Category: Entertainment

  • ‘मर्दों को दर्द तब होता है…’ प्रीति जिंटा की एक लाइन ने अवॉर्ड शो में कपिल शर्मा की कर दी बोलती बंद

    ‘मर्दों को दर्द तब होता है…’ प्रीति जिंटा की एक लाइन ने अवॉर्ड शो में कपिल शर्मा की कर दी बोलती बंद


    नई दिल्ली। बॉलीवुड एक्ट्रेस प्रीति जिंटा ने एक इवेंट के दौरान अपने दिल की बात पर ला दी और बताया कि इंडस्ट्री में मर्दों को कितना बुरा लगता है, जब एक्ट्रेस को सबसे ज्यादा दिलचस्पी होती है। एक ऐसे शो की बात है, जिसमें कॉमेडियन कपिल शर्मा और करण जौहर को प्रीती जिंटा, सिद्धांत सिन्हा, स्टूडियो स्टूडियो और फराह खान ने स्टेज पर लिया था। कपिल शर्मा ने मस्ती-मजाक में महिलाओं की क्षमता जानने का कमेंट किया था, जिसके जवाब में प्रीति जिंटा ने ऐसी बात कही कि कपिल की बोलती बंद हो गई थी। एक्ट्रेस का जवाब अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    कपिल बोले- ‘किसी भी औरत को आखिरी कह दो..’
    असल में, मस्ती तब शुरू हुई जब करण जौहर को हाथ में हाथ डाला गया, जिसे देखकर उन्होंने साफ कहा कि उन्हें यह पसंद नहीं है। कपिल शर्मा ने मजेदार अंदाज में कहा, ‘मर्दों की औरतों को पकड़ने की ताकत सबसे ज्यादा होती है।’ कपिल ने कहा, ‘किसी भी महिला को अटल कह दो, तो 2 मिनट में उसका चेहरा लाल हो जाता है।’ इस दौरान करण जौहर और कपिल ने कपिल को चेतावनी दी थी कि उनकी लड़कियों से शादी हो सकती है, लेकिन कपिल ने कई बातें कही।

    प्रीति जिंटा ने दिया करारा जवाब
    कपिल का चैलेंज स्वीकार करते हुए बोलीं, ‘लड़कियां ही सब जगह राज करती हैं।’ लेकिन प्रीति जिंटा ने उन्हें निराश नहीं किया, बल्कि उन्होंने कहा, ‘मर्दों को असल में कोई दर्द महसूस नहीं होता।’ उन्हें दर्द सिर्फ तब होता है, जब एक्ट्रेस को सबसे ज्यादा पैसे मिलते हैं। यही असली समस्या है.’ एक्ट्रेस के इस जवाब पर पूरे हॉल में क्लासिक तालियां बजने लगी थीं। इस खबर को डेली जर्नल स्टाइल में सही जानकारी के साथ विस्टार से डेडिकेटेड 2 पूरी खबर को पेराग्राफ में दीजीए रोचकबनेट हुई सब हेसडिंग लगाते हुए 550 शब्द में डेढ़ लाइन का सारा बना के

  • गर्म बोनट पर शूटिंग का चैलेंज: एक्ट्रेस बोलीं- आसान नहीं था ये कॉमेडी सीन

    गर्म बोनट पर शूटिंग का चैलेंज: एक्ट्रेस बोलीं- आसान नहीं था ये कॉमेडी सीन


    नई दिल्ली। वेलकम फिल्म का नाम बताते ही दर्शकों के चेहरे पर मुस्कान आ जाती है। अक्षय कुमार और कैटरीना कैफ स्टारर इस फिल्म के कई कॉमेडी सीन आज भी लोग खूब हंसाते हैं। लेकिन हाल ही में एक्ट्रेस सुप्रिया कार्णिक ने खुलासा किया कि इन मजेदार सीन को शूट करना उनके लिए बिल्कुल भी आसान नहीं था।

    ‘चांटा’ वाला सीन सबसे मुश्किल था
    सुप्रिया कर्णिक ने फिल्म में परेश रावल की पत्नी ‘पायल घुंघरू’ का किरदार निभाया था। उन्होंने उस वायरल सीन को याद किया, जिसमें उन्होंने अक्षय कुमार को शानदार मराठी कहा था और कहा था- ”राजीव, ये जिंदा हैं।”
    एक्ट्रेस के मुताबिक, इस सीन में कॉमिक टाइमिंग बेहद अहम थी। अगर एक सेकंड की भी देरी हुई, तो पूरा सीन ख़राब हो सकता था। उन्होंने बताया कि शूटिंग के दौरान किसी को हंसी नहीं आ रही थी, क्योंकि सब कुछ बहुत तेजी से और गेमिंग के साथ टाइम करना पड़ रहा था।

