Category: Madhya Pradesh

  • पारिवारिक विवाद से बढ़ा मामला: भजन समिति सदस्य पर पुलिस कार्रवाई

    पारिवारिक विवाद से बढ़ा मामला: भजन समिति सदस्य पर पुलिस कार्रवाई



    शिवपुरी । शिवपुरी शहर में एक भजन समिति से जुड़े युवक पर महिला के साथ अश्लील हरकतें करने, ब्लैकमेल करने और धमकी देने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है, जहां पीड़ित महिला की शिकायत और कॉल रिकॉर्डिंग के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    फतेहपुर क्षेत्र निवासी 40 वर्षीय महिला ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि करीब पांच महीने पहले वह एक हनुमान चालीसा भजन समिति से जुड़ी थी, जहां उसकी पहचान आरोपी संजय गौतम से हुई थी। शुरुआत में धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान जान-पहचान बढ़ी, लेकिन बाद में आरोपी ने महिला पर अनुचित तरीके से नजदीकियां बनाने का दबाव बनाना शुरू कर दिया।

    महिला के अनुसार, आरोपी ने समिति के कार्यक्रमों के दौरान कई बार उसके साथ अशोभनीय हरकतें कीं। 28 जनवरी 2026 को हुए एक कार्यक्रम में भी इसी तरह की घटना सामने आई, जिसके बाद महिला ने समिति के कार्यक्रमों में जाना बंद कर दिया। इसके बावजूद आरोपी लगातार फोन कर उसे परेशान करता रहा और मिलने का दबाव बनाता रहा।

    शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि जब महिला ने आरोपी की बात मानने से इनकार कर दिया, तो उसने बदले की भावना से उसके परिवार को निशाना बनाना शुरू कर दिया। आरोप है कि आरोपी ने महिला के बेटे की नौकरी छुड़वा दी और पति के क्लीनिक को भी बंद करा दिया, जिससे परिवार पर आर्थिक संकट खड़ा हो गया।

    महिला ने पुलिस को बताया कि आरोपी उसे धमकी देता था कि यदि वह उससे मिलने नहीं आई तो उसके परिवार को नुकसान पहुंचाया जाएगा, जबकि मिलने पर बेटे को नौकरी दिलाने का झांसा दिया जाता था। इस पूरे मामले की कॉल रिकॉर्डिंग भी पीड़िता ने पुलिस को साक्ष्य के रूप में सौंपी है।

    20 मई को भी आरोपी द्वारा फोन कर अश्लील मांग करने और धमकी देने का आरोप है। लगातार बढ़ते दबाव और उत्पीड़न से परेशान होकर महिला ने आखिरकार पुलिस का सहारा लिया।

    फिलहाल कोतवाली पुलिस ने आरोपी संजय गौतम के खिलाफ बीएनएस (BNS) की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

  • शिवपुरी में किराना दुकान में आग: पुलिस की सतर्कता से टली बड़ी घटना

    शिवपुरी में किराना दुकान में आग: पुलिस की सतर्कता से टली बड़ी घटना


    शिवपुरी शिवपुरी जिले के लुकवासा कस्बे में बुधवार देर रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब स्टेशन रोड पर स्थित एक बंद किराना दुकान में अचानक भीषण आग लग गई। इस घटना में दुकान के अंदर रखा करीब डेढ़ लाख रुपये मूल्य का किराना सामान जलकर पूरी तरह राख हो गया, जिससे दुकानदार को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा।

    रात के समय गश्त पर निकली पुलिस टीम ने सबसे पहले दुकान के शटर से धुआं और लपटें उठती देखीं, जिसके बाद तुरंत दुकानदार पंकज गुप्ता को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही दुकानदार मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक आग तेजी से फैल चुकी थी।

    दुकानदार के पहुंचने के बाद तुरंत दुकान का शटर तोड़ा गया और आग बुझाने के प्रयास शुरू किए गए। स्थिति को देखते हुए आसपास के लोगों को भी मदद के लिए बुलाया गया। पड़ोस में लगे बोरवेल को चालू कर पानी की मदद से आग पर काबू पाने की कोशिश की गई। पुलिस और स्थानीय लोगों की संयुक्त मेहनत से करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाया जा सका।

