Category: Economy

  • मध्य पूर्व में तनाव घटने की उम्मीद, भारतीय शेयर बाजार तेजी के साथ खुला

    मध्य पूर्व में तनाव घटने की उम्मीद, भारतीय शेयर बाजार तेजी के साथ खुला


    नई दिल्ली पश्चिम एशिया में तनाव कम की उम्मीदों ने भारतीय शेयर बाजार को नई ऊर्जा दी है। शुक्रवार को मार्केट ने शानदार शुरुआत की, जहां प्रमुख एलेस्ट्रीज के साथ खुले और बिजनेस में खरीदारी का शानदार नजारा देखने को मिला।

    हार्डवेयर-निफ्टी में दमदार उछाल

    सुबह 9:25 बजे बीएसई सेंसेक्स 801 अंक यानी 1.08% की तेजी के साथ 75,008 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी 50 भी 248 अंक (1.08%) की बढ़त के साथ 23,250 पर कारोबार करता है।

    इलेक्ट्रिकल और एनर्जी सेक्टर हीरो बाजार के बने

    शुरुआती कारोबार में सरकारी बिजली और ऊर्जा क्षेत्र ने बाजार का नेतृत्व किया। एमएपीएसयू बैंक और एमएडी ग्रेजुएट स्टूडेंट टॉप गेनर में शामिल हैं। इसके अलावा मेटल, ऑटो, आईटी, मेडिसिन, इंफ्रा और डिफेंस जैसे आसपास के सभी सेक्टर हरे निशान में कारोबार कर रहे थे, जिससे बाजार में व्यापक तेजी का संकेत मिला।

    मिड कैप्चर और स्मॉल कैप्चर में भी स्थावर रैपिड

    केवल लार्जकैप ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शूट में भी साहिल का उत्साह देखने को मिला। मैथ्यू मिडकैप 100 स्टाल्स 1.73% 55,436 और मैथ्यूज मिडकैप 100 स्टाल्स 1.32% 15,911 पर पहुंच गए।

    इन दिग्गज स्टॉकिंग्स में दिखीं फोर्स

    प्लांट पैक में टाटा स्टील, इंफोसिस, आईसीआईसीआई बैंक, टीसीएस, एनटीपीसी और पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया जैसे दिग्गज स्टॉक में तेजी से देखने को मिली। वहीं एचडीएफसी बैंक की मंदी लगातार जारी है।

    तनाव कम होने के संकेत बाजार को सहारा से

    सिद्धांतों का मानना ​​है कि संयुक्त राज्य अमेरिका और इजराइल की ओर से ईरान के साथ चल रहे तनाव में कमी की उम्मीद जगी है। इस वैश्विक कंपनी का भरोसेमंद रिटर्न है और बाजार में खरीदारी की गुंजाइश है।

    एशियाई सामानों का भी मिलाप

    एशिया के प्रमुख बाज़ार-कोरिया, सिंगापुर, चीन और ऑस्ट्रेलिया-भी हरे निशान में कारोबार कर रहे थे, जिससे भारतीय बाज़ार को सकारात्मक संकेत मिला। हालाँकि, अमेरिकी बाज़ार में पिछले सत्र में गिरावट जारी रही।

    एफओआई की बिकवालीरिलीज़, डीओआई का सहारा

    विदेशी एंटरप्राइज़ एंटरप्राइज़ (FII) ने गुरुवार को 7,558 करोड़ रुपये की बिकवाली की, जबकि घरेलू एंटरप्राइज़ एंटरप्राइज़ (DII) ने बाज़ार में 3,863 करोड़ रुपये का निवेश कर समर्थन दिया।
    कुल मिलाकर, विश्वविद्यालयों में सुधार और भू-राजनीतिक तनाव कम होने की उम्मीद है, भारतीय शेयर बाजार ने मजबूत शुरुआत की है, जिससे विश्वविद्यालयों में उत्साह लौटता दिख रहा है।

