Category: Madhya Pradesh

  • उज्जैन में धार्मिक आयोजन की तैयारी तेज: शिप्रा परिक्रमा को लेकर अहम बैठक

    उज्जैन में धार्मिक आयोजन की तैयारी तेज: शिप्रा परिक्रमा को लेकर अहम बैठक


    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश के Ujjain में हर वर्ष आयोजित होने वाली शिप्रा तीर्थ परिक्रमा इस बार भी भव्य रूप में शुरू होने जा रही है। 25 मई को सुबह 9 बजे रामघाट से मां क्षिप्रा और धर्म ध्वजा के पूजन के साथ यात्रा का शुभारंभ होगा। इस धार्मिक आयोजन को लेकर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।

     सीएम मोहन यादव होंगे शामिल
    इस वर्ष परिक्रमा के समापन अवसर पर मुख्यमंत्री Mohan Yadav स्वयं कार्यक्रम में शामिल होंगे। वे 26 मई को गंगा दशहरा के अवसर पर रामघाट पर मां क्षिप्रा को चुनरी अर्पित करेंगे और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेंगे। भाजपा नगर मंडल की बैठकों में यात्रा की तैयारियों और व्यवस्थाओं को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं ताकि आयोजन को भव्य और सुव्यवस्थित बनाया जा सके।

     रामघाट से शुरू होकर शहर के मार्गों से गुजरेगी यात्रा
    परिक्रमा की शुरुआत रामघाट से होगी, जिसके बाद यह नृसिंह घाट, लालपुल और त्रिवेणी होते हुए शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए वापस रामघाट पहुंचेगी। 26 मई को गंगा दशहरा के दिन यात्रा का समापन होगा, जहां विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

     23 वर्षों पुरानी परंपरा
    यह परिक्रमा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा 23 वर्ष पहले मां शिप्रा के संरक्षण और धार्मिक आस्था को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई थी। तब से यह परंपरा लगातार जारी है और हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसमें शामिल होते हैं।

     भव्य आयोजन की तैयारियां तेज
    इस वर्ष आयोजन को सफल और भव्य बनाने के लिए भाजपा कार्यकर्ताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सेवा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

    शिप्रा तीर्थ परिक्रमा 2026 न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह उज्जैन की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को भी मजबूत करती है। मुख्यमंत्री की मौजूदगी इस आयोजन को और अधिक भव्य और महत्वपूर्ण बना देगी।

  • भोजपुरी एक्ट्रेस मोनालिसा ने लिया बाबा महाकाल का आशीर्वाद, भक्ति में डूबीं नजर आईं

    भोजपुरी एक्ट्रेस मोनालिसा ने लिया बाबा महाकाल का आशीर्वाद, भक्ति में डूबीं नजर आईं


    मध्यप्रदेश । भोजपुरी फिल्मों और टीवी की जानी-मानी अभिनेत्री Monalisa (Antara Biswas) गुरुवार तड़के मध्य प्रदेश के Ujjain स्थित प्रसिद्ध Mahakaleshwar Temple पहुंचीं, जहां उन्होंने भस्म आरती में हिस्सा लिया। करीब सुबह 3 बजे मंदिर पहुंचकर उन्होंने लगभग दो घंटे नंदी हॉल में बैठकर भस्म आरती का दिव्य दृश्य देखा। इस दौरान वह पूरी तरह भक्ति भाव में डूबी नजर आईं।

    नंदी हॉल में बैठकर देखी भस्म आरती
    मोनालिसा ने नंदी हॉल में बैठकर महाकाल की भस्म आरती का अनुभव लिया। आरती समाप्त होने के बाद उन्होंने नंदी जी का पूजन और अभिषेक किया तथा नंदी के कान में अपनी मनोकामना भी कही। इसके बाद उन्होंने चांदी द्वार से पुजारी के माध्यम से भगवान महाकाल को जल अर्पित कर आशीर्वाद लिया। मंदिर प्रबंधन समिति ने उनका विधिवत स्वागत और सत्कार किया।

