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  • शिवपुरी में ज्वेलर्स की दुकान पर अनोखी चोरी, सोने की बाली ले गए शातिर, जगह पर रख गए पीतल की बाली

    शिवपुरी में ज्वेलर्स की दुकान पर अनोखी चोरी, सोने की बाली ले गए शातिर, जगह पर रख गए पीतल की बाली



    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश के शिवपुरी शहर में सराफा बाजार स्थित एक ज्वेलर्स की दुकान पर बेहद शातिराना अंदाज में चोरी किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि ग्राहक बनकर आए दो युवकों ने दुकानदार को बातचीत में उलझाकर सोने की बाली चुरा ली और उसकी जगह पीतल की बाली रख दी। हैरानी की बात यह रही कि इस चोरी की भनक दुकानदार को करीब 11 दिन तक नहीं लगी। बाद में जब बालियों की जांच की गई और सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, तब पूरी घटना का खुलासा हुआ।

    जानकारी के अनुसार, सराफा बाजार स्थित कनक ज्वेलर्स के संचालक विष्णु सोनी ने कोतवाली थाना पुलिस को शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में उन्होंने बताया कि 1 जून को दो युवक उनकी दुकान पर पहुंचे थे। दोनों ने ग्राहक होने का परिचय देते हुए सोने की बालियां देखने की इच्छा जताई। सामान्य प्रक्रिया के तहत दुकानदार ने उनके सामने बालियों की ट्रे रख दी और विभिन्न डिजाइनों की जानकारी देने लगे।

    दुकानदार के अनुसार, इसी दौरान दोनों युवकों ने अपनी योजना को अंजाम दिया। आरोप है कि एक युवक लगातार दुकानदार को बातचीत में उलझाए रहा, जबकि दूसरा युवक मौका मिलते ही ट्रे में रखी सोने की बाली निकालने में सफल हो गया। आरोपियों ने चोरी को छिपाने के लिए पहले से साथ लाई गई पीतल की बाली ट्रे में उसी स्थान पर रख दी, जिससे किसी को तत्काल संदेह न हो। इसके बाद दोनों युवक बिना किसी शक के दुकान से निकल गए।

    घटना का खुलासा तब हुआ जब गुरुवार को एक अन्य ग्राहक को बालियां दिखाने के लिए वही ट्रे निकाली गई। ट्रे में रखी एक बाली दुकानदार को संदिग्ध लगी। जांच करने पर पता चला कि वह सोने की नहीं बल्कि पीतल की है। इसके बाद दुकान संचालक ने पिछले दिनों के सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू की।

    फुटेज देखने पर कथित चोरी की पूरी घटना सामने आ गई। सीसीटीवी में दिखाई दे रहा है कि एक युवक दुकानदार का ध्यान दूसरी ओर लगाए रखता है, जबकि दूसरा युवक ट्रे से सोने की बाली निकालकर उसकी जगह पीतल की बाली रख देता है। फुटेज मिलने के बाद दुकानदार ने पुलिस को इसकी जानकारी दी और कार्रवाई की मांग की।

    पुलिस के अनुसार, शिकायत प्राप्त होने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्ध युवकों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि फुटेज में दिखाई दे रहे व्यक्तियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    यह घटना सराफा कारोबारियों के लिए भी चेतावनी मानी जा रही है। व्यापारियों का कहना है कि ग्राहकों के रूप में आने वाले शातिर अपराधी नई-नई तरकीबों से चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं, ऐसे में दुकानदारों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।

  • गुजरात के होटल में प्रेमिका की हत्या का आरोप, शिवपुरी ला रही पुलिस टीम के सामने हुई सनसनीखेज वारदात

    गुजरात के होटल में प्रेमिका की हत्या का आरोप, शिवपुरी ला रही पुलिस टीम के सामने हुई सनसनीखेज वारदात


    मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले से जुड़े एक मामले में गुजरात के गांधी नगर जिले में ऐसी घटना सामने आई है, जिसने पुलिस और आम लोगों को हैरान कर दिया है। पुलिस के अनुसार, शिवपुरी से फरार हुए एक प्रेमी जोड़े को गुजरात से बरामद कर वापस लाया जा रहा था। इसी दौरान होटल में ठहरने के समय युवती की मौत हो गई, जबकि युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार युवक पर युवती की हत्या करने और बाद में खुद को घायल करने का आरोप है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।

