Category: Entertainment

  • कॉमिक-कॉन के बाद इंटरनेट पर लीक हुआ 'रामायण' का ट्रेलर, भव्य विजुअल्स और यश के रावण लुक की चर्चा तेज

    कॉमिक-कॉन के बाद इंटरनेट पर लीक हुआ 'रामायण' का ट्रेलर, भव्य विजुअल्स और यश के रावण लुक की चर्चा तेज


    नई दिल्ली। रणबीर कपूर स्टारर बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायण’ अपनी आधिकारिक रिलीज से पहले ही चर्चा के केंद्र में आ गई है। फिल्म का ट्रेलर अभी तक मेकर्स की ओर से सार्वजनिक नहीं किया गया था, लेकिन सोशल मीडिया पर इसका कथित लीक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो अमेरिका के सैन डिएगो कॉमिक-कॉन 2026 में दिखाए गए ट्रेलर का हिस्सा है, जिसे किसी दर्शक ने रिकॉर्ड कर इंटरनेट पर साझा कर दिया।

    दरअसल, फिल्म निर्माता नमित मल्होत्रा ने पहले घोषणा की थी कि 24 जुलाई को दुनियाभर में फिल्म का ट्रेलर जारी किया जाएगा। हालांकि अंतिम समय में इसकी रिलीज टाल दी गई, जिससे प्रशंसकों का इंतजार और बढ़ गया। इससे पहले दिल्ली में आयोजित एक विशेष लॉन्च इवेंट में चुनिंदा लोगों को ट्रेलर दिखाया गया था। उस दौरान सोशल मीडिया पर फिल्म के विजुअल्स और भव्य प्रस्तुति की जमकर तारीफ हुई थी। उसी कार्यक्रम के बाद ट्रेलर का एक छोटा हिस्सा ऑनलाइन सामने आया था, लेकिन अब कथित तौर पर लगभग पूरा ट्रेलर ही इंटरनेट पर वायरल हो गया है।

    वायरल वीडियो में सबसे ज्यादा चर्चा अभिनेता यश के रावण अवतार की हो रही है। ट्रेलर में उनका विशाल और प्रभावशाली लुक दिखाई देता है। एक युद्ध दृश्य में रावण को इंद्रदेव के ऐरावत हाथी पर शक्तिशाली वार करते हुए दिखाया गया है, जिसने दर्शकों का ध्यान खींचा है। इसके बाद भगवान राम के रूप में रणबीर कपूर की एंट्री दिखाई देती है, जिनका शांत और दिव्य स्वरूप दर्शकों को आकर्षित कर रहा है।

    ट्रेलर में माता सीता के किरदार में साई पल्लवी की भी झलक देखने को मिलती है। वहीं, स्वयंवर का दृश्य भी दिखाया गया है, जिसमें भगवान राम शिव धनुष उठाते नजर आते हैं। वीडियो के अंतिम हिस्से में शूर्पणखा के किरदार में रकुल प्रीत सिंह दिखाई देती हैं और लक्ष्मण द्वारा उनकी नाक काटे जाने वाला प्रसिद्ध प्रसंग भी शामिल है।

    हालांकि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो कम गुणवत्ता वाला बताया जा रहा है, इसलिए फिल्म के विजुअल इफेक्ट्स और सिनेमैटिक अनुभव का पूरा अंदाजा लगाना मुश्किल है। इसके बावजूद ट्रेलर के भव्य सेट, वीएफएक्स और किरदारों की प्रस्तुति को लेकर सोशल मीडिया पर काफी सकारात्मक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कॉमिक-कॉन में मौजूद कई दर्शकों ने भी फिल्म के ट्रेलर की सराहना करते हुए इसे भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े विजुअल अनुभवों में से एक बताया है।

    फिलहाल मेकर्स की ओर से ट्रेलर लीक होने पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि वायरल वीडियो वास्तविक ट्रेलर का पूर्ण संस्करण है या उसका संपादित हिस्सा। ऐसे में दर्शकों को फिल्म के आधिकारिक ट्रेलर का इंतजार है, जो बेहतर गुणवत्ता के साथ जल्द रिलीज किया जा सकता है।

    ‘रामायण’ लंबे समय से भारतीय सिनेमा की सबसे महत्वाकांक्षी फिल्मों में गिनी जा रही है। बड़े सितारों, आधुनिक विजुअल इफेक्ट्स और विशाल पैमाने पर बन रही इस फिल्म को लेकर दर्शकों की उत्सुकता लगातार बढ़ती जा रही है। ट्रेलर के कथित लीक होने के बाद यह चर्चा और तेज हो गई है कि आधिकारिक रिलीज पर फिल्म दर्शकों की उम्मीदों पर कितनी खरी उतरती है।

  • सोशल मीडिया पर शाहरुख खान के नाम से फैलाई गई भ्रामक पोस्ट वायरल दावा निकला पूरी तरह फर्जी

    सोशल मीडिया पर शाहरुख खान के नाम से फैलाई गई भ्रामक पोस्ट वायरल दावा निकला पूरी तरह फर्जी


    नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच सोशल मीडिया पर बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान के नाम से एक पोस्ट तेजी से वायरल होने लगी। इस पोस्ट में दावा किया गया कि शाहरुख खान ने छात्रों से आंदोलन जारी रखने और किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटने की अपील की है। इतना ही नहीं इस वायरल पोस्ट को सलमान खान के हालिया बयान से जोड़ते हुए यह भी कहा गया कि शाहरुख ने अप्रत्यक्ष रूप से सलमान की अपील का जवाब दिया है। देखते ही देखते यह पोस्ट सोशल मीडिया के कई प्लेटफॉर्म पर लाखों लोगों तक पहुंच गई और इसे सच मानकर बड़ी संख्या में साझा भी किया जाने लगा।

