Category: Entertainment

  • धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म 'इक्कीस' की रिलीज डेट पोस्टपोन अब जनवरी में होगी रिलीज

    धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म 'इक्कीस' की रिलीज डेट पोस्टपोन अब जनवरी में होगी रिलीज


    नई दिल्ली । धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म ‘इक्कीस’ अब 1 जनवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी जबकि पहले इसे 25 दिसंबर 2025 को रिलीज किया जाना था। मेकर्स ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए फिल्म की रिलीज को पोस्टपोन करने की जानकारी दी।

    रिलीज पोस्टपोन करने का कारण

    इस बदलाव का मुख्य कारण यह है कि फिल्म ‘धुरंधर’ ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रतिक्रिया प्राप्त की है और इसके चलते सिनेमाघरों में जबरदस्त भीड़ उमड़ रही है। मेकर्स नहीं चाहते थे कि धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म ‘इक्कीस’ का बॉक्स ऑफिस पर ‘धुरंधर’ के साथ क्लैश हो जिससे दोनों फिल्मों को नुकसान हो सकता था। इसलिए उन्होंने यह फैसला लिया और फिल्म की रिलीज डेट को जनवरी 2026 तक बढ़ा दिया।

    मेकर्स का पोस्ट और ट्रिब्यूट

    मेकर्स ने एक विशेष पोस्ट में धर्मेंद्र के प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए लिखा “आज भी जी करता है पिंड अपने नू जानवा। धरम जी मिट्टी के सच्चे बेटे थे और उनके शब्दों में उस मिट्टी का सार है। उनकी यह कविता एक तड़प है; एक लेजेंड से दूसरे लेजेंड को एक ट्रिब्यूट। हमें यह टाइमलेस वर्स गिफ्ट करने के लिए धन्यवाद। यह पोस्ट न केवल धर्मेंद्र के योगदान को सम्मानित करता है बल्कि दर्शकों से फिल्म को सिनेमाघरों में देखने की अपील भी करता है।

    अब कब होगी फिल्म रिलीज

    ‘इक्कीस’ अब 1 जनवरी 2026 को रिलीज होगी। फिल्म धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म होने के नाते फैंस के लिए खास महत्व रखती है और अब वे इस फिल्म का लंबे समय से इंतजार कर रहे है धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म ‘इक्कीस’ का पोस्टपोन होना दर्शकों के लिए एक दिलचस्प अपडेट है। हालांकि बॉक्स ऑफिस पर क्लैश से बचने के लिए यह फैसला लिया गया लेकिन अब दर्शक जनवरी में इस फिल्म का इंतजार और अधिक उत्साह के साथ करेंगे।

  • रहमान डकैत की मौत असल जिंदगी में इस तरह हुई 'धुरंधर' फिल्म में दिखाए गए तथ्य से था अलग

    रहमान डकैत की मौत असल जिंदगी में इस तरह हुई 'धुरंधर' फिल्म में दिखाए गए तथ्य से था अलग


    नई दिल्ली । फिल्म धुरंधर में रहमान डकैत की मौत को एक अलग तरीके से दिखाया गया है लेकिन असल जिंदगी में उनका अंत काफी अलग था। फिल्म में यह दिखाया गया है कि रणवीर सिंह जो कि रहमान डकैत का किरदार निभा रहे हैं एसपी चौधरी असलम संजय दत्त के साथ मिलकर उन्हें धोखा देते हैं और इस साजिश में वह रहमान को मार डालते हैं। हालांकि असल में रहमान डकैत की मौत इस तरह नहीं हुई थी।

    रहमान डकैत की असल मौत की कहानी

    रहमान डकैत जिनका असली नाम सरदार अब्दुल रहमान बलोच था की मौत के पीछे एक अलग साजिश थी। एक पाकिस्तानी पुलिस अफसर शकीमुद्दीन ने एक पॉडकास्ट में रहमान की मौत का असली कारण बताया। उन्होंने कहा “रहमान डकैत की एक बार अपने चेहरे पर गंभीर चोट लग गई थी जिससे उसका चेहरा खराब हो गया। वह इलाज के लिए ईरान गया था। वहीं एक पीपल्स पार्टी के सीनियर नेता ने एसपी चौधरी असलम से कहा था कि ‘रहमान को मैनेज करो वह चुनाव लड़ने वाला है।

    पॉलिटिकल ट्रैप में फंसा रहमान डकैत

    शकीमुद्दीन ने आगे बताया “एसपी चौधरी असलम ने रहमान डकैत से ईरान में संपर्क किया और कहा कि अगर वह राजनीति में उतरना चाहता है तो वह उसे सूबाई असेंबली के टिकट के लिए बात कर सकते हैं। रहमान ने एसपी चौधरी से कहा ‘हां अगर आप कहें तो मैं चुनाव लड़ने के लिए तैयार हूं।’ एसपी चौधरी ने उसे कराची बुलाया और कहा कि ‘तुम्हें टिकट मिल जाएगा। यह एक पॉलिटिकल ट्रैप था।