    मीम बना सीन, लेकिन असल में था बिल्डर
    यह सीन बाद में सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ, खासकर कोविड के बीच इस पर कई मीम्स बने। लेकिन सुप्रिया के मुताबिक, वैसे तो ये देखने में मजेदार लगता है, लेकिन इसे शूट करना मुश्किल था।

    तापती धूप में कार के बोनट पर लेटना पड़ा
    एक्ट्रेस ने एक और सीन का ज़िक्र किया, जिसमें उन्हें कार के बोनट पर शूट किया गया था। यह सीन दुबई में शूट हुआ था, जहां गर्मी अपने चरम पर थी। उन्होंने बताया कि दो बार कार का बोनट बेहद गर्म हो गया था और उन्हें उसी पर लेटना पड़ा था। हालाँकि डायरैक्शन ट्रायल बैब्स-मस्तान की टीम वॉटर स्टैमिना बोनट को ठंडा करने की कोशिश की गई थी, लेकिन कुछ ही समय में वह फिर से गर्म हो गई थी।

    कुमार अक्षय ने रखी खास तैयारी
    सुप्रिया ने बताया कि अक्षय कुमार की शूटिंग के दौरान उनका खास ध्यान रखा गया था। जब उन्होंने देखा कि वह हॉट बोनट से खुद को बचाने की कोशिश कर रही हैं, तो उन्होंने यूनिट से तकिया बेचया, ताकि उन्हें थोड़ा आराम मिल सके।

    8 दिन में शूट हुआ था ये सीन
    यह पूरा बोनट वाला सीक्वेंस में करीब 8 दिनों तक शूट किया गया था, जिसमें एक्ट्रेस को काफी फिजिकली झेलनी पड़ी थी।

    फिल्म की स्टारकास्ट और सफलता
    2007 में रिलीज हुई वेलकम में परेश रावल, अनिल कपूर, नाना पाटेकर और मल्लिका शेरावत जैसे कई बड़े सितारे नजर आए थे। फिल्म बॉक्स पर सुपरहिट फिल्म बनी और आज भी इसे एक कल्ट कॉमेडी के रूप में याद किया जाता है।

  • ‘हम लोग’ और ‘बुनियाद’ का जादू: मनोहर श्याम जोशी की कलम की ताकत

    ‘हम लोग’ और ‘बुनियाद’ का जादू: मनोहर श्याम जोशी की कलम की ताकत


    नई दिल्ली :1980 के दशक में जब भारतीय टेलीविजन अपने शुरुआती दौर में था, तब एक शो ने हर घर की दुनिया बदल दी। उसका नाम था ‘हम लोग’। झल्लाहट भरे बसेसर राम से लेकर भगवंती का त्याग और अंत में दादामुनि यानी अशोक कुमार की सूत्रधार वाली भूमिका तक, इस धारावाहिक ने दर्शकों के दिलों में घर कर लिया। इस जादू को संभव बनाने वाले लेखक कोई और नहीं बल्कि मनोहर श्याम जोशी थे।

    9 अगस्त 1933 को अजमेर में जन्मे जोशी की जड़ें उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के सुसंस्कृत कुमाऊंनी ब्राह्मण परिवार में थीं। दिलचस्प बात यह है कि इस हिंदी साहित्य के पुरोधा ने अपने करियर की शुरुआत विज्ञान से की। लखनऊ विश्वविद्यालय से बीएससी करने वाले जोशी की सोच में तार्किकता और विश्लेषण का वो दम था जो बाद में उनके साहित्य में नजर आया। उनका लेखन भावनाओं का रुदन नहीं बल्कि समाज का सर्जिकल विश्लेषण पेश करता था।

    लखनऊ में उनकी मुलाकात हिंदी साहित्य के दिग्गज अमृतलाल नागर से हुई। नागर के मार्गदर्शन में उन्होंने सीखा कि महान साहित्य वह है जो सीधे आम आदमी के दिल तक पहुंचे। यहीं से मनोहर श्याम जोशी के भीतर ‘किस्सागो’ की आत्मा जन्मी।

