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  • Jana Nayagan को मिला UA सर्टिफिकेट, मद्रास हाई कोर्ट ने विजय की फिल्म पर सुनाया बड़ा फैसला

    Jana Nayagan को मिला UA सर्टिफिकेट, मद्रास हाई कोर्ट ने विजय की फिल्म पर सुनाया बड़ा फैसला

    नई दिल्ली। थलपति विजय की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘जना नायकन’ को लेकर चल रहा सेंसर सर्टिफिकेट विवाद आखिरकार खत्म हो गया है। मद्रास हाई कोर्ट ने फिल्म निर्माताओं के पक्ष में बड़ा फैसला सुनाते हुए सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) को तुरंत फिल्म को UA सर्टिफिकेट जारी करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही फिल्म की रिलीज का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
    फिल्म के निर्माताओं ने CBFC द्वारा सर्टिफिकेशन में हो रही देरी को लेकर हाई कोर्ट का रुख किया था। याचिका में कहा गया था कि बिना किसी ठोस वजह के सर्टिफिकेट रोका जा रहा है, जिससे प्रोड्यूसर्स को भारी वित्तीय नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। अदालत ने इस दलील को स्वीकार करते हुए 6 जनवरी को CBFC द्वारा जारी उस पत्र को भी रद्द कर दिया, जिसमें फिल्म को रिव्यू कमेटी के पास भेजने की बात कही गई थी।
    CBFC चेयरपर्सन पर भी कोर्ट की टिप्पणी
    मद्रास हाई कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि CBFC चेयरपर्सन के पास फिल्म को दोबारा रिव्यू कमेटी के पास भेजने का अधिकार नहीं था। कोर्ट के मुताबिक, फिल्म के खिलाफ की गई शिकायतें बाद में सोची-समझी प्रतीत होती हैं और यदि ऐसी शिकायतों को महत्व दिया गया, तो यह एक खतरनाक परंपरा को जन्म दे सकता है।
    UA सर्टिफिकेट के साथ रिलीज का रास्ता साफ
    कोर्ट के आदेश के बाद ‘जना नायकन’ को बिना किसी और देरी के UA सर्टिफिकेट देने का फैसला लिया गया। UA सर्टिफिकेट का मतलब है कि यह फिल्म बच्चों सहित सभी दर्शकों के लिए उपयुक्त है, हालांकि छोटे बच्चों को अभिभावकों की निगरानी में फिल्म देखने की सलाह दी जाती है।

    सुनवाई में शामिल रहे दिग्गज वकील
    इस मामले में फिल्म प्रोडक्शन हाउस की ओर से सीनियर एडवोकेट सतीश पारासरन और CBFC की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एआरएल सुंदरसन ने अपनी-अपनी दलीलें रखीं। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने निर्माताओं के हक में फैसला सुनाया।

    गौरतलब है कि थलपति विजय की यह फिल्म 9 जनवरी को रिलीज होने वाली थी, लेकिन सेंसर सर्टिफिकेट न मिलने के कारण रिलीज टल गई थी। अब हाई कोर्ट के फैसले के बाद ‘जना नायकन’ के आसपास बना सारा विवाद खत्म हो चुका है और दर्शक जल्द ही इस फिल्म को बड़े पर्दे पर देख सकेंगे।

  • OTT पर रिलीज हुई 'दे दे प्यार दे 2' जानिए कहां देख सकते हैं आप

    OTT पर रिलीज हुई 'दे दे प्यार दे 2' जानिए कहां देख सकते हैं आप


    नई दिल्ली । अजय देवगन की फिल्म ‘दे दे प्यार दे 2’ अब नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीमिंग के लिए उपलब्ध है। 14 नवंबर 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई इस रोमांटिक कॉमेडी फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर ठीक-ठाक परफॉर्मेंस दी थी। फिल्म में एज गैप रोमांस और फैमिली ड्रामा के दिलचस्प मिश्रण को दिखाया गया है। अब यह फिल्म OTT प्लेटफॉर्म पर दर्शकों के लिए उपलब्ध हो चुकी है,जिससे आप इसे अपने घर बैठे आराम से देख सकते हैं।

    फिल्म के थिएट्रिकल वर्जन में शुरुआती क्रेडिट्स में यह साफ तौर पर बताया गया था कि नेटफ्लिक्स इसके स्ट्रीमिंग पार्टनर के रूप में जुड़ा है। इसी के साथ, नेटफ्लिक्स ने इस फिल्म के पोस्टर को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किया और कैप्शन में लिखा मुझे परिवार से मिलना है क्योंकि अब है लड़कीवालों की बारी! 9 जनवरी को नेटफ्लिक्स पर ‘दे दे प्यार दे 2’ देखें।

    फिल्म की कहानी

    दे दे प्यार दे 2 में अजय देवगन ने आशीष का किरदार निभाया है, जो अब अपनी गर्लफ्रेंड आयशा रकुल प्रीत सिंह के माता-पिता, राज्जी आर माधवन और अंजू गौतमी कपूर से शादी के लिए मंजूरी चाहता है। उम्र के भारी अंतर को लेकर राज्जी और अंजू हैरान होते हैं और उन्हें अलग करने की साजिश रचते हैं। वे अपने फैमिली फ्रेंड के बेटे आदित्य मीज़ान जाफरी को आयशा को बहकाने के लिए भेजते हैं और जब दोनों के बीच प्यार पनपता है तो आशीष और आयशा के रिश्ते में दरार आ जाती है। फिल्म की सबसे बड़ी पहेली यह है कि आयशा किससे शादी करेगी आशीष से या आदित्य से?

