Author: bharati

  • शूटिंग खत्म, लेकिन किस्मत अटकी-आज तक रिलीज नहीं हो पाईं ये फिल्में

    शूटिंग खत्म, लेकिन किस्मत अटकी-आज तक रिलीज नहीं हो पाईं ये फिल्में


    नई दिल्ली। बॉलीवुड में फिल्म बनाना लंबी और मेहनत भरी प्रक्रिया होती है—स्टार्स, डायरेक्टर्स और पूरी टीम सालों तक काम करती है। लेकिन कई बार ऐसा भी होता है कि शूटिंग पूरी होने के बावजूद फिल्में रिलीज तक नहीं पहुंच पातीं। आज हम आपको ऐसी ही फिल्मों के बारे में बता रहे हैं, जो बनकर तैयार हैं लेकिन अब तक पर्दे से दूर हैं।

    Chakda ‘Xpress – अनुष्का शर्मा का रुका हुआ कमबैक

    Anushka Sharma ने इस फिल्म की शूटिंग साल 2022 में पूरी कर ली थी। इसमें वह भारतीय महिला क्रिकेटर Jhulan Goswami का किरदार निभा रही हैं। फिल्म को Netflix पर रिलीज होना था और इसे अनुष्का के कमबैक के रूप में देखा जा रहा था, लेकिन अब तक इसकी रिलीज डेट सामने नहीं आई है।

    The Battle of Bhima Koregaon – ऐतिहासिक कहानी, रिलीज अटकी

    इस फिल्म में Arjun Rampal लीड रोल में हैं। कहानी 1818 की ऐतिहासिक लड़ाई पर आधारित है, जिसमें सिद्धनक महार की वीरता को दिखाया गया है। फिल्म की शूटिंग काफी पहले पूरी हो चुकी है, लेकिन अभी तक इसकी रिलीज को लेकर कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई।

    Sanaa – फेस्टिवल में तारीफ, थिएटर में इंतजार

    Radhika Madan स्टारर इस फिल्म का प्रीमियर कई फिल्म फेस्टिवल्स में हो चुका है और इसे सराहना भी मिली। बावजूद इसके, फिल्म अब तक थिएटर या ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज नहीं हो पाई है।

    Section 84 – अमिताभ बच्चन की फिल्म पर सस्पेंस

    Amitabh Bachchan, Abhishek Banerjee और Diana Penty स्टारर इस फिल्म की शूटिंग 2023 में पूरी हो चुकी थी। लेकिन अब तक मेकर्स ने इसकी रिलीज डेट को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।

    Shlok – The Desi Sherlock – बॉबी देओल की स्पाई थ्रिलर अटकी

    Bobby Deol की यह स्पाई थ्रिलर फिल्म 2022 में ही बनकर तैयार हो गई थी। इसे Kunal Kohli ने डायरेक्ट किया है। इस फिल्म के जरिए Ananya Birla ने एक्टिंग डेब्यू किया था, लेकिन रिलीज अब तक नहीं हो सकी।

    Shoebite – पूरी फिल्म, फिर भी रिलीज नहीं

    Amitabh Bachchan की यह फिल्म Shoojit Sircar के निर्देशन में बनी थी। फिल्म पूरी तरह तैयार है, लेकिन कानूनी और प्रोडक्शन से जुड़े कारणों के चलते यह आज तक रिलीज नहीं हो पाई।

    इन फिल्मों का अटका रहना यह दिखाता है कि फिल्म इंडस्ट्री में सिर्फ शूटिंग पूरी होना ही काफी नहीं होता। रिलीज के लिए कई और पहलुओं का सही होना जरूरी है चाहे वह कानूनी मुद्दे हों, प्लेटफॉर्म की रणनीति या मार्केटिंग प्लान।

  • रियलिज़्म के नाम पर बिंदास भाषा, इन फिल्मों ने मचा दी थी सनसनी

    रियलिज़्म के नाम पर बिंदास भाषा, इन फिल्मों ने मचा दी थी सनसनी


    नई दिल्ली। हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘धुरंधर’ और उसके सीक्वल ‘धुरंधर 2: द रिवेंज’ अपनी कहानी से ज्यादा संवादों में इस्तेमाल हुई गालियों को लेकर चर्चा में हैं। सोशल मीडिया पर इसे लेकर बहस छिड़ी हुई है—कुछ लोग इसे रियलिस्टिक बताते हैं तो कुछ इसे ओवरडोज मानते हैं। हालांकि, फिल्मों में कच्ची और तीखी भाषा का इस्तेमाल कोई नया ट्रेंड नहीं है। इससे पहले भी कई ऐसी फिल्में आ चुकी हैं जिन्होंने अपनी बोल्ड डायलॉग डिलीवरी से सिनेमा में अलग पहचान बनाई।

