Author: bharati

  • दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर से बढ़ेगी रफ्तार, गडकरी बोले-रोजगार और निवेश को मिलेगा बढ़ावा

    दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर से बढ़ेगी रफ्तार, गडकरी बोले-रोजगार और निवेश को मिलेगा बढ़ावा


    नई दिल्ली। नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को देहरादून में बहुप्रतीक्षित दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का उद्घाटन किया। करीब 213 किलोमीटर लंबे इस 6-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण 12,000 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से किया गया है। यह हाई-स्पीड कॉरिडोर दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को जोड़ता है।

    6 घंटे का सफर अब सिर्फ ढाई घंटे
    इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से नई दिल्ली से देहरादून तक की यात्रा का समय लगभग 6 घंटे से घटकर सिर्फ 2.5 घंटे रह जाएगा। इससे यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आरामदायक सफर का अनुभव मिलेगा।

    ‘सिर्फ सड़क नहीं, आर्थिक विकास का इंजन’
    केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इस परियोजना को देश के आर्थिक विकास का बड़ा माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि यह कॉरिडोर व्यापार, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा और क्षेत्रीय विकास को गति देगा।

    पर्यटन को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
    इस कॉरिडोर से हरिद्वार, ऋषिकेश और देहरादून जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान हो जाएगी। खासतौर पर उत्तराखंड जैसे पर्यटन-प्रधान राज्य के लिए यह परियोजना बेहद लाभकारी साबित होगी।

    आर्थिक और औद्योगिक विकास के नए अवसर
    बेहतर कनेक्टिविटी से:

    उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा
    निवेश आकर्षित होगा
    स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे
    क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी

    आधुनिक सुविधाओं से लैस हाईवे
    यह कॉरिडोर अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ तैयार किया गया है:

    10 इंटरचेंज
    3 रेलवे ओवरब्रिज (ROB)
    4 बड़े पुल
    12 रोडसाइड सुविधाएं
    एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATM)

    पर्यावरण संरक्षण का भी रखा गया ध्यान
    इस परियोजना में पर्यावरण संतुलन को विशेष महत्व दिया गया है।
    12 किमी लंबा वन्यजीव एलिवेटेड कॉरिडोर (एशिया के सबसे लंबे में से एक)

    8 पशु मार्ग
    2 हाथी अंडरपास
    370 मीटर लंबी सुरंग (दात काली मंदिर के पास)
    इन सुविधाओं से वन्यजीवों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जाएगी और मानव-वन्यजीव संघर्ष कम होगा।

    आगे और मजबूत होगी कनेक्टिविटी
    मंत्री ने बताया कि सहारनपुर बाईपास से हरिद्वार तक 51 किमी लंबा 6-लेन सुपररोड भी जल्द शुरू किया जाएगा, जिससे इस पूरे क्षेत्र की कनेक्टिविटी और बेहतर होगी।

  • पीथमपुर की रामकी एनवायरो कंपनी में हुए 3 धमाके, 1 किमी तक गूंजी आवाज, आसपास के इलाके में दहशत

    पीथमपुर की रामकी एनवायरो कंपनी में हुए 3 धमाके, 1 किमी तक गूंजी आवाज, आसपास के इलाके में दहशत


    धार। मध्य प्रदेश के पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में स्थित रामकी एनवायरो कंपनी में मंगलवार को लगातार तीन धमाके होने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। धमाकों की आवाज करीब एक किलोमीटर दूर तक सुनाई दी, जिससे आसपास के इलाकों में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई और हालात को नियंत्रण में लिया। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

    तीन जोरदार विस्फोट हुए
    यह घटना पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र के सेक्टर-2 स्थित तारपुरा इलाके में हुई। जानकारी के मुताबिक, कंपनी परिसर में अचानक एक के बाद एक तीन जोरदार विस्फोट हुए। धमाकों की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि पास के तारपुरा और बजरंगपुरा गांवों में लोगों ने झटके महसूस किए। ग्रामीणों ने बताया कि धमाकों के कारण उनके घरों में रखे बर्तन, टीवी और अन्य सामान तक हिल गए और कई चीजें स्टैंड से नीचे गिर गईं। तेज आवाज से लोग घबरा गए और घरों से बाहर निकल आए। कुछ समय के लिए पूरे क्षेत्र में भय का माहौल बन गया।

    पुलिस बल मौके पर पहुंचा
    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचा। सीएसपी रवि सोनेर ने बताया कि स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है और किसी के घायल होने की जानकारी सामने नहीं आई है। उन्होंने कहा कि धमाकों के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। थाना प्रभारी ओम प्रकाश अहीर ने भी बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को सुरक्षित किया गया। कंपनी प्रबंधन की ओर से भी किसी प्रकार की जनहानि से इनकार किया गया है।

    गौरतलब है कि यह वही कंपनी है, जहां पहले भोपाल गैस त्रासदी से जुड़े यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे के निपटान का काम किया गया था। इस कारण यह कंपनी पहले भी चर्चा में रह चुकी है। ताजा घटना के बाद एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा मानकों पर सवाल उठने लगे हैं। फिलहाल पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम कंपनी परिसर में मौजूद है और खबर लिखे जाने तक धमाकों के वास्तविक कारणों की जांच में जुटी हुई है।

  • भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, मार्च में यात्री वाहनों की बिक्री 16 प्रतिशत उछली

    भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, मार्च में यात्री वाहनों की बिक्री 16 प्रतिशत उछली


    नई दिल्ली:भारत के ऑटोमोबाइल उद्योग में एक बार फिर सकारात्मक रुझान देखने को मिला है, जहां मार्च में यात्री वाहनों की थोक बिक्री में सालाना आधार पर 16 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कुल बिक्री बढ़कर 4 लाख 42 हजार 460 यूनिट्स तक पहुंच गई है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में स्पष्ट रूप से मजबूत प्रदर्शन को दर्शाती है। यह वृद्धि बाजार में बढ़ती मांग, बेहतर सप्लाई और डीलरशिप स्तर पर पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध होने के कारण मानी जा रही है।

    पिछले वर्ष मार्च में यात्री वाहनों की थोक बिक्री 3 लाख 81 हजार 358 यूनिट्स रही थी, जिसके मुकाबले इस साल का आंकड़ा बाजार की रिकवरी और उपभोक्ता विश्वास में सुधार को दर्शाता है। उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार त्योहारी सीजन से पहले खरीदारी गतिविधियों में तेजी ने भी इस वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

    दोपहिया वाहनों के सेगमेंट में भी मजबूत उछाल देखने को मिला है। मार्च में इनकी थोक बिक्री 19.3 प्रतिशत बढ़कर 19 लाख 76 हजार 128 यूनिट्स तक पहुंच गई है। पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा 16 लाख 56 हजार 939 यूनिट्स था। ग्रामीण क्षेत्रों में मांग में सुधार और शहरी क्षेत्रों में आवागमन की बढ़ती जरूरतें इस वृद्धि का प्रमुख कारण मानी जा रही हैं।

    तिपहिया वाहनों के बाजार में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इस सेगमेंट की बिक्री 21.4 प्रतिशत बढ़कर 76 हजार 273 यूनिट्स तक पहुंच गई है, जबकि पिछले वर्ष यह आंकड़ा 62 हजार 813 यूनिट्स था। इससे यह संकेत मिलता है कि छोटे व्यवसायों और शहरी परिवहन व्यवस्था में इन वाहनों की उपयोगिता लगातार बढ़ रही है।

    हाल के महीनों के आंकड़े भी बाजार की मजबूती को दर्शाते हैं, जहां फरवरी में घरेलू यात्री वाहनों की बिक्री में 10.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी और यह 4 लाख 17 हजार 705 यूनिट्स तक पहुंच गई थी। लगातार दूसरी अवधि में वृद्धि यह संकेत देती है कि ऑटो सेक्टर स्थिर और सकारात्मक गति में बना हुआ है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि वित्त वर्ष 2026 में इस क्षेत्र में 7 से 9 प्रतिशत तक की वृद्धि संभव है। इसका कारण त्योहारी मांग, नए मॉडलों की लॉन्चिंग और कुछ हद तक आर्थिक स्थिरता को माना जा रहा है। हालांकि वित्त वर्ष 2027 में वृद्धि दर घटकर 4 से 6 प्रतिशत तक रह सकती है, जिसका कारण उच्च आधार प्रभाव और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों में बदलाव हो सकता है।

    ऑटोमोबाइल सेक्टर में संरचनात्मक बदलाव भी तेजी से हो रहे हैं। बाजार में यूटिलिटी वाहनों की हिस्सेदारी लगभग 67 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो उपभोक्ताओं की प्रीमियम और आरामदायक वाहनों की ओर बढ़ती प्राथमिकता को दर्शाती है। साथ ही सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग भी इस सेक्टर को नए रूप में ढाल रही है, जिससे भविष्य में विविधता और तकनीकी बदलाव और तेज होने की संभावना है।

  • हाटी मोड़ पर बड़ा सड़क हादसा, ऑटो बचाने में अनियंत्रित होकर पलटी बस, यात्रियों में हड़कंप

    हाटी मोड़ पर बड़ा सड़क हादसा, ऑटो बचाने में अनियंत्रित होकर पलटी बस, यात्रियों में हड़कंप


    सतना । मध्यप्रदेश के सतना जिले में मंगलवार को एक बड़ा सड़क हादसा हो गया जिसने यात्रियों में दहशत फैला दी। सतना से चित्रकूट जा रही नफीस ट्रेवल्स की बस स्टेट हाईवे पर हाटी मोड़ के पास अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में 10 से अधिक यात्री घायल हो गए हैं जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस तेज रफ्तार में चल रही थी और जैसे ही वह हाटी मोड़ पर पहुंची तभी सामने अचानक एक ऑटो आ गया। ऑटो को बचाने के प्रयास में चालक ने नियंत्रण खो दिया और बस सड़क किनारे पलट गई। हादसे के तुरंत बाद मौके पर चीख पुकार मच गई और यात्रियों में अफरा तफरी फैल गई।

    स्थानीय लोगों ने बिना देरी किए राहत कार्य शुरू किया और घायलों को बाहर निकालने में मदद की। घटना की सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिस ने घायलों को 112 एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल सतना भेजा जहां उनका इलाज जारी है।

    डॉक्टरों के अनुसार कुछ घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है और उन्हें निगरानी में रखा गया है। वहीं पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है और बस चालक के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। यह घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों के खतरे को उजागर करती है। जरा सी लापरवाही कई जिंदगियों पर भारी पड़ सकती है। प्रशासन ने यात्रियों से सावधानी बरतने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है।

  • तुम हो ना – घर की सुपरस्टार’ में महिलाओं को मिलेगा आत्मविश्वास का मंच, प्रोमो ने बढ़ाई भावनात्मक हलचल

    तुम हो ना – घर की सुपरस्टार’ में महिलाओं को मिलेगा आत्मविश्वास का मंच, प्रोमो ने बढ़ाई भावनात्मक हलचल

    नई दिल्ली:अभिनेता राजीव खंडेलवाल एक बार फिर टेलीविजन पर वापसी करने जा रहे हैं। इस बार वह एक नए गेम आधारित रियलिटी शो ‘तुम हो ना – घर की सुपरस्टार’ में होस्ट की भूमिका निभाते नजर आएंगे। लंबे समय बाद उनकी वापसी को लेकर दर्शकों में उत्साह देखा जा रहा है और माना जा रहा है कि यह शो उनके करियर का एक नया और महत्वपूर्ण अध्याय साबित हो सकता है। यह कार्यक्रम 28 अप्रैल से प्रसारित होने जा रहा है और इसे पारिवारिक मनोरंजन की श्रेणी में रखा गया है।

    यह शो मुख्य रूप से घरेलू महिलाओं की प्रतिभा और उनकी अनकही कहानियों को सामने लाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें महिलाओं को अपने परिवार के साथ मंच पर आने और अपनी छुपी हुई क्षमताओं को प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम का फोकस उन महिलाओं पर है जिन्होंने जिम्मेदारियों और पारिवारिक जीवन के चलते अपने सपनों को पीछे छोड़ दिया, लेकिन आज भी अपने भीतर आत्मविश्वास और प्रतिभा को जीवित रखे हुए हैं।

    शो के प्रोमो में एक भावुक कहानी दिखाई गई है जिसमें एक महिला और उसके पति के बीच संवाद के जरिए जीवन के त्याग और समर्पण को दर्शाया गया है। महिला ने अपने करियर को छोड़कर गृहिणी का जीवन अपनाया, जबकि उसके पति ने उसके फैसले को सम्मान देते हुए हमेशा उसका समर्थन किया। इस भावनात्मक प्रस्तुति ने शो की दिशा और उद्देश्य को स्पष्ट किया है, जिसमें रिश्तों की गहराई और आत्मसम्मान को प्रमुखता दी गई है।

    राजीव खंडेलवाल प्रोमो में प्रतिभागियों का हौसला बढ़ाते हुए नजर आते हैं और उन्हें आत्मविश्वास के साथ मंच पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। शो में रैंप जैसे मंचीय प्रारूप का उपयोग किया गया है, जहां प्रतिभागी अपनी प्रतिभा और व्यक्तित्व का प्रदर्शन करती दिखाई देंगी। यह प्रारूप कार्यक्रम को पारंपरिक रियलिटी शोज से अलग बनाता है और इसमें एक भावनात्मक और प्रेरणादायक दृष्टिकोण जोड़ा गया है।

    राजीव खंडेलवाल का टेलीविजन और मनोरंजन जगत में लंबा अनुभव रहा है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत छोटे पर्दे से की थी और जल्द ही अपनी दमदार अभिनय शैली के कारण लोकप्रियता हासिल की। इसके बाद उन्होंने कई टेलीविजन प्रोजेक्ट्स और डिजिटल सीरीज में काम किया, जहां उनकी अभिनय क्षमता और स्क्रीन प्रेजेंस को दर्शकों ने सराहा।

    उन्होंने फिल्मों में भी अपने अभिनय का लोहा मनवाया और अलग-अलग किरदारों के जरिए अपनी बहुमुखी प्रतिभा को साबित किया। इसके अलावा वह कई रियलिटी शोज को होस्ट कर चुके हैं, जहां उनकी सहज प्रस्तुति शैली और दर्शकों से जुड़ने की क्षमता को काफी पसंद किया गया।

    लंबे अंतराल के बाद उनकी यह वापसी दर्शकों के लिए खास मानी जा रही है। शो के विषय और प्रस्तुति को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि यह कार्यक्रम न केवल मनोरंजन करेगा बल्कि सामाजिक संदेश भी देगा और महिलाओं के आत्मविश्वास को नई पहचान प्रदान करेगा।

  • अवैध खनन बना मौत का कारण पत्थर लदे ट्रैक्टर ने ली युवक की जान गांव में दहशत

    अवैध खनन बना मौत का कारण पत्थर लदे ट्रैक्टर ने ली युवक की जान गांव में दहशत


    मऊगंज । मध्यप्रदेश के मऊगंज जिले के हनुमना क्षेत्र के अंतर्गत हाटा चौकी के ग्राम लोढ़ी में अवैध उत्खनन का काला कारोबार एक बार फिर जानलेवा साबित हुआ है। लगातार जारी अवैध खनन गतिविधियों के बीच हुए इस दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को दहशत और आक्रोश में डाल दिया है। पत्थर से लदे तेज रफ्तार ट्रैक्टर की चपेट में आने से एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई जिससे क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया है।

    मृतक की पहचान राजभान साकेत के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि हादसे के समय ट्रैक्टर में भारी मात्रा में पत्थर लोड था और वह तेज गति से गुजर रहा था। इसी दौरान युवक ट्रैक्टर के पहिए की चपेट में आ गया और गंभीर चोट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद मौके पर चीख पुकार मच गई और ग्रामीण बड़ी संख्या में एकत्रित हो गए।

    हादसे की सूचना मिलते ही हाटा चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। बाद में थाना प्रभारी अनिल काकड़े भी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। यह घटना लोढ़ी गांव में ट्रांसफार्मर प्लांट के पास पप्पू सिंह की मड़ई के सामने हुई बताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार यह ट्रैक्टर राजेंद्र बहादुर सिंह उर्फ पप्पू से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है।

    ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध पत्थर खनन का बड़ा नेटवर्क सक्रिय है। लगातार शिकायतों और रिपोर्ट के बावजूद इस पर सख्त कार्रवाई नहीं होने से खनन माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। लोगों का कहना है कि भारी वाहनों की तेज आवाजाही और बिना नियमों के खनन कार्य से आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।

    घटना के बाद मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने पुलिस पर भी दबाव बनाए जाने की बात कही है जिससे स्थिति और संवेदनशील हो गई है। हालांकि पुलिस प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। यह घटना एक बार फिर इस बात को उजागर करती है कि अवैध खनन न केवल पर्यावरण के लिए खतरा है बल्कि स्थानीय लोगों की जान के लिए भी गंभीर जोखिम बन चुका है। यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो ऐसे हादसे भविष्य में और बढ़ सकते हैं।

  • वरुण धवन की फिल्म में रिश्तों और हास्य का अनोखा मिश्रण, मृणाल और पूजा हेगड़े ने बढ़ाया आकर्षण

    वरुण धवन की फिल्म में रिश्तों और हास्य का अनोखा मिश्रण, मृणाल और पूजा हेगड़े ने बढ़ाया आकर्षण

    नई दिल्ली:वरुण धवन, मृणाल ठाकुर और पूजा हेगड़े की मुख्य भूमिकाओं वाली फिल्म है जवानी तो इश्क होना है का पहला लुक सामने आते ही मनोरंजन जगत में चर्चा तेज हो गई है। इस फिल्म में पारिवारिक कॉमेडी और उलझे रिश्तों की कहानी को आधुनिक अंदाज में पेश करने की कोशिश की गई है। पहले लुक से यह संकेत मिलता है कि फिल्म का फोकस हल्के-फुल्के हास्य, गलतफहमियों और रिश्तों के बीच पैदा होने वाली स्थितियों पर आधारित है, जो दर्शकों को हंसाने के साथ-साथ मनोरंजन देने का दावा करती है।

    फिल्म में वरुण धवन का किरदार दो अलग-अलग परिस्थितियों में दिखाई देता है, जहां उनका जीवन दो अलग दिशाओं में चलता हुआ नजर आता है। मृणाल ठाकुर और पूजा हेगड़े के किरदार कहानी में अहम भूमिका निभाते हैं और दोनों के साथ जुड़ी स्थितियां फिल्म में कॉमेडी और ड्रामा का मिश्रण पैदा करती हैं। पहले लुक में कहानी का जो स्वरूप सामने आया है, उससे यह साफ है कि फिल्म पारिवारिक उलझनों और रिश्तों की जटिलताओं को हास्य के माध्यम से पेश करेगी।

    फिल्म के एक हिस्से में आधुनिक तकनीक के उपयोग से बनाए गए बच्चों के दृश्य भी दिखाए गए हैं, जो कहानी को एक नया और अलग अंदाज देने की कोशिश करते हैं। यह तत्व फिल्म को पारंपरिक कॉमेडी से थोड़ा अलग और तकनीक से जुड़ा हुआ बनाने का प्रयास माना जा रहा है। हालांकि इस प्रस्तुति को लेकर दर्शकों के बीच मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है, क्योंकि कुछ लोग इसे नया प्रयोग मान रहे हैं तो कुछ इसे पुरानी शैली की पुनरावृत्ति कह रहे हैं।

    इस फिल्म का निर्देशन डेविड धवन कर रहे हैं, जो लंबे समय से पारिवारिक कॉमेडी फिल्मों के लिए जाने जाते हैं। उनके निर्देशन की शैली हमेशा से हल्के हास्य, पारिवारिक स्थितियों और मनोरंजक घटनाओं पर आधारित रही है। इस वजह से इस नई फिल्म से भी दर्शकों को उसी तरह की उम्मीदें हैं, लेकिन बदलते समय में दर्शकों की पसंद और अपेक्षाएं काफी बदल चुकी हैं, जिससे फिल्म के सामने एक नई चुनौती भी खड़ी हो गई है।

    वरुण धवन को लेकर सबसे बड़ी चर्चा यह है कि क्या वह अपने किरदार के जरिए दर्शकों पर वही प्रभाव छोड़ पाएंगे जो कभी पुरानी कॉमेडी फिल्मों के दिग्गज कलाकारों ने छोड़ा था। सोशल मीडिया और दर्शकों के बीच फिल्म की तुलना पहले की सफल कॉमेडी फिल्मों से की जा रही है, जिससे इसकी उम्मीदें और दबाव दोनों बढ़ गए हैं।

    कुल मिलाकर यह फिल्म एक पारिवारिक मनोरंजन का वादा करती है, जिसमें हास्य, भावनाएं और रिश्तों की उलझनें एक साथ देखने को मिल सकती हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि यह फिल्म दर्शकों की उम्मीदों पर कितनी खरी उतरती है और क्या यह नई पीढ़ी के लिए भी उसी तरह का मनोरंजन पेश कर पाती है जैसा पहले के दौर की कॉमेडी फिल्मों में देखने को मिलता था।

  • दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को लेकर उत्तराखंड में उत्साह, नेताओं ने बताया राज्य के विकास का बड़ा मोड़

    दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को लेकर उत्तराखंड में उत्साह, नेताओं ने बताया राज्य के विकास का बड़ा मोड़


    नई दिल्ली:दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के उद्घाटन से पहले उत्तराखंड की राजनीति में इस परियोजना को लेकर उत्साह और सराहना का माहौल देखने को मिल रहा है। राज्य के कई वरिष्ठ नेताओं ने इसे देवभूमि के विकास के लिए एक ऐतिहासिक कदम बताया है। नेताओं का कहना है कि इस परियोजना से न केवल यात्रा समय में भारी कमी आएगी, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था, पर्यटन और व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।

    पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड के विकास को नई दिशा मिली है। उन्होंने कहा कि राज्य के प्रति केंद्र सरकार का विशेष ध्यान लगातार देखने को मिल रहा है और इसका प्रभाव जमीनी स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। उनके अनुसार उत्तराखंड की जनता विकास कार्यों से प्रभावित होकर लगातार सकारात्मक प्रतिक्रिया दे रही है और सरकार के प्रति विश्वास बढ़ रहा है।

    उन्होंने यह भी कहा कि यह परियोजना केवल एक सड़क नहीं बल्कि विकास की एक बड़ी कड़ी है, जो उत्तराखंड को देश की मुख्यधारा से और अधिक मजबूती से जोड़ती है। लगभग बारह हजार करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह कॉरिडोर आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का उदाहरण है, जो पर्यावरण संरक्षण और विकास दोनों को साथ लेकर चलता है। इससे यात्रा समय में भारी कमी आने के साथ क्षेत्रीय संपर्क भी मजबूत होगा।

    भाजपा सांसद नरेश बंसल ने इस परियोजना को उत्तराखंड के लिए गेमचेंजर बताते हुए कहा कि इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने कहा कि पर्यटन और व्यापार में बढ़ोतरी से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। उनके अनुसार यह एक्सप्रेसवे आधुनिक तकनीक और योजना का बेहतरीन उदाहरण है, जो भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

    विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने इसे एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह ग्रीन कॉरिडोर एशिया के सबसे लंबे कॉरिडोर में से एक है। उन्होंने कहा कि पहले जहां देहरादून से दिल्ली पहुंचने में कई घंटे लगते थे, वहीं अब यह यात्रा काफी कम समय में पूरी हो सकेगी। इससे आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी।

    विधायक बृजभूषण गैरोला ने भी इस परियोजना को राज्य के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह एक्सप्रेसवे लोगों की जीवनशैली को आसान बनाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड में लगातार विकास कार्य हो रहे हैं, जिनका लाभ सीधे जनता तक पहुंच रहा है।

    विधायक बिशन सिंह चुफाल ने कहा कि समय के साथ यात्रा व्यवस्था में बड़ा बदलाव आया है और यह एक्सप्रेसवे उस बदलाव को और आगे ले जाएगा। उन्होंने कहा कि अब दिल्ली और देहरादून के बीच की दूरी पहले की तुलना में बेहद कम महसूस होगी, जिससे लोगों को समय और संसाधनों दोनों की बचत होगी।

  • विवाद के बीच AIFF ने दी सफाई, खेल भावना बनाए रखने की अपील

    विवाद के बीच AIFF ने दी सफाई, खेल भावना बनाए रखने की अपील


    नई दिल्ली। भारतीय फुटबॉल में नस्लवाद को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। इंडियन सुपर लीग के एक मैच के बाद सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक फैन को खिलाड़ी पर नस्लवादी टिप्पणी करते देखा गया। यह घटना श्री कांतीरावा स्टेडियम में खेले गए मुकाबले के दौरान हुई।

    AIFF ने दिखाई सख्ती, जांच के आदेश
    ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (AIFF) ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए स्पष्ट किया कि खेल में किसी भी तरह के भेदभाव के लिए कोई जगह नहीं है। फेडरेशन ने मामले को अपनी अनुशासन समिति को सौंप दिया है, जो स्वतंत्र रूप से जांच करेगी।

    खिलाड़ी पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी
    यह विवाद केरला ब्लास्टर्स एफसी के डिफेंडर फालू नदिये को लेकर सामने आया। वीडियो में एक दर्शक द्वारा उन पर नस्लवादी टिप्पणी किए जाने का आरोप है, जिससे पूरे फुटबॉल समुदाय में आक्रोश फैल गया।

    AIFF की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति
    AIFF ने अपने बयान में कहा कि वह नस्लवाद के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” नीति अपनाता है।
    “जो लोग हमारे स्टेडियम में नफरत लाते हैं, उनके लिए हमारे खेल में कोई जगह नहीं है।”
    फेडरेशन ने यह भी स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने तक इस मामले पर कोई अतिरिक्त टिप्पणी नहीं की जाएगी।

    क्लब ने भी जताई कड़ी आपत्ति
    केरला ब्लास्टर्स ने भी इस घटना की निंदा करते हुए इसे “घिनौना” बताया। क्लब ने कहा कि खिलाड़ियों की गरिमा और सम्मान की रक्षा करना उनकी प्राथमिकता है और मामले की जानकारी आधिकारिक रूप से लीग और फेडरेशन को दे दी गई है।

    खिलाड़ियों की सुरक्षा और फैंस के व्यवहार पर सवाल
    इस घटना ने एक बार फिर भारतीय फुटबॉल में खिलाड़ियों की सुरक्षा और दर्शकों के व्यवहार पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई ही भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोक सकती है।

  • अंबेडकर जयंती पर CM मोहन यादव का नमन बाबा साहेब को बताया संविधान का शिल्पकार

    अंबेडकर जयंती पर CM मोहन यादव का नमन बाबा साहेब को बताया संविधान का शिल्पकार


    भोपाल । भोपाल में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर पूरे प्रदेश में श्रद्धा और सम्मान का माहौल देखने को मिला। इस अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बाबा साहेब को भावपूर्ण नमन किया और उन्हें भारतीय संविधान का शिल्पकार तथा सामाजिक न्याय का महान पुरोधा बताया।

    मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि डॉ. अंबेडकर ने जीवनभर शिक्षा समानता और अधिकारों के आधार पर एक सशक्त और समतामूलक भारत की नींव रखी। उनके विचार आज भी देश के विकास और सामाजिक उत्थान की दिशा में मार्गदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब का योगदान केवल संविधान निर्माण तक सीमित नहीं था बल्कि उन्होंने समाज के वंचित शोषित और अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के उत्थान के लिए संघर्ष को जीवन का उद्देश्य बनाया।

    सीएम यादव ने यह भी कहा कि डॉ. अंबेडकर के विचार महिलाओं के सशक्तिकरण और सामाजिक समानता के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन लेकर आए। उनके प्रयासों ने देश में एक ऐसी व्यवस्था की नींव रखी जिसमें हर व्यक्ति को समान अधिकार और अवसर मिल सकें।

    इस अवसर पर प्रदेश भर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए जिनमें श्रद्धांजलि सभाएं, विचार गोष्ठियां और सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम शामिल रहे। लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर बाबा साहेब के विचारों को याद किया और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।

    मुख्यमंत्री ने यह भी दोहराया कि राज्य सरकार बाबा साहेब के सिद्धांतों और उनके दिखाए मार्ग पर चलते हुए समाज के हर वर्ग के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि समता न्याय और अधिकार आधारित समाज की स्थापना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस प्रकार अंबेडकर जयंती का यह अवसर न केवल श्रद्धांजलि का दिन रहा बल्कि सामाजिक एकता और समानता के संदेश को मजबूत करने का भी प्रतीक बना।