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  • हनुमान अंश को 100 करोड़ की OTT डील मिलने की खबर पर आया बड़ा अपडेट प्रोड्यूसर रागिनी सोना ने बताया पूरा सच

    हनुमान अंश को 100 करोड़ की OTT डील मिलने की खबर पर आया बड़ा अपडेट प्रोड्यूसर रागिनी सोना ने बताया पूरा सच


    नई दिल्ली। फिल्म हनुमान अंश इन दिनों सिनेमाघरों में दर्शकों के बीच लगातार चर्चा में बनी हुई है। फिल्म को दर्शकों के साथ ही क्रिटिक्स की तरफ से भी अच्छा रिस्पॉन्स मिला है और बॉक्स ऑफिस पर इसकी कमाई लगातार आगे बढ़ रही है। इसी बीच फिल्म की OTT डील को लेकर एक ऐसी खबर सामने आई जिसने हर किसी का ध्यान खींच लिया। दावा किया जा रहा था कि हनुमान अंश को OTT प्लेटफॉर्म की तरफ से 100 करोड़ रुपये की डील का ऑफर मिला है। अब फिल्म की प्रोड्यूसर रागिनी सोना ने इस खबर की सच्चाई सामने रख दी है।

    रागिनी सोना ने NDTV से बातचीत में 100 करोड़ रुपये की OTT डील की खबर को पूरी तरह अफवाह बताया है। उन्होंने साफ किया कि फिल्म की टीम को ऐसा कोई ऑफर नहीं मिला है। प्रोड्यूसर के मुताबिक फिलहाल टीम के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ज्यादा से ज्यादा दर्शक फिल्म को सिनेमाघरों में जाकर देखें और इसे अपना प्यार दें। उन्होंने कहा कि इस समय किसी ऑफर या रकम से ज्यादा मायने दर्शकों का प्यार रखता है।

    प्रोड्यूसर ने यह भी कहा कि फिल्म को मिल रही सफलता में दर्शकों की बड़ी भूमिका है। उनका मानना है कि जिस तरह लोग खुद फिल्म के बारे में बात कर रहे हैं और इसे दूसरे लोगों तक पहुंचा रहे हैं वह अपने आप में खास बात है। रागिनी सोना ने इसे नीम करोली बाबा का चमत्कार भी बताया। उनके मुताबिक दर्शक ही फिल्म का प्रचार कर रहे हैं और ऐसा अनुभव उन्होंने पहले कभी नहीं देखा।

    रागिनी ने यह भी स्पष्ट किया कि फिल्म की टीम को किसी भी OTT प्लेटफॉर्म से 100 करोड़ रुपये का ऑफर नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि फिल्म से जुड़े फैसले टीम के साथ चर्चा के बाद ही लिए जाएंगे। अगर भविष्य में OTT को लेकर कोई बड़ा फैसला होता है तो इसकी आधिकारिक जानकारी दी जाएगी। फिलहाल फिल्म की टीम को खुद यह जानकारी नहीं है कि हनुमान अंश OTT पर कब रिलीज होगी।

    दिलचस्प बात यह है कि फिल्म की OTT यात्रा को लेकर पहले भी एक जानकारी सामने आ चुकी है। निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने बताया था कि एक OTT प्लेटफॉर्म ने उनकी फिल्म को रिलीज करने से मना कर दिया था। इसके बाद टीम ने फिल्म को सिनेमाघरों में रिलीज करने का फैसला किया। थिएटर में रिलीज के बाद फिल्म को जिस तरह का रिस्पॉन्स मिला उसने पूरी तस्वीर बदल दी।

    निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने फिल्म लिखने के अपने तरीके को लेकर भी दिलचस्प जानकारी साझा की थी। उन्होंने बताया था कि कहानी लिखते समय उन्होंने अपने कमरे से सभी डिजिटल डिवाइस हटा दिए थे। उन्होंने पूरी फिल्म की कहानी पेन और पेपर पर लिखी थी। इसके बाद अपने असिस्टेंट की मदद से इसे डिजिटल रूप दिया गया। उन्होंने यह भी बताया था कि फिल्म का ओपनिंग सीन लिखने में उन्हें करीब 45 दिन लगे क्योंकि उनके लिए फिल्म की शुरुआत बेहद महत्वपूर्ण थी।

    अब 100 करोड़ रुपये की OTT डील की खबर पर प्रोड्यूसर के बयान के बाद यह साफ हो गया है कि फिलहाल ऐसी किसी डील की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फिल्म की टीम का पूरा ध्यान अभी सिनेमाघरों में मिल रहे दर्शकों के प्यार पर है। OTT रिलीज को लेकर कोई आधिकारिक फैसला सामने आने तक 100 करोड़ रुपये की डील वाली खबर को महज अफवाह ही माना जा रहा है।

  • तलाक के बाद 10 करोड़ लेने की चर्चा पर आकांक्षा ने दिया करारा जवाब शुगर डैडी के टैग पर भी खुलकर बोलीं

    तलाक के बाद 10 करोड़ लेने की चर्चा पर आकांक्षा ने दिया करारा जवाब शुगर डैडी के टैग पर भी खुलकर बोलीं


    नई दिल्ली। गौरव खन्ना और आकांक्षा चमोला कभी टीवी इंडस्ट्री की चर्चित जोड़ियों में शामिल रहे हैं लेकिन अब दोनों के रिश्ते में दरार की खबरें लगातार सुर्खियों में हैं। दोनों काफी समय से अलग रह रहे हैं और आकांक्षा ने रियलिटी शो द लॉक अप में अपने रिश्ते को लेकर खुलकर बात भी की थी। अब उनके तलाक की प्रक्रिया को लेकर चर्चा के बीच 10 करोड़ रुपये की एलिमनी मांगने की खबर सामने आई थी। इस खबर के बाद आकांक्षा चमोला ने खुद इस पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।

    दरअसल कुछ समय पहले ऐसी चर्चा शुरू हुई थी कि तलाक के बाद आकांक्षा गौरव खन्ना से करीब 10 करोड़ रुपये बतौर एलिमनी मांग सकती हैं। इस चर्चा को उस वक्त और हवा मिली जब ओरी ने भी आकांक्षा को लेकर टिप्पणी की थी। इसके बाद सोशल मीडिया पर यह सवाल उठने लगा कि क्या आकांक्षा तलाक के बदले गौरव से बड़ी रकम लेने वाली हैं। अब आकांक्षा ने इन खबरों को लेकर ऐसा जवाब दिया है जिससे साफ है कि वह खुद को एलिमनी के लिए उत्सुक बताए जाने वाली बात से सहमत नहीं हैं।

    मैशेबल इंडिया के साथ बातचीत में आकांक्षा ने 10 करोड़ रुपये की एलिमनी वाली खबर पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर उन्होंने इतनी रकम मांगी होती और उन्हें मिल भी गई होती तो वह यहां बैठकर बात नहीं कर रही होतीं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर वास्तव में उनके पास इतना पैसा होता तो वह कब का देश छोड़कर चली गई होतीं। आकांक्षा की इस प्रतिक्रिया से यह स्पष्ट है कि वह 10 करोड़ रुपये की एलिमनी से जुड़ी खबर को अफवाह मानती हैं।

    आकांक्षा ने यह भी साफ किया कि वह उन लोगों में से नहीं हैं जो एलिमनी के पीछे भागते हैं। इसी बातचीत के दौरान उन्होंने अपने और गौरव के बीच उम्र के अंतर को लेकर लगाए जाने वाले शुगर डैडी के टैग पर भी प्रतिक्रिया दी। आकांक्षा ने कहा कि केवल 10 साल बड़ा होने की वजह से किसी व्यक्ति को शुगर डैडी नहीं कहा जा सकता। उनके मुताबिक इस तरह के टैग लगाना सही नहीं है।

    आकांक्षा और गौरव ने साल 2016 में शादी की थी। दोनों ने लंबे समय तक रिश्ते में रहने के बाद शादी की थी और उनकी जोड़ी को टीवी जगत में काफी पसंद किया जाता था। हालांकि अब दोनों अलग रह रहे हैं और तलाक की औपचारिक प्रक्रिया को लेकर चर्चा चल रही है। गौरव ने इस रिश्ते और तलाक को लेकर अभी तक विस्तार से सार्वजनिक रूप से बात नहीं की है। वहीं जब आकांक्षा द लॉक अप में थीं तब गौरव ने उन्हें अपना समर्थन दिया था और शो में भी पहुंचे थे।

    आकांक्षा ने द लॉक अप के दौरान अपनी निजी जिंदगी से जुड़े कई खुलासे किए थे। उन्होंने अपनी निजी पसंद और रिश्तों को लेकर भी बात की थी। इस दौरान उनके बयानों पर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हुई थी और उन्हें ट्रोलिंग का सामना भी करना पड़ा था। बच्चों को लेकर भी दोनों की सोच अलग होने की बात सामने आ चुकी है। गौरव ने बिग बॉस में बताया था कि वह बच्चे चाहते थे जबकि आकांक्षा बच्चे नहीं चाहती थीं। आकांक्षा ने तब कहा था कि यह उनका निजी फैसला है और इसके लिए उन्हें किसी को सफाई देने की जरूरत नहीं है।

    फिलहाल आकांक्षा अपनी मां के साथ रह रही हैं और आगे अपने काम पर ध्यान देने की योजना बना रही हैं। वह कई टीवी शोज में नजर आ चुकी हैं और द लॉक अप में आने के बाद उनकी निजी जिंदगी एक बार फिर चर्चा में आई। वहीं गौरव खन्ना भी टीवी के जाने पहचाने चेहरों में शामिल हैं। दोनों के रिश्ते को लेकर आगे क्या कानूनी और व्यक्तिगत स्थिति बनती है यह आने वाले समय में साफ होगा लेकिन फिलहाल 10 करोड़ रुपये की एलिमनी को लेकर आकांक्षा का बयान चर्चा का विषय बना हुआ है।

  • पूनम ढिल्लों और पद्मिनी कोल्हापुरे पर कुनिका सदानंद का हमला CINTAA चुनाव के बीच बोलीं कलाकारों के अधिकार सबसे जरूरी

    पूनम ढिल्लों और पद्मिनी कोल्हापुरे पर कुनिका सदानंद का हमला CINTAA चुनाव के बीच बोलीं कलाकारों के अधिकार सबसे जरूरी


    नई दिल्ली। सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन यानी CINTAA को लेकर चल रहे विवाद के बीच अभिनेत्री कुनिका सदानंद ने संगठन के कामकाज और उसके पदाधिकारियों को लेकर खुलकर अपनी राय रखी है। CINTAA के चुनावी माहौल के बीच कुनिका ने संगठन में लंबे समय से जुड़े मुद्दों पर बात करते हुए कहा कि किसी भी कलाकार संगठन का सबसे बड़ा उद्देश्य कलाकारों और उनके परिवारों की मदद करना होना चाहिए। उनके मुताबिक संगठन में पद हासिल करना या उस पर बने रहना किसी व्यक्तिगत ताकत का प्रदर्शन नहीं बल्कि कलाकारों की सेवा करने की जिम्मेदारी होनी चाहिए।

    कुनिका सदानंद ने एक बातचीत के दौरान पूनम ढिल्लों और पद्मिनी कोल्हापुरे के पदों पर बने रहने को लेकर भी सवाल उठाया। जब उनसे पूछा गया कि दोनों ने अब तक अपने पद क्यों नहीं छोड़े हैं तो उन्होंने साफ कहा कि इस सवाल का जवाब उन्हीं दोनों से पूछा जाना चाहिए। कुनिका ने बताया कि वह लंबे समय से CINTAA से जुड़ी रही हैं और पहले समिति का हिस्सा भी रह चुकी हैं। उन्होंने संगठन के पुराने दौर को याद करते हुए बताया कि उस समय कलाकार संगठन से जुड़ने का मतलब कलाकारों की मदद और उनकी सेवा करना माना जाता था।

    हालांकि कुनिका को लगता है कि समय के साथ परिस्थितियां बदली हैं। उन्होंने अपने अनुभव के आधार पर कहा कि अब उन्हें यह मामला कुछ अलग नजर आता है और यहां तक कि उन्होंने इसे अहंकार से जोड़कर भी देखा। उनके इस बयान के बाद CINTAA के भीतर चल रही बहस को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं। हालांकि कुनिका ने अपने बयान में किसी तरह के व्यक्तिगत विवाद के बजाय संगठन के उद्देश्य और कलाकारों के हित को केंद्र में रखने की बात कही।

    CINTAA में चल रहे चुनाव को लेकर कुनिका सदानंद का रुख सकारात्मक नजर आया। उन्होंने कहा कि मतदान अच्छा रहा और चुनाव की व्यवस्था भी ठीक रही है। उनके अनुसार यह चुनाव संगठन के लिए एक नई शुरुआत का रास्ता खोल सकता है। उन्हें उम्मीद है कि नई समिति ऐसी होगी जो कलाकारों की वास्तविक परेशानियों को समझेगी और उन्हें दूर करने के लिए प्रभावी तरीके से काम करेगी।

    कुनिका ने यह भी स्पष्ट किया कि कलाकार संगठन का काम केवल चुनाव कराने या पदों को लेकर चर्चा तक सीमित नहीं होना चाहिए। कलाकारों की रोजमर्रा की समस्याएं उनकी प्राथमिकता में होनी चाहिए। उन्होंने कलाकारों की सुरक्षा को सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों में शामिल किया। खासतौर पर महिला कलाकारों की सुरक्षा और सम्मान को लेकर उन्होंने गंभीरता से काम करने की जरूरत बताई।

    इसके साथ ही कुनिका ने कलाकारों के बीच बराबरी और आर्थिक अधिकारों का मुद्दा भी उठाया। उनका मानना है कि कलाकारों को उनके काम का उचित भुगतान समय पर मिलना चाहिए। कई बार कलाकारों को काम करने के बाद भुगतान के लिए इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में संगठन को इस दिशा में ठोस व्यवस्था बनाने की जरूरत है ताकि कलाकारों को अपने मेहनताने के लिए परेशान न होना पड़े।

    कुनिका ने बताया कि उन्होंने चुनाव में सात उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान किया है और उनकी प्राथमिकता ऐसे लोगों को आगे लाना है जो कलाकारों के हित में काम कर सकें। उनके बयान से साफ है कि वह CINTAA को केवल एक पद या चुनावी संस्था के रूप में नहीं बल्कि कलाकारों की आवाज और उनके अधिकारों की सुरक्षा करने वाले संगठन के रूप में देखना चाहती हैं। अब चुनाव के बाद बनने वाली नई समिति से कलाकारों को कितनी राहत मिलती है यह आने वाला समय बताएगा।

  • 200 करोड़ कमाने वाली ‘हनुमान अंश’ ऑस्कर की रेस से बाहर डेडलाइन चूकी टीम ने खुद बताई वजह

    200 करोड़ कमाने वाली ‘हनुमान अंश’ ऑस्कर की रेस से बाहर डेडलाइन चूकी टीम ने खुद बताई वजह


    नई दिल्ली। नीम करोली बाबा की भक्ति और हनुमान जी से जुड़ी कहानी पर बनी फिल्म ‘हनुमान अंश’ इस समय बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन कर रही है। बेहद कम बजट में बनी इस फिल्म ने दर्शकों के बीच ऐसी पकड़ बनाई है कि इसकी कमाई 200 करोड़ रुपये के पार पहुंच चुकी है। करीब छह सप्ताह से सिनेमाघरों में बनी हुई फिल्म को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। इसी बीच फिल्म के ऑस्कर की रेस में शामिल न हो पाने को लेकर एक बड़ी जानकारी सामने आई है।

    फिल्म की प्रोड्यूसर नम्रता सिंह ने हाल ही में बातचीत के दौरान बताया कि ‘हनुमान अंश’ के पास ऑस्कर के लिए सबमिट होने का मौका था लेकिन टीम तय समय सीमा का ध्यान नहीं रख सकी। उनके मुताबिक फिल्म को ऑस्कर के लिए भेजने की आखिरी तारीख 7 सितंबर थी लेकिन उनकी टीम को इस डेडलाइन की जानकारी नहीं थी। जब फिल्म की सफलता के बीच लोगों ने उनसे सवाल किया कि आखिर इतनी चर्चा में रहने वाली फिल्म ऑस्कर के लिए क्यों नहीं भेजी गई तो उन्होंने इस चूक के बारे में खुलकर बात की।

    नम्रता सिंह ने बताया कि उनकी टीम काफी छोटी है और एक साथ कई जिम्मेदारियां संभाल रही थी। फिल्म की सफलता के बाद अब उसका तेलुगू वर्जन तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा दूसरी भाषाओं में रिलीज की तैयारी भी चल रही है। टीम फिल्म को दिव्यांग दर्शकों के लिए अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में भी काम कर रही है। ऐसे में ऑस्कर सबमिशन की अहम डेडलाइन पर पर्याप्त ध्यान नहीं जा सका।

    फिल्म के कलाकार और निर्देशक भी अलग अलग जगहों पर प्रचार और अन्य जरूरी कामों में व्यस्त हैं। इसी वजह से प्रोडक्शन ऑफिस में भी पूरी टीम मौजूद नहीं थी। नम्रता के लिए यह अनुभव इसलिए भी चुनौतीपूर्ण रहा क्योंकि ‘हनुमान अंश’ उनके प्रोड्यूसर के तौर पर शुरुआती बड़े प्रोजेक्ट्स में से एक है। फिल्म के निर्देशक विशाल चतुर्वेदी भी पहली बार इस तरह की बड़ी जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

    फिल्म को दुनियाभर में रिलीज करना भी टीम के लिए आसान नहीं रहा। अलग अलग देशों में फिल्म रिलीज करने के लिए कई तरह की प्रक्रियाओं और नियमों को पूरा करना पड़ा। सेंसर से जुड़े काम और विदेशी बाजार में रिलीज की तैयारियों के दौरान टीम ने कई चीजें पहली बार सीखीं। इसके बावजूद फिल्म को इंटरनेशनल स्तर पर पहुंचाने की कोशिश जारी रही।

    टीम के लिए 11 सितंबर की तारीख भी बेहद खास रही क्योंकि इसी दिन नीम करोली बाबा का महासमाधि दिवस मनाया जाता है। फिल्म के मेकर्स बाबा के भक्त हैं और इसी वजह से वे इस खास दिन फिल्म को विदेशों में भी रिलीज करना चाहते थे। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए टीम ने पूरी ताकत लगा दी और फिल्म को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचाने की दिशा में काम किया।

    अब ‘हनुमान अंश’ की कहानी को आगे बढ़ाने की तैयारी भी शुरू हो गई है। प्रोड्यूसर नम्रता सिंह के मुताबिक फिल्म पर आधारित एक वीडियो गेम बनाया जा रहा है। खास बात यह है कि इसे वही कंपनी तैयार कर रही है जिसने लोकप्रिय गेम FAU-G बनाया है। इसके अलावा फिल्म की कहानी को कॉमिक बुक के रूप में भी आगे बढ़ाने की तैयारी है और इसके लिए एक बड़े कॉमिक पब्लिशर से बातचीत चल रही है।

    फिल्म के दूसरे पार्ट ‘हनुमान अंश 2’ को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। इसके साथ विराट कोहली और अनुष्का शर्मा के कैमियो को लेकर भी अटकलें सामने आई हैं हालांकि मेकर्स ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। ऐसे में ऑस्कर का मौका भले ही हाथ से निकल गया हो लेकिन ‘हनुमान अंश’ की कहानी अब फिल्म से आगे गेम कॉमिक और संभावित सीक्वल के जरिए एक बड़े संसार का रूप लेती नजर आ रही है।

  • अहंकार या प्यार कौन जीतेगा ‘मैं ना रहा मेरा’ के फर्स्ट लुक ने मचाई हलचल आतिफ असलम को लेकर उठे सवाल

    अहंकार या प्यार कौन जीतेगा ‘मैं ना रहा मेरा’ के फर्स्ट लुक ने मचाई हलचल आतिफ असलम को लेकर उठे सवाल


    नई दिल्ली। क्या अहंकार प्यार से बड़ा हो सकता है यही सवाल आने वाली रोमांटिक म्यूजिकल फिल्म ‘मैं ना रहा मेरा’ की कहानी के केंद्र में है। फिल्म में अध्ययन सुमन और दिविता राय मुख्य भूमिका में नजर आएंगे। खास बात यह है कि दिविता राय इसी फिल्म से अभिनय की दुनिया में कदम रख रही हैं। मेकर्स ने अब फिल्म का पहला मोशन पोस्टर जारी कर दिया है जिसके बाद कहानी को लेकर दर्शकों की उत्सुकता बढ़ गई है।

    मोशन पोस्टर की शुरुआत एक गहरी आवाज के साथ होती है जिसमें पूछा जाता है कि क्या गुरूर इश्क से बड़ा हो सकता है। इसके साथ ही फिल्म की भावनात्मक दुनिया की झलक देखने को मिलती है। पोस्टर से साफ है कि फिल्म में प्यार के साथ तड़प रिश्तों की उलझन दिल टूटने और अहंकार जैसे पहलुओं को भी प्रमुखता दी गई है। फिल्म की कहानी एक ऐसे रिश्ते के इर्द गिर्द घूमती है जिसमें प्यार और पुराने जख्म आमने सामने दिखाई देते हैं।

    रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म में अध्ययन सुमन का किरदार राज नाम के एक युवा का है। राज की रोमांस को लेकर सोच 90 के दशक की क्लासिक प्रेम कहानियों से प्रभावित है। कहानी में वह एकतरफा प्यार में अपनी सिमरन को खो देता है। इसके करीब 12 साल बाद राज की मुलाकात दोबारा सिमरन से होती है। यह मुलाकात उसके भीतर दब चुकी पुरानी भावनाओं को फिर से जगा देती है। साथ ही उसे अपने अतीत से जुड़े उन दर्दनाक सवालों का सामना करना पड़ता है जिनसे वह लंबे समय से बचता आया है।

    फिल्म के फर्स्ट लुक के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर एक और सवाल तेजी से चर्चा में है। कई यूजर्स का दावा है कि मोशन पोस्टर के बैकग्राउंड में सुनाई देने वाली आवाज पाकिस्तानी सिंगर आतिफ असलम की है। इसी वजह से फैंस यह सवाल पूछ रहे हैं कि क्या आतिफ असलम भी इस फिल्म से जुड़े हैं या फिर उनकी आवाज का इस्तेमाल किसी गाने के लिए किया गया है।

    सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने आतिफ की आवाज पहचानने का दावा किया है। किसी ने आतिफ इज बैक लिखकर अपनी प्रतिक्रिया दी तो किसी ने मेकर्स से आतिफ का वर्जन रिलीज करने की मांग की। कुछ यूजर्स ने यह भी सवाल उठाया कि अगर आवाज आतिफ की है तो फिल्म में उनके योगदान को लेकर आधिकारिक जानकारी कब सामने आएगी।

    हालांकि अभी तक मेकर्स की तरफ से आतिफ असलम के फिल्म से जुड़े होने या मोशन पोस्टर में उनकी आवाज इस्तेमाल किए जाने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में फिलहाल इसे फैंस की अटकल ही माना जा रहा है। इस पूरे मामले की तस्वीर फिल्म के टीजर के सामने आने के बाद और साफ हो सकती है।

    अध्ययन सुमन ने फिल्म को अपने दिल के करीब बताया है। वहीं दिविता राय के लिए यह पहला अभिनय प्रोजेक्ट है। उन्होंने बताया है कि उनका किरदार कई तरह की खूबसूरत और मुश्किल भावनाओं से गुजरता है। फिल्म का निर्देशन अमित कसारिया ने किया है जबकि धर्मेश संगानी इसके निर्माता हैं। अध्ययन सुमन फिल्म से जुड़े हैं और राहुल नायर ने इसके म्यूजिक पर काम किया है। अब दर्शकों की नजर 16 सितंबर 2026 को रिलीज होने वाले फिल्म के टीजर पर है। टीजर से कहानी के साथ साथ आतिफ असलम को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।

  • सलमान ने लगाई घरवालों की क्लास काजी तौकीर बने Weekend Ka Vaar के स्टार

    सलमान ने लगाई घरवालों की क्लास काजी तौकीर बने Weekend Ka Vaar के स्टार


    नई दिल्ली। बिग बॉस 20 के घर में अब धीरे धीरे रिश्तों की सच्चाई और कंटेस्टेंट्स के बीच की खटास सामने आने लगी है। शो के छह एपिसोड पूरे होने के बाद पहला वीकेंड का वार भी दर्शकों के सामने आ गया। शनिवार को प्रसारित हुए इस एपिसोड में सलमान खान ने घरवालों के साथ जमकर मस्ती की और इसी के साथ कई कंटेस्टेंट्स को उनके गेम का आईना भी दिखाया। इस दौरान काजी तौकीर का अंदाज भी खूब चर्चा में रहा और सलमान ने उन्हें घर का सुपरस्टार तक बता दिया।

    वीकेंड का वार में सलमान ने बिग लॉस नाम का टास्क कराया। इसमें घरवालों को यह बताना था कि उनकी नजर में कौन कंटेस्टेंट गेम में नुकसान साबित हो रहा है और कौन बेहतर खेल रहा है। टास्क के दौरान कई कंटेस्टेंट्स ने अपने मन की भड़ास निकाल दी। दोस्ती के चलते कुछ लोगों की तारीफ हुई तो वहीं आपसी दुश्मनी के कारण कई कंटेस्टेंट्स पर खुलकर निशाना साधा गया। अमन गांधी और आसिफ खान के बीच भी एक बार फिर बहस देखने को मिली। आसिफ ने अमन पर मक्खन लगाने का आरोप लगाया जिसके बाद अमन ने अपनी तरफ से सफाई दी।

    एपिसोड का एक और मजेदार हिस्सा अरिश्फा खान का एक्सपोज टास्क रहा। सलमान ने उन्हें घरवालों को अलग अलग टैग देने का मौका दिया। अरिश्फा ने लव को ऐसा सदस्य बताया जिसके पेट में कोई बात नहीं पचती। वहीं काजी तौकीर को उन्होंने आसानी से किसी के बहकावे में आने वाला बताया। कनिका मान को सिल्वर स्पून का टैग मिला जबकि आम्रपाली दुबे को घर की सबसे ज्यादा परेशान करने वाली आवाज बताया गया। आसिफ को भी उन्होंने ग्रुप के सहारे आगे बढ़ने वाला कंटेस्टेंट बताया। इस टास्क में घरवालों के बीच के रिश्ते और उनकी सोच खुलकर सामने आई।

    हालांकि एपिसोड सिर्फ हंसी मजाक तक सीमित नहीं रहा। कनिका और यंग के बीच चल रहा तनाव भी एक बार फिर सामने आया। टास्क के दौरान कनिका ने यंग पर आरोप लगाया कि वह घर की हर चीज अपने हिसाब से चलाना चाहते हैं। इसके बाद पानी के स्प्रे वाला टास्क हुआ जिसने माहौल को और गर्म कर दिया। इसी दौरान अरिश्फा और आम्रपाली दुबे के बीच पुरानी तकरार फिर सामने आ गई। बहस बढ़ने के बाद अरिश्फा भावुक होकर रो पड़ीं। इस पल ने दिखाया कि बिग बॉस के घर में मुकाबला केवल रणनीति और गेम का नहीं बल्कि भावनाओं की परीक्षा का भी है।

    वीकेंड का वार का सबसे अहम हिस्सा तब आया जब सलमान खान ने अमन गांधी और उदिति सिंह को उनके गेम को लेकर फटकार लगाई। सलमान ने साफ किया कि शो में आने से पहले मेकर्स कंटेस्टेंट्स को चुनने में काफी मेहनत करते हैं लेकिन घर में आने के बाद कुछ सदस्य अपनी क्षमता के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं। उदिति को रॉकस्टार बनने की जगह सिर्फ रॉक बनकर बैठे रहने पर सलमान ने तंज किया। वहीं रोहेद को भी शुरुआती एपिसोड्स में ज्यादा नजर नहीं आने को लेकर सवाल किया गया।

    इस समय अरिश्फा उदिति लव और कनिका पर एविक्शन का खतरा बना हुआ है। सलमान ने इन कंटेस्टेंट्स को समझाया कि अगर उन्हें मौके नहीं मिल रहे हैं तो उन्हें खुद मौके पैदा करने होंगे। कुल मिलाकर पहला वीकेंड का वार मनोरंजन मस्ती तकरार और इमोशन से भरपूर रहा। वहीं काजी तौकीर की मौजूदगी और सलमान की तारीफ ने उन्हें इस एपिसोड के सबसे चर्चित चेहरों में शामिल कर दिया।

  • ‘शूरवीर’ गाने पर बढ़ा विवाद, दिल्ली हाई कोर्ट में PIL दाखिल; ‘मिर्जापुर: द मूवी’ से हटाने की मांग

    ‘शूरवीर’ गाने पर बढ़ा विवाद, दिल्ली हाई कोर्ट में PIL दाखिल; ‘मिर्जापुर: द मूवी’ से हटाने की मांग

    नई दिल्ली । मिर्जापुर: द मूवी के ‘शूरवीर’ गाने को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। फिल्म के क्लाइमेक्स में इस्तेमाल किए गए इस गाने को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दाखिल की गई है। याचिका में अदालत से फिल्म के क्लाइमेक्स से इस गाने को हटाने या इसकी जगह कोई दूसरा ट्रैक इस्तेमाल करने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता का कहना है कि यह गाना महाराणा प्रताप की वीरता को समर्पित है, ऐसे में इसे फिल्म में गैंगस्टर और अपराधी किरदारों के साथ दिखाना गलत है। प्रशांत कुमार सिंह की ओर से दाखिल की गई PIL में कहा गया है कि ‘शूरवीर’ गीत मूल रूप से राजस्थान के महान योद्धा महाराणा प्रताप की वीरता और उनके गौरव को श्रद्धांजलि देने के लिए बनाया गया था।

    इस याचिका में आरोप लगाया गया है कि फिल्म में इसी गीत का इस्तेमाल काल्पनिक गैंगस्टरों और अपराधियों को दिखाने वाले सीन में किया गया है। याचिकाकर्ता का कहना है कि इससे गीत के मूल भाव और सांस्कृतिक महत्व का गलत अर्थ निकल सकता है। उनका तर्क है कि एक ऐतिहासिक और राष्ट्रीय नायक को समर्पित गीत को अपराध और गैंग संस्कृति से जोड़कर दिखाना सही नहीं है।

    ‘सांस्कृतिक को पहुंच सकता है नुकसान’

    याचिका में ये भी कहा गया है कि फिल्म में अपराधियों के सीन के साथ इस गाने का इस्तेमाल राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत को नुकसान पहुंचा सकता है। याचिकाकर्ता के मुताबिक, अगर ऐसे गीतों को उनके मूल संदर्भ से हटकर इस्तेमाल किया जाता है, तो लोगों के बीच ऐतिहासिक व्यक्तित्वों को लेकर गलत मैसेज जाएगा।

    PIL में अदालत से सिर्फ फिल्म के क्लाइमेक्स से गाना हटाने की मांग ही नहीं की गई है, बल्कि भविष्य के लिए भी कुछ दिशानिर्देश बनाने की अपील की गई है। इस याचिका में कहा गया है कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से अहम लोगों से जुड़े गानों और प्रतीकों का इस्तेमाल इस तरह न हो, जिससे उनका संबंध अपराध या गलत तरह की गतिविधियों से जुड़ता हुआ दिखाई दे।

    राजेंद्र राठौड़ ने भी जताई थी आपत्ति

    दिल्ली हाई कोर्ट में PIL दाखिल होने से एक दिन पहले राजस्थान के वरिष्ठ बीजेपी नेता राजेंद्र राठौड़ ने भी इस मुद्दे पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने ‘शूरवीर’ गीत को फिल्म से हटाने की मांग करते हुए सेंट्रल फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के अध्यक्ष को पत्र लिखा था। राठौड़ ने अपने पत्र को सोशल मीडिया पर भी शेयर किया। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप को समर्पित इस गीत को फिल्म में गैंगस्टर और आपराधिक किरदारों के साथ जोड़कर दिखाना ठीक नहीं है।

    ‘शूरवीर और गैंगस्टर के मूल्यों में अंतर’

    राठौड़ ने अपने लेटर में कहा कि शूरवीर और गैंगस्टर के कैरेक्टर और उनके मूल्यों में जमीन-आसमान का अंतर है। उनके मुताबिक वीरता, त्याग, स्वाभिमान और अपनी मातृभूमि के प्रति समर्पण जैसे मूल्यों को अपराध, हिंसा और गैंग संस्कृति से जोड़कर दिखाना गलत है। उन्होंने CBFC से मांग की कि फिल्म से ‘शूरवीर’ गाने को हटाया जाए और आगे किसी भी ऐतिहासिक महापुरुषों से जुड़े गानों, प्रतीकों और चीजों के ऐसे इस्तेमाल की अनुमति न दी जाए, जिससे लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचे।

    अब अदालत के फैसले पर नजर

    फिलहाल, ‘मिर्जापुर: द मूवी’ के ‘शूरवीर’ गाने को लेकर विवाद अदालत तक पहुंच चुका है। एक तरफ याचिकाकर्ता और बीजेपी नेता इसे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक भावनाओं से जुड़ा मुद्दा बता रहे हैं, वहीं इस पूरे मामले में अब दिल्ली हाई कोर्ट के रुख पर नजर रहेगी। फिल्म के क्लाइमेक्स से गाना हटेगा या नहीं, इस पर अंतिम फैसला अदालत के आदेश के बाद ही साफ होगा।

  • सलमान खान की ऑनस्क्रीन बहन आकांक्षा मल्होत्रा का राज कपूर परिवार से खास रिश्ता, रणबीर-करीना-करिश्मा से है नाता

    सलमान खान की ऑनस्क्रीन बहन आकांक्षा मल्होत्रा का राज कपूर परिवार से खास रिश्ता, रणबीर-करीना-करिश्मा से है नाता


    नई दिल्ली ।
    सलमान खान और अरबाज खान की फिल्म ‘गर्व: प्राइड एंड ऑनर’ साल 2004 में रिलीज हुई थी। फिल्म की कहानी एक ईमानदार पुलिस ऑफिसर की थी, जिसे झूठे मामलों में फंसाया जाता है। फिल्म में सलमान खान ने ACP अर्जुन राणावत का किरदार निभाया था। वहीं, एक्ट्रेस आकांक्षा मल्होत्रा ने उनकी मुंह बोली बहन राखी दीक्षित की भूमिका निभाई थी। कम ही लोग जानते हैं कि आकांक्षा मल्होत्रा का राज कपूर के परिवार से पारिवारिक रिश्ता है।

    सलमान खान की ऑनस्क्रीन बहन

    ‘गर्व’ में आकांक्षा मल्होत्रा ने राखी का किरदार निभाया था। फिल्म में जब सलमान के किरदार को कोर्ट में सजा सुनाई जाती है, तब स्लो मोशन में आकांक्षा के किरदार राखी की एंट्री दिखाई जाती है। राखी कोर्ट में पहुंचकर बयान देती है, जिसके बाद ACP अर्जुन राणावत की ईमानदारी की सच्चाई सामने आती है। फिल्म की कहानी के अंत में आकांक्षा के किरदार की अहम भूमिका रहती है।

    इस फिल्म को आकांक्षा के परिवार से भी खास कनेक्शन था। फिल्म को उनके पिता और गुजरे जमाने के अभिनेता प्रेम किशन ने प्रोड्यूस किया था। फिल्म का निर्देशन पुनीत इस्सर ने किया था, जो दुर्योधन के किरदार से भी पहचाने जाते हैं।

    प्रेम नाथ और राज कपूर का रिश्ता

    आकांक्षा मल्होत्रा के दादा प्रेम नाथ अपने दौर के मशहूर अभिनेता थे। उन्होंने कई फिल्मों में विलेन की भूमिकाएं निभाईं। फिल्म ‘बॉबी’ में उन्हें डिंपल कपाड़िया के पिता के किरदार में देखा गया था। प्रेम नाथ की बहन कृष्णा ने अभिनेता और फिल्मकार राज कपूर से शादी की थी। इस रिश्ते के कारण राज कपूर, प्रेम नाथ के जीजा लगते थे।

    प्रेम नाथ के बेटे प्रेम किशन ने भी फिल्मों में बतौर अभिनेता काम किया। उन्होंने 70 और 80 के दशक में ‘दुल्हन वो ही जो पिया मन भाए’, ‘जय विजय’ और ‘हमारे तुम्हारे’ जैसी फिल्मों में मुख्य भूमिकाएं निभाईं। हालांकि, बतौर अभिनेता वह अपने पिता जैसी पहचान नहीं बना सके। बाद में उन्होंने टीवी सीरियल और फिल्मों के निर्माण का काम शुरू किया।

    प्रेम किशन का परिवार

    प्रेम किशन के दो बच्चे हैं, बेटी आकांक्षा मल्होत्रा और बेटे पी. सिद्धार्थ मल्होत्रा। आकांक्षा ने ‘गर्व’ में सलमान खान की बहन का किरदार निभाया था। वहीं, पी. सिद्धार्थ मल्होत्रा फिल्म निर्देशन में सक्रिय हैं। उन्होंने करीना कपूर के साथ ‘वी आर फैमिली’ का निर्देशन किया था। इसके अलावा उन्होंने रानी मुखर्जी की ‘हिचकी’ और आमिर खान के बेटे जुनैद खान की फिल्म ‘महाराज’ का निर्देशन किया। हाल ही में नेटफ्लिक्स पर आई फिल्म ‘इक्का’ का निर्देशन भी सिद्धार्थ मल्होत्रा ने किया है। इसमें सनी देओल और अक्षय खन्ना मुख्य भूमिकाओं में हैं।

    राज कपूर परिवार से कनेक्शन

    प्रेम किशन की बुआ कृष्णा राज कपूर थीं। इसी पारिवारिक रिश्ते के चलते आकांक्षा मल्होत्रा और उनके भाई पी. सिद्धार्थ मल्होत्रा का कपूर परिवार से संबंध बनता है। इस रिश्ते के अनुसार रणबीर कपूर, करीना कपूर और करिश्मा कपूर उनके पारिवारिक रिश्ते में भाई-बहन लगते हैं। हालांकि, यह रिश्ता अब दूर का है।

    आकांक्षा मल्होत्रा अब फिल्मों से दूर हैं और अपनी निजी जिंदगी में व्यस्त हैं। वह अपने परिवार और दो बेटियों के साथ समय बिताती हैं। इस तरह सलमान खान की फिल्म में उनकी ऑनस्क्रीन बहन का किरदार निभाने वाली आकांक्षा का फिल्म इंडस्ट्री के कपूर परिवार से भी पुराना पारिवारिक संबंध रहा है।

  • OTT पर इन 7 फिल्मों के ट्विस्ट कर देंगे दिमाग सुन्न, IMDb पर शानदार रेटिंग के साथ हर कहानी में छिपा है बड़ा राज

    OTT पर इन 7 फिल्मों के ट्विस्ट कर देंगे दिमाग सुन्न, IMDb पर शानदार रेटिंग के साथ हर कहानी में छिपा है बड़ा राज

    नई दिल्ली। वीकेंड पर अगर आप कुछ ऐसा देखना चाहते हैं, जिसकी कहानी आखिरी तक आपको बांधे रखे और जिसके ट्विस्ट दिमाग घुमा दें, तो OTT पर मौजूद ये 7 साइकोलॉजिकल क्राइम थ्रिलर फिल्में आपके लिए बेहतर विकल्प हो सकती हैं। इन फिल्मों को IMDb पर भी अच्छी रेटिंग मिली है। इनमें अपराध, रहस्य, मानसिक उलझन और ऐसे मोड़ देखने को मिलते हैं, जो कहानी को लगातार दिलचस्प बनाए रखते हैं।

    फाइट क्लब

    IMDb रेटिंग: 8.8

    साल 1999 में रिलीज हुई ‘फाइट क्लब’ का निर्देशन डेविड फिंचर ने किया है। फिल्म की कहानी एक ऐसे शख्स के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपनी पूंजीवादी जीवनशैली से खुश नहीं है। उसे नींद नहीं आने की समस्या रहती है। इसी दौरान उसकी मुलाकात साबुन बेचने वाले एक शख्स से होती है और दोनों मिलकर अंडरग्राउंड फाइट क्लब की शुरुआत करते हैं। कहानी आगे बढ़ने के साथ कई ऐसे मोड़ आते हैं, जो दर्शकों को हैरान करते हैं।

    टैक्सी ड्राइवर

    IMDb रेटिंग: 8.2

    1976 में रिलीज हुई ‘टैक्सी ड्राइवर’ का निर्देशन मार्टिन स्कॉर्सेसे ने किया है। फिल्म की कहानी पूर्व नौसैनिक ट्रैविस के इर्द-गिर्द घूमती है, जो न्यूयॉर्क में टैक्सी ड्राइवर के तौर पर काम करता है। एक समय के बाद वह कम उम्र की एक प्रॉस्टिट्यूट को बचाने की कोशिश करने का फैसला करता है। इसके बाद कहानी अलग दिशा में आगे बढ़ती है और ट्रैविस के फैसले कई घटनाओं को जन्म देते हैं।

    बदला

    IMDb रेटिंग: 7.8

    2019 में रिलीज हुई ‘बदला’ में अमिताभ बच्चन और तापसी पन्नू मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म की कहानी नैना के इर्द-गिर्द घूमती है। नैना एक शादीशुदा महिला है, जिसका अर्जुन नाम के युवक के साथ अफेयर होता है। उसकी जिंदगी उस समय बदल जाती है, जब उस पर अर्जुन की हत्या का आरोप लगता है। अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए नैना, बादल गुप्ता की मदद लेती है। इसके बाद सामने आने वाले रहस्य कहानी को लगातार उलझाते जाते हैं।

    फॉरगॉटन

    IMDb रेटिंग: 7.4

    2017 में रिलीज हुई ‘फॉरगॉटन’ की कहानी जिन-सियोक और उसके भाई की किडनैपिंग के इर्द-गिर्द घूमती है। जिन-सियोक एक नए घर में रहने आता है। वहां उसका भाई किडनैप हो जाता है। 19 दिन बाद जब उसका भाई वापस लौटता है, तो उसे पिछली घटनाओं के बारे में कुछ भी याद नहीं रहता। इसके बाद जिन सच का पता लगाने के मिशन पर निकलता है। फिल्म का निर्देशन जंग हैंग-जून ने किया है।

    मारीसन

    IMDb रेटिंग: 7.4

    ‘मारीसन’ 2025 में रिलीज हुई तमिल भाषा की क्राइम थ्रिलर फिल्म है। कहानी एक शातिर चोर से शुरू होती है, जो एक घर में चोरी करने पहुंचता है। वहां उसे एक बूढ़ा व्यक्ति बंधा हुआ मिलता है। वह व्यक्ति दावा करता है कि घर उसी का है और अगर चोर उसे वहां से छुड़ाकर ले जाए तो वह उसे एटीएम से पैसे निकालकर देगा। चोर उसकी बातों में आ जाता है और दोनों एक यात्रा पर निकलते हैं। इस यात्रा के दौरान होने वाली घटनाएं कहानी को कई अप्रत्याशित मोड़ देती हैं।

    कांथा

    IMDb रेटिंग: 7.2

    ‘कांथा’ का निर्देशन सेल्वमणि सेल्वराज ने किया है। यह तमिल भाषा की फिल्म है, जिसकी कहानी 1950 के मद्रास की पृष्ठभूमि में रखी गई है। फिल्म की कहानी आर्या नाम के एक दिग्गज निर्देशक और उसकी फिल्म के अभिनेता टी. के. महादेवन के बीच दुश्मनी के इर्द-गिर्द घूमती है।

    द कॉल

    IMDb रेटिंग: 7.1

    2020 में रिलीज हुई ‘द कॉल’ का निर्देशन ली चुंग-ह्योन ने किया है। फिल्म की कहानी एक ऐसे घर में घटती है, जहां वर्तमान समय में एक लड़की को फोन आता है। फोन पर दूसरी लड़की बताती है कि उसे टॉर्चर किया जा रहा है। मामले की जांच आगे बढ़ने पर पता चलता है कि फोन उसी घर से आ रहा है, लेकिन यह कॉल साल 1999 से की जा रही है। इसके बाद कहानी रहस्य और घटनाओं के ऐसे सिलसिले में बदल जाती है, जो दर्शकों को अंत तक बांधे रखता है।

  • लता मंगेशकर के ‘थोड़ा रेशम लगता है’ की धुन पर बना अमेरिकी गाना हुआ हिट, कॉपीराइट विवाद में करोड़ों का दावा

    लता मंगेशकर के ‘थोड़ा रेशम लगता है’ की धुन पर बना अमेरिकी गाना हुआ हिट, कॉपीराइट विवाद में करोड़ों का दावा

    नई दिल्ली । लता मंगेशकर ने अपने करियर में कई ऐसे आईकॉनिक गाने दिए हैं, जिन्हें आज भी लोग पसंद करते हैं। उनके गानों की लोकप्रियता सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रही, बल्कि विदेशों में भी उनके संगीत को पसंद किया गया। इसी कड़ी में साल 1981 की फिल्म ‘ज्योति’ का सुपरहिट गाना “थोड़ा रेशम लगता है” भी अंतरराष्ट्रीय संगीत विवाद से जुड़ा।

    यह गाना लता मंगेशकर की आवाज में रिकॉर्ड किया गया था। इसका संगीत दिग्गज संगीतकार बप्पी लाहिड़ी ने तैयार किया था और इसे अरुणा ईरानी पर फिल्माया गया था। अपनी धुन और संगीत के कारण यह गाना उस दौर में काफी लोकप्रिय हुआ और आज भी इसे याद किया जाता है।

    मामला तब चर्चा में आया, जब अमेरिकी रैपर और प्रोड्यूसर DJ Quik ने इस गाने के संगीत और बीट्स का इस्तेमाल एक अमेरिकी गाने में किया। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने अमेरिकी सिंगर Truth Hurts के लिए “Addictive” नाम का गाना तैयार किया था। इस गाने में “थोड़ा रेशम लगता है” की धुन और संगीत के हिस्सों का इस्तेमाल किया गया था।

    “Addictive” गाना अमेरिका में काफी लोकप्रिय हुआ और बिलबोर्ड चार्ट के टॉप 10 में जगह बनाने में सफल रहा। यह गाना चार्ट पर नौवें स्थान तक पहुंचा था। हालांकि, इस गाने के निर्माण में भारतीय गाने के इस्तेमाल को लेकर अनुमति नहीं लिए जाने का विवाद बाद में सामने आया।

    जब भारतीय म्यूजिक कंपनी को इस मामले की जानकारी मिली, तो अमेरिकी म्यूजिक लेबल से जुड़े पक्षों के खिलाफ कॉपीराइट को लेकर कानूनी कार्रवाई की गई। मामले में 500 मिलियन डॉलर यानी करीब 4,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के हर्जाने का दावा किए जाने की बात सामने आई। इसके साथ ही गाने की बिक्री और आगे होने वाली बिक्री पर रोक लगाने की मांग भी की गई थी।

    इस विवाद ने भारतीय संगीत की अंतरराष्ट्रीय पहुंच और कॉपीराइट अधिकारों को लेकर भी चर्चा बढ़ा दी। लता मंगेशकर की आवाज में रिकॉर्ड किया गया “थोड़ा रेशम लगता है” भारत में पहले ही लोकप्रिय था, लेकिन उसके संगीत के विदेशी इस्तेमाल के बाद यह गाना एक अलग वजह से भी सुर्खियों में आ गया।

    दिलचस्प बात यह है कि इस धुन से जुड़ा संगीत बाद में भारत में भी दोबारा इस्तेमाल किया गया। अमेरिकी गाने के बाद संगीतकार हैरी आनंद ने इसी विदेशी धुन और स्टाइल से प्रेरित होकर “कलियों का चमन” तैयार किया। यह गाना भी भारत में काफी लोकप्रिय हुआ।

    इस तरह 1981 में रिलीज हुई फिल्म ‘ज्योति’ का “थोड़ा रेशम लगता है” कई दशक बाद अंतरराष्ट्रीय संगीत विवाद का हिस्सा बना। लता मंगेशकर की आवाज में रिकॉर्ड इस गाने की धुन का इस्तेमाल अमेरिकी गाने में किया गया, जिसके बाद कॉपीराइट को लेकर बड़ा कानूनी विवाद खड़ा हुआ। गाने की लोकप्रियता और उससे जुड़े विवाद ने इसे भारतीय संगीत के उन चर्चित उदाहरणों में शामिल कर दिया, जिनकी गूंज देश से बाहर तक पहुंची।