    मौत की साजिश

    जब रहमान डकैत कराची पहुंचे तो एसपी चौधरी ने उन्हें सिंधी वडेरे के डेरे पर बुलाया। वहीं रहमान डकैत को मार डाला गया। यह पूरी साजिश एक राजनीतिक षड्यंत्र का हिस्सा थी जिससे एसपी चौधरी ने उन्हें धोखा दिया और उनकी हत्या कर दी।

    फिल्म में बदलाव

    ‘धुरंधर’ फिल्म में इस कहानी को क्रिएटिव फ्रीडम के तहत थोड़ा बदला गया है। फिल्म में रणवीर सिंह का किरदार रहमान डकैत का भरोसा जीतता है और फिर एसपी चौधरी असलम के साथ मिलकर उसे धोखा दे देता है। लेकिन असल जिंदगी में मामला राजनीतिक था और धोखा देने के पीछे पॉलिटिकल मंशाएं थीं। फिल्म ‘धुरंधर’ ने रहमान डकैत की मौत को मनोरंजन के हिसाब से प्रस्तुत किया है लेकिन असल जीवन में उनका अंत काफी जटिल और राजनीतिक षड्यंत्र से जुड़ा हुआ था। यह कहानी दिखाती है कि कैसे सत्ता और राजनीति के खेल में लोगों की जान चली जाती है और यह भी कि फिल्मों और असल जिंदगी के बीच बहुत अंतर हो सकता है।

  • थिएटर में फिल्म देखने वालों के लिए बने ये नियम क्या आप जानते हैं

    थिएटर में फिल्म देखने वालों के लिए बने ये नियम क्या आप जानते हैं


    नई दिल्ली । थिएटर में फिल्म देखने के लिए कुछ खास नियम बनाए गए हैं जिनका उद्देश्य दर्शकों की सुविधा और सुरक्षा को सुनिश्चित करना है। अगर आप एक मूवी लवर हैं और अक्सर सिनेमाघरों में फिल्में देखने जाते हैं तो ये नियम आपके लिए जानना जरूरी हैं।

    बाहर का खाना और पानी

    आमतौर पर सिनेमाघरों में बाहर का खाना और पानी ले जाने की अनुमति नहीं होती है लेकिन कुछ विशेष स्थितियों में यह नियम लागू नहीं होता। जैसेअगर आपके साथ छोटा बच्चा हैतो आप बच्चे के लिए खाना और पानी लेकर जा सकते हैं। थिएटर आपको कोई रोक नहीं सकता है। स्वास्थ्य संबंधी कारणअगर किसी व्यक्ति को विशेष डाइट की जरूरत है जिसे डॉक्टर ने सलाह दी है तो वह थिएटर के मालिक को सूचित करके अपनी डाइट का खाना लेकर जा सकते हैं। थिएटर की सुरक्षा मालिक की जिम्मेदारी है कि वह दर्शकों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। इस संदर्भ में कुछ प्रमुख नियम हैं

    EXIT साइनथिएटर हॉल में स्पष्ट रूप से EXIT साइन लगे होने चाहिए ताकि आपातकालीन स्थिति में दर्शक सही रास्ते से बाहर निकल सकें।
    लाइटिंगहॉल में लाइट्स का सही तरीके से काम करना चाहिए ताकि अंधेरे में किसी को कोई परेशानी न हो।हवा की सही व्यवस्थासिनेमाघरों में वेंटिलेशन की पूरी व्यवस्था होनी चाहिए ताकि हवा की कोई कमी न हो और दर्शकों को शुद्ध हवा मिल सके।आग से बचावथिएटर में आग से बचाव के पूरे इंतजाम होने चाहिए। आपातकालीन परिस्थितियों में तुरंत सुरक्षा उपाय लागू हो सकें जैसे अग्निशामक यंत्र फायर एक्सटिंगuisher और अलार्म सिस्टम।

    मुफ्त पानी की सुविधा

    सिनेमाघरों में आपको मुफ्त पानी उपलब्ध कराया जाता है। यह एक नियम है जिससे दर्शक पानी के बिना परेशान न हों। अगर आपको पानी चाहिए तो आप थिएटर से बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के पानी ले सकते हैं।

    इमरजेंसी एग्जिट और सीढ़ियां

    सिनेमाघरों में इमरजेंसी एग्जिट और सीढ़ियों का ध्यान रखा जाता है। इनका इस्तेमाल केवल आपातकालीन स्थितियों में किया जाएगा जिससे हर किसी को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।

