Author: bharati

  • अपनी विशिष्ट संवाद शैली और आंखों के खौफ से दर्शकों को डराने वाले महान कलाकार..

    अपनी विशिष्ट संवाद शैली और आंखों के खौफ से दर्शकों को डराने वाले महान कलाकार..


    नई दिल्ली/मुंबई। भारतीय सिनेमा के इतिहास में खलनायकों के किरदारों ने हमेशा से कहानी को एक नई ऊंचाई दी है लेकिन नब्बे के दशक में एक ऐसा चेहरा उभरा जिसने बिना चीखे और बिना चिल्लाए केवल अपनी आंखों की गहराई से दर्शकों के दिल में दहशत पैदा कर दी। हम बात कर रहे हैं दिग्गज अभिनेता रामी रेड्डी की जिन्होंने अपनी विशिष्ट संवाद शैली और प्रभावशाली व्यक्तित्व के दम पर खलनायकी की एक नई परिभाषा लिखी थी। करीब ढाई सौ फिल्मों में अपनी अदाकारी का लोहा मनवाने वाले इस कलाकार का स्क्रीन प्रेजेंस इतना जबरदस्त था कि उनके पर्दे पर आते ही नायक और दर्शक दोनों के पसीने छूट जाते थे। रामी रेड्डी ने यह साबित किया कि खौफ पैदा करने के लिए डरावने मेकअप की नहीं बल्कि सधी हुई नजरों और ठंडे लहजे की जरूरत होती है।

    बहुत कम लोग इस तथ्य से परिचित हैं कि फिल्मी चकाचौंध में आने से पहले रामी रेड्डी पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय थे। आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में जन्मे रेड्डी ने हैदराबाद के विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की और एक दैनिक समाचार पत्र में अपनी सेवाएं दीं। हालांकि उनके भीतर के कलाकार ने उन्हें अंततः अभिनय की ओर खींच लिया। क्षेत्रीय सिनेमा से शुरू हुआ उनका सफर हिंदी सिनेमा तक पहुंचा जहां कर्नल शिकारा और स्पॉट नाना जैसे किरदारों ने उन्हें रातों रात घर-घर में मशहूर कर दिया। उनके संवाद बोलने का सपाट अंदाज और दक्षिण भारतीय पुट वाली आवाज दर्शकों के जेहन में आज भी ताजा है।

    सफलता के शिखर पर पहुंचने के बाद इस महान कलाकार का जीवन संघर्षों के एक कठिन दौर में प्रवेश कर गया। साल दो हजार दस के आसपास उनकी सेहत में भारी गिरावट दर्ज की गई और गंभीर बीमारी की पुष्टि हुई। इस शारीरिक समस्या ने उनके स्वास्थ्य पर इतना बुरा प्रभाव डाला कि पर्दे पर बेहद मजबूत दिखने वाला यह कलाकार शारीरिक रूप से बहुत कमजोर हो गया। अपने अंतिम दिनों में उनकी स्थिति इतनी बदल गई थी कि उन्हें पहचानना तक मुश्किल था लेकिन उनकी इच्छाशक्ति अंत तक बनी रही।

    बीमारी से लंबी और साहसी लड़ाई लड़ने के बाद चौदह अप्रैल दो हजार ग्यारह को महज बावन वर्ष की आयु में इस महान अभिनेता ने हैदराबाद में अंतिम सांस ली। उनका असमय जाना फिल्म जगत के लिए एक ऐसी अपूरणीय क्षति थी जिसकी भरपाई आज भी नहीं हो सकी है। रामी रेड्डी अपने पीछे एक समृद्ध फिल्मी विरासत छोड़ गए हैं जो आने वाली पीढ़ी के कलाकारों के लिए एक प्रेरणा की तरह है। आज भले ही वह हमारे बीच मौजूद नहीं हैं लेकिन उनकी फिल्मों के दृश्य और उनकी वह डरावनी खामोशी सिनेमा प्रेमियों के दिलों में हमेशा जीवित रहेगी।

