Category: Entertainment

  • अधूरा सच और सुर्खियां: रणवीर सिंह से बैन हटने के बाद फेडरेशन ने कंगना रनौत के दावों को बताया बेबुनियाद

    अधूरा सच और सुर्खियां: रणवीर सिंह से बैन हटने के बाद फेडरेशन ने कंगना रनौत के दावों को बताया बेबुनियाद


    नई दिल्ली। फिल्म ‘डॉन 3’ को लेकर अभिनेता रणवीर सिंह और फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) के बीच उपजा गतिरोध भले ही समाप्त हो गया हो, लेकिन इस विवाद ने मनोरंजन उद्योग के भीतर एक नई वैचारिक जंग को जन्म दे दिया है। फेडरेशन द्वारा रणवीर सिंह पर से प्रतिबंध हटाने की घोषणा के तुरंत बाद ही अभिनेत्री और राजनेता कंगना रनौत तथा FWICE के मुख्य सलाहकार अशोक पंडित के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है। पूरा मामला उस समय गरमा गया जब कंगना रनौत ने एक सार्वजनिक मंच से इस पूरे विवाद पर टिप्पणी की, जिसके जवाब में अशोक पंडित ने उन पर तथ्यों को जाने बिना केवल सुर्खियां बटोरने के लिए बयान देने का गंभीर आरोप लगाया है।

    दरअसल, यह विवाद तब शुरू हुआ जब कंगना रनौत अपनी आगामी फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ के ट्रेलर लॉन्च कार्यक्रम में शामिल हुईं। वहां जब मीडिया ने उनसे रणवीर सिंह पर लगे प्रतिबंध को लेकर सवाल पूछा, तो उन्होंने रणवीर का खुलकर समर्थन किया। कंगना ने अपने चिर-परिचित अंदाज में कहा कि जब किसी व्यक्ति का कद और हैसियत बढ़ती है, तो उसके दुश्मनों की संख्या भी स्वतः ही बढ़ जाती है। सफलता के मार्ग में विरोधियों का आना स्वाभाविक है। इसके साथ ही उन्होंने खुद का उदाहरण देते हुए दावा किया कि उन्हें भी फिल्म उद्योग के कई धड़ों द्वारा प्रतिबंधित किया जा चुका है। कंगना ने रणवीर सिंह को सांत्वना देते हुए कहा था कि उन्हें इस बात से खुश होना चाहिए कि उनका कद अब इतना बड़ा हो चुका है कि लोग उनके खिलाफ खड़े हो रहे हैं।

    कंगना रनौत के इस बयान पर फिल्म उद्योग के कामगारों और तकनीशियनों की सबसे बड़ी संस्था FWICE के मुख्य सलाहकार अशोक पंडित ने अत्यंत कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने एक साक्षात्कार के दौरान कंगना को सीधे तौर पर आड़े हाथों लेते हुए कहा कि फिल्म बिरादरी के कुछ लोग बिना सोचे-समझे और बिना जमीनी सच्चाई को जाने केवल समाचारों में बने रहने के लिए गैर-जिम्मेदाराना प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कंगना के दावों का खंडन करते हुए अशोक पंडित ने अत्यंत सख्त शब्दों में कहा कि फेडरेशन किसी दुर्भावना के तहत कार्रवाई नहीं करता। उन्होंने कहा कि यदि कंगना को प्रतिबंधित किया गया था, तो उसकी वजह उनकी बेवजह की बयानबाजी थी, न कि उनका बढ़ता हुआ कद। उन्होंने साफ किया कि संगठन को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि कौन क्या राय रखता है, क्योंकि फेडरेशन के सामने उद्योग से जुड़े हजारों दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों का भविष्य होता है।

    इस दौरान अशोक पंडित ने फेडरेशन के रुख को पूरी तरह से स्पष्ट करते हुए कहा कि संस्था का उद्देश्य कभी भी रणवीर सिंह को व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाना या प्रताड़ित करना नहीं था। उन्होंने पूरे मामले की पृष्ठभूमि स्पष्ट करते हुए बताया कि यह विवाद मूल रूप से आगामी फिल्म ‘डॉन 3’ से जुड़ा था, जिसके निर्माता-निर्देशक फरहान अख्तर ने फेडरेशन में एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, रणवीर सिंह के अचानक इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट से अलग होने के कारण निर्माताओं को भारी वित्तीय क्षति का सामना करना पड़ा था। इसी शिकायत और आर्थिक नुकसान के तकनीकी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए FWICE ने अभिनेता के खिलाफ असहयोग निर्देश जारी किया था।

    अशोक पंडित के मुताबिक, ऐसे बड़े विवादों का नकारात्मक असर केवल मुख्य अभिनेताओं पर नहीं पड़ता, बल्कि उस फिल्म से जुड़े सैकड़ों छोटे तकनीशियनों, दैनिक कामगारों और सह-कलाकारों के रोजगार पर भी पड़ता है। इसलिए फेडरेशन का कोई भी कदम किसी व्यक्ति विशेष के विरोध में नहीं, बल्कि संपूर्ण फिल्म उद्योग के व्यावसायिक अनुशासन और सामूहिक हितों की रक्षा के लिए उठाया जाता है। बहरहाल, बुधवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से फेडरेशन ने रणवीर सिंह के खिलाफ जारी अपने सभी निर्देशों को आधिकारिक तौर पर वापस ले लिया है, जिससे ‘डॉन 3’ से जुड़ा विवाद तो सुलझ गया है, लेकिन कंगना और अशोक पंडित के बीच शुरू हुआ यह नया वाकयुद्ध आने वाले दिनों में और गहराने की आशंका है।

