Category: Entertainment

  • “महादेव सबसे शक्तिशाली किरदार”-तरुण खन्ना ने तोड़ी टाइपकास्ट की धारणा

    “महादेव सबसे शक्तिशाली किरदार”-तरुण खन्ना ने तोड़ी टाइपकास्ट की धारणा


    नई दिल्ली। टीवी इंडस्ट्री में तरुण खन्ना को ‘महादेव’ के रूप में खास पहचान मिली है। उन्होंने अब तक 400 से ज्यादा बार भगवान भगवान शिव का किरदार निभाया है। ‘कर्म फल दाता शनि’, ‘राधा कृष्ण’, ‘जय कन्हैया लाल की’, ‘देवी आदि पराशक्ति’ और ‘परम अवतार श्री कृष्ण’ जैसे कई लोकप्रिय पौराणिक शोज में उनकी मौजूदगी ने दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई है।

     टाइपकास्ट या सोच-समझकर लिया फैसला?
    लगातार एक ही तरह के किरदार निभाने पर अक्सर कलाकारों को ‘टाइपकास्ट’ कहा जाता है, लेकिन तरुण खन्ना इस धारणा से अलग सोच रखते हैं। उनका कहना है कि वह जानबूझकर इस भूमिका को चुनते हैं क्योंकि यह बेहद प्रभावशाली और शक्तिशाली किरदार है। उनके अनुसार, “एक अभिनेता के लिए किरदार की ताकत समझना जरूरी है और महादेव से ज्यादा शक्तिशाली रोल मिलना मुश्किल है। इसलिए यह मेरा सोचा-समझा निर्णय है।”

     किरदार ने बदली जिंदगी
    तरुण खन्ना मानते हैं कि भगवान शिव का किरदार निभाने से उनके व्यक्तित्व में बड़ा बदलाव आया है। इस भूमिका ने उन्हें अधिक धैर्यवान बनाया और उनके भीतर की विनम्रता को फिर से जागृत किया।

     टीवी से फिल्मों और थिएटर तक का सफर
    तरुण खन्ना ने सिर्फ टीवी ही नहीं, बल्कि फिल्मों और थिएटर में भी महादेव का किरदार निभाया है। तेलुगु फिल्म ‘अखंडा 2’ और नाटक ‘हमारे राम’ में भी उन्होंने इसी रूप में दर्शकों को प्रभावित किया।

    सिर्फ VFX नहीं, भावनाएं जरूरी
    पौराणिक शोज पर अपनी राय रखते हुए तरुण खन्ना ने कहा कि केवल VFX और भव्य कॉस्ट्यूम से शो सफल नहीं होता। उनका मानना है कि अगर कहानी में भावनाओं की गहराई नहीं होगी, तो दर्शकों से जुड़ाव नहीं बन पाएगा। उन्होंने साफ कहा, “महादेव सिर्फ एक लुक नहीं, बल्कि एक दिव्य अनुभूति है, जिसे निभाने के लिए सच्ची श्रद्धा और समर्पण चाहिए।”

     किरदार नहीं, आस्था का प्रतीक
    तरुण खन्ना के लिए ‘महादेव’ का किरदार सिर्फ एक रोल नहीं, बल्कि आस्था और समर्पण का प्रतीक है। यही वजह है कि वह इसे बार-बार निभाने के बावजूद इसे अपनी ताकत मानते हैं, कमजोरी नहीं।

  • थलपति से ‘जन नायक’ तक: तमिलनाडु की राजनीति में छाए विजय

    थलपति से ‘जन नायक’ तक: तमिलनाडु की राजनीति में छाए विजय


    नई दिल्ली। तमिल सिनेमा के सुपरस्टार विजय अब राजनीति में भी ‘जन नायक’ बनकर उभर रहे हैं। 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। खास बात यह रही कि सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कड़गम को कड़ी टक्कर मिली। विजय ने खुद पेरंबुर और तिरुचिरापल्ली सीटों से जीत हासिल कर यह साबित कर दिया कि उनकी लोकप्रियता सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं है।

    राजनीति में आने का फैसला: कब और क्यों?
    विजय ने 2 फरवरी 2024 को अपनी राजनीतिक पार्टी की घोषणा की थी। कोविड-19 के बाद से ही वे सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों में सक्रिय हो गए थे। सही समय देखकर उन्होंने राजनीति में कदम रखा और 2026 चुनाव लड़ने का फैसला किया। इसी के साथ उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री से दूरी बनाने का ऐलान भी कर दिया।

     घोषणापत्र में बड़े वादे: जनता को सीधे साधने की कोशिश
    अप्रैल 2026 में जारी घोषणापत्र में विजय ने कई बड़े और लोकलुभावन वादे किए। इनमें हर परिवार की महिला मुखिया को 2,500 रुपये मासिक सहायता, साल में 6 मुफ्त गैस सिलेंडर, गरीब बेटियों की शादी के लिए 8 ग्राम सोना और सिल्क साड़ी देने का वादा शामिल है।

