Category: Entertainment

  • किशोर कुमार का सबसे विवादित गाना: 8 महिला गायिकाओं के बीच अकेले गाया गीत, अश्लीलता के आरोप में हुआ था बैन

    किशोर कुमार का सबसे विवादित गाना: 8 महिला गायिकाओं के बीच अकेले गाया गीत, अश्लीलता के आरोप में हुआ था बैन


    नई दिल्ली। हिंदी फिल्म संगीत के इतिहास में कई ऐसे गीत हैं, जिन्होंने अपनी लोकप्रियता के साथ-साथ विवादों के कारण भी खास पहचान बनाई। ऐसा ही एक गीत था फिल्म ‘विधाता’ का ‘सात सहेलियां खड़ी-खड़ी, फरियाद सुनाए घड़ी-घड़ी’, जिसे महान गायक किशोर कुमार ने आठ महिला गायिकाओं के साथ मिलकर गाया था। यह गीत अपने समय में इतना चर्चित हुआ कि इसके कुछ बोलों को लेकर विवाद खड़ा हो गया और बाद में इसे दूरदर्शन और ऑल इंडिया रेडियो पर प्रसारित करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया।

    वर्ष 1982 में रिलीज हुई फिल्म ‘विधाता’ उस दौर की सबसे सफल फिल्मों में गिनी जाती है। फिल्म में दिग्गज अभिनेता दिलीप कुमार, संजीव कुमार, शम्मी कपूर, संजय दत्त और अभिनेत्री पद्मिनी कोल्हापुरे जैसे सितारे नजर आए थे। प्रसिद्ध फिल्मकार सुभाष घई द्वारा निर्देशित इस फिल्म का संगीत भी दर्शकों को खूब पसंद आया। फिल्म के सभी गीत सुपरहिट रहे, लेकिन ‘सात सहेलियां खड़ी-खड़ी’ ने सबसे अधिक सुर्खियां बटोरीं।

    इस गीत की खास बात यह थी कि इसमें किशोर कुमार अकेले पुरुष गायक थे, जबकि उनके साथ आठ महिला गायिकाओं ने अपनी आवाज दी थी। इनमें हेमलता, कंचन, अनुराधा पौडवाल, साधना सरगम, अलका याज्ञनिक, पद्मिनी कोल्हापुरे, उनकी बहन शिवांगी कोल्हापुरे और शक्ति कपूर की पत्नी शिवांगी कपूर शामिल थीं। बताया जाता है कि जब किशोर कुमार रिकॉर्डिंग स्टूडियो पहुंचे और वहां एक साथ इतनी महिला गायिकाओं को देखा तो वे चौंक गए। मजाकिया अंदाज में उन्होंने कहा कि वे तो फंस गए हैं। हालांकि संगीतकार जोड़ी कल्याणजी-आनंदजी और अभिनेता शम्मी कपूर के समझाने पर उन्होंने यह गीत रिकॉर्ड किया।

    गीत के बोल प्रसिद्ध गीतकार आनंद बक्शी ने लिखे थे। रिकॉर्डिंग के बाद इसे फिल्माया गया और दर्शकों के सामने पेश किया गया। लेकिन रिलीज के बाद गीत के कुछ अंतरों को लेकर आपत्ति जताई गई। आलोचकों ने इसे अश्लील बताया और इसके प्रसारण पर सवाल उठाए। विवाद इतना बढ़ा कि ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन ने इस गीत के प्रसारण पर रोक लगा दी। हालांकि फिल्म की लोकप्रियता पर इसका कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ा।

    दिलचस्प बात यह रही कि जिस गीत को कभी अश्लील बताकर बैन किया गया था, वही समय के साथ हिंदी फिल्म संगीत की चर्चित धरोहर बन गया। आज भी संगीत प्रेमी इस गीत को याद करते हैं और इसे किशोर कुमार के सबसे अनोखे और दुर्लभ गीतों में गिना जाता है। यह गीत न केवल अपनी धुन और प्रस्तुति के लिए बल्कि एक साथ इतनी महिला गायिकाओं के साथ रिकॉर्ड होने के कारण भी संगीत इतिहास में विशेष स्थान रखता है।

  • Khatron Ke Khiladi 15: टॉप-2 फाइनलिस्ट के नाम लीक! करण वाही और फरहाना भट्ट के बीच होगी खिताबी जंग?

    Khatron Ke Khiladi 15: टॉप-2 फाइनलिस्ट के नाम लीक! करण वाही और फरहाना भट्ट के बीच होगी खिताबी जंग?


    नई दिल्ली। रोहित शेट्टी का लोकप्रिय स्टंट बेस्ड रियलिटी शो ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ इन दिनों चर्चा का केंद्र बना हुआ है। शो का प्रसारण अभी शुरू भी नहीं हुआ है, लेकिन सोशल मीडिया और मनोरंजन जगत में इससे जुड़े कई बड़े अपडेट सामने आने लगे हैं। ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार शो के टॉप-2 फाइनलिस्ट के नाम भी लीक हो गए हैं, जिसने फैंस की उत्सुकता और बढ़ा दी है।

