Category: Entertainment

  • इरफान खान की 59वीं जयंती पर बेटे बाबिल का इमोशनल ट्रिब्‍यूट बचपन की यादों के साथ पापा को किया याद

    इरफान खान की 59वीं जयंती पर बेटे बाबिल का इमोशनल ट्रिब्‍यूट बचपन की यादों के साथ पापा को किया याद


    नई दिल्ली ।आज बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता इरफान खान की 59वीं जयंती है। इस खास मौके पर उनके बेटे बाबिल खान ने पिता के साथ अपनी बचपन की यादों को साझा करते हुए एक बेहद इमोशनल पोस्ट इंस्टाग्राम पर शेयर किया है। बाबिल ने अपने पिता के साथ अपनी दो प्यारी तस्वीरें साझा की जो दर्शाती हैं कि इरफान के साथ उनका बचपन कितना खास और नज़दीकी था। इन तस्वीरों के साथ बाबिल ने जो कैप्शन लिखा वह दिल को छूने वाला था जिसमें उन्होंने अपने पापा के साथ बिताए गए सरल और प्यारे पलों का जिक्र किया।

    बाबिल ने पहली फोटो में अपनी और इरफान की एक पुरानी तस्वीर साझा की जिसमें वह अपने पिता के ऊपर पैर फैलाए एक बिस्तर पर लेटे हुए हैं। इस तस्वीर में इरफान खान आराम से लेटे हुए हैं और बाबिल उनके ऊपर बेफिक्री से सो रहे हैं। इस दृश्य में साधारण तकिए और कुछ घरेलू सामानों के साथ एक सुकूनभरी घरेलू माहौल का अहसास होता है। दूसरी तस्वीर में बाबिल और इरफान खान दोनों आमने-सामने खड़े हुए हैं जिसमें पित-पुत्र के रिश्ते की नजदीकी और समझ दिखाई देती है।

    बाबिल ने कैप्शन में लिखा आपकी तस्वीरें मेरी तस्वीरें। मैं उन पर कूदने और उनकी पीठ पर सो जाने से पहले ‘सोफा मोड एक्टिवेटेड’ कहता था । यह कैप्शन उनकी और उनके पिता की मस्ती और सजीव यादों को खूबसूरती से बयां करता है। बाबिल का यह भावुक पोस्ट दर्शाता है कि कैसे वह अपने पिता के साथ बिताए गए समय को हमेशा अपनी जिंदगी का अहम हिस्सा मानते हैं।

    इरफान खान ने 29 अप्रैल 2020 को दुनिया को अलविदा कहा था जब वह महज 53 वर्ष के थे और गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। इरफान खान का निधन फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा नुकसान था। उन्होंने अपनी फिल्मी यात्रा की शुरुआत 1998 में फिल्म सलाम बॉम्बे से की थी और उसके बाद उन्होंने कई यादगार और बेहतरीन फिल्मों में अपने अभिनय का लोहा मनवाया। उनकी अभिनय शैली और मजबूत काया आज भी लोगों के दिलों में जीवित है। चाहे वह हासिल पान सिंह तोमर लाइफ ऑफ पाई दी लंचबॉक्स जैसी फिल्में हों इरफान ने हर रोल में खुद को साबित किया।

    इरफान खान का जीवन और करियर एक प्रेरणा है और उनके योगदान को फिल्म इंडस्ट्री कभी नहीं भूल पाएगी। बाबिल के इस पोस्ट के जरिए उनके पिता के साथ उनके रिश्ते की खूबसूरत झलक भी देखने को मिली। बाबिल आज भले ही खुद फिल्म इंडस्ट्री का हिस्सा बन गए हों लेकिन उनके लिए इरफान खान हमेशा एक आदर्श और प्रेरणा स्रोत बने रहेंगे।
    इरफान खान की जयंती पर बाबिल का यह इमोशनल ट्रिब्‍यूट उन यादों को ताज़ा करता है जो हमेशा उनके दिल में जिंदा रहेंगी।

  • फराह खान ने यामी गौतम की ‘हक’ में अदाकारी को बताया आउटस्टैंडिंग हर अवॉर्ड के लिए तैयार रहो

    फराह खान ने यामी गौतम की ‘हक’ में अदाकारी को बताया आउटस्टैंडिंग हर अवॉर्ड के लिए तैयार रहो

    नई दिल्ली। बॉलीवुड एक्ट्रेस यामी गौतम की फिल्म ‘हक’ (Haq) को एक बार फिर जबरदस्त सराहना मिल रही है। साल 2025 में थिएटर्स में रिलीज होने के बाद जहां फिल्म को क्रिटिक्स का अच्छा रिस्पॉन्स मिला था, वहीं अब Netflix पर प्रीमियर के बाद इसे दर्शकों और फिल्म इंडस्ट्री से नई तारीफें मिल रही हैं। ताजा नाम इस लिस्ट में जुड़ा है मशहूर फिल्ममेकर और कोरियोग्राफर फराह खान का, जिन्होंने यामी की परफॉर्मेंस को “आउटस्टैंडिंग” बताते हुए कहा है कि वह हर बड़े अवॉर्ड के लिए तैयार रहें।

    फराह खान ने बुधवार को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर फिल्म ‘हक’ का पोस्टर शेयर किया। पोस्ट के साथ उन्होंने लिखा,
    “Yami Gautam, get ready to receive every award! Outstanding performance.
    यानी, “यामी गौतम, हर अवॉर्ड लेने के लिए तैयार हो जाइए, शानदार प्रदर्शन।”
    इतना ही नहीं, फराह ने फिल्म के दूसरे लीड एक्टर इमरान हाशमी की भी जमकर तारीफ की और लिखा,
    “You are the best till date.”

