Category: Entertainment

  • टीवी इंडस्ट्री में फिर मचा बवाल, सान्वी तलवार बोलीं करण कुंद्रा ने किया किस फिर सबके सामने मारा थप्पड़

    टीवी इंडस्ट्री में फिर मचा बवाल, सान्वी तलवार बोलीं करण कुंद्रा ने किया किस फिर सबके सामने मारा थप्पड़


    नई दिल्ली । टीवी अभिनेत्री सान्वी तलवार ने एक हालिया इंटरव्यू में अभिनेता करण कुंद्रा को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि साल 2015 में टीवी शो ये कहां आ गए हम की शूटिंग के दौरान उनके साथ ऐसा व्यवहार हुआ जिसने उन्हें मानसिक रूप से बुरी तरह प्रभावित किया। सान्वी के अनुसार उस दौर में वह लगातार तनाव और अवसाद जैसी स्थिति से गुजर रही थीं और कई बार उन्होंने अभिनय की दुनिया छोड़ने तक का मन बना लिया था।

    सान्वी ने बताया कि शो की शूटिंग के दौरान वह रोज अपनी वैनिटी वैन में जाकर रोती थीं। उनका कहना है कि सेट का माहौल उनके लिए बेहद असहज हो गया था। अभिनेत्री के मुताबिक वह स्वभाव से कम बोलने वाली हैं और जल्दी किसी से घुलती मिलती नहीं हैं। इसी वजह से वह सेट पर केवल औपचारिक तरीके से सभी का अभिवादन करती थीं। उनका दावा है कि उनके इस व्यवहार को गलत तरीके से लिया गया और उन्हें घमंडी समझा जाने लगा।

    अभिनेत्री ने आरोप लगाया कि करण कुंद्रा उनमें व्यक्तिगत रुचि रखते थे लेकिन उन्होंने कभी उस तरह की दिलचस्पी नहीं दिखाई। सान्वी का कहना है कि इसी वजह से उनके प्रति व्यवहार बदल गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि उस समय करण कुंद्रा अभिनेत्री अनुषा दांडेकर के साथ रिश्ते में थे और उन्होंने इस पूरे मामले की जानकारी अनुषा तक भी पहुंचाई थी।

    सान्वी ने आगे कहा कि समय के साथ सेट पर स्थिति और खराब होती गई। उनका आरोप है कि निर्देशक भी उन्हें लगातार हतोत्साहित करते थे और कहते थे कि उन्हें अभिनय नहीं आता। यहां तक कि उनके किरदार के लिए दूसरे कलाकारों के ऑडिशन लिए जाने की बातें भी उन्हें सुनने को मिलीं। इन परिस्थितियों ने उन्हें मानसिक रूप से काफी कमजोर कर दिया और वह लंबे समय तक डिप्रेशन जैसी स्थिति में रहीं।

    सबसे गंभीर आरोप लगाते हुए सान्वी ने एक किसिंग सीन का जिक्र किया। उनके अनुसार शूटिंग के दौरान निर्देशक के संकेत से पहले ही करण कुंद्रा ने उन्हें किस कर लिया। इस पर उन्होंने गुस्से में करण को थप्पड़ मार दिया। अभिनेत्री का दावा है कि कुछ देर बाद करण वापस आए और पूरी यूनिट के सामने उन्हें जोरदार थप्पड़ मारा जिससे वह नीचे गिर गईं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उस दौरान उन्हें और उनके परिवार को अपशब्द कहे गए तथा मौके पर मौजूद किसी व्यक्ति ने उनका साथ नहीं दिया।

    सान्वी ने बताया कि इस घटना के बाद वह शूटिंग छोड़कर घर चली गईं। उनके अनुसार बाद में निर्माता एकता कपूर ने उनसे बातचीत की माफी मांगी और उनका समर्थन किया। अभिनेत्री का दावा है कि इसके बाद शो के निर्देशक को बदल दिया गया और करण कुंद्रा के शूटिंग दिनों में भी कमी की गई।

    हालांकि इन सभी आरोपों पर अब तक करण कुंद्रा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इसलिए इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। मामला पूरी तरह अभिनेत्री के हालिया इंटरव्यू में लगाए गए आरोपों पर आधारित है और दूसरी ओर का पक्ष सामने आना अभी बाकी है।

  • 250 असली कुत्तों के साथ बनी 'ओह माय डॉग', पंकज त्रिपाठी ने बिना फीस निभाया अहम किरदार, उठेगा डॉग ट्रैफिकिंग का मुद्दा

    250 असली कुत्तों के साथ बनी 'ओह माय डॉग', पंकज त्रिपाठी ने बिना फीस निभाया अहम किरदार, उठेगा डॉग ट्रैफिकिंग का मुद्दा