    वायरल पोस्ट में लिखा गया था कि जब लड़ाई अधिकारों की हो तब चुप रहना समझदारी नहीं बल्कि शांति से डटे रहना ही सही रास्ता है। साथ ही यह भी कहा गया कि जब तक भरोसा दोबारा कायम न हो जाए तब तक आंदोलन जारी रहना चाहिए क्योंकि यह लड़ाई केवल वर्तमान की नहीं बल्कि भविष्य को सुरक्षित बनाने की है। पोस्ट की भाषा और प्रस्तुति ऐसी थी कि पहली नजर में यह किसी आधिकारिक बयान जैसी दिखाई दे रही थी।

    हालांकि जब इस दावे की जांच की गई तो सच्चाई बिल्कुल अलग निकली। शाहरुख खान के आधिकारिक एक्स अकाउंट पर इस तरह का कोई भी पोस्ट मौजूद नहीं मिला। इसके बाद यह स्पष्ट हो गया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही पोस्ट अभिनेता की नहीं थी। जांच में सामने आया कि यह पोस्ट एक फैन पेज से साझा की गई थी जिसने शाहरुख खान जैसी प्रोफाइल फोटो और लगभग मिलता जुलता यूजरनेम इस्तेमाल किया था। इसी वजह से कई लोग भ्रमित हो गए और उसे अभिनेता का आधिकारिक अकाउंट समझ बैठे।

    सोशल मीडिया पर इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं जहां किसी मशहूर व्यक्ति के नाम और तस्वीर का इस्तेमाल कर फर्जी पोस्ट वायरल कर दी जाती हैं। कई बार ऐसे पोस्ट लोगों की भावनाओं को प्रभावित करते हैं और बिना पुष्टि के तेजी से फैल जाते हैं। यही कारण है कि किसी भी वायरल दावे पर विश्वास करने से पहले संबंधित व्यक्ति के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट या विश्वसनीय स्रोत से उसकी पुष्टि करना बेहद जरूरी होता है।

    छात्र आंदोलन और उससे जुड़े मुद्दों पर कई सार्वजनिक हस्तियों ने अपनी राय जरूर रखी है लेकिन शाहरुख खान की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में उनके नाम से वायरल हो रहा यह संदेश पूरी तरह भ्रामक साबित हुआ। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि डिजिटल दौर में फर्जी खबरें और नकली सोशल मीडिया अकाउंट कितनी तेजी से लोगों को भ्रमित कर सकते हैं।

    विशेषज्ञ भी सलाह देते हैं कि किसी भी वायरल पोस्ट को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच जरूर करें। केवल प्रोफाइल फोटो या नाम देखकर किसी अकाउंट को असली मान लेना सही नहीं है क्योंकि फर्जी अकाउंट बनाने वालों का उद्देश्य अक्सर भ्रम फैलाना और वायरलिटी हासिल करना होता है। सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से उपयोग करना और तथ्य आधारित जानकारी साझा करना आज पहले से कहीं अधिक जरूरी हो गया है।

  • जो डर गया वो मर गया सलमान खान के क्रिप्टिक पोस्ट ने बढ़ाई फैंस की बेचैनी सोशल मीडिया पर मचा बवाल

    जो डर गया वो मर गया सलमान खान के क्रिप्टिक पोस्ट ने बढ़ाई फैंस की बेचैनी सोशल मीडिया पर मचा बवाल


    नई दिल्ली। बॉलीवुड के सुपरस्टार सलमान खान एक बार फिर अपने सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर सुर्खियों में हैं। हाल ही में उन्होंने अपने आधिकारिक अकाउंट पर जिम में वर्कआउट करते हुए एक तस्वीर साझा की जिसके साथ लिखा कि सलमान खान डर गया हम्म जो डर गया वो मर गया। इस छोटे से संदेश ने सोशल मीडिया पर जबरदस्त हलचल मचा दी और कुछ ही समय में यह पोस्ट तेजी से वायरल होने लगा। प्रशंसकों ने इस पोस्ट के अलग अलग मायने निकाले और कमेंट सेक्शन में प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई।

    सलमान खान पिछले कुछ दिनों से लगातार अपने सोशल मीडिया पोस्ट के कारण चर्चा में बने हुए हैं। इससे पहले उन्होंने छात्रों से जुड़े मुद्दे पर अपनी चिंता जाहिर करते हुए युवाओं के समर्थन में संदेश साझा किया था। उस पोस्ट में उन्होंने परीक्षा व्यवस्था को लेकर छात्रों की परेशानियों पर सहानुभूति जताई थी और न्यायपूर्ण व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर दिया था। इसके बाद उन्होंने एक और पोस्ट में आंदोलन कर रहे छात्रों से संयम बनाए रखने और सकारात्मक समाधान की दिशा में आगे बढ़ने की अपील भी की थी।