    लेखक बनने से पहले वे पत्रकार थे। ऑल इंडिया रेडियो में काम करते हुए उन्होंने आवाज की शक्ति को महसूस किया और फिल्म्स डिवीजन में वृत्तचित्र लिखते हुए सिनेमाई दृष्टि पाई। साहित्यकार अज्ञेय ने उन्हें ‘दिनमान’ पत्रिका का सहायक संपादक बनाया। इसके बाद जब वे ‘साप्ताहिक हिंदुस्तान’ के संपादक बने, तो हिंदी पट्टी के हर घर में उनकी लेखनी की मौजूदगी महसूस होने लगी।

    1984 में आए 154 एपिसोड तक चलने वाले ‘हम लोग’ ने उन्हें भारतीय सोप ओपेरा का जनक बना दिया। अगर ‘हम लोग’ टीवी का रामायण था, तो 1986 में आई ‘बुनियाद’ उसका महाभारत थी। भारत-पाकिस्तान विभाजन की पीड़ा और विस्थापन को उन्होंने मास्टर हवेलीराम और लाजो की कहानी के माध्यम से जिस शिद्दत से पेश किया, उसने पूरे देश को रुला दिया। निर्देशक रमेश सिप्पी ने भी माना कि ‘बुनियाद’ की सफलता की असली बुनियाद मनोहर श्याम जोशी की कलम ही थी।

    इसके बाद उन्होंने ‘कक्काजी कहिन’, ‘मुंगेरीलाल के हसीन सपने’ और कई अन्य कार्यक्रमों के माध्यम से टीवी पर व्यंग्य, हास्य और मनोवैज्ञानिक गहराई का अनोखा मिश्रण पेश किया। उनकी शैली हमेशा पारंपरिक व्याकरण और शब्दों की सीमाओं को चुनौती देती रही।

    उनका पहला उपन्यास ‘कुरु कुरु स्वाहा’ (1980) साहित्य जगत में तहलका मचा गया। ‘कसप’ और ‘क्याप’ जैसे उपन्यासों ने उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार दिलाया। उनके उपन्यासों में सिनेमा का असर भी साफ दिखाई देता है; कैमरा, साइलेंट शॉट और म्यूट फेस जैसे शब्दों से पाठक मानो फिल्म देख रहे हों। कमल हासन की फिल्म ‘हे राम’ के हिंदी संवाद भी उनकी ही देन हैं।

    30 मार्च 2006 को 72 वर्ष की आयु में नई दिल्ली में मनोहर श्याम जोशी ने अंतिम सांस ली। लेकिन उनके साहित्य और टीवी के योगदान ने हिंदी सिनेमा और टेलीविजन को एक नई दिशा दी, और उन्हें ‘किस्सागोई’ का उस्ताद बना दिया।

  • ‘जेलर 2’ अपडेट: रजनीकांत, शाहरुख खान, मोहनलाल और मिथुन चक्रवर्ती की जबरदस्त स्टारकास्ट

    ‘जेलर 2’ अपडेट: रजनीकांत, शाहरुख खान, मोहनलाल और मिथुन चक्रवर्ती की जबरदस्त स्टारकास्ट


    नई दिल्ली: रजनीकांत की फिल्म ‘जेलर’ का सीक्वल यानी ‘जेलर 2’ रिलीज से पहले ही जबरदस्त चर्चा में है. इस अपकमिंग फिल्म को लेकर अब बड़ा अपडेट सामने आया है. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो ‘जेलर 2’ में रजनीकांत का आमना-सामना बॉलीवुड के सुपरस्टार शाहरुख खान से होने वाला है. दोनों दिग्गज एक हाई-ऑक्टेन एक्शन सीन में साथ नजर आ सकते हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है.

    फिल्म में रजनीकांत अपने आइकॉनिक किरदार मुथुवेल पांडियन यानी ‘टाइगर मुथुवेल पांडियन’ के रूप में लौटेंगे, वहीं शाहरुख खान को एक्सटेंडेड कैमियो के लिए अप्रोच किया गया है. कहा जा रहा है कि यह सीन चंडीगढ़ की एक फैक्ट्री में बड़े स्तर पर फिल्माया जाएगा. फैंस के बीच इस खबर ने उत्साह की लहर दौड़ा दी है, क्योंकि यह पहली बार होगा जब रजनीकांत और शाहरुख खान एक ही फ्रेम में नजर आएंगे.

