Category: Entertainment

  • ओम शांति ओम के सेट पर मचा था जबरदस्त हंगामा, शाहरुख-सलमान भी पड़े फीके, मिथुन दा को देखते ही बेकाबू हुई भीड़

    ओम शांति ओम के सेट पर मचा था जबरदस्त हंगामा, शाहरुख-सलमान भी पड़े फीके, मिथुन दा को देखते ही बेकाबू हुई भीड़


    नई दिल्ली। बॉलीवुड की कुछ फिल्में और उनके गाने ऐसे होते हैं जो सालों बाद भी दर्शकों की यादों में बने रहते हैं। फराह खान की फिल्म ओम शांति ओम भी ऐसी ही फिल्मों में शामिल है। फिल्म का गाना दीवानगी दीवानगी आज भी अपने शानदार स्टारकास्ट और खास अंदाज के लिए याद किया जाता है। इस गाने में बॉलीवुड के कई बड़े सितारे एक साथ नजर आए थे। शाहरुख खान और दीपिका पादुकोण के अलावा सलमान खान सैफ अली खान संजय दत्त धर्मेंद्र जीतेंद्र काजोल रानी मुखर्जी प्रियंका चोपड़ा रेखा तब्बू करिश्मा कपूर और जूही चावला जैसे सितारों ने इस गाने में हिस्सा लिया था। करीब 32 सितारों से सजे इस गाने की शूटिंग अपने आप में किसी बड़े इवेंट से कम नहीं थी लेकिन इसी दौरान एक ऐसा किस्सा हुआ जिसने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया।

    फराह खान ने अपने यूट्यूब व्लॉग में इस पुराने किस्से को याद करते हुए बताया कि गाने की शूटिंग के दौरान बड़े-बड़े सितारे लगातार सेट पर पहुंच रहे थे। माहौल पहले से ही बेहद खास था लेकिन जैसे ही मिथुन चक्रवर्ती यानी मिथुन दा सेट पर पहुंचे पूरा नजारा बदल गया। फराह के मुताबिक मिथुन दा को देखते ही सेट पर मौजूद लोग उनके पास पहुंचने लगे। यहां तक कि शूटिंग में व्यस्त लाइटमैन भी अपनी जगह छोड़कर उनसे मिलने के लिए पहुंच गए। फराह और शाहरुख खान दोनों यह देखकर हैरान रह गए कि आखिर अचानक ऐसा क्या हुआ कि पूरा सेट एक ही स्टार के इर्द-गिर्द जमा हो गया।

    फराह ने बताया कि मिथुन चक्रवर्ती की मौजूदगी का असर इतना जबरदस्त था कि एक महिला उन्हें देखकर बेहोश तक हो गई थी। इसी वास्तविक घटना को बाद में दीवानगी दीवानगी के एक सीन में भी इस्तेमाल किया गया। यानी गाने में दिखाया गया महिला के बेहोश होने वाला दृश्य पूरी तरह काल्पनिक नहीं था बल्कि शूटिंग के दौरान हुई वास्तविक घटना से प्रेरित था। इस किस्से ने मिथुन दा की लोकप्रियता और उनके स्टारडम की एक अलग झलक सामने रख दी।

    मिथुन दा और शाहरुख खान से जुड़ा एक और मजेदार किस्सा भी फराह ने साझा किया। उन्होंने बताया कि शूटिंग के दौरान उन्होंने शाहरुख से मिथुन चक्रवर्ती के डांस स्टेप्स फॉलो करने को कहा था। हालांकि शाहरुख उन स्टेप्स को ठीक से नहीं कर पा रहे थे। इसके बाद मिथुन दा ने मजाकिया अंदाज में शाहरुख के सिर पर टपली मारनी शुरू कर दी। खास बात यह रही कि कैमरे के पीछे हुआ यह मजेदार पल इतना स्वाभाविक था कि इसे फिल्म के गाने में भी जगह मिल गई।

    दीवानगी दीवानगी में बॉलीवुड के अलग-अलग दौर के सितारों को एक साथ लाने का आइडिया उस समय काफी खास माना गया था। एक ही गाने में इतने बड़े कलाकारों की मौजूदगी ने इसे यादगार बना दिया। हालांकि फराह खान के खुलासे के बाद इस गाने से जुड़ा मिथुन दा वाला किस्सा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। पर्दे पर जहां सितारों की दीवानगी दिखाई देती है वहीं कैमरे के पीछे हुई यह घटना बताती है कि मिथुन चक्रवर्ती का स्टारडम अपने दौर में कितना जबरदस्त था। शाहरुख और सलमान जैसे बड़े नामों की मौजूदगी के बावजूद सेट पर मिथुन दा को लेकर मची हलचल ने इस शूटिंग को बॉलीवुड के यादगार किस्सों में शामिल कर दिया।

  • 28 सितंबर से 4 अक्टूबर तक सिनेमाघरों में 8 नई फिल्में, 2 अक्टूबर को अजय देवगन से टॉम क्रूज तक कई बड़े नाम

    28 सितंबर से 4 अक्टूबर तक सिनेमाघरों में 8 नई फिल्में, 2 अक्टूबर को अजय देवगन से टॉम क्रूज तक कई बड़े नाम


    नई दिल्ली । 28 सितंबर से 4 अक्टूबर के बीच फिल्म प्रेमियों के लिए सिनेमाघरों में मनोरंजन की भरपूर डोज मिलने वाली है। इस सप्ताह अलग-अलग भाषाओं और जॉनर की कुल 8 फिल्में रिलीज होने जा रही हैं। खास बात यह है कि इनमें से ज्यादातर फिल्में 2 अक्टूबर को सिनेमाघरों में दस्तक देंगी। ऐसे में गांधी जयंती के मौके पर आने वाला लंबा वीकेंड दर्शकों के लिए फिल्मों से भरपूर रहने वाला है।

    सप्ताह की शुरुआत 1 अक्टूबर को रिलीज होने वाली तमिल फिल्म येझु मलाई से होगी। इस फिल्म में निविन पॉली और सोरी मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे। तमिल सिनेमा की यह फिल्म 1 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज की जाएगी।