    अब उनके नए पोस्ट ने लोगों की जिज्ञासा और बढ़ा दी है। जिम में पसीना बहाते हुए साझा की गई तस्वीर के साथ लिखा गया संदेश कई लोगों को प्रेरणादायक लगा तो कुछ ने इसे एक रहस्यमयी संकेत के रूप में देखा। हालांकि सलमान खान ने इस पोस्ट के पीछे किसी विशेष संदर्भ का उल्लेख नहीं किया है लेकिन उनके प्रशंसकों ने इसे अपने अपने अंदाज में समझा।

    पोस्ट सामने आते ही सोशल मीडिया पर हजारों यूजर्स ने प्रतिक्रिया दी। कई लोगों ने लिखा कि भाईजान को कोई रिप्लेस नहीं कर सकता जबकि कुछ ने कहा कि सलमान खान हमेशा अपने अंदाज से लोगों का ध्यान खींच लेते हैं। कई प्रशंसकों ने उन्हें बॉलीवुड का सबसे दमदार स्टार बताते हुए लिखा कि उनका आत्मविश्वास और अंदाज ही उन्हें सबसे अलग बनाता है। अभिनेत्री राखी सावंत ने भी इस पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए भाई लिखकर अपना समर्थन जताया।

    सलमान खान का सोशल मीडिया पर जबरदस्त प्रभाव माना जाता है। उनके हर पोस्ट पर लाखों लाइक्स और हजारों कमेंट्स आते हैं। यही वजह है कि उनका कोई भी संदेश कुछ ही मिनटों में इंटरनेट पर चर्चा का विषय बन जाता है। फैंस उनके हर नए पोस्ट के पीछे छिपे संदेश को समझने की कोशिश करते रहते हैं और यही बात उन्हें सोशल मीडिया पर सबसे चर्चित सितारों में शामिल करती है।

    वर्क फ्रंट की बात करें तो सलमान खान आने वाले समय में कई बड़े प्रोजेक्ट्स में नजर आने वाले हैं। उनकी फिल्म मातृभूमि को लेकर दर्शकों में पहले से ही काफी उत्साह है। इसके अलावा वह साउथ फिल्म इंडस्ट्री की एक बड़ी परियोजना की शूटिंग में भी व्यस्त हैं जिसमें उनके साथ अभिनेत्री नयनतारा मुख्य भूमिका निभाती दिखाई देंगी। यह फिल्म अगले वर्ष ईद के अवसर पर रिलीज होने की संभावना है।

    सलमान खान का नया पोस्ट चाहे प्रेरणादायक संदेश हो या सिर्फ एक स्टाइलिश कैप्शन लेकिन इतना तय है कि उन्होंने एक बार फिर अपने फैंस का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। सोशल मीडिया पर उनके इस रहस्यमयी संदेश को लेकर चर्चाओं का दौर लगातार जारी है और प्रशंसक अब उनके अगले पोस्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

  • अनकिस्ड गर्ल ऑफ इंडिया बनीं निम्मी एक फैसले ने दिलाई दुनिया भर में पहचान हॉलीवुड के ऑफर भी लौटाए

    अनकिस्ड गर्ल ऑफ इंडिया बनीं निम्मी एक फैसले ने दिलाई दुनिया भर में पहचान हॉलीवुड के ऑफर भी लौटाए


    नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा के स्वर्णिम दौर की चर्चित अभिनेत्री निम्मी ने अपने अभिनय और मासूमियत से करोड़ों दर्शकों का दिल जीता। ब्लैक एंड व्हाइट फिल्मों के दौर से लेकर रंगीन सिनेमा तक उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई। दिलीप कुमार राज कपूर और भारत भूषण जैसे दिग्गज कलाकारों के साथ काम करने वाली निम्मी उस दौर की सबसे लोकप्रिय अभिनेत्रियों में गिनी जाती थीं। उनकी खूबसूरती और सादगी के किस्से आज भी फिल्म प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बने रहते हैं।

    निम्मी का असली नाम नवाब बानो था। फिल्म निर्माता और निर्देशक राज कपूर ने उन्हें अपनी चर्चित फिल्म बरसात के जरिए फिल्मी दुनिया में मौका दिया। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और एक के बाद एक कई यादगार फिल्मों में अपने अभिनय का जादू बिखेरा। उनकी सहज अदायगी और भावपूर्ण अभिनय ने उन्हें उस दौर की सबसे पसंदीदा अभिनेत्रियों में शामिल कर दिया।

    निम्मी के करियर का एक बेहद चर्चित किस्सा फिल्म आन से जुड़ा है। इस फिल्म का प्रीमियर लंदन के रियाल्टो थिएटर में आयोजित किया गया था जहां कई अंतरराष्ट्रीय मेहमान और हॉलीवुड से जुड़े कलाकार भी मौजूद थे। इसी कार्यक्रम के दौरान हॉलीवुड अभिनेता एरल फ्लिन ने पश्चिमी परंपरा के अनुसार निम्मी का हाथ चूमने की कोशिश की। लेकिन भारतीय संस्कारों में विश्वास रखने वाली निम्मी ने विनम्रता से ऐसा करने से इनकार कर दिया। उनका यह व्यवहार वहां मौजूद लोगों के लिए चर्चा का विषय बन गया।

    इस घटना के बाद विदेशी मीडिया ने निम्मी को अनकिस्ड गर्ल ऑफ इंडिया का नाम दिया। देखते ही देखते यह उपनाम पूरी दुनिया में उनकी पहचान बन गया। उस दौर में यह खबर अंतरराष्ट्रीय अखबारों की सुर्खियां बनी और निम्मी की लोकप्रियता भारत के बाहर भी तेजी से बढ़ गई।