  • कीमती धातुओं में तेजी का रुख, सोना-चांदी दोनों के दाम बढ़े

    कीमती धातुओं में तेजी का रुख, सोना-चांदी दोनों के दाम बढ़े


    नई दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय और घरेलू उपक्रमों में प्रस्तुति- शुक्रवार को सोने और चांदी के बीच के क्षेत्र में तेजी से देखने को मिला। दोनों अनमोल उद्यम के दाम में 2.83% तक की प्रविष्टि की गई, फिर से उद्यम का रुझान एक बार सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ गया।

    एमसीएक्स पर सोने की दुकान में उछाल

    मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सुबह 10:10 बजे सोने का 2 अप्रैल का स्पेक्ट्रम 2.07% यानी 2,996 रुपये की तेजी के साथ 1,47,950 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया। कारोबार के दौरान सोने ने 1,47,401 रुपये का न्यूनतम और 1,48,302 रुपये का अधिकतम स्तर बढ़ाया।

    चाँदी ने भी पकड़ी दुकान

    चांदी के गोदाम में और भी तेज उछाल देखा गया। 5 मई को एफएमएक्स पर 2.83% यानी 6,540 रुपये की तेजी के साथ 2,38,000 रुपये प्रति रिजॉल्यूशन पर पहुंच गया। दिन के दौरान चांदी 2,37,300 रुपये के निचले स्तर और 2,40,000 रुपये के ऊपरी स्तर पर पहुंच गयी।

    वैश्विक बाज़ार से मिला समर्थन

    अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में भी सोने और चाँदी की दुकानों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। कॉमेक्स पर सोना 2.40% उछाल 4,716 डॉलर प्रति शेयर और चांदी 3.61% लाभ 73.78 डॉलर प्रति शेयर पर पहुंच गया। वैश्विक स्तर पर यह तेजी से घरेलू बाजार को भी जगह दे रही है।

    उद्घोषणा- प्रस्ताव के बीच अकादमी की नीति परिवर्तन

    विशेषज्ञ के अनुसार, हाल के दिनों में सोने में भारी गिरावट देखने को मिली थी, जहां प्लैंच आकर्षण स्तर पर आ गया था। यही कारण है कि मिर्जा ने कैथेड्रल स्तर पर खरीदारी शुरू की, जिससे बाजार में तेजी आई।

    भू राजनीतिक तनाव और तनाव का असर

    पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता ने संकटों को जन्म दिया है। कच्चे तेल के बाजार में तेजी के कारण भी निवेशक सुरक्षित विकल्प के रूप में सोने-बेरोजगार की ओर रुख कर रहे हैं।

    हालाँकि, मजबूत अमेरिकी डॉलर और ट्रेजरी यील्ड में गिरावट का कारण सोने की तेजी पर कुछ दबाव भी बना है।

    गुरुवार की गिरावट के बाद आई प्रतियोगिता

    मान्यता है कि गुरुवार को सोने और चांदी में बड़ी गिरावट आई थी, जहां सोना करीब 1.44 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी 2.20 लाख रुपए प्रति लीटर तक पहुंच गई थी। ऐसे में शुक्रवार की रैपिड को बाजार में आम तौर पर देखा जा रहा है।

    कुल मिलाकर, वैश्विक भंडार, व्यापारी स्तर पर खरीदारी और सुरक्षित निवेश की भूख मांग के साथ सोने और चांदी के जिले में जगह देखने को मिली है।

  • Directorate General of Civil Aviation का बड़ा आदेश, एयरलाइंस को 9 देशों के ऊपर से उड़ान से बचने का निर्देश

    Directorate General of Civil Aviation का बड़ा आदेश, एयरलाइंस को 9 देशों के ऊपर से उड़ान से बचने का निर्देश


    नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत के विमानन नियामक डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) ने बड़ा कदम उठाया है। डीजेसीए ने भारतीय एयरलाइंस को निर्देश दिया है कि वे नौ देशों के एयरस्पेस का इस्तेमाल करें। यह फैसला क्षेत्र में बढ़ते सैन्य टकराव और सुरक्षा घेरे को देखते हुए लिया गया है।

