Author: bharati

  • बंगाल में बदलाव की हुंकार सीएम मोहन यादव बोले जंगलराज से मुक्ति दिलाएगी भाजपा

    बंगाल में बदलाव की हुंकार सीएम मोहन यादव बोले जंगलराज से मुक्ति दिलाएगी भाजपा

    कोलकाता/भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान कोलकाता में भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में जोरदार चुनाव प्रचार किया। उन्होंने कमरहाटी क्षेत्र के वार्ड 24 और 112 में घर घर पहुंचकर लोगों से मुलाकात की और दुकानों पर जाकर आम नागरिकों से सीधे संवाद स्थापित किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में बदलाव और विकास के नाम पर भाजपा को समर्थन देने की अपील की।

    कोलकाता में जनसंपर्क अभियान के दौरान डॉ. मोहन यादव ने कहा कि अब पश्चिम बंगाल की जनता ठहराव नहीं बल्कि विकास चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य विकास की दौड़ में पीछे छूटता जा रहा है जबकि देश के अन्य राज्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उनके अनुसार बंगाल को फिर से प्रगति के रास्ते पर लाने के लिए भाजपा की सरकार बनना जरूरी है।

    उन्होंने कहा कि बंगाल अब जंगलराज से मुक्ति चाहता है और यहां की जनता बदलाव के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि आगामी चुनाव में जनता प्रचंड बहुमत से भारतीय जनता पार्टी को सत्ता में लाने का मन बना चुकी है। उन्होंने भाजपा के चुनाव चिन्ह कमल को विकास और समृद्धि का प्रतीक बताते हुए लोगों से इसे चुनने का आग्रह किया।

    इस दौरान उन्होंने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का भी जिक्र किया और कहा कि देश के कई राज्यों में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं। मध्यप्रदेश का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वहां भी विकास की गति लगातार बढ़ी है और इसी मॉडल को बंगाल में भी लागू किया जा सकता है।

    जनसंपर्क के दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय नागरिकों की समस्याएं भी सुनीं और भरोसा दिलाया कि भाजपा की सरकार बनने पर जनकल्याण योजनाओं को तेजी से लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता की अपेक्षाओं को पूरा करना ही उनकी प्राथमिकता है और इसके लिए मजबूत और स्थिर सरकार जरूरी है।

    डॉ. मोहन यादव का यह दौरा दो दिनों का बताया जा रहा है जिसमें वे विभिन्न क्षेत्रों में जनसभाएं और संपर्क अभियान चला रहे हैं। राजनीतिक रूप से यह दौरा महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसके जरिए भाजपा बंगाल में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है।

  • श्रेयस अय्यर की लगातार प्रभावशाली पारियों ने भारतीय टी20 टीम में उनकी वापसी की संभावनाओं को किया और मजबूत

    श्रेयस अय्यर की लगातार प्रभावशाली पारियों ने भारतीय टी20 टीम में उनकी वापसी की संभावनाओं को किया और मजबूत


    नई दिल्ली:
    आईपीएल 2026 में पंजाब किंग्स का प्रदर्शन इस समय चर्चा के केंद्र में है और टीम की सफलता में कप्तान श्रेयस अय्यर की भूमिका सबसे अहम बनकर उभरी है। सीजन में अब तक अजेय रही पंजाब किंग्स ने अपने संतुलित खेल और आत्मविश्वास से विरोधी टीमों पर लगातार दबाव बनाए रखा है। हाल ही में मुंबई इंडियंस के खिलाफ वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में टीम ने सात विकेट से शानदार जीत दर्ज की, जिसमें अय्यर की कप्तानी और बल्लेबाजी दोनों का प्रभाव साफ नजर आया।

    इस जीत के बाद श्रेयस अय्यर की फॉर्म और प्रदर्शन ने उन्हें एक बार फिर भारतीय टी20 टीम की चर्चा में ला खड़ा किया है। पूर्व भारतीय ऑलराउंडर इरफान पठान का मानना है कि जिस तरह से अय्यर इस समय खेल रहे हैं, उसे देखते हुए उनकी वापसी ज्यादा दूर नहीं है। उनके अनुसार अय्यर के पास मध्य क्रम में खेलने के लिए जरूरी तकनीक, धैर्य और मैच को नियंत्रित करने की क्षमता मौजूद है, जो किसी भी टीम के लिए बेहद अहम होती है।

