Author: bharati

  • ‘ॐ’ के उच्चारण का असर: आध्यात्म के साथ जानें इसके पीछे छिपा साइंस

    ‘ॐ’ के उच्चारण का असर: आध्यात्म के साथ जानें इसके पीछे छिपा साइंस


    नई दिल्ली। सनातन परंपरा में ‘ओम’ को केवल एक ध्वनि नहीं, बल्कि सृष्टि की मूल ऊर्जा माना गया है। हर मंत्र और ध्यान की शुरुआत इसी से होती है, लेकिन अब यह केवल आध्यात्मिक आस्था तक सीमित नहीं रहा। आधुनिक विज्ञान भी मानने लगा है कि ‘ओम’ का उच्चारण शरीर और मन दोनों पर गहरा सकारात्मक प्रभाव डालता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह ध्वनि कंपन (वाइब्रेशन) शरीर के सातों चक्रों को सक्रिय करने के साथ-साथ मस्तिष्क के न्यूरॉन्स को भी जागृत करता है, जिससे मानसिक शांति और संतुलन बढ़ता है।

    ‘ओम’ की ध्वनि में छिपा है कंपन का विज्ञान

    ‘ओम’ दरअसल ‘अ+उ+म’ का संयोग है, जिसे Om (mantra) या प्रणव भी कहा जाता है। जब इसका लंबा और गहरा उच्चारण किया जाता है, तो शरीर में सूक्ष्म कंपन उत्पन्न होते हैं। ये कंपन सीधे Nervous System पर असर डालते हैं। इससे दिमाग शांत होता है, तनाव कम होता है और एकाग्रता बढ़ती है। यही कारण है कि ध्यान और योग में ‘ओम’ को विशेष महत्व दिया गया है।

    सात चक्रों पर पड़ता है गहरा प्रभाव

    मानव शरीर में सात प्रमुख ऊर्जा केंद्र यानी चक्र माने जाते हैं—मूलाधार, स्वाधिष्ठान, मणिपुर, अनाहत, विशुद्ध, आज्ञा और सहस्रार। ‘ओम’ के उच्चारण से उत्पन्न कंपन इन चक्रों को सक्रिय करने में मदद करते हैं। इससे शरीर में ऊर्जा का प्रवाह संतुलित होता है और व्यक्ति मानसिक व शारीरिक रूप से स्थिर महसूस करता है। नियमित अभ्यास से यह संतुलन लंबे समय तक बना रहता है।

    वैज्ञानिक शोध भी करते हैं पुष्टि

    National Library of Medicine में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, ‘ओम’ का जाप ऑटोनॉमिक नर्वस सिस्टम पर सकारात्मक प्रभाव डालता है। इस शोध में पाया गया कि सिर्फ 5 मिनट के जाप से ही हार्ट रेट वेरिएबिलिटी में सुधार हुआ और तनाव के स्तर में कमी आई। यह तंत्र शरीर की अनैच्छिक क्रियाओं जैसे दिल की धड़कन और सांस को नियंत्रित करता है, इसलिए इसका संतुलन बेहद जरूरी है।

    वेगस नर्व को करता है मजबूत

    विशेषज्ञों के अनुसार, ‘ओम’ का उच्चारण Vagus Nerve को सक्रिय करता है। यह नर्व दिल, फेफड़ों और पाचन तंत्र को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाती है। जब ‘ओम’ का जाप गहरी सांस के साथ किया जाता है, तो यह नर्व उत्तेजित होती है, जिससे तनाव कम होता है, सांस लेने की क्षमता बेहतर होती है और शरीर में शांति का अनुभव होता है।

    मानसिक स्वास्थ्य और याददाश्त में सुधार

    ‘ओम’ की ध्वनि न केवल चक्रों को सक्रिय करती है, बल्कि मस्तिष्क के न्यूरॉन्स को भी उत्तेजित करती है। इससे एकाग्रता, याददाश्त और मानसिक स्पष्टता बढ़ती है। नियमित अभ्यास से चिंता, तनाव और नींद से जुड़ी समस्याएं भी कम हो सकती हैं। यही वजह है कि आजकल मानसिक स्वास्थ्य सुधारने के लिए भी इसे एक आसान और प्रभावी तकनीक माना जा रहा है।

    कैसे करें सही तरीके से ‘ओम’ का जाप?

    ‘ओम’ का सही लाभ पाने के लिए इसे सुबह खाली पेट या ध्यान के समय करना सबसे अच्छा माना जाता है। इसके लिए आराम से बैठकर गहरी सांस लें और धीरे-धीरे लंबा ‘ओम’ उच्चारित करें। फिर सांस को धीरे-धीरे छोड़ें। ध्यान रखें कि उच्चारण जितना लंबा और गहरा होगा, उतना ही अधिक कंपन पैदा होगा और लाभ भी बढ़ेगा।

    आध्यात्म और विज्ञान का अनोखा संगम

    ‘ओम’ केवल धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि वैज्ञानिक दृष्टि से भी शरीर और मन को संतुलित करने का प्रभावी माध्यम है। नियमित अभ्यास से न केवल चक्र सक्रिय होते हैं, बल्कि न्यूरॉन्स भी जागृत होते हैं, जिससे जीवन में शांति, स्थिरता और सकारात्मकता आती है।