    नई दिल्ली । 31 जुलाई को रिलीज हो रही ‘ओह माय डॉग’ डॉग ट्रैफिकिंग जैसे गंभीर मुद्दे पर बनी फिल्म है। इसमें 250 असली कुत्तों के साथ शूटिंग की गई है। पंकज त्रिपाठी ने कहानी से प्रभावित होकर बिना फीस फिल्म में काम किया, जबकि ब्रूनो और ऑस्कर नाम के दो डॉगी इस फिल्म के असली हीरो हैं।

    यह फिल्म सिर्फ मनोरंजन ही नहीं, बल्कि उन बेजुबान कुत्तों की आवाज बनती है जिनका दर्द अक्सर दुनिया तक नहीं पहुंच पाता। इसकी कहानी एक बच्चे और उसके पालतू डॉगी के बीच के अनमोल रिश्ते के जरिए जानवरों के खिलाफ होने वाले अपराधों की सच्चाई सामने लाती है।

    फिल्म से जुड़ी मुख्य बातें
    250 असली कुत्तों के साथ शूटिंग: फिल्म की सबसे बड़ी खासियत इसके 250 असली कुत्ते हैं। फिल्म के सबसे अहम किरदार ब्रूनो और ऑस्कर नाम के दो डॉगी निभा रहे हैं, जिन्हें देशभर में हजारों कुत्तों के ऑडिशन लेने के बाद चुना गया।

    पंकज त्रिपाठी ने नहीं ली फीस: पंकज त्रिपाठी का रोल भले ही छोटा है, लेकिन जानवरों के प्रति प्यार और फिल्म का संदेश उन्हें इतना पसंद आया कि उन्होंने इसके लिए कोई फीस नहीं ली। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक बच्चे और डॉगी की कहानी नहीं, बल्कि इंसानियत, प्यार और दया का संदेश है।

    डॉग ट्रैफिकिंग का काला सच: फिल्म उस अंधेरी दुनिया को उजागर करती है जहाँ मासूम पालतू जानवरों की तस्करी कर उन्हें गलत हाथों में बेच दिया जाता है। कहानी में एक बच्चे का अपने डॉगी के लिए प्यार इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश करता है।

    निर्देशक और संदेश
    फिल्म का निर्देशन अमित राय ने किया है, जिन्होंने इससे पहले ‘ओह माय गॉड 2’ जैसी चर्चित फिल्म बनाई थी। बड़े एक्शन और वीएफएक्स के दौर में यह फिल्म दिल को छू लेने वाली कहानी और सामाजिक संवेदना के दम पर बनाई गई है।

  • अश्नीर ग्रोवर की बायोपिक में बड़ा बदलाव! आमिर खान के बाहर होने की चर्चा तेज, श्रद्धा कपूर संभालेंगी जिम्मेदारी

    अश्नीर ग्रोवर की बायोपिक में बड़ा बदलाव! आमिर खान के बाहर होने की चर्चा तेज, श्रद्धा कपूर संभालेंगी जिम्मेदारी


    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान को लेकर एक बड़ी चर्चा सामने आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार उन्होंने बिजनेसमैन और भारतपे के पूर्व सह संस्थापक अश्नीर ग्रोवर के जीवन पर बनने वाली प्रस्तावित बायोपिक से कथित तौर पर अपने कदम पीछे खींच लिए हैं। हालांकि इस पूरे मामले पर अब तक आमिर खान फिल्म के निर्देशक राहुल मोदी या फिल्म की टीम की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है लेकिन खबरों ने फिल्म इंडस्ट्री में हलचल जरूर बढ़ा दी है।

    इस साल की शुरुआत में खबरें आई थीं कि अश्नीर ग्रोवर के जीवन पर आधारित फिल्म बनाई जाएगी जिसमें मुख्य भूमिका के लिए आमिर खान का नाम सामने आया था। वहीं फिल्म का निर्देशन राहुल मोदी करने वाले थे और अभिनेत्री श्रद्धा कपूर को फीमेल लीड के तौर पर चुना गया था। इस खबर के सामने आने के बाद दर्शकों में इस प्रोजेक्ट को लेकर काफी उत्सुकता देखी गई थी क्योंकि आमिर खान लंबे समय से चुनिंदा और अलग विषयों वाली फिल्मों के लिए जाने जाते हैं।

    अब नई रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि आमिर खान और निर्देशक राहुल मोदी के बीच स्क्रिप्ट और फिल्म के क्रिएटिव विजन को लेकर मतभेद पैदा हो गए। बताया जा रहा है कि आमिर खान स्टार्टअप और उद्यमिता की दुनिया पर आधारित इस कहानी को अपने नजरिए से और अधिक प्रभावशाली बनाना चाहते थे। उन्होंने स्क्रिप्ट पर कई सुझाव भी दिए लेकिन दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी जिसके बाद उन्होंने कथित तौर पर इस फिल्म से अलग होने का फैसला किया।

