Category: Madhya Pradesh

  • MP में शिक्षक भर्ती के बाद अब पदस्थापना की बारी! 7 हजार वर्ग-3 शिक्षकों को मिलेगा स्कूल, वर्ग-2 की वेटिंग काउंसलिंग भी शुरू

    MP में शिक्षक भर्ती के बाद अब पदस्थापना की बारी! 7 हजार वर्ग-3 शिक्षकों को मिलेगा स्कूल, वर्ग-2 की वेटिंग काउंसलिंग भी शुरू


    भोपाल । मध्यप्रदेश में सरकारी स्कूलों में शिक्षक पदस्थापना का इंतजार कर रहे वर्ग-3 के करीब 7 हजार चयनित शिक्षकों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। लोक शिक्षण विभाग सोमवार से इन शिक्षकों की शाला आवंटन प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है। लंबे समय से पदस्थापना स्थल को लेकर बनी स्थिति और म्यूचुअल ट्रांसफर की प्रक्रिया के कारण इसमें देरी हुई थी लेकिन अब विभाग ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। शाला आवंटन के बाद चयनित शिक्षकों को संबंधित स्कूल में जॉइनिंग के लिए एक सप्ताह का समय दिया जाएगा। विभाग को उम्मीद है कि इन शिक्षकों की पदस्थापना से सरकारी स्कूलों में लंबे समय से बनी शिक्षकों की कमी को काफी हद तक दूर करने में मदद मिलेगी।

    दरअसल वर्ग-3 के चयनित शिक्षकों की पदस्थापना पहले 15 अगस्त तक पूरी करने की तैयारी थी। लेकिन चयनित अभ्यर्थियों के सामने पदस्थापना स्थल को लेकर कई तरह की दिक्कतें सामने आईं। खासतौर पर कुछ शिक्षकों को आवंटित होने वाले स्कूलों और उनकी पसंद के स्थान के बीच दूरी को लेकर स्थिति बनी। इसी दौरान विभाग ने पहली बार चयनित शिक्षकों को म्यूचुअल ट्रांसफर का विकल्प उपलब्ध कराया। इस सुविधा के तहत इच्छुक शिक्षक आपस में संपर्क कर स्थानांतरण के लिए आवेदन कर सकते थे। करीब 400 चयनित शिक्षकों ने इस सुविधा का लाभ उठाया। इसी प्रक्रिया के चलते शाला आवंटन में कुछ समय की देरी हुई लेकिन अब विभाग ने इसे आगे बढ़ाने का फैसला किया है।

    लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह के मुताबिक वर्ग-3 में करीब 7 हजार चयनित शिक्षकों की पदस्थापना की जानी है। स्कूलों का आवंटन होने के बाद शिक्षकों को संबंधित संस्था में कार्यभार ग्रहण करना होगा। इसके लिए उन्हें एक सप्ताह का समय दिया जाएगा। यानी शाला आवंटन के बाद चयनित शिक्षकों के सामने अब जॉइनिंग की प्रक्रिया पूरी करने की जिम्मेदारी होगी। विभाग की कोशिश है कि पदस्थापना की प्रक्रिया जल्द पूरी हो ताकि स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ाई जा सके और विद्यार्थियों की पढ़ाई को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सके।

    इसी दिन वर्ग-2 के चयनित शिक्षकों के लिए भी महत्वपूर्ण प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। स्कूल शिक्षा विभाग वर्ग-2 की वेटिंग काउंसलिंग के दूसरे चरण की शुरुआत सोमवार से करेगा। इसमें प्रतीक्षा सूची में शामिल अभ्यर्थियों को उपलब्ध रिक्त पदों के आधार पर स्कूल आवंटित किए जाएंगे। इससे उन उम्मीदवारों को भी मौका मिलने की उम्मीद है जो मुख्य चयन प्रक्रिया में स्थान नहीं पा सके थे लेकिन प्रतीक्षा सूची में शामिल हैं।

    विभाग की योजना वर्ग-3 के चयनित शिक्षकों की जॉइनिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसी श्रेणी में वेटिंग काउंसलिंग शुरू करने की भी है। इससे रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया और आगे बढ़ेगी। यानी आने वाले समय में वर्ग-3 के चयनित अभ्यर्थियों की प्रतीक्षा सूची से भी नियुक्ति के अवसर खुल सकते हैं।

    वहीं वर्ग-1 के चयनित शिक्षकों की पदस्थापना का मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह के अनुसार इस मामले में सितंबर के पहले सप्ताह में फैसला आने की संभावना है। कोर्ट के निर्णय के बाद वर्ग-1 के चयनित शिक्षकों की रुकी हुई पदस्थापना प्रक्रिया को भी तेजी से आगे बढ़ाने की तैयारी है। ऐसे में सोमवार से शुरू होने वाली वर्ग-3 की शाला आवंटन प्रक्रिया हजारों चयनित शिक्षकों के लिए लंबे इंतजार के बाद राहत लेकर आने वाली है।