    पंजाब किंग्स की इस जीत में अन्य खिलाड़ियों का योगदान भी काफी महत्वपूर्ण रहा। युवा बल्लेबाज प्रभसिमरन सिंह ने विकेटकीपर और ओपनर की दोहरी भूमिका निभाते हुए शानदार परिपक्वता दिखाई और नाबाद 80 रन बनाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। वहीं कप्तान श्रेयस अय्यर ने 66 रन की अहम पारी खेलते हुए लक्ष्य का पीछा करते समय टीम को स्थिरता प्रदान की और दबाव की स्थिति में संयम बनाए रखा।

    टीम के प्रदर्शन पर नजर डालें तो पंजाब किंग्स ने शुरुआत से ही मैच पर पकड़ बनाए रखी। गेंदबाजी में शुरुआती ओवरों में अच्छी लय देखने को मिली, जिससे विपक्षी टीम को खुलकर खेलने का मौका नहीं मिला। इसके बाद बल्लेबाजी में संयम और आक्रामकता के सही संतुलन ने लक्ष्य का पीछा आसान बना दिया।

    श्रेयस अय्यर की बल्लेबाजी की खासियत उनकी स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ मजबूत पकड़ और मध्य ओवरों में रन गति को बनाए रखने की क्षमता है। वह दबाव की परिस्थितियों में भी शांत रहकर खेल को आगे बढ़ाते हैं। हाल के समय में उन्होंने तेज गेंदबाजों के खिलाफ भी अपने खेल में सुधार किया है, जिससे वह एक अधिक पूर्ण बल्लेबाज के रूप में उभरे हैं। उनकी कप्तानी में भी स्पष्टता और आत्मविश्वास झलकता है, जो टीम के प्रदर्शन को सकारात्मक दिशा देता है।

    वानखेड़े में खेले गए इस मुकाबले में मुंबई इंडियंस ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 195 रन बनाए थे। इसके जवाब में पंजाब किंग्स ने 16.3 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया और अपनी जीत की लय को बरकरार रखा। इस जीत ने टीम के आत्मविश्वास को और मजबूत किया है और अंकतालिका में उनकी स्थिति को भी बेहतर बनाया है।

    श्रेयस अय्यर का मौजूदा फॉर्म, उनकी कप्तानी और दबाव में प्रदर्शन करने की क्षमता उन्हें भारतीय टी20 टीम के लिए एक मजबूत दावेदार बना रही है। लगातार अच्छे प्रदर्शन के साथ वह चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं और उनकी वापसी की संभावना लगातार मजबूत होती जा रही है।

  • एमपी में बड़ा बदलाव ,कॉलेजों की शिकायतें अब प्राचार्य नहीं, कलेक्टर और कमिश्नर करेंगे जांच

    एमपी में बड़ा बदलाव ,कॉलेजों की शिकायतें अब प्राचार्य नहीं, कलेक्टर और कमिश्नर करेंगे जांच


    भोपाल । मध्यप्रदेश में उच्च शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है। उच्च शिक्षा विभाग मध्यप्रदेश ने सरकारी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से जुड़ी शिकायतों के निपटारे की प्रक्रिया में अहम परिवर्तन करते हुए नया आदेश जारी किया है। इस आदेश के तहत अब प्राचार्य और क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक शिकायतों का निराकरण नहीं कर सकेंगे।

    नए निर्देशों के अनुसार कॉलेज और यूनिवर्सिटी से संबंधित सभी प्रकार की शिकायतों की जांच और समाधान का अधिकार अब जिला कलेक्टर और संभागीय कमिश्नर को दिया गया है। विभाग ने स्पष्ट रूप से कहा है कि किसी भी स्तर पर प्राप्त शिकायतों पर प्राचार्य या क्षेत्रीय अधिकारी स्वयं निर्णय नहीं लेंगे बल्कि उन्हें संबंधित कलेक्टर और कमिश्नर को भेजना अनिवार्य होगा।

