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  • राधा-कृष्ण की कहानी पर करण जौहर का बड़ा दांव! सचिन रवि संभालेंगे निर्देशन और लेखन की कमान

    राधा-कृष्ण की कहानी पर करण जौहर का बड़ा दांव! सचिन रवि संभालेंगे निर्देशन और लेखन की कमान


    नई दिल्ली । करण जौहर अब अपनी फिल्मों के रोमांस और फैमिली ड्रामा से आगे बढ़कर एक ऐसी कहानी बड़े पर्दे पर लाने की तैयारी में हैं जिसमें प्रेम के साथ भक्ति और भावनाओं का गहरा मेल देखने को मिलेगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक करण जौहर का प्रोडक्शन हाउस धर्मा प्रोडक्शन्स राधा और कृष्ण की प्रेम कहानी पर फिल्म बनाने की तैयारी कर रहा है। इस प्रोजेक्ट का संभावित नाम फिलहाल राधा कृष्ण बताया जा रहा है और फिल्म के विकास का काम काफी आगे बढ़ चुका है।

    इस फिल्म की सबसे खास बात इसके विषय के साथ साथ इसका निर्देशन भी हो सकता है। रिपोर्ट के अनुसार फिल्ममेकर सचिन रवि को इस बड़े प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वह फिल्म की कहानी लिखने के साथ इसका निर्देशन भी कर सकते हैं। हालांकि अभी फिल्म की स्टारकास्ट को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि करण जौहर राधा और कृष्ण की भूमिकाओं के लिए किन कलाकारों को चुनते हैं।

    करण जौहर लंबे समय से भारतीय संस्कृति और प्रेम की इस चर्चित कहानी को बड़े पर्दे पर लाने की इच्छा रखते थे। बताया जा रहा है कि उन्हें अब ऐसी कहानी मिली है जो इस विषय की भावनात्मक गहराई और पौराणिक महत्व के साथ न्याय कर सकती है। यही वजह है कि धर्मा प्रोडक्शन्स इस फिल्म को सामान्य रोमांटिक फिल्म के बजाय बड़े स्तर पर बनाने की तैयारी कर रहा है।

    फिल्म में राधा और कृष्ण के प्रेम को कहानी का मुख्य केंद्र रखा जा सकता है। इसके साथ ही कृष्ण के जन्म से लेकर कंस के वध तक की महत्वपूर्ण घटनाओं को भी कहानी का हिस्सा बनाए जाने की चर्चा है। ऐसे में फिल्म में रोमांस के अलावा इमोशन ड्रामा संघर्ष और ट्रेजेडी का भी मजबूत मेल देखने को मिल सकता है। अगर यह प्रोजेक्ट अपनी योजना के मुताबिक बनता है तो दर्शकों को पौराणिक कथा का एक भव्य सिनेमाई रूप देखने को मिल सकता है।

    सचिन रवि की बात करें तो वह कन्नड़ सिनेमा में अपने अलग अंदाज के लिए पहचाने जाते हैं। साल 2019 में रिलीज हुई फैंटेसी एडवेंचर कॉमेडी फिल्म अवने श्रीमननारायण के निर्देशन के लिए उन्हें खास पहचान मिली। निर्देशन से पहले सचिन रवि बतौर एडिटर भी काम कर चुके हैं। किरिक पार्टी उलिदावरु कंदन्थे और सिंपल अगि ओंध लव स्टोरी जैसी फिल्मों की एडिटिंग से भी उनका नाम जुड़ा रहा है।

    फिलहाल धर्मा प्रोडक्शन्स की तरफ से राधा कृष्ण फिल्म को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। इसलिए स्टारकास्ट रिलीज डेट और शूटिंग से जुड़ी जानकारी का इंतजार करना होगा। अगर करण जौहर इस प्रोजेक्ट को बड़े स्तर पर पर्दे पर उतारते हैं तो यह धर्मा प्रोडक्शन्स की अब तक की फिल्मों से काफी अलग और महत्वाकांक्षी कोशिश साबित हो सकती है।

  • फरहान-जोया की परवरिश पर जावेद अख्तर का बड़ा खुलासा! बोले बच्चों को किसी धर्म से नहीं जोड़ा

    फरहान-जोया की परवरिश पर जावेद अख्तर का बड़ा खुलासा! बोले बच्चों को किसी धर्म से नहीं जोड़ा


    नई दिल्ली । मशहूर लेखक और गीतकार जावेद अख्तर अपनी बेबाक राय और स्पष्ट विचारों के लिए जाने जाते हैं। धर्म को लेकर भी वह कई बार खुलकर अपनी बात रख चुके हैं। अब उन्होंने अपने बच्चों फरहान अख्तर और जोया अख्तर की परवरिश से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा साझा किया है। जावेद अख्तर ने बताया कि उन्होंने बचपन से ही अपने दोनों बच्चों को किसी धार्मिक पहचान से नहीं जोड़ा। उनके मुताबिक बच्चों को यह तय करने की आजादी दी गई कि बड़े होने पर वे धर्म और आस्था को किस तरह देखते हैं।

    जावेद अख्तर ने एक बातचीत में बताया कि यह किस्सा उस समय का है जब फरहान अख्तर करीब 7 या 8 साल के थे। एक दिन वह स्कूल से घर लौटे और अपने पिता से एक ऐसा सवाल पूछ बैठे जिसने जावेद को भी सोचने पर मजबूर कर दिया। फरहान ने उनसे पूछा कि क्या हम मुस्लिम हैं। यह सवाल इसलिए भी स्वाभाविक था क्योंकि बच्चे अपने आसपास के लोगों और समाज से धर्म और समुदाय को लेकर बातें सुनते हुए बड़े होते हैं। लेकिन जावेद ने बेटे को किसी धार्मिक पहचान में बांधने के बजाय उसे एक अलग नजरिया समझाया।