    फिल्म में अन्य कलाकार

    जावेद जाफरी,इशिता दत्ता,तरुण गहलोत यदि आप इस फिल्म को देखना चाहते हैं तो आप इसे अब नेटफ्लिक्स पर देख सकते हैं। फिल्म का हल्का-फुल्का रोमांस और परिवार के मुद्दे दर्शकों को आनंदित करेंगे खासकर अगर आप रोमांटिक कॉमेडी के शौक़ीन हैं।

  • ‘इक्कीस’ की रफ्तार धीमी, पर उत्साह बरकरार; भावनाओं के बोझ तले जारी है कमाई की जंग

    ‘इक्कीस’ की रफ्तार धीमी, पर उत्साह बरकरार; भावनाओं के बोझ तले जारी है कमाई की जंग

    नई दिल्‍ली । नए साल की सुबह जब सिनेमाघरों के बाहर पोस्टर लगे, तब उनमें एक नाम सबसे अलग महसूस हुआ, वह है ‘इक्कीस’। वजह सिर्फ इसकी कहानी नहीं थी, यह भी रहा है कि यह दिग्गज अभिनेता ‘धर्मेंद्र’ की आखिरी फिल्म है। वैसे अक्‍सर देखा गया है कि बॉक्स ऑफिस पर भावनाएं हमेशा टिकट खिड़की तक पहुंचे ये जरूरी नहीं होता है। अब आठ दिन बीत चुके हैं और ‘इक्कीस’ के साथ ही हम यही घटता हुआ आज देख रहे हैं। फिल्‍म धीमी गति से ही सही आगे बढ़ते हुए अब भी अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रही है।

    फिल्म ‘धुरंधर’ के बीच रिलीज हुई ‘इक्कीस’ को वो स्पेस नहीं मिला, जिसकी उम्मीद मेकर्स कर रहे थे। Sacnilk की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म ने गुरुवार को सिर्फ 1.35 करोड़ रुपये की कमाई की। इसके साथ ही आठ दिनों में इसका कुल कलेक्शन 25.6 करोड़ रुपये पर आकर ठहर गया है। पिछले कुछ दिनों से फिल्म की डेली कमाई 1 से 1.5 करोड़ के बीच सिमटी हुई है, ये तस्वीर इसके संघर्ष की कहानी पेश करती है।

    ओपनिंग मजबूत हुई थी, फिर फिसली रफ्तार
    आपको बता दें कि एक जनवरी को रिलीज हुई ‘इक्कीस’ ने पहले दिन सात करोड़ की ओपनिंग ली। नए साल की छुट्टी, देशभक्ति विषय और धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म, दरअसल इन तीनों फैक्टर्स ने शुरुआती भीड़ खींची। वीकेंड पर भी आंकड़े ठीक-ठाक रहे। शुक्रवार 3.5 करोड़, शनिवार 4.65 करोड़ और रविवार 5 करोड़, पर असली परीक्षा सोमवार से शुरू हुई, जहां फिल्म की कमाई अचानक गिरकर 1-1.5 करोड़ के दायरे में आ गई।

    ट्रेड पंडित धरा पाण्‍डेय, माही और आशुतोष मानते हैं कि 50–60 करोड़ के बजट वाली इस फिल्म को सुरक्षित मुनाफे के लिए कम से कम 100 करोड़ के आसपास पहुंचना चाहिए, लेकिन अभी की स्‍थ‍िति यानी कि मौजूदा ट्रेंड को देखते हुए मुश्किल नजर आ रहा है।

    शहादत की कहानी, जो दिल छूती है
    बात यदि कहानी की करें तो ‘इक्कीस’ 1971 के भारत-पाक युद्ध में शहीद हुए सेकेंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल की वीर गाथा है। महज 21 साल की उम्र में टैंक बैटल में अद्भुत साहस दिखाने वाले अरुण खेत्रपाल को मरणोपरांत परम वीर चक्र से सम्मानित किया गया था। निर्देशक श्रीराम राघवन ने इस कहानी को बड़े-बड़े डायलॉग्स की बजाय भावनाओं और सादगी के साथ पर्दे पर उतारने की कोशिश की है। यही सादगी फिल्म की ताकत भी है और कमजोरी भी। जहां एक वर्ग इसे ईमानदार और भावुक मानता है, वहीं दूसरा वर्ग इसे स्लो और कमर्शियल मसाले से दूर बताता है।