    फिलहाल आग लगने के कारणों की पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को संभावित वजह माना जा रहा है। अचानक लगी आग ने दुकान के भीतर रखे सभी किराना सामान को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे पूरा स्टॉक नष्ट हो गया।

    इस घटना में राहत की बात यह रही कि समय रहते पुलिस ने स्थिति को भांप लिया, जिससे आग आसपास की दुकानों तक नहीं फैल सकी और एक बड़ी दुर्घटना टल गई। हालांकि, व्यापारी को हुए नुकसान ने स्थानीय व्यापारियों में चिंता जरूर बढ़ा दी है।

    फिलहाल प्रशासन और पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आग किन परिस्थितियों में लगी।

  • इंदरगंज में बड़ा हादसा: 100 किमी की स्पीड में बेकाबू कार ने मचाया तांडव

    इंदरगंज में बड़ा हादसा: 100 किमी की स्पीड में बेकाबू कार ने मचाया तांडव


    ग्वालियर। ग्वालियर शहर एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने की वजह से बड़े सड़क हादसे का गवाह बना। इंदरगंज थाना क्षेत्र के राम मंदिर के पास देर रात एक बेकाबू कार ने पहले ई-रिक्शा और फिर ऑटो को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में ऑटो सड़क पर पलट गया और कुल पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

    यह घटना 18 मई की रात करीब 2:30 बजे की बताई जा रही है, जिसका सीसीटीवी फुटेज अब सामने आया है। फुटेज के आधार पर पुलिस ने जांच तेज कर दी है और आरोपी वाहन चालक की तलाश की जा रही है।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सफेद रंग की तेज रफ्तार कार लगभग 100 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से आ रही थी। वह गश्त के ताजिया की ओर से आते हुए पहले एक ई-रिक्शा से टकराई और फिर सीधे एक ऑटो को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयानक थी कि ऑटो पलट गया और सड़क पर मौजूद लोग घबरा गए।

    घटना के वक्त कुछ युवक ई-रिक्शा से उतरकर पास खड़े ऑटो में बैठे ही थे कि अचानक यह हादसा हो गया। बावन पायगा निवासी 16 वर्षीय अनिकेत सविता अपने दोस्तों राजीव जाटव, नौमित जाटव और कृष्णा राठौर के साथ रेलवे स्टेशन से घर लौट रहे थे। राम मंदिर के पास ई-रिक्शा की बैटरी खत्म हो जाने के बाद वे ऑटो में सवार हुए ही थे कि यह दुर्घटना हो गई।

    हादसे के बाद आरोपी चालक ने मौके पर रुकने के बजाय गाड़ी को पीछे लेकर तेजी से फरार हो गया। भागते समय उसने एक अन्य ई-रिक्शा को भी टक्कर मार दी, जबकि एक ऑटो में सवार परिवार बाल-बाल बच गया। इस पूरी घटना ने इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया।

    घायल हुए पांच लोगों में अनिकेत सविता (16), राजीव जाटव, नौमित जाटव, कृष्णा राठौर और ऑटो चालक सतीश प्रजापति शामिल हैं। सभी घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

    इंदरगंज थाना पुलिस ने अज्ञात कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और अब आसपास के मैरिज गार्डन और राम मंदिर क्षेत्र के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि आरोपी वाहन और चालक की पहचान की जा सके।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फुटेज के आधार पर जल्द ही आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया जाएगा। यह मामला एक बार फिर शहर में बढ़ते ट्रैफिक नियम उल्लंघन और तेज रफ्तार ड्राइविंग पर गंभीर सवाल खड़ा कर रहा है।

  • भितरवार में चीते की चहलकदमी से दहशत: कूनो टीम ने बढ़ाई निगरानी

    भितरवार में चीते की चहलकदमी से दहशत: कूनो टीम ने बढ़ाई निगरानी


    ग्वालियर  ग्वालियर अंचल के भितरवार क्षेत्र में एक बार फिर कूनो नेशनल पार्क से निकला चीता KGP-1 देखे जाने से इलाके में हलचल मच गई है। इस बार चीते को केरुआ गांव के खेतों में घूमते हुए ग्रामीणों ने कैमरे में कैद किया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। वीडियो सामने आने के बाद वन विभाग और कूनो की मॉनिटरिंग टीम पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है और लगातार चीते की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