    रिपोर्ट्स के मुताबिक आमिर खान के प्रोजेक्ट से बाहर होने के बावजूद श्रद्धा कपूर फिल्म से पूरी तरह जुड़ी हुई हैं। बताया जा रहा है कि वह फिल्म में अश्नीर ग्रोवर की पत्नी माधुरी जैन ग्रोवर का किरदार निभा सकती हैं। इतना ही नहीं खबरों के अनुसार श्रद्धा कपूर एक प्रमुख प्रोडक्शन हाउस के साथ मिलकर इस फिल्म के निर्माण की जिम्मेदारी भी संभाल सकती हैं।

    फिल्म की कास्टिंग को लेकर भी नए सिरे से काम शुरू होने की चर्चा है। रिपोर्ट्स का दावा है कि अब मेकर्स अश्नीर ग्रोवर की भूमिका के लिए किसी युवा अभिनेता की तलाश कर रहे हैं और जल्द ही मुख्य कलाकारों के नाम पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है। हालांकि आधिकारिक घोषणा का इंतजार अभी भी बना हुआ है।

    गौरतलब है कि अश्नीर ग्रोवर भारतीय स्टार्टअप जगत की चर्चित हस्तियों में शामिल रहे हैं। भारतपे से जुड़े विवादों और शार्क टैंक इंडिया में उनकी लोकप्रियता के बाद उनका नाम लगातार सुर्खियों में रहा है। वहीं उनकी पत्नी माधुरी जैन ग्रोवर भी हाल के समय में अपने बयानों और सार्वजनिक उपस्थिति को लेकर चर्चा में रही हैं।

    फिलहाल आमिर खान के फिल्म छोड़ने और नई कास्टिंग से जुड़ी सभी बातें मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित हैं। जब तक निर्माता निर्देशक या कलाकारों की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं होती तब तक इन खबरों की पुष्टि नहीं मानी जा सकती। इसके बावजूद इस प्रस्तावित बायोपिक को लेकर दर्शकों की दिलचस्पी लगातार बनी हुई है।

  • 'जन नायगन' से थलपति विजय की दमदार वापसी, बॉबी देओल संग टक्कर पर सिनेमाघरों में गूंजी सीटियां

    'जन नायगन' से थलपति विजय की दमदार वापसी, बॉबी देओल संग टक्कर पर सिनेमाघरों में गूंजी सीटियां

    नई दिल्ली । करीबन 6 महीने के लंबे स्ट्रगल और सेंसर सर्टिफिकेट के विवादों से गुजरने के बाद आखिरकार थलपति विजय की फिल्म ‘जन नायगन’ सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। यह विजय की बतौर अभिनेता आखिरी फिल्म मानी जा रही है, जिसे लेकर तमिलनाडु समेत पूरे साउथ में जश्न का माहौल है। फैंस में ‘फर्स्ट डे फर्स्ट शो’ (FDFS) देखने की होड़ मची हुई है।

    फैंस को पसंद आई ‘जन नायगन’

    फिल्म को पब्लिक की ओर से धमाकेदार रिस्पॉन्स मिल रहा है। सोशल मीडिया पर फैंस इसे ‘ब्लॉकबस्टर’, ‘हिट’ और ‘एंटरटेनिंग’ बता रहे हैं। थियेटर्स के अंदर फैंस सीटियां बजा रहे हैं और नोट उड़ा रहे हैं।

    थलपति विजय की एंट्री और स्वैग
    एंट्री सीन: फिल्म में विजय का एंट्री सीन तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे गुंडों की धुलाई करते नजर आ रहे हैं।

    स्क्रीन पर टाइटल: मूवी शुरू होने पर विजय को ‘सीएम विजय’ का टाइटल दिया गया है, जिसे देखकर फैंस सिनेमाहॉल में जमकर नारेबाज़ी और हूटिंग कर रहे हैं।

    विजय और बॉबी देओल का आमना-सामना

    फिल्म में इंटरवल से पहले थलपति विजय और बॉबी देओल के बीच का क्लैश (सामना) दिखाया गया है। साउथ की फिल्म में बॉबी देओल की दमदार मौजूदगी देखकर फैंस काफी उत्साहित हैं और इस सीन की क्लिप्स सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं।

    सिनेमाघरों के बाहर और अंदर जश्न का माहौल
    थियेटर्स का नजारा: हॉल के अंदर लोग सीटों पर खड़े होकर डांस कर रहे हैं और तालियां बजा रहे हैं।

    कटआउट और आतिशबाजी: सिनेमाघरों के बाहर विजय के बड़े-बड़े पोस्टर्स और कटआउट्स लगाए गए हैं। मदुरई में फैंस पोस्टर्स पर दूध चढ़ाते दिखे, वहीं बेंगलुरु और अन्य शहरों में आतिशबाजी और ढोल-नगाड़ों के साथ डांस किया जा रहा है।

    फिल्म से जुड़ी मुख्य बातें
    रिलीज और स्क्रीन्स: भारत में यह फिल्म 2,500 स्क्रीन्स पर रिलीज हुई है।

