Category: Entertainment

  • OTT पर नंबर-1 ट्रेंड कर रही यह 7 एपिसोड की सीरीज इंटेंस स्पाई-थ्रिलर देख उड़ जाएंगे होश

    OTT पर नंबर-1 ट्रेंड कर रही यह 7 एपिसोड की सीरीज इंटेंस स्पाई-थ्रिलर देख उड़ जाएंगे होश

    नई दिल्ली । ओटीटी की दुनिया में कई फिल्में और सीरीज आती हैं लेकिन कुछ ऐसी होती हैं जो रिलीज होते ही इतिहास रच देती हैं। सच्ची घटनाओं पर आधारित वेब सीरीज फ्रीडम एट मिडनाइट’ का दूसरा सीजन इस समय डिजिटल प्लेटफॉर्म पर धूम मचा रहा है और महज 7 एपिसोड की यह सीरीज वर्तमान में ओटीटी पर नंबर-1 पर ट्रेंड कर रही है।

    इतिहास के पन्नों से निकली एक अनकही कहानी

    यह सीरीज भारत के विभाजन और आजादी के उस संवेदनशील दौर की कहानी बयां करती है जिससे हर भारतीय का भावनात्मक जुड़ाव है। सीरीज में दिखाया गया है कि कैसे स्वतंत्रता संग्राम के बीच पाकिस्तान का निर्माण हुआ और देश को विभाजन का दर्द झेलना पड़ा। इसके माध्यम से पंडित जवाहर लाल नेहरू सरदार वल्लभ भाई पटेल और महात्मा गांधी जैसे महान स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और उनकी भूमिका को पर्दे पर बारीकी से दिखाया गया है। यह सीरीज दर्शकों को भारतीय इतिहास के एक अज्ञात पक्ष से परिचित कराती है जिसे देखकर हर कोई भारतीयता और संघर्ष की गहराई को महसूस करता है।

    कब और कहां देखें

    प्लेटफॉर्म: सोनी लिव, रिलीज डेट: 9 जनवरी 2026 ,एपिसोड्स की संख्या: 7, शैली ऐतिहासिक ड्रामा / पॉलिटिकल थ्रिलर, दर्शकों और क्रिटिक्स का मिल रहा भरपूर प्यार इस सीरीज के पहले सीजन की अपार सफलता के बाद दर्शक लंबे समय से दूसरे सीजन का इंतजार कर रहे थे। 9 जनवरी को स्ट्रीम होने के बाद से ही इसे क्रिटिक्स और दर्शकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है। सीरीज ने रिलीज होते ही जबरदस्त चर्चा और वाहवाही बटोरी है।

    रेटिंग में भी मारी बाजी

    सीरीज की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पॉपुलर रेटिंग वेबसाइट IMDb पर इसे 8.3/10 की शानदार रेटिंग मिली है जो इसके उच्च गुणवत्ता को साबित करती है।इतिहास में रुचि रखने वाले और देश की आजादी के संघर्ष को करीब से समझने की चाह रखने वाले दर्शकों के लिए यह सीरीज एक ‘मस्ट वॉच’ बन गई है।

  • धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म 'Ikkis' देखने से क्यों कतरा रही हैं हेमा मालिनी? वजह जानकर आपकी आंखें भी हो जाएंगी नम

    धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म 'Ikkis' देखने से क्यों कतरा रही हैं हेमा मालिनी? वजह जानकर आपकी आंखें भी हो जाएंगी नम


    नई दिल्ली । बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र के निधन को डेढ़ महीना बीत चुका है लेकिन ‘देओल परिवार’ और उनके चाहने वालों के लिए इस खालीपन को भर पाना नामुमकिन साबित हो रहा है। हाल ही में धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म ‘इक्कीस’ सिनेमाघरों में रिलीज हुई जिसे देख फैंस की आंखें नम हो गईं। धर्मेंद्र के करियर का यह अंतिम अध्याय न सिर्फ उनके परिवार के लिए बल्कि उनके लाखों प्रशंसकों के लिए भी एक भावुक यात्रा बन गया है।हालांकि एक ताज्जुब की बात यह है कि धर्मेंद्र की पत्नी और बॉलीवुड की ‘ड्रीम गर्ल’ हेमा मालिनी ने अब तक यह फिल्म नहीं देखी है। इस सवाल पर जब हेमा मालिनी से बातचीत की गई तो उन्होंने खुलासा किया कि वह इस फिल्म को देखने के लिए मानसिक रूप से तैयार नहीं हैं।

    फिल्म न देखने की वजह ‘भावुकता’

    हेमा मालिनी ने कहा “जब यह फिल्म रिलीज हुई तब मैं मथुरा में अपने काम में व्यस्त थी। सच कहूं तो मैंने अभी तक ‘इक्कीस’ नहीं देखी है क्योंकि यह मेरे लिए बहुत भावुक कर देने वाला पल होगा। मेरी बेटी भी मुझसे यही कह रही थी। शायद मैं इसे तब देखूंगी जब मेरे घाव थोड़े भरने लगेंगे। मा मालिनी के लिए यह फिल्म एक भावनात्मक और दर्दनाक अनुभव हो सकती है क्योंकि इसमें उनके पति ने अपनी अंतिम फिल्म में प्रदर्शन किया है। वह शायद इस पल को महसूस करने के लिए और भी मानसिक रूप से तैयार होना चाहती हैं।

