Category: Madhya Pradesh

  • एक्ट्रेस ट्विशा केस: पुलिस जांच पर गंभीर सवाल, परिजनों ने उठाई आपत्ति

    एक्ट्रेस ट्विशा केस: पुलिस जांच पर गंभीर सवाल, परिजनों ने उठाई आपत्ति


    भोपाल  भोपाल की चर्चित एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है और अब यह केस पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। शुरुआती जांच में पुलिस इसे आत्महत्या का मामला बता रही है, लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आए तथ्य और परिजनों के आरोपों ने पूरी कहानी को और जटिल बना दिया है। इस केस में पुलिस की पांच बड़ी चूकें सामने आने के बाद मुख्य आरोपी समर्थ सिंह घटना के 9 दिन बाद भी फरार है, जिससे जांच प्रक्रिया पर सवाल और गहरे हो गए हैं।

    जानकारी के अनुसार, भोपाल एम्स की शॉर्ट पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट घटना के 24 घंटे के भीतर पुलिस को मिल गई थी, जिसमें मृतका के शरीर पर कई चोटों के निशान दर्ज थे। इसके बावजूद पुलिस द्वारा मामले को आत्महत्या मानते हुए शुरुआती जांच में तेजी नहीं दिखाई गई, जिसे बड़ी लापरवाही माना जा रहा है। परिजनों का आरोप है कि शुरुआत से ही उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया और समय रहते आरोपी तक पहुंचने में भी पुलिस विफल रही।

    इस बीच पुलिस कमिश्नर ने आरोपी पर इनाम राशि 10 हजार से बढ़ाकर 30 हजार रुपये कर दी है और उसकी गिरफ्तारी के लिए छह विशेष टीमें गठित की गई हैं। साथ ही मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी का गठन किया गया है और लुक-आउट नोटिस भी जारी कर दिया गया है, लेकिन अब तक आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर है।

    परिजनों ने पुलिस की जांच प्रक्रिया पर नाराजगी जताते हुए दूसरी एजेंसी से जांच कराने की मांग की है। उनका आरोप है कि 13 मई की रात जब वे कटारा हिल्स थाने पहुंचे थे, तो उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और उन्हें थाने से बाहर निकाल दिया गया। परिवार का कहना है कि उनकी बातों को अनसुना किया गया, जिससे उन्हें न्याय व्यवस्था पर भरोसा कमजोर होता दिखाई दे रहा है। इसी असंतोष के चलते परिवार हाईकोर्ट जाने की तैयारी कर रहा है।

    मामले में अदालत ने भी अहम हस्तक्षेप करते हुए शव को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी ने आदेश दिया है कि शव को माइनस 80 डिग्री तापमान में संरक्षित किया जाए, क्योंकि मौजूदा मॉर्च्युरी में केवल माइनस 4 डिग्री तापमान की सुविधा है, जो लंबे समय तक शरीर को सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त नहीं है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रदेश के बाहर दोबारा पोस्टमॉर्टम की अनुमति उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आती।

    वहीं पुलिस का कहना है कि एसआईटी निष्पक्ष जांच कर रही है और शुरुआती जांच में यह मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है। पुलिस के अनुसार मृतका के गले पर मिले निशान फांसी लगाने के संकेत देते हैं। हालांकि परिजन इस दावे को खारिज करते हुए इसे संदिग्ध हत्या का मामला बता रहे हैं।

    फिलहाल यह केस सोशल मीडिया पर भी तेजी से चर्चा में है और #JusticeForTwisha जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं। लोग न्याय की मांग कर रहे हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की अपील कर रहे हैं। CCTV फुटेज और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के सामने आने के बाद यह मामला और भी संवेदनशील हो गया है, जहां एक तरफ पुलिस अपनी जांच को सही बता रही है, वहीं दूसरी तरफ परिजन न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं।

  • एमपी में गर्मी ने तोड़े रिकार्ड, आज 7 जिलों में रेड अलर्ट, खजुराहो बना देश का दूसरा सबसे गर्म शहर