    इसके अगले दिन यानी 2 अक्टूबर को फिल्मों की लंबी कतार देखने को मिलेगी। इस दिन अजय देवगन की बहुप्रतीक्षित फिल्म दृश्यम: द कन्क्लूजन रिलीज होगी। यह दृश्यम सीरीज की अगली कड़ी है, जिसमें एक बार फिर सलगांवकर परिवार की कहानी आगे बढ़ेगी। फिल्म में अजय देवगन के साथ श्रिया सरन और इशिता दत्ता अहम भूमिकाओं में हैं। फिल्म का निर्देशन अभिषेक पाठक ने किया है। कहानी में एक मर्डर मिस्ट्री को छिपाने की कोशिश के बीच परिवार के सामने नई परिस्थितियां आती हैं।

    2 अक्टूबर को बेल भी सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म की कहानी एक ऐसे पुलिस अधिकारी के इर्द-गिर्द घूमती है, जो स्वभाव से खुशमिजाज और लोगों से घुलने-मिलने वाला है। हालांकि उसकी पेशेवर जिंदगी में हुई एक घटना के बाद परिस्थितियां पूरी तरह बदल जाती हैं।

    इसी दिन तमिल एक्शन-एडवेंचर फिल्म सिग्मा भी रिलीज होगी। फिल्म में संदीप किशन मुख्य भूमिका में हैं और इसका निर्देशन जेसन संजय ने किया है। फिल्म के जरिए दर्शकों को एक्शन और एडवेंचर से भरपूर कहानी देखने को मिलेगी।

    हिंदी सिनेमा की ओर से प्रेम कीतनु भी 2 अक्टूबर को सिनेमाघरों में आएगी। यह कॉलेज और युवा जीवन पर आधारित ड्रामा है। फिल्म में वीर पहाड़िया और अपारशक्ति खुराना मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे। यह फिल्म मलयालम की चर्चित फिल्म प्रेमलू की हिंदी रीमेक बताई गई है।

    हॉलीवुड की फिल्मों की बात करें तो 2 अक्टूबर को टॉम क्रूज की डिगर रिलीज होगी। इसे ब्लैक कॉमेडी और आपदा आधारित फिल्म बताया गया है। फिल्म का निर्देशन ऑस्कर विजेता एलेजांद्रो जी. इनारितु ने किया है। टॉम क्रूज की मौजूदगी के कारण इस फिल्म को लेकर भी दर्शकों में उत्सुकता बनी हुई है।

    इसी तारीख को वेरिटी भी सिनेमाघरों में दस्तक देगी। यह फिल्म प्रसिद्ध लेखिका कॉलीन हूवर के 2018 में प्रकाशित इसी नाम के उपन्यास पर आधारित मनोवैज्ञानिक थ्रिलर है। फिल्म में ऐनी हैथवे, डकोटा जॉनसन और जोश हार्टनेट प्रमुख भूमिकाओं में हैं।

    इसके अलावा 2 अक्टूबर को तेलुगु फिल्म डोंट ट्रबल द ट्रबल भी रिलीज होगी। यह एक फैंटेसी-कॉमेडी फिल्म है, जिसमें फहद फासिल मुख्य भूमिका में हैं।

    इस तरह 28 सितंबर से 4 अक्टूबर के बीच अलग-अलग भाषाओं की 8 फिल्में दर्शकों के सामने होंगी। खासतौर पर 2 अक्टूबर को एक साथ कई फिल्मों की रिलीज होने से सिनेमाघरों में दर्शकों के पास मनोरंजन के लिए कई विकल्प रहेंगे।

  • ‘मिर्जापुर द मूवी’ की सफलता के बाद सीजन 4 पर बड़ा अपडेट, श्वेता त्रिपाठी ने बताया कब से चल रहा काम

    ‘मिर्जापुर द मूवी’ की सफलता के बाद सीजन 4 पर बड़ा अपडेट, श्वेता त्रिपाठी ने बताया कब से चल रहा काम


    नई दिल्ली । ‘मिर्जापुर द मूवी’ की सफलता के बीच सीरीज के प्रशंसकों के लिए बड़ा अपडेट सामने आया है। सीरीज और फिल्म में गोलू का किरदार निभाने वाली श्वेता त्रिपाठी ने ‘मिर्जापुर सीजन 4’ को लेकर जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि सीजन 4 पर काम चल रहा है और इसकी कहानी लिखी जा रही है।

    श्वेता त्रिपाठी ने बताया कि ‘मिर्जापुर’ की कहानी का सफर अभी आगे बढ़ने वाला है। उनके मुताबिक, एक और फिल्म आने वाली है और इसके साथ ही सीजन 4 भी लिखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस पूरी यात्रा को 10 साल से ज्यादा का समय होने वाला है।

    श्वेता ने अपने किरदार गोलू को लेकर भी दिलचस्प बात कही। उन्होंने कहा कि ‘मिर्जापुर’ की यात्रा भले ही 10 साल से ज्यादा लंबी हो रही है, लेकिन गोलू के लिए यह सफर अलग तरह का है। उनके मुताबिक, दर्शकों की उम्र इस दौरान बढ़ गई है, लेकिन गोलू अब भी 22 साल की ही है।

    सीरीज में गोलू के किरदार को दर्शकों के बीच काफी लोकप्रियता मिली है। श्वेता ने बताया कि जहां भी वह जाती हैं, कई लोग उन्हें गोलू दीदी कहकर बुलाते हैं। उनके मुताबिक, सीरीज और फिल्म में किरदार को मिले प्यार की वजह से यह नाम उनके साथ जुड़ गया है।

    श्वेता ने यह भी बताया कि वह अपने काम को लेकर मिलने वाली तारीफों को बहुत ज्यादा अपने ऊपर हावी नहीं होने देतीं। उन्होंने कहा कि ‘मिर्जापुर सीजन 3’ के बाद भी लोगों ने उनके काम की काफी तारीफ की थी, लेकिन वह इन तारीफों को अपने सिर पर नहीं चढ़ने देना चाहतीं। इसलिए वह खुद को ऐसी प्रशंसा से थोड़ा दूर रखती हैं।

    ‘मिर्जापुर द मूवी’ की सफलता पर बात करते हुए श्वेता ने इसका श्रेय दर्शकों को दिया। उन्होंने कहा कि कलाकार और निर्माता कितनी भी अच्छी चीज बनाने की कोशिश करें, लेकिन अगर दर्शक उसे देखने नहीं आएंगे तो उसका कोई मतलब नहीं है। उनके मुताबिक, फिल्म और सीरीज दर्शकों के साथ साझा करने और उनके देखने के लिए बनाई जाती हैं।

