Category: Entertainment

  • राजपाल यादव से लेकर शिल्पा शेट्टी तक पैसों के विवादों में घिरे बॉलीवुड के ये चर्चित सितारे

    राजपाल यादव से लेकर शिल्पा शेट्टी तक पैसों के विवादों में घिरे बॉलीवुड के ये चर्चित सितारे


    नई दिल्ली। बॉलीवुड की चमक दमक के पीछे कई बार ऐसे विवाद भी सामने आते हैं जो लंबे समय तक सुर्खियों में बने रहते हैं। अभिनेता राजपाल यादव को चेक बाउंस मामले में तीन महीने की जेल की सजा सुनाए जाने के बाद एक बार फिर फिल्म इंडस्ट्री में आर्थिक विवादों की चर्चा तेज हो गई है। हालांकि राजपाल यादव ऐसे पहले अभिनेता नहीं हैं जिनका नाम पैसों से जुड़े मामलों में सामने आया हो। पिछले कुछ वर्षों में कई चर्चित अभिनेता और अभिनेत्रियां भी अलग अलग वित्तीय विवादों और जांच का सामना कर चुके हैं।

    राजपाल यादव का मामला उनकी फिल्म अता पता लापता से जुड़ा है। फिल्म के निर्माण के लिए उन्होंने एक कंपनी से पांच करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं हो सकी और समय पर भुगतान नहीं होने के कारण ब्याज के साथ राशि काफी बढ़ गई। इसके बाद चेक बाउंस और कर्ज अदायगी से जुड़ा मामला अदालत तक पहुंचा और अब इस मामले में उन्हें सजा सुनाई गई है।

    अभिनेता सोनू सूद का नाम भी आर्थिक मामलों में चर्चा में रह चुका है। प्रवर्तन निदेशालय ने एक कथित सट्टेबाजी ऐप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उनसे पूछताछ की थी। जांच के दौरान उनकी कुछ संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच भी किया गया था। हालांकि मामले की जांच आगे भी जारी रही।

    दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती का नाम भी शारदा चिट फंड मामले में सामने आया था। इस विवाद के बाद उन्होंने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दिया था। हालांकि बाद में उन्होंने जांच एजेंसियों के साथ सहयोग किया और अपना पक्ष भी रखा।

    अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस का नाम कथित 200 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कई बार सुर्खियों में रहा। उन पर आरोप है कि उन्हें आरोपी सुकेश चंद्रशेखर से महंगे उपहार और आर्थिक लाभ मिले। इसी मामले में अभिनेत्री नोरा फतेही से भी पूछताछ की जा चुकी है और उनका नाम भी जांच के दौरान सामने आया था।

    अमीषा पटेल भी एक पुराने चेक बाउंस विवाद को लेकर चर्चा में रही हैं। उन पर एक कार्यक्रम में शामिल नहीं होने के बाद भुगतान से जुड़े विवाद का आरोप लगा था। इस मामले में अदालत की ओर से कार्रवाई भी हुई थी जबकि अभिनेत्री का कहना रहा कि यह मामला काफी पहले सुलझाया जा चुका है।

    अभिनेता डिनो मोरिया का नाम मीठी नदी सफाई परियोजना से जुड़े कथित वित्तीय घोटाले की जांच के दौरान सामने आया। जांच एजेंसी ने उनसे पूछताछ की और मामले की जांच अभी भी विभिन्न स्तरों पर जारी है।

    श्रेयस तलपड़े भी एक कथित निवेश योजना से जुड़े विवाद में कानूनी प्रक्रिया का सामना कर चुके हैं। निवेशकों की शिकायत के आधार पर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। वहीं फिल्म निर्माता और निर्देशक राजकुमार संतोषी का नाम भी अलग अलग चेक बाउंस मामलों में सामने आता रहा है।

    अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी और उनके पति राज कुंद्रा का नाम भी बिटकॉइन और कथित मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों में चर्चा में रहा। प्रवर्तन निदेशालय ने जांच के दौरान उनकी कुछ संपत्तियों पर कार्रवाई भी की थी। हालांकि इन मामलों में कानूनी प्रक्रिया अलग अलग चरणों में चलती रही है।

    गौर करने वाली बात यह है कि किसी भी आर्थिक या वित्तीय विवाद में नाम सामने आने का अर्थ दोष सिद्ध होना नहीं होता। कई मामलों की जांच अभी भी जारी है जबकि कुछ मामलों में अदालतों में सुनवाई चल रही है। अंतिम निर्णय संबंधित न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही माना जाता है।

  • तीसरी शादी के बाद आमिर खान का बड़ा फैसला, नवनिर्मित पारिवारिक आवास में नई पत्नी गौरी स्प्रैट और पूर्व पत्नी किरन राव समेत पूरे परिवार के साथ होंगे शिफ्ट

    तीसरी शादी के बाद आमिर खान का बड़ा फैसला, नवनिर्मित पारिवारिक आवास में नई पत्नी गौरी स्प्रैट और पूर्व पत्नी किरन राव समेत पूरे परिवार के साथ होंगे शिफ्ट


    नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता आमिर खान इन दिनों अपनी निजी जिंदगी में आए एक बड़े बदलाव को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में 5 जुलाई को गौरी स्प्रैट के साथ सादगी से शादी के बंधन में बंधने के बाद, अभिनेता अब अपने जीवन के एक नए अध्याय की शुरुआत करने जा रहे हैं। अपनी इस नई शुरुआत के साथ ही वह अपने पुराने और बेहद खास पारिवारिक आवास में वापस लौटने की तैयारी कर रहे हैं, जो पिछले काफी समय से पुनर्निर्माण के दौर से गुजर रहा था।

    आमिर खान का प्रतिष्ठित पारिवारिक निवास ‘मरीना अपार्टमेंट्स’ अब पूरी तरह से सज-धज कर तैयार हो चुका है। इस बहुमंजिला इमारत के पुनर्निर्माण कार्य के चलते अभिनेता पिछले कुछ समय से मुंबई के पाली हिल इलाके में एक किराए के अपार्टमेंट में रह रहे थे। इसी अस्थाई आवास में उन्होंने बेहद निजी और घरेलू माहौल के बीच गौरी स्प्रैट के साथ अपनी तीसरी शादी की कानूनी रस्में पूरी की थीं। अब इस विवाह के संपन्न होने के बाद, न्यूली वेड्स कपल अपने इस ऐतिहासिक फैमिली हाउस में शिफ्ट होने के लिए पूरी तरह तैयार है।