    एमपी में गर्मी ने तोड़े रिकार्ड, आज 7 जिलों में रेड अलर्ट, खजुराहो बना देश का दूसरा सबसे गर्म शहर

    भोपाल। मध्य प्रदेश इस समय भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। प्रदेश के कई शहरों में तापमान लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है। बुधवार को राज्य के 16 शहरों में पारा 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया, जबकि खजुराहो सबसे ज्यादा गर्म रहा। यहां अधिकतम तापमान 47.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिसने 33 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया।

    मौसम विभाग के मुताबिक, मई महीने में खजुराहो में पहली बार इतना अधिक तापमान दर्ज किया गया है। इससे पहले 29 अप्रैल 1993 को यहां 46.9 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया था। बुधवार को खजुराहो देश का दूसरा और दुनिया का चौथा सबसे गर्म शहर रहा। इससे अधिक तापमान मिस्र के अस्वान में 49.4 डिग्री, सऊदी अरब के अराफात में 48.4 डिग्री और उत्तरप्रदेश के बांदा में 48.2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।

    प्रदेश के नौगांव, निवाड़ी, दतिया, राजगढ़ समेत कई शहरों में भी गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया है। मौसम विभाग ने गुरुवार के लिए पूरे मध्यप्रदेश में हीट वेव का अलर्ट जारी किया है। भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना जिलों में तीव्र लू का रेड अलर्ट घोषित किया गया है। इन इलाकों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक रहने की संभावना है। इसके अलावा भोपाल, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर, रायसेन, दमोह, कटनी, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, रतलाम और झाबुआ में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

    वहीं इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, शाजापुर, सीहोर, देवास, हरदा, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, धार, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, उमरिया और शहडोल सहित कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां तापमान 43 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।

    मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक प्रदेशभर में भीषण गर्मी जारी रहने की संभावना जताई है। विभाग का कहना है कि 23 मई तक गर्मी से राहत मिलने के आसार नहीं हैं। इसके बाद नौतपा शुरू होगा, जिसके दौरान भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर सहित पूरे प्रदेश में तेज गर्मी पड़ने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक लू का असर सबसे ज्यादा रहेगा, इसलिए जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलें।

  • MP: धार भोजशाला परिसर के नीचे दबी है हनुमान प्रतिमा….! जाने क्या उठी नई मांग?

    MP: धार भोजशाला परिसर के नीचे दबी है हनुमान प्रतिमा….! जाने क्या उठी नई मांग?


    धार।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के धार (Dhar) स्थित भोजशाला परिसर (Bhojshala Complex) में श्रद्धालुओं के निःशुल्क प्रवेश की मांग को लेकर एक याचिकाकर्ता ने बुधवार को ASI (भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण) को आवेदन भेजा। वहीं, दूसरे याचिकाकर्ता ने अलग अर्जी में दावा किया कि इस मध्यकालीन स्मारक की जमीन के नीचे भगवान हनुमान और अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियां दबी हो सकती हैं। ये ताजा आवेदन उन दो याचिकाकर्ताओं ने भेजे हैं, जिनकी ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई करने के बाद मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय (Madhya Pradesh High Court) की इंदौर पीठ ने इस ASI संरक्षित परिसर को 15 मई को वाग्देवी (सरस्वती) का मंदिर घोषित किया था।

    सामाजिक संगठन ‘हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस’ से जुड़े याचिकाकर्ता आशीष गोयल ने ASI को भेजे आवेदन में कहा कि श्रद्धालुओं को उपासना के अधिकार के तहत भोजशाला में निःशुल्क प्रवेश दिया जाना चाहिए। आवेदन में कहा गया कि ASI द्वारा श्रद्धालुओं से वर्तमान में लिया जा रहा एक रुपए का प्रवेश शुल्क बंद किया जाए क्योंकि इस वसूली से उच्च न्यायालय के आदेश की ‘अवहेलना’ हो रही है।


