Category: Entertainment

  • रणवीर सिंह की धुरंधर: द रिवेंज के संगीत की ग्रैमी में दावेदारी, शाश्वत सचदेव और फिल्म के गानों की पूरी सूची

    रणवीर सिंह की धुरंधर: द रिवेंज के संगीत की ग्रैमी में दावेदारी, शाश्वत सचदेव और फिल्म के गानों की पूरी सूची

    नई दिल्ली । रणवीर सिंह अभिनीत फिल्म धुरंधर: द रिवेंज के संगीत को ग्रैमी अवॉर्ड की विभिन्न श्रेणियों में विचार के लिए भेजा गया है। फिल्म के संगीत से जुड़े इस घटनाक्रम में इसके कई गाने अलग-अलग श्रेणियों के लिए शामिल किए गए हैं। फिल्म के निर्माताओं की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, संगीत निर्देशक शाश्वत सचदेव के काम और फिल्म के गीतों को अंतरराष्ट्रीय संगीत पुरस्कार की प्रक्रिया के तहत विचार के लिए प्रस्तुत किया गया है। हालांकि, इन गानों को भेजे जाने का अर्थ यह नहीं है कि उन्हें ग्रैमी के अंतिम नामांकन में जगह मिल गई है या किसी पुरस्कार पर उनकी जीत तय हो गई है।

    शाश्वत सचदेव को फिल्म के संगीत के लिए ‘विजुअल मीडिया के लिए सर्वश्रेष्ठ संकलन साउंडट्रैक’ श्रेणी में विचारार्थ प्रस्तुत किया गया है। इसके अलावा फिल्म के दो गाने ‘जान से गुजरते हैं’ और ‘कन्हैया’ को ‘सर्वश्रेष्ठ वैश्विक संगीत प्रदर्शन’ श्रेणी के लिए भेजा गया है। वहीं, ‘फिर से’ को ‘विजुअल मीडिया के लिए लिखे गए सर्वश्रेष्ठ गीत’ श्रेणी में शामिल किया गया है। इन प्रविष्टियों के जरिए फिल्म के संगीत और अलग-अलग गीतों को विभिन्न श्रेणियों में विचार के लिए रखा गया है।

    फिल्म के अन्य गानों को भी अलग-अलग संगीत श्रेणियों के लिए प्रस्तुत किया गया है। ‘आरी आरी’ को ‘सर्वश्रेष्ठ एशियाई पॉप संगीत प्रदर्शन’ श्रेणी में शामिल किया गया है। ‘वारी जावां’ को ‘सर्वश्रेष्ठ डांस/इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्डिंग’ श्रेणी के लिए भेजा गया है, जबकि ‘हम प्यार करने वाले’ को ‘सर्वश्रेष्ठ रीमिक्स रिकॉर्डिंग’ श्रेणी में विचारार्थ रखा गया है। इसके साथ ही ‘डेस्टिनी- मान अटकेया’ को ‘सर्वश्रेष्ठ रैप प्रदर्शन’ और ‘जाए सजना’ को ‘सर्वश्रेष्ठ पॉप युगल/समूह प्रदर्शन’ श्रेणी के लिए सूचीबद्ध किया गया है।

    इन प्रविष्टियों के बाद फिल्म के संगीत से जुड़े कुल आठ गानों का उल्लेख अलग-अलग श्रेणियों के संदर्भ में सामने आया है। इसमें साउंडट्रैक के लिए शाश्वत सचदेव का नाम भी शामिल है। हर गीत को उसकी संबंधित श्रेणी के अंतर्गत विचार के लिए प्रस्तुत किया गया है। फिलहाल यह प्रक्रिया शुरुआती चरण में है, इसलिए इसे अंतिम नामांकन या पुरस्कार की उपलब्धि के रूप में नहीं देखा जा सकता।

    ग्रैमी की प्रक्रिया में विचारार्थ भेजे गए गीतों को आगे पात्रता संबंधी शर्तों और मतदान के चरणों से गुजरना होता है। अंतिम नामांकन तक पहुंचने के लिए संबंधित प्रविष्टियों का निर्धारित मानकों पर खरा उतरना जरूरी है। इसके बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इनमें से कौन-से गीत अंतिम सूची में जगह बना पाते हैं। इसलिए अभी फिल्म के गानों को ग्रैमी पुरस्कार मिलने या अंतिम नामांकन हासिल होने का दावा करना सही नहीं होगा।

    फिल्म धुरंधर: द रिवेंज का निर्देशन आदित्य धर ने किया है। इसमें रणवीर सिंह के साथ संजय दत्त, अक्षय खन्ना, आर. माधवन और अर्जुन रामपाल जैसे कलाकार नजर आए हैं। फिल्म ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर 1,100 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की थी, जबकि दुनियाभर में इसका कलेक्शन लगभग 1,852 करोड़ रुपये बताया गया है। अब इसके संगीत और गानों को ग्रैमी की विभिन्न श्रेणियों में विचार के लिए भेजे जाने से फिल्म से जुड़ी चर्चा का एक नया पहलू सामने आया है। हालांकि, पुरस्कार प्रक्रिया के अगले चरणों और अंतिम चयन को लेकर अभी कोई नतीजा सामने नहीं आया है।

  • कटरीना कैफ ने बॉडी शेमिंग करने वालों को दिया जवाब, बोलीं- आलोचनाओं से डरती तो जिंदगी में कभी आगे नहीं बढ़ पाती

    कटरीना कैफ ने बॉडी शेमिंग करने वालों को दिया जवाब, बोलीं- आलोचनाओं से डरती तो जिंदगी में कभी आगे नहीं बढ़ पाती

    नई दिल्ली: बॉलीवुड अभिनेत्री कटरीना कैफ ने सोशल मीडिया पर होने वाली ट्रोलिंग और बॉडी शेमिंग को लेकर अपनी बात रखी है। अभिनेत्री को हाल ही में डिलीवरी के बाद बढ़े वजन को लेकर सोशल मीडिया पर आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। अब उन्होंने इस तरह की टिप्पणियों के प्रभाव और उनसे निपटने के तरीके पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। कटरीना का कहना है कि सोशल मीडिया पर लोगों की राय को इतना महत्व नहीं देना चाहिए कि उसका असर व्यक्ति के फैसलों और जिंदगी में आगे बढ़ने की क्षमता पर पड़ने लगे। उनके मुताबिक, दूसरों की टिप्पणियों के आधार पर अपनी जिंदगी के फैसले लेना व्यक्ति के लिए नुकसानदेह हो सकता है।