  • भोपाल में बदमाश का पीछा कर रही पुलिस बाइक ने 8 साल की बच्ची को मारी टक्कर! सिर में चोट के बाद सिविल ड्रेस वाले जवानों को भीड़ ने घेरा

    भोपाल में बदमाश का पीछा कर रही पुलिस बाइक ने 8 साल की बच्ची को मारी टक्कर! सिर में चोट के बाद सिविल ड्रेस वाले जवानों को भीड़ ने घेरा


    भोपाल । भोपाल के हबीबगंज थाना क्षेत्र में शनिवार शाम बदमाश का पीछा कर रहे दो पुलिसकर्मियों की बाइक की चपेट में आने से आठ साल की बच्ची घायल हो गई। हादसा 11 नंबर इलाके में हुआ जहां गुंडा स्क्वाड के पुलिसकर्मी एक फरार आरोपी का पीछा कर रहे थे। टक्कर के बाद बच्ची सड़क पर गिर गई और उसके सिर में चोट लगने से खून निकलने लगा। बच्ची को घायल देखकर मौके पर मौजूद लोग आक्रोशित हो गए और सिविल ड्रेस में मौजूद दोनों पुलिसकर्मियों को घेर लिया। कुछ देर तक मौके पर झूमाझटकी की स्थिति बनी रही। बाद में पुलिसकर्मियों ने अपनी पहचान बताकर आईडी कार्ड दिखाया जिसके बाद लोगों को पता चला कि वे पुलिसकर्मी हैं और मामला शांत हुआ।

    पुलिस के मुताबिक कमला नगर थाने में संपत्ति हड़पने के मामले में एक आरोपी फरार चल रहा है। उसकी तलाश में गुंडा स्क्वाड की टीम लगातार जुटी हुई है। शनिवार शाम करीब छह बजे पुलिसकर्मी दीपक कटियार और बलराम बाइक से 11 नंबर इलाके में आरोपी की तलाश कर रहे थे। इसी दौरान आरोपी भी बाइक से भाग रहा था और दोनों पुलिसकर्मी उसका पीछा कर रहे थे। पीछा करने के दौरान अचानक आठ साल की बच्ची पुलिस बाइक के सामने आ गई। पुलिसकर्मी संभल पाते उससे पहले बाइक बच्ची से टकरा गई।

    हादसे में बच्ची सड़क पर गिर गई और उसके सिर में गंभीर चोट लगने से खून निकलने लगा। टक्कर के बाद जिस आरोपी का पुलिस पीछा कर रही थी वह मौके का फायदा उठाकर फरार हो गया। पुलिसकर्मियों ने आरोपी का पीछा जारी रखने के बजाय तुरंत घायल बच्ची को संभाला। उन्होंने बच्ची की स्थिति देखी और आसपास के लोगों की मदद से उसे संभालने की कोशिश की। घटना की सूचना मिलने के बाद डायल 112 की टीम भी मौके पर पहुंच गई। बच्ची को इलाज के लिए हजेला अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उसका उपचार जारी है।

    हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों को यह जानकारी नहीं थी कि बाइक सवार दोनों व्यक्ति पुलिसकर्मी हैं। दोनों सिविल ड्रेस में थे और उनके पास पुलिस की वर्दी नहीं थी। बच्ची के घायल होने के बाद लोगों का गुस्सा दोनों पर फूट पड़ा। प्रत्यक्षदर्शी अखिलेश गिनारे के मुताबिक लोगों ने दोनों को घेर लिया और उनके साथ झूमाझटकी शुरू कर दी। स्थिति बिगड़ती देख पुलिसकर्मियों ने अपना परिचय दिया और पहचान पत्र दिखाया। इसके बाद लोगों को उनकी वास्तविक पहचान के बारे में जानकारी हुई और मौके पर तनाव कम हुआ।

    घटना में दोनों पुलिसकर्मियों को चोट नहीं आई है। वहीं घायल बच्ची का अस्पताल में इलाज चल रहा है। हबीबगंज थाना प्रभारी संजीव चौकसे के मुताबिक फिलहाल बच्ची के परिजनों की ओर से पुलिस को कोई शिकायत नहीं मिली है। पुलिस का कहना है कि बच्ची की मेडिकल रिपोर्ट और परिजनों की शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल पुलिस के सामने एक तरफ फरार आरोपी को पकड़ने की चुनौती है तो दूसरी तरफ हादसे में घायल बच्ची की स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है। घटना ने यह सवाल भी खड़ा किया है कि सिविल ड्रेस में किसी आरोपी का पीछा करते समय पुलिसकर्मियों को सड़क पर सुरक्षा और आम लोगों की मौजूदगी का कितना ध्यान रखना चाहिए। पुलिस अब मेडिकल रिपोर्ट और पूरे घटनाक्रम के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।