    भोजपुरी से टीवी तक का सफर
    मोनालिसा भोजपुरी सिनेमा की प्रमुख अभिनेत्रियों में गिनी जाती हैं। उन्हें लोकप्रियता रियलिटी शो Bigg Boss 10 से मिली, जिसके बाद उनकी पहचान और भी व्यापक हो गई। इसके अलावा उन्होंने ‘नज़र’ और ‘नमक इश्क का’ जैसे टीवी धारावाहिकों में भी अहम भूमिकाएं निभाईं, जहां उनके नकारात्मक किरदारों को दर्शकों ने काफी पसंद किया।

     200 से ज्यादा फिल्मों का अनुभव
    मोनालिसा ने हिंदी, बंगाली, ओड़िया, तमिल, कन्नड़ और तेलुगु फिल्मों के साथ-साथ 200 से अधिक भोजपुरी फिल्मों में काम किया है। उन्होंने भोजपुरी इंडस्ट्री के कई बड़े कलाकारों जैसे पवन सिंह, दिनेश लाल यादव और खेसारी लाल यादव के साथ स्क्रीन साझा की है।

    उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में मोनालिसा की यह यात्रा भक्ति और आस्था से भरी रही। भस्म आरती में उनकी उपस्थिति ने एक बार फिर दिखाया कि फिल्मी दुनिया की चकाचौंध के बीच भी आध्यात्मिक जुड़ाव गहरा होता है।

  • मध्यप्रदेश में हीटवेव का इमरजेंसी अलर्ट: इंसान ही नहीं, जानवर भी गर्मी से बेहाल

    मध्यप्रदेश में हीटवेव का इमरजेंसी अलर्ट: इंसान ही नहीं, जानवर भी गर्मी से बेहाल


    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश इस समय भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। नौतपा शुरू होने से पहले ही कई शहरों में तापमान खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है। सबसे अधिक तापमान खजुराहो में 47.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जिससे यह प्रदेश का सबसे गर्म शहर बन गया है। तेज धूप और तपन के कारण सड़कें सुनसान हो गई हैं और लोग बेहद जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। राजधानी Bhopal में भी तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है।

     6 जिलों में हीटवेव का इमरजेंसी अलर्ट
    भीषण गर्मी को देखते हुए मौसम विभाग ने राज्य के 6 जिलों—सतना, रीवा, मैहर, टीकमगढ़, निवाड़ी और छतरपुर—में इमरजेंसी हीटवेव अलर्ट जारी किया है। लोगों के मोबाइल फोन पर लगातार चेतावनी संदेश भेजे जा रहे हैं, जिनमें उन्हें धूप से बचने, सावधानी बरतने और बिना जरूरत बाहर न निकलने की सलाह दी जा रही है।

    इंसानों के साथ जानवर भी बेहाल, वन विहार में विशेष इंतजाम
    गर्मी का असर सिर्फ इंसानों तक सीमित नहीं है, बल्कि जानवर भी इससे प्रभावित हो रहे हैं। भोपाल के Van Vihar National Park में शेर, बाघ और तेंदुओं को राहत देने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। जानवरों के बाड़ों में कूलर लगाए गए हैं, ग्रीन नेट और पर्दों से छांव की व्यवस्था की गई है। साथ ही, लगातार पानी की सप्लाई सुनिश्चित की जा रही है ताकि जानवरों को गर्मी से राहत मिल सके।

     जिलों में हालत गंभीर, सड़कों पर सन्नाटा
    सतना में दोपहर 12 बजे तापमान 44.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि सिंगरौली में 43 डिग्री के आसपास तापमान दर्ज किया गया। दोपहर होते ही सड़कों पर सन्नाटा छा गया। रीवा में सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को परेशान कर दिया है। वहीं रतलाम में पारा 45 डिग्री के पार पहुंच गया, जहां टंकियों का पानी तक गर्म होकर जलन पैदा कर रहा है।