    कटरीना कैफ ने लंदन में अपने ब्यूटी ब्रांड के एक कार्यक्रम के दौरान इस विषय पर बात की। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर किसी व्यक्ति को लेकर कई तरह की धारणाएं और राय सामने आती हैं। ऐसे में यह ध्यान रखना जरूरी है कि इन बातों का खुद पर नकारात्मक प्रभाव न पड़ने दिया जाए। अभिनेत्री के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति लगातार दूसरों की राय और टिप्पणियों पर ध्यान देता रहेगा, तो उसके लिए अपने हित में सही फैसले लेना मुश्किल हो सकता है। उन्होंने अपने अनुभव का जिक्र करते हुए बताया कि अगर वह बार-बार मिलने वाली आलोचनाओं और टिप्पणियों के आधार पर काम करने लगतीं, तो डर के कारण आगे बढ़ना उनके लिए मुश्किल हो जाता। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में वह डर के मारे पैरालाइज हो जातीं और जिंदगी में कभी आगे नहीं बढ़ पातीं।

    अभिनेत्री ने यह भी कहा कि जीवन में कई बार ऐसे दौर आते हैं, जब व्यक्ति को लगता है कि उसने सब कुछ सही किया है, लेकिन इसके बावजूद परिस्थितियां उसके मुताबिक नहीं चलतीं। कभी इंसान को लगता है कि वह अपना सर्वश्रेष्ठ कर रहा है, तो कभी उसे महसूस होता है कि वह अभी उस स्थिति तक पहुंचने की कोशिश में है, जहां वह होना चाहता है। कटरीना के मुताबिक, इन उतार-चढ़ावों को जीवन का हिस्सा मानना चाहिए और हर परिस्थिति में खुद पर अनावश्यक दबाव डालने के बजाय जिंदगी का आनंद लेना चाहिए। उनकी इस प्रतिक्रिया को सोशल मीडिया पर होने वाली व्यक्तिगत टिप्पणियों और खासकर महिलाओं के शरीर को लेकर की जाने वाली आलोचना के संदर्भ में देखा जा रहा है।

    दरअसल, कटरीना कैफ को कुछ समय पहले अपने पति विक्की कौशल के साथ अंबानी परिवार के गणपति समारोह में देखा गया था। इस दौरान उनके डिलीवरी के बाद बढ़े वजन को लेकर कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर टिप्पणियां की थीं। हालांकि, कई लोगों ने अभिनेत्री का समर्थन भी किया था। समर्थकों ने कहा था कि मां बनने के बाद शरीर में बदलाव आना सामान्य बात है और इस आधार पर किसी महिला का मजाक उड़ाना उचित नहीं है। इस मामले में सलमान खान ने भी कटरीना का समर्थन किया था। उन्होंने टेलीविजन कार्यक्रम ‘बिग बॉस’ के वीकेंड का वार एपिसोड में बॉडी शेमिंग करने वालों को फटकार लगाई थी।

    सलमान खान ने कहा था कि गर्भावस्था के बाद महिलाओं का वजन बढ़ना आम बात है। ऐसे समय में किसी महिला का मजाक उड़ाना या उसके शरीर को लेकर भद्दी टिप्पणियां करना गलत मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने यह भी कहा था कि कटरीना जब फिल्मों में वापसी करेंगी, तो दोबारा फिट हो जाएंगी। फिलहाल वह अपने परिवार के साथ समय बिता रही हैं। सलमान की इस प्रतिक्रिया के बाद भी कटरीना के वजन को लेकर हुई टिप्पणियों का मुद्दा चर्चा में रहा।

    कटरीना कैफ की पेशेवर जिंदगी की बात करें तो वह आखिरी बार फिल्म ‘मैरी क्रिसमस’ में नजर आई थीं, जो वर्ष 2024 में रिलीज हुई थी। इसके बाद से वह फिल्मों से दूर हैं और उनके आगामी प्रोजेक्ट्स को लेकर कोई नई जानकारी सामने नहीं आई है। फिलहाल अभिनेत्री अपने बच्चे और परिवार के साथ समय बिता रही हैं। वह सोशल मीडिया पर अपने ब्यूटी प्रोडक्ट्स से जुड़ी पोस्ट साझा करती रहती हैं और परिवार के साथ बिताए पलों की झलक भी प्रशंसकों के साथ साझा करती हैं।

  • सलमान खान ने लॉन्च किया अपना आधिकारिक यूट्यूब चैनल, बोले- ए से जेड तक सब कुछ यहीं मिलेगा

    सलमान खान ने लॉन्च किया अपना आधिकारिक यूट्यूब चैनल, बोले- ए से जेड तक सब कुछ यहीं मिलेगा

    नई दिल्ली: बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान ने अपने प्रशंसकों के लिए एक नई शुरुआत की है। उन्होंने अपना आधिकारिक यूट्यूब चैनल लॉन्च किया है। इस घोषणा के बाद उनके प्रशंसकों में उत्सुकता बढ़ गई है। अभिनेता ने अपने नए चैनल के बारे में जानकारी साझा करते हुए संकेत दिया कि यहां उन्हें उनसे जुड़ी विभिन्न अपडेट मिल सकेंगी। प्रशंसक अब यह जानने के लिए उत्साहित हैं कि इस मंच पर सलमान अपनी निजी जिंदगी और पेशेवर गतिविधियों से जुड़े कौन-कौन से पल साझा करेंगे।

    सलमान खान ने अपने नए यूट्यूब चैनल की घोषणा एक वीडियो के जरिए की। इस वीडियो में अभिनेता पुराने लुक में नजर आए। इसके साथ उन्होंने लिखा, ‘शुरू से शुरू करते हैं। मेरा ऑफिशियल यूट्यूब चैनल। ए से जेड तक सब यहां मिलेगा।’ उनके इस संदेश से स्पष्ट है कि वह अपने प्रशंसकों के साथ जुड़ने के लिए एक नया डिजिटल मंच शुरू कर रहे हैं। चैनल का नाम ‘बीइंग सलमान खान’ रखा गया है। इसकी शुरुआत के साथ ही प्रशंसकों की नजर इस बात पर है कि आने वाले समय में यहां किस तरह की सामग्री देखने को मिलेगी। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में चैनल पर नियमित रूप से साझा की जाने वाली सामग्री का विस्तृत ब्योरा नहीं दिया गया है।