  • एक नो बॉल ने पलट दी पूरी बाजी टिम डेविड की तूफानी पारी से सीएसके की हार तय

    एक नो बॉल ने पलट दी पूरी बाजी टिम डेविड की तूफानी पारी से सीएसके की हार तय


    नई दिल्ली । आईपीएल 2026 के एक हाई स्कोरिंग मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा लेकिन इस मैच की असली कहानी एक छोटी सी गलती से जुड़ी रही जिसने पूरे मुकाबले की दिशा ही बदल दी। यह गलती थी एक नो बॉल जिसने टिम डेविड को नया जीवन दिया और फिर उन्होंने उसी मौके को मैच विनिंग पारी में बदल दिया।

    मैच के शुरुआती चरण में चेन्नई सुपर किंग्स मुकाबले में बनी हुई थी। 13 से 14 ओवर तक स्थिति ऐसी थी कि टीम वापसी कर सकती थी और आरसीबी को एक काबू में रहने वाले स्कोर तक रोक सकती थी। हालांकि फील्डिंग में ढिलाई और पावरप्ले में विकेट न मिलना पहले ही टीम पर दबाव बना चुका था लेकिन असली झटका बाद में लगा।

    जब टिम डेविड क्रीज पर आए तो शुरुआत में वह संघर्ष करते नजर आए। उनकी पहली कुछ गेंदों पर रन नहीं बन रहे थे और ऐसा लग रहा था कि सीएसके उन्हें जल्दी पवेलियन भेज देगी। इसी दौरान 18वें ओवर में तेज गेंदबाज अंशुल कंबोज ने एक शानदार गेंद डाली जिस पर टिम डेविड बोल्ड हो गए। उस पल ऐसा लगा कि चेन्नई ने मैच में बड़ी सफलता हासिल कर ली है।

    लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। थर्ड अंपायर ने जांच के बाद पाया कि यह गेंद नो बॉल थी क्योंकि गेंदबाज का पैर क्रीज से बाहर था। यह फैसला मैच का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। टिम डेविड को न सिर्फ जीवनदान मिला बल्कि उन्हें फ्री हिट का फायदा भी मिला जिसे उन्होंने छक्के में बदल दिया।

    इसके बाद मैच पूरी तरह बदल गया। आत्मविश्वास से भर चुके टिम डेविड ने अगले ओवर में आक्रामक रुख अपनाया और गेंदबाजों पर हमला बोल दिया। खासकर 19वें ओवर में उन्होंने जिमी ओवरटन के खिलाफ जबरदस्त बल्लेबाजी करते हुए 30 रन बटोर लिए। यह ओवर ही सीएसके की उम्मीदों पर भारी पड़ गया और आरसीबी का स्कोर तेजी से 250 के पार पहुंच गया।

    अगर उस समय नो बॉल नहीं होती तो संभव था कि आरसीबी 220 से 230 रन के आसपास सिमट जाती। ऐसे में चेन्नई के बल्लेबाजों पर दबाव कम होता और मैच का नतीजा कुछ अलग हो सकता था। लेकिन क्रिकेट में छोटे-छोटे पल ही बड़े नतीजों को तय करते हैं और इस मैच में भी ऐसा ही देखने को मिला।

    मैच के बाद कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ ने भी इस बात को स्वीकार किया कि वह नो बॉल टीम के लिए भारी पड़ी। उन्होंने माना कि टिम डेविड का विकेट लगभग मिल चुका था लेकिन उस एक गलती के बाद उन्होंने पूरे मैदान पर दबदबा बना लिया।

    आखिरकार यह मुकाबला इस बात का उदाहरण बन गया कि क्रिकेट में एक छोटी सी चूक किस तरह पूरे मैच की कहानी बदल सकती है। टिम डेविड ने मिले मौके को भुनाया और सीएसके को ऐसी हार दी जो लंबे समय तक याद रखी जाएगी।

  • ओटीटी पर इस हफ्ते एंटरटेनमेंट का महाब्लास्ट क्राइम रोमांस और कॉमेडी का तगड़ा डोज तैयार

    ओटीटी पर इस हफ्ते एंटरटेनमेंट का महाब्लास्ट क्राइम रोमांस और कॉमेडी का तगड़ा डोज तैयार


    नई दिल्ली । ओटीटी प्लेटफॉर्म पर हर हफ्ते नए कंटेंट की भरमार रहती है लेकिन इस बार का हफ्ता खास तौर पर हिंदी दर्शकों के लिए बेहद दिलचस्प साबित होने वाला है। क्राइम रोमांस थ्रिलर और कॉमेडी से भरपूर कई बड़ी फिल्में और वेब सीरीज इस हफ्ते रिलीज हो रही हैं जो दर्शकों को घर बैठे शानदार एंटरटेनमेंट देने के लिए तैयार हैं। अगर आप भी कुछ नया और मजेदार देखने की तलाश में हैं तो यह लिस्ट आपके लिए परफेक्ट गाइड बन सकती है।

