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  • गर्मी में क्यों जरूरी है सौंफ का सेवन? जानिए इसके जबरदस्त फायदे

    गर्मी में क्यों जरूरी है सौंफ का सेवन? जानिए इसके जबरदस्त फायदे


    नई दिल्ली गर्मी के मौसम में पेट से जुड़ी चुनौतियां जैसे गैस, अपच, एसिडिटी और सूजन तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में हर छोटी परेशानी के लिए दवा लेना जरूरी नहीं है। आपके नुस्खे में मौजूद है एक ऐसा आसान और असरदार घरेलू उपाय, जो शरीर को ठंडक पहुंचाने के साथ-साथ पाचन को भी ठीक करता है।

    आयुर्वेद में सौंफ का खास महत्व
    आयुर्वेद के अनुसार सौंफ पित्त दोष को स्नातक करने में मदद मिलती है। गर्मियों में शरीर में गर्माहट को शांत करने के लिए रोजाना सौंफ का सेवन बेहद माना जाता है। यह शरीर को अंदर से ठंडी बना देता है और पेट से जुड़ी समस्याओं को जड़ से कम कर देता है।

    पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है
    खाने के बाद एक खाद्य पदार्थ सौंफ चबाने से पाचन क्रिया बेहतर होती है। यह पेट में बनने वाली गैस और ब्लोटिंग को कम करती है। अगर भारीपन या अपच की समस्या बनी हुई है, तो आपको तुरंत राहत का काम करना है। विशेष रूप से समरलैण्ड में जब एनीमेशन का प्रदर्शन होता है, तब सौंफ अत्यंत घटिया साबित होता है।

    सौंफ की चाय से सरकारी राहत
    सौंफ की चाय समुद्र तट में एक बेहतरीन स्वास्थ्य पेय है। यह सिर्फ पेट की गर्मी को कम नहीं करता है, बल्कि शरीर को रिलेक्स भी करता है। ऑफिस की थकान या होटल के दौरान होने वाली संकट में भी सौंफ की चाय काफी मजेदार होती है। इसका प्रभाव मीठा स्वाद और भी खास है।

    एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-एकांत गुणधर्म से परिपूर्णता
    सौंफ में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट और एंटी-सटीक गुण शरीर को संक्रमण से बचाने में मदद करते हैं। यह कोष्ठबद्धता, पेट दर्द और ज़ाहिलों की समस्याओं को दूर करने में सहायक है। साथ ही यह इंटरनेट सिस्टम को भी मजबूत बनाता है।

    सौंफ का सेवन कैसे करें?
    सौंफ़ का सेवन कई लाभार्थियों से किया जा सकता है-

    भोजन के बाद सौंफ चौबएं
    सौंफ का पानी पीएं
    सौंफ की चाय छोड़ें
    सौंफ और मिश्री के साथ लें

    की चाय बनाने के लिए एक कप पानी में एक परिमाण सौंफ वाल्व 5-10 मिनट के लिए और फिर गुडकर पी लें।

    सावधानी भी जरूरी है
    हालाँकि सौंफ स्वादिष्ट है, लेकिन इसके अधिक मात्रा में सेवन से नुकसान भी हो सकता है। विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं को इसका सेवन डॉक्टर की सलाह से ही करना चाहिए।

    गर्मियों में रोजमर्रा की जिंदगी में थोड़ी-सी सौंफ का सेवन करने से आप पेट की समस्याओं से बचकर शरीर को ठंडा और स्वस्थ बना सकते हैं। यह एक सस्ता, आसान और असरदार घरेलू उपाय है, जिसे अपने में शामिल करना जरूरी है।

  • ‘मटका’ का कमाल: गर्मियों में सेहत के लिए क्यों है मिट्टी के बर्तन वरदान

    ‘मटका’ का कमाल: गर्मियों में सेहत के लिए क्यों है मिट्टी के बर्तन वरदान


    नई दिल्ली तेज गर्मी, लू और उमस के बीच ठंडा पानी हर किसी की ज़रूरत बन जाता है। ज़्यादातर लोग राहत के लिए फ्रिज का पानी पीते हैं, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं कि यह आदत कई बार गले और पाचन से जुड़ी समस्याएं बढ़ा सकती है। ऐसे में पारंपरिक तरीका यानी मिट्टी के मटके का पानी आज भी सबसे बेहतर विकल्प माना जाता है। न सिर्फ़ यह पानी प्राकृतिक रूप से ठंडा होता है, बल्कि शरीर के लिए कई तरह से फायदेमंद भी साबित होता है।