    सलमान खान का यह कदम ऐसे समय में सामने आया है, जब वह टेलीविजन पर भी सक्रिय हैं। अभिनेता इन दिनों ‘बिग बॉस 20’ को होस्ट कर रहे हैं। यह शो बतौर होस्ट उनका 15वां सीजन है। कार्यक्रम में सलमान की मौजूदगी को दर्शक पसंद करते हैं। उनके नए यूट्यूब चैनल की शुरुआत से प्रशंसकों को उनसे जुड़ने का एक और माध्यम मिल गया है। अब तक अभिनेता से संबंधित अपडेट के लिए प्रशंसक अलग-अलग मंचों पर निर्भर रहते थे, लेकिन आधिकारिक चैनल के जरिए उन्हें सलमान की ओर से साझा की जाने वाली सामग्री सीधे देखने का अवसर मिल सकता है।

    अभिनय के मोर्चे पर सलमान खान अपनी आगामी फिल्म ‘मातृभूमि’ को लेकर भी चर्चा में हैं। इस फिल्म में उनके साथ चित्रांगदा सिंह मुख्य भूमिका में नजर आएंगी। फिल्म का निर्देशन अपूर्व लाखिया कर रहे हैं, जबकि इसका निर्माण सलमा खान ने किया है। शुरुआत में इस परियोजना का नाम ‘बैटल ऑफ गलवान’ रखा गया था, लेकिन बाद में इसे बदलकर ‘मातृभूमि’ कर दिया गया। फिल्म की कहानी भारतीय और चीनी सेनाओं के बीच हुई झड़प की पृष्ठभूमि से जुड़ी बताई गई है। इसी विषय को लेकर फिल्म की प्रस्तुति पर चर्चा हुई थी।

    फिल्म को लेकर पहले ऐसी अटकलें सामने आई थीं कि विषयवस्तु के कारण इसकी रिलीज में देरी हो सकती है या इसे रोक दिया गया है। हालांकि, बाद में फिल्म के नए संस्करण को लेकर सकारात्मक अपडेट सामने आया। जानकारी के मुताबिक, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने नए संस्करण को अनापत्ति प्रमाणपत्र दे दिया है। इसके बावजूद फिल्म की रिलीज की तारीख को लेकर अंतिम स्थिति सेंसर प्रक्रिया पर निर्भर बताई गई है। फिल्म के कई गाने पहले ही जारी किए जा चुके हैं, लेकिन इसकी रिलीज को लेकर आधिकारिक तारीख की स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है।

    उपलब्ध जानकारी के अनुसार, निर्माता फिल्म को 13 नवंबर को रिलीज करने की योजना बना रहे हैं। यह तारीख दिवाली के बाद की है। फिल्म को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया जाना है और प्रमाणपत्र मिलने के बाद ही इसकी रिलीज की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। सलमान खान के नए यूट्यूब चैनल की शुरुआत और ‘मातृभूमि’ को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच उनके प्रशंसक अभिनेता की आगामी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। इसके अलावा नयनतारा के साथ सलमान की एक अन्य फिल्म में काम करने की भी चर्चा है, लेकिन उस परियोजना के नाम की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है।

  • स्टारलिंक विवाद में कमल हासन की एंट्री, मस्क को सुनाई खरी-खरी, कंगना रनौत बोलीं- तीखा और सटीक जवाब

    स्टारलिंक विवाद में कमल हासन की एंट्री, मस्क को सुनाई खरी-खरी, कंगना रनौत बोलीं- तीखा और सटीक जवाब


    नई दिल्ली । भारत में स्टारलिंक की लॉन्चिंग और लाइसेंसिंग प्रक्रिया को लेकर छिड़ी बहस अब राजनीतिक और मनोरंजन जगत तक पहुंच गई है। दुनिया के चर्चित अरबपति एलन मस्क की ओर से भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवा को मंजूरी मिलने में देरी पर सवाल उठाए जाने के बाद अभिनेता और राज्यसभा सांसद कमल हासन ने उन्हें दोटूक जवाब दिया है। हासन ने भारत की नियामक स्वतंत्रता का समर्थन करते हुए साफ कहा कि किसी भी देश की नीतियां किसी अरबपति के दबाव में तय नहीं होनी चाहिए। उनकी इस टिप्पणी को अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत का भी समर्थन मिला है। कंगना ने हासन की बातों की तारीफ करते हुए उनके जवाब को तीखा सटीक और व्यंग्यात्मक बताया।
    कंगना रनौत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कमल हासन की पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि यह बात चुभने वाली है और किसी भी अरबपति को भारत या अमेरिका जैसे देशों की नीतियां तय नहीं करनी चाहिए। कंगना ने हासन की बातों से सहमति जताते हुए कहा कि उन्होंने अपनी बात बेहद प्रभावशाली तरीके से रखी है। इस प्रतिक्रिया के बाद स्टारलिंक लाइसेंसिंग विवाद में कंगना की एंट्री ने चर्चा को और तेज कर दिया है। आमतौर पर राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखने वाली कंगना ने इस बार भारत के नीतिगत अधिकारों के समर्थन में कमल हासन का साथ दिया है।
    कमल हासन ने अपने बयान में भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था और राष्ट्रीय स्वायत्तता पर जोर दिया। उन्होंने एलन मस्क को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी अरबपति को किसी देश की नीति तय करने का अधिकार नहीं होना चाहिए फिर चाहे वह भारत हो या अमेरिका। हासन के मुताबिक भारत एक लोकतंत्र है और कोई कॉलोनी नहीं है। देश अपने भविष्य से जुड़े फैसले खुद लेने में सक्षम है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत दुनिया के लिए अपने दरवाजे खुले रखता है लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि विदेशी कारोबारी हित या दूसरे देशों के दोहरे मापदंड भारत की नीतियों को प्रभावित करें।
    हासन ने सैटेलाइट इंटरनेट सेवाओं के मामले में प्रतिस्पर्धा और किफायती कनेक्टिविटी की जरूरत पर भी जोर दिया। उनका मानना है कि अंतरराष्ट्रीय कंपनियों का स्वागत किया जाना चाहिए लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा से किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। भारत जैसे बड़े देश में दूरदराज के इलाकों तक इंटरनेट पहुंचाना महत्वपूर्ण है जहां पारंपरिक ब्रॉडबैंड सेवाओं का विस्तार सीमित है। ऐसे में नई तकनीक और कंपनियां लोगों के लिए बेहतर विकल्प उपलब्ध करा सकती हैं। हालांकि इसके लिए निर्धारित नियमों और सुरक्षा मानकों का पालन करना भी जरूरी है।
    दरअसल एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा स्टारलिंक भारत में अपनी सेवाएं शुरू करने के लिए नियामकीय मंजूरी की प्रक्रिया से गुजर रही है। मस्क ने लाइसेंस मिलने में हो रही देरी पर सवाल उठाए थे और दूसरे देशों में सेवा को मिली मंजूरी का हवाला दिया था। भारत में किसी भी दूरसंचार सेवा को शुरू करने के लिए संबंधित नियमों और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी शर्तों को पूरा करना आवश्यक है। स्टारलिंक लो अर्थ ऑर्बिट में मौजूद उपग्रहों के जरिए इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध कराती है और इसका उद्देश्य उन क्षेत्रों तक भी इंटरनेट पहुंचाना है जहां सामान्य नेटवर्क का विस्तार मुश्किल है।
    इस पूरे विवाद ने एक बार फिर तकनीकी निवेश विदेशी कंपनियों की भूमिका राष्ट्रीय सुरक्षा और देश की नीतिगत स्वतंत्रता के बीच संतुलन की बहस को सामने ला दिया है। कमल हासन के बयान और कंगना रनौत के समर्थन के बाद यह मुद्दा केवल इंटरनेट सेवा तक सीमित नहीं रहा बल्कि इस बात पर भी चर्चा शुरू हो गई है कि वैश्विक कंपनियों के लिए बाजार खोलते समय राष्ट्रीय हितों की रक्षा कैसे की जाए।
  • नाना पाटेकर की आखिरी फिल्म को मिलेगा खास ट्रिब्यूट, अनीत पड्डा की ‘शक्ति शालिनी’ अब मार्च 2027 में हो सकती है रिलीज