    फराह खान से पहले भी कई नामी सितारे यामी गौतम की तारीफ कर चुके हैं। एक्ट्रेस कियारा आडवाणी ने Netflix पर फिल्म देखने के बाद सोशल मीडिया पर लिखा था,
    “Just watched Haq on Netflix. Yami Gautam, what a beautiful performance.”
    वहीं, अभिनेता संजय कपूर ने भी इसे “एक बेहतरीन फिल्म” बताते हुए इसकी कहानी और अभिनय की सराहना की थी।

    फिल्म ‘हक’ एक कोर्टरूम ड्रामा है, जिसका निर्देशन सुपर्ण वर्मा ने किया है। इसमें यामी गौतम धर और इमरान हाशमी मुख्य भूमिकाओं में हैं, जबकि शीबा चड्ढा एक अहम किरदार में नजर आती हैं। फिल्म का निर्माण विनीत जैन, विशाल गुरनानी, जूही पारेख मेहता और हरमन बावेजा ने मिलकर किया है। यह फिल्म जंगली पिक्चर्स, इंसोमनिया फिल्म्स और बावेजा स्टूडियोज के बैनर तले बनी है।

    ‘हक’ की कहानी भारत के एक ऐतिहासिक सुप्रीम कोर्ट फैसले Mohd. Ahmed Khan v. Shah Bano Begum से प्रेरित है। यह फैसला मुस्लिम महिलाओं के वैवाहिक अधिकारों और भरण-पोषण से जुड़ा एक अहम मोड़ माना जाता है। फिल्म में यामी गौतम ने बानो नाम की महिला का किरदार निभाया है, जो उस समय न्याय के लिए लड़ती है, जब उसका पति अपनी ही चचेरी बहन से दूसरी शादी कर लेता है।

    कहानी बानो के संघर्ष के जरिए निजी आस्था, सामाजिक परंपराओं और संवैधानिक कानून के टकराव को दिखाती है। फिल्म यह सवाल उठाती है कि क्या एक महिला का हक उसकी धार्मिक और सामाजिक सीमाओं से बड़ा हो सकता है। यामी गौतम की परफॉर्मेंस को खासतौर पर इसलिए सराहा जा रहा है, क्योंकि उन्होंने बानो के दर्द, मजबूती और आत्मसम्मान को बेहद संवेदनशील तरीके से पर्दे पर उतारा है।

    हालांकि, सकारात्मक समीक्षाओं के बावजूद फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ज्यादा कमाल नहीं दिखा पाई। ‘हक’ ने दुनियाभर में करीब ₹29 करोड़ का ही कलेक्शन किया। लेकिन अब, 2 जनवरी को Netflix पर रिलीज होने के बाद, ऐसा लग रहा है कि फिल्म को उसका असली दर्शक वर्ग मिल गया है। सोशल मीडिया पर लगातार फिल्म और यामी की एक्टिंग को लेकर तारीफों की बाढ़ आई हुई है।

    OTT रिलीज के बाद मिल रहे प्यार से यामी गौतम भी काफी भावुक नजर आईं। उन्होंने X (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा,
    “HAQ को इतना प्यार और सराहना मिलना मेरे लिए बेहद खास है। एक कलाकार और एक महिला के तौर पर यह प्रतिक्रिया मेरे लिए बहुत संतोषजनक है। जय हिंद।”

    ‘हक’ ने यह साबित कर दिया है कि कभी-कभी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर नहीं, बल्कि दर्शकों के दिलों में अपनी जगह बनाती हैं। फराह खान जैसी बड़ी फिल्ममेकर की तारीफ ने यामी गौतम की परफॉर्मेंस को और मजबूत पहचान दी है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले अवॉर्ड सीजन में ‘हक’ और यामी गौतम कितना कमाल दिखा पाते हैं।

  • Yash Birthday: ट्रक ड्राइवर का बेटा कैसे बना साउथ का रॉकिंग स्टार, KGF से पहले इन फिल्मों से पीटा डंका, क्या आप जानते हैं असली नाम?

    Yash Birthday: ट्रक ड्राइवर का बेटा कैसे बना साउथ का रॉकिंग स्टार, KGF से पहले इन फिल्मों से पीटा डंका, क्या आप जानते हैं असली नाम?

    नई दिल्ली। कन्नड़ सुपरस्टार यश (Yash) आज किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। आज उनकी फैन फॉलोइंग ना केवल साउथ में बल्कि दुनियाभर में हैं। ‘केजीएफ’ के बाद से एक्टर का कद काफी बढ़ गया है। उन्होंने प्रशांत नील निर्देशित ‘केजीएफ चैप्टर 1’ से पूरे भारत में अपनी एक अलग ही पहचान बना ली है। इस फिल्म की रिलीज के बाद से ‘द रॉकिंग’ स्टार यश ‘केजीएफ’ एक ग्लोबल स्टार बन गए हैं। उन्हें ना केवल साउथ बल्कि हिंदी सिनेमा और पूरे देशभर से प्यार मिलता है। फैंस उनकी एक झलक पाने का बेसब्री से इंतजार करते हैं। ऐसे में आज इसी ग्लोबल स्टार का जन्मदिन है। वो 38 साल के हो गए हैं। इस खास मौके पर आपको उनकी लाइफ के बारे में बता रहे हैं कि कैसे एक ट्रक ड्राइवर के बेटे होकर फिल्म इंडस्ट्री में आए और यहां अपना सिक्का जमाने में कामयाब हुए।