    ‘इक्कीस’ की स्क्रीनिंग में नम थीं सबकी आंखें

    1 जनवरी 2026 को रिलीज हुई इस फिल्म की मुंबई में विशेष स्क्रीनिंग रखी गई थी जहां सनी देओल और सलमान खान समेत बॉलीवुड के तमाम सितारे ‘ही-मैन’ धर्मेंद्र को अंतिम श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। ट्रेलर लॉन्च के दौरान भी सनी देओल भावुक हो गए थे और अपने पिता को याद करते हुए रो पड़े थे। धर्मेंद्र की यह फिल्म उनके करियर का एक ऐतिहासिक और यादगार विदाई मानी जा रही है।

    धर्मेंद्र और अगस्त्य नंदा का यादगार साथ

    फिल्म ‘इक्कीस’ को श्रीराम राघवन ने निर्देशित किया है और यह फिल्म 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध की पृष्ठभूमि पर आधारित है। फिल्म की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:मुख्य भूमिका: अमिताभ बच्चन के नाती अगस्त्य नंदा ने शहीद अरुण खेत्रपाल का किरदार निभाया है।धर्मेंद्र का रोल: फिल्म में धर्मेंद्र एक बेहद अहम और प्रभावशाली भूमिका में नजर आए हैं जो दर्शकों के दिल को छू लेती है। कहानी: यह 21 साल के सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल की वीरता की गाथा है जिन्हें मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया था।सह-कलाकार: फिल्म में जयदीप अहलावत और सिमर भाटिया ने भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं।

    एक युग का अंत

    धर्मेंद्र केवल एक अभिनेता नहीं बल्कि भारतीय सिनेमा के एक युग का नाम थे। उनकी अंतिम फिल्म ‘इक्कीस’ न केवल एक युद्ध की कहानी है बल्कि धर्मेंद्र जैसे महान कलाकार को सिनेमाई जगत की तरफ से एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि भी है। फैंस सोशल मीडिया पर लगातार लिख रहे हैं कि बड़े पर्दे पर उन्हें आखिरी बार देखना एक ऐतिहासिक और हृदयविदारक अनुभव है। हेमा मालिनी के लिए यह फिल्म सिर्फ एक फिल्म नहीं बल्कि अपने जीवन के एक महत्वपूर्ण हिस्से को देखना है और शायद इसलिए वह इसे देखने के लिए अब तक तैयार नहीं हो पाई हैं।

  • असम के संगीत जगत में शोक: 75 साल की उम्र में समर हजारिका का निधन

    असम के संगीत जगत में शोक: 75 साल की उम्र में समर हजारिका का निधन


    नई दिल्ली। असम के प्रसिद्ध संगीतकार और गायक समर हजारिका का मंगलवार को गुवाहाटी में निधन हो गया। उनकी उम्र 75 वर्ष थी। समर लंबे समय से बीमार चल रहे थे और हाल ही में अस्पताल से घर लौटे थे। उनका निधन गुवाहाटी के निजारापार इलाके में उनके घर पर हुआ, जहां उनके परिवार के अन्य सदस्य भी रहते हैं।
    परिवार ने उनके निधन की पुष्टि कर दी है।

    समर हजारिका, भारत रत्न से सम्मानित भूपेन हजारिका के सबसे छोटे भाई थे। वे दस भाई-बहनों में सबसे छोटे थे और उन्होंने अपने जीवन में असमिया संगीत को समृद्ध करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। समर ने रेडियो, एल्बम और फिल्मों के लिए कई गाने गाए और संगीत तैयार किया।

    उनका संगीत करियर 1960 के दशक में शुरू हुआ। उनका पहला एल्बम “उत्तर कोंवर प्रोतिमा बरुआ देवी” 1968 में रिलीज हुआ। इसके अलावा उन्होंने असमिया फिल्मों में प्लेबैक सिंगर के रूप में भी काम किया। उनकी प्रमुख फिल्मों में उपोपथ, बोवारी और प्रवती पोखिर गान शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने भूपेन हजारिका की विरासत को सम्मान देने वाले कार्यक्रमों में भी हिस्सा लिया और मोह बिसारिसु हेजार सोकुट जैसे प्रसिद्ध असमिया गीत गाए।

    असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने समर हजारिका के निधन पर शोक व्यक्त किया।

    उन्होंने कहा कि समर हजारिका की आवाज हर मौके को खास बनाती थी और असम की संस्कृति में उनका योगदान अमूल्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके जाने से असम ने एक और बेहतरीन आवाज खो दी। केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने भी उनके निधन पर दुख जताया और बताया कि उनका जाना माघ बिहू के दिन और भी दुखद है।

    समर हजारिका के निधन से असमिया संगीत प्रेमियों के लिए एक बड़ी क्षति हुई है। उन्होंने अपने जीवन में न केवल असमिया संगीत को समृद्ध किया, बल्कि भूपेन हजारिका की विरासत को आगे बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाई।

    उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।

    भूपेन हजारिका के बारे में जानकारी
    डॉ. भूपेन हजारिका असम के सुप्रसिद्ध संगीतकार, गायक और गीतकार थे। उनका जन्म 8 सितंबर 1926 को असम में हुआ था। उन्होंने असमिया, हिंदी और बंगाली सहित कई भाषाओं में गीत लिखे और गाए। भूपेन हजारिका के लोकप्रिय असमिया गीतों में “मोइ एति जाजाबोर,” “बिस्तीर्ण पारेरे,” और “मानुहे मानुहोर बाबे” शामिल हैं। वहीं, हिंदी गीतों में उन्होंने “ओ गंगा बहती हो क्यों,” “समय ओ धीरे चलो” जैसे गीत दिए।

    समर हजारिका ने भूपेन हजारिका की संगीत विरासत को जीवित रखा और असमिया संस्कृति में संगीत के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई। उनका निधन असम और भारत के संगीत प्रेमियों के लिए अपूरणीय क्षति है।

  • शादी के बाद बॉलीवुड में पहली झलक: नूपुर सैनन और स्टेबिन बेन का पब्लिक डेब्यू

    शादी के बाद बॉलीवुड में पहली झलक: नूपुर सैनन और स्टेबिन बेन का पब्लिक डेब्यू

    नई दिल्ली।  सेलिब्रेशन ऑफिशियली खत्म हो गया है! नए शादीशुदा जोड़े नूपुर सैनन और स्टेबिन बेन ने आखिरकार एक शादीशुदा जोड़े के तौर पर पहली बार पब्लिक अपीयरेंस दी; दोनों को उदयपुर में अपनी स्टार-स्टडेड शादी की रस्मों के बाद घर लौटते समय एयरपोर्ट पर देखा गया।
    यह जोड़ा बहुत खुश दिख रहा था और उन्होंने साथ में पैपराज़ी को ग्रीट किया। नूपुर ने एक खूबसूरत नीले रंग का अनारकली पहना था, जिसके साथ उन्होंने अपना ब्राइडल चूड़ा और मंगलसूत्र पहना था। उनके बगल में, स्टेबिन सफेद मिरर-वर्क कुर्ते सेट में बहुत अच्छे लग रहे थे। सिंगर मुस्कुरा रहे थे और फोटोग्राफर्स से शादी की शुभकामनाएं खुशी-खुशी ले रहे थे।
    नूपुर की बहन, बॉलीवुड एक्टर कृति सैनन भी इस जोड़े के साथ वापस यात्रा के लिए शामिल हुईं। कृति ने चेक्ड कुर्ते सेट में एक आरामदायक लुक चुना था, और हाथ में एक जैकेट पकड़ी हुई थी। उन्हें अपने माता-पिता और कथित पार्टनर, कबीर बहिया के साथ अपनी फ्लाइट में चढ़ने से पहले एयरपोर्ट पर देखा गया।
    नूपुर और स्टेबिन की शादी के अंदर की बातें
    नूपुर और स्टेबिन का तीन दिन का सेलिब्रेशन परंपरा और हाई एनर्जी का मिश्रण था। शनिवार को एक सपनों जैसी क्रिश्चियन सेरेमनी के बाद, उन्होंने रविवार को एक पारंपरिक हिंदू शादी में सात फेरे लिए।

    HT सिटी से बात करने वाले एक सूत्र के अनुसार: “हिंदू फेरे की सेरेमनी एक शानदार बारात के साथ शुरू हुई, जिसमें लगभग सौ लोग पारंपरिक छतरियां लिए हुए थे। स्टेबिन, अपने दोस्तों के साथ, नाचते हुए वेन्यू तक पहुंचे, जिससे जुलूस एक हाई-एनर्जी सेलिब्रेशन में बदल गया।”

    नूपुर ने फूलों की सजावट के बीच एक इमोशनल ब्राइडल एंट्री की, जिसमें दूल्हा और दुल्हन दोनों ने कस्टम मनीष मल्होत्रा ​​के कपड़े पहने थे। फेरों के बाद पांच मिनट की आतिशबाजी और फूलों की बारिश हुई। दिशा पटानी, मौनी रॉय और करण कुंद्रा जैसे सेलिब्रिटी मेहमानों ने इस जश्न में हिस्सा लिया, जो बहुत सारे गाने और डांस के साथ खत्म हुआ।
  • चेन स्मोकर भी थे टीवी के 'राम', लेकिन फैन की इस फटकार ने सिगरेट छोड़ने को किया मजबूर

    चेन स्मोकर भी थे टीवी के 'राम', लेकिन फैन की इस फटकार ने सिगरेट छोड़ने को किया मजबूर


    नई दिल्ली । टीवी के स्वर्ण युग में एक ऐसा चेहरा था, जिसने लाखों दिलों को छुआ और एक नई पहचान बनाई। वह चेहरा था अरुण गोविल का, जिन्होंने राम के किरदार को इतनी शिद्दत से निभाया कि लोग उन्हें असल में राम समझने लगे। लेकिन यह जो चेहरा राम के रूप में पूरे भारत में पूजा जाता था, वह कभी चेन स्मोकर भी था। हां यह सच है कि अरुण गोविल ने अपनी जवानी के दिनों में चेन स्मोकिंग की आदत भी डाली थी जो उनके जीवन का एक अंधेरा पहलू था। लेकिन क्या एक फैन की फटकार ने उन्हें सिगरेट छोड़ने के लिए प्रेरित किया आइए जानते हैं अरुण गोविल की इस अद्भुत जीवन यात्रा के बारे में, जो एक फिल्मी पटकथा से कम नहीं है।