  • पसंद की शादी करना चाहती थी 17 साल की आयुषी, मां और मामा पर हत्या का आरोप! दुपट्टे से गला घोंटने का दावा

    पसंद की शादी करना चाहती थी 17 साल की आयुषी, मां और मामा पर हत्या का आरोप! दुपट्टे से गला घोंटने का दावा


    भोपाल । भोपाल के पिपलानी इलाके में 17 साल की नाबालिग आयुषी की संदिग्ध मौत के मामले ने सनसनी फैला दी है। पुलिस ने अब इस मामले में हत्या का केस दर्ज करते हुए मृतका की मां कमला और मामा विजय राय को गिरफ्तार किया है। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि आयुषी अपनी पसंद के युवक से शादी करना चाहती थी जबकि उसकी मां बेटी की शादी अपनी पसंद के युवक से करवाना चाहती थी। शादी को लेकर मां और बेटी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी विवाद को पुलिस हत्या की संभावित वजह मानकर जांच कर रही है और मामले में ऑनर किलिंग के एंगल को भी खंगाला जा रहा है।

    पुलिस के मुताबिक आयुषी अपनी मां के साथ घरों में काम करती थी। परिवार में उसकी शादी को लेकर बातचीत चल रही थी लेकिन मां और बेटी की पसंद अलग थी। आयुषी अपनी पसंद के युवक से शादी करना चाहती थी जबकि उसकी मां चाहती थी कि बेटी उसकी पसंद के युवक से विवाह करे। इसी मुद्दे को लेकर दोनों के बीच लगातार तनाव बना हुआ था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि विवाद किस तरह बढ़ा और घटना वाले दिन घर में वास्तव में क्या हुआ था।

    जांच के अनुसार 26 अगस्त को शादी की बात को लेकर घर में फिर विवाद हुआ। आरोप है कि इसी दौरान कमला और उसके भाई विजय राय ने आयुषी का दुपट्टे से गला घोंट दिया। इसके बाद उसकी मौत हो गई। हालांकि पुलिस अभी घटना के पूरे क्रम और दोनों आरोपियों की वास्तविक भूमिका को लेकर विस्तृत जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना में और कोई व्यक्ति शामिल था या नहीं।

    आयुषी की मौत के बाद परिजन कथित तौर पर बिना पोस्टमार्टम कराए शव का अंतिम संस्कार करने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस को घटना की जानकारी मिली। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इसके बाद मामले में अहम मोड़ 29 अगस्त की शाम आया जब पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त हुई। रिपोर्ट में गला घोंटने के कारण मौत होने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने मामले को हत्या की दिशा में आगे बढ़ाया।

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद पिपलानी पुलिस ने रविवार तड़के आयुषी की मां कमला और मामा विजय राय के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया और दोनों को गिरफ्तार कर लिया। अब पुलिस हत्या से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। खासतौर पर शादी को लेकर चल रहे विवाद घटना से पहले की परिस्थितियों और अंतिम संस्कार की तैयारी के पीछे की वजहों को समझने की कोशिश की जा रही है।

    पुलिस की शुरुआती जांच में पसंद की शादी को लेकर परिवार में चल रहा विवाद हत्या की संभावित वजह के तौर पर सामने आया है। इसी कारण मामले में ऑनर किलिंग की आशंका को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है। हालांकि पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही हत्या की वास्तविक वजह और आरोपियों की भूमिका को लेकर स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। फिलहाल नाबालिग की मौत ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और पुलिस घटना से जुड़े हर पहलू की बारीकी से पड़ताल कर रही है।

  • भोपाल के कटारा हिल्स में नगर निगम के खिलाफ फूटा गुस्सा! जलभराव और गड्ढों से परेशान लोगों ने फूंका पुतला

    भोपाल के कटारा हिल्स में नगर निगम के खिलाफ फूटा गुस्सा! जलभराव और गड्ढों से परेशान लोगों ने फूंका पुतला


    भोपाल । भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में बारिश के बीच मूलभूत सुविधाओं की बदहाल स्थिति को लेकर रहवासियों का गुस्सा रविवार को सड़क पर देखने को मिला। अमलतास चौराहे पर बड़ी संख्या में लोगों ने नगर निगम के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए पुतला दहन किया। रहवासियों का आरोप है कि इलाके में जलभराव सड़कों पर गड्ढे गंदगी और बंद स्ट्रीट लाइट जैसी समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं। बारिश के दौरान हालात और ज्यादा खराब हो जाते हैं जिससे लोगों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    प्रदर्शनकारियों ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनसे नियमित रूप से टैक्स वसूला जा रहा है लेकिन उसके बदले जरूरी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। रहवासियों के मुताबिक कटारा हिल्स की मुख्य सड़कों से लेकर कॉलोनियों के अंदर की सड़कों तक जगह जगह बड़े गड्ढे हैं। बारिश होने के बाद इन गड्ढों में पानी भर जाता है और सड़क की स्थिति का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है। इससे दोपहिया वाहन चालकों के साथ पैदल राहगीरों को भी परेशानी होती है और हादसे का खतरा बना रहता है।