    करण वाही और फरहाना भट्ट पहुंचे फाइनल में!
    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस सीजन के टॉप-2 फाइनलिस्ट करण वाही और फरहाना भट्ट बताए जा रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि दोनों कंटेस्टेंट्स ने पूरे सीजन में शानदार प्रदर्शन किया और फाइनल तक अपनी जगह बनाने में सफल रहे। रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि अभिनेता अविनाश मिश्रा फाइनल की रेस में मजबूती से बने हुए थे, लेकिन अंतिम चरण में वह जगह नहीं बना सके। यदि ये दावे सही साबित होते हैं तो ट्रॉफी के लिए सीधी टक्कर करण वाही और फरहाना भट्ट के बीच देखने को मिल सकती है।

    फिनाले भारत में होने की चर्चा
    एक और बड़ा अपडेट यह सामने आया है कि इस बार शो का ग्रैंड फिनाले दक्षिण अफ्रीका के केप टाउन में नहीं बल्कि भारत में आयोजित किया जा सकता है। हालांकि शो की शूटिंग फिलहाल केप टाउन में ही चल रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार विजेता की घोषणा शो के टेलीविजन प्रसारण के अंतिम चरण में भारत में आयोजित विशेष कार्यक्रम के दौरान की जाएगी।

    पहले हफ्ते में नहीं होगा एलिमिनेशन!
    सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार शो के पहले सप्ताह में किसी भी कंटेस्टेंट का एलिमिनेशन नहीं होगा। वहीं दूसरे सप्ताह में सोशल मीडिया स्टार ओरी (ओरहान अवात्रामणि) के बाहर होने की चर्चा है। हालांकि चैनल या मेकर्स की ओर से अभी तक इन खबरों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

    कौन-कौन हैं इस बार प्रतियोगी?
    इस सीजन में कई लोकप्रिय टीवी सितारे और सोशल मीडिया हस्तियां हिस्सा ले रही हैं। प्रतियोगियों की सूची में गौरव खन्ना, रुबीना दिलैक, करण वाही, अविनाश मिश्रा, फरहाना भट्ट, जैस्मिन भसीन, रित्विक धनजानी, अविका गौर, विशाल आदित्य सिंह, हर्ष गुजराल, ओरी, शगुन शर्मा और रुहानिका धवन जैसे नाम शामिल हैं।

  • दक्षिण भारतीय सुपरस्टार धनुष और अभिनेत्री मृणाल ठाकुर के अलग होने की खबरें तेज, फिल्म गलियारों में ब्रेकअप की रिपोर्ट से प्रशंसक निराश

    दक्षिण भारतीय सुपरस्टार धनुष और अभिनेत्री मृणाल ठाकुर के अलग होने की खबरें तेज, फिल्म गलियारों में ब्रेकअप की रिपोर्ट से प्रशंसक निराश


    नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा जगत के दो बड़े और लोकप्रिय कलाकारों, दक्षिण भारतीय सुपरस्टार धनुष और बॉलीवुड अभिनेत्री मृणाल ठाकुर के निजी संबंधों को लेकर फिल्म गलियारों से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। मीडिया की ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, काफी समय से एक-दूसरे के करीब माने जा रहे इन दोनों कलाकारों ने अब अपने रास्ते पूरी तरह अलग कर लिए हैं। दोनों के कथित तौर पर अलग होने की इस खबर ने सोशल मीडिया और फिल्मी हलकों में हलचल मचा दी है, जिससे उनके प्रशंसक काफी निराश नजर आ रहे हैं। हालांकि, दोनों सितारों की तरफ से इस अलगाव की असल वजहों को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान या स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।

    सिनेमाई सूत्रों और प्रतिष्ठित मीडिया घरानों की रिपोर्ट्स के मुताबिक, धनुष और मृणाल ठाकुर पिछले कई महीनों से अपने कथित प्रेम संबंधों को लेकर लगातार मीडिया की सुर्खियों में बने हुए थे। फिल्मी गलियारों में चर्चा थी कि दोनों अपने इस रिश्ते को लेकर काफी गंभीर हैं। हालांकि, दोनों ही कलाकारों ने सार्वजनिक तौर पर कभी भी अपने इस रिश्ते को आधिकारिक रूप से स्वीकार नहीं किया था और हमेशा इसे महज एक अफवाह करार दिया था। इसके बावजूद, सार्वजनिक आयोजनों और फिल्म प्रीमियर के दौरान दोनों की एक साथ मौजूदगी और केमिस्ट्री को देखकर मीडिया और प्रशंसकों द्वारा उनके रिश्ते को लेकर लगातार कयास लगाए जा रहे थे।

    इन दोनों कलाकारों के बीच नजदीकियों की खबरें पहली बार तब सार्वजनिक चर्चा में आई थीं, जब अभिनेता धनुष को मृणाल ठाकुर की एक आगामी बड़ी फिल्म के विशेष प्रीमियर शो के दौरान देखा गया था। उस दौरान जब मीडिया ने अभिनेत्री से धनुष की उपस्थिति को लेकर सवाल पूछे थे, तो उन्होंने बेहद चतुराई से जवाब देते हुए कहा था कि उन्हें फिल्म के मुख्य अभिनेता द्वारा आमंत्रित किया गया था। दोनों कलाकारों ने हमेशा मीडिया के कैमरों के सामने अपने रिश्ते को केवल एक अच्छी दोस्ती तक ही सीमित रखने का प्रयास किया था, लेकिन अंदरखाने चल रही चर्चाओं ने कभी उनका पीछा नहीं छोड़ा।