    जानकारी के अनुसार, KGP-1 पिछले लगभग 45 दिनों से अलग-अलग इलाकों में लगातार मूवमेंट कर रहा है। कूनो से निकलने के बाद वह आरोन, सिमरिया, तिघरा डैम, मुरैना के जंगलों और घाटीगांव क्षेत्र तक पहुंच चुका है। लगातार बदलते उसके मूवमेंट ने वन विभाग की निगरानी व्यवस्था को भी सक्रिय कर दिया है।

    15 अप्रैल को उसकी लोकेशन तिघरा डैम के लखनपुरा जंगल क्षेत्र में ट्रैक की गई थी, जहां माना गया कि वह पानी और सुरक्षित कॉरिडोर की तलाश में पहुंचा था। इसके बाद 20 अप्रैल को घाटीगांव क्षेत्र के ऊआखेड़ा गांव और आसपास के खेतों में भी उसकी मौजूदगी दर्ज की गई। वहीं 30 अप्रैल को ग्रामीणों ने उसे खेतों में आराम करते हुए देखा था, जिसके बाद वहां कुछ देर के लिए दहशत और उत्सुकता दोनों का माहौल बन गया था।

    हालांकि धीरे-धीरे स्थिति सामान्य होती गई क्योंकि चीते ने अब तक किसी भी ग्रामीण या मवेशी पर हमला नहीं किया है। वन विभाग के अनुसार KGP-1 के गले में ट्रैकिंग कॉलर लगा हुआ है, जिससे उसकी हर मूवमेंट को लगातार मॉनिटर किया जा रहा है। इसी तकनीक की मदद से उसकी लोकेशन समय-समय पर ट्रैक की जा रही है और टीम उसके पीछे-पीछे निगरानी में जुटी रहती है।

    वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि इस क्षेत्र में पर्याप्त शिकार और प्राकृतिक संसाधनों की उपलब्धता के कारण चीता आक्रामक व्यवहार नहीं दिखा रहा है। वह लगातार खुले जंगलों, पानी के स्रोतों और सुरक्षित मूवमेंट कॉरिडोर की तलाश में नए क्षेत्रों की ओर बढ़ रहा है।

    इस बीच वन विभाग ने आसपास के गांवों में एडवाइजरी जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। ग्रामीणों से कहा गया है कि वे अकेले खेतों या जंगल की ओर न जाएं, चीते के पास जाने या उसे घेरकर फोटो-वीडियो बनाने की कोशिश न करें, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।

    कुल मिलाकर KGP-1 का यह लगातार बदलता मूवमेंट न सिर्फ वन विभाग के लिए चुनौती बना हुआ है, बल्कि ग्रामीण इलाकों में उत्सुकता और सतर्कता दोनों को बढ़ा रहा है।

  • गर्मी ने तोड़े रिकॉर्ड: ग्वालियर में रात और दिन दोनों में तापमान ने बढ़ाई मुश्किलें

    गर्मी ने तोड़े रिकॉर्ड: ग्वालियर में रात और दिन दोनों में तापमान ने बढ़ाई मुश्किलें


    ग्वालियर । ग्वालियर में भीषण गर्मी का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है और बुधवार की रात इस सीजन की अब तक की सबसे गर्म रात के रूप में दर्ज की गई। न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे रात के समय भी लोगों को गर्मी से कोई राहत नहीं मिल सकी। आमतौर पर रात के समय तापमान में गिरावट होती है, लेकिन इस बार हालात बिल्कुल उलट नजर आए।

    गुरुवार की सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दीं। सुबह 8:30 बजे ही तापमान 36 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया, जिससे दिन की शुरुआत ही झुलसाने वाली गर्मी के साथ हुई। मौसम विभाग ने जिले में लू का ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

    इससे पहले बुधवार का दिन भी रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के नाम रहा। शहर का अधिकतम तापमान 44.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। सुबह 9 बजे तक ही पारा 40 डिग्री तक पहुंच गया था, जिससे दिनभर हालात बेहद गर्म बने रहे।