    इसके अलावा बेरोजगार युवाओं के लिए स्नातकों को 4,000 रुपये और डिप्लोमा धारकों को 2,500 रुपये का भत्ता देने की बात कही गई। छोटे किसानों के कर्ज माफ करने, बिना गारंटी लोन और 200 यूनिट मुफ्त बिजली जैसे वादों ने जनता को आकर्षित किया।

     फिल्मी करियर: बाल कलाकार से सुपरस्टार तक का सफर
    विजय ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत 1984 में बाल कलाकार के रूप में की थी। उनके पिता एस. ए. चंद्रशेखर द्वारा निर्देशित फिल्म से उन्होंने शुरुआत की। 1992 में ‘नालैया थीरपु’ से लीड एक्टर बने और 1996 की फिल्म ‘पूवे उनाक्कागा’ ने उन्हें रोमांटिक हीरो के रूप में स्थापित कर दिया।
    इसके बाद उन्होंने कई सुपरहिट फिल्में दीं और ‘थलपति’ के नाम से लोकप्रिय हो गए। उनकी आखिरी फिल्म ‘जन नायकन’ भी जल्द रिलीज होने वाली है।

     निजी जीवन में उतार-चढ़ाव
    राजनीतिक सफर के बीच विजय का निजी जीवन भी सुर्खियों में रहा। उनकी पत्नी संगीता सोर्नालिंगम के साथ रिश्तों में खटास और तलाक की खबरों ने लोगों को चौंका दिया। 1999 में शादी करने वाले इस कपल के दो बच्चे हैं।

    संपत्ति और लाइफस्टाइल
    चुनावी हलफनामे के अनुसार विजय के पास करीब 404.58 करोड़ रुपये की संपत्ति है। उनके पास 10 मकान और कई लग्जरी गाड़ियां हैं, जो उनके सफल करियर को दर्शाती हैं।

    थलपति’ अब जनता के नेता
    सिनेमा में सुपरस्टार बनने के बाद अब विजय राजनीति में भी मजबूत पकड़ बनाते नजर आ रहे हैं। उनका यह सफर बताता है कि लोकप्रियता और जनसमर्थन के दम पर वे तमिलनाडु की राजनीति में लंबी पारी खेल सकते हैं।

  • श्वेता तिवारी का गोल्डन साड़ी लुक बना इंटरनेट सेंसेशन, एलिगेंस ने जीता फैंस का दिल

    श्वेता तिवारी का गोल्डन साड़ी लुक बना इंटरनेट सेंसेशन, एलिगेंस ने जीता फैंस का दिल

    नई दिल्ली। श्वेता तिवारी का गोल्डन साड़ी लुक बना आकर्षण का केंद्र, एलिगेंस और ग्रेस ने बढ़ाई फैंस की धड़कनें मनोरंजन जगत की जानी-मानी अभिनेत्री श्वेता तिवारी एक बार फिर अपने नए लुक को लेकर सुर्खियों में हैं। इस बार उनका गोल्डन साड़ी में सामने आया अवतार सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। उनके इस नए अंदाज ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह सिर्फ एक बेहतरीन अभिनेत्री ही नहीं, बल्कि एक स्टाइल आइकन भी हैं, जिनकी हर झलक फैंस के लिए खास बन जाती है।
    हाल ही में सामने आई तस्वीरों में श्वेता तिवारी ने सुनहरे रंग की खूबसूरत साड़ी पहनी हुई है, जिसमें उनका लुक बेहद शाही और आकर्षक नजर आ रहा है। उनका यह अंदाज पारंपरिक सुंदरता और आधुनिक ग्लैमर का बेहतरीन मेल पेश करता है। साड़ी का डिजाइन, उसकी चमक और श्वेता का आत्मविश्वास उनके पूरे व्यक्तित्व को और भी निखार रहा है। उनकी मुस्कान और पोज़ ने इन तस्वीरों को और भी प्रभावशाली बना दिया है, जिससे फैंस खुद को उनकी तारीफ करने से रोक नहीं पा रहे हैं।
    श्वेता तिवारी ने अपने करियर की शुरुआत छोटे पर्दे से की थी और धीरे-धीरे उन्होंने अपनी मेहनत और अभिनय कौशल से एक मजबूत पहचान बनाई। एक लोकप्रिय धारावाहिक में निभाया गया उनका किरदार आज भी दर्शकों के दिलों में ताजा है। इसके बाद उन्होंने कई शो और प्रोजेक्ट्स में हिस्सा लिया और हर बार अपनी अलग छाप छोड़ी। समय के साथ-साथ उनका व्यक्तित्व और स्टाइल और भी निखरता गया, जिसने उन्हें आज एक अलग मुकाम पर पहुंचा दिया है।
    उनकी फिटनेस और फैशन सेंस हमेशा से ही लोगों के लिए प्रेरणा का विषय रहे हैं। उम्र के इस पड़ाव पर भी उनका ग्लैमर और आत्मविश्वास युवाओं को भी मात देता नजर आता है। गोल्डन साड़ी में उनका यह नया लुक भी इसी बात का उदाहरण है कि वह हर बार अपने अंदाज से लोगों को चौंकाने की क्षमता रखती हैं। उनकी यह तस्वीरें न सिर्फ वायरल हो रही हैं, बल्कि फैन्स लगातार इन पर अपनी प्रतिक्रिया भी दे रहे हैं।
    सोशल मीडिया के इस दौर में श्वेता तिवारी का यह लुक एक बार फिर साबित करता है कि उनका स्टारडम लगातार बना हुआ है। उनके चाहने वाले उनकी हर नई झलक का बेसब्री से इंतजार करते हैं। इस बार गोल्डन साड़ी में उनका यह एलिगेंट और रॉयल अंदाज लंबे समय तक लोगों की यादों में बना रहेगा और एक बार फिर उन्हें चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
  • कियारा आडवाणी की नाराजगी ने बढ़ाई मेकर्स की चिंता, बोल्ड दृश्यों को लेकर अभिनेत्री ने लिया कड़ा स्टैंड।