    श्वेता ने अपने करियर को लेकर पूछे जाने वाले एक सवाल का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि पिछले कई सालों से उनसे बार-बार पूछा जाता रहा है कि वह कमर्शियल फिल्में कब करेंगी। इस पर उनका कहना था कि जिस तरह कमर्शियल कलाकारों से यह नहीं पूछा जाता कि वे फेस्टिवल या इंडिपेंडेंट फिल्म कब करेंगे, उसी तरह उनसे भी इस तरह का सवाल किया जाना जरूरी नहीं है।

    उन्होंने यह भी कहा कि आज के दौर में लोग नंबर्स के पीछे बहुत ज्यादा भागते हैं और इसका असर काम की गुणवत्ता पर पड़ सकता है। श्वेता ने साफ किया कि वह ऐसा नहीं चाहतीं और उनके लिए काम की गुणवत्ता महत्वपूर्ण है।

    ‘मिर्जापुर द मूवी’ 4 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। फिल्म का निर्देशन गुरमीत सिंह ने किया है। इसमें पंकज त्रिपाठी, अली फजल, जितेंद्र कुमार, रवि किशन, श्वेता त्रिपाठी और रसिका दुग्गल समेत कई कलाकार नजर आए हैं।

    फिल्म ने रिलीज के 24 दिनों में 226.58 करोड़ रुपये की कमाई दर्ज की है। अब फिल्म की सफलता के बीच सीजन 4 की कहानी लिखे जाने की जानकारी ने ‘मिर्जापुर’ के प्रशंसकों के बीच आगामी सीजन को लेकर उत्सुकता बढ़ा दी है।

  • ‘ओम शांति ओम’ के सेट पर शाहरुख खान को फराह खान ने लगाई थी डांट, लैपटॉप में पूरी फिल्म दिखाने पर हुआ था मजेदार किस्सा

    ‘ओम शांति ओम’ के सेट पर शाहरुख खान को फराह खान ने लगाई थी डांट, लैपटॉप में पूरी फिल्म दिखाने पर हुआ था मजेदार किस्सा


    नई दिल्ली । साल 2007 में रिलीज हुई फिल्म ‘ओम शांति ओम’ शाहरुख खान के करियर की चर्चित फिल्मों में शामिल रही। फिल्म में शाहरुख खान ने मुख्य भूमिका निभाई थी, जबकि दीपिका पादुकोण ने इसी फिल्म से बतौर फीमेल लीड बॉलीवुड में शुरुआत की थी। फिल्म का निर्देशन फराह खान ने किया था। फिल्म से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा अब चर्चा में है, जब शूटिंग के दौरान फराह खान ने शाहरुख खान को डांट दिया था।

    यह मामला शाहरुख खान की एक्टिंग या शूटिंग के दौरान किसी सीन में की गई गलती से जुड़ा नहीं था। दरअसल, शाहरुख खान ने उस दौर में नया लैपटॉप खरीदा था और ‘ओम शांति ओम’ की एडिट हो चुकी फिल्म उनके लैपटॉप में मौजूद रहती थी। वह सेट पर आने वाले लोगों को लैपटॉप में फिल्म के सीन दिखाया करते थे।

    फिल्म से जुड़े रहे मयूर पुरी ने इस किस्से को याद करते हुए बताया कि उस समय फिल्म की टीम को अपने काम पर काफी भरोसा था। शाहरुख खान के पास फिल्म का एडिटेड वर्जन उनके लैपटॉप में रहता था। वह रोज सेट पर आते और फिल्म में अब तक तैयार हो चुके हिस्से को लोगों को दिखाते थे।

    शाहरुख खान किसी भी व्यक्ति को अपने लैपटॉप में फिल्म के एडिटेड सीन दिखाने से पीछे नहीं हटते थे। वह लोगों को सीन दिखाते हुए फिल्म की तारीफ भी करते थे और बताते थे कि टीम ने कैसी फिल्म तैयार की है। उस दौर में सेट पर लैपटॉप में पूरी फिल्म का एडिटेड वर्जन रखना और उसे लोगों को दिखाना आज की तरह सामान्य बात नहीं थी।

    शाहरुख खान का यह अंदाज फराह खान को ज्यादा पसंद नहीं आ रहा था। एक तरफ शाहरुख खान फिल्म के एडिटेड हिस्से को लेकर उत्साहित थे, वहीं दूसरी तरफ वह अपने नए लैपटॉप को लेकर भी काफी उत्साहित नजर आते थे। इसी वजह से वह सेट पर आने-जाने वाले लोगों को बार-बार लैपटॉप में फिल्म के सीन दिखाते थे।

    एक समय फराह खान ने शाहरुख खान को इसी बात पर टोक दिया। मयूर पुरी के मुताबिक, फराह खान ने मजाकिया अंदाज में शाहरुख खान से कहा था कि वह पूरी फिल्म ही सबको दिखा दें। उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया की पहली ऐसी फिल्म होगी, जो शाहरुख खान के लैपटॉप पर रिलीज हो रही है।

    फराह खान की इस बात पर शाहरुख खान ने स्थिति को हंसी-मजाक में लिया। हालांकि, उन्हें यह भी समझ आया कि फराह की नाराजगी की वजह थी। फिल्म की कहानी और सीन को लेकर उत्साह में वह सेट पर मौजूद लोगों को लगातार एडिटेड फुटेज दिखा रहे थे।

    शाहरुख खान और फराह खान की दोस्ती काफी पुरानी है। दोनों के बीच लंबे समय से पेशेवर और व्यक्तिगत रिश्ता रहा है। यही वजह है कि दोनों एक-दूसरे के साथ खुलकर मजाक करते और अपनी बात रखते रहे हैं। ‘ओम शांति ओम’ की शूटिंग से जुड़ा यह किस्सा भी दोनों की इसी बेबाक दोस्ती को दिखाता है।

    ‘ओम शांति ओम’ में शाहरुख खान और दीपिका पादुकोण के अलावा कई कलाकार नजर आए थे। फिल्म के गाने और कहानी भी दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय हुए थे। फिल्म की सफलता के बाद शाहरुख और दीपिका की जोड़ी भी काफी चर्चित हुई।