    नाना पाटेकर की आखिरी फिल्म को मिलेगा खास ट्रिब्यूट, अनीत पड्डा की ‘शक्ति शालिनी’ अब मार्च 2027 में हो सकती है रिलीज


    नई दिल्ली । बॉलीवुड की आगामी हॉरर-कॉमेडी फिल्म शक्ति शालिनी अपनी रिलीज डेट में बदलाव को लेकर चर्चा में है। अनीत पड्डा की मुख्य भूमिका वाली इस फिल्म को पहले क्रिसमस 2026 के मौके पर सिनेमाघरों में उतारने की तैयारी थी लेकिन अब इसकी रिलीज 2027 तक टल गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म के निर्माता दिनेश विजान और निर्देशक आदित्य सरपोतदार नई रिलीज डेट पर विचार कर रहे हैं। संभावना जताई जा रही है कि फिल्म मार्च 2027 में सिनेमाघरों में दस्तक दे सकती है। हालांकि इसकी अंतिम रिलीज डेट को लेकर आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।
    फिल्म की रिलीज आगे बढ़ने की एक बड़ी वजह शाहरुख खान की आगामी फिल्म किंग के साथ बॉक्स ऑफिस पर होने वाली संभावित टक्कर को बताया जा रहा है। मेकर्स नहीं चाहते कि दोनों फिल्मों की रिलीज एक ही समय पर होने से किसी फिल्म के कारोबार पर असर पड़े। इसके अलावा सैयारा की सफलता के बाद अनीत पड्डा को एक और बड़ी फिल्म में दर्शकों के सामने पेश करने की रणनीति भी इस फैसले से जुड़ी बताई जा रही है। निर्माता चाहते हैं कि शक्ति शालिनी को सिनेमाघरों में पर्याप्त जगह मिले और दर्शकों का ध्यान फिल्म की कहानी तथा इसके नए किरदार पर केंद्रित रहे।
    शक्ति शालिनी मैडॉक फिल्म्स के हॉरर-कॉमेडी यूनिवर्स का हिस्सा है। इस फ्रेंचाइजी में पहले स्त्री और मुंज्या जैसी फिल्मों ने दर्शकों के बीच अपनी पहचान बनाई है। ऐसे में नई फिल्म से भी काफी उम्मीदें लगाई जा रही हैं। अक्टूबर 2025 में फिल्म का टीजर जारी करते समय इसकी रिलीज क्रिसमस 2026 के लिए तय की गई थी। हालांकि पिछले कुछ महीनों से इसकी रिलीज डेट बदलने की चर्चाएं चल रही थीं। अब नाना पाटेकर के निधन के बाद इस फिल्म को लेकर दर्शकों की उत्सुकता और बढ़ गई है क्योंकि निर्देशक आदित्य सरपोतदार के मुताबिक यह दिग्गज अभिनेता की आखिरी फिल्म होगी।
    रिपोर्ट के अनुसार नाना पाटेकर ने मई 2026 में फिल्म की शूटिंग पूरी कर ली थी। निर्देशक आदित्य सरपोतदार ने अभिनेता के निधन पर दुख जताते हुए कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि यह फिल्म नाना पाटेकर की आखिरी फिल्म साबित होगी। उन्होंने फिल्म के साथ अभिनेता के जुड़ाव को भी याद किया। नाना पाटेकर इस फिल्म को लेकर उत्साहित थे और इसके रिलीज होने का इंतजार कर रहे थे। ऐसे में अब फिल्म उनके प्रशंसकों के लिए एक खास यादगार बन सकती है।
    शक्ति शालिनी में अनीत पड्डा के साथ नाना पाटेकर विशाल जेठवा विनीत कुमार सिंह और सीमा बिस्वास भी नजर आएंगे। फिल्म का निर्देशन आदित्य सरपोतदार ने किया है जबकि इसका निर्माण दिनेश विजान की मैडॉक फिल्म्स के बैनर तले हुआ है। फिल्म की कहानी और किरदारों को लेकर अभी ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है लेकिन इसे हॉरर-कॉमेडी यूनिवर्स की एक अहम कड़ी माना जा रहा है। अब दर्शकों की निगाहें इसकी नई रिलीज डेट और फिल्म से जुड़े अगले अपडेट पर टिकी हैं। नाना पाटेकर की आखिरी फिल्म होने के कारण शक्ति शालिनी उनके चाहने वालों के लिए भावनात्मक महत्व भी रखेगी।
  • हॉरर और सस्पेंस का जबरदस्त तड़का, 9 एपिसोड की इस सीरीज ने राइटर्स को भी किया परेशान, जानिए कहां देखें ‘दहन-राकन का रहस्य’

    हॉरर और सस्पेंस का जबरदस्त तड़का, 9 एपिसोड की इस सीरीज ने राइटर्स को भी किया परेशान, जानिए कहां देखें ‘दहन-राकन का रहस्य’