     टिकट चेकिंग

    कई थिएटरों में एक नियम होता है कि अधिकारिक टिकट के बिना सिनेमाघर में प्रवेश नहीं किया जा सकता। यह नियम सुरक्षा और व्यवस्थापन के लिए जरूरी है।

     शांति बनाए रखें

    फिल्म देखने के दौरान थिएटर में शांति बनाए रखना भी एक आवश्यक नियम है। तेज आवाज़ में बात करना या फोन का इस्तेमाल शांति को भंग कर सकता है और आपके लिए भी परेशानी का कारण बन सकता है। इसलिए ध्यान रखें कि आप दूसरों की फिल्म देखने के अनुभव को खराब न करें। इन नियमों को जानने से आपको सिनेमाघर में एक अच्छा अनुभव मिलेगा। सुरक्षा स्वास्थ्य और आरामदायक माहौल सुनिश्चित करने के लिए ये नियम बनाए गए हैं। अगली बार जब आप सिनेमाघर जाएं तो इन नियमों का पालन जरूर करें और एक सुरक्षित और सुखद फिल्म अनुभव का आनंद लें।

  • KBC पर कार्तिक आर्यन ने अमिताभ बच्चन से पूछा निजी सवाल बिग बी बोले पागल हो क्या

    KBC पर कार्तिक आर्यन ने अमिताभ बच्चन से पूछा निजी सवाल बिग बी बोले पागल हो क्या


    नई दिल्ली । कौन बनेगा करोड़पति KBC के हालिया एपिसोड में कार्तिक आर्यन और अनन्या पांडे ने एक ऐसा सवाल पूछा जिसे सुनकर अमिताभ बच्चन भी हंसी नहीं रोक पाए। इस एपिसोड में कार्तिक ने बिग बी से उनकी निजी जिंदगी से जुड़े कुछ मजेदार सवाल पूछ डाले जिसने शो का माहौल बिल्कुल बदल दिया।

    कार्तिक ने पूछे निजी सवाल

    कौन बनेगा करोड़पति के नए एपिसोड में कार्तिक और अनन्या अपनी फिल्म को प्रमोट करने के लिए आए थे। इस दौरान कार्तिक ने अमिताभ को कोरियन दिल हार्ट बनाना सिखाया और फिर उनके निजी जीवन से जुड़ा एक सवाल पूछ लिया जो सभी के लिए हंसी का कारण बन गया।
    कार्तिक ने अमिताभ से पूछा क्या आपने कभी जया बच्चन से छुपकर कुछ खाया है इस पर अमिताभ मुस्कुराते हुए थोड़ा चिढ़े। लेकिन कार्तिक ने रुकते हुए और एक सवाल पूछा “सर आपके फोन का पासवर्ड क्या जया बच्चन को पता है इस सवाल पर ऑडियंस और कार्तिक भी हंसी रोक नहीं पाए। अमिताभ अपनी हंसी दबाते हुए जवाब देते हैं “पागल हो क्या हम बता देंगे उनको” उनका जवाब इतना मजेदार था कि सभी हंस पड़े।

    अनन्या का सवाल भी था दिलचस्प

    इसके बाद अनन्या पांडे भी शो में शामिल हो गईं और उन्होंने अमिताभ से पूछा कि आजकल के जनरेशन के कुछ नए शब्दों के बारे में उनकी राय क्या है। अमिताभ जो पुराने जमाने के शब्दों के लिए जाने जाते हैं इन नए शब्दों को सुनकर थोड़ा चौंक गए और दर्शकों को उनके इस रिएक्शन पर भी खूब हंसी आई।

    कार्तिक और अनन्या का हंसी-मज़ाक

    कार्तिक और अनन्या के साथ शो का माहौल एकदम हल्का-फुल्का हो गया था। दर्शकों को हर पल हंसी और मस्ती में डूबते देखा गया। यह एपिसोड न केवल मनोरंजक था बल्कि अमिताभ और उनके मेहमानों के बीच की गर्मजोशी और हंसी ने इसे और भी खास बना दिया कौन बनेगा करोड़पति का यह एपिसोड इस साल के सबसे मजेदार एपिसोड्स में से एक बन गया। कार्तिक आर्यन और अनन्या पांडे के साथ बातचीत ने शो को और भी ज्यादा दिलचस्प और मनोरंजक बना दिया। अमिताभ बच्चन का हल्का-फुल्का अंदाज और उनकी रिएक्शन ने साबित कर दिया कि वह सिर्फ एक महान अभिनेता ही नहीं बल्कि एक बेहतरीन एंटरटेनर भी हैं।

  • हेमा मालिनी ने धर्मेंद्र की प्रेयर मीट में न जाकर लिया सही फैसला मनोज देसाई ने किया खुलासा

    हेमा मालिनी ने धर्मेंद्र की प्रेयर मीट में न जाकर लिया सही फैसला मनोज देसाई ने किया खुलासा