    जानकारी के मुताबिक, शिवपुरी जिले के देहात थाना क्षेत्र के पिपरसमा गांव निवासी 21 वर्षीय रजनी धाकड़ और 25 वर्षीय संतोष जाटव 7 जून को घर से चले गए थे। परिजनों द्वारा गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराने के बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और लोकेशन के आधार पर उनकी तलाश शुरू की। पुलिस टीम युवती के भाई को साथ लेकर गुजरात पहुंची और 11 जून को दोनों को राजकोट जिले के सांपर क्षेत्र से बरामद कर लिया।

    इसके बाद पुलिस टीम दोनों को लेकर शिवपुरी लौट रही थी। लंबी यात्रा के चलते टीम ने गांधी नगर से आगे उदयपुर हाईवे पर स्थित एक होटल में रात के समय विश्राम करने का निर्णय लिया। पुलिस के अनुसार, होटल के कमरे में पुलिसकर्मी, दोनों युवक-युवती और युवती का भाई समेत कुल छह लोग मौजूद थे।

    पुलिस सूत्रों के अनुसार, देर रात करीब दो से ढाई बजे के बीच कमरे में अचानक हलचल और चीख-पुकार की आवाज सुनाई दी। मौजूद लोगों के जागने पर युवती गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिली, जबकि युवक भी घायल था। पुलिसकर्मियों ने तत्काल हस्तक्षेप किया और दोनों को अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में चिकित्सकों ने युवती को मृत घोषित कर दिया, जबकि युवक को गंभीर हालत में आईसीयू में भर्ती कराया गया है।

    घटना के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस का कहना है कि युवक की तलाशी ली गई थी और उसके पास कोई धारदार वस्तु नहीं मिली थी। हालांकि, महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं होने के कारण युवती की तलाशी नहीं ली गई थी। ऐसे में घटना में प्रयुक्त धारदार हथियार कहां से आया, यह जांच का महत्वपूर्ण विषय बना हुआ है।

    चूंकि घटना गुजरात के गांधी नगर जिले के अंतर्गत हुई है, इसलिए स्थानीय चिलोड़ा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिवपुरी पुलिस के अधिकारियों ने भी घटना की पुष्टि की है और बताया है कि अब पूरे मामले की जांच गुजरात पुलिस के अधिकार क्षेत्र में की जा रही है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। होटल स्टाफ, प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस टीम के सदस्यों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। साथ ही होटल के सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है, ताकि घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाया जा सके।

    फिलहाल युवक अस्पताल में उपचाराधीन है और मामले की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के सभी तथ्यों और परिस्थितियों पर स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।

  • इंदौर में युवक को बीच सड़क रोका, मारपीट के बाद कार में बैठाने की कोशिश; तीन आरोपियों पर केस दर्ज

    इंदौर में युवक को बीच सड़क रोका, मारपीट के बाद कार में बैठाने की कोशिश; तीन आरोपियों पर केस दर्ज


    मध्य प्रदेश। इंदौर के राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में एक युवक के साथ कथित तौर पर रास्ता रोककर मारपीट करने और उसे जबरन कार में बैठाने की कोशिश का मामला सामने आया है। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर तीन आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।

    पुलिस के अनुसार, फरियादी रोहित शर्मा (28) निवासी सदर बाजार मैन रोड, इंदौर ने राजेंद्र नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में रोहित ने बताया कि 11 जून 2026 को दोपहर करीब 2 बजे वह केशरबाग सर्विस रोड स्थित टिंकुस कैफे के सामने से गुजर रहा था। इसी दौरान कुछ लोगों ने उसका रास्ता रोक लिया और उसके साथ विवाद शुरू कर दिया।

    शिकायत के मुताबिक, आरोपियों में शामिल एक युवक स्कूटर पर सवार था। उसने रोहित के स्कूटर के सामने अपना वाहन लगाकर उसे रोक लिया। इसके बाद एक कार में सवार कपिल जायसवाल, अमन बैस और एक अन्य युवक वहां पहुंचे। रोहित का आरोप है कि आरोपियों ने पुरानी रंजिश को लेकर उसके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी।

    पीड़ित के अनुसार, विवाद बढ़ने पर तीनों आरोपियों ने मिलकर उसके साथ हाथ-मुक्कों से मारपीट की। रोहित ने आरोप लगाया है कि मारपीट के दौरान उसे जबरदस्ती कार में बैठाकर अपने साथ ले जाने का प्रयास भी किया गया। हालांकि, उसने शोर मचाकर आसपास मौजूद लोगों से मदद मांगी, जिसके बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचने लगे। लोगों को आता देख आरोपी वहां से भाग निकले।

