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  • बॉक्स ऑफिस पर राम चरण की 'पेद्दी' का महातूफान: टिकट बिक्री में अपनी ही ब्लॉकबस्टर 'RRR' को पछाड़ा, ढाई दिन में बिके 20 लाख से ज्यादा टिकट

    बॉक्स ऑफिस पर राम चरण की 'पेद्दी' का महातूफान: टिकट बिक्री में अपनी ही ब्लॉकबस्टर 'RRR' को पछाड़ा, ढाई दिन में बिके 20 लाख से ज्यादा टिकट

    नई दिल्ली। साउथ सिनेमा के ग्लोबल सुपरस्टार राम चरण और बॉलीवुड अभिनेत्री जाह्नवी कपूर की हालिया रिलीज फिल्म ‘पेद्दी’ ने बॉक्स ऑफिस पर अपनी धुआंधार कमाई और टिकटों की रिकॉर्डतोड़ बिक्री से तहलका मचा दिया है। फिल्म समीक्षकों की मिली-जुली प्रतिक्रियाओं के बावजूद, इस एक्शन-ड्रामा फिल्म को देखने के लिए थिएटर्स में दर्शकों का हुजूम उमड़ रहा है। आलम यह है कि टिकट बुकिंग के सबसे बड़े ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बुकमाईशो पर इस फिल्म ने कमाई और बुकिंग के कई पुराने कीर्तिमानों को ध्वस्त करते हुए इतिहास रच दिया है। फिल्म ने महज ढाई दिनों के भीतर अपनी सफलता का जो परचम लहराया है, उसने ट्रेड एनालिस्ट्स को भी हैरान कर दिया है।

    रिलीज के साथ ही ‘पेद्दी’ ने टिकटों की रफ्तार के मामले में राम चरण की ही ऑस्कर विजेता और ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘RRR’ की बराबरी कर ली है। बुकमाईशो पर सबसे तेजी से 20 लाख टिकट बेचने वाली फिल्मों की सूची में ‘पेद्दी’ अब ‘RRR’ के साथ संयुक्त रूप से चौथे स्थान पर आ गई है। इस ऐतिहासिक लिस्ट में केवल प्री-रिलीज के जरिए सबसे आगे रहने वाली ‘पुष्पा 2: द रूल’ पहले नंबर पर है, जबकि ‘कल्कि 2898 AD’ डेढ़ दिन के साथ दूसरे और ‘बाहुबली 2: द कन्क्लूज़न’ दो दिन के रिकॉर्ड के साथ तीसरे स्थान पर काबिज है। ‘पेद्दी’ ने महज 2.5 दिनों में 20 लाख का आंकड़ा पार कर इस सूची में अपनी जगह पक्की की है।

    फिल्म की इस तूफानी रफ्तार का अंदाजा इसके शुरुआती आंकड़ों से लगाया जा सकता है। अपनी रिलीज से पहले ही भारी बज के कारण फिल्म के प्री-सेल में रिकॉर्ड 8,74,900 टिकट बिक चुके थे। इसके बाद गुरुवार को ओपनिंग डे पर जनता ने इस पर खूब प्यार लुटाया और पहले दिन 6,51,040 टिकटों की बुकिंग हुई। यह सिलसिला शुक्रवार को भी थमा नहीं और उस दिन भी 3,87,780 टिकट बिक गए। शनिवार की सुबह तक कुल बिक्री का ग्राफ 19,13,720 तक पहुंच चुका था, जो वीकेंड की छुट्टी शुरू होते ही कुछ ही घंटों में 20 लाख के पार चला गया। इस जबरदस्त रिस्पॉन्स के दम पर फिल्म ने केवल दो दिनों में ही दुनिया भर से लगभग 150 करोड़ रुपये का कलेक्शन कर लिया है।

    बात सिर्फ कुल टिकटों की संख्या तक ही सीमित नहीं है, बल्कि ‘पेद्दी’ ने पीक आवर्स यानी सबसे व्यस्त घंटों के दौरान प्रति घंटा टिकट बिक्री में भी एक नया बेंचमार्क सेट किया है। बुकमाईशो पर इस फिल्म ने अपने सबसे व्यस्ततम समय में एक घंटे के भीतर 47,330 टिकट बेचने का रिकॉर्ड बनाया है। इस मामले में राम चरण की इस फिल्म ने जूनियर एनटीआर की ‘देवरा’ और खुद राम चरण की ही बहुचर्चित फिल्म ‘गेम चेंजर’ को बहुत पीछे छोड़ दिया है। ‘देवरा’ जहां पीक आवर्स में 38.02K टिकटों के साथ छठे और ‘गेम चेंजर’ 36.74K टिकटों के साथ सातवें नंबर पर है, वहीं ‘पेद्दी’ ने चौथे स्थान पर छलांग लगाई है।

    पीक आवर्स की इस विशिष्ट टॉप 10 सूची में भी अल्लू अर्जुन की ‘पुष्पा 2’ (107.65K) शीर्ष पर है, प्रभास की ‘कल्कि 2898 AD’ (95.71K) दूसरे और ‘सालार’ (54.76K) तीसरे स्थान पर बनी हुई है। ‘पेद्दी’ के बाद इस सूची में ‘राजा साहब’, ‘एमएसजी’, ‘दे कॉल हिम ओजी’ और ‘एसकेवी’ जैसी फिल्में शामिल हैं। हालांकि कई फिल्म समीक्षकों ने ‘पेद्दी’ की कहानी और स्क्रीनप्ले को लेकर कुछ कमजोर कड़ियां गिनाई थीं, लेकिन थिएटर्स की तरफ खिंची चली आ रही आम जनता के उत्साह ने यह साफ कर दिया है कि राम चरण का स्क्रीन प्रेजेंस और जाह्नवी कपूर के साथ उनकी नई ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में पूरी तरह कामयाब रही है।

  • "हिम्मत है तो शाहरुख खान से कहकर दिखाओ…" रोमांटिक फिल्मों के लिए अभिनेत्रियों की उम्र पर उठने वाले सवालों पर भड़कीं तापसी पन्नू