    अरुण गोविल की शुरुआत

    12 जनवरी 1958 को उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में जन्मे अरुण गोविल ने अभिनय में अपने करियर की शुरुआत की थी। लेकिन उनका असली मुकाम तब आया जब उन्होंने दूरदर्शन के प्रसिद्ध धारावाहिक रामायण में भगवान राम का किरदार निभाया। यह धारावाहिक भारतीय टेलीविजन का एक ऐतिहासिक पल था और अरुण गोविल का राम के रूप में अवतार लेने के बाद वह हर घर के प्रिय बन गए।राम के रूप में गोविल की भूमिका इतनी प्रभावशाली थी कि आज भी उन्हें लोग सम्मान और श्रद्धा की नजर से देखते हैं। जब भी वह सार्वजनिक स्थानों पर जाते हैं, लोग उन्हें सम्मान देने के लिए उनके चरणों में झुक जाते हैं। यह सम्मान केवल उनके अभिनय के कारण नहीं बल्कि उस सादगी शुचिता और आदर्श के कारण था, जिसे उन्होंने अपने जीवन में आत्मसात किया।

    चेन स्मोकिंग की आदत और उसका असर

    वहीं, इस अभिनेता का जीवन केवल सादगी और आदर्शों का ही नहीं था। जब वह एक युवा अभिनेता थे, तब उन्होंने चेन स्मोकिंग की आदत लगा ली थी। यह आदत उनकी शख्सियत का एक ऐसा हिस्सा बन चुकी थी जिसे वह आसानी से छोड़ नहीं पा रहे थे। यह आदत उनकी सेहत के लिए तो हानिकारक थी ही साथ ही उनके सार्वजनिक छवि पर भी इसका प्रभाव पड़ रहा था। लेकिन वह इस पर पूरी तरह से नियंत्रण नहीं पा रहे थे, क्योंकि यह उनकी आदत का हिस्सा बन चुका था।

    फैन की फटकार और जीवन में बदलाव

    अरुण गोविल के जीवन में एक मोड़ तब आया, जब एक फैन ने उन्हें उनके सार्वजनिक स्थान पर धूम्रपान करते हुए देखा। उस फैन ने उन्हें न केवल फटकार लगाई बल्कि उनकी आदत को लेकर एक कड़ा संदेश दिया। उसने कहा आप तो भगवान राम का किरदार निभाते हैं लेकिन आपकी यह आदत भगवान राम के आदर्शों के खिलाफ है। इस फटकार ने गोविल को चौंका दिया और वह अपने जीवन में बदलाव लाने के लिए प्रेरित हो गए इस फटकार का प्रभाव इतना गहरा था कि अरुण गोविल ने सिगरेट छोड़ने का संकल्प लिया। यह कदम उनके जीवन का एक बड़ा मोड़ था। उन्होंने न केवल अपने स्वास्थ्य के लिए बल्कि अपनी सार्वजनिक छवि और आदर्शों के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए धूम्रपान छोड़ने का फैसला लिया।

    सादगी की मिसाल और जीवन की दिशा

    अरुण गोविल का जीवन केवल एक अभिनेता का जीवन नहीं था। उन्होंने अभिनय को एक तपस्या के रूप में देखा, जिसमें न केवल उनकी कला थी, बल्कि उनके भीतर की सादगी और शुचिता भी थी। उन्होंने कभी भी अपने अभिनय करियर को महज मनोरंजन का जरिया नहीं माना। उनके लिए यह एक मिशन था, जिसे उन्होंने पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाया। आज भी जब वह किसी सार्वजनिक मंच पर जाते हैं, तो लोग उन्हें आदर्श मानते हैं और उनके कदमों में श्रद्धा से झुकते हैं। यह सम्मान उनकी अभिनय कला से कहीं अधिक उनके जीवन के आदर्शों और सादगी के लिए है।अरुण गोविल की कहानी यह साबित करती है कि एक अभिनेता का जीवन केवल पर्दे पर दिखाए गए किरदार तक सीमित नहीं होता, बल्कि वह अपनी निजी आदतों, व्यवहार और जीवन के सिद्धांतों से भी लोगों के दिलों में स्थान बनाता है।

  • टाइगर श्रॉफ से ब्रेकअप के बाद दिशा पाटनी की रोमांटिक मस्ती, वीडियो में नजर आया नया अंदाज

    टाइगर श्रॉफ से ब्रेकअप के बाद दिशा पाटनी की रोमांटिक मस्ती, वीडियो में नजर आया नया अंदाज