  • सागर में बीएमसी पर गंभीर सवाल गर्भवती की मौत के बाद परिजनों का विरोध

    सागर में बीएमसी पर गंभीर सवाल गर्भवती की मौत के बाद परिजनों का विरोध


    सागर । सागर शहर में स्थित बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में एक गर्भवती महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मृतका की पहचान तीस वर्षीय संध्या अहिरवार के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार संध्या को सत्रह तारीख को डिलीवरी के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिवार का आरोप है कि भर्ती के बाद समय पर इलाज नहीं मिला और गंभीर लापरवाही की गई।

    परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि अस्पताल में तैनात नर्सिंग स्टाफ ने इलाज के बदले पचास हजार रुपये की मांग की थी। उनका कहना है कि पैसे न देने की वजह से ऑपरेशन में देरी की गई और मरीज की हालत लगातार बिगड़ती चली गई। परिजनों का दावा है कि अगर समय पर ऑपरेशन किया जाता तो महिला की जान बचाई जा सकती थी।

    सोमवार सुबह करीब पांच बजे संध्या की तबीयत अचानक अत्यंत गंभीर हो गई। इसके बाद अस्पताल के डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद अस्पताल परिसर में माहौल तनावपूर्ण हो गया और परिजनों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दोषियों पर तुरंत कार्रवाई की मांग की।

    घटना के बाद परिजनों का आक्रोश बढ़ता गया और उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। उनका कहना है कि यह केवल लापरवाही का मामला नहीं है बल्कि गंभीर भ्रष्टाचार और अमानवीय व्यवहार का भी संकेत देता है। परिजनों ने आरोप लगाया कि गरीब मरीजों के साथ इलाज के नाम पर पैसों की मांग करना आम बात हो गई है और इस पर रोक लगनी चाहिए।

    अस्पताल परिसर में हुए हंगामे के बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर प्रयास किए गए लेकिन अब तक बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। इससे लोगों में और अधिक नाराजगी देखी जा रही है।

    स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने भी इस घटना पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि अगर सरकारी अस्पतालों में इस तरह की लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आते रहेंगे तो आम जनता का भरोसा स्वास्थ्य व्यवस्था से उठ जाएगा।

    फिलहाल प्रशासन ने मामले की जांच की बात कही है लेकिन परिजन दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं। यह घटना एक बार फिर सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। ग्रामीण और गरीब तबके के मरीजों के लिए बेहतर और पारदर्शी इलाज व्यवस्था की मांग तेज हो गई है।

  • मंदसौर में आज बिजली कटौती, कई इलाकों में घंटों बंद रहेगी सप्लाई

    मंदसौर में आज बिजली कटौती, कई इलाकों में घंटों बंद रहेगी सप्लाई


    नई दिल्ली। मंदसौर शहर में सोमवार को कई इलाकों में बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से बाधित रहेगी। विद्युत विभाग ने बताया कि 11 केवी लाइनों के मानसून पूर्व आवश्यक रखरखाव कार्य के कारण यह कटौती की जा रही है।

    सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक रहेगी कटौती

    सहायक यंत्री के अनुसार, आज मालगोदाम क्षेत्र के अंतर्गत स्टेडियम फीडर पर काम किया जाएगा। इस वजह से सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। कुल चार घंटे तक कई इलाकों में बिजली बाधित रहेगी।

    इन इलाकों में प्रभावित होगी बिजली

    इस कटौती से शुक्ला कॉलोनी, पुलिस कॉलोनी, दशरथ नगर, मालगोदाम रोड, माथुर कॉलोनी, जैन कॉलोनी, सेठिया विहार, संजीत रोड, संजय गांधी उद्यान, भारत प्लाजा, जनपद पंचायत और बंटी चौराहा सहित आसपास के क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी।

    विभाग ने दी जानकारी और अपील

    विद्युत विभाग ने उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि यह कार्य बिजली व्यवस्था को बेहतर और सुरक्षित बनाने के लिए जरूरी है। साथ ही विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि आवश्यकता पड़ने पर समय में बदलाव किया जा सकता है।

  • क्रिकेट जगत के दिग्गज देशों के आकर्षक प्रस्तावों पर राशिद खान का खुलासा..

    क्रिकेट जगत के दिग्गज देशों के आकर्षक प्रस्तावों पर राशिद खान का खुलासा..


    नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत में अपनी जादुई फिरकी और आक्रामक बल्लेबाजी के लिए मशहूर अफगानिस्तान के स्टार खिलाड़ी राशिद खान ने एक ऐसा खुलासा किया है जिसने खेल गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है। हाल ही में उनके जीवन और करियर पर आधारित एक नई पुस्तक के माध्यम से यह बात सामने आई है कि दुनिया के दो बड़े देशों ने उन्हें अपनी नागरिकता और अपनी टीम से खेलने का प्रस्ताव दिया था। इन देशों की सूची में भारत और ऑस्ट्रेलिया जैसे दिग्गज क्रिकेट राष्ट्र शामिल थे। हालांकि राशिद खान ने इन आकर्षक प्रस्तावों को विनम्रतापूर्वक ठुकराते हुए अपने देश अफगानिस्तान के प्रति अपनी अटूट वफादारी और प्रेम को सर्वोपरि रखा।

    राशिद खान के जीवन पर लिखी गई इस पुस्तक में उल्लेख किया गया है कि नागरिकता के ये प्रस्ताव तब आए जब वह अपने करियर के बेहतरीन दौर से गुजर रहे थे और वैश्विक क्रिकेट में एक बड़े ब्रांड बन चुके थे। लेखक के साथ बातचीत में राशिद ने स्पष्ट किया कि उन्हें भारत और ऑस्ट्रेलिया दोनों ही देशों की ओर से उनके लिए खेलने का प्रस्ताव मिला था। इस पर अपना रुख साफ करते हुए राशिद ने कहा कि यदि वह अपने देश के लिए नहीं खेलेंगे तो वह किसी अन्य देश का प्रतिनिधित्व करने के बारे में सोच भी नहीं सकते। यह बयान उनके व्यक्तित्व की गहराई और अपने राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण को दर्शाता है।

    विशेष रूप से भारत की ओर से मिले प्रस्ताव का जिक्र करते हुए राशिद ने बताया कि भारतीय लीग के एक सत्र के दौरान उनकी मुलाकात क्रिकेट प्रबंधन के एक वरिष्ठ अधिकारी से हुई थी। उस समय अफगानिस्तान की आंतरिक स्थितियां काफी चुनौतीपूर्ण थीं। बातचीत के दौरान उन्हें सुझाव दिया गया कि वह भारत में बस जाएं और उन्हें भारतीय दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि वह यहीं रहकर अपना क्रिकेट करियर आगे बढ़ा सकें। राशिद ने बताया कि उस क्षण वह काफी हैरान थे लेकिन उन्होंने मुस्कुराहट के साथ इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया और कहा कि वह केवल अपने वतन के लिए ही खेलना जारी रखेंगे।

    अफगानिस्तान का प्रतिनिधित्व करने के मुद्दे पर राशिद खान का यह अडिग रुख पहली बार सार्वजनिक नहीं हुआ है। इससे पहले भी कई बार मैदान पर उनके शानदार प्रदर्शन के बाद प्रशंसकों द्वारा उन्हें नागरिकता देने की मांग उठती रही है। वर्ष दो हजार अठारह में एक महत्वपूर्ण मैच में उनके हरफनमौला प्रदर्शन ने दर्शकों का दिल जीत लिया था जिसके बाद उन्हें टीम में शामिल करने की चर्चाएं जोरों पर थीं। वर्तमान में सत्ताइस वर्षीय यह खिलाड़ी दुनिया भर की क्रिकेट लीग में अपनी धाक जमा चुका है लेकिन वैश्विक मंच पर वह अपनी पहचान केवल एक अफगान खिलाड़ी के रूप में ही बनाए रखना चाहता है।

  • रतलाम में DJ विवाद बना खून-खराबा, युवक की चाकू से हत्या

    रतलाम में DJ विवाद बना खून-खराबा, युवक की चाकू से हत्या


    नई दिल्ली। रतलाम जिले के ताल कस्बे में रविवार रात एक शादी समारोह उस समय खूनखराबे में बदल गया जब डीजे पर गाली-गलौज का विरोध करने पर 22 वर्षीय युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई और तीन बारातें बिना शादी किए ही वापस लौट गईं।

    डीजे पर शुरू हुआ विवाद, महिलाओं के सामने गालियों से भड़का मामला

    जानकारी के अनुसार, भोई मोहल्ले में शंकरलाल भोई की तीन बेटियों की शादी का कार्यक्रम चल रहा था, जिसमें तीन अलग-अलग जगहों से बारातें आई थीं। तोरण और जुलूस के दौरान डीजे ऑपरेटरों के बीच आपसी प्रतिस्पर्धा शुरू हो गई, जिसके चलते माइक पर ही अपशब्द और गालियां दी जाने लगीं। इसी दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया।

    ‘महिलाओं के सामने गाली मत दो’ कहना बना जानलेवा

    मोहल्ले के युवक दिलीप (22) ने जब डीजे ऑपरेटरों को महिलाओं और परिवार के सामने गाली देने से रोका, तो विवाद और बढ़ गया। बहस के दौरान डीजे संचालकों और कुछ बारातियों ने मिलकर दिलीप और उसके साथियों के साथ मारपीट शुरू कर दी। इसी दौरान एक आरोपी ने दिलीप के पेट में चाकू घोंप दिया।

    अस्पताल ले जाते समय मौत, परिवार में मचा कोहराम

    गंभीर रूप से घायल दिलीप को पहले जावरा अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे रतलाम रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। इस घटना से शादी की खुशियां मातम में बदल गईं और पूरे क्षेत्र में तनाव फैल गया।

    आरोपी डीजे ऑपरेटर मंदसौर का, दो हिरासत में

    पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी डीजे ऑपरेटर माखन कुमावत मंदसौर का रहने वाला है। उसे हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और अन्य की तलाश जारी है।

    तीन बारातें बिना शादी लौटीं, इलाके में तनाव

    घटना के बाद हालात बिगड़ने की आशंका को देखते हुए तीनों बारातें बिना विवाह संपन्न हुए वापस लौट गईं। इलाके में पुलिस बल तैनात किया गया है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

    परिवार में गम का माहौल, शादी के बाद भी नहीं बचे दिन

    मृतक दिलीप की शादी मात्र डेढ़ महीने पहले हुई थी। परिवार पर अचानक आई इस त्रासदी से मातम पसरा हुआ है। परिजन आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

  • रिकॉर्ड समय में बढ़ता जहाजों का आवागमन और बंदरगाह विस्तार की भविष्य की योजनाएं..

    रिकॉर्ड समय में बढ़ता जहाजों का आवागमन और बंदरगाह विस्तार की भविष्य की योजनाएं..


    नई दिल्ली। वैश्विक समुद्री व्यापार के मार्ग में उत्पन्न हुए होर्मुज संकट ने भारत के पहले डीपवॉटर ट्रांसशिपमेंट पोर्ट विजिनजम की महत्ता को पूरी दुनिया के सामने सिद्ध कर दिया है। वर्तमान परिस्थितियों में अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियां एक सुरक्षित और भरोसेमंद मार्ग की तलाश में हैं और केरल स्थित यह बंदरगाह इस आवश्यकता को पूरा करने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। विजिनजम पोर्ट पर जहाजों का आवागमन इस कदर बढ़ गया है कि वर्तमान में करीब सौ जहाज यहां प्रवेश की प्रतीक्षा में कतारबद्ध खड़े हैं। यह स्थिति स्पष्ट करती है कि दक्षिण एशिया में समुद्री व्यापार के केंद्र अब तेजी से बदल रहे हैं और भारत वैश्विक लॉजिस्टिक्स के मानचित्र पर एक नए मानक स्थापित करने की दिशा में अग्रसर है।