    युवा चेहरों के साथ अनुभवी कंधे
    फिल्म से अगस्त्य नंदा ने अपना थिएटर डेब्यू किया है। अमिताभ बच्चन के नाती होने के बावजूद अगस्त्य ने खुद को किरदार में ढालने की कोशिश की है और कई समीक्षकों ने उनके संयमित अभिनय की तारीफ की है। सिमर भाटिया, जो अक्षय कुमार की भांजी हैं, भी पहली बार बड़े पर्दे पर नजर आई हैं। लेकिन फिल्म का भावनात्मक केंद्र हैं धर्मेंद्र। दादा के किरदार में उनका शांत, ठहरा हुआ अभिनय दर्शकों को भीतर तक छूता है। नवंबर 2025 में उनके निधन के बाद जब यह फिल्म रिलीज हुई, तब हर सीन एक विदाई संदेश जैसा महसूस होता है। सोशल मीडिया पर #DharmendraLastFilm ट्रेंड करने लगा था।

    रिव्यू अच्छे, भीड़ कम
    क्रिटिक्स ने फिल्म को औसतन 3 से 3.5 स्टार दिए हैं। युद्ध के दृश्य, बैकग्राउंड स्कोर और इमोशनल टच की तारीफ हुई है, हां, कुछ पेसिंग को लेकर सवाल भी उठे हैं। मल्टीप्लेक्स में ऑक्यूपेंसी 20–30% के आसपास है। फैमिली और सीनियर सिटीजन ऑडियंस फिल्म को सपोर्ट कर रही है, लेकिन युवा दर्शक बड़े कमर्शियल विकल्पों की ओर ज्यादा आकर्षित दिख रहे हैं। फिलहाल बॉक्स ऑफिस पर ‘इक्कीस’ शायद कोई बड़ा कमाल न कर पाए, पर यह भी सच है कि सिनेमा के भावनात्मक पन्नों में इसकी जगह पक्की है। OTT राइट्स पहले ही बिक चुके हैं और माना जा रहा है कि डिजिटल रिलीज पर फिल्म को ज्यादा व्यापक दर्शक मिलेंगे।

  • ‘द राजा साहब’ का बॉक्स ऑफिस डेब्यू: प्रभास ने मचाया धमाल या मिली शिकायतें? सोशल मीडिया में हुई बहस

    ‘द राजा साहब’ का बॉक्स ऑफिस डेब्यू: प्रभास ने मचाया धमाल या मिली शिकायतें? सोशल मीडिया में हुई बहस

    नई दिल्‍ली  । तेलुगु सिनेमा के सुपरस्टार प्रभास की बहुप्रतीक्षित हॉरर-कॉमेडी ‘द राजा साहब’ आखिरकार रिलीज हो चुकी है। सुबह के शो से पहले ही थिएटरों के बाहर भीड़ थी। पोस्टर के सामने सेल्फी, हाथों में पॉपकॉर्न और आंखों में जबरदस्‍त उत्‍साह लिए दर्शक सिनेमाघरों दिखाई दिए। जैसे ही पर्दा उठा, डर और ठहाकों के वादे के साथ फिल्म ने देशभर में हाउसफुल शोज की शुरुआत की। पहले दिन की जबरदस्त ओपनिंग ने बॉक्स ऑफिस पर गर्मी बढ़ा दी, लेकिन सोशल मीडिया खासतौर पर X (पूर्व ट्विटर) पर बहस भी उतनी ही तेज देखी जा रही है।

    रिलीज से पहले हाइप अपने चरम पर था। थलपति विजय की ‘जना नयांगन’ के स्थगित होने से ‘द राजा साहब’ को 9,000 से अधिक शोज़ के साथ सिंगल रिलीज़ का फायदा मिला। Sacnilk के मुताबिक एडवांस बुकिंग से भारत में ही 5.66 करोड़ रुपये जुटे। ‘सालार’ और ‘कल्कि 2898 AD’ के बाद प्रभास को एक अलग अवतार में देखने की उत्सुकता फैंस में साफ झलक रही थी। निर्देशक मारुति ने इस बार उन्हें एक भूतिया हवेली में फंसे राजा के रूप में पेश किया, जहां डर के बीच हंसी की गुंजाइश भी है।

    पहले शो के बाद ट्विटर पर आग
    जैसे ही पहला शो खत्म हुआ, #TheRajaSaab और #Prabhas ट्रेंड करने लगे। प्रतिक्रियाएं तीखी थीं। एक यूज़र ने लिखा, “पहला हाफ ढीला है, कहानी खिंची हुई लगती है। लॉजिक की कमी खलती है, अब दूसरा हाफ ही फैसला करेगा।” वहीं VFX पर सवाल उठाते हुए किसी ने कहा, “सेट भव्य हैं, पर डरावने सीन असर नहीं छोड़ते। बैकग्राउंड म्यूजिक जरूरत से ज्‍यादा तेज है।”

    आलोचनाओं के बीच प्रशंसा की आवाजें भी कम नहीं थीं। एक फैन अकाउंट ने जोश में लिखा, “आखिरी 40 मिनट फायर हैं! अस्पताल वाला सीन और क्लाइमेक्स, पूरा पैसा वसूल।” किसी ने प्रभास की एनर्जी और स्क्रीन प्रेजेंस को फिल्म की जान बताया। यही वजह है कि शुरुआती बहस का फोकस एक सवाल पर टिक गया! क्या कमजोर पहला हाफ मजबूत क्लाइमेक्स की भरपाई कर पाएगा?