    नई दिल्ली। टाइगर श्रॉफ संग ब्रेकअप के बाद दिशा पाटनी का नाम जिम ट्रेनर अलेक्जेंडर से जुड़ा था, लेकिन दोनों ने हमेशा अपने रिश्ते को दोस्ती करार दिया, लेकिन अब एक्ट्रेस एक नए शख्स के साथ रोमांटिक होती नजर आईं और ये कोई और नहीं बल्कि फेमस सिंहर है। क्या बॉलीवुड में एक नई लव स्टोरी आकार ले रही है? एक्ट्रेस दिशा पटानी, जिनका नाम लंबे समय तक टाइगर श्रॉफ के साथ जुड़ा रहा, एक बार फिर अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर चर्चा में हैं। हालांकि दिशा और टाइगर ने कभी अपने रिश्ते को सार्वजनिक रूप से स्वीकार नहीं किया, लेकिन 2022 में दोनों के अलग होने की खबरों ने खूब सुर्खियां बटोरी थीं। अब, कथित ब्रेकअप के करीब चार साल बाद, ऐसा लगता है कि दिशा की जिंदगी में फिर से प्यार ने दस्तक दी है-और इस बार उनका नाम पंजाबी सिंगर तलविंदर के साथ जोड़ा जा रहा है।
    उदयपुर ट्रिप बनी चर्चा का कारण
    हाल ही में दिशा पटानी उदयपुर में नजर आईं, जहां वह कृति सेनन की बहन नूपुर सेनन और सिंगर स्टेबिन बेन की शादी में शामिल होने पहुंची थीं। इस दौरान उन्हें अपनी करीबी दोस्त और एक्ट्रेस मौनी रॉय तथा उनके पति सूरज नांबियार के साथ उदयपुर एयरपोर्ट पर स्पॉट किया गया। लेकिन इन सबके बीच जिसने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा, वह था दिशा के साथ पंजाबी सिंगर तलविंदर की मौजूदगी।

    मास्क में दिखे तलविंदर
    तलविंदर, जो आमतौर पर पब्लिक में अपना चेहरा नहीं दिखाते, एयरपोर्ट पर भी फेस मास्क पहने नजर आए। यह उनका जाना-पहचाना अंदाज़ है, क्योंकि वह अक्सर परफॉर्मेंस के दौरान फेस पेंट के साथ दिखाई देते हैं और ऑफ-स्टेज अपनी पहचान छिपाकर रखते हैं। दोनों को एयरपोर्ट टर्मिनल में एक साथ एंट्री करते हुए भी देखा गया, जहां दिशा उन्हें बोर्डिंग पास से जुड़ी औपचारिकताओं में मदद करती नजर आईं।

    CISF चेक के दौरान दिखा चेहरा
    एक दिलचस्प पल तब सामने आया, जब CISF वेरिफिकेशन के दौरान तलविंदर को कुछ समय के लिए अपना चेहरा दिखाना पड़ा। इस छोटी सी झलक ने ही सोशल मीडिया पर अटकलों को और हवा दे दी। लोगों ने कयास लगाने शुरू कर दिए कि क्या वाकई दोनों एक-दूसरे को डेट कर रहे हैं।

    मुंबई एयरपोर्ट पर अलग अंदाज
    मुंबई पहुंचने के बाद भी दोनों का व्यवहार चर्चा का विषय बना रहा। तलविंदर को एयरपोर्ट पर दिशा से थोड़ा आगे चलते हुए देखा गया, जिससे ऐसा लगा कि वह एक साथ तस्वीरें खिंचवाने से बचना चाहते हों। बाहर निकलते वक्त उन्होंने मौनी रॉय को गले लगाया, जिससे साफ जाहिर हुआ कि वह दिशा के फ्रेंड सर्कल में भी अच्छी तरह घुले-मिले हुए हैं।

    ऑफिशियल कन्फर्मेशन का इंतजार
    हालांकि अभी तक दिशा पटानी या तलविंदर की ओर से उनके रिश्ते को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इससे पहले भी दिशा को गोवा में अरशद वारसी के साथ देखा गया था, जहां वह एक मिस्ट्री मैन के साथ कार में बैठी नजर आई थीं। तब भी यह अंदाजा लगाया गया था कि वह शख्स तलविंदर हो सकता है, लेकिन पहचान की पुष्टि नहीं हो पाई थी।

    कौन हैं तलविंदर?
    पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री के चर्चित नामों में शुमार तलविंदर ‘गैलन 4’, ‘पल पल’, ‘हसीन’, ‘योर आइज’, ‘तू’, ‘विशेज’ और ‘ख्याल’ जैसे कई हिट गानों के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में उन्होंने कार्तिक आर्यन और अनन्या पांडे की फिल्म ‘तू मेरी मैं तेरा, मैं तेरा तू मेरी’ के गाने ‘तेनु ज्यादा मोहब्बत’ को अपनी आवाज दी है। तलविंदर हमेशा अपना चेहरा चिपाकर रखते हैं और मास्क पहने ही नजर आते हैं, वो नहीं चाहते की उनकी पहचान लोगों के सामने आए। दिशा के साथ पहली बार उनका चेहरा लोगों के सामने आया है। अब देखना दिलचस्प होगा कि यह चर्चा महज एक संयोग है या वाकई दिशा पटानी की जिंदगी में एक नई शुरुआत होने वाली है। फिलहाल, फैंस को आधिकारिक पुष्टि का बेसब्री से इंतजार है।

  • थलापति विजय की फिल्म 'जन नायकन' पर सियासी और सिने विवाद, रिलीज क्यों टल रही है?

