Category: Entertainment

  • ‘काश PM तानाशाह होते’, नाबालिग के वायरल वीडियो पर रुपाली गांगुली का फूटा गुस्सा, कमेंट पर मचा घमासान

    ‘काश PM तानाशाह होते’, नाबालिग के वायरल वीडियो पर रुपाली गांगुली का फूटा गुस्सा, कमेंट पर मचा घमासान


    नई दिल्ली। अनुपमा फेम अभिनेत्री और बीजेपी की सदस्य रुपाली गांगुली एक बार फिर अपने सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर चर्चा में हैं। इस बार उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर वायरल हुए एक वीडियो पर प्रतिक्रिया दी है। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में एक नाबालिग लड़की प्रधानमंत्री के लिए आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करती नजर आ रही है। वीडियो को लेकर एक यूजर ने बच्ची के माता पिता के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। इसी पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए रुपाली गांगुली ने प्रधानमंत्री के अपमान पर कड़ी नाराजगी जाहिर की और ऐसी टिप्पणी कर दी जिसके बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई।

    रुपाली गांगुली ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि प्रधानमंत्री का इस तरह अपमान करने के नतीजे होने चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने लिखा कि कभी कभी उन्हें लगता है कि काश प्रधानमंत्री तानाशाह होते। अभिनेत्री की यह टिप्पणी सामने आते ही सोशल मीडिया यूजर्स के बीच अलग अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलने लगीं। कुछ लोगों ने प्रधानमंत्री के लिए आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल की आलोचना करते हुए रुपाली का समर्थन किया तो कई यूजर्स ने उनके तानाशाह वाले बयान को लेकर सवाल खड़े किए।

    इस पूरे विवाद की शुरुआत उस वायरल वीडियो से हुई जिसमें एक नाबालिग लड़की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करती दिखाई दी। वीडियो को साझा करने वाले यूजर ने बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल और उनके आसपास के माहौल को लेकर भी सवाल उठाए। साथ ही बच्ची के माता पिता की जिम्मेदारी तय करने की मांग की गई। इसी मुद्दे पर अपनी राय रखते हुए रुपाली ने प्रधानमंत्री के सम्मान और सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की।

    रुपाली गांगुली की टिप्पणी पर कई यूजर्स ने उनका समर्थन किया लेकिन बड़ी संख्या में लोगों ने उन्हें ट्रोल भी किया। कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने उनके चर्चित टीवी किरदारों का जिक्र करते हुए तंज कसा। कुछ ने उन्हें अनुपमा के किरदार से जोड़कर प्रतिक्रिया दी तो कुछ ने उनके बयान को लोकतांत्रिक व्यवस्था के संदर्भ में गलत बताया। इस तरह एक सोशल मीडिया कमेंट देखते ही देखते अभिनेत्री के लिए विवाद का कारण बन गया।

    हालांकि यह पहली बार नहीं है जब रुपाली गांगुली ने राजनीतिक या सामाजिक मुद्दे पर खुलकर अपनी राय रखी हो। इससे पहले भी वह छात्रों के विरोध प्रदर्शन और आंदोलन को लेकर अपनी बात सामने रख चुकी हैं। उन्होंने शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखने को जरूरी बताया था। उनका कहना था कि छात्रों की जायज मांगों को उठाना जरूरी है लेकिन हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से किसी आंदोलन की गंभीरता कम हो जाती है।

    रुपाली ने पहले यह भी कहा था कि पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है लेकिन विरोध का रास्ता शांतिपूर्ण होना चाहिए। इसी वजह से उनके ताजा बयान को उनके पहले के सार्वजनिक बयानों से जोड़कर भी देखा जा रहा है। हालांकि इस बार उनकी टिप्पणी का एक खास हिस्सा सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बन गया है।

    विवाद के बीच अभिनेत्री के वर्कफ्रंट की बात करें तो रुपाली गांगुली लंबे समय से टीवी के लोकप्रिय शो अनुपमा में मुख्य भूमिका निभा रही हैं। इस शो ने उन्हें घर घर में पहचान दिलाई है और उनके किरदार को दर्शकों के बीच काफी लोकप्रियता मिली है। अभिनय के साथ सोशल मीडिया पर अपनी बेबाक राय रखने के कारण भी रुपाली अक्सर सुर्खियों में रहती हैं।

    फिलहाल प्रधानमंत्री के अपमान से जुड़े वायरल वीडियो पर रुपाली गांगुली की टिप्पणी ने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है। एक तरफ लोग सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों के सम्मान और भाषा की मर्यादा की बात कर रहे हैं तो दूसरी तरफ अभिनेत्री के तानाशाह वाले बयान को लेकर लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सवाल उठाए जा रहे हैं। यही वजह है कि उनका यह पोस्ट सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है।

  • सनी देओल के गुस्से से डरते थे करण? बेटे ने बताया पिता की सख्ती का सच, सुनकर नहीं रुकेगी हंसी

    सनी देओल के गुस्से से डरते थे करण? बेटे ने बताया पिता की सख्ती का सच, सुनकर नहीं रुकेगी हंसी


    नई दिल्ली। सनी देओल इन दिनों अपनी आने वाली फिल्म बंटवारा 1947 को लेकर लगातार चर्चा में हैं। फिल्म में उनके साथ प्रीति जिंटा और उनके बेटे करण देओल भी नजर आएंगे। सनी और करण की यह साथ में दूसरी फिल्म है और तीनों कलाकार फिल्म के प्रमोशन में व्यस्त हैं। इसी दौरान एक प्रमोशनल इवेंट में करण देओल से उनके पिता सनी देओल को लेकर ऐसा सवाल पूछ लिया गया जिसका जवाब सुनकर वहां मौजूद लोग जोर से हंस पड़े। करण से पूछा गया कि क्या बचपन में कभी घर पर सनी देओल ने उनकी पिटाई की थी।