    निजी जीवन के मोर्चे पर बात करें तो अभिनेता धनुष हमेशा से ही अपनी व्यक्तिगत जिंदगी को चकाचौंध और मीडिया की लाइमलाइट से दूर रखना पसंद करते हैं। इससे पहले वर्ष 2022 में उन्होंने सुपरस्टार रजनीकांत की बेटी ऐश्वर्या के साथ अपनी शादीशुदा जिंदगी को समाप्त करने की आधिकारिक घोषणा की थी। दोनों ने लगभग 18 वर्षों के एक लंबे वैवाहिक जीवन के बाद आपसी सहमति से अलग होने का फैसला किया था, जिसने उस समय भी पूरे फिल्म उद्योग को स्तब्ध कर दिया था। उस अलगाव के बाद से ही धनुष का नाम कई मौकों पर अलग-अलग चर्चाओं का हिस्सा बनता रहा है।

    मध्य प्रदेश। वर्तमान में दोनों ही कलाकार अपने-अपने पेशेवर करियर और आगामी प्रोजेक्ट्स पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। अभिनेता धनुष जहां अपनी आगामी एक्शन और ड्रामा फिल्मों की शूटिंग में व्यस्त हैं, वहीं मृणाल ठाकुर के करियर का ग्राफ भी इन दिनों काफी तेजी से ऊपर जा रहा है। इस वर्ष उनकी कई फिल्में बॉक्स ऑफिस पर प्रदर्शित हो चुकी हैं और आने वाले समय में वे देश के कई बड़े निर्देशकों और बहुभाषी फिल्मों में शीर्ष अभिनेताओं के साथ मुख्य भूमिकाओं में नजर आने वाली हैं। इस व्यस्त दिनचर्या के बीच दोनों के निजी जीवन में आए इस कथित मोड़ पर फिल्म समीक्षकों और प्रशंसकों की पैनी नजरें बनी हुई हैं।

  • 'गदर' के 25 वर्ष पूरे होने पर अमीषा पटेल का बड़ा खुलासा, सनी देओल संग उम्र के फासले के कारण फिल्म न करने की मिली थी सलाह

    'गदर' के 25 वर्ष पूरे होने पर अमीषा पटेल का बड़ा खुलासा, सनी देओल संग उम्र के फासले के कारण फिल्म न करने की मिली थी सलाह

    नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा की सबसे प्रतिष्ठित और सफल फिल्मों में शुमार ‘गदर: एक प्रेम कथा’ की रिलीज को हाल ही में 25 वर्ष पूरे हो चुके हैं। इस ऐतिहासिक अवसर पर फिल्म की मुख्य अभिनेत्री अमीषा पटेल ने अपने शुरुआती करियर और फिल्म की कास्टिंग से जुड़े कई अनसुने व चौंकाने वाले पहलुओं को साझा किया है। एक साक्षात्कार के दौरान अपने बेबाक अंदाज के लिए जानी जाने वाली अभिनेत्री ने बताया कि जब उन्होंने इस प्रोजेक्ट को साइन किया था, तब फिल्म उद्योग और उनके आसपास के कई लोगों ने उन्हें इस फिल्म का हिस्सा न बनने की सख्त सलाह दी थी। विरोध की सबसे बड़ी वजह उनके और अभिनेता सनी देओल के बीच उम्र का एक लंबा फासला था, जिसे उस दौर के सिनेमाई पैमानों पर जोखिम भरा माना जा रहा था।

    फिल्म के निर्माण के समय की परिस्थितियों को याद करते हुए अभिनेत्री ने बताया कि उस वक्त उनकी उम्र महज 26 वर्ष थी, जबकि स्थापित सुपरस्टार सनी देओल 43 वर्ष के थे। इस बड़े आयु अंतर को लेकर केवल बाहरी लोग ही नहीं, बल्कि खुद वे भी शुरुआत में थोड़ी आशंकित थीं। एक नवागंतुक कलाकार के तौर पर उनके मन में यह स्वाभाविक सवाल था कि क्या दर्शकों को पर्दे पर यह जोड़ी स्वीकार्य होगी या नहीं। हालांकि, फिल्म की पटकथा और उसके गहरे विषय ने बाद में इस उम्र के फासले को पूरी तरह से पर्दे पर न्यायसंगत साबित किया, जिसने बाद में बॉक्स ऑफिस के सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए।

    सिनेमाई संरचना पर बात करते हुए अभिनेत्री ने कहा कि भारतीय फिल्म उद्योग को उम्र के अंतर वाले किरदारों के रोमांस को पर्दे पर दिखाना जारी रखना चाहिए, बशर्ते कहानी में उसकी कोई ठोस और तार्किक वजह मौजूद हो। आजकल दर्शकों द्वारा कुछ फिल्मों को नापसंद किए जाने का एक मुख्य कारण यह भी है कि कहानियों में बिना किसी मजबूत संदर्भ के ऐसी कास्टिंग थोप दी जाती है। ‘गदर’ के मामले में यह अंतर कागजी तौर पर भले ही अजीब लग रहा था, लेकिन जब फिल्म परदे पर उतरी तो किरदारों के सामाजिक और पारिवारिक परिवेश ने इस अंतर को एक खूबसूरत मोड़ दे दिया।