    इलाके के लोगों का कहना है कि रात के समय स्थिति और गंभीर हो जाती है क्योंकि कई जगहों पर स्ट्रीट लाइटें बंद रहती हैं। अंधेरे और खराब सड़कों के कारण वाहन चालकों को गड्ढे दिखाई नहीं देते। ऐसे में दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। रहवासियों ने मांग की है कि खराब स्ट्रीट लाइटों को जल्द दुरुस्त कराया जाए और सड़कों की मरम्मत कराकर जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए।

    प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता भी लोगों के साथ मौजूद रहे। युवक कांग्रेस के अनिकेत द्विवेदी ने वार्ड 85 के कई इलाकों में मूलभूत सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि वार्ड में समस्याओं का अंबार लगा हुआ है। मुख्य सड़क से लेकर अंदरूनी मार्ग तक गड्ढों की वजह से लोगों का निकलना मुश्किल हो गया है। उन्होंने नगर निगम प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की।

    रहवासियों ने बताया कि तेज बारिश के दौरान इलाके के कई हिस्सों में पानी जमा हो जाता है। कॉलोनियों के आसपास जलभराव के साथ कीचड़ फैलने से लोगों की मुश्किलें बढ़ जाती हैं। सफाई व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं होने का आरोप लगाया गया। लोगों का कहना है कि जल निकासी की व्यवस्था बेहतर नहीं होने के कारण बारिश का पानी लंबे समय तक जमा रहता है और रोजमर्रा की आवाजाही प्रभावित होती है।

    प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल भी मौके पर मौजूद रहा। पुलिस की मौजूदगी में ही प्रदर्शनकारियों ने नगर निगम का पुतला जलाया। इस दौरान लोगों ने निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी नाराजगी जताई। प्रदर्शनकारियों ने साफ चेतावनी दी कि यदि वार्ड की मूलभूत समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से और व्यापक किया जाएगा।

    प्रदर्शन में मध्य प्रदेश कांग्रेस झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष निकेश सिंह चौहान भोपाल युवा कांग्रेस ग्रामीण के अध्यक्ष राहुल मंडलोई रोहित राजोरिया शिवी शर्मा लोकेंद्र शर्मा अनिल मीणा और राजकुमार सिंह समेत कई लोग मौजूद रहे। फिलहाल कटारा हिल्स में रहवासियों के प्रदर्शन ने बारिश के दौरान शहर की जल निकासी सड़क और सफाई व्यवस्था से जुड़े सवालों को एक बार फिर सामने ला दिया है।

  • नेपाल में फंसे MP के 7 लोगों में से अनूपपुर की दो बहनें सुरक्षित मिली…. 5 की तलाश जारी

    नेपाल में फंसे MP के 7 लोगों में से अनूपपुर की दो बहनें सुरक्षित मिली…. 5 की तलाश जारी


    भोपाल/विदिशा/अनूपपुर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के एक परिवार ने राहत की सांस ली जब बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित नेपाल (Nepal floods) में फंसी दो बहनों (Two sisters) का पता चल गया, जबकि राज्य के पांच अन्य परिवार शनिवार को भी अपने प्रियजनों की खबर का बेसब्री और बेचैनी से इंतजार करते रहे. मध्य प्रदेश के कम से कम सात लोग नेपाल में लापता हैं या फंसे हुए हैं, जिनमें अनूपपुर की बहनें पलक और पल्लवी मांझी और रायसेन के भाई विकास और हिमांशु राजपूत शामिल हैं।

    लापता लोगों में टोरंटो में रहने वाली इंजीनियर स्वाति बागरेचा भी शामिल हैं, जो ईशा फाउंडेशन की 77 सदस्यों वाली तीर्थयात्रा के दौरान नेपाल-तिब्बत सीमा के पास लापता हो गईं. इसके कारण विदिशा में उनके परिवार को लगातार चार दिनों तक बिना जवाब वाले फ़ोन कॉल्स का सामना करना पड़ा।

    अनूपपुर की पलक और पल्लवी मिलीं सुरक्षित, पोखरा में हैं दोनों बहनें
    परिवार ने बताया कि अनूपपुर जिले की रहने वाली और ग्वालियर में पढ़ाई व नौकरी करने वाली बहनें पलक और पल्लवी मांझी छुट्टी मनाने के दौरान इस आपदा में फंस गई थीं और दो दिनों तक उनसे संपर्क नहीं हो पाया था. कोटमा पुलिस स्टेशन के इंचार्ज रत्नाम्बर शुक्ला ने बताया कि शुक्रवार को परिवार को खबर मिली कि दोनों बहनें पोखरा में सुरक्षित हैं और रविवार को उनके घर लौटने की उम्मीद है।

    रायसेन, देवास और इंदौर के 4 अन्य लोगों का भी सुराग नहीं
    परिवार ने बताया कि पता चलने के बाद उनके पिता ने भी उनसे फोन पर बात की. जहां मांझी परिवार ने उनके सुरक्षित मिलने का जश्न मनाया, वहीं पांच अन्य लापता लोगों के परिवारों की चिंता बढ़ गई है, जिन्होंने राज्य की इमरजेंसी हेल्पलाइन से संपर्क किया है। रायसेन में, हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट में काम करने वाले भाई विकास और हिमांशु राजपूत का परिवार उनकी जानकारी का इंतजार करते हुए परेशान रहा।

    देवास के शाहजहां अंसारी और इंदौर के शिबा प्रसाद मुखर्जी के रिश्तेदारों ने भी दिल्ली कंट्रोल रूम से संपर्क किया है, जिसे नेपाल में लापता या फंसे मध्य प्रदेश के लोगों की मदद के लिए बनाया गया था।

    कनाडा की इंजीनियर स्वाति बागरेचा 4 दिन से लापता
    विदिशा में 50 वर्षीय स्वाति बागरेचा का परिवार चार दिनों से बेचैनी और अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है, क्योंकि उनका मोबाइल फोन बजता तो है लेकिन कोई जवाब नहीं मिलता. टोरंटो में रहने वाली इंजीनियर स्वाति, 8 अगस्त को ईशा फाउंडेशन के 77 सदस्यों वाले ग्रुप के साथ कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए दिल्ली से निकली थीं. उनके भाई डॉ. प्रशांत बागरेचा ने बताया कि परिवार ने उनसे आखिरी बार 26 अगस्त को सुबह करीब 9 बजे बात की थी, जब वह इमिग्रेशन की औपचारिकताओं के लिए नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर पहुंच गई थीं।

    उन्होंने बताया, “उनका मोबाइल अभी भी बज रहा है, लेकिन वह हमारी कॉल का जवाब नहीं दे रही हैं. हम उनकी सुरक्षा को लेकर बहुत चिंतित हैं.” परिवार के अनुसार, उनकी 14 साल की बेटी अनुष्का मुंबई में अपनी बड़ी बहन के साथ रुकी हुई थी। प्रशांत ने बताया कि लोकेशन लॉग से पता चला कि स्वाति का मोबाइल फोन चीनी बॉर्डर के पास कहीं एक्टिव था, लेकिन उसे ट्रेस करना मुश्किल हो रहा था क्योंकि नंबर टोरंटो में रजिस्टर्ड था. उन्होंने कहा कि परिवार ने नेपाल में कनाडाई और भारतीय दूतावासों से संपर्क किया है और उन्हें खोजने में मदद मांगी है।

    परिवार ने बताया कि स्थानीय विधायक मुकेश टंडन के दखल के बाद, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी परिवार से बात की और स्वाति को खोजने और उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के प्रयास शुरू किए।

    26 अगस्त को नेपाल के रसुवा इलाके में भोटेकोशी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से अचानक बाढ़ आ गई थी; बाढ़ का पानी बाद में त्रिशूली और गंडक नदी प्रणालियों में बह गया और निचले इलाकों को प्रभावित किया। जो परिवार अभी भी इंतजार कर रहे हैं, उनके लिए बिना जवाब वाली हर कॉल ने डर और इस उम्मीद को और गहरा कर दिया है कि उनके अपने सुरक्षित हैं और जल्द ही घर लौट आएंगे।

  • सतना समेत 4 जिलों में बाढ़, चित्रकूट में बड़ा पुल बहा, आज 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

    सतना समेत 4 जिलों में बाढ़, चित्रकूट में बड़ा पुल बहा, आज 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट


    भोपाल। अगस्त की विदाई के साथ मध्य प्रदेश में एक बार फिर बाढ़ के हालात बन गए हैं। शनिवार को छतरपुर, पन्ना, सतना और टीकमगढ़ में भारी बारिश के बाद नदी-नाले उफान पर आ गए और कई इलाके जलमग्न हो गए। चित्रकूट में गोरगी बांध फूटने से हालात बिगड़ गए। मंदाकिनी नदी करीब 30 फीट उफान पर रही और तेज बहाव में रामघाट का बड़ा पुल बह गया। सतना में रेलवे ट्रैक और थाने तक पानी में डूब गए, जबकि पन्ना के कई गांव टापू में तब्दील हो गए। मौसम विभाग ने रविवार को भी प्रदेश के 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