    घटना के बाद रोहित ने थाने पहुंचकर पूरी जानकारी पुलिस को दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और आरोपियों की तलाश के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

    राजेंद्र नगर थाना पुलिस के मुताबिक, शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच के साथ-साथ घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं, ताकि घटना की पूरी परिस्थितियों को स्पष्ट किया जा सके। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि दोनों पक्षों के बीच किस प्रकार की पुरानी रंजिश थी और विवाद की वास्तविक वजह क्या थी।

    फिलहाल मामले में जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, पीड़ित द्वारा लगाए गए आरोपों की भी पुलिस विभिन्न स्तरों पर पुष्टि करने में जुटी हुई है।

  • राजा रघुवंशी हत्याकांड में फिर उठी CBI जांच की मांग, भाई बोले- परिवार को अब भी इंसाफ का इंतजार

    राजा रघुवंशी हत्याकांड में फिर उठी CBI जांच की मांग, भाई बोले- परिवार को अब भी इंसाफ का इंतजार


    मध्य प्रदेश। इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में एक बार फिर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग उठी है। मृतक राजा रघुवंशी के भाई विपिन रघुवंशी ने राज्य सरकार से अपील करते हुए कहा है कि मामले की निष्पक्ष, व्यापक और गहन जांच के लिए इसे सीबीआई को सौंपा जाना चाहिए। उनका कहना है कि परिवार को अब भी न्याय का इंतजार है और इस मामले की सच्चाई पूरी तरह सामने आना जरूरी है।

    विपिन रघुवंशी का दावा है कि यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रहा है और इसमें दूसरे राज्य का भी पहलू जुड़ा हुआ है। ऐसे में केंद्रीय एजेंसी द्वारा जांच कराए जाने से मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष पड़ताल हो सकेगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि अन्य चर्चित मामलों में सीबीआई जांच कराई जा सकती है, तो राजा रघुवंशी हत्याकांड में भी ऐसी जांच होनी चाहिए।

    गौरतलब है कि इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी अपनी पत्नी सोनम रघुवंशी के साथ हनीमून के लिए शिलांग गए थे। पुलिस के अनुसार, वहां उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। जांच के दौरान पुलिस ने आरोप लगाया था कि सोनम रघुवंशी ने अन्य लोगों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची और घटना को अंजाम दिया। मामले में सोनम सहित अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। वर्तमान में सोनम रघुवंशी जमानत पर बाहर हैं।

    इसी संदर्भ में विपिन रघुवंशी ने आशंका जताई है कि जमानत पर बाहर होने के कारण मामले से जुड़े साक्ष्यों और गवाहों पर प्रभाव पड़ने की संभावना हो सकती है। उन्होंने कहा कि परिवार चाहता है कि मामले की पूरी सच्चाई सामने आए और दोषियों को कड़ी सजा मिले। हालांकि, यह परिवार की ओर से व्यक्त की गई आशंका और मांग है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

    विपिन ने कहा कि उनके परिवार को अभी तक यह महसूस नहीं होता कि राजा को पूर्ण न्याय मिला है। उनका मानना है कि सीबीआई जांच से मामले की हर कड़ी की नए सिरे से जांच संभव होगी और किसी भी संभावित पहलू को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि परिवार की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए इस मांग पर गंभीरता से विचार किया जाए।

    राजा रघुवंशी हत्याकांड सामने आने के बाद देशभर में चर्चा का विषय बना था। मामले में पुलिस जांच, गिरफ्तारियां और बाद की कानूनी प्रक्रियाएं लगातार सुर्खियों में रही हैं। अब मृतक के परिजनों द्वारा एक बार फिर सीबीआई जांच की मांग किए जाने से यह मामला दोबारा चर्चा में आ गया है।

    फिलहाल मामले में कानूनी प्रक्रिया जारी है और संबंधित अदालत में सुनवाई की कार्रवाई आगे बढ़ रही है। वहीं, परिजन लगातार यह मांग कर रहे हैं कि मामले की जांच किसी केंद्रीय एजेंसी से कराई जाए ताकि उन्हें न्याय मिलने का भरोसा मजबूत हो सके।

  • राज्यसभा चुनाव विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा संदेश, मीनाक्षी नटराजन की याचिका खारिज, संवैधानिक सीमाओं का दिया हवाला

    राज्यसभा चुनाव विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा संदेश, मीनाक्षी नटराजन की याचिका खारिज, संवैधानिक सीमाओं का दिया हवाला