    शो टाइमिंग्स: आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना और केरल में सुबह 6 बजे से शो शुरू हो गए, जबकि तमिलनाडु में सुबह 9 बजे से स्क्रीनिंग रखी गई।

    स्टार कास्ट: फिल्म का निर्देशन एच. विनोथ ने किया है। विजय के साथ पूजा हेगड़े, बॉबी देओल, ममिता बैजू, प्रकाश राज, गौतम वासुदेव मेनन और नारायण मुख्य भूमिकाओं में हैं।

    बॉक्स ऑफिस कलेक्शन का अनुमान (रमेश बाला के अनुसार)
    पहला दिन (घरेलू कलेक्शन): ₹60 करोड़ (अनुमानित)

    पहला दिन (वर्ल्डवाइड कलेक्शन): ₹90 – ₹100 करोड़ (अनुमानित)

    ओपनिंग वीकेंड (भारत): ₹150 – ₹180 करोड़ (अनुमानित)

  • फिल्म 'दुल्हनिया ले आएगी' के प्रमोशनल इवेंट में हादसे की खबर से चिंता: बिस्तर से उठने में असमर्थ पीयूष मिश्रा के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना

    फिल्म 'दुल्हनिया ले आएगी' के प्रमोशनल इवेंट में हादसे की खबर से चिंता: बिस्तर से उठने में असमर्थ पीयूष मिश्रा के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना

    नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा एवं रंगमंच के दिग्गज अभिनेता, गीतकार और लेखक पीयूष मिश्रा के प्रशंसकों के लिए चिंताजनक खबर सामने आई है। अभिनेता अपने घर के बाथरूम में अचानक फिसलकर गिर पड़े, जिससे वे गंभीर रूप से चोटिल हो गए हैं। इस अचानक हुए हादसे में उनके एक हाथ में गंभीर फ्रैक्चर आ गया है। डॉक्टरों ने उनकी स्थिति को देखते हुए उन्हें पूर्ण रूप से बेड रेस्ट की सलाह दी है। हादसे के कारण वे अपनी आगामी फिल्म ‘दुल्हनिया ले आएगी’ के प्रचार अभियानों और साक्षात्कारों का हिस्सा नहीं बन पा रहे हैं। इस दुखद घटना की जानकारी फिल्म के निर्देशक द्वारा एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान दी गई, जिसके बाद से ही मनोरंजन जगत और प्रशंसकों के बीच उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए प्रार्थनाएं की जा रही हैं।

    मुंबई में आयोजित फिल्म ‘दुल्हनिया ले आएगी’ के एक विशेष प्रमोशनल कार्यक्रम के दौरान जब मुख्य भूमिका निभा रहे पीयूष मिश्रा अनुपस्थित रहे, तो मीडिया द्वारा उनकी स्थिति पर सवाल पूछा गया। इस पर फिल्म के निर्देशक आकाशादित्य लामा ने घटना का विवरण साझा करते हुए बताया कि अभिनेता के मैनेजर ने उन्हें हादसे की सूचना दी। निर्देशक के अनुसार, पीयूष मिश्रा पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी अन्य समस्याओं से भी जूझ रहे थे, लेकिन इसके बावजूद वे अपने पेशेवर प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए प्रयासरत थे। हालांकि, इस दुर्घटना के बाद उनकी शारीरिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वे फिलहाल बिस्तर से उठ सकें, जिसके कारण वे आगामी सभी कार्यक्रमों से दूर रहेंगे।

    आकाशादित्य लामा के निर्देशन में बनी फिल्म ‘दुल्हनिया ले आएगी’ आगामी 24 जुलाई को देशभर के सिनेमाघरों में प्रदर्शित होने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह फिल्म कॉमेडी, पारिवारिक रिश्तों, रोमांस और सामाजिक ताने-बाने से भरपूर एक मनोरंजक सिनेमा प्रस्तुत करने का दावा करती है। हाल ही में जारी हुए इसके ट्रेलर को दर्शकों द्वारा काफी सराहा गया है। फिल्म की मुख्य स्टारकास्ट में पीयूष मिश्रा के साथ-साथ अभिनेत्री खुशाली कुमार, वरिष्ठ अभिनेता महेश मांजरेकर, ओंकार कपूर, लैरिसा बोनेसी और स्नेहिल दीक्षित मेहरा जैसे कई नामचीन कलाकार प्रमुख भूमिकाओं में नजर आने वाले हैं।

    फिल्म की रिलीज से ठीक पहले मुख्य कलाकार के इस तरह चोटिल हो जाने से फिल्म की पूरी टीम चिंतित है। हालांकि, निर्माताओं और सह-कलाकारों ने पीयूष मिश्रा के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा है कि इस समय उनका स्वास्थ्य और पूर्ण इलाज सबसे पहली प्राथमिकता है। सिनेमा जगत के तमाम हस्तियों और उनके प्रशंसकों ने सोशल मीडिया के माध्यम से अभिनेता के जल्द से जल्द स्वस्थ होकर काम पर लौटने की कामना की है। 24 जुलाई को रिलीज हो रही इस फिल्म से पूरी टीम को काफी उम्मीदें हैं, और दर्शक भी पर्दे पर पीयूष मिश्रा के अभिनय को देखने का उत्सुकता से इंतजार कर रहे हैं।

  • क्या बोल्डनेस और रोमांस के दम पर हिट होगी यश की नई फिल्म?