    किसी भी मिडिल क्लास फैमिली से आने वाले लड़के और लड़की के लिए फिल्म इंडस्ट्री में कदम जमाना आसान नहीं होता है। ऊपर से जब आपका कोई जानने वाला या गॉड फादर ना हो तो और भी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। ठीक वैसे ही ‘केजीएफ’ स्टार यश भी कन्नड़ की एक मिडिल क्लास फैमिली से आते हैं। यश का जन्म 8 जनवरी 1986 को कर्नाटक के हासन जिले के एक गांव भुवानाहल्ली में हुआ था। उनके पिता एक ट्रक ड्राइवर हैं। वो आज भी ट्रक चलाते हैं। यश के पिता कर्नाटक में KSRTC परिवहन सेवा में काम करते हैं। ऐसे में यश के लिए फिल्म इंडस्ट्री में आना आसान बात नहीं थी। उनका जीवन काफी संघर्षों से भरा रहा। सालों की मेहनत के बाद वो इंडस्ट्री में आज अपनी धाक जमाने में सफल हो पाए हैं।

    टीवी सीरियल्स से शुरू किया करियर
    यश के बचपन का नाम नवीन कुमार गौड़ा है। उनका बचपन मैसूर में बीता। वहीं से स्कूली शिक्षा ली। इसके बाद वो बिनाका नाटक मंडली का हिस्सा बन गए। उन्होंने जाने माने ड्रैमिस्ट B.V Karnath के बनाए बेनका ड्रामा के ग्रुप के साथ काम किया। बाद में स्ट्रगल करते हुए आगे बढ़े और टीवी सीरियल में काम करने का मौका मिला। उन्होंने एक्टिंग में डेब्यू कन्नड़ टीवी सीरियल ‘नंदा गोकुला’ से की। इसके बाद वो कई टीवी शोज का हिस्सा रहे। छोटे पर्दे के बाद फिल्मों में काम करने का मौका मिला।
    वो तीन फिल्में, जिसने पलटी किस्मत
    यश ने अपने करियर में 21 से ज्यादा फिल्मों में काम किया है। पहली बार वो 2007 में कन्नड़ फिल्म ‘जंबाडा हुदुगी’ के जरिए बड़े पर्दे पर नजर आए। इसमें उनका सेकेंड लीड रोल था। इसके बाद उनके करियर में अच्छे दिन भी आ गए। पहली बार उन्होंने साल 2010 में रिलीज हुई कन्नड़ फिल्म ‘मोदालासाला’ के जरिए पहली हिट थी। फिर 2014 में ‘मिस्टर एंड मिसेस रामचारी’ में नजर आए और ये फिल्म उनके करियर की बड़ी हिट साबित हुई। इसके बाद 2018 में मौका मिला ‘केजीएफ’ में काम करने का और उन्होंने इस फिल्म से इतिहास ही रच दिया। फिल्म ना केवल ब्लॉकबस्टर रही बल्कि इसने यश की किस्मत ही पलट दी। यश की इस मूवी की दीवनगी हिंदी बेल्ट में भी कमाल की देखने के लिए मिली। इसके बाद 2022 में फिल्म का सीक्वल आया और कमाई के कई रिकॉर्ड तोड़ दिए।
    बहरहाल, अब अगर यश की अपकमिंग फिल्मों की बात की जाए तो ‘केजीएफ 2’ के बाद एक्टर ने कोई फिल्म नहीं की। उनकी अपकमिंग फिल्मों का फैंस को बेसब्री से इंतजार है। ऐसे में उनकी अपकमिंग फिल्म ‘टॉक्सिक’ है, जिसमें वो एक बार फिर से रॉकिंग स्टाइल में नजर आने वाले हैं। उनका ‘केजीएफ’ वाला ही अंदाज देखने के लिए फैंस बेताब हैं। इसे जल्द ही सिनेमाघरों में रिलीज किया जाएगा। फिल्म में उनके साथ एक्ट्रेस कियारा आडवाणी भी अहम रोल में हैं।

  • BB 19 Dubai Party: ‘तान्या जीतेगी…’, ग्वालियर गर्ल की बिग बॉस 19 सक्सेस पार्टी में हुई तारीफ, वीडियो वायरल

    BB 19 Dubai Party: ‘तान्या जीतेगी…’, ग्वालियर गर्ल की बिग बॉस 19 सक्सेस पार्टी में हुई तारीफ, वीडियो वायरल

    नई दिल्ली। बिग बॉस 19 की कंटेस्टेंट तान्या मित्तल अब किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं। हाल ही में दुबई में आयोजित बिग बॉस 19 की ग्रैंड सक्सेस पार्टी में तान्या ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा और जमकर तारीफें बटोरी। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।

    6 जनवरी 2026 की रात दुबई के एक आलीशान स्थल पर यह पार्टी आयोजित की गई थी। जैसे ही तान्या ने एंट्री ली, पैपराजी और फैंस ने उन्हें घेर लिया। तान्या ने अपने ट्रेडमार्क ‘देसी और बोल्ड’ अंदाज से सबका दिल जीत लिया। वीडियो में देखा जा सकता है कि होस्ट ने कहा, “तान्या ने दो महीने पहले ही कह दिया था कि ‘तुम जीतेगी’, और यही बात अब सबके सामने सच साबित हुई।” इस पर तान्या मुस्कुराते हुए सबका आभार व्यक्त करती नजर आईं।

