Category: Entertainment

  • आज रात होगा Lock Upp 2 का ग्रैंड फिनाले, पांच फाइनलिस्ट में कौन जीतेगा ट्रॉफी और 1 करोड़ का इनाम?

    आज रात होगा Lock Upp 2 का ग्रैंड फिनाले, पांच फाइनलिस्ट में कौन जीतेगा ट्रॉफी और 1 करोड़ का इनाम?

    नई दिल्ली । चर्चित रियलिटी शो ‘Lock Upp 2’ का बहुप्रतीक्षित ग्रैंड फिनाले आज रात आयोजित होगा। पूरे सीजन में रणनीति, प्रतिस्पर्धा, दोस्ती, टकराव और भावनात्मक पलों से भरपूर सफर के बाद अब मुकाबला अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। आज रात सभी प्रतिभागियों के लिए शो के दरवाजे खुल जाएंगे, लेकिन ट्रॉफी और एक करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि केवल एक विजेता के हिस्से में आएगी। दर्शकों की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि आखिर इस सीजन का खिताब कौन अपने नाम करेगा।

    इस बार फिनाले में पांच मजबूत प्रतियोगियों ने जगह बनाई है। शिवांगी जोशी, शिल्पा शिंदे, योगेश रावत, श्रेया कालरा और राम कपूर अंतिम मुकाबले में आमने-सामने हैं। पूरे सीजन के दौरान इन सभी प्रतिभागियों ने अलग-अलग अंदाज में अपना खेल दिखाया और कई कठिन चुनौतियों को पार करते हुए फाइनल तक का सफर तय किया। यही वजह है कि अंतिम मुकाबले को इस सीजन का सबसे रोमांचक चरण माना जा रहा है।

    शिवांगी जोशी ने शुरुआती दौर में अपेक्षाकृत धीमी शुरुआत की थी, लेकिन समय के साथ उन्होंने अपने खेल में लगातार सुधार किया। रणनीतिक फैसलों, शांत स्वभाव और बेहतर प्रदर्शन के दम पर उन्होंने खुद को मजबूत दावेदार के रूप में स्थापित किया। सोशल मीडिया पर भी उन्हें बड़ी संख्या में समर्थन मिलता दिखाई दिया, जिसके कारण उन्हें खिताब का प्रमुख दावेदार माना जा रहा है।

    वाइल्ड कार्ड एंट्री के रूप में शो में शामिल हुईं शिल्पा शिंदे ने कम समय में अपनी अलग पहचान बनाई। उनके अनुभव, आत्मविश्वास और बेबाक अंदाज ने उन्हें फाइनल तक पहुंचाया। दूसरी ओर योगेश रावत ने पूरे सीजन में टास्क आधारित प्रदर्शन से दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। शांत रणनीति और लगातार अच्छे प्रदर्शन के कारण उन्होंने भी मजबूत प्रतिस्पर्धा पेश की।

    श्रेया कालरा ने शुरुआत से ही संतुलित खेल दिखाया और लगभग हर चुनौती में प्रभावी प्रदर्शन किया। कई दर्शक उन्हें इस सीजन का ‘डार्क हॉर्स’ मान रहे हैं। वहीं राम कपूर ने भी संयम और धैर्य के साथ खेलते हुए अंतिम दौर में अपनी जगह बनाई। फिनाले में पहुंचने के बाद अब सभी प्रतिभागियों के सामने एक ही लक्ष्य है—ट्रॉफी और एक करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि अपने नाम करना।

    ग्रैंड फिनाले को लेकर सोशल मीडिया पर भी जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। विभिन्न प्रतिभागियों के समर्थक लगातार अपने पसंदीदा प्रतियोगियों के समर्थन में अभियान चला रहे हैं। हालांकि अंतिम फैसला दर्शकों के वोट और फिनाले के परिणामों के आधार पर होगा। पूरे सीजन की प्रतिस्पर्धा के बाद अब कुछ ही समय में यह स्पष्ट हो जाएगा कि ‘Lock Upp 2’ का नया विजेता कौन बनेगा और किसके नाम ट्रॉफी के साथ एक करोड़ रुपये की इनामी राशि दर्ज होगी।

  • डिस्को किंग बप्पी लहरी की मौत का सच, अस्पताल से घर लौटने के बाद कैसे बिगड़ी तबीयत और क्या है स्लीप एपनिया

    डिस्को किंग बप्पी लहरी की मौत का सच, अस्पताल से घर लौटने के बाद कैसे बिगड़ी तबीयत और क्या है स्लीप एपनिया


    नई दिल्ली। बॉलीवुड में डिस्को संगीत को नई पहचान देने वाले मशहूर संगीतकार और गायक बप्पी लहरी आज भी अपने सदाबहार गीतों की वजह से लोगों के दिलों में जिंदा हैं। वर्ष 2022 में उनका निधन संगीत प्रेमियों के लिए बड़ा झटका था। अस्पताल से घर लौटने के कुछ ही घंटों बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ी और फिर उन्हें दोबारा अस्पताल ले जाना पड़ा जहां डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। उनकी मौत के बाद ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया नाम की बीमारी एक बार फिर चर्चा में आई।