    गर्मी का असर शहर की दिनचर्या पर साफ दिखाई दिया। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा छा गया और लोग घरों से निकलने से बचते नजर आए। केवल जरूरी कामों के लिए ही लोग बाहर निकले, जबकि बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर भी भीड़ काफी कम रही।

    मौसम विभाग के अनुसार रात के समय भी तापमान सामान्य से काफी अधिक बना रहा। रात 8 बजे तक तापमान लगभग 40 डिग्री के आसपास दर्ज किया गया, जिससे यह साफ हो गया कि गर्मी का असर दिन और रात दोनों समय जारी है। लगातार बढ़ते तापमान ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस स्थिति को देखते हुए दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। साथ ही लोगों से अधिक पानी पीने, हल्के और सूती कपड़े पहनने तथा धूप से बचाव करने की अपील की गई है, ताकि लू से होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों को कम किया जा सके।

    प्रशासन ने भी लोगों को सतर्क रहने और लू के लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लेने की सलाह दी है। लगातार बढ़ते तापमान और हीटवेव की स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट मोड पर है।

    इस बीच प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी गर्मी का प्रकोप जारी है, जहां कई शहरों में तापमान 44 डिग्री के पार पहुंच चुका है। कुछ स्थानों पर तो हालात और भी गंभीर हैं, जहां पारा 47 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया है। ऐसे में मध्यप्रदेश इस समय भीषण गर्मी की चपेट में पूरी तरह से तप रहा है।

    कुल मिलाकर ग्वालियर समेत पूरा क्षेत्र इन दिनों भीषण लू और रिकॉर्ड तोड़ गर्मी से जूझ रहा है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है।

  • इंदौर यूनिवर्सिटी में बवाल: अर्धनग्न डांस और तोड़फोड़ के बाद नोटिस की तैयारी

    इंदौर यूनिवर्सिटी में बवाल: अर्धनग्न डांस और तोड़फोड़ के बाद नोटिस की तैयारी


    इंदौर इंदौर स्थित देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (DAVV) के IET विभाग के हॉस्टल में हुए हंगामे का मामला अब सख्त कार्रवाई की दिशा में आगे बढ़ता नजर आ रहा है। हाल ही में हॉस्टल में कुछ छात्रों द्वारा अर्धनग्न होकर डांस करने और जमकर तोड़फोड़ करने की घटना के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। इस मामले में अब तक 18 छात्रों की पहचान कर ली गई है, जबकि बाकी शामिल छात्रों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।

    घटना के दौरान छात्रों ने हॉस्टल परिसर में न केवल अनुशासन तोड़ा बल्कि कुर्सियां, टेबल, खिड़कियों के कांच और पानी की टंकी तक को नुकसान पहुंचाया। यह पूरा घटनाक्रम ‘दारू बदनाम कर दी’ गाने पर डांस के दौरान हुआ, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही मामला सुर्खियों में आ गया। वीडियो सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन तुरंत एक्शन मोड में आ गया और अनुशासन समिति की आपात बैठक बुलाई गई।

    प्रबंधन ने प्रारंभिक जांच के आधार पर तय किया है कि दोषी छात्रों पर 25 हजार रुपये प्रति छात्र जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा उन्हें अंतिम परीक्षा से भी वंचित किया जा सकता है और उनके परिणाम रोके जाने पर भी विचार किया जा रहा है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि केवल उन्हीं छात्रों पर कार्रवाई होगी जिन्होंने वास्तव में तोड़फोड़ की है, जबकि बाकी शामिल छात्रों की भूमिका की जांच की जा रही है।

    IET के निदेशक डॉ. प्रतोष बंसल के अनुसार वीडियो फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर छात्रों की पहचान की जा रही है और अगले दो से तीन दिनों में सभी दोषियों को नोटिस जारी कर दिए जाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि अभी तक किसी भी छात्र के अभिभावक विश्वविद्यालय प्रशासन से संपर्क में नहीं आए हैं, जिससे मामला और गंभीर माना जा रहा है।

    हॉस्टल में करीब 150 छात्र रहते हैं, लेकिन इस घटना में कुछ ही छात्रों की भूमिका स्पष्ट हुई है। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि परिसर में अनुशासन बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और ऐसे मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