    विजिनजम पोर्ट की संकल्पना तीन दशक पहले अंतरराष्ट्रीय कार्गो के भार को व्यवस्थित करने और विदेशी बंदरगाहों पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से की गई थी। वर्ष दो हजार पंद्रह में इसका निर्माण कार्य शुरू हुआ और वर्तमान में यह बंदरगाह रिकॉर्ड समय में दस लाख टीईयू का आंकड़ा पार कर चुका है। भारी दबाव के बावजूद इस पोर्ट की कार्यक्षमता उल्लेखनीय रही है और पिछले महीने ही यहां साठ से अधिक जहाजों का सफल संचालन किया गया जो अपने आप में एक नया कीर्तिमान है। डीपवॉटर ट्रांसशिपमेंट की सुविधा होने के कारण यहां बड़े जहाजों को आसानी से संभाला जा सकता है जिससे यह अंतरराष्ट्रीय कार्गो परिवहन के लिए एक अनिवार्य विकल्प बन गया है।

    ट्रांसशिपमेंट सुविधा किसी भी अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक मार्ग के लिए रीढ़ की हड्डी के समान होती है जहां कंटेनरों को एक बड़े जहाज से दूसरे जहाजों में स्थानांतरित किया जाता है ताकि वे अपने अंतिम गंतव्य तक सुगमता से पहुंच सकें। भारत पारंपरिक रूप से इस कार्य के लिए पड़ोसी देशों के हब पर निर्भर रहा है लेकिन विजिनजम के उदय ने इस समीकरण को पूरी तरह बदल दिया है। वर्तमान विस्तार कार्यों के पूरा होने के बाद यहां एक साथ पांच बड़े मदरशिप्स को संभालने की क्षमता विकसित हो जाएगी। यह विस्तार न केवल भारत की समुद्री शक्ति को बढ़ाएगा बल्कि वैश्विक स्तर के बड़े समुद्री केंद्रों के साथ प्रतिस्पर्धा करने में भी सक्षम बनाएगा।

    समुद्री विशेषज्ञों का मानना है कि विजिनजम पोर्ट का विकास अब केवल एक राष्ट्रीय परियोजना तक सीमित नहीं रह गया है बल्कि यह एक वैश्विक आवश्यकता बन चुका है। होर्मुज जलडमरूमध्य में चल रहे गतिरोध के बीच शिपिंग उद्योग को एक ऐसे केंद्र की तलाश थी जो सुरक्षित होने के साथ-साथ तकनीकी रूप से भी उन्नत हो। विजिनजम ने इन सभी मानकों पर खरा उतरकर खुद को एक भरोसेमंद समुद्री दिग्गज के रूप में स्थापित किया है। जैसे-जैसे इसके दूसरे चरण का काम गति पकड़ रहा है उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में यह बंदरगाह वैश्विक अर्थव्यवस्था की गति को बनाए रखने में भारत का सबसे महत्वपूर्ण योगदान साबित होगा।

  • शादी सम्मेलन जा रहा परिवार हादसे का शिकार, इंदौर-पचोर मार्ग पर दुर्घटना

    शादी सम्मेलन जा रहा परिवार हादसे का शिकार, इंदौर-पचोर मार्ग पर दुर्घटना


    नई दिल्ली। देवास जिले के टोंककला क्षेत्र में सोमवार सुबह एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जिसमें एक महिला की मौत हो गई और छह लोग घायल हो गए। यह हादसा उस समय हुआ जब इंदौर से एक परिवार शादी सम्मेलन में शामिल होने के लिए पचोर जा रहा था।