    दुबई की इस महफिल में ग्वालियर गर्ल का दबदबा साफ नजर आया। बिग बॉस के घर के अंदर तान्या का सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा, लेकिन उनकी ईमानदारी और बेबाकी ने दर्शकों का दिल जीत लिया। सोशल मीडिया पर पोल और ट्रेंड्स में भी तान्या को भर-भरकर वोट किए गए। घर से बाहर आकर अमाल मलिक ने भी उनकी तारीफ की और कहा कि तान्या ने जिस तरह से गेम खेला, वह काबिले तारीफ है।

    तान्या ने शो में किसी भी मुद्दे पर अपने विचार रखने में कभी डर नहीं दिखाया। उनका यही खुला और स्पष्ट अंदाज दर्शकों को बेहद पसंद आया। दुबई पार्टी में सिर्फ तारीफें ही नहीं, बल्कि खूब मस्ती भी हुई। पार्टी के दौरान के कुछ इनसाइड मोमेंट्स सोशल मीडिया पर साझा किए गए, जिन्हें फैंस ने खूब पसंद किया।

    वीडियो वायरल होते ही ट्विटर (X) पर #TanyaBB19 और #GwaliorGirl जैसे हैशटैग टॉप ट्रेंड करने लगे। लोग वीडियो पर कमेंट्स कर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं और तान्या के जीतने के कयास भी लगाने लगे हैं।

    इस तरह, दुबई सक्सेस पार्टी में तान्या मित्तल ने अपनी शानदार उपस्थिति और आकर्षक अंदाज से सबका दिल जीत लिया। उनके इस वायरल वीडियो ने फैंस को और उत्साहित कर दिया है, और बिग बॉस 19 के चर्चे अब भी सोशल मीडिया पर जोर पकड़ते दिख रहे हैं।
  • बॉक्स ऑफिस पर पकड़ी रफ्तार ‘इक्कीस’: छठे दिन अगस्त्य नंदा की फिल्म की कमाई में जबरदस्त उछाल

    बॉक्स ऑफिस पर पकड़ी रफ्तार ‘इक्कीस’: छठे दिन अगस्त्य नंदा की फिल्म की कमाई में जबरदस्त उछाल

    नई दिल्ली। बॉलीवुड दिवंगत एक्टर धर्मेंद्र की आखिरी मूवी ‘इक्कीस’ को दर्शकों का खूब प्यार मिल रहा है। इस मूवी को देख फैंस काफी इमोशनल भी हो रहे हैं। फिल्म में अमिताभ बच्चन के पोते अगस्त्य नंदा लीड किरदार में हैं। इनके अलावा जयदीप अहलावत, सिकंदर खेर और सिमर भाटिया जैसे कलाकारों ने अपनी एक्टिंग से सभी का दिल जीता। ‘इक्कीस’ मूवी 1 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। ऐसे में अब ‘इक्कीस’ के 6वें दिन के बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट आ गई है। तो चलिए जानते हैं इसने अब तक कितना कमा लिया…
    मंगलवार को आया ‘इक्कीस’ की कमाई में उछाल
    निर्देशक श्रीराम राघवन के निर्देशन में बनी ‘इक्कीस’ को क्रिटिक्स के साथ-साथ दर्शकों के भी शानदार रिव्यू मिले हैं। ये फिल्म सेकेंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल की जिंदगी पर बनी है, जो साल 1971 की भारत-पाकिस्तान की लड़ाई में शहीद हो गए थे। अरुण का रोल ‘इक्कीस’ में अमिताभ बच्चन के नाती अगस्त्य नंदा ने निभाया है। ‘इक्कीस’ के सामने रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर’, ‘अवतार 3’ और ‘तू मेरी मैं तेरा मैं तेरा तू मेरी’ जैसी फिल्मों हैं। ‘इक्कीस’ ने 7 करोड़ रुपये के साथ शानदार ओपनिंग की थी। ऐसे में अब ‘इक्कीस’ के मंगलवार के कलेक्शन सामने आ चुके हैं। Sacnilk की अर्ली रिपोर्ट के अनुसार, ‘इक्कीस’ ने 6वें दिन खबर लिखने तक 1.50 करोड़ रुपये का कलेक्शन कर लिया है। ये आंकड़े काफी निराश करने वाले हैं। इस तरह इंडियन बॉक्स ऑफिस पर फिल्म का अभी तक का टोटल कलेक्शन 23.00 करोड़ रुपये हो गया है।
    डे वाइज देखें ‘इक्कीस’ का कलेक्शन
    डे 1 7 करोड़ रुपये
    डे 2 3.5 करोड़ रुपये
    डे 3 4.65 करोड़ रुपये
    डे 4 5 करोड़ रुपये
    डे 5 1.35 करोड़ रुपये
    डे 6 1.50 करोड़ रुपये
    कुल कलेक्शन 23.00 करोड़ रुपये (अर्ली रिपोर्ट)
  • टीवी सुपरस्टार इरफान खान की सालगिरह: यादगार किरदारों में छोड़ा अपना असर