    इस बीच अनुशासन समिति पहले ही आपात बैठक कर चुकी है और कड़ी सजा की अनुशंसा कुलगुरु तक भेजी जा चुकी है। अब अंतिम मंजूरी कुलगुरु प्रोफेसर राकेश सिंघई से ली जानी बाकी है, जिसके बाद कार्रवाई को अंतिम रूप दिया जाएगा।

    कुल मिलाकर यह मामला केवल हॉस्टल अनुशासन का नहीं बल्कि विश्वविद्यालय की साख और छात्रों के व्यवहार से जुड़ा गंभीर मुद्दा बन गया है। प्रशासन का सख्त रुख यह संकेत देता है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कठोर कदम उठाए जाएंगे।

  • इंदौर हनी ट्रैप केस में बड़ा खुलासा: बीजेपी नेता हिरासत में, जांच तेज

    इंदौर हनी ट्रैप केस में बड़ा खुलासा: बीजेपी नेता हिरासत में, जांच तेज


    नई दिल्ली। इंदौर का चर्चित हनी ट्रैप और ब्लैकमेलिंग मामला लगातार नए खुलासों के साथ और गहराता जा रहा है। इस हाई-प्रोफाइल केस में अब पुलिस ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए एक महिला आरोपी को हिरासत में लिया है, जिसकी पहचान रेशू उर्फ अभिलाषा चौधरी के रूप में सामने आई है। बताया जा रहा है कि यह आरोपी इस पूरे नेटवर्क की अहम कड़ी मानी जा रही है और वह बीजेपी के एक प्रकोष्ठ में पदाधिकारी रह चुकी है, जिससे मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है।

    इससे पहले पुलिस ने इस केस में मास्टरमाइंड श्वेता विजय जैन, महिला शराब तस्कर अलका दीक्षित, उसके बेटे जयदीप, प्रॉपर्टी कारोबारी लाखन चौधरी और हेड कॉन्स्टेबल विनोद शर्मा समेत कई लोगों को हिरासत में लिया था। अब जांच का फोकस इस पूरे नेटवर्क के डिजिटल सबूतों पर है, जहां पुलिस मोबाइल फोन से वीडियो, ऑडियो और अन्य फाइलें रिकवर करने में जुटी हुई है।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार, रेशू, अलका और श्वेता मिलकर एक संगठित ब्लैकमेलिंग नेटवर्क चला रही थीं, जिसका मकसद प्रभावशाली लोगों को निशाना बनाकर उनसे मोटी रकम वसूलना था। जांच में यह भी सामने आया है कि इस नेटवर्क ने निमाड़ क्षेत्र के एक प्रभावशाली नेता को भी टारगेट किया था और उनके खिलाफ भी कथित रूप से ब्लैकमेलिंग की कोशिश की गई थी।

    इस पूरे मामले की शुरुआत जेल से जुड़ी दोस्ती से होने की बात सामने आई है। सूत्रों के अनुसार, श्वेता विजय जैन और अलका दीक्षित की मुलाकात जेल में हुई थी, जहां से इस कथित हनी ट्रैप नेटवर्क की नींव रखी गई। बाद में कोर्ट पेशी के दौरान भी संपर्क बढ़ता गया और रेशू को इस नेटवर्क में शामिल किया गया।

    जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी पक्ष ने कई नेताओं, प्रॉपर्टी कारोबारियों, फाइनेंसरों और अधिकारियों को फंसाने की रणनीति बनाई थी। कथित तौर पर इन लोगों के निजी वीडियो और ऑडियो रिकॉर्ड कर उन्हें ब्लैकमेल किया जाता था। पुलिस अब इसी डिजिटल सामग्री को रिकवर करने में जुटी है, जिससे पूरे नेटवर्क की परतें खुलने की उम्मीद है।

    इसी बीच मास्टरमाइंड श्वेता विजय जैन ने पुलिस पूछताछ में सरकारी गवाह बनने की इच्छा जताई है। बताया जा रहा है कि उसने यह भी स्वीकार किया है कि नेटवर्क के भीतर कई स्तर पर योजनाएं बनाई जाती थीं और कुछ मामलों में बड़े प्रभावशाली लोगों को निशाना बनाने की तैयारी थी।

