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  • महंगे प्रोडक्ट्स को कहें अलविदा, घर पर तैयार करें असरदार Vitamin C सीरम

    महंगे प्रोडक्ट्स को कहें अलविदा, घर पर तैयार करें असरदार Vitamin C सीरम


    नई दिल्ली । आज के समय में बढ़ते प्रदूषण, धूल-मिट्टी और तनावपूर्ण जीवनशैली का सीधा असर हमारी त्वचा पर दिखाई देने लगा है। चेहरा बेजान, थका हुआ और डल नजर आने लगता है। ऐसे में लोग महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स की बजाय अब नेचुरल और घरेलू उपायों की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं। इन्हीं में से एक है Vitamin C सीरम, जो त्वचा को प्राकृतिक रूप से निखारने में बेहद कारगर माना जाता है।

    Vitamin C एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है जो त्वचा को फ्री रेडिकल्स से बचाता है। यह त्वचा में कोलेजन के उत्पादन को बढ़ाता है, जिससे स्किन टाइट और युवा बनी रहती है। इसके नियमित उपयोग से दाग-धब्बे, पिग्मेंटेशन और सूरज की किरणों से होने वाला नुकसान कम होता है, जिससे चेहरे पर नेचुरल ग्लो आता है। बाजार में मिलने वाले Vitamin C सीरम अक्सर महंगे होते हैं और उनमें केमिकल्स भी मिलाए जाते हैं। ऐसे में आप घर पर बेहद आसान तरीके से कम खर्च में इसे तैयार कर सकते हैं।

    पहला तरीका संतरे के पाउडर से सीरम बनाने का है। इसके लिए एक चम्मच संतरे का पाउडर, दो बड़े चम्मच गुलाब जल, दो चम्मच एलोवेरा जेल और आधा कप उबला हुआ ठंडा पानी लें। संतरे का पाउडर बनाने के लिए संतरे के छिलकों को धूप में सुखाकर पीस लें। अब एक कटोरे में संतरे का पाउडर, गुलाब जल और एलोवेरा जेल मिलाएं और उसमें पानी डालकर अच्छी तरह घोल लें। इस मिश्रण को डार्क ग्लास की बोतल में भरकर फ्रिज में रखें ताकि इसकी गुणवत्ता बनी रहे।

    दूसरा आसान तरीका नींबू और एलोवेरा से सीरम बनाने का है। इसके लिए एक चम्मच एलोवेरा जेल, एक चम्मच गुलाब जल और आधा चम्मच ताजा नींबू का रस लें। सभी चीजों को मिलाकर एक साफ कांच की बोतल में भर लें। ध्यान रखें कि नींबू की मात्रा अधिक न हो, क्योंकि इससे त्वचा में जलन हो सकती है।

    इस सीरम का उपयोग करने का सही तरीका भी जानना जरूरी है। इसे हमेशा चेहरे को अच्छी तरह साफ करने के बाद ही लगाएं। 2 से 3 बूंदें लेकर हल्के हाथों से चेहरे और गर्दन पर मसाज करें। रात में सोने से पहले इसका इस्तेमाल सबसे अधिक लाभकारी होता है। यदि दिन में उपयोग करें तो इसके बाद मॉइश्चराइजर और सनस्क्रीन जरूर लगाएं, क्योंकि Vitamin C त्वचा को सूर्य के प्रति संवेदनशील बना सकता है।

    घर पर बने ये सीरम 7 से 10 दिनों तक फ्रिज में सुरक्षित रखे जा सकते हैं। हालांकि ये प्राकृतिक होते हैं, फिर भी पहली बार उपयोग करने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें।

    इस तरह कम खर्च में घर पर तैयार किया गया Vitamin C सीरम न केवल आपकी त्वचा को स्वस्थ बनाएगा, बल्कि आपको पार्लर जैसा निखार भी देगा। नियमित उपयोग से आप खुद अपनी त्वचा में सकारात्मक बदलाव महसूस कर सकते हैं।