    कहानी के दृष्टिकोण से यह फासला बेहद सटीक बैठता था क्योंकि फिल्म एक ऐसे सीधे-साधे और कम पढ़े-लिखे स्थानीय युवक तारा सिंह की कहानी थी, जिसे एक कॉन्वेंट स्कूल में पढ़ने वाली संभ्रांत परिवार की युवती सकीना से प्रेम हो जाता है। तारा सिंह के लिए सकीना एक ऐसी राजकुमारी की तरह थी, जिसे पाना सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से बेहद कठिन था। दोनों किरदारों के बीच धर्म, शिक्षा और जीवनशैली का एक बड़ा अंतर था, जिसे इस आयु वर्ग के अंतर ने और अधिक गहराई प्रदान की। यही कारण था कि दर्शकों ने दोनों के बीच के भावनात्मक जुड़ाव को बहुत शिद्दत से महसूस किया।

    मध्य प्रदेश। इस ऐतिहासिक प्रेम कहानी की सबसे बड़ी खूबसूरती यही थी कि दोनों किरदारों ने एक-दूसरे के परिवेश को पूरी तरह से आत्मसात कर लिया था। जहां सकीना ने भारतीय संस्कृति और तारा सिंह के परिवार को ससम्मान अपनाया, वहीं तारा सिंह भी अपने परिवार की खुशी के लिए सीमा पार जाने को सहर्ष तैयार हो गया। वह केवल उसी परिस्थिति में उग्र रूप धारण करता है जब उसकी व्यक्तिगत और राष्ट्रीय पहचान पर प्रहार किया जाता है। अभिनेत्री के इन ताजा बयानों ने एक बार फिर 25 वर्ष पुरानी यादों को ताजा कर दिया है और यह साबित किया है कि एक मजबूत पटकथा किसी भी रूढ़िवादी सिनेमाई मानदंड को बदलने की पूरी क्षमता रखती है।

  • फिल्म 'मुगल-ए-आजम' के प्रसिद्ध गीत की रिकॉर्डिंग से जुड़ा अनूठा इतिहास, तकनीक की कमी के कारण लता मंगेशकर ने बाथरूम में गाया था यह गाना

    फिल्म 'मुगल-ए-आजम' के प्रसिद्ध गीत की रिकॉर्डिंग से जुड़ा अनूठा इतिहास, तकनीक की कमी के कारण लता मंगेशकर ने बाथरूम में गाया था यह गाना

    नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा के इतिहास में कई ऐसी फिल्मों और गीतों का निर्माण हुआ है, जिन्होंने न केवल दर्शकों के दिलों में अमिट छाप छोड़ी बल्कि तकनीकी और कलात्मक स्तर पर भी नए कीर्तिमान स्थापित किए। ऐसा ही एक अविस्मरणीय उदाहरण वर्ष 1960 में रिलीज हुई महान निर्देशक के. आसिफ की भव्य फिल्म ‘मुगल-ए-आजम’ का है। इस फिल्म का एक बेहद लोकप्रिय और सदाबहार गीत ‘प्यार किया तो डरना क्या’ आज भी संगीत प्रेमियों के बीच खासा पसंद किया जाता है। बहुत कम लोग जानते हैं कि स्वर कोकिला लता मंगेशकर द्वारा गाए गए इस ऐतिहासिक गीत की रिकॉर्डिंग के पीछे एक बेहद दिलचस्प और अनोखा संघर्ष छिपा हुआ है, जिसने उस दौर की तकनीकी सीमाओं को मात देकर इतिहास रच दिया था।

    सिनेमाई गलियारों और ऐतिहासिक दस्तावेजों के अनुसार, उस दौर में गानों में गूंज यानी ‘ईको इफेक्ट’ पैदा करने के लिए आज की तरह आधुनिक सॉफ्टवेयर या डिजिटल तकनीक उपलब्ध नहीं हुआ करती थी। संगीत निर्देशक नौशाद इस गाने में एक खास तरह की प्राकृतिक गूंज और गहराई चाहते थे, जिसे सामान्य स्टूडियो रूम में हासिल करना नामुमकिन लग रहा था। इस विशेष ध्वनि प्रभाव को भौतिक रूप से प्राप्त करने के लिए काफी विचार-विमर्श किया गया और अंततः एक अनोखा प्रयोग करने का फैसला हुआ। रिपोर्ट्स के मुताबिक, लता मंगेशकर ने इस गाने की विशिष्ट पंक्तियों और धुनों को स्टूडियो के एक बड़े बाथरूम में खड़े होकर रिकॉर्ड किया था ताकि आवाज में मनचाही गूंज पैदा की जा सके।

    यह केवल गायन और तकनीकी स्तर पर ही नहीं, बल्कि लेखन के मोर्चे पर भी एक बेहद कठिन सफर था। मशहूर गीतकार शकील बदायूंनी द्वारा लिखे गए इस गीत की पंक्तियों को तब तक अंतिम रूप नहीं दिया गया, जब तक कि वे निर्देशक और संगीतकार की उम्मीदों पर पूरी तरह खरी नहीं उतरीं। बताया जाता है कि इस गाने के बोल को फाइनल करने से पहले करीब 105 बार बदला और संपादित किया गया था। इतनी कड़ी मेहनत और बार-बार के संपादन के बाद जब यह गीत बनकर तैयार हुआ, तो इसने रिलीज होते ही सफलता के सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए। इतने दशक बीत जाने के बाद भी इस गीत की लोकप्रियता में तनिक भी कमी नहीं आई है।