    इस हफ्ते की सबसे चर्चित रिलीज ओ रोमियो है जिसमें शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी की फ्रेश जोड़ी देखने को मिलेगी। यह फिल्म रोमांस और अंडरवर्ल्ड के खतरनाक खेल को एक साथ जोड़ती है। कहानी प्यार और अपराध के बीच फंसी एक ऐसी दुनिया को दिखाती है जहां हर फैसला जिंदगी बदल सकता है। शाहिद कपूर का इंटेंस अंदाज और तृप्ति डिमरी की मौजूदगी फिल्म को खास बनाती है। यह फिल्म 10 अप्रैल से ओटीटी पर स्ट्रीम होगी और उन दर्शकों के लिए खास है जो इमोशनल ड्रामा के साथ थ्रिल पसंद करते हैं।

    इसके अलावा तू या मैं भी इस हफ्ते की एक अनोखी फिल्म है जो सर्वाइवल थ्रिलर और रोमांस का अलग मिश्रण पेश करती है। कहानी एक अमीर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और एक छोटे शहर के रैपर के इर्द गिर्द घूमती है जो एक वीडियो प्रोजेक्ट के दौरान करीब आते हैं। उनकी जिंदगी में अचानक मोड़ तब आता है जब वे गोवा में एक खतरनाक स्थिति में फंस जाते हैं जहां उन्हें अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष करना पड़ता है। यह फिल्म रिश्तों और हालातों की परीक्षा को बेहद अलग अंदाज में दिखाती है।

    वेब सीरीज के शौकीनों के लिए द बॉयज का नया सीजन भी इस हफ्ते आ रहा है जो अपने डार्क और सटायर भरे अंदाज के लिए दुनियाभर में मशहूर है। इस बार कहानी और भी ज्यादा तीखी और टकराव से भरी होने वाली है जहां अच्छाई और बुराई की रेखा और धुंधली नजर आएगी। इसके अलावा साइंस फिक्शन पसंद करने वालों के लिए स्टार वार्स मॉल शैडो लॉर्ड एक शानदार विकल्प है जो एक लोकप्रिय किरदार की नई कहानी को सामने लाता है।

    कॉमेडी और फैमिली ड्रामा पसंद करने वालों के लिए द बिग मिस्टेक एक हल्की फुल्की लेकिन दिलचस्प कहानी लेकर आई है जिसमें गलतियों से पैदा हुए हालात दर्शकों को हंसाने के साथ सोचने पर भी मजबूर करते हैं। वहीं क्राइम ड्रामा पसंद करने वालों के लिए कप्तान एक दमदार वेब सीरीज है जो एक सख्त पुलिस अधिकारी की कहानी को दिखाती है जो अपराध के खिलाफ अपनी जंग में किसी भी हद तक जाने को तैयार है।

    इसके साथ ही मामला लीगल है का नया सीजन भी दर्शकों को कोर्टरूम ड्रामा के एक नए अंदाज से रूबरू कराएगा जहां एक वकील के जज बनने के बाद की चुनौतियां और दिलचस्प स्थितियां कहानी को और ज्यादा मजेदार बनाती हैं।

    कुल मिलाकर यह हफ्ता ओटीटी दर्शकों के लिए हर तरह का कंटेंट लेकर आया है चाहे आप रोमांस के मूड में हों या थ्रिलर के या फिर हल्की फुल्की कॉमेडी देखना चाहते हों आपको हर जॉनर में कुछ न कुछ नया और दिलचस्प जरूर मिलेगा।

  • रामायण से आगे निकली महाभारत जब 99.6 प्रतिशत टीआरपी ने दुनिया को चौंका दिया

    रामायण से आगे निकली महाभारत जब 99.6 प्रतिशत टीआरपी ने दुनिया को चौंका दिया

    नई दिल्ली । दूरदर्शन के स्वर्णिम दौर की बात जब भी होती है तो दो धारावाहिक सबसे पहले याद आते हैं रामायण और महाभारत। इन दोनों शोज ने भारतीय टेलीविजन के इतिहास को नई दिशा दी और दर्शकों के दिलों में गहरी जगह बनाई। हालांकि लोकप्रियता के मामले में दोनों ही धारावाहिक बेहद सफल रहे लेकिन टीआरपी के आंकड़ों में महाभारत ने एक ऐसा रिकॉर्ड बनाया जिसने उसे इतिहास के पन्नों में अमर कर दिया।

    महाभारत का प्रसारण 1988 से 1990 के बीच हुआ और इस दौरान यह शो घर घर में देखा जाने लगा। रविवार की सुबह सड़कों पर सन्नाटा छा जाता था और लोग अपने टीवी सेट के सामने बैठ जाते थे। इस धारावाहिक की भव्यता इसकी सबसे बड़ी ताकत थी। सेट डिजाइन संवाद अदायगी और किरदारों की गहराई ने इसे सिर्फ एक धार्मिक शो नहीं बल्कि एक भावनात्मक अनुभव बना दिया।