    बप्पी लहरी का जन्म 27 नवंबर 1952 को पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में हुआ था। संगीत उन्हें विरासत में मिला था। बचपन से ही उन्होंने तबला बजाना सीख लिया और युवावस्था में संगीत की दुनिया में कदम रखा। सत्तर और अस्सी के दशक में उन्होंने बॉलीवुड को डिस्को संगीत का नया दौर दिया। डिस्को डांसर, शराबी, डांस डांस और नमक हलाल जैसी फिल्मों के गीत आज भी लोगों की जुबान पर हैं।

    अपने जीवन के अंतिम वर्षों में बप्पी लहरी कई स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे। उनका वजन अधिक था और इसी वजह से उन्हें ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया की समस्या थी। इसके अलावा उन्हें सीने में संक्रमण भी हो गया था जिसके कारण जनवरी 2022 में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। करीब तीन सप्ताह तक इलाज चलने के बाद उनकी हालत में सुधार हुआ और 14 फरवरी 2022 को उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

    घर लौटने के बाद उन्होंने लंबे समय बाद परिवार के साथ समय बिताया। अगले दिन 15 फरवरी को दिनभर परिवार उनके साथ रहा। रात में उन्होंने परिवार के साथ भोजन किया लेकिन कुछ ही देर बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने बताया कि उन्हें गंभीर हृदय संबंधी जटिलता हुई है। तमाम कोशिशों के बावजूद रात लगभग 11 बजकर 44 मिनट पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों के अनुसार उनकी पहले से मौजूद ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया की समस्या और अन्य स्वास्थ्य जटिलताएं उनकी स्थिति को गंभीर बनाने वाले प्रमुख कारणों में शामिल थीं।

    ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया एक ऐसी बीमारी है जिसमें सोते समय गले की मांसपेशियां ढीली पड़ जाती हैं और सांस लेने का रास्ता बार बार बंद होने लगता है। इससे व्यक्ति की सांस कुछ सेकंड के लिए रुक सकती है और फिर दोबारा शुरू होती है। पूरी रात यह प्रक्रिया कई बार दोहराई जा सकती है जिससे शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती। लगातार खर्राटे आना, नींद के दौरान सांस रुकना, सुबह सिरदर्द होना, दिनभर थकान महसूस होना और अत्यधिक नींद आना इसके प्रमुख लक्षण माने जाते हैं।

    विशेषज्ञों के अनुसार मोटापा, मोटी गर्दन, बढ़ती उम्र और कुछ अन्य स्वास्थ्य समस्याएं इस बीमारी का जोखिम बढ़ा सकती हैं। समय पर इलाज न होने पर हाई ब्लड प्रेशर, मधुमेह, स्ट्रोक, अनियमित धड़कन और हृदय रोग जैसी गंभीर समस्याओं का खतरा भी बढ़ सकता है। इसलिए यदि किसी व्यक्ति में लंबे समय तक तेज खर्राटे, सांस रुकने या अत्यधिक थकान जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए।

    बप्पी लहरी ने अपने संगीत से भारतीय सिनेमा को अनगिनत यादगार गीत दिए। उनकी जिंदगी यह भी याद दिलाती है कि गंभीर बीमारियों के लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर जांच, सही इलाज और स्वस्थ जीवनशैली कई गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

  • रामायण ट्रेलर पर कॉस्ट्यूम विवाद तेज, सुरभि दास बोलीं ब्लाउज पहनाते तब भी सवाल होते और नहीं पहनाते तब भी

    रामायण ट्रेलर पर कॉस्ट्यूम विवाद तेज, सुरभि दास बोलीं ब्लाउज पहनाते तब भी सवाल होते और नहीं पहनाते तब भी


    नई दिल्ली। नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित फिल्म रामायण का ट्रेलर रिलीज होने के बाद सोशल मीडिया पर इसकी चर्चा तेज हो गई है। जहां एक ओर ट्रेलर के विजुअल्स और भव्य प्रस्तुति की सराहना हो रही है वहीं दूसरी ओर फिल्म के कुछ किरदारों के कॉस्ट्यूम को लेकर बहस भी छिड़ गई है। खास तौर पर माता सीता का किरदार निभा रहीं साई पल्लवी और कैकेयी की भूमिका में नजर आ रहीं लारा दत्ता के पहनावे को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। अब इस विवाद पर फिल्म में श्रुतकीर्ति की भूमिका निभा रहीं अभिनेत्री सुरभि दास ने अपनी बात रखी है।

    सुरभि दास ने कहा कि किसी भी बड़े प्रोजेक्ट के साथ अलग अलग तरह की राय सामने आना स्वाभाविक है और हर व्यक्ति को संतुष्ट करना संभव नहीं होता। उनके अनुसार दर्शकों को किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पूरी फिल्म का इंतजार करना चाहिए क्योंकि ट्रेलर के कुछ दृश्यों के आधार पर पूरी फिल्म का आकलन करना उचित नहीं है।

    सोशल मीडिया पर कुछ लोगों का कहना है कि फिल्म में सीता और कैकेयी के कॉस्ट्यूम आधुनिक शैली के दिखाई दे रहे हैं और वे त्रेता युग की पृष्ठभूमि से मेल नहीं खाते। इसी आलोचना पर प्रतिक्रिया देते हुए सुरभि दास ने कहा कि अगर किरदारों को ब्लाउज नहीं पहनाया जाता तो भी लोग सवाल उठाते और अब जब पहनाया गया है तब भी आपत्ति जताई जा रही है। उनके मुताबिक लोगों की अलग अलग सोच होती है और हर किसी की अपेक्षाओं पर खरा उतरना संभव नहीं है।