    Gangs of Wasseypur – देसी गालियों का ‘गोल्ड स्टैंडर्ड’
    Anurag Kashyap की इस फिल्म को गालियों के इस्तेमाल का सबसे बड़ा उदाहरण माना जाता है। बिहार की देहाती भाषा और कच्चे संवादों ने फिल्म को रियल और रॉ बना दिया। यहां गालियां सिर्फ शब्द नहीं थीं, बल्कि कहानी का हिस्सा बन गईं।

    Delhi Belly – शहरी स्लैंग का बेबाक अंदाज
    Aamir Khan के प्रोडक्शन में बनी इस डार्क कॉमेडी फिल्म ने शहरी गालियों को मेनस्ट्रीम में ला दिया। ‘एफ-वर्ड’ जैसे शब्दों का खुलकर इस्तेमाल उस समय काफी चौंकाने वाला था, लेकिन युवाओं ने इसे खूब पसंद किया।

    Omkara – देसी बोली में तीखापन
    Vishal Bhardwaj ने शेक्सपियर के ‘ओथेलो’ को देसी अंदाज में पेश करते हुए उत्तर प्रदेश की कड़क भाषा और गालियों का इस्तेमाल किया। इससे किरदार और भी असली और प्रभावशाली लगे।

    Bandit Queen – विवादों में घिरी कड़वी सच्चाई
    Shekhar Kapur की इस फिल्म में फूलन देवी की जिंदगी को बिना किसी लाग-लपेट के दिखाया गया। इसकी भाषा और सीन्स को लेकर सेंसर बोर्ड से लंबी लड़ाई चली, लेकिन फिल्म ने सिनेमा में रियलिज्म की नई परिभाषा दी।

    Udta Punjab – सिस्टम की सच्चाई दिखाती कच्ची भाषा
    पंजाब के ड्रग संकट पर बनी इस फिल्म में किरदारों की हताशा और गुस्से को दिखाने के लिए गालियों का खुलकर इस्तेमाल किया गया। सेंसर बोर्ड के साथ इसकी लड़ाई भी काफी चर्चा में रही।

    Satya – अंडरवर्ल्ड की असली भाषा
    Ram Gopal Varma की इस कल्ट क्लासिक फिल्म में मुंबई अंडरवर्ल्ड की कड़वी हकीकत को दिखाने के लिए सड़कछाप भाषा और गालियों का बेहतरीन इस्तेमाल हुआ। इससे किरदारों की खौफनाक छवि और मजबूत बनी।

    Animal – एग्रेसिव भाषा का नया ट्रेंड
    Ranbir Kapoor स्टारर इस फिल्म ने हाल के समय में अपने हिंसक संवादों और तीखी भाषा से काफी विवाद खड़ा किया। Sandeep Reddy Vanga की इस फिल्म ने बड़े बजट के सिनेमा में ‘वर्बल एग्रेसन’ को नया आयाम दिया।

    ‘धुरंधर’ को लेकर चल रही बहस के बीच यह साफ है कि फिल्मों में गालियों का इस्तेमाल हमेशा से कहानी को ज्यादा रियल और प्रभावी बनाने के लिए किया जाता रहा है। फर्क सिर्फ इतना है कि समय के साथ इसकी तीव्रता और स्वीकार्यता बदलती गई है।

  • एमपी में 3 जिलों में लू का अलर्ट, 6 में बारिश की संभावना, रतलाम में पारा 44°C पहुंचा

    एमपी में 3 जिलों में लू का अलर्ट, 6 में बारिश की संभावना, रतलाम में पारा 44°C पहुंचा


    भोपाल। मध्य प्रदेश में तेज गर्मी के बीच मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। शनिवार को जहां लू जैसी गर्म हवाएं चलीं, वहीं कई जिलों में बादलों की आवाजाही भी बनी रही। रतलाम में तापमान रिकॉर्ड 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि राजधानी भोपाल में दिनभर बादल छाए रहे। रविवार को निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की गई है। इसके साथ ही 6 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है।

    अप्रैल महीने में यह दूसरी बार है जब प्रदेश में मौसम बदलने के संकेत मिले हैं। इससे पहले 1 से 9 अप्रैल के दौरान पूरे राज्य में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर देखने को मिला था। इसके बाद तेज गर्मी ने जोर पकड़ लिया। अब करीब 10 दिन बाद मौसम विभाग, भोपाल ने फिर से बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है।