    इस फिल्म के निर्माण से जुड़े अन्य पहलू भी उतने ही कठिन और संघर्षपूर्ण थे। फिल्म की मुख्य अभिनेत्री मधुबाला को इस ऐतिहासिक भूमिका और विशेष रूप से इस गाने के फिल्मांकन के लिए भारी शारीरिक कष्टों से गुजरना पड़ा था। उस दौर के हिसाब से उन्हें भारी-भरकम राशि तो जरूर मिली थी, लेकिन उनके पहनावे और असली लोहे व पीतल से बनी भारी आभूषणों की वजह से उन्हें गंभीर चोटें भी आई थीं। भारी चेन और पोशाकों के वजन के कारण कई बार वे सेट पर खड़ी भी नहीं हो पाती थीं। इसके बावजूद उन्होंने अपने अभिनय में कोई कसर नहीं छोड़ी, जिसने इस पूरे दृश्य को सिनेमाई परदे पर जीवंत बना दिया।

    मध्य प्रदेश। भारतीय सिनेमा के इतिहास में ‘मुगल-ए-आजम’ को बनने में लगभग 16 साल का एक लंबा समय लगा था, जो अपने आप में एक बड़ा रिकॉर्ड है। फिल्म के भव्य युद्ध दृश्यों के फिल्मांकन के लिए हजारों की संख्या में असली घोड़ों और ऊंटों का इस्तेमाल किया गया था, जो उस दौर के हिसाब से एक बेहद खर्चीला और जटिल कार्य था। इन तमाम ऐतिहासिक और अनूठे प्रयासों का ही परिणाम था कि फिल्म का हर एक दृश्य और लता मंगेशकर की अनूठी आवाज में रिकॉर्ड हुआ यह विशेष गीत आज भी भारतीय फिल्म जगत की सबसे मूल्यवान विरासतों में गिना जाता है।

  • आठ वर्ष के लंबे अंतराल के बाद बड़े पर्दे पर वापसी करेंगी प्रीति जिंटा, सनी देओल संग ऐतिहासिक ड्रामा फिल्म में निभाएंगी मुख्य भूमिका

    आठ वर्ष के लंबे अंतराल के बाद बड़े पर्दे पर वापसी करेंगी प्रीति जिंटा, सनी देओल संग ऐतिहासिक ड्रामा फिल्म में निभाएंगी मुख्य भूमिका

    नई दिल्ली । बॉलीवुड की लोकप्रिय अभिनेत्री प्रीति जिंटा एक लंबे अंतराल के बाद हिंदी सिनेमा जगत में जोरदार वापसी करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। सोशल मीडिया से लेकर फिल्म गलियारों तक इन दिनों उनकी आगामी फिल्म ‘बंटवारा 1947’ को लेकर जबरदस्त चर्चाएं हो रही हैं। यह फिल्म इसलिए भी बेहद खास मानी जा रही है क्योंकि इसके जरिए अभिनेत्री करीब आठ साल बाद बड़े पर्दे पर मुख्य भूमिका में नजर आएंगी। इससे पहले वर्ष 2018 में रिलीज हुई फिल्म ‘भैयाजी सुपरहिट’ की असफलता के बाद से उन्होंने ग्लैमर जगत से एक दूरी बना ली थी और उनका ध्यान मुख्य रूप से इंडियन प्रीमियर लीग और अपने परिवार पर केंद्रित हो गया था।

    सिनेमाई विशेषज्ञों के अनुसार, हिंदी सिनेमा में इन दिनों 90 के दशक के दिग्गज कलाकारों की दूसरी पारी बेहद सफल साबित हो रही है। इसी क्रम में सनी देओल ने भी हाल के वर्षों में बॉक्स ऑफिस पर ऐतिहासिक सफलता दर्ज की है, जिसके बाद अब उनकी पुरानी सह-कलाकार प्रीति जिंटा ने भी मैदान में उतरने का मन बना लिया है। आगामी फिल्म का पहला लुक और टीजर सामने आने के बाद से ही दर्शकों के बीच उत्सुकता काफी बढ़ गई है। इस देशभक्ति और भावनात्मक ड्रामा फिल्म में दोनों कलाकारों की जोड़ी एक बार फिर दर्शकों का मनोरंजन करने के लिए तैयार है।

    अभिनेत्री के पिछले करियर ग्राफ पर नजर डालें तो आठ साल पहले आई उनकी पिछली फिल्म कई तकनीकी बाधाओं और देरी के कारण बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई थी। उस व्यावसायिक झटके के बाद अभिनेत्री ने किसी भी फिल्म में छोटे कैमियो रोल करने से भी परहेज किया था। हालांकि, अब ‘बंटवारा 1947’ के साथ वह अपनी कलात्मक क्षमता को साबित करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। फिल्म समीक्षकों का मानना है कि इस ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर आधारित फिल्म की मजबूत पटकथा अभिनेत्री के करियर को एक नया मोड़ दे सकती है।

    आने वाला समय अभिनेत्री के प्रशंसकों के लिए काफी रोमांचक होने वाला है क्योंकि यह बहुप्रतीक्षित फिल्म इसी वर्ष 14 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सिनेमाघरों में प्रदर्शित की जाएगी। इसके अलावा फिल्म उद्योग के भीतर से आ रही खबरों के मुताबिक, प्रीति जिंटा की यह वापसी केवल एक फिल्म तक सीमित नहीं रहने वाली है। वे इस वर्ष के अंत तक एक प्रमुख प्रोडक्शन हाउस के बैनर तले बनने वाली रोमांटिक क्राइम ड्रामा फिल्म की शूटिंग भी शुरू कर सकती हैं। साथ ही आगामी समय में कुछ अन्य बड़े निर्देशकों के प्रोजेक्ट्स और मशहूर वेब सीरीज के नए सीजन में भी उनकी भागीदारी को लेकर गंभीर चर्चाएं चल रही हैं।