  • परदे पर परफेक्ट शॉट के लिए जब पिता ने भुला दिया रिश्ता: 'गदर' के क्लाइमेक्स में अनिल शर्मा ने दांव पर लगा दी थी बेटे उत्कर्ष की जान

    परदे पर परफेक्ट शॉट के लिए जब पिता ने भुला दिया रिश्ता: 'गदर' के क्लाइमेक्स में अनिल शर्मा ने दांव पर लगा दी थी बेटे उत्कर्ष की जान

    नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा के इतिहास में कुछ फिल्में ऐसी होती हैं जिनके दृश्य दर्शकों के जहन में हमेशा के लिए दर्ज हो जाते हैं, लेकिन उन दृश्यों को परदे पर जीवंत करने के लिए पर्दे के पीछे जो खतरे उठाए जाते हैं, वे अक्सर हैरान करने वाले होते हैं। ऐसा ही एक बेहद भावुक और खौफनाक किस्सा साल २००१ में रिलीज हुई ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘गदर: एक प्रेम कथा’ के सेट से सामने आया है। फिल्म के निर्देशक अनिल शर्मा ने खुद इस बात का खुलासा किया है कि फिल्म के एक मुख्य और बेहद खतरनाक स्टंट सीन को फिल्माते समय उन्होंने निर्देशक के दायित्व को पूरा करने के लिए अपने ही सगे बेटे उत्कर्ष शर्मा की जान को दांव पर लगा दिया था। उत्कर्ष ने इस फिल्म में सनी देओल और अमीषा पटेल के बेटे ‘चरणजीत’ की भूमिका निभाई थी।

    यह पूरा घटनाक्रम फिल्म के उस मशहूर क्लाइमेक्स सीन की शूटिंग के दौरान का है, जिसमें मुख्य किरदार तारा सिंह अपने परिवार की रक्षा करते हुए पाकिस्तान से भारत की सीमा की तरफ भाग रहा होता है। इस पूरे दृश्य को किसी स्टूडियो में नहीं, बल्कि वास्तव में एक चलती हुई ट्रेन के ऊपर फिल्माया जा रहा था। सीन की मांग यह थी कि जब ट्रेन लगभग ४० किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ रही हो, तब अभिनेता सनी देओल अपने पांच वर्षीय बाल कलाकार बेटे उत्कर्ष शर्मा को अपने मजबूत कंधों पर बैठाकर ट्रेन की एक बोगी से दूसरी बोगी पर छलांग लगाएंगे। एक पिता होने के नाते अनिल शर्मा के लिए यह निर्णय बेहद आत्मघाती और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने वाला था, परंतु फिल्म को वास्तविक और प्रभावशाली बनाने के चक्कर में उन्होंने यह बड़ा जोखिम मोल ले लिया।

    शूटिंग के उन खौफनाक पलों को याद करते हुए अनिल शर्मा ने बताया कि जब यह शॉट चल रहा था, तब उनके भीतर का पिता इतना डर गया था कि उन्होंने डर के मारे अपनी आंखें पूरी तरह बंद कर ली थीं। उनके दिमाग में लगातार अनहोनी की आशंकाएं तैर रही थीं और वह सिर्फ भगवान से अपने बच्चे की सलामती की प्रार्थना कर रहे थे। जब तक ट्रेन के रुकने की आवाज उनके कानों में नहीं पड़ती थी, वह अपनी आंखें खोलने की हिम्मत नहीं जुटा पाते थे। निर्देशक ने इसे अपने पूरे फिल्मी सफर का सबसे मुश्किल और तनावपूर्ण शॉट करार दिया। उन्होंने आत्मग्लानि भरे स्वर में कहा कि आज भी जब वह पीछे मुड़कर देखते हैं, तो खुद से यही सवाल पूछते हैं कि यदि उस वक्त कोई छोटी सी चूक हो जाती या संतुलन बिगड़ जाता, तो क्या होता। उन्होंने माना कि सब कुछ सनी देओल के भरोसे छोड़कर उन्होंने बहुत बड़ा जुआ खेला था।

    इस जानलेवा रिस्क और कलाकारों की कड़ी मेहनत का नतीजा यह हुआ कि फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए। मात्र १८ करोड़ रुपये के सीमित बजट में बनी ‘गदर’ ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर ७७ करोड़ रुपये और वैश्विक स्तर पर १३३ करोड़ रुपये की ऐतिहासिक कमाई की थी। इस फिल्म की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसके ५.६ करोड़ से अधिक टिकट बिके थे, जो भारतीय सिनेमा में एक रिकॉर्ड है। मध्य प्रदेश सहित पूरे देश के सिनेमाघरों में इस फिल्म को देखने के लिए ट्रकों में भरकर लोग आए थे। इसी ऐतिहासिक सफलता को दोहराने के लिए २२ साल बाद साल २०२३ में अनिल शर्मा इसका सीक्वल ‘गदर २’ लेकर आए, जिसमें अब बड़े हो चुके उत्कर्ष शर्मा मुख्य भूमिका में नजर आए और इस सीक्वल ने भी दुनिया भर में ६९१ करोड़ रुपये कमाकर इतिहास रच दिया, लेकिन इस सफलता की नींव में पिता का वो खौफनाक समझौता हमेशा छिपा रहेगा।

  • आयकर विभाग की कार्रवाई और अभिनेत्री माला सिन्हा के विवादित अदालती कबूलनामे की इनसाइड स्टोरी

    आयकर विभाग की कार्रवाई और अभिनेत्री माला सिन्हा के विवादित अदालती कबूलनामे की इनसाइड स्टोरी

    नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा के सुनहरे दौर में अपनी बेहतरीन अदाकारी और सुरीले गीतों से करोड़ों दिलों पर राज करने वाली शीर्ष अभिनेत्री माला सिन्हा का फिल्मी सफर जितना चमकदार रहा, उनके जीवन का एक कानूनी विवाद उतना ही अंधकारमय और चौंकाने वाला साबित हुआ। ‘प्यासा’ और ‘नया जमाना’ जैसी कल्ट क्लासिक फिल्मों में मुख्य भूमिका निभाने वाली माला सिन्हा को साल १९७८ में एक ऐसे प्रशासनिक और कानूनी संकट का सामना करना पड़ा, जिसने उनके पूरे करियर की दिशा ही बदल दी। तत्कालीन समय में जब वह सफलता के शिखर पर थीं, तब आयकर विभाग की एक औचक कार्रवाई ने मनोरंजन जगत सहित पूरे देश को स्तब्ध कर दिया था। विभाग को अभिनेत्री द्वारा बड़े पैमाने पर कर चोरी और अवैध धन संचय की गुप्त सूचना मिली थी।

    आयकर विभाग की टीम ने जब माला सिन्हा के मुंबई स्थित निवास स्थान पर व्यापक छापेमारी की, तो तलाशी के दौरान घर के बाथरूम से १२ लाख रुपये की भारी-भरकम नकदी बरामद की गई। आज के दौर में यह रकम भले ही सामान्य लगे, परंतु सत्तर के दशक के उत्तरार्ध में यह एक बेहद विशाल धनराशि मानी जाती थी, जिसे छुपा कर रखा गया था। इस काली कमाई की बरामदगी के बाद विभाग ने कड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू की और यह मामला अंततः देश की प्रतिष्ठित अदालत के समक्ष पहुंच गया। अभिनेत्री के सामने सबसे बड़ी चुनौती इस बात की थी कि वह इतनी बड़ी नकदी के वैध स्रोत को साबित करें, अन्यथा सरकार द्वारा इस पूरी संपत्ति को हमेशा के लिए जब्त कर लिया जाता।

    अदालती कार्यवाही के दौरान एक ऐसा मोड़ आया जिसने राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोर लीं। कानूनी विशेषज्ञों और अपने पिता अल्बर्ट सिन्हा की रणनीतिक सलाह के जाल में फंसकर अभिनेत्री ने अपनी संपत्ति को जब्ती से बचाने के लिए अदालत के सामने एक बेहद विवादास्पद और आत्मघाती बयान दे दिया। उन्होंने धन के स्रोत को न्यायसंगत ठहराने के लिए अदालत में कहा कि यह पूरी धनराशि उन्होंने वेश्यावृत्ति के माध्यम से अर्जित की है। इस अप्रत्याशित और सनसनीखेज बयान के आते ही समाज और सिनेमाई गलियारों में भूचाल आ गया। कल तक जिस अभिनेत्री की शालीनता और अभिनय के लोग कसीदे पढ़ते थे, वह अचानक ही देश भर की नजरों में एक नकारात्मक छवि के रूप में स्थापित हो गईं।

    यद्यपि कानूनी दांवपेंच के तहत दिए गए इस बयान के पीछे का मुख्य उद्देश्य केवल अपनी धनराशि को वापस पाना और सरकारी नियंत्रण से मुक्त कराना था, परंतु इसका सामाजिक और व्यावसायिक परिणाम बेहद घातक सिद्ध हुआ। बाद में माला सिन्हा ने सार्वजनिक रूप से स्पष्टीकरण भी दिया कि उन्होंने अदालत में केवल पैसा बचाने के लिए अपने वकील के कहे अनुसार झूठ बोला था, लेकिन तब तक तीर कमान से छूट चुका था। इस एक घटना ने उनकी छवि को इतनी गहरी ठेस पहुंचाई कि फिल्म निर्माताओं ने उनसे दूरी बना ली और उनका स्थापित करियर पूरी तरह से ढलान पर आ गया।

    मध्य प्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्सों में आज भी सिनेमा के इतिहास को जानने वाले इस घटनाक्रम को एक सबक के रूप में याद करते हैं कि कैसे एक गलत कानूनी परामर्श और वित्तीय अनियमितता किसी भी बड़े सितारे के पूरे जीवन की मेहनत को पल भर में मटियामेट कर सकती है। माला सिन्हा वर्तमान में ८९ वर्ष की आयु में एकाकी जीवन व्यतीत कर रही हैं, जबकि उनके पति चिदंबर प्रसाद लोहानी का साल २०२४ में निधन हो चुका है। उनकी बेटी प्रतिभा सिन्हा ने भी नब्बे के दशक में ‘राजा हिंदुस्तानी’ के प्रसिद्ध गीत ‘परदेसी जाना नहीं’ से लोकप्रियता हासिल करने के बाद फिल्म उद्योग से पूरी तरह दूरी बना ली थी। यह ऐतिहासिक घटना आज भी बॉलीवुड के इतिहास में वित्तीय जांच और सेलिब्रिटी साख के पतन का सबसे बड़ा उदाहरण मानी जाती है।

  • शिल्पा शिंदे के खुलासे पर हिना खान ने गरिमा और न्याय प्रणाली पर उठाए गंभीर सवाल

    शिल्पा शिंदे के खुलासे पर हिना खान ने गरिमा और न्याय प्रणाली पर उठाए गंभीर सवाल

    नई दिल्ली। टेलीविजन उद्योग में उस वक्त एक नया विवाद खड़ा हो गया जब अभिनेत्री शिल्पा शिंदे ने सालों पुराने अपने एक गंभीर आरोप को महज एक पैंतरा स्वीकार कर लिया। शिल्पा शिंदे ने हाल ही में यह चौंकाने वाला खुलासा किया कि सुपरहिट धारावाहिक ‘भाभी जी घर पर हैं’ के निर्माता संजय कोहली पर उनके द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोप पूरी तरह से मनगढ़ंत और झूठे थे। इस अप्रत्याशित कबूलनामे के बाद मनोरंजन जगत में नैतिकता और न्याय प्रणाली को लेकर नई बहस छिड़ गई है। शिल्पा के इस बयान पर उनकी समकालीन अभिनेत्री और ‘बिग बॉस’ में सह-प्रतिभागी रहीं हिना खान ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है। हिना खान ने इस पूरे मामले को बेहद शर्मनाक और संवेदनशील मुद्दों का मजाक उड़ाने वाला बताया है।