    पहली बार 44 डिग्री के पार पहुंचा तापमान

    इस सीजन में पहली बार प्रदेश का अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा है। मौसम विभाग के अनुसार, रतलाम में सबसे ज्यादा तापमान दर्ज किया गया। उमरिया में 43.8 डिग्री और मंडला में 43.2 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ।

    खजुराहो (छतरपुर) में 42.9 डिग्री, गुना में 42.8 डिग्री, दतिया में 42.6 डिग्री, दमोह और नौगांव में 42.5 डिग्री, जबकि टीकमगढ़ और सतना में तापमान 42.2 डिग्री सेल्सियस रहा। बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर सबसे गर्म रहा, जहां पारा 41.9 डिग्री तक पहुंचा। भोपाल में 41.4 डिग्री, जबलपुर में 41.7 डिग्री, इंदौर में 40.4 डिग्री और उज्जैन में 40.6 डिग्री दर्ज किया गया।

    तेज गर्मी से बचाव के लिए सलाह जारी

    गर्मी के बढ़ते असर को देखते हुए मौसम विभाग ने एडवायजरी भी जारी की है। लोगों को दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और खुद को हाइड्रेट रखने की सलाह दी गई है। दोपहर के समय तेज धूप में ज्यादा देर तक बाहर न रहने, हल्के और सूती कपड़े पहनने की भी अपील की गई है। खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों को अतिरिक्त सावधानी बरतने के लिए कहा गया है।
  • नीम की प्राकृतिक शक्ति से लिवर स्वास्थ्य को नया सहारा..

    नीम की प्राकृतिक शक्ति से लिवर स्वास्थ्य को नया सहारा..

    नई दिल्ली ।आज की तेज रफ्तार जीवनशैली में लिवर से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। अनियमित खानपान, फास्ट फूड का बढ़ता चलन, तनाव और शारीरिक सक्रियता की कमी ने इस महत्वपूर्ण अंग पर गहरा असर डाला है। इसी बीच आयुर्वेद में सदियों से उपयोग हो रहा नीम एक बार फिर चर्चा में है, जिसे लिवर के लिए प्राकृतिक सहायक और शरीर की आंतरिक सफाई में मददगार माना जाता है। हजुरगंज और आसपास के क्षेत्रों में भी लोग अब पारंपरिक जड़ी बूटियों की ओर लौटते नजर आ रहे हैं।

    लिवर पर बढ़ता आधुनिक जीवनशैली का दबाव

    चिकित्सकीय दृष्टिकोण के अनुसार लिवर शरीर का वह हिस्सा है जो विषैले तत्वों को बाहर निकालने, पाचन प्रक्रिया को नियंत्रित करने और ऊर्जा संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। लेकिन गलत खानपान और असंतुलित दिनचर्या के कारण इसकी कार्यक्षमता प्रभावित होने लगती है। शुरुआती स्तर पर थकान, अपच, भूख में कमी और सुस्ती जैसे लक्षण दिखाई देते हैं, जिन्हें लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। यही लापरवाही आगे चलकर गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है।

    आयुर्वेद में नीम का विशेष स्थान

    आयुर्वेदिक ग्रंथों में नीम को अत्यंत महत्वपूर्ण औषधीय वृक्ष माना गया है। इसकी पत्तियां, छाल और अन्य भागों का उपयोग परंपरागत रूप से शरीर की शुद्धि और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में किया जाता रहा है। नीम की कड़वाहट को इसके औषधीय गुणों का प्रतीक माना जाता है। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार यह शरीर में जमा विषैले तत्वों को कम करने में सहायक होता है और लिवर को प्राकृतिक रूप से मजबूत बनाए रखने में मदद करता है।

    नीम के सेवन के पारंपरिक तरीके

    ग्रामीण और आयुर्वेदिक परंपराओं में नीम की ताजी पत्तियों का सेवन सुबह खाली पेट सीमित मात्रा में करने की सलाह दी जाती रही है। कुछ लोग नीम की पत्तियों का काढ़ा बनाकर पीते हैं, जबकि कई स्थानों पर इसे उबालकर उसके पानी का उपयोग किया जाता है। माना जाता है कि यह प्रक्रिया शरीर की आंतरिक सफाई में मदद करती है और पाचन तंत्र को सक्रिय बनाती है। हालांकि विशेषज्ञ हमेशा संतुलित मात्रा और सही मार्गदर्शन में इसके उपयोग की सलाह देते हैं।

    शरीर की प्रतिरोधक क्षमता में सहायक

    नीम को केवल लिवर तक सीमित नहीं माना जाता, बल्कि यह संपूर्ण शरीर के लिए उपयोगी बताया गया है। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार यह रक्त शुद्धि में सहायक होता है और त्वचा संबंधी समस्याओं को कम करने में मदद करता है। मुंहासे, दाग धब्बे और अन्य त्वचा विकारों में इसके उपयोग की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। इसके अलावा यह शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को भी मजबूत बनाने में भूमिका निभाता है, जिससे मौसमी बीमारियों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है।


    आधुनिक जीवन में फिर बढ़ी प्राकृतिक उपायों की मांग

    बदलती जीवनशैली और बढ़ते दुष्प्रभावों के बीच लोग फिर से प्राकृतिक और पारंपरिक उपचारों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। नीम जैसे औषधीय पौधों को लेकर जागरूकता बढ़ रही है और लोग इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी प्राकृतिक औषधि का उपयोग सोच समझकर और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार ही करना चाहिए ताकि इसका लाभ सुरक्षित रूप से प्राप्त हो सके।


    संतुलित उपयोग ही है सही तरीका

    स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं कि नीम जैसे शक्तिशाली औषधीय पौधे का उपयोग लाभकारी हो सकता है, लेकिन इसकी अधिक मात्रा शरीर पर विपरीत प्रभाव भी डाल सकती है। इसलिए इसे सीमित और नियंत्रित रूप में ही अपनाना चाहिए। सही जीवनशैली, संतुलित आहार और नियमित व्यायाम के साथ यदि प्राकृतिक उपायों को जोड़ा जाए तो लिवर स्वास्थ्य को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है।

  • गोवा की साध्वी सैल बनी मिस इंडिया 2026, राजनंदिनी फर्स्ट और अद्वैता रहीं सेकंड रनरअप

    गोवा की साध्वी सैल बनी मिस इंडिया 2026, राजनंदिनी फर्स्ट और अद्वैता रहीं सेकंड रनरअप


    भुवनेश्वर।
    शनिवार को भुवनेश्वर के केआईआईटी (KIIT, Bhubaneswar) में 61वें मिस इंडिया प्रतियोगिता (61st Miss India Grand Finale) का आयोजन हुआ जहां साल 2026 का मिस इंडिया वर्ल्ड खिताब (Miss India World title year 2026) गोवा की साध्वी सैल (Sadhvi sail) ने अपने नाम किया। साध्वी ने टॉप 3 में उत्तर प्रदेश की अद्वैता और महाराष्ट्र की राजनंदिनी को पछाड़कर यह खिताब अपने नाम किया। इस प्रतियोगिता में राजनंदिनी मिस इंडिया 2026 की फर्स्ट रनरअप और अद्वैता सेकंड रनरअप बनीं।


    कई सेलेब्स हुए शामिल, हुईं धमाकेदार परफॉर्मेंस

    इस इवेंट में सेलिना जेटली, मधुर भंडारकर, जीनत अमान, टेंरेस लुईस, अमाल मलिक, नेहा धूपिया शामिल नजर आए। इवेंट को मनीष पॉल और सारा जेन डियाज ने होस्ट किया। वहीं लॉरेन गॉटलिब और ईशान खट्टर की डांस परफॉर्म देखने को मिली। साथ ही जुबिन नौटियाल अपनी सुरीली आवाज से इवेंट में समा बांधते दिखे।


    ईशान खट्टर इवेंट में पहुंचे

    ईशान खट्टर अपने डांस परफॉर्म से पहले 61वें मिस इंडिया इवेंट में पहुंचे। उन्होंने सभी प्रतियोगियों को शुभकामनाएं दीं। वह भी इस इवेंट का हिस्सा बनकर और अपनी डांस परफाॅर्मेंस को लेकर उत्साहित थे।


    जीनत अमान और नेहा धूपिया के अलावा कई सेलेब्स इवेंट में नजर आए

    मिस इंडिया इवेंट के रेड कारपेट पर जीनत अमान, नेहा धूपिया, डायरेक्टर मधुर भंडारकर, सिंगर अमाल मलिक जैसे कई सेलेब्स दिखाई दिए। कुछ सेलेब्स इस इवेंट के जज बने तो कुछ यहां पर परफाॅर्म करने पहुंचे।


    सेलिना जेटली भी ग्लैमरस लुक में दिखीं

    एक लंबे वक्त के बाद सेलिना जेटली ग्लैमर वर्ल्ड में एक्टिव हुईं। वह भी मिस इंडिया इवेंट में शामिल हुईं। उनका गाउन लुक काफी चर्चा में रहा।