    नई दिल्ली ।
    अगर आपको हॉरर और सस्पेंस से भरपूर कहानियां देखना पसंद है तो ओटीटी पर मौजूद दहन-राकन का रहस्य आपके लिए एक दिलचस्प विकल्प हो सकती है। इस सीरीज में डरावने रहस्य रहस्यमयी घटनाएं और एक ऐसे गांव की कहानी दिखाई गई है जिसे शापित माना जाता है। इसकी कहानी में लोककथाओं और अंधविश्वास के साथ वैज्ञानिक जांच का पहलू भी जुड़ा हुआ है। सीरीज की IMDb रेटिंग 7.1 बताई गई है। खास बात यह है कि इसकी कहानी लिखने वाले लेखकों के बीच राइटिंग के दौरान इतने मतभेद होते थे कि एक समय पर उन्हें थेरेपिस्ट की मदद तक लेनी पड़ी थी। यही वजह है कि इस सीरीज के पीछे की कहानी भी दर्शकों की दिलचस्पी बढ़ाती है।

    दहन-राकन का रहस्य की कहानी राजस्थान के शिलासपुर नाम के एक गांव के इर्दगिर्द घूमती है। यहां अवनी राउत नाम की आईएएस अधिकारी की पोस्टिंग होती है। इस किरदार को अभिनेत्री टिस्का चोपड़ा ने निभाया है। अवनी अपने पति की मौत से जुड़े सदमे और भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच अपनी जिंदगी को संभालने की कोशिश कर रही होती हैं। इसी दौरान उन्हें मैंगोन कॉर्पोरेशन की एक अहम दुर्लभ खनिज खनन परियोजना की जिम्मेदारी मिलती है। शुरुआत में यह काम एक प्रशासनिक चुनौती जैसा नजर आता है लेकिन जल्द ही मामला रहस्यमयी घटनाओं और गांव की पुरानी मान्यताओं से जुड़ने लगता है।

    गांव के मुखिया स्वरूप की भूमिका सौरभ शुक्ला ने निभाई है। वह जमीन की खुदाई का विरोध करते हैं और चेतावनी देते हैं कि अगर धरती को छेड़ा गया तो रिधियाकन नाम का राक्षस जाग सकता है। उनके मुताबिक इस रहस्यमयी शक्ति के जागने से गांव पर बड़ी मुसीबत आ सकती है। दूसरी ओर खनन परियोजना से जुड़े काम और प्रशासनिक जिम्मेदारियां अवनी के सामने कई सवाल खड़े करती हैं। गांव में मरे हुए पक्षियों का मिलना और रहस्यमयी हत्याओं जैसी घटनाएं कहानी को और डरावना बना देती हैं। अब यह पता लगाना जरूरी हो जाता है कि इन घटनाओं के पीछे कोई अलौकिक ताकत है या फिर इसके पीछे कोई ऐसा सच छिपा है जिसे सामने आने से रोका जा रहा है।

    सीरीज की खासियत यह है कि इसमें केवल डर पैदा करने पर जोर नहीं दिया गया है बल्कि रहस्य को धीरे-धीरे खोलने की कोशिश भी की गई है। अवनी एक डॉक्टर की मदद से घटनाओं के पीछे वैज्ञानिक कारण तलाशती हैं। इस दौरान गांव की मान्यताओं प्रशासनिक दबाव और खनन परियोजना से जुड़े सवाल कहानी को आगे बढ़ाते हैं। टिस्का चोपड़ा और सौरभ शुक्ला के अलावा इसमें राजेश तैलंग मुकेश तिवारी रोहन जोशी और लहर खान सहित कई कलाकार नजर आते हैं। सीरीज का निर्देशन विक्रांत पंवार और जय शर्मा ने किया है।

    इस सीरीज से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा इसकी लेखन प्रक्रिया का भी है। लेखक निसर्ग मेहता ने एक बातचीत में बताया था कि कहानी लिखते समय तीनों लेखकों के बीच काफी बहस होती थी। कई बार दो लेखक एक राय पर होते थे तो तीसरा उनसे असहमत रहता था। वहीं शिवा बाजपयी ने बताया कि उनके बीच बहस के दौरान रोना-धोना तक हुआ और कभी-कभी वे एक-दूसरे पर पेंसिल भी फेंक देते थे। हालात ऐसे हो गए थे कि एक समय पर उन्हें थेरेपिस्ट को भी हायर करना पड़ा। हालांकि लेखकों के मुताबिक असहमति ने कहानी को बेहतर बनाने में मदद की और निर्देशक ने उन्हें अपनी कल्पना के मुताबिक कहानी विकसित करने की पूरी स्वतंत्रता दी।

    अगर आप डरावनी कहानियों के साथ रहस्य और थ्रिलर का अनुभव लेना चाहते हैं तो दहन-राकन का रहस्य देख सकते हैं। यह सीरीज डिज्नी प्लस हॉटस्टार पर उपलब्ध बताई गई है। शापित गांव की कहानी खनन से जुड़ा रहस्य और वैज्ञानिक जांच का मेल इसे हॉरर पसंद करने वाले दर्शकों के लिए एक विकल्प बनाता है।

  • नाना पाटेकर के निधन से टूट गईं हेमा मालिनी, बोलीं एक हफ्ते पहले आया था फोन, उस वक्त बात नहीं कर पाने का रहेगा मलाल

    नाना पाटेकर के निधन से टूट गईं हेमा मालिनी, बोलीं एक हफ्ते पहले आया था फोन, उस वक्त बात नहीं कर पाने का रहेगा मलाल