    कहानी, कास्ट और कॉकटेल
    ‘द राजा साहब’ की कहानी एक पुरानी हवेली के इर्द-गिर्द घूमती है, जहां राजा (प्रभास) का सामना अजीब तरह की भूतिया घटनाओं से होता है। हॉरर के बीच कॉमेडी ट्रैक्स दर्शकों को हंसाने का दावा करते हैं। मालविका मोहनन का तेलुगु डेब्यू चर्चा में है। प्रभास के साथ उनकी केमिस्ट्री को सराहा गया है। संजय दत्त का खलनायक अवतार और बोमन ईरानी, निधि अग्रवाल, रिद्धि कुमार व जरीना वहाब की मौजूदगी कहानी को सहारा देती है। राकुल प्रीत सिंह का आइटम सॉन्ग पहले से ही चार्ट में जगह बना चुका है।

    प्रोडक्शन वैल्यूज पर उंगली उठाना मुश्किल है। Ramoji Film City में शूट हुए ग्रैंड सेट्स, बड़े एक्शन सीक्वेंस और स्केल इस सब को लेकर कह सकते हैं कि सब कुछ फिल्म को ‘इवेंट’ बनाता है। मारुति ने पहले ही कहा था कि यह प्रभास के लिए एक लाइट-हार्टेड ब्रेक है ‘बाहुबली’ सरीखे भारी एक्शन के बाद।

    बॉक्स ऑफिस की नब्‍ज
    पहले दिन भारत में 25–30 करोड़ रुपये की कमाई का अनुमान है, जिसमें तेलुगु बेल्ट का योगदान सबसे बड़ा है। हिंदी वर्ज़न ने भी पांच करोड़ से अधिक जुटाकर सरप्राइज दिया। ओवरसीज़ में अमेरिका-यूके से 10 करोड़ के आसपास की ओपनिंग के साथ वर्ल्डवाइड कलेक्शन 40 करोड़ के पार बताया जा रहा है। सवाल यही है कि मिली-जुली प्रतिक्रियाओं के बीच वर्ड ऑफ माउथ किस तरफ झुकेगा?

    इस वक्‍त देखने में आ रहा है कि देश भर में अधिकांश महानगरों में मल्टीप्लेक्स में हाउसफुल बोर्ड लग जा रहे हैं। स्थानीय थिएटर मालिकों का कहना है कि युवाओं में प्रभास का क्रेज़ जबरदस्त है और वीकेंड पर भीड़ और बढ़ेगी। राज्य की फिल्म प्रमोशन पॉलिसी के चलते साउथ फिल्मों की पहुंच भी मजबूत हो रही है। प्रभास को लेकर फिलहाल यही है कि ‘द राजा साहब’ उनका पहला हॉरर-कॉमेडी प्रयोग है, फ्रेश भी, रिस्की भी। OTT राइट्स पहले ही बिक चुके हैं, लेकिन असली इम्तिहान सिनेमाघरों में है। क्या यह फिल्म 500 करोड़ क्लब की ओर बढ़ेगी या बहसों में उलझकर रफ्तार खो देगी? पहले दिन की ओपनिंग ने उम्मीद जगा दी है, अब फैसला दर्शक करेंगे।

  • सारा अर्जुन बनीं IMDB की सबसे लोकप्रिय भारतीय हस्तीप्रभास और विजय को छोड़ा पीछे

    सारा अर्जुन बनीं IMDB की सबसे लोकप्रिय भारतीय हस्तीप्रभास और विजय को छोड़ा पीछे


    नई दिल्ली । सारा अर्जुन के लिए यह एक शानदार हफ्ता साबित हुआ है! भारतीय अभिनेत्री सारा अर्जुन ने IMDB की साप्ताहिक लोकप्रिय भारतीय हस्तियों की सूची में पहले स्थान पर अपनी जगह बना ली है। पिछली बार वह दूसरे स्थान पर थींलेकिन इस बारधुरंधर फिल्म के सफल प्रदर्शन ने उन्हें टॉप पर पहुंचा दिया है। इस सूची में सारा ने प्रभासथलापति विजय जैसे बड़े सितारों को पीछे छोड़ दिया हैजो इस सफलता की खास बात है।

    धुरंधर फिल्म को रिलीज हुए एक महीने से ज्यादा का समय हो चुका हैलेकिन इसका प्रभाव अब भी जारी है। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही हैऔर इसके मुख्य कलाकारों को इसका फायदा मिला है। खासकर सारा अर्जुन को। फिल्म में सारा ने यालिना जमाली का किरदार निभाया थाजो दर्शकों को बहुत पसंद आया।