    फिल्म की स्टारकास्ट को और भी भव्य बनाया गया है. मोहनलाल, मिथुन चक्रवर्ती, शिवा राजकुमार और रम्या कृष्णन जैसी बड़ी हस्तियां भी फिल्म में अहम भूमिका निभाने वाली हैं. इसके अलावा एसजे सूर्या, योगी बाबू और मिर्ना भी फिल्म में नजर आएंगे, जबकि विजय सेतुपति एक खास कैमियो कर सकते हैं.

    ‘जेलर 2’ के निर्माता कलानिधि मारन हैं और यह सन पिक्चर्स के बैनर तले बन रही है. तकनीकी टीम में पहले की तरह अनिरुद्ध रविचंदर संगीत के लिए, विजय कार्तिक कन्नन सिनेमैटोग्राफर के तौर पर और आर निर्मल एडिटर के रूप में शामिल हैं. फिल्म की टीम ने इस साल की शुरुआत में कोच्चि में एक अहम शूटिंग शेड्यूल पूरा किया, जिसमें कई बड़े एक्शन सीक्वेंस फिल्माए गए. रजनीकांत की मौजूदगी ने सेट पर सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया और तस्वीरें तेजी से वायरल हुईं.

    फिल्म की पैन-इंडिया अपील बढ़ाने के लिए शाहरुख खान का कैमियो और मोहनलाल सहित अन्य दिग्गज कलाकारों का होना ‘जेलर 2’ को साल की सबसे बड़े ब्लॉकबस्टर फिल्मों में से एक बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है.

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  • विजय देवरकोंडा के कमेंट ने बदल दी जीवन की किस्मत, ‘राणाबाली’ में रोल मिलने का मौका

    विजय देवरकोंडा के कमेंट ने बदल दी जीवन की किस्मत, ‘राणाबाली’ में रोल मिलने का मौका

    नई दिल्ली : कभी-कभी एक छोटा सा सोशल मीडिया पोस्ट ही किसी की पूरी जिंदगी बदल देता है. ऐसा ही हुआ तेलुगू डांसिंग रियलिटी शो ‘धी सीजन 15’ के कंटेस्टेंट जीवन के साथ. जीवन ने हाल ही में फिल्म ‘राणाबाली’ के एक सीन को रिक्रिएट किया और इसे अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किया. वीडियो में जीवन पारंपरिक पंछे यानी धोती पहने नजर आए और खून से सना लुक दिखाते हुए इंटेंस परफॉर्मेंस दे रहे थे. वीडियो के कैप्शन में उन्होंने फॉलोवर्स से कहा कि अगर यह परफॉर्मेंस पसंद आए तो फिल्म की टीम को टैग करें.

    जीवन का यह वीडियो तेजी से वायरल हुआ और सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब विजय देवरकोंडा ने इस पर कमेंट किया. स्टार ने लिखा, “राणाबाली फिल्म्स कृपया संपर्क करें और तुरंत कास्ट करें. जबरदस्त टैलेंट है.” इसके अलावा फिल्म के ऑफिशियल हैंडल ने भी जीवन की तारीफ करते हुए लिखा, “शानदार! आपको परफॉर्म करते देखना खुशी की बात है.” विजय और फिल्म टीम का यह रिएक्शन जीवन के लिए किसी सपने के सच होने जैसा था.

    खुशियों से फूले नहीं समाए जीवन ने विजय के कमेंट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “विजय अन्ना, बहुत धन्यवाद अन्ना. आपने जवाब दिया, इससे मैं बहुत खुश हूं, इसे मैं जिंदगी भर याद रखूंगा अन्ना. बहुत-बहुत धन्यवाद अन्ना.” इसके बाद जीवन ने एक और इमोशनल वीडियो शेयर किया, जिसमें उन्होंने सपोर्ट करने वालों का शुक्रिया अदा किया और कहा कि उनके ऑडिशन वीडियो को नोटिस करने के पीछे फॉलोवर्स का योगदान भी है.

    जीवन ने सोशल मीडिया की ताकत पर भी जोर दिया और कहा, “बहुत-बहुत धन्यवाद विजय अन्ना. आप जैसे लोगों का सपोर्ट करना बहुत बड़ी बात है. राणाबाली टीम को भी मेरा ऑडिशन वीडियो पसंद आया. विजय अन्ना के कमेंट के बाद उनकी टीम ने मुझसे संपर्क किया और मेरा कॉन्टैक्ट नंबर लिया. इससे साबित होता है कि सोशल मीडिया में जीरो को हीरो और हीरो को जीरो बनाने की ताकत है. उम्मीद है इससे और भी मौके मिलेंगे.”