    "हिम्मत है तो शाहरुख खान से कहकर दिखाओ…" रोमांटिक फिल्मों के लिए अभिनेत्रियों की उम्र पर उठने वाले सवालों पर भड़कीं तापसी पन्नू


    नई दिल्ली। भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में अभिनेत्रियों के करियर की उम्र और उनके किरदारों को लेकर अक्सर सवाल उठते रहे हैं। अब इस गंभीर मुद्दे पर अपनी बेबाक राय के लिए जानी जाने वाली अभिनेत्री तापसी पन्नू ने एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के दोहरे रवैये को उजागर किया है। तापसी पन्नू ने खुलासा किया है कि जैसे ही कोई अभिनेत्री 30 वर्ष की उम्र पार करती है, फिल्म गलियारों में उसे रोमांटिक-कॉमेडी फिल्मों के लिए अनुपयुक्त या ‘बड़ी उम्र’ का माना जाने लगता है। अभिनेत्री ने साफ किया कि यह रूढ़िवादी सोच सिर्फ बॉलीवुड तक सीमित नहीं है, बल्कि दक्षिण भारतीय सिनेमा (साउथ इंडस्ट्री) में भी पैर पसारे हुए है।

    एक हालिया इंटरव्यू में अपने संघर्ष और कड़वे अनुभवों को साझा करते हुए तापसी पन्नू ने कहा कि वह अपने ‘मिड 20’ (25-26 साल की उम्र) में हिंदी फिल्म इंडस्ट्री का हिस्सा बनी थीं। इसके बाद किसी भी कलाकार को खुद को साबित करने और एक मजबूत मुकाम हासिल करने में कम से कम तीन से चार साल का कड़ा संघर्ष करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि जब तक एक अभिनेत्री इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाती है और एक स्थापित पोजीशन पर पहुंचती है, तब तक उसकी उम्र 30 वर्ष को पार कर जाती है। इसके ठीक बाद मेकर्स और आलोचकों का यह कहना शुरू हो जाता है कि आप अब इतनी यंग नहीं बची हैं कि किसी रोमांटिक-कॉमेडी फिल्म में मुख्य भूमिका निभा सकें।

    तापसी पन्नू ने इस बात पर गहरी आपत्ति जताई कि पर्दे पर रोमांटिक किरदारों को निभाने के लिए हमेशा बहुत कम उम्र की ही लड़की की जरूरत क्यों समझी जाती है। उन्होंने पुरुषों और महिलाओं के बीच होने वाले इस उम्र के भेदभाव (एजिस्म) पर उंगली उठाते हुए कहा कि यह नियम केवल अभिनेत्रियों पर ही लागू होता है, पुरुष कलाकारों पर नहीं। उन्होंने समाज और इंडस्ट्री के इस सच को सामने रखते हुए कहा कि बड़ी उम्र के पुरुष अभिनेता पर्दे पर बेहद कम उम्र की लड़कियों के साथ रोमांस करते हैं, जिसे सहजता से स्वीकार कर लिया जाता है, लेकिन अभिनेत्रियों के मामले में नजरिया पूरी तरह बदल जाता है।

    इस दौरान तापसी ने साउथ फिल्म इंडस्ट्री का एक बेहद चौंकाने वाला किस्सा भी साझा किया। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने वहां के कुछ सीनियर सुपरस्टार्स के साथ फिल्में कीं, तो उसके बाद वहां के युवा अभिनेताओं ने उनके साथ काम करने से साफ मना कर दिया। युवा अभिनेताओं का मानना था कि सीनियर एक्टर्स के साथ स्क्रीन स्पेस शेयर करने के बाद तापसी उनके अपोजिट फिट नहीं बैठेंगी। इसी बात पर तीखा पलटवार करते हुए तापसी ने कहा कि क्या किसी में इतनी हिम्मत है कि वह यही बात सुपरस्टार शाहरुख खान से जाकर बोल सके? उन्होंने कहा कि शाहरुख खान जैसे महानायक के साथ काम करने के बाद किसी भी अभिनेत्री का करियर और जीवन पूरी तरह बदल जाता है, वहां उम्र का कोई टैबू नहीं होता, लेकिन अन्य स्तरों पर अभिनेत्रियों को इस रूढ़िवादिता का सामना करना पड़ता है।

    इंटरव्यू के दौरान तापसी ने सोशल मीडिया से करीब एक साल लंबे ब्रेक के बाद अपनी वापसी पर भी बात की। उन्होंने बताया कि वह वर्चुअल दुनिया में समय बर्बाद करने के बजाय अपनी वास्तविक जिंदगी का आनंद लेना चाहती थीं। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि आज के दौर में ब्रांड्स की यह अनिवार्य शर्त होती है कि वे केवल उन्हीं चेहरों के साथ काम करना चाहते हैं जो सोशल मीडिया पर लगातार सक्रिय और दिखाई देते हैं। काम की बात करें तो तापसी आखिरी बार फिल्म ‘अस्सी’ में एक वकील की भूमिका में नजर आई थीं और आने वाले समय में वह ‘वो लड़की है कहां’ और ‘गांधारी’ जैसी फिल्मों में मुख्य भूमिकाएं निभाती नजर आएंगी।

  • शिल्पा शिंदे के समर्थन में उतरीं अर्शी खान ने हिना खान पर निकाला पुराना गुस्सा, बीमारी के वक्त मैसेज का जवाब न देने पर लगाया गंभीर आरो

    शिल्पा शिंदे के समर्थन में उतरीं अर्शी खान ने हिना खान पर निकाला पुराना गुस्सा, बीमारी के वक्त मैसेज का जवाब न देने पर लगाया गंभीर आरो

