Category: Entertainment

  • राम-लक्ष्मण से कम, रावण से ज्यादा बातचीत: दीपिका चिखलिया ने बताए ‘रामायण’ सेट के किस्से

    राम-लक्ष्मण से कम, रावण से ज्यादा बातचीत: दीपिका चिखलिया ने बताए ‘रामायण’ सेट के किस्से


    नई दिल्ली।
    भारतीय टेलीविजन के इतिहास में रामायण एक ऐसा सीरियल रहा है, जिसने दर्शकों के दिलों में गहरी छाप छोड़ी। इस सीरियल में मां सीता का किरदार निभाने वाली दीपिका चिखलिया आज भी उसी भूमिका के कारण पहचानी जाती हैं। उनका कहना है कि इस किरदार ने उनकी जिंदगी को पूरी तरह बदल दिया, लेकिन इसके पीछे कई ऐसे अनुभव भी रहे, जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं।

    दीपिका चिखलिया ने बताया कि जब उन्हें सीता के किरदार के लिए चुना गया, तो यह उनके करियर का सबसे बड़ा मोड़ था। ऑडिशन की प्रक्रिया लंबी और प्रतिस्पर्धी थी, जहां कई राउंड के बाद उनका चयन हुआ। उस समय यह अंदाजा नहीं था कि यह किरदार उन्हें इतनी बड़ी पहचान दिला देगा।

    सेट पर माहौल काफी अनुशासित रहता था। हर कलाकार अपने किरदार में इतना डूबा रहता था कि आपसी बातचीत सीमित हो जाती थी। अरुण गोविल और अन्य सह-कलाकारों के साथ उनका संवाद औपचारिक और कम ही होता था, क्योंकि सभी अपनी भूमिकाओं की गंभीरता को बनाए रखते थे।

    उन्होंने यह भी बताया कि सेट पर अपेक्षाकृत अधिक बातचीत अरविंद त्रिवेदी से होती थी, जिन्होंने रावण का किरदार निभाया था। हालांकि यह बातचीत भी सीमित दायरे में ही रहती थी और उसमें निजी संबंधों की गहराई नहीं बन पाई।

    सीरियल के प्रसारण के बाद उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई। लोग उन्हें वास्तविक जीवन में भी देवी स्वरूप मानने लगे। कई बार सार्वजनिक जगहों पर लोग उनके चरण स्पर्श करते, आरती करते और फूल अर्पित करते नजर आते थे। यह लोकप्रियता उनके लिए जितनी सम्मानजनक थी, उतनी ही असामान्य भी साबित हुई।

    एक अनुभव के दौरान उन्हें ऐसी स्थिति का भी सामना करना पड़ा जहां लोगों की आस्था के कारण सामान्य जीवन प्रभावित हुआ और भोजन जैसी बुनियादी चीजों में भी कठिनाई आ गई। यह उनके लिए भावनात्मक रूप से एक अलग और यादगार अनुभव था।

    इस पूरी यात्रा ने उन्हें यह एहसास कराया कि एक किरदार केवल अभिनय तक सीमित नहीं रहता, बल्कि वह कलाकार की वास्तविक पहचान बन सकता है। दीपिका चिखलिया की यह कहानी आज भी बताती है कि लोकप्रियता के साथ जिम्मेदारी और चुनौतियां भी जुड़ी होती हैं।

  • संजय दत्त का बड़ा कदम: विवाद के बाद मांगी माफी, अब 50 बच्चों को कराएंगे शिक्षा

    संजय दत्त का बड़ा कदम: विवाद के बाद मांगी माफी, अब 50 बच्चों को कराएंगे शिक्षा


    नई दिल्ली| बॉलीवुड अभिनेता Sanjay Dutt एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार किसी फिल्म या किरदार को लेकर नहीं, बल्कि विवादित गाने ‘सरके चुनर तेरी’ को लेकर उठे विवाद के कारण। मामला तब और गंभीर हो गया जब राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने इस गाने के कथित आपत्तिजनक बोलों पर स्वतः संज्ञान लेते हुए उन्हें और अभिनेत्री Nora Fatehi को तलब किया।
    रविवार को Sanjay Dutt सरिता विहार स्थित आयोग के कार्यालय पहुंचे, जहां उनसे करीब एक घंटे तक पूछताछ हुई। पूछताछ के बाद उन्होंने आयोग के सामने अपनी सफाई दी और कथित विवादित बोलों को लेकर खेद भी व्यक्त किया। उनके वकील हेमंत शाह के अनुसार, अभिनेता ने स्पष्ट किया कि जिस समय शूटिंग हुई थी, उस दौरान गाना कन्नड़ भाषा में था और उन्हें इसके अर्थ की पूरी जानकारी नहीं थी। बाद में हिंदी डबिंग के दौरान इसके कुछ शब्दों पर आपत्ति उठी।
    मामले में एक अहम मोड़ तब आया जब संजय दत्त ने न सिर्फ माफी मांगी, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का बड़ा फैसला भी लिया। उन्होंने घोषणा की कि वे 50 आदिवासी बच्चों की शिक्षा का पूरा खर्च उठाएंगे, जिससे यह विवाद एक सकारात्मक पहल में बदलता नजर आ रहा है।
    हालांकि, दूसरी ओर Nora Fatehi लगातार दूसरी बार आयोग के सामने पेश नहीं हुईं। उनके वकील ने आयोग के समक्ष पक्ष रखा, लेकिन इसे स्वीकार नहीं किया गया। आयोग ने स्पष्ट किया है कि नोरा फतेही को 27 अप्रैल 2026 को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का अंतिम अवसर दिया गया है।
    इस पूरे मामले ने मनोरंजन जगत में हलचल पैदा कर दी है। एक तरफ विवादित गीत को लेकर सवाल उठ रहे हैं, तो दूसरी ओर संजय दत्त के सामाजिक कदम को लेकर उनकी चर्चा भी हो रही है। अब देखना होगा कि आने वाली सुनवाई में यह मामला किस दिशा में आगे बढ़ता है।