    अब तक की व्यवस्था में कॉलेज प्राचार्य और क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक ही छात्रों शिक्षकों और अन्य संबंधित पक्षों से मिलने वाली शिकायतों की जांच करते थे और उनका समाधान भी उसी स्तर पर किया जाता था। लेकिन नई व्यवस्था लागू होने के बाद यह जिम्मेदारी उच्च प्रशासनिक अधिकारियों के पास चली गई है।

    विभाग का मानना है कि इस बदलाव से शिकायत निवारण प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बढ़ेगी। कई बार स्थानीय स्तर पर पक्षपात या दबाव की आशंका रहती थी जिसे देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। अब जिला और संभाग स्तर पर गठित कमेटी शिकायतों की जांच करेगी और उसी आधार पर कार्रवाई तय की जाएगी।

    सरकारी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में अक्सर शैक्षणिक प्रशासनिक और अनुशासन से जुड़े कई तरह के मामले सामने आते हैं। इनमें छात्रों की समस्याएं शिक्षकों से जुड़े विवाद परीक्षा और मूल्यांकन से संबंधित शिकायतें शामिल होती हैं। नई व्यवस्था के तहत इन सभी मामलों को अब सीधे उच्च अधिकारियों के पास भेजा जाएगा।

    इस फैसले को उच्च शिक्षा प्रणाली को अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि इससे प्राचार्यों की भूमिका सीमित हो जाएगी लेकिन विभाग को उम्मीद है कि इससे शिकायतों के निष्पक्ष समाधान में सुधार आएगा और छात्रों तथा शिक्षकों का भरोसा भी मजबूत होगा।

  • पैट कमिंस की पूरी तरह फिट होकर वापसी से सनराइजर्स हैदराबाद की कप्तानी रणनीति और गेंदबाजी इकाई को मिली बड़ी मजबूती और मुकाबलों में बढ़ी प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त

    पैट कमिंस की पूरी तरह फिट होकर वापसी से सनराइजर्स हैदराबाद की कप्तानी रणनीति और गेंदबाजी इकाई को मिली बड़ी मजबूती और मुकाबलों में बढ़ी प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त

    नई दिल्ली: आईपीएल 2026: डेविड पेन के बाहर होने के बाद सनराइजर्स हैदराबाद ने दक्षिण अफ्रीकी तेज गेंदबाज गेराल्ड कोएत्जी को टीम में शामिल कर गेंदबाजी आक्रमण को दी नई धार, पैट कमिंस की फिटनेस से कप्तानी और टीम संतुलन को मिली बड़ी मजबूती, सीएसके के खिलाफ मुकाबले से पहले बढ़ा आत्मविश्वास

    आईपीएल 2026 में सनराइजर्स हैदराबाद ने चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ होने वाले अहम मुकाबले से पहले अपने स्क्वॉड में बड़ा बदलाव करते हुए इंजरी के कारण पूरे सीजन से बाहर हुए डेविड पेन की जगह दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज और ऑलराउंडर गेराल्ड कोएत्जी को टीम में शामिल किया है। यह निर्णय टीम के गेंदबाजी विभाग को अधिक संतुलित और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से लिया गया है, जिससे आगामी मैचों में प्रदर्शन को स्थिरता मिल सके।

    गेराल्ड कोएत्जी को एसआरएच ने दो करोड़ रुपये की राशि में अपने साथ जोड़ा है। हालांकि वह इस सीजन की नीलामी में अनसोल्ड रहे थे, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके अनुभव और टी20 क्रिकेट में उपयोगिता को देखते हुए टीम प्रबंधन ने उन पर भरोसा जताया है। कोएत्जी पहले भी आईपीएल का हिस्सा रह चुके हैं और मुंबई इंडियंस तथा गुजरात टाइटंस जैसी टीमों के लिए खेलते हुए 14 मैचों में 15 विकेट हासिल कर चुके हैं।

    कोएत्जी की सबसे बड़ी खासियत उनकी ऑलराउंड क्षमता है, जहां वह तेज गेंदबाजी के साथ निचले क्रम में उपयोगी बल्लेबाजी भी कर सकते हैं। इससे एसआरएच को एक अतिरिक्त संतुलन मिला है, जो मुश्किल परिस्थितियों में टीम को सहारा दे सकता है। उनकी मौजूदगी से गेंदबाजी आक्रमण में विविधता बढ़ी है और डेथ ओवर्स में विकल्प भी मजबूत हुए हैं।