    नई दिल्ली । धर्मेंद्र के निधन के बाद उनके परिवार ने दो अलग-अलग प्रेयर मीट आयोजित की थीं। पहली प्रेयर मीट उनके बेटों सनी और बॉबी देओल द्वारा रखवाई गई थी जबकि दूसरी प्रेयर मीट हेमा मालिनी ने अपने घर में आयोजित की थी। अब इस मामले पर गैलेक्सी थिएटर के मालिक मनोज देसाई ने अपनी राय दी है जिसमें उन्होंने बताया कि हेमा मालिनी का यह कदम एक समझदारी भरा निर्णय था।

    मनोज देसाई ने क्यों कहा ‘हेमा ने सही फैसला लिया

    धर्मेंद्र के निधन से उनके परिवार और फैंस को गहरा सदमा लगा। दोनों प्रेयर मीट के दौरान भारी भीड़ जुटी थी और मनोज देसाई ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने विकी लालवाणी से बात करते हुए कहा “हेमा जी ने जो फैसला लिया वह बिल्कुल सही था। किसी भी प्रकार की विवाद से बचने के लिए उन्होंने अलग से प्रेयर मीट रखवाई। अगर वह सनी और बॉबी की प्रेयर मीट में शामिल होतीं तो शायद कोई न कोई विवाद उत्पन्न हो जाता। इसलिए यह सही था कि उन्होंने अपने घर पर एक अलग प्रेयर मीट रखवाई। मनोज का यह बयान इस बात की पुष्टि करता है कि धर्मेंद्र और हेमा मालिनी के बीच के रिश्ते गहरे थे लेकिन इस तरह के संवेदनशील मौकों पर परिवार के भीतर किसी भी तरह की तकरार से बचने के लिए हेमा का कदम समझदारी से लिया गया था।

    प्रेयर मीट में उमड़ी भीड़

    मनोज ने यह भी बताया कि प्रेयर मीट में शामिल होने के लिए लोगों की लंबी कतारें लग गई थीं। उन्होंने बताया “मेरी कार 86वें नंबर पर थी और मुझे इंतजार करना पड़ा क्योंकि इतनी भीड़ थी। सनी देओल से मेरी मुलाकात हुई और मैंने कहा कि इतनी भीड़ है इसलिए मैं फ्रंट गेट से आ रहा हूं। उन्होंने मुझे धन्यवाद कहा। उन्होंने इस बात का भी उल्लेख किया कि प्रेयर मीट के दौरान भजन भी गाए गए थे और यह एक बहुत ही भावुक अवसर था।

    धर्मेंद्र की प्रेयर मीटएक ऐतिहासिक घटना

    मनोज देसाई ने कहा “मैंने कई आर्टिस्ट की प्रेयर मीट में हिस्सा लिया है जैसे राजेश खन्ना और यश चोपड़ा की प्रेयर मीट में। लेकिन धर्मेंद्र जी जैसी प्रेयर मीट मैंने कभी नहीं देखी। ऐसा लगा जैसे पूरा देश वहां आ गया था। यह बयान इस बात को दर्शाता है कि धर्मेंद्र का प्रभाव इंडस्ट्री में कितना गहरा था और उनके निधन से जो खालीपन हुआ है वह केवल उनके परिवार के लिए नहीं बल्कि पूरे फिल्म इंडस्ट्री के लिए था।

    धर्मेंद्र के निधन के बाद उनके परिवार ने जो भी कदम उठाए वह उनके सम्मान और शांति को बनाए रखने के लिए थे। मनोज देसाई के बयान से यह साफ है कि हेमा मालिनी का अलग प्रेयर मीट रखना एक सही निर्णय था ताकि कोई भी विवाद न हो और धर्मेंद्र की यादों को शांति से श्रद्धांजलि दी जा सके। धर्मेंद्र का योगदान सिनेमा में हमेशा याद रखा जाएगा और उनके चाहने वालों के लिए यह एक अभूतपूर्व क्षण था।

  • कुमार सानू ने एक्स वाइफ रीता के खिलाफ दर्ज किया मानहानि का केस 30 लाख रुपये मुआवजे की मांग

    कुमार सानू ने एक्स वाइफ रीता के खिलाफ दर्ज किया मानहानि का केस 30 लाख रुपये मुआवजे की मांग


    नई दिल्ली । कुमार सानू ने अपनी एक्स वाइफ रीता के खिलाफ मानहानि का केस दर्ज किया है और मुआवजे के रूप में 30 लाख रुपये की मांग की है। यह मामला तब सामने आया जब रीता ने कई मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कुमार सानू पर गंभीर आरोप लगाए।