    वहीं शाहरुख खान इन दिनों अपनी आगामी फिल्म ‘किंग’ को लेकर चर्चा में हैं। फिल्म में वह एक्शन अवतार में नजर आने वाले हैं। दूसरी ओर ‘ओम शांति ओम’ से जुड़ा यह पुराना किस्सा एक बार फिर शाहरुख खान और फराह खान की दोस्ती को लेकर लोगों का ध्यान खींच रहा है।

  • रणबीर कपूर का पपराजी पर फूटा गुस्सा, उंगली दिखाकर बोले- ‘बहुत बोल रहा है तू’, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

    रणबीर कपूर का पपराजी पर फूटा गुस्सा, उंगली दिखाकर बोले- ‘बहुत बोल रहा है तू’, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल


    नई दिल्ली । रणबीर कपूर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह पपराजी पर नाराज होते नजर आ रहे हैं। यह घटना मुंबई में रामायण के एक प्रमोशनल इवेंट के बाद की बताई जा रही है। इवेंट के बाद रणबीर कपूर अपनी लव एंड वॉर की को-स्टार आलिया भट्ट, विकी कौशल और फिल्ममेकर संजय लीला भंसाली के साथ डिनर करने पहुंचे थे। डिनर के बाद जब सभी बाहर निकले, तब पपराजी की मौजूदगी के बीच रणबीर कपूर एक व्यक्ति पर नाराज हो गए।

    वायरल वीडियो में रणबीर कपूर, आलिया भट्ट, विकी कौशल और संजय लीला भंसाली एक रेस्तरां से बाहर निकलते दिखाई देते हैं। बाहर मौजूद पपराजी पहले सभी सितारों की तस्वीरें लेते हैं। इसके बाद जब रणबीर वहां से आगे बढ़ने लगते हैं, तभी एक पपराजी उन्हें बार-बार आवाज लगाता हुआ नजर आता है।

    बार-बार आवाज लगाए जाने के बाद रणबीर कपूर पीछे मुड़ते हैं और उस पपराजी की तरफ उंगली दिखाते हुए कहते हैं, ‘बहुत बोल रहा है तू।’ इसके बाद वह वहां से आगे बढ़ जाते हैं। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इसी वजह से रणबीर कपूर एक बार फिर चर्चा में हैं।

    यह पूरा घटनाक्रम रामायण के प्रमोशनल इवेंट वाले दिन का बताया जा रहा है। रणबीर कपूर इन दिनों अपनी आगामी फिल्म रामायण को लेकर व्यस्त हैं। शनिवार को मुंबई में फिल्म से जुड़ा एक बड़ा प्रमोशनल इवेंट आयोजित किया गया था, जिसमें अमेरिकी यूट्यूबर मिस्टर बीस्ट भी शामिल हुए थे।

    इसी इवेंट में देरी को लेकर भी काफी चर्चा हुई। कार्यक्रम दोपहर 1:30 बजे शुरू होना था और मीडियाकर्मी तय समय पर पहुंच गए थे, लेकिन प्रेस मीट को लेकर दो घंटे से अधिक समय तक स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। इससे वहां मौजूद पत्रकारों में नाराजगी देखने को मिली।

    कार्यक्रम में देरी को लेकर सवाल किए जाने पर पब्लिसिटी टीम की ओर से इंतजार नहीं कर पाने वाले लोगों को जाने की बात कही गई। इसके बाद नाराजगी और बढ़ गई। इसी दौरान रणबीर कपूर की ओर से भी पत्रकारों से कहा गया कि अगर उन्हें जाना है तो वे जा सकते हैं।

    कार्यक्रम में देरी की वजह मिस्टर बीस्ट के पहुंचने में हुई देरी को बताया गया। उनके आने में समय लगने के कारण कार्यक्रम का पूरा शेड्यूल प्रभावित हुआ। इवेंट के दौरान रणबीर कपूर ने प्रतीकात्मक रूप से शिव धनुष उठाया। रवि दुबे ने भी मंच पर रखा धनुष उठाया। रणबीर ने मिस्टर बीस्ट को भगवान राम के महत्व के बारे में भी बताया।

    इसी कार्यक्रम के बाद रामायण के दो पोस्टर भी सामने आए। पहले पोस्टर में रणबीर कपूर राम, साई पल्लवी सीता और रवि दुबे लक्ष्मण के रूप में दिखाई दिए। दूसरे पोस्टर में यश के रावण वाले लुक को पूरी तरह दिखाया गया। पोस्टर में रावण की लंका की झलक भी दिखाई गई।

    रणबीर कपूर की दूसरी फिल्म लव एंड वॉर को लेकर भी हाल में चर्चा तेज हुई है। फिल्म के रणबीर कपूर, आलिया भट्ट और विकी कौशल के अलग-अलग पोस्टर जारी किए गए हैं। तीनों कलाकारों को एक साथ देखे जाने के बाद फिल्म को लेकर भी दर्शकों की दिलचस्पी बढ़ी है।

  • राइज एंड फॉल में स्वरा भास्कर और शहजाद पूनावाला आमने-सामने, पति को टिकट मिलने के तंज पर भड़कीं एक्ट्रेस

    राइज एंड फॉल में स्वरा भास्कर और शहजाद पूनावाला आमने-सामने, पति को टिकट मिलने के तंज पर भड़कीं एक्ट्रेस


    नई दिल्ली । राइज एंड फॉल के दूसरे एपिसोड में स्वरा भास्कर और शहजाद पूनावाला के बीच तनाव खुलकर सामने आया। शो की शुरुआत से ही दोनों के बीच मतभेद देखने को मिल रहे थे, लेकिन दूसरे एपिसोड में यह विवाद तीखी बहस में बदल गया। बातचीत के दौरान शहजाद ने स्वरा पर कई तंज कसे, जिसके बाद स्वरा ने भी उन्हें खुलकर जवाब दिया।

    मामले की शुरुआत तब हुई जब शो के होस्ट वीरेंद्र सहवाग ने शहजाद से पूछा कि वह सोशल मीडिया पर स्वरा के बारे में काफी कुछ बोलते हैं, लेकिन यहां उनसे बातचीत नहीं कर रहे हैं। इस सवाल के बाद शहजाद ने स्वरा को लेकर एक के बाद एक टिप्पणियां करनी शुरू कर दीं।