    कियारा आडवाणी की नाराजगी ने बढ़ाई मेकर्स की चिंता, बोल्ड दृश्यों को लेकर अभिनेत्री ने लिया कड़ा स्टैंड।


    नई दिल्ली। दक्षिण भारतीय सुपरस्टार यश की आगामी फिल्म ‘टॉक्सिक’ इन दिनों सिनेमा प्रेमियों के बीच चर्चा का सबसे बड़ा विषय बनी हुई है। इस फिल्म को लेकर फैंस के बीच जितना उत्साह है, उतनी ही चुनौतियां मेकर्स के सामने भी आती दिख रही हैं। हाल ही में फिल्म की स्टारकास्ट और इसके दृश्यों को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है जिसने पूरी इंडस्ट्री का ध्यान अपनी ओर खींचा है। फिल्म में मुख्य भूमिका निभा रहीं बॉलीवुड अभिनेत्री कियारा आडवाणी ने कथित तौर पर फिल्म के कुछ विशेष दृश्यों पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। यह पूरा मामला फिल्म के अंतिम संपादन यानी फाइनल आउटपुट के बाद शुरू हुआ है, जहां कियारा को लगता है कि कुछ बोल्ड और इंटिमेट सीन उनके कंफर्ट जोन से बाहर चले गए हैं और वे उन्हें फिल्म में रखने के पक्ष में नहीं हैं।

    सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, कियारा आडवाणी ने फिल्म के कुछ रोमांटिक और बोल्ड सीन्स को देखने के बाद निर्देशक गीतू मोहनदास और सुपरस्टार यश से सीधे तौर पर बातचीत की है। अभिनेत्री का मानना है कि इन दृश्यों को फिल्म से हटा देना चाहिए क्योंकि वे कहानी के प्रवाह में आवश्यक नहीं लग रहे हैं। बताया जा रहा है कि शूटिंग के दौरान कियारा को यह आश्वासन दिया गया था कि इन दृश्यों को बहुत ही सलीके और मर्यादित तरीके से दिखाया जाएगा, लेकिन फाइनल कट देखने के बाद अभिनेत्री को लगा कि परिणाम वैसा नहीं है जैसा उन्होंने सोचा था। इस असहमति के चलते फिल्म के प्रोडक्शन हाउस के भीतर काफी हलचल मची हुई है, क्योंकि यश इस फिल्म के सह-निर्माता भी हैं और फिल्म पर उनका बहुत बड़ा दांव लगा हुआ है।

    फिल्म ‘टॉक्सिक’ के टीजर को लेकर भी पहले काफी चर्चा हुई थी, जिसमें एक बोल्ड सीक्वेंस को लेकर सोशल मीडिया पर काफी प्रतिक्रियाएं आई थीं। शायद इसी आलोचनात्मक रुख को देखते हुए कियारा अब अपनी ऑन-स्क्रीन इमेज को लेकर अधिक सतर्क हो गई हैं। यश की यह फिल्म न केवल दक्षिण भारत बल्कि हिंदी भाषी क्षेत्रों में भी बहुत बड़े स्तर पर रिलीज होने वाली है, ऐसे में किसी भी प्रकार का विवाद फिल्म की रिलीज और उसकी सफलता पर असर डाल सकता है। फिलहाल फिल्म की रिलीज डेट को भी आगे बढ़ा दिया गया है, जिससे यह साफ होता है कि मेकर्स अभी फिल्म के कई तकनीकी और रचनात्मक पहलुओं पर दोबारा विचार कर रहे हैं।