    सवाल का जवाब करण ने बेहद सहज और मजेदार अंदाज में दिया। उन्होंने कहा कि पिटाई तो कभी नहीं हुई लेकिन सनी देओल का इशारा ही काफी होता था। करण के इस जवाब के बाद वहां मौजूद दर्शक हंसने लगे। खुद सनी देओल और प्रीति जिंटा भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए। करण के छोटे से जवाब ने यह जरूर बता दिया कि घर में पिता की मौजूदगी और उनका सख्त अंदाज बच्चों के लिए कितना प्रभावशाली रहा होगा।

    देओल परिवार में पिता धर्मेंद्र को लेकर सनी और बॉबी देओल पहले भी कई बार बता चुके हैं कि वह अपने बच्चों के लिए काफी सख्त थे। दोनों भाइयों ने अलग अलग मौकों पर बताया है कि बचपन में वे अपने पिता से काफी डरते थे। हालांकि समय के साथ सनी और बॉबी ने अपने बच्चों के साथ दोस्ताना रिश्ता बनाए रखने की कोशिश की। करण का जवाब भी इसी पारिवारिक माहौल की एक मजेदार झलक देता है।

    अब बात सनी देओल की नई फिल्म बंटवारा 1947 की करें तो इसका निर्देशन राजकुमार संतोषी कर रहे हैं। फिल्म का निर्माण आमिर खान अपने प्रोडक्शन हाउस आमिर खान प्रोडक्शन्स के तहत कर रहे हैं। फिल्म को लेकर शुरुआत से ही दर्शकों के बीच उत्सुकता बनी हुई है क्योंकि इसमें सनी देओल और प्रीति जिंटा की जोड़ी लंबे समय बाद बड़े पर्दे पर नजर आने वाली है। इसके साथ ही करण देओल भी फिल्म का अहम हिस्सा हैं।

    फिल्म के ट्रेलर को दर्शकों की तरफ से अच्छा रिस्पॉन्स मिलने की बात सामने आई है। कहानी भारत विभाजन के दौर की पृष्ठभूमि में बुनी गई है। ट्रेलर में एक मुस्लिम परिवार के नए घर में पहुंचने और वहां पहले से मौजूद एक हिंदू महिला के बीच बने हालात को दिखाया गया है। कहानी में सनी देओल का किरदार उस महिला की रक्षा के लिए अपने ही समुदाय के लोगों के सामने खड़ा होता दिखाई देता है। फिल्म में शबाना आजमी अली फजल और अभिमन्यु सिंह जैसे कलाकार भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं।

    बंटवारा 1947 प्रीति जिंटा के लिए भी खास फिल्म है क्योंकि इसके जरिए वह लंबे अंतराल के बाद बड़े पर्दे पर वापसी कर रही हैं। वह इससे पहले भैयाजी सुपरहिट में नजर आई थीं। सनी देओल के साथ प्रीति जिंटा ने द हीरो अ लव स्टोरी ऑफ ए स्पाई हीरोज और भैयाजी सुपरहिट जैसी फिल्मों में काम किया है। ऐसे में दोनों की जोड़ी को दोबारा पर्दे पर देखने के लिए फैंस काफी उत्साहित हैं।

    वहीं करण देओल की बात करें तो उन्होंने 2019 में फिल्म पल पल दिल के पास से बॉलीवुड में कदम रखा था। इसके बाद वह वेल्ले में नजर आए। अब बंटवारा 1947 के जरिए वह लंबे अंतराल के बाद बड़े पर्दे पर वापसी कर रहे हैं। फिल्म के प्रमोशन के दौरान पिता और बेटे की केमिस्ट्री भी दर्शकों का ध्यान खींच रही है और करण का पिटाई वाला मजेदार जवाब इसी की एक दिलचस्प झलक बन गया है।

  • शादी के लिए नहीं किया था धर्म परिवर्तन? दीपिका कक्कड़ को लेकर जयति भाटिया के बयान से मची चर्चा

    शादी के लिए नहीं किया था धर्म परिवर्तन? दीपिका कक्कड़ को लेकर जयति भाटिया के बयान से मची चर्चा


    नई दिल्ली। टीवी की लोकप्रिय अभिनेत्री दीपिका कक्कड़ की निजी जिंदगी हमेशा से प्रशंसकों के बीच चर्चा का विषय रही है। खासतौर पर अभिनेता शोएब इब्राहिम के साथ उनकी शादी और धर्म परिवर्तन को लेकर लंबे समय से अलग अलग तरह की बातें सामने आती रही हैं। अब उनकी को स्टार और करीबी दोस्त जयति भाटिया ने दीपिका के धर्म परिवर्तन को लेकर एक अहम बात बताई है। उनके मुताबिक दीपिका ने शोएब से निकाह करने के लिए धर्म परिवर्तन नहीं किया था बल्कि यह उनका निजी फैसला था जो उनके जीवन के एक मुश्किल दौर के दौरान सामने आया।