    क्या बोल्डनेस और रोमांस के दम पर हिट होगी यश की नई फिल्म?


    नई दिल्ली ।
    दक्षिण भारतीय फिल्मों के जाने-माने अभिनेता यश की आगामी बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ अपनी रिलीज से पूर्व ही मीडिया और सोशल मीडिया पर लगातार सुर्खियों में बनी हुई है। हालांकि, इस बार फिल्म की चर्चा का मुख्य कारण केवल इसका भारी-भरकम बजट या नामचीन स्टारकास्ट नहीं, बल्कि इसके टीज़र, ट्रेलर और गानों में दिखाया जा रहा बोल्ड और इंटीमेट कंटेंट है। हाल ही में जारी हुए ‘मदहोश’ गाने में यश और अभिनेत्री तारा सुतारिया की रोमांटिक केमिस्ट्री को काफी आक्रामक तरीके से पेश किया गया है। इसके बाद से ही फिल्म जगत और दर्शकों के बीच यह बहस छिड़ गई है कि क्या मेकर्स फिल्म की वास्तविक कहानी और एक्शन के बजाय केवल सेंसुअस कंटेंट के दम पर प्रचार हासिल करने का प्रयास कर रहे हैं।

    फिल्म के प्रचार के लिए जारी किए गए शुरुआती टीज़र में यश को ब्राज़ीलियाई मॉडल बीट्रिज टाउफेनबाख के साथ दिखाया गया था। इसके बाद जारी हुए ‘तबाही’ गाने में कियारा आडवाणी के साथ उनके कई विवादित और इंटीमेट सीन्स देखने को मिले, जिसको लेकर सोशल मीडिया पर काफी आलोचना भी हुई थी। अब तारा सुतारिया के साथ जारी नया वीडियो इस बात की पुष्टि करता है कि फिल्म का प्रचार अभियान मुख्य रूप से बोल्ड रोमांस के इर्द-गिर्द बुना गया है। आज के डिजिटल दौर में जहां कुछ सेकेंड की वायरल क्लिप्स किसी फिल्म का रुख तय करती हैं, वहां इस तरह का प्रमोशनल पैटर्न व्यावसायिक दृष्टि से एक सुविचारित रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

    हालांकि, आधिकारिक जानकारियों के अनुसार गीतू मोहनदास के निर्देशन में बनी यह फिल्म केवल रोमांस तक सीमित नहीं है। इसे 1950 से 1970 के दशक के बीच ड्रग्स और गोल्ड माफिया की पृष्ठभूमि पर आधारित एक विशाल गैंगस्टर एक्शन ड्रामा बताया जा रहा है। फिल्म में यश का किरदार एक बेहद खतरनाक और भावनात्मक गैंगस्टर का है, जिसमें पावर स्ट्रगल और फैमिली ड्रामा के तत्व मुख्य रूप से शामिल हैं। इसके बावजूद, अब तक की प्रचार सामग्री में कहानी के मूल संघर्ष को पीछे रखते हुए केवल रोमांटिक तत्वों को प्रमुखता दी गई है, जिससे दर्शकों का ध्यान इसके वास्तविक कथानक से थोड़ा भटक रहा है।

    भारतीय सिनेमा में यह कोई नया प्रयोग नहीं है जहां किसी फिल्म के टीज़र या गानों में बोल्डनेस का इस्तेमाल कर चर्चा बटोरी जाए और मुख्य फिल्म का विषय पूरी तरह भिन्न हो। ‘तबाही’ गाने पर हुए भारी विवाद और ट्रोलिंग के बावजूद मेकर्स इसी शैली में प्रचार को आगे बढ़ा रहे हैं। आगामी 26 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली इस फिल्म का असली प्रदर्शन इसकी पटकथा पर निर्भर करेगा। फिलहाल, निर्माताओं द्वारा अपनाई गई यह आक्रामक और बोल्ड मार्केटिंग नीति फिल्म को लगातार चर्चा के केंद्र में बनाए रखने में पूरी तरह सफल सिद्ध हो रही है।

  • भारतीय सिनेमा में छात्र राजनीति और सामाजिक क्रांति को दर्शाती प्रमुख फिल्में..

    भारतीय सिनेमा में छात्र राजनीति और सामाजिक क्रांति को दर्शाती प्रमुख फिल्में..