    लंदन प्रीमियर के बाद निम्मी के सामने हॉलीवुड से चार फिल्मों के प्रस्ताव आए। किसी भी भारतीय अभिनेत्री के लिए उस समय यह बहुत बड़ी उपलब्धि मानी जाती थी। हालांकि निम्मी ने बिना किसी हिचकिचाहट के इन सभी प्रस्तावों को अस्वीकार कर दिया। इसकी वजह केवल एक थी। वह अपनी व्यक्तिगत मर्यादाओं और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों से समझौता नहीं करना चाहती थीं। उस समय हॉलीवुड फिल्मों में किसिंग और अंतरंग दृश्यों का होना सामान्य माना जाता था जबकि निम्मी ऐसे दृश्य करने के पक्ष में नहीं थीं।

    निम्मी का मानना था कि सफलता तभी सार्थक है जब वह अपने सिद्धांतों और आत्मसम्मान के साथ मिले। उन्होंने कभी लोकप्रियता या बड़े अवसरों के लिए अपने मूल्यों से समझौता नहीं किया। यही कारण है कि आज भी उन्हें केवल एक सफल अभिनेत्री ही नहीं बल्कि मजबूत व्यक्तित्व वाली कलाकार के रूप में भी याद किया जाता है।

    अपने फिल्मी सफर में निम्मी ने बरसात दीदार आन दाग कुंदन भाई भाई उड़नखटोला और बसंत बहार जैसी कई यादगार फिल्मों में काम किया। उनकी फिल्मों और अभिनय ने हिंदी सिनेमा के इतिहास में एक अमिट छाप छोड़ी। निम्मी का जीवन इस बात का उदाहरण है कि सच्ची पहचान केवल सफलता से नहीं बल्कि अपने सिद्धांतों और मूल्यों पर अडिग रहने से भी बनती है। यही वजह है कि दशकों बाद भी उनका नाम सम्मान और गर्व के साथ लिया जाता है।

  • दिलजीत की फिल्म विवाद के बीच रवि किशन का बयान इतिहास और समाज के प्रति जिम्मेदार रहें फिल्म निर्माता

    दिलजीत की फिल्म विवाद के बीच रवि किशन का बयान इतिहास और समाज के प्रति जिम्मेदार रहें फिल्म निर्माता


    नई दिल्ली। भोजपुरी और हिंदी सिनेमा के लोकप्रिय अभिनेता तथा सांसद रवि किशन ने फिल्मों में सेंसरशिप को लेकर चल रही बहस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि फिल्मों पर सेंसर बोर्ड की आपत्तियां या बदलाव की मांग कोई नई बात नहीं है बल्कि यह प्रक्रिया वर्षों से चली आ रही है। रवि किशन का कहना है कि किसी भी फिल्म निर्माता और कलाकार की जिम्मेदारी केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं होती बल्कि समाज और इतिहास के प्रति भी उसकी जवाबदेही होती है।

    हाल ही में एक बातचीत के दौरान रवि किशन से अभिनेता दिलजीत दोसांझ की फिल्म को लेकर उठे विवाद और सेंसरशिप पर सवाल किया गया। इस पर उन्होंने साफ कहा कि उन्हें उस पूरे मामले की विस्तृत जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि उन्हें सिर्फ इतना पता है कि एक फिल्म रिलीज हुई और बाद में उसे हटाया गया लेकिन बिना पूरी जानकारी के किसी विवाद पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।

    हालांकि सेंसरशिप के मुद्दे पर उन्होंने खुलकर अपनी राय रखी। रवि किशन ने कहा कि जब भी कोई फिल्म बनाई जाती है तब उसके निर्माता निर्देशक और कलाकारों को यह ध्यान रखना चाहिए कि उनकी प्रस्तुति से किसी समुदाय की भावनाएं आहत न हों और किसी ऐतिहासिक घटना को गलत तरीके से प्रस्तुत न किया जाए। उनके अनुसार फिल्मों का समाज पर गहरा प्रभाव पड़ता है और युवा पीढ़ी भी उनसे काफी प्रभावित होती है इसलिए जिम्मेदारी के साथ कंटेंट तैयार करना बेहद जरूरी है।

    उन्होंने कहा कि कलाकारों का काम केवल मनोरंजन करना नहीं बल्कि समाज के प्रति अपनी नैतिक जिम्मेदारी निभाना भी है। यदि किसी फिल्म या कहानी में तथ्यों को तोड़ मरोड़कर पेश किया जाता है या झूठी जानकारी दिखाई जाती है तो उसका असर लंबे समय तक लोगों की सोच पर पड़ सकता है। इसलिए लेखन से लेकर निर्माण तक हर स्तर पर सावधानी बरतनी चाहिए।

    रवि किशन ने यह भी कहा कि अगर कभी उनकी किसी फिल्म पर सेंसर बोर्ड की ओर से आपत्ति जताई जाती है तो वह सबसे पहले यह जानने की कोशिश करेंगे कि आखिर समस्या क्या है। यदि किसी दृश्य या संवाद से किसी वर्ग की भावनाएं आहत होती हैं या इतिहास को गलत तरीके से दिखाया गया है तो उसमें सुधार करने में उन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी। उनका कहना था कि फिल्मों के निर्माण में काफी समय मेहनत और धन लगता है इसलिए विवाद की जगह समाधान तलाशना बेहतर होता है।