  • हैदराबाद कोर्ट का बड़ा आदेश, अल्लू अर्जुन को संध्या थिएटर केस में करना होगा पेश

    हैदराबाद कोर्ट का बड़ा आदेश, अल्लू अर्जुन को संध्या थिएटर केस में करना होगा पेश


    नई दिल्ली । साउथ सिनेमा के सुपरस्टार अल्लू अर्जुन एक बार फिर कानूनी मुश्किलों को लेकर सुर्खियों में आ गए हैं। हैदराबाद की नामपल्ली कोर्ट ने उन्हें संध्या थिएटर भगदड़ मामले में समन जारी करते हुए 22 जून को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने का आदेश दिया है। यह मामला फिल्म पुष्पा 2 की स्क्रीनिंग के दौरान हुए एक दर्दनाक हादसे से जुड़ा है जिसमें एक महिला की मौत हो गई थी और उनका बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया था।

    जानकारी के अनुसार चिक्कड़पल्ली पुलिस द्वारा दाखिल चार्जशीट में अल्लू अर्जुन को आरोपी नंबर 11 बनाया गया है। इस मामले में कुल 19 लोगों को आरोपी बनाया गया है जबकि संध्या थिएटर के प्रबंधन से जुड़े 10 लोगों को मुख्य रूप से जिम्मेदार बताया गया है। अदालत ने सभी आरोपियों को समन जारी किया है और मामले की अगली सुनवाई में उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

    यह घटना 4 दिसंबर 2024 की है जब हैदराबाद के संध्या थिएटर में पुष्पा 2 के स्पेशल शो के दौरान भारी भीड़ जमा हो गई थी। इसी दौरान भगदड़ जैसी स्थिति बन गई जिसमें रेवती नाम की महिला की मौत हो गई जबकि उनका बेटा श्रीतेज गंभीर रूप से घायल हो गया। यह हादसा उस वक्त चर्चा में आया था और सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े हुए थे।

    इस मामले में अल्लू अर्जुन की लीगल टीम ने बयान जारी करते हुए कहा है कि अदालत ने उन्हें सुनवाई के लिए व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया है और वे आगे की कानूनी प्रक्रिया का पालन कर रहे हैं। टीम ने कहा कि वे इस मामले में आवश्यक जानकारी समय पर साझा करेंगे।

    घटना के बाद अल्लू अर्जुन के परिवार ने पीड़ित परिवार से मुलाकात भी की थी। उनके पिता अल्लू अरविंद और पत्नी स्नेहा रेड्डी ने अस्पताल जाकर घायल श्रीतेज का हाल जाना था और परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिया था। इसके साथ ही उन्होंने श्रीतेज की बहन की शिक्षा का पूरा खर्च उठाने की भी बात कही थी।

    मौजूदा समय में घायल श्रीतेज का इलाज और पुनर्वास जारी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कई महीनों तक आईसीयू में रहने के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दी गई लेकिन अभी भी उनका न्यूरोलॉजिकल इलाज और थेरेपी चल रही है। परिवार के अनुसार उनकी हालत में बहुत धीरे सुधार हो रहा है और वह अभी भी पूरी तरह से सामान्य नहीं हो पाए हैं।

    इस पूरे मामले ने फिल्म इंडस्ट्री में भी सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को लेकर एक बार फिर गंभीर बहस छेड़ दी है। अब सभी की नजरें 22 जून को होने वाली अदालत की सुनवाई पर टिकी हैं जहां आगे की कानूनी दिशा तय हो सकती है।

  • अक्षय–फराह की मस्ती भरी बातचीत, सेट के पुराने राज और हेलिकॉप्टर वाले किस्से का खुलासा

    अक्षय–फराह की मस्ती भरी बातचीत, सेट के पुराने राज और हेलिकॉप्टर वाले किस्से का खुलासा


    नई दिल्ली । बॉलीवुड के खिलाड़ी अक्षय कुमार और फिल्ममेकर फराह खान जब भी साथ नजर आते हैं माहौल हल्का-फुल्का और हंसी-मजाक से भर जाता है। हाल ही में दोनों एक बार फिर नेटफ्लिक्स इंडिया के एक इंटरव्यू में साथ नजर आए जहां उन्होंने अपनी फिल्मों और पुराने शूटिंग अनुभवों को याद करते हुए कई मजेदार किस्से साझा किए। बातचीत के दौरान दोनों के बीच हंसी-मजाक और हल्की-फुल्की नोकझोंक देखने को मिली जिसने फैंस का खूब मनोरंजन किया।

    इंटरव्यू में अक्षय कुमार ने फराह खान के शुरुआती दिनों को याद करते हुए कहा कि वह डांस कॉम्पटीशन में हिस्सा लेती थीं और धीरे-धीरे इंडस्ट्री की सबसे सफल कोरियोग्राफर और फिल्ममेकर बन गईं। इस दौरान दोनों ने एक-दूसरे की टांग खींचते हुए पुराने दिनों के किस्से भी साझा किए।