    पुलिस क्राइम ब्रांच डीसीपी राजेश त्रिपाठी के अनुसार, यह मामला केवल ब्लैकमेलिंग तक सीमित नहीं है बल्कि एक संगठित अपराध नेटवर्क की तरह काम कर रहा था, जिसमें कई लोग अलग-अलग भूमिकाओं में शामिल थे। फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है और डिजिटल साक्ष्यों को मजबूत करने में जुटी है।

    इस पूरे मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी हलचल मचा दी है, क्योंकि इसमें जुड़े कुछ नाम और संबंध इसे और अधिक संवेदनशील बना रहे हैं। फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़कर सच्चाई सामने लाना और सभी डिजिटल सबूतों को सुरक्षित करना है।

  • इंदौर में शादी विवाद से हड़कंप: जांच में जुटी पुलिस, कई लोग नामजद

    इंदौर में शादी विवाद से हड़कंप: जांच में जुटी पुलिस, कई लोग नामजद

    इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर से रिश्तों को तार-तार करने और सामाजिक खोखलेपन को उजागर करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां के रंगवासा क्षेत्र में एक 13 साल की नाबालिग बच्ची का विवाह जबरन 42 साल के अधेड़ व्यक्ति से करा दिया गया। इस अमानवीय कृत्य के पीछे पारिवारिक रिश्तों की एक घिनौनी शर्त और सौदेबाजी थी। दरअसल, बच्ची के भाई की शादी जिस लड़की से होनी थी, उसने शर्त रखी थी कि वह इस घर में बहू बनकर तभी आएगी जब उसकी नाबालिग ननद की शादी उसके 42 वर्षीय सगे चाचा से कराई जाएगी। पोते के सिर पर सेहरा सजाने की चाहत में बुजुर्ग दादा-दादी ने इस घिनौनी शर्त को स्वीकार कर लिया और अपनी ही मासूम पोती की जिंदगी को नरक में झोंक दिया। जब बच्ची ने इस बेमेल विवाह का विरोध किया, तो अपनों ने ही उस पर अत्याचार किए और उसकी बेरहमी से पिटाई की गई।

    महिला व बाल विकास विभाग को इस बाल विवाह की भनक 25 अप्रैल को ही लग गई थी, जिसके बाद टीम ने दोनों पक्षों को समझाकर शादी रुकवा दी थी और परिजनों ने लिखित आश्वासन भी दिया था। लेकिन लालची और रूढ़िवादी परिवार ने हार नहीं मानी। प्रशासन की नजरों से छिपकर 26 अप्रैल की रात को आरोपी पक्ष नाबालिग लड़की और उसके 19 साल के भाई को इंदौर से उज्जैन ले गए। वहां चिंतामन गणेश मंदिर के बाहर दोनों को जबरन दूल्हा-दुल्हन के कपड़े पहनाए गए और रात के अंधेरे में मांग भरकर रस्में पूरी कर दी गईं। शादी के बाद दोनों दूल्हे बिना दुल्हन के अपने गांव लौट गए और बच्चों को वापस रंगवासा छोड़ दिया गया।

    इस घिनौने अपराध का पर्दाफाश तब हुआ जब ससुराल जाने से इनकार करने पर निर्दयी दादी ने मासूम बच्ची की बेरहमी से पिटाई कर दी। लोक-लाज और डर के साए में जी रही बच्ची की मां ने हिम्मत जुटाई और महिला व बाल विकास विभाग और बाल कल्याण समिति को मामले की लिखित शिकायत सौंप दी। इसके बाद फ्लाइंग स्क्वाड प्रभारी महेंद्र पाठक ने तत्परता दिखाते हुए सारे सबूत जुटाए और राऊ थाना पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मंगलवार को दूल्हे, उसके परिजनों और बच्ची के दादा-दादी सहित कुल 13 लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    जांच में यह बेहद चौंकाने वाला खुलासा भी हुआ है कि बच्चों के पिता की मौत के बाद वे अपने दादा-दादी के पास ही रह रहे थे, जिन्होंने इस गैर-कानूनी शादी को अंजाम देने के लिए बच्चों की फर्जी अंकसूची (मार्कशीट) तक तैयार करवा ली थी। फिलहाल शिक्षा विभाग इस कूट रचित दस्तावेजों की जांच कर रहा है, जिसके बाद आरोपियों पर धोखाधड़ी और जालसाजी का अतिरिक्त मुकदमा दर्ज होना तय है। प्रशासन ने साफ किया है कि मासूमों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

  • भोपाल में आवारा कुत्तों का आतंक: स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल

    भोपाल में आवारा कुत्तों का आतंक: स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल


    भोपाल  भोपाल शहर में आवारा कुत्तों का बढ़ता आतंक अब एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट का रूप ले चुका है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक शहर में हर दिन औसतन 81 लोग डॉग बाइट का शिकार हो रहे हैं, जिससे आम लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है। हैरानी की बात यह है कि नगर निगम द्वारा पिछले पांच वर्षों में डॉग्स की नसबंदी और वैक्सीनेशन पर लगभग 8.56 करोड़ रुपये खर्च किए जाने के बावजूद हालात में कोई सुधार नहीं दिख रहा, बल्कि घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं।

    शहर में करीब 1.20 लाख आवारा कुत्तों की मौजूदगी बताई जा रही है, लेकिन इसके मुकाबले नगर निगम के पास एक भी स्थायी डॉग शेल्टर नहीं है। मौजूदा समय में केवल तीन एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) सेंटर संचालित हो रहे हैं, जिनकी कुल क्षमता मात्र 600 कुत्तों की है। इन केंद्रों में रोजाना केवल 20 से 25 कुत्तों की ही नसबंदी और टीकाकरण किया जा रहा है, जो समस्या के मुकाबले बेहद कम है।

    नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार शहर से हर दिन लगभग 15 शिकायतें डॉग बाइट से जुड़ी आ रही हैं। कई गंभीर मामलों में घायल बच्चे और बुजुर्ग जेपी और हमीदिया अस्पताल में इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इससे स्वास्थ्य सेवाओं पर भी अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है।

    शहर के कई इलाके ऐसे हैं जहां आवारा कुत्तों के झुंड सबसे ज्यादा देखे जा रहे हैं। अशोका गार्डन, पिपलानी, कोहेफिजा, शाहजहांनाबाद, करोंद, मीनाल रेसीडेंसी, छोला, बैरागढ़, लालघाटी, रेलवे स्टेशन और न्यू मार्केट जैसे क्षेत्रों में रात के समय स्थिति और भी भयावह हो जाती है। फुटपाथों पर कुत्तों के झुंडों के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है।

    हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने स्कूल, अस्पताल, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थानों से आवारा कुत्तों को हटाने के निर्देश दिए हैं, लेकिन भोपाल में इन आदेशों का पालन अभी भी चुनौती बना हुआ है। स्थायी शेल्टर और प्रभावी प्रबंधन की कमी के कारण समस्या और गंभीर होती जा रही है।

    विशेषज्ञों के अनुसार गर्मी के मौसम में कुत्तों का व्यवहार अधिक आक्रामक हो जाता है, जिससे डॉग बाइट की घटनाएं बढ़ जाती हैं। शरीर में पसीना निकालने की प्राकृतिक व्यवस्था न होने के कारण कुत्तों में चिड़चिड़ापन और तनाव बढ़ जाता है, जिससे वे आक्रामक हो जाते हैं। यही कारण है कि अप्रैल से जून के बीच हमलों में तेजी देखी जाती है।

    राज्य और देश के आंकड़ों पर नजर डालें तो मध्यप्रदेश डॉग बाइट मामलों में शीर्ष राज्यों में शामिल है। केवल भोपाल ही नहीं, बल्कि इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर जैसे शहरों में भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार प्रदेश में लाखों की संख्या में आवारा कुत्ते मौजूद हैं और हर साल डॉग बाइट के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।

    इंदौर में भी हालात चिंताजनक हैं, जहां एक महीने में हजारों डॉग बाइट के मामले सामने आ चुके हैं। वहीं पूरे राज्य में रेबीज संक्रमण से मौतों के मामले भी दर्ज किए गए हैं, जिससे यह समस्या और अधिक खतरनाक बन जाती है।

    कुल मिलाकर भोपाल में डॉग बाइट की बढ़ती घटनाएं प्रशासनिक व्यवस्थाओं की कमी और शहरी पशु प्रबंधन की कमजोर प्रणाली को उजागर करती हैं। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद जमीनी स्तर पर सुधार न होना अब गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

  • ट्विशा केस में बड़ा अपडेट: दोबारा पोस्टमॉर्टम की मांग खारिज, जांच पर सरकार का कदम

    ट्विशा केस में बड़ा अपडेट: दोबारा पोस्टमॉर्टम की मांग खारिज, जांच पर सरकार का कदम


    भोपाल। भोपाल की एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार नया मोड़ लेता जा रहा है। इस केस में अब अदालत ने दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने की मांग को खारिज कर दिया है, जिससे जांच प्रक्रिया को लेकर बहस और तेज हो गई है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पहले भोपाल एम्स में हुआ पोस्टमॉर्टम नियमों के अनुसार किया गया था और रिकॉर्ड में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या मिलीभगत का कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला है। केवल आशंकाओं के आधार पर दूसरी बार पोस्टमॉर्टम कराना उचित नहीं माना जा सकता।

    हालांकि, कोर्ट ने साथ ही यह भी निर्देश दिया है कि शव को सुरक्षित रखने के लिए विशेष व्यवस्था की जाए ताकि वह खराब न हो। आदेश में कहा गया है कि शव को ऐसी मॉर्च्युरी में रखा जाए जहां उसे लंबे समय तक संरक्षित किया जा सके, क्योंकि मौजूदा व्यवस्था में केवल माइनस 4 डिग्री तापमान की सुविधा है, जो कुछ ही दिनों तक शरीर को सुरक्षित रख सकती है। अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि दीर्घकालिक संरक्षण के लिए माइनस 80 डिग्री तापमान की आवश्यकता होती है।

    इसी बीच, मध्य प्रदेश सरकार ने इस पूरे मामले को और गंभीरता से लेते हुए CBI जांच के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ट्विशा के परिजनों से मुलाकात के दौरान यह आश्वासन दिया कि सरकार हर संभव सहायता देगी और यदि जरूरत पड़ी तो शव को दिल्ली AIIMS तक पहुंचाने की व्यवस्था भी की जाएगी। इसके साथ ही सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत रिटायर्ड जज और ट्विशा की सास गिरीबाला सिंह की जमानत रद्द कराने के लिए भी आवेदन किया जाएगा।

    यह मामला अब सिर्फ एक आपराधिक जांच तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि इसमें प्रशासनिक, राजनीतिक और कानूनी स्तर पर भी कई पहलू जुड़ते जा रहे हैं। राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और 7 दिनों के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने एफआईआर की धाराओं, आरोपी की गिरफ्तारी, फोरेंसिक जांच, कॉल रिकॉर्ड और CCTV फुटेज जैसी सभी जानकारियां तलब की हैं।

    दूसरी ओर, परिजनों ने अदालत के फैसले के बाद हाईकोर्ट जाने की तैयारी शुरू कर दी है। उनका कहना है कि उन्हें जांच प्रक्रिया पर भरोसा नहीं है और निष्पक्ष जांच के लिए दूसरी एजेंसी की आवश्यकता है। परिजनों ने रिटायर्ड जज गिरीबाला सिंह को कंज्यूमर फोरम से हटाने की भी मांग की है, जिसको लेकर राज्यपाल को पत्र भेजा गया है।

    फिलहाल पुलिस की तरफ से आरोपी समर्थ सिंह पर लुकआउट नोटिस जारी किया गया है और उसकी गिरफ्तारी के लिए इनाम राशि भी बढ़ा दी गई है। पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है, लेकिन हर एंगल से जांच जारी है।

    इसी बीच भोपाल में रिटायर्ड सैनिकों ने भी प्रदर्शन करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। बाइक रैली निकालकर उन्होंने प्रशासन पर दबाव बनाया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पारदर्शी जांच होनी चाहिए।

    कुल मिलाकर ट्विशा शर्मा केस अब एक हाई-प्रोफाइल जांच में बदल चुका है, जहां अदालत, सरकार, आयोग और जनता सभी की नजरें इस मामले के अगले फैसलों पर टिकी हुई हैं।