Category: Madhya Pradesh

  • जबलपुर रेलवे स्टेशन पर विजिलेंस का एक्शन, 3 टीटीई सस्पेंड; जांच में मिले 46 हजार रुपए अतिरिक्त

    जबलपुर रेलवे स्टेशन पर विजिलेंस का एक्शन, 3 टीटीई सस्पेंड; जांच में मिले 46 हजार रुपए अतिरिक्त


    मध्यप्रदेश । जबलपुर रेलवे स्टेशन पर पश्चिम मध्य रेलवे के विजिलेंस विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गोंडवाना एक्सप्रेस में ड्यूटी पर तैनात तीन टीटीई को संदिग्ध वित्तीय अनियमितताओं के मामले में पकड़ लिया है। जांच के दौरान तीनों टीटीई के पास निर्धारित सीमा से करीब 46 हजार रुपए अधिक नकदी पाई गई, जिसके बाद रेलवे प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से तीनों को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी है।

    मामला सोमवार का है, जब दिल्ली से जबलपुर पहुंची गोंडवाना एक्सप्रेस ट्रेन में विजिलेंस टीम ने अचानक जांच अभियान चलाया। ट्रेन के एसी और स्लीपर कोच में ड्यूटी पर तैनात टीटीई मनोज कुशवाहा, कुंदन कुमार और अनिकेश कुमार की गतिविधियों पर पहले से नजर रखी जा रही थी। यह कार्रवाई यात्रियों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद की गई।

    जानकारी के अनुसार, यात्रियों ने रेलवे अधिकारियों को शिकायत दी थी कि टीटीई उनसे जुर्माना और अतिरिक्त शुल्क वसूल रहे हैं, लेकिन बदले में कोई रसीद नहीं दी जा रही। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए विजिलेंस टीम ने जबलपुर स्टेशन पर पहले से ही निगरानी बढ़ा दी थी और ट्रेन के पहुंचते ही जांच शुरू कर दी।

    जांच के दौरान टीम ने तीनों टीटीई के पास मौजूद नकदी का मिलान किया, जिसमें भारी गड़बड़ी सामने आई। कुंदन कुमार के पास 32 हजार रुपए अतिरिक्त पाए गए, जबकि अनिकेश कुमार के पास 14 हजार रुपए और मनोज कुशवाहा के पास 300 रुपए अतिरिक्त नकदी मिली। इस तरह कुल मिलाकर लगभग 46 हजार रुपए की अतिरिक्त राशि पाई गई।

    सूत्रों के अनुसार जांच में यह भी सामने आया कि एक टीटीई ने अपनी अतिरिक्त नकदी दूसरे टीटीई को सौंप दी थी, जिससे प्रारंभिक जांच में रकम का असंतुलन दिखाई दिया। हालांकि रेलवे विजिलेंस टीम इस पहलू की भी गहराई से जांच कर रही है कि यह राशि किस उद्देश्य से एक-दूसरे को दी गई थी और इसका स्रोत क्या था।

    मामले के सामने आने के बाद रेलवे प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए तीनों टीटीई को तत्काल निलंबित कर दिया है। सीनियर डीसीएम डॉ. मधुर वर्मा ने बताया कि यात्रियों की शिकायतों और जांच में सामने आई अनियमितताओं को देखते हुए यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि रेलवे में किसी भी प्रकार की वित्तीय गड़बड़ी या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह पूरा मामला न केवल अनुशासनहीनता से जुड़ा है, बल्कि यात्रियों के विश्वास से भी जुड़ा हुआ है। इसलिए इस तरह की शिकायतों पर तुरंत और सख्त कार्रवाई की जा रही है।

    फिलहाल पूरे मामले की विस्तृत विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। विजिलेंस टीम यह पता लगाने में जुटी है कि अतिरिक्त राशि किस आधार पर वसूली गई थी, क्या इसमें अन्य कर्मचारी भी शामिल हैं और क्या यह किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा है।

  • जबलपुर में सनसनीखेज मामला, शक के चलते युवक पर चलाई थी गोली

    जबलपुर में सनसनीखेज मामला, शक के चलते युवक पर चलाई थी गोली


    मध्यप्रदेश । जबलपुर शहर में आपराधिक घटनाओं पर शिकंजा कसते हुए गढ़ा थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने युवक पर तीन राउंड फायरिंग करने वाले शातिर बदमाश करण विश्वकर्मा और उसकी गर्लफ्रेंड सोनानी बर्मन को गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई पिस्टल भी बरामद कर ली है।