    IMDB ने अपने इंस्टाग्राम पर पोस्ट करते हुए इस सफलता का जिक्र किया। उन्होंने लिखा“इस सप्ताह की लोकप्रिय भारतीय हस्तियों की सूची में अपने पसंदीदा सितारों को पहचानें। यह सूची‘पॉपुलर इंडियन सेलेब्रिटीज’ द्वारा प्रस्तुत की गई हैजो IMDB का एक साप्ताहिक फीचर है और इसमें विश्व स्तर पर ट्रेंड कर रहे भारतीय सितारों को दिखाया जाता है। अभिनेतानिर्देशकसिनेमैटोग्राफरलेखक और अन्य को शामिल किया जाता है। हमेशा की तरहयह सूची दुनिया भर के 2 करोड़ से अधिक फैंस द्वारा तय की जाती है।

    सारा अर्जुन का यह प्रदर्शन उनकी कड़ी मेहनत और फिल्म इंडस्ट्री में बढ़ते हुए प्रभाव को दर्शाता है। वह अब एक प्रमुख सितारे के रूप में स्थापित हो गई हैंऔर आने वाले समय में वह कई और शानदार परियोजनाओं का हिस्सा बन सकती हैं। उनकी यह सफलता निश्चित रूप से उनके करियर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद करेगी।

  • अक्षय कुमार की भूत बांग्ला 15 मई 2026 को होगी रिलीजप्रियदर्शन के साथ 14 साल बाद वापसी

    अक्षय कुमार की भूत बांग्ला 15 मई 2026 को होगी रिलीजप्रियदर्शन के साथ 14 साल बाद वापसी


    नई दिल्ली । अक्षय कुमार की आगामी फिल्मभूत बंगला की रिलीज डेट का खुलासा कर दिया गया है। प्रियदर्शन के निर्देशन में बन रही इस हॉरर-कॉमेडी फिल्म में अक्षय कुमार14 साल बाद प्रियदर्शन के साथ काम कर रहे हैं। फिल्म की रिलीज डेट 15 मई 2026 तय की गई है। बालाजी मोशन पिक्चर्स ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट के माध्यम से यह जानकारी दीजिसमें उन्होंने फिल्म के पोस्टर के साथ कैप्शन लिखा“बंगले से एक खबर आई है! 15 मई 2026 को खुलेगा दरवाजासिनेमाघरों में मिलते हैं।” यह फिल्म दर्शकों के बीच पहले ही काफी चर्चा में आ चुकी है और इसकी रिलीज को लेकर फैंस का उत्साह काफी बढ़ चुका है।

    फिल्म की स्टारकास्ट

    भूत बंगला में अक्षय कुमार के अलावा कई अन्य दिग्गज कलाकार भी नजर आएंगे। फिल्म में तब्बूपरेश रावलराजपाल यादवजिशु सेनगुप्ताअसरानी और वामिका गब्बी जैसे स्टार्स प्रमुख भूमिका में हैं। इस फिल्म के कुछ हिस्सों की शूटिंग राजस्थानजयपुर और हैदराबाद में भी की गई हैजो फिल्म की स्पेशल फील को और बढ़ाएंगे।

    प्रियदर्शन के निर्देशन में

    प्रियदर्शनजो कि अक्षय कुमार के साथ पहलेहेरा फेरी औरहंगामा जैसी शानदार कॉमेडी फिल्में बना चुके हैंइस बार हॉरर और कॉमेडी का शानदार मिश्रण लेकर आ रहे हैं।भूत बंगला उनके लिए एक अहम फिल्म साबित हो सकती हैक्योंकि यह जोड़ी एक लंबे समय के बाद बड़े पर्दे पर नजर आएगी। फिल्म का निर्माण शोभा कपूरएकता आर कपूर और अक्षय कुमार के प्रोडक्शन हाउसकेप ऑफ़ गुड फ़िल्म्स के द्वारा किया जा रहा हैजबकि फारा शेख और वेदांत बाली इस फिल्म को को-प्रोड्यूस कर रहे हैं।

    क्या उम्मीदें हैं फिल्म से

    इस फिल्म से दर्शकों को कुछ अलग और मजेदार देखने को मिल सकता हैक्योंकि प्रियदर्शन की फिल्में हमेशा कुछ नया और दिलचस्प लेकर आती हैं। अक्षय कुमार की टाइमिंगतब्बू का अभिनय और बाकी कलाकारों का कॉमेडी टच इस फिल्म को एक बड़ा हिट बना सकते हैं। वहींहॉरर एलिमेंट भी फिल्म को आकर्षक बना सकता है। अबयह देखना होगा कि 15 मई 2026 को सिनेमाघरों मेंभूत बंगला कितना धमाल मचाती है और प्रियदर्शन-अक्षय की जोड़ी दर्शकों को कितना हंसा और डराती है!