     स्वास्थ्य पर असर और प्रशासन की चेतावनी
    मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त पानी पिएं और हल्के कपड़े पहनें। लगातार बढ़ती गर्मी से शरीर में डिहाइड्रेशन, चक्कर और चिड़चिड़ापन जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।

    मध्य प्रदेश में इस समय भीषण लू ने जनजीवन पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। जहां एक तरफ तापमान रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रहा है, वहीं प्रशासन और वन विभाग लगातार राहत उपायों में जुटे हैं। आने वाले दिनों में राहत की उम्मीद फिलहाल कम नजर आ रही है।

  • अनाथ बच्चों के हक में फैसला: रोजगार दस्तावेजों की जांच के बाद होगा मुआवजा तय

    अनाथ बच्चों के हक में फैसला: रोजगार दस्तावेजों की जांच के बाद होगा मुआवजा तय


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने एक बेहद संवेदनशील मामले में तीन नाबालिग बच्चों के हित में महत्वपूर्ण राहत प्रदान की है, जिनके माता-पिता अब इस दुनिया में नहीं हैं। कटनी-सिंगरौली रेल लाइन परियोजना में मजदूरी के दौरान जान गंवाने वाले मजदूर के बच्चों से जुड़े मुआवजा मामले में हाईकोर्ट ने लेबर कोर्ट को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अंतिम निर्णय सुनाने से पहले रोजगार से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेजों पर विचार किया जाए।

    यह मामला सिवनी जिले के देवरी तहसील निवासी कुलपत दास कुलदीप से जुड़ा है, जो कटनी-सिंगरौली रेल लाइन के दोहरीकरण कार्य में मजदूरी कर रहे थे। 19 दिसंबर 2018 को कार्य के दौरान मालगाड़ी से कोयले का बड़ा टुकड़ा गिरने से उनकी दर्दनाक मौत हो गई थी, जिसके बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

    पति की मौत के बाद उनकी पत्नी बबली ने वर्ष 2019 में कर्मचारी क्षतिपूर्ति अधिनियम के तहत मुआवजे की मांग को लेकर लेबर कोर्ट में दावा प्रस्तुत किया था। लेकिन केस लंबित रहने के दौरान 3 नवंबर 2023 को पत्नी बबली का भी निधन हो गया, जिसके बाद यह जिम्मेदारी तीनों नाबालिग बच्चों के नाना प्रेमदास ने संभाली।

    वर्तमान में तीनों बच्चे, जिनकी उम्र 9 से 12 वर्ष के बीच है, अपने नाना के सहारे न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं। 4 मई 2026 को मामले की अंतिम बहस पूरी हो चुकी थी, लेकिन इसी दौरान यह बात सामने आई कि मृतक के रोजगार से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज रिकॉर्ड में उपलब्ध नहीं हैं।

    इसके बाद बच्चों की ओर से लेबर कोर्ट में आवेदन प्रस्तुत कर संबंधित दस्तावेजों को तलब करने की मांग की गई, लेकिन उस पर सुनवाई नहीं हुई। अधिवक्ता राकेश सिंह ने अदालत को बताया कि दस्तावेजों के बिना न्यायपूर्ण निर्णय संभव नहीं है, फिर भी आवेदन पर विचार नहीं किया गया।

    लेबर कोर्ट के इस रवैये के बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा, जहां जस्टिस विवेक जैन ने सुनवाई करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि कर्मचारी क्षतिपूर्ति आयुक्त पहले दस्तावेजों से जुड़े आवेदन पर निर्णय लें और उसके बाद ही अंतिम फैसला सुनाया जाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि आवेदन खारिज किया जाता है, तो बच्चों को उस आदेश को चुनौती देने के लिए पर्याप्त समय और अवसर दिया जाए।

    हाईकोर्ट का यह फैसला न सिर्फ कानूनी प्रक्रिया की पारदर्शिता को मजबूत करता है, बल्कि तीन मासूम बच्चों के भविष्य को लेकर एक उम्मीद की किरण भी लेकर आया है, जो अपने माता-पिता को खोने के बाद न्याय की लंबी लड़ाई लड़ रहे हैं।

