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  • महाभारत से जुड़ी थी टाइम मशीन की कहानी करण जौहर की एक पेशकश के बाद ठंडे बस्ते में चली गई फिल्म

    महाभारत से जुड़ी थी टाइम मशीन की कहानी करण जौहर की एक पेशकश के बाद ठंडे बस्ते में चली गई फिल्म


    नई दिल्ली । फिल्म निर्माता और लेखक करण राजदान ने बॉलीवुड की सबसे चर्चित लेकिन अधूरी रह गई फिल्मों में शामिल टाइम मशीन को लेकर बड़ा खुलासा किया है। यह फिल्म निर्देशक शेखर कपूर के निर्देशन में बननी थी जिसमें आमिर खान और जूही चावला मुख्य भूमिकाओं में नजर आने वाले थे। विज्ञान कल्पना और भारतीय पौराणिक इतिहास को जोड़ने वाली इस फिल्म को उस दौर का सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट माना जा रहा था लेकिन कई कारणों से यह फिल्म कभी पर्दे तक नहीं पहुंच सकी।

    करण राजदान ने बताया कि टाइम मशीन की कहानी आमिर खान के किरदार पर आधारित थी जो गलती से एक ऐसी मशीन के जरिए अतीत में पहुंच जाता है जहां महाभारत का युद्ध चल रहा होता है। वहां उसकी मुलाकात भगवान कृष्ण से होती है और वह इतिहास के सबसे बड़े युद्ध का प्रत्यक्षदर्शी बन जाता है। इस अनोखे विचार ने शुरुआत में पूरी टीम को बेहद उत्साहित कर दिया था।

    उन्होंने बताया कि इस कहानी की प्रेरणा उन्हें और शेखर कपूर को अपने निजी जीवन की एक भावुक घटना से मिली थी। दोनों ने कम समय के अंतराल में अपने माता पिता को खो दिया था और अक्सर यह सोचते थे कि काश समय में पीछे जाकर उनसे एक बार फिर मिल पाते। इसी भावना ने टाइम मशीन की कहानी को जन्म दिया। केवल तीन महीने में पूरी कहानी पटकथा और संवाद तैयार कर लिए गए थे।

    शेखर कपूर इस प्रोजेक्ट को लेकर इतने उत्साहित थे कि उन्होंने संगीतकार लक्ष्मीकांत प्यारेलाल और गीतकार आनंद बख्शी को भी इससे जोड़ लिया था। आमिर खान परेश रावल और अन्य कलाकारों को भी कहानी सुनाई गई और सभी ने इसकी कल्पना और विषय की सराहना की। उस समय यह फिल्म भारतीय सिनेमा में तकनीकी और कहानी के स्तर पर बड़ा बदलाव ला सकती थी।

    करण राजदान ने यह भी खुलासा किया कि कई बड़े निर्माता इस फिल्म को बनाना चाहते थे। उन्होंने धर्मा प्रोडक्शंस के प्रमुख करण जौहर को भी स्क्रिप्ट भेजी थी लेकिन उन्हें स्क्रिप्ट के बदले केवल पच्चीस लाख रुपये की पेशकश की गई। राजदान के मुताबिक उन्हें लगा कि इतनी बड़ी और अनोखी कहानी की यह कीमत बेहद कम थी इसलिए बात आगे नहीं बढ़ सकी। बाद में निर्माता फिरोज नाडियाडवाला ने भी इस प्रोजेक्ट को दोबारा शुरू करने की कोशिश की लेकिन निर्देशन को लेकर सहमति नहीं बन पाई। राजकुमार संतोषी का नाम भी सामने आया लेकिन राजदान का मानना था कि यह उनकी शैली की फिल्म नहीं थी।

    आज जब भारतीय सिनेमा में विज्ञान कल्पना और पौराणिक कथाओं पर आधारित बड़े बजट की फिल्में बन रही हैं तब टाइम मशीन का अधूरा रह जाना एक बड़ी चूक माना जाता है। यदि यह फिल्म अपने समय में बन जाती तो संभव है कि भारतीय सिनेमा की सबसे यादगार फिल्मों में इसका नाम शामिल होता। वर्षों बाद सामने आए इन खुलासों ने एक बार फिर इस अधूरे ड्रीम प्रोजेक्ट को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

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    #TimeMachine #AamirKhan #JuhiChawla #ShekharKapur #BollywoodNews

  • अक्षय खन्ना की दमदार एक्शन थ्रिलर जिसने सच्ची घटना को किया पर्दे पर जिंदा 7.5 रेटिंग वाली फिल्म आज भी जीत रही दिल

    अक्षय खन्ना की दमदार एक्शन थ्रिलर जिसने सच्ची घटना को किया पर्दे पर जिंदा 7.5 रेटिंग वाली फिल्म आज भी जीत रही दिल


    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेता अक्षय खन्ना इन दिनों अपनी फिल्मों को लेकर एक बार फिर चर्चा में हैं। उनकी हालिया मौजूदगी के बाद दर्शक उनकी पुरानी फिल्मों को भी बड़े उत्साह से देख रहे हैं। अगर आप भी अक्षय खन्ना की दमदार एक्टिंग के प्रशंसक हैं और एक ऐसी फिल्म की तलाश में हैं जिसमें एक्शन रोमांच और देशभक्ति का बेहतरीन मिश्रण हो तो साल 2021 में रिलीज हुई स्टेट ऑफ सीज टेंपल अटैक आपके लिए शानदार विकल्प हो सकती है। इस फिल्म को दर्शकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली और इसे 7.5 की प्रभावशाली रेटिंग भी हासिल हुई।

    फिल्म की कहानी वर्ष 2002 में गुजरात के गांधीनगर स्थित अक्षरधाम मंदिर पर हुए आतंकवादी हमले से प्रेरित है। 24 सितंबर 2002 को हुए इस हमले में आतंकवादियों ने मंदिर परिसर में अंधाधुंध फायरिंग कर कई निर्दोष लोगों की जान ले ली थी जबकि दर्जनों लोग घायल हुए थे। हालात बेहद गंभीर हो गए थे और इसके बाद राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड यानी एनएसजी के कमांडोज ने ऑपरेशन चलाकर आतंकवादियों का सफाया किया और सैकड़ों लोगों की जान बचाई। फिल्म इसी साहसिक अभियान को सिनेमाई अंदाज में पेश करती है।

    स्टेट ऑफ सीज टेंपल अटैक की सबसे बड़ी ताकत इसकी कहानी और निर्देशन है। निर्देशक केन घोष ने वास्तविक घटना के तनाव और भावनात्मक पहलुओं को प्रभावी तरीके से पर्दे पर उतारा है। हालांकि फिल्म में कुछ सिनेमाई बदलाव किए गए हैं लेकिन मूल घटना की गंभीरता और सुरक्षा बलों के साहस को पूरी ईमानदारी से दिखाया गया है। यही वजह है कि फिल्म केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहती बल्कि दर्शकों को भावनात्मक रूप से भी जोड़ती है।

    फिल्म में अक्षय खन्ना ने मेजर हनुत सिंह के किरदार को बेहद प्रभावशाली ढंग से निभाया है। उन्होंने बिना किसी अतिनाटकीय अंदाज के केवल अपने शांत अभिनय और मजबूत स्क्रीन प्रेजेंस से एक अनुशासित और बहादुर कमांडो की छवि को जीवंत कर दिया है। उनके अभिनय को फिल्म की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिना जाता है।

    फिल्म के एक्शन दृश्य भी इसकी खास पहचान हैं। मंदिर परिसर के भीतर आतंकवादियों और एनएसजी कमांडोज के बीच होने वाली मुठभेड़ को बेहद वास्तविक अंदाज में फिल्माया गया है। हर दृश्य में तनाव और रोमांच का ऐसा माहौल बनता है जो दर्शकों को अंत तक स्क्रीन से बांधे रखता है। करीब 110 मिनट की यह फिल्म कहीं भी अपनी गति नहीं खोती और लगातार रोमांच बनाए रखती है।

    स्टेट ऑफ सीज टेंपल अटैक केवल एक एक्शन फिल्म नहीं बल्कि उन बहादुर सुरक्षा कर्मियों को श्रद्धांजलि भी है जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना निर्दोष लोगों की रक्षा की। फिल्म यह संदेश देती है कि देश की सुरक्षा में जुटे जवानों का साहस और समर्पण किसी भी चुनौती से बड़ा होता है।

    अगर आपको सच्ची घटनाओं पर आधारित फिल्में पसंद हैं और आप देशभक्ति के साथ दमदार एक्शन और सस्पेंस का अनुभव करना चाहते हैं तो स्टेट ऑफ सीज टेंपल अटैक जरूर देखनी चाहिए। अक्षय खन्ना का शानदार अभिनय और मजबूत कहानी इसे एक यादगार सिनेमाई अनुभव बनाते हैं।

  • जन नायगन विजय की आखिरी नहीं बल्कि मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली फिल्म एच विनोद के बयान से बढ़ी हलचल

    जन नायगन विजय की आखिरी नहीं बल्कि मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली फिल्म एच विनोद के बयान से बढ़ी हलचल


    नई दिल्ली । साउथ सुपरस्टार और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय की बहुप्रतीक्षित फिल्म जन नायगन रिलीज से पहले ही सुर्खियों में बनी हुई है। लंबे समय से इस फिल्म को विजय के अभिनय करियर की आखिरी फिल्म माना जा रहा था लेकिन अब निर्देशक एच विनोद के एक बयान ने इस धारणा को पूरी तरह बदल दिया है। उनका कहना है कि जन नायगन को विजय की अंतिम फिल्म के रूप में नहीं बल्कि मुख्यमंत्री बनने के बाद उनकी पहली फिल्म के रूप में देखा जाना चाहिए। इस बयान के बाद फिल्म को लेकर दर्शकों की उत्सुकता और भी बढ़ गई है।

    एक इंटरव्यू में एच विनोद ने कहा कि जन नायगन केवल एक मसाला एंटरटेनर नहीं है बल्कि लोकतंत्र और राजनीति से जुड़े गंभीर विषयों पर आधारित फिल्म है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिल्म का उद्देश्य केवल विजय को बड़े पर्दे पर नायक के रूप में पेश करना नहीं बल्कि उन चुनौतियों को सामने लाना है जिनका सामना लोकतंत्र करता है। उनके अनुसार फिल्म में लोकतंत्र को कमजोर करने वाली ताकतों और उसकी रक्षा करने वालों के बीच संघर्ष को बेहद प्रभावशाली तरीके से दिखाया गया है।

    निर्देशक ने दावा किया कि फिल्म का लगभग आधे घंटे का हिस्सा इतना मजबूत और विचारोत्तेजक है कि दर्शक उसे बार बार देखकर नए अर्थ निकाल सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस हिस्से में कई परतें हैं जिन्हें समझने में समय लगेगा और आने वाले वर्षों तक इस पर चर्चा होती रहेगी। उनका मानना है कि जन नायगन उन फिल्मों में शामिल होगी जिन्हें दस बीस या तीस साल बाद भी याद किया जाएगा।

    एच विनोद ने फिल्म से जुड़ा एक और दिलचस्प खुलासा किया। उन्होंने बताया कि जन नायगन की कहानी सबसे पहले विजय को नहीं बल्कि एक अन्य बड़े अभिनेता को सुनाई गई थी। हालांकि उन्होंने उस अभिनेता का नाम नहीं बताया। निर्देशक के अनुसार जब उन्होंने बताया कि यह एक राजनीतिक विषय पर आधारित फिल्म है तो उस अभिनेता ने इसे करने में रुचि नहीं दिखाई। इसके बाद यह कहानी विजय तक पहुंची और उन्होंने इसे करने का फैसला लिया।

    फिल्म में आधुनिक युद्ध और बदलती वैश्विक परिस्थितियों को भी अहम स्थान दिया गया है। एच विनोद ने कहा कि आज की दुनिया में युद्ध केवल सीमाओं पर नहीं लड़े जाते बल्कि ड्रोन तकनीक और आधुनिक हथियारों के जरिए भी संघर्ष होता है। फिल्म में इसी नए दौर की चुनौतियों को भी कहानी का हिस्सा बनाया गया है जिससे यह सिर्फ राजनीतिक नहीं बल्कि समकालीन मुद्दों पर आधारित फिल्म भी बन जाती है।

    निर्देशक ने यह भी स्वीकार किया कि फिल्म की रिलीज को लेकर वह काफी उत्साहित होने के साथ साथ चिंतित भी हैं। उनका कहना है कि यह सामान्य व्यावसायिक फिल्म नहीं है इसलिए इसकी तुलना किसी दूसरी फिल्म के बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन से नहीं की जा सकती। फिल्म की रिलीज कई बार टल चुकी है और इसे संवेदनशील माहौल में रिलीज किया जा रहा है। इसके अलावा फिल्म को मिला ए सर्टिफिकेट भी उनके लिए चिंता का विषय है क्योंकि विजय की फिल्मों को बड़ी संख्या में बच्चे भी पसंद करते हैं।

    जन नायगन में विजय के साथ पूजा हेगड़े बॉबी देओल प्रकाश राज प्रियामणि ममिता बैजू गौतम वासुदेव मेनन और नारायण जैसे कई कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म 23 जुलाई 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। दर्शकों को उम्मीद है कि यह फिल्म मनोरंजन के साथ साथ राजनीति और समाज पर नई बहस भी छेड़ेगी।

  • नसीरुद्दीन शाह की अधूरी प्रेम कहानी पहली शादी से लेकर बेटी की अनदेखी तक आत्मकथा में किए भावुक खुलासे

    नसीरुद्दीन शाह की अधूरी प्रेम कहानी पहली शादी से लेकर बेटी की अनदेखी तक आत्मकथा में किए भावुक खुलासे


    नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह अपनी दमदार अदाकारी के लिए जाने जाते हैं लेकिन उनकी निजी जिंदगी भी उतार चढ़ाव और भावनात्मक संघर्षों से भरी रही है। अपनी आत्मकथा एंड देन वन डे में अभिनेता ने पहली शादी पहली पत्नी परवीन मुराद बेटी हीबा और अपने जीवन की सबसे बड़ी भूल को लेकर खुलकर बात की है। नसीरुद्दीन शाह ने स्वीकार किया कि कम उम्र में लिए गए फैसलों और अपरिपक्व सोच की वजह से वह न तो अच्छे पति बन पाए और न ही अच्छे पिता।

    नसीरुद्दीन शाह की पहली मुलाकात परवीन मुराद से उस समय हुई थी जब वह महज 19 साल के थे और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रहे थे। परवीन उनसे लगभग 15 वर्ष बड़ी थीं। वह तलाकशुदा थीं और पहले से दो बच्चों की मां भी थीं। उम्र और सामाजिक परिस्थितियों का अंतर होने के बावजूद दोनों एक दूसरे के करीब आए। नसीरुद्दीन शाह के अनुसार परवीन पहली ऐसी शख्स थीं जिन्होंने उनके भीतर छिपे अभिनेता पर भरोसा जताया और उनके सपनों को पहचान दी। यही विश्वास धीरे धीरे प्यार में बदल गया।

    हालांकि दोनों के रिश्ते को परिवारों की मंजूरी नहीं मिली। नसीरुद्दीन शाह के परिवार को परवीन के तलाकशुदा होने और दो बच्चों की मां होने पर आपत्ति थी जबकि परवीन के परिवार को दोनों की उम्र के बड़े अंतर और नसीरुद्दीन की कम उम्र को लेकर चिंता थी। विरोध के बावजूद दोनों ने शादी कर ली और अपने नए जीवन की शुरुआत की।

    शादी के करीब एक वर्ष बाद बेटी हीबा का जन्म हुआ लेकिन इस खुशी के साथ ही दोनों के रिश्ते में दूरियां बढ़ने लगीं। नसीरुद्दीन शाह ने अपनी आत्मकथा में स्वीकार किया कि उस समय वह पत्नी की भावनाओं को समझने में पूरी तरह असफल रहे। उन्होंने लिखा कि वह अपने अभिनय करियर और भविष्य को लेकर इतने व्यस्त थे कि परिवार और पत्नी की जरूरतों पर ध्यान ही नहीं दे सके। उन्होंने यह भी माना कि गर्भावस्था के दौरान वह पत्नी का साथ नहीं दे पाए और पिता बनने की जिम्मेदारी निभाने के लिए मानसिक रूप से तैयार भी नहीं थे।

    अभिनेता ने अपनी बेटी हीबा को लेकर भी बेहद भावुक स्वीकारोक्ति की है। उन्होंने लिखा कि कई वर्षों तक वह अपनी बेटी से भावनात्मक रूप से जुड़ ही नहीं पाए। उन्हें इस बात का आज भी गहरा पछतावा है कि उन्होंने पिता होने की जिम्मेदारी को गंभीरता से नहीं लिया। नसीरुद्दीन शाह के अनुसार यह उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी गलतियों में से एक रही जिसका अफसोस उन्हें हमेशा रहेगा।

    पहली शादी टूटने के दौर में ही थिएटर के दौरान उनकी मुलाकात अभिनेत्री रत्ना पाठक से हुई। दोनों के बीच दोस्ती धीरे धीरे गहरे रिश्ते में बदल गई। परवीन मुराद से कानूनी रूप से अलग होने के बाद वर्ष 1982 में नसीरुद्दीन शाह और रत्ना पाठक ने विवाह किया। अभिनेता ने अपनी आत्मकथा में रत्ना पाठक को अपने जीवन का सबसे सच्चा प्रेम बताया है और स्वीकार किया कि उनके साथ उन्होंने रिश्तों की अहमियत को सही मायनों में समझा।

    नसीरुद्दीन शाह की यह कहानी केवल एक अभिनेता की निजी जिंदगी का किस्सा नहीं बल्कि इस बात की सीख भी देती है कि सफलता के पीछे भागते समय रिश्तों और परिवार की जिम्मेदारियों को नजरअंदाज करना जीवनभर का पछतावा बन सकता है। उनकी आत्मस्वीकृति यह साबित करती है कि गलतियों को स्वीकार करना भी साहस का सबसे बड़ा रूप होता है।

  • 11 साल की उम्र में मोहम्मद रफी संग गाया पहला गीत फिर नाम बदलते ही बॉलीवुड पर छा गईं पूर्णिमा

    11 साल की उम्र में मोहम्मद रफी संग गाया पहला गीत फिर नाम बदलते ही बॉलीवुड पर छा गईं पूर्णिमा


    नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा के स्वर्णिम दौर में कई ऐसी आवाजें उभरीं जिन्होंने फिल्मों को नई पहचान दी लेकिन कुछ कलाकार ऐसे भी रहे जिनकी कहानी उतनी चर्चा में नहीं आई जितनी उनकी गायकी। ऐसी ही एक मशहूर गायिका हैं सुषमा श्रेष्ठा जिन्होंने बेहद कम उम्र में अपनी मधुर आवाज से संगीत प्रेमियों का दिल जीत लिया और बाद में पूर्णिमा नाम से बॉलीवुड की सफल पार्श्व गायिकाओं में अपनी अलग पहचान बनाई। उनका सफर संघर्ष प्रतिभा और सफलता का शानदार उदाहरण माना जाता है।

    नेपाल में जन्मी सुषमा श्रेष्ठा को बचपन से ही संगीत में गहरी रुचि थी। उनके परिवार के परिचितों के माध्यम से उनकी मुलाकात फिल्म संगीत जगत से हुई और उनकी प्रतिभा ने संगीतकारों को प्रभावित कर दिया। महज 11 वर्ष की उम्र में उन्हें हिंदी फिल्म अंदाज के लिए मोहम्मद रफी और सुमन कल्याणपुर के साथ गाने का अवसर मिला। यह उपलब्धि किसी भी बाल कलाकार के लिए बेहद बड़ी मानी जाती है। इसके बाद उन्होंने लगातार कई ऐसे गीत गाए जो आज भी संगीत प्रेमियों की पसंद बने हुए हैं।

    बचपन में उन्होंने तेरा मुझसे है पहले का नाता कोई क्या हुआ तेरा वादा तेरी है जमीन तेरा आसमान और एक दिन बिक जाएगा माटी के मोल जैसे कई यादगार गीतों में अपनी आवाज दी। उनकी मासूम आवाज ने बच्चों पर आधारित गीतों को एक नई पहचान दी। उस दौर में जब अधिकतर बाल गीत बड़े गायक अपनी आवाज बदलकर गाते थे तब सुषमा श्रेष्ठा ने बाल गायिका के रूप में अलग स्थान बनाया।

    समय के साथ उन्होंने विवाह किया और कुछ वर्षों तक संगीत जगत से दूरी बना ली। इसके बाद 90 के दशक में जब उन्होंने दोबारा फिल्मों में वापसी की तो संगीत कंपनियों की सलाह पर उन्होंने अपना नाम बदलकर पूर्णिमा रख लिया। नाम बदलने के साथ उनकी नई पारी भी शानदार साबित हुई। उनकी आवाज ने उस दौर की कई बड़ी अभिनेत्रियों को नई पहचान दिलाई और वे बॉलीवुड की व्यस्त प्लेबैक सिंगर्स में शामिल हो गईं।

    पूर्णिमा ने जूही चावला के लिए तू तू तू तारा और माधुरी दीक्षित पर फिल्माए गए लोकप्रिय गीत चने के खेत में जैसे सुपरहिट गानों को अपनी आवाज दी। इसके बाद करिश्मा कपूर की फिल्मों में उनकी आवाज सबसे ज्यादा पसंद की गई। उन्होंने ऊंची है बिल्डिंग सोना कितना सोना है उई अम्मा उई अम्मा मैं पैदल से जा रहा था और मैं हूं बीवी नंबर वन जैसे कई लोकप्रिय गीत गाए जो आज भी लोगों की जुबान पर बने हुए हैं।

    पूर्णिमा की सबसे बड़ी विशेषता उनकी आवाज की बहुमुखी शैली रही। वह रोमांटिक गीतों से लेकर डांस नंबर और बच्चों के गीतों तक हर शैली में सहज नजर आईं। यही वजह रही कि उन्होंने अलग अलग दौर की कई बड़ी अभिनेत्रियों को अपनी आवाज देकर दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई। उनकी गायकी में मिठास ऊर्जा और भावनाओं का अद्भुत संतुलन देखने को मिलता है।

    आज भी जब 70 और 90 के दशक के लोकप्रिय गीतों की चर्चा होती है तब पूर्णिमा का नाम सम्मान के साथ लिया जाता है। उन्होंने यह साबित किया कि सच्ची प्रतिभा समय और परिस्थितियों से कभी हार नहीं मानती। एक बाल गायिका से लेकर सफल पार्श्व गायिका बनने तक का उनका सफर भारतीय फिल्म संगीत के इतिहास में प्रेरणादायक अध्याय के रूप में हमेशा याद किया जाएगा।

  • जंतर-मंतर पहुंचे प्रकाश राज ने उठाए बॉलीवुड की खामोशी पर सवाल, कहा- बड़े सितारों को भी जनता के मुद्दों पर बोलना चाहिए

    जंतर-मंतर पहुंचे प्रकाश राज ने उठाए बॉलीवुड की खामोशी पर सवाल, कहा- बड़े सितारों को भी जनता के मुद्दों पर बोलना चाहिए

    नई दिल्ली । राष्ट्रीय राजधानी में नीट परीक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन सोमवार को संसद के मानसून सत्र के पहले दिन और तेज हो गया। जंतर-मंतर से संसद भवन की ओर मार्च करने की कोशिश के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कई स्थानों पर तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। इस बीच सरकार की ओर से संवाद की पहल भी सामने आई, जिससे आंदोलन के समाधान की संभावनाओं पर चर्चा शुरू हो गई।

    प्रदर्शनकारी प्रतिनिधियों का दावा है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने उनसे मुलाकात कर उनकी बात सुनी। उनके अनुसार बातचीत की पहल सरकार की ओर से की गई थी। हालांकि बैठक में क्या चर्चा हुई और किसी सहमति पर बात बनी या नहीं, इस संबंध में आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। फिर भी इस मुलाकात को आंदोलन के बीच संवाद स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

    उधर, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी संसद परिसर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच हुई बैठक के एजेंडे का आधिकारिक विवरण जारी नहीं किया गया, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे नीट परीक्षा से जुड़े घटनाक्रम और जारी विरोध प्रदर्शन के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विपक्ष लगातार शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा संबंधी मामलों को लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है, जिसके कारण यह मुद्दा संसद के भीतर भी प्रमुखता से उठ रहा है।

    विरोध प्रदर्शन की शुरुआत पिछले महीने जंतर-मंतर पर धरने के रूप में हुई थी। समय के साथ इसमें विभिन्न सामाजिक संगठनों और युवाओं की भागीदारी बढ़ती गई। आंदोलन के दौरान कुछ प्रतिनिधियों ने अनशन भी किया, जिससे इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक चर्चा मिली। संसद के मानसून सत्र की शुरुआत के साथ प्रदर्शनकारियों ने संसद तक मार्च का आह्वान किया, जिसके बाद राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई।

    दिल्ली पुलिस ने बताया कि संसद मार्च के लिए आवश्यक अनुमति नहीं ली गई थी। इसी कारण सुरक्षा एजेंसियों ने कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया। नई दिल्ली जिले में विशेष सतर्कता बरती गई तथा आसपास के जिलों से भी अतिरिक्त सुरक्षा बल बुलाए गए। प्रदर्शन के दौरान कुछ स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की तथा झड़प की घटनाएं भी सामने आईं, हालांकि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए लगातार निगरानी बनाए रखी।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सरकार और प्रदर्शनकारी प्रतिनिधियों के बीच बातचीत की शुरुआत सकारात्मक संकेत हो सकती है, लेकिन किसी ठोस समाधान तक पहुंचने के लिए दोनों पक्षों के बीच आगे भी संवाद जारी रहना आवश्यक होगा। दूसरी ओर विपक्ष इस मुद्दे को संसद में उठाकर सरकार से जवाब मांग रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह विषय संसद और राजनीतिक विमर्श का प्रमुख केंद्र बना रह सकता है। सरकार की अगली रणनीति और बातचीत के परिणाम पर अब सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

  • जंग के साए में कूटनीति, ट्रंप के दूत से मुलाकात को लेकर ईरानी विदेश मंत्री ने किए चौंकाने वाले दावे

    जंग के साए में कूटनीति, ट्रंप के दूत से मुलाकात को लेकर ईरानी विदेश मंत्री ने किए चौंकाने वाले दावे


    नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ते तनाव के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका के साथ हुई बातचीत को लेकर बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के साथ वार्ता ऐसे माहौल में हुई जहां किसी भी समय बमबारी शुरू होने का खतरा बना हुआ था। अराघची के इस बयान ने यह संकेत दिया है कि दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संवाद भले जारी रहा हो लेकिन जमीन पर हालात बेहद तनावपूर्ण और अस्थिर बने हुए थे।

    एक साक्षात्कार में अराघची ने कहा कि उन्होंने बातचीत के दौरान विटकॉफ से सवाल किया था कि क्या वह कभी ऐसी वार्ता का हिस्सा बने हैं जहां हर पल हवाई हमले की आशंका बनी रहती हो। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह बातचीत किस स्थान या किस दौर की थी लेकिन उनके बयान से उस समय की गंभीर स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। ईरानी विदेश मंत्री का कहना था कि युद्ध जैसे माहौल में भी बातचीत का रास्ता खुला रखना आसान नहीं होता।

    अराघची ने यह भी दोहराया कि ईरान किसी भी तरह के दबाव के सामने झुकने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि तेहरान अपने राष्ट्रीय हितों और परमाणु कार्यक्रम को लेकर किसी भी प्रकार का समझौता केवल दबाव या धमकी के आधार पर नहीं करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की स्थिति की तुलना वेनेजुएला से नहीं की जा सकती और उनका देश बाहरी दबाव में अपने फैसले नहीं बदलेगा।

    रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधियों के बीच पिछले कई महीनों से अलग-अलग स्तर पर बातचीत होती रही है। औपचारिक बैठकों के अलावा दोनों पक्षों के बीच सीधे संदेशों के जरिए भी संपर्क बनाए रखने की कोशिश की गई ताकि तनाव को कम किया जा सके। इसके बावजूद दोनों देशों के बीच विश्वास की कमी और क्षेत्रीय घटनाक्रम ने हालात को और अधिक जटिल बना दिया है।

    इसी बीच क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। अमेरिका ने हाल के दिनों में ईरान से जुड़े कई रणनीतिक ठिकानों पर हवाई कार्रवाई की है। अमेरिकी सेना का कहना है कि यह कार्रवाई अपने सैनिकों पर हुए हमलों के जवाब में की गई। दूसरी ओर ईरान ने भी क्षेत्र में अमेरिका के सहयोगी देशों और सैन्य हितों को निशाना बनाने की चेतावनी दी है। कुवैत बहरीन और जॉर्डन जैसे देशों ने संभावित मिसाइल और ड्रोन हमलों को देखते हुए अपनी वायु रक्षा प्रणाली को हाई अलर्ट पर रखा है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच तनाव इसी तरह बढ़ता रहा तो इसका असर पूरे पश्चिम एशिया की सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है। खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ती तनातनी अंतरराष्ट्रीय बाजार और तेल आपूर्ति के लिए भी चिंता का विषय बनी हुई है।

    हालांकि कूटनीतिक संपर्क अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुए हैं लेकिन मौजूदा हालात यह संकेत देते हैं कि बातचीत और सैन्य टकराव समानांतर रूप से चल रहे हैं। ऐसे में पूरी दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या आने वाले दिनों में दोनों देश तनाव कम करने की दिशा में कोई ठोस कदम उठाते हैं या फिर यह संकट और गहरा होता है।

  • सलमान खान ने एक पोस्ट से खत्म की अटकलें, नई तस्वीरें शेयर कर फैंस से किया दिल छू लेने वाला सवाल

    सलमान खान ने एक पोस्ट से खत्म की अटकलें, नई तस्वीरें शेयर कर फैंस से किया दिल छू लेने वाला सवाल


    नई दिल्ली। बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बन गए हैं। हाल ही में उनकी कुछ तस्वीरें इंटरनेट पर तेजी से वायरल हुई थीं जिनमें अभिनेता पहले की तुलना में अलग नजर आ रहे थे। तस्वीरों में उनके चेहरे पर बढ़ती उम्र के निशान और हल्की थकान दिखाई देने के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। कुछ लोगों ने उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई तो कुछ ने इसे बढ़ती उम्र का स्वाभाविक असर बताया। इन तमाम अटकलों के बीच सलमान खान ने अपने खास अंदाज में फैंस को जवाब दिया और एक ऐसा सवाल पूछा जिसने सभी का दिल जीत लिया।

    सलमान खान ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर ब्लैक एंड व्हाइट अंदाज में अपनी पांच नई तस्वीरें साझा कीं। इन तस्वीरों में वह हल्की बढ़ी हुई दाढ़ी और स्टाइलिश हैट पहने नजर आए। तस्वीरों के साथ उन्होंने बेहद छोटा लेकिन दिलचस्प कैप्शन लिखा कि आप लोगों की तबीयत कैसी है। अभिनेता का यह अंदाज फैंस को बेहद पसंद आया और देखते ही देखते पोस्ट पर लाखों लाइक और हजारों प्रतिक्रियाएं आने लगीं।

    सलमान के इस पोस्ट के बाद प्रशंसकों ने भी उसी आत्मीयता के साथ जवाब दिया। कई लोगों ने लिखा कि हमारी तबीयत तो ठीक है लेकिन आप अपना ख्याल रखिए। कुछ प्रशंसकों ने दुआ करते हुए लिखा कि भगवान और अल्लाह आपको हमेशा स्वस्थ और खुश रखें। वहीं कई यूजर्स ने कहा कि आपकी हालिया तस्वीरों ने उन्हें चिंतित कर दिया था लेकिन अब नई तस्वीरें देखकर राहत मिली है। सोशल मीडिया पर अभिनेता के समर्थन में बड़ी संख्या में प्रशंसकों ने सकारात्मक संदेश साझा किए।

    दरअसल कुछ दिन पहले सलमान खान एक सार्वजनिक कार्यक्रम में नजर आए थे जहां उनकी तस्वीरें वायरल हो गई थीं। उन तस्वीरों में उनके चेहरे पर झुर्रियां और पहले जैसी चमक न होने की बात सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई थी। हालांकि यह भी सच है कि सलमान अब साठ वर्ष की उम्र पार कर चुके हैं और उम्र बढ़ने के साथ चेहरे पर बदलाव आना पूरी तरह स्वाभाविक है। इसके बावजूद तीन दशक से अधिक समय से अपनी फिटनेस और व्यक्तित्व के लिए पहचाने जाने वाले अभिनेता को देखकर कई प्रशंसक भावुक हो गए थे।

    सलमान खान का यह नया पोस्ट किसी आधिकारिक सफाई की तरह नहीं था लेकिन उनके अंदाज ने यह जरूर दिखा दिया कि वह अपने प्रशंसकों से सीधे जुड़ना पसंद करते हैं। बिना किसी विवाद या लंबी प्रतिक्रिया के उन्होंने एक साधारण सवाल पूछकर फैंस का ध्यान अपनी ओर खींच लिया और सोशल मीडिया पर चल रही तमाम अटकलों को भी काफी हद तक शांत कर दिया।

    वर्क फ्रंट की बात करें तो सलमान खान आने वाले समय में कई बड़े प्रोजेक्ट्स में नजर आने वाले हैं। उनकी फिल्म मातृभूमि का प्रशंसकों को बेसब्री से इंतजार है जबकि दक्षिण भारतीय फिल्म एसवीसी 63 की शूटिंग भी जारी है। इस फिल्म में उनके साथ अभिनेत्री नयनतारा मुख्य भूमिका निभा रही हैं। फैंस को उम्मीद है कि सलमान एक बार फिर बड़े पर्दे पर अपने दमदार अंदाज से दर्शकों का मनोरंजन करेंगे।

  • लाइव शो के दौरान जैस्मिन सैंडलस हुईं असहज, वायरल वीडियो ने उठाए कलाकारों की सुरक्षा पर सवाल

    लाइव शो के दौरान जैस्मिन सैंडलस हुईं असहज, वायरल वीडियो ने उठाए कलाकारों की सुरक्षा पर सवाल


    नई दिल्ली। देहरादून में आयोजित एक लाइव कॉन्सर्ट के दौरान लोकप्रिय पंजाबी गायिका जैस्मिन सैंडलस के साथ कथित अभद्र व्यवहार की घटना ने सोशल मीडिया पर तीखी बहस छेड़ दी है। वायरल वीडियो में दावा किया जा रहा है कि कार्यक्रम के दौरान स्टेज के पास मौजूद भीड़ में से कुछ लोगों ने सिंगर को अनुचित तरीके से छूने की कोशिश की जिससे वह असहज नजर आईं। हालांकि इस घटना को लेकर जैस्मिन सैंडलस की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है लेकिन वायरल वीडियो और सोशल मीडिया पर हो रही चर्चाओं ने कलाकारों की सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    जैस्मिन सैंडलस हाल ही में देहरादून में अपने लाइव म्यूजिक शो के लिए पहुंची थीं। बड़ी संख्या में मौजूद दर्शकों ने उनके गानों पर जमकर उत्साह दिखाया और पूरे कार्यक्रम के दौरान शानदार माहौल बना रहा। परफॉर्मेंस के अंतिम चरण में जब जैस्मिन अपने प्रशंसकों का अभिवादन करने और उनसे हाथ मिलाने के लिए स्टेज के किनारे पहुंचीं तब अचानक भीड़ बेकाबू होती दिखाई दी। इसी दौरान वायरल वीडियो में कुछ लोग उन्हें छूते हुए नजर आते हैं और दावा किया जा रहा है कि इस हरकत से सिंगर असहज हो गईं।

    वीडियो में यह भी दिखाई देता है कि घटना के बाद स्टेज के पास अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई। कुछ लोगों को एक-दूसरे को पीछे हटाते और बहस करते देखा गया। मौके पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने स्थिति संभालने की कोशिश की और भीड़ को नियंत्रित किया। हालांकि वीडियो में पूरी घटना स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देती इसलिए अलग-अलग दावे भी सामने आ रहे हैं। कुछ सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि कथित तौर पर अनुचित तरीके से छूने वाला व्यक्ति एक महिला थी जबकि कुछ अन्य इसके विपरीत दावा कर रहे हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

    घटना के बाद सोशल मीडिया पर जैस्मिन सैंडलस के समर्थन में बड़ी संख्या में लोग सामने आए। यूजर्स ने कहा कि किसी भी कलाकार के साथ मंच पर या सार्वजनिक कार्यक्रम में इस तरह का व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता। कई लोगों ने आयोजकों से भविष्य में सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत करने की मांग की ताकि कलाकार बिना किसी डर या असहजता के अपने प्रशंसकों के बीच प्रस्तुति दे सकें। वहीं कुछ लोगों ने यह भी कहा कि फैन और कलाकार के बीच सम्मानजनक दूरी बनाए रखना हर दर्शक की जिम्मेदारी है।

    जैस्मिन सैंडलस पिछले कुछ समय से लगातार चर्चा में बनी हुई हैं। फिल्म धुरंधर के गानों से उन्हें नई पहचान मिली है और देशभर में उनके लाइव कॉन्सर्ट को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है। हाल ही में उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान अपने मंगेतर शेखर चौधरी का परिचय भी प्रशंसकों से कराया था जिसके बाद उनकी निजी जिंदगी भी सुर्खियों में रही।

    फिलहाल देहरादून कॉन्सर्ट से जुड़ा यह वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना की आधिकारिक पुष्टि या विस्तृत जानकारी सामने आने का इंतजार किया जा रहा है लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल जरूर खड़ा कर दिया है कि बड़े सार्वजनिक आयोजनों में कलाकारों की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को लेकर और अधिक सख्त इंतजाम किए जाने की आवश्यकता है।

  • बॉक्स ऑफिस पर 124 करोड़ के पार अब OTT पर दस्तक देगी धमाल 4 सामने आई रिलीज को लेकर बड़ी जानकारी

    बॉक्स ऑफिस पर 124 करोड़ के पार अब OTT पर दस्तक देगी धमाल 4 सामने आई रिलीज को लेकर बड़ी जानकारी


    नई दिल्ली। अजय देवगन की बहुप्रतीक्षित कॉमेडी फिल्म धमाल 4 सिनेमाघरों में दर्शकों का भरपूर मनोरंजन कर रही है। रिलीज के बाद से फिल्म बॉक्स ऑफिस पर लगातार अच्छी कमाई कर रही है और अब इसकी OTT रिलीज को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। फिल्म देखने से चूक गए दर्शक यह जानना चाहते हैं कि आखिर यह एडवेंचर कॉमेडी कब और किस प्लेटफॉर्म पर स्ट्रीम होगी। हालांकि अभी तक निर्माताओं की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स में इसकी संभावित OTT रिलीज को लेकर अहम जानकारी सामने आई है।

    रिपोर्ट्स के मुताबिक धमाल 4 के डिजिटल स्ट्रीमिंग अधिकार नेटफ्लिक्स के पास हैं और फिल्म इसी प्लेटफॉर्म पर रिलीज हो सकती है। मौजूदा ट्रेंड को देखते हुए अधिकांश बड़ी हिंदी फिल्में सिनेमाघरों में रिलीज होने के चार से छह सप्ताह बाद OTT पर आती हैं। इसी आधार पर माना जा रहा है कि यदि फिल्म का थिएटर प्रदर्शन सामान्य रहता है तो इसे अगस्त के अंतिम सप्ताह या सितंबर की शुरुआत में नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम किया जा सकता है। हालांकि दर्शकों को अंतिम तारीख के लिए आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा।

    धमाल फ्रेंचाइजी की चौथी कड़ी में एक बार फिर अजय देवगन के साथ रितेश देशमुख अरशद वारसी और जावेद जाफरी की लोकप्रिय तिकड़ी नजर आ रही है। इनके अलावा अंजलि आनंद संजीदा शेख और रवि किशन भी अहम भूमिकाओं में दिखाई दे रहे हैं। फिल्म में कॉमेडी के साथ एडवेंचर और मनोरंजन का तड़का लगाया गया है जिसने परिवार के साथ फिल्म देखने वाले दर्शकों को आकर्षित किया है।

    बॉक्स ऑफिस पर भी फिल्म ने मजबूत प्रदर्शन किया है। शुरुआती दस दिनों में फिल्म ने 124 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार कर लिया है। पहले सप्ताह के बाद भी इसकी कमाई स्थिर बनी हुई है जिससे संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में इसका कलेक्शन और बढ़ सकता है। यही वजह है कि निर्माता फिलहाल थिएटर रन का पूरा फायदा उठाना चाहते हैं और इसके बाद ही OTT रिलीज की आधिकारिक घोषणा किए जाने की संभावना है।

    हालांकि फिल्म को दर्शकों का अच्छा समर्थन मिला है लेकिन समीक्षकों की राय कुछ अलग रही। कई फिल्म समीक्षकों ने माना कि धमाल फ्रेंचाइजी की पहचान उसकी हल्की फुल्की कॉमेडी रही है लेकिन इस बार कहानी और हास्य शैली में अपेक्षित नया प्रयोग देखने को नहीं मिला। कुछ समीक्षकों ने कॉमेडी को पुराना बताया जबकि कुछ ने इसे पारिवारिक मनोरंजन के लिहाज से सफल फिल्म माना। इसके बावजूद दर्शकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया और बॉक्स ऑफिस कलेक्शन यह दिखाते हैं कि फिल्म ने अपनी अलग पहचान बनाने में सफलता हासिल की है।

    फिल्म का निर्देशन इंद्र कुमार ने किया है जो इससे पहले भी धमाल सीरीज की फिल्मों और कई सफल कॉमेडी फिल्मों का निर्देशन कर चुके हैं। उनकी शैली को पसंद करने वाले दर्शकों के लिए यह फिल्म एक बार फिर हल्के फुल्के मनोरंजन का पैकेज साबित हो रही है।

    जो दर्शक सिनेमाघरों में फिल्म नहीं देख पाए हैं उनके लिए OTT रिलीज एक अच्छा विकल्प होगी। हालांकि अभी तक रिलीज डेट की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है इसलिए दर्शकों को निर्माताओं या स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म की औपचारिक घोषणा का इंतजार करना होगा।