    जावेद अख्तर के मुताबिक उन्होंने फरहान से कहा कि इंसान जिस शहर या समुदाय में पैदा होता है उससे उसकी असली पहचान तय नहीं होती। कोई व्यक्ति मुंबई पुणे आगरा अहमदाबाद लंदन या न्यूयॉर्क में पैदा हो सकता है लेकिन जन्म की जगह उसके व्यक्तित्व की सबसे महत्वपूर्ण पहचान नहीं हो सकती। उनके लिए सबसे अहम बात यह है कि इंसान बड़ा होकर कैसा व्यक्ति बनता है और उसके व्यवहार में किस तरह की इंसानियत दिखाई देती है।

    जावेद ने बताया कि फरहान और जोया को उन्होंने किसी धर्म से जोड़कर नहीं पाला। उनके दोनों बच्चे बड़े होते हुए खुद धर्म और समाज के बारे में समझने लगे लेकिन माता पिता की तरफ से उन पर किसी खास धार्मिक पहचान को अपनाने का दबाव नहीं था। जावेद के अनुसार उनके बच्चे किसी धार्मिक पहचान के बजाय अपनी सोच और अपने फैसलों के साथ बड़े हुए।

    फरहान और जोया जावेद अख्तर और उनकी पहली पत्नी हनी ईरानी के बच्चे हैं। बाद में जावेद ने अभिनेत्री शबाना आजमी से शादी की। फरहान और जोया दोनों ने मनोरंजन जगत में अपनी अलग पहचान बनाई है। फरहान अभिनेता निर्देशक निर्माता और लेखक के तौर पर सफल रहे हैं जबकि जोया अख्तर ने निर्देशन और लेखन के क्षेत्र में अपनी खास जगह बनाई है।

    जावेद अख्तर अपने बच्चों की उपलब्धियों पर गर्व करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि फरहान और जोया ने अपनी सफलता के लिए किसी तरह का समझौता नहीं किया। उनके मुताबिक दोनों ने नाम शोहरत और पैसा हासिल करने के लिए ऐसा काम नहीं किया जिससे उनकी गरिमा प्रभावित हो। उन्होंने अपने दम पर अपनी पहचान बनाई और अपने करियर में लगातार आगे बढ़े।

    जावेद अख्तर का यह किस्सा सिर्फ फरहान के बचपन से जुड़ी एक याद नहीं बल्कि बच्चों की परवरिश को लेकर उनकी सोच को भी सामने रखता है। उन्होंने धार्मिक पहचान को बच्चों पर थोपने के बजाय उन्हें खुद सवाल पूछने समझने और अपनी सोच विकसित करने की आजादी दी। फरहान का बचपन में पूछा गया छोटा सा सवाल और पिता का जवाब आज भी जावेद अख्तर की विचारधारा की एक खास झलक देता है।

  • सलमान के बिग बॉस में होगी सितारों की एंट्री! एक्स वाइफ खोलेंगी राज तो ग्लैमरस हसीनाएं बढ़ाएंगी शो का पारा

    सलमान के बिग बॉस में होगी सितारों की एंट्री! एक्स वाइफ खोलेंगी राज तो ग्लैमरस हसीनाएं बढ़ाएंगी शो का पारा


    नई दिल्ली । बिग बॉस के फैंस का इंतजार अब खत्म होने वाला है क्योंकि देश का चर्चित रियलिटी शो बिग बॉस 20 जल्द ही दर्शकों के बीच दस्तक देने जा रहा है। 6 सितंबर से शुरू होने वाले इस नए सीजन को लेकर उत्साह लगातार बढ़ता जा रहा है। हमेशा की तरह इस बार भी सलमान खान शो की कमान संभालते नजर आएंगे और नए सीजन में ग्लैमर विवाद दोस्ती दुश्मनी और कई बड़े खुलासों का जबरदस्त तड़का देखने को मिल सकता है। मेकर्स इस बार तथास्तु-टू थीम के साथ दर्शकों के सामने आने की तैयारी में हैं और प्रोमो के जरिए पहले ही संकेत दे चुके हैं कि सीजन 20 में ट्विस्ट और टर्न्स की कोई कमी नहीं होगी।

    शो के प्रीमियर से पहले कई नाम सामने आ चुके हैं जिनमें कुछ चेहरों को कन्फर्म बताया जा रहा है जबकि कई सितारों के नाम चर्चा में बने हुए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार टीवी एक्ट्रेस माही विज सोशल मीडिया स्टार गुल्लू उर्फ कुशाल तंवर अर्शिफा खान कनिका मान पंजाबी एक्ट्रेस ईशा रिखी और सिंगर काजी तौकीर बिग बॉस 20 का हिस्सा बन सकते हैं। वहीं रिया अहीर और लव गिल की एंट्री पर जनता का फैसला अहम भूमिका निभा सकता है।

    माही विज की एंट्री को लेकर भी काफी चर्चा है क्योंकि वह लंबे समय से टीवी इंडस्ट्री का जाना माना चेहरा रही हैं। उनकी निजी जिंदगी भी सुर्खियों में रही है और अब फैंस यह देखने के लिए उत्साहित हैं कि वह बिग बॉस के घर में अपनी पर्सनैलिटी और गेम प्लान से कितना असर छोड़ पाती हैं। दूसरी ओर काजी तौकीर की एंट्री दर्शकों के लिए नॉस्टैल्जिया का बड़ा डोज हो सकती है। फेम गुरुकुल जीतने के बाद उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई थी और करीब दो दशक बाद किसी बड़े रियलिटी शो में उनकी वापसी दर्शकों का ध्यान खींच सकती है।

    सबसे ज्यादा दिलचस्प चर्चा ईशा रिखी को लेकर है जिनका नाम रैपर बादशाह के साथ जुड़ने के बाद लगातार सुर्खियों में रहा है। दोनों के रिश्ते और अलगाव को लेकर कई तरह की बातें सामने आती रही हैं। ऐसे में अगर ईशा बिग बॉस के घर में पहुंचती हैं तो दर्शकों को उनकी निजी जिंदगी से जुड़े कुछ अनसुने राज सुनने को मिल सकते हैं। वहीं कनिका मान अपने ग्लैमरस अंदाज और दमदार स्क्रीन प्रेजेंस के साथ शो में मनोरंजन का तड़का लगाने के लिए तैयार नजर आ सकती हैं।

    सोशल मीडिया पर मजबूत पकड़ रखने वाली अर्शिफा खान भी इस सीजन का बड़ा नाम मानी जा रही हैं। बचपन से अभिनय की दुनिया में सक्रिय अर्शिफा की जबरदस्त फैन फॉलोइंग है और उनका डिजिटल प्रभाव बिग बॉस के घर में उनके लिए मजबूत साबित हो सकता है। वहीं गुल्लू उर्फ कुशाल तंवर को रियलिटी शोज का अनुभव है और उनकी एंट्री घर के माहौल को और ज्यादा प्रतिस्पर्धी बना सकती है।

    इन नामों के अलावा आमिर खान के भाई फैसल खान शो में शामिल हो सकते हैं। रिया चक्रवर्ती के भाई शोविक चक्रवर्ती बॉक्सर मैरी कॉम मौनी रॉय करण वाही नीति टेलर आम्रपाली दुबे गीता बसरा और पंचायत फेम आसिफ खान समेत कई सितारों के नाम भी चर्चा में हैं। हालांकि इन नामों पर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। अब देखना दिलचस्प होगा कि बिग बॉस 20 के घर में कौन एंट्री करता है और कौन अपने गेम रिश्तों तथा बेबाक खुलासों से दर्शकों का दिल जीतते हुए शो का सबसे बड़ा खिलाड़ी बनता है।

  • क्राइम और सस्पेंस का तगड़ा डोज प्राइम वीडियो की ये 5 सीरीज कर देंगी आपका वीकेंड सेट

    क्राइम और सस्पेंस का तगड़ा डोज प्राइम वीडियो की ये 5 सीरीज कर देंगी आपका वीकेंड सेट


    नई दिल्ली। ओटीटी पर क्राइम और सस्पेंस से भरपूर कहानियों का अपना अलग ही क्रेज है। खासकर जब कहानी में रहस्य के साथ मजबूत किरदार और लगातार बढ़ता रोमांच हो तो दर्शक एक एपिसोड देखने के बाद अगले एपिसोड पर पहुंचने से खुद को रोक नहीं पाते। अमेजन प्राइम वीडियो पर भी क्राइम जॉनर की कई ऐसी हिंदी सीरीज मौजूद हैं जिन्हें दर्शकों के बीच काफी पसंद किया गया है। अगर आपको मिर्जापुर जैसी दमदार क्राइम कहानी पसंद आती है तो इन पांच सीरीज को अपनी वॉचलिस्ट में शामिल कर सकते हैं।

    दहाड़ इस लिस्ट में सबसे पहले आती है। सोनाक्षी सिन्हा गुलशन देवैया और विजय वर्मा जैसे कलाकारों से सजी यह सीरीज एक बेहद गंभीर क्राइम केस के इर्द गिर्द घूमती है। कहानी में एक ऐसे सीरियल किलर की तलाश दिखाई जाती है जो महिलाओं को अपना निशाना बनाता है। कई महिलाओं की लाशें सार्वजनिक शौचालयों से मिलने के बाद पुलिस के सामने एक बेहद पेचीदा मामला खड़ा हो जाता है। जैसे जैसे जांच आगे बढ़ती है कहानी का रहस्य और गहरा होता जाता है। सीरीज की IMDb रेटिंग 7.6 बताई गई है।

    इसके बाद नाम आता है तांडव का। यह एक पॉलिटिकल क्राइम ड्रामा है जिसमें सत्ता की चाह और अपराध का खतरनाक खेल देखने को मिलता है। सैफ अली खान डिंपल कपाड़िया जीशान अय्यूब और सुनील ग्रोवर जैसे कलाकार इसमें अहम भूमिकाओं में हैं। कहानी सत्ता के गलियारों में चलने वाली साजिशों और एक ऐसे राज के इर्द गिर्द आगे बढ़ती है जिसे छिपाना किरदारों के लिए मुश्किल होता जाता है। इस सीरीज की IMDb रेटिंग 4.8 है।

    अगर गंभीर क्राइम कहानी के साथ दमदार जांच और रहस्य पसंद है तो पाताल लोक भी शानदार विकल्प है। सीरीज में पुलिस जांच के जरिए समाज के अलग अलग तबकों और अपराध की जटिल दुनिया को दिखाया गया है। जयदीप अहलावत इश्वाक सिंह और अभिषेक बनर्जी जैसे कलाकारों ने इसमें महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। इसके अब तक दो सीजन आ चुके हैं और इसकी IMDb रेटिंग 8.2 बताई गई है।

    क्राइम के साथ स्पाई और एक्शन का मजा लेना चाहते हैं तो द फैमिली मैन को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। मनोज बाजपेयी और शारिब हाशमी स्टारर यह सीरीज एक ऐसे व्यक्ति की कहानी दिखाती है जो एक तरफ देश की सुरक्षा से जुड़े खतरनाक मिशनों को संभालता है और दूसरी तरफ अपनी पारिवारिक जिंदगी को संतुलित करने की कोशिश करता है। सीरीज के अब तक तीन सीजन आ चुके हैं और इसकी IMDb रेटिंग 8.6 बताई गई है।

    इस लिस्ट की पांचवीं सीरीज डांसिंग ऑन द ग्रेव है। यह फिक्शन क्राइम ड्रामा से अलग एक डॉक्यू सीरीज है जो एक चर्चित हत्याकांड की पड़ताल करती है। चार एपिसोड की यह सीरीज शकीरा खलीली हत्याकांड पर आधारित है। इसमें मामले से जुड़े घटनाक्रम और हत्या के पीछे छिपे रहस्य को सामने लाने की कोशिश की गई है। साल 2023 में रिलीज हुई इस सीरीज की IMDb रेटिंग 7 बताई गई है।

    अगर आपको क्राइम मिस्ट्री सस्पेंस पॉलिटिकल ड्रामा और स्पाई थ्रिलर पसंद हैं तो प्राइम वीडियो की ये पांच सीरीज आपकी वॉचलिस्ट में जगह बना सकती हैं। खासकर दहाड़ पाताल लोक और द फैमिली मैन जैसी सीरीज अपनी कहानी और किरदारों की वजह से लंबे समय तक याद रह सकती हैं।

  • लाल साड़ी और वो खौफनाक चीख आज भी नहीं भूल पाए दर्शक ऐसे बना था लज्जा शंकर पांडे का आइकॉनिक सीन

    लाल साड़ी और वो खौफनाक चीख आज भी नहीं भूल पाए दर्शक ऐसे बना था लज्जा शंकर पांडे का आइकॉनिक सीन


    नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा में कुछ किरदार ऐसे होते हैं जो फिल्म खत्म होने के बाद भी दर्शकों के जेहन से नहीं निकलते। साल 1999 में रिलीज हुई फिल्म संघर्ष का लज्जा शंकर पांडे भी ऐसा ही किरदार था। आशुतोष राणा ने इस भूमिका में ऐसा खौफ पैदा किया था कि उस दौर में सिनेमाघरों में बैठे दर्शक तक उनकी आवाज और हावभाव देखकर सहम जाते थे। आज फिल्म को रिलीज हुए कई साल बीत चुके हैं लेकिन लज्जा शंकर पांडे का नाम आते ही लोगों के सामने वही डरावना चेहरा और जीभ हिलाकर निकाली गई उनकी खौफनाक चीख याद आ जाती है।

    इस किरदार की सबसे खास बात यह थी कि इसे डरावना बनाने के लिए किसी बड़े स्पेशल इफेक्ट या आधुनिक तकनीक का सहारा नहीं लिया गया था। आशुतोष राणा ने अपने अभिनय और आवाज के दम पर ऐसा माहौल तैयार किया जो आज भी याद किया जाता है। खास बात यह है कि जिस सीन को देखकर दर्शकों की चीख निकल जाती थी उसके लिए खुद आशुतोष राणा ने कोई रिहर्सल नहीं की थी।

    फिल्म की कहानी महेश भट्ट ने लिखी थी और तनुजा चंद्रा ने इसका निर्देशन किया था। कहानी एक ऐसे खतरनाक तांत्रिक की थी जो अमर होने की सनक में बच्चों की बलि देता है। ऐसे किरदार के लिए सिर्फ संवाद बोलना काफी नहीं था। उसे पर्दे पर असामान्य और भयावह दिखाना जरूरी था। महेश भट्ट चाहते थे कि लज्जा शंकर पांडे की कोई ऐसी पहचान हो जिसे दर्शक लंबे समय तक भूल न पाएं।

    यहीं से आशुतोष राणा की कल्पना ने इस किरदार को एक अलग पहचान दी। उन्होंने सोचा कि लज्जा शंकर आम इंसानों की तरह प्रतिक्रिया देने वाला व्यक्ति नहीं होना चाहिए। उसकी हर हरकत उसके भीतर की विकृत मानसिकता को दिखाए। इसी सोच के साथ उन्होंने जीभ हिलाते हुए एक अजीब और डरावनी चीख निकालने का अंदाज तैयार किया।

    इस आवाज के पीछे उनके बचपन की यादों का भी बड़ा योगदान था। मध्य प्रदेश के गाडरवारा में बीता उनका बचपन उन्हें गांव की लोक परंपराओं और अनुष्ठानों के करीब लेकर गया था। उन्होंने वहां तांत्रिक और भगतों को अलग तरह की आवाजें निकालते हुए देखा था। रामलीला में रावण का किरदार निभाने का अनुभव और बाद में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय से मिली अभिनय की ट्रेनिंग ने भी उनके भीतर के कलाकार को मजबूत किया। इन्हीं अनुभवों को उन्होंने लज्जा शंकर पांडे की मानसिकता के साथ जोड़ दिया।

    जब इस सीन की शूटिंग का समय आया तो आशुतोष राणा ने अपने इस प्रयोग को सीधे कैमरे के सामने करने का फैसला किया। कैमरा शुरू हुआ और उन्होंने अचानक जीभ हिलाते हुए वह खौफनाक चीख निकाल दी। सेट पर मौजूद लोगों के लिए यह पूरी तरह अप्रत्याशित था। कुछ पल के लिए वहां ऐसा सन्नाटा छा गया जैसे हर कोई उस आवाज के असर में आ गया हो। कट होने के बाद भी टीम को कुछ क्षण समझ नहीं आया कि प्रतिक्रिया कैसे दी जाए। फिर सेट पर तालियों की गूंज सुनाई दी।

    लज्जा शंकर पांडे के किरदार की कहानी भी कम दिलचस्प नहीं है। उस समय आशुतोष राणा को खबर मिली थी कि यह भूमिका किसी बड़े स्टार को दी जा सकती है। वह दूसरी फिल्म की शूटिंग के लिए हैदराबाद में थे। खबर मिलते ही वह मुंबई पहुंचे और महेश भट्ट से मुलाकात की। बाद में उन्हें पता चला कि यह जानकारी गलत थी। महेश भट्ट ने साफ कर दिया कि लज्जा शंकर पांडे का किरदार आशुतोष राणा को ध्यान में रखकर ही लिखा गया था।

    फिल्म रिलीज के समय भले ही बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक बड़ी सफलता हासिल नहीं कर पाई लेकिन समय के साथ संघर्ष को एक अलग पहचान मिली। टेलीविजन और बाद में डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए नई पीढ़ी ने भी फिल्म को देखा। आज लज्जा शंकर पांडे हिंदी सिनेमा के यादगार खलनायकों में गिना जाता है। आशुतोष राणा ने यह साबित कर दिया कि डर पैदा करने के लिए हमेशा तकनीक की जरूरत नहीं होती। कई बार एक कलाकार की आंखें उसकी आवाज और उसकी कल्पना ही दर्शकों की रीढ़ में सिहरन पैदा करने के लिए काफी होती है।

  • नेपाल के बाढ़ पीड़ितों के लिए आगे आए सोनू सूद बोले अगर अभी मदद नहीं करेंगे तो कब करेंगे कंपनियों से भी की बड़ी अपील

    नेपाल के बाढ़ पीड़ितों के लिए आगे आए सोनू सूद बोले अगर अभी मदद नहीं करेंगे तो कब करेंगे कंपनियों से भी की बड़ी अपील


    नई दिल्ली। नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने बड़ी तबाही मचाई है और इस मुश्किल समय में बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद एक बार फिर जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए आगे आए हैं। सोनू सूद अपनी चैरिटी फाउंडेशन की टीम के साथ नेपाल पहुंचे हैं। उनके साथ बड़ी मात्रा में राहत सामग्री भी पहुंची है। इसमें कंबल और खाने पीने का सामान शामिल है। अभिनेता का कहना है कि सिर्फ तत्काल राहत पहुंचाना ही काफी नहीं है बल्कि आने वाले महीनों तक प्रभावित परिवारों की मदद जारी रखने की जरूरत है ताकि वे दोबारा अपनी सामान्य जिंदगी की ओर लौट सकें।

    नेपाल पहुंचने के बाद सोनू सूद ने राहत अभियान को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि उनकी टीम बाढ़ प्रभावित इलाकों में जाकर लोगों से मुलाकात कर रही है और उनकी जरूरतों को समझने की कोशिश कर रही है। कई परिवार ऐसे हैं जिन्होंने इस आपदा में अपना जरूरी सामान और रोजमर्रा की सुविधाएं खो दी हैं। ऐसे लोगों तक जरूरी सामग्री पहुंचाना इस समय सबसे बड़ी प्राथमिकता है। सोनू ने कहा कि उनकी टीम कंबल और भोजन जैसी जरूरी चीजें लेकर पहुंची है और आगे भी आवश्यकता के अनुसार सामान उपलब्ध कराया जाएगा।

    अभिनेता ने यह भी बताया कि राहत सामग्री लेकर नेपाल पहुंचना आसान नहीं है। इसके लिए काफी कागजी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। हालांकि इन मुश्किलों के बावजूद उनकी टीम लगातार काम कर रही है। सोनू का कहना है कि प्रभावित लोगों की जिंदगी को दोबारा पटरी पर लाने में समय लगेगा। इसलिए राहत अभियान को कुछ दिनों तक सीमित रखने के बजाय लंबे समय तक जारी रखने की जरूरत है।

    सोनू सूद ने इस दौरान भारत सरकार की ओर से नेपाल को दी जा रही सहायता की भी सराहना की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों की तारीफ करते हुए कहा कि भारत सरकार ने संकट की इस घड़ी में नेपाल के लिए अच्छा काम किया है। उनके मुताबिक नेपाल को दी जा रही मदद के लिए प्रधानमंत्री की भूमिका महत्वपूर्ण है और यह सहायता आगे भी जारी रहनी चाहिए। सोनू ने कहा कि जब वह प्रभावित परिवारों से सीधे मिलते हैं तो उन्हें महसूस होता है कि समस्या कुछ हफ्तों या कुछ महीनों में खत्म होने वाली नहीं है।

    सोनू सूद ने लोगों से भी अपनी क्षमता के अनुसार मदद करने की अपील की। उन्होंने कहा कि मुश्किल समय में जरूरतमंदों के साथ खड़ा होना हर व्यक्ति का फर्ज है। अभिनेता खुद प्रभावित लोगों से बातचीत कर यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि उन्हें किन चीजों की सबसे ज्यादा जरूरत है ताकि उसी हिसाब से आगे राहत सामग्री पहुंचाई जा सके।

    उन्होंने बड़ी कंपनियों से भी नेपाल के राहत अभियान में शामिल होने की अपील की। सोनू का कहना है कि कंपनियों को अपने CSR प्रयासों के जरिए प्रभावित इलाकों तक पहुंचना चाहिए। उनका मानना है कि सरकार और सामाजिक संस्थाओं के साथ कॉरपोरेट जगत भी आगे आए तो राहत और पुनर्वास का काम तेजी से किया जा सकता है।

    नेपाल में हुई इस आपदा के बाद बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं और प्रभावित इलाकों में सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। ऐसे समय में सोनू सूद का राहत अभियान जरूरतमंद परिवारों के लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आया है। अभिनेता इससे पहले भी आपदा और संकट के समय लोगों की मदद के लिए आगे आते रहे हैं। इस बार भी उनका फोकस सिर्फ राहत सामग्री बांटने पर नहीं बल्कि प्रभावित परिवारों को लंबे समय तक संभालने पर है।

  • करीना कपूर की वजह से अमिताभ बच्चन के रिश्तेदार बने सैफ अली खान, KBC में बिग बी के सवाल पर कन्फ्यूज हुए एक्टर

    करीना कपूर की वजह से अमिताभ बच्चन के रिश्तेदार बने सैफ अली खान, KBC में बिग बी के सवाल पर कन्फ्यूज हुए एक्टर


    नई दिल्ली। अमिताभ बच्चन इन दिनों कौन बनेगा करोड़पति के नए सीजन को लेकर चर्चा में हैं। शो में हर बार की तरह इस बार भी मनोरंजन के साथ सितारों की निजी जिंदगी से जुड़े दिलचस्प किस्से सामने आ रहे हैं। इसी कड़ी में शो के एक प्रोमो ने दर्शकों का ध्यान खींचा है जिसमें अक्षय कुमार और सैफ अली खान हॉटसीट पर बैठे नजर आ रहे हैं। दोनों अपनी आने वाली फिल्म हैवान के प्रमोशन के लिए शो में पहुंचे थे। बातचीत के दौरान अमिताभ बच्चन ने सैफ के साथ अपने रिश्ते का ऐसा कनेक्शन बताया जिसे सुनकर खुद सैफ भी हैरान रह गए।

    दरअसल अमिताभ बच्चन ने बातचीत के बीच सैफ से कहा कि बहुत कम लोग उनके और सैफ के रिश्ते के बारे में जानते हैं। यह सुनते ही सैफ ने हैरानी से पूछा कि कौन मैं। इसके बाद बिग बी ने कपूर परिवार के जरिए इस रिश्ते की पूरी कड़ी समझाई। अमिताभ ने बताया कि राज कपूर की बेटी रीतू नंदा के बेटे निखिल नंदा हैं। निखिल नंदा ने अमिताभ बच्चन की बेटी श्वेता बच्चन से शादी की है। इस तरह बच्चन और कपूर परिवार के बीच पहले से ही पारिवारिक रिश्ता जुड़ा हुआ है।

    यहीं से सैफ अली खान का कनेक्शन भी सामने आता है। राज कपूर करीना कपूर के दादा थे और निखिल नंदा तथा करीना कपूर आपस में कजिन भाई बहन हैं। सैफ अली खान ने करीना कपूर से शादी की है। ऐसे में करीना के जरिए सैफ का रिश्ता बच्चन परिवार से भी जुड़ जाता है। अमिताभ बच्चन ने इसी पारिवारिक कनेक्शन को मजाकिया अंदाज में सैफ के सामने रखा।

    इसके बाद बिग बी ने सैफ से पूछा कि आखिर उनका और सैफ का क्या रिश्ता हुआ और करीना उन्हें क्या कहेंगी। अचानक सामने आए इस सवाल ने सैफ को थोड़ा उलझा दिया। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि अच्छा हुआ यह सवाल KBC का हिस्सा नहीं था। सैफ का जवाब सुनकर अमिताभ बच्चन और अक्षय कुमार अपनी हंसी नहीं रोक पाए। अक्षय ने भी मस्ती करते हुए सैफ को छेड़ा।

    अमिताभ बच्चन और सैफ अली खान की ऑनस्क्रीन जोड़ी भी दर्शकों के लिए नई नहीं है। दोनों कलाकार इससे पहले एकलव्य द रॉयल गार्ड और आरक्षण जैसी फिल्मों में साथ काम कर चुके हैं। दोनों की फिल्मों में अलग अलग तरह की भूमिकाएं देखने को मिली हैं और उनकी स्क्रीन प्रेजेंस को भी पसंद किया गया है।

    वहीं सैफ अली खान और अक्षय कुमार अब लंबे समय बाद फिल्म हैवान में एक साथ नजर आने वाले हैं। फिल्म का निर्देशन प्रियदर्शन कर रहे हैं। इसमें सैफ एक दृष्टिबाधित व्यक्ति की भूमिका में दिखाई देंगे जबकि अक्षय कुमार नकारात्मक किरदार में नजर आएंगे। दोनों की पुरानी दोस्ती और साथ काम करने का इतिहास इस फिल्म को लेकर उत्सुकता बढ़ा रहा है। हैवान 11 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।

    इस तरह KBC का यह प्रोमो सिर्फ फिल्म प्रमोशन तक सीमित नहीं रहा बल्कि अमिताभ और सैफ के परिवारों के बीच जुड़े रिश्ते की दिलचस्प कड़ी भी सामने ले आया। सबसे खास बात यह रही कि जिस रिश्ते को जानकर दर्शक हैरान हुए उसी कनेक्शन को लेकर सैफ खुद भी कुछ पल के लिए कन्फ्यूज नजर आए।

  • शर्मिला टैगोर को एक्शन-कट बोलना कुणाल खेमू का सपना था, बोले- लेजेंड को डायरेक्ट कर गर्व महसूस हुआ

    शर्मिला टैगोर को एक्शन-कट बोलना कुणाल खेमू का सपना था, बोले- लेजेंड को डायरेक्ट कर गर्व महसूस हुआ


    नई दिल्ली। कुणाल खेमू इन दिनों अपनी आने वाली फिल्म वाइब को लेकर चर्चा में हैं। फिल्म का ट्रेलर रिलीज होने के बाद इसकी कहानी और स्टारकास्ट को लेकर दर्शकों की दिलचस्पी बढ़ गई है। इस फिल्म की खास बात यह भी है कि कुणाल खेमू ने इसमें अभिनय करने के साथ निर्देशन और लेखन की जिम्मेदारी भी संभाली है। फिल्म में प्रीति जिंटा स्पर्श श्रीवास्तव वंशिका धीर दिनेश लाल यादव और दिग्गज अभिनेत्री शर्मिला टैगोर अहम भूमिकाओं में नजर आएंगी। शर्मिला टैगोर का इस फिल्म से जुड़ना कुणाल के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि वह उनकी सास हैं।

    फिल्म में शर्मिला टैगोर को कास्ट करने के अनुभव को याद करते हुए कुणाल ने बताया कि उनके लिए यह फैसला आसान नहीं था। कुणाल के मुताबिक शर्मिला जी के साथ फिल्म को लेकर बातचीत कुछ ऐसी थी जैसे अंधेरे में तीर चलाना। उन्होंने शर्मिला से फिल्म का सिनोप्सिस मांगे जाने पर उन्हें पूरी कहानी के बारे में बताया। इसके बाद शर्मिला टैगोर ने फिल्म के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया। कुणाल के लिए यह पल बेहद खास था क्योंकि वह लंबे समय से किसी दिग्गज कलाकार को बतौर निर्देशक एक्शन और कट बोलने का सपना देख रहे थे।

    कुणाल ने बताया कि शर्मिला टैगोर को डायरेक्ट करना उनके लिए एक ऐसा चेकबॉक्स था जिसे वह काफी समय से पूरा करना चाहते थे। उनके मुताबिक वह इस बात को लेकर बेहद खुश और गर्व महसूस करते हैं कि उन्हें शर्मिला जैसी दिग्गज अभिनेत्री को निर्देशक के तौर पर निर्देशित करने का मौका मिला। उनके लिए यह अनुभव सिर्फ काम का हिस्सा नहीं बल्कि निजी और पेशेवर दोनों स्तरों पर बेहद यादगार रहा।

    वहीं फिल्म की ट्रेलर लॉन्चिंग के दौरान प्रीति जिंटा ने भी कुणाल खेमू से अपनी नाराजगी जाहिर की। प्रीति ने मजाकिया अंदाज में कहा कि फिल्म में उन्हें ज्यादा फनी सीन नहीं दिए गए जबकि शूटिंग के दौरान वह कॉमेडी से भरपूर अनुभव की उम्मीद कर रही थीं। उन्होंने बताया कि फिल्म की शूटिंग आसान नहीं थी और कलाकारों ने कई बार दिन में 16 से 18 घंटे तक काम किया।

    इस दौरान कुणाल की पत्नी और अभिनेत्री सोहा अली खान भी मौजूद थीं। उन्होंने कुणाल के मजाकिया अंदाज की तारीफ करते हुए कहा कि शादी हो या फ्यूनरल कुणाल लोगों को हंसा ही देते हैं। सोहा के मुताबिक दोनों परिवारों में कुणाल सबसे ज्यादा फनी हैं।

    कुणाल खेमू के निर्देशन करियर की बात करें तो उन्होंने साल 2024 में मडगांव एक्सप्रेस के साथ बतौर निर्देशक शुरुआत की थी। प्रतीक गांधी अविनाश तिवारी और दिव्येंदु स्टारर इस फिल्म को दर्शकों और क्रिटिक्स से अच्छी प्रतिक्रिया मिली थी। इसके बाद अब कुणाल वाइब के जरिए निर्देशन में एक और कदम आगे बढ़ा रहे हैं।

    वाइब में कुणाल के साथ काम करने वाली स्टारकास्ट भी काफी दिलचस्प है। फिल्म में शर्मिला टैगोर जैसी दिग्गज अभिनेत्री के साथ प्रीति जिंटा भी नजर आएंगी। फिल्म 18 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। वहीं कुणाल बतौर अभिनेता गोलमाल 5 में भी नजर आएंगे जिसमें अजय देवगन अक्षय कुमार अरशद वारसी तुषार कपूर और शरमन जोशी जैसे कलाकार शामिल हैं।

  • CJP प्रोटेस्ट गर्ल रिया की Bigg Boss 20 में एंट्री पर सस्पेंस! सलमान के गुस्से को लेकर कही दिलचस्प बात

    CJP प्रोटेस्ट गर्ल रिया की Bigg Boss 20 में एंट्री पर सस्पेंस! सलमान के गुस्से को लेकर कही दिलचस्प बात


    नई दिल्ली। बिग बॉस 20 के आगाज में अब ज्यादा वक्त नहीं बचा है और शो शुरू होने से पहले ही संभावित कंटेस्टेंट्स को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। सलमान खान की मेजबानी वाले इस रियलिटी शो में कौन कौन नजर आएगा इसे लेकर अभी आधिकारिक तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं हुई है। हालांकि सीजेपी प्रोटेस्ट गर्ल के नाम से चर्चा में आईं रिया अहीर का नाम इन दिनों सबसे ज्यादा सुर्खियों में है। रिया अहीर और पंजाबी एक्ट्रेस व मॉडल लवप्रीत कौर के बीच चल रही वोटिंग के बाद जनता के फैसले से किसी एक को बिग बॉस 20 के घर में एंट्री मिल सकती है। इसी बीच रिया ने शो में जाने और सलमान खान का सामना करने को लेकर खुलकर अपनी बात रखी है।

    रिया अहीर उस समय चर्चा में आई थीं जब नीट पेपर लीक के खिलाफ मुंबई में हुए प्रदर्शन के दौरान वह पुलिस वैन के सामने खड़ी हो गई थीं। उनके इस अंदाज ने सोशल मीडिया पर काफी ध्यान खींचा था। अब बिग बॉस 20 में संभावित एंट्री को लेकर उनसे पूछा गया कि अगर सलमान खान शो के दौरान उन्हें डांटते हैं या उन पर नाराज होते हैं तो वह किस तरह स्थिति को संभालेंगी। इस सवाल पर रिया का जवाब काफी दिलचस्प रहा।

    रिया ने कहा कि वह सलमान खान को एक ऐसे व्यक्ति के तौर पर देखती हैं जिनके पास काफी अनुभव है और जिन्होंने अपनी जिंदगी में एक बड़ा मुकाम हासिल किया है। उनके मुताबिक जब सलमान किसी मुद्दे पर बात करते हैं तो लोग उनकी बात सुनते हैं और अगर वह किसी बात को लेकर उन्हें समझाते या डांटते हैं तो उसके पीछे कोई वजह जरूर होगी। रिया का कहना है कि अगर उन्हें लगेगा कि उनसे कोई गलती नहीं हुई है तो वह पूरे सम्मान के साथ अपना पक्ष सामने रखेंगी।

    हालांकि रिया ने यह भी साफ किया कि हर व्यक्ति का नजरिया अलग हो सकता है। अगर सलमान उनकी बात से सहमत नहीं होते हैं तो भी वह इसे अलग विचार के तौर पर लेंगी। उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी की खूबसूरती यही है कि लोग अलग अलग सोच और नजरिए को स्वीकार करना सीख रहे हैं। यानी रिया बिग बॉस के घर में अपनी बात रखने से पीछे हटने वाली नहीं हैं लेकिन वह टकराव के बजाय सम्मानजनक तरीके से अपनी बात रखने में विश्वास करती हैं।

    सबसे दिलचस्प बात तब सामने आई जब रिया से पूछा गया कि अगर सलमान खान उन पर चिल्लाने लगें तो उनका रिएक्शन क्या होगा। इस पर उन्होंने बेहद सहज अंदाज में कहा कि अगर सलमान उन पर चिल्लाएंगे तो शायद वह अपना सिर नीचे करके रोने लगेंगी। रिया का यह जवाब अब चर्चा का विषय बन गया है क्योंकि बिग बॉस में सलमान की डांट और वीकेंड का वार अक्सर कंटेस्टेंट्स के लिए काफी दबाव वाला पल होता है।

    वहीं अगर जनता के वोट रिया के पक्ष में नहीं जाते और उन्हें बिग बॉस 20 के घर में एंट्री नहीं मिलती है तो क्या उन्हें दुख होगा इस सवाल पर भी उन्होंने सकारात्मक जवाब दिया। रिया ने कहा कि वह ठीक रहेंगी क्योंकि उनका मानना है कि जिंदगी में जो कुछ भी होता है उसके पीछे कोई न कोई वजह होती है। उनके अनुसार कोई घटना आशीर्वाद बनकर आती है तो कोई सीख देकर जाती है। अब देखना दिलचस्प होगा कि वोटिंग में जनता किसे चुनती है और क्या रिया अहीर सच में बिग बॉस 20 के घर में पहुंचकर सलमान खान के सामने अपनी बेबाकी दिखा पाती हैं।

  • पीरियड्स आए तो छूट जाता था स्कूल और कर दी जाती थी शादी, इस 8 एपिसोड की सीरीज की कहानी और क्लाइमेक्स कर देंगे हैरान

    पीरियड्स आए तो छूट जाता था स्कूल और कर दी जाती थी शादी, इस 8 एपिसोड की सीरीज की कहानी और क्लाइमेक्स कर देंगे हैरान


    नई दिल्ली। ओटीटी की दुनिया में एक से बढ़कर एक फिल्में और वेब सीरीज मौजूद हैं लेकिन कुछ कहानियां केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहतीं बल्कि समाज की उन सच्चाइयों को सामने लाती हैं जिन पर अक्सर खुलकर बात नहीं की जाती। ऐसी ही एक चर्चित सीरीज है अयाली। आठ एपिसोड की यह सीरीज एक युवा लड़की की कहानी के माध्यम से पीरियड्स से जुड़े सामाजिक भेदभाव और पुरानी परंपराओं की कड़वी तस्वीर दिखाती है। दमदार कहानी और भावनात्मक उतार चढ़ाव के कारण इस सीरीज को दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला है और IMDb पर इसे 8.5 की शानदार रेटिंग भी मिली है।

    अयाली की कहानी सेल्वी नाम की एक लड़की के इर्द गिर्द घूमती है जिसका सपना डॉक्टर बनने का है। वह पढ़ लिखकर अपनी जिंदगी को बेहतर बनाना चाहती है लेकिन जिस गांव में वह रहती है वहां लड़कियों के लिए एक बेहद सख्त और पुरानी परंपरा चली आ रही है। गांव में अयाली देवी की पूजा होती है और वहां यह मान्यता है कि जैसे ही किसी लड़की को पहली बार पीरियड्स आते हैं उसके लिए स्कूल जाना बंद कर दिया जाता है और इसके बाद उसकी शादी कर दी जाती है। ऐसे माहौल में सेल्वी के डॉक्टर बनने का सपना उसकी जिंदगी की सबसे बड़ी चुनौती बन जाता है।

    सेल्वी यह सोचकर डर जाती है कि अगर उसे पीरियड्स आ गए तो उसकी पढ़ाई छूट जाएगी और डॉक्टर बनने का सपना अधूरा रह जाएगा। वह चाहती है कि किसी तरह यह दिन कभी उसकी जिंदगी में न आए लेकिन प्रकृति के नियम से कोई बच नहीं सकता। जब उसे पहली बार पीरियड्स आते हैं तो उसके सामने सबसे बड़ा सवाल खड़ा हो जाता है कि वह इस बात को अपने परिवार और गांव के लोगों से कैसे छिपाए। वह अपनी पढ़ाई और अपने भविष्य को बचाने के लिए इस सच्चाई को छिपाने की कोशिश करती है।

    कहानी में बड़ा मोड़ तब आता है जब सेल्वी की मां को उसकी इस स्थिति के बारे में पता चल जाता है। इसके बाद सेल्वी अपनी मां से विनती करती है कि वह यह बात उसके पिता और परिवार के अन्य लोगों को न बताए। एक तरफ बेटी का सपना और दूसरी तरफ समाज की वर्षों पुरानी परंपराएं मां को भी कठिन स्थिति में खड़ा कर देती हैं। यहीं से कहानी में भावनात्मक तनाव और सस्पेंस बढ़ता चला जाता है।

    सीरीज केवल एक लड़की की निजी परेशानी नहीं दिखाती बल्कि यह सवाल भी उठाती है कि आखिर पीरियड्स जैसी प्राकृतिक प्रक्रिया को शर्म और बंदिशों से क्यों जोड़ा जाता है। अयाली उस सामाजिक सोच को चुनौती देती है जिसमें लड़कियों की शिक्षा और उनके सपनों पर परंपराओं का बोझ डाल दिया जाता है। सेल्वी का संघर्ष दर्शकों को यह सोचने पर मजबूर करता है कि एक लड़की के जीवन के फैसले उसके सपनों के आधार पर होने चाहिए या फिर सदियों पुरानी रूढ़ियों के आधार पर।

    सीरीज का क्लाइमेक्स भी इसकी सबसे बड़ी खासियत बताया जाता है। कहानी आगे बढ़ने के साथ कई ऐसे मोड़ सामने आते हैं जो दर्शकों की उत्सुकता बनाए रखते हैं। यही कारण है कि कम बजट में बनी इस तमिल सीरीज ने अपनी कहानी के दम पर अलग पहचान बनाई। इसमें सेल्वी का किरदार अभी नक्षत्रा ने निभाया है जबकि अन्य कलाकारों ने भी कहानी को प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसे मुत्थुकुमार ने लिखा और निर्देशित किया है।

    तमिल में बनी अयाली को हिंदी सहित कई भाषाओं में देखा जा सकता है। यह सीरीज उन दर्शकों के लिए खास है जो केवल मनोरंजन नहीं बल्कि सामाजिक मुद्दों पर बनी प्रभावशाली और सोच बदलने वाली कहानियां देखना पसंद करते हैं। आठ एपिसोड की यह कहानी शिक्षा सपनों परंपराओं और महिलाओं की आजादी से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवाल उठाती है और अंत तक दर्शकों को बांधे रखने की कोशिश करती है।