Category: Entertainment

  • मनोज बाजपेयी ने महाराष्ट्र FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे की ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा की तारीफ कर समाज पर सवाल उठाए

    मनोज बाजपेयी ने महाराष्ट्र FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे की ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा की तारीफ कर समाज पर सवाल उठाए

    नई दिल्ली । मनोज बाजपेयी ने तुकाराम मुंढे के काम की तारीफ करते हुए कहा कि आज के दौर में पूरी ईमानदारी और लगन से अपनी जिम्मेदारी निभाने वाला व्यक्ति भी लोगों के लिए असाधारण बन जाता है। उन्होंने कहा कि किसी अधिकारी का अपने कर्तव्य को निष्ठा से निभाना अब लोगों को इतना प्रभावित करता है कि वह व्यक्ति चर्चा में आकर सेलिब्रिटी जैसा बन जाता है।

    महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन के प्रमुख तुकाराम मुंढे इन दिनों अपने काम करने के तरीके और सख्त रवैये को लेकर चर्चा में हैं। खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता से जुड़े मामलों में उनकी सक्रियता की वजह से उन्हें लेकर लोगों के बीच काफी चर्चा देखने को मिल रही है। उनके काम की सराहना करने वालों में अब अभिनेता मनोज बाजपेयी का नाम भी जुड़ गया है।

    मनोज बाजपेयी ने कहा कि समाज में ईमानदारी और निष्ठा से काम करने वाले लोगों को देखकर लोगों का हैरान होना अपने आप में सोचने वाली बात है। उनके मुताबिक जब किसी अधिकारी को एक जिम्मेदारी सौंपी जाती है और वह व्यक्ति बिना किसी समझौते के अपना काम करता है, तो आज के समय में उसका इस तरह चर्चा में आना समाज की बदलती सोच को भी दिखाता है।

    अभिनेता ने उदाहरण देते हुए कहा कि पुलिस अधिकारी या तुकाराम मुंढे जैसे अधिकारी जब अपनी जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी से निभाते हैं, तो लोग उन्हें अलग नजर से देखने लगते हैं। उनका मानना है कि कर्तव्य के प्रति निष्ठा सामान्य व्यवस्था का हिस्सा होनी चाहिए, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में यही बात लोगों को असाधारण लगने लगी है।

    तुकाराम मुंढे को लेकर सोशल मीडिया और आम लोगों के बीच भी लगातार चर्चा रही है। उनके सख्त प्रशासनिक रवैये और काम के प्रति गंभीरता को लेकर उन्हें रियल लाइफ हीरो तक कहा जा रहा है। मनोज बाजपेयी की टिप्पणी इसी चर्चा के बीच सामने आई है और इससे अधिकारी की कार्यशैली को लेकर जारी सार्वजनिक बहस को और बल मिला है।

    वहीं मनोज बाजपेयी इन दिनों अपनी आगामी फिल्म लास्ट मैन इन टावर को लेकर भी चर्चा में हैं। फिल्म का निर्देशन बेन रेखी ने किया है और इसमें मनोज बाजपेयी के साथ दिव्या दत्ता और बोमन ईरानी जैसे कलाकार नजर आएंगे। यह फिल्म लेखक अरविंद अडिगा के इसी नाम के उपन्यास पर आधारित है।

    फिल्म में मनोज बाजपेयी एक सेवानिवृत्त स्कूल शिक्षक का किरदार निभा रहे हैं, जिसे मास्टरजी के नाम से जाना जाता है। कहानी एक ऐसी इमारत के निवासियों के इर्द-गिर्द घूमती है, जहां एक बड़े बदलाव को लेकर लोगों के बीच मतभेद पैदा हो जाते हैं। मनोज बाजपेयी का किरदार अपनी कम्युनिटी की इच्छा के विपरीत फैसला लेता है, जिसके बाद इमारत में रहने वाले लोगों के बीच तनाव बढ़ता है।

    लास्ट मैन इन टावर 11 सितंबर को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। फिल्म को लेकर मनोज बाजपेयी के प्रशंसकों के बीच भी उत्सुकता बनी हुई है। अभिनेता इससे पहले कई अलग-अलग तरह के किरदारों में नजर आ चुके हैं और अपनी अभिनय क्षमता के लिए लंबे समय से दर्शकों के बीच पहचान रखते हैं।

    तुकाराम मुंढे की कार्यशैली पर मनोज बाजपेयी की टिप्पणी ने एक बार फिर इस सवाल को चर्चा में ला दिया है कि क्या आज के समय में ईमानदारी और जिम्मेदारी से काम करना ही किसी अधिकारी को आम लोगों की नजर में खास बना देता है। उनके बयान का केंद्र यही विचार रहा कि अपने कर्तव्य को पूरी निष्ठा से निभाना किसी भी जिम्मेदार अधिकारी की सबसे बड़ी पहचान होनी चाहिए।

  • मिर्जापुर द मूवी में रवि किशन का दिखा दबदबा, बब्बन बबुआ बनकर गुड्डू-मुन्ना पर भारी पड़े अभिनेता

    मिर्जापुर द मूवी में रवि किशन का दिखा दबदबा, बब्बन बबुआ बनकर गुड्डू-मुन्ना पर भारी पड़े अभिनेता


    नई दिल्ली । मिर्जापुर की गद्दी की लड़ाई एक बार फिर बड़े पर्दे पर पहुंच चुकी है और इस बार इस जंग में रवि किशन ने ऐसी एंट्री मारी है जिसने पूरी कहानी का रंग ही बदल दिया है। 4 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई मिर्जापुर द मूवी में रवि किशन बब्बन बबुआ के किरदार में नजर आ रहे हैं। फिल्म में उनका अंदाज इतना दमदार है कि कई मौकों पर गुड्डू पंडित और मुन्ना भैया जैसे पुराने और चर्चित किरदार भी उनके सामने कमजोर पड़ते दिखाई देते हैं। फिल्म की शुरुआती प्रतिक्रियाओं में भी रवि किशन के अभिनय को खास तौर पर सराहा जा रहा है।

    मिर्जापुर की दुनिया में अब तक कालीन भैया गुड्डू पंडित और मुन्ना भैया के बीच सत्ता और वर्चस्व की लड़ाई देखने को मिली है लेकिन फिल्म इस कहानी में एक नया खिलाड़ी लेकर आती है। बब्बन बबुआ यानी रवि किशन की नजर मिर्जापुर की गद्दी पर है और वह कालीन भैया को रास्ते से हटाकर खुद इस सत्ता का मालिक बनना चाहता है। उसका किरदार शुरुआत से ही आक्रामक तेवर और दबदबे के साथ सामने आता है। कहानी में वह एक कारोबारी डील के बहाने कालीन भैया के करीब पहुंचता है लेकिन उसके इरादे कुछ और ही होते हैं।

    रवि किशन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि उन्होंने बब्बन बबुआ को सिर्फ एक आम विलेन की तरह पेश नहीं किया है। उनके हावभाव संवाद बोलने का अंदाज और पर्दे पर मौजूदगी किरदार को अलग पहचान देते हैं। एक्शन दृश्यों में उनका बाहुबल नजर आता है तो भावनात्मक दृश्यों में भी उन्होंने अपनी पकड़ बनाए रखी है। यही वजह है कि फिल्म में उन्हें अच्छा खासा स्क्रीन टाइम मिला है और कई दर्शकों के लिए वह फिल्म का सबसे बड़ा सरप्राइज पैकेज बनकर उभरे हैं।

    फिल्म के क्लाइमैक्स में रवि किशन का किरदार और भी ज्यादा प्रभावशाली नजर आता है। बब्बन बबुआ जिस अंदाज में गुड्डू पंडित और मुन्ना भैया से भिड़ता है वह दृश्य फिल्म के चर्चित हिस्सों में शामिल हो गया है। पर्दे पर उनका रौब और आक्रामकता देखकर दर्शकों के बीच सीटी और तालियों का माहौल बनने की बात सामने आई है। इस तरह रवि किशन ने एक बार फिर साबित किया है कि मजबूत स्क्रीन प्रेजेंस वाला अभिनेता छोटे या बड़े किसी भी किरदार को यादगार बना सकता है।

    हालांकि फिल्म में सिर्फ रवि किशन ही आकर्षण का केंद्र नहीं हैं। पंकज त्रिपाठी एक बार फिर कालीन भैया के रूप में अपने पुराने दबदबे के साथ लौटे हैं। अली फजल गुड्डू पंडित और दिव्येंदु शर्मा मुन्ना भैया के चर्चित किरदारों में फिर दिखाई दे रहे हैं। फिल्म की कहानी में पुराने चेहरों के साथ नए किरदारों का मेल देखने को मिलता है जिससे मिर्जापुर की दुनिया और ज्यादा विस्तृत होती नजर आती है।

    फिल्म का निर्देशन गुरमीत सिंह ने किया है और कहानी व लेखन की जिम्मेदारी पुनीत कृष्णा ने संभाली है। फिल्म की कहानी मिर्जापुर सीरीज की टाइमलाइन से जुड़ी है और इसी वजह से दर्शकों को कई ऐसे किरदार फिर पर्दे पर नजर आते हैं जिन्हें आगे की कहानी में अलग परिस्थितियों में देखा गया था। मिर्जापुर द मूवी में रवि किशन की बब्बन बबुआ के रूप में एंट्री ने सत्ता की इस पुरानी लड़ाई में एक नया कोण जोड़ दिया है।

    कुल मिलाकर मिर्जापुर द मूवी में रवि किशन ने बब्बन बबुआ के किरदार के जरिए अपना अलग भौकाल खड़ा किया है। फिल्म में जहां पुराने किरदारों की वापसी दर्शकों को रोमांचित करती है वहीं रवि किशन की दमदार मौजूदगी कहानी में नया तनाव और उत्साह पैदा करती है। बब्बन बबुआ का किरदार कितना ताकतवर है यह फिल्म देखने के बाद साफ महसूस होता है लेकिन इतना जरूर है कि इस बार मिर्जापुर की गद्दी की लड़ाई में रवि किशन ने अपनी जबरदस्त मौजूदगी दर्ज करा दी है।

  • तलाक के बाद भी एक्स वाइव्स के करीब हैं आमिर खान, दोस्त बोला- वह खुद कहते हैं मैं अच्छा पति नहीं, बेहतर एक्स हसबैंड हूं

    तलाक के बाद भी एक्स वाइव्स के करीब हैं आमिर खान, दोस्त बोला- वह खुद कहते हैं मैं अच्छा पति नहीं, बेहतर एक्स हसबैंड हूं


    नई दिल्ली । बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान अपनी फिल्मों के साथ साथ अपनी निजी जिंदगी को लेकर भी अक्सर चर्चा में रहते हैं। आमिर की जिंदगी में रिश्तों ने कई उतार चढ़ाव देखे हैं और उनकी दो शादियां टूट चुकी हैं लेकिन खास बात यह है कि इन रिश्तों के खत्म होने के बाद भी उनके बीच कड़वाहट ने जगह नहीं बनाई। आमिर खान के करीबी दोस्त और फिल्म लगान में बाघा का किरदार निभाने वाले अभिनेता अमीन हाजी ने उनकी निजी जिंदगी से जुड़े कई दिलचस्प पहलुओं का खुलासा किया है। अमीन के मुताबिक आमिर खान खुद मजाक में कहते हैं कि वह पति से ज्यादा अच्छे एक्स हसबैंड हैं।

    अमीन हाजी ने एक बातचीत के दौरान बताया कि आमिर खान ने तलाक के बाद भी अपनी दोनों एक्स वाइव्स रीना दत्ता और किरण राव के साथ रिश्ते खराब नहीं होने दिए। उनके अनुसार आमिर और उनकी पूर्व पत्नियों के बीच आज भी सच्चा प्यार सम्मान और एक दूसरे की भावनाओं की कद्र मौजूद है। यही वजह है कि अलग होने के बाद भी वे कई मौकों पर परिवार के रूप में साथ नजर आते रहे हैं। अमीन और उनकी पत्नी शार्लेट ने आमिर की पर्सनल लाइफ पर बात करते हुए कहा कि रिश्ते खत्म होने के बाद भी उनमें सम्मान बनाए रखना हर किसी के लिए आसान नहीं होता लेकिन आमिर ने इसे बेहद सहज तरीके से संभाला है।

    अमीन हाजी ने बताया कि आमिर खान अपनी एक्स वाइव्स की निजी पसंद और उनकी अलग पहचान का भी पूरा सम्मान करते हैं। रीना दत्ता आज भी अपनी पहचान के साथ जीती हैं और आमिर ने हमेशा उनके फैसलों की इज्जत की है। दोस्त के मुताबिक आमिर मानते हैं कि शादी खत्म होने का मतलब यह नहीं है कि दो लोगों के बीच सम्मान और अपनापन भी खत्म हो जाए। शायद यही सोच उनके रिश्तों को बाकी सेलिब्रिटी तलाक से अलग बनाती है।

    आमिर खान की पहली शादी रीना दत्ता के साथ साल 1986 में हुई थी। फिल्मों में बड़ी पहचान बनाने से पहले ही दोनों ने प्रेम विवाह किया था। इस रिश्ते से उनके दो बच्चे जुनैद खान और आयरा खान हैं। हालांकि करीब 16 साल बाद साल 2002 में दोनों अलग हो गए लेकिन बच्चों और परिवार के लिए दोनों के बीच रिश्ता हमेशा सहज बना रहा। इसके बाद आमिर खान ने फिल्ममेकर किरण राव से साल 2005 में शादी की। दोनों का एक बेटा आजाद है। साल 2021 में आमिर और किरण ने अलग होने का फैसला किया लेकिन तलाक के बाद भी दोनों की दोस्ती और पारिवारिक बॉन्डिंग चर्चा में रही।

    आमिर खान की जिंदगी में रिश्तों का एक नया अध्याय भी जुड़ चुका है। इसी साल जुलाई में उन्होंने गौरी स्प्रैट के साथ रजिस्टर्ड मैरिज की थी। इस शादी में उनके करीबी दोस्त और फिल्म जगत से जुड़े कुछ खास लोग शामिल हुए थे जिनमें अमीन हाजी भी मौजूद थे। आमिर की पर्सनल लाइफ को करीब से जानने वाले लोगों का मानना है कि वह रिश्तों को खत्म करने के बजाय उन्हें नई समझ और सम्मान के साथ आगे बढ़ाने में विश्वास रखते हैं।

    दो शादियों के टूटने के बावजूद रीना दत्ता और किरण राव के साथ आमिर खान का मजबूत रिश्ता यह दिखाता है कि अलगाव के बाद भी रिश्तों में सम्मान और अपनापन बरकरार रखा जा सकता है। शायद इसी वजह से अमीन हाजी की यह बात सबसे ज्यादा चर्चा में है कि आमिर खुद को पति से ज्यादा अच्छा एक्स हसबैंड मानते हैं। आमिर की जिंदगी की यही सोच अब उनके फैंस के बीच भी खूब सुर्खियां बटोर रही है।

  • संघर्ष से सुपरस्टार तक पंकज त्रिपाठी की कहानी: काम मांगने के लिए कहते थे ईश्वर ने भेजा है, निभाया लड़की का किरदार

    संघर्ष से सुपरस्टार तक पंकज त्रिपाठी की कहानी: काम मांगने के लिए कहते थे ईश्वर ने भेजा है, निभाया लड़की का किरदार


    नई दिल्ली । पंकज त्रिपाठी आज हिंदी सिनेमा के उन चुनिंदा अभिनेताओं में शामिल हैं जिनका नाम सुनते ही दर्शकों को एक बेहतरीन अभिनय की उम्मीद होने लगती है। फिल्मों से लेकर वेब सीरीज तक अपने सहज और दमदार अभिनय से अलग पहचान बनाने वाले पंकज त्रिपाठी ने सफलता के इस मुकाम तक पहुंचने के लिए लंबा और मुश्किल सफर तय किया है। आज उनके 50वें जन्मदिन पर उनकी जिंदगी की कहानी एक बार फिर यह साबित करती है कि अगर मेहनत और धैर्य का साथ न छोड़ा जाए तो संघर्षों की सबसे कठिन राह भी सफलता तक पहुंचा सकती है।

    5 सितंबर 1976 को जन्मे पंकज त्रिपाठी का बचपन गांव के माहौल में बीता। उनके पिता किसान होने के साथ पुजारी भी थे और बचपन में पंकज पढ़ाई के अलावा पिता के साथ खेतों में हाथ भी बंटाते थे। हालांकि उनके मन में शुरू से ही अभिनय के प्रति गहरी रुचि थी। गांव में त्योहारों के दौरान होने वाले स्थानीय नाटकों में उन्हें अभिनय करने का मौका मिलता था। उस दौर में वह कई बार लड़की का किरदार भी निभाते थे। शायद तब किसी ने नहीं सोचा होगा कि गांव के मंच पर अभिनय करने वाला यह बच्चा एक दिन हिंदी सिनेमा का इतना बड़ा और भरोसेमंद नाम बन जाएगा।

    हाई स्कूल तक गांव में पढ़ाई करने के बाद पंकज त्रिपाठी पटना पहुंचे। वहां उन्होंने होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई की लेकिन अभिनय का सपना लगातार उनके भीतर जिंदा रहा। कई वर्षों तक पटना में रहने के बाद उन्होंने दिल्ली का रुख किया और नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में दाखिला लिया। साल 2004 में पढ़ाई पूरी करने के बाद उनका सफर मुंबई पहुंचा जहां सपनों की दुनिया में कदम रखना आसान था लेकिन अपनी पहचान बनाना बेहद मुश्किल।

    पंकज त्रिपाठी ने अपने करियर की शुरुआत छोटे किरदारों से की। कन्नड़ फिल्म चिगुरिदा कनासु में छोटा रोल करने के बाद वह मुंबई पहुंचे लेकिन सालों तक उन्हें लगातार संघर्ष करना पड़ा। उन्होंने खुद बताया था कि 2004 से 2010 के बीच काम तो मिला लेकिन आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं हो सकी। वह काम की तलाश में मुंबई की सड़कों और प्रोडक्शन ऑफिसों के चक्कर लगाते थे और अभिनय का एक मौका पाने के लिए लगातार कोशिश करते रहे।

    उनके काम मांगने का तरीका भी बेहद अलग था। जब ऑफिस के बाहर गार्ड पूछता कि उन्हें किसने बुलाया है तो वह कहते थे कि ईश्वर जी ने भेजा है। अंदर जाकर कास्टिंग से जुड़े लोग भी यही सवाल करते तो पंकज फिर वही जवाब देते और ऊपर की ओर इशारा कर देते। उनकी यह बात कई लोगों को हंसाती थी तो कुछ लोग नाराज भी हो जाते थे लेकिन पंकज का विश्वास और कोशिश कभी नहीं रुकी।

    इस संघर्ष के दौर में उनकी पत्नी मृदुला ने उनका सबसे मजबूत सहारा बनकर साथ दिया। वह स्कूल में पढ़ाती थीं और परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों को संभालती थीं। पंकज त्रिपाठी कई बार स्वीकार कर चुके हैं कि पत्नी का साथ नहीं मिलता तो शायद उनका सफर इतना आसान नहीं होता। उन्होंने अपने कठिन दिनों को केवल संघर्ष नहीं बल्कि खुद को कला के लिए तैयार करने का समय बताया।

    साल 2004 में फिल्म रन में काम करने के बाद भी उन्हें तुरंत पहचान नहीं मिली। कई वर्षों तक वह छोटे किरदारों में नजर आए और गैंगस्टर तथा विलेन जैसे रोल करते रहे। बंटी और बबली, अपहरण, ओमकारा, शौर्य, रावण, आक्रोश, चिल्लर पार्टी और अग्निपथ जैसी फिल्मों में छोटे किरदारों के जरिए उन्होंने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।

    फिर साल 2012 में गैंग्स ऑफ वासेपुर ने उनकी जिंदगी और करियर की दिशा बदल दी। इसके बाद पंकज त्रिपाठी ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। बरेली की बर्फी, फुकरे रिटर्न्स, न्यूटन और कई अन्य फिल्मों के साथ वेब सीरीज की दुनिया में भी उन्होंने अपनी जबरदस्त पहचान बनाई। आज उनकी कहानी सिर्फ एक अभिनेता की सफलता नहीं बल्कि हर उस इंसान के लिए प्रेरणा है जो मुश्किल हालात में भी अपने सपनों को जिंदा रखता है।

  • बिग बॉस 20 में सलमान का मेगा धमाका, 20 सुपरहिट गानों पर दिखाएंगे खास डांस मूव्स, जानिए प्रीमियर में क्या होगा खास

    बिग बॉस 20 में सलमान का मेगा धमाका, 20 सुपरहिट गानों पर दिखाएंगे खास डांस मूव्स, जानिए प्रीमियर में क्या होगा खास


    नई दिल्ली । टेलीविजन के सबसे चर्चित और विवादित रियलिटी शो बिग बॉस का नया सीजन शुरू होने से पहले ही दर्शकों के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। बिग बॉस 20 का ग्रैंड प्रीमियर 6 सितंबर को होने जा रहा है और इस बार शो की शुरुआत बेहद खास अंदाज में करने की तैयारी है। शो के होस्ट सलमान खान अपने फैंस के लिए एक शानदार परफॉर्मेंस लेकर मंच पर उतरेंगे जिसमें उनके फिल्मी करियर के कई यादगार पलों की झलक देखने को मिल सकती है। खबरों के मुताबिक सलमान खान अपने 20 आइकॉनिक गानों पर 20 यादगार डांस मूव्स करते नजर आएंगे जिससे प्रीमियर की शाम और भी रंगीन और धमाकेदार बनने वाली है।

    सलमान खान लंबे समय से बिग बॉस की पहचान का अहम हिस्सा रहे हैं और उनकी एंट्री से लेकर वीकेंड के एपिसोड तक दर्शकों में अलग ही उत्सुकता रहती है। अब बिग बॉस 20 के ग्रैंड प्रीमियर में उनका यह खास डांस परफॉर्मेंस फैंस के लिए किसी बड़े सरप्राइज से कम नहीं होगा। सलमान के पुराने और सुपरहिट गानों के साथ उनके मशहूर डांस स्टेप्स को एक ही मंच पर देखने का मौका दर्शकों को मिलने वाला है। माना जा रहा है कि यह प्रस्तुति सलमान के लंबे फिल्मी सफर और उनके फैंस के बीच बने मजबूत जुड़ाव की भी खास झलक पेश करेगी।

    बिग बॉस के हर नए सीजन के साथ सबसे बड़ा सवाल कंटेस्टेंट्स को लेकर रहता है और इस बार भी कई चर्चित नामों की एंट्री की अटकलें तेज हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार कुशल तंवर उर्फ गुल्लू खुशी दुबे रैपर शेंटी शर्मा ईशा रिखी आम्रपाली दुबे कनिका मान सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर आरिश्फा खान मैरी कॉम अमन गांधी काजी तौकीर गीता बसरा और शोविक चक्रवर्ती जैसे नाम चर्चा में हैं। हालांकि शो में कौन कौन शामिल होगा इसकी पूरी तस्वीर ग्रैंड प्रीमियर के दौरान ही साफ होगी।

    नए सीजन को लेकर दर्शकों की उम्मीदें भी काफी बढ़ गई हैं क्योंकि बिग बॉस सिर्फ कंटेस्टेंट्स की एंट्री तक सीमित नहीं रहता बल्कि यहां दोस्ती दुश्मनी टास्क बहस और कई चौंकाने वाले ट्विस्ट पूरे सीजन को चर्चा में बनाए रखते हैं। ऐसे में बिग बॉस 20 में भी दर्शकों को नए चेहरों के साथ अलग रणनीतियां और कई दिलचस्प मुकाबले देखने को मिल सकते हैं।

    इस बार ग्रैंड प्रीमियर में सलमान खान की खास परफॉर्मेंस को लेकर फैंस पहले से ही उत्साहित हैं। 20 आइकॉनिक गानों और 20 यादगार डांस मूव्स का यह कॉन्सेप्ट प्रीमियर को और भव्य बनाने वाला है। सलमान के हिट गानों के साथ मंच पर होने वाला यह खास सेलिब्रेशन दर्शकों को उनके पुराने फिल्मी अंदाज की याद भी दिला सकता है।

    बिग बॉस 20 का ग्रैंड प्रीमियर 6 सितंबर को रात 9 बजे जियो हॉटस्टार पर देखा जा सकेगा जबकि इसका टेलीविजन प्रसारण रात 10 बजकर 30 मिनट पर कलर्स चैनल पर होगा। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि सलमान खान अपने खास डांस परफॉर्मेंस के अलावा दर्शकों के लिए और कौन से सरप्राइज लेकर आते हैं और कौन से नए चेहरे बिग बॉस के घर में कदम रखते हैं। इतना तय है कि सलमान के धमाकेदार अंदाज के साथ बिग बॉस 20 की शुरुआत इस बार दर्शकों के लिए मनोरंजन का बड़ा पैकेज बनने वाली है।

  • शर्मिला टैगोर की टिप्पणी पर मुकेश खन्ना की प्रतिक्रिया, वंदे मातरम को लेकर धार्मिक स्वीकार्यता के तर्क पर जताई असहमति

    शर्मिला टैगोर की टिप्पणी पर मुकेश खन्ना की प्रतिक्रिया, वंदे मातरम को लेकर धार्मिक स्वीकार्यता के तर्क पर जताई असहमति

    नई दिल्ली ।वंदे मातरम को लेकर जारी बहस के बीच अभिनेता मुकेश खन्ना ने अभिनेत्री शर्मिला टैगोर के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कई सवाल उठाए हैं। खन्ना ने कहा कि दूसरे धर्मों से जुड़ी चिंताओं के आधार पर वंदे मातरम को देखने का नजरिया प्रभावित नहीं होना चाहिए। उन्होंने इस मुद्दे को धर्म, आस्था और राष्ट्र सम्मान से जोड़ते हुए अपनी स्पष्ट राय रखी।

    शर्मिला टैगोर ने वंदे मातरम को लेकर अपनी बात रखते हुए कहा था कि कुछ अन्य धर्मों के लोगों के लिए इसके धार्मिक संदर्भों को स्वीकार करना कठिन हो सकता है। इसी टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए मुकेश खन्ना ने कहा कि वह उनकी व्यक्तिगत समझ या दृष्टिकोण हो सकता है, लेकिन उन्हें यह समझ नहीं आता कि दूसरे धर्मों की चिंताओं को इस गीत के संदर्भ में प्रमुखता क्यों दी जानी चाहिए।

    खन्ना ने शर्मिला टैगोर की पारिवारिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि का भी उल्लेख किया। उन्होंने उनके पटौदी परिवार में विवाह और इस्लामी पहचान से जुड़े संदर्भों को सामने रखते हुए सवाल किया कि लंबे समय तक भारतीय और बंगाली सांस्कृतिक परिवेश में रहने के बाद अब वंदे मातरम को लेकर दूसरे धर्मों की स्वीकार्यता का मुद्दा क्यों उठाया जा रहा है।

    उन्होंने शर्मिला टैगोर के बंगाली परिवेश का भी जिक्र किया। खन्ना के अनुसार वह बंगाल में पली-बढ़ी हैं, जहां धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का सार्वजनिक जीवन में महत्वपूर्ण स्थान है। उन्होंने उनके बंगाली सिनेमा से जुड़े करियर का उल्लेख करते हुए पूछा कि वंदे मातरम के संदर्भ में धार्मिक स्वीकार्यता को लेकर यह चिंता अब क्यों सामने आ रही है।

    मुकेश खन्ना ने अपनी धार्मिक समझ बताते हुए कहा कि हिंदू परंपरा में ईश्वर को निराकार माना जाता है और अलग-अलग देवी-देवताओं के माध्यम से उसी परम सत्ता की आराधना की जाती है। उन्होंने हनुमान, शिव, राम और कृष्ण जैसे आराध्य रूपों का उदाहरण देते हुए अपनी बात रखी।

    उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोगों की धार्मिक मान्यता उन्हें केवल अपने ईश्वर के सामने झुकने की अनुमति देती है। खन्ना ने इस दृष्टिकोण को वंदे मातरम को लेकर उठने वाली आपत्तियों से जोड़कर अपनी असहमति जाहिर की।

    हालांकि, मुकेश खन्ना ने यह भी कहा कि किसी व्यक्ति को शारीरिक रूप से सिर झुकाने या किसी विशेष तरीके से सम्मान व्यक्त करने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। उनके अनुसार भारत माता के सामने सिर झुकाना उनकी अपनी आस्था और राष्ट्र के प्रति सम्मान का तरीका है, लेकिन किसी दूसरे व्यक्ति पर ऐसा करने के लिए दबाव नहीं होना चाहिए।

    खन्ना ने वंदे मातरम के गायन को लेकर भी सवाल उठाया। उनका कहना था कि किसी व्यक्ति का इसे नहीं गाना अलग बात है, लेकिन पूरे गीत के गायन पर ही आपत्ति जताना उनकी समझ से बाहर है। उन्होंने इस बहस को राजनीतिक दृष्टिकोण से भी जोड़ते हुए शर्मिला टैगोर की मंशा पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि कुछ लोग मुस्लिम समुदाय के समर्थन को ध्यान में रखकर अपनी स्थिति रखते हैं।

    वंदे मातरम भारत के स्वतंत्रता आंदोलन और राष्ट्रीय चेतना से लंबे समय से जुड़ा रहा है। इसी कारण इसके धार्मिक और सांस्कृतिक संदर्भों को लेकर समय-समय पर बहस होती रही है। मुकेश खन्ना की टिप्पणी ने इस पुराने मुद्दे को एक बार फिर मनोरंजन जगत के चर्चित चेहरों के बीच सार्वजनिक बहस का विषय बना दिया है।

  • ऋषि कपूर जयंती: बॉबी से अग्निपथ तक उनके ये यादगार किरदार आज भी दर्शकों के बीच खास पहचान रखते हैं

    ऋषि कपूर जयंती: बॉबी से अग्निपथ तक उनके ये यादगार किरदार आज भी दर्शकों के बीच खास पहचान रखते हैं

    नई दिल्ली ।हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता ऋषि कपूर की जयंती पर उनके शानदार फिल्मी सफर और यादगार किरदार एक बार फिर चर्चा में हैं। 4 सितंबर 1952 को मुंबई के चेंबूर में जन्मे ऋषि कपूर ने बेहद कम उम्र में कैमरे का सामना किया था। 1970 में आई फिल्म मेरा नाम जोकर में उन्होंने अपने पिता राज कपूर के बचपन की भूमिका निभाई थी।

    बतौर मुख्य अभिनेता ऋषि कपूर ने 1973 में फिल्म बॉबी से शुरुआत की। इस फिल्म में उन्होंने राजनाथ का किरदार निभाया था और डिंपल कपाड़िया उनके साथ मुख्य भूमिका में थीं। फिल्म की सफलता ने ऋषि कपूर को युवा दर्शकों के बीच लोकप्रिय बना दिया। उनकी मासूम प्रेमी वाली छवि लंबे समय तक हिंदी सिनेमा में उनकी पहचान बनी रही।

    इसके बाद 1976 में आई लैला मजनू में उन्होंने मजनू की भूमिका निभाकर रोमांटिक अभिनय का एक और प्रभावशाली उदाहरण पेश किया। प्रेम और विरह से जुड़े इस किरदार में उनकी भावनात्मक प्रस्तुति दर्शकों को पसंद आई और उनके करियर को मजबूती मिली।

    1977 की अमर अकबर एंथनी में ऋषि कपूर ने अकबर इलाहाबादी का किरदार निभाया। अमिताभ बच्चन और विनोद खन्ना के साथ वाली इस फिल्म में उनका अंदाज अलग था। नीतू सिंह के साथ उनकी जोड़ी को भी दर्शकों ने खूब पसंद किया।

    1982 में आई प्रेम रोग ऋषि कपूर के करियर की महत्वपूर्ण फिल्मों में शामिल रही। फिल्म में उन्होंने देवधर की भूमिका निभाई। सामाजिक विषय से जुड़ी इस कहानी में उनके अभिनय ने यह दिखाया कि वह केवल रोमांटिक भूमिकाओं तक सीमित अभिनेता नहीं थे।

    समय के साथ ऋषि कपूर ने अपनी छवि बदलने की कोशिश की। 2009 की लव आज कल में उन्होंने वीर सिंह का किरदार निभाया। फिल्म में उनका सरदार वाला रूप और उम्रदराज प्रेम कहानी का हिस्सा दर्शकों के सामने उनके अभिनय का अलग पक्ष लेकर आया।

    2012 की अग्निपथ में ऋषि कपूर ने राउफ लाला का नकारात्मक किरदार निभाया। यह उनके करियर के सबसे चर्चित बदलावों में से एक था। पर्दे पर पहली बार खलनायक की भूमिका में उनका अंदाज काफी प्रभावशाली रहा और उन्होंने साबित किया कि उम्र के साथ अभिनेता अपनी स्क्रीन पहचान को पूरी तरह बदल सकता है।

    2013 में डी-डे में उन्होंने इकबाल नामक माफिया डॉन का किरदार निभाया। इस भूमिका में उनका गंभीर और कठोर रूप देखने को मिला। इसके बाद 2016 की कपूर एंड संस में उन्होंने 90 वर्षीय दादा अमरजीत की भूमिका निभाई और अपने मेकअप तथा अभिनय से दर्शकों को प्रभावित किया।

    2018 में 102 नॉट आउट में उन्होंने 75 वर्षीय बेटे बाबूलाल की भूमिका निभाई, जबकि अमिताभ बच्चन उनके 102 वर्षीय पिता बने। इसी वर्ष मुल्क में मुराद अली मोहम्मद के रूप में ऋषि कपूर ने एक संवेदनशील और गंभीर किरदार निभाया।

    ऋषि कपूर का निधन 30 अप्रैल 2020 को हुआ, लेकिन उनके अभिनय की विविधता आज भी उन्हें हिंदी सिनेमा के यादगार कलाकारों में बनाए हुए है। उनकी जयंती पर उनके किरदार यह याद दिलाते हैं कि उन्होंने अपने करियर में लगातार अलग-अलग भूमिकाओं को अपनाकर अभिनय की व्यापक क्षमता दिखाई।

  • अरहान खान की पहली फिल्म की स्क्रिप्ट अंतिम चरण में, अनिरुद्ध अय्यर के निर्देशन में एक्शन हीरो के रूप में दिखेंगे

    अरहान खान की पहली फिल्म की स्क्रिप्ट अंतिम चरण में, अनिरुद्ध अय्यर के निर्देशन में एक्शन हीरो के रूप में दिखेंगे

    नई दिल्ली ।अरबाज खान और मलाइका अरोड़ा के बेटे अरहान खान जल्द ही बॉलीवुड में बतौर अभिनेता अपनी नई पारी शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं। लंबे समय से उनके फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखने को लेकर चर्चा होती रही है, लेकिन अब उनके संभावित डेब्यू प्रोजेक्ट को लेकर अहम जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि अरहान को एक बड़ी एक्शन फिल्म के जरिए बतौर हीरो लॉन्च किया जाएगा।

    अरहान खान को इससे पहले परिवार और दोस्तों के साथ कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में देखा गया है। हालांकि, अभिनय के क्षेत्र में उनकी औपचारिक शुरुआत अब तक नहीं हुई थी। नई जानकारी के अनुसार उनकी पहली फिल्म एक्शन आधारित होगी और इसमें वह मुख्य भूमिका निभाते नजर आ सकते हैं। फिल्म के निर्देशन की जिम्मेदारी अनिरुद्ध अय्यर के पास बताई जा रही है।

    अनिरुद्ध अय्यर इससे पहले एक्शन शैली की फिल्म का निर्देशन कर चुके हैं। अरहान की डेब्यू फिल्म की कहानी और पटकथा फिलहाल अंतिम चरण में होने की जानकारी है। ऐसे में फिल्म से जुड़े अन्य कलाकारों, शूटिंग शेड्यूल और रिलीज डेट को लेकर आधिकारिक स्तर पर विस्तृत जानकारी सामने आना अभी बाकी है।

    अरहान के फिल्मी करियर को लेकर उनके पिता अरबाज खान भी पहले अपनी बात रख चुके हैं। अरबाज का कहना रहा है कि अरहान के लिए उनके पास फिल्म की स्क्रिप्ट आ सकती है, लेकिन वह यह भी मानते हैं कि देश में कई फिल्म निर्माता नए चेहरों और प्रतिभाओं की तलाश कर रहे हैं। उन्होंने संकेत दिया था कि अगर किसी अन्य फिल्म निर्माता के पास अरहान के लिए उपयुक्त प्रस्ताव आता है तो वह उस पर भी विचार कर सकते हैं।

    अरबाज ने यह भी स्पष्ट किया था कि अगर उनके पास अरहान के लिए कोई उपयुक्त प्रोजेक्ट आता है तो वह उसे जरूर प्रस्तावित करेंगे, लेकिन अंतिम फैसला अरहान को खुद लेने देंगे। इससे यह संकेत मिलता है कि उनके करियर को लेकर परिवार की ओर से अवसर उपलब्ध कराने के साथ उनकी अपनी पसंद को भी महत्व दिया जाएगा।

    अभिनय में कदम रखने से पहले अरहान डिजिटल माध्यम पर भी अपनी पहचान बनाने की कोशिश कर चुके हैं। उन्होंने अपने दोस्तों देव और आरुष के साथ पॉडकास्ट शुरू किया था, जिसका नाम दम बिरयानी रखा गया। इस पॉडकास्ट में परिवार से जुड़े लोगों की मौजूदगी भी देखने को मिली थी। इसके जरिए अरहान को कैमरे के सामने बातचीत और प्रस्तुति का अनुभव मिला।

    अरहान का फिल्मी बैकग्राउंड भी उनके डेब्यू को चर्चा में बनाए हुए है। उनके पिता अरबाज खान अभिनेता होने के साथ निर्माता और निर्देशक के रूप में भी काम कर चुके हैं। उन्होंने 1996 में फिल्म दरार से अभिनय की शुरुआत की थी और कई फिल्मों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं। इसके अलावा उन्होंने दबंग 2 का निर्देशन भी किया था।

    वहीं मलाइका अरोड़ा मनोरंजन जगत में अभिनेत्री, मॉडल और डांसर के रूप में लंबे समय से सक्रिय हैं। उनके कई लोकप्रिय डांस नंबर दर्शकों के बीच खास पहचान बना चुके हैं। ऐसे में अरहान के बॉलीवुड डेब्यू को लेकर दर्शकों की दिलचस्पी स्वाभाविक रूप से बढ़ी हुई है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि उनकी पहली फिल्म की आधिकारिक घोषणा कब होती है और एक्शन भूमिका में उनका प्रदर्शन कैसा रहता है।

  • Bigg Boss 20 के घर से उठा पर्दा! जंगल थीम और मिस्ट्री रूम ने बढ़ाया रोमांच, हर कोने में छिपा है बड़ा ट्विस्ट

    Bigg Boss 20 के घर से उठा पर्दा! जंगल थीम और मिस्ट्री रूम ने बढ़ाया रोमांच, हर कोने में छिपा है बड़ा ट्विस्ट


    नई दिल्ली । Bigg Boss 20 के ग्रैंड प्रीमियर का काउंटडाउन शुरू हो चुका है और शो शुरू होने से पहले ही इसके आलीशान घर की झलक ने फैंस की एक्साइटमेंट बढ़ा दी है। इस बार बिग बॉस हाउस को बेहद खास अंदाज में तैयार किया गया है। घर का डिजाइन जंगल थीम पर आधारित है और इसमें नेचर के साथ रहस्य और ड्रामा का जबरदस्त कॉम्बिनेशन देखने को मिल रहा है। घर की तस्वीरों से साफ है कि इस सीजन में कंटेस्टेंट्स को सिर्फ टास्क और आपसी टकराव ही नहीं बल्कि एक बेहद अलग माहौल का भी सामना करना होगा।

    इस बार बिग बॉस के घर को डिजाइनर वर्षा जैन ने तैयार किया है। यानी पिछले कुछ सीजन में नजर आए डिजाइन से अलग इस बार घर को पूरी तरह नए कॉन्सेप्ट में पेश किया गया है। घर के अंदर दाखिल होते ही कई ऐसी चीजें नजर आती हैं जो इसकी थीम को खास बनाती हैं। एंट्री गेट पर लगा बड़ा और ड्रामेटिक स्टैच्यू पूरे घर का सबसे आकर्षक हिस्सा दिखाई देता है।

    घर का गार्डन एरिया भी काफी दिलचस्प है। इसे जंगल जैसी फील देने की कोशिश की गई है। पेड़ों और नेचर से जुड़े डिजाइन के बीच एक विशाल सांप का स्ट्रक्चर भी बनाया गया है। बिग बॉस में अक्सर कंटेस्टेंट्स के लिए आस्तीन का सांप जैसे मुहावरों का इस्तेमाल सुनने को मिलता है और इस बार मेकर्स ने इसी थीम को घर के डिजाइन में भी शामिल कर दिया है। इसके अलावा गार्डन में शार्क स्टाइल का पूल एरिया बनाया गया है जो घर के पूरे लुक को और ज्यादा ड्रामेटिक बनाता है।

    लिविंग रूम को भी बेहद अलग अंदाज दिया गया है। इसका शेप ऑक्टोपस जैसा है और दीवारों पर बिग बॉस की मिस्ट्री और सस्पेंस से जुड़े डिजाइन देखने को मिलते हैं। कहीं उल्लू नजर आता है तो कहीं बंदर जैसे एलिमेंट्स घर को जंगल थीम से जोड़ते हैं। दीवारों की रंगीन और कोजी डिजाइन घर को एक साथ रहस्यमयी और लग्जूरियस लुक देती है।

    बिग बॉस के घर में सबसे ज्यादा चर्चा मिस्ट्री रूम्स को लेकर होती है और इस बार भी मेकर्स ने सस्पेंस बरकरार रखा है। रूम नंबर 2 को लेकर खास रहस्य बनाया गया है। वहीं रूम नंबर 20 को भी मिस्ट्री रूम बताया जा रहा है। इसका खुलासा ग्रैंड प्रीमियर के दौरान किया जाएगा। ऐसे में सलमान खान के जरिए इन कमरों से जुड़े राज सामने आने का इंतजार फैंस को रहेगा।

    बेडरूम का इंटीरियर भी पिछली बार से काफी अलग नजर आ रहा है। घर को ज्यादा स्पेसियस बनाया गया है ताकि कंटेस्टेंट्स को पर्याप्त जगह मिल सके। वहीं वॉशरूम एरिया में बातचीत और गॉसिप के लिए बड़ा काउच लगाया गया है। बिग बॉस के पिछले सीजनों में ऐसे छोटे कोने अक्सर बड़े विवादों की वजह बनते रहे हैं।

    घर का किचन भी अपने आप में खास है। इसे इस बार BB Food Truck नाम दिया गया है। बिग बॉस के घर में किचन हमेशा से राजनीति और रणनीति का बड़ा केंद्र रहा है। ऐसे में इस नए डिजाइन के बीच यहां होने वाली बातचीत और खींचतान भी शो का अहम हिस्सा बन सकती है।

    सबसे खास बात यह है कि पूरे घर में 100 से ज्यादा कैमरे लगाए गए हैं। यानी कंटेस्टेंट्स की गतिविधियों पर लगातार नजर रहेगी। घर का लगभग हर कोना कैमरों की निगरानी में होगा। कुल मिलाकर Bigg Boss 20 का घर सिर्फ रहने की जगह नहीं बल्कि शो के ड्रामा और सस्पेंस का एक अहम किरदार नजर आने वाला है।

  • 2007 की हिट ‘हे बेबी’ लौट रही है पर्दे पर! अक्षय कुमार की फिल्म के सीक्वल पर आया बड़ा अपडेट

    2007 की हिट ‘हे बेबी’ लौट रही है पर्दे पर! अक्षय कुमार की फिल्म के सीक्वल पर आया बड़ा अपडेट


    नई दिल्ली । अक्षय कुमार के फैंस के लिए बॉलीवुड से बड़ी खुशखबरी सामने आई है। साल 2007 में रिलीज हुई सुपरहिट कॉमेडी फिल्म हे बेबी का सीक्वल अब बनना तय हो गया है। करीब दो दशक बाद फिल्म के दूसरे पार्ट को लेकर आधिकारिक तौर पर बड़ा अपडेट सामने आया है। इस खबर की पुष्टि खुद फिल्म प्रोड्यूसर साजिद नाडियाडवाला ने की है। सीक्वल की खबर सामने आते ही अक्षय कुमार और फिल्म के पुराने फैंस के बीच उत्साह बढ़ गया है।

    दरअसल 3 सितंबर को साजिद नाडियाडवाला ने न्यू साउथ वेल्स के प्रीमियर क्रिस मिन्स का मुंबई स्थित अपने ऑफिस में स्वागत किया। इस मुलाकात की तस्वीरें उन्होंने सोशल मीडिया पर शेयर कीं। इसी दौरान उन्होंने बताया कि ऑस्ट्रेलिया में तीन फिल्मों की शूटिंग को लेकर डील साइन की गई है। खास बात यह है कि इन तीन फिल्मों में हे बेबी का सीक्वल भी शामिल है। हे बेबी का पहला पार्ट भी ऑस्ट्रेलिया में शूट किया गया था।

    हे बेबी साल 2007 में रिलीज हुई थी और इसमें अक्षय कुमार के साथ फरदीन खान और रितेश देशमुख मुख्य भूमिकाओं में नजर आए थे। फिल्म का निर्देशन साजिद खान ने किया था। कहानी तीन ऐसे कुंवारे दोस्तों के इर्द गिर्द घूमती है जिनकी जिंदगी उस वक्त पूरी तरह बदल जाती है जब उनके घर के दरवाजे पर एक छोटी बच्ची पहुंच जाती है। बाद में पता चलता है कि उन तीनों में से एक उस बच्ची का पिता है।

    शुरुआत में तीनों दोस्त बच्ची की जिम्मेदारी लेने से बचते हैं लेकिन धीरे धीरे उस मासूम बच्ची के साथ उनका रिश्ता गहरा होता जाता है। कॉमेडी के साथ इमोशनल कहानी ने दर्शकों का दिल जीत लिया था। फिल्म में विद्या बालन फीमेल लीड रोल में थीं जबकि शाहरुख खान ने कैमियो किया था।

    अब हे बेबी 2 की घोषणा ने सबसे बड़ा सवाल इसकी स्टारकास्ट को लेकर खड़ा कर दिया है। फैंस चाहते हैं कि सीक्वल में पुरानी कास्ट को ही वापस लाया जाए। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने अक्षय कुमार रितेश देशमुख और फरदीन खान को दोबारा एक साथ देखने की इच्छा जताई है। वहीं कुछ फैंस अक्षय कुमार और साजिद खान की जोड़ी की वापसी को लेकर भी उत्साहित हैं।

    पहली फिल्म के बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन की बात करें तो इसे समीक्षकों से मिली जुली प्रतिक्रिया मिली थी लेकिन दर्शकों के बीच फिल्म सफल रही थी। बॉक्स ऑफिस इंडिया के मुताबिक फिल्म का बजट करीब 36 करोड़ रुपये था जबकि भारत में फिल्म ने लगभग 65.94 करोड़ रुपये का ग्रॉस कलेक्शन किया था।

    फिलहाल हे बेबी 2 की कहानी कलाकारों और रिलीज डेट को लेकर ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है। लेकिन करीब 19 साल बाद इस कॉमेडी फ्रेंचाइजी की वापसी निश्चित रूप से अक्षय कुमार के फैंस के लिए किसी बड़े सरप्राइज से कम नहीं है।