    प्राकृतिक ठंडक के साथ बेहतर स्वाद
    मिट्टी के बर्तन में रखा पानी बिना किसी बिजली या केमिकल के अपने आप ठंडा हो जाता है। इसकी खासियत यह है कि यह ज़रूरत से ज़्यादा ठंडा नहीं होता, जिससे गले पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ता। साथ ही, इसमें मिट्टी की हल्की खुशबू और स्वाद होता है, जो इसे और भी ताजगी भरा बनाता है।

    आयुर्वेद और विज्ञान दोनों का समर्थन
    आयुष मंत्रालय के अनुसार पारंपरिक बर्तनों में रखा पानी शरीर के लिए ज़्यादा फायदेमंद होता है। आयुर्वेद में मटके के पानी को ‘अमृत’ के समान बताया गया है, क्योंकि यह शरीर को अंदर से ठंडा रखते हुए पाचन तंत्र को संतुलित करता है। आधुनिक डॉक्टर भी मानते हैं कि यह पानी गले, पेट और आंतों के लिए सुरक्षित और लाभकारी है।

    डिटॉक्स और इम्यूनिटी में अधिकतम
    मिट्टी के घड़े की सबसे बड़ी खासियत इसकी प्राकृतिक फिल्टरिंग क्षमता है। यह पानी की विकृतियों को सोख लेता है, जिससे शरीर में विषैले तत्वों का असर कम होता है। नियमित रूप से मटके का पानी पीने से इम्यून सिस्टम मजबूत होता है और शरीर की बीमारियों से लड़ने के लिए तैयार रहता है।

    पाचन और पीएच बैलेंस में सुधार
    मिट्टी में मौजूद फास्फोरस गुण (क्षारीय गुण) पानी के पीएच लेवल को संतुलित रखने में मदद करते हैं। इससे एसिडिटी, गैस और अपच जैसी समस्याएं कम होती हैं। यही कारण है कि गर्मियों में मटके का पानी पाचन तंत्र को बेहतर बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है।

    फ्रिज के पानी से क्यों बेहतर?

    फ्रिज का बहुत ठंडा पानी अचानक शरीर के तापमान को प्रभावित करता है, जिससे गले में खराश, सर्दी-जुकाम या पेट दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसके उलट, मटके का पानी शरीर के अनुकूल तापमान पर होता है, जिससे यह बिना किसी साइड इफेक्ट के राहत देता है।

    सस्ता, सुरक्षित और असरदार उपाय
    महंगे कूलिंग सिस्टम और फिल्टर के मुकाबले मटका एक सस्ता और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प है। इसमें रखा पानी पूरी तरह प्राकृतिक और केमिकल मुक्त होता है। गर्मियों में हाइड्रेट रहने के लिए यह सबसे आसान और भरोसेमंद तरीका माना जाता है।

  • गर्मियों में होंठ फट रहे हैं? जानें 5 कारण और घर बैठे सॉफ्ट लिप्स पाने के उपाय..

    गर्मियों में होंठ फट रहे हैं? जानें 5 कारण और घर बैठे सॉफ्ट लिप्स पाने के उपाय..


    नई दिल्ली: गर्मियों का मौसम शुरू होते ही कई लोगों को होंठ फटने और ड्राई होने की समस्या होने लगती है, अक्सर इसे लोग केवल ठंड से जोड़कर देखते हैं, लेकिन दरअसल ये किसी भी मौसम में हो सकती है, होंठ की स्किन बहुत सेंसिटिव होती है और इसमें ऑयल ग्लैंड्स नहीं होते, इसलिए यह मॉइश्चराइज नहीं रह पाती, तेज धूप, गर्म या शुष्क हवा में लिप्स डैमेज होने लगते हैं, अगर आपके होंठ भी गर्मी में ड्राई हो रहे हैं या फट रहे हैं, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है, लेकिन इसके कारणों को समझना और समय रहते उपाय करना बेहद जरूरी है

    सबसे आम कारण डिहाइड्रेशन है, यदि आप पर्याप्त पानी नहीं पी रहे हैं, तो लिप्स सूखने लगते हैं, इसके अलावा विटामिन की कमी भी फटे होंठों का कारण बन सकती है, खासकर विटामिन बी9, बी2, बी6 और बी12, अगर शरीर में इनका लेवल कम हो तो होंठ जल्दी फटते हैं, वहीं थायरॉइड की समस्या होने पर भी लिप्स फटने लगते हैं, लगातार ड्राई लिप्स या फटने की समस्या हो तो थायरॉइड चेकअप कराना जरूरी है, इसी तरह आयरन की कमी से भी होंठ फट सकते हैं, आमतौर पर लोग इसे थकान और कमजोरी से जोड़ देते हैं, लेकिन ध्यान दें कि फटे होंठ भी एक संकेत हो सकते हैं

    इसके अलावा एलर्जी या इंफेक्शन की वजह से भी होंठ फट सकते हैं, इस स्थिति में पपड़ी जमना, जलन या दर्द जैसी समस्याएं भी दिखाई देती हैं, ऐसे में होंठों की सही देखभाल और नेचुरल उपाय अपनाना बेहद जरूरी है, सबसे पहला और जरूरी उपाय है पर्याप्त पानी पीना, गर्मियों में पसीना और उच्च तापमान के कारण शरीर में पानी की मात्रा तेजी से घटती है, इसलिए दिनभर नियमित रूप से पानी पीते रहें

    इसके बाद लिप्स को हफ्ते में एक से दो बार एक्सफोलिएट करना चाहिए, इससे डेड स्किन निकल जाती है और ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है, इसके लिए एक चम्मच चीनी को शहद में मिलाकर लिप्स पर 1-2 मिनट तक हल्के हाथों से रगड़ें, इसके बाद नारियल तेल से मसाज करें, नारियल तेल में नेचुरल औषधीय गुण होते हैं, जो होंठों को मॉइश्चराइज और सॉफ्ट बनाते हैं, रोजाना मसाज करना फटे होंठों को जल्दी ठीक करता है

    अगर लिप बाम या पेट्रोलियम जेली पर्याप्त असर नहीं कर रहे हैं, तो एलोवेरा जेल का इस्तेमाल करें, इसे सीधे या नारियल तेल के साथ मिलाकर होंठों पर लगा सकते हैं, खासकर रात में सोने से पहले लगाने पर यह बेहद फायदेमंद होता है, एलोवेरा होंठों को गहराई से मॉइश्चराइज करता है और उन्हें सॉफ्ट और हेल्दी बनाए रखता है

    गर्मी में फटे और ड्राई होंठ आम समस्या हैं, लेकिन सही देखभाल, पर्याप्त पानी पीना, एक्सफोलिएशन, नारियल तेल और एलोवेरा जेल जैसे प्राकृतिक उपाय अपनाकर आप होंठों को सॉफ्ट और स्वस्थ बनाए रख सकते हैं, इससे न केवल दिखने में सुधार होगा बल्कि होंठों की संवेदनशील स्किन भी सुरक्षित रहेगी

  • गले की खराश से मुंह के छाले तक, इलायची बनाएं गर्मियों का दोस्त…

    गले की खराश से मुंह के छाले तक, इलायची बनाएं गर्मियों का दोस्त…


    नई दिल्ली:  गर्मियों का मौसम शुरू होते ही पेट, गला और मुंह की कई छोटी-बड़ी समस्याएं आम हो जाती हैं ऐसे में भारतीय रसोई में मौजूद छोटी सी इलायची सेहत के लिए रामबाण साबित हो सकती है आयुर्वेद में इलायची को औषधीय गुणों का खजाना माना जाता है यह न सिर्फ खाने का स्वाद और खुशबू बढ़ाती है बल्कि गर्मी से होने वाली परेशानियों से भी राहत देती है

    गर्मियों में अपच, एसिडिटी और मुंह के छालों की समस्या बढ़ जाती है खाने के बाद एक इलायची चबाने से पेट की हाइपर एसिडिटी कंट्रोल हो जाती है खट्टी डकारें, सीने में जलन और भारीपन जैसी शिकायतें कम होती हैं। गले में खराश, खांसी या आवाज बैठ जाना आम है ऐसे में 1-2 इलायची धीरे-धीरे चबाकर उसका रस गले से नीचे जाने दें कुछ ही देर में गले को आराम महसूस होगा

    मुंह के छालों में इलायची को मिश्री के साथ चबाने से जलन और दर्द कम होता है और छाले जल्दी ठीक हो जाते हैं इलायची हिचकी रोकने में भी मददगार है एक इलायची चबाने या इसका पाउडर पानी के साथ लेने से हिचकी तुरंत बंद हो जाती है। इसके अलावा इलायची मुंह के बैक्टीरिया और संक्रमण को भी दूर करती है। रोज भोजन के बाद इलायची चबाने से मुंह से दुर्गंध नहीं आती और दांत स्वस्थ रहते हैं

    इलायची में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण मौजूद हैं जो सूजन को कम करते हैं और संक्रमण से बचाव करते हैं। इलायची का सेवन चाय में डालकर, दूध में उबालकर या सीधे चबाकर किया जा सकता है गर्मियों में इलायची वाली चाय या दूध पीने से शरीर को ठंडक मिलती है पाचन तंत्र मजबूत रहता है और तनाव भी दूर होता है

    एक्सपर्ट्स की सलाह है कि गर्मियों में रोजाना 1-2 इलायची का सेवन जरूर करें यह छोटी-सी आदत पेट, गला और मुंह की कई परेशानियों को जड़ से दूर रख सकती है हालांकि गंभीर समस्या होने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है

  • हेल्दी बनने की जल्दी पड़ सकती है भारी, डॉक्टर ने बताए मॉर्निंग रूटीन के सही नियम

    हेल्दी बनने की जल्दी पड़ सकती है भारी, डॉक्टर ने बताए मॉर्निंग रूटीन के सही नियम

    भोपाल । आजकल परफेक्ट मॉर्निंग रूटीन का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है, जहां लोग सुबह जल्दी उठकर वर्कआउट, ईमेल चेक करना और कॉफी पीने जैसी आदतों को अपनाते हैं। पहली नजर में ये आदतें हेल्दी और प्रोडक्टिव लगती हैं, लेकिन डॉक्टरों के अनुसार इन्हें गलत तरीके से अपनाने पर ये शरीर पर उल्टा असर डाल सकती हैं। असली समस्या इन आदतों में नहीं, बल्कि उन्हें जल्दबाजी और बिना तैयारी के करने में है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि इंसान का शरीर नींद से जागने के बाद तुरंत एक्टिव मोड में नहीं आता। उसे एक ट्रांजिशन समय यानी एक ब्रिज की जरूरत होती है। अगर यह समय नहीं दिया जाता, तो शरीर अचानक हाई अलर्ट स्थिति में पहुंच जाता है, जिससे तनाव बढ़ सकता है। रिसर्च के अनुसार, अचानक एक्टिव होने से शरीर में कॉर्टिसोल यानी स्ट्रेस हार्मोन का स्तर बढ़ सकता है, जिसका असर मूड, फोकस और मानसिक स्थिति पर पड़ता है।

    सबसे आम गलती जो लगभग 99 प्रतिशत लोग करते हैं, वह है सुबह उठते ही मोबाइल फोन देखना। अलार्म बंद करते ही लोग नोटिफिकेशन, सोशल मीडिया या ईमेल चेक करने लगते हैं। डॉक्टरों के मुताबिक इससे दिमाग तुरंत अलर्ट मोड में चला जाता है और तनाव बढ़ने लगता है। इससे चिड़चिड़ापन, सिरदर्द और मानसिक थकान जैसी समस्याएं महसूस हो सकती हैं।

    इसके अलावा, आजकल प्रोडक्टिव दिखने का दबाव भी लोगों पर हावी हो गया है। लोग मानते हैं कि जितना ज्यादा काम सुबह में कर लिया जाए, दिन उतना बेहतर होगा। लेकिन शरीर इस तरह काम नहीं करता। बिना तैयारी के तुरंत वर्कआउट शुरू करना या लगातार डिजिटल गतिविधियों में लग जाना शरीर के लिए तनाव का कारण बन सकता है।

    एक और बड़ी गलती है खराब नींद के बावजूद जल्दी उठना। अगर रात में पर्याप्त नींद नहीं ली गई या देर तक फोन इस्तेमाल किया गया, तो सुबह की शुरुआत खराब हो जाती है। नींद की कमी का असर याददाश्त, मूड और निर्णय लेने की क्षमता पर पड़ता है। इसलिए अच्छी सुबह की शुरुआत के लिए अच्छी नींद बेहद जरूरी है।

    कई लोग सुबह उठते ही कॉफी पीना शुरू कर देते हैं, लेकिन डॉक्टरों के अनुसार 6 से 8 घंटे की नींद के बाद शरीर हल्का डिहाइड्रेट हो जाता है। ऐसे में सबसे पहले पानी पीना ज्यादा जरूरी होता है। पानी पीने से शरीर हाइड्रेट होता है, दिमाग बेहतर तरीके से काम करता है और थकान कम होती है।

    विशेषज्ञ बताते हैं कि सुबह उठने के बाद का पहला एक घंटा बेहद महत्वपूर्ण होता है। इसी समय शरीर का सर्केडियन रिदम सेट होता है, जो पूरे दिन की ऊर्जा और मूड को प्रभावित करता है। अगर इस समय जल्दबाजी की जाए, तो दिनभर थकान और फोकस की कमी बनी रह सकती है।

    एक सही और संतुलित मॉर्निंग रूटीन के लिए डॉक्टर कुछ आसान आदतें अपनाने की सलाह देते हैं। सुबह उठकर तुरंत भागदौड़ करने के बजाय कुछ मिनट शांत बैठें, गहरी सांस लें और शरीर को धीरे-धीरे एक्टिव करें। सबसे पहले पानी पिएं, हल्की धूप लें और हल्की स्ट्रेचिंग से शुरुआत करें। इसके बाद ही वर्कआउट करें।

    साथ ही, सुबह उठते ही फोन इस्तेमाल करने से बचें और दिन की शुरुआत शांत और सकारात्मक गतिविधियों से करें। अगर इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखा जाए, तो न केवल दिन की शुरुआत बेहतर होगी बल्कि पूरे दिन की ऊर्जा, फोकस और मानसिक स्थिति भी संतुलित बनी रहेगी।

  • हाई कोलेस्ट्रॉल को कहें अलविदा, इन सरल टिप्स से दिल और लिवर दोनों रहेंगे मजबूत

    नई दिल्ली: आज की आधुनिक जीवनशैली में शारीरिक गतिविधि काफी कम हो गई है और ज्यादातर लोग दिनभर एक ही जगह बैठकर काम करते हैं, इस वजह से शरीर धीरे-धीरे कई बीमारियों की चपेट में आने लगता है, खासकर बढ़ता हुआ कोलेस्ट्रॉल आज एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बन गया है, 30 की उम्र के बाद युवाओं में लिवर और हृदय से जुड़ी दिक्कतें तेजी से देखने को मिल रही हैं, आमतौर पर डॉक्टर इसके लिए दवाएं देते हैं, जो रक्त को पतला करने और हृदय को सुरक्षित रखने में मदद करती हैं, लेकिन आयुर्वेद में भी इस समस्या को नियंत्रित करने के लिए कई प्राकृतिक और असरदार उपाय बताए गए हैं, जिन्हें अपनाकर बिना ज्यादा दवाओं के भी कोलेस्ट्रॉल को संतुलित रखा जा सकता है

    कोलेस्ट्रॉल बढ़ना शरीर में कई खतरों को न्योता देता है, इससे स्ट्रोक और दिल का दौरा पड़ने का जोखिम बढ़ जाता है, शुरुआती स्टेज में इसके लक्षण कम दिखाई देते हैं, लेकिन कुछ संकेत मिल सकते हैं जैसे पलकों पर धब्बे होना, सीने में भारीपन या दर्द महसूस होना, सांस लेने में तकलीफ, थकान और पैरों में ऐंठन की समस्या, अगर समय रहते उपाय किए जाएं तो यह गंभीर नहीं बनता और हृदय स्वास्थ्य को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है

    सुबह की शुरुआत मेथी के पानी से करना बेहद लाभकारी है, इसके लिए रात को मेथी के दानों को पानी में भिगो दें और इसमें एक कली लहसुन डाल दें, सुबह इसे छानकर पीने से रक्त में जमा कोलेस्ट्रॉल धीरे-धीरे कम होने लगता है और शरीर में कोलेस्ट्रॉल बनने की प्रक्रिया भी धीमी पड़ती है, यदि पसंद हो तो लहसुन को हल्का भूनकर भी सुबह सेवन किया जा सकता है, यह उपाय न केवल हृदय को मजबूत बनाता है बल्कि लिवर की कार्य क्षमता को भी सुधारता है

    नाश्ते में ओट्स का सेवन करने से भी कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रहता है, ओट्स में मौजूद बीटा-ग्लूकन और अलसी का ओमेगा-3 खराब कोलेस्ट्रॉल को बाहर निकालने में मदद करता है और दिल पर पड़ने वाले दबाव को कम करता है, साथ ही राजमा और दालों को अपने आहार में शामिल करें, ये प्रोटीन और फाइबर का बेहतरीन स्रोत हैं, जो कोलेस्ट्रॉल के अवशोषण को रोकते हैं और हृदय को सुरक्षित रखते हैं

    आहार में रिफाइंड तेल का त्याग करना भी बेहद जरूरी है क्योंकि यह कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का प्रमुख कारण है, इसके स्थान पर घी, तिल का तेल या जैतून का तेल इस्तेमाल किया जा सकता है, इसके अलावा पानी की पर्याप्त मात्रा लेना और हल्की एक्सरसाइज जैसे चलना या योग करना भी शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में मदद करता है, इसके साथ ही तनाव को कम करना और पर्याप्त नींद लेना भी आवश्यक है

    इन उपायों को नियमित दिनचर्या में शामिल करके आप बिना दवा के अपने कोलेस्ट्रॉल को संतुलित रख सकते हैं, इससे न केवल हृदय मजबूत रहेगा बल्कि लिवर भी स्वस्थ रहेगा, सही आहार और प्राकृतिक उपायों के संयोजन से आप अपने स्वास्थ्य को लंबे समय तक सुरक्षित रख सकते हैं और गंभीर बीमारियों के खतरे को कम कर सकते हैं

  • तरबूज: पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर गर्मियों का खजाना..

    तरबूज: पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर गर्मियों का खजाना..


    नई दिल्ली : गर्मियों की शुरुआत होते ही तरबूज खाने का मन सभी को करता है यह फल न केवल रिफ्रेशिंग है बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी बेहद लाभकारी माना जाता है आयुर्वेद में तरबूज को पित्त शामक फल कहा गया है और यह ज्येष्ठ माह का फल माना जाता है क्योंकि इस समय तापमान बहुत अधिक होता है और तरबूज की तासीर ठंडी होती है

    तरबूज खाने से शरीर हाइड्रेटेड रहता है क्योंकि इसमें 90 प्रतिशत पानी होता है इसके अलावा इसमें कैलोरी बहुत कम होती है जिससे वजन नियंत्रित रहता है और लंबे समय तक भूख नहीं लगती ओवरईटिंग से बचा जा सकता है। यह शरीर के तापमान को संतुलित रखने में मदद करता है और चेहरे पर प्राकृतिक ग्लो भी लाता है

    तरबूज में विटामिन सी और विटामिन ए प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं ये तत्व चेहरे और बालों की सेहत के लिए लाभकारी हैं विटामिन सी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है और गर्मियों में होने वाली अतिसार और जी घबराने जैसी समस्याओं को कम करता है। इसके साथ ही तरबूज में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स मांसपेशियों की रिकवरी में सहायक हैं

    अगर शरीर में सूजन की समस्या है, तब भी तरबूज का सेवन लाभकारी होता है पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स मिलकर शरीर को मजबूती देने का काम करते हैं गर्मियों में दोपहर के वक्त तरबूज खाना सबसे ज्यादा लाभकारी होता है। काटकर खाने के समय न होने पर आप इसे पुदीने के साथ जूस के रूप में भी ले सकते हैं, लेकिन जूस को बिना छाने पिएं ताकि सभी पोषक तत्व मिलते रहें

    इस तरह तरबूज सिर्फ एक स्वादिष्ट फल नहीं बल्कि गर्मियों में सेहत और ऊर्जा का खजाना है जो हाइड्रेशन, त्वचा की चमक और मांसपेशियों की मजबूती, सभी के लिए फायदेमंद है

  • गर्मियों में बालकनी को बनाएं हरा भरा ये 8 पौधे रखेंगे हवा और मूड दोनों फ्रेश

    गर्मियों में बालकनी को बनाएं हरा भरा ये 8 पौधे रखेंगे हवा और मूड दोनों फ्रेश

    नई दिल्ली: गर्मियों का मौसम अपने साथ तेज धूप और गर्म हवाएं लेकर आता है ऐसे में घर की बालकनी अगर हरी भरी हो तो न सिर्फ आंखों को सुकून मिलता है बल्कि यह हमारे मूड और स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक असर डालती है पौधे प्राकृतिक एयर प्यूरीफायर की तरह काम करते हैं और घर के माहौल को ताजगी से भर देते हैं अगर आप भी अपनी बालकनी को इस गर्मी में फ्रेश और खूबसूरत बनाना चाहते हैं तो कुछ खास पौधे आपके लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकते हैं

    रोज़मेरी एक ऐसी जड़ी बूटी है जिसकी खुशबू दिमाग को तेज करने और याददाश्त बढ़ाने में मदद करती है इसे आप अपने किचन में भी इस्तेमाल कर सकते हैं जिससे स्वाद और सेहत दोनों का फायदा मिलता है

    एलोवेरा गर्मियों का सुपरस्टार पौधा माना जाता है इसका जेल त्वचा को ठंडक पहुंचाता है और जलन में राहत देता है साथ ही यह हवा को साफ रखने में भी मदद करता है जिससे घर का वातावरण हेल्दी बना रहता है

    चमेली के सफेद फूल और उसकी भीनी खुशबू आपके मन को शांति देती है यह तनाव को कम करने में मददगार होती है और आपकी बालकनी को खूबसूरत भी बनाती है

    पीस लिली न केवल देखने में आकर्षक होती है बल्कि यह हवा में मौजूद हानिकारक तत्वों को भी कम करती है इसके पत्ते वातावरण में नमी बनाए रखते हैं जिससे गर्मी में राहत मिलती है

    पुदीना एक ऐसा पौधा है जो तुरंत ताजगी का एहसास कराता है इसकी खुशबू थकान दूर करती है और इसकी पत्तियों से बनी चाय पाचन के लिए भी फायदेमंद होती है

    इंग्लिश आइवी खासतौर पर उन लोगों के लिए अच्छा है जिन्हें एलर्जी की समस्या होती है यह हवा में मौजूद एलर्जी पैदा करने वाले तत्वों को कम करने में मदद करता है और बालकनी को हरा भरा लुक देता है

    बाल्सम के रंग बिरंगे फूल बालकनी को जीवंत बना देते हैं साथ ही यह कीड़े मकोड़ों को दूर रखने में भी मदद करते हैं जिससे आपका वातावरण साफ और सुरक्षित रहता है

    तुलसी एक पवित्र और औषधीय पौधा है जो तनाव कम करने और इम्युनिटी बढ़ाने में मदद करता है इसकी मौजूदगी से घर में सकारात्मक ऊर्जा भी बनी रहती है

    अगर आप इन पौधों को अपनी बालकनी में लगाते हैं तो न सिर्फ गर्मी का असर कम महसूस होगा बल्कि आपका घर एक ताजगी भरा और सुकून देने वाला स्थान बन जाएगा

  • गर्मियों में इलायची का कमाल: गले की खराश और मुंह के छाले में राहत

    गर्मियों में इलायची का कमाल: गले की खराश और मुंह के छाले में राहत


    नई दिल्ली। गर्मियों का मौसम शुरू होते ही बढ़ती गर्मी के कारण पेट, गले और मुंह की कई छोटी-बड़ी समस्याएं आम हो जाती हैं। ऐसे में रसोई में मिलने वाली छोटी-सी इलायची सेहत के लिए बाध्य साबित हो सकती है। आयुर्वेद में इसे औषधीय गुणों का खजाना माना जाता है, जो खाने का स्वाद और खुशबू बढ़ाने के साथ गर्मी से होने वाली व्यवस्थाओं में भी आराम देती है।

    पेट की समस्याओं में राहत

    गर्मियों में सबसे ज्यादा समस्या अपच, एसिडिटी और खाने के बाद खट्टी डकार की होती है। आयुष मंत्रालय के अनुसार, रोजाना एक इलायची चबाने से पेट की हाइपर एसिडिटी कंट्रोल हो जाती है। इससे सीने में जलन, भारीपन और गैस जैसी सुविधाएं कम होती हैं। भोजन के बाद इलायची को धीरे-धीरे चबाने की आदत डालें, पेट से जुड़ी परेशानियां दूर होती हैं और पाचन तंत्र मजबूत रहता है।

    गले की खराश और खांसी में राहत

    गर्मी में गला अक्सर खराब हो जाता है और खांसी या आवाज बैठ जाने जैसी समस्या आम हो जाती है। ऐसे में 1-2 इलायची धीरे-धीरे चबाकर उसका रस गले से नीचे जाने दें। इससे गले की खराश में तुरंत आराम मिलता है और खांसी भी कम होती है। यह तरीका बच्चों और वयस्कों दोनों के लिए सुरक्षित और असरदार है।