    नई दिल्ली। टेलीविजन जगत के सबसे विवादित रियलिटी शो ‘बिग बॉस 11’ की पुरानी प्रतिद्वंद्विता एक बार फिर सोशल मीडिया के जरिए सतह पर आ गई है। अभिनेत्री शिल्पा शिंदे द्वारा हाल ही में एक पॉडकास्ट के दौरान किए गए चौंकाने वाले खुलासे के बाद से ही मनोरंजन जगत में एक नई बहस छिड़ गई है। इस पूरे मामले में जब ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ फेम अभिनेत्री हिना खान ने शिल्पा शिंदे के रुख की आलोचना करते हुए उन पर निशाना साधा, तो दोनों अभिनेत्रियों के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई। अब इस हाई-प्रोफाइल विवाद में उनकी पूर्व सह-प्रतियोगी अर्शी खान भी शामिल हो गई हैं, जिन्होंने हिना खान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

    यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब शिल्पा शिंदे ने भारती सिंह और हर्ष लिंबाचिया के टॉक शो में यह स्वीकार किया कि उन्होंने ‘भाभी जी घर पर हैं’ के शो मेकर्स पर जो सेक्शुअल हैरेसमेंट (यौन उत्पीड़न) का आरोप लगाया था, वह पूरी तरह से सच नहीं था बल्कि एक रणनीति का हिस्सा था। शिल्पा ने कहा कि उनके दिल पर यह एक बहुत बड़ा बोझ था, जिसे वह अब उतारना चाहती थीं। शिल्पा के इस कबूलनामे के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने उन्हें बुरी तरह ट्रोल करना शुरू कर दिया। इसी क्रम में हिना खान ने भी शिल्पा के इस गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार पर उंगली उठाई, जिसके बाद शिल्पा ने भी हिना पर पलटवार करते हुए उन पर पब्लिसिटी के लिए अपनी बीमारी का इस्तेमाल करने का ताना मार दिया।

    अब हिना और शिल्पा की इस आपसी जंग में अर्शी खान ने सीधे तौर पर एंट्री ली है और उन्होंने हिना खान पर सोशल मीडिया के जरिए अपनी तीखी भड़ास निकाली है। अर्शी खान ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक स्टोरी साझा करते हुए हिना खान के रवैये की कड़े शब्दों में निंदा की। अर्शी ने लिखा कि जब कुछ समय पहले हिना खान बीमार थीं, तो उन्हें बहुत बुरा लगा था और उन्होंने हिना की सेहत के लिए बाकायदा दुआएं भी मांगी थीं। अर्शी के मुताबिक, उन्होंने हिना को सहानुभूति का एक संदेश भी भेजा था, लेकिन हिना खान ने पलटकर यह बताने के लिए एक साधारण सा रिप्लाई तक नहीं किया कि वह अब कैसी हैं।

    अर्शी खान ने हिना खान पर गंभीर आरोप लगाते हुए आगे लिखा कि इस महिला की हर एक चीज केवल और केवल पब्लिसिटी बटोरने के लिए होती है। अर्शी ने हिना के पुराने रियलिटी शो के सफर का जिक्र करते हुए उन्हें ‘काले दिल वाली’ तक कह डाला और दावा किया कि वह जो ‘बिग बॉस’ के घर के अंदर थीं, आज भी बिल्कुल वैसी ही हैं। इसके साथ ही अर्शी खान ने शिल्पा शिंदे की सराहना करते हुए लिखा कि शाबाश शिल्पा, हम इस पूरे मामले में सिर्फ तुम्हारे साथ खड़े हैं।

    शिल्पा शिंदे ने भी अर्शी खान के इस खुले समर्थन को हाथों-हाथ लिया और अर्शी की इस इंस्टाग्राम स्टोरी को अपने अकाउंट पर दोबारा शेयर करते हुए उनका सार्वजनिक रूप से धन्यवाद व्यक्त किया। गौरतलब है कि ‘बिग बॉस 11’ के दौरान भी अर्शी खान और शिल्पा शिंदे के बीच काफी अच्छा तालमेल देखा गया था और उस वक्त भी यह दोनों कंटेस्टेंट्स घर के भीतर हिना खान की रणनीतियों और उनके व्यवहार के खिलाफ लगातार मुखर रही थीं। शो खत्म होने के बरसों बाद भी इन अभिनेत्रियों के बीच का मनमुटाव कम नहीं हुआ है।

    दूसरी तरफ, अपने ऊपर हो रही भारी ट्रोलिंग को लेकर शिल्पा शिंदे ने एक वीडियो जारी कर साफ कहा है कि उन्हें लोगों की नकारात्मक टिप्पणियों से कोई फर्क नहीं पड़ता। शिल्पा का कहना है कि जब वह अतीत में मुश्किल दौर से गुजर रही थीं, तब भी इंडस्ट्री में किसी ने उनका साथ नहीं दिया था और आज भी उन्हें किसी से किसी तरह के समर्थन की उम्मीद नहीं है। बहरहाल, अर्शी खान के इस विवाद में कूदने के बाद से सोशल मीडिया पर हिना खान और शिल्पा शिंदे के फैंस के बीच भी जंग और तेज हो गई है।

  • जब मोहम्मद रफी के सदाबहार गीत पर अड़ गए थे शम्मी कपूर: राज कपूर के दखल के बाद रिलीज हुआ गाना, प्रीमियर पर खड़े होकर तालियां बजाने लगे थे देव आनंद और आरडी बर्मन

    जब मोहम्मद रफी के सदाबहार गीत पर अड़ गए थे शम्मी कपूर: राज कपूर के दखल के बाद रिलीज हुआ गाना, प्रीमियर पर खड़े होकर तालियां बजाने लगे थे देव आनंद और आरडी बर्मन

    नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा के इतिहास में मोहम्मद रफी और शम्मी कपूर की जोड़ी को संगीत की दुनिया की सबसे कामयाब जोड़ियों में से एक माना जाता है। रफी साहब की बुलंद आवाज और शम्मी कपूर के अनूठे डांसिंग स्टाइल ने मिलकर बॉलीवुड को दर्जनों सदाबहार गाने दिए हैं। हालांकि, संगीत के इस सुनहरे सफर के दौरान एक वक्त ऐसा भी आया था जब शम्मी कपूर खुद मोहम्मद रफी और लता मंगेशकर के एक प्रतिष्ठित गाने के पूरी तरह खिलाफ हो गए थे। वह इस गाने को फिल्म से हटवाना या बदलवाना चाहते थे, लेकिन बाद में इसी गाने ने सिनेमाघरों में ऐसा तूफान लाया कि हर कोई देखता रह गया।