    अक्षय ने मजाकिया अंदाज में कहा कि वह फराह को लंबे समय से जानते हैं और उन्होंने उनके संघर्ष के दिनों को भी देखा है। वहीं फराह ने तुरंत उनकी बात काटते हुए अपनी कमाई और शुरुआती दिनों की जानकारी को लेकर हंसी-मजाक किया। बातचीत के दौरान दोनों ने एक-दूसरे की पर्सनल लाइफ को लेकर भी चुटकी ली जिससे माहौल और भी मजेदार हो गया।

    इसी बातचीत के दौरान अक्षय कुमार ने फिल्म ओम शांति ओम के एक कैमियो सीन का जिक्र किया जिसे फराह खान ने निर्देशित किया था। अक्षय ने उस सीन को याद करते हुए हंसते हुए कहा कि शूटिंग के दौरान कुछ ऐसे एंगल और विजुअल्स शामिल किए गए थे जिन्हें लेकर वह सहज नहीं थे। मजाकिया अंदाज में उन्होंने फराह को “वल्गर” भी कह दिया जिस पर सेट पर मौजूद सभी लोग हंस पड़े।

    फराह खान ने भी तुरंत जवाब देते हुए इस पूरे किस्से को मजाक में लिया और अपनी स्टाइल में अक्षय की टांग खींची। उन्होंने शूटिंग के दौरान हुई बातचीत और सीनिंग से जुड़े कई मजेदार अनुभव साझा किए जिससे यह साफ हो गया कि दोनों के बीच गहरी दोस्ती और सहजता है।

    इसी दौरान फिल्म तीस मार खान के शूटिंग दिनों का भी जिक्र हुआ। फराह ने बताया कि शूटिंग लोकेशन दूर होने के बावजूद अक्षय कुमार हर दिन समय पर पहुंचते थे और कई बार वह विशेष व्यवस्था के तहत हेलिकॉप्टर से भी ट्रैवल करते थे। इस खुलासे पर वहां मौजूद अभिनेता राजपाल यादव भी हैरान रह गए।

    फराह ने मजाक में यह भी कहा कि उन्होंने पहली बार किसी अभिनेता को शूटिंग के लिए हेलिकॉप्टर को टैक्सी की तरह इस्तेमाल करते देखा। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि अक्षय हमेशा अपने काम के प्रति बेहद अनुशासित रहते थे और समय पर सेट पर पहुंचते थे।

    अक्षय कुमार ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उस फिल्म के वे खुद भी प्रोड्यूसर थे इसलिए शूटिंग से जुड़ी व्यवस्थाओं में उनकी भूमिका भी थी। फराह ने हंसते हुए कहा कि फिल्म से सबसे ज्यादा फायदा भी उन्हीं को हुआ।

    पूरा इंटरव्यू इस बात का उदाहरण बन गया कि कैसे बॉलीवुड सितारे अपने पुराने अनुभवों को हल्के-फुल्के अंदाज में साझा कर सकते हैं और दर्शकों को मनोरंजन के साथ-साथ उनके पीछे की कहानियों से भी जोड़ सकते हैं।

  • राजेश खन्ना–अंजू ब्रेकअप की अनसुनी दास्तान, सीक्रेट पार्टी बनी रिश्ते के टूटने की वजह

    राजेश खन्ना–अंजू ब्रेकअप की अनसुनी दास्तान, सीक्रेट पार्टी बनी रिश्ते के टूटने की वजह


    नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा के पहले सुपरस्टार कहे जाने वाले राजेश खन्ना की निजी जिंदगी हमेशा से ही चर्चा और गॉसिप का हिस्सा रही है। उनकी और अभिनेत्री अंजू महेंद्रू की सात साल लंबी रिलेशनशिप एक वक्त पर फिल्मी दुनिया की सबसे चर्चित प्रेम कहानियों में से एक मानी जाती थी लेकिन यह रिश्ता जितनी तेजी से जुड़ा उतनी ही नाटकीय परिस्थितियों में टूट भी गया।

    कई किताबों और रिपोर्ट्स में इस बात का जिक्र मिलता है कि उनके रिश्ते में दरार की सबसे बड़ी वजह एक सीक्रेट पार्टी बनी थी जो खंडाला में आयोजित की गई थी। कहा जाता है कि राजेश खन्ना ने यह पार्टी अपने बेहद करीबी दोस्तों के लिए रखी थी जिसमें अभिनेत्री डिंपल कपाड़िया और उनके परिवार के कुछ सदस्य भी शामिल थे। खास बात यह थी कि इस पार्टी के बारे में अंजू महेंद्रू को कोई जानकारी नहीं दी गई थी।

    जानकारी के मुताबिक यह आयोजन बेहद निजी रखा गया था और राजेश खन्ना ने अपने स्टाफ तक को सख्त हिदायत दी थी कि इसकी भनक बाहर न जाए। लेकिन किसी तरह अंजू महेंद्रू को इस पार्टी के बारे में पता चल गया और वह सीधे खंडाला पहुंच गईं। बताया जाता है कि जब वह वहां पहुंचीं तब तक पार्टी को तुरंत एक दूसरे होटल में शिफ्ट कर दिया गया था ताकि स्थिति को संभाला जा सके।

    इस पूरे घटनाक्रम ने दोनों के रिश्ते में गहरी खाई पैदा कर दी। अंजू महेंद्रू बेहद आहत होकर वापस लौट गईं और इसके बाद उनके और राजेश खन्ना के बीच दूरी बढ़ती चली गई। कहा जाता है कि इसी दौरान राजेश खन्ना का झुकाव डिंपल कपाड़िया की ओर बढ़ने लगा था जिससे रिश्ते की स्थिति और भी जटिल हो गई।