    टीवी सुपरस्टार इरफान खान की सालगिरह: यादगार किरदारों में छोड़ा अपना असर

    नई दिल्ली। अपनी दमदार ऐक्टिंग और आवाज के दम पर लोगों को एंटरटेन करने वाला हिंदी सिनेमा का हीरा यानी इरफान खान अब इस दुनिया में नहीं रहें। पिछले दो महीनों से उनकी तबियत खराब थी, जिसके बाद उन्हें कोलोन इंफेक्शन के कारण हाल ही मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लेकिन वहां वह अपनी जिंदगी की रेस हार गए।
    इरफान खान सिनेमा की दुनिया का वह हीरा थे, जिसकी चमक दिन-रात बढ़ती ही गई और हर निर्माता-निर्देशक उनके साथ काम करने को मचल उठा। सिर्फ फिल्मों ही नहीं बल्कि टीवी की दुनिया में भी इरफान ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था। शायद ही लोग जानते हों लेकिन सिनेमा का स्टार बनने से पहले इरफान टीवी की दुनिया के सुपरस्टार बने।

    मुस्लिम पठानी परिवार में जन्म, यह था असली नाम
    7 जनवरी 1967 को जयपुर के मुस्लिम पठानी परिवार में जन्मे इरफान बचपन से ही बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। उनका पूरा और असली नाम था साहबजादे इरफान अली खान, जिसे बाद में बदलकर इरफान खान कर लिया। इरफान खान कभी भी ऐक्टिंग में नहीं आना चाहते थे। उनकी ख्वाहिश तो क्रिकेटर बनने की थी, लेकिन नैशनल स्क्रूल ऑफ ड्रामा से स्कॉलरशिप मिली तो ऐक्टिंग का कीड़ा जाग गया।

    मुंबई आने पर एसी रिपेयर का काम किया
    ऐक्टिंग का चस्का लेकर इरफान खान मुंबई आ गए और यहां उन्होंने एसी रिपेयर करने का काम शुरू कर दिया। माना जाता है कि जिस शख्स के घर वह सबसे पहले एसी ठीक करने गए थे, वह सुपरस्टार राजेश खन्ना का घर था।

    टीवी की दुनिया में कदम रखते ही मचाया था तहलका
    खैर, इसके बाद इरफान खान की एंट्री ऐक्टिंग में हुई और पहला कदम टीवी की दुनिया में रखा। पहला टीवी शो ‘श्रीकांत’ था और इसके बाद उन्होंने ‘भारत एक खोज’, ‘कहकशां’ ‘सारा जहां हमारा’, ‘बनेगी अपनी बात’, ‘चाणक्य’, ‘अंगूरी’, ‘स्पर्श’ और ‘चंद्रकांता’ जैसे सीरियलों में काम किया और अपनी एक अलग पहचान बनाई।

    नीरजा गुलेरी के ‘चंद्रकांता’ में इरफान खान ने शिवदत्त के विश्वसनीय पात्र बद्रीनाथ का किरदार निभाया था। बद्रीनाथ के अलावा उन्होंने जुड़वां भाई सोमनाथ का किरदार भी प्ले किया। इस शो ने तो इरफान खान के करियर की दिशा ही बदल दी। उनके पास फिल्म और टीवी के बड़े ऑफरों की लाइन ही लग गई।
    इस बीच इरफान ने दूरदर्शन पर ‘लाल घास पर नीले घोड़े’ नाम का एक टेलिप्ले किया था, जिसमें उन्होंने लेनिन का किरदार निभाया। इसके अलावा इरफान ने टीवी सीरीज ‘डर’ में भी काम किा, जिसमें उन्होंने साइको किलर का रोल किया था। इस सीरीज में ऐक्टर के के मेनन भी थे। इरफान थिअटर और टीवी की दुनिया में कमाल किए जा रहे थे कि तभी मीरा नायर की नजर उन पर पड़ी और साल 1988 में इरफान को अपनी फिल्म ‘सलाम बॉम्बे’ में काम दिया। यहीं से इरफान के लिए बॉलिवुड के दरवाजे खुल गए।
    जब इरफान खान ने कर लिया था ऐक्टिंग छोड़ने का फैसला
    लेकिन इसी दौरान इरफान खान की जिंदगी में वह मोड़ भी आया था जब वह ऐक्टिंग छोड़ देना चाहते थे। यह तब की बात हैजब वह टीवी के साथ फिल्मों में भी काम कर रहे थे। टीवी शोज हिट हो रहे थे, लेकिन इरफान को मलाल था कि एक भी फिल्म चल नहीं रही है। लेकिन 2001 में आई आसिफ कपाड़िया की फिल्म ‘द वॉरियर’ ने उनका मन बदल दिया।
  • ऑस्कर की दौड़ में भारत की 'होमबाउंड' से बढ़ी उम्‍मीदें, इंटरनेशनल फीचर कैटेगरी के अगले राउंड में पहुंची फिल्म

    ऑस्कर की दौड़ में भारत की 'होमबाउंड' से बढ़ी उम्‍मीदें, इंटरनेशनल फीचर कैटेगरी के अगले राउंड में पहुंची फिल्म