  • 100 करोड़ी ‘राजा शिवाजी’ की कास्ट फीस का खुलासा, सबसे ज्यादा कमाई किसने की?

    100 करोड़ी ‘राजा शिवाजी’ की कास्ट फीस का खुलासा, सबसे ज्यादा कमाई किसने की?


    नई दिल्ली| रितेश देशमुख स्टारिंग यह फिल्म 1 मई, 2026 को थिएटर में रिलीज होने वाली है। रितेश देशमुख ही इस फिल्म को डायरेक्ट भी कर रहे हैं। फिल्म में संजय दत्त, अभिषेक बच्चन, विद्या बालन और जेनेलिया डिसूजा जैसी दमदार स्टार लीड रोल में हैं।

    100 करोड़ी ‘राजा शिवाजी’ का सबसे महंगा एक्टर है ये?
    हिस्टोरिकल एक्शन ड्रामा ‘राजा शिवाजी’ बॉलीवुड की सबसे ज्यादा इंतजार की जाने वाली फिल्मों में से एक है। इस मल्टीस्टारर फिल्म को लेकर हर किसी में एक्साइटमेंट देखने को मिल रही है।

    इस दिन थिएटर में होगी रिलीज
    रितेश देशमुख स्टारिंग यह फिल्म 1 मई, 2026 को थिएटर में रिलीज होने वाली है। रितेश देशमुख ही इस फिल्म को डायरेक्ट भी कर रहे हैं। फिल्म में संजय दत्त, अभिषेक बच्चन, विद्या बालन और जेनेलिया डिसूजा जैसी दमदार स्टार लीड रोल में हैं। इस बीच आइए जानते हैं कि फिल्म के लिए किसने कितनी फीस ली है?

    रितेश देशमुख
    ‘राजा शिवाजी’ में रितेश देशमुख छत्रपति शिवाजी महाराज का रोल कर रहे हैं। टाइम्स नाउ के मुताबिक, एक्टर ने इस रोल के लिए मोटी फीस ली है। रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने फिल्म के लिए 15 करोड़ रुपये से 18 करोड़ रुपये के बीच कमाई की है। वो फिल्म के सबसे महंगे एक्टर हैं।

    जेनेलिया डिसूजा
    रितेश देशमुख की पत्नी और एक्ट्रेस जेनेलिया डिसूजा भी इस फिल्म में लीड रोल में हैं। एक्ट्रेस मूवी में सईबाई भोसले का अहम रोल निभा रही हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने अपनी परफॉर्मेंस के लिए लगभग 1 करोड़ से 2 करोड़ रुपये चार्ज किए हैं।

    अभिषेक बच्चन
    अभिषेक बच्चन फिल्म में संभाजी शाहजी भोसले के रोल में दिखेंगे। यह उनका मराठी सिनेमा में डेब्यू है। खबर है कि उन्हें इस रोल के लिए 6 करोड़ से 8 करोड़ रुपये दिए गए हैं।

    संजय दत्त
    बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर संजय दत्त इस हिस्टोरिकल ड्रामा में अफजल खान का रोल कर रहे हैं। ट्रेलर में उनकी एक्टिंग की पहले ही तारीफ हो चुकी है। खबर है कि उन्होंने फिल्म के लिए 8 करोड़ से 10 करोड़ रुपये चार्ज किए हैं। इसके अलावा संजय ‘खलनायक 2’ को लेकर भी खबरों में हैं।

    फरदीन खान
    एक्टर फरदीन खान मूवी में मुगल बादशाह शाहजहां का रोल कर रहे हैं। खबर है कि उन्हें अपनी एक्टिंग के लिए 2 करोड़ से 3 करोड़ रुपये मिले हैं।

    भाग्यश्री

    ‘मैंने प्यार किया’ एक्टर भाग्यश्री ने छत्रपति शिवाजी महाराज की मां जीजाबाई का अहम रोल किया है। खबर है कि उन्होंने फिल्म के लिए लगभग 1 करोड़ से 2 करोड़ रुपये कमाए हैं।

    महेश मांजरेकर
    एक्टर महेश मांजरेकर राजा शिवाजी में लखुजीराव जाधव का रोल करेंगे। खबर है कि उन्होंने अपने रोल के लिए 2 करोड़ से 3 करोड़ रुपये कमाए हैं।

    विद्या बालन
    फिल्म में विद्या बालन, मोहम्मद आदिल शाह (संजय दत्त) की मां ताजुल मुक्खिदारत हाजी बड़ी साहिबा के रोल में नजर आएंगी। मूवी के लिए उनकी फीस लगभग 1.5 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

  • ‘स्त्री’ को पीछे छोड़ा, क्या ‘भूल भुलैया 2’ का किला फतह कर पाई ‘भूत बंगला’?

    ‘स्त्री’ को पीछे छोड़ा, क्या ‘भूल भुलैया 2’ का किला फतह कर पाई ‘भूत बंगला’?

    नई दिल्ली| बॉलीवुड में इन दिनों हॉरर-कॉमेडी फिल्मों का ट्रेंड लगातार मजबूत हो रहा है और इसी कड़ी में Bhoot Bangla ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छी शुरुआत की थी। Akshay Kumar और निर्देशक Priyadarshan की इस फिल्म से लंबे समय बाद कमबैक देखने को मिला। हालांकि, रिलीज के दूसरे हफ्ते में फिल्म की कमाई की रफ्तार धीमी पड़ती नजर आई है। खासकर डे 11 पर फिल्म के कलेक्शन में करीब 75% की गिरावट दर्ज की गई, जिसने इसके आगे के सफर पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    ‘भूत बंगला’ का अब तक का बॉक्स ऑफिस सफर

    डे 11 पर Bhoot Bangla ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर 3.65 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। इसके साथ ही फिल्म की कुल कमाई 117.05 करोड़ रुपये (नेट) तक पहुंच गई है। वहीं वर्ल्डवाइड कलेक्शन की बात करें तो फिल्म ने करीब 184.75 करोड़ रुपये का ग्रॉस कारोबार कर लिया है। फिल्म की ओपनिंग और शुरुआती वीकेंड काफी मजबूत रहे, लेकिन वीकडेज में कलेक्शन में गिरावट ने इसकी रफ्तार को धीमा कर दिया है।

    ‘स्त्री’ को पीछे छोड़ा, लेकिन…

    अगर तुलना करें Stree से, तो Bhoot Bangla ने बेहतर प्रदर्शन किया है। Shraddha Kapoor और Rajkummar Rao की फिल्म ‘स्त्री’ ने 11 दिनों में 85.59 करोड़ रुपये कमाए थे, जबकि ‘भूत बंगला’ 117.05 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। इस हिसाब से देखा जाए तो ‘भूत बंगला’ ने ‘स्त्री’ के पहले पार्ट को पीछे छोड़ दिया है।

    ‘भूल भुलैया 2’ से अब भी पीछे

    हालांकि, असली मुकाबला Bhool Bhulaiyaa 2 से है, जिसमें Kartik Aaryan ने शानदार प्रदर्शन किया था। इस फिल्म ने 11 दिनों में 129.83 करोड़ रुपये की कमाई कर ली थी, जो ‘भूत बंगला’ से ज्यादा है। डे 11 के कलेक्शन की बात करें तो ‘भूल भुलैया 2’ ने 7 करोड़ रुपये कमाए थे, जबकि ‘भूत बंगला’ सिर्फ 3.65 करोड़ रुपये ही जुटा पाई। ऐसे में साफ है कि ‘भूल भुलैया 2’ अभी भी इस जॉनर की मजबूत दावेदार बनी हुई है।

    ‘स्त्री 2’ और ‘भूल भुलैया 3’ के सामने फीकी

    अगर आगे की फिल्मों से तुलना करें तो Stree 2 और Bhool Bhulaiyaa 3 के आंकड़े कहीं ज्यादा बड़े हैं। ‘स्त्री 2’ ने जहां 11 दिनों में 384.55 करोड़ रुपये की कमाई की, वहीं ‘भूल भुलैया 3’ ने भी 200 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया था। इन आंकड़ों के सामने ‘भूत बंगला’ की कमाई थोड़ी फीकी नजर आती है।

    क्या आगे बना पाएगी रिकॉर्ड?

    कुल मिलाकर Bhoot Bangla ने अच्छी शुरुआत के बाद ‘स्त्री’ को पीछे छोड़ दिया है, लेकिन ‘भूल भुलैया 2’ का रिकॉर्ड तोड़ने में अभी पीछे है। अब सबकी नजरें आने वाले दिनों पर टिकी हैं कि क्या फिल्म वीकेंड पर फिर से रफ्तार पकड़ पाएगी या नहीं। अगर फिल्म को मजबूत वर्ड ऑफ माउथ मिला, तो यह आगे बेहतर प्रदर्शन कर सकती है, वरना बड़े रिकॉर्ड तोड़ना मुश्किल होगा।

  • SRK को बताया शानदार, आमिर बोले-तीनों खान का साथ आना मुमकिन

    SRK को बताया शानदार, आमिर बोले-तीनों खान का साथ आना मुमकिन


    नई दिल्ली हिंदी सिनेमा के इतिहास में अगर तीन सबसे बड़े सुपरस्टार्स का नाम लिया जाए तो Shah Rukh Khan, Salman Khan और Aamir Khan का नाम सबसे ऊपर आता है। पिछले तीन दशकों से ये तीनों खान इंडस्ट्री पर राज कर रहे हैं और हर पीढ़ी के दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाए हुए हैं। हालांकि, आज तक इन तीनों को एक साथ किसी फिल्म में नहीं देखा गया, जो फैंस के लिए हमेशा एक अधूरी ख्वाहिश रही है। अब इस अधूरी ख्वाहिश को पूरा करने के संकेत खुद आमिर खान ने दिए हैं, जिससे फैंस के बीच उत्साह और बढ़ गया है।
    शाहरुख की एक्टिंग के कायल हुए आमिर
    हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान Aamir Khan ने Shah Rukh Khan की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि शाहरुख एक शानदार अभिनेता हैं, जिनका अपना अलग चार्म है और जो दर्शकों के साथ गहराई से जुड़ने की क्षमता रखते हैं। आमिर ने यह भी कहा कि शाहरुख सिर्फ एक स्टार नहीं बल्कि बेहतरीन आर्टिस्ट हैं, जो हर किरदार में जान डाल देते हैं। आमिर के इस बयान से दोनों सितारों के बीच आपसी सम्मान और दोस्ती साफ झलकती है।
    अच्छी स्क्रिप्ट बनी सबसे बड़ी शर्त
    इंटरव्यू में आमिर खान ने यह भी खुलासा किया कि उन्होंने और शाहरुख खान ने साथ काम करने को लेकर बातचीत की है। हालांकि, दोनों ही किसी भी प्रोजेक्ट को लेकर बेहद चयनात्मक हैं और एक दमदार स्क्रिप्ट की तलाश में हैं। आमिर ने कहा कि जैसे ही उन्हें एक मजबूत कहानी मिलेगी, वे शाहरुख के साथ काम करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि शाहरुख और सलमान पहले साथ काम कर चुके हैं, वहीं आमिर और सलमान भी स्क्रीन शेयर कर चुके हैं, लेकिन आमिर और शाहरुख अब तक किसी फिल्म में साथ नजर नहीं आए।
    क्या सच होगा तीनों खान का सपना?
    सबसे दिलचस्प बात यह रही कि आमिर खान ने तीनों खान को एक साथ स्क्रीन पर लाने के विचार पर भी खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि करीब एक साल पहले जब Shah Rukh Khan और Salman Khan उनके साथ बैठे थे, तब तीनों ने इस संभावना पर चर्चा की थी। आमिर का मानना है कि दर्शकों के लिए यह एक बेहद खास और यादगार अनुभव होगा। हालांकि, फिल्म का स्केल कितना बड़ा होगा, यह अलग मुद्दा है, लेकिन तीनों का साथ आना ही अपने आप में एक बड़ी घटना होगी। अगर यह सपना साकार होता है तो यह बॉलीवुड इतिहास की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक साबित हो सकती है।
    वर्क फ्रंट पर आमिर खान
    वर्क फ्रंट की बात करें तो Aamir Khan इन दिनों अपने प्रोडक्शन में बन रही फिल्म ‘एक दिन’ को लेकर चर्चा में हैं। इस फिल्म में उनके बेटे जुनैद खान के साथ साउथ की चर्चित अभिनेत्री Sai Pallavi नजर आएंगी। खास बात यह है कि यह साई पल्लवी की पहली हिंदी फिल्म होगी, जिससे फिल्म को लेकर दर्शकों में खासा उत्साह है। फिल्म 1 मई को रिलीज होने वाली है और इसकी एडवांस बुकिंग पहले ही शुरू हो चुकी है।
  • दिग्गज एक्टर भरत कपूर का निधन…. 80 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

    दिग्गज एक्टर भरत कपूर का निधन…. 80 साल की उम्र में ली अंतिम सांस


    नई दिल्ली।
    फिल्म इंडस्ट्री (Film Industry) से बुरी खबर सामने आ रही है। बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर भरत कपूर (Bharat Kapoor) अब इस दुनिया में नहीं रहे। 80 साल की उम्र में भरत कपूर (Bharat Kapoor) ने अंतिम सांस ली। उनके निधन (Passed Away) की खबर से फिल्म इंडस्ट्री और उनके चाहने वालों के बीच गहरा दुख और शोक की लहर दौड़ गई है।


    अशोक पंडित ने जताया शोक

    भरत कपूर ने निधन पर निर्माता अशोक पंडित शोक व्यक्त किया है। अशोक पंडित ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर दिग्गज एक्टर की तस्वीर शेयर करते हुए उनके निधन की खबर की पुष्टि की है। उन्होंने लिखा, “दिग्गज थिएटर और फिल्म अभिनेता भरत कपूर जी के निधन के बारे में जानकर दुख हुआ। मेरे करियर के शुरुआती दिनों में उनके साथ काम करने की बहुत अच्छी यादें हैं। एक महान इंसान। ओम शांति।”


    तीन दिनों से बीमार थे एक्टर

    भरत कपूर का निधन मुंबई के Sion Hospital में दोपहर करीब 3:30 बजे हुआ। उनका अंतिम संस्कार शाम 6:30 बजे परिवार के सदस्यों और करीबी दोस्तों की मौजूदगी में किया गया। एक्टर और उनके करीबी दोस्त अवतार गिल ने India Today को बताया, “मैं अभी-अभी श्मशान घाट से लौटा हूं, जहां शाम 6:30 बजे अंतिम संस्कार हुआ। उनका निधन आज दोपहर करीब 3 बजे अस्पताल में हुआ। पिछले तीन दिनों से उनकी तबीयत ठीक नहीं थी। पिछले कुछ दिनों से उनके शरीर के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था।”


    चार दशकों तक पर्दे पर किया राज

    भरत कपूर ने 1972 में फिल्म इंडस्ट्री में करियर की शुरुआत की और लगभग चार दशक तक पर्दे पर छाए रहे। भरत सपोर्टिंग रोल और खलनायक की भूमिकाओं के लिए जाने जाते थे। वह 1970, 80 और 90 के दशक में हिंदी सिनेमा में एक जाना-पहचाना चेहरा बन गए। उन्होंने नूरी (1979), राम बलराम (1980), लव स्टोरी (1981), बाजार (1982), गुलामी (1985), आखिरी रास्ता (1986), सत्यमेव जयते (1987), स्वर्ग (1990), खुदा गवाह (1992), और रंग (1993) सहित कई उल्लेखनीय फिल्मों में अभिनय किया।


    इन फिल्मों में दिखाया जलवा

    भरत कपूर ने इसके अलावा ‘बरसात’ (1995), ‘साजन चले ससुराल’ (1996), और ‘मीनाक्षी: ए टेल ऑफ थ्री सिटीज’ (2004) जैसी फिल्मों में नजर आए, जिनमें उन्होंने हर दौर के हिसाब से खुद को ढालने की अपनी काबिलियत दिखाई। फिल्मों के अलावा, भरत कपूर ने ‘कैंपस’, ‘परंपरा’, ‘राहत’, ‘सांस’, ‘अमानत’, ‘तारा’, ‘चुनौती’ और ‘कहानी चंद्रकांता की’ जैसे टीवी शो के जरिए टेलीविजन पर भी अपनी एक अलग पहचान बनाई। उनकी बहुमुखी प्रतिभा ने उन्हें अलग-अलग माध्यमों के बीच आसानी से काम करने का मौका दिया।

  • बॉक्स ऑफिस पर बड़ा टकराव तय, यश की ‘टॉक्सिक’ और महेश बाबू की फिल्म आमने-सामने

    बॉक्स ऑफिस पर बड़ा टकराव तय, यश की ‘टॉक्सिक’ और महेश बाबू की फिल्म आमने-सामने

    नई दिल्ली। साउथ फिल्म इंडस्ट्री में एक बार फिर बड़े बॉक्स ऑफिस क्लैश की स्थिति बनती दिखाई दे रही है, जहां यश की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘टॉक्सिक’ अपनी रिलीज को लेकर चर्चा के केंद्र में है। पहले भी इस फिल्म की रिलीज डेट कई बार बदली जा चुकी है, लेकिन अब एक बार फिर नई परिस्थितियों के कारण इसकी रणनीति पर सवाल खड़े हो गए हैं।

    ताजा स्थिति के अनुसार ‘टॉक्सिक’ की संभावित रिलीज खिड़की पर एक नई बड़ी फिल्म के आने से टकराव की स्थिति बन गई है। यह नई फिल्म महेश बाबू से जुड़े प्रोजेक्ट के रूप में सामने आ रही है, जिसे ‘राव बहादुर’ नाम से जाना जा रहा है। दोनों फिल्मों की रिलीज समय के बेहद करीब होने के कारण बॉक्स ऑफिस पर सीधा मुकाबला लगभग तय माना जा रहा है।

    ‘टॉक्सिक’ को लेकर पहले भी कई बार अनिश्चितता बनी रही है। कभी प्रोडक्शन से जुड़े कारण, तो कभी रिलीज रणनीति में बदलाव के चलते इसकी रिलीज आगे खिसकती रही। हर बार फिल्म किसी न किसी बड़े प्रोजेक्ट से टकराने की स्थिति में आ जाती है, जिससे इसकी रिलीज योजना लगातार प्रभावित होती रही है।

    दूसरी ओर, ‘राव बहादुर’ भी अपने अनोखे विषय और प्रस्तुति को लेकर चर्चा में है। फिल्म की कहानी एक अलग और गंभीर पृष्ठभूमि पर आधारित बताई जा रही है, जिसमें रहस्य और मनोवैज्ञानिक पहलुओं को प्रमुखता दी गई है। इसकी घोषणा के बाद से ही दर्शकों में इसे लेकर उत्सुकता बनी हुई है।

    दोनों फिल्मों की शैली और विषय अलग होने के बावजूद रिलीज का समय इतना करीब है कि दर्शकों का बंटना तय माना जा रहा है। यही कारण है कि फिल्म व्यापार से जुड़े विशेषज्ञ इसे एक बड़ा क्लैश मान रहे हैं, जिसका असर दोनों फिल्मों के प्रदर्शन पर पड़ सकता है।

    यश की ‘टॉक्सिक’ अपने बड़े बजट, एक्शन और स्टार पावर के कारण चर्चा में रहती है, जबकि दूसरी ओर ‘राव बहादुर’ अपनी कहानी और गंभीर ट्रीटमेंट के कारण एक अलग दर्शक वर्ग को आकर्षित कर सकती है। ऐसे में यह मुकाबला सिर्फ फिल्मों का नहीं, बल्कि दर्शकों की पसंद और बाजार की दिशा का भी बन सकता है।

    फिलहाल दोनों फिल्मों की रिलीज डेट को लेकर अंतिम निर्णय स्पष्ट नहीं हुआ है, लेकिन मौजूदा हालात संकेत दे रहे हैं कि बॉक्स ऑफिस पर एक बड़ा आमना-सामना देखने को मिल सकता है।

    कुल मिलाकर, ‘टॉक्सिक’ एक बार फिर बड़े टकराव के केंद्र में आ गई है और अब सभी की नजर इस बात पर है कि आने वाले समय में रिलीज रणनीति में कोई बदलाव होता है या फिर यह सीधा मुकाबला सिनेमाघरों में देखने को मिलेगा।

  • छत्रपति शिवाजी महाराज पर बयान से विवाद, रितेश देशमुख का तीखा रिएक्शन—‘ऐसी बातें स्वीकार नहीं’

    छत्रपति शिवाजी महाराज पर बयान से विवाद, रितेश देशमुख का तीखा रिएक्शन—‘ऐसी बातें स्वीकार नहीं’

    नई दिल्ली। छत्रपति शिवाजी महाराज को लेकर दिए गए एक बयान के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। यह मामला उस समय और गर्मा गया जब अभिनेता और फिल्ममेकर रितेश देशमुख ने इस टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया दी। रितेश ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए साफ शब्दों में कहा कि महान ऐतिहासिक व्यक्तित्वों के बारे में इस तरह की बातें किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जा सकतीं।

    जानकारी के अनुसार, हाल ही में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन से जुड़ा एक कथन सामने आया था, जिसे लेकर विवाद शुरू हो गया।

    इस कथन में महाराज के संघर्ष और उनके निर्णयों को लेकर टिप्पणी की गई थी, जिसे उनके समर्थकों और इतिहास से जुड़े जानकारों ने गलत और भ्रामक बताया। इसके बाद यह मुद्दा तेजी से चर्चा में आ गया और अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।

    रितेश देशमुख, जो खुद शिवाजी महाराज के जीवन और विचारों से गहरी प्रेरणा लेने की बात करते रहे हैं, इस बयान से काफी आहत नजर आए। उन्होंने अपनी पोस्ट में कहा कि ऐसे महान व्यक्तित्वों की विरासत को कमजोर करने या गलत तरीके से पेश करने की कोशिशें स्वीकार नहीं की जाएंगी। उनके अनुसार, शिवाजी महाराज केवल एक ऐतिहासिक नाम नहीं, बल्कि प्रेरणा और स्वाभिमान का प्रतीक हैं, जिनका सम्मान हर हाल में बनाए रखना जरूरी है।

    विवाद बढ़ने के बाद संबंधित पक्ष की ओर से स्पष्टीकरण और खेद व्यक्त किया गया। कहा गया कि बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है और किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का उद्देश्य नहीं था। इसके बावजूद मामला शांत होता नहीं दिखा और सोशल मीडिया पर इस विषय को लेकर बहस जारी रही।

    इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि ऐतिहासिक व्यक्तित्वों पर टिप्पणी करते समय कितनी सावधानी बरतनी चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि इतिहास से जुड़े विषय केवल तथ्यों के आधार पर ही प्रस्तुत किए जाने चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की गलतफहमी या विवाद से बचा जा सके।

    इसी बीच, रितेश देशमुख अपनी आगामी ऐतिहासिक फिल्म को लेकर भी चर्चा में हैं, जिसमें वह छत्रपति शिवाजी महाराज के किरदार में नजर आने वाले हैं। फिल्म को लेकर दर्शकों में पहले से ही उत्सुकता बनी हुई है, और यह विवाद इसे और अधिक सुर्खियों में ले आया है।

    पूरा मामला अब सिर्फ एक बयान तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह इतिहास, भावनाओं और अभिव्यक्ति की सीमाओं पर एक बड़ी बहस का रूप ले चुका है।

  • सुपरस्टार्स का चेहरा और डबिंग आर्टिस्ट का दम: फिल्म मेकिंग के इस जादुई फॉर्मूले का पूरा सच

    सुपरस्टार्स का चेहरा और डबिंग आर्टिस्ट का दम: फिल्म मेकिंग के इस जादुई फॉर्मूले का पूरा सच

    नई दिल्ली। सिनेमा की दुनिया में अक्सर जो हम देखते हैं, वह हकीकत का केवल एक हिस्सा होता है। पर्दे पर दिखने वाले किसी प्रभावशाली किरदार की गूंजती हुई आवाज के पीछे अक्सर एक लंबी और जटिल तकनीकी प्रक्रिया छिपी होती है, जिसे ‘डबिंग’ कहा जाता है। यह फिल्मी दुनिया का वह जादुई हिस्सा है जिसके बिना आधुनिक सिनेमा की कल्पना करना लगभग असंभव है। कई बार दर्शक थिएटर में जिस अभिनेता के संवादों पर तालियां बजाते हैं, असल में वह आवाज किसी और फनकार की होती है। हाल के दौर में बड़े बजट की कई पैन-इंडिया फिल्मों ने इस प्रक्रिया को और भी ज्यादा लोकप्रिय बना दिया है, जहाँ भाषा की बाधा को पार करने के लिए डबिंग का सहारा लिया जाता है।

    डबिंग की प्रक्रिया मुख्य रूप से फिल्म के ‘पोस्ट-प्रोडक्शन’ चरण के दौरान शुरू होती है। इसकी जरूरत कई कारणों से पड़ती है। अक्सर शूटिंग के समय लोकेशन पर बाहरी शोर-शराबे, हवा की आवाज या तकनीकी दिक्कतों के कारण कलाकार के संवाद स्पष्ट रिकॉर्ड नहीं हो पाते। ऐसे में उन संवादों को स्टूडियो के शांत वातावरण में दोबारा रिकॉर्ड किया जाता है ताकि दर्शकों को एक बेहतरीन ध्वनि अनुभव मिल सके। लेकिन यह केवल एक तकनीकी जरूरत नहीं है; यह एक रचनात्मक फैसला भी होता है। कई बार किसी अभिनेता का व्यक्तित्व तो किरदार के लिए एकदम सही होता है, लेकिन उसकी आवाज या बोलने का लहजा उस खास रोल के साथ न्याय नहीं कर पाता। ऐसी स्थिति में निर्देशक किसी ऐसे डबिंग आर्टिस्ट का चुनाव करते हैं जिसकी आवाज उस किरदार की गहराई और गंभीरता को पूरी तरह से व्यक्त कर सके।

    आज के दौर में जब फिल्में एक साथ कई राज्यों और भाषाओं में रिलीज हो रही हैं, तो डबिंग की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है। दक्षिण भारतीय सितारों की फिल्मों को उत्तर भारत में और बॉलीवुड की फिल्मों को दक्षिण में घर-घर तक पहुँचाने का श्रेय इन आवाज के जादूगरों को ही जाता है। एक सफल डबिंग आर्टिस्ट वह होता है जो न केवल अभिनेता के होंठों की हलचल (लिप-सिंक) के साथ तालमेल बिठाता है, बल्कि उस किरदार के हर इमोशन, गुस्से और दर्द को अपनी आवाज के जरिए जीवंत कर देता है। कई बार बड़े सितारे भी अपने अभिनय को और अधिक निखारने के लिए ‘वॉयस मॉड्यूलेशन’ का सहारा लेते हैं, जिसमें तकनीक की मदद से उनकी आवाज को भारी या अलग तरह का बनाया जाता है।

    विशेष रूप से एक्शन फिल्मों में, जहाँ अभिनेता का पूरा ध्यान शारीरिक कौशल और स्टंट पर होता है, संवादों की गुणवत्ता अक्सर प्रभावित हो जाती है। ऐसे में बाद में स्टूडियो में जाकर दी गई डबिंग ही उस दृश्य को प्रभावशाली बनाती है। दिलचस्प बात यह है कि कई बार नामचीन एक्टर्स भी दूसरे बड़े सितारों को अपनी आवाज उधार देते हैं, जिससे फिल्म की लोकप्रियता को एक नया आयाम मिलता है। हालांकि इन पर्दे के पीछे काम करने वाले कलाकारों को अक्सर वह प्रसिद्धि नहीं मिल पाती जो पर्दे पर दिखने वाले चेहरों को मिलती है, लेकिन सच्चाई यह है कि उनकी मेहनत ही किसी कहानी को मुकम्मल बनाती है। डबिंग महज एक तकनीकी प्रक्रिया नहीं, बल्कि वह कला है जो शब्दों को आत्मा प्रदान करती है और सिनेमाई अनुभव को यादगार बनाती है।

  • 16 करोड़ के साथ माइकल की बायोपिक मैदान में, अक्षय और रणवीर की फिल्मों का बॉक्स ऑफिस पर दबदबा

    16 करोड़ के साथ माइकल की बायोपिक मैदान में, अक्षय और रणवीर की फिल्मों का बॉक्स ऑफिस पर दबदबा

    नई दिल्ली। भारतीय सिनेमाई बाजार इस समय विभिन्न शैलियों की फिल्मों के संगम का गवाह बन रहा है, जहाँ दर्शकों के पास अंतरराष्ट्रीय बायोपिक से लेकर घरेलू ब्लॉकबस्टर तक के कई विकल्प मौजूद हैं। ताजा आंकड़ों के अनुसार, संगीत की दुनिया के बेताज बादशाह माइकल जैक्सन के जीवन पर आधारित फिल्म ‘माइकल’ ने अपने शुरुआती चार दिनों के सफर में भारतीय बॉक्स ऑफिस पर 16 करोड़ रुपये का शुद्ध कारोबार करने में सफलता प्राप्त की है।

    जाफर जैक्सन की मुख्य भूमिका वाली इस फिल्म ने सप्ताहांत के दौरान अपनी पकड़ मजबूत की और रविवार को अकेले 5.50 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। हालांकि इस फिल्म को लेकर विशेषज्ञों की राय अलग-अलग रही है, लेकिन संगीत प्रेमी बड़े पर्दे पर इस दिग्गज कलाकार की कहानी देखने के लिए उत्सुक नजर आ रहे हैं।

    दूसरी तरफ, अभिनेता अक्षय कुमार की हॉरर कॉमेडी फिल्म ‘भूत बंगला’ ने बॉक्स ऑफिस पर अपनी धाक जमानी शुरू कर दी है। फिल्म ने अपने रिलीज के दसवें दिन 12.50 करोड़ रुपये का शानदार प्रदर्शन करते हुए यह साबित कर दिया है कि दर्शकों को डराने और हंसाने का यह फॉर्मूला आज भी उतना ही कारगर है। इस प्रदर्शन के साथ ही फिल्म की कुल घरेलू कमाई अब 113.40 करोड़ रुपये हो गई है।

    वैश्विक स्तर पर भी फिल्म ने अपनी चमक बिखेरी है और करीब 179 करोड़ रुपये का कुल ग्रॉस कलेक्शन कर लिया है। ‘भूत बंगला’ की इस सफलता ने इसे साल की सबसे भरोसेमंद फिल्मों की कतार में खड़ा कर दिया है।

    वहीं, बॉक्स ऑफिस के सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त करते हुए रणवीर सिंह की स्पाई थ्रिलर ‘धुरंधर 2’ (द रिवेंज) एक ऐतिहासिक सफर पर है। करीब 40 दिनों से सिनेमाघरों में अपना जलवा बिखेर रही यह फिल्म अब 1,130.59 करोड़ रुपये का भारतीय नेट कलेक्शन कर चुकी है। वैश्विक मंच पर इस फिल्म की सफलता और भी बड़ी है, जहाँ इसने 1,777.52 करोड़ रुपये का विशालकाय ग्रॉस कलेक्शन हासिल किया है।

    फिल्म ने अपने 39वें दिन भी 3.40 करोड़ रुपये का व्यवसाय कर यह दिखा दिया है कि इसकी लोकप्रियता अभी कम नहीं हुई है।

    व्यापारिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो यह भारतीय सिनेमा के लिए एक सुखद संकेत है कि एक ही समय में तीन अलग-अलग मिजाज की फिल्में शानदार कमाई कर रही हैं। जहाँ ‘माइकल’ एक वैश्विक हस्ती के संघर्ष की कहानी है, वहीं ‘भूत बंगला’ विशुद्ध मनोरंजन का साधन बनी हुई है और ‘धुरंधर 2’ भारतीय स्पाई यूनिवर्स को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूती प्रदान कर रही है।

    आने वाले हफ्तों में यह देखना दिलचस्प होगा कि नई फिल्मों के आने के बाद इन मौजूदा फिल्मों की रफ्तार पर क्या प्रभाव पड़ता है, लेकिन फिलहाल बॉक्स ऑफिस की यह हलचल फिल्म उद्योग के लिए उत्साहजनक परिणाम लेकर आई है।