    थलापति विजय की फिल्म 'जन नायकन' पर सियासी और सिने विवाद, रिलीज क्यों टल रही है?

    नई दिल्ली। साउथ के सुपरस्टार एक्टर थलापति विजय की आखिरी फिल्म ‘जन नायकन’ इन दिनों लगातार सुर्खियों में बनी हुई है। यह फिल्म 18 दिसंबर 2025 को सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) को सबमिट की गई थी और इसे 9 जनवरी को रिलीज होना था। लेकिन सेंसर सर्टिफिकेट में देरी की वजह से इसकी रिलीज टल गई। सेंसर बोर्ड ने फिल्म के कुछ सीन्स और डायलॉग्स पर आपत्ति जताई है। बोर्ड का मानना है कि फिल्म में कुछ ऐसे राजनीतिक कमेंट हैं जो विवाद पैदा कर सकते हैं। इसी वजह से फिल्म को सर्टिफिकेट मिलने में देरी हुई। लेकिन बात बस इतनी सी नहीं है।

    धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप
    एक कम्प्लेंट में दावा किया गया कि फिल्म धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती है। मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है और फैंस बेसब्री से अपने चहेते एक्टर की आखिरी फिल्म का इंतजार कर रहे हैं। प्रोड्यूसर वेंकट के नारायण ने बताया कि 22 दिसंबर को सेंसर बोर्ड ने ईमेल भेजा था कि कुछ छोटे बदलावों के बाद फिल्म को U/A 16+ सर्टिफिकेट दे दिया जाएगा। मेकर्स ने बताए गए बदलाव कर दिए और फिल्म को दोबारा सबमिट किया, लेकिन फिर भी वक्त पर सर्टिफिकेट नहीं मिला।

    हाई कोर्ट ने दिया सर्टिफिकेट देने का आदेश
    बाद में पता चला कि सेंसर बोर्ड के एक मेंबर ने चेयरपर्सन को शिकायत भेजी थी, जिसके बाद फिल्म को रिवाइजिंग कमेटी के पास भेज दिया गया। मद्रास हाई कोर्ट ने पहले फिल्म को तुरंत सर्टिफिकेट देने का आदेश दिया था, लेकिन फिर डिवीजन बेंच ने इस पर रोक लगा दी। विजय ने हाल ही में अपनी पॉलिटिकल पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कझगम’ (Tamilaga Vettri Kazhagam) की शुरुआत की है और ‘जन नायकन’ उनकी राजनीति में एंट्री से पहले की आखिरी फिल्म है। गॉसिप्स की मानें तो पॉलिटिकल वजहों से सेंसर बोर्ड की तरफ से देरी की गई।

    बार-बार रिलीज में देरी से फैंस में आक्रोश
    फिल्म की रिलीज डेट बार-बार टलने के कारण विजय के फैंस काफी नाराज हैं। केरल और तमिलनाडु में कई जगहों पर फैंस ने विरोध प्रदर्शन भी किए हैं। हाल ही में विवाद के चलते कई प्री-प्लान्ड कार्यक्रमों (जैसे बाइक रैली और डीजे इवेंट्स) को रद्द करना पड़ा। एच विनोथ द्वारा निर्देशित इस पॉलिटिकल एक्शन थ्रिलर में एक आम आदमी की कहानी है जो समाज और राजनीति में बदलाव लाने के लिए संघर्ष करता है। फिल्म में विजय के साथ पूजा हेगड़े, बॉबी देओल, मामिता बैजू और प्रकाश राज जैसे एक्टर्स हैं।

    सु्प्रीम कोर्ट पहुंचा मामला, क्या बोला CBFC?
    अब मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है। केवीएन प्रोडक्शंस ने मद्रास हाई कोर्ट के स्टे ऑर्डर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। सीबीएफसी ने भी सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि कोई भी फैसला देने से पहले उन्हें भी सुना जाए। सुप्रीम कोर्ट ने अब मामले की अगली सुनवाई 21 जनवरी के लिए तय की है। प्रोड्यूसर ने वीडियो जारी करके फैंस से माफी मांगी है और कहा है कि मामला कोर्ट में है, इसलिए वे सब कुछ नहीं बता सकते।

  • तापसी पन्नू का फटकार: फिल्म इंडस्ट्री में पैसे देकर प्रमोशन करना बंद होना चाहिए

    तापसी पन्नू का फटकार: फिल्म इंडस्ट्री में पैसे देकर प्रमोशन करना बंद होना चाहिए



    नई दिल्ली। 
    तापसी पन्नू उन सेलेब में से हैं जो कभी किसी मुद्दे पर बात करने से झिझकती नहीं हैं फिर चाहे वो इंडस्ट्री की ही बात क्यों ना हो। अब तापसी ने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के पीआर गेम की आलोचना की है और कहा कि ये अब एक अलग लेवल पर चला गया है। तापसी का कहना है कि लोग अब पैसे देकर दूसरों को नीचा गिरवाते हैं। तापसी ने टाइम्स नाउ से बात करते हुए सवाल उठाया कि क्या किसी इंसान की सफलता किसी और के फेलियर पर निर्भर करती है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि लोग पैसे देकर दूसरों को निचा गिराने की कोशिश करते हैं।