    क्या है मामला

    रीता ने अपने बयानों में दावा किया था कि कुमार सानू ने उनकी प्रेग्नेंसी के दौरान उनका बहुत बुरा व्यवहार किया था। उन्होंने यह आरोप भी लगाया था कि कुमार सानू ने उन्हें भूखा रखा किचन में बंद कर दिया और प्रेग्नेंसी के दौरान उन्हें दूध और मेडिकल केयर तक नहीं दिया। रीता का यह भी कहना था कि कुमार सानू ने इस दौरान कोर्ट के मामलों को भी जारी रखा था।

    इन आरोपों को लेकर कुमार सानू ने मानहानि की याचिका दायर की है जिसमें कहा गया है कि इन झूठे आरोपों के कारण उनकी इमेज को काफी नुकसान पहुंचा है और उन्होंने मानसिक तनाव का सामना भी किया है। कुमार सानू का कहना है कि इन आरोपों के कारण उनकी पब्लिक इमेज खराब हुई है और इसका असर उनके प्रोफेशनल करियर पर भी पड़ा है।

    याचिका में क्या कहा गया

    याचिका में कहा गया है कि इन बयानों ने सिंगर की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया है और उन्हें सोशल मीडिया पर भी निगेटिव प्रतिक्रियाओं का सामना करना पड़ा है। इस मानहानि के मामले में रीता और संबंधित मीडिया पोर्टल्स को लीगल नोटिस भेजा गया है। कुमार सानू ने यह भी कहा कि इन आरोपों से उन्हें आर्थिक और प्रतिष्ठा संबंधी भारी नुकसान हुआ है। इसके अलावा रीता ने यह भी आरोप लगाया था कि शादी के दौरान कुमार सानू के कई अफेयर थे जो मामला और पेचीदा बना रहा है।

    सना रईस खान ने लिया कुमार सानू का पक्ष

    कुमार सानू की ओर से इस मानहानि केस की याचिका वकील सना रईस खान द्वारा दायर की गई है। सना रईस खान बिग बॉस 17 की कंटेस्टेंट भी रह चुकी हैं और उन्होंने ही कुमार सानू का कानूनी प्रतिनिधित्व किया है।

    कुमार सानू और रीता का तलाक

    कुमार सानू और रीता का तलाक 2001 में हुआ था। दोनों का एक बेटा है जान कुमार सानू जो बिग बॉस 14 में बतौर कंटेस्टेंट नजर आ चुके थे। जान कुमार सानू का नाम भी इस विवाद से जुड़ा है लेकिन अभी तक उन्होंने इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की है। यह विवाद सिंगर कुमार सानू और उनकी एक्स वाइफ रीता के बीच बढ़ता जा रहा है। यदि कोर्ट इस मामले में फैसला देता है तो यह देखना दिलचस्प होगा कि मानहानि के इस केस में क्या परिणति होती है और क्या कुमार सानू को मुआवजा मिलता है।

  • आउटसाइडर से सुपरस्टार: ऋचा चड्ढा की वो कहानी, जो हर सपने देखने वाले के लिए मिसाल है।

    आउटसाइडर से सुपरस्टार: ऋचा चड्ढा की वो कहानी, जो हर सपने देखने वाले के लिए मिसाल है।


    नई दिल्ली /बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बनाना आसान नहीं होता खासकर तब जब कोई फिल्मी बैकग्राउंड या गॉडफादर न हो। ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी है अभिनेत्री ऋचा चड्ढा की जो आज 18 दिसंबर को अपना जन्मदिन मना रही हैं। अमृतसर पंजाब में जन्मीं ऋचा ने मेहनत टैलेंट और बेबाक अंदाज के दम पर इंडस्ट्री में खुद को साबित किया।कभी मैगजीन में इंटर्न के तौर पर काम करने वाली ऋचा आज बॉलीवुड की बिंदास और बेखौफ हीरोइन के रूप में जानी जाती हैं। उनकी दमदार एक्टिंग के साथ-साथ उनका आत्मविश्वास और साफगोई भी उन्हें खास बनाता है। यही वजह है कि उनके लुक्स और पर्सनैलिटी परमिर्जापुर फेम अभिनेता अली फजल भी दिल हार बैठे।

    मैगजीन की डेस्क से मायानगरी तक
    बहुत कम लोग जानते हैं कि एक्टिंग की दुनिया में कदम रखने से पहले ऋचा चड्ढा ने मेंस फैशन मैगजीन में इंटर्नशिप की। मीडिया और फैशन इंडस्ट्री का अनुभव लेने के बाद उन्होंने अभिनय की ओर कदम बढ़ाया। साल 2008 में आई फिल्मओए लकी! लकी ओए! से ऋचा ने बॉलीवुड में डेब्यू किया। हालांकि इस फिल्म में उनका रोल छोटा था और उन्हें तुरंत बड़ी पहचान नहीं मिली लेकिन यह उनके संघर्ष की मजबूत नींव बना।