    अभिनेत्री ने यह भी कहा कि रामायण बेहद बड़े स्तर पर बनाई जा रही फिल्म है और इसकी कहानी, अभिनय तथा प्रस्तुति इतनी प्रभावशाली होगी कि दर्शकों का ध्यान केवल कॉस्ट्यूम जैसी छोटी बातों पर नहीं रहेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि सिनेमाघरों में फिल्म देखने के बाद दर्शकों की राय अधिक संतुलित होगी।

    सुरभि दास ने यह भी याद दिलाया कि रामायण पर पहले भी कई फिल्में और धारावाहिक बन चुके हैं और हर बार किसी न किसी पहलू को लेकर चर्चा या आलोचना हुई है। ऐसे में किसी भी नई प्रस्तुति को लेकर मतभेद होना असामान्य नहीं है। उन्होंने कहा कि दर्शकों को फिल्म की पूरी कहानी देखने के बाद ही उसके बारे में राय बनानी चाहिए।

    इससे पहले फिल्म के कॉस्ट्यूम डिजाइनर रिम्पल और हरप्रीत नरूला भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दे चुके हैं। उनका कहना था कि कॉस्ट्यूम तैयार करते समय कहानी, पात्रों और फिल्म की समग्र दृश्य शैली को ध्यान में रखा गया है। उन्होंने भी दर्शकों से अपील की थी कि वे ट्रेलर के सीमित दृश्यों के आधार पर निर्णय लेने के बजाय पूरी फिल्म देखने के बाद अपनी राय रखें।

    रामायण का ट्रेलर रिलीज होने के साथ ही फिल्म को लेकर उत्सुकता काफी बढ़ गई है। जहां एक ओर इसकी भव्यता और स्टारकास्ट चर्चा का विषय बनी हुई है वहीं कॉस्ट्यूम विवाद ने भी इसे सुर्खियों में ला दिया है। अब सभी की नजर फिल्म की रिलीज पर टिकी है क्योंकि तभी यह साफ होगा कि मेकर्स की रचनात्मक सोच और प्रस्तुति दर्शकों की उम्मीदों पर कितनी खरी उतरती है।

  • वीकेंड पर OTT का पूरा मजा लें, 'आश्रम' जैसी 7 हिंदी वेब सीरीज जो आपको स्क्रीन से नजर नहीं हटाने देंगी

    वीकेंड पर OTT का पूरा मजा लें, 'आश्रम' जैसी 7 हिंदी वेब सीरीज जो आपको स्क्रीन से नजर नहीं हटाने देंगी


    नई दिल्ली। अगर आपको बॉबी देओल की चर्चित वेब सीरीज आश्रम पसंद आई थी और अब आप उसी तरह की डार्क थ्रिलर, क्राइम और सस्पेंस से भरपूर कहानियां देखना चाहते हैं तो ओटीटी पर आपके लिए शानदार विकल्प मौजूद हैं। इन सीरीज में सत्ता का खेल, अपराध, अंधविश्वास, राजनीति और समाज की कड़वी सच्चाइयों को बेहद रोमांचक अंदाज में दिखाया गया है। यही वजह है कि ये सीरीज दर्शकों के बीच लगातार लोकप्रिय बनी हुई हैं और वीकेंड बिंज वॉच के लिए बेहतरीन मानी जाती हैं।

    इस सूची में सबसे पहले अनदेखी का नाम आता है। यह सीरीज एक रसूखदार परिवार की कहानी है जो अपने प्रभाव के दम पर अपराध को दबाने की कोशिश करता है। जैसे जैसे कहानी आगे बढ़ती है वैसे वैसे रहस्य और सस्पेंस गहराता जाता है। अगर आपको सत्ता और अपराध का खेल पसंद है तो यह सीरीज जरूर देखनी चाहिए।

    दूसरी सीरीज दहन राकन का रहस्य है। इसमें अंधविश्वास और आधुनिक सोच के टकराव को बेहद दिलचस्प तरीके से पेश किया गया है। एक छोटे से गांव में छिपे रहस्य और डरावनी घटनाएं दर्शकों को अंत तक बांधे रखती हैं। इसकी कहानी रहस्य और थ्रिल का बेहतरीन मिश्रण है।

    द रेलवे मेन इस सूची की सबसे अलग सीरीज है। भोपाल गैस त्रासदी की पृष्ठभूमि पर बनी यह कहानी केवल एक हादसे की नहीं बल्कि उन लोगों की बहादुरी की भी है जिन्होंने हजारों लोगों की जान बचाने की कोशिश की। इसमें सिस्टम की लापरवाही और मानवीय संघर्ष दोनों को प्रभावशाली ढंग से दिखाया गया है।

    अगर आपको सामाजिक मुद्दों के साथ क्राइम थ्रिलर पसंद है तो पाताल लोक बेहतरीन विकल्प है। एक साधारण पुलिस जांच के जरिए यह सीरीज समाज, राजनीति, मीडिया और अपराध की कई परतों को सामने लाती है। दमदार अभिनय और मजबूत कहानी इसे भारतीय ओटीटी की सबसे चर्चित सीरीज में शामिल करते हैं।

    रंगबाज भी दर्शकों की पसंदीदा क्राइम ड्रामा सीरीज है। इसके हर सीजन में उत्तर प्रदेश और बिहार की पृष्ठभूमि पर गैंगस्टर और राजनीति के गठजोड़ की नई कहानी देखने को मिलती है। वास्तविक घटनाओं से प्रेरित यह सीरीज अपराध की दुनिया का अलग ही चेहरा दिखाती है।