    नई दिल्ली । हिंदी और मराठी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर ने फिल्म इंडस्ट्री को गहरे सदमे में डाल दिया है। अपने दमदार अभिनय और अलग अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले नाना पाटेकर के जाने से उनके प्रशंसक और फिल्मी दुनिया की कई हस्तियां भावुक हैं। इस बीच दिग्गज अभिनेत्री और सांसद हेमा मालिनी ने नाना से जुड़ी एक ऐसी याद साझा की है जिसने उनके दुख को और गहरा कर दिया। हेमा मालिनी ने बताया कि नाना पाटेकर ने निधन से करीब एक सप्ताह पहले उन्हें फोन किया था लेकिन उस समय वह यात्रा कर रही थीं और कॉल नहीं उठा सकीं। अब अभिनेता के निधन के बाद उन्हें इस बात का अफसोस है कि वह उनसे उस समय बात नहीं कर पाईं।
    हेमा मालिनी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में नाना पाटेकर को याद करते हुए बताया कि कुछ दिन पहले उनकी नाना से बातचीत हुई थी। इसके बाद करीब एक सप्ताह पहले भी उनका फोन आया था लेकिन यात्रा में व्यस्त होने के कारण वह कॉल रिसीव नहीं कर सकीं। हेमा ने कहा कि जब उन्होंने नाना के निधन की खबर सुनी तो उन्हें गहरा सदमा लगा। किसी परिचित और सहकर्मी से आखिरी बार बात करने का मौका हाथ से निकल जाना अक्सर मन में कसक छोड़ जाता है। हेमा मालिनी के लिए भी यह याद अब भावुक कर देने वाली बन गई है।
    नाना पाटेकर हिंदी और मराठी फिल्मों के उन कलाकारों में शामिल रहे जिन्होंने अपनी अभिनय क्षमता से अलग पहचान बनाई। उन्होंने अपने करियर में कई तरह के किरदार निभाए और गंभीर भूमिकाओं से लेकर प्रभावशाली संवाद अदायगी तक दर्शकों के दिलों पर छाप छोड़ी। उनका अभिनय केवल लोकप्रियता तक सीमित नहीं रहा बल्कि उन्हें फिल्म जगत में एक विशिष्ट कलाकार के रूप में सम्मान मिला। हेमा मालिनी ने भी उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि हिंदी और मराठी फिल्म इंडस्ट्री ने एक बहुत बड़े अभिनेता को खो दिया है। उनके मुताबिक नाना खुद अभिनय की एक संस्था जैसे थे।
    नाना पाटेकर की पहचान सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं थी। सामाजिक कार्यों में उनकी सक्रियता भी उन्हें दूसरे कलाकारों से अलग बनाती थी। खास तौर पर किसानों और जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए किए गए उनके प्रयासों की चर्चा होती रही है। नाना पाटेकर नाम फाउंडेशन के माध्यम से किसानों की सहायता और ग्रामीण क्षेत्रों में जरूरतमंद परिवारों के लिए काम करने से जुड़े रहे। हेमा मालिनी ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए उनके अभिनय के साथ समाज के लिए किए गए कामों को भी याद किया। उन्होंने कहा कि नाना ने अपनी प्रतिभा से फिल्म इंडस्ट्री में अलग मुकाम बनाया और जरूरतमंदों की मदद के लिए भी लगातार प्रयास किए।
    नाना पाटेकर के निधन की खबर सामने आने के बाद फिल्म जगत की कई हस्तियां उन्हें अपने तरीके से याद कर रही हैं। उनके साथ काम कर चुके कलाकारों और प्रशंसकों के लिए यह केवल एक अभिनेता को खोने का दुख नहीं बल्कि एक ऐसी शख्सियत के जाने का दर्द है जिसने अपने काम से गहरी छाप छोड़ी। हेमा मालिनी की याद ने इस दुख को एक निजी भावनात्मक पहलू भी दिया है। एक फोन कॉल जिसे उस समय सामान्य व्यस्तता के कारण नहीं उठाया जा सका अब एक अधूरी बातचीत की याद बन गया है। नाना पाटेकर का अभिनय और सामाजिक योगदान उनके प्रशंसकों के बीच लंबे समय तक याद किया जाएगा।

  • नाना पाटेकर के निधन की खबर से फिर चर्चा में आया मीटू विवाद, तनुश्री दत्ता ने तोड़ी चुप्पी, मीडिया कवरेज पर दिया बयान

    नाना पाटेकर के निधन की खबर से फिर चर्चा में आया मीटू विवाद, तनुश्री दत्ता ने तोड़ी चुप्पी, मीडिया कवरेज पर दिया बयान


    नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर के बाद फिल्म इंडस्ट्री में शोक का माहौल है। इसी बीच अभिनेत्री तनुश्री दत्ता की एक सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा में आ गई है। दोनों कलाकारों के बीच साल 2018 में सामने आए विवाद के कारण तनुश्री की प्रतिक्रिया पर लोगों की नजरें टिक गई हैं। अभिनेत्री ने अपनी पोस्ट में नाना पाटेकर के निधन की खबर का जिक्र करते हुए लखनऊ में होने वाले अपने कार्यक्रम को लेकर चिंता जाहिर की। उन्होंने संकेत दिया कि इस खबर के बाद मीडिया का ध्यान उनके कार्यक्रम से हटकर उनके बयान पर केंद्रित हो सकता है। हालांकि उनकी पोस्ट को ही इस मामले पर उनकी अंतिम प्रतिक्रिया मानना जल्दबाजी होगी।

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तनुश्री दत्ता ने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए नाना पाटेकर के निधन की खबर पर अपनी बात रखी। अभिनेत्री ने बताया कि उनके लिए उस दिन का कार्यक्रम काफी महत्वपूर्ण था और वह लखनऊ में एक बड़े आयोजन में हिस्सा लेने की तैयारी कर रही थीं। उन्होंने अपने दिन की योजना पहले से बना रखी थी। वह कार्यक्रम पर ध्यान देने के साथ सोशल मीडिया पर लाइव आने और अपने कंटेंट को साझा करने की तैयारी में थीं। लेकिन नाना पाटेकर के निधन की खबर सामने आने के बाद उन्हें आशंका हुई कि शाम तक मीडिया का ध्यान उनके कार्यक्रम के बजाय इस खबर और उनकी प्रतिक्रिया पर केंद्रित हो जाएगा।

    तनुश्री ने यह भी कहा कि वह इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया तभी देंगी जब उन्हें खुद समझ आएगा कि उन्हें क्या कहना चाहिए। उन्होंने नाना पाटेकर के परिवार के प्रति संवेदनाएं भी व्यक्त कीं। उनकी पोस्ट में इस्तेमाल किए गए शब्दों और पुराने विवाद की पृष्ठभूमि के कारण सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई। हालांकि अभिनेत्री के बयान को संदर्भ के साथ समझना जरूरी है क्योंकि उन्होंने अपनी ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया देने की बात बाद के लिए छोड़ी थी।