    बांध फूटने के बाद चित्रकूट में बिगड़े हालात

    IMD (मौसम केंद्र) भोपाल के मुताबिक, प्रदेश में सक्रिय लो प्रेशर एरिया (निम्न दाब क्षेत्र) के कारण बारिश का सिस्टम मजबूत हुआ है। इसके चलते शनिवार को कई क्षेत्रों में तेज बारिश हुई और नदी-नाले उफान पर आ गए।

    चित्रकूट में गोरगी बांध फूटने के बाद कई इलाकों में पानी भर गया। सतना-चित्रकूट मार्ग तीन स्थानों से बंद हो गया। मंदाकिनी नदी करीब 30 फीट ऊंचाई तक उफान पर रही। तेज बहाव के कारण रामघाट का बड़ा पुल बह गया। कई मोहल्लों में नाव चलाकर लोगों को बाहर निकाला गया। रामघाट और भरतघाट पूरी तरह जलमग्न हो गए, जबकि घाट किनारे की करीब 400 दुकानें पानी में डूब गईं।

    बाढ़ का पानी नयागांव राजमहल के अंदर तक पहुंच गया। कई लोग घरों और होटलों में फंसे रहे। SDRF की टीमें लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी रहीं।

    सतना में रेलवे ट्रैक और थाने में घुसा पानी

    सतना के मझगवां में बाढ़ का पानी रेलवे ट्रैक पर पहुंच गया। इसके कारण आनंद विहार से रीवा जाने वाली पैसेंजर ट्रेन कई घंटे तक खड़ी रही। नागौद में थाने और पेट्रोल पंप में पानी भर गया।

    कोठी में एक मकान गिरने से चार भैंस मलबे में दब गईं। इनमें दो की मौत हो गई। वहीं, पन्ना में बाढ़ के कारण कई गांवों का संपर्क टूट गया और वे टापू जैसे नजर आए।

    शनिवार को बानसुजारा बांध के आठ गेट खोलकर धसान नदी में 792 घन मीटर प्रति सेकंड की रफ्तार से पानी छोड़ा गया।


    आज इन 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

    रविवार को मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी, अनूपपुर, मंडला, सिवनी और बालाघाट में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

    इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सतना, मैहर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने के आसार हैं।

    प्रदेश में अब तक 27 इंच बारिश

    IMD के अनुसार, मध्य प्रदेश में अब तक 694.5 मिमी यानी करीब 27 इंच बारिश हो चुकी है। सामान्य तौर पर इस अवधि तक 762.3 मिमी यानी 30 इंच बारिश होनी चाहिए थी। इस लिहाज से प्रदेश में अब भी 2.7 इंच कम बारिश हुई है। ओवरऑल बारिश सामान्य से 9% कम है। पूर्वी हिस्से में 5% और पश्चिमी हिस्से में 12% कम बारिश दर्ज की गई है।

    39 जिलों में सामान्य से कम बारिश

    प्रदेश के पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश अब भी सामान्य से 19% तक कम है। बालाघाट, छतरपुर, डिंडौरी, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी और टीकमगढ़ समेत जिलों में 1% से 50% तक कम बारिश दर्ज हुई है।

    पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 1% से 51% तक कम पानी गिरा है।

    16 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश

    प्रदेश के अनूपपुर, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़ और शिवपुरी में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

  • MP के 4 IPS अधिकारियों को नई जिम्मेदारी, एडीजी इंटेलिजेंस बने अंशुमन यादव, आदेश जारी

    MP के 4 IPS अधिकारियों को नई जिम्मेदारी, एडीजी इंटेलिजेंस बने अंशुमन यादव, आदेश जारी


    भोपाल । मध्य प्रदेश में एक बार फिर प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। राज्य शासन के गृह विभाग ने आज, शनिवार को भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के चार अधिकारियों के तबादले और अतिरिक्त प्रभार सौंपने के आदेश जारी किए हैं। यह आदेश मध्य प्रदेश के राज्यपाल के नाम से और आदेशानुसार गृह विभाग की सचिव शिल्पा गुप्ता द्वारा जारी किया गया है।

    मध्य प्रदेश आईपीएस तबादला सूची
    चंचल शेखर (IPS 1995): अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (वि.स.बल) तथा अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (SISF) पुलिस मुख्यालय, भोपाल से संचालक, खेल एवं युवक कल्याण, म.प्र. के पद पर नियुक्त किया गया है।

    अंशुमन यादव (IPS 1998): संचालक, खेल एवं युवक कल्याण, म.प्र. को कार्यमुक्त कर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, गुप्तवार्ता बनाया गया है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, साइबर, पुलिस मुख्यालय, भोपाल का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।


    अनिल कुमार (IPS 1993): विशेष पुलिस महानिदेशक (महिला सुरक्षा), पुलिस मुख्यालय भोपाल को उनके वर्तमान कार्यों के साथ-साथ विशेष पुलिस महानिदेशक, अजाक (AJAK), पुलिस मुख्यालय, भोपाल का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

