Category: Entertainment

  • शादी के 10 साल बाद गौरव खन्ना और आकांक्षा चमोला के रास्ते हुए अलग, 'लॉक अप' सीजन 2 में अभिनेत्री ने किया आधिकारिक तलाक का एलान

    शादी के 10 साल बाद गौरव खन्ना और आकांक्षा चमोला के रास्ते हुए अलग, 'लॉक अप' सीजन 2 में अभिनेत्री ने किया आधिकारिक तलाक का एलान

    नई दिल्ली। टेलीविजन जगत के सबसे चर्चित और पसंदीदा जोड़ों में से एक, गौरव खन्ना और आकांक्षा चमोला के प्रशंसकों के लिए एक बेहद निराशाजनक खबर सामने आई है। ‘बिग बॉस 19’ और ‘सेलिब्रिटी मास्टरशेफ इंडिया’ सीजन 1 के विजेता रहे अभिनेता गौरव खन्ना की पत्नी और जानी-मानी अभिनेत्री आकांक्षा चमोला ने अपने वैवाहिक जीवन को लेकर एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा किया है। एक रियलिटी शो ‘लॉक अप’ सीजन 2 में बतौर प्रतियोगी प्रवेश करते ही आकांक्षा ने अपनी निजी जिंदगी के इस कड़वे सच से पर्दा उठाया है कि वह और गौरव पिछले एक साल से एक-दूसरे से अलग रह रहे हैं।

    आकांक्षा ने शो के मंच पर इस बात की पुष्टि की है कि दोनों ने आपसी सहमति से अब आधिकारिक तौर पर तलाक लेने का फैसला कर लिया है। वर्ष 2016 के नवंबर महीने में कानपुर में बेहद भव्य तरीके से शादी के बंधन में बंधे इस जोड़े का रिश्ता पूरे दस साल बाद इस मोड़ पर आकर खत्म होगा, इसकी उम्मीद किसी को नहीं थी। इस खबर के सार्वजनिक होते ही सोशल मीडिया और मनोरंजन जगत में हलचल तेज हो गई है, और दोनों के अलग होने के कारणों को लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जाने लगे हैं।

    तलाक की आधिकारिक पुष्टि होने के तुरंत बाद इंटरनेट पर गौरव खन्ना का एक पुराना वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह अपनी शादीशुदा जिंदगी और परिवार नियोजन को लेकर बात करते दिख रहे हैं। यह वीडियो ‘बिग बॉस 19’ के दौरान का है, जिसमें गौरव ने अपने सह-प्रतियोगी मृदुल से बातचीत में स्वीकार किया था कि वह अपने जीवन में पिता बनने की चाहत रखते थे। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि वह अपनी पत्नी की इच्छाओं का पूरा सम्मान करते हैं और चूंकि आकांक्षा उस समय मां बनने की जिम्मेदारी के लिए तैयार नहीं थीं, इसलिए उन्होंने उनके फैसले को सहजता से स्वीकार किया था। गौरव का मानना था कि बच्चे की परवरिश एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है, जिसके लिए माता-पिता दोनों का मानसिक रूप से तैयार होना आवश्यक है।

    दूसरी तरफ, उसी शो के ‘फैमिली वीक’ के दौरान जब आकांक्षा चमोला घर के भीतर आई थीं, तब उन्होंने अन्य प्रतियोगियों मालती चाहर और प्रणीत मोरे के साथ बातचीत में इस विषय पर अपना स्पष्ट नजरिया साझा किया था। आकांक्षा ने कहा था कि उनके भीतर कभी मां बनने की स्वाभाविक भावना या इच्छा जाग्रत नहीं हुई। उन्होंने साफ तौर पर कहा था कि वह भविष्य में भी इस बड़ी जिम्मेदारी को उठाने के लिए खुद को मानसिक रूप से तैयार नहीं पाती हैं। आकांक्षा का मानना था कि यदि आप किसी जिम्मेदारी को निभाने के लिए लगातार बहाने ढूंढ रहे हैं, तो इसका सीधा अर्थ है कि आप उसके योग्य या तैयार नहीं हैं।

    आकांक्षा ने बातचीत में यह भी जोड़ा था कि वह अपने करियर को लेकर बेहद महत्वाकांक्षी हैं और अपने पेशेवर जीवन में आगे बढ़ना चाहती हैं। यदि लोग उनके इस व्यावहारिक दृष्टिकोण को स्वार्थ या मतलबी होना कहते हैं, तो यह उनकी अपनी सोच हो सकती है। उस समय गौरव खन्ना ने भी अपनी पत्नी के इस व्यावहारिक रुख का समर्थन किया था। बहरहाल, अब जब दोनों के बीच तलाक की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, तो प्रशंसक यह अनुमान लगा रहे हैं कि क्या संतान सुख को लेकर दोनों की अलग-अलग विचारधारा ही इस दस साल पुराने रिश्ते के टूटने की मुख्य वजह बनी है। वर्तमान में इस पूरे घटनाक्रम पर गौरव खन्ना की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

  • TVF के कंटेंट पर नीरज घेवान ने उठाए प्रतिनिधित्व के सवाल पंचायत सीरीज को लेकर कही बड़ी बात

    TVF के कंटेंट पर नीरज घेवान ने उठाए प्रतिनिधित्व के सवाल पंचायत सीरीज को लेकर कही बड़ी बात


    नई दिल्ली। लोकप्रिय वेब सीरीज पंचायत और अन्य चर्चित शोज के लिए मशहूर TVF एक बार फिर चर्चा में है। इस बार वजह कोई नई सीरीज नहीं बल्कि फिल्म निर्देशक नीरज घेवान का बयान है। मसान और होमबाउंड जैसी फिल्मों के लिए पहचाने जाने वाले नीरज घेवान ने TVF के कंटेंट की तारीफ करते हुए भी उसके सामाजिक प्रतिनिधित्व को लेकर सवाल खड़े किए हैं। उनका मानना है कि गांवों की पृष्ठभूमि पर आधारित इन कहानियों में समाज के सभी वर्गों को पर्याप्त जगह नहीं मिलती।