    हिना खान ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी गहरी नाराजगी और असहमति व्यक्त करते हुए कहा कि यद्यपि वह आमतौर पर उन मामलों में हस्तक्षेप करने से बचती हैं जिनसे उनका सीधा सरोकार नहीं होता, परंतु इस संवेदनशील विषय पर चुप रहना उन्हें स्वीकार्य नहीं लगा। हिना ने अपने वक्तव्य में साफ किया कि किसी विवाद या आपसी मतभेद को जीतने के लिए महिला होने का अनुचित लाभ उठाना और किसी व्यक्ति की सामाजिक छवि को धूमिल करना बेहद घृणास्पद कृत्य है। उन्होंने कहा कि वास्तविक मामलों में न्याय की गुहार लगाना हर पीड़ित का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन व्यक्तिगत लाभ या सौदेबाजी के लिए गंभीर कानूनी धाराओं का दुरुपयोग करना उन वास्तविक पीड़ितों के संघर्ष को कमजोर करता है जो न्याय के लिए सालों-साल कानूनी लड़ाई लड़ते हैं।

    इस पूरे प्रकरण में हिना खान ने आरोपी बनाए गए निर्माता संजय कोहली और उनके परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। हिना के अनुसार, असली पीड़ित वह प्रतिष्ठित निर्माता और उनका परिवार है, जिसने सालों तक समाज में इस झूठे आरोप का दंश झेला है। उन्होंने संजय कोहली को एक बेहद कर्मठ और सम्मानित निर्माता बताया जो उद्योग में लंबे समय से सक्रिय हैं। हिना ने चिंता जताते हुए कहा कि जिस व्यक्ति पर एक महिला ने इतना बड़ा और झूठा लांछन लगाया, अंततः उसी कानून और व्यवस्था की कमियों का फायदा उठाकर मामले को कोर्ट के बाहर रफा-दफा कर दिया गया।

    हिना खान ने मनोरंजन उद्योग के कुछ फैसलों पर भी हैरानी जताई कि इस प्रकार के गंभीर और बेबुनियाद आरोप लगाने के बाद भी उसी अभिनेत्री को दोबारा काम के अवसर और पहचान के नए मंच दिए गए। हिना ने इसे पूरी व्यवस्था और उद्योग के आत्मसम्मान पर एक बड़ा सवालिया निशान बताया है। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति होती है, तो इसके लिए कौन जिम्मेदार होगा। उल्लेखनीय है कि हिना खान और शिल्पा शिंदे का इतिहास पुराना रहा है और दोनों ‘बिग बॉस 11’ के ग्रैंड फिनाले में एक-दूसरे के कड़े प्रतिद्वंद्वी के रूप में नजर आई थीं, जहां शिल्पा विजेता चुनी गई थीं। वर्तमान में शिल्पा शिंदे के इस कबूलनामे और हिना खान के इस तीखे विरोध ने कॉर्पोरेट जगत और मनोरंजन उद्योग में कार्यस्थल की सुरक्षा और आंतरिक अनुशासन समिति की कार्यप्रणाली पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • ‘पेद्दी’ के शो में दिखा फैमिली मोमेंट, भीड़ के बीच बैठीं रामचरण की पत्नी

    ‘पेद्दी’ के शो में दिखा फैमिली मोमेंट, भीड़ के बीच बैठीं रामचरण की पत्नी


    नई दिल्ली । राम चरण की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘पेद्दी’ के रिलीज होते ही सिनेमाघरों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग के दौरान फैंस का जोश चरम पर था। चारों ओर तालियां, सीटियां और नारे गूंज रहे थे। इस खास मौके पर सिर्फ दर्शक ही नहीं बल्कि अभिनेता की पत्नी उपासना कोनिडेला भी इस जश्न का हिस्सा बनीं।

    हैदराबाद के एक सिनेमाघर में हुई स्क्रीनिंग का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें Ram Charan की पत्नी Upasana Kamineni Konidela अपने पति की फिल्म का आनंद लेते हुए नजर आ रही हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि जैसे ही राम चरण का एंट्री सीन आता है, उपासना खुद को रोक नहीं पातीं और खुशी से कंफेटी उड़ाकर जश्न मनाने लगती हैं। उनके चेहरे पर गर्व और उत्साह साफ झलकता है।

    स्क्रीनिंग के दौरान सिनेमाघर का माहौल किसी उत्सव से कम नहीं था। फैंस लगातार हूटिंग और तालियों से अपने पसंदीदा स्टार का स्वागत कर रहे थे। कई दर्शक डांस करते हुए भी नजर आए, जबकि कुछ ने फिल्म के गानों पर अपनी रील्स जैसी परफॉर्मेंस दी।

    फिल्म ‘पेद्दी’ में राम चरण एक ऐसे किरदार में नजर आ रहे हैं, जो न सिर्फ एक मजबूत स्पोर्ट्स पर्सन है बल्कि अपनी कम्युनिटी के लिए लीडर की भूमिका भी निभाता है। फिल्म में उनकी दमदार एंट्री और इमोशनल सीन्स को लेकर दर्शकों में खासा क्रेज देखने को मिल रहा है।

    स्क्रीनिंग में मौजूद कई फैंस ने सोशल मीडिया पर अपने अनुभव साझा किए और फिल्म को लेकर जबरदस्त प्रतिक्रिया दी। एक फैन तो गदा और बैट लेकर पहुंचा, जिसने राम चरण की परफॉर्मेंस की जमकर तारीफ की। वहीं, कुछ वीडियो में फैंस को थिएटर के अंदर डांस और सेलिब्रेशन करते हुए देखा गया।

    फिल्म की स्टारकास्ट में जान्हवी कपूर, बोमन ईरानी, शिवा राजकुमार, जगपति बाबू और दिव्यांशु जैसे कलाकार भी अहम भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं। निर्देशन की कमान बुची बाबू सना ने संभाली है, जिन्होंने फिल्म को एक भव्य और भावनात्मक रूप देने की कोशिश की है।

    कुल मिलाकर ‘पेद्दी’ की स्क्रीनिंग ने यह साबित कर दिया है कि फिल्म को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो इस बात का सबूत हैं कि राम चरण की लोकप्रियता और स्टारडम अभी भी अपने चरम पर है और फैंस अपने स्टार को बड़े पर्दे पर देखने के लिए पूरी तरह उत्साहित हैं।

  • फिल्म और सीरीज प्रेमियों के लिए खुशखबरी, 12 नई रिलीज एक साथ

    फिल्म और सीरीज प्रेमियों के लिए खुशखबरी, 12 नई रिलीज एक साथ


    नई दिल्ली । 5 जून का शुक्रवार ओटीटी और सिनेमाघरों दोनों के लिए बेहद खास रहने वाला है। इस दिन कुल 12 फिल्में और वेब सीरीज रिलीज हो रही हैं, जिनमें कॉमेडी, थ्रिलर, रोमांस और एक्शन का जबरदस्त मिक्स देखने को मिलेगा।

    ओटीटी प्लेटफॉर्म पर बड़ा धमाका

    1. Gullak Season 5 (SonyLIV)
    मिश्रा परिवार एक बार फिर अपनी घरेलू नोक-झोंक और भावनात्मक कहानियों के साथ लौट रहा है। इस बार डिजिटल एंट्री, नए गैजेट्स और पारिवारिक हलचल कहानी को और दिलचस्प बनाएंगे।

    2. Brown (ZEE5)
    करिश्मा कपूर एक डार्क और इंटेंस रोल में वापसी कर रही हैं। एक सस्पेंडेड पुलिस अफसर के तौर पर उनका किरदार एक हाई-प्रोफाइल मर्डर केस को सुलझाने में जुटा है।

    3. Patriot (ZEE5)
    ममूटी और मोहनलाल जैसे दिग्गज कलाकारों की जोड़ी इस स्पाई थ्रिलर में सरकार और सिस्टम के खिलाफ संघर्ष करती नजर आएगी।

    4. The Pyramid Scheme (Amazon Prime Video)
    पिरामिड मार्केटिंग की दुनिया में फंसे लोगों की कहानी, जो लालच और सिस्टम के जाल में उलझ जाती है।

    5. Teach You a Lesson (Netflix)
    कोरियन एक्शन-ड्रामा, जिसमें एक सरकारी टास्क फोर्स स्कूल हिंसा और अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई करती है।

    6. Office Romance (Netflix)
    जेनिफर लोपेज की रोमांटिक-कॉमेडी, जिसमें ऑफिस लव और करियर के बीच टकराव देखने को मिलेगा।

    7. Cape Fear (Apple TV)
    एक साइकोलॉजिकल थ्रिलर जिसमें एक वकील कपल की जिंदगी एक खतरनाक अपराधी के कारण बदल जाती है।

    थिएटर रिलीज: बड़े पर्दे पर एंटरटेनमेंट का तूफान

    8. Parimala And Co
    तमिल डार्क कॉमेडी फिल्म, जिसमें एक परिवार मर्डर केस और हास्यास्पद परिस्थितियों में फंस जाता है।

    9. Mollywood Times
    मलयालम सिनेमा की कहानी, जिसमें एक युवा फिल्ममेकर हॉरर डायरेक्टर बनने का सपना देखता है।

    10. Bandar
    बॉबी देओल स्टारर यह फिल्म अपनी अनोखी कहानी और चर्चा के कारण पहले से ही सुर्खियों में है।

    11. He-Man And The Masters Of The Universe
    90s के आइकॉनिक सुपरहीरो की वापसी, जिसमें हाई-टेक VFX और एक्शन का शानदार अनुभव मिलेगा।

    12. Hai Jawaani Toh Ishq Hona Hai
    युवाओं के रिश्तों, प्यार और इमोशंस को म्यूजिकल अंदाज में दिखाने वाली फिल्म, जिसमें वरुण धवन और मृणाल ठाकुर नजर आएंगे।

    वीकेंड बनेगा बिंज-वॉच फेस्ट
    इस शुक्रवार की रिलीज लाइनअप हर तरह के दर्शकों के लिए कुछ न कुछ लेकर आई है—फैमिली ड्रामा, साइकोलॉजिकल थ्रिलर, रोमांस और एक्शन का परफेक्ट मिश्रण। ओटीटी और थिएटर दोनों मिलकर इस वीकेंड को एंटरटेनमेंट का मेगा फेस्ट बना रहे हैं।

  • मोहम्मद रफी का वो किस्सा, रीटेक से इनकार कर फिर गाया अमर गीत

    मोहम्मद रफी का वो किस्सा, रीटेक से इनकार कर फिर गाया अमर गीत


    नई दिल्ली । बॉलीवुड की क्लासिक फिल्म जंजीर का गाना “दीवाने हैं दीवानों को” आज भी श्रोताओं के दिलों में बसा हुआ है। इस गाने को संगीत दिया था मशहूर संगीतकार जोड़ी कल्याणजी-आनंदजी ने, जबकि इसके बोल लिखे थे गीतकार गुलशन बावरा ने। रिकॉर्डिंग के दौरान जब यह गाना पहली बार तैयार हुआ, तो इसे सभी ने पसंद किया। खासकर लता मंगेशकर का गाया हिस्सा बेहद प्रभावशाली माना गया। लेकिन लता जी अपने काम में पूर्णता की पक्षधर थीं, इसलिए उन्होंने एक और रीटेक की मांग रख दी।

    स्टूडियो में बढ़ा तनाव, लेकिन रफ़ी ने क्यों किया इनकार?
    रीटेक की बात जब मोहम्मद रफ़ी तक पहुंची, तो उन्होंने शुरुआत में साफ इनकार कर दिया। वजह बेहद इंसानी थी-वे उस समय रोज़े में थे और सुबह से उन्होंने न तो खाना खाया था और न ही पानी पिया था। उनकी हालत ऐसी थी कि दोबारा उसी ऊर्जा और भाव के साथ गाना उनके लिए कठिन हो रहा था। इसी कारण उन्होंने स्टूडियो छोड़ने का फैसला कर लिया।

    अचानक बदला माहौल, और फिर लौटे स्टूडियो
    जैसे ही रफ़ी साहब स्टूडियो से बाहर निकले, उनकी मुलाकात गीतकार गुलशन बावरा से हुई। उन्होंने उत्साहित होकर बताया कि फिल्म में यह गाना वही गा रहे हैं। यह सुनकर रफ़ी साहब चौंक गए, क्योंकि उन्होंने गाना अमिताभ बच्चन के हावभाव और व्यक्तित्व को ध्यान में रखकर गाया था। यह एहसास उन्हें वापस स्टूडियो खींच लाया। उन्होंने बिना देर किए फिर से रिकॉर्डिंग करने का फैसला किया।

    भूखे-प्यासे फिर गूंज उठी आवाज़ और बन गया इतिहास
    इसके बाद मोहम्मद रफ़ी ने उसी हालत में, बिना कुछ खाए-पिए, दोबारा गाना रिकॉर्ड किया। इस बार उनकी आवाज में और भी गहराई, भाव और दर्द महसूस किया गया। रिकॉर्डिंग पूरी हुई और गाना रिलीज़ होते ही सुपरहिट साबित हुआ। यह किस्सा आज भी संगीत जगत में अनुशासन, समर्पण और कला के प्रति जुनून की मिसाल के रूप में याद किया जाता है।

    संगीत की दुनिया का अमर सबक
    यह घटना सिर्फ एक गाने की कहानी नहीं, बल्कि उस दौर के कलाकारों की संवेदनशीलता और प्रोफेशनलिज्म का प्रतीक है। लता मंगेशकर की परफेक्शन की चाह और रफ़ी साहब की भावनात्मक प्रतिबद्धता ने इस गाने को अमर बना दिया। आज भी जब यह गीत बजता है, तो श्रोता सिर्फ संगीत नहीं सुनते, बल्कि उस संघर्ष और समर्पण को महसूस करते हैं जो इसके पीछे छिपा है।

  • निजी समारोह में रिश्ते को देंगे नया नाम! जुलाई में शादी की तैयारी को लेकर चर्चा में आमिर खान

    निजी समारोह में रिश्ते को देंगे नया नाम! जुलाई में शादी की तैयारी को लेकर चर्चा में आमिर खान

    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान एक बार फिर अपनी निजी जिंदगी को लेकर सुर्खियों में हैं। फिल्मी दुनिया में अपनी दमदार अभिनय क्षमता और चुनिंदा फिल्मों के लिए पहचाने जाने वाले अभिनेता के बारे में चर्चा है कि वह अपनी पार्टनर गौरी स्प्रैट के साथ अपने रिश्ते को नया नाम देने की तैयारी कर रहे हैं। खबरों के अनुसार दोनों जुलाई महीने में एक निजी और सादे समारोह के दौरान विवाह बंधन में बंध सकते हैं। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक सार्वजनिक घोषणा सामने नहीं आई है, लेकिन मनोरंजन जगत में इस खबर को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।

    जानकारी के अनुसार प्रस्तावित समारोह को बेहद निजी रखा जाएगा, जिसमें केवल परिवार के सदस्य और कुछ करीबी मित्र ही शामिल हो सकते हैं। बताया जा रहा है कि दोनों अपने रिश्ते को औपचारिक रूप देने के लिए सरल और सीमित आयोजन को प्राथमिकता दे रहे हैं। यह आयोजन किसी भव्य सार्वजनिक समारोह के बजाय पारिवारिक माहौल में आयोजित किए जाने की संभावना जताई जा रही है।

    आमिर खान भारतीय सिनेमा के उन कलाकारों में शामिल हैं जिन्होंने अपने करियर में कई यादगार फिल्में दी हैं और देश ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान बनाई है। उनकी निजी जिंदगी भी समय-समय पर चर्चा का विषय रही है। अभिनेता की पहली शादी रीना दत्ता से हुई थी, जिनसे उनके दो बच्चे हैं। इसके बाद उन्होंने फिल्म निर्माता किरण राव से विवाह किया था। दोनों ने कुछ वर्ष पहले आपसी सहमति से अलग होने की घोषणा की थी, हालांकि वे अपने बेटे के पालन-पोषण और अन्य सामाजिक कार्यों में आज भी साथ दिखाई देते हैं।

    गौरी स्प्रैट को लेकर पिछले कुछ समय से चर्चाएं चल रही थीं। बताया जाता है कि दोनों एक-दूसरे को लंबे समय से जानते हैं और उनके बीच मजबूत समझ तथा विश्वास का रिश्ता विकसित हुआ है। मनोरंजन जगत के जानकारों का मानना है कि जीवन के इस चरण में दोनों ने अपने रिश्ते को अधिक औपचारिक रूप देने का निर्णय लिया है। हालांकि इससे जुड़ी कई जानकारियां अभी भी निजी दायरे में रखी गई हैं।

    फिल्म उद्योग में निजी समारोहों का चलन पिछले कुछ वर्षों में बढ़ा है। कई चर्चित हस्तियों ने अपने विवाह और पारिवारिक आयोजनों को सीमित दायरे में रखते हुए केवल करीबी लोगों की मौजूदगी में संपन्न किया है। ऐसे आयोजनों में गोपनीयता और पारिवारिक माहौल को प्राथमिकता दी जाती है। इसी कारण यदि यह समारोह आयोजित होता है तो उसके भी अपेक्षाकृत निजी रहने की संभावना व्यक्त की जा रही है।

    आमिर खान के प्रशंसक उनकी पेशेवर उपलब्धियों के साथ-साथ उनकी निजी जिंदगी से जुड़ी खबरों में भी विशेष रुचि रखते हैं। ऐसे में शादी को लेकर सामने आई चर्चाओं ने सोशल मीडिया और मनोरंजन जगत में उत्सुकता बढ़ा दी है। हालांकि अंतिम और आधिकारिक जानकारी सामने आने का इंतजार किया जा रहा है।

    यदि यह विवाह संपन्न होता है तो यह अभिनेता के जीवन का एक नया अध्याय माना जाएगा। फिलहाल प्रशंसकों और फिल्म जगत की निगाहें आने वाले दिनों पर टिकी हैं, जब इस विषय पर अधिक स्पष्ट जानकारी सामने आ सकती है। तब तक इस संभावित आयोजन को लेकर चर्चाएं और अटकलें जारी रहने की संभावना बनी हुई है।

  • दुनिया भर में मिली लोकप्रियता पर बोले राम चरण, कहा- सबसे बड़ी ताकत अपने देश और दर्शकों का समर्थन

    दुनिया भर में मिली लोकप्रियता पर बोले राम चरण, कहा- सबसे बड़ी ताकत अपने देश और दर्शकों का समर्थन

    नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा के प्रमुख अभिनेताओं में शामिल राम चरण का मानना है कि किसी भी कलाकार के लिए सबसे बड़ा सम्मान और पहचान अपने देश तथा अपने लोगों से मिलती है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रियता और प्रशंसा हासिल करना निश्चित रूप से गर्व की बात है, लेकिन उसकी वास्तविक शुरुआत अपने दर्शकों के विश्वास और समर्थन से होती है। अभिनेता ने स्पष्ट किया कि उनके लिए वैश्विक सफलता से पहले अपने घर और अपने लोगों का प्यार सबसे अधिक महत्वपूर्ण है।

    हाल ही में एक बातचीत के दौरान राम चरण ने अपनी वैश्विक पहचान, भारतीय सिनेमा की बढ़ती पहुंच और दर्शकों से मिलने वाले समर्थन को लेकर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि किसी भी कलाकार के करियर की बुनियाद उसके अपने समाज और देश में बनती है। यदि अपने लोग किसी कलाकार के काम को स्वीकार करते हैं और उसे लगातार प्रोत्साहन देते हैं, तभी वह आगे बढ़कर दुनिया के बड़े मंचों तक पहुंच सकता है।

    राम चरण ने कहा कि उन्होंने अपने करियर की शुरुआत से लेकर आज तक दर्शकों से जो प्यार और समर्थन प्राप्त किया है, वही उनकी सबसे बड़ी पूंजी है। उनके अनुसार, किसी भी उपलब्धि का वास्तविक मूल्य तभी होता है जब उसे अपने लोगों का आशीर्वाद और स्वीकार्यता प्राप्त हो। उन्होंने यह भी कहा कि वह हमेशा उसी स्नेह और विश्वास के साथ जुड़े रहना चाहते हैं, जिसने उन्हें एक अभिनेता के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    अभिनेता ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय फिल्मों को मिल रही लोकप्रियता पर भी खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जब दूसरे देशों के दर्शक भारतीय फिल्मों और कलाकारों के काम की सराहना करते हैं, तो यह पूरे भारतीय फिल्म उद्योग के लिए गर्व का विषय होता है। विभिन्न देशों में भारतीय फिल्मों को मिल रही सकारात्मक प्रतिक्रिया यह दर्शाती है कि भारतीय कहानियां और संस्कृति अब वैश्विक दर्शकों तक प्रभावी ढंग से पहुंच रही हैं।

    राम चरण का मानना है कि भारतीय सिनेमा की बढ़ती वैश्विक पहचान देश के फिल्म उद्योग के लिए नए अवसर पैदा कर रही है। आज भारतीय फिल्में केवल घरेलू बाजार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दुनिया के अनेक देशों में भी दर्शकों का ध्यान आकर्षित कर रही हैं। इससे भारतीय कलाकारों और तकनीशियनों को अपनी प्रतिभा को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करने का अवसर मिल रहा है।

    इन दिनों राम चरण अपनी आगामी फिल्म ‘पेड्डी’ को लेकर चर्चा में हैं। यह एक स्पोर्ट्स एक्शन ड्रामा फिल्म है, जिसमें वह एक ऐसे खिलाड़ी की भूमिका निभा रहे हैं जो विभिन्न खेलों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करता है। फिल्म में खेल, संघर्ष, मेहनत और सफलता की कहानी को प्रमुखता से दिखाया गया है। दर्शकों के बीच फिल्म को लेकर उत्सुकता लगातार बढ़ रही है और इसके प्रदर्शन को लेकर उद्योग जगत में भी सकारात्मक उम्मीदें जताई जा रही हैं।

    फिल्म में कई अनुभवी और चर्चित कलाकार भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में दिखाई देंगे। निर्माता और निर्देशक को उम्मीद है कि यह फिल्म दर्शकों को मनोरंजन के साथ प्रेरणा भी देगी। राम चरण ने भी फिल्म को अपने करियर की महत्वपूर्ण परियोजनाओं में से एक बताया है। उनका कहना है कि किसी भी कलाकार के लिए नई चुनौतियों को स्वीकार करना और अलग-अलग तरह के किरदार निभाना बेहद जरूरी होता है।

    अभिनेता के इस बयान ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया है कि वैश्विक सफलता और लोकप्रियता के बावजूद वह अपने दर्शकों और अपनी जड़ों से जुड़े रहने को सबसे अधिक महत्व देते हैं। उनके अनुसार, दुनिया की किसी भी उपलब्धि से पहले अपने लोगों का विश्वास और प्यार ही किसी कलाकार की सबसे बड़ी ताकत होती है।

  • शिमला से मुंबई तक का यादगार सफर, 45 साल बाद अनुपम खेर ने शहर को कहा धन्यवाद, साझा की संघर्ष की कहानी

    शिमला से मुंबई तक का यादगार सफर, 45 साल बाद अनुपम खेर ने शहर को कहा धन्यवाद, साझा की संघर्ष की कहानी

    नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा के वरिष्ठ अभिनेता अनुपम खेर ने मुंबई में अपने 45 वर्षों के सफर को याद करते हुए इस शहर के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया है। अपने भावुक संदेश में उन्होंने बताया कि कैसे सपनों और उम्मीदों के साथ एक छोटे शहर से आए युवा ने मुंबई की धरती पर कदम रखा था और वर्षों के संघर्ष, मेहनत तथा अनुभवों के बाद आज वह अपने जीवन के इस महत्वपूर्ण पड़ाव तक पहुंचा है। अभिनेता ने कहा कि मुंबई केवल एक शहर नहीं, बल्कि लाखों लोगों के सपनों को दिशा देने वाला एक ऐसा मंच है, जो प्रतिभा और परिश्रम को पहचान देता है।

    अनुपम खेर ने अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए कहा कि जब वह पहली बार मुंबई पहुंचे थे, तब उनके पास संसाधन बेहद सीमित थे, लेकिन सपने बहुत बड़े थे। जीवन में कुछ कर दिखाने की चाह और अभिनय के प्रति समर्पण ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी थी। उन्होंने माना कि मुंबई ने उन्हें अवसर तो दिए ही, साथ ही ऐसे संघर्ष भी दिए जिन्होंने उनके व्यक्तित्व को मजबूत बनाया और उन्हें जीवन की वास्तविकताओं से परिचित कराया।

    अभिनेता के अनुसार, सफलता का सफर कभी आसान नहीं होता और मुंबई जैसे बड़े शहर में अपनी पहचान बनाना चुनौतीपूर्ण होता है। उन्होंने कहा कि इस शहर ने उन्हें धैर्य, अनुशासन और निरंतर प्रयास का महत्व सिखाया। यहां मिलने वाली चुनौतियों ने उन्हें हर परिस्थिति में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने यह भी कहा कि असफलताओं ने उन्हें टूटने नहीं दिया, बल्कि हर बार और अधिक मजबूत बनाकर आगे बढ़ाया।

    मुंबई के प्रति अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए अनुपम खेर ने कहा कि यह शहर हर व्यक्ति को अपनाने की क्षमता रखता है। चाहे कोई किसी भी पृष्ठभूमि से आता हो, यदि उसके भीतर मेहनत करने का जज्बा और अपने सपनों को पूरा करने की लगन है तो मुंबई उसे आगे बढ़ने का अवसर जरूर देती है। यही विशेषता इस शहर को दुनिया के अन्य महानगरों से अलग बनाती है।

    उन्होंने अपने लंबे सफर के दौरान मिले अनुभवों का भी जिक्र किया। अभिनेता ने कहा कि यहां की भागदौड़, लोगों की मेहनत और रोजमर्रा का जीवन लगातार प्रेरणा देने वाला रहा है। शहर की सड़कों से लेकर सार्वजनिक परिवहन तक, हर जगह उन्होंने जीवन के अलग-अलग रंग देखे और उनसे सीख हासिल की। यही अनुभव आगे चलकर उनके अभिनय और व्यक्तित्व का महत्वपूर्ण हिस्सा बने।

    अनुपम खेर ने यह भी स्वीकार किया कि अभिनय जगत में मिली सफलता के पीछे केवल व्यक्तिगत प्रयास ही नहीं, बल्कि मुंबई का सहयोग और यहां का माहौल भी बड़ी भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि यह शहर लोगों को सपने देखने की हिम्मत देता है और उन्हें पूरा करने के लिए संघर्ष करने का साहस भी प्रदान करता है।

    अपने 45 वर्षों के सफर को याद करते हुए अभिनेता ने कहा कि आज भी वह खुद को सीखने की प्रक्रिया में मानते हैं। उनके अनुसार जीवन में सीखने और आगे बढ़ने की यात्रा कभी समाप्त नहीं होती। उन्होंने मुंबई को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस शहर ने उन्हें पहचान, सम्मान और जीवन को समझने का अवसर दिया। यही कारण है कि इतने वर्षों बाद भी उनका इस शहर से जुड़ाव पहले की तरह मजबूत और भावनात्मक बना हुआ है।