    यह पूरा विवाद साल 1962 में रिलीज हुई सुपरहिट फिल्म ‘प्रोफेसर’ के एक बेहद लोकप्रिय गीत से जुड़ा हुआ है। इस फिल्म के संगीत निर्देशन की जिम्मेदारी उस दौर की मशहूर संगीतकार जोड़ी शंकर-जयकिशन के कंधों पर थी। उन्होंने फिल्म के लिए एक बेहद खूबसूरत और रूहानी धुन तैयार की थी, जिसके बोल थे ‘आवाज देके हमें तुम बुलाओ’। इस रूमानी गीत को सुर कोकिला लता मंगेशकर और संगीत के सरताज मोहम्मद रफी ने अपनी जादुई आवाजों से सजाया था। रिकॉर्डिंग के बाद संगीत से जुड़े सभी लोग इस गाने की तारीफ कर रहे थे, लेकिन जैसे ही फिल्म के मुख्य अभिनेता शम्मी कपूर ने इसे सुना, उन्होंने इस पर कड़ी आपत्ति जता दी।

    अभिनेता शम्मी कपूर को असल में इस बात से गहरी दिक्कत थी कि गाने की शुरुआत मुख्य अभिनेत्री की आवाज से हो रही थी और पूरे दृश्य में उनका खुद का स्क्रीन टाइम बहुत कम नजर आ रहा था। उनका मानना था कि एक मुख्य अभिनेता के तौर पर इस गाने में उनकी मौजूदगी को सही ढंग से नहीं दर्शाया गया है और वह इसमें नाममात्र के लिए ही दिखाई दे रहे हैं। शम्मी कपूर इस बात पर अड़ गए कि इस गाने को फिल्म से बदल दिया जाए। जब यह विवाद काफी बढ़ गया और मेकर्स असमंजस की स्थिति में आ गए, तब फिल्म इंडस्ट्री के ‘शोमैन’ राज कपूर को इस मामले में बीच-बचाव करने के लिए आगे आना पड़ा।

    राज कपूर ने शम्मी कपूर के गुस्से को शांत करते हुए उन्हें समझाया कि वह इस कंपोजिशन और गाने के मिजाज पर भरोसा रखें। उन्होंने शम्मी को सलाह दी कि गाने को बिना किसी बदलाव के फिल्म में वैसे ही रहने दिया जाए जैसा इसे रिकॉर्ड किया गया है। राज कपूर के दखल और उनके विजन पर भरोसा करते हुए शम्मी कपूर आखिरकार मान गए। इसके बाद जब फिल्म बनकर तैयार हुई, तो उद्योग के तमाम दिग्गजों के लिए फिल्म का एक भव्य प्रीमियर शो आयोजित किया गया। इस प्रीमियर में देव आनंद, आरडी बर्मन और महमूद जैसी सिनेमा जगत की कई नामचीन हस्तियां मौजूद थीं।

    थिएटर के भीतर जब फिल्म के दौरान यह गाना बजना शुरू हुआ, तो शुरुआत में लता मंगेशकर की सुरीली आवाज को हॉल में बैठे सभी दिग्गज बेहद शांति और एकाग्रता से सुन रहे थे। जैसे ही गाने के बीच में मोहम्मद रफी की जादुई लाइनें गूंजी, थिएटर का माहौल पूरी तरह बदल गया। रफी साहब की आवाज का जादू ऐसा चला कि वहां बैठे संगीतकार आरडी बर्मन, सदाबहार अभिनेता देव आनंद और मशहूर कॉमेडियन महमूद अपनी सीटों से खड़े हो गए और उत्साह में आकर लगातार तालियां बजाने लगे। थिएटर के अंदर मौजूद दर्शकों और फिल्म समीक्षकों का यह अद्भुत रिस्पॉन्स देखकर खुद शम्मी कपूर भी पूरी तरह हैरान रह गए थे।

    इस घटना के बाद शम्मी कपूर को भी अहसास हो गया कि स्क्रीन टाइम से ज्यादा गाने की आत्मा और उसकी गायकी मायने रखती है। बाद में यह गाना न केवल चार्टबस्टर साबित हुआ, बल्कि इसे हिंदी सिनेमा के सबसे बेहतरीन गानों की फेहरिस्त में शामिल किया गया। मोहम्मद रफी ने इसके बाद भी शम्मी कपूर के लिए ‘चाहें कोई मुझे जंगली कहे’, ‘बदन पे सितारे’, ‘तारीफ करूं क्या उसकी’, और ‘ये चांद सा रोशन चेहरा’ जैसे अनगिनत कल्ट गाने गाए, जिन्होंने शम्मी कपूर को इंडस्ट्री का ‘एल्विस प्रेस्ली’ बनाने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

  • मेथड एक्टिंग के चक्कर में नाना पाटेकर ने जड़ा था जोरदार तमाचा, सह-कलाकार मधु ने भी तुरंत सेट पर ही सिखाया सबक, आधा दिन पहले खत्म हुई थी शूटिंग

    मेथड एक्टिंग के चक्कर में नाना पाटेकर ने जड़ा था जोरदार तमाचा, सह-कलाकार मधु ने भी तुरंत सेट पर ही सिखाया सबक, आधा दिन पहले खत्म हुई थी शूटिंग

    नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा जगत में कलाकारों के आपसी तालमेल और अभिनय के तौर-तरीकों को लेकर अक्सर कई तरह के किस्से सामने आते रहते हैं। ऐसा ही एक बेहद हैरान करने वाला खुलासा अपने जमाने की मशहूर अभिनेत्री मधु ने किया है। उन्होंने नब्बे के दशक की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘यशवंत’ की शूटिंग के दौरान का एक ऐसा वाकया साझा किया है, जिसने पूरी फिल्म इंडस्ट्री का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। मधु के अनुसार, एक बेहद संवेदनशील दृश्य की शूटिंग के दौरान उनके और दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के बीच सेट पर ही थप्पड़बाजी की नौबत आ गई थी।