    युधिष्ठिर का किरदार निभाने वाले गजेंद्र चौहान ने एक इंटरव्यू में बताया था कि महाभारत की लोकप्रियता का अंदाजा उसकी टीआरपी से लगाया जा सकता है। उनके अनुसार जहां रामायण के पहले एपिसोड को लगभग 34 प्रतिशत और अंतिम एपिसोड को 78 प्रतिशत दर्शकों ने देखा वहीं महाभारत ने शुरुआत से ही रिकॉर्ड बनाना शुरू कर दिया था। महाभारत के पहले एपिसोड की टीआरपी लगभग 79 प्रतिशत रही और इसके अंतिम एपिसोड ने तो इतिहास ही रच दिया जब यह आंकड़ा 99.6 प्रतिशत तक पहुंच गया।

    यही वह उपलब्धि थी जिसने महाभारत को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में जगह दिलाई। उस समय दुनिया भर में इतने बड़े स्तर पर कोई भी टीवी शो इतनी बड़ी दर्शक संख्या हासिल नहीं कर पाया था। इससे पहले कुछ विदेशी शोज की टीआरपी 80 प्रतिशत के आसपास रही थी लेकिन महाभारत ने उन्हें भी पीछे छोड़ दिया।

    इस सफलता के पीछे केवल आंकड़े ही नहीं बल्कि पूरी टीम की मेहनत थी। कलाकारों ने अपने किरदारों को इतने जीवंत तरीके से निभाया कि दर्शक उनसे खुद को जोड़ने लगे। चाहे भीष्म की गंभीरता हो कृष्ण की नीति हो या द्रौपदी का साहस हर किरदार ने दर्शकों के दिल पर गहरा असर छोड़ा। यही वजह रही कि यह शो सिर्फ मनोरंजन का माध्यम नहीं बल्कि एक सांस्कृतिक अनुभव बन गया।

    महाभारत की लोकप्रियता का असर आज भी देखा जा सकता है। इसकी कहानी इसके संवाद और इसके पात्र आज भी लोगों की यादों में ताजा हैं। आधुनिक दौर में भले ही तकनीक और प्रस्तुति बदल गई हो लेकिन उस दौर की सादगी और प्रभाव आज भी बेमिसाल मानी जाती है। इस तरह महाभारत ने न केवल भारतीय टेलीविजन में अपनी अलग पहचान बनाई बल्कि पूरी दुनिया में यह साबित कर दिया कि मजबूत कहानी और सच्ची मेहनत के दम पर कोई भी शो इतिहास रच सकता है।

  • वात प्रकृति में चावल खाना सही या गलत? एक्सपर्ट्स की मानें तो जान लें ये जरूरी बातें

    वात प्रकृति में चावल खाना सही या गलत? एक्सपर्ट्स की मानें तो जान लें ये जरूरी बातें


    नई दिल्ली। आयुर्वेद के अनुसार हर व्यक्ति का शरीर उसकी प्रकृति यानी वात, पित्त और कफ पर आधारित होता है। अगर आहार और जीवनशैली इसी प्रकृति के अनुसार अपनाई जाए, तो कई बीमारियों से बचा जा सकता है। आज के समय में अनियमित खान-पान और लाइफस्टाइल के कारण खासकर Vata Dosha असंतुलन की समस्या तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या वात प्रकृति वाले लोगों को चावल खाना चाहिए या इससे परहेज करना चाहिए?

    वात प्रकृति और चावल का संबंध समझें

    आयुर्वेद बताता है कि वात दोष का स्वभाव ठंडा, हल्का और रूखा होता है। वहीं चावल का स्वाद मीठा, प्रकृति ठंडी और पचने में हल्का होता है। ऐसे में सही तरीके से चावल का सेवन किया जाए तो यह वात को बढ़ाने की बजाय संतुलित करने में मदद कर सकता है। यानी चावल पूरी तरह नुकसानदायक नहीं है, बल्कि सही नियमों के साथ यह वात प्रकृति वालों के लिए फायदेमंद भी बन सकता है।

    कैसे करें चावल का सही सेवन?

    वात प्रकृति वाले लोगों को चावल खाते समय कुछ खास बातों का ध्यान रखना चाहिए। सबसे पहले, हमेशा पुराना यानी कम से कम एक साल पुराना चावल ही खाएं। आयुर्वेद के अनुसार पुराना चावल ज्यादा सुपाच्य और गुणकारी होता है। इसके अलावा चावल हमेशा ताजा और गर्म ही खाना चाहिए। फ्रिज में रखा ठंडा या बासी चावल वात को बढ़ा सकता है और गैस, अपच जैसी समस्याएं पैदा कर सकता है।

    घी के साथ चावल बढ़ेगा फायदा

    चावल के साथ घी का सेवन करना बेहद जरूरी माना गया है। घी में चिकनाई होती है, जो शरीर के रूखेपन को कम करती है और वात दोष को शांत करने में मदद करती है। खासतौर पर Ghee के साथ चावल खाने से पाचन बेहतर होता है और शरीर को आवश्यक पोषण मिलता है।

    दोपहर में ही करें सेवन, रात में करें परहेज

    आयुर्वेद के मुताबिक चावल खाने का सबसे सही समय दोपहर का होता है, जब पाचन अग्नि सबसे मजबूत होती है। इस समय चावल आसानी से पच जाता है और शरीर को ऊर्जा देता है। वहीं रात के समय चावल खाने से कफ और वात दोनों असंतुलित हो सकते हैं, जिससे गैस, भारीपन और पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।