  • 24 साल की श्रीलीला बनी तीन बच्चों की मां, गोद लिए बच्चों की सुरक्षा और भविष्य को बनाए रखा सर्वोच्च प्राथमिकता

    24 साल की श्रीलीला बनी तीन बच्चों की मां, गोद लिए बच्चों की सुरक्षा और भविष्य को बनाए रखा सर्वोच्च प्राथमिकता


    नई दिल्ली ।  दक्षिण भारतीय फिल्म इंडस्ट्री की उभरती अभिनेत्री श्रीलीला ने मात्र 24 साल की उम्र में मातृत्व का अनुभव कर अपने फैंस और इंडस्ट्री को हैरान कर दिया है। हालांकि, उनके तीनों गोद लिए बच्चे उनके साथ नहीं रह रहे हैं। अभिनेत्री ने साफ किया है कि उनका मुख्य उद्देश्य बच्चों की सुरक्षा और संरक्षित माहौल में पालन-पोषण सुनिश्चित करना है।

    श्रीलीला ने 21 साल की उम्र में दो दिव्यांग बच्चों, गुरु और शोभिता को गोद लिया था। इसके बाद वर्ष 2025 में उन्होंने एक और बच्ची को अपनाया। तीनों बच्चों को फिलहाल आश्रम में रखा गया है ताकि उनकी देखभाल स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्थित ढंग से हो सके। अभिनेत्री नियमित रूप से बच्चों से फोन पर बात करती हैं और समय-समय पर उनसे मिलने भी जाती हैं। उनका कहना है कि बच्चों के सुरक्षित विकास को प्राथमिकता देना उनकी जिम्मेदारी का सबसे अहम हिस्सा है।हाल ही में दिए गए इंटरव्यू में श्रीलीला ने बताया कि व्यस्त पेशेवर जीवन और पालन-पोषण की जिम्मेदारियों के चलते उन्हें बच्चों को अपने साथ रखना फिलहाल संभव नहीं है। उन्होंने कहा मेरी कोशिश हमेशा यही रहती है कि बच्चों को सुरक्षित और संरक्षित माहौल मिले। उनकी पढ़ाई स्वास्थ्य और खुशहाली मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका यह कदम बच्चों के भले के लिए है और वह हमेशा उनके जीवन में सक्रिय रूप से जुड़े रहेंगे।

    श्रीलीला की यह कहानी बॉलीवुड और साउथ फिल्म इंडस्ट्री में उन अभिनेत्रियों की कतार में शामिल है जिन्होंने शादी से पहले मातृत्व अपनाया। रवीना टंडन ने 21 साल की उम्र में और सुष्मिता सेन ने 24 साल की उम्र में बच्चे गोद लिए थे। इसी तरह श्रीलीला ने भी समाज और इंडस्ट्री में बिन ब्याही मां के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई है।सोशल मीडिया और इंडस्ट्री में उनके इस निर्णय को लेकर मिलीजुली प्रतिक्रियाएं आई हैं। कई लोग उनके कदम की सराहना कर रहे हैं और इसे जिम्मेदार मातृत्व का उदाहरण मान रहे हैं। वहीं  कुछ लोग युवा उम्र में मातृत्व के फैसले पर सवाल उठा रहे हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए श्रीलीला ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और उनका बेहतर भविष्य उनके फैसले की मुख्य वजह है।

    भविष्य में श्रीलीला ने यह भी कहा कि वह बच्चों के साथ अधिक समय बिताने, उनकी शिक्षा और विकास पर विशेष ध्यान देने की कोशिश करेंगी। फिलहाल आश्रम में रहना उनके लिए सबसे उपयुक्त विकल्प है ताकि बच्चे सुरक्षित और संरक्षित वातावरण में बड़े हों। अभिनेत्री लगातार बच्चों के पालन-पोषण में सक्रिय हैं और उनके जीवन में जिम्मेदारी और प्रेम दोनों बनाए रख रही हैं।श्रीलीला की कहानी न केवल युवा माताओं के लिए प्रेरणा है बल्कि यह दिखाती है कि मातृत्व में जिम्मेदारी, सुरक्षा और शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। छोटे से छोटे बच्चे हों या तीनों गोद लिए गए हों, उनका पालन-पोषण और खुशहाली ही किसी भी मातृत्व निर्णय की सच्ची कसौटी होती है।

  • बेटे ‘काजू’ के जन्म के 3 हफ्ते बाद काम पर लौटीं भारती सिंह, पपाराजी को बांटी मिठाई बोलीं-किशमिश सोची थी, काजू आ गया

    बेटे ‘काजू’ के जन्म के 3 हफ्ते बाद काम पर लौटीं भारती सिंह, पपाराजी को बांटी मिठाई बोलीं-किशमिश सोची थी, काजू आ गया


    नई दिल्ली। मशहूर कॉमेडियन और टीवी स्टार भारती सिंह ने एक बार फिर अपने जज्बे और प्रोफेशनलिज्म से सभी को प्रभावित किया है। 19 दिसंबर को अपने दूसरे बेटे ‘काजू’ को जन्म देने के महज तीन हफ्ते बाद ही भारती दोबारा काम पर लौट आई हैं। बुधवार को वह अपने लोकप्रिय टीवी शो लाफ्टर शेफ्स: सीजन 3 के सेट पर नजर आईं, जहां उन्होंने पूरे उत्साह और मुस्कान के साथ शूटिंग शुरू की।

    सेट पर पहुंचते ही भारती सिंह ने मीडिया कर्मियों को मिठाई बांटी और खुशी-खुशी कैमरों के सामने पोज दिए। इस दौरान जब पपाराजी ने उन्हें दूसरे बच्चे के लिए बधाई दी, तो भारती ने अपने चिर-परिचित हास्य अंदाज में कहा, सोचा था किशमिश आएगी, लेकिन काजू आ गया।