    यह घटना फिल्म के सबसे महत्वपूर्ण दृश्य की शूटिंग के दौरान घटी थी, जिसके लिए निर्देशक अनिल मात्तू ने पूरा एक दिन निर्धारित किया था। मधु ने एक साक्षात्कार में बताया कि वह एक ऐसी अभिनेत्री रही हैं जो ‘स्विच ऑन और स्विच ऑफ’ पद्धति पर काम करती हैं, यानी कैमरे के सामने आते ही किरदार में आना और कट बोलते ही बाहर निकल जाना। इस सीन में उन्हें रोना था और इसके लिए वह आंखों में ग्लिसरीन का इस्तेमाल करना चाहती थीं, लेकिन उनके सह-कलाकार नाना पाटेकर इसके पूरी तरह खिलाफ थे। नाना पाटेकर फिल्म जगत में अपनी सजीव और ‘मेथड एक्टिंग’ के लिए जाने जाते हैं और वह चाहते थे कि दृश्य पूरी तरह वास्तविक लगे।

    अभिनेत्री के मुताबिक, कई बार रिहर्सल करने के बावजूद जब वह स्वाभाविक रूप से रोने में असमर्थ रहीं, तो नाना पाटेकर ने अचानक उन्हें बेहद जोरदार थप्पड़ जड़ दिया। बिना किसी पूर्व सूचना या तैयारी के अचानक पड़े इस तमाचे से मधु अवाक रह गईं और दर्द तथा गुस्से के कारण उनकी आंखों से सचमुच आंसू निकल आए। नाना पाटेकर के इस अप्रत्याशित व्यवहार ने मधु को इतना क्रोधित कर दिया कि उन्होंने बिना सोचे-समझे तुरंत पलटवार किया और सेट पर मौजूद पूरी टीम के सामने नाना पाटेकर को भी एक करारा थप्पड़ रसीद कर दिया।

    इस अप्रत्याशित घटनाक्रम के बाद सेट पर कुछ समय के लिए सन्नाटा पसर गया था, लेकिन इसके कारण दृश्य में जो वास्तविक भावनाएं और गुस्सा उभरकर आया, उसने पूरे शॉट को एक ही टेक में जीवंत कर दिया। स्वाभाविक और वास्तविक प्रतिक्रिया होने के कारण निर्देशक को वह शॉट बेहद पसंद आया। नतीजा यह हुआ कि जिस महत्वपूर्ण दृश्य की शूटिंग के लिए पूरा दिन तय किया गया था, वह महज आधे दिन में ही पूरी तरह से संपन्न हो गया। इस शॉट के पूरा होते ही नाना पाटेकर ने भी स्थिति को संभालते हुए पैकअप की घोषणा कर दी।

    बरसों पुराने इस वाकये को याद करते हुए मधु ने स्पष्ट किया कि इस तीखी नोकझोंक के बावजूद नाना पाटेकर का इरादा कभी भी उनके साथ दुर्व्यवहार करने का नहीं था। वह केवल पर्दे पर अभिनय के स्तर को उत्कृष्ट बनाना चाहते थे। जब भी वह सेट पर ग्लिसरीन का उपयोग करती थीं या अपने किरदार से भटकती थीं, तो नाना पाटेकर थोड़े असहज और नाखुश दिखाई देते थे। मधु ने माना कि नाना पाटेकर चाहते थे कि सह-कलाकार केवल अभिनय न करें, बल्कि उस किरदार को पूरी शिद्दत से जिएं, और यही वजह थी कि उस दिन उन्होंने अनजाने में मधु को भी एक ‘मेथड एक्टर’ बना दिया था।

    बॉलीवुड में नाना पाटेकर के कड़क मिजाज और काम के प्रति उनके सख्त रवैये को लेकर पहले भी कई किस्से सामने आते रहे हैं। इससे पहले दिग्गज फिल्ममेकर सई परांजपे ने भी फिल्म ‘दिशा’ की शूटिंग के दौरान चप्पल के एक सीन को लेकर नाना पाटेकर के साथ हुई अपनी तीखी बहस का जिक्र किया था। बहरहाल, मधु द्वारा साझा किया गया यह संस्मरण यह दिखाता है कि सिनेमा के पर्दे पर दिखने वाले बेहतरीन दृश्यों के पीछे कलाकारों को कभी-कभी किस तरह की शारीरिक और मानसिक परिस्थितियों से गुजरना पड़ता है।

  • ‘विवाह’ की पूनम से बनीं करोड़ों दिलों की पसंद, अमृता राव की सादगी और अभिनय का आज भी कायम है जादू

    ‘विवाह’ की पूनम से बनीं करोड़ों दिलों की पसंद, अमृता राव की सादगी और अभिनय का आज भी कायम है जादू

    नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा में कई ऐसे कलाकार रहे हैं जिन्होंने अपनी प्रतिभा और सादगी के बल पर दर्शकों के दिलों में स्थायी जगह बनाई। अभिनेत्री अमृता राव भी उन चुनिंदा अभिनेत्रियों में शामिल हैं जिन्होंने बिना किसी बड़े विवाद या अत्यधिक प्रचार के अपने अभिनय और व्यक्तित्व के दम पर अलग पहचान स्थापित की। खासतौर पर फिल्म ‘विवाह’ में निभाया गया उनका ‘पूनम’ का किरदार आज भी दर्शकों की स्मृतियों में जीवंत है।

    7 जून 1981 को मुंबई में जन्मीं अमृता राव का पालन-पोषण एक पारंपरिक कोंकणी परिवार में हुआ। बचपन से ही पढ़ाई और सांस्कृतिक गतिविधियों में रुचि रखने वाली अमृता ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा मुंबई में पूरी की। बाद में उन्होंने मनोविज्ञान विषय के साथ स्नातक की पढ़ाई शुरू की, लेकिन मॉडलिंग और मनोरंजन जगत में बढ़ती संभावनाओं ने उन्हें एक अलग दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

    करियर की शुरुआत उन्होंने मॉडलिंग से की। कई विज्ञापनों में दिखाई देने के बाद उन्हें संगीत वीडियो में भी काम करने का अवसर मिला। कैमरे के सामने उनकी सहज उपस्थिति और आत्मविश्वास ने विज्ञापन जगत का ध्यान आकर्षित किया। धीरे-धीरे फिल्म निर्माताओं की नजर उन पर पड़ी और उन्हें फिल्मों में अवसर मिलने लगे।

    साल 2002 में रिलीज हुई फिल्म ‘अब के बरस’ से अमृता ने बॉलीवुड में कदम रखा। हालांकि उनकी वास्तविक पहचान वर्ष 2003 में आई फिल्म ‘इश्क विश्क’ से बनी। इस फिल्म में उनके अभिनय को सराहा गया और युवा दर्शकों के बीच उनकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ी। फिल्म की सफलता ने उन्हें उद्योग में मजबूत स्थान दिलाया और उनके लिए नए अवसरों के द्वार खोले।

    इसके बाद अमृता ने ‘मस्ती’, ‘मैं हूं ना’, ‘वाह लाइफ हो तो ऐसी’, ‘शिखर’ और ‘प्यारे मोहन’ जैसी फिल्मों में काम किया। हालांकि उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में फिल्म ‘विवाह’ को विशेष स्थान प्राप्त है। इस पारिवारिक फिल्म में निभाए गए ‘पूनम’ के किरदार ने उन्हें देशभर के दर्शकों के बीच लोकप्रिय बना दिया। उनके सरल, संस्कारी और संवेदनशील चरित्र को लोगों ने बेहद पसंद किया और यही भूमिका उनके करियर की पहचान बन गई।

    अमृता राव ने हिंदी फिल्मों के अलावा दक्षिण भारतीय सिनेमा में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उन्होंने तेलुगू फिल्म उद्योग में भी काम किया और कई चर्चित कलाकारों के साथ स्क्रीन साझा की। इसके बाद ‘वेलकम टू सज्जनपुर’, ‘जॉली एलएलबी’, ‘सत्याग्रह’, ‘सिंह साहब द ग्रेट’ और ‘ठाकरे’ जैसी फिल्मों में भी उन्होंने अपनी अभिनय क्षमता का प्रदर्शन किया।

    निजी जीवन में अमृता ने लंबे समय तक रेडियो जॉकी अनमोल सूद के साथ संबंध में रहने के बाद वर्ष 2016 में विवाह किया। दोनों ने सादगीपूर्ण तरीके से शादी की और आज एक बेटे के माता-पिता हैं। विवाह के बाद अमृता ने परिवार को प्राथमिकता देते हुए फिल्मों में अपनी सक्रियता सीमित कर दी।

    वर्तमान समय में अमृता राव डिजिटल माध्यमों के जरिए अपने प्रशंसकों से जुड़ी हुई हैं। वह अपने पति के साथ एक लोकप्रिय यूट्यूब चैनल संचालित करती हैं, जहां जीवन से जुड़े अनुभव, पारिवारिक किस्से और विभिन्न चर्चित हस्तियों के साथ बातचीत साझा करती हैं। अभिनय, सादगी और संतुलित जीवनशैली के कारण अमृता राव आज भी भारतीय दर्शकों के बीच सम्मान और लोकप्रियता बनाए हुए हैं।

  • राजामौली की 'वाराणसी' में दिखेगा राम-कुंभकर्ण का महायुद्ध, लेखक विजयेंद्र प्रसाद ने दिए 30 मिनट के रोंगटे खड़े कर देने वाले सीक्वेंस के संकेत

    राजामौली की 'वाराणसी' में दिखेगा राम-कुंभकर्ण का महायुद्ध, लेखक विजयेंद्र प्रसाद ने दिए 30 मिनट के रोंगटे खड़े कर देने वाले सीक्वेंस के संकेत


    नई दिल्ली ।
    भारतीय सिनेमा जगत में अपनी भव्य और रिकॉर्डतोड़ फिल्मों के लिए मशहूर निर्देशक एसएस राजामौली की आगामी फिल्म ‘वाराणसी’ इन दिनों लगातार चर्चा का केंद्र बनी हुई है। पिछले साल हैदराबाद में इस फिल्म का पहला टीजर रिलीज होने के बाद से ही दर्शक इसके हर एक दृश्य को बारीकी से समझने का प्रयास कर रहे हैं। अब इस फिल्म को लेकर एक बेहद बड़ा और चौंकाने वाला अपडेट सामने आया है, जिसने सिनेमा प्रेमियों के बीच उत्सुकता को कई गुना बढ़ा दिया है। फिल्म के लेखक और राजामौली के पिता के. विजयेंद्र प्रसाद ने फिल्म के एक बेहद महत्वपूर्ण और भव्य एक्शन सीक्वेंस का हिंट दिया है।

    एक विशेष कार्यक्रम के दौरान जब विजयेंद्र प्रसाद से पूछा गया कि वह इस फिल्म के किस खास दृश्य के बारे में दर्शकों को थोड़ा संकेत देना चाहेंगे, तो उन्होंने सीधे तौर पर राम और कुंभकर्ण के बीच होने वाले महायुद्ध का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि फिल्म में यह युद्ध का सीक्वेंस लगभग 30 मिनट लंबा होने वाला है। लेखक के अनुसार, यह आधा घंटा दर्शकों को पूरी तरह से मंत्रमुग्ध कर देगा और उनके रोंगटे खड़े कर देगा। इस खुलासे के बाद से ही सोशल मीडिया पर इस बात को लेकर कयासबाजी शुरू हो गई है कि आखिर फिल्म में कुंभकर्ण का ताकतवर किरदार कौन सा अभिनेता निभाने जा रहा है, जिसमें अभिनेता पृथ्वीराज के नाम की चर्चा सबसे आगे है।