    तनुश्री दत्ता और नाना पाटेकर के बीच विवाद साल 2018 में देशभर में चर्चा का विषय बना था। उस समय तनुश्री ने आरोप लगाया था कि साल 2008 में फिल्म हॉर्न ओके प्लीज की शूटिंग के दौरान नाना पाटेकर ने उनके साथ अनुचित व्यवहार किया था। अभिनेत्री ने यह भी दावा किया था कि उन्होंने इस मामले में सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन यानी CINTAA से शिकायत की थी। इन आरोपों के सामने आने के बाद बॉलीवुड में मीटू अभियान को लेकर व्यापक बहस शुरू हो गई थी। कई महिलाओं ने अपने साथ हुए कथित उत्पीड़न के अनुभव सार्वजनिक किए थे और फिल्म इंडस्ट्री में कामकाज के माहौल पर सवाल उठे थे।

    नाना पाटेकर ने तनुश्री के आरोपों को खारिज किया था। मामले में पुलिस जांच हुई और वर्ष 2019 में सबूतों की कमी के चलते पुलिस ने इसे बंद करने की रिपोर्ट दी थी। बाद में शिकायत से संबंधित आपराधिक कार्यवाही भी अदालत में खारिज कर दी गई थी। इसलिए इस विवाद का उल्लेख करते समय आरोपों और कानूनी घटनाक्रम के बीच अंतर बनाए रखना जरूरी है।

    नाना पाटेकर हिंदी और मराठी सिनेमा के चर्चित अभिनेताओं में शामिल रहे हैं। अपने लंबे फिल्मी करियर में उन्होंने कई यादगार भूमिकाएं निभाईं और अभिनय के दम पर अलग पहचान बनाई। उनके निधन की खबर के बीच तनुश्री दत्ता की पोस्ट ने पुराने विवाद को फिर सुर्खियों में ला दिया है। फिलहाल अभिनेत्री की टिप्पणी में अपने कार्यक्रम और मीडिया कवरेज को लेकर चिंता प्रमुख रूप से दिखाई देती है। अब आगे उनकी ओर से कोई विस्तृत बयान आता है या नहीं इस पर लोगों की नजर बनी हुई है।

  • बिग बॉस 20 में नया ट्विस्ट लाएंगी कुमार सानू की बेटी? शेनन के के नाम ने बढ़ाई हलचल, जानिए सिंगिंग से एक्टिंग तक का सफर

    बिग बॉस 20 में नया ट्विस्ट लाएंगी कुमार सानू की बेटी? शेनन के के नाम ने बढ़ाई हलचल, जानिए सिंगिंग से एक्टिंग तक का सफर


    नई दिल्ली। बिग बॉस 20 में अब शो के पहले वाइल्ड कार्ड कंटेस्टेंट को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। खबरों के मुताबिक इस बार शो में एक महिला सेलिब्रिटी की एंट्री हो सकती है और इसके लिए मशहूर बॉलीवुड गायक कुमार सानू की बेटी शेनन के का नाम सामने आ रहा है। हालांकि उनकी एंट्री को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अगर शेनन शो का हिस्सा बनती हैं तो दर्शकों को एक ऐसी कलाकार को करीब से जानने का मौका मिलेगा जिन्होंने भारतीय संगीत जगत से पारिवारिक संबंध होने के बावजूद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाने की कोशिश की है।

    शेनन के का जन्म नाम सना कुमार सानू बताया जाता है। वह भारतीय मूल की अमेरिकी गायिका गीतकार और अभिनेत्री हैं। उनके पिता कुमार सानू हिंदी फिल्म संगीत के चर्चित गायकों में शामिल हैं। शेनन का जन्म भारत में हुआ और उनकी परवरिश लंदन में हुई। इसके बाद वह अमेरिका के लॉस एंजिल्स चली गईं जहां उन्होंने संगीत और मनोरंजन की दुनिया में अपने करियर को आगे बढ़ाया। अपने पिता की तरह हिंदी फिल्म संगीत में करियर बनाने के बजाय उन्होंने पश्चिमी पॉप संगीत को अपना प्रमुख क्षेत्र बनाया।

    शेनन ने अपने संगीत के जरिए अलग तरह के विषयों को उठाने की कोशिश की है। उनके गानों में आत्मविश्वास रिश्तों आत्मसम्मान और बुलीइंग जैसे मुद्दों की झलक मिलती है। उनके संगीत को केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं माना जाता बल्कि कुछ गीतों के माध्यम से उन्होंने युवाओं से जुड़े सामाजिक विषयों पर भी ध्यान खींचा है। उनके गानों में अ लॉन्ग टाइम गिव मी योर हैंड रन एंटीडोट ओटीटी और नॉट माई शेड जैसे नाम शामिल हैं।

    अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कर चुकी हैं परफॉर्म

    शेनन के ने अपने संगीत करियर में अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी प्रस्तुति दी है। उनके गीत गिव मी योर हैंड को बुलीइंग के खिलाफ जागरूकता अभियान से जोड़ा गया था। इस गाने के जरिए उन्होंने लोगों को दूसरों के प्रति संवेदनशील रहने और आत्मविश्वास बनाए रखने का संदेश देने की कोशिश की। उनकी संगीत यात्रा में अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों और बड़े मंचों पर प्रस्तुति देने के अवसर भी शामिल रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक वह लंदन के रॉयल अल्बर्ट हॉल में परफॉर्म कर चुकी हैं और साल 2025 में कोचेला में भी प्रस्तुति दी थी।

    उनका हालिया सिंगल नॉट माई शेड भी चर्चा में रहा है। इस गाने में उनके संगीत का व्यक्तिगत पक्ष देखने को मिलता है। शेनन सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रहती हैं और अपने काम से जुड़ी तस्वीरें तथा वीडियो साझा करती हैं। रिपोर्ट के अनुसार इंस्टाग्राम पर उनके लाखों फॉलोअर्स हैं। वह अपने पिता कुमार सानू के साथ भी तस्वीरें साझा करती रहती हैं।

    संगीत के बाद अभिनय में भी आजमाई किस्मत

    संगीत के अलावा शेनन ने अभिनय की दुनिया में भी कदम रखा है। उन्होंने साल 2020 में फिल्म द बिग फीड से अभिनय की शुरुआत की थी। इसके बाद वह भारतीय फिल्म चल जिंदगी में नजर आईं जिसमें उन्होंने एक अमेरिकी संगीत छात्रा का किरदार निभाया था। उनके अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स में टोड का नाम भी शामिल है। इसके अलावा उन्होंने अनुपम खेर के निर्देशन में बनी फिल्म तन्वी द ग्रेट के लिए अपनी आवाज भी दी थी।