    मनीष पॉल ने होस्ट किया इवेंट, सिंगर जुबिन नौटियाल ने गाया गाना

    मिस इंडिया के स्टेज पर मनीष पॉल ने इवेंट को होस्ट किया। जज से सबको रूबरू करवाया। इसके बाद सिंगर जुबिन नौटियाल ने अपनी मीठी, सुरीली आवाज में गाना गया। इस परफॉर्मेंस के दौरान मिस इंडिया का गाउन राउंड भी हुआ। मिस इंडिया का ताज जीतने के लिए प्रतियोगी काफी मेहनत करती दिखीं।


    मिस इंडिया टॉप 15 प्रतियोगियों ने दिया अपना परिचय

    मिस इंडिया इवेंट में 30 प्रतियोगी शामिल हुई थीं। एक अहम राउंड के बाद केवल 15 प्रतियोगी रह गईं। सबने जज के सामने अपना परिचय दिया।

    ब्यूटी पेजेंट में रह गईं टॉप 8 प्रतियोगी, ईशान खट्टर ने किया डांस
    आगे चलकर इस कॉम्पिटिशन में सिर्फ 8 प्रतियोगी ही बची थीं। इसके बाद लॉरेन गॉटलिब ने जबरदस्त डांस परफॉर्मेंस दी। इसके बाद एक्टर ईशान खट्ट ने भी जबरदस्त डांस किया। इवेंट में समा ही बांध दिया।

    मिस इंडिया 2026 के फाइनल में फर्स्ट रनरअप राजनंदिनी पवार और सेकंड रनरअप डॉ. श्री अद्वैता बनी हैं। साध्वी सैल के सिर पर मिस इंडिया 2026 का ताज सजा। मिस इंडिया बनकर वह काफी खुश हैं। अब वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करेंगी।

  • चारधाम यात्रा शुरू…. आज अक्षय तृतीया पर खुलेंगे गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट

    चारधाम यात्रा शुरू…. आज अक्षय तृतीया पर खुलेंगे गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट

    देहरादून। चार धाम यात्रा (Chardham Yatra) का आज से शुभारंभ होने जा रहा है। पहले

    Chardham 

    दिन अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) के दिन पूरे विधि विधान से गंगोत्री और यमुनोत्री धाम (Gangotri and Yamunotri shrines) के कपाट खुलेंगे। चार धाम यात्रा में इस बार कई तरह के बदलाव किए गए हैं। यात्रा को सुगम और सरल बनाने को भीड़ नियंत्रण पर विशेष फोकस किया गया है। कैमरों की मदद से हेड काउंट होंगे। दर्शन में भीड़भाड़ से बचने को टोकन सिस्टम लागू होगा। तय एसओपी का सख्ती से पालन कराया जाएगा। इसमें गैर सनातनियों के धामों में प्रवेश पर पाबंदी सुनिश्चित की जाएगी। गौरीकुंड से केदारनाथ मंदिर तक निगरानी को नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की होने वाली दिक्कतों से निजात दिलाई जा सके।


    बदरीनाथ-केदारनाथ धाम के कपाट कब खुलेंगे

    आज गंगोत्री धाम के कपाट दोपहर 12.15 मिनट पर खुल रहे हैं। इसके कुछ देर बाद यमुनोत्री धाम के कपाट 12.35 पर खोले जाएंगे। केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को सुबह 8 बजे खोले जाएंगे। वहीं, 23 अप्रैल को 6.15 सुबह बदरीनाथ धाम के कपाट विधि-विधान से खोले जाएंगे। आगामी दो दिनों बाद विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम की यात्रा शुरू हो जाएगी, ऐसे में जिला प्रशासन यात्रा तैयारियों को अंतिम रूप दे रहा है। जहां सड़क मार्ग को बेहतर किया जा रहा है वहीं पैदल मार्ग पर भी पूरी तरह आवाजाही के लिए तैयारियां कर दी गई है। गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर को सजाया गया है। केदारनाथ में भी तैयारियां चल रही हैं।


    केदारनाथ में कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बनाया

    केदारनाथ यात्रा को सुरक्षित बनाने को गौरीकुंड से केदारनाथ मंदिर तक 24 घंटे निगरानी को एक उच्च तकनीक वाला कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया है। इस मार्ग पर 360-डिग्री कैमरे और 90 से अधिक अतिरिक्त कैमरे लगाए गए हैं। महत्वपूर्ण स्थानों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम के रूप में लाउडस्पीकर लगाए गए हैं।


    70 मीटर के दायरे में रील बनाने पर रोक

    धामों में रील बना कर माहौल खराब करने वालों के खिलाफ भी सख्ती से निपटा जाएगा। मंदिर से 70 मीटर के दायरे में किसी भी तरह की रील बनाने पर प्रतिबंध रहेगा। 70 मीटर के दायरे में वीडियोग्राफी, फोटोग्राफी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी। मोबाइल, कैमरे रखने को लॉकर मिलेंगे।

    धामों में दर्शन की अधिकतम सीमा समाप्त
    इस बार प्रतिदिन धामों में दर्शन करने की अधिकतम सीमा भी समाप्त कर दी गई है। लगातार बढ़ते दबाव के बीच सरकार ने अधिकतम सीमा को समाप्त कर दिया है।


    धामों में आने वालों को ग्रहण करना होगा पंचगव्य

    गंगोत्री यमुनोत्री धाम में पंचगव्य ग्रहण करना अनिवार्य कर दिया गया है। यहां आने वाले हर श्रद्धालु को दूध, दही, घी, गोमूत्र और गोबर से मिला कर तैयार होने वाले पंचगव्य को ग्रहण करना होगा।

  • उत्तर भारत भीषण गर्मी की चपेट में, आंधी-बारिश के बाद भी राहत नहीं…. तापमान 45 डिग्री के पार

    उत्तर भारत भीषण गर्मी की चपेट में, आंधी-बारिश के बाद भी राहत नहीं…. तापमान 45 डिग्री के पार


    नई दिल्ली।
    उत्तर-पश्चिम (North-West) और उसके आसपास के इलाकों में बारिश (Rain), अंधड़ और ओलावृष्टि (Thunderstorms) के बावजूद भीषण गर्मी (Extreme heat) से राहत नहीं मिली है। कई राज्यों के कुछ इलाकों में अधिकतम तापमान 40-44 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है, जबकि उत्तर प्रदेश के बांदा में यह 45.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। पश्चिम से लेकर पूर्व, मध्य और दक्षिण भारत को तपती गर्मी से राहत मिलने की संभावना भी नजर नहीं आ रही है, क्योंकि आने वाले दिनों में इन राज्यों में आसमान से आग बरसने और लू चलने के आसार हैं। हालांकि, जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) से लेकर पूर्वी हिमालयी क्षेत्र अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) तक 12 राज्यों में अगले दो दिनों के दौरान गरज और चमक के साथ बारिश होने की संभावना है।

    भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, विदर्भ के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान 40-44 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों, राजस्थान, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश के कुछ स्थानों पर भी यही स्थिति है। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और उत्तरपूर्वी भारत को छोड़कर देश के शेष हिस्सों में अधिकतम तापमान 36-40 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। सबसे अधिक तापमान बांदा में 44.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गयाा। विभाग के अनुसार, इस सप्ताह भारत के पूर्वी तट पर गर्म और उमस भरा मौसम रहने की संभावना है। वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी व पश्चिमी राजस्थान, ओडिशा, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और विदर्भ के अलग-अलग क्षेत्रों में 21 अप्रैल तक लू चलने की पूरी संभावना है।

    दिल्ली में शुक्रवार को हुई बारिश ने चढ़ते तापमान पर ब्रेक लगा दिया था। वहीं, शनिवार को फिर सूर्यदेव ने अपने तेवर दिखाए। दिनभर तेज धूप के चलते लोगों को गर्मी का अहसास हुआ। इस दौरान अधिकतम तापमान 39.5 और न्यूनतम तापमान 19.8 डिग्री दर्ज हुआ। हालांकि, फरवरी और मार्च में दिन का तापमान 36 डिग्री सेल्सियस के पास जरूर पहुंचा था।

    मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 19 से 24 अप्रैल के बीच तापमान में लगातार गर्मी बनी रहने की संभावना है। इस दौरान अधिकतम तापमान लगभग 38 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच और न्यूनतम तापमान 20 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। शुरुआती दिनों यानी 19 से 21 अप्रैल तक आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है, जबकि हवा मुख्य रूप से उत्तर-पश्चिम दिशा से हल्की से मध्यम गति में चलेगी। इसके बाद 22 से 24 अप्रैल तक मौसम अधिकतर साफ रहने का अनुमान है।

    हिमाचल के ऊना में पारा 35 के पार
    हिमाचल प्रदेश के ऊना में शनिवार को अधिकतम तापमान 35.7 डिग्री दर्ज किया गया, जो प्रदेश में इस मौसम का सबसे अधिक तापमान है। ऊना के अलावा प्रदेश के छह जिलों बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, सोलन, सिरमौर और कुल्लू में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा। रविवार को भी प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में बारिश होने का पूर्वानुमान है। 20 अप्रैल से पूरे प्रदेश में मौसम साफ रहने की संभावना है। कुल्लू जिले के मणिकरण-बरशैनी मार्ग पर घटिगढ़ में बारिश के कारण हुए भीषण भूस्खलन से शनिवार सुबह कई वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। इसमें किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

