अड़चन

    ज्योतिष के अनुसार शनि की बहन भद्रा को भी पनौती माना जाता है। भद्रा का समय शुभ कार्यों में रुकावट डालता है यही कारण है कि हिंदू धर्म में भद्राकाल के दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता। इसी तरह शनि का प्रभाव भी कुछ हद तक जीवन के महत्वपूर्ण कार्यों को टालने और व्यक्ति को आत्म-निरीक्षण की ओर प्रेरित करता है।

    शनि की पनौती चाहे वह छोटी हो या बड़ी किसी व्यक्ति के जीवन में एक अवश्यम्भावी चुनौती के रूप में आती है जो उसे अपने कर्मों और जीवन की दिशा पर विचार करने का अवसर देती है। शनि का यह समय वरदान हो सकता है अगर व्यक्ति इसे सही तरीके से समझे और आत्म निर्भरता संयम और अनुशासन को अपनाए। अत: शनि की पनौती को अभिशाप नहीं बल्कि जीवन के विकास का एक महत्वपूर्ण भाग माना जाना चाहिए।