    इस घटना ने यह भी साबित किया कि कभी-कभी सही समय पर सही पोस्ट और सही लोगों की नजर एक कलाकार की किस्मत बदल सकती है. जीवन की कहानी युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है कि सोशल मीडिया और मेहनत से सपने सच हो सकते हैं.

  • धुरंधर’ के बलोच चीफ बिमल ओबेरॉय की फिल्मी शुरुआत का 27 साल पुराना किस्सा सोशल मीडिया पर वायरल

    धुरंधर’ के बलोच चीफ बिमल ओबेरॉय की फिल्मी शुरुआत का 27 साल पुराना किस्सा सोशल मीडिया पर वायरल


    नई दिल्ली:  आदित्य धर की फिल्म धुरंधर ने बॉक्स-ऑफिस पर धमाल मचा रखा है। फिल्म में बलोच चीफ का किरदार निभाने वाले बिमल ओबेरॉय ने दर्शकों का ध्यान खींचा और सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गए। लेकिन अब उनका 27 साल पुराना एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसने फैंस को चौंका दिया।

    दरअसल, बिमल ओबेरॉय ने अपने करियर की शुरुआत पंजाबी सिंगर दलेर मेहंदी के म्यूजिक वीडियो से की थी। उन्होंने बताया कि उनकी दोस्ती दलेर मेहंदी से साल 1990 में हुई थी। सिंगर ने उन्हें वादा किया कि वे उन्हें मुंबई ले जाएंगे और अपने पहले म्यूजिक वीडियो बोलो तारा रा रा में हिस्सा देंगे। दलेर मेहंदी ने बिमल को एक साल तक आर्थिक सहायता भी दी और उन्हें 10,000 रुपये का चेक दिया।

    बिमल ने बताया कि जब दलेर मेहंदी अपने हिट गाने हो जाएगी बल्ले बल्ले की शूटिंग कर रहे थे, तो उन्होंने बिमल को उसमें कास्ट करने का फैसला किया। बिमल केवल शूटिंग के लिए गए थे, लेकिन डायरेक्टर्स ने सुझाव दिया कि इस गाने में मुख्य भूमिका बिमल को दी जाए। इसके बाद बिमल ने वीडियो में अहम भूमिका निभाई और गाना बहुत बड़ा हिट बन गया।

    इसके अलावा, बिमल ओबेरॉय ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत अनुभव सिन्हा की फिल्म तुम बिन से भी बताई, जहां उन्होंने प्रोडक्शन की बारीकियां सीखी। अब 27 साल बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने इस तथ्य को खोज निकाला और ट्विटर और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर इसपर मजेदार प्रतिक्रियाएं दी हैं। फैंस इस पुराने वीडियो के बारे में जानकर बहुत उत्साहित हैं और बिमल के सफर पर तारीफें कर रहे हैं।

    बिमल का यह खुलासा यह दर्शाता है कि कैसे छोटे-मोटे अवसर और सही मेंटरशिप फिल्मी करियर में बड़ा मोड़ ला सकती है। दलेर मेहंदी के साथ उनका जुड़ाव न केवल दोस्ती में मजबूत रहा बल्कि उनके करियर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मददगार साबित हुआ।

    सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और खुलासे ने बिमल ओबेरॉय की लोकप्रियता को और बढ़ा दिया है। फैंस इस बात पर हैरान हैं कि किस तरह एक म्यूजिक वीडियो ने उनके करियर की दिशा बदल दी।

  • अनीत पड्डा की बहन रीत पड्डा का विवादित बयान, ‘धुरंधर’ को बताया प्रोपेगेंडा, ट्रोलिंग के बाद अकाउंट डिलीट

    अनीत पड्डा की बहन रीत पड्डा का विवादित बयान, ‘धुरंधर’ को बताया प्रोपेगेंडा, ट्रोलिंग के बाद अकाउंट डिलीट

    नई दिल्ली:   पिछले साल फिल्म सैयारा से बॉलीवुड में कदम रखने वाली एक्ट्रेस अनीत पड्डा की बहन रीत पड्डा इन दिनों चर्चा में हैं। हाल ही में रीत ने आदित्य धर की फिल्मधुरंधर की आलोचना करते हुए इसे प्रोपेगेंडा फिल्म करार दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह फिल्म पूरी तरह से सरकार के पक्ष में नैरेटिव पेश करती है और राजनीतिक भाषणों के जरिए छोटे मुद्दों को सही ठहराती है। रीत ने सवाल उठाया कि क्या इसे प्रोपेगेंडा कहा जाए या नहीं, और इसे लेकर खुलकर अपनी राय रखी।