    राजस्थान के चूरू में पारा 42.8 डिग्री
    राजस्थान के कई हिस्सों में शनिवार को दिन का तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया गया। चूरू राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 42.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.1 डिग्री अधिक था।

    ओडिशा में 15 जिलों में पारा 40 के पार…ओडिशा में भी प्रचंड गर्मी पड़ रही है और 15 जिलों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया है। बोलंगीर जिले का तितलागढ़ 42.7 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म स्थान रहा, इसके बाद झारसुगुड़ा में 42.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। इनके अलावा,40 डिग्री से ऊपर तापमान वाले जिलों में भवानीपटना, संबलपुर, नुआपड़ा, तालच, सुंदरगढ़, अंगुल, क्योंझार और मलकानगिरी भी शामिल थे।

  • MP: ग्वालियर में खुले पड़े सीवर चैंबर में गिरने से एक मजदूर की मौत

    MP: ग्वालियर में खुले पड़े सीवर चैंबर में गिरने से एक मजदूर की मौत


    ग्वालियर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में ग्वालियर (Gwalior) के झांसी रोड थाना क्षेत्र में दर्दनाक घटना सामने आई है. यहां खुले पड़े सीवर चैंबर (Open Sewer Chamber) में गिरने से एक मजदूर की जान चली गई. मृतक की पहचान सौरभ बाथम (Saurabh Batham) के रूप में हुई है, मजदूरी कर गुजारा करता था. स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह सीवर चैंबर लंबे समय से खुला पड़ा था. बार-बार शिकायतों के बावजूद नगर निगम ने कोई कार्रवाई नहीं की. ऐसे में सवाल है कि आखिर जिम्मेदार अधिकारी किस हादसे का इंतजार कर रहे थे?

    यह घटना झांसी रोड थाना क्षेत्र की गणेश कॉलोनी ओफो की बगिया की है. यहां शुक्रवार की शाम सनसनी फैल गई. एक खुले हुए सीवर चैंबर में संदिग्ध परिस्थितियों में एक युवक गिर गया. स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद सौरभ को बाहर निकाला. उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी- डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि सौरभ शराब पीने का आदी था।

    आशंका जताई जा रही है कि नशे की हालत में वह खुले चैंबर को देख नहीं पाया और उसमें गिर गया. इस घटना के बाद इलाके में नगर निगम की लापरवाही को लेकर लोगों में आक्रोश है. स्थानीय लोगों का कहना है कि चैंबर लंबे समय से खुला पड़ा था, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया. अगर समय रहते चैंबर को ढका गया होता तो शायद सौरभ की जान बच जाती।

    घटना के बाद इलाके में गुस्सा फूट पड़ा है. स्थानीय लोगों ने नगर निगम के खिलाफ नाराजगी जताई और इसे लापरवाही बताया. वहीं इस मामले की सूचना मिलते ही झांसी रोड थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा होगा।

  • होर्मुज को लेकर अमेरिका और दुनिया को ब्लैकमैल नहीं कर सकता ईरान… ट्रंप ने दी चेतावनी

    होर्मुज को लेकर अमेरिका और दुनिया को ब्लैकमैल नहीं कर सकता ईरान… ट्रंप ने दी चेतावनी


    वाशिंगटन।
    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) ने ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) पर दोबारा प्रतिबंध लगाए जाने को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। ट्रंप ने ईरान (Iran) को चेतावनी दी है कि होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को लेकर ईरान अमेरिका और दुनिया को ब्लैकमैल नहीं कर सकता। बता दें, शुक्रवार को लेबनान (Lebanon.) में हुए सीजफायर का स्वागत करते हुए ईरान (Iran) ने होर्मुज पर लगे प्रतिंबध को हटा दिया था। हालांकि, जब ट्रंप होर्मुज के पास लगे अमेरिकी ब्लाकेड को हटाने से इनकार कर दिया, तो शनिवार को ईरान ने फिर से होर्मुज के दरवाजे बंद कर दिए।

    होर्मुज पर बदलते हालात पर ट्रंप ने शनिवार को ओवेल ऑफिस में मीडिया से बात की। उन्होंने कहा, “हम उनसे बात कर रहे हैं। वे स्ट्रेट को फिर से बंद करना चाहते हैं। जैसा कि वे वर्षों से करते आ रहे हैं और वे हमें ब्लैकमेल नहीं कर सकते।”