    शहजाद ने कहा कि उनका स्वर दबाने वाला अभी तक कोई पैदा नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि वह नकारात्मकता के साथ नहीं बैठते और अगर कोई उनसे उंगली करेगा तो वह शब्दों के जरिए जवाब देंगे। उन्होंने अपने विचारों और सिद्धांतों पर कायम रहने की बात भी कही।

    शहजाद की बात सुनकर वीरेंद्र सहवाग ने उन्हें फिल्मी डायलॉग बोलने वाला बताया। इस पर शहजाद ने कहा कि ये फिल्मी डायलॉग नहीं बल्कि उनके जीवन के वसूल हैं। उन्होंने कहा कि वह अपने विचारों से डगमगाते नहीं हैं और किसी के दबाव में नहीं आते।

    इसके बाद शहजाद ने स्वरा की हंसी पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि वह ऐसे लोगों को नजरअंदाज करते हैं और स्वरा को नजरअंदाज किए जाने की आदत होने की बात कही। इसी दौरान उन्होंने 2019 में गणपति विसर्जन से जुड़े एक पुराने वीडियो का भी जिक्र किया।

    शहजाद की टिप्पणियों पर स्वरा ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि नजरअंदाज करने का मतलब किसी को भाव नहीं देना होता है। स्वरा ने दावा किया कि शो के ऐलान के बाद शहजाद की ओर से उनके बारे में 36 ट्वीट और तीन-चार वीडियो किए जा चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनके खिलाफ वोट की अपील की जा रही है और उन्हें शो में नीचे पहुंचाने के लिए पैसे जुटाए जा रहे हैं।

    इसके बाद बातचीत राजनीतिक मुद्दे तक पहुंच गई। शहजाद ने कहा कि जो देश के खिलाफ बोलेगा, उसके खिलाफ वह हमेशा बोलेंगे, चाहे वह उनके पक्ष में हो या नहीं। स्वरा ने जवाब देते हुए कहा कि यह गेम है, चुनाव नहीं। उन्होंने शहजाद के राजनीतिक करियर का भी जिक्र किया।

    शहजाद ने स्वरा से कहा कि उन्हें उनके करियर की चिंता करने की जरूरत नहीं है और वह अपने पति को जिताने पर ध्यान दें। इस पर स्वरा ने अपने पति का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें 32 साल की उम्र में टिकट मिल गया था। उन्होंने शहजाद पर टिकट के लिए दर-दर भटकने का तंज भी कसा।

    बहस आगे बढ़ने पर स्वरा ने कहा कि वह शहजाद के बारे में बहुत कुछ जानती हैं, लेकिन यहां उन बातों का जिक्र करने से बातचीत का स्तर गिर जाएगा। उन्होंने शहजाद से उनसे बात नहीं करने को कहा।

    आखिर में स्वरा ने शहजाद को मर्यादा में रहने की सलाह दी। इस दौरान वीरेंद्र सहवाग ने भी दोनों को मर्यादा बनाए रखने की बात कही। शो के दूसरे एपिसोड में हुई यह बहस निजी टिप्पणियों से लेकर राजनीतिक मुद्दों तक पहुंच गई।

  • आमिर खान की 9 साल बाद जापान में वापसी, ‘सितारे जमीन पर’ स्प्रिंग 2027 में नए नाम के साथ होगी रिलीज

    आमिर खान की 9 साल बाद जापान में वापसी, ‘सितारे जमीन पर’ स्प्रिंग 2027 में नए नाम के साथ होगी रिलीज


    नई दिल्ली ।आमिर खान की फिल्म ‘सितारे जमीन पर’ अब जापानी सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। साल 2025 में भारत में रिलीज हुई यह फिल्म अब जापान के दर्शकों के बीच पहुंचेगी। आमिर खान की जापान में करीब 9 साल बाद वापसी होगी। जापान में फिल्म को एक नए नाम के साथ रिलीज करने की तैयारी है।

    आमिर खान की फिल्म ‘दंगल’ साल 2016 में भारत में रिलीज हुई थी। इसके करीब दो साल बाद 2018 में ‘दंगल’ जापानी सिनेमाघरों में पहुंची थी। इसके बाद उसी साल आमिर खान की ‘सीक्रेट सुपरस्टार’ भी जापान में रिलीज हुई थी। हालांकि, ‘सीक्रेट सुपरस्टार’ में आमिर खान मुख्य भूमिका में नहीं थे। अब ‘सितारे जमीन पर’ के साथ वह एक बार फिर जापानी दर्शकों के बीच नजर आएंगे।

    ‘सितारे जमीन पर’ भारत में साल 2025 में रिलीज हुई थी और फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया था। जापान में इसे ‘सितारे! द मिरेकल टीम ऑफ स्टारडस्ट’ नाम से रिलीज किया जाएगा। जापानी सिनेमाघरों में फिल्म की रिलीज स्प्रिंग 2027 के दौरान होने की जानकारी सामने आई है।

    फिल्म की जापान रिलीज को लेकर 25 सितंबर 2026 को आधिकारिक घोषणा की गई थी। इसके साथ बताया गया कि ‘सितारे! द मिरेकल टीम ऑफ स्टारडस्ट’ के नाम से फिल्म जापान में दर्शकों के सामने आएगी। फिल्म की कहानी और आमिर खान की मौजूदगी को देखते हुए इसे जापानी दर्शकों के लिए नए नाम के साथ पेश किया जा रहा है।

    ‘सितारे जमीन पर’ का निर्देशन आर.एस. प्रसन्ना ने किया है। फिल्म में आमिर खान के साथ आशीष पेंडसे, आरुष दत्ता, आयुष भंसाली, ऋषि शहानी, गोपी कृष्णन के. वर्मा, ऋषभ जैन, वेदांत शर्मा, संवित देसाई, नमन मिश्रा, सिमरन मंगेशकर और जिनेलिया डिसूजा नजर आए हैं।