    भोजशाला में लगे इस्लामी प्रतीकों को हटाने की मांग

    आवेदन में भोजशाला परिसर की दक्षिण-पूर्व दिशा में स्थित बंद कमरे को तत्काल खोलने की मांग भी की गई है। याचिकाकर्ता का दावा है कि यह कमरा मूल मंदिर परिसर का हिस्सा है। आवेदन में यह भी कहा गया है कि चूंकि उच्च न्यायालय ने भोजशाला को वाग्देवी मंदिर घोषित कर दिया है, इसलिए परिसर में ‘अनाधिकृत रूप से लगाए गए’ इस्लामी प्रतीकों को हटाया जाना चाहिए।


    मुस्लिम प्रतीकों को किसी अन्य कमरे में रखने की मांग

    भोजशाला मामले के एक अन्य याचिकाकर्ता कुलदीप तिवारी ने भी केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय और ASI को भेजे अलग आवेदन में ऐसी ही मांग की और कहा कि इस्लामी प्रतीकों को मुस्लिम समुदाय के किसी भवन में सुरक्षित तौर पर रखा जाना चाहिए।


    याचिकाकर्ता का दावा- भोजशाला में दबी है हनुमान जी की मूर्ति

    तिवारी ने अपने आवेदन में दावा किया कि धार के लोगों की मान्यता है कि भोजशाला परिसर की जमीन के नीचे भगवान हनुमान और अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियां मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे में सच का पता लगाने के लिए वैज्ञानिक तरीके से खुदाई करके इन मूर्तियों को बाहर निकाला जाना चाहिए और इन्हें परिसर में धार्मिक विधि-विधान के साथ स्थापित किया जाना चाहिए।


    पिछले शुक्रवार को आया था भोजशाला को लेकर ऐतिहासिक फैसला

    उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ ने 15 मई को अपने फैसले में भोजशाला परिसर की धार्मिक प्रकृति वाग्देवी (सरस्वती) मंदिर के रूप में निर्धारित की थी। साथ ही अदालत ने ASI के सात अप्रैल 2003 के उस आदेश को भी रद्द कर दिया था जिसमें मुस्लिम समुदाय को हर शुक्रवार इस परिसर में नमाज अदा करने की इजाजत दी गई थी। इस आदेश में हिंदुओं को केवल मंगलवार को स्मारक में पूजा-अर्चना की अनुमति दी गई थी।

  • MP: कॉल रिकॉर्ड खोलेंगे ट्विशा शर्मा की मौत का राज? 46 मोबाइल नंबर जांच के घेरे में

    MP: कॉल रिकॉर्ड खोलेंगे ट्विशा शर्मा की मौत का राज? 46 मोबाइल नंबर जांच के घेरे में


    भोपाल।
    भोपाल की ट्विशा शर्मा (Twisha Sharma) की मौत से जुड़े मामले में बुधवार को कई अहम घटनाएं सामने आईं. एक तरफ अदालत ने दोबारा पोस्टमार्टम (Post mortem) कराने की याचिका स्वीकार करने से इनकार कर दिया, वहीं दूसरी ओर मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) ने पीड़ित परिवार को आश्वासन दिया कि राज्य सरकार इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपने के लिए औपचारिक पत्र भेजेगी.

    33 वर्षीय ट्विशा शर्मा मॉडलिंग और एक्टिंग से जुड़ी थीं, 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में स्थित अपने ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गई थीं. परिजनों ने आरोप लगाया है कि विवाह के बाद से उन्हें दहेज को लेकर प्रताड़ित किया जा रहा था और मानसिक व शारीरिक रूप से परेशान किया जाता था.


    46 मोबाइल नंबरों के कॉल डिटेल सुरक्षित रखने की मांग

    इस बीच परिवार ने 46 मोबाइल नंबरों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड, लोकेशन डाटा, व्हाट्सऐप और डिजिटल मेटाडाटा सुरक्षित रखने की भी मांग की है. इसमें परिवार, घरेलू कर्मचारी, ड्राइवर, करीबी सहयोगी और घटना से पहले व बाद में जुड़े लोगों के नंबर शामिल हैं.


    परिवार ने जांच पर उठाए सवाल

    ट्विशा के परिवार ने स्थानीय पुलिस जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिना वजह प्रशासनिक देरी से शव खराब हो सकता है और अहम फॉरेंसिक साक्ष्य नष्ट होने का खतरा है. परिवार ने आरोप लगाया कि जमानत पर बाहर मौजूद मुख्य आरोपी गिरिबाला सिंह ने न्यायिक कार्यालय परिसर का उपयोग कर मीडिया से बातचीत की और मृतका के खिलाफ बयान दिए.

    इस पर मृतका के पिता नवनीधि शर्मा ने मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई सी पटेल को संवैधानिक ज्ञापन सौंपकर गिरिबाला सिंह की अर्ध-न्यायिक पद पर भूमिका की समीक्षा की मांग की है.


    FIR और मेडिकल रिपोर्ट में क्या?

    परिवार ने कहा कि एफआईआर और प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ‘एंटीमॉर्टम हैंगिंग’ के साथ शरीर के अन्य हिस्सों पर कई चोटों का भी उल्लेख है. उनका कहना है कि इन तथ्यों ने परिवार के मन में मौत की वास्तविक परिस्थितियों को लेकर गंभीर संदेह पैदा कर दिया है.


    पूर्व सैनिकों का प्रदर्शन

    इसी बीच भोपाल में 50 से अधिक पूर्व सैनिक मोटरसाइकिल रैली निकालकर ट्विशा शर्मा को न्याय दिलाने और मामले की जांच मध्य प्रदेश से बाहर कराने की मांग करते नजर आए. उल्लेखनीय है कि ट्विशा शर्मा के भाई भारतीय सेना में मेजर हैं।

  • मौसम का मिजाज बदला: कई राज्यों में आंधी-बारिश की चेतावनी जारी

    मौसम का मिजाज बदला: कई राज्यों में आंधी-बारिश की चेतावनी जारी

    मध्‍य प्रदेश 21 मई का दिन देश के अलग-अलग हिस्सों में मिले-जुले मौसम का संकेत दे रहा है। कहीं तेज धूप और उमस लोगों को परेशान कर सकती है, तो वहीं कुछ राज्यों में बादलों की आवाजाही और हल्की बारिश से मौसम सुहावना होने की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, प्री-मानसून गतिविधियां अब धीरे-धीरे सक्रिय हो रही हैं, जिससे मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। उत्तर भारत के कई राज्यों में तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है और दोपहर के समय लू जैसे हालात भी महसूस किए जा सकते हैं। वहीं शाम होते-होते कुछ क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बादल छाने की संभावना जताई गई है।

    मध्य प्रदेश सहित इन राज्यों में गर्मी का असर जारी
    मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के कई इलाकों में दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाओं का असर रहेगा। खासकर दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच तापमान चरम पर रह सकता है। मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्के बादल और स्थानीय स्तर पर गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना भी जताई गई है, जिससे तापमान में थोड़ी गिरावट आ सकती है। हालांकि पूरी तरह राहत की उम्मीद अभी कम ही है।

    दक्षिण और पूर्वी भारत में बारिश की संभावना
    दक्षिण भारत के केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु के कुछ क्षेत्रों में प्री-मानसून बारिश का दौर जारी रह सकता है। वहीं पूर्वोत्तर राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। बंगाल की खाड़ी में बने मौसमी दबाव के कारण कुछ इलाकों में तेज हवाएं और बिजली गिरने की घटनाएं भी देखने को मिल सकती हैं। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में सतर्क रहने की सलाह दी है

    आंधी-तूफान और बिजली गिरने का अलर्ट
    कई राज्यों में अचानक मौसम बदलने की संभावना है। खासकर ग्रामीण इलाकों में तेज आंधी और बिजली गिरने का खतरा बना रह सकता है। किसानों और खुले क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
     IMD ने कहा है कि आने वाले कुछ दिनों तक मौसम में अस्थिरता बनी रहेगी, जिससे कभी तेज धूप तो कभी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।

    दिल्ली-एनसीआर में कैसा रहेगा मौसम
    दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में दिन के समय गर्म हवाएं चल सकती हैं। शाम तक आंशिक बादल छाने की संभावना है। हालांकि बारिश की संभावना फिलहाल सीमित है, लेकिन मौसम में हल्की ठंडक महसूस हो सकती है।

    21 मई का मौसम देशभर में पूरी तरह मिश्रित रहने वाला है। कहीं गर्मी का प्रकोप तो कहीं बारिश की राहत देखने को मिलेगी। बदलते मौसम को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने और मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।
  • बुजुर्ग की जेब काटते हुए धराया आरोपी, अस्पताल में मचा हंगामा

    बुजुर्ग की जेब काटते हुए धराया आरोपी, अस्पताल में मचा हंगामा


    भागलपुर । भागलपुर के मायागंज अस्पताल में बुधवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक्स-रे विभाग के पास एक युवक को जेबकतरी करते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया। यह घटना अस्पताल परिसर में उस समय हुई जब कजरैली रजया निवासी नकुल दास अपनी जांच के लिए लाइन में खड़े थे। वे एक्स-रे कराने के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे कि तभी भीड़ में खड़े एक युवक ने उनके जेब से पैसे निकालने की कोशिश शुरू कर दी।

    जैसे ही नकुल दास को अपनी जेब में हलचल महसूस हुई, उन्हें तुरंत शक हुआ। उन्होंने बिना देर किए युवक का हाथ पकड़ लिया और जोर-जोर से शोर मचाना शुरू कर दिया। उनकी आवाज सुनते ही आसपास मौजूद मरीज, परिजन और अन्य लोग मौके पर पहुंच गए। कुछ ही पलों में वहां भीड़ जमा हो गई और लोगों ने आरोपी युवक को घेर लिया।

    गुस्साई भीड़ ने आरोपी को पकड़कर उसकी जमकर पिटाई कर दी। अस्पताल परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल भी उठाए कि आखिर इतने बड़े अस्पताल में जेबकतरे कैसे आसानी से प्रवेश कर जाते हैं।

    सूचना मिलने पर अस्पताल के सुरक्षा कर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे और किसी तरह आरोपी को भीड़ से छुड़ाया। इसके बाद उसे मायागंज अस्पताल स्थित पुलिस कैंप में ले जाया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए बरारी थाना पुलिस को भी सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को अपने साथ थाने ले गई।

    पुलिस के अनुसार पकड़े गए युवक ने अपना नाम मोहम्मद पप्पू बताया है और वह सकूरा क्षेत्र का रहने वाला बताया जा रहा है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि आरोपी पहले भी इस तरह की घटनाओं में शामिल रहा है या नहीं। उसके आपराधिक रिकॉर्ड की भी पड़ताल की जा रही है।

    घटना के बाद अस्पताल में मौजूद मरीजों और उनके परिजनों में दहशत और नाराजगी दोनों देखी गई। लोगों का कहना है कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होनी चाहिए ताकि मरीजों और उनके साथ आए परिजनों को इस तरह की घटनाओं का सामना न करना पड़े।

    पीड़ित नकुल दास ने बताया कि वह इलाज के लिए आए थे और लाइन में खड़े थे, तभी एक व्यक्ति ने उनकी जेब में हाथ डालने की कोशिश की। उन्होंने तुरंत उसे पकड़ लिया, जिससे बड़ा नुकसान होने से बच गया।

    फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी से पूछताछ जारी है। इस घटना ने एक बार फिर अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सतर्कता की जरूरत को उजागर कर दिया है।

  • एडमिशन विवाद: परिजनों का आरोप- अमीर बच्चों को ही मिल रहा दाखिला

    एडमिशन विवाद: परिजनों का आरोप- अमीर बच्चों को ही मिल रहा दाखिला


    भागलपुर । भागलपुर के इंटर स्तरीय पंचानन झा उच्च विद्यालय बैजानी में नामांकन प्रक्रिया को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इस बार कई छात्रों का एडमिशन नहीं होने से अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने स्कूल परिसर में पहुंचकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। अभिभावकों का आरोप है कि पहले से पढ़ रहे बच्चों को भी इस बार नामांकन से वंचित कर दिया गया है, जिससे उनके भविष्य को लेकर गंभीर चिंता पैदा हो गई है।

    प्रदर्शन कर रहे अभिभावकों का कहना है कि बच्चों का नामांकन अचानक बदले गए नियमों के कारण अटक गया है। कई बार स्कूल आने-जाने के बावजूद उन्हें पहले आश्वासन दिया गया था कि एडमिशन होगा, लेकिन बाद में नियमों का हवाला देकर प्रवेश रोक दिया गया। अभिभावकों ने आरोप लगाया कि अब स्कूल प्रशासन केवल मेरिट और नए चयन मानकों के आधार पर एडमिशन दे रहा है, जिससे कई योग्य छात्र बाहर हो गए हैं।

    अभिभावक सुनीता देवी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि उनके बच्चों की पढ़ाई यहीं से शुरू हुई थी, लेकिन अब उन्हें दूर-दराज के स्कूलों में भेजने की मजबूरी बन रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अच्छे स्कूलों में सिर्फ विशेष वर्ग या आर्थिक रूप से मजबूत परिवारों के बच्चों को ही पढ़ने का अधिकार है। उन्होंने यह भी चिंता जताई कि दूर स्कूल जाने से बच्चों की सुरक्षा पर खतरा बढ़ सकता है।

    वहीं दूसरी ओर स्कूल प्रशासन ने साफ किया है कि यह स्कूल अब मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जा रहा है, इसलिए नामांकन प्रक्रिया में सख्त नियम लागू किए गए हैं। प्रिंसिपल मनीष कुमार सिंह ने बताया कि कक्षा 9 में कुल 180 सीटें निर्धारित हैं और सीमित सीटों के कारण सभी छात्रों को प्रवेश देना संभव नहीं है।

    उन्होंने बताया कि शुरुआत में NMMS परीक्षा पास करने वाले छात्रों को प्राथमिकता देने का प्रावधान था, लेकिन बाद में नई SOP के तहत मेरिट और परीक्षा परिणाम के आधार पर ही प्रवेश प्रक्रिया तय की गई। इसके तहत दो बार टेस्ट और मार्कशीट के आधार पर चयन प्रक्रिया पूरी की गई है।

    प्रशासन का कहना है कि इस बार प्राइवेट स्कूलों के छात्रों को भी सीमित रूप से ही शामिल किया गया है और नियमों के अनुसार ही एडमिशन दिया जा रहा है। स्कूल प्रबंधन का यह भी कहना है कि संसाधनों की सीमा को देखते हुए अधिक छात्रों का नामांकन करना संभव नहीं है, क्योंकि इससे शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।

    स्थिति को देखते हुए स्कूल परिसर में तनाव का माहौल बना हुआ है। अभिभावक लगातार सीट बढ़ाने और सभी योग्य छात्रों को प्रवेश देने की मांग कर रहे हैं, जबकि स्कूल प्रशासन नियमों का हवाला देकर अपनी स्थिति स्पष्ट कर रहा है। अब इस मामले में प्रशासनिक हस्तक्षेप की संभावना जताई जा रही है।

  • पांढुर्णा ; भीषण गर्मी में यात्रियों के लिए राहत: पांढुर्णा स्टेशन पर 15 साल से मुफ्त सेवा

    पांढुर्णा ; भीषण गर्मी में यात्रियों के लिए राहत: पांढुर्णा स्टेशन पर 15 साल से मुफ्त सेवा


    पांढुर्णा ।  छिंदवाड़ा जिले के पांढुर्णा रेलवे स्टेशन पर भीषण गर्मी के बीच यात्रियों को बड़ी राहत मिल रही है। यहां पिछले 15 वर्षों से लगातार निःशुल्क ठंडा पानी वितरित किया जा रहा है। यह सेवा स्वर्गीय श्री मोहन महाराजजी कठाले की स्मृति में नीलेश मनने द्वारा शुरू की गई थी, जो आज भी पूरी निष्ठा के साथ जारी है। हर साल गर्मी के मौसम में यह सेवा यात्रियों की प्यास बुझाने का काम करती है और खासतौर पर जनरल बोगी में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं है।

    20 मई से शुरू हुई इस वर्ष की सेवा, 25 मई 2026 तक चलेगी
    इस वर्ष यह निःशुल्क जल सेवा 20 मई से शुरू की गई है और 25 मई 2026 तक जारी रहेगी। नीलेश मनने अपनी मित्र मंडली के साथ मिलकर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को ठंडा पानी उपलब्ध करा रहे हैं। जैसे ही ट्रेन स्टेशन पर रुकती है, स्वयंसेवक पानी के कैन और गिलास लेकर जनरल बोगी तक पहुंचते हैं और यात्रियों को ठंडा पानी पिलाते हैं। गर्मी से परेशान यात्रियों के लिए यह सेवा बड़ी राहत लेकर आती है, खासकर लंबी दूरी की यात्रा करने वालों के लिए।

    बिना प्रचार के चल रही सेवा, बनी सामाजिक प्रेरणा
    यह पूरी सेवा व्यक्तिगत खर्च और समाजसेवियों के सहयोग से संचालित की जाती है। वर्षों से यह कार्य बिना किसी बड़े प्रचार-प्रसार के निरंतर चल रहा है, जो इसे और भी खास बनाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सिर्फ एक सेवा नहीं बल्कि मानवता का जीवंत उदाहरण है। हर साल गर्मी के मौसम में यह टीम नियमित रूप से यात्रियों की सेवा में जुट जाती है।

    समाजसेवियों की सक्रिय भागीदारी
    इस अभियान में नीलेश मन्ने के साथ कई समाजसेवी भी सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं। बुधवार को जल वितरण सेवा में अधिवक्ता चेतन कुमार सुरजुसे, बापू गायधने, कृष्णा भांगे, योगेश डाबरे, ज्ञानेश्वर खुरसंगे, मनीष मेटागले, उमेश सावरकर और दीपक सुरजुसे सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

    भीषण गर्मी के बीच पांढुर्णा रेलवे स्टेशन की यह निःशुल्क जल सेवा न केवल यात्रियों की प्यास बुझा रही है, बल्कि समाज में सेवा और संवेदना की एक मजबूत मिसाल भी पेश कर रही है।

  • नरसिंहपुर में अतिक्रमण पर बुलडोजर एक्शन: उद्योग विभाग की जमीन से हटे कब्जे

    नरसिंहपुर में अतिक्रमण पर बुलडोजर एक्शन: उद्योग विभाग की जमीन से हटे कब्जे


    नरसिंहपुर । नरसिंहपुर जिले के ग्राम बगासपुर में बुधवार को जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए उद्योग विभाग की शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त करा दिया। लंबे समय से इस जमीन पर अवैध कब्जा और निर्माण किए जाने की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद प्रशासन ने यह निर्णायक कदम उठाया। कार्रवाई के दौरान राजस्व विभाग और पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर चलाकर कई अवैध ढांचों को ध्वस्त कर दिया गया। पूरे क्षेत्र में प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति पर निगरानी रखी और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत की गई।

    नोटिस के बाद भी नहीं हटाया गया कब्जा
    राजस्व विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अतिक्रमणकारियों को पहले ही नोटिस जारी कर स्वेच्छा से कब्जा हटाने के निर्देश दिए गए थे। उन्हें पर्याप्त समयसीमा भी दी गई थी, लेकिन तय समय के भीतर अतिक्रमण नहीं हटाया गया।
    इसके बाद प्रशासन ने नियमानुसार बलपूर्वक कार्रवाई करने का निर्णय लिया और शासकीय भूमि को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू की गई।