    भारती का यह मजेदार बयान सुनकर वहां मौजूद सभी लोग हंस पड़े।

    इसी बीच एक फोटोग्राफर ने मजाक में कहा कि तीसरा बच्चा जरूर बेटी होगा। इस पर भारती ने तुरंत जवाब दिया, “अब बस यही करती रहूं क्या? शूटिंग भी तो करनी होती है।” उनकी इस बेबाक प्रतिक्रिया ने माहौल को और हल्का बना दिया।

    हालांकि, इतनी जल्दी काम पर लौटने को लेकर सोशल मीडिया पर फैंस की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ लोगों ने भारती की हिम्मत और मेहनत की सराहना की, जबकि कुछ ने उन्हें आराम करने की सलाह दी। एक यूजर ने लिखा, इतनी जल्दी काम पर आ गईं, थोड़ा आराम भी जरूरी है।” वहीं दूसरे ने कहा, “स्ट्रॉन्ग वुमन, सलाम है भारती दी। कई दर्शकों ने यह भी कहा कि भारती के बिना शो अधूरा लगता है।

    भारती सिंह और उनके पति, लेखक-प्रोड्यूसर हर्ष लिम्बाचिया ने वर्ष 2017 में शादी की थी। अप्रैल 2022 में दोनों ने अपने पहले बेटे लक्ष्य लिम्बाचिया का स्वागत किया था। इसके बाद 19 दिसंबर 2025 को उनके घर दूसरे बेटे का जन्म हुआ, जिसे कपल प्यार से ‘काजू’ कहकर बुलाता है। गर्भावस्था के दौरान भारती और हर्ष कई बार यह इच्छा जता चुके थे कि वे बेटी चाहते हैं। एक पॉडकास्ट के दौरान भारती ने मजाकिया अंदाज में यह भी कहा था कि अगर दूसरी संतान बेटी नहीं हुई, तो वे भविष्य में फिर कोशिश कर सकते हैं।
    वर्क फ्रंट की बात करें तो भारती सिंह एक बार फिर लाफ्टर शेफ्स: सीजन 3 की मेजबानी करती नजर आ रही हैं। इस शो में उनके साथ मशहूर शेफ हरपाल सिंह सोखी भी हैं। शो में अली गोनी, करण कुंद्रा, ईशा सिंह, ईशा मालवीय, तेजस्वी प्रकाश, एल्विश यादव, कृष्णा अभिषेक और कश्मीरा शाह जैसे सितारे हिस्सा ले रहे हैं। यह कुकिंग रियलिटी शो कलर्स टीवी पर प्रसारित हो रहा है और जियोहॉटस्टार पर भी उपलब्ध है।कॉमेडियन भारती सिंह अपने दूसरे बेटे ‘काजू’ के जन्म के महज तीन हफ्ते बाद काम पर लौट आईं और लाफ्टर शेफ्स: सीजन 3 के सेट पर पपाराजी को मिठाई बांटी।

  • एक्ट्रेस डैजी शाह के घर के पास लगी आग, चुनावी प्रचार के दौरान पटाखों से हादसे का आरोप

    एक्ट्रेस डैजी शाह के घर के पास लगी आग, चुनावी प्रचार के दौरान पटाखों से हादसे का आरोप


    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेत्री डैजी शाह के घर के पास मंगलवार को आग लगने की एक गंभीर घटना सामने आई है, जिसने चुनावी प्रचार के दौरान सुरक्षा और जिम्मेदारी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह हादसा मुंबई के बांद्रा ईस्ट इलाके में उस समय हुआ, जब क्षेत्र में चुनावी प्रचार गतिविधियां चल रही थीं। डैजी शाह ने इस आगजनी के लिए एक राजनीतिक पार्टी के प्रचार कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराते हुए इसे घोर लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार बताया है।

    डैजी शाह के अनुसार, उनके घर से सटी एक इमारत के बाहर चुनाव प्रचार के दौरान पटाखे फोड़े गए, जिनसे आग भड़क उठी। घटना के तुरंत बाद एक्ट्रेस ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें जलती हुई बिल्डिंग और आसपास अफरा-तफरी का माहौल साफ देखा जा सकता है। वीडियो में डैजी शाह गुस्से और चिंता के साथ यह कहते हुए नजर आती हैं कि ऐसी हरकतें बेहद खतरनाक हैं और इससे किसी की जान भी जा सकती थी।वीडियो में डैजी शाह कहती हैं कि प्रचार के दौरान सड़क पर और रिहायशी इमारत के बेहद करीब पटाखे जलाए गए, जबकि यह इलाका पूरी तरह से रेसिडेंशियल है। उन्होंने सवाल उठाया कि बिना किसी अनुमति और सुरक्षा व्यवस्था के इस तरह के पटाखे फोड़ने की इजाजत आखिर किसने दी। अभिनेत्री ने बताया कि आग जिस बिल्डिंग में लगी, वह उनके घर के बिल्कुल पास है और कुछ देर के लिए स्थिति काफी भयावह हो गई थी।