    एक पॉडकास्ट के दौरान नीरज घेवान ने कहा कि TVF ने कई बेहतरीन और यादगार शोज बनाए हैं जिन्हें दर्शकों ने खूब पसंद किया है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें इस बात की कमी महसूस होती है कि इन शोज में निम्न जाति और मुस्लिम समुदाय के किरदार लगभग दिखाई नहीं देते। उनके अनुसार जब किसी कहानी को गांव की वास्तविक तस्वीर के रूप में पेश किया जाता है तब उसमें समाज के अलग अलग वर्गों का प्रतिनिधित्व भी दिखाई देना चाहिए।

    नीरज घेवान ने यह भी कहा कि TVF की स्थापना और उसके कई प्रमुख रचनाकार ऐसे लोगों में शामिल हैं जिन्होंने देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों से पढ़ाई की है। ऐसे में उनके कंधों पर समाज की विविधता को संतुलित ढंग से प्रस्तुत करने की जिम्मेदारी भी अधिक होती है। उनका कहना था कि यदि किसी गांव की कहानी दिखाई जा रही है तो वहां केवल एक ही सामाजिक वर्ग के लोगों को दिखाना वास्तविकता की पूरी तस्वीर पेश नहीं करता।

    उन्होंने खास तौर पर पंचायत सीरीज का जिक्र करते हुए कहा कि यदि किसी शो को गांव की सबसे प्रामाणिक कहानी बताया जाता है तो उसमें अलग अलग समुदायों और सामाजिक समूहों की मौजूदगी भी नजर आनी चाहिए। उनके अनुसार भारतीय गांवों की सामाजिक संरचना काफी विविध है और उसे उसी रूप में दिखाया जाना चाहिए।

    पंचायत TVF की सबसे सफल वेब सीरीज में गिनी जाती है। इसके अब तक चार सीजन रिलीज हो चुके हैं और हर सीजन को दर्शकों का भरपूर प्यार मिला है। सोशल मीडिया पर भी इस सीरीज के कई किरदार और संवाद बेहद लोकप्रिय रहे हैं। यही वजह है कि पंचायत का एक अलग दर्शक वर्ग तैयार हो चुका है। इसी दुनिया से जुड़ी नई वेब सीरीज ग्राम चिकित्सालय भी जल्द दर्शकों के सामने आने वाली है।

    फिलहाल TVF की ओर से नीरज घेवान के बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिनिधित्व और कहानी कहने के तरीके को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। एक वर्ग नीरज की बात का समर्थन कर रहा है तो वहीं कई दर्शकों का मानना है कि किसी भी रचनाकार को अपनी कहानी और पात्रों का चयन करने की स्वतंत्रता होती है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस मुद्दे पर TVF या पंचायत की टीम कोई प्रतिक्रिया देती है या नहीं।

  • पहले ही दिन छाई वेलकम टू द जंगल अक्षय कुमार की नई फिल्म ने ओपनिंग में मारी बाजी फिर भी नहीं थमी कॉकटेल 2 और मैं वापस आऊंगा की रफ्तार

    पहले ही दिन छाई वेलकम टू द जंगल अक्षय कुमार की नई फिल्म ने ओपनिंग में मारी बाजी फिर भी नहीं थमी कॉकटेल 2 और मैं वापस आऊंगा की रफ्तार


    नई दिल्ली। बॉक्स ऑफिस पर इस सप्ताह तीन फिल्मों के बीच दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल रहा है। अक्षय कुमार की मल्टीस्टारर फिल्म वेलकम टू द जंगल ने रिलीज के पहले ही दिन शानदार कमाई कर अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज करा दी है। फिल्म की जोरदार ओपनिंग ने अक्षय कुमार की हालिया रिलीज फिल्मों के शुरुआती रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। हालांकि नई रिलीज के बावजूद कॉकटेल 2 और मैं वापस आऊंगा जैसी फिल्मों की कमाई पर बड़ा असर दिखाई नहीं दिया है और दोनों फिल्में अपनी मजबूत पकड़ बनाए हुए हैं।

    ट्रेड रिपोर्ट्स के अनुसार वेलकम टू द जंगल ने रिलीज से पहले हुए पेड प्रीव्यू से 3.75 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। इसके बाद पहले दिन फिल्म ने करीब 15 करोड़ रुपये की नेट कमाई दर्ज की। इस तरह फिल्म की कुल ओपनिंग 18.75 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। भारत में फिल्म का ग्रॉस कलेक्शन 22.50 करोड़ रुपये रहा जबकि दुनियाभर में पहले दिन इसका ग्रॉस कलेक्शन करीब 29 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

    यह ओपनिंग अक्षय कुमार की पिछली फिल्मों भूत बंगला और जॉली एलएलबी 3 से बेहतर मानी जा रही है। फिल्म को दिनभर दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला और शाम के शो में ऑक्यूपेंसी में भी लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली। अब फिल्म की असली परीक्षा वीक डेज में होगी जहां यह तय होगा कि दर्शकों का उत्साह कितने समय तक बना रहता है।

    वेलकम फ्रेंचाइजी की इस नई फिल्म में अक्षय कुमार के साथ सुनील शेट्टी दिशा पाटनी जैकलीन फर्नांडीस रवीना टंडन लारा दत्ता परेश रावल अरशद वारसी तुषार कपूर श्रेयस तलपड़े आफताब शिवदासानी और जैकी श्रॉफ जैसे कई बड़े कलाकार नजर आ रहे हैं। बड़े स्टारकास्ट और कॉमेडी एंटरटेनमेंट के कारण फिल्म को देशभर में बड़ी संख्या में स्क्रीन और प्राइम टाइम शो मिले हैं।