    यश के करियर की बात करें तो वह एक तरफ ‘टॉक्सिक’ को विश्व स्तरीय फिल्म बनाने में जुटे हैं, वहीं दूसरी ओर वह नितेश तिवारी की ‘रामायण’ जैसे बड़े प्रोजेक्ट का भी हिस्सा हैं। दूसरी तरफ कियारा आडवाणी बॉलीवुड की उन गिनी-चुनी अभिनेत्रियों में शामिल हैं जिनकी एक बड़ी फैन फॉलोइंग है और वह हमेशा अपनी फिल्मों के कंटेंट को लेकर सचेत रहती हैं। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या मेकर्स कियारा की मांग मानकर उन बोल्ड दृश्यों पर कैंची चलाएंगे या फिर अभिनेत्री को मनाने की कोशिश की जाएगी। इस विवाद ने ‘टॉक्सिक’ के प्रति दर्शकों की उत्सुकता को और अधिक बढ़ा दिया है और हर कोई अब फिल्म की नई रिलीज डेट और इसके अंतिम स्वरूप का बेसब्री से इंतजार कर रहा है।

  • क्यों लीजेंडरी किशोर कुमार ने डैनी डेंजोंगपा से गवाए थे ट्राइबल गीत?

    क्यों लीजेंडरी किशोर कुमार ने डैनी डेंजोंगपा से गवाए थे ट्राइबल गीत?

    नई दिल्ली।भारतीय संगीत जगत के बेताज बादशाह किशोर कुमार अपनी गायकी के साथ-साथ अपने काम के प्रति अनोखे जुनून के लिए भी जाने जाते थे। उनके जीवन का एक बेहद दिलचस्प और प्रेरक किस्सा अभिनेता डैनी डेंजोंगपा से जुड़ा है, जो यह दर्शाता है कि किशोर दा किसी भी अभिनेता के लिए अपनी आवाज को ढालने के लिए किस हद तक मेहनत करते थे। बात साल 1977 की है जब फिल्म ‘अभी तो जी लें’ का निर्माण हो रहा था। इस फिल्म में डैनी डेंजोंगपा एक अहम भूमिका निभा रहे थे और संगीतकार जगमोहन बक्शी व सपन सेनगुप्ता ने किशोर कुमार को डैनी के लिए एक गीत गाने का प्रस्ताव दिया। जैसे ही किशोर कुमार को पता चला कि उन्हें डैनी के लिए अपनी आवाज देनी है, उन्होंने तुरंत अभिनेता को अपने घर आने का न्यौता भेज दिया।

    उस समय डैनी फिल्म जगत में एक उभरते हुए कलाकार थे और किशोर कुमार जैसे महान गायक का बुलावा पाकर वह काफी घबरा गए थे। जब डैनी उनके घर पहुंचे, तो किशोर कुमार ने उनके सामने एक अजीब सी फरमाइश रख दी। उन्होंने डैनी से कहा कि वह उन्हें अपनी आवाज में कुछ नेपाली और असमी लोकगीत सुनाएं। डैनी काफी हैरान थे कि आखिर एक महान गायक उनसे गाने क्यों सुनना चाहता है, लेकिन उन्होंने हिचकते हुए किशोर दा को अपनी मातृभाषा के कुछ पारंपरिक गीत सुनाए। डैनी वहां से यह सोचकर चले गए कि शायद किशोर दा महज मनोरंजन के लिए गाने सुन रहे थे, लेकिन असल में उस महान कलाकार के दिमाग में कुछ और ही चल रहा था।

    दरअसल, किशोर कुमार केवल गाने नहीं सुन रहे थे, बल्कि वह डैनी की आवाज की बनावट, उनके चेहरे के हाव-भाव, गाना गाते समय उनके गले की हरकतों और उनके उच्चारण के लहजे को बहुत गहराई से समझ रहे थे। डैनी के जाने के बाद किशोर कुमार ने कई अन्य नेपाली और ट्राइबल गीतों का अध्ययन किया ताकि वह डैनी की आवाज के करीब पहुंच सकें। इसी कड़ी मेहनत का परिणाम था फिल्म का सुपरहिट गाना ‘तू लाली है सवेरे वाली’। जब यह गाना रिलीज हुआ, तो लोग अपनी कानों पर यकीन नहीं कर पाए। पर्दे पर डैनी को लिप-सिंकिंग करते देख ऐसा लग रहा था मानो वह खुद गा रहे हों। किशोर कुमार ने अपनी मूल आवाज को इस तरह बदला था कि उसमें डैनी का व्यक्तित्व पूरी तरह समा गया था।

    इतिहास गवाह है कि यह गाना न केवल उस समय हिट हुआ बल्कि आज भी किशोर कुमार के सबसे बेहतरीन प्रयोगों में गिना जाता है। डैनी खुद भी बाद में इस बात को स्वीकार कर चुके हैं कि किशोर दा की उस लगन ने उन्हें अचंभित कर दिया था। इसके बाद किशोर कुमार ने डैनी के लिए एक बंगाली गाना भी गाया, जिसमें फिर से वही जादू देखने को मिला। किशोर कुमार का यह अंदाज साबित करता है कि वह महज एक गायक नहीं बल्कि एक बेहतरीन अभिनेता भी थे, जो माइक के पीछे रहकर पर्दे पर दिखने वाले कलाकार की आत्मा को अपनी आवाज में उतार लेते थे। भले ही फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही, लेकिन डैनी और किशोर कुमार का यह अनूठा संगम संगीत प्रेमियों के लिए हमेशा एक अनमोल धरोहर बना रहेगा।

  • 'बाहुबली 2' का साम्राज्य ध्वस्त, रणवीर सिंह की 'धुरंधर 2' ने रचा इतिहास, अब 'दंगल' के रिकॉर्ड पर महाप्रहार!

    'बाहुबली 2' का साम्राज्य ध्वस्त, रणवीर सिंह की 'धुरंधर 2' ने रचा इतिहास, अब 'दंगल' के रिकॉर्ड पर महाप्रहार!

    नई दिल्ली। भारतीय फिल्म उद्योग के इतिहास में आज एक ऐसा अध्याय लिखा गया है जिसने वैश्विक स्तर पर हिंदी सिनेमा की ताकत का लोहा मनवा दिया है। अभिनेता रणवीर सिंह और निर्देशक आदित्य धर की जुगलबंदी से बनी स्पाई एक्शन थ्रिलर ‘धुरंधर द रिवेंज’ ने बॉक्स ऑफिस पर वह कारनामा कर दिखाया है जिसका इंतजार भारतीय फिल्म समीक्षक दशकों से कर रहे थे। फिल्म ने अपनी रिलीज के महज कुछ ही हफ्तों के भीतर महान निर्देशक एसएस राजामौली की कल्ट क्लासिक फिल्म ‘बाहुबली 2’ के लाइफटाइम वर्ल्डवाइड कलेक्शन के जादुई आंकड़े को पार कर लिया है। इस असाधारण बढ़त के साथ ही अब यह फिल्म दुनिया भर में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली दूसरी भारतीय फिल्म बन गई है। इस सफलता ने न केवल बॉलीवुड को संजीवनी दी है बल्कि दक्षिण भारतीय फिल्मों के बॉक्स ऑफिस वर्चस्व को भी कड़ी चुनौती दी है।

    मार्च के महीने में बड़े पर्दे पर दस्तक देने वाली ‘धुरंधर 2’ की रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही है। व्यापारिक आंकड़ों के अनुसार फिल्म ने अब तक कुल 1788 करोड़ रुपये से अधिक का वैश्विक कारोबार कर लिया है। यह आंकड़ा बाहुबली के कुल संग्रह से थोड़ा अधिक है, जो इसे अब तक की सबसे सफल एक्शन फिल्मों की सूची में शीर्ष पर ले जाता है। अब फिल्म की सीधी टक्कर आमिर खान की फिल्म ‘दंगल’ से है, जिसने चीन के बाजार में अभूतपूर्व प्रदर्शन की बदौलत 2070 करोड़ रुपये का विशाल साम्राज्य खड़ा किया था। हालांकि ‘धुरंधर 2’ अभी इस शिखर से लगभग 282 करोड़ रुपये दूर है, लेकिन जिस तरह की दीवानगी दर्शकों में सातवें हफ्ते के बाद भी देखी जा रही है, उससे यह कयास लगाए जा रहे हैं कि फिल्म जल्द ही इस फासले को भी कम कर देगी।

    फिल्म की इस विराट सफलता के पीछे तीन प्रमुख आधार स्तंभ रहे हैं जिनमें सबसे महत्वपूर्ण इसका अंतरराष्ट्रीय स्तर का निर्माण और यथार्थवादी कहानी है। बॉलीवुड में अब तक कई जासूसी फिल्में बनी हैं, लेकिन ‘धुरंधर 2’ ने काल्पनिक वीरता के बजाय वास्तविक स्पाई ऑपरेशन और परिष्कृत एक्शन दृश्यों पर ध्यान केंद्रित किया, जिसने युवाओं और शहरी दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित किया। फिल्म की कहानी में बुना गया देशप्रेम और गहन रहस्य दर्शकों को अंत तक अपनी सीटों से बांधे रखता है। इसके अलावा रणवीर सिंह के अभिनय ने इस फिल्म में जान फूंक दी है। उन्होंने एक गुप्त एजेंट के रूप में जो शारीरिक रूपांतरण और संजीदगी दिखाई है, उसे उनके करियर का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन माना जा रहा है।

    बाजार के रुख की बात करें तो ‘धुरंधर 2’ ने केवल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ही नहीं बल्कि घरेलू स्तर पर भी रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन किया है। फिल्म ने भारतीय बाजारों में कुल 1362 करोड़ रुपये का ग्रॉस कलेक्शन किया है, जबकि विदेशी धरती पर भी इसकी धमक सुनाई दे रही है जहां से लगभग 426 करोड़ रुपये की कमाई दर्ज की गई है। मजबूत माउथ पब्लिसिटी और नकारात्मक चर्चाओं के अभाव ने इसे सिनेमाघरों में लंबे समय तक टिके रहने में मदद की। वर्तमान में यह फिल्म 1790 करोड़ के अगले पड़ाव की ओर बढ़ रही है और फिल्म उद्योग के विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह फिल्म इसी गति से चलती रही, तो वह दिन दूर नहीं जब यह ‘दंगल’ के सिंहासन को हिलाकर भारतीय सिनेमा की निर्विवाद नंबर एक फिल्म बन जाएगी। कुल मिलाकर यह जीत केवल एक फिल्म की नहीं बल्कि पूरी फिल्म इंडस्ट्री की है जिसने वैश्विक पटल पर नए मानक स्थापित किए हैं।

  • भारत के ‘रियल पैडमैन’ नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित, अक्षय कुमार निभा चुके रोल

    भारत के ‘रियल पैडमैन’ नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित, अक्षय कुमार निभा चुके रोल

    नई दिल्ली। महिलाओं की स्वच्छता और स्वास्थ्य के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाले भारत के प्रसिद्ध सोशल एंटरप्रेन्योर अरुणाचलम मुरुगनाथम को एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि मिली है। ‘पैडमैन’ के नाम से पहचान बनाने वाले मुरुगनाथम ने रविवार को बताया कि उन्हें वर्ष 2026 के नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया है।

    तमिलनाडु के एक छोटे से गांव से निकलकर वैश्विक मंच तक पहुंचने का उनका सफर देश के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है। उनके जीवन संघर्ष और सामाजिक योगदान को बॉलीवुड में भी सराहा गया, जहां पैडमैन फिल्म के जरिए उनकी कहानी को बड़े पर्दे पर दिखाया गया। इस फिल्म में अक्षय कुमार ने मुख्य भूमिका निभाई थी।

    नामांकन पर क्या बोले मुरुगनाथम?
    अपनी इस उपलब्धि पर प्रतिक्रिया देते हुए अरुणाचलम मुरुगनाथम ने समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में कहा कि शुरुआत में उन्हें इस खबर पर विश्वास ही नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि नोबेल पुरस्कार के लिए कोई व्यक्ति खुद या उसके करीबी नामांकन नहीं भेज सकते, बल्कि यह प्रक्रिया किसी तीसरे पक्ष द्वारा की जाती है। उनके अनुसार, पुडुचेरी स्थित अरविंद आई हॉस्पिटल के एक डीन और वहां कार्यरत अमेरिकी टीमों ने उनका नाम प्रस्तावित किया, जिसे 24 घंटे के भीतर स्वीकार कर लिया गया।

    नोबेल शांति पुरस्कार 2026 की स्थिति
    आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2026 के लिए कुल 287 उम्मीदवारों को नामांकित किया गया है। इनमें 208 व्यक्ति और 79 संगठन शामिल हैं। इस सूची में मुरुगनाथम का नाम शामिल होना उनके काम की वैश्विक अहमियत को दर्शाता है। हालांकि, अंतिम चयन प्रक्रिया काफी जटिल और बहु-स्तरीय होती है।

    कैसे होता है चयन?
    नोबेल समिति नामांकन के बाद विशेषज्ञों से विस्तृत मूल्यांकन कराती है। इसमें संबंधित क्षेत्र के विद्वानों, शोधकर्ताओं और अकादमिक विशेषज्ञों की राय ली जाती है। साथ ही उम्मीदवार के कार्यों से जुड़े रिसर्च पेपर और दस्तावेजों की गहन समीक्षा की जाती है, ताकि योग्य व्यक्ति या संस्था को ही यह सम्मान मिल सके।

    कौन हैं ‘रियल पैडमैन’?
    अरुणाचलम मुरुगनाथम ने ग्रामीण भारत में महिलाओं को सस्ते और सुरक्षित सैनिटरी पैड उपलब्ध कराने के लिए अपना जीवन समर्पित किया। उन्होंने एक कम लागत वाली मशीन विकसित की, जिससे स्थानीय स्तर पर पैड तैयार किए जा सकते हैं। इस पहल ने हजारों महिलाओं के स्वास्थ्य और जीवन स्तर में सुधार किया।

    सिनेमा से समाज तक असर
    उनकी प्रेरणादायक कहानी को निर्देशक आर. बाल्की ने फिल्म पैडमैन के जरिए दर्शाया। 2018 में रिलीज हुई इस फिल्म में अक्षय कुमार के साथ राधिका आप्टे और सोनम कपूर भी नजर आई थीं। फिल्म ने समाज में मासिक धर्म और स्वच्छता से जुड़े मुद्दों पर खुलकर बात करने का माहौल बनाया और राष्ट्रीय स्तर पर सराहना हासिल की। आज वही ‘रियल पैडमैन’ वैश्विक मंच पर भारत का नाम रोशन करते हुए नोबेल शांति पुरस्कार की दौड़ में शामिल हो चुके हैं।

  • Raashii Khanna का ग्लैमरस अंदाज वायरल, स्टाइलिश लुक ने फैंस को बनाया दीवाना

    Raashii Khanna का ग्लैमरस अंदाज वायरल, स्टाइलिश लुक ने फैंस को बनाया दीवाना


    नई दिल्ली। साउथ से लेकर बॉलीवुड तक अपनी पहचान बना चुकीं Raashii Khanna एक बार फिर अपने लेटेस्ट फोटोशूट को लेकर सुर्खियों में हैं। इस बार एक्ट्रेस ने अपने ग्लैमरस और स्टाइलिश अंदाज से सोशल मीडिया का पारा बढ़ा दिया है। उनकी नई तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं और फैंस उनके लुक पर जमकर प्यार बरसा रहे हैं।
    इस फोटोशूट में राशि खन्ना ने बैकलेस आउटफिट में बेहद बोल्ड और कॉन्फिडेंट पोज दिए हैं। उनके इस लुक की सबसे खास बात है उनका सटल लेकिन आकर्षक स्टाइल, जो उन्हें बाकी एक्ट्रेसेस से अलग बनाता है। एक्ट्रेस ने अपने आउटफिट के साथ एक स्टाइलिश पर्स कैरी किया है, जो उनके पूरे लुक को और ज्यादा क्लासी टच दे रहा है।
    राशि का हेयरस्टाइल भी इस फोटोशूट में खास चर्चा में है। उन्होंने बालों में एक खूबसूरत जुड़ा बनाया हुआ है, जो उनके ग्लैमरस अंदाज को एलिगेंट फिनिश देता है। उनका यह सिंपल लेकिन स्टाइलिश लुक फैंस को खूब पसंद आ रहा है।
    तस्वीरों में राशि खन्ना का कॉन्फिडेंस साफ झलक रहा है। उनकी स्माइल और एक्सप्रेशन हर फोटो को खास बना रहे हैं। यही वजह है कि सोशल मीडिया पर उनकी ये तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं और फैंस लगातार उनकी तारीफ कर रहे हैं।
    अगर उनके करियर की बात करें तो Raashii Khanna ने अपने फिल्मी सफर की शुरुआत Madras Cafe से की थी। इसके बाद उन्होंने साउथ फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा और Oohalu Gusagusalade, Tholi Prema, Venky Mama और Sardar जैसी हिट फिल्मों में काम कर अपनी अलग पहचान बनाई।
    फिल्मों के साथ-साथ राशि खन्ना सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव रहती हैं और अपने फैंस के लिए लगातार नए-नए लुक्स शेयर करती रहती हैं। यही कारण है कि उनका हर फोटोशूट आते ही ट्रेंड करने लगता है।
    कुल मिलाकर, इस बार भी Raashii Khanna ने अपने स्टाइल, कॉन्फिडेंस और ग्लैमरस अंदाज से साबित कर दिया है कि वह सिर्फ एक बेहतरीन एक्ट्रेस ही नहीं, बल्कि एक फैशन आइकन भी हैं।
  • टीवी एक्ट्रेस आरती सिंह का दिल छू लेने वाला पल, परिवार की वापसी पर साझा किया दर्द और खुशी

    टीवी एक्ट्रेस आरती सिंह का दिल छू लेने वाला पल, परिवार की वापसी पर साझा किया दर्द और खुशी

    नई दिल्ली।
    टीवी अभिनेत्री आरती सिंह के लिए हाल ही में एक ऐसा पल आया जिसने उन्हें भावनात्मक रूप से गहराई से छू लिया। लंबे समय के बाद जब उन्होंने अपने परिवार के सदस्यों को एक साथ देखा, तो उनकी भावनाएं संभाले नहीं संभल सकीं। यह मुलाकात उनके लिए सिर्फ एक साधारण रीयूनियन नहीं थी, बल्कि टूटे हुए रिश्तों के फिर से जुड़ने जैसा अनुभव था।

    आरती सिंह ने एक शो के विशेष एपिसोड को देखते हुए अपने परिवार की झलक पाई, जिसमें उनके भाई, भाभी और अन्य करीबी सदस्य एक साथ नजर आए। यह दृश्य उनके लिए बेहद भावुक करने वाला था क्योंकि पिछले कई वर्षों से परिवार के बीच दूरियां और गलतफहमियां बनी हुई थीं।

    उन्होंने महसूस किया कि समय के साथ रिश्तों में आई दरारें भले ही गहरी हो जाती हैं, लेकिन जब परिस्थितियां बदलती हैं, तो वही रिश्ते फिर से जुड़ भी सकते हैं। आरती के अनुसार, यह मिलन उनके लिए एक सपने के पूरे होने जैसा था, जिसे उन्होंने लंबे समय तक महसूस किया था।

    इस खास मौके पर उन्होंने अपने भाई और भाभी के प्रयासों की भी सराहना की, जिन्होंने आगे बढ़कर पुराने गिले-शिकवे दूर करने की पहल की। आरती ने माना कि भावनाएं और माफी जब दिल से होती हैं, तो रिश्तों में नई शुरुआत संभव हो जाती है।

    उन्होंने अपने परिवार के बड़े सदस्यों को भी याद किया और कहा कि परिवार की जड़ें वही लोग होते हैं जो सभी को जोड़कर रखते हैं। उनके अनुसार, परिवार में प्यार और सम्मान बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि यही रिश्तों को मजबूत बनाता है।

    आरती सिंह ने अंत में उम्मीद जताई कि भविष्य में पूरा परिवार फिर से एक साथ खुशहाल पल साझा करेगा और सभी पुराने मतभेद पीछे छोड़कर आगे बढ़ेंगे। यह अनुभव उनके लिए भावनात्मक रूप से बेहद खास और यादगार बन गया।

  • जब मेकअप ने बदल दी पहचान, ‘मदर इंडिया’ ने सेट पर नहीं पहचाना सुनील दत्त..

    जब मेकअप ने बदल दी पहचान, ‘मदर इंडिया’ ने सेट पर नहीं पहचाना सुनील दत्त..

    नई दिल्ली। फिल्मी दुनिया में कई बार ऐसे पल सामने आते हैं जो पर्दे के पीछे की असल कहानी को और भी दिलचस्प बना देते हैं। ऐसा ही एक यादगार किस्सा उस समय का है जब भारतीय सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री नरगिस दत्त अपने ही पति सुनील दत्त को पहचान नहीं सकीं। यह घटना एक फिल्म के सेट पर हुई, जहां एक किरदार के लिए बेहद भारी और वास्तविक दिखने वाला मेकअप किया गया था।

    सुनील दत्त उस दृश्य में एक वृद्ध व्यक्ति का किरदार निभा रहे थे। उनके लुक को इतना बदल दिया गया था कि चेहरे की बनावट, उम्र और हावभाव पूरी तरह से एक अलग व्यक्ति जैसे लग रहे थे। मेकअप की बारीकी इतनी शानदार थी कि पहचान पाना लगभग असंभव हो गया था।

    जब नरगिस दत्त सेट पर पहुंचीं, तो उन्होंने सामान्य रूप से अपने पति को ढूंढना शुरू किया। उन्हें उम्मीद थी कि सुनील दत्त कहीं आस-पास होंगे, लेकिन जब उनकी नजर उस वृद्ध किरदार पर पड़ी, तो उन्हें अंदाजा भी नहीं हुआ कि वह उनके पति ही हैं। वे कई बार आसपास के लोगों से पूछती रहीं कि सुनील दत्त कहां हैं।

    दिलचस्प बात यह थी कि सुनील दत्त उसी समय उनके सामने खड़े थे, लेकिन भारी मेकअप के कारण नरगिस उन्हें पहचान नहीं पा रही थीं। बातचीत के दौरान भी वह उन्हें एक सामान्य कलाकार समझती रहीं और लगातार अपने पति की तलाश करती रहीं।

    कुछ समय बाद जब सच्चाई सामने आई कि वही वृद्ध किरदार असल में सुनील दत्त हैं, तो नरगिस दत्त हैरान रह गईं। उन्हें यकीन नहीं हुआ कि मेकअप की मदद से कोई व्यक्ति इस तरह पूरी तरह बदल सकता है। इस अनोखे अनुभव से प्रभावित होकर उन्होंने मेकअप आर्टिस्ट की खूब सराहना की और अपनी ओर से एक कीमती उपहार भी दिया।

    यह घटना सिर्फ एक मजेदार किस्सा नहीं बल्कि फिल्मी तकनीक और कला की उस ताकत को भी दिखाती है, जो किसी कलाकार की पहचान तक बदल सकती है। नरगिस और सुनील दत्त का यह वाकया आज भी सिनेमा की दुनिया में एक दिलचस्प और यादगार कहानी के रूप में सुनाया जाता है।