    यह पूरा मामला सोमवार रात करीब 10:30 बजे का है, जब आरोपी करण विश्वकर्मा अपनी गर्लफ्रेंड के साथ बाइक से लाल बिल्डिंग इलाके में पहुंचा था। वहीं उसकी मुलाकात अंकित लखेरा नामक युवक से हुई। दोनों के बीच किसी पुराने विवाद को लेकर कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई।

    गुस्से में आकर करण विश्वकर्मा ने अपने पास रखी पिस्टल निकाल ली और एक के बाद एक तीन राउंड फायर कर दिए। अचानक हुई इस फायरिंग से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोग जान बचाकर इधर-उधर भागने लगे और पूरा क्षेत्र दहशत में आ गया।

    हालांकि राहत की बात यह रही कि गोली सीधे अंकित लखेरा को नहीं लगी। लेकिन फायरिंग से बचने के लिए भागते समय वह दीवार से टकरा गया, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट आ गई। स्थानीय लोगों ने घायल युवक को तुरंत मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी है।

    घटना के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए थे। सूचना मिलते ही गढ़ा थाना पुलिस सक्रिय हुई और इलाके में नाकाबंदी कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। लगातार चलाए गए सर्च ऑपरेशन के बाद पुलिस ने करण विश्वकर्मा और उसकी गर्लफ्रेंड सोनानी बर्मन को गिरफ्तार कर लिया।

    पुलिस जांच में सामने आया है कि करण विश्वकर्मा को अंकित लखेरा पर शक था कि वह उसकी गतिविधियों और लोकेशन की जानकारी उसके विरोधियों तक पहुंचाता है। इसी शक के चलते दोनों के बीच करीब एक महीने पहले भी विवाद हुआ था, जो बाद में रंजिश में बदल गया। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस विवाद में हर्ष अहिरवार और आर्यन नामक अन्य लोगों की क्या भूमिका रही है।

    पुलिस के अनुसार, करण विश्वकर्मा का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से ही काफी लंबा है। उसके खिलाफ शहर के विभिन्न थानों में कई गंभीर मामले दर्ज हैं। यह भी सामने आया है कि वह पहले भी कई आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है।

    गढ़ा थाना प्रभारी प्रसन्न शर्मा ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल पिस्टल को जब्त कर लिया है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हथियार कहां से लाया गया था।

    फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले को आपसी रंजिश और शक के आधार पर हुई हिंसक घटना मानकर जांच आगे बढ़ा रही है। साथ ही आरोपी महिला की भूमिका की भी बारीकी से जांच की जा रही है कि घटना में उसकी कितनी और क्या भूमिका थी।

  • कटरा में घेराबंदी कर वाहन पकड़ा, ड्राइवर बोला- ठेकेदार की है शराब

    कटरा में घेराबंदी कर वाहन पकड़ा, ड्राइवर बोला- ठेकेदार की है शराब


    मध्यप्रदेश । रीवा जिले में अवैध शराब के परिवहन और तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। कटरा थाना क्षेत्र में पुलिस ने घेराबंदी कर एक स्कॉर्पियो वाहन से भारी मात्रा में अवैध शराब जब्त की है। इस कार्रवाई में वाहन चालक को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि वाहन और शराब दोनों को कब्जे में लेकर आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।

    पुलिस को यह कार्रवाई एक पुख्ता मुखबिर सूचना के आधार पर मिली। सूचना में बताया गया था कि एक संदिग्ध स्कॉर्पियो वाहन में बड़ी मात्रा में शराब लोड कर उसे एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए कटरा क्षेत्र में नाकाबंदी कर दी और संदिग्ध वाहनों की जांच शुरू कर दी।

    कुछ समय बाद एक स्कॉर्पियो वाहन तेजी से गुजरता हुआ दिखाई दिया, जिसे पुलिस ने रोकने का प्रयास किया। वाहन को घेराबंदी कर जब रोका गया तो चालक शुरुआत में हड़बड़ाया, लेकिन तलाशी लेने पर पूरा मामला सामने आ गया। वाहन के अंदर 25 पेटी शराब रखी हुई मिली, जिसे अवैध रूप से परिवहन किया जा रहा था।