    मध्य प्रदेश : से राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस की उम्मीदवार रहीं मीनाक्षी नटराजन को उस समय बड़ा कानूनी झटका लगा जब सुप्रीम कोर्ट ने उनके नामांकन पत्र को निरस्त किए जाने के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि चुनावी प्रक्रिया के दौरान न्यायालय सीधे हस्तक्षेप नहीं कर सकता और संविधान में इसके लिए स्पष्ट सीमाएं निर्धारित की गई हैं।

    न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति ए.एस. चंदुरकर की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान संविधान के अनुच्छेद 329 का उल्लेख करते हुए कहा कि चुनाव संबंधी प्रक्रियाओं में न्यायिक हस्तक्षेप पर प्रतिबंध है। अदालत ने माना कि इस चरण में रिट याचिका पर विचार करना संवैधानिक व्यवस्था के अनुरूप नहीं होगा। इसी आधार पर याचिका को सुनवाई योग्य न मानते हुए खारिज कर दिया गया।

    सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी संकेत दिया कि यदि किसी उम्मीदवार का नामांकन निर्वाचन अधिकारी द्वारा निरस्त किया जाता है तो उसके लिए उपलब्ध वैधानिक उपाय चुनाव आयोग के समक्ष अपनी शिकायत रखना होता है। न्यायालय ने यह भी जानना चाहा कि क्या ऐसे मामलों में पहले किसी अदालत ने चुनावी प्रक्रिया के बीच हस्तक्षेप किया है, हालांकि याचिकाकर्ता पक्ष कोई ऐसा उदाहरण प्रस्तुत नहीं कर सका।

    मीनाक्षी नटराजन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी ने दलील दी कि उनके मुवक्किल का नामांकन अनुचित आधार पर खारिज किया गया। उनका कहना था कि जिस आपराधिक मामले का उल्लेख न करने का आरोप लगाया गया है, वह ऐसा मामला नहीं था जिसके प्रकटीकरण की कानूनी बाध्यता बनती हो। उन्होंने तर्क दिया कि संबंधित मामले में केवल समन जारी हुए थे और उसे नामांकन निरस्त करने का आधार नहीं बनाया जाना चाहिए था।

    विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब राज्यसभा चुनाव के लिए दाखिल किए गए नामांकन पत्रों की जांच के दौरान यह आरोप लगाया गया कि मीनाक्षी नटराजन ने अपने शपथपत्र में एक लंबित न्यायालयीन शिकायत का उल्लेख नहीं किया। निर्वाचन अधिकारी द्वारा उपलब्ध दस्तावेजों की समीक्षा के बाद यह निष्कर्ष निकाला गया कि प्रस्तुत शपथपत्र अधूरा है, जिसके चलते उनका नामांकन निरस्त कर दिया गया।

    चुनावी प्रक्रिया के दौरान इस मुद्दे ने राजनीतिक रंग भी ले लिया। आपत्ति दर्ज कराने वाले पक्ष का दावा था कि उम्मीदवार ने अपने खिलाफ दर्ज एक मामले की जानकारी छिपाई है, जबकि कांग्रेस ने इसे तकनीकी आधार पर लिया गया निर्णय बताते हुए निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाए।

    सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मीनाक्षी नटराजन ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह इसे केवल व्यक्तिगत हार के रूप में नहीं देखतीं, बल्कि यह लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक मूल्यों से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने उनकी शिकायतों पर अपेक्षित तत्परता से कार्रवाई नहीं की और पूरे मामले में निष्पक्षता को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े हुए हैं।

    कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि शुरू से ही उन्हें चुनावी प्रक्रिया के संचालन को लेकर संदेह था और अदालत के फैसले के बावजूद उनकी चिंताएं समाप्त नहीं हुई हैं। उन्होंने दावा किया कि उनका संघर्ष किसी राज्य सरकार के खिलाफ नहीं, बल्कि चुनावी संस्थाओं की जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए था।

    इस फैसले के साथ फिलहाल राज्यसभा चुनाव से जुड़े इस विवाद का न्यायिक अध्याय समाप्त हो गया है। हालांकि राजनीतिक स्तर पर यह मुद्दा आगे भी चर्चा का विषय बना रह सकता है, क्योंकि विपक्ष चुनावी प्रक्रियाओं की निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर लगातार सवाल उठाता रहा है।

  • IIT इंदौर का 14वां दीक्षांत समारोह 27 जून को: इसरो के पूर्व प्रमुख डॉ. के. सिवन करेंगे अध्यक्षता, प्रो. अभय करांदिकर होंगे मुख्य अतिथि

    IIT इंदौर का 14वां दीक्षांत समारोह 27 जून को: इसरो के पूर्व प्रमुख डॉ. के. सिवन करेंगे अध्यक्षता, प्रो. अभय करांदिकर होंगे मुख्य अतिथि


    मध्य प्रदेश। देश के प्रमुख तकनीकी शिक्षण संस्थानों में शामिल भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) इंदौर अपने 14वें दीक्षांत समारोह के आयोजन की तैयारियों में जुट गया है। संस्थान का यह बहुप्रतीक्षित समारोह 27 जून 2026 (शनिवार) को आयोजित किया जाएगा, जिसमें विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रमों के विद्यार्थियों को डिग्रियां और प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किए जाएंगे।

    आईआईटी इंदौर प्रशासन के अनुसार इस वर्ष के दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि नीति आयोग के सदस्य तथा भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के पूर्व सचिव प्रो. अभय करांदिकर होंगे। वहीं समारोह की अध्यक्षता भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व चेयरमैन और आईआईटी इंदौर बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के वर्तमान चेयरपर्सन डॉ. के. सिवन करेंगे।

    दोपहर 2:30 बजे शुरू होने वाले इस कार्यक्रम की शुरुआत संस्थान के निदेशक के स्वागत संबोधन और वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुति के साथ होगी। इसके बाद बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरपर्सन डॉ. के. सिवन विद्यार्थियों, शिक्षकों और अतिथियों को संबोधित करेंगे। कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण के रूप में प्रो. अभय करांदिकर का दीक्षांत भाषण होगा, जिसमें वे विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के संबंध में मार्गदर्शन देंगे।

    समारोह के दौरान स्नातक, स्नातकोत्तर और शोध कार्यक्रमों के विद्यार्थियों को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के आधार पर डिग्रियां प्रदान की जाएंगी। इसके साथ ही उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को स्वर्ण पदक और अन्य प्रतिष्ठित सम्मान भी दिए जाएंगे। संस्थान की परंपरा के अनुसार डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थी सामूहिक रूप से शपथ ग्रहण करेंगे और समाज तथा राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों के निर्वहन का संकल्प लेंगे।

    आईआईटी इंदौर ने समारोह में शामिल होने वाले अभिभावकों, शोधकर्ताओं और अन्य अतिथियों की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्था की है। संस्थान ने इंदौर एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन से सीधे कैंपस तक पहुंचने के लिए डिजिटल क्यूआर कोड आधारित नेविगेशन सुविधा उपलब्ध कराई है। इससे बाहरी राज्यों और अन्य देशों से आने वाले मेहमानों को संस्थान तक पहुंचने में आसानी होगी।

    जो लोग किसी कारणवश समारोह में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सकेंगे, उनके लिए भी संस्थान ने विशेष व्यवस्था की है। दीक्षांत समारोह का सीधा प्रसारण आईआईटी इंदौर की आधिकारिक वेबसाइट पर किया जाएगा। दर्शक दोपहर 2:30 बजे से लाइव स्ट्रीमिंग के माध्यम से पूरे कार्यक्रम को देख सकेंगे।

    आईआईटी इंदौर का यह दीक्षांत समारोह केवल डिग्री वितरण का कार्यक्रम नहीं बल्कि विद्यार्थियों की वर्षों की मेहनत, शोध और उपलब्धियों का उत्सव भी माना जाता है। हर वर्ष की तरह इस बार भी संस्थान को उम्मीद है कि यहां से निकलने वाले युवा देश और दुनिया में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार और अनुसंधान के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुएंगे।

  • इंदौर जंक्शन के मेगा री-डेवलपमेंट की शुरुआत: जल्द लक्ष्मीबाई नगर स्टेशन से चलेंगी ट्रेनें, यात्रियों को मिलेगी नई सुविधा

    इंदौर जंक्शन के मेगा री-डेवलपमेंट की शुरुआत: जल्द लक्ष्मीबाई नगर स्टेशन से चलेंगी ट्रेनें, यात्रियों को मिलेगी नई सुविधा


    मध्य प्रदेश। इंदौर के लाखों रेल यात्रियों के लिए आने वाला समय कई महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आने वाला है। शहर के प्रमुख रेलवे स्टेशन इंदौर जंक्शन के व्यापक पुनर्विकास और आधुनिक स्वरूप में निर्माण की प्रक्रिया तेज हो गई है। रेलवे की महत्वाकांक्षी योजना के तहत इंदौर जंक्शन को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इसी परियोजना को सुचारु रूप से पूरा करने के लिए ट्रेनों का संचालन चरणबद्ध तरीके से लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन से शुरू करने की तैयारी की जा रही है।

    पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार के अनुसार लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन की नई इमारत का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। स्टेशन परिसर में यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए टिकट काउंटर, प्रतीक्षालय, पेयजल, यात्री सूचना प्रणाली और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। रेलवे का उद्देश्य है कि संचालन शुरू होने से पहले यात्रियों को सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करा दी जाएं।

    रेलवे अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल इंदौर यार्ड क्षेत्र में महत्वपूर्ण तकनीकी कार्य जारी है। इसके तहत नॉन-इंटरलॉकिंग प्रक्रिया और विभिन्न तकनीकी उन्नयन किए जा रहे हैं। इस कार्य को पूरा करने के लिए रेलवे ने मेजर ब्लॉक भी लिया है। इसी कारण कुछ ट्रेनों को अस्थायी रूप से निरस्त या उनके संचालन में बदलाव किया गया था।

    तकनीकी कार्यों के अंतर्गत ट्रैक सर्किट, सिग्नलिंग सिस्टम और कंप्यूटर आधारित ऑपरेशन कंट्रोल सिस्टम को नए स्टेशन परिसर के अनुरूप व्यवस्थित किया जा रहा है। रेलवे का कहना है कि यह प्रक्रिया सुरक्षा और परिचालन क्षमता को बेहतर बनाने के लिए बेहद जरूरी है। सभी कार्य निर्धारित मानकों और सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुसार किए जा रहे हैं।

    रेलवे के जोनल और मंडल स्तर के वरिष्ठ अधिकारी पूरे प्रोजेक्ट की नियमित निगरानी कर रहे हैं। अधिकारियों का मानना है कि यह बदलाव भविष्य में इंदौर को एक आधुनिक और अत्याधुनिक रेलवे स्टेशन उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। परियोजना पूरी होने के बाद यात्रियों को बेहतर यातायात व्यवस्था, आधुनिक सुविधाएं और अधिक सुव्यवस्थित स्टेशन परिसर मिलेगा।

    रेलवे के अनुसार जैसे ही तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी होंगी, ट्रेनों का संचालन लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन से शुरू कर दिया जाएगा। इसके बाद इंदौर जंक्शन पर नई स्टेशन बिल्डिंग और अन्य संरचनात्मक विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।

    रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले अपनी ट्रेन के प्रस्थान और आगमन स्टेशन की जानकारी अवश्य जांच लें। संचालन में होने वाले बदलावों की जानकारी रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट, मोबाइल एप और सूचना केंद्रों के माध्यम से प्राप्त की जा सकती है। इससे यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने में मदद मिलेगी।

    मेगा री-डेवलपमेंट परियोजना के पूरा होने के बाद इंदौर जंक्शन को आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक नए स्वरूप में विकसित किए जाने की उम्मीद है, जो शहर की बढ़ती जरूरतों और यात्री संख्या को बेहतर तरीके से पूरा कर सकेगा।

  • इंदौर में टमाटर के दाम 80 रुपए किलो के पार: एमपी की फसल खत्म, नई आवक तक राहत के आसार नहीं

    इंदौर में टमाटर के दाम 80 रुपए किलो के पार: एमपी की फसल खत्म, नई आवक तक राहत के आसार नहीं


    मध्य प्रदेश। भीषण गर्मी का असर अब सीधे आम लोगों की रसोई तक पहुंच गया है। इंदौर में टमाटर की कीमतें खुदरा बाजार में 80 रुपए प्रति किलो के पार पहुंच चुकी हैं और आने वाले दिनों में इसमें और तेजी आने की संभावना जताई जा रही है। व्यापारियों का कहना है कि मध्य प्रदेश की स्थानीय फसल लगभग खत्म हो चुकी है, जबकि राजस्थान से आने वाली आवक भी तेजी से घट रही है। ऐसे में फिलहाल बाजार पूरी तरह महाराष्ट्र से आने वाले टमाटर पर निर्भर हो गया है।

    शहर की प्रमुख देवी अहिल्याबाई फल एवं सब्जी मंडी, चोइथराम में टमाटर के भाव लगातार बढ़ रहे हैं। मंडी में महाराष्ट्र के उच्च गुणवत्ता वाले टमाटर 800 से 1000 रुपए प्रति कैरेट तक बिक रहे हैं। थोक बाजार में इनका भाव 50 से 60 रुपए प्रति किलो के बीच है, जबकि खुदरा बाजार में यही टमाटर 70 से 80 रुपए या उससे अधिक कीमत पर ग्राहकों को मिल रहा है।