    टीम के लिए एक और बड़ी राहत यह है कि नियमित कप्तान और प्रमुख तेज गेंदबाज पैट कमिंस अब पूरी तरह फिट हो चुके हैं और उनकी वापसी लगभग तय मानी जा रही है। चोट से उबरने के बाद उनके जल्द ही टीम से जुड़ने की संभावना है। उनकी मौजूदगी से न केवल गेंदबाजी आक्रमण मजबूत होगा बल्कि कप्तानी में भी स्थिरता और अनुभव जुड़ जाएगा, जो बड़े मुकाबलों में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।

    मौजूदा सीजन में सनराइजर्स हैदराबाद ने पांच मैचों में दो जीत और तीन हार दर्ज की हैं और टीम अंकतालिका में मध्य स्थान पर बनी हुई है। लगातार बेहतर प्रदर्शन की तलाश में टीम अब चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ होने वाले मुकाबले को बेहद महत्वपूर्ण मान रही है। यह मैच टीम के लिए न सिर्फ अंक बढ़ाने का मौका है बल्कि आत्मविश्वास को मजबूत करने का भी अवसर है।

    पिछले मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ टीम ने शानदार प्रदर्शन किया था, जहां नए गेंदबाजों ने मैच का रुख बदल दिया था। प्रफुल्ल हिंगे और साकिब हसन ने अपने डेब्यू में ही प्रभावशाली गेंदबाजी करते हुए टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। इनसे सीएसके के खिलाफ भी ऐसे ही प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।

    गेंदबाजी विभाग में हुए यह बदलाव एसआरएच को नई गहराई और मजबूती प्रदान कर सकते हैं। युवा खिलाड़ियों की ऊर्जा और अनुभवी खिलाड़ियों की समझ का संयोजन टीम को अधिक संतुलित बनाता है। कोएत्जी की एंट्री और कमिंस की वापसी से टीम का आत्मविश्वास बढ़ा है, जो आने वाले मुकाबलों में प्रदर्शन को सकारात्मक दिशा दे सकता है।

  • आईपीएल 2026 के 27वें मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच एक महत्वपूर्ण टक्कर देखने को मिलेगी।

    आईपीएल 2026 के 27वें मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच एक महत्वपूर्ण टक्कर देखने को मिलेगी।

    नई दिल्ली:आईपीएल 2026 के 27वें मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच एक महत्वपूर्ण टक्कर देखने को मिलेगी। यह मैच हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में खेला जाएगा, जहां दोनों टीमें अंकतालिका में अपनी स्थिति मजबूत करने के लक्ष्य के साथ मैदान पर उतरेंगी। मौजूदा सीजन में दोनों टीमों का प्रदर्शन उतार चढ़ाव भरा रहा है, ऐसे में यह मुकाबला उनके लिए आगे की राह तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

    सनराइजर्स हैदराबाद ने इस सीजन में अब तक मिले जुले प्रदर्शन के साथ अपनी स्थिति बनाए रखी है। टीम ने पांच मैचों में दो जीत दर्ज की हैं और तीन मुकाबलों में हार का सामना किया है। अंकतालिका में टीम फिलहाल मध्य क्रम में बनी हुई है। पिछले मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ मिली बड़ी जीत ने टीम का आत्मविश्वास बढ़ाया है, लेकिन लगातार प्रदर्शन में सुधार अब भी जरूरी है। कप्तान ईशान किशन की अगुवाई में टीम ने कई बार मजबूत शुरुआत की है, लेकिन उसे लगातार बनाए रखने में कठिनाई हो रही है।

    बल्लेबाजी में ईशान किशन और हेनरिक क्लासेन टीम के लिए सबसे भरोसेमंद खिलाड़ी साबित हुए हैं। दोनों बल्लेबाजों ने कई अहम पारियां खेलकर टीम को मजबूती दी है। अभिषेक शर्मा और नितीश कुमार रेड्डी ने भी कुछ मौकों पर उपयोगी योगदान दिया है, लेकिन शीर्ष क्रम में ट्रेविस हेड का खराब फॉर्म टीम के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। उनकी असफलता के कारण टीम को शुरुआत में गति नहीं मिल पा रही है।