    नई दिल्ली ।
    देश भर में वर्तमान समय में शिक्षा व्यवस्था, प्रवेश परीक्षाओं और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक विमर्श छिड़ा हुआ है। इस माहौल के बीच भारतीय सिनेमा के उस दौर की चर्चा पुनः तेज हो गई है, जिसने छात्रों के आक्रोश, उनके सामाजिक संघर्ष और व्यवस्था विरोधी आंदोलनों को बड़े पर्दे पर अत्यंत यथार्थवादी ढंग से प्रस्तुत किया था। बॉलीवुड में निर्मित कई ऐसी फिल्में रही हैं, जिन्होंने केवल बॉक्स ऑफिस पर व्यावसायिक सफलता ही हासिल नहीं की, बल्कि समाज में राजनीतिक चेतना और छात्र राजनीति के प्रभाव को भी रेखांकित किया।

    छात्र आंदोलनों की पृष्ठभूमि पर बनी फिल्मों में वर्ष 2006 में आई ‘रंग दे बसंती’ को सबसे प्रभावशाली रचना माना जाता है। इस फिल्म में कॉलेज के बेफिक्र युवाओं द्वारा भ्रष्ट शासन तंत्र के खिलाफ उठाई गई आवाज और उसके एक बड़े जनआंदोलन में बदलने की प्रक्रिया को दिखाया गया है। इसी प्रकार, मणिरत्नम द्वारा निर्देशित फिल्म ‘युवा’ छात्र राजनीति के सकारात्मक पहलू और युवाओं की सीधे शासन प्रणाली में भागीदारी को प्रेरित करती है। वहीं, 1970 के दशक की राजनीतिक हलचलों और सेंट स्टीफंस कॉलेज के छात्रों के वैचारिक संघर्ष पर आधारित ‘हजारों ख्वाहिशें ऐसी’ ने युवा चेतना के गंभीर पक्षों को उजागर किया है।

    विश्वविद्यालयों के भीतर पनपने वाली चुनावी राजनीति, हिंसा और सत्ता के संघर्ष को अनुराग कश्यप की ‘गुलाल’ और तिग्मांशु धूलिया की ‘हासिल’ जैसी फिल्मों में बेहद यथार्थवादी तरीके से दर्शाया गया है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति पर केंद्रित ‘हासिल’ यह स्पष्ट करती है कि किस तरह शैक्षणिक संस्थानों में छात्र संघ चुनाव बाहुबल और अपराध से प्रभावित होकर युवाओं के भविष्य को दिशाहीन कर देते हैं। ये फिल्में दिखाती हैं कि छात्र आंदोलन केवल आदर्शवाद तक सीमित न रहकर कई बार जटिल राजनीतिक ताने-बाने में भी उलझ जाते हैं।

    सामाजिक न्याय और नीतिगत निर्णयों के खिलाफ हुए ऐतिहासिक छात्र आंदोलनों को भी सिनेमा ने अपनी विषय-वस्तु बनाया है। प्रकाश झा की ‘आरक्षण’ जहां शिक्षा प्रणाली और आरक्षण नीति के सामाजिक प्रभाव पर प्रकाश डालती है, वहीं फिल्म ‘हुड़दंग’ 1990 के दशक में मंडल आयोग की सिफारिशों के विरोध में हुए देशव्यापी छात्र प्रदर्शनों को दर्शाती है। आज के दौर में जब युवा वर्ग अपनी मांगों को लेकर मुखर है, तब ये फिल्में यह साबित करती हैं कि सिनेमा ने हमेशा से समाज और युवाओं के वास्तविक संघर्षों को एक सशक्त माध्यम प्रदान किया है।

  • चाल में रहने को मजबूर हैदर अली खान, पूर्व पत्नी ईवा ग्रोवर ने बयां की पूरी कहानी..

    चाल में रहने को मजबूर हैदर अली खान, पूर्व पत्नी ईवा ग्रोवर ने बयां की पूरी कहानी..

    नई दिल्ली । हिंदी मनोरंजन जगत में उस वक्त हड़कंप मच गया जब मशहूर टीवी अभिनेत्री ईवा ग्रोवर ने एक साक्षात्कार के दौरान अपने पूर्व पति और अभिनेता आमिर खान के सौतेले भाई हैदर अली खान की वर्तमान परिस्थितियों को लेकर बेहद चौंकाने वाले खुलासे किए। ईवा के अनुसार, कभी मुख्यधारा के सिनेमा का हिस्सा रहे हैदर अली खान आज अपने जीवन के सबसे कठिन और अंधकारमय दौर से गुजर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि हैदर के पास वर्तमान में न तो खुद का कोई स्थायी आशियाना बचा है और न ही दो वक्त के भोजन की बुनियादी व्यवस्था है। जीवनयापन के लिए वे दूसरों की मदद पर निर्भर हैं और मुंबई की एक छोटी सी चाल में रहने को विवश हो गए हैं।