    सेंसरशिप को लेकर उन्होंने इतिहास का भी जिक्र किया। रवि किशन ने कहा कि फिल्मों पर कट्स लगना या रचनात्मक अभिव्यक्ति पर सवाल उठना पहले भी होता रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कई चर्चित फिल्मों को भी सेंसर बोर्ड की आपत्तियों का सामना करना पड़ा था। उनके अनुसार यह केवल आज की स्थिति नहीं है बल्कि पहले की सरकारों के समय भी ऐसी घटनाएं होती रही हैं।

    रवि किशन का मानना है कि रचनात्मक स्वतंत्रता और सामाजिक जिम्मेदारी दोनों के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि फिल्म उद्योग को ऐसे विषयों पर काम करते समय संवेदनशीलता और तथ्यों की सटीकता का विशेष ध्यान रखना चाहिए ताकि मनोरंजन के साथ समाज में सकारात्मक संदेश भी पहुंचे।

  • रामायण में भगवान राम का किरदार निभाने से पहले रणबीर कपूर ने किया ध्यान योग और शास्त्रों का गहन अध्ययन

    रामायण में भगवान राम का किरदार निभाने से पहले रणबीर कपूर ने किया ध्यान योग और शास्त्रों का गहन अध्ययन


    नई दिल्ली। नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित फिल्म रामायण को लेकर दर्शकों का उत्साह लगातार बढ़ता जा रहा है। फिल्म का ट्रेलर सैन डिएगो कॉमिक कॉन में प्रदर्शित किया गया जहां अभिनेता रणबीर कपूर ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि भगवान श्रीराम के किरदार को निभाने के लिए उन्होंने करीब दो वर्षों तक विशेष तैयारी की। उन्होंने कहा कि किसी भी पौराणिक चरित्र को निभाना केवल अभिनय का विषय नहीं होता बल्कि उसके विचारों आदर्शों और जीवन दर्शन को आत्मसात करना सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है।

    रणबीर कपूर ने कहा कि किसी एक्शन फिल्म या सामान्य किरदार के लिए शरीर बनाना डांस सीखना या नई तकनीक अपनाना अपेक्षाकृत आसान होता है लेकिन भगवान श्रीराम जैसा चरित्र निभाने के लिए मन और विचारों को भी उसी दिशा में ढालना जरूरी था। उन्होंने महसूस किया कि यदि श्रीराम के आदर्शों को समझे बिना केवल बाहरी रूप अपनाया जाए तो यह किरदार अधूरा रह जाएगा।

    अभिनेता ने बताया कि उन्होंने इस भूमिका के लिए नियमित योग और ध्यान का अभ्यास किया। उनके साथ एक आध्यात्मिक मार्गदर्शक भी रहे जिन्होंने घंटों तक उन्हें ध्यान कराया और श्रीराम के जीवन मूल्यों तथा शिक्षाओं को विस्तार से समझाया। रणबीर ने कहा कि इन सत्रों ने उन्हें केवल अभिनय के स्तर पर नहीं बल्कि व्यक्तिगत जीवन में भी काफी बदल दिया। उन्होंने धैर्य संयम करुणा और कर्तव्य जैसे मूल्यों को गहराई से समझने की कोशिश की।

    रणबीर कपूर ने यह भी बताया कि उन्होंने इस दौरान अनेक धार्मिक ग्रंथों और विभिन्न विद्वानों की व्याख्याओं का अध्ययन किया। उन्होंने कई विशेषज्ञों से मुलाकात कर भगवान श्रीराम के व्यक्तित्व को अलग अलग दृष्टिकोण से समझा ताकि पर्दे पर उनका अभिनय स्वाभाविक और प्रभावशाली दिखाई दे। उनके अनुसार भगवान श्रीराम का चरित्र केवल एक राजा या योद्धा का नहीं बल्कि आदर्श पुत्र आदर्श भाई आदर्श पति और आदर्श शासक का भी प्रतीक है।

    उन्होंने कहा कि उनकी सबसे बड़ी कोशिश यही रही कि आठ साल के बच्चे से लेकर अस्सी वर्ष के बुजुर्ग तक हर दर्शक उनके अभिनय में भगवान श्रीराम की सहजता और मर्यादा महसूस कर सके। यही कारण है कि उन्होंने इस भूमिका के लिए मानसिक और आध्यात्मिक तैयारी को सबसे अधिक महत्व दिया। रणबीर का मानना है कि ऐसे किरदार निभाने वाले कलाकार के भीतर भी विनम्रता और सादगी होना आवश्यक है।

    सैन डिएगो कॉमिक कॉन में फिल्म के ट्रेलर को दर्शकों ने जबरदस्त प्रतिक्रिया दी। सोशल मीडिया पर भी ट्रेलर की खूब चर्चा हो रही है और प्रशंसक फिल्म के रिलीज होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस मौके पर फिल्म के निर्माता नमित मल्होत्रा निर्देशक नितेश तिवारी और अभिनेता यश भी मौजूद रहे।

    रामायण दो भागों में रिलीज होगी। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान श्रीराम की भूमिका निभा रहे हैं जबकि साई पल्लवी माता सीता के किरदार में नजर आएंगी। यश रावण की भूमिका निभा रहे हैं। इसके अलावा सनी देओल हनुमान रवि दुबे लक्ष्मण और अरुण गोविल राजा दशरथ के किरदार में दिखाई देंगे। भव्य विजुअल इफेक्ट्स विशाल सेट और दमदार स्टारकास्ट के कारण यह फिल्म भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक मानी जा रही है। दर्शकों को उम्मीद है कि यह फिल्म केवल मनोरंजन ही नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति और मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का भी महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी।