    गेंदबाजी विभाग में प्रफुल्ल हिंगे और साकिब हसन ने हाल के मैचों में प्रभावी प्रदर्शन किया है। इन दोनों गेंदबाजों ने मध्य ओवरों में रन रोकने और विकेट निकालने में अहम भूमिका निभाई है। इसके अलावा अन्य गेंदबाजों ने भी समय समय पर टीम को सहयोग दिया है, लेकिन निरंतरता की आवश्यकता बनी हुई है।

    दूसरी ओर चेन्नई सुपर किंग्स का सीजन भी अब तक चुनौतीपूर्ण रहा है। टीम ने शुरुआती मैचों में लगातार हार का सामना किया था, लेकिन बाद में लगातार दो जीत दर्ज कर वापसी के संकेत दिए हैं। हालांकि अंकतालिका में टीम अभी भी निचले हिस्से में बनी हुई है।

    सीएसके की सबसे बड़ी चुनौती उसकी बल्लेबाजी रही है, जहां कुछ ही खिलाड़ी लगातार रन बना पा रहे हैं। ऋतुराज गायकवाड़, शिवम दुबे और डेवाल्ड ब्रेविस पर टीम की जिम्मेदारी अधिक है। निचले क्रम में जेमी ओवरटन ने कुछ महत्वपूर्ण पारियां खेलकर टीम को सहारा दिया है। गेंदबाजी में नूर अहमद और अकिल हुसैन ने स्पिन विभाग को मजबूती देने का प्रयास किया है, जबकि तेज गेंदबाजी में टीम को अधिक स्थिरता की जरूरत है।

    दोनों टीमों के बीच अब तक खेले गए मुकाबलों में चेन्नई सुपर किंग्स का पलड़ा भारी रहा है। कुल 22 मैचों में सीएसके ने 15 जीत हासिल की हैं, जबकि सनराइजर्स हैदराबाद ने 7 मुकाबलों में सफलता पाई है। यह आंकड़ा सीएसके को मनोवैज्ञानिक बढ़त देता है, लेकिन मौजूदा फॉर्म और हालात को देखते हुए मुकाबला पूरी तरह प्रतिस्पर्धी रहने की उम्मीद है।

    हैदराबाद में मौसम गर्म रहने की संभावना है और बारिश की कोई आशंका नहीं है। पिच की स्थिति शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों को मदद दे सकती है, जबकि बाद में बल्लेबाजों के लिए परिस्थितियां आसान हो जाएंगी। ऐसे में यह मुकाबला उच्च स्कोरिंग होने की पूरी संभावना रखता है और दोनों टीमों के बल्लेबाजों की भूमिका निर्णायक हो सकती है।

  • प्रदर्शन पड़ा भारी ,केन बेतवा प्रोजेक्ट के विरोध, में 50 लोगों पर केस दर्ज

    प्रदर्शन पड़ा भारी ,केन बेतवा प्रोजेक्ट के विरोध, में 50 लोगों पर केस दर्ज


    छतरपुर । मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में केन-बेतवा लिंक परियोजना के विरोध में चल रहे प्रदर्शन को लेकर पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। इस मामले में यूथ कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक परमार समेत करीब 50 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। कार्रवाई के बाद इलाके में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।

    जानकारी के अनुसार ग्राम ढोड़न में परियोजना के विरोध में प्रदर्शन किया जा रहा था जहां स्थिति उस समय बिगड़ गई जब प्रदर्शनकारियों और प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति बन गई। पुलिस का आरोप है कि इस दौरान शासकीय कार्य में बाधा डाली गई कर्मचारियों के साथ अभद्रता की गई और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। इन आरोपों के आधार पर बमीठा थाने में गंभीर धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है।

    बताया जा रहा है कि इस कार्रवाई की शुरुआत चंद्रनगर रेंजर की शिकायत के बाद हुई। मामले ने उस वक्त और तूल पकड़ लिया जब प्रदर्शन से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। यह वीडियो कथित तौर पर अभिषेक परमार की ओर से अपलोड किया गया था जिसके आधार पर पुलिस ने प्रदर्शन में शामिल अन्य लोगों की पहचान शुरू की। अब तक 15 से 20 लोगों की पहचान की जा चुकी है और आगे भी जांच जारी है।