    इन 9 देशों के ऊपर उड़ान पर रोक

    डीजीसीए के निर्देश के अनुसार, एयरलाइंस को बहरीन, ईरान, इराक, इजरायल, जॉर्डन, कुवैत, लेबनान, कतर और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के ऊपर से उड़ान भरने से बचने को कहा गया है। इन देशों के एयरस्पेस को उच्च जोखिम वाला माना गया है, जहां नागरिक अधिकारों के लिए खतरा बना हुआ है।

    ओमान और सऊदी अरब पर सीमित छूट

    हालांकि, ओमान और सऊदी अरब के कुछ निर्धारित एयरस्पेस में विशेष शर्तों के साथ उड़ान की अनुमति दी जा सकती है। लेकिन यहां भी विमान को 32,000 फीट (FL320) से नीचे उड़ान भरने से मना किया गया है, जिससे सुरक्षा जोखिम कम किया जा सके।

    ईरान-अमेरिका-इजरायल तनाव बना वजह

    डीजीसीए ने अपने निर्देश में कहा कि ईरान, यूनाइटेड स्टेट्स और इज़राइल के बीच हालिया मिलिट्री घटनाओं ने पूरे इलाके में खतरा बढ़ा दिया है। ईरान पर हुए हमले और उसकी जवाबी कार्रवाई के कारण नागरिक उड़ानों के लिए रिस्क काफी बढ़ गया है।

    एयरलाइंस को सख्त निर्देश और तैयारी के आदेश

    नियामक ने एयरलाइंस से कहा है कि वे विस्तृत सुरक्षा रिस्क असेसमेंट (रिस्क असेसमेंट) करें और संभावित रूट बदलाव के लिए रैंडम योजनाएं तैयार रखें। साथ ही, फ्लाइट क्रू को लेटेस्ट NOTAM (नोटिस टू एयरमेन) की जानकारी देना भी जरूरी किया गया है, ताकि उन्हें रियल-टाइम स्थिति का पता रहे।

    28 मार्च तक लागू रहेंगे निर्देश

    यह निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और 28 मार्च तक प्रभावी रहेगा। हालांकि, इलाके में हालात के अनुसार इसमें बदलाव किया जा सकता है।

    यात्रियों पर भी पड़ सकता है असर

    इस फैसले का असर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर पड़ सकता है। लंबा रूट बदलाव के कारण फ्लाइट टाइम बढ़ सकता है और किराए में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। कुल मिलाकर, डीजेसीए का यह फैसला यात्रियों और विमानन कंपनियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के लिए उठाया गया एक अहम कदम है।

  • बाजार में जबरदस्त रिकवरी, सेंसेक्स और निफ्टी में 1% से अधिक की बढ़त

    बाजार में जबरदस्त रिकवरी, सेंसेक्स और निफ्टी में 1% से अधिक की बढ़त


    नई दिल्ली भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को शानदार स्टॉक एक्सचेंज पेश किया। दोपहर 12 बजे बीएसई सेंसेक्स 728 अंक यानी करीब 1% की तेजी के साथ 74,935 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 50 236 अंक या 1.03% की बढ़त के साथ 23,238 पर कारोबार करता नजर आया। किशोरावस्था के बाद बाजार में आई यह किशोर किशोरों के लिए राहत भरी रही।

    मिडकैप और स्मॉलकैप में भी जगहें

    केवल लार्जकैप ही नहीं, बल्कि व्यापक बाजार में भी जगह देखने को मिली। मेट्रिक्स मिडकैप 100 स्ट्रेंथ 1.27% की बढ़त के साथ 55,185 पर पहुंच गये, जबकि मार्टियड मिडकैप 100 स्ट्रेंथ में भी 0.65% की बढ़त दर्ज की गयी। इससे साफ होता है कि बाजार में हर स्तर पर दुकान का गोदाम बना हुआ है।

    कच्चे तेल में नारी बनी बड़ी वजह

    बाजार में तेजी की सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल की बाजार में आई गिरावट जारी है। ब्रेंट क्रूड की कीमत 1.21% 107.3 डॉलर प्रति शेयर पर बढ़त। इससे पहले पश्चिम एशिया में तनाव के चलते यह 119 डॉलर तक पहुंच गया था। तेल के भंडार में प्राकृतिक आने से भारत जैसे तीर्थ देश के लिए राहत की स्थिति बनी हुई है, जिससे बाजार में सकारात्मक असर दिख रहा है।