    अभिनेत्री ने अपनी पिछली शादीशुदा जिंदगी के कड़वे अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि प्रेम विवाह के बाद से ही उनके दांपत्य जीवन में मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सिलसिला शुरू हो गया था। ईवा के मुताबिक, शादी के शुरुआती दिनों में ही उन्हें हैदर के हिंसक व्यवहार और गंभीर मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का पता चला था। अत्यधिक शराब के सेवन और करियर में मिली असफलता ने स्थिति को और अधिक विकराल बना दिया, जिसके चलते उन्हें गहरे घरेलू तनाव का सामना करना पड़ा। ईवा ने यह भी दावा किया कि आमिर खान को विवाह से पूर्व ही इन परिस्थितियों का अंदेशा था और उन्होंने इस रिश्ते को लेकर चेतावनी भी दी थी, जिसे उस समय नजरअंदाज कर दिया गया था।

    घरेलू हिंसा और लगातार बिगड़ते हालातों के बीच पांच वर्षों के संघर्ष के बाद दोनों का तलाक हो गया था। हालांकि, अपनी आपबीती बयां करने के बावजूद ईवा ने अपने पूर्व पति की मौजूदा स्थिति पर गहरी मानवीय संवेदना और दुख व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि हैदर का स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति अब पूरी तरह चरमरा चुकी है। उनके आसपास मौजूद कुछ लोग उनकी इस कमजोरी का गलत फायदा उठाकर उन्हें निरंतर शराब के गर्त में धकेल रहे हैं, जिससे उनकी स्थिति दिन-ब-दिन और अधिक दयनीय होती जा रही है।

    ईवा ग्रोवर द्वारा किए गए इन दावों के बाद से सोशल मीडिया और फिल्मी गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। जहां एक तरफ प्रशंसक ईवा के साहस और अतीत के संघर्षों के प्रति अपनी सहानुभूति प्रकट कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ परिवार की चुप्पी को लेकर भी तरह-तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि, इस पूरे मामले पर परिवार की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन इस घटनाक्रम ने एक बार फिर बॉलीवुड के चकाचौंध के पीछे छिपे कड़वे सच को उजागर कर दिया है।

  • बॉलीवुड स्टार जॉन अब्राहम ने मुंबई में बढ़ाया प्रॉपर्टी पोर्टफोलियो 84 करोड़ का शानदार बंगला खरीदा

    बॉलीवुड स्टार जॉन अब्राहम ने मुंबई में बढ़ाया प्रॉपर्टी पोर्टफोलियो 84 करोड़ का शानदार बंगला खरीदा


    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेता जॉन अब्राहम ने एक बार फिर अपने बड़े रियल एस्टेट निवेश से सुर्खियां बटोर ली हैं। फिल्मों के साथ कारोबार और निवेश में भी सक्रिय रहने वाले जॉन ने मुंबई के प्रतिष्ठित बांद्रा वेस्ट इलाके में लगभग 84 करोड़ रुपये की कीमत का एक शानदार बंगला खरीदा है। इस खरीद के साथ उनका रियल एस्टेट पोर्टफोलियो और भी मजबूत हो गया है। मुंबई के सबसे प्रीमियम रिहायशी क्षेत्रों में गिने जाने वाले इस इलाके में संपत्ति खरीदना लंबे समय के निवेश के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

    रियल एस्टेट से जुड़े दस्तावेजों के अनुसार यह बंगला बांद्रा के सेंट मार्टिन रोड पर स्थित है। पूरी संपत्ति करीब 1017.60 वर्ग मीटर के बड़े प्लॉट पर बनी हुई है। इसमें लगभग 193.12 वर्ग मीटर का निर्मित बंगला मौजूद है जबकि परिसर में करीब 31.50 वर्ग मीटर का एक अलग आउटहाउस भी बनाया गया है। विशाल खुला परिसर और प्रीमियम लोकेशन इस प्रॉपर्टी को बेहद खास बनाते हैं।

    बताया गया है कि इस सौदे की रजिस्ट्री 14 जुलाई 2026 को पूरी की गई। इस खरीद के लिए जॉन अब्राहम ने करीब 5.04 करोड़ रुपये की स्टाम्प ड्यूटी भी अदा की है। यह सौदा मुंबई के इस वर्ष के चर्चित हाई वैल्यू रियल एस्टेट लेनदेन में शामिल माना जा रहा है।

    यह पहली बार नहीं है जब जॉन अब्राहम ने मुंबई में करोड़ों रुपये की प्रॉपर्टी खरीदी हो। इससे पहले वर्ष 2023 में उन्होंने खार इलाके में करीब 70.83 करोड़ रुपये का एक शानदार बंगला खरीदा था। उस संपत्ति में बड़ा प्लॉट और विशाल निर्मित क्षेत्र शामिल था। लगातार हो रहे इन निवेशों से साफ है कि जॉन केवल फिल्मों तक सीमित नहीं हैं बल्कि रियल एस्टेट को भी भविष्य के मजबूत निवेश के रूप में देख रहे हैं।