    घटनाओं के बाद यह भी बताया जाता है कि अंजू महेंद्रू और राजेश खन्ना के बीच बातचीत पूरी तरह खत्म होने की कगार पर पहुंच गई थी। अंजू की नाराजगी इतनी गहरी थी कि उन्होंने काका के प्रति कठोर रुख अपनाया और संपर्क तोड़ने का फैसला कर लिया। वहीं दूसरी ओर राजेश खन्ना ने भी इस रिश्ते से आगे बढ़ने का मन बना लिया था।

    इसी दौर में राजेश खन्ना ने डिंपल कपाड़िया से शादी का फैसला किया जिसने पूरे फिल्म इंडस्ट्री को चौंका दिया। उनकी शादी साल 1973 में हुई और इसके बाद वह एक नई पारिवारिक जिंदगी में प्रवेश कर गए। हालांकि यह रिश्ता भी लंबे समय तक स्थिर नहीं रह सका और 1982 में दोनों अलग हो गए।

    इस पूरी कहानी को आज भी बॉलीवुड के सबसे चर्चित और भावनात्मक किस्सों में से एक माना जाता है जहां एक सीक्रेट पार्टी ने एक लंबी प्रेम कहानी का अंत कर दिया और भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक नई कहानी की शुरुआत कर दी।

  • आमिर खान प्रोडक्शन की नई डॉक्यूमेंट्री में दिखेगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की संघर्ष भरी कहानी

    आमिर खान प्रोडक्शन की नई डॉक्यूमेंट्री में दिखेगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की संघर्ष भरी कहानी


    नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा और ओटीटी की दुनिया में सामाजिक और वास्तविक जीवन पर आधारित कहानियों के लिए पहचाने जाने वाले आमिर खान प्रोडक्शन ने एक और महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट की शुरुआत कर दी है। इस बार प्रोडक्शन हाउस ने भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के जीवन पर आधारित डॉक्यूमेंट्री बनाने का ऐलान किया है। यह प्रोजेक्ट न केवल उनकी व्यक्तिगत यात्रा को सामने लाएगा बल्कि उनके संघर्ष और उपलब्धियों को भी विस्तार से दर्शाएगा।

    सूत्रों के अनुसार इस डॉक्यूमेंट्री की शूटिंग पहले ही शुरू हो चुकी है। टीम ने ओडिशा के उस छोटे से गांव में भी शूटिंग की है जहां से राष्ट्रपति मुर्मू का जीवन प्रारंभ हुआ था। इस डॉक्यूमेंट्री में स्थानीय कलाकारों को भी शामिल किया गया है ताकि कहानी को अधिक वास्तविक और जमीनी रूप दिया जा सके।

    फिल्म का निर्देशन स्वाति चक्रवर्ती कर रही हैं जिन्होंने पहले भी आमिर खान के साथ रूबरू रोशनी जैसी चर्चित डॉक्यूमेंट्री पर काम किया था। इस बार भी उन्होंने एक ऐसी कहानी को चुना है जो प्रेरणा और सामाजिक बदलाव का संदेश देती है।

    डॉक्यूमेंट्री में द्रौपदी मुर्मू के बचपन से लेकर उनके राजनीतिक और सामाजिक जीवन तक की पूरी यात्रा को दिखाया जाएगा। इसमें यह भी बताया जाएगा कि किस तरह उन्होंने एक आदिवासी पृष्ठभूमि से निकलकर देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचने का ऐतिहासिक सफर तय किया। यह कहानी उनके संघर्ष उनके समर्पण और समाज के लिए किए गए कार्यों को गहराई से उजागर करेगी।

    इसके साथ ही डॉक्यूमेंट्री में उनके निजी जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं को भी शामिल किया जाएगा। उनके जीवन के कठिन दौर और चुनौतियों को भी ईमानदारी के साथ प्रस्तुत किया जाएगा ताकि दर्शक उनकी वास्तविक यात्रा को समझ सकें।

    एक विशेष हिस्सा उस ऐतिहासिक क्षण पर केंद्रित होगा जब उन्हें देश के राष्ट्रपति पद के लिए चुना गया था। यह पल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जाता है और डॉक्यूमेंट्री में इसे विस्तार से दिखाया जाएगा।

    आमिर खान प्रोडक्शन पहले भी कई ऐसी कहानियां लेकर आया है जो समाज में सकारात्मक प्रभाव छोड़ती हैं। इस प्रोडक्शन की पहचान ही ऐसी फिल्मों और डॉक्यूमेंट्री से है जो वास्तविक घटनाओं पर आधारित होती हैं और दर्शकों को सोचने पर मजबूर करती हैं।

    इसके अलावा प्रोडक्शन हाउस एक और बड़े प्रोजेक्ट पर भी काम कर रहा है जो 1947 के ऐतिहासिक विभाजन पर आधारित फिल्म है। इस फिल्म में कई बड़े कलाकार नजर आएंगे और यह एक भव्य ऐतिहासिक ड्रामा होगा।

    कुल मिलाकर द्रौपदी मुर्मू पर बन रही यह डॉक्यूमेंट्री न केवल उनके जीवन को उजागर करेगी बल्कि देश की नई पीढ़ी को यह संदेश भी देगी कि संघर्ष और आत्मविश्वास के बल पर किसी भी ऊंचाई तक पहुंचा जा सकता है।