    पश्चिम एशिया में तनाव कम होने के संकेत

    हाल के दिनों में भू-राजनीतिक तनाव में कुछ नारी के संकेत मिले हैं, जिनमें से किसी का भी भरोसा नहीं है। इससे बाजार में खरीदारी और भावना मजबूत हुई।

    वैश्विक संस्था से भी मिला सहयोग

    एशियाई उद्यमों-सोल और शंघाई-में भी तेजी से देखने को मिला, जबकि अमेरिकियों में भी गिरावट के बाकी हिस्सों में बढ़त आई। इस ग्लोबल सपोर्ट ने भारतीय बाजार को स्थान दिया।

    इंडिया VIX में गिरावट से तेजी

    बाज़ार में लॉन्च – संकेत देने वाला इंडिया VIX भी लॉन्च हुआ है। आमतौर पर जब VIX गिरता है, तो बाजार में स्थिरता और तेजी देखने को मिलती है।

    वर्चुअल वैल्यूएशन पर खरीदारी

    हाल की गिरावट के बाद साझीदारी को कई शेयर साझीदारी पर मिल रहे हैं। विशेषज्ञ का मानना ​​है कि यही कारण है कि निवेशक फिर से बाजार में लौट रहे हैं।

    विदेशी आवेदकों के लिए बनाने का मौका

    विशेषज्ञ के अनुसार, खिलौनों ने भारतीय बाज़ार को विदेशी बाज़ारों के लिए आकर्षित किया है। इससे आने वाले दिनों में बाजार में और निवेश देखने को मिल सकता है। कुल मिलाकर, कच्चे तेल में गिरावट, वैश्विक संकेत और बेहतर वैल्यूएशन जैसे शेयर बाजार में बाजार में वापसी हुई है और आगे भी सकारात्मक रुख बना हुआ है।

  • प्राइवेसी पर बड़ा कदम, WhatsApp जल्द देगा यूजरनेम-आधारित पहचान का विकल्प

    प्राइवेसी पर बड़ा कदम, WhatsApp जल्द देगा यूजरनेम-आधारित पहचान का विकल्प


    नई दिल्ली दुनिया के सबसे लोकप्रिय टेलीकॉम प्लेटफॉर्म WhatsApp पर जल्द ही एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। कंपनी नाम और यूनिक वैल्यू जैसी नई फीचर कंपनी की तैयारी चल रही है, जिससे कंपनी बिना अपना फोन नंबर एक-दूसरे से जुड़ती है।

    फ़ोन नंबर साझा किए बिना होगी चैटिंग

    नई व्यवस्था के तहत उपभोक्ता अपने लिए एक यूनिक बिल्डरनाम या हैंडला बना फ़ेमनी, ठीक वैसे ही जैसे अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर होता है। इससे किसी को भी मैसेज, वॉयस कॉल या वीडियो कॉल करने के लिए नंबर शेयर करने की जरूरत नहीं है। यह विशेषता विशिष्टता पर उन उपभोक्ताओं के लिए अद्भुत होगी, जो अपनी निजी जानकारी सुरक्षित रखना चाहते हैं।

    जून 2026 में लॉन्च किया जा सकता है

    सिद्धांत के अनुसार, यह फीचर जून 2026 तक ग्लोबल लेवल पर लॉन्च किया जा सकता है। कंपनी ने यह भी संकेत दिया है कि वह इस बदलाव को लेकर उत्सुक है, क्योंकि उपभोक्ता नए दोस्तों, समूहों और व्यवसाय से आसानी से जुड़ेंगे, वो भी बिना नंबर सार्वजनिक किए।

    वैकल्पिक नया फीचर होगा

    व्हाट्सएप का यह फीचर पूरी तरह से वैकल्पिक निवास की संभावना है। यानि कि जो भी एप्रिसिज्यलिस्ट है, वे पहले एक तरह के फोन नंबर के जरिए ही ऐप का इस्तेमाल जारी रख फैन करते हैं। इससे वास्तविक उपभोक्ता के अनुभव में कोई बाधा नहीं आएगी और धीरे-धीरे नई सुविधा को शामिल करने का विकल्प जरूरी होगा।