  • जबलपुर में फर्जी डॉक्टर का भंडाफोड़: 80 हजार वेतन लेकर करता था सिर्फ 2 घंटे ड्यूटी

    जबलपुर में फर्जी डॉक्टर का भंडाफोड़: 80 हजार वेतन लेकर करता था सिर्फ 2 घंटे ड्यूटी


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश के जबलपुर में स्वास्थ्य व्यवस्था को झकझोर देने वाला एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है, जहां संजीवनी क्लीनिक में फर्जी एमबीबीएस डिग्री और जाली मेडिकल रजिस्ट्रेशन के आधार पर एक व्यक्ति के डॉक्टर बनकर काम करने का खुलासा हुआ है। हैरान करने वाली बात यह है कि आरोपी हर महीने करीब 80 हजार रुपये वेतन लेता था, लेकिन मरीजों का इलाज करने की बजाय केवल कुछ घंटे ही क्लीनिक में मौजूद रहता था।

    यह मामला तब सामने आया जब दमोह पुलिस की जांच में संजीवनी क्लीनिक से जुड़े दो अन्य फर्जी डॉक्टरों के दस्तावेज संदिग्ध पाए गए। जांच आगे बढ़ी तो जबलपुर के चेरीताल स्थित क्लीनिक में पदस्थ अजय मौर्य का नाम सामने आया, जिसे बाद में हिरासत में लिया गया।

    सूत्रों और जांच रिपोर्ट के अनुसार अजय मौर्य मार्च 2025 में क्लीनिक में नियुक्त हुआ था और डेढ़ साल से अधिक समय तक यहां कार्यरत रहा। इस दौरान वह हर महीने नियमित रूप से वेतन लेता रहा, लेकिन मरीजों के इलाज में उसकी भूमिका बेहद सीमित रही। क्लीनिक स्टाफ और मरीजों के अनुसार वह केवल दो घंटे के लिए आता था और ज्यादातर समय अपने केबिन में बैठा रहता था।

    स्थानीय मरीजों ने बताया कि इलाज का पूरा काम काउंटर पर बैठे स्टाफ द्वारा ही किया जाता था। मरीजों की समस्या सुनकर वहीं दवा दे दी जाती थी और डॉक्टर से मिलने की आवश्यकता ही नहीं पड़ती थी। कई मरीजों ने यह भी कहा कि उन्होंने डॉक्टर अजय मौर्य को कभी गंभीर रूप से मरीजों का परीक्षण करते नहीं देखा।

    क्लीनिक में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर ने भी इस बात की पुष्टि की कि डॉक्टर रोजाना केवल कुछ समय के लिए आते थे और जल्दी चले जाते थे। किसी को अंदेशा नहीं था कि उनके दस्तावेज फर्जी हो सकते हैं।

    जांच में यह भी सामने आया है कि तीनों आरोपी डॉक्टर एनएचएम के तहत संविदा पर नियुक्त किए गए थे और पिछले कुछ वर्षों में लाखों रुपये वेतन के रूप में प्राप्त कर चुके थे। अकेले अजय मौर्य ने ही करीब 14 लाख रुपये से अधिक वेतन ले लिया था।

    इस पूरे मामले ने स्वास्थ्य विभाग और एनएचएम की भर्ती प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि वॉक-इन इंटरव्यू के जरिए की गई नियुक्तियों में दस्तावेजों की सही तरह से जांच नहीं की गई। इसी का फायदा उठाकर फर्जी डिग्रीधारी लोगों ने सरकारी सिस्टम में घुसपैठ कर ली।

    जांच एजेंसियों को आशंका है कि यह मामला सिर्फ तीन लोगों तक सीमित नहीं है और प्रदेश में 70 से अधिक फर्जी डॉक्टर इसी तरह सरकारी या निजी क्लीनिकों में काम कर सकते हैं। इसके पीछे एक संगठित नेटवर्क की भी संभावना जताई जा रही है, जो फर्जी डिग्री और मेडिकल रजिस्ट्रेशन तैयार कराने का काम करता है।

    फिलहाल पुलिस ने इस पूरे नेटवर्क के मास्टरमाइंड हीरा सिंह कौशल को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ के आधार पर अन्य आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है। यह मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य सेवाओं की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं और जांच लगातार जारी है।

  • MSP भुगतान घोटाला: फर्जी खातों में पहुंची किसानों की मेहनत की रकम

    MSP भुगतान घोटाला: फर्जी खातों में पहुंची किसानों की मेहनत की रकम


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले में किसानों की मेहनत की कमाई पर बड़ा साइबर हमला सामने आया है, जहां समर्थन मूल्य पर बेचे गए गेहूं का भुगतान सीधे किसानों के खातों में न जाकर फर्जी बैंक खातों में पहुंच गया। इस मामले ने न केवल सरकारी भुगतान प्रणाली बल्कि आधार लिंकिंग और डिजिटल ट्रांजैक्शन व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    जिले के कोलारस, बदरवास और शिवपुरी ब्लॉक की कई सहकारी संस्थाओं से जुड़े इस फर्जीवाड़े की जांच साइबर सेल द्वारा की जा रही है। शुरुआती जांच में करीब 100 संदिग्ध बैंक खातों पर होल्ड लगाया गया है, जबकि संबंधित फिनो बैंक और कियोस्क आईडी की गहन जांच की जा रही है।

    साइबर सेल प्रभारी धर्मेंद्र सिंह जाट के अनुसार, अभी तक दो किसानों की विस्तृत शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनके आधार पर पूरे नेटवर्क की जांच आगे बढ़ाई गई है। जांच में यह भी सामने आया है कि गुना जिले के चक्का क्षेत्र में रामलाल सहरिया के नाम पर जारी कियोस्क आईडी के जरिए संदिग्ध खाते खोले गए थे, जिनका इस्तेमाल इस पूरे फर्जीवाड़े में किया गया।

    मामले में सामने आए अलग-अलग उदाहरणों ने इस घोटाले की गंभीरता को और बढ़ा दिया है। ग्राम गंगौरा के किसान भजन सिंह ने पत्नी सुशीला देवी के नाम पर सेवा सहकारी संस्था कोटा में 86 क्विंटल गेहूं बेचा था, लेकिन भुगतान के लिए दिए गए एक्सिस बैंक खाते के बजाय 2.25 लाख रुपये फिनो बैंक के खाते में ट्रांसफर हो गए। परिवार का कहना है कि उनका इस बैंक में कोई खाता ही नहीं है।

    इसी तरह ग्राम बेंहटा के किसान विश्वीर सिंह जाट ने 306 क्विंटल गेहूं बेचा, जिसमें 6.65 लाख रुपये का भुगतान फर्जी खाते में चला गया। वहीं ग्राम सूखा राजापुर के अमर सिंह लोधी के 1.48 लाख रुपये भी SBI खाते के बजाय फिनो बैंक खाते में पहुंच गए, जबकि परिवार ने ऐसे किसी खाते से इनकार किया है।

    एक अन्य मामले में ग्राम सुरवाया के किसान राजेंद्र उर्फ गब्बर सिंह गुर्जर के 44 हजार 626 रुपये भी गलत खाते में ट्रांसफर हो गए, हालांकि समय रहते खाते को होल्ड कर दिया गया जिससे रकम निकाली नहीं जा सकी।

    जांच में सामने आया है कि इस पूरे फर्जीवाड़े में किसानों के नाम पर बिना दस्तावेज और बिना बायोमेट्रिक सत्यापन के खाते खोले गए और उन्हें आधार से लिंक कर दिया गया। एनपीसीआई सिस्टम का दुरुपयोग कर नए लिंक किए गए खातों में सरकारी भुगतान सीधे ट्रांसफर करा लिया गया।

    विशेषज्ञों का कहना है कि यह तरीका बेहद खतरनाक है क्योंकि इसी पैटर्न पर अन्य सरकारी योजनाओं जैसे पीएम आवास, लाड़ली बहना योजना, वृद्धावस्था पेंशन और दिव्यांग पेंशन की राशि भी खतरे में पड़ सकती है।

    फिलहाल साइबर सेल पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है और बैंकिंग सिस्टम से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है, ताकि इस बड़े फर्जीवाड़े में शामिल सभी आरोपियों तक पहुंचा जा सके।

  • पारिवारिक विवाद से बढ़ा मामला: भजन समिति सदस्य पर पुलिस कार्रवाई

    पारिवारिक विवाद से बढ़ा मामला: भजन समिति सदस्य पर पुलिस कार्रवाई



    शिवपुरी । शिवपुरी शहर में एक भजन समिति से जुड़े युवक पर महिला के साथ अश्लील हरकतें करने, ब्लैकमेल करने और धमकी देने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है, जहां पीड़ित महिला की शिकायत और कॉल रिकॉर्डिंग के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    फतेहपुर क्षेत्र निवासी 40 वर्षीय महिला ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि करीब पांच महीने पहले वह एक हनुमान चालीसा भजन समिति से जुड़ी थी, जहां उसकी पहचान आरोपी संजय गौतम से हुई थी। शुरुआत में धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान जान-पहचान बढ़ी, लेकिन बाद में आरोपी ने महिला पर अनुचित तरीके से नजदीकियां बनाने का दबाव बनाना शुरू कर दिया।

    महिला के अनुसार, आरोपी ने समिति के कार्यक्रमों के दौरान कई बार उसके साथ अशोभनीय हरकतें कीं। 28 जनवरी 2026 को हुए एक कार्यक्रम में भी इसी तरह की घटना सामने आई, जिसके बाद महिला ने समिति के कार्यक्रमों में जाना बंद कर दिया। इसके बावजूद आरोपी लगातार फोन कर उसे परेशान करता रहा और मिलने का दबाव बनाता रहा।

    शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि जब महिला ने आरोपी की बात मानने से इनकार कर दिया, तो उसने बदले की भावना से उसके परिवार को निशाना बनाना शुरू कर दिया। आरोप है कि आरोपी ने महिला के बेटे की नौकरी छुड़वा दी और पति के क्लीनिक को भी बंद करा दिया, जिससे परिवार पर आर्थिक संकट खड़ा हो गया।

    महिला ने पुलिस को बताया कि आरोपी उसे धमकी देता था कि यदि वह उससे मिलने नहीं आई तो उसके परिवार को नुकसान पहुंचाया जाएगा, जबकि मिलने पर बेटे को नौकरी दिलाने का झांसा दिया जाता था। इस पूरे मामले की कॉल रिकॉर्डिंग भी पीड़िता ने पुलिस को साक्ष्य के रूप में सौंपी है।

    20 मई को भी आरोपी द्वारा फोन कर अश्लील मांग करने और धमकी देने का आरोप है। लगातार बढ़ते दबाव और उत्पीड़न से परेशान होकर महिला ने आखिरकार पुलिस का सहारा लिया।

    फिलहाल कोतवाली पुलिस ने आरोपी संजय गौतम के खिलाफ बीएनएस (BNS) की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

  • शिवपुरी में किराना दुकान में आग: पुलिस की सतर्कता से टली बड़ी घटना

    शिवपुरी में किराना दुकान में आग: पुलिस की सतर्कता से टली बड़ी घटना


    शिवपुरी शिवपुरी जिले के लुकवासा कस्बे में बुधवार देर रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब स्टेशन रोड पर स्थित एक बंद किराना दुकान में अचानक भीषण आग लग गई। इस घटना में दुकान के अंदर रखा करीब डेढ़ लाख रुपये मूल्य का किराना सामान जलकर पूरी तरह राख हो गया, जिससे दुकानदार को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा।

    रात के समय गश्त पर निकली पुलिस टीम ने सबसे पहले दुकान के शटर से धुआं और लपटें उठती देखीं, जिसके बाद तुरंत दुकानदार पंकज गुप्ता को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही दुकानदार मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक आग तेजी से फैल चुकी थी।

    दुकानदार के पहुंचने के बाद तुरंत दुकान का शटर तोड़ा गया और आग बुझाने के प्रयास शुरू किए गए। स्थिति को देखते हुए आसपास के लोगों को भी मदद के लिए बुलाया गया। पड़ोस में लगे बोरवेल को चालू कर पानी की मदद से आग पर काबू पाने की कोशिश की गई। पुलिस और स्थानीय लोगों की संयुक्त मेहनत से करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाया जा सका।

    फिलहाल आग लगने के कारणों की पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को संभावित वजह माना जा रहा है। अचानक लगी आग ने दुकान के भीतर रखे सभी किराना सामान को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे पूरा स्टॉक नष्ट हो गया।

    इस घटना में राहत की बात यह रही कि समय रहते पुलिस ने स्थिति को भांप लिया, जिससे आग आसपास की दुकानों तक नहीं फैल सकी और एक बड़ी दुर्घटना टल गई। हालांकि, व्यापारी को हुए नुकसान ने स्थानीय व्यापारियों में चिंता जरूर बढ़ा दी है।

    फिलहाल प्रशासन और पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आग किन परिस्थितियों में लगी।

  • इंदरगंज में बड़ा हादसा: 100 किमी की स्पीड में बेकाबू कार ने मचाया तांडव

    इंदरगंज में बड़ा हादसा: 100 किमी की स्पीड में बेकाबू कार ने मचाया तांडव


    ग्वालियर। ग्वालियर शहर एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने की वजह से बड़े सड़क हादसे का गवाह बना। इंदरगंज थाना क्षेत्र के राम मंदिर के पास देर रात एक बेकाबू कार ने पहले ई-रिक्शा और फिर ऑटो को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में ऑटो सड़क पर पलट गया और कुल पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

    यह घटना 18 मई की रात करीब 2:30 बजे की बताई जा रही है, जिसका सीसीटीवी फुटेज अब सामने आया है। फुटेज के आधार पर पुलिस ने जांच तेज कर दी है और आरोपी वाहन चालक की तलाश की जा रही है।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सफेद रंग की तेज रफ्तार कार लगभग 100 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से आ रही थी। वह गश्त के ताजिया की ओर से आते हुए पहले एक ई-रिक्शा से टकराई और फिर सीधे एक ऑटो को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयानक थी कि ऑटो पलट गया और सड़क पर मौजूद लोग घबरा गए।

    घटना के वक्त कुछ युवक ई-रिक्शा से उतरकर पास खड़े ऑटो में बैठे ही थे कि अचानक यह हादसा हो गया। बावन पायगा निवासी 16 वर्षीय अनिकेत सविता अपने दोस्तों राजीव जाटव, नौमित जाटव और कृष्णा राठौर के साथ रेलवे स्टेशन से घर लौट रहे थे। राम मंदिर के पास ई-रिक्शा की बैटरी खत्म हो जाने के बाद वे ऑटो में सवार हुए ही थे कि यह दुर्घटना हो गई।

    हादसे के बाद आरोपी चालक ने मौके पर रुकने के बजाय गाड़ी को पीछे लेकर तेजी से फरार हो गया। भागते समय उसने एक अन्य ई-रिक्शा को भी टक्कर मार दी, जबकि एक ऑटो में सवार परिवार बाल-बाल बच गया। इस पूरी घटना ने इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया।

    घायल हुए पांच लोगों में अनिकेत सविता (16), राजीव जाटव, नौमित जाटव, कृष्णा राठौर और ऑटो चालक सतीश प्रजापति शामिल हैं। सभी घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