    डी. श्रीनिवास वर्मा (IPS 1997): अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, नारकोटिक्स एवं अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, एसटीएफ, पुलिस मुख्यालय, भोपाल (अतिरिक्त प्रभार) को अस्थाई रूप से उनके वर्तमान कार्य के साथ-साथ अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, वि.स.बल एवं अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक,एस.आई.एस.एफ. पुलिस मुख्यालय, भोपाल के पद का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

  • मंगला एक्सप्रेस में खाना खाने के बाद 20 बच्चों की तबीयत बिगड़ी, खंडवा में ट्रेन रोककर किया इलाज

    मंगला एक्सप्रेस में खाना खाने के बाद 20 बच्चों की तबीयत बिगड़ी, खंडवा में ट्रेन रोककर किया इलाज


    भोपाल। दिल्ली से केरल लौट रहे स्कूली बच्चों के एक दल में शुक्रवार रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब मंगला लक्षद्वीप एक्सप्रेस में खाना खाने के बाद करीब 15-20 बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। बच्चों ने उल्टी, जी मिचलाने और बेचैनी की शिकायत की। सूचना मिलते ही ट्रेन को खंडवा रेलवे स्टेशन पर रोका गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने ट्रेन में ही बच्चों की जांच कर प्राथमिक उपचार दिया।

    जानकारी के मुताबिक, बच्चे स्कूल स्टाफ के साथ शैक्षणिक टूर पर दिल्ली गए थे। टूर पूरा होने के बाद सभी ट्रेन से केरल लौट रहे थे। इटारसी स्टेशन के बाद बच्चों ने ट्रेन की पेंट्री कार से खाना मंगाकर खाया था। इसके कुछ समय बाद एक के बाद एक बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी। ट्रेन स्टाफ ने इसकी सूचना रेलवे अधिकारियों को दी।

    स्टेशन पर पहले से तैयार थी मेडिकल टीम

    बच्चों की तबीयत खराब होने की सूचना खंडवा रेलवे प्रशासन को ट्रेन के पहुंचने से पहले ही मिल गई थी। ऐसे में स्टेशन पर डॉक्टरों की टीम को तैयार रखा गया था। मंगला लक्षद्वीप एक्सप्रेस रात करीब 9:05 बजे खंडवा स्टेशन पहुंची। ट्रेन रुकते ही मेडिकल टीम ने प्रभावित बच्चों की जांच शुरू कर दी।

    जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. अनिरुद्ध कौशल, सीएसपी अभिनव बारंगे और सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर समेत रेलवे और प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। डॉक्टरों ने बच्चों को प्राथमिक उपचार दिया और आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराईं। चिकित्सकों ने फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई है।

    40 मिनट स्टेशन पर खड़ी रही ट्रेन

    खंडवा के स्टेशन मास्टर जीएल मीणा के अनुसार, बच्चों के उपचार के दौरान ट्रेन करीब 40 मिनट स्टेशन पर खड़ी रही। मेडिकल टीम ने बच्चों की जांच कर उन्हें जरूरी दवाइयां दीं। उपचार के बाद ट्रेन को रात करीब 9:45 बजे भुसावल की ओर रवाना कर दिया गया।

    बच्चों के साथ रेलवे के डॉक्टरों और कर्मचारियों की एक टीम भी आगे के सफर के लिए रवाना की गई, ताकि रास्ते में जरूरत पड़ने पर उन्हें चिकित्सा सहायता मिल सके।

    15 से 18 साल के हैं सभी बच्चे

    बताया गया है कि बीमार हुए सभी बच्चे केरल के रहने वाले हैं और एक क्रिश्चियन स्कूल से जुड़े हुए हैं। उनकी उम्र करीब 15 से 18 वर्ष बताई गई है। बच्चे स्कूल स्टाफ के साथ शैक्षणिक भ्रमण के लिए दिल्ली गए थे। टूर खत्म होने के बाद वे ट्रेन से वापस केरल लौट रहे थे।

    अधिकारियों के मुताबिक, प्राथमिक उपचार के बाद बच्चों की हालत फिलहाल नियंत्रण में बताई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीम भी पूरे मामले पर नजर रख रही है। खाना खाने के बाद एक साथ कई बच्चों की तबीयत बिगड़ने के कारण फूड पॉइजनिंग की आशंका के आधार पर मामले की जानकारी जुटाई जा रही है।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में वाल्मीकि धाम आश्रम में किया छड़ी-पूजन

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में वाल्मीकि धाम आश्रम में किया छड़ी-पूजन


    भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार सुबह उज्जैन स्थित श्री वाल्मीकि धाम सिद्धपीठ (आश्रम) पहुंचे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आश्रम में अनंत श्री विभूषित 1008 स्वामी सोहनदास जी की समाधि और प्रतिमा पर पुष्पांजलि के साथ दर्शन-पूजन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वाल्मीकि धाम आए जाहरवीर गोगादेव के निशान ध्वज का भी विधि-विधान से छड़ी-पूजन किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्यसभा सदस्य एवं बालयोगी संत उमेशनाथ महाराज से भेंट कर उनका शुभाशीष भी प्राप्त किया। विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, संजय अग्रवाल, उज्जैन विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष मुकेश यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण भी उपस्थित थे।

    मीडिया प्रतिनिधियों से की चर्चा
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्री वाल्मीकि धाम सिद्धपीठ आश्रम में दर्शन-पूजन के बाद कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश हर क्षेत्र में प्रगति कर रहा है। वर्तमान समय में यह जरूरी है कि हम साधु-संतों के आशीर्वाद से अपने अतीत के गौरव को पुनः स्थापित करें। उन्होंने कहा कि राज्यसभा सदस्य महंत उमेश नाथ महाराज ने अनेक वर्षों से उज्जैन के वाल्मीकि धाम आश्रम को चैतन्य बनाया है। वाल्मीकि जी के आदर्श और कार्यों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए बाबा जाहरवीर गोगा महाराज ने अपना सर्वस्व नौछावर कर दिया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह हम सबके लिए सौभाग्य का विषय है कि बाबा महाकाल की नगरी में बाबा गोगा महाराज के ध्वज चिह्न निकलेंगे। इससे सामाजिक समरसता और एकात्मता का अद्भुत संदेश देशभर में पहुंचेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी प्रदेशवासियों को भुजरिया पर्व, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और गोगा नवमी की भी शुभकामनाएं दीं।

  • MP: .ग्वालियर में बारिश से सड़कों पर भरा घुटनों तक पानी… उसी में धरने पर बैठे विधायक

    MP: .ग्वालियर में बारिश से सड़कों पर भरा घुटनों तक पानी… उसी में धरने पर बैठे विधायक


    ग्वालियर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के ग्वालियर (Gwalior) के शंकरपुर में बारिश के बाद घुटनों तक पानी भर गया। जलभराव के विरोध में कांग्रेस विधायक साहब सिंह गुर्जर (Congress MLA Sahib Singh Gurjar) पानी से भरी सड़क पर धरने पर बैठ गए। उन्होंने नगर निगम पर नालियों की सफाई और जल निकासी में लापरवाही का आरोप लगाते हुए स्थायी समाधान की मांग की।

    दरअसल, ग्वालियर शहर में झमाझम बारिश ने एक बार फिर नगर निगम के जल निकासी के दावों पर सवाल खड़े कर दिए। बारिश के बाद वार्ड क्रमांक 64 के शंकरपुर इलाके में हालात ऐसे हो गए कि सड़कें घुटनों तक पानी में डूब गईं। जलभराव के कारण स्थानीय लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

    बारिश के बीच जलभराव की समस्या का विरोध करने के लिए कांग्रेस के ग्रामीण विधायक साहब सिंह गुर्जर मौके पर पहुंचे। उन्होंने पानी से लबालब सड़क पर ही धरना शुरू कर दिया। विधायक के धरने में स्थानीय नागरिक भी शामिल हो गए और नगर निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

    विधायक साहब सिंह गुर्जर ने मौके से फेसबुक लाइव किया और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि शंकरपुर में जलभराव की समस्या आज की नहीं है, बल्कि पिछले दो साल से लगातार बनी हुई है। इस समस्या को कई बार अधिकारियों के सामने उठाया गया, लेकिन इसके बावजूद अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं किया गया। विधायक का आरोप है कि इलाके में नालियों की पर्याप्त सफाई नहीं होने और जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश होते ही सड़कें पानी में डूब जाती हैं। स्थानीय लोगों को हर बार इसी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

    बारिश के बीच विधायक के धरने के दौरान लोगों ने ‘नगर निगम होश में आओ’ के नारे लगाए। जलभराव के बीच किया गया यह विरोध प्रदर्शन अब सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बारिश के दौरान सड़क पर इतना पानी भर जाता है कि लोगों के लिए घरों से निकलना मुश्किल हो जाता है। स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। लोगों का कहना है कि हर साल बारिश से पहले जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्थिति बारिश के बाद सामने आ जाती है।

    विधायक और स्थानीय लोगों ने मांग की है कि शंकरपुर की जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। उनका कहना है कि जब तक इलाके में बेहतर जल निकासी व्यवस्था नहीं बनाई जाती, तब तक हर बारिश में लोगों को इसी तरह परेशानी झेलनी पड़ेगी। बारिश थमी तो पानी भी धीरे-धीरे उतर गया, लेकिन शंकरपुर में जलभराव को लेकर नगर निगम की तैयारियों और दावों पर सवाल जरूर खड़े हो गए।