    सिद्धार्थ कनन के साथ बातचीत में जयति भाटिया ने दीपिका के बारे में बात करते हुए कहा कि दीपिका अपने जीवन में जिस भी चीज को अपनाती हैं उसमें पूरी तरह समर्पित रहती हैं। उनके मुताबिक जब दीपिका शोएब इब्राहिम के साथ रिश्ते में आईं तो उन्होंने उस रिश्ते को भी पूरी गंभीरता और ईमानदारी से निभाने की कोशिश की। इसी संदर्भ में जब जयति ने खुद दीपिका से पूछा था कि क्या उन्होंने शादी की वजह से अपना धर्म बदला है तो दीपिका ने इससे इनकार किया था।

    जयति के अनुसार दीपिका उस समय अपनी जिंदगी के एक कठिन दौर से गुजर रही थीं। इसी दौरान वह अजमेर शरीफ गई थीं। वहां धार्मिक और आध्यात्मिक अनुभव के बाद उनके मन में इस्लाम को अपनाने का विचार आया। जयति ने बताया कि दीपिका का यह फैसला किसी दबाव या केवल शादी की वजह से नहीं था बल्कि उन्होंने इसे अपनी व्यक्तिगत इच्छा के तौर पर लिया था। हालांकि यह दीपिका की निजी आस्था और उनके अपने अनुभव से जुड़ा विषय है।

    जयति ने यह भी कहा कि अगर किसी व्यक्ति को प्रार्थना और आस्था से मानसिक मजबूती मिलती है तो उसके लिए वह रास्ता अपनाना उसका व्यक्तिगत निर्णय है। उनके मुताबिक दीपिका को भी इस्लाम से जुड़ने के बाद एक तरह की ताकत महसूस हुई और उन्होंने अपनी इच्छा से इसे स्वीकार किया।

    दीपिका और शोएब की प्रेम कहानी की शुरुआत टीवी शो ससुराल सिमर का के सेट से हुई थी। दोनों की मुलाकात 2011 में इस शो के दौरान हुई थी। शुरुआत में उनके बीच दोस्ती हुई और समय के साथ यह रिश्ता प्यार में बदल गया। दोनों ने लंबे समय तक एक दूसरे को डेट किया और इसके बाद 2018 में शादी कर ली। उनकी शादी में परिवार और करीबी लोग ही शामिल हुए थे।

    शादी के बाद दोनों ने अपनी निजी जिंदगी को लेकर कई बार सोशल मीडिया पर झलकियां साझा की हैं। समय के साथ उनकी जिंदगी में परिवार भी बढ़ा और दोनों अब अपने बेटे के साथ पैरेंटहुड का आनंद ले रहे हैं। दीपिका और शोएब की जोड़ी को उनके प्रशंसक सोशल मीडिया पर भी काफी पसंद करते हैं।

    हाल ही में दीपिका के जन्मदिन के मौके पर शोएब ने उनके लिए एक भावुक पोस्ट शेयर किया था। उन्होंने दीपिका को फाइटर बताते हुए उनकी हिम्मत की तारीफ की और उनके स्वस्थ एवं लंबे जीवन की दुआ की। शोएब ने यह भी लिखा कि दीपिका को खुश रखने की जिम्मेदारी उनकी है। इस पोस्ट के बाद दोनों के प्रशंसकों ने भी सोशल मीडिया पर जमकर प्यार बरसाया।

    दीपिका के धर्म परिवर्तन को लेकर अब जयति भाटिया का बयान एक बार फिर इस पुराने विषय को चर्चा में ले आया है। हालांकि धर्म और आस्था किसी भी व्यक्ति का बेहद निजी विषय है और दीपिका के बारे में सामने आई यह जानकारी उनकी करीबी दोस्त के बयान पर आधारित है। इससे इतना जरूर स्पष्ट होता है कि इस फैसले को लेकर दीपिका की अपनी व्यक्तिगत सोच और आध्यात्मिक अनुभव को महत्वपूर्ण बताया गया है।

  • माफिया के दबाव में खतरे में थी ‘द गॉडफादर’ की शूटिंग, एक डील ने बदल दी फिल्म की पूरी कहानी

    माफिया के दबाव में खतरे में थी ‘द गॉडफादर’ की शूटिंग, एक डील ने बदल दी फिल्म की पूरी कहानी


    नई दिल्ली। हॉलीवुड की सबसे चर्चित और प्रभावशाली फिल्मों की बात हो तो द गॉडफादर का नाम सबसे ऊपर आता है। 1972 में रिलीज हुई इस फिल्म ने न केवल सिनेमा की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई बल्कि माफिया और संगठित अपराध की दुनिया को पर्दे पर दिखाने का तरीका भी बदल दिया। लेकिन कम ही लोग जानते हैं कि इस फिल्म की कहानी जितनी पर्दे पर दिलचस्प थी उससे कहीं ज्यादा फिल्म के निर्माण के दौरान वास्तविक दुनिया में घट रही थी। फिल्म को लेकर असली माफिया के बीच नाराजगी पैदा हो गई थी और इसके चलते निर्माताओं को शूटिंग रोकने की धमकियों से लेकर गंभीर दबाव तक का सामना करना पड़ा था।

    द गॉडफादर में इटैलियन अमेरिकन माफिया परिवार की कहानी दिखाई गई थी। फिल्म में अपराध की दुनिया के तौर तरीकों और उसके भीतर चलने वाली सत्ता की राजनीति को प्रमुखता से पेश किया गया था। यही बात न्यूयॉर्क के कुख्यात कोलंबो क्राइम फैमिली के प्रमुख जोसेफ कोलंबो को पसंद नहीं आई। उनका मानना था कि फिल्म इटैलियन अमेरिकन्स और वास्तविक माफिया गतिविधियों को लेकर पुलिस और आम लोगों का ध्यान जरूरत से ज्यादा आकर्षित कर सकती है। ऐसे में फिल्म के निर्माण को लेकर विरोध शुरू हो गया।