    विजयेंद्र प्रसाद ने फिल्म के टीजर का संदर्भ देते हुए कहा कि दर्शकों ने पहले ही इसकी एक छोटी सी झलक देखी है, जिसमें राम और कुंभकर्ण के आमने-सामने होने के साथ-साथ हनुमान जी की पूंछ और उस पर एक रथ दिखाई दे रहा है। जब उनसे यह जानने का प्रयास किया गया कि क्या इस फिल्म की कहानी में अलग-अलग टाइम जोन्स या समय काल का कोई कॉन्सेप्ट शामिल है, तो उन्होंने इस पर अधिक जानकारी देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि फिल्म की गोपनीयता बनाए रखने के लिए फिलहाल इस विषय पर अधिक बात करना सही नहीं होगा, जिससे साफ है कि मेकर्स दर्शकों के लिए पर्दे पर बड़ा सरप्राइज प्लान कर रहे हैं।

    इस बीच निर्देशक एसएस राजामौली ने भी फिल्म के मुख्य अभिनेता महेश बाबू के लुक को लेकर अपनी भावनाएं साझा की हैं। राजामौली ने बताया कि जब पहले दिन महेश बाबू भगवान राम के लुक में फोटोशूट के लिए सेट पर आए, तो उनका वह रूप देखकर खुद निर्देशक के भी रोंगटे खड़े हो गए थे। उन्होंने कहा कि महेश बाबू के व्यक्तित्व में भगवान कृष्ण का आकर्षण और भगवान राम की असीम शांति एक साथ दिखाई देती है, जो इस किरदार के लिए पूरी तरह न्याय करती है। राजामौली ने उस लुक की तस्वीर को कुछ समय के लिए अपने फोन का वॉलपेपर भी बनाया था ताकि वे इसे बार-बार देख सकें, लेकिन बाद में गोपनीयता के कारण हटा दिया।

    ‘आरआरआर’ जैसी फिल्म से वैश्विक स्तर पर देश को ऑस्कर दिलाने वाले राजामौली इस बार ‘वाराणसी’ के जरिए तकनीकी और कहानी के स्तर पर एक नया कीर्तिमान स्थापित करने की तैयारी में हैं। फिल्म में पहली बार कुछ ऐसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है जो भारतीय सिनेमा में पहले कभी नहीं देखी गईं। प्रियंका चोपड़ा और महेश बाबू स्टारर इस फिल्म की रिलीज डेट की घोषणा के बाद से ही ट्रेड एनालिस्ट्स इसे आने वाले समय की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर मान रहे हैं। विजयेंद्र प्रसाद और राजामौली की यह जोड़ी एक बार फिर इतिहास दोहराने के लिए पूरी तरह तैयार है।

  • जियो हॉटस्टार पर ट्रेंडिंग कंटेंट की रेटिंग में बड़ा उलटफेर, जानिए कौन है असली विजेता

    जियो हॉटस्टार पर ट्रेंडिंग कंटेंट की रेटिंग में बड़ा उलटफेर, जानिए कौन है असली विजेता

    मुंबई। ओटीटी प्लेटफॉर्म JioHotstar पर कई फिल्में और वेब सीरीज ट्रेंडिंग सूची में शामिल हैं, लेकिन लोकप्रियता और गुणवत्ता का पैमाना हमेशा एक जैसा नहीं होता। जहां कुछ टाइटल दर्शकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं, वहीं IMDb रेटिंग के आधार पर तस्वीर कुछ अलग नजर आती है।

    धुरंधर – द रिवेंज

    एक्शन और थ्रिल से भरपूर इस फिल्म को दर्शकों का अच्छा समर्थन मिला है। IMDb पर इसे 8.3 की रेटिंग प्राप्त है। समीक्षकों ने भी इसकी कहानी और प्रस्तुति की सराहना की है।

    लाफ्टर शेफ्स

    भारती सिंह और कृष्णा अभिषेक की मौजूदगी वाला यह कॉमेडी शो लगातार लोकप्रिय बना हुआ है। IMDb पर इसकी रेटिंग 8.4 है, जो इसे ट्रेंडिंग सूची के सबसे मजबूत दावेदारों में शामिल करती है।

    स्प्लिट्सविला

    रियलिटी शो पसंद करने वाले दर्शकों के बीच इसकी अच्छी पहचान है। हालांकि IMDb पर इसकी रेटिंग 6.5 है, जो सूची में मौजूद कई अन्य शो और फिल्मों से कम है।

    The Night Manager

    अनिल कपूर अभिनीत यह चर्चित सीरीज IMDb पर 8.4 की रेटिंग के साथ शीर्ष दावेदारों में शामिल है। सस्पेंस और थ्रिलर पसंद करने वाले दर्शकों के बीच इसे खासा पसंद किया गया।

    जॉली एलएलबी 3

    कॉमेडी और कोर्टरूम ड्रामा के मिश्रण वाली इस फिल्म को IMDb पर 6.4 की रेटिंग मिली है। ट्रेंडिंग सूची में होने के बावजूद रेटिंग के मामले में यह अपेक्षाकृत पीछे नजर आती है।

    इंस्पेक्टर अविनाश

    रणदीप हुड्डा अभिनीत यह क्राइम ड्रामा वास्तविक घटनाओं से प्रेरित बताया जाता है। IMDb पर इसकी रेटिंग 7.6 है और दर्शकों की प्रतिक्रिया मिश्रित रही है।

    धुरंधर

    इस फ्रेंचाइजी की पहली फिल्म को IMDb पर 8.4 की मजबूत रेटिंग मिली है। एक्शन, ड्रामा और दमदार स्टारकास्ट की वजह से इसे दर्शकों और समीक्षकों दोनों का समर्थन मिला।

    IMDb रेटिंग के आधार पर शीर्ष प्रदर्शन

    • लाफ्टर शेफ्स – 8.4
    • The Night Manager – 8.4
    • धुरंधर (पार्ट 1) – 8.4
    • धुरंधर – द रिवेंज – 8.3
    • इंस्पेक्टर अविनाश 2 – 7.6
    • स्प्लिट्सविला – 6.5
    • जॉली एलएलबी 3 – 6.4

    ट्रेंडिंग सूची लोकप्रियता को दर्शाती है, लेकिन IMDb रेटिंग बताती है कि दर्शकों और समीक्षकों ने किसी कंटेंट को कितनी सराहना दी है। ऐसे में सिर्फ ट्रेंडिंग पोजिशन देखकर नहीं, बल्कि रेटिंग और समीक्षाओं को देखकर भी अपनी वॉचलिस्ट तैयार करना बेहतर विकल्प हो सकता है।

  • नेटफ्लिक्स पर इस हफ्ते मनोरंजन का डबल डोज, क्राइम थ्रिलर से लेकर शॉकिंग डॉक्यूमेंट्री तक होगी रिलीज

    नेटफ्लिक्स पर इस हफ्ते मनोरंजन का डबल डोज, क्राइम थ्रिलर से लेकर शॉकिंग डॉक्यूमेंट्री तक होगी रिलीज

    मुंबई। ओटीटी प्लेटफॉर्म Netflix पर इस सप्ताह दर्शकों के लिए कई नई फिल्में, डॉक्यूमेंट्री और वेब सीरीज रिलीज होने जा रही हैं। क्राइम, थ्रिलर, रियलिटी शो और फैमिली ड्रामा पसंद करने वाले दर्शकों को इस बार कंटेंट की भरपूर वैरायटी देखने को मिलेगी।

    1. Colors Of Evil: Black

    10 जून को रिलीज होने वाली यह क्राइम थ्रिलर एक शांत शहर में बच्चे के रहस्यमय ढंग से गायब होने की घटना पर आधारित है। जांच आगे बढ़ने के साथ कई पुराने और चौंकाने वाले रहस्य सामने आते हैं, जो कहानी को रोमांचक बना देते हैं।

    2. Outlast: The Jungle

    रियलिटी शो के शौकीनों के लिए यह सीरीज 10 जून को स्ट्रीम होगी। इस बार प्रतियोगियों को पनामा के घने और खतरनाक जंगलों में चुनौती का सामना करना होगा। विजेता को 10 लाख डॉलर की पुरस्कार राशि मिलेगी।

    3. Rosario Tijeras

    लोकप्रिय क्राइम ड्रामा का पांचवां सीजन भी 10 जून को आएगा। कहानी में रोजारियो नई शुरुआत की कोशिश करती है, लेकिन पुराने दुश्मन और नए खतरे उसकी राह में बड़ी चुनौतियां खड़ी कर देते हैं।

    4. The Evil Lawyer

    11 जून को रिलीज होने वाली यह कोर्टरूम ड्रामा सीरीज एक युवा वकील की कहानी है, जो एक गंभीर अपराध में फंस जाता है। अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए उसे एक अनुभवी लेकिन सख्त वकील का सहारा लेना पड़ता है।

    5. Maternal Instinct

    12 जून को आने वाली यह डॉक्यूमेंट्री एक चर्चित वास्तविक घटना से प्रेरित बताई जा रही है। कहानी में सोशल मीडिया, झूठी पहचान और एक चौंकाने वाले रहस्य का खुलासा दर्शकों को अंत तक बांधे रखता है।

    6. My Family

    पारिवारिक रिश्तों, संघर्षों और भावनात्मक उतार-चढ़ाव पर आधारित इस शो का दूसरा सीजन भी इसी सप्ताह दर्शकों के बीच आएगा। पहले सीजन को मिली लोकप्रियता के बाद इसके नए एपिसोड को लेकर काफी उत्सुकता है।

  • अनुपमा में नया बवाल: राही की मातृत्व क्षमता पर उठे सवाल, परिवार में बढ़ेगा तनाव

    अनुपमा में नया बवाल: राही की मातृत्व क्षमता पर उठे सवाल, परिवार में बढ़ेगा तनाव

    मुंबई। लोकप्रिय टीवी शो अनुपमा के आगामी एपिसोड में भावनात्मक ड्रामा और पारिवारिक टकराव दर्शकों को बांधे रखेगा। कहानी में राही को लेकर बड़ा विवाद खड़ा होने वाला है, जिससे कोठारी और शाह परिवार दोनों में उथल-पुथल मच जाएगी।

    एपिसोड में ख्याति, राही का पक्ष लेते हुए परिवार को समझाने की कोशिश करेगी कि जीवन में परिस्थितियां कभी भी बदल सकती हैं। हालांकि वसुंधरा कोठारी इस बात को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं होगी। वह राही पर परिवार से सच छिपाने का आरोप लगाएगी और उसके भविष्य को लेकर चिंता जताएगी।

    दूसरी ओर प्रेम अपनी पत्नी राही के समर्थन में मजबूती से खड़ा नजर आएगा। वह स्पष्ट करेगा कि किसी भी परिस्थिति में वह राही का साथ नहीं छोड़ेगा। वहीं राही भी अपनी सेहत और इलाज को लेकर सकारात्मक रवैया अपनाने की बात कहेगी।

    इसी बीच गौतम अपने स्वार्थी इरादों को लेकर मन ही मन खुश दिखाई देगा। उसे लगने लगेगा कि परिवार की संपत्ति के बंटवारे की स्थिति अब उसके पक्ष में जा सकती है।

    उधर शाह परिवार में भी तनाव कम नहीं होगा। अनुपमा अपने कुकिंग प्रतियोगिता के फॉर्म को लेकर परेशान रहेगी। माही को शक होगा कि फॉर्म गायब होने के पीछे प्रेम का हाथ हो सकता है, लेकिन अनुपमा इस आरोप को मानने से इनकार कर देगी। बाद में दिग्विजय की ओर से मिली जानकारी से भी कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाएगा।

    परिवार के दूसरे सदस्यों के बीच हंसमुख और लीला की सालगिरह की तैयारियां चलती रहेंगी, लेकिन राही से जुड़ा मुद्दा कहानी का केंद्र बना रहेगा।

    आने वाले एपिसोड में यह देखना दिलचस्प होगा कि राही से जुड़ी जानकारी शाह परिवार तक कैसे पहुंचती है और इस पूरे घटनाक्रम पर अनुपमा की क्या प्रतिक्रिया रहती है। यही मोड़ कहानी को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।