    नई दिल्‍ली । ऑस्कर में भारत की उम्मीदें अभी जिंदा हैं। भारत की ओर से आधिकारिक एंट्री के तौर पर भेजी गई फिल्म ‘होमबाउंड’ ने अकादमी अवॉर्ड्स की अंतर्राष्ट्रीय फीचर फिल्म श्रेणी में अगले चरण के मतदान में जगह बना ली है। अकादमी की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, इस कैटेगरी में दुनिया भर से चुनी गई 15 फिल्मों को अगले दौर के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है। इस सूची में भारत की ‘होमबाउंड’ के साथ अर्जेंटीना, ब्राजील, फ्रांस, जर्मनी, इराक, जापान, जॉर्डन, नॉर्वे, फिलिस्तीन, दक्षिण कोरिया, स्पेन, स्विट्जरलैंड, ताइवान और ट्यूनीशिया की फिल्में भी शामिल हैं।

    इंटरनेशनल फीचर कैटेगरी में 15 फिल्मों की शॉर्टलिस्ट जारी
    भारत की ‘होमबाउंड’ के साथ इंटरनेशनल फीचर फिल्म श्रेणी में जिन अन्य फिल्मों ने अगले दौर में जगह बनाई है, उनमें अर्जेंटीना की ‘बेलेन’, ब्राजील की ‘द सीक्रेट एजेंट’, फ्रांस की ‘इट वाज जस्ट एन एक्सीडेंट’ और जर्मनी की ‘साउंड ऑफ फॉलिंग’ शामिल हैं।

    इसके अलावा इराक से ‘द प्रेसिडेंट्स केक’, जापान की ‘कोकुहो’, जॉर्डन की ‘ऑल दैट्स लेफ्ट ऑफ यू’, नॉर्वे की ‘सेंटीमेंटल वैल्यू’, फिलिस्तीन की ‘पैलेस्टाइन 36’, दक्षिण कोरिया की ‘नो अदर चॉइस’, स्पेन की ‘सिरात’, स्विट्जरलैंड की ‘लेट शिफ्ट’, ताइवान की ‘लेफ्ट-हैंडेड गर्ल’ और ट्यूनीशिया की ‘द वॉइस ऑफ हिंद रजब’ को भी शॉर्टलिस्ट किया गया है। अकादमी अवॉर्ड्स ने यह जानकारी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए साझा की है। अब ऑस्कर के लिए अंतिम नामांकन की घोषणा गुरुवार, 22 जनवरी को की जाएगी।

    ऑस्कर इतिहास में ‘होमबाउंड’ का नाम दर्ज
    ऑस्कर की शॉर्टलिस्ट में जगह बनाकर फिल्म ‘होमबाउंड’ ने भारतीय सिनेमा के लिए एक और अहम मुकाम हासिल कर लिया है। अकादमी अवॉर्ड्स के 98 साल के इतिहास में यह केवल पांचवीं भारतीय फिल्म है, जो सर्वश्रेष्ठ अंतर्राष्ट्रीय फीचर फिल्म श्रेणी की शॉर्टलिस्ट तक पहुंची है। ईशान खट्टर और विशाल जेठवा अभिनीत यह फिल्म ऑस्कर 2026 के लिए इंटरनेशनल फीचर कैटेगरी में अंतिम नामांकन की दौड़ में शामिल 15 फिल्मों में जगह बनाने में सफल रही है। इस उपलब्धि के साथ ‘होमबाउंड’ ने वैश्विक मंच पर भारतीय सिनेमा की मौजूदगी को और मजबूत किया है।

    नीरज घेवान के निर्देशन में बनी है होमबाउंड
    फिल्म ‘होमबाउंड’ का निर्देशन नीरज घेवान ने किया है, जबकि इसका निर्माण करण जौहर के धर्मा प्रोडक्शंस के बैनर तले हुआ है। यह कहानी बचपन के दो दोस्तों शोएब (ईशान खट्टर) और चंदन (विशाल जेठवा) के इर्द-गिर्द घूमती है, जिनका पुलिस सेवा में जाने का सपना उनके भविष्य की दिशा तय करता है। कहानी दोस्ती, जिम्मेदारी और आज के युवा भारत पर पड़ने वाले सामाजिक दबावों को दर्शाती है। इस फिल्म में जाह्नवी कपूर भी एक अहम किरदार में नजर आती हैं।

  • पाकिस्तान में धुरंधर के गानों की धूम, शादी में शरारत गाने पर नाचीं महिलाएं, वीडियो वायरल

    पाकिस्तान में धुरंधर के गानों की धूम, शादी में शरारत गाने पर नाचीं महिलाएं, वीडियो वायरल

    नई दिल्ली। रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर कई सालों तक याद की जाने वाली फिल्म बन गई है। इस फिल्म ने भारतीय बॉक्स ऑफिस को हिलाकर कर रख दिया है। वर्ल्डवाइड भी 1200 करोड़ पार कमाई पहुंच गई है। पाकिस्तानी पॉलिटिक्स पर बेस्ड फिल्म की कहानी और किरदार तारीफें बटोर रहे हैं। इस बीच फिल्म का गाना शरारत पाकिस्तान में भी पसंद किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें पाकिस्तान के के शादी के माहौल में दो महिलाएं शरारत गाने पर डांस करती देखी जा सकती हैं।
    पाकिस्तान में धुरंधर के गानों का जादू
    इस वीडियो में दो महिलाएं शरारा सूट पहने हुए ओरिजिनल डांस स्टेप फॉलो करते हुए शरारत गाने पर डांस कर रही हैं। शादी के इस फंक्शन में बैठे लोग गाने और इस डांस परफॉरमेंस को एन्जॉय कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर ये वीडियो तेजी से वायरल हो गया है। कई यूजर्स ने अपना रिएक्शन देते हुए कहा कि पाकिस्तान में भी धुरंधर पसंद की जा रही है।
    यूजर्स रिएक्शन
    एक यूजर ने लिखा कि पाकिस्तानी लड़कियां शरारत पर डांस कर रही हैं जबकि देश देश में धुरंधर बैन है। एक अन्य यूजर ने लिखा कि पाकिस्तान कितना भी मना करे लेकिन बॉलीवुड के गाने देखे और सुने जाते हैं। यूजर ने बताया कि ऐसे कई रील्स हैं जो पाकिस्तान में बने हैं। एक यूजर ने लिखा कि धुरंधर बहरीन, कुवैत, ओमान, क़तर, सऊदी अरबिया, पाकिस्तान और UAE में बैन है। इसके बाद भी फिल्म ने वर्ल्डवाइड शानदार कमाई की है।