    रीत पड्डा नेधुरंधर के अलावाद कश्मीर फाइल्स औरद केरल स्टोरी जैसी फिल्मों की भी आलोचना की। उनका कहना था कि इन फिल्मों में आंकड़ों और तथ्यों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया और यह पूरे समुदाय के खिलाफ नैरेटिव तैयार करने का तरीका है। रीत ने बताया कि ऐसे मामलों में फिल्में सत्ताधारी पार्टी की लाइन के अनुसार जनता की सोच पर असर डालती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि इसी तरह राजनीतिक मुद्दों पर अलग राय वाली फिल्में बनाई जातीं, जैसे किपंजाब 95, तो उन्हें रिलीज नहीं होने दिया जाता।

    रीत पड्डा के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ ट्रोलिंग शुरू हो गई। कई नेटिज़न्स ने उन्हें व्यक्तिगत तौर पर निशाना बनाया और लगातार आलोचना की। इस ट्रोलिंग के दबाव के चलते रीत ने अपना इंस्टाग्राम अकाउंट डिलीट कर दिया और इसके साथ ही अपना लिंक्डइन अकाउंट भी हटा दिया।

    इस विवाद ने दर्शकों के बीचधुरंधर को लेकर बहस को और तेज कर दिया। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन राजनीतिक संदेश और नैरेटिव को लेकर दर्शकों में मतभेद नजर आए। आदित्य धर के निर्देशन वाली इस फिल्म ने दर्शकों को दो हिस्सों में बाँट दिया और फिल्म के राजनीतिक संदर्भों को लेकर सोशल मीडिया पर गर्म बहस छिड़ गई।

    इस पूरी घटना ने यह भी दिखाया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी राय साझा करना कभी-कभी व्यक्तिगत हमलों और ट्रोलिंग का कारण बन सकता है। रीत पड्डा ने अपनी राय स्पष्ट रूप से रखी, लेकिन प्रतिक्रिया इतनी तीव्र हुई कि उन्हें अपनी ऑनलाइन उपस्थिति पूरी तरह से बंद करनी पड़ी।

  • बॉक्स ऑफिस क्वीन्स: टॉप 10 एक्ट्रेसेस जिनकी फिल्मों ने की सबसे ज्यादा कमाई, नंबर 1 चौंकाएगी

    बॉक्स ऑफिस क्वीन्स: टॉप 10 एक्ट्रेसेस जिनकी फिल्मों ने की सबसे ज्यादा कमाई, नंबर 1 चौंकाएगी


    नई दिल्ली।भारतीय सिनेमा में कई ऐसी एक्ट्रेसेस हैं, जिन्होंने अपने दम पर फिल्मों को सुपरहिट बनाया और बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्डतोड़ कमाई की। खास बात यह है कि इन फिल्मों ने सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि वर्ल्डवाइड भी शानदार कलेक्शन किया। आइए जानते हैं उन टॉप 10 एक्ट्रेसेस के बारे में, जिनकी फिल्मों ने सबसे ज्यादा कमाई की है।

    1. Anushka Shetty – ‘Baahubali 2: The Conclusion’ (1788.06 करोड़)
    इस लिस्ट में पहला स्थान अनुष्का शेट्टी का है। उनकी फिल्म ‘बाहुबली 2’ भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में से एक रही, जिसने दुनियाभर में रिकॉर्डतोड़ कमाई की।

    2. Rashmika Mandanna – ‘Pushpa 2: The Rule’ (1742.10 करोड़)
    रश्मिका मंदाना की फिल्म ‘पुष्पा 2’ ने बॉक्स ऑफिस पर तूफान ला दिया। इस फिल्म ने उन्हें पैन इंडिया स्टार बना दिया।

    3. Nayanthara – ‘Jawan’ (1160 करोड़)
    नयनतारा की पहली हिंदी फिल्म ‘जवान’ ने जबरदस्त सफलता हासिल की और उन्हें बॉलीवुड में भी मजबूत पहचान दिलाई।

    4. Deepika Padukone – ‘Pathaan’ (1055 करोड़)
    दीपिका पादुकोण की फिल्म ‘पठान’ ने बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रचा और 1000 करोड़ क्लब में शामिल हुई।

    5. Kareena Kapoor Khan – ‘Bajrangi Bhaijaan’ (911.8 करोड़)
    करीना कपूर की ‘बजरंगी भाईजान’ आज भी सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली फिल्मों में शामिल है।

    6. Shraddha Kapoor – ‘Stree 2’ (857.15 करोड़)
    श्रद्धा कपूर की ‘स्त्री 2’ ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन करते हुए रिकॉर्ड बनाए।

    7. Anushka Sharma – ‘PK’ (792 करोड़)
    अनुष्का शर्मा की ‘पीके’ ने अपने अनोखे कॉन्सेप्ट के दम पर जबरदस्त कमाई की।

    8. Aneet Padda – ‘Saiyaara’ (570.33 करोड़)
    अनीत पड्डा की फिल्म ‘सैयारा’ ने भी बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया और उन्हें इस लिस्ट में जगह दिलाई।

    9. Katrina Kaif – ‘Tiger Zinda Hai’ (558 करोड़)
    कटरीना कैफ की ‘टाइगर जिंदा है’ एक्शन और कमाई दोनों में सफल रही।

    10. Alia Bhatt – ‘Brahmāstra: Part One – Shiva’ (431 करोड़)
    आलिया भट्ट की ‘ब्रह्मास्त्र’ ने भी बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई करते हुए इस लिस्ट में जगह बनाई।

    बदल रहा है सिनेमा का चेहरा
    यह लिस्ट दिखाती है कि अब सिर्फ हीरो नहीं, बल्कि एक्ट्रेसेस भी फिल्मों की सफलता में बड़ी भूमिका निभा रही हैं। पैन इंडिया फिल्मों के दौर में इन अभिनेत्रियों ने अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज कराई है।

  • बॉलीवुड की सबसे खूबसूरत जोड़ी की दर्दभरी कहानी, कोर्ट रूम में बिखर गया मधुबाला का सप

    बॉलीवुड की सबसे खूबसूरत जोड़ी की दर्दभरी कहानी, कोर्ट रूम में बिखर गया मधुबाला का सप


    नई दिल्ली:भारतीय सिनेमा की एक आइकॉनिक अभिनेत्री Madhubala ने अपने करियर और खूबसूरती से दर्शकों के दिलों पर राज किया। 14 फरवरी 1933 को जन्मी मधुबाला का असली नाम मुमताज जहां देहलवी था। फिल्मों में रोमांटिक किरदार निभाने वाली मधुबाला असल जिंदगी में भी प्यार की तलाश में थीं। उनके जीवन की सबसे चर्चित लव स्टोरी Dilip Kumar के साथ जुड़ी रही, लेकिन इसका अंत बेहद दुखद और अप्रत्याशित रहा।

    मधुबाला और दिलीप कुमार की कहानी 1951 में आई फिल्म ‘तराना’ के सेट से शुरू हुई। इस रोमांस की शुरुआत उन्होंने ही की। मधुबाला ने अपने पर्सनल हेयरड्रेसर के माध्यम से दिलीप कुमार के कमरे में एक उर्दू खत और गुलाब का फूल भेजा। खत में लिखा था कि अगर दिलीप के दिल में भी वही भावनाएं हैं जो उनके अंदर हैं तो यह फूल स्वीकार कर लें। दिलीप कुमार ने भी यह फूल स्वीकार किया और दोनों के बीच प्यार की शुरुआत हुई।

    इनका रिश्ता सार्वजनिक तौर पर भी कई बार देखा गया। पहली बार दोनों को हाथ पकड़कर एक प्रीमियर में एंट्री करते देखा गया। एक पत्रकार ने अपनी ऑटोबायोग्राफी में लिखा कि यह दृश्य उनकी यादों से कभी धुंधला नहीं होगा। इस प्रकार उनका प्यार धीरे-धीरे सार्वजनिक भी हुआ।

    लेकिन साल 1956 में मधुबाला की जिंदगी में तूफान आया। बीआर चोपड़ा ने फिल्म ‘नया दौर’ लॉन्च की और मधुबाला को लीड रोल में लिया। दस दिन की शूटिंग के बाद आउटडोर शूट होना था, लेकिन मधुबाला के पिता ने साफ इनकार कर दिया। उन्होंने पैसे लौटाने से भी मना कर दिया और मामला कोर्ट तक पहुँच गया। इस विवाद में दिलीप कुमार ने मधुबाला का साथ न देकर बीआर चोपड़ा के पक्ष में गवाही दी। माना जाता है कि दिलीप कुमार और मधुबाला के पिता के बीच तालमेल बिल्कुल नहीं था।

    कोर्ट में जो हुआ उसने मधुबाला को तोड़कर रख दिया। वह अपने प्यार को न्यायिक बहस के बीच देख रही थीं। दिलीप कुमार ने कहा कि वह हमेशा मधुबाला को प्यार करते रहेंगे लेकिन पिता और केस के बीच उनका रिश्ता बिखर गया। मधुबाला ने बाद में कहा कि उन्हें विश्वास नहीं हो रहा कि वही व्यक्ति है जिसे उन्होंने इतना प्यार किया। उनकी बहन ने बताया कि मधुबाला की मौत दो बार हुई, पहली बार कोर्ट रूम में और दूसरी बार वास्तविक जीवन में।

    मधुबाला और दिलीप कुमार की कहानी केवल बॉलीवुड की एक रोमांटिक कहानी नहीं बल्कि यह उस दौर की सामाजिक और पारिवारिक बाधाओं की झलक भी है। पिता की रोकथाम, फिल्म इंडस्ट्री के दबाव और कोर्ट ड्रामे ने उनके नौ साल के प्यार को अधूरा छोड़ दिया। आज भी मधुबाला की खूबसूरती और दिलीप कुमार संग उनका प्यार दर्शकों के दिलों में अमिट है।

    इस लव स्टोरी से यह साफ होता है कि सिनेमा की दुनिया में सिर्फ ऑन-स्क्रीन रोमांस ही नहीं बल्कि असल जिंदगी में भी प्यार को कई बार कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। मधुबाला और दिलीप कुमार की अधूरी मोहब्बत आज भी बॉलीवुड प्रेम कहानियों में सबसे दुखद और यादगार कहानी मानी जाती है।

  • आमिर खान, बोले- बचपन में रोमांटिक फिल्में देखने की नहीं थी अनुमति

    आमिर खान, बोले- बचपन में रोमांटिक फिल्में देखने की नहीं थी अनुमति


    मुंबई। बॉलीवुड के ‘मिस्टर परफेक्शनिस्ट’ के तौर पर पहचान रखने वाले आमिर खान ने अपने बचपन से जुड़ा दिलचस्प खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि वह एक रूढ़िवादी परिवार में पले-बढ़े, जहां फिल्मों को लेकर काफी सख्ती थी और उन्हें खासतौर पर रोमांटिक फिल्में देखने की इजाजत नहीं थी।

    Variety India को दिए इंटरव्यू में आमिर ने कहा कि उन्हें बचपन से ही पढ़ने का ज्यादा शौक था और वह बहुत कम फिल्में देखते थे। उन्होंने बताया कि घर में फिल्मों को लेकर सीमित अनुमति थी और ज्यादातर उन्हें ब्लैक एंड व्हाइट या दूरदर्शन पर आने वाली पुरानी फिल्में ही देखने को मिलती थीं। अगर वह मां से फिल्म देखने की अनुमति मांगते थे तो अक्सर जवाब मिलता था कि रोमांटिक फिल्में देखने की इजाजत नहीं है।

    आमिर ने बताया कि वह आमतौर पर शनिवार और रविवार को ही फिल्में देखते थे और ज्यादातर पुराने दौर के कलाकारों की फिल्में पसंद करते थे। उन्होंने कहा कि उन्होंने क्षेत्रीय सिनेमा भी काफी देखा, खासकर उन फिल्मों को जिनमें अशोक कुमार और दिलीप कुमार जैसे दिग्गज कलाकार नजर आते थे।

    उन्होंने यह भी कहा कि आज भी वह बहुत कम फिल्में देखते हैं। आमिर के मुताबिक, 18 साल की उम्र में उन्होंने फिल्ममेकिंग की शुरुआत कर दी थी और असिस्टेंट के तौर पर काम करना शुरू किया। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि कुछ लोग फुटबॉल खेलते हैं और कुछ लोग फुटबॉल देखते हैं—वह फिल्में बनाना पसंद करते हैं, देखने से ज्यादा।

    आमिर ने स्वीकार किया कि वह नई रिलीज फिल्मों से ज्यादा अपडेट नहीं रहते। उन्होंने कहा कि उन्हें यह भी पता नहीं होता कि हॉलीवुड में क्या चल रहा है, क्योंकि वह अपनी ही दुनिया में रहना पसंद करते हैं।