    इंदरगंज थाना पुलिस ने अज्ञात कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और अब आसपास के मैरिज गार्डन और राम मंदिर क्षेत्र के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि आरोपी वाहन और चालक की पहचान की जा सके।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फुटेज के आधार पर जल्द ही आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया जाएगा। यह मामला एक बार फिर शहर में बढ़ते ट्रैफिक नियम उल्लंघन और तेज रफ्तार ड्राइविंग पर गंभीर सवाल खड़ा कर रहा है।

  • भितरवार में चीते की चहलकदमी से दहशत: कूनो टीम ने बढ़ाई निगरानी

    भितरवार में चीते की चहलकदमी से दहशत: कूनो टीम ने बढ़ाई निगरानी


    ग्वालियर  ग्वालियर अंचल के भितरवार क्षेत्र में एक बार फिर कूनो नेशनल पार्क से निकला चीता KGP-1 देखे जाने से इलाके में हलचल मच गई है। इस बार चीते को केरुआ गांव के खेतों में घूमते हुए ग्रामीणों ने कैमरे में कैद किया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। वीडियो सामने आने के बाद वन विभाग और कूनो की मॉनिटरिंग टीम पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है और लगातार चीते की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

    जानकारी के अनुसार, KGP-1 पिछले लगभग 45 दिनों से अलग-अलग इलाकों में लगातार मूवमेंट कर रहा है। कूनो से निकलने के बाद वह आरोन, सिमरिया, तिघरा डैम, मुरैना के जंगलों और घाटीगांव क्षेत्र तक पहुंच चुका है। लगातार बदलते उसके मूवमेंट ने वन विभाग की निगरानी व्यवस्था को भी सक्रिय कर दिया है।

    15 अप्रैल को उसकी लोकेशन तिघरा डैम के लखनपुरा जंगल क्षेत्र में ट्रैक की गई थी, जहां माना गया कि वह पानी और सुरक्षित कॉरिडोर की तलाश में पहुंचा था। इसके बाद 20 अप्रैल को घाटीगांव क्षेत्र के ऊआखेड़ा गांव और आसपास के खेतों में भी उसकी मौजूदगी दर्ज की गई। वहीं 30 अप्रैल को ग्रामीणों ने उसे खेतों में आराम करते हुए देखा था, जिसके बाद वहां कुछ देर के लिए दहशत और उत्सुकता दोनों का माहौल बन गया था।

    हालांकि धीरे-धीरे स्थिति सामान्य होती गई क्योंकि चीते ने अब तक किसी भी ग्रामीण या मवेशी पर हमला नहीं किया है। वन विभाग के अनुसार KGP-1 के गले में ट्रैकिंग कॉलर लगा हुआ है, जिससे उसकी हर मूवमेंट को लगातार मॉनिटर किया जा रहा है। इसी तकनीक की मदद से उसकी लोकेशन समय-समय पर ट्रैक की जा रही है और टीम उसके पीछे-पीछे निगरानी में जुटी रहती है।

    वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि इस क्षेत्र में पर्याप्त शिकार और प्राकृतिक संसाधनों की उपलब्धता के कारण चीता आक्रामक व्यवहार नहीं दिखा रहा है। वह लगातार खुले जंगलों, पानी के स्रोतों और सुरक्षित मूवमेंट कॉरिडोर की तलाश में नए क्षेत्रों की ओर बढ़ रहा है।

    इस बीच वन विभाग ने आसपास के गांवों में एडवाइजरी जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। ग्रामीणों से कहा गया है कि वे अकेले खेतों या जंगल की ओर न जाएं, चीते के पास जाने या उसे घेरकर फोटो-वीडियो बनाने की कोशिश न करें, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।

    कुल मिलाकर KGP-1 का यह लगातार बदलता मूवमेंट न सिर्फ वन विभाग के लिए चुनौती बना हुआ है, बल्कि ग्रामीण इलाकों में उत्सुकता और सतर्कता दोनों को बढ़ा रहा है।