    फिल्म के निर्माता अल रूडी के सामने मुश्किलें तब बढ़ गईं जब प्रोडक्शन से जुड़े लोगों पर दबाव बनाया जाने लगा। रिपोर्टों के मुताबिक शूटिंग से जुड़े महंगे उपकरणों से भरा एक ट्रक भी चोरी हो गया था। इसके अलावा रूडी की गतिविधियों पर नजर रखे जाने और उनकी कार का पीछा किए जाने जैसी घटनाओं ने माहौल को और तनावपूर्ण बना दिया। कुछ रिपोर्टों में उनकी कार पर गोली चलाए जाने का भी उल्लेख मिलता है। ऐसे हालात में फिल्म का निर्माण जारी रखना आसान नहीं था।

    लेकिन निर्माता अल रूडी ने इस समस्या का सामना अलग तरीके से करने का फैसला किया। टकराव बढ़ाने के बजाय उन्होंने माफिया पक्ष से बातचीत का रास्ता अपनाया। बातचीत के दौरान फिल्म में माफिया शब्द और वास्तविक अपराध संगठनों से जुड़े संदर्भों को लेकर समझौते की कोशिश की गई। इस समझौते का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि फिल्म के निर्माण में बाधा न आए और कहानी को भी बड़े पैमाने पर बदला न जाए।

    इसी दौर में फिल्म के निर्माण से जुड़े लोगों और वास्तविक माफिया समुदाय के बीच एक असामान्य तरह का संपर्क भी देखने को मिला। कहा जाता है कि कुछ वास्तविक गैंगस्टर और उनके परिवार से जुड़े लोग फिल्म के आसपास नजर आए और फिल्म के कुछ दृश्यों में वास्तविक माफिया पृष्ठभूमि वाले लोगों की मौजूदगी भी बताई जाती है। इस वजह से फिल्म की वास्तविकता और भी ज्यादा चर्चा में आई।

    हालांकि द गॉडफादर को केवल उसके विवादों की वजह से याद नहीं किया जाता। फिल्म में मार्लन ब्रांडो और अल पचीनो जैसे कलाकारों के अभिनय ने इसे सिनेमाई इतिहास की सबसे प्रभावशाली फिल्मों में शामिल कर दिया। कोपोला के निर्देशन और मारियो पूजो की कहानी ने अपराध और पारिवारिक रिश्तों के बीच के जटिल संबंधों को बेहद प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया।

    इस तरह जिस फिल्म के निर्माण के दौरान असली माफिया का दबाव एक बड़ी समस्या बन गया था वही फिल्म आगे चलकर हॉलीवुड की सबसे प्रतिष्ठित फिल्मों में शामिल हुई। द गॉडफादर की कहानी इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि इसमें पर्दे पर दिखाई गई अपराध की दुनिया और फिल्म के बाहर मौजूद वास्तविक दुनिया के बीच एक असामान्य कड़ी बन गई थी।

  • माला सिन्हा के प्लेन हाईजैक की कहानी, आसमान में हुआ था बड़ा ड्रामा; नेपाल की राजनीति से जुड़ा था मामला

    माला सिन्हा के प्लेन हाईजैक की कहानी, आसमान में हुआ था बड़ा ड्रामा; नेपाल की राजनीति से जुड़ा था मामला


    नई दिल्ली। बॉलीवुड के सुनहरे दौर की मशहूर अभिनेत्री माला सिन्हा ने अपने लंबे फिल्मी करियर में कई यादगार किरदार निभाए लेकिन उनकी जिंदगी से जुड़ा एक ऐसा किस्सा भी है जो फिल्मी कहानी से कम नहीं लगता। साल 1973 में माला सिन्हा उस विमान में सवार थीं जिसे नेपाल में हाईजैक कर लिया गया था। हैरानी की बात यह थी कि विमान को हाईजैक करने वालों में दुर्गा प्रसाद सुबेदी भी शामिल थे जो आगे चलकर नेपाल की पूर्व प्रधानमंत्री और देश की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की के पति बने। इस घटना को नेपाल के पहले विमान अपहरण के तौर पर दर्ज किया जाता है।

    10 जून 1973 को रॉयल नेपाल एयरलाइंस का एक विमान बिराटनगर से काठमांडू के लिए रवाना हुआ था। विमान में यात्रियों के साथ अभिनेत्री माला सिन्हा भी मौजूद थीं। उड़ान के दौरान नेपाली कांग्रेस से जुड़े तीन लोगों ने विमान पर कब्जा कर लिया। इनमें दुर्गा प्रसाद सुबेदी के अलावा नागेंद्र धुंगेल और बसंत भट्टराई शामिल थे। अपहरणकर्ताओं ने विमान के पायलट को रास्ता बदलने के लिए मजबूर किया और विमान को भारत के बिहार स्थित फोर्ब्सगंज क्षेत्र में उतार दिया गया।

    इस पूरी घटना के पीछे वजह किसी यात्री को नुकसान पहुंचाना नहीं बल्कि विमान में ले जाए जा रहे सरकारी धन को हासिल करना बताई जाती है। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार विमान में करीब 30 लाख नेपाली रुपये की रकम थी। इस धन को हासिल करने की योजना नेपाल के तत्कालीन राजा महेंद्र की राजशाही के खिलाफ चल रहे सशस्त्र संघर्ष के लिए फंड जुटाने से जुड़ी थी। इस ऑपरेशन के पीछे गिरिजा प्रसाद कोइराला का नाम भी सामने आया था जो बाद में नेपाल के प्रधानमंत्री बने।