    मुंह के छालों और हिचकी में फायदेमंद

    गर्मियों में मुंह के छालों की समस्या भी बढ़ जाती है। इलायची को मिश्री के साथ चबाने से छालों में जलन और दर्द कम होता है और जल्दी ठीक हो जाते हैं। इसके अलावा इलायची हिचकी को रोकने में भी गति होती है। बार-बार हिचकी आने पर एक इलायची चबाएं या इसका पाउडर पानी के साथ लें, हिचकी तुरंत रुक जाएगी।

    मुंह की स्वच्छता और संक्रमण से बचाव

    इलायची मुंह के बैक्टीरिया और संक्रमण को भी दूर करती है। भोजन के बाद एक इलायची चबाने से मुंह से दुर्गंध नहीं आती और दांत स्वस्थ रहते हैं। इलायची में मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण सूजन को कम करने और संक्रमण से बचाव करने में मदद करते हैं।

    सेवन के आसान तरीके

    इलायची का सेवन कई आसान तरीकों से किया जा सकता है:

    चाय मेंह
    दूध में भूनें
    सीधे चबाकर

    गर्मियों में इलायची वाली चाय या दूध पीना शरीर को ठंडक देता है, पाचन तंत्र को मजबूत रखता है और मानसिक तनाव को कम करता है।

    एक्सपोर्ट की सलाह

    विशेषज्ञों की सलाह है कि गर्मियों में रोजाना 1-2 इलायची का सेवन जरूर करें। यह छोटी-सी आदत पेट, गले और मुंह की कई दवाओं को जड़ से दूर रख सकती है। हालांकि, अगर समस्या गंभीर हो तो डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।

  • परेशान हैं किसी समस्या से? घर पर अपनाएं ये आसान और असरदार उपाय

    परेशान हैं किसी समस्या से? घर पर अपनाएं ये आसान और असरदार उपाय


    नई दिल्ली हर किसी ने सोचा है कि उसका चेहरा काफी अच्छा लग रहा है। अगर आप भी यही सोचती हैं और आपके चेहरे पर काफी ज्यादा तस्वीरें देखी गई हैं। तो आपके घर पर ही कुछ आसान से नामांकन को अपनाकर अपने चेहरे से पहले ही अंकित मूल्य को हटाया जा सकता है। तो बिना डिले के इसे पूरे वैज्ञानिक जानते हैं और अच्छे से अभ्यारण्य हैं।

    घर पर ऐसे ठीक करें देखें
    फेस पर देखें आपकी सुंदरता कम हो सकती है। इसकी वजह से जगह-जगह पर दाग-धब्बे नजर आते हैं और त्वचा पर गहरी नजर आती है। ऐसे में कई लोग अपने चेहरे की जिद्दी झाइयों को हटाने के लिए तरह-तरह के सौंदर्य और त्वचा देखभाल उत्पादों का इस्तेमाल करते हैं। ऐसा आपको बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए घर के कुछ नक्से आपके चेहरे को आप ही अच्छा बना सकते हैं तो जानें।

    शहद और नींबू
    चेहरे से झा लेबल और चेहरे को अच्छी तरह से साफ करना और इसमें ग्लास लाना शहद और नींबू अच्छे से काफी से करते हैं। वास्तविक, नींबू के रस में साइट्रिक एसिड मौजूद होता है, जो त्वचा के दाग-धब्बों और झाइयों को प्रभावित करने में मदद कर सकता है। इसके लिए आप एक कटोरी में एक मिशिगन शहर लें। इसमें एक डोमेन का रस आर्किटेक्चर अच्छी तरह से मिक्स कर लें। अब इस मिश्रण को अपने चेहरे पर लगाएं और कुछ देर के लिए रहने के लिए कहें। करीब 10 मिनट बाद चेहरे को पानी से धो लें। हफ्ते में 2 से 3 बार इसे इस्तेमाल करने से धीरे-धीरे धीरे-धीरे कम होने लगेंगी।

    शहद और एलोवेरा
    शहद और एलोवेरा का उपयोग करने के लिए फेस से लुक निकाला जा सकता है। असल में, एलोवेरा में एलॉयन नामक तत्व मौजूद होता है, जो दाग-धब्बों और पिगमेंटेशन को दूर करने में मदद करता है। इसके लिए आप एक कटोरी में एक मिशिगन शहर लें। एक क्षेत्र एलोवेरा जेल बिल्डिंग में अच्छी तरह से मिक्स कर लें। अब इस मिश्रण को अपने चेहरे पर कपड़े और हाथों से मसाज करें, करीब 20 मिनट बाद चेहरे को पानी से धो लें।