    गैंग्स ऑफ वासेपुर से बदली किस्मत

    ऋचा के करियर में बड़ा मोड़ 2012 में आया जब उन्होंने अनुराग कश्यप की कल्ट फिल्मगैंग्स ऑफ वासेपुर में नगमा का किरदार निभाया। उनके अभिनय को दर्शकों और क्रिटिक्स ने खूब सराहा और उन्हें फिल्मफेयर क्रिटिक्स अवॉर्ड से नवाजा गया। इसके बादमसान औरगोलियों की रासलीला-रामलीला जैसी फिल्मों में ऋचा ने अपनी अभिनय क्षमता का लोहा मनवाया।

    भोली पंजाबन बनी पहचान

    साल 2013 में आई फिल्मफुकरे ने ऋचा की इमेज पूरी तरह बदल दी। फिल्म में उनकाभोली पंजाबन वाला किरदार इतना लोकप्रिय हुआ कि वही नाम उनकी पहचान बन गया। इसके बादफुकरे रिटर्न्स में भी उनका किरदार हिट रहा और ऋचा बॉलीवुड की सबसे बेबाक अभिनेत्रियों में शुमार हो गईं।

    अली फजल संग प्यार और परिवार

    ऋचा की प्रोफेशनल लाइफ के साथ-साथ उनकी पर्सनल लाइफ भी चर्चा में रही।फुकरे के सेट पर उनकी मुलाकात अली फजल से हुई जो दोस्ती से प्यार में बदल गई। 2019 में अली ने मालदीव में ऋचा को प्रपोज किया। 2022 में दोनों शादी के बंधन में बंधे और 2024 में बेटी जुनैरा इदा फजल का स्वागत किया।

  • माधुरी दीक्षित ने विनोद खन्ना के साथ किसिंग सीन पर तोड़ी चुप्पी कहा मुझे बहुत शर्मिंदगी हुई थी

    माधुरी दीक्षित ने विनोद खन्ना के साथ किसिंग सीन पर तोड़ी चुप्पी कहा मुझे बहुत शर्मिंदगी हुई थी


    नई दिल्ली । माधुरी दीक्षित बॉलीवुड की सबसे सफल और प्रतिष्ठित एक्ट्रेस हैं जिन्होंने अपने अभिनय से लाखों दिलों को जीता। लेकिन उनकी फिल्म दयावान का एक किसिंग सीन आज भी एक चर्चित और विवादित विषय बना हुआ है। यह सीन जो विनोद खन्ना के साथ था उस समय काफी सुर्खियों में रहा था और अब माधुरी ने इस सीन पर अपनी बात रखी है।

    मुझे बहुत शर्मिंदगी हुई थी

    माधुरी ने हाल ही में इस सीन के बारे में खुलकर बात करते हुए कहा कि उन्हें उस सीन के दौरान काफी शर्मिंदगी महसूस हुई थी। जब फिल्म दयावान रिलीज हुई थी तब विनोद खन्ना एक बड़े स्टार थे और माधुरी इंडस्ट्री में नए-नए आकर खुद को साबित कर रही थीं। इस फिल्म के एक गाने आज फिर तुमपे प्यार आया है में उनका और विनोद खन्ना का बोल्ड और किसिंग सीन था जो आज भी चर्चा में रहता है।

    माधुरी ने स्वीकार किया कि यह सीन उनके लिए एक कठिन अनुभव था क्योंकि फिल्म इंडस्ट्री में एक नए एक्ट्रेस के रूप में उन्हें इस तरह के सीन के साथ सहज होना मुश्किल हो रहा था। उन्होंने कहा मैं उस सीन के दौरान बहुत असहज महसूस कर रही थी और यह मेरे लिए शर्मिंदगी का कारण था।

    सीन के दौरान विनोद खन्ना का व्यवहार

    रिपोर्ट्स के मुताबिक इस सीन के दौरान विनोद खन्ना काफी बहक गए थे और सीन की आवश्यकता से अधिक किस करते रहे थे जिससे माधुरी की आंखों में आंसू भी आ गए थे। हालांकि माधुरी ने इस पर स्पष्ट बयान नहीं दिया था लेकिन उन्होंने इस बात का संकेत दिया कि यह उनके लिए एक बहुत ही व्यक्तिगत और कठिन अनुभव था।

    विनोद खन्ना के साथ सीन और माधुरी का न्यूकमर अनुभव

    यह सीन उस समय इसलिए भी चर्चित हो गया था क्योंकि माधुरी एक नई एक्ट्रेस थीं और विनोद खन्ना पहले से ही एक स्थापित स्टार थे। फिल्म के गाने और खासकर इस किसिंग सीन ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया था। लेकिन माधुरी के लिए यह सीन एक तरह से इंडस्ट्री के एक नए पक्ष का सामना था जिसे वह पहले कभी नहीं जानती थीं।

    माधुरी की यात्रा और करियर

    माधुरी दीक्षित ने उस समय अपनी बहुमुखी प्रतिभा और मेहनत से इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाई। इसके बाद उन्होंने दिल तो पागल है बेटा राम लखन कन्हैया हम आपके हैं कौन जैसी कई शानदार फिल्में कीं। माधुरी का करियर उतार-चढ़ाव से भरा रहा है लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी और आज भी फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाए रखी है।

    हालांकि उस किसिंग सीन का अनुभव उनके करियर का हिस्सा रहा है माधुरी ने इसे एक व्यक्तिगत अनुभव मानते हुए इसे समय के साथ स्वीकार कर लिया।यह घटना इस बात का उदाहरण है कि बॉलीवुड की चमक-धमक और ग्लैमर के पीछे एक्टर और एक्ट्रेस को कई तरह के संघर्षों और शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता है जो शायद दर्शकों के लिए हमेशा नजर नहीं आता।

  • विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी को कोर्ट ने भेजा न्यायिक हिरासत में 30 करोड़ धोखाधड़ी मामला

    विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी को कोर्ट ने भेजा न्यायिक हिरासत में 30 करोड़ धोखाधड़ी मामला


    नई दिल्ली । फिल्म इंडस्ट्री के जानेमाने फिल्ममेकर विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी को 30 करोड़ के धोखाधड़ी मामले में उदयपुर की एक कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। यह मामला एक बड़े धोखाधड़ी कांड से जुड़ा हुआ है जिसमें दोनों पर उदयपुर के इंदिरा ग्रुप ऑफ कंपनियों के फाउंडर डॉ. अजय मुर्डिया के साथ मिलकर करोड़ों की धोखाधड़ी करने का आरोप है।

    मेडिकल ग्राउंड पर अंतरिम बेल की याचिका खारिज

    9 दिसंबर को विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी को सात दिन की पुलिस हिरासत के बाद कोर्ट में पेश किया गया। कपल के वकील ने इस दौरान मेडिकल ग्राउंड पर अंतरिम जमानत की याचिका दी थी। उनका तर्क था कि दोनों को मेडिकल ट्रीटमेंट की जरूरत है इसलिए उन्हें कुछ समय के लिए रिहा किया जाए। हालांकि कोर्ट ने इस याचिका को खारिज करते हुए उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। एडवोकेट मंजूर हुसैन ने कोर्ट के फैसले से पहले ANI को बताया “हमने कोर्ट से मेडिकल ग्राउंड पर अंतरिम जमानत की रिक्वेस्ट की है। अगर जमानत मिलती है तो वे मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए कुछ समय के लिए बाहर आ सकते हैं लेकिन यह पूरी तरह से कोर्ट के आदेश पर निर्भर करेगा।”

    उदयपुर की सेंट्रल जेल में भेजे जाएंगे

    कोर्ट ने विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया है। इसके बाद पुलिस ने जानकारी दी कि दोनों को अब उदयपुर की सेंट्रल जेल में भेजा जाएगा। DSP सूर्यवीर सिंह ने मीडिया को बताया “कोर्ट के आदेश के बाद उन्हें उदयपुर की सेंट्रल जेल में रखा जाएगा।”

    30 करोड़ का धोखाधड़ी मामला

    विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी को 7 दिसंबर को मुंबई में अरेस्ट किया गया था। गिरफ्तार करने के बाद उन्हें उदयपुर लाया गया जहां 8 दिसंबर को कोर्ट में पेश किया गया। इसके बाद 9 दिसंबर को उन्हें सात दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया। इस मामले में विक्रम भट्ट उनकी पत्नी और छह अन्य आरोपियों पर इंदिरा ग्रुप ऑफ कंपनियों के फाउंडर डॉ. अजय मुर्डिया के साथ मिलकर 30 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है। यह मामला अब पूरे फिल्म इंडस्ट्री के साथ-साथ आम लोगों के बीच भी चर्चा का विषय बन चुका है। विक्रम भट्ट का नाम इस तरह की आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने से उनकी छवि को भी नुकसान पहुंच सकता है।

    न्यायिक प्रक्रिया और आगे की कानूनी कार्रवाई

    अब इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई चल रही है और आरोपियों के खिलाफ जांच जारी है। विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी की गिरफ्तारी के बाद उनकी फिल्म इंडस्ट्री में छवि को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं लेकिन फिलहाल मामले की जांच चल रही है। अगले कुछ दिनों में इस मामले में और अधिक जानकारी सामने आ सकती है जिसमें आरोपियों की जमानत या उनके खिलाफ कोर्ट में चल रहे मुकदमे के बारे में निर्णय लिया जाएगा।

  • जब अमिताभ बच्चन ने मीडिया को बायकॉट कर दिया था: बिना नाम के छपते थे उनकी फिल्मों के रिव्यू

    जब अमिताभ बच्चन ने मीडिया को बायकॉट कर दिया था: बिना नाम के छपते थे उनकी फिल्मों के रिव्यू


    नई दिल्ली । बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन ने न केवल अपनी शानदार एक्टिंग से करोड़ों दिलों को जीता बल्कि एक समय ऐसा भी आया था जब उन्होंने मीडिया से दूरी बना ली थी। यह घटना उनके करियर के सबसे शानदार दौर के दौरान घटी जब अमिताभ की फिल्में बॉक्स ऑफिस पर हिट हो रही थीं और वह बॉलीवुड के सुपरस्टार बन चुके थे। फिर भी उन्होंने मीडिया को बायकॉट करने का फैसला किया था।

    मीडिया से दूरी का कारण
    अमिताभ बच्चन ने मीडिया से इस समय दूरी बना ली थी जब वह अपनी फिल्मों शोले दीवार और त्रिशूल जैसी हिट फिल्मों के साथ दर्शकों के दिलों में अपनी जगह बना चुके थे। मीडिया में उनके बारे में नकारात्मक रिपोर्ट्स और अफवाहों की भरमार थी। इन अफवाहों के चलते अमिताभ ने मीडिया से संवाद कम कर दिया था। यह स्थिति उस समय के जर्नलिस्टों और फिल्म समीक्षकों के लिए चौंकाने वाली थी क्योंकि उनकी फिल्मों के रिव्यू अब उनके नाम के बिना ही छपने लगे थे।

    तरन आदर्श का बयान
    हाल ही में फिल्म ट्रेड एनालिस्ट और जर्नलिस्ट तरन आदर्श ने इस मुद्दे पर ANI से बात की। उन्होंने कहा किसी भी जर्नलिस्ट के पास यह ताकत नहीं है कि वह किसी स्टार को बना दे या गिरा दे। अमिताभ बच्चन ने अपने करियर के सबसे अच्छे दौर में मीडिया को बायकॉट कर दिया था और इसके बावजूद वह अपनी पहचान बनाने में सफल रहे। तरन आदर्श ने यह भी बताया कि उस समय अमिताभ की हिट फिल्मों का रिव्यू बिना उनके नाम के ही छपता था जो इस बात का प्रमाण है कि उनके काम से ही लोग जुड़े थे न कि मीडिया की कवरेज से।
    अमिताभ का सुपरस्टार बनने का सफर
    अमिताभ बच्चन का करियर फिल्म इंडस्ट्री में असाधारण रहा है। चाहे वह शोले जैसी क्लासिक फिल्म हो या दीवार और त्रिशूल जैसी हिट फिल्में उनके अभिनय ने भारतीय सिनेमा के मानक को नया रूप दिया। हालांकि मीडिया के बायकॉट के बावजूद वह सफलता की सीढ़ी चढ़ते गए। उनकी अभिनय क्षमता और पर्दे पर उनकी मौजूदगी ने उन्हें दर्शकों के बीच एक अद्वितीय स्थान दिलाया। इस समय के बाद भी अमिताभ का करियर एक लंबी यात्रा पर चलता रहा और वह आज भी बॉलीवुड के सबसे बड़े सितारों में से एक माने जाते हैं।
    मीडिया और अमिताभ बच्चन का रिश्ता
    मीडिया और अमिताभ बच्चन के रिश्ते में एक वक्त ऐसा भी आया जब दोनों के बीच विवाद गहरा गया था। लेकिन फिल्म कुली के सेट पर हुए एक खतरनाक एक्सीडेंट के बाद यह संबंध कुछ बेहतर हुए। इसके बाद जब अमिताभ ने 1984 में राजनीति में कदम रखा और चुनाव लड़ा तो मीडिया ने अहम भूमिका निभाई। यह समय था जब अमिताभ और मीडिया के रिश्ते में सुधार हुआ।
    जया बच्चन का विरोध
    हालांकि आज भी अमिताभ और मीडिया के रिश्ते में कोई खास समस्या नहीं है लेकिन उनकी पत्नी जया बच्चन का मीडिया से कुछ अलग नजरिया है। हाल में जया ने पापराजी कल्चर का खुलकर विरोध किया था और कहा था कि यह स्टार्स के निजी जीवन में हस्तक्षेप करने की हद से आगे बढ़ चुका है। अमिताभ और मीडिया के रिश्ते की यह जटिल कहानी इस बात को दर्शाती है कि कैसे एक अभिनेता अपने काम और व्यक्तित्व के साथ पूरी दुनिया को प्रभावित कर सकता है भले ही वह मीडिया के साथ नहीं हो।