  • 18 साल पहले अधूरा रह गया सुनील शेट्टी का आईपीएल सपना, बोले- आर्थिक सहयोग मिलता तो आज मेरी भी होती टीम

    18 साल पहले अधूरा रह गया सुनील शेट्टी का आईपीएल सपना, बोले- आर्थिक सहयोग मिलता तो आज मेरी भी होती टीम


    नई दिल्ली । अभिनेता सुनील शेट्टी ने इंडियन प्रीमियर लीग के शुरुआती दौर से जुड़ा एक दिलचस्प अनुभव साझा करते हुए बताया कि वर्ष 2008 में वह भी आईपीएल टीम खरीदने की इच्छा रखते थे, लेकिन पर्याप्त आर्थिक सहयोग नहीं मिलने के कारण उनका यह सपना अधूरा रह गया। उन्होंने कहा कि यदि उस समय उन्हें सही निवेशक और वित्तीय साझेदार मिल जाते तो वह भी लीग की किसी फ्रेंचाइजी के मालिक बन सकते थे। उनके इस खुलासे ने आईपीएल के शुरुआती दौर की कारोबारी परिस्थितियों को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।

    सुनील शेट्टी ने बताया कि आईपीएल की शुरुआत के समय आज जैसी निवेश की सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं। वर्तमान में बड़े निवेशक और फंडिंग पार्टनर खेल और मनोरंजन से जुड़े प्रोजेक्ट्स में निवेश के लिए आसानी से आगे आ जाते हैं, लेकिन उस दौर में इतनी बड़ी राशि जुटाना आसान नहीं था। यही वजह रही कि चाहने के बावजूद वह अपनी योजना को अमल में नहीं ला सके।

    उन्होंने कहा कि उस समय अकेले इतनी बड़ी आर्थिक जिम्मेदारी उठाना संभव नहीं था। यदि किसी मजबूत निवेशक का साथ मिल जाता तो परिस्थितियां अलग हो सकती थीं। उनके अनुसार उस दौर में आईपीएल जैसी नई लीग में निवेश को लेकर भी लोगों के मन में काफी अनिश्चितता थी, जबकि आज यह दुनिया की सबसे सफल क्रिकेट लीगों में शामिल है और इसकी फ्रेंचाइजी का मूल्य कई गुना बढ़ चुका है।

    बातचीत के दौरान सुनील शेट्टी ने अभिनेता शाहरुख खान की व्यावसायिक सोच की भी खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि शाहरुख खान ने सही समय पर सही निर्णय लिया और उपयुक्त साझेदारों के साथ मिलकर कोलकाता नाइट राइडर्स फ्रेंचाइजी में निवेश किया। उनके अनुसार दूरदर्शिता और सही समय पर लिया गया फैसला किसी भी बड़े व्यवसाय की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि शाहरुख ने अपने करियर में जिस भी क्षेत्र में कदम रखा, वहां पूरी तैयारी और स्पष्ट सोच के साथ आगे बढ़े।

    सुनील शेट्टी लंबे समय से क्रिकेट के बड़े प्रशंसक रहे हैं और खेल से उनका जुड़ाव किसी से छिपा नहीं है। उन्होंने कई बार सार्वजनिक मंचों पर क्रिकेट के प्रति अपने लगाव का जिक्र किया है। उनका मानना है कि खेल केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, नेतृत्व और टीमवर्क की सीख भी देता है। यही कारण था कि वह आईपीएल जैसी प्रतिष्ठित लीग का हिस्सा बनना चाहते थे।

    अभिनय के मोर्चे पर भी सुनील शेट्टी लगातार सक्रिय हैं। हाल ही में वह मल्टीस्टारर फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ में नजर आए, जिसमें कई प्रमुख कलाकारों ने साथ काम किया। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया और दर्शकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया प्राप्त की। इसके साथ ही सुनील शेट्टी आने वाले समय में भी विभिन्न फिल्मों और नए प्रोजेक्ट्स के जरिए दर्शकों का मनोरंजन करते नजर आएंगे।

    सुनील शेट्टी का यह खुलासा इस बात की याद दिलाता है कि बड़े अवसर केवल प्रतिभा से नहीं, बल्कि सही समय, मजबूत आर्थिक सहयोग और दूरदर्शी फैसलों से भी जुड़े होते हैं। आईपीएल की शुरुआती यात्रा में जो सपना अधूरा रह गया, वह आज भारतीय खेल और मनोरंजन उद्योग के विकास की एक दिलचस्प कहानी बन चुका है।

  • छात्र आंदोलन को मिला फिल्मी दुनिया का साथ, शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल; कई कलाकारों ने निष्पक्ष जांच की मांग की

    छात्र आंदोलन को मिला फिल्मी दुनिया का साथ, शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल; कई कलाकारों ने निष्पक्ष जांच की मांग की

    नई दिल्ली ।  NEET-UG पेपर लीक विवाद को लेकर देशभर में जारी छात्र आंदोलन को अब फिल्म जगत की कई प्रमुख हस्तियों का समर्थन मिलने लगा है। विभिन्न कलाकारों ने सोशल मीडिया के माध्यम से छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से लेने, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और निष्पक्ष कार्रवाई की आवश्यकता पर अपनी राय व्यक्त की है। इस बीच आंदोलन और उससे जुड़े मुद्दों पर सार्वजनिक चर्चा भी लगातार तेज होती जा रही है।

    अभिनेता शाहिद कपूर ने छात्रों के समर्थन में कहा कि यदि युवा पीढ़ी का शिक्षा व्यवस्था से भरोसा उठने लगे तो यह पूरे समाज के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि जिन छात्रों से वर्षों तक परीक्षाओं में जवाब मांगे जाते हैं, उन्हें भी अपने भविष्य से जुड़े सवाल पूछने का पूरा अधिकार है। उनके अनुसार शिक्षा प्रणाली पर विश्वास बनाए रखना किसी भी देश के विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।

    सलमान खान ने भी इस पूरे विवाद को गंभीर बताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने छात्रों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील की और विश्वास जताया कि न्याय सुनिश्चित किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस संवेदनशील मुद्दे को राजनीतिक विवाद का रूप नहीं दिया जाना चाहिए और समाधान पर ध्यान केंद्रित करना अधिक आवश्यक है।

    करीना कपूर ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि जब बड़ी संख्या में छात्र अपने भविष्य को लेकर चिंता व्यक्त कर रहे हों तो उनकी बात सुनना सरकार और संबंधित संस्थाओं की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था का उद्देश्य युवाओं में विश्वास और उम्मीद पैदा करना है। यदि मेहनत और योग्यता पर सवाल उठने लगें तो इसका असर पूरे समाज पर पड़ता है। उन्होंने पारदर्शी और विश्वसनीय परीक्षा प्रणाली की आवश्यकता दोहराई।

    अभिनेता वरुण धवन ने भी छात्रों के सवालों को उचित बताते हुए कहा कि किसी छात्र का सपना टूटने का असर केवल उस व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे परिवार की उम्मीदों पर पड़ता है। वहीं अनन्या पांडे ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी बदलाव और निष्पक्ष व्यवस्था की मांग कर रही है। उनके अनुसार अपनी बात रखना लोकतांत्रिक अधिकार है और इसे सकारात्मक दृष्टि से देखा जाना चाहिए।

    लेखिका और अभिनेत्री ट्विंकल खन्ना ने भी छात्रों के आंदोलन का समर्थन करते हुए युवाओं के साहस की सराहना की। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में नागरिकों को अपनी बात रखने का अधिकार होना चाहिए। दूसरी ओर सारा अली खान ने युवाओं की आवाज को गंभीरता से सुनने की अपील करते हुए कहा कि छात्रों के सपने देश के भविष्य से जुड़े हैं और उनकी चिंताओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

    NEET-UG पेपर लीक विवाद के बाद शुरू हुआ छात्र आंदोलन अब राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक चर्चा का विषय बन चुका है। विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और सार्वजनिक हस्तियां इस मुद्दे पर अपनी-अपनी राय रख रही हैं। फिल्मी कलाकारों की प्रतिक्रियाओं ने भी शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता और छात्रों के भविष्य को लेकर चल रही बहस को नया आयाम दिया है। आने वाले समय में इस पूरे मामले पर सरकार और संबंधित संस्थाओं की आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।

  • रेड कार्पेट इवेंट का वीडियो बना विवाद की वजह, मलाइका ने खेसारी लाल पर उठाए सवाल; सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

    रेड कार्पेट इवेंट का वीडियो बना विवाद की वजह, मलाइका ने खेसारी लाल पर उठाए सवाल; सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

    नई दिल्ली । एक रेड कार्पेट इवेंट से सामने आए वायरल वीडियो ने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है। वीडियो में एक आवारा कुत्ते को कार्यक्रम स्थल से जबरन हटाते हुए देखा जा रहा है। इस दौरान भोजपुरी अभिनेता खेसारी लाल यादव रेड कार्पेट पर फोटो खिंचवाते नजर आते हैं। वीडियो सामने आने के बाद अभिनेत्री मलाइका अरोड़ा ने इस घटना पर सार्वजनिक रूप से नाराजगी जताई, जिसके बाद यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बन गया।

    वायरल वीडियो में दिखाई देता है कि जैसे ही खेसारी लाल यादव रेड कार्पेट पर पहुंचते हैं, वहां मौजूद एक स्ट्रे डॉग उनके सामने आ जाता है। इसके बाद इवेंट से जुड़े कर्मचारी कुत्ते को पकड़कर वहां से हटाते दिखाई देते हैं। इस दौरान अभिनेता कैमरों के सामने अपनी मौजूदगी दर्ज कराते रहते हैं। वीडियो सामने आने के बाद कई सोशल मीडिया यूजर्स ने इस पूरे घटनाक्रम पर सवाल उठाए और पशुओं के प्रति संवेदनशील व्यवहार की आवश्यकता पर जोर दिया।

    अभिनेत्री मलाइका अरोड़ा, जो लंबे समय से पशु कल्याण से जुड़े मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखती रही हैं, ने इस वीडियो को साझा करते हुए अपनी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने घटना को शर्मनाक बताते हुए सवाल उठाया कि किसी फोटोशूट या सार्वजनिक कार्यक्रम के लिए किसी जानवर के साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया गया। उन्होंने सोशल मीडिया पर की गई अपनी प्रतिक्रिया में इस पूरे घटनाक्रम की आलोचना की और जिम्मेदार रवैया अपनाने की जरूरत बताई।