    प्रशासन का सख्त संदेश: सरकारी जमीन पर कब्जा बर्दाश्त नहीं
    एसडीएम संघमित्रा गौतम ने स्पष्ट कहा कि उद्योग विभाग की भूमि पर लंबे समय से अवैध निर्माण कर कब्जा किया गया था, जिसे अब पूरी तरह हटा दिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। प्रशासन ने यह भी संकेत दिए हैं कि जिले में अन्य सरकारी भूमि पर भी यदि अतिक्रमण पाया गया, तो उसके खिलाफ इसी तरह सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    बगासपुर की यह कार्रवाई प्रशासन की सख्ती और शासकीय संपत्ति की सुरक्षा के प्रति उसके रुख को दर्शाती है। बुलडोजर कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अन्य अवैध कब्जाधारियों में भी हलचल देखी जा रही है।

  • एक्सपायरी दवाओं के आरोपों के बीच हड़ताल: कटनी में मेडिकल स्टोर्स पर ताले

    एक्सपायरी दवाओं के आरोपों के बीच हड़ताल: कटनी में मेडिकल स्टोर्स पर ताले


    कटनी । कटनी में बुधवार को दवा कारोबार पूरी तरह प्रभावित रहा, जब ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स के आह्वान पर पूरे शहर और ग्रामीण क्षेत्रों की दवा दुकानें बंद रहीं। इस एक दिवसीय बंद का नेतृत्व कटनी केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन ने किया, जिसने ऑनलाइन दवा बिक्री के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।

    सुबह से ही शहर के मेडिकल स्टोरों के शटर बंद रहे, जिससे दवा बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। केवल आपातकालीन सेवाओं से जुड़े स्टोर और पीएम जन औषधि केंद्रों को इस बंद से छूट दी गई, ताकि मरीजों को जरूरी दवाओं की उपलब्धता में कोई बाधा न आए।

    ऑनलाइन दवा कंपनियों पर गंभीर आरोप
    एसोसिएशन के अध्यक्ष चंदू जादवानी ने आरोप लगाया कि ऑनलाइन दवा कंपनियां भारी डिस्काउंट और ऑफर्स का लालच देकर व्यापार कर रही हैं, जिससे स्थानीय दवा कारोबारियों को भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि निगरानी व्यवस्था कमजोर होने के कारण ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर एक्सपायरी दवाओं की बिक्री तक के मामले सामने आ रहे हैं, जो आम जनता के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है।

    व्यापारियों का कहना है कि ऑनलाइन फार्मेसी के बढ़ते प्रभाव ने छोटे और मध्यम दवा विक्रेताओं के अस्तित्व पर संकट खड़ा कर दिया है। कई दुकानदारों का कारोबार लगातार घट रहा है और वे आर्थिक दबाव में आ रहे हैं।

    16 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा गया
    दोपहर के समय एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन को 16 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। इसमें मुख्य रूप से ऑनलाइन दवा बिक्री पर पूर्ण नियंत्रण या प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है। इसके साथ ही दवाओं पर दिए जा रहे अत्यधिक डिस्काउंट को रोकने और एक मजबूत नियामक व्यवस्था बनाने की बात भी रखी गई।

    संघ के सचिव सागर आहूजा ने कहा कि बिना सख्त नियमों के चल रही ऑनलाइन फार्मेसी व्यवस्था पारंपरिक दवा कारोबारियों के अधिकारों का हनन कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका विरोध मरीजों के खिलाफ नहीं, बल्कि अनियंत्रित ऑनलाइन व्यापार प्रणाली के खिलाफ है।

    आंदोलन तेज करने की चेतावनी
    एसोसिएशन ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। व्यापारियों ने कहा कि वे अपने हितों और आम जनता की सुरक्षा दोनों के लिए एक मजबूत और पारदर्शी दवा बिक्री प्रणाली की मांग कर रहे हैं।

    कटनी का यह बंद केवल व्यापारिक विरोध नहीं बल्कि दवा वितरण प्रणाली में सुधार की मांग के रूप में देखा जा रहा है। अब देखना होगा कि प्रशासन और सरकार इस मुद्दे पर क्या कदम उठाते हैं।