    डैजी शाह ने यह भी आरोप लगाया कि आग लगते ही प्रचार में शामिल लोग मौके से भाग गए। उनके मुताबिक, करीब 200 लोगों का एक समूह वहां मौजूद था, लेकिन जैसे ही आग भड़की, सभी वहां से गायब हो गए और स्थिति को संभालने की कोई कोशिश नहीं की गई। उन्होंने इस पूरे मामले में एक राजनीतिक पार्टी पर सीधा निशाना साधते हुए नागरिक समझ और जिम्मेदारी की कमी का आरोप लगाया।अपने पोस्ट के कैप्शन में डैजी शाह ने साफ किया कि उनका किसी भी राजनीतिक दल से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि यह मामला राजनीति का नहीं, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा का है। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी बिल्डिंग कमेटी ने पहले ही प्रचार के लिए घर-घर जाकर कैंपेन करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था, जिससे एक बड़ा खतरा टल गया।

    स्थानीय लोगों के अनुसार, आग पर समय रहते काबू पा लिया गया और किसी के घायल या हताहत होने की सूचना नहीं है। हालांकि, इस घटना ने चुनावी प्रचार के दौरान सुरक्षा मानकों के पालन और जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं। फिलहाल प्रशासन की ओर से मामले की जांच की जा रही है।

  • जेब में सिर्फ 300 रुपये, दिल में बड़े सपने: यश के संघर्ष से सुपरस्टार बनने तक की कहानी

    जेब में सिर्फ 300 रुपये, दिल में बड़े सपने: यश के संघर्ष से सुपरस्टार बनने तक की कहानी


    नई दिल्ली । साउथ फिल्म इंडस्ट्री में जब भी मेहनत और संघर्ष से सफलता पाने वाले कलाकारों की बात होती है तो अभिनेता यश का नाम सबसे ऊपर लिया जाता है। आज करोड़ों दिलों पर राज करने वाले यश का सफर आसान नहीं रहा। जेब में सिर्फ 300 रुपये और आंखों में बड़े सपने लेकर घर छोड़ने वाला यह युवक आज भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े सुपरस्टार्स में गिना जाता है।

    अभिनेता यश का जन्म 8 जनवरी 1986 को कर्नाटक के हासन जिले के छोटे से गांव भुवनहल्ली में हुआ था। उनका असली नाम नवीन कुमार गौड़ा है। उनके पिता बीएमटीसी में बस चालक थे और माता एक गृहिणी थीं। परिवार साधारण था और माता-पिता चाहते थे कि बेटा पढ़-लिखकर सुरक्षित सरकारी नौकरी करे। लेकिन यश का मन बचपन से ही अभिनय की दुनिया में बस चुका था।स्कूल के दिनों में यश नाटकों और डांस प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते थे। मंच पर तालियों की गूंज उन्हें खास सुकून देती थी और यहीं से उनके भीतर अभिनेता बनने का सपना मजबूत होता गया। जब परिवार ने उनके इस सपने का विरोध किया तो यश ने एक कठिन लेकिन साहसी फैसला लिया। वह सिर्फ 300 रुपये लेकर घर से निकल पड़े और बेंगलुरु का रुख किया। उन्हें डर था कि अगर वापस लौटे तो फिर कभी अपने सपनों के पीछे नहीं भाग पाएंगे।

    बेंगलुरु पहुंचकर यश ने थिएटर से अपने करियर की शुरुआत की। शुरुआती दिनों में उन्हें बड़े रोल नहीं मिले। वह बैकस्टेज काम करते रिप्लेसमेंट कलाकार बनते और छोटे-छोटे किरदार निभाते रहे। कई बार हालात इतने मुश्किल हुए कि गुजारा करना भी चुनौती बन गया लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। यही संघर्ष उनके भविष्य की मजबूत नींव बना।साल 2008 में यश को कन्नड़ फिल्म मोगिना मनासु से सिनेमा में पहला बड़ा मौका मिला। इस फिल्म में उनके अभिनय को काफी सराहा गया और उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड फॉर बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर भी मिला। इसके बाद राजधानी गजकेसरी मास्टरपीस जैसी फिल्मों ने उन्हें कन्नड़ सिनेमा का जाना-पहचाना चेहरा बना दिया।

    हालांकि यश की जिंदगी का सबसे बड़ा मोड़ 2018 में आया जब केजीएफ चैप्टर 1 रिलीज हुई। फिल्म में रॉकी भाई का किरदार निभाकर उन्होंने पूरे देश में पहचान बना ली। इसके बाद केजीएफ चैप्टर 2 ने इतिहास रच दिया और 1100 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर कन्नड़ सिनेमा को वैश्विक पहचान दिलाई।निजी जीवन में यश ने अपनी को-स्टार राधिका पंडित से 2016 में शादी की। दोनों ने मिलकर यशो मार्ग फाउंडेशन की शुरुआत की जो ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा और जल संरक्षण के लिए काम करता है। आज यश सिर्फ एक सुपरस्टार नहीं बल्कि संघर्ष आत्मविश्वास और मेहनत की मिसाल बन चुके हैं।