    मक्सी रोड पर टायर फटने से पलटी कार

    घटना सुबह करीब 8:30 बजे बरखेड़ा फाटा के पास हुई। जानकारी के अनुसार, कार अचानक अनियंत्रित हो गई और पलट गई। बताया जा रहा है कि वाहन का टायर फटने से यह हादसा हुआ। टक्कर इतनी तेज थी कि मौके पर ही अफरा-तफरी मच गई।

    महिला की मौके पर मौत, परिवार के कई सदस्य घायल

    इस हादसे में इंदौर निवासी निर्मला (पत्नी घनश्याम) की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं कृष्णा साहू (35), मंजू साहू (23), आर्यन साहू (6), आदर्श साहू (ढाई वर्ष) और कार चालक कृष्णा मुरारी सहित कुल छह लोग घायल हो गए।

    इंदौर से पचोर जा रहा था परिवार

    जानकारी के मुताबिक, यह परिवार इंदौर के नंदा नगर क्षेत्र से पचोर में आयोजित विवाह सम्मेलन में शामिल होने के लिए निकला था। यात्रा के दौरान ही यह हादसा हो गया, जिससे खुशी का माहौल मातम में बदल गया।

    घायलों का इलाज जारी, पुलिस जांच में जुटी

    सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद इंदौर रेफर कर दिया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही टोंककला पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है।

  • खंडवा में ‘डबल कुर्सी’ का खेल, पद महिला जनप्रतिनिधियों के और फैसले पति के हाथ

    खंडवा में ‘डबल कुर्सी’ का खेल, पद महिला जनप्रतिनिधियों के और फैसले पति के हाथ


    नई दिल्ली। खंडवा जिले में पंचायत से लेकर नगर निकाय और राजनीतिक पदों पर महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है, लेकिन इसके साथ ही “डबल कुर्सी” संस्कृति भी चर्चा में आ गई है। स्थिति यह है कि 11 प्रमुख पदों पर महिलाएं निर्वाचित हैं, लेकिन कई जगहों पर प्रशासनिक और राजनीतिक फैसले उनके पति या परिजन पर्दे के पीछे से लेते नजर आ रहे हैं।

    दफ्तरों में ‘डबल कुर्सी’ आधिकारिक और अनौपचारिक सत्ता साथ-साथ

    जिले के कई कार्यालयों में यह दृश्य आम हो गया है कि एक कुर्सी पर महिला जनप्रतिनिधि और दूसरी पर उनके पति बैठे दिखाई देते हैं। आरोप है कि वास्तविक निर्णय प्रक्रिया में भी कई बार पति ही सक्रिय भूमिका निभाते हैं, जबकि महिला जनप्रतिनिधि औपचारिक रूप से पद संभाल रही होती हैं। इस प्रवृत्ति को स्थानीय स्तर पर “डबल कुर्सी कल्चर” कहा जा रहा है।

    विधायक से लेकर नगर निकाय तक पति निभा रहे ‘अतिरिक्त भूमिका’

    कई पदों पर महिलाओं के पति को अनौपचारिक रूप से ज्यादा सक्रिय माना जा रहा है। खंडवा विधायक कंचन तनवे के पति मुकेश तनवे को राजनीतिक हलकों में “सुपर विधायक” तक कहा जाता है। इसी तरह महापौर अमृता यादव के पति अमर यादव नगर निगम से जुड़े मामलों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं, हालांकि विवाद के बाद उनकी गतिविधियां सीमित हो गई हैं।

    नगर पंचायत और जनपदों में भी समान स्थिति

    जनपद पंचायत और नगर परिषदों में भी यही तस्वीर सामने आ रही है। खंडवा जनपद अध्यक्ष मीनाबाई सोलंकी, मूंदी नगर परिषद अध्यक्ष ज्योतिबाला राठौर, ओंकारेश्वर नगर परिषद अध्यक्ष मनीषा परिहार समेत कई स्थानों पर उनके पति या परिजन कार्यालयीन कामकाज में सक्रिय दिखाई देते हैं। इससे प्रशासनिक पारदर्शिता और वास्तविक नेतृत्व को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

    कहां महिलाएं खुद संभाल रही जिम्मेदारी

    हालांकि सभी जगह ऐसी स्थिति नहीं है। पंधाना विधायक छाया मोरे जैसी कुछ महिला जनप्रतिनिधि अपने निर्णय स्वयं लेती हैं, हालांकि कुछ मामलों में वे राजनीतिक सलाहकारों पर निर्भर रहती हैं।

    जिले में महिलाओं की मजबूत भागीदारी, लेकिन बहस जारी

    वर्तमान में जिले में जिला पंचायत अध्यक्ष, विधायक, महापौर और कई नगर पंचायत अध्यक्ष सहित 11 अहम पदों पर महिलाएं काबिज हैं, जबकि 7 प्रमुख पद पुरुषों के पास हैं। महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को जहां एक ओर सकारात्मक बदलाव माना जा रहा है, वहीं “डबल कुर्सी” कल्चर इसे लेकर नई बहस भी खड़ी कर रहा है कि क्या वास्तविक सत्ता महिलाओं के हाथ में है या फिर निर्णय कहीं और से नियंत्रित हो रहे हैं।

  • जानिए परदे पर दिखने वाले 'किसिंग सीन' के पीछे का वो सच, जिसे जानकर आपका नजरिया बदल जाएगा!

    जानिए परदे पर दिखने वाले 'किसिंग सीन' के पीछे का वो सच, जिसे जानकर आपका नजरिया बदल जाएगा!

    नई दिल्ली। फिल्मों में दिखाए जाने वाले रोमांटिक और अंतरंग दृश्य हमेशा से ही दर्शकों के बीच कौतूहल का विषय रहे हैं। पर्दे पर बेहद वास्तविक और भावुक दिखने वाले ये दृश्य अक्सर यह सवाल खड़ा करते हैं कि क्या कलाकार वास्तव में एक-दूसरे को चूमते हैं। हाल के वर्षों में कई बड़े सितारों की फिल्मों में ऐसे दृश्यों की काफी चर्चा हुई है लेकिन इन दृश्यों के पीछे की सच्चाई काफी तकनीकी और पेशेवर होती है। कैमरे के पीछे इन दृश्यों को फिल्माने की प्रक्रिया इतनी व्यवस्थित होती है कि जो पर्दे पर पूरी तरह असली दिखता है वह असल में सोची-समझी योजना और सटीक कैमरा एंगल का परिणाम होता है।

    आधुनिक फिल्म निर्माण में अब इंटिमेसी डायरेक्टर की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। यह एक ऐसा विशेषज्ञ होता है जिसका मुख्य कार्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी अंतरंग दृश्य को फिल्माते समय कलाकारों की सहमति और उनका आराम बना रहे। जिस तरह किसी एक्शन सीक्वेंस या डांस स्टेप्स की कोरियोग्राफी की जाती है ठीक उसी तरह किसिंग सीन की भी पूरी प्लानिंग होती है। इसमें चेहरे का एंगल, हाथों की स्थिति और समय सीमा पहले से तय होती है। इससे कलाकारों के बीच किसी भी प्रकार की असहजता की गुंजाइश नहीं रहती और वे अपने किरदार को बेहतर ढंग से निभा पाते हैं।