    क्या बिग बॉस में आएगा नया ट्विस्ट

    बिग बॉस जैसे रियलिटी शो में वाइल्ड कार्ड एंट्री अक्सर घर के समीकरणों को बदलने और प्रतियोगियों के बीच नई चर्चाएं शुरू करने का मौका देती है। शेनन के की संभावित एंट्री को लेकर दर्शकों में उत्सुकता हो सकती है क्योंकि उनकी पृष्ठभूमि संगीत और अभिनय दोनों से जुड़ी है। हालांकि फिलहाल यह खबर अटकलों पर आधारित है और उनकी भागीदारी की पुष्टि होने के बाद ही तस्वीर साफ होगी। ऐसे में अब दर्शकों की नजर शो के निर्माताओं की आधिकारिक घोषणा पर टिकी है।

  • 'दादा' के फर्स्ट लुक पर मचा था बवाल, राजकुमार राव ने माना जल्दबाजी में हुई गलती, AI के इस्तेमाल पर भी जताई चिंता

    'दादा' के फर्स्ट लुक पर मचा था बवाल, राजकुमार राव ने माना जल्दबाजी में हुई गलती, AI के इस्तेमाल पर भी जताई चिंता


    नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता राजकुमार राव इन दिनों भारतीय क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ी और पूर्व कप्तान सौरव गांगुली की बायोपिक फिल्म दादा को लेकर चर्चा में हैं। इस फिल्म में राजकुमार राव सौरव गांगुली की भूमिका निभा रहे हैं। फिल्म का पहला पोस्टर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर उनके लुक को लेकर काफी प्रतिक्रियाएं देखने को मिली थीं। कुछ दर्शकों ने पोस्टर को लेकर सवाल उठाए और इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की मदद से तैयार किया गया बताया। अब राजकुमार राव ने इस आलोचना पर अपनी प्रतिक्रिया दी है और फिल्म निर्माण में तकनीक के इस्तेमाल को लेकर भी अपनी राय रखी है।

    राजकुमार राव ने मैशेबल इंडिया के साथ बातचीत में स्वीकार किया कि पोस्टर को लेकर टीम को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। अभिनेता के मुताबिक इस प्रतिक्रिया से टीम को यह सीख मिली कि किसी भी रचनात्मक काम को जल्दबाजी में पूरा करने के बजाय उसे पर्याप्त समय देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि पोस्टर बनाने वाली टीम को एहसास हुआ कि काम को और सावधानी से किया जाना चाहिए था। उनके अनुसार इसमें जल्दबाजी करने की जरूरत नहीं थी और बेहतर नतीजे के लिए समय लेना चाहिए था। इस प्रतिक्रिया के बाद फिल्म के शुरुआती प्रचार और उसके प्रस्तुतिकरण को लेकर चर्चा फिर तेज हो गई है।

    राजकुमार राव ने यह भी कहा कि पोस्टर पर मिली प्रतिक्रिया से एक बात साफ हुई कि सौरव गांगुली के प्रशंसक उनसे कितना गहरा जुड़ाव रखते हैं। गांगुली भारतीय क्रिकेट के ऐसे खिलाड़ी रहे हैं जिन्होंने टीम की सोच और खेलने के अंदाज को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाई। यही वजह है कि उनकी जिंदगी पर बनने वाली फिल्म से दर्शकों की उम्मीदें काफी ज्यादा हैं। ऐसे में फिल्म के लुक और प्रस्तुति को लेकर प्रशंसकों की बारीक नजर स्वाभाविक मानी जा रही है।

    AI को लेकर राजकुमार राव की दो टूक

    फिल्मों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते इस्तेमाल पर बात करते हुए राजकुमार राव ने कहा कि तकनीक के विकास को रोका नहीं जा सकता। हालांकि उनका मानना है कि AI का इस्तेमाल इंसानी रचनात्मकता की जगह लेने के लिए नहीं बल्कि उसे बेहतर बनाने में मददगार उपकरण के रूप में होना चाहिए। उन्होंने तकनीक के फायदे और नुकसान दोनों की ओर ध्यान दिलाया। अभिनेता ने चिंता जताई कि अगर फिल्म इंडस्ट्री में AI पर जरूरत से ज्यादा निर्भरता बढ़ी तो इससे बड़ी संख्या में लोगों की रोजी रोटी प्रभावित हो सकती है।

    राजकुमार के अनुसार फिल्म निर्माण केवल तस्वीरें बनाने या दृश्यों को तैयार करने का काम नहीं है। इसके पीछे कलाकारों तकनीकी विशेषज्ञों लेखकों और कई अन्य लोगों की मेहनत होती है। एक फिल्म में इंसानी अनुभव और भावनाओं की अहम भूमिका रहती है। उनका मानना है कि AI की मदद से कुछ काम आसान किए जा सकते हैं लेकिन हर रचनात्मक प्रक्रिया को पूरी तरह तकनीक के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता। दर्शकों को कई बार AI से तैयार सामग्री में बनावटीपन महसूस होता है जिससे कहानी और किरदारों का प्रभाव कमजोर पड़ सकता है।

    सौरव गांगुली के घर और ईडन गार्डन्स में हुई शूटिंग

    राजकुमार राव ने बताया कि दादा फिल्म की टीम ने सौरव गांगुली के घर और कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स में भी शूटिंग की है। अभिनेता ने कहा कि वह गांगुली से कई बार मिल चुके हैं और उनके साथ समय बिताकर उनकी जिंदगी को करीब से समझने की कोशिश की है। इन मुलाकातों के दौरान गांगुली ने अपने जीवन और अनुभवों के बारे में खुलकर बातचीत की। राजकुमार के मुताबिक किसी वास्तविक व्यक्ति का किरदार निभाने के लिए केवल उसके हावभाव और पहनावे को अपनाना पर्याप्त नहीं होता बल्कि उसके जीवन के अनुभवों और पर्दे के पीछे की परिस्थितियों को समझना भी जरूरी है।

    अभिनेता ने सौरव गांगुली को भारतीय क्रिकेट का दिग्गज बताते हुए कहा कि उन्होंने टीम को मजबूत बनाने और भारतीय क्रिकेट की पहचान को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। विक्रमादित्य मोटवाने के निर्देशन में बन रही इस फिल्म से दर्शकों को गांगुली के क्रिकेट करियर और उनके जीवन के अनछुए पहलुओं को देखने की उम्मीद है। अब फिल्म की आगे की झलकियों पर नजर रहेगी क्योंकि दर्शक चाहते हैं कि पर्दे पर गांगुली की छवि और उनकी कहानी को वास्तविकता के करीब पेश किया जाए।