    इन चीजों के साथ खाने से मिलेगा ज्यादा लाभ

    वात प्रकृति वाले लोगों को चावल के साथ दही खाने से बचना चाहिए, क्योंकि यह वात को बढ़ा सकता है। इसके बजाय चावल को मूंग दाल और घी के साथ खाना बेहतर विकल्प है। यह संयोजन पाचन को आसान बनाता है और शरीर में संतुलन बनाए रखता है।

    सही तरीके से खाएं, तभी मिलेगा लाभ

    कुल मिलाकर, चावल वात प्रकृति वालों के लिए न तो पूरी तरह नुकसानदायक है और न ही हमेशा फायदेमंद। यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप इसे कैसे, कब और किसके साथ खाते हैं। सही नियमों का पालन कर चावल को अपनी डाइट में शामिल किया जाए तो यह सेहत के लिए वरदान साबित हो सकता है।

  • मंगलवार, 7 अप्रैल : अभिजित व विजय मुहूर्त सहित पंचांग विवरण

    मंगलवार, 7 अप्रैल : अभिजित व विजय मुहूर्त सहित पंचांग विवरण


    नई दिल्ली । सनातन धर्म में पंचांग के पांच अंग – तिथि नक्षत्र योग करण और वार – का विशेष महत्व है। इन्हीं के आधार पर दिन की शुरुआत और शुभ-अशुभ समय तय किया जाता है। 7 अप्रैल मंगलवार को वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि है जो दोपहर 4 बजकर 34 मिनट तक रहेगी। इसके बाद षष्ठी तिथि प्रारंभ होगी। सूर्य और चंद्रमा की गणना के अनुसार पूरे दिन पंचमी तिथि का ही प्रभाव रहेगा।

    दृक पंचांग के अनुसार मंगलवार को ज्येष्ठा नक्षत्र सुबह 5 बजकर 54 मिनट तक रहेगा इसके बाद मूल नक्षत्र शुरू होगा। योग व्यतीपात दोपहर 4 बजकर 17 मिनट तक रहेगा। सूर्योदय सुबह 6 बजकर 5 मिनट पर होगा और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 42 मिनट पर। चंद्रमा रात 11 बजकर 50 मिनट पर उदित होगा और अगले दिन सुबह 8 बजकर 56 मिनट पर अस्त होगा।

    ज्योतिष शास्त्र के अनुसार पंचांग में दिए गए शुभ-अशुभ समय को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण कार्य जैसे पूजा नया काम शुरू करना या यात्रा योजना बनाना चाहिए। शुभ मुहूर्त में किए गए कार्य फलदायी माने जाते हैं जबकि अशुभ समय में किए गए कार्य निष्फल हो सकते हैं।

    7 अप्रैल के प्रमुख शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं – ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 34 मिनट से 5 बजकर 19 मिनट तक अभिजित मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 58 मिनट से 12 बजकर 49 मिनट तक और विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 20 मिनट तक रहेगा। इसके अलावा गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 41 मिनट से 7 बजकर 4 मिनट तक और अमृत काल शाम 8 बजकर 1 मिनट से 9 बजकर 49 मिनट तक प्रभावी रहेगा।

    अशुभ समय की बात करें तो राहुकाल दोपहर 3 बजकर 33 मिनट से 5 बजकर 8 मिनट तक यमगण्ड सुबह 9 बजकर 14 मिनट से 10 बजकर 49 मिनट तक गुलिक काल दोपहर 12 बजकर 23 मिनट से 1 बजकर 58 मिनट तक रहेगा। इसके अतिरिक्त दुर्मुहूर्त सुबह 8 बजकर 36 मिनट से 9 बजकर 27 मिनट तक और वर्ज्य समय सुबह 9 बजकर 14 मिनट से 11 बजकर 2 मिनट तक रहेगा। पूरे दिन गण्ड मूल का प्रभाव रहेगा और बाण रज सुबह 6 बजकर 32 मिनट तक सक्रिय रहेगा।

    इस प्रकार 7 अप्रैल का दिन पंचांग के अनुसार कई महत्वपूर्ण मुहूर्त प्रदान करता है जिनका उपयोग पूजा यात्रा और नए कार्यों में किया जा सकता है। साथ ही अशुभ समय से बचकर कार्य करने से समस्याओं और असफलताओं से बचा जा सकता है। यह दिन विशेष रूप से अभिजित और विजय मुहूर्त के लिए अनुकूल माना जा रहा है।