    कमाई से हिला बॉक्स ऑफिस
    बता दें, धुरंधर ने बॉक्स ऑफिस हिलाकररख दिया है। भारत में फिल्म ने 800 करोड़ से ज्यादा की कमाई की है वर्ल्डवाइड कलेक्शन 1200 करोड़ पार पहुंच गया है। फिल्म ने कमाई के साथ क्रिटिक्स,फिल्ममेकर्स और आम ऑडियंस से जबदरस्त तारीफें बटोरी है। फिल्म के गाने वायरल हो चुके हैं और कहानी हिट है। अब ऑडियंस धुरंधर 2 का इंतजार कर रही है। ये फिल्म 19 मार्च को थिएटर में दस्तक देने के लिए तैयार है।

  • शक्ति कपूर का खुलासा: ऑनस्क्रीन सीन देखकर थिएटर से उठकर चले गए थे माता-पिता

    शक्ति कपूर का खुलासा: ऑनस्क्रीन सीन देखकर थिएटर से उठकर चले गए थे माता-पिता


    नई दिल्ली। बॉलीवुड के लीजेंडरी एक्टर शक्ति कपूर ने हाल ही में अपने करियर और परिवार के साथ जुड़ी एक दिलचस्प याद साझा की। शक्ति कपूर ने बताया कि उनके माता-पिता को उनके नेगेटिव किरदार और फिल्मों में महिलाओं के साथ निभाए गए सीन देखकर अक्सर शर्मिंदगी महसूस होती थी। एक बार तो ऐसा हुआ कि जब शक्ति कपूर के पहले ही सीन में उन्होंने एक लड़की का दुपट्टा खींचा, तो उनके माता-पिता थिएटर से उठकर बाहर चले गए।

    थिएटर में माता-पिता का रिएक्शन
    शक्ति कपूर ने अल्फा नियॉन स्टूडियोज के साथ बातचीत में बताया, मेरी दो बड़ी फिल्में रिलीज़ हो चुकी थीं और एक और फिल्म ‘इंसानियत के दुश्मन’ रिलीज़ हुई। मैंने अपने माता-पिता को फिल्म देखने के लिए बुलाया। लेकिन पहले ही सीन में मुझे एक लड़की का दुपट्टा खींचते देखा तो मेरे पापा ने तुरंत मेरी मां से कहा कि बाहर चले जाएं। उन्होंने कहा, ‘यह पहले बाहर ऐसा करता था और अब बड़े पर्दे पर भी कर रहा है। मैं यह फिल्म नहीं देखना चाहता।’”

    माता-पिता का सवाल: गुंडों के रोल क्यों?
    शक्ति कपूर ने आगे बताया कि उनके माता-पिता ने उनसे पूछा, “तुम गुंडों के रोल क्यों कर रहे हो? तुम्हें अच्छे इंसान के किरदार निभाने चाहिए। हेमा मालिनी और जीनत अमान जैसी एक्ट्रेस के साथ क्यों ऐसा काम कर रहे हो? लेकिन शक्ति कपूर ने अपनी राह चुनी। उन्होंने कहा, “मैंने उनसे कहा कि आपने मुझे जन्म दिया है और सिर्फ यही चेहरा दिया है। इस चेहरे को देखकर कोई मुझे अच्छे इंसान या हीरो का रोल नहीं देगा।

    मैं अपनी पहचान के अनुसार ही रोल चुनता हूँ।”

    बेटी श्रद्धा कपूर को भी होती थी शर्मिंदगी
    शक्ति कपूर की बेटी श्रद्धा कपूर, जो आज बॉलीवुड की सफल एक्ट्रेस हैं, भी बचपन में अपने पिता के निगेटिव रोल्स से शर्मिंदा हुआ करती थीं। श्रद्धा ने एक इंटरव्यू में कहा, “जब मैं छोटी थी, तो उनके विलेन रोल्स देखकर मैं नाराज हो जाती थी। मुझे यह पसंद नहीं आता था, लेकिन मेरी मां ने समझाया कि यह सिर्फ एक्टिंग है। अब मैं समझ गई हूँ कि पिता अपनी कला के प्रति कितने समर्पित हैं।”

    शक्ति कपूर के यादगार निगेटिव रोल
    1990 के दशक में शक्ति कपूर ने कई यादगार निगेटिव किरदार निभाए, जिन्होंने उन्हें बॉलीवुड में अलग पहचान दिलाई।

    भले ही उनके माता-पिता को शुरुआती दौर में ये रोल स्वीकार्य नहीं लगे, लेकिन शक्ति कपूर ने अपनी कला और अभिनय के दम पर नेगेटिव किरदारों में भी दर्शकों का दिल जीत लिया।

