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  • अनुपमा में बड़ा ट्विस्ट, दिग्विजय और अनुज के कनेक्शन से कहानी में नया मोड़…

    अनुपमा में बड़ा ट्विस्ट, दिग्विजय और अनुज के कनेक्शन से कहानी में नया मोड़…


    नई दिल्ली।  लोकप्रिय टेलीविजन धारावाहिक अनुपमा में एक बार फिर कहानी नए मोड़ की ओर बढ़ती दिखाई दे रही है। आने वाले एपिसोड्स में ऐसे घटनाक्रम सामने आने की संभावना जताई जा रही है, जो मुख्य किरदारों की जिंदगी में बड़े बदलाव ला सकते हैं। खासतौर पर दिग्विजय और अनुज के बीच सामने आने वाले संभावित संबंध को लेकर कहानी में एक नया एंगल जुड़ता दिख रहा है, जिससे अनुपमा की निजी और भावनात्मक यात्रा पर भी असर पड़ सकता है।
    कहानी के अनुसार एक दृश्य में दिग्विजय और अनुपमा की मुलाकात के दौरान एक महत्वपूर्ण खुलासा होता है। बताया जाता है कि अनुज की तस्वीर से जुड़ी एक अप्रत्याशित स्थिति सामने आती है, जिससे दिग्विजय यह संकेत देता है कि वह अनुज को पहले से जानता है। यह बातचीत आगे चलकर कहानी को एक ऐसे मोड़ पर ले जाती है जहां अनुज से जुड़ी पुरानी यादें और उससे जुड़े संबंध फिर से सामने आने लगते हैं। इस खुलासे से अनुपमा के लिए कई नए सवाल खड़े हो जाते हैं, जिनके जवाब तलाशना उसके लिए आसान नहीं होगा।
    इसी क्रम में यह भी दिखाया जाएगा कि दिग्विजय और अनुज की मुलाकात विदेश में हुई थी और उनके बीच एक सामान्य परिचय के साथ सहयोग का रिश्ता भी बना था। इस पहलू के सामने आने से यह संकेत मिलता है कि कहानी में अनुज की पृष्ठभूमि और उसके वर्तमान हालात को लेकर नए रहस्य सामने आ सकते हैं। इससे अनुपमा के जीवन में भावनात्मक और पारिवारिक स्तर पर एक नया तनाव उत्पन्न होने की संभावना बनती है।
    दूसरी ओर राही के किरदार से जुड़ा एक नया मोड़ भी कहानी में जुड़ता नजर आ रहा है। उसे एक अनजान कॉल के जरिए यह संकेत मिलता है कि उसके अतीत से जुड़ा कोई व्यक्ति उससे संपर्क करने वाला है। यह स्थिति कहानी में रहस्य को और गहरा करती है और दर्शकों के लिए नई जिज्ञासा पैदा करती है। माना जा रहा है कि यह कनेक्शन राही के पिछले जीवन से जुड़ी उन परतों को सामने लाएगा, जिनका प्रभाव वर्तमान घटनाओं पर भी पड़ सकता है।
    कहानी में यह भी संकेत दिया गया है कि राही के जीवन से जुड़ा एक पुराना रिश्ता या व्यक्ति फिर से सामने आ सकता है, जिससे उसके व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन में बदलाव देखने को मिल सकते हैं। इस प्रकार का ट्रैक शो में भावनात्मक गहराई और टकराव दोनों को बढ़ा सकता है, जिससे कहानी और अधिक जटिल हो जाती है।
    इसके अलावा यह भी चर्चा में है कि शो में कुछ नए किरदारों की एंट्री और पुराने किरदारों की वापसी से कहानी की दिशा और तेज हो सकती है। इससे न केवल मुख्य पात्रों के रिश्तों में बदलाव आएगा बल्कि पूरे कथानक में एक नया संतुलन भी देखने को मिलेगा। दर्शकों के लिए यह देखना दिलचस्प होगा कि अनुपमा इन बदलते हालात को कैसे संभालती है और अपने जीवन में संतुलन बनाए रखने के लिए क्या कदम उठाती है।
  • फैंस के लिए खुशखबरी: ‘Awarapan 2’ की रिलीज डेट तय, Emraan Hashmi और Disha Patani साथ आएंगे नजर

    फैंस के लिए खुशखबरी: ‘Awarapan 2’ की रिलीज डेट तय, Emraan Hashmi और Disha Patani साथ आएंगे नजर


    नई दिल्ली।  इमरान हाशमी (Emraan Hashmi) की फिल्म आवारा पार्ट 2 (Awarapan 2) को लेकर लगातार कई सारी खबरें सामने आ रही थी। आपको बता दें कि, दर्शक भी इस फिल्म के लिए काफी उत्साह दिखा रहे थे जब से इस फिल्म का अनाउंसमेंट हुआ था। फैंस बड़ी ही बेसब्री से इस फिल्म का इंतजार कर रहे हैं। इस फिल्म की शूटिंग से जुड़ी कई खबरें सामने आई कई क्लिप भी वायरल हुई लेकिन अब जाकर इस फिल्म की रिलीज डेट सामने आ गई है।

    रिलीज डेट का हुआ खुलासा
    मेकर्स ने फिल्म की जो पहली झलक साझा की है, उसमें सबसे पहले दिशा पटानी (Disha Patani) को हाथ से कबूतर को छोड़ते हुए दिखाया गया है। इसके बाद इमरान हाशमी के हाथ में लॉकेट पकड़े हुए एक क्लोज-अप तस्वीर और एक कबूतर का टैटू भी दिखाया गया है। इसी के साथ मेकर्स ने फिल्म की रिलीज डेट भी अनाउंस कर दी है, जिसके अनुसार यह फिल्म स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले यानी 14 अगस्त, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

    फिल्म का कबूतर से क्या कनेक्शन
    2007 में रिलीज हुई ‘आवारापन’ की कहानी में सफेद कबूतरों की अहम भूमिका थी। इस बार भी, फिल्म निर्माताओं ने नई कहानी में पुरानी यादों को शामिल करने का पूरा ध्यान रखा है। इस फिल्म में इमरान हाशमी के साथ दिशा पाटनी लीड रोल में नजर आने वाली हैं।

    यह फिल्म 2007 में आई फिल्म ‘आवारापन’ का सीक्वल है, जिसमें इमरान हाशमी के साथ श्रिया सरन लीड रोल में नजर आई थीं और आशुतोष राणा, पूरब कोहली और मृणालिनी शर्मा जैसे कलाकार भी इस फिल्म का हिस्सा थे। वहीं इस फिल्म के निर्देशक मोहित सूरी थे, लेकिन पहली फिल्म के विपरीत, ‘आवारापन 2’ का निर्देशन नितिन कक्कर करेंगे और इसकी कहानी बिलाल सिद्दीकी ने लिखी है। अब देखना होगा ये फिल्म सिनेमाघरों में क्या कमाल दिखाती हैं।

  • धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ पड़ा भारी! रामायण पर विवादित बयान को लेकर प्रकाश राज पर कानूनी शिकंजा।

    धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ पड़ा भारी! रामायण पर विवादित बयान को लेकर प्रकाश राज पर कानूनी शिकंजा।

    नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा के जाने-माने अभिनेता प्रकाश राज एक बार फिर अपने विवादित बयानों के कारण कानूनी मुश्किलों में घिर गए हैं। हाल ही में केरल लिटरेचर फेस्टिवल के दौरान रामायण के प्रसंगों पर की गई उनकी एक टिप्पणी को लेकर देशभर में विरोध के स्वर उठने लगे हैं। इस मामले में आंध्र प्रदेश के एक राजनीतिक नेता और तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम बोर्ड के सदस्य भानु प्रकाश ने अभिनेता के विरुद्ध आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि अभिनेता ने हिंदू समुदाय की धार्मिक भावनाओं और आस्था को ठेस पहुंचाने के उद्देश्य से मानहानिकारक और आपत्तिजनक बयान दिए हैं।

    पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब अभिनेता ने एक सत्र के दौरान रामायण से प्रेरित एक कहानी सुनाई जो उनके अनुसार बच्चों के थिएटर वर्कशॉप का हिस्सा थी। इस कहानी के वर्णन के दौरान उन्होंने भगवान राम और लक्ष्मण के साथ-साथ रावण के पात्रों का जिक्र करते हुए आधुनिक कर व्यवस्था यानी जीएसटी पर कटाक्ष किया। अभिनेता द्वारा इस पौराणिक कथा को आधुनिक संदर्भों में मजाकिया ढंग से पेश करने के प्रयास को कई धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने भगवान का अपमान माना है। सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो प्रसारित होने के बाद लोगों ने उनकी कड़ी आलोचना की और इसे सनातन धर्म की मान्यताओं के साथ खिलवाड़ बताया है।

    कानूनी शिकायत दर्ज कराने वाले भानु प्रकाश ने अधिकारियों से मांग की है कि न केवल प्रकाश राज बल्कि उनके ऐसे बयानों का समर्थन करने वालों के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने दावा किया कि इस तरह के बयानों का मुख्य उद्देश्य धार्मिक कथाओं को गलत तरीके से पेश करना और समाज में वैमनस्य फैलाना है। इससे पहले भी सोलह अप्रैल को एक वकील द्वारा इसी तरह की शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है जिसमें कहा गया था कि धार्मिक मान्यताओं का अपमान किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह पहली बार नहीं है जब प्रकाश राज अपने बयानों को लेकर विवादों में रहे हैं पर इस बार मामला सीधे तौर पर धार्मिक ग्रंथों से जुड़ा होने के कारण काफी गंभीर हो गया है।

    एक तरफ जहां अभिनेता अपनी आगामी बड़ी फिल्मों की तैयारियों में व्यस्त हैं वहीं दूसरी ओर इन कानूनी विवादों ने उनकी पेशेवर छवि को भी प्रभावित करना शुरू कर दिया है। वर्तमान में प्रकाश राज वाराणसी और स्पिरिट जैसी बहुप्रतीक्षित फिल्मों का हिस्सा हैं जिनमें वे बड़े सितारों के साथ नजर आने वाले हैं। इन विवादों के बीच फिल्म उद्योग के भीतर भी इस बात पर चर्चा तेज हो गई है कि क्या सार्वजनिक मंचों पर इस तरह की टिप्पणियां करना उचित है। फिलहाल पुलिस प्रशासन शिकायतों की जांच कर रहा है और यह देखना होगा कि इस मामले में कानून क्या रुख अपनाता है।

  • पहलगाम फाइल्स: आतंकी साजिश से लेकर ऑपरेशन सिंदूर की सफलता तक, कैमरे में कैद होगा घाटी का सच।

    पहलगाम फाइल्स: आतंकी साजिश से लेकर ऑपरेशन सिंदूर की सफलता तक, कैमरे में कैद होगा घाटी का सच।

    नई दिल्ली ।  देश के इतिहास में दर्ज पहलगाम आतंकी हमले की दर्दनाक घटना को लेकर एक बार फिर सिनेमाई जगत में गतिविधियां तेज हो गई हैं। इस घटना और इसके बाद हुए कथित ऑपरेशन सिंदूर को आधार बनाकर कई फिल्म और वेब सीरीज पर काम किया जा रहा है, जिनकी आधिकारिक घोषणाओं और शुरुआती झलकियों ने दर्शकों की रुचि बढ़ा दी है।
    हालांकि इन प्रोजेक्ट्स की रिलीज को लेकर अभी स्पष्ट समय सीमा सामने नहीं आई है, जिसके चलते दर्शकों को फिलहाल इंतजार करना पड़ सकता है। इस विषय पर आधारित सामग्री को लेकर फिल्म उद्योग में गंभीरता और संवेदनशीलता दोनों ही स्तर पर विचार किया जा रहा है ताकि वास्तविक घटनाओं को संतुलित और जिम्मेदार तरीके से प्रस्तुत किया जा सके।
    सूत्रों के अनुसार पहल ए नेशन यूनाइट्स नामक वेब सीरीज का ऐलान स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर किया गया था और इसकी पहली झलक भी जारी की जा चुकी है। यह सीरीज पहलगाम हमले के बाद की परिस्थितियों और सुरक्षा बलों की कार्रवाई को केंद्र में रखकर बनाई जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इसमें घटनाओं की पृष्ठभूमि और उसके सामाजिक प्रभावों को विस्तार से दिखाने का प्रयास किया जाएगा। टीजर में दिखाई गई प्रस्तुति से यह संकेत मिलता है कि कहानी को एक व्यापक राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में पेश किया जाएगा, जिसमें घटनाक्रम के साथ मानवीय पहलुओं पर भी ध्यान दिया गया है।
    इसके अलावा फिल्म निर्देशक विवेक अग्निहोत्री द्वारा एक फिल्म ऑपरेशन सिंदूर की घोषणा भी चर्चा में रही है। यह फिल्म एक पुस्तक पर आधारित बताई जा रही है, जिसमें भारत की सीमा पार की गई कथित सैन्य कार्रवाइयों और उनसे जुड़ी घटनाओं का वर्णन किया गया है। इस परियोजना को एक प्रमुख प्रोडक्शन हाउस के सहयोग से विकसित किया जा रहा है और इसमें मुख्य भूमिका को लेकर चर्चाएं जारी हैं। हालांकि फिल्म के निर्माण और रिलीज को लेकर आधिकारिक स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है, जिससे इसकी प्रगति पर निगाहें बनी हुई हैं।
    निर्माता एकता कपूर भी इसी विषय पर आधारित द टेरर रिपोर्ट नामक फिल्म पर काम कर रही हैं। इसका टीजर पहले ही जारी किया जा चुका है, जिसमें पहलगाम क्षेत्र और उससे जुड़े घटनाक्रमों की झलक दिखाई गई थी। यह प्रोजेक्ट भी अभी प्रारंभिक या निर्माण चरण में माना जा रहा है और इसकी रिलीज को लेकर कोई निश्चित घोषणा नहीं हुई है। फिल्म उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की संवेदनशील विषयवस्तु पर आधारित परियोजनाओं को तैयार करने में समय अधिक लगता है क्योंकि इसमें ऐतिहासिक और सामाजिक तथ्यों का संतुलन बनाए रखना आवश्यक होता है।
    इसी बीच इंडिया पाकिस्तान द फाइनल रेजोल्यूशन नामक एक क्षेत्रीय फिल्म भी निर्माणाधीन है, जो पहलगाम घटना के बाद भारत और पाकिस्तान के संबंधों और घाटी में रहने वाले लोगों के जीवन पर पड़ने वाले प्रभावों को दर्शाने का प्रयास करेगी। इस फिल्म की शूटिंग विभिन्न स्थानों पर जारी है और इसके कुछ हिस्से मुंबई में पूरे किए जा चुके हैं, जबकि कश्मीर में शेष हिस्सों की शूटिंग प्रस्तावित है।इन सभी परियोजनाओं के बीच दर्शकों में उत्सुकता तो है, लेकिन साथ ही यह अपेक्षा भी बनी हुई है कि इन विषयों को जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत किया जाए, ताकि वास्तविक घटनाओं की गंभीरता और उनके प्रभावों को सही रूप में समझा जा सके।
  • ‘धुरंधर’ के बाद नई तैयारी में Aditya Dhar, एक और फिल्म पर काम शुरू

    ‘धुरंधर’ के बाद नई तैयारी में Aditya Dhar, एक और फिल्म पर काम शुरू


    नई दिल्ली। बॉलीवुड डायरेक्टर Aditya Dhar अपनी हिट फ्रेंचाइजी “धुरंधर” को लेकर एक नया और अनोखा प्रयोग करने जा रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, “धुरंधर” और “धुरंधर द रिवेंज” की सफलता के बाद अब फिल्म की मेकिंग यानी बिहाइंड द सीन्स (BTS) पर आधारित एक अलग फिल्म बनाने की तैयारी चल रही है, जिसे थिएटर्स में रिलीज किया जा सकता है।
    क्या होगा इस खास फिल्म में?
    इस फिल्म में दर्शकों को शूटिंग के दौरान के अनदेखे पल, सेट पर हुई तैयारियां, मेकिंग प्रोसेस और कलाकारों के एक्सक्लूसिव इंटरव्यू देखने को मिलेंगे। खास बात यह है कि Ranveer Singh और Arjun Rampal जैसे बड़े सितारों के इंटरव्यू भी इसी फिल्म में पहली बार सामने आएंगे।
    फुल-लेंथ फीचर फिल्म की तरह रिलीज
    मेकर्स इस BTS कंटेंट को सिर्फ डॉक्यूमेंट्री तक सीमित नहीं रख रहे, बल्कि इसे एक पूरी फीचर फिल्म के रूप में पेश करने की योजना है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह फिल्म 2026 के आखिर तक सिनेमाघरों में रिलीज हो सकती है और बाद में इसे OTT प्लेटफॉर्म पर भी लाया जाएगा।
    पहली बार होगा ऐसा प्रयोग
    भारतीय सिनेमा में यह एक अनोखा प्रयोग माना जा रहा है। अब तक फिल्मों के BTS वीडियो सोशल मीडिया या प्रमोशन के तौर पर ही रिलीज होते थे, लेकिन पहली बार किसी फिल्म की पूरी मेकिंग को बड़े पर्दे पर अलग फिल्म की तरह दिखाने की योजना है।
    रिलीज से पहले सख्त गोपनीयता
    फिल्म की टीम इस प्रोजेक्ट को लेकर काफी सतर्क है। मेकर्स नहीं चाहते कि कोई भी BTS फुटेज रिलीज से पहले लीक हो, इसलिए कलाकार भी फिलहाल मीडिया इंटरव्यू से दूरी बनाए हुए हैं। उनका उद्देश्य है कि दर्शक पहली बार पूरा अनुभव थिएटर में ही लें।
    फैंस के लिए खास तोहफा
    ‘धुरंधर’ के फैंस के लिए यह फिल्म एक अलग ही अनुभव लेकर आएगी, जहां वे अपने पसंदीदा सितारों और फिल्म के पीछे की मेहनत को करीब से देख सकेंगे।

  • ‘राजा शिवाजी’ में दमदार स्टारकास्ट: Riteish Deshmukh ने लिए 15 करोड़, बाकी सितारों की फीस भी चर्चा में

    ‘राजा शिवाजी’ में दमदार स्टारकास्ट: Riteish Deshmukh ने लिए 15 करोड़, बाकी सितारों की फीस भी चर्चा में


    नई दिल्ली ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर बनी फिल्म “राजा शिवाजी” इस साल की बहुप्रतीक्षित फिल्मों में शामिल है। फिल्म में Riteish Deshmukh छत्रपति शिवाजी महाराज की भूमिका निभा रहे हैं और साथ ही निर्देशन की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। 1 मई 2026 को रिलीज होने जा रही इस फिल्म की स्टारकास्ट और उनकी फीस को लेकर भी खूब चर्चा है।

    रितेश देशमुख
    फिल्म के लीड एक्टर और डायरेक्टर Riteish Deshmukh ने इस प्रोजेक्ट के लिए कथित तौर पर 15 से 18 करोड़ रुपये की फीस ली है। यह उनके करियर का एक बड़ा और महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट माना जा रहा है।

    अभिषेक बच्चन
    Abhishek Bachchan इस फिल्म में संभाजी शाहजी भोसले के किरदार में नजर आएंगे। यह उनकी मराठी सिनेमा में डेब्यू फिल्म भी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने 6 से 8 करोड़ रुपये फीस ली है।

    संजय दत्त
    Sanjay Dutt फिल्म में अफजल खान की भूमिका निभा रहे हैं। उनके इस दमदार किरदार के लिए उन्हें कथित तौर पर 8 से 10 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।

    महेश मांजरेकर
    Mahesh Manjrekar ‘राजा शिवाजी’ में लखुजी जाधव का किरदार निभा रहे हैं। उन्हें इस भूमिका के लिए करीब 2 से 3 करोड़ रुपये मिले हैं।

    फरदीन खान
    Fardeen Khan फिल्म में मुगल बादशाह शाहजहां के रोल में नजर आएंगे। उनकी फीस 2 से 3 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

    भाग्यश्री
    Bhagyashree इस फिल्म में जीजाबाई (छत्रपति शिवाजी महाराज की मां) की अहम भूमिका निभा रही हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्हें 1 से 2 करोड़ रुपये फीस मिली है।

    बड़ी स्टारकास्ट, बड़ा बजट
    फिल्म की स्टारकास्ट और उनके किरदारों को देखते हुए साफ है कि “राजा शिवाजी” बड़े बजट और भव्य स्तर पर तैयार की गई है। ऐतिहासिक किरदारों और दमदार कलाकारों के साथ यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बड़ा असर डाल सकती है।

  • ब्राह्मण लड़का कैसे बना ‘नबी अहमद’? Ravindra Kaushik की हैरान कर देने वाली कहानी

    ब्राह्मण लड़का कैसे बना ‘नबी अहमद’? Ravindra Kaushik की हैरान कर देने वाली कहानी


    नई दिल्ली। हाल ही में फिल्म “धुरंधर 2” के रिलीज के बाद भारत के चर्चित जासूस रविंद्र कौशिक एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं। फिल्म में दिखाए गए किरदार की तुलना उनसे की जा रही है, लेकिन उनके परिवार का कहना है कि असल जिंदगी में जासूसी की दुनिया फिल्मी कहानी से बिल्कुल अलग होती है।
    ब्राह्मण परिवार का बेटा बना पाकिस्तान में ‘नबी अहमद’
    राजस्थान के गंगानगर में जन्मे रविंद्र कौशिक एक साधारण ब्राह्मण परिवार से थे। उनकी प्रतिभा और अभिनय कौशल को देखते हुए उन्हें भारतीय खुफिया एजेंसी द्वारा चुना गया। ट्रेनिंग के बाद उन्हें पाकिस्तान भेजा गया, जहां उन्होंने अपनी पहचान बदलकर ‘नबी अहमद शाकिर’ के नाम से जिंदगी शुरू की और वर्षों तक भारत के लिए अहम जानकारियां जुटाईं।
    भारत के पहले ‘रेजिडेंट एजेंट’
    रविंद्र कौशिक को भारत का पहला ‘रेजिडेंट एजेंट’ माना जाता है। यानी वे केवल जानकारी जुटाने के लिए नहीं गए थे, बल्कि वहां स्थायी रूप से रहकर एक पूरी नई पहचान बनाई—शादी की, परिवार बसाया और समाज में घुलमिल गए। यह उस समय भारत की खुफिया रणनीति का पहला बड़ा प्रयोग था।
    फिल्मी जासूसों से क्यों अलग थे?
    परिवार के अनुसार, फिल्मों में दिखाया जाता है कि जासूस खुलकर लड़ाई करते हैं या हीरो की तरह नजर आते हैं, जबकि असल में जासूस का काम गुप्त रहना होता है। वे कभी ध्यान आकर्षित नहीं करते। दिलचस्प बात यह भी है कि जहां आमतौर पर जासूसों का व्यक्तित्व साधारण रखा जाता है ताकि वे भीड़ में खो जाएं, वहीं रविंद्र कौशिक दिखने में आकर्षक और व्यक्तित्ववान थे—जो इस पेशे के लिए असामान्य माना जाता है।
    परिवार से भी छिपाई सच्चाई
    उनकी बहन के मुताबिक, परिवार को कभी यह नहीं बताया गया कि वे जासूसी कर रहे हैं। घर पर अधिकारी आते-जाते थे, लेकिन उनकी असली पहचान का किसी को अंदाजा नहीं था। रविंद्र कौशिक ने अपनी भूमिका को आखिरी सांस तक निभाया और परिवार को सिर्फ यही बताया कि वे एक अच्छी नौकरी कर रहे हैं।
    पाकिस्तान में गिरफ्तारी और दर्दनाक अंत
    एक अन्य एजेंट की गलती से उनकी पहचान उजागर हो गई और उन्हें पाकिस्तान में गिरफ्तार कर लिया गया। वहां उन्हें वर्षों तक जेल में कठोर यातनाएं दी गईं। गंभीर बीमारियों और खराब हालात के चलते उनकी मौत हो गई।
    परिवार को उनकी मौत की जानकारी भी सीधे भारत से नहीं, बल्कि पाकिस्तान के मानवाधिकार संगठन के जरिए ईमेल से मिली जिसमें बताया गया कि ‘नबी अहमद शाकिर उर्फ रविंद्र कौशिक अब इस दुनिया में नहीं रहे।’
    सरकारी मदद पर उठे सवाल
    परिवार का आरोप है कि गिरफ्तारी और मौत के बाद उन्हें न तो पर्याप्त सहायता मिली और न ही कोई आधिकारिक सांत्वना। उनकी शहादत को लेकर भी लंबे समय तक स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।
    देशभक्ति और अभिनय का अनोखा संगम
    रविंद्र कौशिक एक अच्छे कलाकार भी थे और देशभक्ति की भावना से प्रेरित थे। उन्हें अभिनय के जरिए देश सेवा का मौका मिला और उन्होंने इस जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाया यहां तक कि अपनी असली पहचान तक त्याग दी।
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  • मरने का सीन करते-करते सच में दुनिया छोड़ गया यह एक्टर, सेट पर छा गया सन्नाटा

    मरने का सीन करते-करते सच में दुनिया छोड़ गया यह एक्टर, सेट पर छा गया सन्नाटा



    नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा के शुरुआती दौर के लोकप्रिय कॉमेडी एक्टर गोप ने अपनी अदाकारी से लाखों दर्शकों के चेहरे पर मुस्कान बिखेरी, लेकिन उनकी जिंदगी का अंत इतना अप्रत्याशित था कि फिल्म इंडस्ट्री भी हैरान रह गई।

    कॉमेडी से बने दर्शकों के चहेते

    गोप अपने समय के उन चुनिंदा कलाकारों में से थे जिनकी स्क्रीन एंट्री ही लोगों को हंसा देती थी। उनकी कॉमिक टाइमिंग और अनोखे किरदार उन्हें खास बनाते थे। फिल्म “पतंगा” और अन्य कई फिल्मों में उन्होंने यादगार भूमिकाएं निभाईं। मशहूर गाना “मेरे पिया गए रंगून” भी उनकी फिल्म का हिस्सा रहा, जिसने उन्हें और लोकप्रिय बना दिया।

    फिल्मों में अनोखे किरदारों से छा गए

    गोप के किरदारों के नाम भी उतने ही मजेदार और यादगार थे जितना उनका अभिनय। “मक्खी चूस” में “मानिक लाल मक्खी चूस”, “पाकेटमार” में “उधार चंद डब्बू” और “तराना” में उनकी भूमिका ने दर्शकों को खूब हंसाया। उन्होंने कुछ फिल्मों में विलेन का रोल भी निभाया, लेकिन उसमें भी कॉमिक अंदाज बनाए रखा।

    याकूब के साथ बनी हिट जोड़ी

    गोप और अभिनेता याकूब की जोड़ी उस दौर की चर्चित जोड़ियों में से एक थी। दोनों ने साथ मिलकर कई फिल्मों में काम किया और दर्शकों को खूब मनोरंजन दिया।

    निजी जीवन और व्यक्तित्व

    गोप की निजी जिंदगी भी उतनी ही दिलचस्प थी। उन्होंने अभिनेत्री लतिका से विवाह किया था, जो एंग्लो-नेपाली मूल की थीं। शादी के लिए उन्होंने धर्म परिवर्तन भी किया था। कहा जाता है कि उनके निधन के बाद उनकी पत्नी बच्चों के साथ विदेश चली गई थीं।

    फिल्म ‘तीसरी आंख’ और वह दर्दनाक घटना

    सबसे चौंकाने वाली घटना उनकी अंतिम फिल्म “तीसरी आंख” की शूटिंग के दौरान हुई। एक सीन में उन्हें हार्ट अटैक का अभिनय करना था। उन्होंने बेहद वास्तविक अभिनय करते हुए गिरने का सीन किया। क्रू को लगा कि यह बेहतरीन परफॉर्मेंस है और “कट” बोलने के बाद भी वे नहीं उठे। बाद में पता चला कि गोप को सच में दिल का दौरा पड़ा था और उनकी मृत्यु हो चुकी थी।

    सेट पर तालियां, लेकिन लौट नहीं सके

    सबसे दुखद बात यह रही कि जिस सीन में उन्होंने मौत का अभिनय किया, उसी सीन के बाद लोग उनकी परफॉर्मेंस की तारीफ में तालियां बजाते रहे, जबकि वास्तव में वह इस दुनिया को अलविदा कह चुके थे।

    एक युग का अंत

    गोप का जाना फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा झटका था। दर्शक जो उन्हें हमेशा हंसते हुए देखते थे, उनकी अचानक हुई मृत्यु से गहरे सदमे में चले गए।

  • मल्टीस्टारर फिल्म में अजीब कहानी और अनोखा कॉन्सेप्ट, फिर भी बॉक्स ऑफिस पर नहीं चला जा

    मल्टीस्टारर फिल्म में अजीब कहानी और अनोखा कॉन्सेप्ट, फिर भी बॉक्स ऑफिस पर नहीं चला जा


    नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार ने अपने करियर से जुड़ा एक पुराना और दिलचस्प किस्सा साझा किया है, जो उनकी मल्टीस्टारर फिल्म ‘जानी दुश्मन: एक अनोखी कहानी’ से जुड़ा है। यह फिल्म अपने समय की सबसे बड़ी स्टारकास्ट वाली फिल्मों में शामिल थी, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर यह उम्मीदों पर खरी नहीं उतर पाई।

    अक्षय कुमार ने बताया कि फिल्म की शूटिंग के दौरान एक ऐसा अप्रत्याशित मोड़ आया, जब उनके किरदार की कहानी में मौत दिखाई गई थी, लेकिन आगे की शूटिंग के लिए उन्हें दोबारा बुलाना पड़ा। वजह यह थी कि एक अन्य कलाकार उस दिन शूट पर नहीं पहुंच सका था, जिसके चलते कहानी में बदलाव करना पड़ा और उनके किरदार को फिर से शामिल कर लिया गया।

    इस तरह अक्षय कुमार को कुछ अतिरिक्त दिनों तक शूटिंग करनी पड़ी, जिसे उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में याद किया। उन्होंने कहा कि उस दौर में फिल्म निर्माण की प्रक्रिया काफी अलग थी और कई बार परिस्थितियों के अनुसार तुरंत बदलाव करने पड़ते थे।

    फिल्म ‘जानी दुश्मन’ अपने अनोखे कॉन्सेप्ट और फैंटेसी आधारित कहानी के लिए जानी जाती है, जिसमें बदले और रहस्यमयी घटनाओं को बड़े पैमाने पर दिखाया गया था। फिल्म में कई बड़े कलाकार एक साथ नजर आए थे, जिससे इसकी चर्चा रिलीज से पहले ही काफी बढ़ गई थी।

    हालांकि इतनी बड़ी स्टारकास्ट और भव्य प्रस्तुति के बावजूद फिल्म दर्शकों को ज्यादा प्रभावित नहीं कर पाई और बॉक्स ऑफिस पर असफल साबित हुई। लेकिन समय के साथ यह फिल्म अपने अलग अंदाज और विचित्र दृश्यों के कारण एक कल्ट फिल्म के रूप में पहचानी जाने लगी।

    अक्षय कुमार ने यह भी कहा कि उस समय फिल्मों में कहानी की वास्तविकता से ज्यादा मनोरंजन और कल्पनाशीलता पर जोर दिया जाता था, जिसके कारण कई बार ऐसे अनोखे और असामान्य सीन देखने को मिलते थे।

    आज भी यह फिल्म अपनी अलग पहचान और दिलचस्प किस्सों के कारण चर्चा में रहती है और बॉलीवुड के उन प्रयोगात्मक प्रोजेक्ट्स में गिनी जाती है, जिन्होंने भले ही बॉक्स ऑफिस पर सफलता न पाई हो, लेकिन दर्शकों की यादों में अपनी जगह बना ली है।

  • सूरज बड़जात्या ये प्रेम मोल लिया में आयुष्मान और शरवरी की जोड़ी बनेगी आकर्षण का केंद्र..

    सूरज बड़जात्या ये प्रेम मोल लिया में आयुष्मान और शरवरी की जोड़ी बनेगी आकर्षण का केंद्र..

    नई दिल्ली।  हिंदी सिनेमा में पारिवारिक फिल्मों की एक अलग पहचान बनाने वाले सूरज बड़जात्या एक बार फिर बड़े पर्दे पर अपनी नई फिल्म ये प्रेम मोल लिया के साथ वापसी करने जा रहे हैं। इस फिल्म के ऐलान के साथ ही दर्शकों के बीच उत्सुकता का माहौल बन गया है क्योंकि यह एक म्यूजिकल फैमिली एंटरटेनर के रूप में सामने आएगी जिसमें भावनाओं और रिश्तों को खास महत्व दिया जाएगा। फिल्म में मुख्य भूमिकाओं में आयुष्मान खुराना और शरवरी वाघ नजर आएंगे और दोनों कलाकार पहली बार एक साथ स्क्रीन साझा करते दिखाई देंगे।

    फिल्म को 27 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज करने की योजना बनाई गई है और इसे लेकर फिल्म प्रेमियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। इस फिल्म की सबसे खास बात यह है कि इसके जरिए लंबे समय बाद राजश्री फिल्मों का लोकप्रिय किरदार प्रेम फिर से बड़े पर्दे पर वापसी कर रहा है। लगभग बारह वर्षों के अंतराल के बाद लौट रहे इस किरदार को इस बार आयुष्मान खुराना निभाते नजर आएंगे। अपनी सहज और प्रभावशाली अभिनय शैली के लिए पहचाने जाने वाले आयुष्मान इस भूमिका में एक नया रंग भर सकते हैं जिससे यह किरदार आधुनिक दौर के दर्शकों के साथ भी गहराई से जुड़ सके।

    फिल्म में शरवरी वाघ का किरदार भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है जो पारंपरिक भारतीय नारी की छवि को एक नए अंदाज में प्रस्तुत करेगा। उनके किरदार में सादगी के साथ आत्मविश्वास और भावनात्मक मजबूती देखने को मिलेगी जो पारिवारिक फिल्मों की मूल भावना को और गहरा बनाएगी। आयुष्मान और शरवरी की ताजा जोड़ी को लेकर दर्शकों में खास दिलचस्पी है और माना जा रहा है कि दोनों के बीच की केमिस्ट्री फिल्म की सबसे बड़ी ताकत बन सकती है।

    फिल्म की कहानी पूरी तरह परिवार और रिश्तों के इर्द गिर्द बुनी गई है जिसमें प्रेम त्याग और आपसी समझ जैसे मूल्यों को प्रमुखता से दिखाया जाएगा। सूरज बड़जात्या की फिल्मों की खासियत हमेशा यह रही है कि वे दर्शकों को एक सुकून भरा अनुभव देती हैं और पारिवारिक रिश्तों की अहमियत को सरल और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करती हैं। बदलते समय में भी ऐसी फिल्मों की प्रासंगिकता बनी हुई है और यही वजह है कि इस फिल्म से भी दर्शकों को काफी उम्मीदें हैं।

    फिल्म का संगीत हिमेश रेशमिया द्वारा तैयार किया जा रहा है जो लंबे समय बाद सूरज बड़जात्या के साथ काम कर रहे हैं। इससे पहले दोनों ने प्रेम रतन धन पायो में साथ काम किया था और उस फिल्म के गानों ने दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई थी। ऐसे में इस नई फिल्म के संगीत को लेकर भी काफी उम्मीदें जताई जा रही हैं और माना जा रहा है कि इसके गीत कहानी को और अधिक भावनात्मक गहराई देंगे।

    निर्माताओं का विश्वास है कि यह फिल्म एक बार फिर परिवारों को सिनेमाघरों तक खींचने में सफल होगी और उन्हें एक साथ बैठकर फिल्म देखने का अवसर देगी। ऊंचाई जैसी सराहनीय फिल्म के बाद सूरज बड़जात्या अपनी पारंपरिक शैली में लौटते नजर आ रहे हैं और यह फिल्म दर्शकों को भावनाओं से जुड़ा एक यादगार अनुभव देने की पूरी कोशिश करेगी।