    इस आलीशान और आधुनिक बहुमंजिला इमारत की सबसे अनूठी बात यह है कि यहां केवल आमिर खान और उनकी नई पत्नी ही नहीं, बल्कि उनका पूरा विस्तृत परिवार एक साथ एक ही छत के नीचे निवास करेगा। प्राप्त जानकारियों के अनुसार, अभिनेता ने इस पूरी बिल्डिंग में अपने परिवार के विभिन्न सदस्यों के लिए अलग-अलग फ्लोर्स और अपार्टमेंट्स आवंटित किए हैं, जिससे पारिवारिक जुड़ाव भी बना रहे और हर सदस्य की निजता का भी सम्मान हो सके।

    सामने आई विवरणों के मुताबिक, आमिर खान ने इस नवनिर्मित मरीना अपार्टमेंट्स में अपने लिए कुल तीन फ्लोर्स आरक्षित किए हैं। इन तीन मंजिलों में से दो फ्लोर पर आमिर खान अपनी तीसरी पत्नी गौरी स्प्रैट और उनकी पहली शादी से हुए सौतेले बेटे के साथ रहेंगे। वहीं, अभिनेता ने एक पूरा फ्लोर विशेष रूप से पारिवारिक आयोजनों, उत्सवों, पार्टियों और गेट-टुगेदर के लिए समर्पित किया है, जहां पूरा परिवार एक साथ समय बिता सकेगा।

    इस पुनर्विकसित इमारत की सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाली व्यवस्था यह है कि इसी बिल्डिंग में एक अपार्टमेंट आमिर खान की दूसरी पूर्व पत्नी किरन राव और उनके बेटे आज़ाद राव खान के नाम भी आवंटित किया गया है। किरन राव और आज़ाद भी इसी इमारत के एक हिस्से में स्वतंत्र रूप से रहेंगे, जो आधुनिक पारिवारिक ताने-बाने की एक बेहद परिपक्व और अनूठी मिसाल पेश करता है। इसके साथ ही, आमिर के बड़े बेटे जुनैद खान के लिए भी इमारत में एक पूरा फ्लोर विशेष रूप से तैयार किया गया है।

    अपने बच्चों और जीवनसाथी के अलावा, आमिर खान ने अपनी मां और बहनों के रहने की व्यवस्था भी इसी परिसर में की है। अभिनेता की मां जीनत हुसैन, और उनकी बहनें निखत खान व फरहत दत्ता भी इसी नवनिर्मित बहुमंजिला आवास के अलग-अलग अपार्टमेंट्स में निवास करेंगी। इस प्रकार, आमिर खान का यह नया आशियाना उनके पूरे कुनबे को एक साथ लाने का माध्यम बनने जा रहा है।

    इस विशाल आवासीय परियोजना के निर्माण से जुड़ी वित्तीय जानकारियों के अनुसार, आमिर खान ने अपने इस पारिवारिक घर को आधुनिक सुख-सुविधाओं से लैस करने और इसे नए सिरे से आलीशान रूप देने के लिए पहले ही लगभग 100 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि एडवांस के रूप में भुगतान की थी। लंबे इंतजार और भारी निवेश के बाद तैयार हुआ यह आशियाना अब पूरी तरह से रहने योग्य हो चुका है, और अभिनेता बहुत जल्द अपने पूरे परिवार के साथ इस नए ठिकाने पर गृह प्रवेश करने वाले हैं।

    5 जुलाई को हुई एक संक्षिप्त और पारिवारिक रजिस्टर्ड मैरिज के बाद, सोशल मीडिया पर इस नवविवाहित जोड़े की तस्वीरें और वीडियो लगातार सुर्खियां बटोर रहे हैं। अब इस भव्य पारिवारिक पुनर्मिलन और नए घर में शिफ्ट होने की खबर ने प्रशंसकों और सिनेमा जगत का ध्यान एक बार फिर अपनी ओर खींचा है। आमिर खान का यह कदम उनके पारिवारिक मूल्यों और सभी को साथ लेकर चलने की उनकी व्यक्तिगत शैली को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।

  • मर्डर मिस्ट्री से लेकर कोर्टरूम के रोमांच तक इस शानदार वेब सीरीज का हर एपिसोड करेगा हैरान

    मर्डर मिस्ट्री से लेकर कोर्टरूम के रोमांच तक इस शानदार वेब सीरीज का हर एपिसोड करेगा हैरान


    नई दिल्ली। अगर आप इस वीकेंड ऐसी वेब सीरीज की तलाश में हैं जो पहले एपिसोड से ही आपको अपनी कहानी में बांध ले और आखिर तक सस्पेंस बरकरार रखे तो जियो हॉटस्टार पर मौजूद कोर्टरूम थ्रिलर सीरीज अनटचेबल्स आपके लिए शानदार विकल्प साबित हो सकती है। वर्ष 2018 में रिलीज हुई इस सीरीज ने अपनी दमदार कहानी और कोर्टरूम ड्रामा के दम पर दर्शकों का खूब ध्यान खींचा था। यही वजह है कि इसे IMDb पर 7.8 की मजबूत रेटिंग भी मिली है।

    महज 15 एपिसोड में पूरी होने वाली यह सीरीज हर एपिसोड के साथ नए रहस्य और चौंकाने वाले मोड़ लेकर आती है। कहानी इतनी तेज गति से आगे बढ़ती है कि दर्शक एक एपिसोड खत्म होते ही अगले एपिसोड को देखने के लिए मजबूर हो जाते हैं। यदि आपको मर्डर मिस्ट्री और कोर्टरूम ड्रामा का मेल पसंद है तो यह सीरीज आपकी वॉचलिस्ट में जरूर होनी चाहिए।

    सीरीज की कहानी एक मेडिकल इंटर्न युवती के इर्दगिर्द घूमती है जो अपने परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों को निभाने के लिए एस्कॉर्ट का काम भी करती है। उसकी जिंदगी तब पूरी तरह बदल जाती है जब वह अपने एक क्लाइंट से मिलने जाती है और अगली सुबह जागने पर उसे पता चलता है कि क्लाइंट की हत्या हो चुकी है। परिस्थितियां ऐसी बनती हैं कि हत्या का आरोप उसी पर लग जाता है और देखते ही देखते पूरा समाज उसे अपराधी मान लेता है।

    सबसे बड़ी मुश्किल तब सामने आती है जब कोई भी वकील उसका केस लड़ने के लिए तैयार नहीं होता। ऐसे समय में उसकी जिंदगी में एक ऐसे वकील की एंट्री होती है जिसने अपनी बेटी की मौत के बाद वकालत छोड़ दी थी। वह न सिर्फ युवती का केस स्वीकार करता है बल्कि सच सामने लाने की ठान लेता है। यहीं से कोर्टरूम में शुरू होती है ऐसी कानूनी लड़ाई जिसमें हर सुनवाई के साथ नए राज खुलते हैं और कहानी लगातार रोमांचक होती चली जाती है।

    इस मुकदमे की सबसे दिलचस्प बात यह है कि अदालत में वकील का सामना उसकी अपनी अलग रह रही पत्नी से होता है जो विपक्ष की ओर से केस लड़ रही होती है। अदालत की बहस के साथ साथ वकील के निजी जीवन की पुरानी दर्दनाक यादें भी सामने आती हैं जिससे कहानी भावनात्मक और रहस्यमयी दोनों बन जाती है। यही पहलू इस सीरीज को साधारण कोर्टरूम ड्रामा से अलग पहचान देता है।

    सीरीज में विक्रम भट्ट ने आकाश आर्य नाम के वकील का दमदार किरदार निभाया है। उन्होंने अभिनय के साथ इसकी कहानी भी लिखी है। वहीं श्रीजिता डे ने नताशा नारंग की भूमिका में प्रभावशाली अभिनय किया है। इसके अलावा फाजिल खान सोहराब खंडेलवाल अमल शेरावत जयेश राज अनुपम बी गहोई और अरबाज अली मुगल जैसे कलाकारों ने भी अपने किरदारों को मजबूती से निभाया है। निर्देशन कृष्णा भट्ट का है जिन्होंने कहानी की गति और सस्पेंस को अंत तक बनाए रखा है।

    अगर आप ऐसी वेब सीरीज देखना चाहते हैं जिसमें कोर्टरूम की तीखी बहस मर्डर मिस्ट्री भावनात्मक संघर्ष और लगातार आने वाले ट्विस्ट एक साथ देखने को मिलें तो अनटचेबल्स आपके वीकेंड को पूरी तरह मनोरंजक बना सकती है। कम एपिसोड और दमदार कहानी इसे बिंज वॉच के लिए बेहतरीन विकल्प बनाती है।

  • राजेंद्र कुमार के बेटे और संजय दत्त के जीजा होने के बावजूद क्यों नहीं चला कुमार गौरव का फिल्मी सफर, सफलता के बाद कहां छूट गई रफ्तार?

    राजेंद्र कुमार के बेटे और संजय दत्त के जीजा होने के बावजूद क्यों नहीं चला कुमार गौरव का फिल्मी सफर, सफलता के बाद कहां छूट गई रफ्तार?

    नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा के इतिहास में कई ऐसे कलाकार रहे हैं जिन्होंने अपने करियर की शुरुआत बेहद शानदार अंदाज में की, लेकिन शुरुआती सफलता को लंबे समय तक कायम नहीं रख सके। अभिनेता कुमार गौरव भी ऐसे ही सितारों में शामिल हैं, जिन्होंने पहली ही फिल्म से दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई, लेकिन समय के साथ उनका फिल्मी सफर अपेक्षित ऊंचाइयों तक नहीं पहुंच सका। उनके करियर की कहानी आज भी बॉलीवुड में सफलता और संघर्ष के अनोखे उदाहरण के रूप में याद की जाती है।

    11 जुलाई 1967 को जन्मे कुमार गौरव प्रसिद्ध अभिनेता राजेंद्र कुमार के बेटे हैं। फिल्मी माहौल में पले-बढ़े कुमार गौरव का अभिनय की दुनिया में आना लगभग तय माना जाता था। वर्ष 1981 में उन्होंने निर्देशक राहुल रवैल की रोमांटिक फिल्म ‘लव स्टोरी’ से बॉलीवुड में कदम रखा। फिल्म ने रिलीज के साथ ही शानदार सफलता हासिल की और कुमार गौरव रातोंरात युवाओं के बीच लोकप्रिय चेहरा बन गए। उनकी सादगी, रोमांटिक छवि और अलग अंदाज ने उन्हें उस दौर के सबसे चर्चित नए सितारों में शामिल कर दिया।

    ‘लव स्टोरी’ की सफलता के बाद दर्शकों और फिल्म जगत को उम्मीद थी कि कुमार गौरव लंबे समय तक बॉलीवुड पर राज करेंगे। इसके बाद उन्होंने ‘तेरी कसम’, ‘स्टार’, ‘लवर्स’, ‘नाम’, ‘फूल’ और ‘कांटे’ जैसी कई फिल्मों में काम किया। हालांकि इनमें से कुछ फिल्मों को सराहना मिली, लेकिन उन्हें पहली फिल्म जैसी लोकप्रियता और व्यावसायिक सफलता दोबारा नहीं मिल सकी। लगातार बदलते फिल्मी दौर और दर्शकों की पसंद ने भी उनके करियर को प्रभावित किया।

    कुमार गौरव के करियर से जुड़ा एक चर्चित किस्सा भी समय-समय पर सामने आता रहा है। कहा जाता है कि शुरुआती सफलता के बाद उन्होंने कुछ नई अभिनेत्रियों के साथ काम करने के प्रस्ताव स्वीकार नहीं किए। इसी संदर्भ में अभिनेत्री मंदाकिनी के साथ फिल्म न करने की चर्चा भी अक्सर होती रही। हालांकि इस विषय पर अलग-अलग समय पर विभिन्न दावे किए गए हैं, लेकिन इसे लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है। इसलिए इसे फिल्मी गलियारों में प्रचलित चर्चाओं के रूप में ही देखा जाता है।

    समय के साथ उनकी कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सकीं। इसके बाद उन्होंने अलग तरह की भूमिकाएं भी निभाईं, लेकिन दर्शकों के बीच वह प्रभाव दोबारा नहीं बन पाया जो उन्हें पहली फिल्म से मिला था। वर्ष 2002 में ‘कांटे’ में नजर आने के बाद उन्होंने फिल्मों से लगभग दूरी बना ली। बाद में वह एक छोटे प्रोजेक्ट में दिखाई दिए, लेकिन बड़े पर्दे पर उनकी सक्रिय मौजूदगी फिर देखने को नहीं मिली।

    फिल्मों से दूरी बनाने के बाद कुमार गौरव ने व्यवसाय के क्षेत्र में अपनी नई पहचान बनाने का निर्णय लिया। निजी जीवन में उन्होंने नम्रता दत्त से विवाह किया, जो अभिनेता संजय दत्त की बहन हैं। इस रिश्ते के कारण उनका परिवार बॉलीवुड के कई प्रमुख कलाकारों से जुड़ा रहा, लेकिन उन्होंने लंबे समय से सार्वजनिक जीवन और फिल्मी गतिविधियों से दूरी बनाए रखी है।

    कुमार गौरव का करियर इस बात का उदाहरण माना जाता है कि फिल्म उद्योग में शुरुआती सफलता जितनी महत्वपूर्ण होती है, उससे कहीं अधिक चुनौती उसे लगातार बनाए रखने की होती है। प्रतिभा, अवसर, सही फिल्मों का चयन और बदलते दर्शक रुझानों के साथ तालमेल ही किसी कलाकार के लंबे और सफल करियर की सबसे बड़ी कसौटी माने जाते हैं।

  • सही बीमारी का पता चलने में हुई देरी, शमिता शेट्टी ने महिलाओं को दी अहम सलाह- शरीर के संकेतों को नजरअंदाज न करें

    सही बीमारी का पता चलने में हुई देरी, शमिता शेट्टी ने महिलाओं को दी अहम सलाह- शरीर के संकेतों को नजरअंदाज न करें

    नई दिल्ली । अभिनेत्री शमिता शेट्टी ने महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े एक महत्वपूर्ण विषय पर खुलकर बात करते हुए अपने जीवन के कठिन दौर का अनुभव साझा किया है। उन्होंने बताया कि वह लंबे समय तक एंडोमेट्रियोसिस जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या से जूझती रहीं, लेकिन शुरुआत में बीमारी की सही पहचान नहीं हो पाने के कारण इलाज में काफी देरी हुई। शमिता का कहना है कि उन्होंने लंबे समय तक अपने शरीर में होने वाले बदलावों और दर्द को सामान्य मान लिया था, जिसकी वजह से समस्या धीरे-धीरे बढ़ती चली गई।

    एक बातचीत के दौरान शमिता शेट्टी ने बताया कि शुरुआती दिनों में उन्हें यह समझ नहीं आ रहा था कि जो शारीरिक तकलीफें और बदलाव वह महसूस कर रही हैं, वे सामान्य हैं या किसी गंभीर बीमारी के संकेत हैं। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने पहली बार डॉक्टर से संपर्क किया तो कई जरूरी जांच कराई गईं, लेकिन रिपोर्ट सामान्य आने के कारण बीमारी की वास्तविक वजह सामने नहीं आ सकी। इसके बाद हर बार लक्षण सामने आने पर उन्हें यही लगता रहा कि शायद यह महिलाओं के जीवन का सामान्य हिस्सा है।

    शमिता ने कहा कि महिलाओं के साथ अक्सर यह समस्या देखने को मिलती है कि वे अपने दर्द और असुविधा को सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देती हैं। पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द, हार्मोनल बदलाव या अन्य शारीरिक परेशानियों को कई बार इतनी सामान्य चीज समझ लिया जाता है कि गंभीर बीमारियों के शुरुआती संकेत भी अनदेखे रह जाते हैं। उन्होंने माना कि समाज में भी महिलाओं की कई स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर पर्याप्त जागरूकता नहीं है, जिससे समय पर जांच और उपचार नहीं हो पाता।

    अभिनेत्री ने बताया कि सर्जरी से कुछ महीने पहले उनकी स्थिति काफी कठिन हो गई थी। दर्द धीरे-धीरे इतना बढ़ गया कि इसका असर उनकी रोजमर्रा की जिंदगी और नींद पर भी पड़ने लगा। उन्होंने कहा कि जब दर्द की वजह से उनकी नींद बार-बार टूटने लगी, तब उन्हें महसूस हुआ कि यह कोई सामान्य समस्या नहीं है। उसी समय उन्होंने अपनी परेशानी की वास्तविक वजह जानने का निर्णय लिया और आगे की जांच कराई।

    शमिता शेट्टी ने यह भी बताया कि उसी दौरान वह पेरिमेनोपॉज के चरण से भी गुजर रही थीं। शरीर में हो रहे हार्मोनल बदलावों के कारण उनके लिए यह समझना और भी मुश्किल हो गया था कि उनकी तकलीफ का कारण एंडोमेट्रियोसिस है या पेरिमेनोपॉज से जुड़े परिवर्तन। लगातार बदलते शारीरिक संकेतों ने स्थिति को और जटिल बना दिया था। उन्होंने स्वीकार किया कि इस दौरान उन्हें काफी भ्रम और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा।

    उन्होंने महिलाओं को सलाह देते हुए कहा कि शरीर द्वारा दिए जाने वाले संकेतों को कभी हल्के में नहीं लेना चाहिए। यदि किसी प्रकार का दर्द, असामान्य लक्षण या स्वास्थ्य समस्या लंबे समय तक बनी रहे तो उसे सामान्य मानकर सहते रहने के बजाय विशेषज्ञ चिकित्सक से सलाह लेना आवश्यक है। समय पर जांच और सही उपचार कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को बढ़ने से रोक सकता है।

    शमिता की इस स्वास्थ्य यात्रा ने एक बार फिर महिलाओं में एंडोमेट्रियोसिस जैसी बीमारियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की जरूरत को रेखांकित किया है। विशेषज्ञ भी मानते हैं कि समय रहते लक्षणों की पहचान और चिकित्सकीय सलाह लेने से बेहतर उपचार संभव हो सकता है। महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर खुलकर चर्चा करना और जागरूकता बढ़ाना आज पहले से कहीं अधिक आवश्यक हो गया है।

  • चेक बाउंस मामले में राजपाल यादव को झटका, दिल्ली हाईकोर्ट ने 3 महीने की जेल बरकरार रखी

    चेक बाउंस मामले में राजपाल यादव को झटका, दिल्ली हाईकोर्ट ने 3 महीने की जेल बरकरार रखी


    मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को चेक बाउंस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने शुक्रवार को उनकी तीन महीने की जेल की सजा को बरकरार रखते हुए उन्हें दोबारा जेल भेजने के निर्देश दिए। कोर्ट ने इस दौरान अभिनेता के आचरण को लेकर भी नाराजगी जताई और कहा कि मामले में उनका व्यवहार “संदिग्ध” रहा है। साथ ही उन पर जुर्माना भी लगाया गया है।

    2010 में फिल्म निर्माण के लिए लिया था 5 करोड़ रुपये का कर्ज
    यह मामला वर्ष 2010 का है। राजपाल यादव ने अपनी निर्देशित फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से 5 करोड़ रुपये का ऋण लिया था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही और तय समय पर कर्ज की अदायगी नहीं हो सकी। कंपनी को दिए गए कई चेक बाउंस हो गए, जिसके बाद मामला अदालत पहुंचा।

    2018 में सुनाई गई थी सजा
    अप्रैल 2018 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने चेक बाउंस मामले में राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा यादव को दोषी ठहराते हुए छह महीने की जेल की सजा सुनाई थी। वर्ष 2019 में सेशन कोर्ट ने भी इस फैसले को बरकरार रखा, जिसके बाद अभिनेता ने दिल्ली हाईकोर्ट में अपील दायर की।

    मामले से जुड़े सात अलग-अलग प्रकरणों में वर्ष 2025 के अंत तक करीब 9 करोड़ रुपये की देनदारी बताई गई थी, जिसमें प्रत्येक मामले में लगभग 1.35 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाना था।

    अदालत ने वादे पूरे नहीं करने पर जताई नाराजगी
    जून 2024 में हाईकोर्ट ने सजा पर अस्थायी रोक लगाते हुए राजपाल यादव को बकाया राशि चुकाने का अवसर दिया था। हालांकि अदालत के अनुसार अभिनेता बार-बार अपने आश्वासन पूरे करने में असफल रहे। इसी कारण 2 फरवरी को उन्हें आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया गया था और अब अदालत ने उनकी सजा को भी बरकरार रखा है।

    बयानों में विरोधाभास पर कोर्ट की टिप्पणी
    सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि राजपाल यादव की ओर से दिए गए बयानों और पहले दिए गए आश्वासनों में विरोधाभास है। एक सुनवाई के दौरान कोर्ट ने टिप्पणी की थी कि उसके सवालों के स्पष्ट जवाब नहीं दिए जा रहे हैं और पहले दी गई अंडरटेकिंग से अलग बातें कही जा रही हैं।

    शिकायतकर्ता कंपनी का पक्ष
    शिकायतकर्ता कंपनी की ओर से पेश अधिवक्ता अवनीत सिंह सिक्का ने अदालत में कहा कि राजपाल यादव पहले ही अपनी सजा स्वीकार कर चुके हैं और अब वे अपनी जिम्मेदारियों से पीछे नहीं हट सकते।

    समझौते की कोशिश भी नहीं हुई सफल
    मामले के समाधान के लिए हाईकोर्ट ने कई बार दोनों पक्षों के बीच समझौते का प्रयास किया। अदालत के सुझाव पर शिकायतकर्ता कंपनी 6 करोड़ रुपये लेकर अंतिम समझौते के लिए भी तैयार हो गई थी, लेकिन राजपाल यादव ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया।

    अभिनेता ने अदालत को बताया कि उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है, यहां तक कि संपत्ति भी बेचनी पड़ी और वे पहले ही काफी राशि चुका चुके हैं। अदालत ने 3 करोड़ रुपये के भुगतान का एक संभावित तरीका भी सुझाया, लेकिन यह स्पष्ट किया कि यह केवल न्यायिक सुझाव है, अंतिम समझौता नहीं। कई दौर की बातचीत के बावजूद दोनों पक्ष सहमति तक नहीं पहुंच सके। इसके बाद हाईकोर्ट ने 2 अप्रैल को फैसला सुरक्षित रख लिया था।

    फरवरी 2026 में मिली थी अंतरिम जमानत
    चेक बाउंस मामले में आत्मसमर्पण के बाद राजपाल यादव 5 फरवरी 2026 को दिल्ली की तिहाड़ जेल भेजे गए थे। बाद में अपनी भतीजी की शादी में शामिल होने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट ने 1.5 करोड़ रुपये जमा करने की शर्त पर उन्हें अंतरिम जमानत दी थी। इसके बाद 17 फरवरी 2026 को उन्हें जेल से रिहा कर दिया गया था। अब अदालत ने उनकी तीन महीने की सजा को बरकरार रखते हुए दोबारा जेल भेजने का आदेश दिया है।

  • निजी रिश्तों के तनाव से जब थम गई थी सुरीली जुगलबंदी, किशोर कुमार ने मिथुन के लिए गाना बंद करने के बाद उन्हीं के लिए रिकॉर्ड किया था अपना आखिरी गीत

    निजी रिश्तों के तनाव से जब थम गई थी सुरीली जुगलबंदी, किशोर कुमार ने मिथुन के लिए गाना बंद करने के बाद उन्हीं के लिए रिकॉर्ड किया था अपना आखिरी गीत

    नई दिल्ली ।  भारतीय सिनेमा जगत के इतिहास में अपनी जादुई आवाज से करोड़ों दिलों पर राज करने वाले महान गायक किशोर कुमार और डिस्को डांसर के नाम से मशहूर अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती से जुड़ा एक बेहद दिलचस्प और अनसुना किस्सा सामने आया है। अपने दौर में हर बड़े अभिनेता की आवाज बनने वाले किशोर कुमार ने एक समय पर मिथुन चक्रवर्ती के लिए फिल्मों में पाश्र्वगायन (प्लेबैक सिंगिंग) करने से पूरी तरह इनकार कर दिया था। इस फैसले के पीछे कोई व्यावसायिक या पेशेवर विवाद नहीं था, बल्कि इसके पीछे पूरी तरह से उनके निजी जीवन से जुड़ी एक भावुक वजह थी, जिसने दोनों दिग्गजों के बीच सालों तक दूरियां बनाए रखीं।

    इस कड़वाहट की मुख्य वजह अभिनेत्री योगिता बाली थीं। महान अभिनेत्री मधुबाला के दुखद निधन के बाद किशोर कुमार ने योगिता बाली से तीसरी शादी की थी, लेकिन उनका यह वैवाहिक रिश्ता ज्यादा समय तक टिक नहीं सका और जल्द ही दोनों अलग हो गए। इसी दौरान फिल्म ‘ख्वाब’ की शूटिंग के समय योगिता बाली और मिथुन चक्रवर्ती एक-दूसरे के करीब आए और दोनों में प्यार हो गया। इसके बाद योगिता बाली और मिथुन चक्रवर्ती ने शादी कर ली। इस शादी से किशोर कुमार काफी आहत हुए थे और उनका दिल टूट गया था, जिसके बाद उन्होंने गुस्से और दुख में मिथुन चक्रवर्ती के लिए कभी भी अपनी आवाज न देने का सख्त फैसला कर लिया।

    सालों तक मिथुन चक्रवर्ती की फिल्मों के लिए गाना न गाने के बाद, समय के साथ दोनों के बीच के व्यक्तिगत घाव धीरे-धीरे भरने लगे। वक्त बीतने के साथ किशोर कुमार की नाराजगी कम हुई और उन्होंने अपने काम को निजी जिंदगी से अलग रखते हुए मिथुन चक्रवर्ती के लिए दोबारा स्टूडियो में कदम रखा। दोनों के बीच की आपसी खटास खत्म होने के बाद किशोर कुमार ने ‘सुरक्षा’ और ‘वक्त की आवाज’ जैसी कई सुपरहिट फिल्मों में मिथुन चक्रवर्ती के लिए एक से बढ़कर एक बेहतरीन और यादगार गानों को अपनी सुरीली आवाज से सजाया, जिन्हें दर्शकों ने बेहद पसंद किया।

    इस पूरे घटनाक्रम में सबसे अनोखा और भावुक मोड़ तब आया जब किशोर कुमार ने अपने जीवन का सबसे अंतिम गाना भी मिथुन चक्रवर्ती के लिए ही रिकॉर्ड किया। किशोर कुमार को इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि वे जिस अभिनेता से कभी नाराज थे, उसी के लिए उनका आखिरी गाना इतिहास में दर्ज होने जा रहा है। उन्होंने फिल्म ‘वक्त की आवाज’ के लिए ‘गुरु-गुरु’ गाना रिकॉर्ड किया था, जो बाद में पर्दे पर मिथुन चक्रवर्ती पर ही फिल्माया गया। इस गाने की रिकॉर्डिंग के कुछ समय बाद ही संगीत की दुनिया का यह चमकता सितारा हमेशा के लिए इस दुनिया को अलविदा कह गया।

    हालांकि इस पूरे विवाद और व्यक्तिगत मतभेदों को लेकर न तो कभी किशोर कुमार ने अपने जीवन में खुलकर कोई बयान दिया और न ही मिथुन चक्रवर्ती ने कभी मीडिया के सामने इस पर चर्चा की। दोनों ही कलाकारों ने हमेशा एक-दूसरे के प्रति गहरा पेशेवर सम्मान बनाए रखा। किशोर कुमार सिर्फ एक महान गायक ही नहीं, बल्कि एक बेहद प्रतिभाशाली अभिनेता और कुशल निर्देशक भी थे, जिन्हें उनके शानदार करियर के दौरान रिकॉर्ड 8 फिल्मफेयर पुरस्कारों से नवाजा गया था और साथ ही मध्य प्रदेश सरकार द्वारा प्रतिष्ठित लता मंगेशकर पुरस्कार भी प्रदान किया गया था।

  • सेंसर बोर्ड की आपत्तियों और ऑनलाइन लीक के नुकसान से उबरी 'जन नायकन', 'ए' सर्टिफिकेट के साथ सिनेमाघरों में दस्तक देने को तैयार थलपति विजय की अंतिम फिल्म

    सेंसर बोर्ड की आपत्तियों और ऑनलाइन लीक के नुकसान से उबरी 'जन नायकन', 'ए' सर्टिफिकेट के साथ सिनेमाघरों में दस्तक देने को तैयार थलपति विजय की अंतिम फिल्म


    नई दिल्ली ।
    तमिल सिनेमा के दिग्गज अभिनेता और राजनेता थलपति विजय की बहुप्रतीक्षित और आखिरी फिल्म ‘जन नायकन’ को लेकर एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) ने महीनों से चले आ रहे लंबे इंतजार और विवादों के बाद आखिरकार इस फिल्म को हरी झंडी दे दी है। सेंसर बोर्ड से सर्टिफिकेट मिलने के साथ ही फिल्म की संभावित रिलीज डेट भी सामने आ गई है, जिसके अनुसार यह फिल्म आगामी 24 जुलाई 2026 को सिनेमाघरों में दस्तक दे सकती है। यह फिल्म थलपति विजय के अभिनय करियर की अंतिम फिल्म है, जिसे देखने के लिए उनके प्रशंसक लंबे समय से बेसब्री से इंतजार कर रहे थे।

    सेंसर बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट से मिली जानकारी के मुताबिक, ‘जन नायकन’ को सीबीएफसी की तरफ से ‘ए’ (वयस्क) सर्टिफिकेट जारी किया गया है। इसके साथ ही फिल्म की समयावधि यानी रनटाइम को लेकर भी स्थिति साफ हो गई है, यह फिल्म 3 घंटे और 3 मिनट लंबी होने वाली है। हालांकि, सेंसर वेबसाइट पर जारी किए गए इस सर्टिफिकेट में फिल्म की मुख्य कहानी की रूपरेखा या बोर्ड द्वारा लगाए गए कट्स और बदलावों के बारे में फिलहाल कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है। इस सर्टिफिकेशन के पूरा होने के साथ ही फिल्म की रिलीज के रास्ते में आ रही सबसे बड़ी कानूनी अड़चन दूर हो गई है।

    इस फिल्म को थलपति विजय की आखिरी फिल्म इसलिए माना जा रहा है क्योंकि वे अब अभिनय की दुनिया को पूरी तरह अलविदा कहकर एक पूर्णकालिक राजनेता के रूप में सार्वजनिक जीवन में अपनी पहचान बना चुके हैं। अभिनेता ने हाल ही में 10 मई 2026 को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी, जिसके बाद से उनके राजनीतिक दायित्व काफी बढ़ गए हैं। यही वजह है कि फैंस के बीच इस फिल्म को लेकर एक अलग ही स्तर का उत्साह और भावुकता देखने को मिल रही है। प्रशंसक इस बात से बेहद खुश हैं कि कई महीनों से अधर में लटकी उनकी पसंदीदा स्टार की अंतिम फिल्म अब बड़े पर्दे पर प्रदर्शित होने के लिए पूरी तरह तैयार है।

    ‘जन नायकन’ में थलपति विजय के साथ-साथ मनोरंजन जगत के कई अन्य बड़े और लोकप्रिय चेहरे भी मुख्य भूमिकाओं में नजर आने वाले हैं। इस फिल्म के कलाकारों की सूची में बॉलीवुड अभिनेता बॉबी देओल, अभिनेत्री पूजा हेगड़े और ममिता बैजू जैसे नाम शामिल हैं, जो फिल्म के आकर्षण को और ज्यादा बढ़ाते हैं। हालांकि मेकर्स की ओर से अभी रिलीज डेट का कोई भव्य आधिकारिक ऐलान होना बाकी है, लेकिन व्यापार विश्लेषकों और अंदरूनी सूत्रों की रिपोर्टों के अनुसार, फिल्म के डिस्ट्रीब्यूटर्स ने 24 जुलाई को ही सिनेमाघरों में उतारने की पूरी तैयारी कर ली है।

    इस फिल्म का रिलीज तक पहुंचने का सफर बेहद उतार-चढ़ाव और भारी आर्थिक नुकसान से भरा रहा है। मूल रूप से यह फिल्म इसी साल की शुरुआत में 9 जनवरी 2026 को रिलीज होने वाली थी, लेकिन सैन्य बलों के चित्रण और कुछ दृश्यों से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचने की शिकायतों के बाद सेंसर बोर्ड ने इसे रिवाइजिंग कमेटी के पास भेज दिया था। इस विवाद के बीच 9 अप्रैल को यह फिल्म ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर लीक हो गई, जिससे मेकर्स को करीब 300 से 400 करोड़ रुपये का भारी नुकसान उठाना पड़ा और अमेजन प्राइम वीडियो ने भी अपनी 120 करोड़ रुपये की बड़ी ओटीटी डील रद्द कर दी थी। इन सभी चुनौतियों को पार कर अब यह फिल्म सिनेमाघरों में आने को तैयार है।

  • गौरव खन्ना और आकांक्षा चमोला का 9 साल पुराना रिश्ता टूटने की कगार पर: रियलिटी शो में हुआ बायसेक्सुअलिटी और तलाक की वजहों का बड़ा खुलासा

    गौरव खन्ना और आकांक्षा चमोला का 9 साल पुराना रिश्ता टूटने की कगार पर: रियलिटी शो में हुआ बायसेक्सुअलिटी और तलाक की वजहों का बड़ा खुलासा

    नई दिल्ली । टेलीविजन उद्योग के जाने-माने अभिनेता गौरव खन्ना और उनकी पत्नी आकांक्षा चमोला के बीच पिछले कुछ समय से चल रहे अलगाव की खबरें अब आधिकारिक रूप से सामने आ चुकी हैं। दोनों कलाकारों का लगभग 9 साल पुराना वैवाहिक रिश्ता अब कानूनी रूप से खत्म होने की कगार पर पहुंच गया है। हाल ही में एक मशहूर रियलिटी शो ‘लॉक अप 2’ के मंच पर दोनों का सामना हुआ, जहां उन्होंने अपनी निजी जिंदगी, आपसी मतभेदों और इंटरनेट पर चल रही तमाम अटकलों पर खुलकर बात की। इस मुलाकात के दौरान दोनों ही कलाकार काफी भावुक नजर आए और उन्होंने समाज व सोशल मीडिया की प्रतिक्रियाओं पर अपनी चिंता व्यक्त की।

    गौरव खन्ना ने रियलिटी शो के मंच पर पहुंचकर अपनी पत्नी आकांक्षा से मुलाकात की और बताया कि उनके अलगाव की खबर सार्वजनिक होने के बाद से वे मानसिक रूप से काफी परेशान हैं। अभिनेता ने कहा कि बाहर की दुनिया में इस खबर को लेकर बहुत तरह की बातें की जा रही हैं, जिसके कारण वे मीडिया और जनता का सामना करने से बच रहे हैं। उन्होंने इस बात पर गहरा दुख जताया कि कई लोग उनके इतने सालों के वास्तविक रिश्ते को महज पब्लिसिटी स्टंट या नकली मान रहे हैं। गौरव के अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम ने उन्हें भीतर तक प्रभावित किया है और उनके पास बाहर किसी से अपनी स्थिति साझा करने का कोई जरिया नहीं बचा था, इसलिए वे शो के मंच पर आए।

    दूसरी तरफ, आकांक्षा चमोला ने स्पष्ट किया कि वे दोनों पिछले एक साल से एक-दूसरे से अलग रह रहे थे। उन्होंने बताया कि इस रियलिटी शो का हिस्सा बनने से पहले ही उनके तलाक की कानूनी प्रक्रिया शुरू हो चुकी थी। आकांक्षा ने गौरव को समझाया कि वे सोशल मीडिया की टिप्पणियों या लोगों की राय को ज्यादा महत्व नहीं देती हैं, क्योंकि उनका मानना है कि उनके रिश्ते की सच्चाई को समझना हर किसी के बस की बात नहीं है। उन्होंने शो में रोने और अपने दिल की बात साझा करने के पीछे की वजह को अपनी वास्तविक परेशानी बताया, क्योंकि शो के भीतर हर कोई एक गेम खेल रहा है और वहां उनका कोई करीबी नहीं है।

    इस बातचीत के दौरान आकांक्षा चमोला की सेक्शुअलिटी को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई। जब शो के दौरान गौरव से पूछा गया कि क्या वे आकांक्षा के बायसेक्सुअल होने की सच्चाई से वाकिफ थे, तो उन्होंने सकारात्मक जवाब दिया। आकांक्षा ने बताया कि गौरव एक बेहद खुले विचारों वाले इंसान हैं और उन्हें शादी से पहले से ही इस बात की पूरी जानकारी थी। गौरव ने इस सच को स्वीकार करते हुए हमेशा उनका साथ दिया। अभिनेता का मानना है कि यदि आप किसी व्यक्ति को पसंद करते हैं, तो आपको उसे उसकी पूरी सच्चाई और पहचान के साथ स्वीकार करना चाहिए, और उन्होंने हमेशा इसी सोच का पालन किया।

    दोनों कलाकारों की शादी साल 2016 में हुई थी, जो अब करीब 9 वर्षों के बाद खत्म होने जा रही है। इस अलगाव का एक मुख्य कारण परिवार के विस्तार को लेकर दोनों के विचारों में भिन्नता होना बताया जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, गौरव खन्ना पिता बनना चाहते हैं और अपने परिवार को आगे बढ़ाना चाहते हैं, जबकि आकांक्षा चमोला फिलहाल इसके लिए तैयार नहीं हैं। इस वैचारिक मतभेद और व्यक्तिगत प्राथमिकताओं के कारण दोनों ने आपसी सहमति से अलग होने का कठिन फैसला लिया है। आकांक्षा ने कहा कि वे इस शो को जीतकर अपने करियर की एक नई शुरुआत करना चाहती हैं ताकि वे अपनी एक स्वतंत्र पहचान बना सकें।

  • दिलजीत दोसांझ की सतलुज पर सियासी संग्राम तेज अकाली दल ने हर गांव में स्क्रीनिंग का किया ऐलान

    दिलजीत दोसांझ की सतलुज पर सियासी संग्राम तेज अकाली दल ने हर गांव में स्क्रीनिंग का किया ऐलान


    नई दिल्ली । पंजाबी अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलुज को ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटाए जाने के बाद पंजाब में राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज हो गई है। फिल्म को रिलीज के कुछ समय बाद ही प्लेटफॉर्म से हटाए जाने पर कई संगठनों ने सवाल उठाए हैं। इसी बीच शिरोमणि अकाली दल ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि वह इस फिल्म को पंजाब के हर गांव और हर क्षेत्र में लोगों तक पहुंचाएगा ताकि नई पीढ़ी राज्य के इतिहास के उस दौर से परिचित हो सके जिसे लेकर लंबे समय से चर्चा होती रही है।

    शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि फिल्म में जिन घटनाओं और परिस्थितियों को दिखाया गया है उन्हें समाज के सामने आना चाहिए। उनका कहना है कि पंजाब के कठिन दौर को समझना आने वाली पीढ़ियों के लिए जरूरी है और इसी उद्देश्य से पार्टी गांव गांव में फिल्म की स्क्रीनिंग करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि इतिहास से जुड़े विषयों को लोगों तक पहुंचने से रोकना उचित नहीं माना जा सकता।

    यह फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन और उनके संघर्ष से प्रेरित बताई जा रही है। फिल्म में 1990 के दशक के दौरान पंजाब में कथित फर्जी मुठभेड़ों और लापता लोगों से जुड़े मामलों की पृष्ठभूमि को दिखाया गया है। खालड़ा ने उस समय कथित तौर पर ऐसे मामलों की जांच कर कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने रखने का दावा किया था। यही विषय फिल्म के केंद्र में है और इसी कारण यह चर्चा का विषय बनी हुई है।

    फिल्म के ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटने के बाद सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर व्यापक बहस शुरू हो गई। कई लोगों ने फिल्म को दोबारा उपलब्ध कराने की मांग उठाई जबकि कुछ संगठनों ने सार्वजनिक प्रदर्शन की घोषणा की। इस पूरे घटनाक्रम के बीच राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगीं जिससे मामला और अधिक चर्चा में आ गया।

    इसी क्रम में सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था अकाल तख्त ने भी 14 जुलाई को विशेष अरदास आयोजित करने की घोषणा की है। यह कार्यक्रम हरीके पत्तन स्थित सतलुज नदी के किनारे आयोजित किया जाएगा जहां उन लोगों की आत्मा की शांति और उनके परिवारों के लिए न्याय की प्रार्थना की जाएगी जिनका उल्लेख उस दौर की घटनाओं के संदर्भ में किया जाता है। धार्मिक सभा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।

    दूसरी ओर फिल्म को हटाने के फैसले को लेकर भी अलग अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोगों का मानना है कि ऐसे संवेदनशील विषयों पर बनी फिल्मों की समीक्षा जरूरी है जबकि अन्य इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़कर देख रहे हैं। इसी बीच यह भी जानकारी सामने आई है कि संबंधित मामले की परिस्थितियों की समीक्षा के लिए एक समिति गठित किए जाने की बात कही गई है ताकि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा सके।

    फिलहाल सतलुज फिल्म केवल मनोरंजन का विषय नहीं रह गई है बल्कि यह इतिहास राजनीति अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सामाजिक विमर्श का केंद्र बन चुकी है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर होने वाले फैसले और घटनाक्रम पर पूरे देश की नजर बनी रहेगी।