  • अनार के छिलके के चमत्कारी फायदे! दस्त से लेकर कब्ज तक देगा राहत

    अनार के छिलके के चमत्कारी फायदे! दस्त से लेकर कब्ज तक देगा राहत


    नई दिल्ली। अनार एक ऐसा फल है जिसे सेहत का खजाना कहा जाता है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इसका छिलका भी औषधीय गुणों से भरपूर होता है। आयुर्वेद में अनार को ‘दाडिम’ कहा गया है और इसे वात, पित्त और कफ को संतुलित करने वाला माना जाता है। आधुनिक समय में भले ही अनार सालभर उपलब्ध हो, लेकिन इसके पारंपरिक उपयोग आज भी उतने ही प्रभावी हैं। यह न केवल शरीर में रक्त बढ़ाता है, बल्कि पाचन तंत्र को मजबूत कर शरीर को अंदर से ऊर्जा भी प्रदान करता है। खास बात यह है कि अनार का छिलका, जिसे अक्सर फेंक दिया जाता है, कई बीमारियों में घरेलू उपचार के रूप में बेहद कारगर साबित हो सकता है।

    त्वचा समस्याओं में असरदार, मुहांसों से दिलाए राहत

    अगर आप मुहांसे, दाग-धब्बों या एक्ने से परेशान हैं, तो अनार के छिलके का उपयोग एक नेचुरल फेसपैक के रूप में किया जा सकता है। इसके लिए सूखे छिलकों का चूर्ण बनाकर उसमें गुलाबजल मिलाएं और पेस्ट तैयार करें। इस पेस्ट को हफ्ते में दो बार चेहरे पर लगाने से त्वचा पर मौजूद बैक्टीरिया कम होते हैं और स्किन साफ व निखरी नजर आती है। यह उपाय केमिकल प्रोडक्ट्स के मुकाबले सुरक्षित और किफायती भी है।

    अतिसार और पाचन समस्याओं में रामबाण

    गर्मियों में अक्सर खानपान की गड़बड़ी से अतिसार (डायरिया) की समस्या हो जाती है। ऐसे में अनार के छिलके का पाउडर बेहद लाभकारी माना गया है। इसे छाछ में मिलाकर थोड़ा जीरा डालकर सेवन करने से आंतों में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया कम होते हैं और सूजन से राहत मिलती है। यही नहीं, यह मिश्रण पाचन शक्ति को भी बेहतर बनाता है, जिससे बार-बार होने वाली पेट की समस्याओं से बचाव होता है।

    कब्ज और बवासीर में भी फायदेमंद

    अनार का छिलका सिर्फ अतिसार ही नहीं, बल्कि कब्ज और बवासीर जैसी समस्याओं में भी राहत देता है। आयुर्वेद के अनुसार, इसके पाउडर को छाछ के साथ लेने से पाचन तंत्र संतुलित रहता है और मल त्याग सुचारु होता है। इससे बवासीर में होने वाली तकलीफ भी कम हो सकती है। नियमित और सही मात्रा में इसका सेवन करने से पेट से जुड़ी कई समस्याएं धीरे-धीरे नियंत्रित हो सकती हैं।

    बच्चों के पेट के कीड़े और कमजोरी में उपयोगी

    बच्चों में पेट के कीड़े होना एक आम समस्या है, खासकर जब वे बिना हाथ धोए खाना खाते हैं। ऐसे में रोजाना खाली पेट अनार के दाने खिलाना फायदेमंद होता है। इससे आंतों में मौजूद कीड़ों का नाश होता है और पेट दर्द में राहत मिलती है। इसके अलावा, अगर शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी हो, तो रोज एक अनार खाना फायदेमंद माना जाता है। ध्यान रखें कि जूस की बजाय सीधे दाने खाना बेहतर होता है, क्योंकि इसमें फाइबर भरपूर मात्रा में मौजूद रहता है।

  • अमेरिका ईरान तनाव चरम पर ट्रंप की सख्त चेतावनी दूतावास ने कहा स्ट्रेट पहले से खुला

    अमेरिका ईरान तनाव चरम पर ट्रंप की सख्त चेतावनी दूतावास ने कहा स्ट्रेट पहले से खुला


    नई दिल्ली । अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव अब बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंचता नजर आ रहा है जहां बयानबाजी के साथ साथ सैन्य कार्रवाई की आशंकाएं भी तेज हो गई हैं। डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर ईरान को कड़ा अल्टीमेटम देते हुए साफ कर दिया है कि अगर होर्मुज स्ट्रेट को लेकर उसकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो बड़े पैमाने पर हमले किए जा सकते हैं।

    ट्रंप ने ईरान को सोमवार तक की मोहलत देते हुए चेतावनी दी है कि यदि मंगलवार तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह नहीं खोला गया तो ईरान के पावर प्लांट और पुलों को निशाना बनाया जाएगा। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बेहद सख्त लहजे में लिखा कि ईरान के लिए आने वाला दिन पावर प्लांट और ब्रिज डे जैसा साबित हो सकता है जो अभूतपूर्व होगा। यह बयान इस बात का संकेत है कि अमेरिका केवल कूटनीतिक दबाव तक सीमित नहीं रहना चाहता बल्कि सैन्य विकल्पों पर भी गंभीरता से विचार कर रहा है।

    हालांकि ईरान की ओर से इस पर तुरंत प्रतिक्रिया आई है। फिनलैंड में स्थित ईरानी दूतावास ने ट्रंप के बयान को खारिज करते हुए कहा कि होर्मुज स्ट्रेट पहले से खुला हुआ है और उसके मित्र देशों के जहाजों के लिए किसी तरह की बाधा नहीं है। दूतावास ने यह भी कहा कि इस तरह के संवेदनशील मुद्दों पर सार्वजनिक बयान देते समय संयम और तथ्यों का ध्यान रखना जरूरी है।