    फिल्म की कहानी बास्केटबॉल कोच गुलशन अरोड़ा के इर्द-गिर्द घूमती है। गुलशन को कोर्ट की सजा के तौर पर न्यूरो-डायवर्जेंट और डाउन सिंड्रोम से जूझ रहे 10 बच्चों की बास्केटबॉल टीम को ट्रेनिंग देने की जिम्मेदारी मिलती है। शुरुआत में गुलशन के लिए बच्चों को प्रशिक्षित करना आसान नहीं होता, लेकिन धीरे-धीरे उसके और बच्चों के बीच खास रिश्ता बन जाता है।

    कहानी में खेल, रिश्तों और व्यक्तिगत बदलाव के पहलुओं को प्रमुखता दी गई है। बच्चों के साथ काम करते हुए गुलशन के व्यवहार और सोच में भी बदलाव आता है। फिल्म इसी सफर को केंद्र में रखती है।

    बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन की बात करें तो ‘सितारे जमीन पर’ ने भारत में 200.77 करोड़ रुपये का ग्रॉस कलेक्शन किया था। फिल्म का नेट कलेक्शन 167.46 करोड़ रुपये बताया गया। भारत समेत दुनियाभर में फिल्म की कुल कमाई 267.52 करोड़ रुपये रही।

    अब ‘सितारे जमीन पर’ की जापान रिलीज के साथ आमिर खान की वहां करीब नौ साल बाद सिनेमाघरों में वापसी होगी। फिल्म को नए नाम ‘सितारे! द मिरेकल टीम ऑफ स्टारडस्ट’ के साथ स्प्रिंग 2027 में जापानी दर्शकों के लिए पेश किया जाएगा।

  • बेटी रीति के बिग बॉस विवाद पर मनोज तिवारी का रिएक्शन, बोले- ‘बच्चों का बिग बॉस है

    बेटी रीति के बिग बॉस विवाद पर मनोज तिवारी का रिएक्शन, बोले- ‘बच्चों का बिग बॉस है


    नई दिल्ली। बिग बॉस 20 में मनोज तिवारी की बेटी रीति तिवारी अपने गेम और विवादों को लेकर लगातार चर्चा में हैं। काजी तौकीर के साथ तीखी बहस और उदिति सिंह को लेकर उनके कथित आपत्तिजनक व्यवहार पर सोशल मीडिया पर सवाल उठने के बाद अब मनोज तिवारी से भी बेटी के गेमप्ले को लेकर सवाल किए गए। हाल ही में एक कार्यक्रम से बाहर निकलते समय पत्रकारों ने उनसे रीति को लेकर सवाल किया, जिस पर उन्होंने कहा कि बिग बॉस एक गेम है और इसे उसी तरह लिया जाना चाहिए।

    मनोज तिवारी से पूछा- बेटी के लिए इस्तीफा दे दीजिए

    मनोज तिवारी हाल ही में ‘मोदी: द डिकेड दैट चेंज्ड इंडिया’ किताब के लॉन्च कार्यक्रम में पहुंचे थे। कार्यक्रम के बाद जब उनसे रीति के बिग बॉस गेम को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, “बच्चों का बिग बॉस है, चलने दो।”

    इसके बाद उन्होंने उन चर्चाओं पर भी सफाई दी, जिनमें दावा किया जा रहा था कि उन्होंने अपनी बेटी को बिग बॉस में शामिल कराने के लिए सिफारिश की थी। मनोज तिवारी ने कहा कि उन्हें खुद जानकारी नहीं थी कि रीति शो में जा रही हैं।

    इसी दौरान एक रिपोर्टर ने उनसे कहा, “तो फिर आप उनके लिए इस्तीफा दे दीजिए।” इस सवाल पर मनोज तिवारी हैरान नजर आए और बोले, “आप क्या बोल रहे हैं, मुझे समझ नहीं आ रहा है।” वायरल वीडियो क्लिप में इसके बाद बातचीत अचानक खत्म हो जाती है।

    ‘बिग बॉस एक खेल है, उसका आनंद लीजिए’

    मनोज तिवारी ने बेटी के विवादों को लेकर कहा कि बिग बॉस को लेकर किसी को परेशान होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि शो में 24 घंटे कुछ न कुछ होता रहता है और इसे एक खेल की तरह देखना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वह खुद इस तरह का गेम खेल चुके हैं।

    मनोज तिवारी का कहना था कि “बिग बॉस एक खेल है… एक गेम है, उसका आनंद लीजिए।”

    रीति के गेम पर सलमान खान भी कर चुके हैं टिप्पणी

    रीति तिवारी हाल के एपिसोड में काजी तौकीर के साथ विवाद के बाद सुर्खियों में आई थीं। बहस के दौरान उन्होंने काजी पर तीखी टिप्पणियां की थीं और उनके पिता का जिक्र भी किया था। बाद में उन्होंने उस टिप्पणी के लिए माफी मांगी थी। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी रीति की आलोचना हुई।

    27 सितंबर के ‘वीकेंड का वार’ एपिसोड में सलमान खान ने भी रीति के व्यवहार और भाषा को लेकर उन्हें टोका। उन्होंने काजी को दी गई धमकी और उदिति सिंह को लेकर की गई टिप्पणियों पर रीति से सवाल किए।

    पहले भी बेटी के गेम पर बोल चुके हैं मनोज तिवारी

    इससे पहले मनोज तिवारी ने पैपराजी से बातचीत में रीति के बिग बॉस सफर को लेकर कहा था कि वह शो को ‘डर-डरकर’ देखते हैं और उम्मीद जताई थी कि सब ठीक रहे। रीति के शो में आने के बाद से उनके गेम और पिता के साथ रिश्ते को लेकर भी कई चर्चाएं सामने आई हैं।

  • जयंती विशेष: अभिनय से शुरुआत…. 5 वर्ष की उम्र में रंगमंच पर आईं थीं लता मंगेशकर

    जयंती विशेष: अभिनय से शुरुआत…. 5 वर्ष की उम्र में रंगमंच पर आईं थीं लता मंगेशकर


    मुम्बई।
    स्वर कोकिला लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) अगर आज हमारे बीच होतीं तो अपना 97वां जन्मदिन (Birth Anniversary) मना रही होतीं। भले ही सशरीर वे आज इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनकी सुरीली आवाज (Melodious voice) आज भी हमारे मन को तर करती है। उनके गाए गीतों के सहारे प्रशंसक हर पल उन्हें अपने करीब महसूस करते हैं। दिवंगत लता मंगेशकर की आवाज ही उनकी पहचान बन गई और यह सदा बनी रहेगी। सुरीला कंठ उन्हें कुदरती रूप से उपहार में मिला था। लेकिन, हैरानी की बात है कि उन्होंने शुरुआत अभिनय से की थी।