    विमान को फोर्ब्सगंज में उतारने के बाद अपहरणकर्ताओं ने रकम अपने कब्जे में ली और इसके बाद विमान को यात्रियों के साथ आगे जाने दिया गया। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक इस घटना में यात्रियों को नुकसान नहीं पहुंचाया गया था। घटना के बाद यह मामला नेपाल के राजनीतिक इतिहास का बेहद चर्चित अध्याय बन गया।

    दुर्गा प्रसाद सुबेदी बाद में नेपाल की राजनीति से जुड़े रहे और उनका नाम इसी ऐतिहासिक विमान अपहरण के कारण लंबे समय तक चर्चा में रहा। उनकी मुलाकात सुशीला कार्की से भारत में पढ़ाई के दौरान हुई थी। कार्की ने आगे चलकर न्यायपालिका में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और नेपाल की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश बनीं। बाद में वह देश की अंतरिम प्रधानमंत्री भी बनीं।

    वहीं माला सिन्हा का फिल्मी सफर बेहद शानदार रहा। उन्होंने हिंदी के साथ बंगाली और नेपाली फिल्मों में भी काम किया और प्यासा धूल का फूल गुमराह अनपढ़ हिमालय की गोद में दिल तेरा दीवाना और आंखें जैसी फिल्मों में अपने अभिनय से अलग पहचान बनाई। एक तरफ माला सिन्हा का नाम बॉलीवुड के स्वर्णिम दौर से जुड़ा रहा तो दूसरी तरफ 1973 का यह विमान अपहरण उनके जीवन का ऐसा अनोखा प्रसंग बन गया जिसमें बॉलीवुड और नेपाल की राजनीतिक उथल पुथल एक साथ जुड़ गई।

  • प्रदीप रावत ने बताया था क्यों छोड़ा सलमान खान का साथ, वर्षों बाद मुलाकात में गले लगाकर जताया अपनापन

    प्रदीप रावत ने बताया था क्यों छोड़ा सलमान खान का साथ, वर्षों बाद मुलाकात में गले लगाकर जताया अपनापन


    नई दिल्ली ।
    दिवंगत अभिनेता प्रदीप रावत के निधन के बाद उनके जीवन से जुड़े कई पुराने किस्से एक बार फिर चर्चा में हैं। इन्हीं में से एक किस्सा अभिनेता सलमान खान के साथ उनकी गहरी दोस्ती का है। प्रदीप रावत ने एक पुराने इंटरव्यू में बताया था कि संघर्ष के दिनों में वह करीब छह महीने तक सलमान खान के घर रहे थे। उस दौरान दोनों के बीच बेहद मजबूत दोस्ती थी, लेकिन बाद में उन्होंने अपने करियर पर ध्यान केंद्रित करने के लिए खुद ही सलमान से दूरी बना ली थी।

    प्रदीप रावत ने बताया था कि उनकी और सलमान खान की दोस्ती फिल्म ‘बागी’ के दौरान शुरू हुई थी। शुरुआती मुलाकातों के बाद दोनों के बीच अच्छा तालमेल बन गया। दोनों को फिटनेस का शौक था और अक्सर साथ समय बिताते थे। धीरे-धीरे स्थिति ऐसी हो गई कि सलमान खान उन्हें अपने घर से वापस जाने ही नहीं देते थे। वह वहीं रहते, खाना खाते, व्यायाम करते और कई बार साथ में सामाजिक कार्यक्रमों में भी शामिल होते थे।

    उन्होंने बताया था कि उस दौर में सलमान खान ने उनका हर तरह से साथ दिया। बड़े आयोजनों में जाने के लिए यदि उनके पास उपयुक्त कपड़े नहीं होते थे तो उनकी भी व्यवस्था कराई जाती थी। प्रदीप रावत के अनुसार, सलमान खान हमेशा अपने दोस्तों का पूरा ध्यान रखते थे और जरूरत के समय बिना किसी संकोच के मदद करते थे। उन्होंने सलमान को बड़े दिल वाला और अपने लोगों का ख्याल रखने वाला इंसान बताया था।

    हालांकि कुछ समय बाद प्रदीप रावत ने महसूस किया कि वह इस आरामदायक जीवनशैली के अभ्यस्त होते जा रहे हैं। उन्हें लगा कि यदि वह इसी माहौल में लंबे समय तक रहे तो अपने व्यक्तिगत संघर्ष और करियर की दिशा से भटक सकते हैं। इसी सोच के साथ उन्होंने खुद को सलमान के करीब रहने वाले दायरे से अलग करने का फैसला किया और अपने अभिनय करियर पर पूरा ध्यान देना शुरू किया।

    कई वर्षों तक दोनों के बीच मुलाकात नहीं हुई। बाद में एक दिन सड़क पर अचानक दोनों आमने-सामने आ गए। प्रदीप रावत ने बताया था कि सलमान खान ने उन्हें देखते ही अपनी गाड़ी रोक दी और उनसे गले मिलकर पूछा कि वह इतने वर्षों से कहां थे। इस मुलाकात ने दोनों की पुरानी दोस्ती की यादें फिर ताजा कर दीं। प्रदीप के अनुसार, सलमान उनसे नाराज जरूर थे कि उन्होंने बिना बताए दूरी बना ली थी, लेकिन उनके व्यवहार में अपनापन पहले जैसा ही था।

    प्रदीप रावत ने अपने संघर्ष के दिनों का एक और प्रसंग साझा करते हुए बताया था कि जब वह बैंक में नौकरी करते थे, तब सलमान खान उनसे मिलने वहां भी पहुंच जाते थे और उनके काम खत्म होने तक बैठकर इंतजार करते थे। उन्होंने यह भी बताया था कि बाद में एक फिल्म के हिंदी संस्करण के लिए उन्होंने निर्देशक को सलमान खान के बजाय आमिर खान का नाम सुझाया था। उनके अनुसार, यह फैसला पूरी तरह पेशेवर सोच के आधार पर लिया गया था और इसका उनकी निजी दोस्ती से कोई संबंध नहीं था। आज प्रदीप रावत के निधन के बाद उनकी और सलमान खान की यह दोस्ती तथा उससे जुड़ी यादें एक बार फिर लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई हैं।

  • राज कुंद्रा ने मां के जन्मदिन पर जताया आभार, शिल्पा शेट्टी ने सास को बताया सबसे अच्छी दोस्त और चीयरलीडर

    राज कुंद्रा ने मां के जन्मदिन पर जताया आभार, शिल्पा शेट्टी ने सास को बताया सबसे अच्छी दोस्त और चीयरलीडर

    नई दिल्ली । अभिनेता और बिजनेसमैन राज कुंद्रा ने अपनी मां के 75वें जन्मदिन के अवसर पर भावुक संदेश साझा कर उनके प्रति अपना प्यार, सम्मान और आभार व्यक्त किया। इस खास मौके पर उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें मां के साथ बिताए गए कई यादगार और भावनात्मक पल दिखाई दिए। वीडियो के साथ लिखे संदेश में राज ने कहा कि उनकी मां ने जीवनभर जो त्याग, संघर्ष और निस्वार्थ प्रेम दिया है, उसका कर्ज वह कभी नहीं चुका सकते।

    राज कुंद्रा ने अपने संदेश में कहा कि उनकी मां ने हर कठिन समय में उनका साथ दिया और हमेशा आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने लिखा कि आज वह जीवन में जिस मुकाम पर हैं, उसमें उनकी मां का सबसे बड़ा योगदान है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी मां की दुआएं, मार्गदर्शन और विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत रहे हैं। राज ने अपनी मां के अच्छे स्वास्थ्य, लंबी उम्र और खुशहाल जीवन की कामना करते हुए उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं।

    इस अवसर पर साझा किए गए वीडियो में परिवार के साथ बिताए गए कई खूबसूरत पल भी देखने को मिले। वीडियो में मां-बेटे के बीच का स्नेह, पारिवारिक समारोहों की झलक और कई यादगार क्षण शामिल थे। राज के इस भावुक संदेश को सोशल मीडिया पर प्रशंसकों ने खूब पसंद किया और बड़ी संख्या में लोगों ने उनकी मां को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। कई प्रशंसकों ने मां के प्रति उनके सम्मान और भावनाओं की सराहना भी की।

    अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी ने भी अपनी सास के 75वें जन्मदिन को खास अंदाज में मनाया। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए उन्हें अपनी सबसे अच्छी दोस्त और सबसे बड़ी चीयरलीडर बताया। शिल्पा ने लिखा कि उनकी सास हमेशा सकारात्मक सोच और उत्साह से भरपूर रहती हैं तथा परिवार के हर सदस्य को प्रेरित करती हैं। उन्होंने उनके अच्छे स्वास्थ्य, खुशियों और लंबी उम्र की कामना करते हुए जन्मदिन की बधाई दी।

    शिल्पा ने अपने संदेश में यह भी कहा कि उन्हें दुनिया की सबसे अच्छी सास मिली हैं, जो हमेशा परिवार के साथ खड़ी रहती हैं और हर परिस्थिति में उनका उत्साह बढ़ाती हैं। उन्होंने सास के प्यार, मार्गदर्शन और आशीर्वाद के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पूरा परिवार उनसे बेहद प्यार करता है और उनके साथ बिताया हर पल बेहद खास होता है।

    राज कुंद्रा और शिल्पा शेट्टी की इन भावनात्मक पोस्टों ने एक बार फिर पारिवारिक रिश्तों की अहमियत को उजागर किया है। दोनों के संदेशों को सोशल मीडिया पर लोगों का भरपूर प्यार मिला और प्रशंसकों ने भी मां और सास के प्रति उनके सम्मान की सराहना की। जन्मदिन के इस खास अवसर पर साझा की गई पारिवारिक यादों ने कई लोगों को भावुक कर दिया और यह पोस्ट तेजी से चर्चा का विषय बन गई।

  • कड़े मुकाबले में श्रेया कालरा ने जीता 'लॉकअप सीजन 2' का खिताब, शिवांगी जोशी को पीछे छोड़ा

    कड़े मुकाबले में श्रेया कालरा ने जीता 'लॉकअप सीजन 2' का खिताब, शिवांगी जोशी को पीछे छोड़ा

    नई दिल्ली । चर्चित और बहुचर्चित रियलिटी शो ‘लॉकअप सीजन 2’ का धमाकेदार समापन हो गया है, जिसमें श्रेया कालरा ने शानदार जीत दर्ज करते हुए विजेता की ट्रॉफी अपने नाम कर ली है। हफ्तों तक चले कड़े मुकाबले, अनगिनत टास्क, रणनीतियों और दर्शकों के भारी समर्थन के दम पर श्रेया ने इस सीजन का खिताब हासिल किया। ग्रैंड फिनाले के बेहद रोमांचक पलों में उन्होंने अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी शिवांगी जोशी को पीछे छोड़कर यह ऐतिहासिक सफलता प्राप्त की।

    ग्रैंड फिनाले के दौरान दोनों मुख्य दावेदारों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। पूरे सीजन में अपने मजबूत इरादों, बेहतरीन रणनीति और टास्क के प्रति समर्पण से श्रेया कालरा ने अपनी एक अलग पहचान बनाई थी। जैसे ही फिनाले के मंच पर विजेता के रूप में श्रेया के नाम का ऐलान हुआ, पूरा सेट तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। शो में शामिल अन्य सह-प्रतियोगियों ने भी उन्हें गले लगाकर इस बड़ी जीत की बधाई दी।

    इस पूरे सीजन के दौरान दर्शकों को जबरदस्त ड्रामा, भावनात्मक पल, तीखी बहस और गहरी दोस्ती का अनोखा संगम देखने को मिला। फिनाले तक पहुंचने के लिए सभी प्रतियोगियों को कठिन शारीरिक और मानसिक चुनौतियों से गुजरना पड़ा। श्रेया कालरा ने विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य और संयम बनाए रखा, जिसकी बदौलत वह अंत तक रेस में बनी रहीं और आखिरकार मुख्य ट्रॉफी पर अपना कब्जा जमाने में सफल रहीं।

    खिताब जीतने पर श्रेया कालरा को चमचमाती ट्रॉफी के साथ एक करोड़ रुपये की भारी-भरकम नकद पुरस्कार राशि भी सौंपी गई। मनोरंजन जगत में श्रेया की इस बड़ी उपलब्धि को उनके करियर का एक नया और मजबूत मोड़ माना जा रहा है। हालांकि फिनाले में पहुंचीं शिवांगी जोशी और अन्य प्रतिभागियों ने भी अंत तक कड़ी चुनौती पेश की, जिससे शो का रोमांच अंतिम सेकंड तक बरकरार रहा।

    शो के अंतिम दौर में पहुंचे पांचों फाइनलिस्टों ने अपनी अनूठी शैली और खेल से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। हर प्रतियोगी ने दर्शकों को जोड़े रखने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी, लेकिन अंतिम वोटिंग और प्रदर्शन के आधार पर श्रेया कालरा बाजी मारने में कामयाब रहीं। मध्य प्रदेश समेत देशभर में फैली उनकी फैन फॉलोइंग सोशल मीडिया पर लगातार उन्हें शुभकामनाएं दे रही है।

    ‘लॉकअप सीजन 2’ के इस सफल समापन के बाद अब फैंस इसके अगले सीजन का इंतजार करने लगे हैं। इस प्रतिष्ठित रियलिटी शो को जीतने के बाद श्रेया कालरा के लिए एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में कई नए और बड़े रास्ते खुलने की संभावनाएं जताई जा रही हैं।

  • 'खोसला का घोसला 2' की स्टारकास्ट संग अनुपम खेर की रील हुई वायरल, सोशल मीडिया पर मिला जबरदस्त प्यार

    'खोसला का घोसला 2' की स्टारकास्ट संग अनुपम खेर की रील हुई वायरल, सोशल मीडिया पर मिला जबरदस्त प्यार

    नई दिल्ली । बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता अनुपम खेर की एक हालिया सोशल मीडिया रील ने इंटरनेट पर सफलता का नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इस रील ने 150 मिलियन से अधिक व्यूज का आंकड़ा पार कर लिया है, जिससे पूरी स्टारकास्ट बेहद उत्साहित नजर आ रही है। इस शानदार उपलब्धि के बाद अनुपम खेर ने शूटिंग के समय का एक अनदेखा बिहाइंड द सीन्स वीडियो प्रशंसकों के साथ साझा किया।

    अनुपम खेर ने वीडियो साझा करते हुए कहा कि जब इस छोटी-सी रील की शूटिंग चल रही थी, तब पूरी टीम ने इसे किसी बड़ी फिल्म के क्लाइमैक्स की तरह बेहद गंभीरता और समर्पण के साथ फिल्माया था। उन्होंने मजाकिया अंदाज में बताया कि शूटिंग के दौरान किसी को भी यह अनुमान नहीं था कि यह साधारण सा वीडियो इतना बड़ा रिकॉर्ड बना देगा। सेट पर मौजूद एक सदस्य ने इस पूरे वाकये को चुपचाप रिकॉर्ड कर लिया था।

    इस वायरल वीडियो में अनुपम खेर के साथ बमन ईरानी, प्रवीण डब्बास और रणवीर शौरी भी नजर आ रहे हैं। चारों वरिष्ठ कलाकारों की आपसी केमिस्ट्री और बेहतरीन कॉमिक टाइमिंग ने दर्शकों का दिल जीत लिया है। सोशल मीडिया पर यूजर्स लगातार इस वीडियो को शेयर कर रहे हैं और कलाकारों के सहज अंदाज की सराहना कर रहे हैं।

    अभिनेता ने अपने प्रशंसकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दर्शकों का प्यार ही किसी भी कलाकार के लिए सबसे बड़ा पुरस्कार होता है। उन्होंने बताया कि इस तरह की प्रतिक्रियाएं पूरी टीम को भविष्य में और बेहतर काम करने के लिए प्रेरित करती हैं। अनुपम खेर ने फैंस से बिहाइंड द सीन्स वीडियो देखकर शूटिंग की मस्ती का आनंद लेने का आग्रह भी किया।

    इस रील के वायरल होने से बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘खोसला का घोसला 2’ को लेकर भी दर्शकों के बीच जबरदस्त चर्चा शुरू हो गई है। वर्षो बाद इस हिट फिल्म की मूल स्टारकास्ट को एक साथ देखकर प्रशंसकों की पुरानी यादें ताजा हो गई हैं। मध्य प्रदेश समेत देशभर में सिनेमा प्रेमियों के बीच इस फिल्म के सीक्वल को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है।

    इंडस्ट्री विशेषज्ञों का मानना है कि इस रील की ऐतिहासिक सफलता ने आने वाली फिल्म के लिए एक बेहतरीन माहौल तैयार कर दिया है। फिल्म की घोषणा के बाद से ही दर्शक इसके सिनेमाघरों में आने का इंतजार कर रहे थे और अब इस वायरल कंटेंट ने प्रचार को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है।

  • सबसे वैल्यूबल सेलेब्रिटी की नई रैंकिंग जारी, रणवीर सिंह आगे निकले; विराट कोहली पीछे, रणबीर कपूर फिसले

    सबसे वैल्यूबल सेलेब्रिटी की नई रैंकिंग जारी, रणवीर सिंह आगे निकले; विराट कोहली पीछे, रणबीर कपूर फिसले


    नई दिल्ली। भारत के सबसे वैल्यूबल सेलेब्रिटी ब्रांड्स की नई रैंकिंग सामने आने के बाद मनोरंजन और खेल जगत में नई चर्चा शुरू हो गई है। इस बार बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान ने एक बार फिर अपनी बादशाहत कायम रखते हुए देश के सबसे वैल्यूबल सेलेब्रिटी का खिताब अपने नाम किया है। वहीं रणवीर सिंह ने शानदार छलांग लगाते हुए क्रिकेट स्टार विराट कोहली को पीछे छोड़ दिया है। इस नई सूची ने यह साफ कर दिया है कि मनोरंजन और विज्ञापन जगत में सितारों की लोकप्रियता लगातार बदल रही है और ब्रांड वैल्यू के मामले में कड़ी प्रतिस्पर्धा बनी हुई है।

    रिपोर्ट के अनुसार शाहरुख खान की अनुमानित ब्रांड वैल्यू 177.9 मिलियन अमेरिकी डॉलर आंकी गई है। इसी के साथ वह देश के सबसे मूल्यवान सेलेब्रिटी ब्रांड बन गए हैं। दूसरे स्थान पर रणवीर सिंह ने कब्जा जमाया है जिनकी ब्रांड वैल्यू 162.9 मिलियन अमेरिकी डॉलर बताई गई है। यह उपलब्धि उनके करियर के लिए बेहद अहम मानी जा रही है क्योंकि पिछले साल तक इस स्थान पर विराट कोहली थे। इस बार विराट कोहली 158.4 मिलियन अमेरिकी डॉलर की ब्रांड वैल्यू के साथ तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं।

    रैंकिंग में क्रिकेट और बॉलीवुड दोनों का दबदबा देखने को मिला। महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर 125.9 मिलियन अमेरिकी डॉलर की ब्रांड वैल्यू के साथ चौथे स्थान पर रहे जबकि पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी 115.3 मिलियन अमेरिकी डॉलर के साथ पांचवें नंबर पर हैं। इससे साफ है कि खेल जगत के दिग्गज आज भी विज्ञापन बाजार में सबसे भरोसेमंद चेहरों में शामिल हैं।

    महिला सितारों में आलिया भट्ट ने शानदार प्रदर्शन करते हुए छठा स्थान हासिल किया है। उनकी ब्रांड वैल्यू 93.9 मिलियन अमेरिकी डॉलर बताई गई है। इसके बाद दीपिका पादुकोण सातवें स्थान पर हैं जिनकी ब्रांड वैल्यू 89.2 मिलियन अमेरिकी डॉलर आंकी गई है। इसके अलावा ऋतिक रोशन आठवें स्थान पर जबकि महानायक अमिताभ बच्चन नौवें स्थान पर मौजूद हैं।

    सूची में रणबीर कपूर और अक्षय कुमार संयुक्त रूप से दसवें स्थान पर रहे। हालांकि टॉप 10 में रणबीर कपूर सबसे निचले पायदान पर दिखाई दिए। इसके बावजूद वह देश के सबसे प्रभावशाली ब्रांड चेहरों में अपनी जगह बनाए रखने में सफल रहे हैं। यह सूची बताती है कि फिल्मों की सफलता के साथ साथ विज्ञापन जगत में विश्वसनीयता और लोकप्रियता भी किसी स्टार की ब्रांड वैल्यू तय करने में बड़ी भूमिका निभाती है।

    रणवीर सिंह के लिए यह उपलब्धि कई मायनों में खास मानी जा रही है। हाल के समय में उनकी फिल्मों की सफलता और लगातार बढ़ती लोकप्रियता ने उन्हें विज्ञापन कंपनियों की पहली पसंद बना दिया है। आने वाले समय में उनकी नई फिल्म प्रलय को लेकर भी दर्शकों में काफी उत्साह है। रिपोर्ट के अनुसार फिल्म की शूटिंग पूरी करने के बाद वह परिवार के साथ समय बिताने के लिए कुछ समय का ब्रेक भी ले सकते हैं।

    नई रैंकिंग यह संकेत देती है कि भारतीय मनोरंजन और खेल जगत के सितारे केवल पर्दे या मैदान तक सीमित नहीं हैं बल्कि वैश्विक ब्रांड्स के लिए भी सबसे बड़े आकर्षण बने हुए हैं। आने वाले वर्षों में यह प्रतिस्पर्धा और भी दिलचस्प होने की उम्मीद है।