    सस्पेंस और माइथोलॉजी का अनोखा मेल देखने के लिए असुर शानदार विकल्प है। इसमें पौराणिक कथाओं को आधुनिक साइकोलॉजिकल क्राइम के साथ जोड़ा गया है। हर एपिसोड के साथ नए रहस्य सामने आते हैं और दर्शक आखिरी पल तक कहानी से जुड़े रहते हैं। यही वजह है कि इसे भारतीय ओटीटी की सबसे बेहतरीन थ्रिलर सीरीज में गिना जाता है।

    अगर पावर, राजनीति और गैंगवार की कहानी पसंद है तो मिर्जापुर आपकी वॉचलिस्ट में जरूर होनी चाहिए। कालीन भैया, गुड्डू पंडित और मुन्ना त्रिपाठी जैसे किरदारों ने इस सीरीज को नई पहचान दी है। पूर्वांचल की राजनीति, अपराध और सत्ता की लड़ाई पर आधारित यह सीरीज आज भी सबसे ज्यादा देखी जाने वाली हिंदी वेब सीरीज में शामिल है।

    अगर इस वीकेंड कुछ ऐसा देखना चाहते हैं जो रोमांच, रहस्य और दमदार कहानी से भरपूर हो तो ये सातों वेब सीरीज शानदार विकल्प हैं। इनमें हर सीरीज अपनी अलग कहानी और मजबूत किरदारों के दम पर दर्शकों को अंत तक बांधे रखती है। क्राइम, सस्पेंस और डार्क थ्रिल पसंद करने वालों के लिए ये सभी सीरीज एक यादगार ओटीटी अनुभव साबित हो सकती हैं।

  • ओटीटी पर हॉरर का जबरदस्त डोज, IMDb पर 7 से ज्यादा रेटिंग वाली 5 फिल्में जो कर देंगी रोंगटे खड़े

    ओटीटी पर हॉरर का जबरदस्त डोज, IMDb पर 7 से ज्यादा रेटिंग वाली 5 फिल्में जो कर देंगी रोंगटे खड़े


    नई दिल्ली। अगर आपको हॉरर फिल्मों का शौक है और ऐसी कहानी की तलाश है जो सिर्फ डराए नहीं बल्कि अंत तक रोमांच से भर दे तो प्राइम वीडियो पर मौजूद कुछ फिल्में आपकी वॉचलिस्ट में जरूर होनी चाहिए। इन फिल्मों ने न सिर्फ अपनी कहानी और निर्देशन से दर्शकों का दिल जीता बल्कि IMDb पर 7 से अधिक रेटिंग हासिल कर यह साबित किया कि अच्छी हॉरर फिल्म सिर्फ डर नहीं बल्कि दमदार कहानी और बेहतरीन अभिनय का भी मेल होती है। अगर आप इस सप्ताह कुछ अलग और रोमांचक देखना चाहते हैं तो ये पांच फिल्में आपके लिए शानदार विकल्प हो सकती हैं।

    सूची में सबसे पहला नाम भारतीय सिनेमा की चर्चित फिल्म तुम्बाड का आता है। साल 2018 में रिलीज हुई इस फिल्म को शुरुआत में बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता नहीं मिली थी लेकिन समय के साथ इसे भारतीय हॉरर फिल्मों की क्लासिक फिल्मों में गिना जाने लगा। फिल्म की कहानी हस्तर नाम के रहस्यमयी देवता और इंसानी लालच के इर्द गिर्द घूमती है। शानदार सिनेमैटोग्राफी और रहस्यमयी माहौल इसे यादगार बनाते हैं। IMDb पर इस फिल्म की रेटिंग 8.2 है।

    दूसरे स्थान पर हॉलीवुड की मशहूर फिल्म द अदर्स है। यह फिल्म एक ऐसी महिला की कहानी दिखाती है जो अपने बच्चों के साथ एक पुराने घर में रहने आती है। धीरे धीरे उसे एहसास होता है कि घर में कुछ अनजानी और डरावनी शक्तियां मौजूद हैं। फिल्म का क्लाइमेक्स दर्शकों को चौंका देता है और यही इसकी सबसे बड़ी खासियत मानी जाती है। IMDb पर इसे 7.6 की रेटिंग मिली है।

    तीसरी फिल्म 13 बी भारतीय सिनेमा की सबसे अंडररेटेड हॉरर फिल्मों में गिनी जाती है। आर माधवन अभिनीत यह फिल्म एक ऐसे परिवार की कहानी है जो नए अपार्टमेंट में शिफ्ट होने के बाद अजीब घटनाओं का सामना करता है। टीवी पर आने वाला एक सीरियल परिवार के भविष्य की घटनाएं पहले ही दिखाने लगता है और यहीं से कहानी रोमांचक मोड़ लेती है। इस फिल्म की IMDb रेटिंग 7.4 है।

    अगर आपको मनोवैज्ञानिक हॉरर पसंद है तो हेरेडिटरी जरूर देखनी चाहिए। यह फिल्म ग्राहम परिवार की कहानी है जहां परिवार की मुखिया की मौत के बाद कई रहस्यमयी और डरावनी घटनाएं सामने आती हैं। धीरे धीरे परिवार को एक ऐसी शैतानी साजिश का पता चलता है जो उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल देती है। बेहतरीन अभिनय और डरावना माहौल इस फिल्म को दुनिया की सबसे प्रभावशाली हॉरर फिल्मों में शामिल करता है। IMDb पर इसकी रेटिंग 7.3 है।