    मलाइका की प्रतिक्रिया के बाद सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर व्यापक चर्चा शुरू हो गई। कई लोगों ने उनका समर्थन करते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों को ऐसे अवसरों पर अधिक संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। वहीं कुछ लोगों का मानना रहा कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले यह देखना जरूरी है कि अभिनेता की भूमिका क्या थी और घटना की पूरी परिस्थितियां क्या थीं। इसी वजह से इस मामले पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

    मलाइका अरोड़ा को पशुओं के प्रति उनके लगाव के लिए जाना जाता है। वह कई बार सड़क पर रहने वाले कुत्तों को खाना खिलाते, उनकी देखभाल करते और पशु कल्याण से जुड़े संदेश साझा करते हुए दिखाई देती रही हैं। यही कारण है कि इस घटना पर उनकी प्रतिक्रिया को भी व्यापक ध्यान मिला और पशु अधिकारों को लेकर चर्चा फिर तेज हो गई।

    हालांकि, इस विवाद के बीच खेसारी लाल यादव की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। उन्होंने न तो वायरल वीडियो पर कोई बयान जारी किया है और न ही सोशल मीडिया के माध्यम से इस मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। ऐसे में घटना को लेकर जारी चर्चाओं के बीच उनके पक्ष का इंतजार किया जा रहा है।

    यह पूरा घटनाक्रम एक बार फिर इस बात की याद दिलाता है कि सार्वजनिक आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था और पशुओं के प्रति मानवीय व्यवहार के बीच संतुलन बनाए रखना कितना आवश्यक है। सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली ऐसी घटनाएं न केवल संबंधित व्यक्तियों को चर्चा के केंद्र में ले आती हैं, बल्कि पशु कल्याण और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी व्यापक बहस को जन्म देती हैं।

  • NEET विवाद पर दीया मिर्जा ने उठाए सवाल, प्रधानमंत्री के बयान में छात्रों के दर्द और परिवारों की पीड़ा का जिक्र न होने पर जताई नाराजगी

    NEET विवाद पर दीया मिर्जा ने उठाए सवाल, प्रधानमंत्री के बयान में छात्रों के दर्द और परिवारों की पीड़ा का जिक्र न होने पर जताई नाराजगी

    नई दिल्ली । NEET पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में जारी बहस के बीच बॉलीवुड अभिनेत्री दीया मिर्जा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया वीडियो संदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए छात्रों और उनके परिवारों की पीड़ा को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इस पूरे विवाद में प्रभावित छात्रों और उनके परिजनों के दर्द के प्रति अधिक संवेदनशीलता दिखाई जानी चाहिए थी। सोशल मीडिया पर साझा की गई उनकी टिप्पणी के बाद यह मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है।

    दीया मिर्जा ने अपनी पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री के संबोधन में उन परिवारों के लिए पर्याप्त सहानुभूति दिखाई नहीं दी, जिन्होंने इस पूरे घटनाक्रम के दौरान कठिन परिस्थितियों का सामना किया। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि लंबे समय से आंदोलन कर रहे छात्रों और उनके समर्थन में आवाज उठाने वाले लोगों की भावनाओं का भी उल्लेख होना चाहिए था। उनके अनुसार, ऐसे मामलों में प्रशासनिक कार्रवाई के साथ-साथ मानवीय संवेदना भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है।

    अभिनेत्री ने यह भी सवाल उठाया कि सरकार की ओर से प्रतिक्रिया आने में काफी समय लगा। उनका कहना था कि इतने दिनों बाद जारी संदेश में ऐसी बातें अपेक्षित थीं, जो छात्रों और अभिभावकों के मन में पैदा हुई चिंता और निराशा को कुछ हद तक कम कर सकें। उन्होंने इस मुद्दे को केवल परीक्षा प्रणाली का संकट नहीं, बल्कि लाखों युवाओं के भविष्य और विश्वास से जुड़ा विषय बताया।

    दीया मिर्जा की इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर विभिन्न प्रकार की प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कई लोगों ने उनके विचारों का समर्थन करते हुए कहा कि छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। वहीं कुछ लोगों ने सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों का समर्थन करते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की प्रक्रिया पहले ही शुरू की जा चुकी है। इस तरह सोशल मीडिया पर दोनों पक्षों के विचार सामने आए।

    इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नाम अपने वीडियो संदेश में कहा था कि पेपर लीक जैसी घटनाएं लाखों छात्रों और उनके परिवारों के लिए बेहद पीड़ादायक हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार इस तरह के मामलों में दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई कर रही है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कानूनी व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाएगा। उन्होंने फास्ट ट्रैक कोर्ट और कड़े कानूनी प्रावधानों की दिशा में कदम उठाने की भी जानकारी दी थी।

    इसी बीच शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन में भी महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों तक चले अपने अनशन को समाप्त करने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि विभिन्न पक्षों के साथ बातचीत और व्यापक अपील के बाद उन्होंने यह निर्णय लिया। उनके अनशन की समाप्ति के बावजूद परीक्षा सुधार, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और छात्रों के हितों की सुरक्षा को लेकर सार्वजनिक बहस जारी है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, समयबद्ध जांच, कठोर कानूनी कार्रवाई और छात्रों का विश्वास बनाए रखना भविष्य की सबसे बड़ी चुनौती होगी। वहीं सार्वजनिक जीवन से जुड़े विभिन्न व्यक्तियों की प्रतिक्रियाएं यह भी दर्शाती हैं कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दे अब केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि व्यापक सामाजिक विमर्श का हिस्सा बन चुके हैं।