    व्यापारियों के अनुसार टमाटर की कीमतों में तेजी के पीछे कई कारण हैं। सबसे बड़ा कारण मध्य प्रदेश के मालवा और निमाड़ क्षेत्र में फसल का लगभग समाप्त हो जाना है। भीषण गर्मी और नई फसल की बुवाई के कारण किसानों के पास बिक्री योग्य टमाटर नहीं बचा है। वर्तमान में प्रदेश में केवल कुछ इलाकों में सीमित मात्रा में उत्पादन हो रहा है।

    दूसरा बड़ा कारण राजस्थान से आने वाली सप्लाई में गिरावट है। कोटा और आसपास के क्षेत्रों से आने वाला टमाटर भी अब कम हो रहा है। व्यापारियों का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों में वहां से आने वाली आवक लगभग बंद हो सकती है, जिससे बाजार पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा।

    इसी बीच गुजरात और दक्षिण भारत के राज्यों से टमाटर की मांग बढ़ने के कारण भी कीमतों पर असर पड़ा है। मांग बढ़ने और आपूर्ति घटने के कारण बाजार में संतुलन बिगड़ गया है, जिसका सीधा असर उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ रहा है। इसके अलावा मंडी नाका शुल्क में वृद्धि को भी कीमतों में बढ़ोतरी का एक कारण माना जा रहा है।

    फिलहाल इंदौर मंडी में महाराष्ट्र के नारायणगांव, सलगमनेर और कलवन क्षेत्रों से टमाटर की खेप पहुंच रही है। व्यापारियों का कहना है कि आगामी तीन महीनों तक स्थिति लगभग इसी प्रकार बनी रह सकती है। यदि मानसून के दौरान परिवहन और भंडारण में दिक्कतें बढ़ती हैं तो कीमतों में और उछाल देखने को मिल सकता है। कुछ व्यापारियों का अनुमान है कि खुदरा बाजार में टमाटर का भाव 100 रुपए प्रति किलो तक भी पहुंच सकता है।

    टमाटर के साथ अन्य हरी सब्जियों के दामों में भी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। शिमला मिर्च, गिलकी, हरी मिर्च और ग्वार फली जैसी सब्जियां भी महंगी हो गई हैं। जो सब्जियां कुछ समय पहले 20 से 30 रुपए प्रति किलो बिक रही थीं, वे अब 40 से 70 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई हैं।

    व्यापारियों के अनुसार मालवा, निमाड़, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और गुजरात जैसे उत्पादक क्षेत्रों में गर्मी के कारण फसल प्रभावित हुई है। इसके चलते मंडियों में बड़ी मात्रा में माल नहीं पहुंच रहा है और सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि नई फसल बाजार में आने और उत्पादन सामान्य होने के बाद ही उपभोक्ताओं को कीमतों में राहत मिल सकेगी।

  • उज्जैन में मंदिर की दान पेटी पर चोरों का हाथ साफ: तीन साल से जमा राशि चोरी, जीर्णोद्धार के लिए रखे गए थे पैसे

    उज्जैन में मंदिर की दान पेटी पर चोरों का हाथ साफ: तीन साल से जमा राशि चोरी, जीर्णोद्धार के लिए रखे गए थे पैसे


    मध्य प्रदेश। धार्मिक नगरी उज्जैन में एक बार फिर चोरी की घटना ने लोगों को चिंतित कर दिया है। इस बार चोरों ने आस्था के केंद्र को निशाना बनाते हुए एक मंदिर की दान पेटी से नकदी चोरी कर ली। घटना चिमनगंज मंडी थाना क्षेत्र स्थित राज रॉयल एनक्लेव कॉलोनी के हिमानेश्वर महादेव मंदिर की है, जहां अज्ञात बदमाश दान पेटी का ताला तोड़कर उसमें रखी राशि लेकर फरार हो गए।

    जानकारी के अनुसार गुरुवार देर रात बदमाश मंदिर परिसर में घुसे और दान पेटी को निशाना बनाया। शुक्रवार सुबह जब कॉलोनी के निवासी नियमित पूजा-अर्चना के लिए मंदिर पहुंचे तो उन्होंने दान पेटी का टूटा हुआ ताला और मंदिर परिसर में बिखरा सामान देखा। इसके बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी।