    सूची की पांचवीं फिल्म टॉक टू मी है जो हाल के वर्षों की सबसे चर्चित हॉरर फिल्मों में शामिल रही। कहानी कुछ दोस्तों की है जिन्हें आत्माओं से संपर्क करने का एक रहस्यमयी तरीका मिल जाता है। शुरुआत में यह उन्हें रोमांचक लगता है लेकिन जल्द ही यह खेल उनके लिए जानलेवा बन जाता है। फिल्म की तेज रफ्तार कहानी और डरावने दृश्य दर्शकों को अंत तक बांधे रखते हैं। IMDb पर इसे 7.1 की रेटिंग मिली है।

    अगर आप ओटीटी पर ऐसी फिल्में देखना चाहते हैं जो केवल डराने तक सीमित न हों बल्कि दमदार कहानी और शानदार प्रस्तुति से भी प्रभावित करें तो ये पांचों फिल्में बेहतरीन विकल्प हैं। इन फिल्मों में भारतीय लोककथाओं से लेकर मनोवैज्ञानिक रहस्य और अलौकिक शक्तियों तक हर तरह का रोमांच देखने को मिलता है। यही वजह है कि हॉरर फिल्मों के शौकीनों के बीच ये आज भी सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली फिल्मों में शामिल हैं।

  • उर्फी जावेद ने तोड़ी चुप्पी, आंदोलन के लिए पैसे लेने के आरोपों को बताया झूठ और भ्रामक

    उर्फी जावेद ने तोड़ी चुप्पी, आंदोलन के लिए पैसे लेने के आरोपों को बताया झूठ और भ्रामक


    नई दिल्ली। उर्फी जावेद एक बार फिर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दावों को लेकर सुर्खियों में हैं। इस बार विवाद की वजह वह खबर बनी जिसमें दावा किया गया कि कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपने आंदोलन के समर्थन के लिए कई सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और सेलिब्रिटीज को पैसे दिए थे और इसी कड़ी में उर्फी जावेद को भी एक लाख रुपये दिए गए। यह दावा सामने आते ही सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई लेकिन उर्फी जावेद ने इस पूरे मामले पर खुलकर प्रतिक्रिया देते हुए इन आरोपों को पूरी तरह झूठ और भ्रामक बताया।

    उर्फी ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर वायरल खबर का स्क्रीनशॉट साझा किया और तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर एक लाख रुपये जैसी छोटी रकम के लिए वह किसी आंदोलन का प्रचार क्यों करेंगी। उर्फी ने कहा कि वह एक सोशल मीडिया पोस्ट या रील के लिए इससे कहीं अधिक फीस लेती हैं और इस तरह के दावों का कोई आधार नहीं है।

    उन्होंने वीडियो संदेश जारी कर आरोप लगाने वाले सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर फैजान अंसारी पर भी निशाना साधा। उर्फी ने कहा कि यह वही व्यक्ति है जिसने पहले भी उनके बारे में कई झूठे दावे किए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले भी उनके जेंडर और निजी जिंदगी को लेकर फर्जी खबरें फैलाई गई थीं और अब फिर बिना किसी सबूत के उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। उर्फी का कहना है कि इस तरह की अफवाहें केवल चर्चा में बने रहने और मीडिया का ध्यान खींचने के लिए फैलाई जाती हैं।

    उर्फी जावेद ने अपने बयान में साफ कहा कि उन्हें किसी भी तरह का भुगतान नहीं मिला बल्कि ऐसे विवादों की वजह से उनके काम पर असर पड़ा है। उन्होंने दावा किया कि इस तरह की खबरों के बाद कई ब्रांड्स ने उनसे दूरी बना ली है जिससे उनका आर्थिक नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि अगर कोई यह साबित कर दे कि उन्होंने किसी से पैसे लेकर प्रचार किया है तो वह अपना इंस्टाग्राम अकाउंट बंद कर देंगी और अपनी कमाई के सभी साधन छोड़ देंगी। उनका कहना है कि बिना किसी प्रमाण के किसी की छवि खराब करना गलत है और ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

    यह पहली बार नहीं है जब उर्फी जावेद को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद खड़ा हुआ हो। इससे पहले भी उनके धर्म परिवर्तन और नाम बदलने जैसी अफवाहें वायरल हुई थीं जिनका उन्होंने खुलकर खंडन किया था। उस समय भी उन्होंने स्पष्ट किया था कि उन्होंने अपना धर्म नहीं बदला है और उनके बारे में फैलाई जा रही खबरें पूरी तरह झूठी हैं। उर्फी लगातार यह कहती रही हैं कि सोशल मीडिया पर फैलने वाली हर जानकारी पर आंख बंद करके भरोसा नहीं करना चाहिए।

    फिलहाल इस पूरे मामले में लगाए गए आरोपों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वहीं उर्फी जावेद ने सभी दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए आरोप लगाने वालों को सबूत पेश करने की खुली चुनौती दी है। सोशल मीडिया पर यह विवाद लगातार चर्चा में बना हुआ है और अब सभी की नजर इस बात पर है कि आगे इस मामले में क्या नया मोड़ आता है।

  • रिलीज से पहले 'रामायण पार्ट 2' को लेकर बड़ा खुलासा, रणबीर बोले दूसरे भाग में बढ़ेगा हनुमान का दमदार रोल

    रिलीज से पहले 'रामायण पार्ट 2' को लेकर बड़ा खुलासा, रणबीर बोले दूसरे भाग में बढ़ेगा हनुमान का दमदार रोल


    नई दिल्ली ।
    भारतीय सिनेमा की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायण’ को लेकर दर्शकों के बीच उत्सुकता लगातार बढ़ती जा रही है। दो भागों में बनाई जा रही इस मेगा बजट फिल्म को लेकर अभिनेता रणबीर कपूर ने बड़ा अपडेट साझा किया है। उन्होंने बताया कि पहले भाग की रिलीज से पहले ही दूसरे भाग की लगभग आधी शूटिंग पूरी की जा चुकी है। इस खुलासे के बाद फिल्म को लेकर दर्शकों की उत्सुकता और बढ़ गई है।

    रणबीर कपूर ने कहा कि फिल्म के दोनों भागों की तैयारी काफी पहले से योजनाबद्ध तरीके से की गई थी। इसी वजह से पहले भाग के निर्माण के साथ-साथ दूसरे भाग की शूटिंग भी लगातार आगे बढ़ाई गई। उनका मानना है कि इससे फिल्म के दोनों भागों के बीच निरंतरता बनी रहेगी और दर्शकों को कहानी का बेहतर अनुभव मिलेगा।

    अभिनेता ने फिल्म में हनुमान के किरदार को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सनी देओल इस भूमिका में नजर आएंगे और दूसरे भाग में उनके किरदार का दायरा पहले भाग की तुलना में कहीं अधिक बड़ा होगा। पहले भाग में उनकी उपस्थिति सीमित रहेगी, जबकि दूसरे भाग में कहानी आगे बढ़ने के साथ हनुमान का किरदार अधिक प्रभावशाली रूप में दिखाई देगा।

    रणबीर कपूर ने यह भी कहा कि रामायण जैसी महान गाथा को केवल दो भागों में समेटना आसान नहीं है। उनके अनुसार इस महाकाव्य में इतने व्यापक प्रसंग और पात्र हैं कि इसे कई भागों में भी प्रस्तुत किया जा सकता है। उन्होंने फिल्म के निर्देशक और लेखन टीम की सराहना करते हुए कहा कि इतनी विशाल कथा को संतुलित रूप में प्रस्तुत करना बड़ी चुनौती रही है।

    उन्होंने स्पष्ट किया कि फिल्म बनाते समय मूल कथा और उसके मूल भाव से किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की गई है। पूरी टीम ने इस बात का विशेष ध्यान रखा है कि कहानी की धार्मिक, सांस्कृतिक और भावनात्मक गरिमा बनी रहे। उनका कहना है कि भगवान श्रीराम केवल एक पौराणिक पात्र नहीं बल्कि करोड़ों लोगों के लिए आदर्श, मर्यादा और जीवन मूल्यों के प्रतीक हैं।

    फिल्म में भगवान श्रीराम की भूमिका रणबीर कपूर निभा रहे हैं, जबकि माता सीता के किरदार में साई पल्लवी नजर आएंगी। रावण की भूमिका में अभिनेता यश दिखाई देंगे। इसके अलावा सनी देओल हनुमान के किरदार में दर्शकों के सामने आएंगे। फिल्म की स्टार कास्ट और भव्य निर्माण इसे भारतीय सिनेमा की सबसे चर्चित फिल्मों में शामिल कर रहा है।

    बताया जा रहा है कि फिल्म का निर्माण अत्याधुनिक विजुअल इफेक्ट्स और बड़े पैमाने पर तैयार किए गए सेट्स के साथ किया जा रहा है। निर्माताओं का उद्देश्य भारतीय संस्कृति और रामायण की कथा को वैश्विक स्तर पर भव्य रूप में प्रस्तुत करना है। इसी कारण फिल्म के तकनीकी और दृश्य पक्ष पर विशेष ध्यान दिया गया है।

    फिल्म का कुल बजट भी भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े बजट वाली परियोजनाओं में गिना जा रहा है। निर्माताओं को उम्मीद है कि यह फिल्म न केवल देश बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी दर्शकों का ध्यान आकर्षित करेगी। अब पहले भाग की रिलीज से पहले दूसरे भाग की आधी शूटिंग पूरी होने की जानकारी ने फिल्म को लेकर दर्शकों की उत्सुकता को और बढ़ा दिया है।

  • बिग बॉस 20 का टीजर रिलीज, सलमान खान के रहस्यमयी बयान से नए सीजन को लेकर तेज हुई चर्चाएं

    बिग बॉस 20 का टीजर रिलीज, सलमान खान के रहस्यमयी बयान से नए सीजन को लेकर तेज हुई चर्चाएं

    नई दिल्ली । टीवी के लोकप्रिय रियलिटी शो बिग बॉस का 20वां सीजन जल्द ही दर्शकों के बीच आने वाला है। शो के पहले टीजर के साथ नए सीजन की आधिकारिक घोषणा कर दी गई है। इस बार भी सुपरस्टार सलमान खान ही शो की मेजबानी करेंगे। टीजर में सलमान खान के अलग अंदाज और रहस्यमयी संवाद ने दर्शकों की उत्सुकता को और बढ़ा दिया है। मेकर्स ने साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया है कि शो का प्रीमियर 6 सितंबर 2026 को होगा।

    जारी किए गए टीजर में सलमान खान शाही अंदाज में घोड़े पर सवार होकर नजर आते हैं। इसके बाद वह कहते हैं, “जो करण-अर्जुन में हुआ था, वही अब बिग बॉस में होगा… तथास्तु 2।” इस एक संवाद ने सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाओं को जन्म दे दिया है। टीजर में ऐसे कई दृश्य भी शामिल किए गए हैं, जो संकेत देते हैं कि इस बार शो की कहानी में कोई बड़ा रहस्य और नया ट्विस्ट छिपा हुआ है।

    सलमान खान ने टीजर लॉन्च के दौरान कहा कि बिग बॉस का हर सीजन नए खेल, नए समीकरण और अप्रत्याशित मोड़ लेकर आता है, लेकिन इस बार दर्शकों को कुछ ऐसा देखने को मिलेगा जो पहले कभी नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि नए सीजन का पहला संकेत टीजर में ही दे दिया गया है और दर्शकों को इस रहस्य को समझने के लिए आने वाले एपिसोड का इंतजार करना होगा।

    टीजर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर फैंस अपने-अपने अनुमान लगाने लगे हैं। कई दर्शकों का मानना है कि इस बार पुराने लोकप्रिय कंटेस्टेंट्स की वापसी हो सकती है। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि ‘करण-अर्जुन’ वाला संवाद किसी खास थीम या पुराने खिलाड़ियों की वापसी की ओर इशारा करता है। हालांकि मेकर्स ने इन अटकलों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

    बिग बॉस पिछले कई वर्षों से भारतीय टेलीविजन के सबसे चर्चित रियलिटी शोज़ में शामिल रहा है। हर नए सीजन में कंटेस्टेंट्स, टास्क और थीम को लेकर दर्शकों में खास उत्साह देखने को मिलता है। इस बार 20वें सीजन के कारण दर्शकों की उम्मीदें पहले से कहीं अधिक बढ़ गई हैं। मेकर्स भी लगातार नए प्रयोगों के जरिए शो को और दिलचस्प बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

    शो का प्रसारण 6 सितंबर से शुरू होगा। इसे टेलीविजन पर कलर्स चैनल पर देखा जा सकेगा, जबकि डिजिटल दर्शकों के लिए इसकी स्ट्रीमिंग जियोहॉटस्टार पर उपलब्ध रहेगी। आने वाले दिनों में कंटेस्टेंट्स की सूची और नए सीजन से जुड़ी अन्य जानकारियां भी धीरे-धीरे सामने आने की संभावना है।

    बिग बॉस 20 के पहले टीजर ने यह साफ कर दिया है कि इस बार शो केवल नए प्रतियोगियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कहानी और प्रस्तुति में भी कुछ अलग देखने को मिलेगा। अब दर्शकों की नजर मेकर्स की अगली घोषणा और शो के पहले एपिसोड पर टिकी हुई है।

  • JPSC-JSSC भर्ती विवाद के बीच छात्रों के पक्ष में बोलीं सोनाक्षी सिन्हा, निष्पक्ष जांच की मांग को मिला बल

    JPSC-JSSC भर्ती विवाद के बीच छात्रों के पक्ष में बोलीं सोनाक्षी सिन्हा, निष्पक्ष जांच की मांग को मिला बल

    नई दिल्ली । झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन को अब बॉलीवुड अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा का भी समर्थन मिल गया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए छात्रों की स्थिति पर चिंता व्यक्त की और पूछा कि आखिर देश के छात्रों को इस तरह की परेशानियों का सामना कब तक करना पड़ेगा। उनकी प्रतिक्रिया सामने आने के बाद यह मुद्दा एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है और बड़ी संख्या में लोग इस पर अपनी राय व्यक्त कर रहे हैं।

    सोनाक्षी सिन्हा ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर झारखंड के छात्र आंदोलन से जुड़ी एक वीडियो पोस्ट साझा की। इसके साथ उन्होंने लिखा कि देश के छात्रों को इस तरह संघर्ष करते देखना बेहद दुखद है और यह स्थिति कब समाप्त होगी, यह सबसे बड़ा सवाल है। उनकी इस टिप्पणी को कई सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने छात्रों के प्रति संवेदनशीलता और समर्थन के रूप में देखा। वहीं कुछ लोगों ने भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

    झारखंड में छात्र 29 जुलाई से रांची स्थित जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में धरना दे रहे हैं। प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का आरोप है कि JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में व्यापक स्तर पर अनियमितताएं हुई हैं। उनका कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक है ताकि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे और योग्य अभ्यर्थियों के साथ न्याय हो सके। छात्रों का आरोप है कि अब तक हुई कार्रवाई उनकी अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं रही है।

    प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग 19 अप्रैल को आयोजित 14वीं संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने की है। इसके अलावा वे भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों की स्वतंत्र जांच कराने, परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने तथा OMR शीट में ‘Not Attempted’ का अलग विकल्प जोड़ने की भी मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि इससे मूल्यांकन प्रक्रिया अधिक स्पष्ट और निष्पक्ष बन सकेगी।