    अलग लेवल पर पीआर गेम
    वह बोलीं, ‘मैं अपनी चीजों में बिजी थी कुछ समय से, लेकिन लास्ट 1.5 या 2 साल से मैं थोड़ी स्लो डाउन हो गई हूं। मुझे एहसास हुआ कि ये पीआर गेम एक अलग लेवल पर चला गया है। आप खुद को पुश करो ना जो पहले एक वर्जन होता था पीआर का। आप तो किसी और को गिराने के लिए भी पैसे दे रहे हो।’

    दूसरों के फेलियर्स से कैसे मिलती सक्सेस
    तापसी ने आगे कहा, ‘आखिर कबसे आपकी सक्सेस दूसरों के फेलियर्स पर डिपेंड होने लगी। लोगों ने अपनी पर्सनैलिटी का एक अलग मुखौटा बनाया हुआ है। मैं सिर्फ एक हिट फिल्म का हिस्सा रहने से संतुष्ट नहीं हूं, मेरी आवाज भी इतनी स्ट्रॉन्ग होनी चाहिए चाहे वो आपकी ना हो। लेकिन आपको अपनी आवाज बनानी होगी और वो आवाज जो आप फिल्मों से हटकर बना रहे हो और आपके काम से मैच भी नहीं कर रही तो वो गलत है।

  • ‘चूड़िया’ का बजट रिकॉर्ड: फिल्म से भी ज्यादा पैसे खर्च हुए इस गाने पर

    ‘चूड़िया’ का बजट रिकॉर्ड: फिल्म से भी ज्यादा पैसे खर्च हुए इस गाने पर

    नई दिल्ली। करन जौहर के डायरेक्शन में बनी फिल्म कभी कभी खुशी कभी गम आज 25 साल बाद भी ऑडियंस की फेवरिट है। फिल्म में शाहरुख खान, अमिताभ बच्चन, ऋतिक रोशन, जया बच्चन, काजोल, करीना कपूर जैसे लीडिंग एक्टर्स थे। आलीशान लोकेशन, शानदार म्यूजिक। फिल्म का डायरेक्शन करन जौहर ने लिया था। कुछ कुछ होता है के बाद ये उनकी दूसरी डायरेक्टोरियल फिल्म थी वो भी इतनी बड़ी कास्ट के साथ। इस फिल्म में एक गाना भी है ‘बोले चूड़िया, बोले कंगना’, इस गाने में पूरी कास्ट एक साथ नजर आई थी। लेकिन क्या आप जानते हैं इस सिर्फ एक गाने का खर्चा फिल्म के बजट से ज्यादा था। इस बारे में राइटर-डायरेक्टर निखिल अडवानी ने बताया।

    पूरी फिल्म का बजट था 3 करोड़
    हाल में रेडियो नशा के साथ बातचीत में निखिल अडवानी ने बताया कि कैसे एक गाने की कीमत बजट से ज्यादा थी। निखिल ने कहा कि आजकल लोग स्प्रेडशीट पर बजट बनाते हैं और उसे फाइनल करने के लिए भी दो महीने लग जाते हैं। लेकिन जब हमने यश जौहर को कभी खुशी कभी गम की स्क्रिप्ट सुनाई तो उन्होंने मुझे अपने ऑफिस बुलाया और फिल्म का बजट लिखने को कहा। मैंने 3 करोड़ रुपए का बजट लिखा और उन्हें पेपर पकड़ा दिया। यश जौहर ने बजट को मंजूरी दी और ऐसे फिल्म शुरू हुई।

    बोले चूड़िया गाने का सेट
    निखिल ने आगे कहा कि उनकी फिल्म का पहला सेट बोले चूड़िया था। करन जौहर सेट पर ही बेहोश हो गए थे। काजोल को अपने लहंगे से दिक्कत थी और वो डांस नहीं कर पा रही थी। कई दिक्कतें थीं, 200 डांसर्स, 300 जूनियर आर्टिस्ट। हमने झूमर्स भी खुद बनवाए थे क्योंकि करन जौहर को सब कुछ गग्रैंड चाहिए था।

    पूरी फिल्म के बजट से ऊपर चला गया था सिर्फ एक गाना
    निखिल ने आगे बताया कि उस शाम यश जौहर ने हमें चाय ब्रेक पर बुलाया और पूछा कि हमने इस फिल्म का बजट बनाया है न? मैं कहा हां। उन्होंने पूछा ‘कितना बजट था?’ मैंने कहा मुझे याद नहीं है। फिर उन्होंने वो पेपर निकाला और जोर से पढ़ते हुए 3 करोड़ कहा। फिर उन्होंने कहा बोले चूड़िया के लिए जो सेट बनाया है उस पर इससे से ज्यादा खर्च हो चुके हैं। उन्होंने वो पेपर फाड़ा और कहा अब बनाओ फिल्म।

    डायरेक्टर्स में था फिल्म बनाने का नशा
    निखिल ने ये भी बताया कि पहले के लोगों में फिल्म बनाने का नशा होता था। यश जौहर एक फिल्म के लिए अपना घर बेचने के बारे में सोच रहे थे। यश चोपड़ा ने भी ऐसा सोचा था। अपने समय के ये ग्रेट डायरेक्टर्स थे। निखिल ने कहा कि इंडस्ट्री के दो ही लोग ऐसे हैं जो हमें वापस उस दौर में ले जा सकते हैं और वो हैं यश चोपड़ा के बेटे आदित्य चोपड़ा और यश जौहर के बेटे करन जौहर।