    इससे पहले ईरानी सेना की कमांड ने एक होर्मुज पर अमेरिकी कमांड को वादाखिलाफी बताया। ईरान की तरफ से कहा गया कि ईरानी बंदरगाहों के खिलाफ लगाए गए अमेरिकी ब्लाकेड को न हटाकर अमेरिका ने अपना वादा तोड़ा है। बयान में आगे कहा गया, “जब तक अमेरिका ईरान आने वाले सभी जहाजों के लिए आवाजाही की स्वतंत्रता बहाल नहीं करता, होर्मुज स्ट्रेट में स्थिति सख्त नियंत्रण में रहेगी।”

    शनिवार सुबह होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति को अपने देश और दुनिया के सामने रखते हुए ईरानी सरकारी टीवी ने बताया कि होर्मुज पर वापस नियंत्रण हासिल कर लिया गया है। ईरान की तरफ से होर्मुज पर नियंत्रण हासिल करने के प्रयास में ही दो भारतीय तेल टैंकरों के ऊपर गोलीबारी की खबर सामने आई है। इस घटना को लेकर सरकार ने ईरानी राजदूत को भी समन किया है।

    बता दें, 28 फरवरी को अमेरिकी और इजरायली हमले के बाद शुरू हुए पश्चिम एशिया संकट ने पूरे विश्व को ऊर्जा संकट में धकेल दिया है। हमले के कुछ दिन बाद ही ईरान ने होर्मुज के ऊपर प्रतिबंध लगा दिया, जिसकी वजह से कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गईं। पांच हफ्तों की लड़ाई के बाद अमेरिका और ईरान ने सीजफायर की घोषणा कर दी, लेकिन इजरायल ने लेबनान पर हमला करना जारी रखा। इसकी वजह से ईरान ने होर्मुज को खोलने से इनकार कर दिया। अमेरिकी और ईरान के बीच हुई वार्ता के बाद इजरायल ने भी लेबनान के साथ सीजफायर का ऐलान कर दिया। इसके बाद ईरान ने शुक्रवार को सीजफायर की अवधि तक होर्मुज के रास्ते व्यापारिक जहाजों के लिए खोल दिए। लेकिन फिर ट्रंप के बायन के बाद व्यवस्था बिगड़ गई।

  • MP: नीमच में सनसनीखेज घटना… घर की छत पर बिना कपड़े-खाने के तड़पती मिली महिला

    MP: नीमच में सनसनीखेज घटना… घर की छत पर बिना कपड़े-खाने के तड़पती मिली महिला


    नीमच।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के नीमच जिले (Neemuch district) से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक 40 साल की महिला (40 Year Old Woman) को उसके ही घर की छत पर बेहद विचलित कर देने वाली स्थिति में पाया गया। सीमा सोनी नाम की यह महिला पिछले पांच महीनों से चिलचिलाती धूप में बिना कपड़ों के, एक गंदी चादर के सहारे जिंदगी और मौत के बीच झूल रही थी। जब महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम मौके पर पहुंची, तो उसकी हालत इतनी नाजुक थी कि वह मुश्किल से बोल पा रही थी। जब अधिकारियों ने उसे पुकारा तो उसके मुंह से सिर्फ एक शब्द निकला- खाना।

    एक रिपोर्ट के मुताबिक, पड़ोसियों और स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सीमा पहले काफी मिलनसार स्वभाव की थी, लेकिन मानसिक बीमारी की चपेट में आने के बाद उसने खुद को दुनिया से अलग कर लिया था। कई लोगों को तो यह तक लगा कि वह कहीं बाहर चली गई है।


    कैसे हुआ खुलासा?

    विभाग की परियोजना अधिकारी दीपिका नामदेव ने बताया कि उन्हें वीडियो फुटेज और कॉल्स के जरिए इस भयावह स्थिति की सूचना मिली थी। जब टीम इंदिरा नगर भगवानपुरा इलाके में पहुंची, तो सीमा को गंभीर रूप से कुपोषित और डिप्रेशन की स्थिति में पाया गया। उन्हें तुरंत खाना और पानी दिया गया और फिर इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    दूसरी ओर, सीमा के पति अजीत सोनी ने इन आरोपों पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि परिवार उनकी देखभाल कर रहा था। पति के अनुसार, सीमा साल 2016 से ही मानसिक बीमारी से जूझ रही हैं और उनका इलाज अहमदाबाद और ग्वालियर जैसे बड़े शहरों में कराया जा चुका है। उन्होंने छत पर रहने की बात को जायज ठहराते हुए तर्क दिया कि घर में निर्माण कार्य चल रहा था, जिस कारण उन्हें वहां रखा गया था। फिलहाल, प्रशासन का मुख्य उद्देश्य सीमा की जान बचाना है।