    छात्रों ने यह भी दावा किया है कि पहले सामने आए प्रश्नपत्र लीक प्रकरणों ने भर्ती प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि यदि पारदर्शी जांच नहीं हुई तो हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हो सकता है। प्रदर्शन में शामिल कई छात्रों का कहना है कि वे लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं और उन्हें केवल निष्पक्ष अवसर की अपेक्षा है।

    इस बीच विभिन्न सामाजिक और सार्वजनिक हस्तियों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। कुछ लोगों ने छात्रों की मांगों का समर्थन किया है, जबकि अन्य ने मामले के शीघ्र समाधान और निष्पक्ष जांच की आवश्यकता बताई है। राजनीतिक स्तर पर भी इस मुद्दे को लेकर बयानबाजी जारी है। हालांकि संबंधित संस्थाओं की ओर से समय-समय पर जांच और आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया गया है।

    भर्ती परीक्षाओं से जुड़े विवादों ने एक बार फिर परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता, पारदर्शिता और जवाबदेही पर बहस तेज कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि समयबद्ध और निष्पक्ष जांच के साथ ऐसी व्यवस्थाएं विकसित करना आवश्यक है, जिससे अभ्यर्थियों का विश्वास बना रहे और भविष्य में इस प्रकार के विवादों की पुनरावृत्ति न हो।

  • आईपीएल के दौरान उड़ी अफेयर की चर्चाओं पर वर्षों बाद बोले ब्रेट ली, प्रीति जिंटा संग रिश्ते को लेकर दिया साफ जवाब

    आईपीएल के दौरान उड़ी अफेयर की चर्चाओं पर वर्षों बाद बोले ब्रेट ली, प्रीति जिंटा संग रिश्ते को लेकर दिया साफ जवाब

    नई दिल्ली । ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज ब्रेट ली ने वर्षों से चली आ रही उन चर्चाओं पर आखिरकार अपनी प्रतिक्रिया दी है, जिनमें उनका नाम बॉलीवुड अभिनेत्री और पंजाब किंग्स की सह-मालिक प्रीति जिंटा के साथ जोड़ा जाता रहा। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के शुरुआती सीजन में दोनों को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई गई थीं, लेकिन अब ब्रेट ली ने साफ कर दिया है कि उनके और प्रीति जिंटा के बीच कभी भी प्रेम संबंध नहीं था।

    ब्रेट ली ने हालिया बातचीत में कहा कि उन्होंने कभी किसी बॉलीवुड अभिनेत्री को डेट नहीं किया। उन्होंने बताया कि प्रीति जिंटा उनके लिए हमेशा एक अच्छी दोस्त रही हैं और आज भी दोनों के बीच सम्मान और मित्रता का वही रिश्ता कायम है। उन्होंने कहा कि उस समय प्रीति टीम की मालिक थीं और उनके साथ पेशेवर और दोस्ताना संबंध थे, जिन्हें लोगों ने अलग नजरिए से देखना शुरू कर दिया।

    पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर ने कहा कि अफवाहों का उन पर कभी कोई खास असर नहीं पड़ा क्योंकि उन्हें सच्चाई पता थी। उन्होंने बताया कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले लोगों के बारे में इस तरह की बातें अक्सर होती रहती हैं, लेकिन उन्होंने कभी इन चर्चाओं को गंभीरता से नहीं लिया। उनके अनुसार, लोगों की धारणाएं अलग हो सकती हैं, लेकिन वास्तविकता वही होती है जो संबंधित लोग जानते हैं।

    ब्रेट ली और प्रीति जिंटा का नाम सबसे अधिक वर्ष 2008 से 2011 के बीच चर्चा में रहा। उस समय ब्रेट ली आईपीएल में किंग्स इलेवन पंजाब की ओर से खेलते थे, जबकि प्रीति जिंटा फ्रेंचाइजी की सह-मालिक थीं। मैचों, टीम के कार्यक्रमों और विभिन्न प्रचार अभियानों में दोनों अक्सर एक साथ दिखाई देते थे। बाद में एक रेस्तरां में दोनों की मुलाकात की तस्वीरें सामने आने के बाद अफेयर की अटकलों ने और जोर पकड़ लिया था।

    हालांकि उस समय भी प्रीति जिंटा ने इन खबरों का सार्वजनिक रूप से खंडन किया था। उन्होंने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया था कि उनके और ब्रेट ली के बीच केवल दोस्ती का रिश्ता है। उन्होंने यह भी कहा था कि हर वर्ष एक ही तरह की अफवाहों को दोहराया जाना निराधार है और इसमें कोई सच्चाई नहीं है।

    ब्रेट ली की निजी जिंदगी की बात करें तो उन्होंने वर्ष 2006 में एलिजाबेथ केम्प से शादी की थी। इस विवाह से उनका एक बेटा हुआ, लेकिन बाद में दोनों अलग हो गए। इसके बाद वर्ष 2014 में उन्होंने लाना एंडरसन से विवाह किया। वर्तमान में वे अपने परिवार के साथ खुशहाल वैवाहिक जीवन व्यतीत कर रहे हैं।

    ब्रेट ली के इस बयान के बाद वर्षों से चली आ रही चर्चाओं पर विराम लग गया है। उनके स्पष्ट जवाब ने यह साफ कर दिया है कि आईपीएल के शुरुआती दौर में दोनों के बारे में जो अफवाहें फैली थीं, वे केवल अटकलें थीं और उनके बीच हमेशा दोस्ती का ही रिश्ता रहा।