    बमीठा थाना प्रभारी वाल्मीकि चौबे के मुताबिक वन परिक्षेत्र अधिकारी राजेंद्र तिवारी ने लिखित शिकायत दर्ज कराई थी जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। FIR में सरकारी कर्मचारी पर हमला शासकीय कार्य में बाधा डालना और लोक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम 1984 की धारा 3 (1) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।

    पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे भी आरोपियों की पहचान की जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे घटनाक्रम के बाद प्रशासन अलर्ट मोड में है और इलाके में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।

    यह मामला अब सिर्फ कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं रह गया है बल्कि राजनीतिक रंग भी लेता नजर आ रहा है। एक ओर जहां प्रशासन इसे कानून के उल्लंघन का मामला बता रहा है वहीं दूसरी ओर प्रदर्शनकारी इसे अपने अधिकारों की आवाज बता रहे हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमा सकता है।

  • पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 में सियासी तापमान चरम पर, मोहन यादव के आक्रामक प्रचार से विकास बनाम जंगलराज की बहस तेज

    पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 में सियासी तापमान चरम पर, मोहन यादव के आक्रामक प्रचार से विकास बनाम जंगलराज की बहस तेज

    नई दिल्ली/पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बीच चुनावी माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। इसी क्रम में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कोलकाता और मेदिनीपुर में जोरदार प्रचार अभियान चलाकर राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी। उन्होंने कमरहाटी क्षेत्र की गलियों में पैदल भ्रमण करते हुए स्थानीय लोगों से सीधा संवाद किया और भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में जनसंपर्क अभियान चलाया।

    अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता अब ठहराव नहीं बल्कि परिवर्तन और तेज विकास चाहती है। उन्होंने राज्य में रोजगार, सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि विकास की संभावनाएं होने के बावजूद उनका पूरा लाभ नहीं उठाया जा सका है। उनके अनुसार राज्य को एक ऐसी शासन व्यवस्था की जरूरत है जो नीति और क्रियान्वयन दोनों स्तरों पर मजबूत हो।

    डॉ. मोहन यादव ने यह भी कहा कि राज्य के कई क्षेत्रों में युवाओं को रोजगार के लिए अन्य राज्यों की ओर जाना पड़ रहा है, जो चिंताजनक स्थिति है। उन्होंने दावा किया कि सही नीतियों और मजबूत प्रशासन के जरिए इस स्थिति को बदला जा सकता है और युवाओं को स्थानीय स्तर पर ही अवसर उपलब्ध कराए जा सकते हैं।

    चुनावी प्रचार के दौरान उन्होंने कानून व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए और कहा कि राज्य में स्थिर और जवाबदेह शासन की आवश्यकता है। उनके अनुसार जनता अब ऐसे नेतृत्व की अपेक्षा कर रही है जो विकास को प्राथमिकता दे और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाए।

    कमरहाटी और आसपास के क्षेत्रों में जनसंपर्क के दौरान मुख्यमंत्री ने लोगों से सीधे बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। कई नागरिकों ने रोजगार, महंगाई और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी चुनौतियों को उनके सामने रखा। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि राज्य में विकास केंद्रित सरकार बनती है तो इन समस्याओं के समाधान पर तेजी से काम किया जाएगा।

    मेदिनीपुर क्षेत्र में अपने संबोधन में उन्होंने केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया। उनके अनुसार जब दोनों स्तरों पर एक समान विकास दृष्टि होती है तो योजनाओं का लाभ जनता तक अधिक प्रभावी तरीके से पहुंचता है।

    चुनावी सभा के दौरान उन्होंने विपक्ष पर भी निशाना साधा और कहा कि राज्य की जनता अब बदलाव चाहती है और विकास की गति को तेज करना चाहती है। उन्होंने विकास, रोजगार और सुरक्षा को इस चुनाव का मुख्य मुद्दा बताया।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के आक्रामक प्रचार से चुनावी माहौल और अधिक प्रतिस्पर्धी हो गया है। विकास और शासन व्यवस्था को लेकर बहस अब चुनावी विमर्श का प्रमुख हिस्सा बनती जा रही है।