    सूचना मिलते ही चिमनगंज मंडी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। साथ ही आसपास के लोगों से पूछताछ कर संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है।

    स्थानीय निवासी युवराज सिंह पवार ने बताया कि मंदिर की दान पेटी पिछले लगभग तीन वर्षों से नहीं खोली गई थी। उनका कहना है कि मंदिर के जीर्णोद्धार और निर्माण कार्य के लिए दान राशि एकत्रित की जा रही थी। चूंकि मंदिर का जीर्णोद्धार कार्य अभी पूरा नहीं हुआ है, इसलिए दान पेटी को बंद रखा गया था। ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि उसमें पर्याप्त मात्रा में नकदी जमा हो चुकी थी।

    हालांकि दान पेटी में कितनी राशि मौजूद थी, इसका आधिकारिक आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है। पुलिस और मंदिर प्रबंधन इस संबंध में जानकारी जुटाने में लगे हुए हैं। जांच के दौरान दान पेटी की स्थिति और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर चोरी की गई रकम का अनुमान लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

    घटना के बाद कॉलोनी और आसपास के क्षेत्र में लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। रहवासियों का कहना है कि मंदिर जैसे धार्मिक स्थल को निशाना बनाना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि लोगों की आस्था को भी ठेस पहुंचाने वाला कृत्य है। स्थानीय लोगों ने पुलिस से जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की है।

    पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और विभिन्न पहलुओं से जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही मामले का खुलासा कर आरोपियों तक पहुंचा जाएगा। फिलहाल मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है।

  • उज्जैन में नाली विवाद ने ली युवक की जान: खेत पर मारपीट के बाद मौत, परिजनों ने पड़ोसियों पर लगाया हत्या का आरोप

    उज्जैन में नाली विवाद ने ली युवक की जान: खेत पर मारपीट के बाद मौत, परिजनों ने पड़ोसियों पर लगाया हत्या का आरोप


    मध्य प्रदेश। उज्जैन जिले के इंगोरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत बलेडी गांव में नाली विवाद को लेकर दो पड़ोसी पक्षों के बीच चल रहा तनाव एक युवक की मौत के साथ गंभीर घटना में बदल गया। मारपीट में घायल हुए 26 वर्षीय राहुल पिता कालू सिंह चौहान की उपचार से पहले ही मौत हो गई। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है, जबकि पुलिस मामले की जांच कर रही है।

    मृतक के परिजनों का आरोप है कि परिवार और पड़ोसी पक्ष के बीच लंबे समय से नाली को लेकर विवाद चला आ रहा था। इस विवाद को लेकर पहले भी दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और झगड़े की घटनाएं हुई थीं, जिनकी शिकायत थाने में दर्ज कराई गई थी। परिजनों का दावा है कि इसी पुरानी रंजिश के चलते राहुल को निशाना बनाया गया।

    मृतक के भाई शिवाय चौहान के अनुसार घटना देर रात करीब 12 से 1 बजे के बीच की है। उनका कहना है कि राहुल अपने खेत पर मौजूद था, तभी पड़ोसी पक्ष के कुछ लोग वहां पहुंचे और उसके साथ मारपीट की। परिजनों का आरोप है कि मारपीट के दौरान राहुल को गंभीर चोटें पहुंचाई गईं, जिसके कारण उसकी मौत हो गई। परिवार ने भूरालाल, रोहित तथा अन्य लोगों पर हत्या का आरोप लगाया है।

    घटना की जानकारी मिलते ही इंगोरिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आवश्यक साक्ष्य एकत्रित किए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है।

    इंगोरिया थाने के सब इंस्पेक्टर राजन तोमर ने बताया कि दो पक्षों के बीच विवाद और मारपीट की घटना सामने आई है। इस घटना में राहुल चौहान गंभीर रूप से घायल हुआ था, जिसकी बाद में मृत्यु हो गई। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों और चोटों की प्रकृति के बारे में अधिक स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।

    पुलिस के अनुसार मामले में कुछ संदिग्धों की पहचान की गई है और दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल पुलिस गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए निगरानी कर रही है। वहीं परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी।

    गौरतलब है कि ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे विवाद कई बार गंभीर रूप ले लेते हैं। ऐसे मामलों में पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट को महत्वपूर्ण माना जाता है, जिसके आधार पर घटना की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो पाती हैं। इस मामले में भी पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही मौत और आरोपों से जुड़े तथ्यों की अंतिम स्थिति सामने आएगी।