    दूसरी ओर शाहिद कपूर कृति सेनन और रश्मिका मंदाना अभिनीत कॉकटेल 2 भी मजबूत प्रदर्शन कर रही है। पहले सप्ताह में शानदार कमाई करने के बाद दूसरे शुक्रवार को भी फिल्म ने लगभग 4.25 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया। इसके साथ घरेलू बॉक्स ऑफिस पर फिल्म की कुल नेट कमाई करीब 74.75 करोड़ रुपये तक पहुंच गई जबकि दुनियाभर में इसका ग्रॉस कलेक्शन 114.67 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। फिल्म को मल्टीप्लेक्स दर्शकों का लगातार अच्छा समर्थन मिल रहा है और रोमांटिक ड्रामा पसंद करने वाले दर्शकों के बीच इसकी लोकप्रियता बनी हुई है।

    इधर इम्तियाज अली की फिल्म मैं वापस आऊंगा भी लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही है। तीसरे सप्ताह में प्रवेश करने के बाद भी फिल्म की कमाई स्थिर बनी हुई है। रिलीज के पंद्रहवें दिन फिल्म ने लगभग 2.85 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। भारत में फिल्म का ग्रॉस कलेक्शन 44.85 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है जबकि दुनियाभर में इसकी कमाई 58.65 करोड़ रुपये दर्ज की गई है। खास बात यह है कि नई रिलीज के बावजूद फिल्म पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा और सकारात्मक वर्ड ऑफ माउथ के दम पर यह लगातार दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में सफल रही है।

    फिलहाल बॉक्स ऑफिस पर वेलकम टू द जंगल ने शानदार शुरुआत जरूर की है लेकिन कॉकटेल 2 और मैं वापस आऊंगा की मजबूत पकड़ ने यह साफ कर दिया है कि दर्शकों के पास इस समय अलग अलग शैली की फिल्मों के कई विकल्प मौजूद हैं। आने वाला वीकेंड तीनों फिल्मों के लिए बेहद अहम साबित होगा।

  • जब लता मंगेशकर ने दिया नितिन मुकेश को पहला बड़ा मंच, पिता के निधन के बाद मिला ऐसा मौका जिसने बना दिया सफल पार्श्वगायक

    जब लता मंगेशकर ने दिया नितिन मुकेश को पहला बड़ा मंच, पिता के निधन के बाद मिला ऐसा मौका जिसने बना दिया सफल पार्श्वगायक

    नई दिल्ली । भारतीय फिल्म संगीत के इतिहास में कई ऐसे कलाकार हुए हैं जिनकी सफलता के पीछे संघर्ष, प्रतिभा और सही समय पर मिला एक अवसर अहम भूमिका निभाता है। प्रसिद्ध पार्श्वगायक नितिन मुकेश की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। महान गायक मुकेश के निधन के बाद जब पूरा परिवार गहरे शोक में था, उसी कठिन दौर में स्वर कोकिला लता मंगेशकर ने उन्हें ऐसा अवसर दिया जिसने उनके संगीत करियर की दिशा ही बदल दी।

    नितिन मुकेश का जन्म 27 जून 1950 को हुआ था। संगीत उन्हें विरासत में मिला था और बचपन से ही उन्होंने अपने पिता मुकेश से गायन की बारीकियां सीखीं। वह शुरुआत से ही संगीत की दुनिया में अपनी पहचान बनाना चाहते थे, लेकिन उन्हें सबसे बड़ा अवसर उस समय मिला जब उनके पिता का अचानक निधन हो गया।

    मुकेश के निधन से भारतीय संगीत जगत में गहरा शून्य पैदा हो गया था। उस समय लता मंगेशकर के साथ उनके कई अंतरराष्ट्रीय संगीत कार्यक्रम पहले से तय थे। शुरुआती दौर में इन कार्यक्रमों को रद्द करने पर विचार किया गया, लेकिन बाद में लता मंगेशकर ने एक अलग फैसला लिया। उन्होंने तय किया कि इन कार्यक्रमों को जारी रखा जाएगा और मंच पर मुकेश की जगह उनके बेटे नितिन मुकेश को अवसर दिया जाएगा।

    बताया जाता है कि कार्यक्रमों के दौरान लता मंगेशकर ने दर्शकों को संबोधित करते हुए कहा कि मुकेश अब उनके बीच नहीं रहे, इसलिए वह उनके बेटे के साथ इस संगीत यात्रा को आगे बढ़ा रही हैं। यह पल नितिन मुकेश के लिए बेहद भावुक होने के साथ-साथ उनके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण मोड़ भी साबित हुआ। अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुति देने का यह अवसर उन्हें व्यापक पहचान दिलाने में निर्णायक साबित हुआ।

    इसके बाद नितिन मुकेश ने देश और विदेश के अनेक संगीत कार्यक्रमों में अपनी गायकी से श्रोताओं का दिल जीता। धीरे-धीरे उन्होंने हिंदी फिल्म संगीत में भी अपनी अलग पहचान बनाई। विशेष रूप से 1980 और 1990 के दशक में उन्होंने कई लोकप्रिय गीत गाए, जिन्हें आज भी संगीत प्रेमी पसंद करते हैं। उनकी आवाज ने उन्हें फिल्म उद्योग के स्थापित पार्श्वगायकों की श्रेणी में पहुंचा दिया।

    अपने करियर के दौरान नितिन मुकेश ने कई प्रतिष्ठित संगीतकारों के साथ काम किया। उन्होंने आर.डी. बर्मन, लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल, बप्पी लाहिड़ी, खय्याम और आनंद-मिलिंद जैसे दिग्गज संगीतकारों की धुनों को अपनी आवाज दी। इसके अलावा उन्होंने लता मंगेशकर, आशा भोसले और अलका याज्ञनिक जैसी शीर्ष गायिकाओं के साथ भी कई यादगार युगल गीत रिकॉर्ड किए।

    नितिन मुकेश का संगीत सफर इस बात का उदाहरण माना जाता है कि कठिन परिस्थितियों में मिला एक भरोसा और सही मार्गदर्शन किसी कलाकार के भविष्य को नई दिशा दे सकता है। पिता की विरासत को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने अपनी मेहनत, समर्पण और प्रतिभा के दम पर भारतीय संगीत जगत में एक सम्मानजनक और स्थायी पहचान स्थापित की।

  • 'खतरों के खिलाड़ी 15' की वापसी तय, रोहित शेट्टी के स्टंट शो की रिलीज डेट का ऐलान, प्रोमो ने बढ़ाई रोमांच की धड़कनें

    'खतरों के खिलाड़ी 15' की वापसी तय, रोहित शेट्टी के स्टंट शो की रिलीज डेट का ऐलान, प्रोमो ने बढ़ाई रोमांच की धड़कनें

    नई दिल्ली । लोकप्रिय स्टंट रियलिटी शो ‘खतरों के खिलाड़ी’ का नया सीजन जल्द ही दर्शकों के बीच दस्तक देने जा रहा है। लंबे इंतजार के बाद मेकर्स ने ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ का पहला प्रोमो जारी करते हुए इसके प्रीमियर की तारीख का भी आधिकारिक ऐलान कर दिया है। प्रोमो सामने आते ही शो को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई है और दर्शकों के बीच नए सीजन को लेकर उत्साह बढ़ गया है। हर बार की तरह इस बार भी शो में रोमांच, साहस और चुनौतीपूर्ण स्टंट का जबरदस्त मिश्रण देखने को मिलेगा।

    ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ का प्रीमियर 25 जुलाई 2026 से होगा। शो का प्रसारण प्रत्येक शनिवार और रविवार रात 9 बजे किया जाएगा। टेलीविजन के साथ-साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी दर्शकों को यह शो देखने का अवसर मिलेगा। नए सीजन की घोषणा के साथ ही फैंस एक बार फिर रोहित शेट्टी के दमदार अंदाज और हाई-वोल्टेज स्टंट्स का इंतजार कर रहे हैं।

    जारी किए गए प्रोमो की शुरुआत चेतावनी भरे माहौल से होती है, जहां खतरनाक स्टंट्स की झलकियां दर्शकों का ध्यान तुरंत अपनी ओर खींचती हैं। प्रोमो में रोहित शेट्टी प्रतियोगियों का स्वागत करते हुए बताते हैं कि इस बार डर का स्तर पहले से कहीं अधिक कठिन होने वाला है। वीडियो में ऊंची इमारतों से जुड़े स्टंट, जंगली जानवरों के बीच चुनौतियां और जोखिम से भरे कई टास्क दिखाई देते हैं, जो नए सीजन के रोमांच का संकेत देते हैं।

    प्रोमो में प्रतियोगियों की झलक भी देखने को मिली है। कोई तेज रफ्तार के बीच चुनौती पूरी करता नजर आता है तो कोई ऊंचाई पर संतुलन बनाते हुए स्टंट करता दिखाई देता है। अभिनेत्री रुबीना दिलैक को सांप और बिच्छुओं के बीच टास्क पूरा करते हुए दिखाया गया है। इन दृश्यों ने साफ कर दिया है कि इस बार प्रतियोगियों के सामने पहले से कहीं अधिक कठिन और जोखिम भरे टास्क रखे जाएंगे।

    इस सीजन में टेलीविजन और मनोरंजन जगत के कई लोकप्रिय चेहरे प्रतियोगी के रूप में हिस्सा लेने जा रहे हैं। प्रतिभागियों की सूची में अविनाश मिश्रा, करण वाही, ऋत्विक धनजानी, अविका गोर, रुहानिका धवन, फरहाना भट्ट, जैस्मिन भसीन, रुबीना दिलैक, विशाल आदित्य सिंह, गौरव खन्ना, शगुन शर्मा और ऑरी जैसे चर्चित नाम शामिल हैं। विभिन्न क्षेत्रों से आए इन प्रतिभागियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने की उम्मीद की जा रही है।

    शो की शूटिंग दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन में पूरी की जा चुकी है। यह स्थान अपने चुनौतीपूर्ण प्राकृतिक वातावरण और एडवेंचर स्टंट्स के लिए जाना जाता है। हर सीजन की तरह इस बार भी प्रतियोगियों को कठिन परिस्थितियों में अपनी मानसिक मजबूती, शारीरिक क्षमता और साहस का प्रदर्शन करना होगा। इसी वजह से ‘खतरों के खिलाड़ी’ को भारतीय टेलीविजन के सबसे लोकप्रिय रियलिटी शोज में गिना जाता है।

    नए सीजन के प्रोमो और प्रसारण तिथि की घोषणा के बाद दर्शकों की उत्सुकता और बढ़ गई है। पिछले कई सीजन की सफलता के बाद मेकर्स इस बार भी रोमांच और मनोरंजन का स्तर पहले से ऊंचा रखने का दावा कर रहे हैं। अब सभी की निगाहें 25 जुलाई पर टिकी हैं, जब रोहित शेट्टी एक बार फिर प्रतियोगियों को खतरों से भरी नई चुनौतियों का सामना कराते हुए दर्शकों का मनोरंजन करते नजर आएंगे।

  • बॉलीवुड में 34 साल पूरे होने पर शाहरुख खान का भावुक अंदाज, बचपन की यादें साझा कर मैंगलुरु में फैंस संग मनाया यादगार जश्न

    बॉलीवुड में 34 साल पूरे होने पर शाहरुख खान का भावुक अंदाज, बचपन की यादें साझा कर मैंगलुरु में फैंस संग मनाया यादगार जश्न

    नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा के सुपरस्टार शाहरुख खान ने फिल्म इंडस्ट्री में अपने 34 वर्ष पूरे होने का जश्न मैंगलुरु में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान प्रशंसकों के साथ मनाया। इस अवसर पर उन्होंने अपने अभिनय सफर की यादों को ताजा किया, बचपन से जुड़ा एक भावुक किस्सा साझा किया और मंच पर अपने लोकप्रिय गीतों पर शानदार प्रस्तुति देकर दर्शकों का उत्साह बढ़ाया। कार्यक्रम के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं।

    शाहरुख खान ने वर्ष 1992 में फिल्म ‘दीवाना’ से बॉलीवुड में कदम रखा था। पहली ही फिल्म से उन्हें व्यापक पहचान मिली और इसके बाद उन्होंने लगातार कई सफल फिल्मों के जरिए खुद को हिंदी सिनेमा के सबसे लोकप्रिय कलाकारों में स्थापित किया। तीन दशक से अधिक लंबे करियर में उन्होंने रोमांस, एक्शन, ड्रामा और सामाजिक विषयों पर आधारित अनेक फिल्मों में यादगार भूमिकाएं निभाई हैं।

    मैंगलुरु में आयोजित समारोह के दौरान शाहरुख खान ने स्थानीय दर्शकों का कन्नड़ भाषा में अभिवादन किया, जिसे वहां मौजूद लोगों ने जोरदार तालियों के साथ सराहा। उन्होंने कहा कि इस शहर से उनका विशेष भावनात्मक जुड़ाव रहा है और यहां लौटना हमेशा उनके लिए यादगार अनुभव होता है। उनके सहज और आत्मीय व्यवहार ने कार्यक्रम को और अधिक खास बना दिया।

    कार्यक्रम के दौरान शाहरुख ने अपनी बचपन की एक चर्चित तस्वीर भी साझा की। इस तस्वीर में वह छोटे बच्चे के रूप में बाल्टी में बैठे दिखाई देते हैं। तस्वीर का जिक्र करते हुए उन्होंने मुस्कुराते हुए बताया कि यह उनके बचपन की सबसे यादगार तस्वीरों में से एक है और यह मैंगलुरु में ही खींची गई थी। उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में इस तस्वीर से जुड़ी यादों को साझा किया, जिससे कार्यक्रम में मौजूद दर्शकों के चेहरे पर भी मुस्कान आ गई।

    शाहरुख खान ने केवल बातचीत तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि मंच पर अपने प्रसिद्ध गीतों पर प्रस्तुति देकर माहौल को और भी जीवंत बना दिया। उन्होंने अपने लोकप्रिय गाने ‘छम्मक छल्लो’ पर डांस किया और फिल्म ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ के कुछ प्रतिष्ठित दृश्यों और अंदाज को भी दोहराया। उनकी प्रस्तुति पर दर्शकों ने उत्साहपूर्वक प्रतिक्रिया दी और पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा।

    मैंगलुरु शाहरुख खान के जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। हालांकि उनका जन्म नई दिल्ली में हुआ, लेकिन बचपन के शुरुआती वर्ष उन्होंने इसी शहर में बिताए थे। यही कारण है कि इस स्थान से उनका भावनात्मक रिश्ता आज भी कायम है। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने इस जुड़ाव का उल्लेख करते हुए अपने बचपन की कई यादों को भी साझा किया।

    फिल्मी करियर के साथ-साथ शाहरुख खान इन दिनों अपनी आगामी फिल्म ‘किंग’ की शूटिंग में व्यस्त हैं। इस फिल्म को लेकर दर्शकों में पहले से ही काफी उत्साह है। खास बात यह है कि इसमें वह पहली बार अपनी बेटी सुहाना खान के साथ बड़े पर्दे पर नजर आएंगे। फिल्म में कई अन्य चर्चित कलाकार भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में दिखाई देंगे।

    तीन दशक से अधिक समय तक लगातार दर्शकों का मनोरंजन करने वाले शाहरुख खान आज भी भारतीय सिनेमा के सबसे प्रभावशाली सितारों में गिने जाते हैं। मैंगलुरु में आयोजित यह समारोह केवल उनके फिल्मी सफर का उत्सव नहीं था, बल्कि उन लाखों प्रशंसकों के लिए भी एक भावनात्मक अवसर बन गया, जिन्होंने वर्षों से उनकी फिल्मों और अभिनय को अपना भरपूर प्यार दिया है।

  • 'बाहुबली 3' की वापसी के मिले बड़े संकेत! प्रभास-राणा के इशारों ने बढ़ाई हलचल, आधिकारिक ऐलान का इंतजार तेज

    'बाहुबली 3' की वापसी के मिले बड़े संकेत! प्रभास-राणा के इशारों ने बढ़ाई हलचल, आधिकारिक ऐलान का इंतजार तेज

    नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा की सबसे सफल फ्रेंचाइजी में शामिल ‘बाहुबली’ एक बार फिर सुर्खियों में है। हाल ही में रिलीज हुई डॉक्यूमेंट्री के एक वीडियो ने फिल्म के तीसरे भाग को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो में अभिनेता प्रभास और राणा दग्गुबाती के कुछ संकेतों ने प्रशंसकों की उत्सुकता बढ़ा दी है। हालांकि फिल्म के निर्माता या निर्देशक की ओर से अब तक किसी प्रकार की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन इन संकेतों के बाद ‘बाहुबली 3’ को लेकर अटकलों का दौर तेज हो गया है।

    हाल ही में रिलीज हुई चार एपिसोड की डॉक्यूमेंट्री में ‘बाहुबली’ के निर्माण की पूरी यात्रा को विस्तार से दिखाया गया है। इसमें फिल्म की शूटिंग, तकनीकी चुनौतियों, कलाकारों के अनुभव और निर्देशक एस.एस. राजामौली के विजन को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया है। डॉक्यूमेंट्री में प्रभास, राणा दग्गुबाती, अनुष्का शेट्टी, तमन्ना भाटिया, राम्या कृष्णन सहित पूरी स्टारकास्ट दिखाई देती है, जिससे दर्शकों को फिल्म के पर्दे के पीछे की कई दिलचस्प जानकारियां देखने को मिली हैं।

    सबसे अधिक चर्चा उस दृश्य की हो रही है जिसमें राणा दग्गुबाती यह कहते नजर आते हैं कि ‘बाहुबली’ की कहानी अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। उनके इस बयान के बाद मौजूद कलाकारों की मुस्कान और माहौल ने दर्शकों का ध्यान खींचा। इसके तुरंत बाद प्रभास का मुस्कुराते हुए तीन उंगलियां दिखाना सोशल मीडिया पर चर्चा का सबसे बड़ा विषय बन गया। कई प्रशंसकों ने इसे सीधे तौर पर ‘बाहुबली 3’ का संकेत मान लिया।

    डॉक्यूमेंट्री के अंतिम हिस्से में दिखाई देने वाला संदेश भी इन अटकलों को और मजबूत करता है। “And the legacy continues” जैसी पंक्ति ने दर्शकों के बीच यह उम्मीद जगा दी कि फ्रेंचाइजी की कहानी आगे भी जारी रह सकती है। हालांकि यह केवल एक प्रतीकात्मक संदेश है या किसी नए प्रोजेक्ट की ओर इशारा, इस बारे में अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

    फिल्म जगत के जानकारों का मानना है कि ‘बाहुबली’ जैसी ऐतिहासिक सफलता हासिल करने वाली फ्रेंचाइजी के तीसरे भाग को लेकर दर्शकों की उत्सुकता स्वाभाविक है। साल 2015 में रिलीज हुई ‘बाहुबली: द बिगिनिंग’ ने भारतीय सिनेमा के कई रिकॉर्ड तोड़े थे। इसके बाद 2017 में आई ‘बाहुबली 2: द कन्क्लूजन’ ने देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी जबरदस्त सफलता हासिल की और बॉक्स ऑफिस पर ऐतिहासिक कमाई दर्ज की। यही कारण है कि इस सीरीज से जुड़ी हर छोटी जानकारी भी प्रशंसकों के बीच चर्चा का विषय बन जाती है।

    फिलहाल फिल्म के कलाकारों की ओर से दिए गए संकेतों को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह के अनुमान लगाए जा रहे हैं। कुछ लोग इसे तीसरी फिल्म का संकेत मान रहे हैं, जबकि कुछ का मानना है कि यह किसी नए स्पिन-ऑफ, वेब सीरीज या अन्य प्रोजेक्ट की ओर इशारा भी हो सकता है। जब तक निर्माता या निर्देशक की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं होती, तब तक इन चर्चाओं की पुष्टि नहीं की जा सकती।

    मनोरंजन उद्योग के विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ‘बाहुबली 3’ की घोषणा होती है तो यह भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक साबित हो सकती है। फ्रेंचाइजी की लोकप्रियता, विशाल प्रशंसक वर्ग और वैश्विक पहचान को देखते हुए इसकी वापसी को लेकर उत्साह स्वाभाविक है।

    फिलहाल इतना तय है कि वायरल वीडियो ने ‘बाहुबली’ की विरासत को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। अब दर्शकों की निगाहें निर्माता और निर्देशक के अगले कदम पर टिकी हैं। जब तक आधिकारिक घोषणा नहीं होती, तब तक ‘बाहुबली 3’ केवल चर्चाओं और उम्मीदों का हिस्सा बनी रहेगी, लेकिन प्रशंसकों की उत्सुकता लगातार बढ़ती जा रही है।

  • 'वेलकम टू द जंगल' का पहला रिएक्शन आया सामने, किसी ने बताया पैसा वसूल एंटरटेनर तो किसी ने कहा कॉमेडी से ज्यादा हंगामा

    'वेलकम टू द जंगल' का पहला रिएक्शन आया सामने, किसी ने बताया पैसा वसूल एंटरटेनर तो किसी ने कहा कॉमेडी से ज्यादा हंगामा

    नई दिल्ली । अक्षय कुमार की बहुप्रतीक्षित कॉमेडी फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई। लंबे समय से चर्चा में रही इस मल्टीस्टारर फिल्म को लेकर दर्शकों में पहले दिन से ही खासा उत्साह देखने को मिला। फिल्म का पहला शो खत्म होते ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दर्शकों ने अपने शुरुआती रिएक्शन साझा करने शुरू कर दिए। शुरुआती प्रतिक्रियाओं में फिल्म को लेकर मिली-जुली राय सामने आई है। कुछ दर्शकों ने इसे भरपूर मनोरंजन से भरपूर बताया, जबकि कुछ का मानना है कि फिल्म की कहानी अपेक्षाओं पर पूरी तरह खरी नहीं उतरती।

    रिलीज के बाद सामने आए शुरुआती रिव्यू में बड़ी संख्या में दर्शकों ने अक्षय कुमार की कॉमिक टाइमिंग की जमकर तारीफ की है। कई लोगों का कहना है कि अभिनेता एक बार फिर अपने पुराने हास्य अंदाज में दिखाई दिए हैं। दर्शकों के अनुसार उनकी एंट्री और कई कॉमिक सीक्वेंस फिल्म के सबसे मजबूत हिस्सों में शामिल हैं। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने लिखा कि लंबे समय बाद अक्षय कुमार को उसी अंदाज में देखना अच्छा लगा, जिसके लिए वह पहले से पहचाने जाते रहे हैं।

    फिल्म देखने वाले कई दर्शकों का मानना है कि ‘वेलकम टू द जंगल’ को गंभीर कहानी या तर्क के आधार पर नहीं, बल्कि हल्के-फुल्के मनोरंजन के रूप में देखा जाना चाहिए। उनका कहना है कि फिल्म लगातार हास्य से भरपूर माहौल बनाए रखती है और कॉमिक सीन्स दर्शकों को हंसाने में सफल रहते हैं। कुछ दर्शकों ने इसे परिवार के साथ देखने लायक मनोरंजक फिल्म बताया और कहा कि यदि उद्देश्य केवल मनोरंजन है तो फिल्म निराश नहीं करती।

    हालांकि दूसरी ओर कुछ दर्शकों ने फिल्म की आलोचना भी की है। उनका कहना है कि कलाकारों की बड़ी संख्या के कारण कई किरदारों को पर्याप्त स्क्रीन स्पेस नहीं मिल पाया, जिससे कहानी कई जगह बिखरी हुई महसूस होती है। कुछ प्रतिक्रियाओं में यह भी कहा गया कि कई दृश्य कॉमेडी की बजाय अनावश्यक शोर-शराबे जैसे लगते हैं और पटकथा अपेक्षित मजबूती नहीं दिखा पाती।

    फिल्म की सबसे बड़ी विशेषता इसकी विशाल स्टारकास्ट मानी जा रही है। अक्षय कुमार के साथ सुनील शेट्टी, परेश रावल, अरशद वारसी, जैकी श्रॉफ, दिशा पाटनी, जैकलीन फर्नांडिस, रवीना टंडन, लारा दत्ता, जॉनी लीवर, राजपाल यादव, श्रेयस तलपड़े, तुषार कपूर और फरीदा जलाल सहित कई चर्चित कलाकार महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आए हैं। इतने बड़े कलाकारों को एक साथ देखने को लेकर भी दर्शकों में उत्सुकता बनी हुई थी।

    फिल्म का निर्देशन अहमद खान ने किया है और इसे कॉमेडी फ्रेंचाइजी की अगली कड़ी के रूप में पेश किया गया है। पहले दिन के शुरुआती रुझानों से साफ है कि फिल्म को लेकर दर्शकों की राय दो हिस्सों में बंटी हुई है। जहां एक वर्ग इसे हल्का-फुल्का मनोरंजन और ‘पैसा वसूल’ फिल्म बता रहा है, वहीं दूसरा वर्ग कहानी और प्रस्तुति को लेकर सवाल उठा रहा है। आने वाले दिनों में बॉक्स ऑफिस पर फिल्म का प्रदर्शन और दर्शकों की प्रतिक्रिया यह तय करेगी कि यह मल्टीस्टारर कॉमेडी दर्शकों की उम्मीदों पर कितनी खरी उतरती है।

  • 'धर्मेंद्र-हेमा मालिनी जैसा निस्वार्थ प्यार अब दुर्लभ', रिश्तों और तलाक पर पहली बार खुलकर बोलीं ईशा देओल

    'धर्मेंद्र-हेमा मालिनी जैसा निस्वार्थ प्यार अब दुर्लभ', रिश्तों और तलाक पर पहली बार खुलकर बोलीं ईशा देओल

    नई दिल्ली। अभिनेत्री ईशा देओल ने पति भरत तख्तानी से अलग होने के बाद पहली बार अपने निजी जीवन और रिश्तों को लेकर खुलकर बात की है। उन्होंने स्वीकार किया कि तलाक के बाद उनकी जिंदगी में प्यार और रोमांस की कमी महसूस होती है, लेकिन इसके बावजूद उनका प्रेम और रिश्तों पर भरोसा आज भी कायम है। ईशा का कहना है कि जीवन में आने वाले उतार-चढ़ाव इंसान की सोच बदल सकते हैं, लेकिन सच्चे प्यार की अहमियत कभी कम नहीं होती।

    ईशा ने बातचीत के दौरान कहा कि वह स्वभाव से बेहद रोमांटिक हैं और आज भी रोमांटिक गीत, प्रेम कहानियां और रिश्तों की भावनात्मक गहराई उन्हें आकर्षित करती है। उनके अनुसार, प्यार किसी भी इंसान के जीवन का बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा होता है और फिलहाल वह इसी एहसास की कमी महसूस कर रही हैं। उन्होंने कहा कि रोमांस जीवन को खूबसूरत बनाता है और यही कारण है कि वह आज भी प्रेम पर पूरी आस्था रखती हैं।

    अभिनेत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि वैवाहिक जीवन में आई कठिनाइयों या अलगाव का अर्थ यह नहीं है कि प्यार खत्म हो जाता है। उन्होंने कहा कि रिश्तों में ब्रेकअप या अलगाव जीवन का हिस्सा हैं और इससे प्रेम के प्रति उनका नजरिया नहीं बदला है। उनके मुताबिक, जीवन में पहले भी ऐसे रिश्ते रहे हैं जो लंबे समय तक नहीं चल सके, लेकिन इन अनुभवों ने उन्हें प्रेम से दूर नहीं किया।

    ईशा देओल ने अपने माता-पिता धर्मेंद्र और हेमा मालिनी के रिश्ते का जिक्र करते हुए कहा कि बचपन से उन्होंने दोनों के बीच सम्मान, विश्वास और बिना किसी शर्त के प्यार को बेहद करीब से देखा है। उसी रिश्ते ने उनके भीतर प्रेम की परिभाषा गढ़ी। उनका मानना है कि आज के दौर में वैसी गहराई, समर्पण और गरिमा वाले रिश्ते बहुत कम देखने को मिलते हैं। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता का रिश्ता हमेशा उनके लिए प्रेरणा का स्रोत रहा है।

    उन्होंने यह भी कहा कि हर व्यक्ति अपने जीवन में अच्छे और कठिन दोनों तरह के अनुभवों से गुजरता है। रिश्तों का टूटना निश्चित रूप से भावनात्मक रूप से चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन इससे जीवन रुक नहीं जाता। उनके अनुसार, हर अनुभव इंसान को पहले से अधिक मजबूत और परिपक्व बनाता है तथा भविष्य के लिए नई सीख भी देता है।

    ईशा और व्यवसायी भरत तख्तानी ने वर्ष 2012 में विवाह किया था। दोनों की दो बेटियां हैं और शादी के एक दशक से अधिक समय बाद वर्ष 2024 में दोनों ने अलग होने का फैसला किया। इस निर्णय के बाद दोनों ने अपनी निजी जिंदगी को गरिमा के साथ आगे बढ़ाने की बात कही थी। अलगाव के बाद ईशा ने सार्वजनिक रूप से अपने व्यक्तिगत जीवन पर बहुत कम प्रतिक्रिया दी थी।

    अब लंबे समय बाद उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए यह स्पष्ट किया है कि कठिन दौर के बावजूद वह जीवन और प्यार दोनों को सकारात्मक नजरिए से देखती हैं। उनका मानना है कि सच्चे रिश्ते विश्वास, सम्मान और आपसी समझ पर टिके होते हैं। यही मूल्य उन्होंने अपने परिवार से सीखे हैं और भविष्य में भी वह इन्हीं मूल्यों के साथ जीवन को आगे बढ़ाना चाहती हैं।

  • 150 इंजेक्शन, लंबा इंतजार और कई भावनात्मक उतार-चढ़ाव, अनुष्का रंजन ने साझा किया IVF के जरिए मां बनने का कठिन सफर

    150 इंजेक्शन, लंबा इंतजार और कई भावनात्मक उतार-चढ़ाव, अनुष्का रंजन ने साझा किया IVF के जरिए मां बनने का कठिन सफर

    नई दिल्ली । अभिनेत्री अनुष्का रंजन ने मां बनने के अपने सफर को लेकर खुलकर बात करते हुए आईवीएफ प्रक्रिया के दौरान झेली गई शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक चुनौतियों का अनुभव साझा किया है। हाल ही में अपनी प्रेग्नेंसी की घोषणा करने वाली अनुष्का ने बताया कि मातृत्व तक पहुंचने का उनका सफर बिल्कुल आसान नहीं था। इसके पीछे लंबा इलाज, लगातार चिकित्सकीय प्रक्रियाएं और कई भावनात्मक उतार-चढ़ाव शामिल रहे। उन्होंने अपने अनुभव को साझा कर उन महिलाओं का हौसला बढ़ाने की कोशिश की है, जो इसी तरह की परिस्थितियों का सामना कर रही हैं।

    अनुष्का रंजन ने बताया कि उन्होंने और उनके पति आदित्य सील ने परिवार बढ़ाने की योजना पर गंभीरता से विचार करने के बाद विशेषज्ञ चिकित्सकों से सलाह ली। सामान्य रूप से गर्भधारण नहीं होने पर दोनों ने आईवीएफ प्रक्रिया अपनाने का निर्णय लिया। उनके अनुसार, यह उपचार केवल शारीरिक रूप से ही नहीं, बल्कि मानसिक रूप से भी बेहद थकाने वाला साबित हुआ। कई बार उन्हें लगा कि इस पूरी प्रक्रिया को आगे बढ़ाना उनके लिए बेहद कठिन हो जाएगा।

    अभिनेत्री ने बताया कि उपचार के दौरान उन्हें 150 से अधिक इंजेक्शन लेने पड़े। कई बार इंजेक्शन का दर्द इतना अधिक होता था कि आंखों में आंसू आ जाते थे। शुरुआती चरण में उनके पति आदित्य सील स्वयं उन्हें इंजेक्शन लगाने में मदद करते थे और हर कठिन पल में उनका हौसला बढ़ाते थे। अनुष्का के मुताबिक, लगातार दवाइयों, जांचों और उपचार के बीच कई ऐसे क्षण आए जब उन्होंने मानसिक रूप से खुद को बेहद कमजोर महसूस किया, लेकिन परिवार के सहयोग ने उन्हें आगे बढ़ने की ताकत दी।

    उन्होंने कहा कि आईवीएफ केवल एक चिकित्सीय प्रक्रिया नहीं, बल्कि भावनात्मक परीक्षा भी है। इस दौरान महिलाएं शारीरिक पीड़ा के साथ-साथ मानसिक दबाव, चिंता और अनिश्चितता से भी गुजरती हैं। इसलिए इस विषय को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। उनका मानना है कि समाज में आईवीएफ को लेकर सही जानकारी और जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है, ताकि इस उपचार से गुजर रही महिलाओं को बेहतर समझ और भावनात्मक सहयोग मिल सके।

    अनुष्का ने बताया कि इस विषय पर उनकी बहन आकांक्षा ने भी उन्हें कई महत्वपूर्ण बातें समझाईं। उनके अनुसार, समाज में अक्सर यह धारणा बना दी जाती है कि विवाह के बाद गर्भधारण आसानी से हो जाता है, जबकि वास्तविकता कई बार इससे अलग होती है। विशेषज्ञों से बातचीत के दौरान उन्हें यह समझ आया कि प्रत्येक ओव्यूलेशन चक्र में गर्भधारण की संभावना सीमित होती है। इस जानकारी ने उन्हें प्रजनन स्वास्थ्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं को बेहतर तरीके से समझने में मदद की।

    अभिनेत्री का कहना है कि इस पूरे अनुभव ने उन्हें महिलाओं की मानसिक और शारीरिक क्षमता का नया एहसास कराया। उनका मानना है कि मातृत्व का सफर हर महिला के लिए अलग होता है और किसी की परिस्थितियों का आकलन बिना पूरी जानकारी के नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने उन महिलाओं से भी सकारात्मक बने रहने की अपील की जो किसी कारणवश गर्भधारण में कठिनाइयों का सामना कर रही हैं।

    अनुष्का रंजन ने इस अवसर पर पुरुषों से भी संवेदनशीलता और सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि उनकी पत्नी या जीवनसाथी आईवीएफ जैसी प्रक्रिया से गुजर रही हैं, तो उन्हें धैर्य, समझ और भावनात्मक समर्थन देना बेहद जरूरी है। उनके अनुसार, परिवार का साथ इस कठिन सफर को काफी हद तक आसान बना सकता है। उन्होंने कहा कि अपने अनुभव को सार्वजनिक करने का उद्देश्य आईवीएफ से जुड़ी झिझक को कम करना और इस विषय पर खुलकर संवाद को बढ़ावा देना है।