    शक्ति कपूर का यह खुलासा दर्शाता है कि बॉलीवुड में संघर्ष और परिवार की अपेक्षाओं के बीच संतुलन बनाए रखना कितना चुनौतीपूर्ण होता है। माता-पिता का विरोध, बेटी की नाराजगी और आलोचना के बावजूद शक्ति कपूर ने अपनी कला और पहचान बनाए रखी। यह कहानी दर्शकों को यह भी याद दिलाती है कि सच्ची प्रतिभा और आत्मविश्वास के सामने किसी भी आलोचना का असर कम होता है।

  • धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म ‘इक्कीस’ ने दूसरे दिन 10 करोड़ क्लब में बनाई जगह, ‘धुरंधर’ अभी भी आगे

    धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म ‘इक्कीस’ ने दूसरे दिन 10 करोड़ क्लब में बनाई जगह, ‘धुरंधर’ अभी भी आगे

    नई दिल्ली। नए साल के मौके पर बॉक्स ऑफिस पर रोमांचक मुकाबला देखने को मिला। धर्मेंद्र और अगस्त्य नंदा की फिल्म ‘इक्कीस’ ने देशभक्ति और भावनात्मक कहानी के दम पर दर्शकों का दिल जीतते हुए दूसरे दिन 10 करोड़ रुपये के क्लब में अपनी जगह बनाई। फिल्म ने सीमित स्क्रीन और कड़ी प्रतिस्पर्धा के बावजूद अच्छा कारोबार किया, लेकिन ‘धुरंधर’ अपनी लगातार सफल प्रदर्शन के कारण कुल कमाई में अभी भी आगे बना हुआ है। दर्शक फिल्म को सिर्फ कमाई के लिहाज से नहीं, बल्कि इसके भावनात्मक असर और कहानी के कारण भी पसंद कर रहे हैं।

    बॉक्स ऑफिस पर ‘इक्कीस’ की कमाई

    Sacnilk की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, धर्मेंद्र और अगस्त्य नंदा की फिल्म ने दूसरे दिन 3.50 करोड़ रुपये की कमाई की। पहले दिन 7 करोड़ की कमाई के बाद यह थोड़ा धीमा हुआ, लेकिन दो दिनों का कुल कलेक्शन अब 10.50 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। ट्रेड एक्सपर्ट्स का कहना है कि दूसरे दिन की कमाई में गिरावट सामान्य है, क्योंकि फिल्म को सीमित शो और कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ा। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि कई दर्शक विशेष रूप से धर्मेंद्र को देखने थिएटर आए, ताकि उनके आखिरी प्रदर्शनों की झलक देख सकें।

    धर्मेंद्र की मौजूदगी ने दिल जीता

    1 जनवरी 2026 को रिलीज हुई ‘इक्कीस’ धर्मेंद्र की आखिरी बड़े पर्दे की फिल्म है। उनके अभिनय ने फिल्म में भावनात्मक गहराई भर दी और यह सिनेमा प्रेमियों के लिए खास अनुभव बन गई। फिल्म के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी ‘धुरंधर’ से प्रतिस्पर्धा, जो पहले ही थिएट्रिकल रन में सफल रही थी। स्थिति और भी कठिन हो गई, जब ‘धुरंधर’ को ‘इक्कीस’ के रिलीज से सिर्फ एक दिन पहले संशोधित संस्करण में फिर से रिलीज किया गया। बावजूद इसके, धर्मेंद्र की मौजूदगी ने दर्शकों को थिएटर तक खींचा।

    ‘धुरंधर’ का दबदबा बरकरार

    जहां ‘इक्कीस’ ने भावनात्मक और सीमित कमाई के साथ बॉक्स ऑफिस पर कदम रखा, वहीं आदित्य धर निर्देशित ‘धुरंधर’ ने अपने असाधारण प्रदर्शन को जारी रखा। नए साल के दिन यानी अपने 28वें दिन, फिल्म ने लगभग 15.75 करोड़ रुपये की कमाई दर्ज की। ट्रेड एनालिस्ट्स के अनुसार, यह प्रदर्शन ऐतिहासिक है क्योंकि बहुत कम फिल्में अपने लंबे थिएट्रिकल रन के दौरान इतनी देर तक दोहरे अंकों में कमाई कर पाती हैं। फिल्म का री-रिलीज वर्जन बॉक्स ऑफिस पर इसकी पकड़ मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहा है।

    ‘इक्कीस’ की कहानी

    ‘इक्कीस’ फिल्म भारत के सबसे कम उम्र के परमवीर चक्र विजेता, सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल की सच्ची कहानी पर आधारित है। धर्मेंद्र फिल्म में अरुण के पिता, एम.एल. खेत्रपाल का किरदार निभा रहे हैं, जो भावनात्मक गहराई जोड़ता है। यह फिल्म अगस्त्य नंदा के लिए बड़े पर्दे पर डेब्यू भी है और इसे श्रीराम राघवन ने निर्देशित किया है।

    कहानी अरुण की मिलिट्री ट्रेनिंग के शुरुआती दिनों से लेकर युद्ध के मैदान तक के साहसिक सफर को दिखाती है। इसमें उनकी 21 साल की उम्र में दिखाई गई हिम्मत, देशभक्ति और अंतिम बलिदान को प्रमुखता दी गई है। फिल्म में जयदीप अहलावत, सिमर भाटिया और सिकंदर खेर भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं।