Category: Entertainment

  • बॉक्स ऑफिस पर आवारापन 2 की जबरदस्त एडवांस बुकिंग ने सनी देओल की बंटवारा 1947 को पछाड़ा

    बॉक्स ऑफिस पर आवारापन 2 की जबरदस्त एडवांस बुकिंग ने सनी देओल की बंटवारा 1947 को पछाड़ा


    नई दिल्ली । 
    भारतीय सिनेमाघरों में इस सप्ताह दो प्रमुख फिल्मों आवारापन 2 और बंटवारा 1947 के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। दोनों फिल्मों की आधिकारिक एडवांस बुकिंग शुरू हो चुकी है और शुरुआती आंकड़ों ने फिल्म उद्योग के विश्लेषकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है।

    दर्शकों के रुझान के आधार पर जारी की गई शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार इमरान हाशमी अभिनीत आवारापन 2 ने अग्रिम टिकट बिक्री के मामले में शुरुआती बढ़त हासिल कर ली है। पुरानी यादों और लोकप्रिय संगीत के बल पर यह फिल्म दर्शकों को आकर्षित करने में सफल रही है।

    आंकड़ों के मुताबिक प्रमुख मल्टीप्लेक्स श्रृंखलाओं में आवारापन 2 ने हजारों टिकटों की बिक्री कर एक मजबूत ग्रॉस कलेक्शन दर्ज किया है। इसके विपरीत सनी देओल की मुख्य भूमिका वाली ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर आधारित फिल्म बंटवारा 1947 की शुरुआती टिकट बिक्री धीमी गति से आगे बढ़ रही है।

    बाजार विशेषज्ञों का अनुमान है कि रिलीज के पहले दिन आवारापन 2 दोहरे अंकों में शानदार ओपनिंग दर्ज कर सकती है। वहीं बंटवारा 1947 के लिए पहले दिन का अनुमानित कारोबार अपेक्षाकृत सीमित रहने की संभावना जताई जा रही है।

    हालांकि स्क्रीन वितरण और शो आवंटन के मामले में स्थिति अलग नजर आ रही है। वितरकों की रणनीतियों के कारण बंटवारा 1947 को देश के विभिन्न सिनेमाघरों में अधिक शो प्राप्त हो रहे हैं। मध्य प्रदेश सहित देश भर के प्रमुख सर्किटों में शो के समय को लेकर चर्चाएं जारी हैं।

    आवारापन 2 के निर्माताओं को शो की कम संख्या के बावजूद अग्रिम बुकिंग की मजबूत स्थिति से बड़ी राहत मिली है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि टिकट बिक्री की यह गति बनी रहती है तो रिलीज के करीब सिनेमाघर मालिक शो की संख्या में बदलाव कर सकते हैं।

    दूसरी ओर बंटवारा 1947 की टीम व्यापक प्रचार अभियान और मुख्य कलाकारों की लोकप्रियता के जरिए सिंगल स्क्रीन और स्पॉट बुकिंग से बड़े कारोबार की उम्मीद कर रही है। दोनों ही फिल्में अलग-अलग शैलियों की हैं जिसके चलते दर्शकों का वर्ग भी विभाजित दिखाई दे रहा है।

    रिलीज में अभी समय बाकी होने के कारण अंतिम आंकड़ों में फेरबदल की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। सिनेमा जगत की नजरें अब अंतिम चरण की अग्रिम बुकिंग और पहले दिन के कुल संग्रह पर टिकी हुई हैं।

  • नसीरुद्दीन शाह पर कंगना का पलटवार, ‘लोमड़ी’ कहकर साधा निशाना, पीयूष मिश्रा के समर्थन में उतरीं

    नसीरुद्दीन शाह पर कंगना का पलटवार, ‘लोमड़ी’ कहकर साधा निशाना, पीयूष मिश्रा के समर्थन में उतरीं


    नई दिल्ली। नसीरुद्दीन शाह और पीयूष मिश्रा के बीच चल रहे बयानबाजी के विवाद में अब अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत भी कूद पड़ी हैं। कंगना ने पीयूष मिश्रा के बयान का समर्थन करते हुए नसीरुद्दीन शाह पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने नसीरुद्दीन शाह को लोमड़ी तक कह दिया और कहा कि उन्हें गर्व है कि वह जिस देश की रोटी खाती हैं उसके लिए आवाज उठाती हैं और जरूरत पड़ने पर उसके लिए लड़ती हैं। कंगना की इस टिप्पणी के बाद बॉलीवुड से जुड़े इस विवाद ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है।

    दरअसल पूरा मामला छात्र आंदोलनों और फिल्म इंडस्ट्री की कथित चुप्पी से जुड़ा है। नसीरुद्दीन शाह ने छात्र प्रदर्शन के दौरान बॉलीवुड कलाकारों के छात्रों के समर्थन में खुलकर सामने नहीं आने पर सवाल उठाया था। उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री की तुलना ऐसे कुत्ते से की थी जिसके मुंह में हड्डी हो और वह भौंक नहीं सकता। नसीरुद्दीन शाह की इस टिप्पणी के बाद पीयूष मिश्रा ने भी उन पर पलटवार किया और झारखंड में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान उनकी चुप्पी को लेकर सवाल खड़े किए।

    अब कंगना रनौत ने सोशल मीडिया पर पीयूष मिश्रा के रुख का समर्थन करते हुए नसीरुद्दीन शाह को निशाने पर लिया। कंगना ने कहा कि आज के समय में किसी को कुत्ता कहना भी तारीफ माना जा सकता है क्योंकि कुत्ते अपनी वफादारी और मासूमियत के लिए पहचाने जाते हैं। उन्होंने कहा कि हर कोई किसी न किसी का कुत्ता है, लेकिन उन्हें इस बात पर गर्व है कि वह अपने देश के लिए बोलती हैं और उसकी रखवाली करती हैं।

    कंगना ने नसीरुद्दीन शाह पर निशाना साधते हुए आगे कहा कि नसीर साहब देश की रोटी खाते हैं लेकिन पड़ोसी देश के लिए लड़ते हैं। इसके बाद उन्होंने अपनी तुलना नसीरुद्दीन शाह से करते हुए कहा कि वह उनकी तरह लोमड़ी बनने के बजाय कुत्ता बनना पसंद करेंगी। कंगना की इस टिप्पणी को लेकर सोशल मीडिया पर भी बहस तेज होने की संभावना है और लोग अपने-अपने तरीके से इस विवाद पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

    इससे पहले पीयूष मिश्रा ने भी नसीरुद्दीन शाह की टिप्पणी पर सवाल उठाए थे। उन्होंने झारखंड के छात्र आंदोलन का जिक्र करते हुए पूछा था कि अगर फिल्म इंडस्ट्री के कुछ कलाकार छात्रों के समर्थन में आवाज नहीं उठा रहे थे तो दूसरे कलाकार कहां थे। उन्होंने नसीरुद्दीन शाह के कुत्ते और हड्डी वाले बयान को आधार बनाकर उनसे ही सवाल किया कि जब छात्र विरोध कर रहे थे तब वे आवाज उठाने के लिए आगे क्यों नहीं आए।

    पीयूष मिश्रा ने अपने बयान में छात्र आंदोलनों के दौरान प्रदर्शनकारियों की प्राथमिकताओं पर भी टिप्पणी की थी। उन्होंने दिल्ली और मुंबई में हुए छात्र प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ छात्र विरोध प्रदर्शन से ज्यादा पिज्जा और बर्गर पर ध्यान दे रहे थे। उनके इस बयान ने भी विवाद को और हवा दी।

    अब कंगना रनौत के नसीरुद्दीन शाह पर सीधे हमले के बाद मामला और ज्यादा राजनीतिक तथा व्यक्तिगत रंग लेता दिखाई दे रहा है। एक तरफ जहां कंगना ने देश और राष्ट्रवाद के मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट किया है, वहीं दूसरी ओर नसीरुद्दीन शाह की पुरानी टिप्पणी को लेकर बहस जारी है। आने वाले दिनों में इस विवाद पर दोनों पक्षों की ओर से और बयान सामने आने की संभावना बनी हुई है।

  • श्रद्धा कपूर की ‘ईठा’ ने बदली रिलीज डेट, 4 दिसंबर को सिनेमाघरों में दस्तक; बॉक्स ऑफिस पर बनेगा ट्रिपल क्लैश

    श्रद्धा कपूर की ‘ईठा’ ने बदली रिलीज डेट, 4 दिसंबर को सिनेमाघरों में दस्तक; बॉक्स ऑफिस पर बनेगा ट्रिपल क्लैश


    नई दिल्ली। श्रद्धा कपूर की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘ईठा’ की रिलीज डेट में बड़ा बदलाव किया गया है। लक्ष्मण उतेकर के निर्देशन में बनी यह फिल्म पहले 28 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली थी, लेकिन अब मेकर्स ने इसकी रिलीज को आगे बढ़ाकर 4 दिसंबर 2026 कर दिया है। फिल्म की रिलीज डेट बदलने की सबसे बड़ी वजह बॉक्स ऑफिस पर होने वाली टक्कर को माना जा रहा है। दरअसल, साउथ सुपरस्टार यश की मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘टॉक्सिक’ 26 अगस्त को रिलीज होने वाली है। ऐसे में महज दो दिन के अंतर पर ‘ईठा’ को रिलीज करने से दोनों फिल्मों के बीच सीधा मुकाबला होता। निर्माताओं ने इस संभावित क्लैश से बचने के लिए फिल्म को दिसंबर में रिलीज करने का फैसला किया है।

    हालांकि अगस्त की टक्कर टल गई है, लेकिन दिसंबर में ‘ईठा’ के सामने अब भी बड़ी चुनौती रहने वाली है। फिल्म 4 दिसंबर को सिनेमाघरों में पहुंचेगी और इसी दिन अक्षय कुमार तथा अनीस बज्मी की अनटाइटल्ड कॉमेडी फिल्म भी रिलीज होने की तैयारी में है। इसके अलावा प्रभास की बहुचर्चित फिल्म ‘फौजी’ एक दिन पहले यानी 3 दिसंबर को सिनेमाघरों में दस्तक देगी। ऐसे में दिसंबर के पहले सप्ताह में बॉक्स ऑफिस पर फिल्मों के बीच जोरदार मुकाबला देखने को मिल सकता है। श्रद्धा कपूर की ‘ईठा’ को एक तरफ प्रभास की पैन इंडिया फिल्म से मुकाबला करना होगा, वहीं दूसरी तरफ अक्षय कुमार की कॉमेडी फिल्म भी दर्शकों को अपनी ओर खींचने की कोशिश करेगी।

    ‘ईठा’ को लेकर दर्शकों की दिलचस्पी की एक बड़ी वजह इसकी कहानी और श्रद्धा कपूर का किरदार है। यह फिल्म मशहूर मराठी तमाशा और लावणी लोक कलाकार विठाबाई नारायणगांवकर की जिंदगी पर आधारित बायोपिक बताई जा रही है। श्रद्धा कपूर इसमें मुख्य भूमिका निभा रही हैं और उनके लिए यह किरदार एक अलग तरह की चुनौती माना जा रहा है। फिल्म में उनके साथ रणदीप हुड्डा और मोहम्मद जीशान अय्यूब जैसे अनुभवी कलाकार भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे।

    फिल्म का निर्देशन लक्ष्मण उतेकर कर रहे हैं, जबकि इसका निर्माण मैडॉक फिल्म्स और कठपुतली क्रिएशंस के बैनर तले किया जा रहा है। श्रद्धा कपूर और लक्ष्मण उतेकर पहली बार इस फिल्म के लिए साथ आए हैं, ऐसे में दोनों की जोड़ी को लेकर भी दर्शकों में उत्सुकता है। मेकर्स अब दिसंबर की रिलीज को लेकर फिल्म के प्रमोशन की रणनीति तैयार कर सकते हैं।

    कुल मिलाकर ‘टॉक्सिक’ से टक्कर टालने के बावजूद ‘ईठा’ के लिए दिसंबर का रास्ता आसान नहीं है। प्रभास, अक्षय कुमार और श्रद्धा कपूर की फिल्मों के आसपास रिलीज होने से बॉक्स ऑफिस पर मुकाबला काफी दिलचस्प हो सकता है। अब देखना होगा कि इन बड़ी फिल्मों के बीच श्रद्धा कपूर की ‘ईठा’ दर्शकों का कितना ध्यान खींच पाती है।

  • ‘मैंने सब कुछ गंवा दिया था…’ ऋतिक ने सुनाया पिता राकेश रोशन के मुश्किल दौर का किस्सा, ऐसे मिला था एक्टिंग का पहला मौका

    ‘मैंने सब कुछ गंवा दिया था…’ ऋतिक ने सुनाया पिता राकेश रोशन के मुश्किल दौर का किस्सा, ऐसे मिला था एक्टिंग का पहला मौका


    नई दिल्ली। साल 1997 में रिलीज हुई शाहरुख खान और माधुरी दीक्षित की फिल्म कोयला भले ही आज अपने गानों और दमदार अंदाज के लिए याद की जाती हो लेकिन इस फिल्म की असफलता ने फिल्ममेकर राकेश रोशन को बेहद मुश्किल दौर में पहुंचा दिया था। फिल्म की कहानी लिखने से लेकर निर्देशन और निर्माण तक की जिम्मेदारी राकेश रोशन ने खुद संभाली थी और उन्हें इस प्रोजेक्ट से काफी उम्मीदें थीं। हालांकि बॉक्स ऑफिस पर फिल्म उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी और इसके बाद राकेश रोशन को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई साल बाद ऋतिक रोशन ने उस दौर को याद करते हुए बताया कि उनके पिता ने अपनी मेहनत से कमाई गई लगभग पूरी संपत्ति गंवा दी थी और परिवार के लिए वह समय बेहद कठिन था।

    ऋतिक रोशन के मुताबिक एक सुबह उन्होंने अपने पिता को बेहद परेशान देखा। राकेश रोशन ने उनसे कहा था कि उन्होंने जो कुछ कमाया था वह सब खत्म हो चुका है और अब मुश्किलें चारों तरफ से सामने आ रही हैं। ऋतिक ने बताया कि यह पहली बार था जब उन्होंने अपने पिता की आंखों में आंसू देखे थे। एक मजबूत और सफल फिल्ममेकर के रूप में पिता को देखने वाले ऋतिक के लिए यह पल बेहद भावुक करने वाला था। उस समय शायद किसी ने नहीं सोचा होगा कि यही दौर आगे चलकर रोशन परिवार के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत बनेगा।

    कोयला से ऋतिक रोशन की भी खास यादें जुड़ी हुई हैं। अभिनेता बनने से पहले वह अपने पिता के साथ फिल्म के निर्माण में असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें कैमरे के सामने आने का मौका भी मिला। ऋतिक को एक्टिंग में लाने के पीछे उनके नाना और अभिनेता ओम प्रकाश की भी अहम भूमिका बताई जाती है। राकेश रोशन ने बाद में बताया था कि उनके ससुर चाहते थे कि ऋतिक को फिल्म में एक भूमिका दी जाए। शुरुआत में राकेश रोशन को संदेह था कि ऋतिक कैमरे के सामने कैसे काम करेंगे क्योंकि वह ज्यादा बोलते नहीं थे। लेकिन जब ऋतिक ने सेट पर अपना पहला शॉट दिया तो राकेश रोशन खुद हैरान रह गए। उन्हें महसूस हुआ कि उनके बेटे के भीतर अभिनय की प्रतिभा मौजूद है।

    इसके बाद ऋतिक रोशन ने फिल्मी दुनिया में अपना अलग मुकाम बनाया। साल 2000 में कहो ना प्यार है से उन्होंने बतौर लीड अभिनेता शानदार शुरुआत की और देखते ही देखते बॉलीवुड के सबसे लोकप्रिय सितारों में शामिल हो गए। पिता और बेटे की जोड़ी ने आगे कोई मिल गया, कृष और कृष 3 जैसी फिल्मों में भी साथ काम किया और इन फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर मजबूत सफलता हासिल की। इस तरह जिस परिवार ने एक समय आर्थिक संकट और असफलता का सामना किया था, उसी परिवार ने आगे चलकर हिंदी सिनेमा में अपनी मजबूत पहचान बनाई। ऋतिक की कहानी यह भी दिखाती है कि मुश्किल दौर कई बार जिंदगी की सबसे बड़ी शुरुआत का कारण बन सकता है।

  • द ट्रेटर्स 2 में मल्लिका शेरावत का चौंकाने वाला खुलासा, टॉम क्रूज को लेकर कही ये बात

    द ट्रेटर्स 2 में मल्लिका शेरावत का चौंकाने वाला खुलासा, टॉम क्रूज को लेकर कही ये बात


    नई दिल्ली। बॉलीवुड एक्ट्रेस मल्लिका शेरावत इन दिनों रियलिटी शो द ट्रेटर्स 2 को लेकर लगातार सुर्खियों में बनी हुई हैं। शो से सामने आए एक वीडियो में मल्लिका शेरावत ने हॉलीवुड के मशहूर अभिनेता टॉम क्रूज को लेकर ऐसा दावा किया है जिसने वहां मौजूद बाकी कंटेस्टेंट्स को भी हैरान कर दिया। मल्लिका ने बातचीत के दौरान कहा कि टॉम क्रूज को उन पर क्रश है। इतना ही नहीं उन्होंने यह भी दावा किया कि हॉलीवुड स्टार उन्हें वीडियोज भेजते हैं। मल्लिका की यह बात सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर खूब चर्चा हो रही है।

    दरअसल शो में कंटेस्टेंट्स के बीच बातचीत चल रही थी। इसी दौरान आदित्य कुलश्रेष्ठ ने मल्लिका से पूछा कि क्या उन्हें कभी किसी पर क्रश हुआ है। इस सवाल पर मल्लिका ने कहा कि नहीं। इसके बाद आदित्य ने मजाकिया अंदाज में पूछा कि क्या सिर्फ दूसरे लोगों को ही उन पर क्रश होता है। इस पर मल्लिका ने जवाब देते हुए कहा कि सभी को उन पर क्रश होता है। इसके बाद उन्होंने टॉम क्रूज का जिक्र करते हुए कहा कि हाल ही में टॉम क्रूज को भी उन पर क्रश हुआ है।

    मल्लिका के इस जवाब के बाद वहां बैठे दूसरे कंटेस्टेंट्स चौंक जाते हैं। हालांकि मल्लिका अपनी बात पर कायम रहती हैं और कहती हैं कि वह झूठ नहीं बोल रही हैं। उन्होंने आगे कहा कि अगर उनके पास फोन होता तो वह सभी को टॉम क्रूज के भेजे हुए वीडियोज दिखा सकती थीं। मल्लिका के इस दावे ने बातचीत को और दिलचस्प बना दिया।

    जब उनसे पूछा गया कि टॉम क्रूज किस तरह के वीडियोज भेजते हैं तो मल्लिका ने बात को स्पष्ट करते हुए कहा कि ऐसा कुछ खास नहीं है। उन्होंने बताया कि उन्होंने और टॉम क्रूज ने साथ में पार्टी की थी और उसी से जुड़े वीडियोज की बात हो रही है। मल्लिका ने टॉम क्रूज की तारीफ करते हुए उन्हें काफी अच्छा इंसान भी बताया।

    मल्लिका शेरावत के इस बयान का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद यूजर्स अलग अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग मल्लिका की बात को मजाकिया अंदाज में ले रहे हैं तो कुछ लोग उनके दावे पर विश्वास नहीं कर पा रहे हैं। हालांकि मल्लिका ने बातचीत के दौरान जिस आत्मविश्वास के साथ यह बात कही उससे शो का यह हिस्सा काफी चर्चा में आ गया है।

    मल्लिका शेरावत की बात करें तो वह द ट्रेटर्स 2 के जरिए लंबे समय बाद एक अलग तरह के रियलिटी फॉर्मेट में नजर आने वाली हैं। शो में उनके साथ रिया चक्रवर्ती अभिषेक मल्हान शालिनी पस्सी श्वेता तिवारी दलीप ताहिल इक्का सिंह क्रिस्टल डिसूजा मुनव्वर फारूकी पारुल गुलाटी रणवीर बरार और आदित्य कुलश्रेष्ठ समेत कई चर्चित चेहरे शामिल हैं। शो में सभी कंटेस्टेंट्स के बीच रणनीति विश्वास और धोखे का खेल देखने को मिलेगा।

    द ट्रेटर्स 2 का प्रीमियर 13 अगस्त 2026 से प्राइम वीडियो पर होने जा रहा है। शो का नया एपिसोड हर गुरुवार रिलीज किया जाएगा। वहीं शो शुरू होने से पहले श्वेता तिवारी की तबीयत खराब होने की खबर भी सामने आई है। उन्हें डेंगू के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनका इलाज चल रहा है। फैंस उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।

  • प्रदीप रावत के बेटे विक्रमादित्य ने पिता के अनसुने सपनों का किया खुलासा, बताया क्यों अभिनेता नहीं बनना चाहते थे

    प्रदीप रावत के बेटे विक्रमादित्य ने पिता के अनसुने सपनों का किया खुलासा, बताया क्यों अभिनेता नहीं बनना चाहते थे

    नई दिल्ली ।अभिनेता प्रदीप रावत के निधन के बाद उनके परिवार और प्रशंसकों के बीच उनकी यादें ताजा हैं। हिंदी सिनेमा, दक्षिण भारतीय फिल्मों और टेलीविजन में अपनी अलग पहचान बनाने वाले प्रदीप रावत का 5 अगस्त 2026 को 74 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन के बाद अब उनके बेटे विक्रमादित्य रावत ने पिता के जीवन से जुड़े कई ऐसे पहलुओं का खुलासा किया है, जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते थे।

    विक्रमादित्य ने बताया कि उनके पिता का पहला सपना अभिनेता बनना नहीं था। वह बचपन से सेना में जाने की इच्छा रखते थे। उनके दादा भी सैनिक थे और इसी पारिवारिक पृष्ठभूमि का प्रभाव प्रदीप रावत के मन पर पड़ा था। हालांकि, परिस्थितियों के चलते वह सेना में शामिल नहीं हो सके और आगे चलकर उनका जीवन अभिनय की दुनिया की ओर मुड़ गया।

    विक्रमादित्य के मुताबिक, अभिनय उनके पिता के जीवन में एक ऐसे मोड़ के रूप में आया, जिसने आगे चलकर उन्हें देशभर में पहचान दिलाई। उन्होंने अपने काम के जरिए हिंदी सिनेमा के साथ दक्षिण भारतीय फिल्मों और टेलीविजन में भी मजबूत जगह बनाई। अलग-अलग तरह के किरदारों को प्रभावशाली ढंग से निभाने की उनकी क्षमता दर्शकों के बीच उनकी खास पहचान बनी।

    प्रदीप रावत को बीआर चोपड़ा के लोकप्रिय धारावाहिक महाभारत में अश्वत्थामा के किरदार से घर-घर में पहचान मिली। इस भूमिका ने उनके अभिनय करियर को एक मजबूत आधार दिया। इसके बाद उन्होंने फिल्मों में भी कई महत्वपूर्ण और प्रभावशाली भूमिकाएं निभाईं। आमिर खान की फिल्म गजनी में उनका किरदार विशेष रूप से चर्चित रहा और इस भूमिका ने नई पीढ़ी के दर्शकों के बीच भी उन्हें पहचान दिलाई।

    विक्रमादित्य ने अपने पिता के व्यक्तित्व की एक और खास बात साझा करते हुए कहा कि वह बेहद आत्मनिर्भर स्वभाव के व्यक्ति थे। वह मुश्किल परिस्थितियों में भी दूसरों से मदद मांगने के बजाय अपनी मेहनत और क्षमता पर भरोसा करते थे। उनके लिए आत्मसम्मान और खुद के दम पर आगे बढ़ना जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा था।

    उन्होंने बताया कि उनके पिता हमेशा मेहनत करने और ईश्वर पर विश्वास रखने की बात कहते थे। उनका मानना था कि इंसान के हाथ में केवल अपना प्रयास होता है, जबकि परिणाम हमेशा उसके नियंत्रण में नहीं होता। इसलिए व्यक्ति को ईमानदारी से अपना काम करते रहना चाहिए और इसके बाद मिलने वाले परिणाम को स्वीकार करना चाहिए। यही सोच उनके जीवन और व्यक्तित्व का महत्वपूर्ण हिस्सा रही।

    विक्रमादित्य ने यह भी बताया कि उनके पिता की एक बड़ी इच्छा थी कि वह अपने बेटे को फिल्मी दुनिया में एक सफल कलाकार के रूप में देखें। प्रदीप रावत चाहते थे कि उनका बेटा भी अभिनय के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाए और बड़ा नाम हासिल करे। अब विक्रमादित्य ने पिता के इस सपने को पूरा करने का संकल्प जताया है।

    प्रदीप रावत के निधन की खबर सामने आने के बाद फिल्म जगत में शोक की लहर दौड़ गई। वह बीमारी का इलाज करा रहे थे और उनके जीवन के अंतिम दौर में स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बढ़ गई थीं। उनके निधन के बाद बेटे द्वारा साझा की गई यादों ने उनके प्रशंसकों को उनके अभिनय के साथ-साथ उनके निजी व्यक्तित्व और जीवन मूल्यों को भी करीब से समझने का अवसर दिया है।

  • कौन बनेगा करोड़पति 18 में लागू हुए नए नियम, सोचना पड़ेगा थीम के साथ शुरू हुआ नया सीजन

    कौन बनेगा करोड़पति 18 में लागू हुए नए नियम, सोचना पड़ेगा थीम के साथ शुरू हुआ नया सीजन

    नई दिल्ली ।भारतीय टेलिविजन के सबसे लोकप्रिय क्विज शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ का 18वां सीजन कई नए और अनोखे बदलावों के साथ शुरू होने जा रहा है। तकनीक और सूचना के इस आधुनिक दौर को ध्यान में रखते हुए इस बार शो के गेमप्ले और प्रारूप में काफी फेरबदल किए गए हैं। अमर उजाला को दिए एक विशेष साक्षात्कार में शो के निर्देशक अरुण शेषकुमार ने बताया कि अब केवल सामान्य ज्ञान और सही उत्तर देना ही काफी नहीं होगा, बल्कि प्रतिभागियों को हर कदम पर ठोस रणनीति बनानी होगी।

    इस नए सीजन की मुख्य थीम ‘सोचना पड़ेगा’ रखी गई है, जो यह संदेश देती है कि जानकारी के इस दौर में ज्ञान के सही इस्तेमाल और सोच का महत्व सबसे अधिक है। निर्देशक के अनुसार, इस बार फास्टेस्ट फिंगर फर्स्ट राउंड में भी ट्विस्ट लाया गया है ताकि हॉट सीट तक पहुंचने का रास्ता पहले से थोड़ा सहज हो सके। हालांकि, मुख्य खेल में प्रवेश करने के बाद प्रतियोगियों को मिलने वाली लाइफलाइन्स पाने के लिए भी प्रतिस्पर्धा करनी होगी और उन्हें हासिल करना पड़ेगा।

    नियमों में बदलाव के बावजूद शो के मूल स्वरूप से कोई समझौता नहीं किया गया है। प्रतिभागियों के सामने पहले की तरह ही 16 सवाल रखे जाएंगे और अंतिम प्रश्न की धनराशि 7 करोड़ रुपये ही बनी रहेगी। शो में पहुंचने वाले प्रतियोगियों का चयन कई कठिन चरणों, लिखित परीक्षाओं और सामान्य ज्ञान के परीक्षण के बाद किया जाता है, जिससे केवल योग्य और प्रतिभाशाली लोग ही मुख्य मंच तक पहुंच पाते हैं।

    मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों और कस्बों से भी हर साल कई मेधावी प्रतियोगी अपनी प्रतिभा और ज्ञान के बल पर इस मंच तक पहुंचते रहे हैं। राज्य के युवाओं और छात्र-छात्राओं के बीच इस कार्यक्रम का खासा प्रभाव देखने को मिलता है, जहां लोग इसे न केवल मनोरंजन बल्कि प्रेरणा और ज्ञानवर्धन के एक प्रमुख माध्यम के रूप में देखते हैं।

    शो के निर्देशक ने अमिताभ बच्चन के समर्पण और कार्यशैली की सराहना करते हुए उन्हें इस कार्यक्रम की वास्तविक आत्मा करार दिया। उन्होंने बताया कि शो की शुरुआत और अंत के अलावा अधिकांश बातचीत पूरी तरह से स्वाभाविक होती है। अमिताभ बच्चन प्रत्येक प्रतियोगी की पृष्ठभूमि को समझते हैं और उनके साथ संवेदनशीलता से संवाद स्थापित करते हैं, जिससे प्रतिभागियों को सहज महसूस होता है।

    डिजिटल युग और सोशल मीडिया के दौर में भी ‘कौन बनेगा करोड़पति’ अपनी प्रासंगिकता और विश्वसनीयता बनाए रखने में सफल रहा है। हर नए सीजन के साथ इसमें किए जाने वाले बदलाव नई पीढ़ी को जोड़ने के साथ-साथ पुराने दर्शकों के अनुभव को भी नयापन प्रदान करते हैं।

  • सुपरस्टार सलमान खान से गोविंदा ने क्यों कहा था कि तुम हीरो जैसे नहीं दिखते, इंटरव्यू में सामने आया सच

    सुपरस्टार सलमान खान से गोविंदा ने क्यों कहा था कि तुम हीरो जैसे नहीं दिखते, इंटरव्यू में सामने आया सच

    नई दिल्ली । बॉलीवुड के दो दिग्गज अभिनेताओं गोविंदा और सलमान खान की जोड़ी ने वर्ष 2007 में प्रदर्शित फिल्म ‘पार्टनर’ के जरिए बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता हासिल की थी। निर्देशक डेविड धवन के निर्देशन में बनी इस ब्लॉकबस्टर कॉमेडी फिल्म की शूटिंग के दौरान के अनुभवों को याद करते हुए गोविंदा ने एक बड़ा खुलासा किया है। एक हालिया साक्षात्कार में गोविंदा ने साझा किया कि उन्होंने उस समय सलमान खान को उनके व्यक्तिगत जीवन, शारीरिक फिटनेस और करियर के दृष्टिकोण से संबंधित कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए थे।

    गोविंदा ने बताया कि ‘पार्टनर’ की शूटिंग के समय सलमान खान एक कठिन दौर से गुजर रहे थे और काफी अंतर्मुखी हो गए थे। उस समय दोनों ने साथ बैठकर बातचीत की, जिसमें गोविंदा ने उन्हें जीवन की प्राथमिकताओं को समझने और अपने भीतर झांकने का परामर्श दिया। गोविंदा के अनुसार, उस दौर में सलमान खान का आभामंडल काफी उदास और नकारात्मकता से घिरा हुआ महसूस होता था, जिससे उबरने की उन्हें सख्त जरूरत थी।

    बातचीत के दौरान गोविंदा ने सलमान खान को स्पष्ट रूप से कहा था कि उन्हें अपनी फिटनेस पर ध्यान देकर वजन कम करना चाहिए, ताकि वे पर्दे पर दोबारा मुख्य अभिनेता यानी हीरो के रूप में प्रभावी दिख सकें। गोविंदा ने मजाकिया लेकिन व्यावहारिक अंदाज में कहा कि यदि समय रहते वजन नहीं घटाया गया तो उद्योग उन्हें चरित्र अभिनेता के रूप में देखने लगेगा। उन्होंने सलमान खान को सलाह दी कि वे उस दौर की नकारात्मक वाइब्स को पीछे छोड़कर अपने वास्तविक आकर्षण को पुनः प्राप्त करें।

    इंटरव्यू में गोविंदा ने सलमान खान के व्यक्तित्व और सिनेमाई प्रभाव की खुलकर सराहना भी की। उन्होंने कहा कि दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र के बाद सलमान खान ही हिंदी फिल्म उद्योग के ऐसे एकमात्र स्टार हैं, जिन्हें एक शानदार चेहरा, बेहतरीन व्यक्तित्व और स्वाभाविक आकर्षण प्राप्त है। उन्होंने कहा कि उनमें आज भी वह प्रभाव छोड़ने की क्षमता है जिससे दर्शक उन्हें देखते ही सच्चा हीरो मानने लगें।

    फिल्म ‘पार्टनर’ के बाद से ही प्रशंसक इस हिट जोड़ी को दोबारा बड़े पर्दे पर साथ देखने का इंतजार कर रहे हैं। मध्य प्रदेश के भोपाल और इंदौर जैसे शहरों में भी इन दोनों कलाकारों की बड़ी प्रशंसक संख्या मौजूद है, जहां आज भी इस फिल्म की कॉमेडी को बेहद पसंद किया जाता है। राज्य के सिनेमाप्रेमियों के बीच दोनों अभिनेताओं के पुनर्मिलन और ‘पार्टनर 2’ के निर्माण को लेकर समय-समय पर उत्सुकता बनी रहती है।

    कलाकारों द्वारा एक-दूसरे को दिए जाने वाले इस प्रकार के पारस्परिक मार्गदर्शन और सहयोग को हिंदी सिनेमा के इतिहास में एक सकारात्मक उदाहरण माना जाता है। गोविंदा के इस वक्तव्य से यह स्पष्ट होता है कि फिल्मों में प्रतिस्पर्धा के बावजूद अभिनेताओं के बीच व्यक्तिगत और सहयोगात्मक संबंध बने रहते हैं, जो संकट के समय में एक-दूसरे के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होते हैं।

  • ओटीटी पर इस हफ्ते आ रही हैं 11 नई फिल्में और वेब सीरीज, देखें पूरी लिस्ट और रिलीज डेट

    ओटीटी पर इस हफ्ते आ रही हैं 11 नई फिल्में और वेब सीरीज, देखें पूरी लिस्ट और रिलीज डेट


    नई दिल्ली ।
    डिजिटल स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स पर मनोरंजन का नया दौर शुरू होने जा रहा है। 10 अगस्त से 16 अगस्त के मध्य ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर एक्शन, थ्रिलर, रियलिटी शो और क्षेत्रीय सिनेमा से जुड़ी 11 नई फिल्में और वेब सीरीज प्रदर्शित की जाएंगी। इनमें हॉलीवुड के चर्चित शो के नए सीजन, बॉलीवुड की हालिया बॉक्स ऑफिस फिल्में और लोकप्रिय कोरियन ड्रामा शामिल हैं। बिंज-वॉच और डिजिटल मनोरंजन पसंद करने वाले दर्शकों के लिए यह हफ्ता बेहद खास रहने वाला है।

    साप्ताह की शुरुआत में खेल और अंतरराष्ट्रीय कंटेंट को प्राथमिकता दी गई है। 11 अगस्त को फुटबॉल के मशहूर मैनेजर होसे मोरिन्हो की जिंदगी पर आधारित स्पोर्ट्स डॉक्यूमेंट्री सीरीज मोरिन्हो नेटफ्लिक्स पर आ रही है। इसके अलावा अमेजन प्राइम वीडियो पर कोरियन ड्रामा द लीजेंड ऑफ किचन सोल्जर और ऑफिस लाइफ पर केंद्रित फिफ्टीज प्रोफेशनल्स को हिंदी, तमिल और तेलुगू भाषाओं में स्ट्रीम किया जाएगा।

    एक्शन और रियलिटी आधारित सामग्री की बात करें तो 12 अगस्त को अमेजन प्राइम वीडियो पर लोकप्रिय थ्रिलर शो रीचर का चौथा सीजन प्रदर्शित होगा। 13 अगस्त को करण जौहर का चर्चित रियलिटी गेम शो द ट्रेटर्स इंडिया का दूसरा सीजन अमेजन प्राइम वीडियो पर आ रहा है, जिसमें 21 सेलिब्रिटीज हिस्सा ले रहे हैं। उसी दिन गॉय रिची के निर्देशन में बनी एक्शन फिल्म इन द ग्रे, मलयालम ड्रामा कैटलन और इमोशनल मेक्सिकन फिल्म अ चाइल्ड ऑफ माय ओन भी रिलीज होगी।

    स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 14 अगस्त को बॉलीवुड की बड़ी फिल्में ओटीटी पर दस्तक देने जा रही हैं। सिनेमाघरों में सफल रही शाहिद कपूर, कृति सेनन और रश्मिका मंदाना स्टारर रोमांटिक कॉमेडी फिल्म कॉकटेल 2 का नेटफ्लिक्स पर प्रीमियर होगा। इसके साथ ही कंगना रनौत की सर्वाइवल ड्रामा फिल्म भारत भाग्य विधाता को जी5 पर दर्शकों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। इसी दिन इंडिपेंडेंट ड्रामा फिल्म डोन्ट से गुड लक भी नेटफ्लिक्स पर रिलीज होगी।

    मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर और ग्वालियर जैसे प्रमुख शहरों में डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का उपयोग तेजी से बढ़ा है, जहां युवा और परिवार वीकेंड पर ओटीटी स्ट्रीमिंग को प्राथमिकता देते हैं। प्रदेश में मल्टी-लिंगुअल और विविध शैलियों वाले कंटेंट की मांग को देखते हुए इन नई रिलीज को लेकर दर्शकों में अच्छा खासा उत्साह देखा जा रहा है।

    विभिन्न ओटीटी प्लेटफॉर्म्स द्वारा इस हफ्ते पेश किया जा रहा विविध सामग्री का यह बुके अलग-अलग आयु वर्ग के दर्शकों की पसंद को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। आने वाले दिनों में इन फिल्मों और सीरीज की स्ट्रीमिंग के बाद डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर दर्शकों की व्यूअरशिप में बढ़ोतरी दर्ज किए जाने की संभावना जताई जा रही है।

  • 17 फिल्मों के बाद क्यों टूटी गोविंदा और डेविड धवन की जोड़ी, अभिनेता ने इंटरव्यू में बताई वजह

    17 फिल्मों के बाद क्यों टूटी गोविंदा और डेविड धवन की जोड़ी, अभिनेता ने इंटरव्यू में बताई वजह

    नई दिल्ली ।भारतीय सिनेमा के 90 के दशक के चर्चित अभिनेता गोविंदा ने निर्देशक डेविड धवन के साथ अपनी सफल जोड़ी और उनके साथ काम बंद करने के कारणों पर खुलकर विचार व्यक्त किए हैं। एक हालिया साक्षात्कार में गोविंदा ने उस दौर को याद किया जब दोनों की जोड़ी बॉक्स ऑफिस पर एक के बाद एक कई सफल फिल्में दे रही थी। गोविंदा और डेविड धवन ने साथ मिलकर कुल 17 फिल्मों में काम किया था, जिनमें कुली नंबर 1, राजा बाबू, हीरो नंबर 1 और बड़े मियां छोटे मियां जैसी सुपरहिट फिल्में शामिल हैं।

    साक्षात्कार के दौरान गोविंदा ने स्पष्ट किया कि डेविड धवन के साथ उनका पेशेवर रिश्ता तब थमा जब निर्देशक को लगा कि इस साझेदारी को और आगे बढ़ाने की आवश्यकता नहीं है। गोविंदा के अनुसार, वे उनके साथ 18वीं और 19वीं फिल्म भी बनाना चाहते थे, लेकिन डेविड धवन ने उस समय आगे न बढ़ने का फैसला किया। गोविंदा ने इसे निर्देशक का अपना निजी और व्यावहारिक फैसला माना और कहा कि इस संबंध में उनके मन में कभी कोई संशय नहीं रहा।

    दोनों के व्यक्तिगत संबंधों पर बात करते हुए अभिनेता ने स्वीकार किया कि कई बार उनके बीच नाराजगी भी होती थी, लेकिन उनका व्यक्तिगत जुड़ाव हमेशा बना रहा। उन्होंने बताया कि पेशेवर अलगाव के बाद भी जब भी उनकी बात होती है या कोई विषय आता है, तो उनके बीच वही पुराना सम्मान और आत्मीयता देखने को मिलती है। हाल ही में एक फिल्म की रिलीज के बाद भी दोनों के बीच बातचीत हुई थी, जिसमें व्यक्तिगत कुशलक्षेम साझा की गई।

    इसी बातचीत में गोविंदा ने दिवंगत अभिनेता और संवाद लेखक कादर खान के साथ अपनी प्रसिद्ध केमिस्ट्री पर भी प्रकाश डाला। गोविंदा ने बताया कि कादर खान की उपस्थिति ने उनकी कॉमिक टाइमिंग और अभिनय शैली को निखारने में बड़ी भूमिका निभाई। शुरुआत में एक-दूसरे की कार्यशैली को समझने में थोड़ा समय लगा, लेकिन बाद में दोनों के बीच एक बेहतरीन पेशेवर तालमेल स्थापित हो गया, जिसने पर्दे पर कई यादगार दृश्य दिए।

    मध्य प्रदेश के इंदौर, भोपाल और ग्वालियर जैसे प्रमुख शहरों में 90 के दशक की इन कॉमेडी फिल्मों को काफी दर्शक मिले हैं और आज भी टीवी पर इन्हें बड़े चाव से देखा जाता है। प्रदेश के फिल्म प्रेमी और सांस्कृतिक विश्लेषक गोविंदा और डेविड धवन की जोड़ी को भारतीय सिनेमा के सबसे सफल दौरों में से एक मानते हैं। कादर खान के साथ गोविंदा के संवाद आज भी हिंदी सिनेमा के स्वर्णिम काल का हिस्सा माने जाते हैं।

    गोविंदा और कादर खान ने दूल्हे राजा, साजन चले ससुराल, हसीना मान जाएगी और अनाड़ी नंबर 1 जैसी दर्जनों हिट फिल्मों में साथ काम किया। अभिनेता के अनुसार, वरिष्ठ कलाकारों और निर्देशकों के साथ काम करने के इन अनुभवों ने उनके पूरे फिल्मी सफर को आकार दिया। भले ही समय के साथ सिनेमा का स्वरूप बदला हो, लेकिन इस जोड़ी द्वारा निर्मित फिल्में आज भी दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं।