Category: Entertainment

  • छात्र आंदोलन को मिला फिल्मी दुनिया का साथ, शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल; कई कलाकारों ने निष्पक्ष जांच की मांग की

    छात्र आंदोलन को मिला फिल्मी दुनिया का साथ, शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल; कई कलाकारों ने निष्पक्ष जांच की मांग की

    नई दिल्ली ।  NEET-UG पेपर लीक विवाद को लेकर देशभर में जारी छात्र आंदोलन को अब फिल्म जगत की कई प्रमुख हस्तियों का समर्थन मिलने लगा है। विभिन्न कलाकारों ने सोशल मीडिया के माध्यम से छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से लेने, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और निष्पक्ष कार्रवाई की आवश्यकता पर अपनी राय व्यक्त की है। इस बीच आंदोलन और उससे जुड़े मुद्दों पर सार्वजनिक चर्चा भी लगातार तेज होती जा रही है।

    अभिनेता शाहिद कपूर ने छात्रों के समर्थन में कहा कि यदि युवा पीढ़ी का शिक्षा व्यवस्था से भरोसा उठने लगे तो यह पूरे समाज के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि जिन छात्रों से वर्षों तक परीक्षाओं में जवाब मांगे जाते हैं, उन्हें भी अपने भविष्य से जुड़े सवाल पूछने का पूरा अधिकार है। उनके अनुसार शिक्षा प्रणाली पर विश्वास बनाए रखना किसी भी देश के विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।

    सलमान खान ने भी इस पूरे विवाद को गंभीर बताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने छात्रों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील की और विश्वास जताया कि न्याय सुनिश्चित किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस संवेदनशील मुद्दे को राजनीतिक विवाद का रूप नहीं दिया जाना चाहिए और समाधान पर ध्यान केंद्रित करना अधिक आवश्यक है।

    करीना कपूर ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि जब बड़ी संख्या में छात्र अपने भविष्य को लेकर चिंता व्यक्त कर रहे हों तो उनकी बात सुनना सरकार और संबंधित संस्थाओं की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था का उद्देश्य युवाओं में विश्वास और उम्मीद पैदा करना है। यदि मेहनत और योग्यता पर सवाल उठने लगें तो इसका असर पूरे समाज पर पड़ता है। उन्होंने पारदर्शी और विश्वसनीय परीक्षा प्रणाली की आवश्यकता दोहराई।

    अभिनेता वरुण धवन ने भी छात्रों के सवालों को उचित बताते हुए कहा कि किसी छात्र का सपना टूटने का असर केवल उस व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे परिवार की उम्मीदों पर पड़ता है। वहीं अनन्या पांडे ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी बदलाव और निष्पक्ष व्यवस्था की मांग कर रही है। उनके अनुसार अपनी बात रखना लोकतांत्रिक अधिकार है और इसे सकारात्मक दृष्टि से देखा जाना चाहिए।

    लेखिका और अभिनेत्री ट्विंकल खन्ना ने भी छात्रों के आंदोलन का समर्थन करते हुए युवाओं के साहस की सराहना की। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में नागरिकों को अपनी बात रखने का अधिकार होना चाहिए। दूसरी ओर सारा अली खान ने युवाओं की आवाज को गंभीरता से सुनने की अपील करते हुए कहा कि छात्रों के सपने देश के भविष्य से जुड़े हैं और उनकी चिंताओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

    NEET-UG पेपर लीक विवाद के बाद शुरू हुआ छात्र आंदोलन अब राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक चर्चा का विषय बन चुका है। विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और सार्वजनिक हस्तियां इस मुद्दे पर अपनी-अपनी राय रख रही हैं। फिल्मी कलाकारों की प्रतिक्रियाओं ने भी शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता और छात्रों के भविष्य को लेकर चल रही बहस को नया आयाम दिया है। आने वाले समय में इस पूरे मामले पर सरकार और संबंधित संस्थाओं की आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।

  • रेड कार्पेट इवेंट का वीडियो बना विवाद की वजह, मलाइका ने खेसारी लाल पर उठाए सवाल; सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

    रेड कार्पेट इवेंट का वीडियो बना विवाद की वजह, मलाइका ने खेसारी लाल पर उठाए सवाल; सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

    नई दिल्ली । एक रेड कार्पेट इवेंट से सामने आए वायरल वीडियो ने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है। वीडियो में एक आवारा कुत्ते को कार्यक्रम स्थल से जबरन हटाते हुए देखा जा रहा है। इस दौरान भोजपुरी अभिनेता खेसारी लाल यादव रेड कार्पेट पर फोटो खिंचवाते नजर आते हैं। वीडियो सामने आने के बाद अभिनेत्री मलाइका अरोड़ा ने इस घटना पर सार्वजनिक रूप से नाराजगी जताई, जिसके बाद यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बन गया।

    वायरल वीडियो में दिखाई देता है कि जैसे ही खेसारी लाल यादव रेड कार्पेट पर पहुंचते हैं, वहां मौजूद एक स्ट्रे डॉग उनके सामने आ जाता है। इसके बाद इवेंट से जुड़े कर्मचारी कुत्ते को पकड़कर वहां से हटाते दिखाई देते हैं। इस दौरान अभिनेता कैमरों के सामने अपनी मौजूदगी दर्ज कराते रहते हैं। वीडियो सामने आने के बाद कई सोशल मीडिया यूजर्स ने इस पूरे घटनाक्रम पर सवाल उठाए और पशुओं के प्रति संवेदनशील व्यवहार की आवश्यकता पर जोर दिया।

    अभिनेत्री मलाइका अरोड़ा, जो लंबे समय से पशु कल्याण से जुड़े मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखती रही हैं, ने इस वीडियो को साझा करते हुए अपनी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने घटना को शर्मनाक बताते हुए सवाल उठाया कि किसी फोटोशूट या सार्वजनिक कार्यक्रम के लिए किसी जानवर के साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया गया। उन्होंने सोशल मीडिया पर की गई अपनी प्रतिक्रिया में इस पूरे घटनाक्रम की आलोचना की और जिम्मेदार रवैया अपनाने की जरूरत बताई।

    मलाइका की प्रतिक्रिया के बाद सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर व्यापक चर्चा शुरू हो गई। कई लोगों ने उनका समर्थन करते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों को ऐसे अवसरों पर अधिक संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। वहीं कुछ लोगों का मानना रहा कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले यह देखना जरूरी है कि अभिनेता की भूमिका क्या थी और घटना की पूरी परिस्थितियां क्या थीं। इसी वजह से इस मामले पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

    मलाइका अरोड़ा को पशुओं के प्रति उनके लगाव के लिए जाना जाता है। वह कई बार सड़क पर रहने वाले कुत्तों को खाना खिलाते, उनकी देखभाल करते और पशु कल्याण से जुड़े संदेश साझा करते हुए दिखाई देती रही हैं। यही कारण है कि इस घटना पर उनकी प्रतिक्रिया को भी व्यापक ध्यान मिला और पशु अधिकारों को लेकर चर्चा फिर तेज हो गई।

    हालांकि, इस विवाद के बीच खेसारी लाल यादव की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। उन्होंने न तो वायरल वीडियो पर कोई बयान जारी किया है और न ही सोशल मीडिया के माध्यम से इस मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। ऐसे में घटना को लेकर जारी चर्चाओं के बीच उनके पक्ष का इंतजार किया जा रहा है।

    यह पूरा घटनाक्रम एक बार फिर इस बात की याद दिलाता है कि सार्वजनिक आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था और पशुओं के प्रति मानवीय व्यवहार के बीच संतुलन बनाए रखना कितना आवश्यक है। सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली ऐसी घटनाएं न केवल संबंधित व्यक्तियों को चर्चा के केंद्र में ले आती हैं, बल्कि पशु कल्याण और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी व्यापक बहस को जन्म देती हैं।

  • NEET विवाद पर दीया मिर्जा ने उठाए सवाल, प्रधानमंत्री के बयान में छात्रों के दर्द और परिवारों की पीड़ा का जिक्र न होने पर जताई नाराजगी

    NEET विवाद पर दीया मिर्जा ने उठाए सवाल, प्रधानमंत्री के बयान में छात्रों के दर्द और परिवारों की पीड़ा का जिक्र न होने पर जताई नाराजगी

    नई दिल्ली । NEET पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में जारी बहस के बीच बॉलीवुड अभिनेत्री दीया मिर्जा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया वीडियो संदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए छात्रों और उनके परिवारों की पीड़ा को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इस पूरे विवाद में प्रभावित छात्रों और उनके परिजनों के दर्द के प्रति अधिक संवेदनशीलता दिखाई जानी चाहिए थी। सोशल मीडिया पर साझा की गई उनकी टिप्पणी के बाद यह मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है।

    दीया मिर्जा ने अपनी पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री के संबोधन में उन परिवारों के लिए पर्याप्त सहानुभूति दिखाई नहीं दी, जिन्होंने इस पूरे घटनाक्रम के दौरान कठिन परिस्थितियों का सामना किया। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि लंबे समय से आंदोलन कर रहे छात्रों और उनके समर्थन में आवाज उठाने वाले लोगों की भावनाओं का भी उल्लेख होना चाहिए था। उनके अनुसार, ऐसे मामलों में प्रशासनिक कार्रवाई के साथ-साथ मानवीय संवेदना भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है।

    अभिनेत्री ने यह भी सवाल उठाया कि सरकार की ओर से प्रतिक्रिया आने में काफी समय लगा। उनका कहना था कि इतने दिनों बाद जारी संदेश में ऐसी बातें अपेक्षित थीं, जो छात्रों और अभिभावकों के मन में पैदा हुई चिंता और निराशा को कुछ हद तक कम कर सकें। उन्होंने इस मुद्दे को केवल परीक्षा प्रणाली का संकट नहीं, बल्कि लाखों युवाओं के भविष्य और विश्वास से जुड़ा विषय बताया।

    दीया मिर्जा की इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर विभिन्न प्रकार की प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कई लोगों ने उनके विचारों का समर्थन करते हुए कहा कि छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। वहीं कुछ लोगों ने सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों का समर्थन करते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और परीक्षा व्यवस्था में सुधार की प्रक्रिया पहले ही शुरू की जा चुकी है। इस तरह सोशल मीडिया पर दोनों पक्षों के विचार सामने आए।

    इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नाम अपने वीडियो संदेश में कहा था कि पेपर लीक जैसी घटनाएं लाखों छात्रों और उनके परिवारों के लिए बेहद पीड़ादायक हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार इस तरह के मामलों में दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई कर रही है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कानूनी व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाएगा। उन्होंने फास्ट ट्रैक कोर्ट और कड़े कानूनी प्रावधानों की दिशा में कदम उठाने की भी जानकारी दी थी।

    इसी बीच शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन में भी महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों तक चले अपने अनशन को समाप्त करने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि विभिन्न पक्षों के साथ बातचीत और व्यापक अपील के बाद उन्होंने यह निर्णय लिया। उनके अनशन की समाप्ति के बावजूद परीक्षा सुधार, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और छात्रों के हितों की सुरक्षा को लेकर सार्वजनिक बहस जारी है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, समयबद्ध जांच, कठोर कानूनी कार्रवाई और छात्रों का विश्वास बनाए रखना भविष्य की सबसे बड़ी चुनौती होगी। वहीं सार्वजनिक जीवन से जुड़े विभिन्न व्यक्तियों की प्रतिक्रियाएं यह भी दर्शाती हैं कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दे अब केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि व्यापक सामाजिक विमर्श का हिस्सा बन चुके हैं।

  • 'मेहर' के बाद नए सफर पर राज कुंद्रा, बोले- पंजाब की कई दमदार कहानियां अब भी पर्दे पर आना बाकी हैं

    'मेहर' के बाद नए सफर पर राज कुंद्रा, बोले- पंजाब की कई दमदार कहानियां अब भी पर्दे पर आना बाकी हैं

    नई दिल्ली । बिजनेसमैन और अभिनेता राज कुंद्रा अब पंजाबी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहे हैं। अपनी पहली पंजाबी फिल्म ‘मेहर’ से अभिनय की शुरुआत करने के बाद उन्होंने स्पष्ट किया है कि उनका उद्देश्य केवल पर्दे पर दिखाई देना नहीं, बल्कि ऐसी फिल्मों का हिस्सा बनना है जो समाज, संस्कृति और लोगों की भावनाओं को प्रभावशाली ढंग से सामने ला सकें। उनका मानना है कि पंजाब की धरती में ऐसी अनेक प्रेरणादायक और वास्तविक कहानियां मौजूद हैं, जिन्हें अब तक बड़े पर्दे पर पर्याप्त स्थान नहीं मिल पाया है।

    राज कुंद्रा का कहना है कि किसी भी फिल्म की सफलता केवल उसके मनोरंजन मूल्य से नहीं आंकी जानी चाहिए, बल्कि इस बात से भी तय होती है कि वह दर्शकों तक किस तरह का संदेश पहुंचाती है। उनके अनुसार वे ऐसे विषयों को प्राथमिकता देना चाहते हैं जो वास्तविक परिस्थितियों, सामाजिक सरोकारों और मानवीय संवेदनाओं से जुड़े हों। उनका मानना है कि मजबूत कहानी ही किसी फिल्म की सबसे बड़ी ताकत होती है और वही दर्शकों के साथ लंबे समय तक जुड़ाव बनाए रखती है।

    उन्होंने अपनी आगामी फिल्म ‘द ग्रेट पंजाब रॉबरी’ का जिक्र करते हुए बताया कि इस परियोजना का विचार काफी समय पहले तैयार हो गया था। यह फिल्म निर्देशक सौरभ वर्मा के साथ उनकी पहली फिल्म बनने वाली थी, लेकिन उस समय पर्याप्त आर्थिक सहयोग और निर्माता नहीं मिलने के कारण परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी। इसके बावजूद उन्होंने इस कहानी पर भरोसा बनाए रखा और इसे छोड़ने के बजाय सही समय का इंतजार किया।

    राज कुंद्रा के अनुसार ‘मेहर’ के रिलीज होने के बाद परिस्थितियां बदलीं और कई निर्माता उनके साथ काम करने में रुचि दिखाने लगे। इसी दौरान उन्होंने एक बार फिर ‘द ग्रेट पंजाब रॉबरी’ को लेकर बातचीत शुरू की। इस बार कई निर्माता इस प्रोजेक्ट से जुड़े और फिल्म को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया। उनका कहना है कि यदि कहानी दमदार हो तो उसे अपना मुकाम मिलने में देर हो सकती है, लेकिन वह अंततः दर्शकों तक जरूर पहुंचती है।

    उन्होंने यह भी संकेत दिया कि उनकी भविष्य की योजनाएं केवल पंजाबी सिनेमा तक सीमित नहीं रहेंगी। ‘द ग्रेट पंजाब रॉबरी’ के बाद वह अपने होम प्रोडक्शन के बैनर तले एक नई फिल्म लेकर आएंगे। इस फिल्म की योजना पूरे देश के दर्शकों को ध्यान में रखकर बनाई जा रही है और इसे पैन इंडिया स्तर पर रिलीज करने की तैयारी है। उनका उद्देश्य क्षेत्रीय विषयों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करना है ताकि अलग-अलग भाषाओं और संस्कृतियों के दर्शक भी इन कहानियों से जुड़ सकें।

    राज कुंद्रा का मानना है कि भारतीय सिनेमा में क्षेत्रीय फिल्मों का महत्व लगातार बढ़ रहा है। दर्शक अब नई कहानियों, स्थानीय संस्कृति और वास्तविक घटनाओं पर आधारित फिल्मों को अधिक पसंद कर रहे हैं। ऐसे में पंजाब की सामाजिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर आधारित विषयों को बड़े स्तर पर प्रस्तुत करने की काफी संभावनाएं हैं। उनका विश्वास है कि यदि इन कहानियों को ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ पर्दे पर उतारा जाए तो वे न केवल मनोरंजन करेंगी, बल्कि समाज में सकारात्मक चर्चा का भी माध्यम बनेंगी।

  • विजय थलापति की विदाई फिल्म 'जन नायकन' का दमदार आगाज, पहले दिन 41 करोड़ की कमाई के साथ कई रिकॉर्ड किए अपने नाम

    विजय थलापति की विदाई फिल्म 'जन नायकन' का दमदार आगाज, पहले दिन 41 करोड़ की कमाई के साथ कई रिकॉर्ड किए अपने नाम

    नई दिल्ली । विजय थलापति की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘जन नायकन’ ने सिनेमाघरों में रिलीज के साथ ही बॉक्स ऑफिस पर मजबूत शुरुआत दर्ज की है। यह फिल्म अभिनेता के अभिनय करियर की अंतिम फिल्म मानी जा रही है, क्योंकि उन्होंने सक्रिय राजनीति में प्रवेश करने के बाद फिल्मों से दूरी बनाने का फैसला किया है। इसी वजह से दर्शकों के बीच इस फिल्म को लेकर लंबे समय से उत्सुकता बनी हुई थी। पहले दिन मिले दर्शकों के अच्छे समर्थन ने फिल्म को शुरुआती बढ़त दिलाई, हालांकि ट्रेड विशेषज्ञों की अपेक्षा के अनुरूप यह 50 करोड़ या उससे अधिक की घरेलू ओपनिंग हासिल नहीं कर सकी।

    देशभर में फिल्म के लिए पहले दिन 13 हजार से अधिक शो आयोजित किए गए। व्यापक रिलीज का लाभ उठाते हुए ‘जन नायकन’ ने पहले दिन 41 करोड़ रुपये का नेट बॉक्स ऑफिस कलेक्शन दर्ज किया। फिल्म गुरुवार को रिलीज हुई, जिसे आमतौर पर वीकेंड से पहले का दिन माना जाता है। ऐसे में कारोबार पर कार्यदिवस का असर देखने को मिला। अब उद्योग को उम्मीद है कि शुक्रवार, शनिवार और रविवार को दर्शकों की संख्या बढ़ने के साथ फिल्म की कमाई में उल्लेखनीय उछाल आ सकता है।

    ओपनिंग डे कलेक्शन के लिहाज से ‘जन नायकन’ ने हालिया चर्चित फिल्मों को पीछे छोड़ दिया है। रणवीर सिंह की ‘धुरंधर’ ने पहले दिन 28.60 करोड़ रुपये का कारोबार किया था, जबकि विक्की कौशल की ‘छावा’ ने 33.10 करोड़ रुपये की कमाई की थी। इस तुलना में विजय थलापति की फिल्म का 41 करोड़ रुपये का शुरुआती संग्रह बेहतर माना जा रहा है। इससे यह स्पष्ट होता है कि अभिनेता की लोकप्रियता और फिल्म को लेकर दर्शकों की उत्सुकता का सीधा असर बॉक्स ऑफिस पर देखने को मिला।

    फिल्म का प्रदर्शन केवल भारतीय बाजार तक सीमित नहीं रहा। विदेशी बाजारों में भी ‘जन नायकन’ को अच्छी प्रतिक्रिया मिली और पहले दिन करीब 30 करोड़ रुपये का कारोबार दर्ज किया गया। इसके साथ फिल्म का कुल वैश्विक कलेक्शन 78.27 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। हालांकि रिलीज से पहले कई ट्रेड विश्लेषकों ने अनुमान लगाया था कि फिल्म पहले ही दिन 100 करोड़ रुपये का वैश्विक आंकड़ा पार कर सकती है। वास्तविक कमाई इस अनुमान से कम रही, लेकिन शुरुआती प्रदर्शन को उद्योग अब भी सकारात्मक मान रहा है।

    ‘जन नायकन’ में विजय थलापति के साथ पूजा हेगड़े, बॉबी देओल और प्रकाश राज जैसे कलाकार प्रमुख भूमिकाओं में नजर आए हैं। फिल्म को दर्शकों से मिश्रित लेकिन सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। कई प्रशंसकों के लिए यह केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि अभिनेता के लंबे फिल्मी सफर को विदाई देने वाला भावनात्मक अवसर भी बन गई है। रिलीज के दिन कई सिनेमाघरों में प्रशंसकों ने जश्न मनाया, जबकि कुछ जगहों पर भावुक प्रतिक्रियाएं भी देखने को मिलीं।

    विजय थलापति का अभिनय से संन्यास लेना इस फिल्म को और अधिक खास बनाता है। राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने के उनके निर्णय के बाद ‘जन नायकन’ को उनके फिल्मी करियर की अंतिम प्रस्तुति माना जा रहा है। यही कारण है कि फिल्म को लेकर दर्शकों की भावनात्मक जुड़ाव भी काफी मजबूत दिखाई दे रहा है। अब सभी की नजरें पहले वीकेंड के कारोबार पर टिकी हैं, जिससे यह तय होगा कि फिल्म शुरुआती रफ्तार को कितनी मजबूती के साथ आगे बढ़ा पाती है।

  • सरकारी स्कूलों की सच्चाई दिखाती है Adarsh Baal Vidyalaya, दमदार अभिनय ने जीता दिल, जानें कैसी है सीरीज

    सरकारी स्कूलों की सच्चाई दिखाती है Adarsh Baal Vidyalaya, दमदार अभिनय ने जीता दिल, जानें कैसी है सीरीज


    नई दिल्ली । ओटीटी पर रिलीज हुई वेब सीरीज Adarsh Baal Vidyalaya केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहती बल्कि शिक्षा व्यवस्था की उन सच्चाइयों को भी सामने लाती है जिनसे आम लोग अक्सर रूबरू होते हैं। हास्य, व्यंग्य और भावनात्मक घटनाओं के सहारे यह सीरीज सरकारी स्कूलों की चुनौतियों, शिक्षकों की परेशानियों और बच्चों के भविष्य से जुड़े कई गंभीर सवाल उठाती है। निर्देशक हिमांक गौर ने सात एपिसोड की इस सीरीज में सामाजिक मुद्दे को हल्के-फुल्के अंदाज में पेश करने की कोशिश की है, जिससे कहानी बोझिल होने के बजाय दर्शकों को जोड़कर रखती है।

    सीरीज की कहानी दिल्ली के एक सरकारी स्कूल आदर्श बाल विद्यालय के इर्द-गिर्द घूमती है। सरकार की ओर से एक योजना शुरू की जाती है जिसके तहत बोर्ड परीक्षा में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले स्कूल के प्रधानाचार्य को कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय जाने का अवसर मिलेगा। यह खबर मिलते ही स्कूल के प्रधानाचार्य ज्ञानेश्वर त्रिपाठी अपने स्कूल को सर्वश्रेष्ठ बनाने की पूरी कोशिश में जुट जाते हैं। इसके बाद शुरू होता है संघर्ष, हास्य, चुनौतियों और कई भावनात्मक मोड़ों से भरा सफर जो दर्शकों को अंत तक बांधे रखता है।

    प्रधानाचार्य ज्ञानेश्वर त्रिपाठी के किरदार में केके मेनन एक बार फिर अपनी अभिनय क्षमता का शानदार परिचय देते हैं। उनका संतुलित अभिनय इस किरदार को पूरी तरह जीवंत बना देता है। अर्चना पूरन सिंह भी एक राजनीतिक कार्यकर्ता के रूप में प्रभाव छोड़ती हैं और अपने अनुभव से कहानी को मजबूती देती हैं। देवेन भोजानी, नवीन कस्तूरिया, अभिमन्यु सिंह और प्रसन्ना बिष्ट जैसे कलाकार भी अपने-अपने किरदारों के साथ पूरा न्याय करते हैं। खास बात यह है कि बाल कलाकारों का अभिनय भी बेहद स्वाभाविक है और कई दृश्यों में वे अनुभवी कलाकारों के बराबर प्रभाव छोड़ते हैं।

    निर्देशन के स्तर पर हिमांक गौर ने शुरुआत बेहद प्रभावशाली रखी है। पहले तीन एपिसोड हास्य, व्यंग्य और दिलचस्प घटनाओं से भरपूर हैं जो दर्शकों को लगातार बांधे रखते हैं। हालांकि इसके बाद कहानी की गति कुछ धीमी पड़ती दिखाई देती है। कुछ उपकथाएं ऐसी लगती हैं जिनकी आवश्यकता नहीं थी और कुछ दृश्य अनावश्यक रूप से लंबे महसूस होते हैं। इसके बावजूद अंतिम एपिसोड में कहानी फिर से पटरी पर लौटती है और एक संतोषजनक समापन की ओर बढ़ती है, हालांकि क्लाइमैक्स कुछ दर्शकों की अपेक्षाओं से अलग हो सकता है।

    इस सीरीज की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह शिक्षा व्यवस्था की कमियों को सीधे भाषण देने के बजाय मनोरंजक अंदाज में सामने लाती है। सरकारी स्कूलों में संसाधनों की कमी, शिक्षा की गुणवत्ता, अभिभावकों की उम्मीदें और बच्चों पर पड़ने वाला मानसिक दबाव जैसे मुद्दों को सहज तरीके से प्रस्तुत किया गया है। यही वजह है कि गंभीर विषय होने के बावजूद कहानी कहीं भी भारी नहीं लगती।

    यदि आप ऐसी वेब सीरीज देखना पसंद करते हैं जो मनोरंजन के साथ सामाजिक संदेश भी दे, तो Adarsh Baal Vidyalaya एक अच्छा विकल्प साबित हो सकती है। बीच के कुछ एपिसोड थोड़े धीमे जरूर लगते हैं लेकिन मजबूत अभिनय, प्रभावशाली संवाद और शिक्षा व्यवस्था पर सार्थक टिप्पणी इसे देखने लायक बनाती है। परिवार के साथ देखी जाने वाली यह सीरीज हंसाती भी है, सोचने पर मजबूर भी करती है और अंत में एक सकारात्मक संदेश छोड़ जाती है।

  • फैंस को करना होगा थोड़ा और इंतजार, रामायण का ट्रेलर नहीं हुआ रिलीज, सामने आई वजह

    फैंस को करना होगा थोड़ा और इंतजार, रामायण का ट्रेलर नहीं हुआ रिलीज, सामने आई वजह


    नई दिल्ली । रणबीर कपूर और यश स्टारर मेगा बजट फिल्म रामायण का ट्रेलर देखने का इंतजार कर रहे प्रशंसकों को फिलहाल थोड़ा और धैर्य रखना होगा। 24 जुलाई को रिलीज होने वाला बहुप्रतीक्षित ट्रेलर अंतिम समय पर स्थगित कर दिया गया है। हालांकि इस फैसले से फैंस जरूर निराश हुए हैं लेकिन फिल्म के निर्माताओं का कहना है कि यह फैसला एक बड़ी वैश्विक रणनीति का हिस्सा है और इसका उद्देश्य फिल्म को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और भव्य तरीके से प्रस्तुत करना है।

    फिल्म के निर्माता नमित मल्होत्रा ने सोशल मीडिया के माध्यम से ट्रेलर लॉन्च टलने की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि उनकी लंबे समय से यह इच्छा थी कि रामायण केवल भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के दर्शकों तक पहुंचे। अब यह सपना साकार होने जा रहा है क्योंकि फिल्म के लिए सोनी पिक्चर्स एंटरटेनमेंट के साथ वैश्विक साझेदारी हुई है। इसी वजह से ट्रेलर को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक साथ रिलीज करने का निर्णय लिया गया है ताकि दुनिया भर के दर्शकों को एक साथ इस फिल्म की पहली झलक मिल सके।

    नमित मल्होत्रा ने अपने संदेश में कहा कि भारतीय सिनेमा के सौ वर्ष से अधिक लंबे इतिहास में यह एक गौरवपूर्ण क्षण होगा। उनका मानना है कि रामायण जैसी भारतीय सांस्कृतिक धरोहर को अब एक बड़े वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा जिससे दुनिया भारतीय संस्कृति और पौराणिक कथाओं को और करीब से जान सकेगी। उन्होंने फिल्म पर भरोसा जताने वाले सभी प्रशंसकों का आभार भी व्यक्त किया और देश के युवाओं को भारत का भविष्य बताते हुए सकारात्मक संदेश दिया।

    इससे पहले पिछले सप्ताह नई दिल्ली के भारत मंडपम में फिल्म का ट्रेलर चुनिंदा मीडिया प्रतिनिधियों और कुछ प्रशंसकों को विशेष स्क्रीनिंग के दौरान दिखाया गया था। इसके बाद उम्मीद की जा रही थी कि 24 जुलाई को इसे आधिकारिक तौर पर सभी के लिए जारी कर दिया जाएगा। इसी बीच सैन डिएगो कॉमिक कॉन में रणबीर कपूर यश निर्देशक नितेश तिवारी और निर्माता नमित मल्होत्रा ने एक विशेष पैनल चर्चा में हिस्सा लिया। माना जा रहा था कि इस अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के बाद ट्रेलर रिलीज होगा लेकिन बाद में मेकर्स ने इसे आगे बढ़ाने का फैसला लिया।

    रामायण भारतीय सिनेमा की सबसे महत्वाकांक्षी फिल्मों में गिनी जा रही है। यह फिल्म दो भागों में रिलीज होगी। पहले भाग को दिवाली 2026 के अवसर पर सिनेमाघरों में लाया जाएगा जबकि दूसरा भाग अगले वर्ष दिवाली 2027 पर रिलीज किया जाएगा। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम की भूमिका निभा रहे हैं जबकि साई पल्लवी माता सीता के किरदार में नजर आएंगी। दक्षिण भारतीय सुपरस्टार यश रावण की भूमिका निभा रहे हैं जिसे लेकर दर्शकों में खासा उत्साह है।

    फिल्म की स्टार कास्ट भी बेहद मजबूत है। इसमें सनी देओल हनुमान रवि दुबे लक्ष्मण अरुण गोविल दशरथ लारा दत्ता रकुल प्रीत सिंह विवेक ओबेरॉय कुणाल कपूर और अन्य कई कलाकार महत्वपूर्ण भूमिकाओं में दिखाई देंगे। बड़े बजट अत्याधुनिक विजुअल इफेक्ट्स और अंतरराष्ट्रीय स्तर की तकनीक के साथ तैयार हो रही इस फिल्म से दर्शकों को काफी उम्मीदें हैं।

    फिलहाल मेकर्स ने ट्रेलर की नई रिलीज तारीख का ऐलान नहीं किया है लेकिन उनका कहना है कि इंतजार जल्द खत्म होगा और ट्रेलर को दुनिया भर में एक साथ भव्य अंदाज में पेश किया जाएगा। ऐसे में अब प्रशंसकों की निगाहें फिल्म के अगले आधिकारिक अपडेट पर टिकी हैं।

  • NEET आंदोलन पर टूटी बॉलीवुड की चुप्पी, सलमान से आलिया तक कई सितारों ने छात्रों का किया समर्थन

    NEET आंदोलन पर टूटी बॉलीवुड की चुप्पी, सलमान से आलिया तक कई सितारों ने छात्रों का किया समर्थन



    नई दिल्ली । NEET पेपर लीक को लेकर देशभर में जारी छात्र आंदोलन के बीच अब बॉलीवुड की चुप्पी भी टूटती नजर आ रही है। शुरुआत में जहां फिल्म उद्योग के चुनिंदा कलाकार ही इस मुद्दे पर अपनी राय रख रहे थे वहीं अब कई बड़े सितारे खुलकर छात्रों के समर्थन में सामने आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर इसे लेकर चर्चा तेज है कि क्या सलमान खान की प्रतिक्रिया के बाद बॉलीवुड के अन्य कलाकारों ने भी अपनी चुप्पी तोड़ी या फिर यह छात्रों के बढ़ते आंदोलन का असर है।

    सबसे पहले अभिनेता सलमान खान ने NEET पेपर लीक को गंभीर मुद्दा बताते हुए छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और भरोसा कायम रहना बेहद जरूरी है। बाद में उन्होंने छात्रों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील की और सरकार की कार्रवाई पर भरोसा जताते हुए आंदोलन समाप्त करने का भी आग्रह किया।

    सलमान खान की प्रतिक्रिया के बाद अभिनेत्री आलिया भट्ट ने भी छात्रों के समर्थन में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि हर छात्र के पीछे एक सपना और एक परिवार की उम्मीद जुड़ी होती है। उनके अनुसार नई पीढ़ी की आवाज को गंभीरता से सुना जाना चाहिए और शिक्षा व्यवस्था पर लोगों का विश्वास बनाए रखना जरूरी है।

    इसके अलावा कई अन्य कलाकारों ने भी आंदोलन को लेकर अपनी राय सार्वजनिक की। रिपोर्टों के अनुसार शबाना आजमी हुमा कुरैशी और अन्य फिल्मी हस्तियों ने भी छात्रों के साथ एकजुटता जताते हुए निष्पक्ष जांच और जवाबदेही की मांग की। कुछ कलाकारों ने यह भी कहा कि शिक्षा जैसे संवेदनशील विषय को राजनीतिक बहस से अलग रखते हुए छात्रों के भविष्य को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

    फिल्म जगत के कई लोगों का मानना है कि छात्रों का शांतिपूर्ण विरोध लोकतांत्रिक अधिकार है और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करना बेहद आवश्यक है। वहीं कुछ कलाकारों ने यह भी अपील की कि आंदोलन का उद्देश्य शिक्षा सुधार बना रहे और किसी भी तरह की हिंसा या भटकाव से बचा जाए।

    सोशल मीडिया पर इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग मान रहे हैं कि सलमान खान की टिप्पणी के बाद बॉलीवुड के अन्य सितारों का भी इस मुद्दे पर खुलकर सामने आना शुरू हुआ है जबकि कुछ का कहना है कि लगातार बढ़ते छात्र आंदोलन और जनसमर्थन ने कलाकारों को अपनी राय रखने के लिए प्रेरित किया। इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है कि किसी एक अभिनेता की प्रतिक्रिया ही बाकी सितारों के बोलने का कारण बनी।

    फिलहाल NEET पेपर लीक विवाद और उससे जुड़े विरोध प्रदर्शन राष्ट्रीय बहस का विषय बने हुए हैं। छात्रों की मांग है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इसी बीच फिल्म जगत से मिल रहे समर्थन ने इस मुद्दे को और अधिक चर्चा में ला दिया है।

  • रामायण को लेकर दीपिका चिखलिया की दो टूक, बोलीं साई पल्लवी शानदार कलाकार लेकिन सीता के रूप में फिल्म बताएगी सच

    रामायण को लेकर दीपिका चिखलिया की दो टूक, बोलीं साई पल्लवी शानदार कलाकार लेकिन सीता के रूप में फिल्म बताएगी सच


    नई दिल्ली । नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित फिल्म रामायण को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह बना हुआ है। इसी बीच रामानंद सागर की लोकप्रिय टीवी श्रृंखला में माता सीता का अमर किरदार निभाने वाली अभिनेत्री दीपिका चिखलिया ने नई फिल्म और उसकी स्टार कास्ट को लेकर अपनी बेबाक राय रखी है। उन्होंने साई पल्लवी रणबीर कपूर और यश जैसे कलाकारों की प्रतिभा की सराहना की लेकिन साथ ही यह भी कहा कि दशकों पुरानी रामायण की यादें आज भी लोगों के दिलों में उतनी ही ताजा हैं और उन्हें भुलाना आसान नहीं होगा।

    एक बातचीत के दौरान दीपिका चिखलिया ने कहा कि उन्होंने साई पल्लवी का अभिनय देखा है और वह बेहद प्रतिभाशाली अभिनेत्री हैं। हालांकि उनके अनुसार अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि वह माता सीता के किरदार में कितनी प्रभावशाली नजर आएंगी। उन्होंने कहा कि यह फैसला केवल फिल्म देखने के बाद ही किया जा सकता है। दीपिका ने धार्मिक ग्रंथों में माता सीता के स्वरूप का उल्लेख करते हुए कहा कि तुलसीदास की रामायण में उनके व्यक्तित्व का विस्तृत वर्णन मिलता है और उसी आधार पर रामानंद सागर ने कलाकारों का चयन किया था। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें कहीं भी सीता के घुंघराले बालों का उल्लेख याद नहीं है।

    दीपिका ने यह भी माना कि यदि कलाकार अपने किरदार के अनुरूप पूरी ईमानदारी से अभिनय करते हैं तो दर्शक उन्हें स्वीकार करते हैं। उन्होंने नई फिल्म की पूरी टीम को प्रतिभाशाली बताते हुए उम्मीद जताई कि दर्शक इस फिल्म को जरूर पसंद करेंगे। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पीढ़ी की रामायण का भावनात्मक प्रभाव आज भी लोगों के मन में गहराई से मौजूद है और नई फिल्म की तुलना उससे होना स्वाभाविक है।

    उन्होंने कहा कि कोरोना काल में जब रामानंद सागर की रामायण का दोबारा प्रसारण हुआ तब नई पीढ़ी ने भी उसे बड़े उत्साह से देखा। यही कारण है कि पुरानी रामायण आज भी लोगों की यादों में जीवित है। उनके अनुसार किसी भी नई प्रस्तुति के सामने सबसे बड़ी चुनौती दर्शकों की उन्हीं यादों और भावनाओं पर खरी उतरना होगी।

    दीपिका चिखलिया ने अपने करियर के अनुभव भी साझा किए। उन्होंने बताया कि सीता के किरदार ने उन्हें अपार लोकप्रियता दी लेकिन यही पहचान उनके लिए चुनौती भी बन गई। रामायण के बाद उन्हें अलग तरह के किरदार मिलने लगभग बंद हो गए क्योंकि दर्शक उन्हें हमेशा सीता के रूप में ही देखना चाहते थे। उन्होंने कहा कि आज भी कई लोग उन्हें उनके असली नाम से कम और सीता के नाम से ज्यादा पहचानते हैं। इसी कारण उन्हें बाद में प्रोडक्शन की दिशा में भी कदम बढ़ाना पड़ा।

    रावण के किरदार में अभिनेता यश को लेकर दीपिका ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उन्होंने यश का काम देखा है और उन्हें विश्वास है कि वह रावण के रूप में दमदार नजर आएंगे। लेकिन उन्होंने दोहराया कि दर्शकों के मन में पुरानी रामायण की छवि इतनी मजबूत है कि उसकी तुलना से बच पाना किसी भी नई प्रस्तुति के लिए आसान नहीं होगा।

    दीपिका ने निर्देशक नितेश तिवारी और पूरी टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि फिल्म से जुड़े सभी कलाकार बेहद सक्षम हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह फिल्म दर्शकों को आकर्षित करेगी और लोग इसे बड़े पर्दे पर देखने जरूर जाएंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि रामानंद सागर की रामायण की सबसे बड़ी ताकत उसकी सटीक कास्टिंग और रविंद्र जैन का कालजयी संगीत था जिसने उसे अमर बना दिया।

    नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही रामायण दो भागों में रिलीज होगी। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम साई पल्लवी माता सीता और यश रावण की भूमिका निभा रहे हैं। इसके अलावा सनी देओल रवि दुबे अरुण गोविल लारा दत्ता रकुल प्रीत सिंह कुणाल कपूर शीबा चड्ढा और आदिनाथ कोठारे भी अहम किरदारों में नजर आएंगे। फिल्म का संगीत हांस जिमर और ए आर रहमान ने तैयार किया है। पहला भाग दिवाली 2026 और दूसरा भाग दिवाली 2027 में सिनेमाघरों में रिलीज किया जाएगा।

  • राधाकिशन दमानी ने सुंदरम फाइनेंस में बढ़ाई हिस्सेदारी, पहली तिमाही में खरीदे 2.37% शेयर

    राधाकिशन दमानी ने सुंदरम फाइनेंस में बढ़ाई हिस्सेदारी, पहली तिमाही में खरीदे 2.37% शेयर

    नई दिल्ली। शेयर बाजार के दिग्गज निवेशक और डीमार्ट के संस्थापक राधाकिशन दमानी तथा उनके परिवार की निवेश कंपनी ब्राइट स्टार इन्वेस्टमेंट्स ने गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) सुंदरम फाइनेंस में चालू वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही के दौरान 2.37 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी है। कंपनी के नवीनतम शेयरहोल्डिंग पैटर्न से यह जानकारी सामने आई है।

    शेयरहोल्डिंग आंकड़ों के अनुसार, जून तिमाही के अंत तक ब्राइट स्टार इन्वेस्टमेंट्स के पास सुंदरम फाइनेंस के करीब 26.3 लाख शेयर थे, जो कंपनी की कुल 2.37 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर हैं। इससे पहले मार्च 2026 और दिसंबर 2025 की शेयरहोल्डिंग सूची में ब्राइट स्टार इन्वेस्टमेंट्स का नाम शामिल नहीं था, जिससे संकेत मिलता है कि उस समय उसकी हिस्सेदारी एक प्रतिशत से कम या शून्य थी।

    उल्लेखनीय है कि सितंबर 2025 तिमाही में भी दमानी की निवेश कंपनी के पास सुंदरम फाइनेंस में 2.37 प्रतिशत हिस्सेदारी दर्ज की गई थी।

    गुरुवार को बीएसई पर सुंदरम फाइनेंस का शेयर 4,413.70 रुपये पर बंद हुआ।

    फोर्ब्स के अनुसार, राधाकिशन दमानी की अनुमानित कुल संपत्ति करीब 16 अरब अमेरिकी डॉलर है। डीमार्ट की मूल कंपनी एवेन्यू सुपरमार्ट्स में उनकी प्रमुख हिस्सेदारी है। इसके अलावा वे वीएसटी इंडस्ट्रीज, यूनाइटेड ब्रुअरीज और ब्लू डार्ट जैसी कंपनियों में भी निवेशक हैं।

    दो बार जारी कर चुकी है बोनस शेयर

    सुंदरम फाइनेंस अपने निवेशकों को दो बार बोनस शेयर दे चुकी है। कंपनी ने अगस्त 2008 और दिसंबर 2012 में 1:1 के अनुपात में बोनस शेयर जारी किए थे, यानी प्रत्येक एक शेयर पर एक अतिरिक्त बोनस शेयर दिया गया था।

    कंपनी के शेयरों के प्रदर्शन की बात करें तो पिछले पांच वर्षों में इनमें 71 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि, पिछले एक वर्ष में शेयर करीब 15 प्रतिशत कमजोर हुए हैं, जबकि वर्ष 2026 में अब तक इनमें 17 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है। सुंदरम फाइनेंस के शेयर का 52 सप्ताह का उच्च स्तर 5,640 रुपये और निचला स्तर 4,000 रुपये रहा है।