  • दोस्तों के साथ बनाए इन जगहों पर घूमने का प्लान, सफर बनेगा खास

    दोस्तों के साथ बनाए इन जगहों पर घूमने का प्लान, सफर बनेगा खास


    नई दिल्ली। अप्रैल का महीना घूमने के लिए एकदम परफेक्ट माना जाता है क्योंकि अभी हल्की-हल्की गर्मी शुरू ही हुई होती है। ऐसे में आप आसानी से घूम सकते हैं वरना बाद में गर्मी इतनी ज्यादा बढ़ जाती है कि घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो जाता है। अगर आपको अपने दोस्तों के साथ कहीं बाहर घूमने जाना है लेकिन सही जगह समझ नहीं आ रही है तो चलिए आपको कुछ खास जगह के बारे में बताते हैं जहां आप जाकर अच्छा अनुभव का सकते हैं।

    इन जगहों पर जरूर जाएं
    दोस्‍तों संग मौजमस्‍ती करने के लिए गोवा बेस्‍ट डेस्टिनेशन है। गोवा अपने बीच के लिए फेमस है। इस महीने में गोवा में ज्यादा पर्यटकों की भीड़ नहीं होती है ऐसे में आप गोवा जाकर अपने दोस्तों के साथ कई सारी एक्टिविटीज कर सकते हैं।

    हरियाली देखने के लिए ये जगहें है बेस्ट
    कुर्ग एक ऐसा हिल स्टेशन है जहां का मौसम सुहावना रहता है। यहां चारों तरफ हरियाली छाई रहती है। ऐसे में आप दोस्तों के साथ यहां आ सकते हैं। अगर आप पहाड़ चाय का बागवान ये सब देखना चाहते हैं। तो ये जगह आपके लिए काफी खास हो सकती है। यहां का नजारा हरियाली, बागान और प्राकृतिक सुंदरता लोगों को आकर्षित करती है। दोस्तों के साथ इस जगह पर घूमने के लिए जा सकते हैं।

    इसके अलावा आप केरल का मुन्नार प्राकृतिक सुंदरता का अद्भुत नजारा पेश करता है। केरल का खूबसूरत हिल स्टेशन मुन्नार अपनी हरियाली, चाय बागानों और ठंडे मौसम के लिए मशहूर है। यहां घूमने के लिए कई शानदार जगहें हैं।

    ऋषिकेश भी है खास
    ऋषिकेश वैसे तो एक धार्मिक जगह है, लेकिन धीरे-धीरे ये एक बेहतरीन टूरिस्ट प्लेस बन गई है। जहां पर दोस्तों के साथ घूमने के लिए जा सकते हैं। ऋषिकेश में घूमने के साथ-साथ आप कई प्रकार की एक्टिविटी भी कर सकते हैं।

  • स्किन को फ्रेश और हेल्दी रखें, ट्रैवल और ऑफिस में ये ब्यूटी प्रोडक्ट्स न भूलें

    स्किन को फ्रेश और हेल्दी रखें, ट्रैवल और ऑफिस में ये ब्यूटी प्रोडक्ट्स न भूलें


    नई दिल्ली।आज के समय में ऑफिस जाना ट्रैवल करना और उसके साथ-साथ अपनी स्क्रीन का ध्यान रखना काफी मुश्किल हो जाता है। अगर आप ट्रैवलिंग के साथ-साथ अपने स्क्रीन का ध्यान रखना चाहती हैं तब यह खबर आपके लिए काफी जरूरी है। जब भी हम कहीं बाहर जाते हैं, तो सोचते हैं कि अपने बैग में ऐसा क्या-क्या रखें। जिससे कि हमारा चेहरा फ्रेश और सुंदर बना रहा। तो चलिए आपको इससे जुड़ी खास जानकारी देते हैं।

    फेस क्लींजर या फेस वॉश
    सबसे जरूरी होता है कि अगर आप बाहर जा रहे हैं तब चेहरे की खूबसूरती को बरकरार रखने के लिए जरूरी होता है स्किन को साफ रखना, ऑयल, दिनभर की धूल-मिट्टी और मेकअप को हटाने के लिए अच्छा फेस क्लींजर या फेस वॉश होना जरूरी है। इसलिए आप अपने स्किन टाइप के हिसाब से क्लींजर और फेस वॉश को रख सकती हैं। जो आपकी काफी मदद करेगा।

    फेस मास्क
    ऑफिस जाते समय या फिर आप कहीं और ट्रेवल कर रही हैं धूप और धूल की वजह से फेस पर गंदगी की परत जम जाती है। इसके लिए फेस मास्क का इस्तेमाल करना चाहिए। जब आप बाहर जाएं, तो बैग में फेस मास्क जरूर रख लें। यह ब्यूटी प्रोडक्ट आपके बहुत काम आएगा।

    लिप बाम
    फेस के साथ-साथ होंठों की देखभाल करना जरूरी है। फटे और ड्राय होंठ बहुत दर्द होते हैं और हमारा लुक भी खराब कर देते हैं। इसलिए लिप बाम को अपने पास जरूर रखना चाहिए। ताकि ये आपके होंठों की देखभाल सही ढंग से करें।
    फेस के साथ-साथ होंठों की देखभाल करना जरूरी है। फटे और ड्राय होंठ बहुत दर्द होते हैं और हमारा लुक भी खराब कर देते हैं। इसलिए लिप बाम को अपने पास जरूर रखना चाहिए। ताकि ये आपके होंठों की देखभाल सही ढंग से करें।

    मॉइस्चराइजिंग क्रीम
    स्किन को कोमल और मुलायम बनाने के लिए आपके पास मॉइस्चराइजिंग क्रीम होना जरूरी है। इसलिए इसको बाहर जाते समय मॉइस्चराइजिंग क्रीम ले जाना न भूलें। के साथ ही अगर आप रात में ट्रेवल कर रही हैं तो कोई नाइट क्रीम या फिर सीरम जरूर अपने पास रखें।इससे आपका फेस अगली सुबह फ्रेश और ग्लोइंग रहेगा।

  • स्किन की देखभाल अब आसान! गर्मियों में इन फलों का सेवन करें और पाएं ग्लोइंग त्वचा

    स्किन की देखभाल अब आसान! गर्मियों में इन फलों का सेवन करें और पाएं ग्लोइंग त्वचा


    नई दिल्ली।गर्मी के मौसम में तेज धूप और बढ़ते तापमान की वजह से त्वचा का प्राकृतिक ग्लो कम हो जाता है। चेहरे की रंगत फीकी पड़ जाती है और टेनिंग आम समस्या बन जाती है। आमतौर पर लोग महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स का सहारा लेते हैं, लेकिन प्रकृति ने हमें ऐसे फलों की सौगात दी है जो त्वचा को नेचुरल ग्लो देने में बेहद असरदार हैं। इन फलों का सही सेवन गर्मियों में त्वचा और स्वास्थ्य दोनों के लिए लाभकारी है।

    1. नारियल पानी – प्राकृतिक हाइड्रेशन का खजाना

    नारियल पानी गर्मियों में शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए सबसे अच्छा विकल्प है। यह त्वचा को मुलायम और ग्लोइंग बनाने में मदद करता है। रोजाना एक नारियल पानी पीने से न केवल पेट स्वस्थ रहता है बल्कि चेहरे की रुखी त्वचा में निखार आता है। नारियल पानी में मौजूद इलेक्ट्रोलाइट्स शरीर के तापमान को संतुलित रखते हैं और गर्मी से होने वाली थकान को कम करते हैं।

    2. तरबूज – विटामिन सी और पानी का भरपूर स्रोत

    तरबूज में विटामिन सी, फाइबर और पानी प्रचुर मात्रा में होता है। विटामिन सी त्वचा को टैनिंग से बचाने में मदद करता है। गर्मियों में अगर त्वचा फीकी पड़ जाए या टेनिंग हो जाए तो तरबूज का सेवन चेहरे के लिए वरदान साबित होता है। यह न केवल त्वचा को ग्लोइंग बनाता है, बल्कि शरीर के तापमान को भी संतुलित रखता है।

    3. खीरा – त्वचा और पेट दोनों का खजाना

    खीरा सिर्फ सलाद का हिस्सा नहीं, बल्कि यह गर्मियों में शरीर को हाइड्रेट और त्वचा को ताजगी देने वाला सुपरफूड है। खीरे में पानी और फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जो चेहरे की रुखी त्वचा को नरम करने और पाचन को सुधारने में मदद करती है। कई स्किन ट्रीटमेंट में भी खीरे का उपयोग किया जाता है।

    4. आम – विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स का शक्ति केंद्र

    आम गर्मियों का पसंदीदा फल है और इसमें त्वचा के लिए लाभकारी विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स प्रचुर मात्रा में मौजूद होते हैं। यह चेहरे के खोए हुए निखार को वापस लाने में मदद करता है। नियमित और सही मात्रा में आम का सेवन शरीर और त्वचा दोनों को फायदा पहुंचाता है।

    5. संतरा – गहरे दाग-धब्बों का प्राकृतिक हल

    संतरे में भरपूर विटामिन सी और अन्य पोषक तत्व होते हैं, जो त्वचा को अंदर से पोषण देते हैं। संतरा चेहरे को ग्लोइंग बनाने के साथ-साथ दाग-धब्बों और त्वचा की सूजन को भी कम करता है। इसके छिलके का उपयोग फेसपैक में करने से भी लाभ होता है।

  • गैजेट्स का ज़्यादा इस्तेमाल खतरनाक! जानें रेडिएशन से बचने के आसान उपाय

    गैजेट्स का ज़्यादा इस्तेमाल खतरनाक! जानें रेडिएशन से बचने के आसान उपाय


    नई दिल्ली।आज के डिजिटल युग में हमारा जीवन गैजेट्स पर निर्भर हो गया है। घर पर टीवी, एसी, मोबाइल और ऑफिस में कंप्यूटर या लैपटॉप, हर जगह इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस हमारी जिंदगी का हिस्सा बन गए हैं। लेकिन इनका लगातार और गलत इस्तेमाल शरीर के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। गैजेट रेडिएशन से सुरक्षा अब एक जरूरी स्वास्थ्य मुद्दा बन चुकी है।

    गैजेट्स और हमारे स्वास्थ्य पर प्रभाव

    मोबाइल, लैपटॉप, वाई-फाई जैसे उपकरण रेडिएशन उत्सर्जित करते हैं। यह रेडिएशन अक्सर दिखता नहीं है, लेकिन शरीर और मस्तिष्क को अंदर से प्रभावित करता है। विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक सीधे संपर्क में रहने से सिरदर्द, नींद में खलल, आंखों की थकान और मानसिक स्वास्थ्य पर असर हो सकता है। बच्चों के लिए यह और भी गंभीर हो सकता है, क्योंकि उनका मस्तिष्क और मानसिक विकास अभी पूरा नहीं हुआ होता।

    लैपटॉप और कंप्यूटर का सुरक्षित उपयोग

    लैपटॉप का उपयोग करते समय हमेशा माउस और कीबोर्ड का इस्तेमाल करें। लैपटॉप को गोद में रखने के बजाय टेबल पर रखें और शरीर से लगभग एक फीट की दूरी बनाए रखें। इससे रेडिएशन का सीधा प्रभाव शरीर पर नहीं पड़ेगा।

    मोबाइल का सुरक्षित उपयोग

    फोन को हमेशा खुद से सटाकर न रखें, खासकर पॉकेट में या सोते समय। बच्चों को मोबाइल पर खेलने या लंबा समय बिताने से बचाएं। सोते समय फोन को एयरप्लेन मोड में रखें, जिससे रेडिएशन का स्तर काफी हद तक कम हो जाता है।

    वाई-फाई और घर की सुरक्षा

    यदि घर में वाई-फाई का राउटर है, तो उसे कमरे के बाहर या बच्चों से दूर लगवाएं। राउटर से निकलने वाली किरणें नींद पर असर डाल सकती हैं और मस्तिष्क की नसों को प्रभावित कर सकती हैं। घर में रेडिएशन का स्तर कम करने के लिए गैजेट्स का संतुलित उपयोग और सही दूरी बनाए रखना जरूरी है।

    बच्चों की सुरक्षा और मानसिक विकास

    अत्यधिक गैजेट उपयोग बच्चों के मानसिक विकास और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता पर नकारात्मक असर डाल सकता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि बच्चों को पढ़ाई या खेल के दौरान गैजेट से दूर रखें। उनकी सेहत और मस्तिष्क की वृद्धि के लिए खुली हवा, खेल और संतुलित आहार अधिक जरूरी हैं।

  • गर्मियों में ककड़ी का जादू: तन और मन दोनों को देती है शीतलता

    गर्मियों में ककड़ी का जादू: तन और मन दोनों को देती है शीतलता


    नई दिल्ली। गर्मी का मौसम आते ही तेज धूप, लू और पसीने से परेशान होना आम बात है। ऐसे में ककड़ी शरीर और मन को ठंडक देने वाला सबसे सस्ता और आसान उपाय साबित होती है। इसे “शीतल फल” कहा जाता है क्योंकि इसमें 95 प्रतिशत से अधिक पानी होता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स भी गर्मियों में ककड़ी के नियमित सेवन की सलाह देते हैं, जो न सिर्फ गर्मी से राहत देती है बल्कि कई स्वास्थ्य लाभ भी प्रदान करती है।

    शरीर को हाइड्रेट रखे

    गर्मी में पसीना ज्यादा आता है और शरीर डिहाइड्रेट हो सकता है। ककड़ी प्राकृतिक रूप से शरीर में पानी की कमी को दूर करती है। इसमें मौजूद इलेक्ट्रोलाइट्स और मिनरल्स पूरे दिन ऊर्जा बनाए रखते हैं। सलाद, रायता या जूस के रूप में ककड़ी का सेवन शरीर का तापमान नियंत्रित रखता है और लू लगने की आशंका को कम करता है।

    वजन घटाने और पाचन में सहायक

    ककड़ी में कैलोरी बहुत कम और फाइबर भरपूर होता है, जिससे भूख नियंत्रित रहती है। जो लोग वजन कम करना चाहते हैं, उनके लिए ककड़ी रोजाना आहार का हिस्सा बन सकती है। इसके अलावा, ककड़ी पाचन शक्ति को मजबूत करती है, कब्ज और गैस की समस्या को कम करती है और पेट को स्वस्थ रखती है।

    त्वचा और सौंदर्य के लिए फायदेमंद

    ककड़ी में मौजूद पानी और एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा की सूजन कम करते हैं और उसे चमकदार बनाते हैं। गर्मियों में चेहरे पर ककड़ी के टुकड़े रखने से ठंडक मिलती है और सनबर्न से बचाव होता है।

    अन्य स्वास्थ्य लाभ

    ककड़ी ब्लड प्रेशर को नियंत्रित, हड्डियों को मजबूत, आंखों की थकान कम करने और इम्यूनिटी बढ़ाने में भी मदद करती है।

    ककड़ी का सही सेवन

    हेल्थ एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि ककड़ी का जूस बनाकर पीएं या सलाद में टमाटर, प्याज और नींबू के साथ मिलाकर खाएं। इसे दही के साथ रायता बनाकर भी लिया जा सकता है। सैंडविच और रोल्स में भी ककड़ी डाली जा सकती है। रोजाना कम से कम एक ककड़ी खाने की सलाह दी जाती है।

    आसान, सस्ती और सुरक्षित

    ककड़ी सस्ती, आसानी से उपलब्ध और बिना किसी साइड इफेक्ट वाली होती है। गर्मियों में इसे अपने आहार में शामिल करने से तन और मन दोनों शीतल रहते हैं और कई स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव होता है।

  • हनीमून के लिए बेस्ट डेस्टिनेशन 2026: प्यार भरे सफर के लिए ये लोकेशन्स चुनें

    हनीमून के लिए बेस्ट डेस्टिनेशन 2026: प्यार भरे सफर के लिए ये लोकेशन्स चुनें


    नई दिल्ली। इस समय का मौसम अभी ठीक-ठाक है ना तो ज्यादा गर्मी लग रही है ना ही ठंडा है। इस मौसम में इस मौसम में अगर आप घूमने का प्लान बना रहे हैं तो आराम से घूम सकते हैं या फिर अगर आप हनीमून जा रहे हैं तब आप बिना कुछ सोच भारत की कुछ जगहों पर जा सकते हैं जहां आपको काफी अच्छा अनुभव होगा। अगर आपको उन जगहों के बारे में नहीं पता है तो चलिए आपको इस खबर में उन जगहों के बारे में बताते हैं जहां जाकर आप अपनी अच्छी यादें बना सकते हैं।

    हिमाचल प्रदेश जाना रहेगा बेस्ट
    हिमाचल प्रदेश में अगर आप हनीमून ट्रिप प्लान करने की सोच रहे हैं। तो आपको एक बार डलहौजी की खूबसूरती को देखने आना चाहिए। बता दें कि डलहौजी में ही ‘मिनी स्विट्जरलैंड ऑफ इंडिया’ के नाम से फेमस खजियार मौजूद है। यहां पर आप अच्छा पल बिता सकते हैं। यहां पर आपको चारों तरफ हरियाली पहाड़ देखने को मिल जाएंगे यहां पर आप अपने कमरे में भी काफी अच्छी-अच्छी तस्वीर कैप्चर कर सकते हैं इसके साथ ही अपने पार्टनर के साथ यहां घूमने के लिए काफी कुछ है।

    इस मौसम में शिमला भी रहेगा बेस्ट
    अप्रैल के महीने में शिमला जाना भी काफी अच्छा ऑप्शन हो सकता है। शिमला में आपको काफी कुछ घूमने को मिल जाएगा। शिमला से कुछ ही दूर पर मौजूद मसूरी भी घूमने के लिए काफी अच्छी जगह मानी जाती है हनीमून के लिए यह जगह परफेक्ट हो सकती है। यह जगह काफी अच्छी मानी जाती है यहां पर काफी ज्यादा पर्यटक आते हैं।

    इस मौसम में शिमला भी रहेगा बेस्ट
    अप्रैल के महीने में शिमला जाना भी काफी अच्छा ऑप्शन हो सकता है। शिमला में आपको काफी कुछ घूमने को मिल जाएगा। शिमला से कुछ ही दूर पर मौजूद मसूरी भी घूमने के लिए काफी अच्छी जगह मानी जाती है हनीमून के लिए यह जगह परफेक्ट हो सकती है। यह जगह काफी अच्छी मानी जाती है यहां पर काफी ज्यादा पर्यटक आते हैं।

  • क्या आयुर्वेद केवल क्रॉनिक बीमारियों के लिए है? जानिए सच्चाई और इसके चौंकाने वाले फायदे

    क्या आयुर्वेद केवल क्रॉनिक बीमारियों के लिए है? जानिए सच्चाई और इसके चौंकाने वाले फायदे

    नई दिल्ली। आजकल आयुर्वेद को लेकर कई गलत धारणाएं फैली हुई हैं, जो लोगों को इसके असली फायदों से दूर रखती हैं। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के अनुसार, आयुर्वेद को सही तरीके से समझकर अपनाया जाए तो यह स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभदायक साबित हो सकता है।

    मिथक है कि आयुर्वेद केवल पुरानी बीमारियों के लिए है। इस मंत्रालय बताता है कि यह तथ्य सही नहीं है। आयुर्वेद तीव्र (एक्यूट) और पुरानी (क्रॉनिक) दोनों प्रकार की समस्याओं में सहायक है। यह न सिर्फ बीमारी का इलाज करता है, बल्कि बीमारी होने से पहले रोकथाम भी करता है। सही समय पर आयुर्वेदिक उपचार से कई छोटी-बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सकता है।

    आयुर्वेद को लेकर यह भी मिथक है कि घरेलू नुस्खे ही आयुर्वेद हैं। इसका खंडन करते हुए एक्सपर्ट बताते हैं कि घरेलू नुस्खे आयुर्वेद का सिर्फ एक छोटा हिस्सा हैं। असली आयुर्वेद विशेषज्ञ द्वारा निर्धारित उपचार, जड़ी-बूटियों का सही संयोजन, पंचकर्म, आहार-विहार और जीवनशैली परिवर्तन पर आधारित होता है। बिना विशेषज्ञ सलाह के गलत नुस्खे अपनाने से नुकसान भी हो सकता है, इसलिए योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह लेना जरूरी है। मंत्रालय का कहना है कि आयुर्वेद को सिर्फ दवा के रूप में नहीं, बल्कि पूरी जीवनशैली का हिस्सा बनाना चाहिए। रोजाना संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, योग, प्राणायाम और पर्याप्त नींद आयुर्वेद के मूल सिद्धांत हैं।

    एक्सपर्ट बताते हैं कि आयुर्वेद के बारे में कहा जाता है कि यह बहुत धीरे काम करता है। यह मिथक है। यह एक आम गलतफहमी है। आयुर्वेद सही निदान और योग्य चिकित्सक की देखरेख में प्रभावी ढंग से काम करता है और स्थायी लाभ देता है। आयुर्वेद बीमारी की जड़ को दूर करने पर फोकस करता है, इसलिए कभी-कभी समय लग सकता है।

    आयुर्वेद शरीर के तीन दोषों वात, पित्त और कफ को संतुलित रखकर स्वास्थ्य बनाए रखता है। यह न सिर्फ शारीरिक, बल्कि मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य पर भी काम करता है। गलत धारणाओं को दूर करके अगर आयुर्वेद को सही तरीके से अपनाएं तो कई बीमारियों से बचाव किया जा सकता है। ऐसे में एक्सपर्ट का मानना है कि आयुर्वेद को समझकर और विशेषज्ञ की सलाह से अपनाएं।

  • ऐंठन और दर्द से परेशान? इन योगासन से मिलेगा आराम और पीरियड्स होंगे बेहतर

    ऐंठन और दर्द से परेशान? इन योगासन से मिलेगा आराम और पीरियड्स होंगे बेहतर


    नई दिल्ली। पीरियड्स के दौरान दर्द, थकान, मूड स्विंग्स और अनियमित चक्र जैसी परेशानियां कई महिलाओं को प्रभावित करती हैं। ऐसे में हेल्थ एक्सपर्ट कुछ विशेष योगासन को दिनचर्या में शामिल करने की सलाह देते हैं।

    योग इन समस्याओं को प्राकृतिक तरीके से कम करने में बहुत मददगार साबित हो सकता है। नियमित योग अभ्यास से मासिक धर्म चक्र सही रहता है, दर्द कम होता है और मानसिक तनाव भी घटता है। साथ ही मंत्रालय ने मासिक धर्म के दौरान सेहत सुधारने के लिए कुछ आसान और प्रभावी योगासनों को अपनाने की सलाह महिलाओं को दी है। ये आसान आसन घर पर भी किए जा सकते हैं और पीरियड्स के दौरान होने वाली असुविधाओं को काफी हद तक कम करने में प्रभावी भी हैं।

    एक्सपर्ट के अनुसार, इन आसनों को नियमित रूप से करने से न सिर्फ मासिक धर्म संबंधी शारीरिक समस्याएं कम होती हैं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य भी बेहतर होता है। योग अभ्यास के साथ माइंडफुलनेस रखना भी जरूरी है। हालांकि पीरियड्स के दौरान अगर दर्द बहुत ज्यादा हो तो डॉक्टर या आयुर्वेदिक विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें। स्वस्थ आहार, पर्याप्त पानी और अच्छी नींद के साथ योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करें।

    बेहतर मासिक धर्म स्वास्थ्य के लिए सुप्त बद्ध कोणासन करें, यह आसन पेल्विक क्षेत्र को खोलता है, रक्त संचार बढ़ाता है और पेट व कमर के दर्द को कम करता है। पश्चिमोत्तानासन यह आसन पीठ और पैरों की मांसपेशियों को खींचता है, जिससे मासिक धर्म संबंधी ऐंठन और दर्द में राहत मिलती है। यह तनाव भी कम करता है। वहीं, वक्रासन रीढ़ की हड्डी को मोड़ने वाला यह आसन पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है और मासिक धर्म की अनियमितता को दूर करने में मदद करता है।

    बालासन या बच्चे की मुद्रा कहलाने वाला यह आसन शरीर को गहरी छूट देता है। पीरियड्स के दौरान होने वाली थकान और मूड स्विंग्स को शांत करता है। सेतु बंधासन, जिसे पुल मुद्रा भी कहते हैं, आसन कमर और पेल्विक क्षेत्र को मजबूत बनाता है व हार्मोनल बैलेंस बनाए रखने में सहायक है। साथ ही विपरीत करणी भी राहत देता है। दीवार के सहारे पैर ऊपर करके लेटने वाला यह आसन रक्त प्रवाह को सुधारता है और पैरों में सूजन तथा थकान को कम करता है।

  • क्या आपका बायां हाथ दर्द कर रहा है? जानिए कब यह दिल की बीमारी का इशारा बन जाता है

    क्या आपका बायां हाथ दर्द कर रहा है? जानिए कब यह दिल की बीमारी का इशारा बन जाता है


    नई दिल्ली। आजकल हृदय रोग मृत्यु का एक बड़ा कारण बन गया है। यह समस्या सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं में भी तेजी से बढ़ रही है। हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, सीने में दर्द, सांस फूलना और खासकर बाएं हाथ में दर्द जैसे लक्षण हृदय रोग के संकेत हो सकते हैं। ऐसे में एक पल की देरी भी जानलेवा साबित हो सकती है।

    नेशनल हेल्थ मिशन बताता है कि यदि हृदय रोग के मुख्य लक्षण दिखें तो सावधान हो जाएं और उसकी पहचान करें और बचाव के लिए कुछ उपाय दिए गए हैं, उसे फॉलो करें। एक्सपर्ट स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर हृदय रोग से बचा जा सकता है। संतुलित खान-पान, नियमित व्यायाम और समय पर जांच से दिल स्वस्थ रहता है। छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करके अपने और अपने परिवार के हृदय की रक्षा कर सकते हैं।

    हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, सीने में भारीपन या दर्द, बाएं हाथ, गर्दन, जबड़े या पीठ में दर्द, सांस फूलना, थकान होना, ठंडा पसीना आना जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। इसके अलावा, अगर धड़कन बार-बार अनियमित, तेज या फड़फड़ाती महसूस हो रही है तो यह हृदय रोग का संकेत हो सकता है। चक्कर आना या बेहोशी भी खतरनाक हो सकता है। यह तब होती है जब मस्तिष्क को पर्याप्त रक्त नहीं मिल पाता। यह अनियमित हृदय गति या ब्लडप्रेशर की समस्या का संकेत हो सकता है। बार-बार ऐसा होने पर इसे नजरअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर से जांच करवाएं।

    हृदय रोग से बचाव के लिए संतुलित आहार लें, ताजी सब्जियां, फल, दालें, अनाज और कम तेल-मसालेदार भोजन खाएं। नियमित व्यायाम करें, इसके लिए रोजाना कम से कम 30-40 मिनट योग या हल्का व्यायाम करें। ब्लड प्रेशर और शुगर जांच नियमित करवाएं। धूम्रपान और शराब छोड़ें, ये हृदय के लिए सबसे बड़ा खतरा हैं। तनाव कम करें, इसके लिए ध्यान, प्राणायाम या अच्छी नींद से तनाव नियंत्रित रखें।

    साथ ही ज्यादा तला-भुना और जंक फूड न खाएं। लंबे समय तक एक जगह बैठे न रहें, तनाव और चिंता को बढ़ने न दें। इन सभी लक्षणोंं को नजरअंदाज न करें।