    लता मंगेशकर का जन्म 28 सितंबर 1929 को इंदौर के मराठी परिवार में पंडित दीनदयाल मंगेशकर के घर हुआ था। लता जी की मां का नाम श्रीमती माई था। जन्म के समय लता जी का नाम हेमा रखा गया था, लेकिन कुछ समय बाद उनके पिता ने थिएटर के कैरेक्टर लतिका के नाम पर उनका नाम लता रख दिया। लता जी के पिता ने अपने गांव मंगेशी के नाम पर अपना उपनाम मंगेशकर रखा था। इनके पिता रंगमंच के कलाकार और गायक थे। संगीत लता दीदी को विरासत में मिला। अभिनय में भी उनकी दिलचस्पी थी और लता ने पांच साल की छोटी उम्र में पहली बार एक नाटक में अभिनय किया।


    फिल्मों में साइड रोल किए

    लता मंगेशकर के ऊपर बहुत कम उम्र में ही परिवार की जिम्मेदारियां आ गई थीं। दरअसल, लता जी जब सिर्फ 13 वर्ष की थीं, तभी उनके पिता दीनानाथ मंगेशकर का निधन हो गया था। इसके बाद उनके ऊपर परिवार की जिम्मेदारी आ गई थी। 14 वर्ष की उम्र में लता फिल्मों में हीरो या हीरोइन की बहन का रोल अदा किया करती थीं पर साथ ही उन्होंने संगीत की शिक्षा भी जारी रखी। फिर, गायिकी का सफर जो शुरू हुआ तो वे एक बड़ी शख्सियत बनकर उभरीं और इतनी बड़ी कि युगों-युगों तक जमाना उन्हें याद करेगा।


    लता मंगेशकर

    गायिकी के सफर की बात करें तो लता मंगेशकर ने सिर्फ 13 साल की उम्र में ही फिल्म ‘पहिली मंगलागौर’ से डेब्यू किया था। लता मंगेशकर की पहली कमाई 25 रुपये थी। उन्होंने 1942 में मराठी फिल्म ‘किती हसाल’ के लिए गाना गाया था। लता मंगेशकर को पहचान फिल्म महल के गाने ‘आएगा आने वाला’ से मिली थी। लता मंगेशकर ने दुनियाभर की 36 भाषाओं में 50 हजार से ज्यादा गाना गाए।

    ‘पिता होते तो न बन पाती सिंगर’
    18 साल की उम्र में मास्टर गुलाम हैदर ने फिल्म ‘मजबूर’ के गीत ‘अंग्रेजी छोरा चला गया’ में लता जी को मुकेश के साथ गाने का मौका दिया। अपनी गायिकी के लिए लता मंगेशकर ने कई विश्व रिकॉर्ड बनाए। लेकिन, वह पिता के सामने गाना गाते वक्त हमेशा डरा करती थीं। एक बातचीत के दौरान खुद लता जी न इस बात का जिक्र किया था। उन्होंने कहा था, ‘पिताजी जिंदा होते तो मैं शायद सिंगर नहीं होती।’ लता जी के पिता दीनानाथ मंगेशकर को लंबे समय तक मालूम ही नहीं था कि उनकी बेटी गा सकती हैं। पिता जी को जब बेटी के हुनर का पता चला और जब वह लता जी से गाना गाने को कहते तो वह अक्सर झिझककर किचन में मां के पास भाग जाया करतीं।


    महज एक दिन स्कूल गई थीं स्वर कोकिला

    क्या आप मानेंगे कि लता महज एक दिन के लिए स्कूल गई थी? यह सच है। इसकी वजह यह रही कि जब वह पहले दिन अपनी छोटी बहन आशा भोसले को स्कूल लेकर गई तो अध्यापक ने आशा भोंसले को यह कहकर स्कूल से निकाल दिया कि उन्हें भी स्कूल की फीस देनी होगी। बाद में लता ने निश्चय किया कि वह कभी स्कूल नहीं जाएंगी। हालांकि बाद में उन्हें न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी सहित छह विश्वविद्यालयों में मानक उपाधि से नवाजा गया। बता दें कि लता मंगेशकर पांच भाई-बहनों में सबसे बड़ी बहन थीं। उनके बाद उनकी तीन बहनें मीना मंगेशकर, आशा भोसले, उषा मंगेशकर और भाई हृदयनाथ मंगेशकर ने भी आजीविका के रूप में संगीत को ही चुना।


    लाजवाब हलवा बनाती थीं लता दीदी

    लता मंगेशकर के सिंगिंग के हुनर से तो दुनिया वाकिफ रही। लेकिन, इसके अलावा लता दीदी को कुकिंग का भी काफी शौक था। रिपोर्ट्स के मुताबिक लता मंगेशकर को मेहमान नवाजी का काफी शौक था। उनके हाथों का बना चिकन जिसने खाया, वह उसे भुला नहीं पाया। चिकन के अलावा स्वर कोकिला सूजी का हलवा भी बहुत अच्छा बनाती थीं। लता मंगेशकर को सी फूड भी काफी पसंद था। खासकर गोवा की फिश और समुद्री झींगे उनकी पसंदीदा डिश थी।


    गिनीज बुक में दर्ज हुआ नाम

    वर्ष 1974 में लंदन के सुप्रसिद्ध रॉयल अल्बर्ट हॉल में लता मंगेशकर को पहली भारतीय गायिका के रूप में गाने का अवसर प्राप्त हुआ। सन 1974 में दुनिया में सबसे अधिक गीत गाने का ‘गिनीज बुक रिकॉर्ड’ उनके नाम पर दर्ज किया गया था।