    ईरान की इस प्रतिक्रिया से साफ है कि वह अमेरिकी आरोपों को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है और अपने रुख पर कायम है। साथ ही उसने ट्रंप के बयान के लहजे पर भी सवाल उठाते हुए अप्रत्यक्ष रूप से इसे गैर जिम्मेदाराना बताया है।

    इस बीच ट्रंप ने द वॉल स्ट्रीट जर्नल को दिए इंटरव्यू में भी अपने सख्त रुख को दोहराया। उन्होंने कहा कि अगर ईरान तय समयसीमा तक कदम नहीं उठाता है तो उसके इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। उन्होंने यहां तक कहा कि ईरान अपने पूरे देश में मौजूद पावर प्लांट्स और अन्य महत्वपूर्ण सुविधाएं खो सकता है।

    ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच बातचीत की कोशिशें भी जारी हैं लेकिन नतीजा अभी तक सामने नहीं आया है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि बातचीत के दरवाजे पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं लेकिन यदि ईरान ने सहयोग नहीं किया तो अमेरिका कड़े कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा।

    होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक स्तर पर बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है जहां से दुनिया के बड़े हिस्से का तेल परिवहन होता है। ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी तरह का तनाव न केवल मध्य पूर्व बल्कि पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकता है।

    कुल मिलाकर स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है जहां एक ओर कूटनीतिक बातचीत जारी है वहीं दूसरी ओर सैन्य टकराव का खतरा भी मंडरा रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्या आने वाले दिनों में कोई समाधान निकलता है या फिर यह तनाव और ज्यादा गहरा होकर बड़े संघर्ष का रूप ले लेता है।

  • Perimenopause में राहत पाने के लिए सोहा अली का खास नुस्खा, घर पर बनाएं हेल्दी ड्रिंक

    Perimenopause में राहत पाने के लिए सोहा अली का खास नुस्खा, घर पर बनाएं हेल्दी ड्रिंक


    नई दिल्ली। अभिनेत्री सोहा अली खान एक बार फिर अपने हेल्थ टिप्स को लेकर चर्चा में हैं। इस बार उन्होंने महिलाओं के लिए बेहद अहम विषय पेरिमेनोपॉज पर खुलकर बात की है। सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने अनुभव में सोहा ने बताया कि मेनोपॉज से पहले का यह दौर शरीर में कई बदलाव लेकर आता है, जो रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर सकते हैं। खासतौर पर हार्मोनल उतार-चढ़ाव के कारण एसिडिटी, पेट फूलना और कैफीन के प्रति संवेदनशीलता जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। सोहा ने बताया कि पहले उनकी सुबह कॉफी के बिना अधूरी रहती थी, लेकिन पेरिमेनोपॉज के बाद खाली पेट कॉफी पीना उनके लिए परेशानी का कारण बनने लगा। ऐसे में उन्होंने अपनी दिनचर्या में एक हेल्दी और नेचुरल ड्रिंक को शामिल किया, जिसने उन्हें काफी राहत दी।

    कॉफी की जगह अपनाया हेल्दी ड्रिंक, मिल रहे शानदार फायदे

    सोहा के मुताबिक, उन्होंने अपनी सुबह की शुरुआत अब एक साधारण लेकिन असरदार ड्रिंक से करनी शुरू कर दी है। यह ड्रिंक शरीर को हाइड्रेट रखने के साथ-साथ पाचन को बेहतर बनाती है और पेट फूलने की समस्या को कम करने में मदद करती है। इसमें मौजूद प्राकृतिक तत्व शरीर को धीरे-धीरे एनर्जी देते हैं, जिससे पूरे दिन एक्टिव महसूस होता है। खास बात यह है कि यह ड्रिंक कैफीन की तरह अचानक असर नहीं करती, बल्कि शरीर को संतुलित तरीके से ऊर्जा प्रदान करती है। सोहा का कहना है कि इस छोटे से बदलाव ने उनकी सेहत पर बड़ा सकारात्मक असर डाला है और वह अब खुद को ज्यादा हल्का और संतुलित महसूस करती हैं।

    क्या है इस ड्रिंक की खासियत? जानिए इसके फायदे

    इस हेल्दी ड्रिंक में इस्तेमाल होने वाली चीजें न सिर्फ आसानी से उपलब्ध हैं, बल्कि आयुर्वेदिक दृष्टि से भी बेहद फायदेमंद मानी जाती हैं। गर्म पानी के साथ नींबू शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करता है, वहीं अदरक पाचन को मजबूत करता है। चिया सीड्स फाइबर और ओमेगा-3 से भरपूर होते हैं, जो पेट को लंबे समय तक भरा रखते हैं और ब्लोटिंग कम करते हैं। इसके अलावा हल्दी, जिसमें करक्यूमिन पाया जाता है, सूजन कम करने और एंटीऑक्सीडेंट गुणों के लिए जानी जाती है। जब हल्दी को काली मिर्च के साथ लिया जाता है, तो शरीर में इसका अवशोषण बेहतर हो जाता है, जिससे जोड़ों की अकड़न और सूजन में भी राहत मिलती है ये समस्याएं पेरिमेनोपॉज के दौरान आम होती हैं।

    ऐसे बनाएं यह आसान हेल्दी ड्रिंक

    सोहा ने इस ड्रिंक की रेसिपी भी बेहद सरल तरीके से साझा की है। इसके लिए आधा गिलास गुनगुना पानी लें और उसमें आधा नींबू निचोड़ें। फिर इसमें एक चुटकी सेंधा नमक, हल्दी और काली मिर्च मिलाएं। इसके बाद रातभर भिगोए हुए चिया सीड्स और ताजा कसा हुआ अदरक डालें। इस मिश्रण को अच्छी तरह मिलाकर एक मिनट तक छोड़ दें, फिर धीरे-धीरे घूंट-घूंट करके पिएं। सोहा के अनुसार, वह रोज सुबह सबसे पहले यह ड्रिंक लेती हैं और करीब 20–30 मिनट बाद नाश्ता करती हैं।

    जरूरी सावधानियां और सलाह

    सोहा ने यह भी स्पष्ट किया कि चिया सीड्स को हमेशा भिगोकर ही इस्तेमाल करना चाहिए, क्योंकि सूखे चिया सीड्स निगलने में परेशानी पैदा कर सकते हैं। जिन लोगों को पेट या निगलने से जुड़ी समस्या है, उन्हें यह ड्रिंक लेने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि पेरिमेनोपॉज और हार्मोनल बदलाव जैसे विषयों पर उन्होंने Mini Mathur और Dr. Sukhpreet Patel के साथ एक विस्तृत चर्चा भी की है, जो उनके यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध है।

  • अमेरिका ईरान तनाव के बीच ट्रंप का बड़ा दावा समझौते की उम्मीद लेकिन सैन्य विकल्प तैयार

    अमेरिका ईरान तनाव के बीच ट्रंप का बड़ा दावा समझौते की उम्मीद लेकिन सैन्य विकल्प तैयार


    नई दिल्ली । अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच Donald Trump का ताजा बयान वैश्विक राजनीति में हलचल पैदा कर रहा है। उन्होंने दावा किया है कि अमेरिका ईरान के साथ गहरी और गंभीर बातचीत में जुटा हुआ है लेकिन साथ ही यह भी साफ कर दिया है कि अगर हालात नहीं सुधरे तो सैन्य कार्रवाई का रास्ता भी खुला रखा गया है। इस दोहरे रुख ने संकेत दिया है कि आने वाले दिन मध्य पूर्व के लिए बेहद अहम साबित हो सकते हैं।

    इजरायली मीडिया से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि उनकी सरकार ईरान के साथ संघर्ष विराम की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है और इसके लिए कई चैनलों के जरिए संपर्क बनाए हुए हैं। उन्होंने बताया कि इस कूटनीतिक पहल की अगुवाई उनके करीबी सहयोगी स्टीव विटकॉफ और Jared Kushner कर रहे हैं जो अलग अलग देशों के माध्यम से बातचीत को आगे बढ़ा रहे हैं।

    सूत्रों के अनुसार बातचीत दो स्तरों पर चल रही है। एक तरफ पाकिस्तान मिस्र और तुर्की जैसे देश मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं और दोनों पक्षों के बीच अप्रत्यक्ष संवाद कायम कर रहे हैं। दूसरी तरफ अमेरिकी प्रतिनिधि सीधे ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi के संपर्क में हैं। इन प्रयासों का मकसद किसी ऐसे समझौते तक पहुंचना है जिससे तनाव कम हो सके और टकराव टाला जा सके।

    हालांकि अब तक की बातचीत से कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया है लेकिन ट्रंप ने उम्मीद जताई है कि तय समय सीमा से पहले समझौता हो सकता है। उन्होंने संकेत दिया कि मंगलवार तक स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। इसी के साथ उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर ईरान ने अमेरिका की शर्तें नहीं मानी तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।

    ट्रंप का बयान खास तौर पर उस समय आया है जब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है और इसके बंद होने से पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है। ट्रंप ने ईरान से इसे तुरंत खोलने की मांग दोहराई है।

    उन्होंने यहां तक कहा कि अगर ईरान तय समय सीमा तक इस मुद्दे पर सहमति नहीं देता तो अमेरिका उसके पावर प्लांट्स को निशाना बना सकता है। यह बयान इस बात का संकेत है कि अमेरिका केवल कूटनीतिक दबाव तक सीमित नहीं रहना चाहता बल्कि जरूरत पड़ने पर सैन्य कार्रवाई के लिए भी तैयार है।

    कुल मिलाकर स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है जहां एक ओर बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश हो रही है वहीं दूसरी ओर युद्ध जैसे हालात बनने का खतरा भी बना हुआ है। अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या दोनों देश बातचीत के जरिए समाधान निकाल पाएंगे या फिर यह तनाव किसी बड़े टकराव में बदल जाएगा।