  • शाहरुख-सलमान की पतंगबाजी ने बढ़ाया मकर संक्रांति का मज़ा, फिल्मों में झलकता उत्सव

    शाहरुख-सलमान की पतंगबाजी ने बढ़ाया मकर संक्रांति का मज़ा, फिल्मों में झलकता उत्सव

    नई दिल्ली। हिंदी फिल्मों में भारतीय त्योहार कहानियों का अहम हिस्सा रहे हैं। हमारे त्योहारों, इसकी परंपरा पर फिल्मों में कई गाने भी सुनने को मिलते हैं। कई गाने तो बहुत हिट भी रहे हैं। होली, दिवाली, करवाचौथ के गीत बहुत बड़ी संख्या में हिंदी फिल्मों में रखे जाते हैं। कल मकर संक्रांति (14 जनवरी) का त्योहार है। मकर संक्रांति पर भी फिल्मी गीत, सीन्स कई बॉलीवुड फिल्मों में दिखे हैं। जानिए, इस त्योहार की झलक किन-किन हिंदी फिल्मों में दिखी है।
    हम दिल दे चुके सनम
    सलमान खान और ऐश्वर्या राय की फिल्म ‘हम दिल दे चुके सनम(1999)’ को दर्शकों से काफी प्यार मिला था। इस फिल्म में मकर संक्रांति का त्योहार दिखाया गया था। साथ ही एक गाना ‘ढील दे दे रे भईया…’ सलमान खान पर फिल्माया गया था। वह फिल्म में पतंगबाजी करते हुए नजर आते हैं। यह गाना आज भी मकर संक्रांति पर खूब पसंद किया जाता है, पतंगबाजी करते हुए लोग इस गाने को गाते या सुनते हैं। सलमान खान की 2016 में रिलीज हुई फिल्म ‘सुल्तान’ में भी मकर संक्रांति की एक झलक मिलती है। एक सीन में उनका किरदार अपने गांव की गलियों में पतंगबाजी करता हुआ नजर आता है।
    काई पो चे
    दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की फिल्म ‘काई पो चे’ साल 2013 में रिलीज हुई। इस फिल्म में भी ‘मांझा…’ नाम से एक गाना था, जिसमें सुशांत, राजकुमार राव और अमित साध दोस्तों के किरदार में नजर आते हैं। फिल्म में सभी मिलकर मकर संक्रांति का त्योहार मनाते हैं। यह गाना भी मकर संक्रांति के मौके पर लोग काफी पसंद करते हैं।
    रईस
    शाहरुख खान की फिल्मों में भारतीय त्योहारों पर कई गाने देखने को मिलते हैं। साल 2017 में उनकी फिल्म ‘रईस’ रिलीज हुई। इस फिल्म में ‘उड़ी उड़ी जाए…’ गाने में मकर संक्रांति का उल्लास, उमंग दिखा। पतंगबाजी भी झलक भी मिली। इस गाने में शाहरुख खान के साथ पाकिस्तानी एक्ट्रेस माहिरा खान भी नजर आईं।

    पतंग द काइट
    साल 2011 में रिलीज हुई ‘पतंग द काइट’ फिल्म की कहानी तो मकर संक्रांति पर की जाने वाली पतंगबाजी के ईद-गिर्द बुनी गई। इस फिल्म में नवाजुद्दीन सिद्दीकी भी नजर आए थे। इस फिल्म में मकर संक्रांति पर होने वाली पतंगबाजी उत्सव के साथ एक परिवार के लोगों की जिंदगी, रिश्तों और सपनों को दिखाया गया है। तापसी पन्नू की फिल्म ‘रश्मि रॉकेट’ में भी मकर संक्रांति का सीक्वेंस दिखाया गया था। रश्मि की तेज दौड़ और पतंगबाजी को साथ में जोड़कर यह सीन फिल्म में दिखाया जाता है।

    मकर संक्रांति के अलावा इन फिल्मों में दिखी लोहड़ी के त्योहार की धूम
    मकर संक्रांति से पहले देश भर में लोहड़ी का त्योहार मनाया जाता है। आज (13 जनवरी) ही यह त्योहार मनाया जाएगा। हिंदी फिल्मों में भी लोहड़ी के रंग नजर आए हैं। शाहरुख खान और प्रीति जिंटा की ‘वीर जारा’, में लोहड़ी का त्योहार दिखाया गया। इस फिल्म में एक गाना ‘लो आ गई लोहड़ी…’ अमिताभ बच्चन और हेमा मालिनी पर फिल्माया गया। इसी तरह अजय देवगन और सोनाक्षी सिन्हा पर फिल्म ‘सन ऑफ सरदार’ में ‘तू कमाल दी…’ गाना फिल्माया गया, इस गाने में लोहड़ी का उत्सव, उल्लास दिखाया गया। फिल्म ‘यमला पगला दीवाना’ में भी लोहड़ी का त्योहार दिखाया गया था, जिसमें दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र नजर आए थे।