    इस वजह से रहना पड़ा था मौन

    लता मंगेशकर की जिंदगी में एक पल ऐसा भी आया, जब उन्हें कुछ वक्त ब्रेक लेना पड़ा। साथ ही मौन भी रहना पड़ा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 60 के दशक में लता को वोकल कॉर्ड्स में कुछ समस्या हुई। इस तकलीफ के चलते वे गा नहीं पा रही थीं। तब, मशहूर शास्त्रीय गायक उस्ताद अमीर खान की सलाह पर उन्होंने कुछ समय के लिए सिंगिंग से ब्रेक लिया। महीनों ब्रेक पर रहने के दौरान उन्होंने मौन व्रत रखा। उनका यह मौन वर्त हेमंत कुमार ने तुड़वाया था। दरअसल, हेमंत को फिल्म ‘बीस साल बाद’ के लिए लता की आवाज चाहिए थी। उन्होंने लता मंगेशकर को राजी किया और ‘कहीं दीप जले, कहीं दिल’ गाना गाने को कहा। यह गाना सुपरहिट हुआ। लता दीदी को बेस्ट फीमेल प्लेबैक सिंगर का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला था।

  • तिलक लगवाने को लेकर मलयाली सुपर ममूटी पर भड़के कट्टरपंथी, हरिश्री यूसुफ ने किया बचाव

    तिलक लगवाने को लेकर मलयाली सुपर ममूटी पर भड़के कट्टरपंथी, हरिश्री यूसुफ ने किया बचाव


    नई दिल्ली।
    मलयालम सुपरस्टार ममूटी (Malayalam superstar Mammootty) को गुजरात में एक स्वागत समारोह के दौरान माथे पर पारंपरिक तिलक लगवाने के बाद ऑनलाइन आलोचना का सामना करना पड़ा. वे वहां 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में ‘बेस्ट एक्टर’ की ट्रॉफी लेने पहुंचे थे. अब्बास नाम के एक सोशल मीडिया यूज़र ने इस हरकत को धार्मिक अपराध बताया, जिसके बाद एक्टर-कॉमेडियन हरिश्री यूसुफ ने इस आलोचना का जवाब दिया और दिग्गज स्टार का बचाव किया।

    धार्मिक भेदभाव से ऊपर उठने की जरूरत पर जोर देते हुए, यूसुफ ने इस संकीर्ण सोच वाली प्रतिक्रिया की निंदा की और भारत में सांस्कृतिक मेहमाननवाजी के धर्मनिरपेक्ष स्वरूप को उजागर किया।

    तिलक लगवाने के लिए ममूटी को निशाना बनाने वाले आलोचक की आलोचना करते हुए, यूसुफ ने कमेंट करने वाले को ‘कुएं का मेंढक’ कहा क्योंकि उसने स्वागत के एक पारंपरिक तरीके को सांप्रदायिक मुद्दा बना दिया।

    हरिश्री यूसुफ ने जमकर सुनाया

    यूसुफ ने एक वीडियो संदेश में कहा, ‘ममूटी एक कलाकार हैं. मैं भी एक छोटा-मोटा कलाकार हूं. हम कलाकारों की सोच संकीर्ण नहीं होती. हम थोड़ा व्यापक सोचते हैं.’ ‘इस व्यक्ति को लगा कि यह बहुत बड़ा अपराध है… आप जैसे लोग, जिनके दिमाग में सिर्फ ‘धर्म’ होता है, वे ही ऐसा सोचेंगे।

    यह बताते हुए कि बड़े कार्यक्रमों और होटलों में मेहमानों का तिलक लगाकर स्वागत करना एक आम बात है, कॉमेडियन ने मशहूर हस्तियों का अपमान करने के लिए आस्था का सहारा लेने की प्रथा पर सवाल उठाया. उन्होंने सिनेमा और समाज में ममूटी के बड़े योगदान का जिक्र किया, जिसमें बच्चों की मुफ्त हार्ट सर्जरी के लिए फंडिंग करना और केरल को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना शामिल है।

    यूसुफ ने कहा, ‘आपने उस व्यक्ति का अपमान किया है जिसका दुनिया भर के मलयाली लोग सम्मान और प्रशंसा करते हैं… जरा देखिए कि वह व्यक्ति हमारे समाज के लिए कितने अच्छे काम करता है।

    आस्था के अलग-अलग कामों — जैसे तिलक लगाना, क्रॉस का निशान बनाना या प्रार्थना में सिर झुकाना — के बीच समानता बताते हुए यूसुफ ने कहा कि भक्ति के सभी रूप एक ही ईश्वर के प्रति होते हैं. सांप्रदायिक सोच की निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी दकियानूसी सोच भारत जैसे धर्मनिरपेक्ष देश के बजाय ‘तालिबान’ शासन में ही हो सकती है।

    उन्होंने अपनी बात खत्म करते हुए कहा, ‘धर्म जरूरी है, लेकिन धर्म का मकसद क्या है? इसका मकसद इंसानों का आपस में लड़ना नहीं है. धर्म का मकसद इंसानों को बेहतर बनाना है.’ साथ ही, उन्होंने सोशल मीडिया यूजर्स से सांप्रदायिक तनाव न बढ़ाने की अपील की।

    हरिश्री यूसुफ मलयालम सिनेमा और स्टेज परफॉर्मेंस की जानी-मानी हस्ती हैं. उन्होंने ‘म्यो’ (Meow), ‘इनी उथारम’ (Ini Utharam) और ‘अमर अकबर एंथनी’ (Amar Akbar Anthony) जैसी फिल्मों में अहम भूमिकाएं निभाई हैं।


    ममूटी को मिला नेशनल अवॉर्ड

    72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में ममूटी ने बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड जीता. उन्होंने यह सम्मान हिंदी फिल्म एक्टर कार्तिक आर्यन के साथ शेयर किया. ममूटी को यह सम्मान मलयालम ड्रामा ‘ब्रमायुगम’ (Bramayugam) में शानदार एक्टिंग के लिए मिला, जबकि आर्यन ने स्पोर्ट्स ड्रामा ‘चंदू चैंपियन’ (Chandu Champion) में पैरालंपिक गोल्ड मेडलिस्ट का किरदार निभाकर अपना पहला नेशनल अवॉर्ड हासिल किया. यह ममूटी का बेस्ट एक्टर के तौर पर चौथा नेशनल फिल्म अवॉर्ड था, जिसने भारतीय सिनेमा के सबसे मशहूर दिग्गजों में से एक के तौर पर उनकी पहचान को और मज़बूत किया।