  • राजगढ़ कुक्षी रोड पर सड़क हादसा: अनियंत्रित होकर पलटी बस, 14 लोग घायल

    राजगढ़ कुक्षी रोड पर सड़क हादसा: अनियंत्रित होकर पलटी बस, 14 लोग घायल


    कुक्षी । मध्य प्रदेश के राजगढ़ कुक्षी मार्ग पर शनिवार सुबह एक गंभीर सड़क हादसा हो गया। आंबासोटी घाट के पास एक निजी यात्री बस अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई, जिससे बस में सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। इस दुर्घटना में 14 से अधिक लोग घायल हो गए।

    घाट पर नियंत्रण खोने से पलटी बस

    जानकारी के अनुसार, बस राजगढ़ से टांडा बाग होते हुए मनावर जा रही थी। सुबह करीब 9:30 बजे रिंगनौद के आगे टांडा घाट क्षेत्र में चालक ने बस पर नियंत्रण खो दिया, जिससे वह सड़क किनारे पलट गई। हादसे के तुरंत बाद चालक मौके से फरार हो गया।

    एक युवक की हालत गंभीर

    हादसे में संजय नामक युवक के दोनों पैर बस के नीचे दबकर बुरी तरह कुचल गए। घटना के बाद उनकी पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। डॉक्टरों के मुताबिक, संजय की स्थिति गंभीर है और प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें रेफर किया गया है। उनकी पत्नी भी घायल हुई हैं और उनका इलाज जारी है।

    तुरंत शुरू हुआ राहत-बचाव कार्य
    घटना की सूचना मिलते ही रिंगनौद चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से राहत कार्य शुरू किया गया। बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकालकर तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।

    अलग-अलग अस्पतालों में इलाज जारी

    पुलिस के अनुसार, कुल 14 यात्री घायल हुए हैं। इनमें से 7 को राजगढ़ के कंचन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है, जबकि बाकी 7 का इलाज टांडा के शासकीय अस्पताल में चल रहा है। सभी को सामान्य से मध्यम चोटें आई हैं। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है और फरार बस चालक की तलाश की जा रही है।

  • सोना और पेट्रोल डीजल की कीमतों में उतार चढ़ाव जारी बाजार में हलचल के बीच उपभोक्ताओं पर दिख रहा सीधा असर

    सोना और पेट्रोल डीजल की कीमतों में उतार चढ़ाव जारी बाजार में हलचल के बीच उपभोक्ताओं पर दिख रहा सीधा असर

    नई दिल्ली: देशभर में आज सोने और पेट्रोल डीजल की कीमतों में हल्का उतार चढ़ाव देखने को मिला है जिससे बाजार में एक बार फिर सक्रियता बढ़ गई है। कीमती धातु और ईंधन दोनों ही ऐसे क्षेत्र हैं जिनकी कीमतों पर वैश्विक आर्थिक स्थिति, मांग और आपूर्ति तथा मुद्रा विनिमय दरों का सीधा प्रभाव पड़ता है। इसी कारण हर दिन इनके भाव में हल्का बदलाव देखने को मिलता रहता है जिसका असर आम लोगों की दैनिक जीवन लागत पर साफ दिखाई देता है।

    सोने के बाजार में आज विभिन्न श्रेणियों के अनुसार कीमतों में स्थिरता के साथ हल्की हलचल दर्ज की गई है। चौबीस कैरेट सोना प्रति दस ग्राम लगभग एक लाख इक्यावन हजार रुपये से ऊपर के स्तर पर बना हुआ है जबकि तेईस कैरेट सोना भी इसी के आसपास दर्ज किया गया है। बाईस कैरेट सोना एक लाख अड़तीस हजार रुपये के करीब और अठारह कैरेट सोना एक लाख तेरह हजार रुपये के आसपास बना हुआ है। चौदह कैरेट सोने की कीमत भी अपेक्षाकृत कम स्तर पर स्थिर बनी हुई है। यह स्थिति दर्शाती है कि सोने के दामों में अचानक बड़ी तेजी या गिरावट नहीं बल्कि सीमित दायरे में उतार चढ़ाव जारी है।

    देश के प्रमुख शहरों में सोने के भाव में हल्का अंतर देखने को मिला है। राजधानी क्षेत्र में चौबीस कैरेट सोना सबसे ऊंचे स्तर के करीब दर्ज किया गया है। मुंबई और कोलकाता में भी कीमतें लगभग समान स्तर पर बनी हुई हैं। दक्षिण भारत के प्रमुख शहर चेन्नई में सोने के दाम अपेक्षाकृत अधिक रहे हैं। वहीं उत्तर भारत के लखनऊ नोएडा और गाजियाबाद जैसे क्षेत्रों में भी कीमतें लगभग समान रुझान के साथ बनी हुई हैं। यह अंतर स्थानीय कर और बाजार मांग के कारण देखने को मिलता है।

    पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी आज विभिन्न शहरों में मामूली बदलाव दर्ज किया गया है। राजधानी में पेट्रोल की कीमत लगभग चौानवे रुपये के आसपास और डीजल लगभग सत्तासी रुपये के करीब बना हुआ है। मुंबई में पेट्रोल एक सौ चार रुपये से ऊपर और डीजल बानवे रुपये के आसपास दर्ज किया गया है। कोलकाता और चेन्नई में भी ईंधन के दाम इसी तरह के स्तर पर बने हुए हैं। लखनऊ में पेट्रोल की कीमत लगभग चौरानवे रुपये के करीब और डीजल अठासी रुपये के आसपास देखा गया है। पटना और हैदराबाद जैसे शहरों में ईंधन के दाम अपेक्षाकृत अधिक स्तर पर बने हुए हैं।

    ईंधन की कीमतों में बदलाव का मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के भाव, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति और कर संरचना को माना जाता है। जब वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव होता है तो उसका सीधा असर घरेलू बाजार पर भी दिखाई देता है। इसके अलावा मांग और आपूर्ति का संतुलन भी कीमतों को प्रभावित करता है जिससे अलग अलग समय पर दामों में हल्का बदलाव देखने को मिलता है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि सोने और ईंधन दोनों की कीमतें आने वाले समय में वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों पर निर्भर रहेंगी। सोना जहां सुरक्षित निवेश का माध्यम माना जाता है वहीं पेट्रोल डीजल की कीमतें सीधे आम उपभोक्ता के दैनिक खर्च को प्रभावित करती हैं। वर्तमान स्थिति में दोनों ही बाजारों में बड़े बदलाव की बजाय सीमित दायरे में उतार चढ़ाव का रुझान बना हुआ है।

  • महू में चिप्स फैक्ट्री में बॉयलर ब्लास्ट, धमाके से मचा हड़कंप, बच्चे का चेहरा झुलसा

    महू में चिप्स फैक्ट्री में बॉयलर ब्लास्ट, धमाके से मचा हड़कंप, बच्चे का चेहरा झुलसा


    महू । मध्य प्रदेश के महू क्षेत्र के कोदरिया गांव में शनिवार सुबह एक आलू चिप्स फैक्ट्री में जोरदार धमाका हो गया। इस हादसे में बॉयलर फटने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना में फैक्ट्री परिसर में रहने वाला एक बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया।

    गंभीर हालत में बच्चे को किया रेफर
    घायल बच्चे की पहचान शुभम, पिता जितेंद्र मकवाना के रूप में हुई है। धमाके के तुरंत बाद उसे महू के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर इंदौर रेफर कर दिया गया। बताया जा रहा है कि उसका चेहरा बुरी तरह झुलस गया है।

    धमाके की आवाज से दहला इलाका
    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विस्फोट इतना तेज था कि उसकी गूंज दूर तक सुनाई दी। धमाके के बाद बॉयलर से निकलती भाप ने हालात को और भयावह बना दिया, जिससे मौके पर मौजूद लोगों में घबराहट फैल गई। शुभम अपने परिवार के साथ इसी फैक्ट्री परिसर में रहता था, जहां उसके पिता भी काम करते हैं।

    अवैध फैक्ट्रियों पर उठे सवाल
    घटना के बाद स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में संचालित फैक्ट्रियों की वैधता पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि कोदरिया और आसपास कई यूनिट बिना अनुमति के चल रही हैं, जिन पर प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। हादसे के बाद अब प्रशासनिक कार्रवाई और जांच पर सभी की नजर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते अवैध फैक्ट्रियों पर सख्ती की जाती, तो इस तरह की घटनाओं से बचा जा सकता था।