    तकनीकी रूप से इन दृश्यों को प्रभावशाली बनाने के लिए कैमरा एंगल और एडिटिंग का सहारा लिया जाता है। कई बार कैमरा इस तरह से लगाया जाता है कि दर्शकों को लगता है कि कलाकार एक-दूसरे के बेहद करीब हैं जबकि वास्तव में उनके बीच एक निश्चित दूरी होती है। पोस्ट-प्रोडक्शन के दौरान एडिटिंग और लाइटिंग के जरिए इन दृश्यों को अधिक वास्तविक प्रभाव दिया जाता है। हालांकि कुछ मामलों में कलाकार आपसी सहमति से वास्तव में इन दृश्यों को अंजाम देते हैं लेकिन यह पूरी तरह से उनकी मर्जी और पेशेवर समझ पर निर्भर करता है। ऐसे दृश्यों की शूटिंग के समय सेट पर कम से कम लोगों को रखा जाता है ताकि कलाकारों की निजता सुरक्षित रहे।

    सिनेमा जगत में अब बॉडी लैंग्वेज पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है। केवल स्पर्श ही नहीं बल्कि आंखों का संपर्क और चेहरे के हाव-भाव भी दृश्य को भावनात्मक गहराई प्रदान करते हैं। पहले के दौर में इस तरह की संरचित प्रक्रिया का अभाव था जिससे कई बार कलाकारों को असहज स्थितियों का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब फिल्म उद्योग में बढ़ते प्रोफेशनलिज्म ने इस पूरी प्रक्रिया को सुरक्षित और गरिमामय बना दिया है। तकनीक और मानवीय संवेदनाओं के इस मेल ने पर्दे पर प्रेम और रोमांस को दिखाने के तरीके को पूरी तरह से बदल दिया है जिससे दर्शकों को एक बेहतरीन सिनेमाई अनुभव मिलता है।

  • हरदा : बैग चोरी केस में पुलिस को बड़ी सफलता, कुछ ही घंटों में पकड़े गए आरोपी

    हरदा : बैग चोरी केस में पुलिस को बड़ी सफलता, कुछ ही घंटों में पकड़े गए आरोपी


    नई दिल्ली। हरदा में रविवार शाम बोहरा मस्जिद वाली गली में एक व्यापारी का लेदर बैग चोरी होने का मामला सामने आया, लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई से कुछ ही घंटों में आरोपियों को पकड़ लिया गया। इस वारदात में हैरानी की बात यह रही कि चोरी के लिए एक नाबालिग का भी इस्तेमाल किया गया।

    लोडिंग के दौरान पिकअप से गायब हुआ बैग

    जानकारी के अनुसार, हरसूद निवासी व्यापारी सौरभ सोनी (32) अपने काम के सिलसिले में हरदा आए थे। वे बोहरा मस्जिद के पास अपनी पिकअप गाड़ी में सामान लोड करवा रहे थे। इसी दौरान गाड़ी के केबिन का कांच खुला होने का फायदा उठाकर अज्ञात व्यक्ति उनका लेदर साइड बैग चुरा ले गया। बैग में जरूरी दस्तावेज, एक मोबाइल फोन और करीब 6 हजार रुपए नकद रखे थे।

    20 से ज्यादा CCTV खंगालकर पकड़े गए आरोपी

    पीड़ित की शिकायत पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने 20 से अधिक स्थानों पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज और साइबर सेल की मदद से आरोपियों की पहचान की। इसके बाद तेजी दिखाते हुए पुलिस ने कुछ ही घंटों में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

    नाबालिग का किया इस्तेमाल, चोरी का सामान बरामद

    पुलिस ने विष्णु और सजन सोलंकी (22) को गिरफ्तार किया है, जो आपस में दोस्त हैं। जांच में सामने आया कि चोरी की इस वारदात में एक नाबालिग का भी इस्तेमाल किया गया था। आरोपियों के कब्जे से चोरी किया गया बैग, मोबाइल और नकदी बरामद कर ली गई है। पुलिस के अनुसार, एक आरोपी पहले भी चोरी के मामलों में शामिल रह चुका है।

    पुलिस की सतर्कता से जल्द खुला मामला

    इस पूरे मामले में पुलिस की त्वरित कार्रवाई और तकनीकी जांच की वजह से आरोपियों को जल्दी पकड़ लिया गया, जिससे पीड़ित को राहत मिली।