    बिज़नेस के लिए भी नया मॉडल

    मेटा प्लेटफॉर्म्स (मेटा) के अनुसार, एक नए विक्रय मॉडल के बारे में भी विचार किया जा रहा है। इसके तहत मार्केटिंग मार्केटिंग शिपिंग के लिए वास्तविक समय में बोली लगाई गई। इस सिस्टम का रजिस्ट्रेशन 2026 के दूसरे भाग में शुरू हो सकता है और 2027 तक इसे लागू किया जा सकता है।

    भारत बना सबसे बड़ा बाज़ार

    भारत में व्हाट्सएप के लिए सबसे बड़ा बाजार बन गया है, जहां 50 करोड़ से ज्यादा उपभोक्ता इस ऐप का इस्तेमाल करते हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, देश में 77% खरीदारी के शेयरों का असर सोशल मीडिया पर होता है। इसमें मेटा प्लेटफॉर्म्स के प्लेटफॉर्म्स का 96% योगदान बताया गया है।

    इसके अलावा, 72% उत्पाद डिस्कवरी व्हाट्सएप जैसे व्हाट्सएप प्लेटफॉर्म के माध्यम से मौजूद हैं, जो इस ऐप की चॉकलेट तकनीकों को पेश करता है।

    निजी और प्रयोगशाला दोनों मजबूत

    कुल मिलाकर, व्हाट्सएप का यह कदम ग्राहकों की गोपनीयता को मजबूत करने के साथ-साथ प्लेटफॉर्म को और प्रमुख कंपनी-फ्रेंडली बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव लाने पर विचार किया जा रहा है।

  • ईरान इजरायल तनाव से शेयर बाजार में भूचाल: सेंसेक्स 7,000+ अंक लुढ़का, ₹37 लाख करोड़ निवेशकों के डूबे

    ईरान इजरायल तनाव से शेयर बाजार में भूचाल: सेंसेक्स 7,000+ अंक लुढ़का, ₹37 लाख करोड़ निवेशकों के डूबे


    नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते ईरान-इजरायल तनाव का असर अब भारतीय शेयर बाजार पर साफ नजर आ रहा है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक अनिश्चितता के चलते बाजार में लगातार गिरावट का माहौल बना हुआ है। पिछले कुछ हफ्तों में निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है और बाजार में डर और अस्थिरता बढ़ गई है।

    27 फरवरी से 19 मार्च के बीच सेंसेक्स करीब 7,080 अंक गिरकर 81,287 से 74,207 के स्तर पर आ गया। वहीं निफ्टी में भी लगभग 2,176 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। इस दौरान निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ा और बाजार में घबराहट देखने को मिली।

    ₹37 लाख करोड़ का नुकसान

    मिडिल ईस्ट संकट शुरू होने के बाद से निवेशकों की संपत्ति में भारी गिरावट आई है। कुल मिलाकर करीब ₹37 लाख करोड़ का नुकसान हुआ है। सिर्फ एक दिन, गुरुवार को ही लगभग ₹12.87 लाख करोड़ का नुकसान दर्ज किया गया, जो हाल के वर्षों की सबसे बड़ी गिरावटों में से एक माना जा रहा है।

    महंगा कच्चा तेल बना मुख्य कारण

    कच्चे तेल की कीमतें 110 से 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं, जिससे महंगाई बढ़ने की आशंका गहरा गई है। कंपनियों की लागत बढ़ने से उनके मुनाफे पर दबाव पड़ रहा है, जिसका सीधा असर शेयर बाजार पर दिख रहा है।

    वैश्विक बाजार भी दबाव में

    इस संकट का असर केवल भारत तक सीमित नहीं है। अमेरिका, यूरोप और एशिया के शेयर बाजारों में भी गिरावट देखी जा रही है। विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने भारतीय बाजार की कमजोरी को और बढ़ा दिया है।

    केंद्रीय बैंकों का सख्त रुख

    अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरें 3.5%–3.75% पर स्थिर रखी हैं और संकेत दिया है कि महंगाई कम होने तक राहत की उम्मीद नहीं है। बैंक ऑफ इंग्लैंड और यूरोपीय सेंट्रल बैंक ने भी दरों में कोई बदलाव नहीं किया, जिससे बाजार में लिक्विडिटी को लेकर चिंता बनी हुई है।

    20 दिनों में करीब 9% की गिरावट

    पिछले 20 दिनों में सेंसेक्स करीब 8.71% और निफ्टी लगभग 8.65% तक गिर चुके हैं। ब्रोकरेज फर्म नोमूरा के अनुसार, अगर कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहीं, तो वित्त वर्ष 2027 में कंपनियों की कमाई 10–15% तक घट सकती है।

    कमजोर शुरुआत का रिकॉर्ड

    साल 2026 की शुरुआत भी शेयर बाजार के लिए निराशाजनक रही है। 1 जनवरी से 16 मार्च के बीच सेंसेक्स 11.4% तक गिर चुका है। पिछले 47 वर्षों में यह पांचवीं सबसे खराब शुरुआत मानी जा रही है। इससे पहले 2020 कोरोना संकट और 2008 वैश्विक आर्थिक संकट के दौरान इससे बड़ी गिरावट देखी गई थी। युद्ध जैसे हालात, महंगा कच्चा तेल और सख्त मौद्रिक नीतियों के चलते बाजार पर दबाव बना हुआ है। ऐसे में निवेशकों को सतर्क रहने और लंबी अवधि की रणनीति अपनाने की सलाह दी जा रही है।

  • देश में 11% तक बढ़े बोतलबंद पानी के दाम… ईरान युद्ध के कारण प्लास्टिक महंगा होने से बढ़ी लागत

    देश में 11% तक बढ़े बोतलबंद पानी के दाम… ईरान युद्ध के कारण प्लास्टिक महंगा होने से बढ़ी लागत


    नई दिल्ली।
    ईरान युद्ध (Iran War ) के चलते देश में बोतलबंद पानी (Bottled Water ) की कीमत (Price) में 11 फीसदी की वृद्धि हुई है। ऐसा इसलिए, क्योंकि प्लास्टिक की बोतलों (Plastic Bottles) और ढक्कनों के दाम बढ़ गए हैं। 140 करोड़ की आबादी वाले इस देश में स्वच्छ जल एक विशेषाधिकार है, क्योंकि शोधकर्ताओं का कहना है कि 70 फीसदी भूजल दूषित है। बिसलेरी, कोका-कोला, रिलायंस इंडस्ट्रीज, पेप्सी और टाटा सभी पांच अरब डॉलर के बाजार में हिस्सेदारी के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। तेल की बढ़ती कीमतों से पॉलिमर की लागत बढ़ रही है, जो उद्योग की प्लास्टिक की बोतलों के लिए एक प्रमुख सामग्री है, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ रहा है।

    बोतलबंद पानी के बाजार के एक तिहाई हिस्से पर कब्जा करने वाली देश की सबसे बड़ी कंपनी बिसलेरी ने कीमतों में 11 फीसदी वृद्धि की है। एक लीटर पानी की 12 बोतलों के एक बॉक्स की कीमत अब 240 रुपये होगी, जबकि पहले यह 216 रुपये थी। बिसलेरी के सीईओ एंजेलो जॉर्ज ने कहा, पैकेजिंग सामग्री की लागत में भारी वृद्धि के कारण पैकेटबंद पेयजल की कीमत 20 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ गई है। पिछले पखवाड़े में पैकेजिंग सामग्री की लागत में 70 फीसदी से अधिक की वृद्धि हुई है।

    साथ ही, मौजूदा स्थिति किसी के नियंत्रण से बाहर है। पार्ले एग्रो ने भी अपने बैली बोतलबंद पानी ब्रांड की कीमत में करीब 11 फीसदी की बढ़ोतरी की है। क्लियर प्रीमियम वाटर के सीईओ नयन शाह ने कहा कि इन युद्ध की घटनाओं के कारण कंपनी ने बोतलबंद पानी की खुदरा कीमतों में 8 से 11 फीसदी की बढ़ोतरी की है।

    बोतलों के निर्माण सामग्री की लागत 50 फीसदी बढ़ी
    तेल की बढ़ती कीमतों की वजह से प्लास्टिक की बोतलों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की लागत 50 फीसदी बढ़कर 170 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। ढक्कनों की कीमत दोगुनी से भी अधिक बढ़कर 0.45 रुपये प्रति पीस हो गई है। नालीदार बक्से, लेबल और चिपकने वाली टेप भी महंगी हो गई हैं। इस मूल्य वृद्धि से सरकार की ओर से सितंबर में किए गए कर सुधारों का लाभ उलट गया है, जब बोतलबंद पानी पर टैक्स 18 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिया था। इससे कई कंपनियों को दाम घटाने के लिए प्रोत्साहन मिला था।

  • मध्य पूर्व तनाव का असर, भारतीय शेयर बाजार में सेंसेक्स 2% से अधिक गिरकर खुला

    मध्य पूर्व तनाव का असर, भारतीय शेयर बाजार में सेंसेक्स 2% से अधिक गिरकर खुला


    नई दिल्ली।  भारतीय शेयर बाजार गुरुवार के निफ्टी सत्र में तेज गिरावट के साथ खुला। सुबह के शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 1,942.22 अंक या 2.55 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 74,750.92 पर और निफ्टी 50 580 अंक या 2.4 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,197.75 पर ट्रेड कर रहा था।

    बाजार में चौतरफा दबाव देखा गया। रियल्टी, प्राइवेट बैंक, ऑटो, फाइनेंस सर्विसेज, पीएसयू बैंक, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, सर्विसेज, डिफेंस और मेटल सभी सेक्टर्स लाल निशान में रहे। लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप रिकवरी में भी गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1,194.40 अंक या 2.12 प्रतिशत घटकर 55,095.45 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 246.50 अंक या 1.52 प्रतिशत कमजोर होकर 15,930.95 पर था।

    सेंसेक्स पैक के 30 रिकवरी में से 28 लाल निशान में थे। प्रमुख रिकवरी में HDFC Bank, L&T, Axis Bank, M&M, Trent, Itrannal, Asian Paints, Bajaj Finance, Maruti Suzuki, Kotak Mahindra, Ultratech Engineering, Bajaj Finserv और Indiango शामिल थे। केवल NTPC और पावर ग्रिड हरे निशान में बंद हुए।

    रिटेल्स का मानना ​​है कि बाजार में गिरावट का मुख्य कारण पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव हैं। अमेरिका और इजरायल ने बुधवार को ईरान के दक्षिणी हिस्से में साउथ पार्स गैस फील्ड और असालुयेह शहर की तेल-गैस सुविधाओं पर एयरस्ट्राइक किया। जवाब में ईरान ने कतर के सबसे बड़े गैस प्लांट रास लफान पर मिसाइल हमले किए। इससे वैश्विक तेल कीमतों में तेज उछाल आया और निवेशक जोखिम से बचने के लिए बिकवाली कर रहे हैं।

    अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी दबाव देखा गया। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, बैंकॉक और सोल लाल निशान में बंद हुए। अमेरिकी बाजार बुधवार को लाल निशान में बंद हुए, जिसमें डाओ 1.63 प्रतिशत और नैस्डैक 1.46 प्रतिशत की गिरावट के साथ समाप्त हुआ।

    विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की बिकवाली जारी रही। बुधवार को एफआईआई ने 2,714.35 करोड़ रुपये की इक्विटी बेची, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 3,253.03 करोड़ रुपये का निवेश किया।

  • पश्चिम एशिया संकट का असर: कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त बढ़ोतरी

    पश्चिम एशिया संकट का असर: कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त बढ़ोतरी


    नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच गुरुवार को कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखा गया। इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज पर ब्रेंट क्रूड का अप्रैल कॉन्ट्रैक्ट 111.78 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, जो पिछले बंद भाव से 4.10 प्रतिशत अधिक था। वहीं, न्यूयॉर्क मैक्स एक्सचेंज पर वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) अप्रैल कॉन्ट्रैक्ट में 3.37 प्रतिशत की बढ़त के साथ 99.57 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

    तेल की कीमतों में तेजी का कारण ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर इजरायल के हमले को माना जा रहा है। यह क्षेत्र विश्व का सबसे बड़ा गैस फील्ड है। जवाब में ईरान ने कतर के प्रमुख वैश्विक गैस हब, रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी पर हमला किया। कतर के विदेश मंत्रालय और एनर्जी विभाग ने पुष्टि की है कि मिसाइल हमले से बड़े स्तर पर नुकसान हुआ और आग बुझाने के लिए आपातकालीन बचाव दल तुरंत तैनात किए गए। सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं और किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है।

    विशेषज्ञों के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों में यह उछाल भारत सहित अन्य तेल आयातक देशों पर असर डाल सकता है, क्योंकि भारत अपनी जरूरत का करीब 90 प्रतिशत कच्चा तेल विदेश से आयात करता है। ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर चिंता बढ़ा दी है।

    इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरानी एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर पर किसी भी अतिरिक्त हमले का विरोध किया। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर कहा कि इजरायल ने साउथ पार्स गैस क्षेत्र के एक प्रमुख प्लांट पर हमला किया, जिससे केवल प्लांट का अपेक्षाकृत छोटा हिस्सा ही क्षतिग्रस्त हुआ।

    एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हमले के बाद क्षेत्रीय तनाव बढ़ गया है और ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। इसके प्रभाव से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बनी हुई है, जिससे वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और कीमतों को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है।

  • सोने-चांदी की कीमतों में दबाव, अमेरिकी फेड की नीति ने बनाया मार्केट चुनौतीपूर्ण

    सोने-चांदी की कीमतों में दबाव, अमेरिकी फेड की नीति ने बनाया मार्केट चुनौतीपूर्ण


    नई दिल्ली। सोने और चांदी के बाजार में गुरुवार को कमजोरी देखने को मिली। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सुबह 10:21 बजे सोने का 2 अप्रैल 2026 का कॉन्ट्रैक्ट 0.62 प्रतिशत यानी 953 रुपए की गिरावट के साथ 1,52,072 रुपए प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा था। दिन भर में सोने ने 1,51,712 रुपए का न्यूनतम और 1,53,025 रुपए का उच्चतम स्तर छुआ।

    चांदी की कीमतों में भी गिरावट रही। 5 मई, 2026 का चांदी कॉन्ट्रैक्ट 3,945 रुपए या 1.59 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 2,44,249 रुपए प्रति किलो पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान चांदी ने 2,43,083 रुपए का न्यूनतम और 2,45,387 रुपए का उच्चतम स्तर दर्ज किया।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी में दबाव देखा गया। खबर लिखे जाने तक सोना 0.92 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 4,850 डॉलर प्रति औंस और चांदी 2.42 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 75.735 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रही थी।

    विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व का हालिया निर्णय सोने और चांदी में गिरावट का मुख्य कारण है। बुधवार को अमेरिकी फेड ने ब्याज दरों को लगातार दूसरी बार यथावत रखते हुए 3.5 प्रतिशत से 3.75 प्रतिशत के बीच बनाए रखा। इससे पहले 2025 में सितंबर, अक्टूबर और दिसंबर में दरों में कटौती की गई थी।

    वीटी मार्केट्स के वरिष्ठ विश्लेषक – एपीएसी जस्टिन खू के अनुसार, फेड का यह कदम भू-राजनीतिक झटकों और लगातार बढ़ती मुद्रास्फीति से जूझ रही समिति के दृष्टिकोण को दर्शाता है। फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने भी कहा कि कई अधिकारियों ने अपने पूर्वानुमानों में कटौती की संख्या घटाकर केवल एक कटौती पर सहमति दी है। यह बदलाव मुख्य रूप से ईरान युद्ध और वैश्विक तेल बाजार पर उसके प्रभाव के कारण मुद्रास्फीति में 2.7 प्रतिशत की वृद्धि के बाद आया है।