    फिल्मों के अलावा जॉन अब्राहम खेल जगत में भी अपनी मौजूदगी दर्ज करा चुके हैं। हाल ही में वह यूरोपियन टी20 प्रीमियर लीग की फ्रेंचाइजी रॉटरडैम डॉकर्स के सह मालिक बने हैं। इस टीम के प्रबंधन में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के कई बड़े नाम भी शामिल हैं। इससे साफ है कि अभिनेता मनोरंजन उद्योग के साथ खेल और व्यवसाय में भी अपनी पहचान लगातार मजबूत कर रहे हैं।

    वर्क फ्रंट की बात करें तो जॉन अब्राहम जल्द ही निर्देशक रोहित शेट्टी की नई बायोपिक फिल्म में मुंबई पुलिस के पूर्व आयुक्त राकेश मारिया की भूमिका निभाते नजर आएंगे। इसके अलावा उनकी लोकप्रिय एक्शन फ्रेंचाइजी फोर्स का अगला भाग भी दर्शकों के बीच आने की तैयारी में है जिसमें वह एक बार फिर एसीपी यशवर्धन सिंह के दमदार किरदार में दिखाई देंगे।

    लगातार बड़े निवेश और नए प्रोजेक्ट यह साबित करते हैं कि जॉन अब्राहम अभिनय के साथ कारोबार और संपत्ति निर्माण के क्षेत्र में भी लंबी रणनीति के साथ आगे बढ़ रहे हैं। मुंबई के सबसे महंगे इलाकों में की गई यह नई खरीद उनके बढ़ते निवेश साम्राज्य का एक और मजबूत अध्याय मानी जा रही है।

  • नसीरुद्दीन शाह का सरकार पर तीखा हमला बोले छात्रों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं सब याद रखा जाएगा

    नसीरुद्दीन शाह का सरकार पर तीखा हमला बोले छात्रों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं सब याद रखा जाएगा


    नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा के वरिष्ठ अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने छात्रों के प्रदर्शन और उनके साथ हुई कार्रवाई को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो संदेश में उन्होंने छात्रों के प्रति समर्थन जताते हुए कहा कि देश की युवा पीढ़ी से उन्हें हमेशा उम्मीद रही है और आज भी वही उम्मीद उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।

    नसीरुद्दीन शाह ने कहा कि शिक्षण और सीखने की प्रक्रिया ने उन्हें जीवन में बहुत कुछ सिखाया है। उन्होंने कहा कि अभिनय की दुनिया में जो अनुभव उन्होंने हासिल किया उसका बड़ा हिस्सा विद्यार्थियों के साथ काम करते हुए मिला। इसी कारण वह छात्रों के संघर्ष और उनकी भावनाओं को गंभीरता से समझते हैं।

    उन्होंने अपने संदेश में कहा कि छात्रों के साथ जिस तरह का व्यवहार देखने को मिला उससे उनका मन बेहद व्यथित है। उन्होंने कहा कि वह इस पूरी घटना से भावुक भी हैं और भीतर से आक्रोश भी महसूस कर रहे हैं। उनके अनुसार किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में युवाओं की आवाज को सम्मान मिलना चाहिए और उनकी बात सुनी जानी चाहिए।

    नसीरुद्दीन शाह ने छात्रों से अपील करते हुए कहा कि वे हिम्मत न हारें और अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष जारी रखें। उन्होंने कहा कि देश में बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जो छात्रों की भावनाओं को समझते हैं और उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि युवा पीढ़ी देश के भविष्य को बेहतर बनाने की क्षमता रखती है और यही उम्मीद उन्हें सकारात्मक सोच बनाए रखने की प्रेरणा देती है।

    अपने संबोधन में अभिनेता ने सरकार की भी आलोचना की और कहा कि समय हर घटना का साक्षी बनता है। उन्होंने कहा कि जो कुछ आज हो रहा है उसे लोग भूलेंगे नहीं और इतिहास हर बात को याद रखता है। उनका मानना है कि सत्ता में बैठे लोगों को भी यह समझना चाहिए कि जनता की भावनाओं और युवाओं की उम्मीदों का सम्मान करना लोकतंत्र की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।

    इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ जिसमें दावा किया गया कि नसीरुद्दीन शाह अपने बेटों के साथ दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन में शामिल हुए थे। हालांकि बाद में स्पष्ट हुआ कि यह वीडियो किसी विरोध प्रदर्शन का नहीं बल्कि मुंबई में आयोजित एक फिल्म स्क्रीनिंग का था और इसे गलत संदर्भ में साझा किया गया।

    नसीरुद्दीन शाह का यह बयान ऐसे समय आया है जब छात्र आंदोलनों और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर देशभर में राजनीतिक और सामाजिक बहस जारी है। अभिनेता का संदेश युवाओं के समर्थन और लोकतांत्रिक संवाद की आवश्यकता पर केंद्रित रहा।