    पुलिस ने मौके पर ही शराब को जब्त कर लिया और वाहन चालक को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान सिद्धार्थ सिंह के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि स्कॉर्पियो वाहन का नंबर MP 17 CC 8377 है। बरामद शराब की बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 1 लाख 12 हजार रुपये आंकी गई है।

    इस कार्रवाई के बाद इलाके में अवैध शराब के नेटवर्क को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्राथमिक पूछताछ में गिरफ्तार चालक ने दावा किया है कि यह शराब एक ठेकेदार की है और उसे केवल परिवहन के लिए वाहन उपलब्ध कराया गया था। हालांकि पुलिस इस बयान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर रही है और मामले की गहन जांच जारी है।

    एडिशनल एसपी संदीप मिश्रा ने बताया कि पुलिस इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से ले रही है। चालक के बयान के आधार पर शराब के स्रोत, आपूर्ति श्रृंखला और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता या अवैध कारोबार की पुष्टि होती है, तो संबंधित सभी व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    पुलिस ने यह भी बताया कि जिले में अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। समय-समय पर मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर ऐसे मामलों पर कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी सूरत में अवैध शराब के कारोबार को बढ़ने नहीं दिया जाएगा और इस तरह की गतिविधियों में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।

    फिलहाल पुलिस जब्त वाहन और शराब को कब्जे में लेकर आगे की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि यह खेप कहां से लाई गई थी और इसे किस स्थान पर पहुंचाया जाना था। पूरे नेटवर्क को खंगालने के लिए पुलिस टीम सक्रिय हो गई है।

  • सिलपरा डैम हादसा: नहाते समय डूबे जवान गौरव द्विवेदी, NDRF ने 3 घंटे में निकाला शव

    सिलपरा डैम हादसा: नहाते समय डूबे जवान गौरव द्विवेदी, NDRF ने 3 घंटे में निकाला शव


    मध्यप्रदेश ।  रीवा जिले के चोरहटा डीसी (डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर) में 11 केवी बिजली लाइन पर काम कर रहे एक कर्मचारी के साथ गंभीर हादसा हो गया। ट्रांसफार्मर का काम करने के लिए खंभे पर चढ़े कर्मचारी कमलेश को अचानक लाइन चालू हो जाने से तेज करंट लग गया। करंट से उसके कपड़ों में आग लग गई और वह ऊंचाई से सीधे नीचे आ गिरा, जिससे उसके हाथ-पैर टूट गए हैं और वह बुरी तरह झुलस गया है।

    घायल कर्मचारी के परिजनों और सहकर्मियों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कमलेश विधिवत लाइन बंद कराकर ही खंभे पर काम कर रहा था। इसी बीच किसी ने बिजली सप्लाई चालू कर दी। घटना मंगलवार सुबह की है।

    अस्पताल में चल रहा इलाज, हालत गंभीर
    हादसे के तुरंत बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोग मदद के लिए दौड़े। साथी कर्मचारियों और स्थानीय लोगों की मदद से कमलेश को फौरन अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, करंट की चपेट में आने से वह काफी झुलस गया है और ऊंचाई से गिरने के कारण उसके दोनों हाथ और पैरों में मल्टीपल फ्रैक्चर आए हैं। फिलहाल उसे कड़ी चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।

    अधिकारियों को दी गई सूचना, जांच की मांग
    इस घटना की जानकारी तुरंत बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को दे दी गई है। हादसे के बाद से स्थानीय कर्मचारियों में रोष है। वे इस पूरे मामले की निष्पक्ष विभागीय जांच कराने और लापरवाही बरतने वालों की जिम्मेदारी तय कर उन पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

  • रीवा में 6 दिन बाद मिला सेना के जवान का शव, नहर का पानी रोककर चला बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन

    रीवा में 6 दिन बाद मिला सेना के जवान का शव, नहर का पानी रोककर चला बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन


    मध्यप्रदेश । रीवा जिले के सिलपरा डैम में डूबे 28 वर्षीय सेना के जवान गौरव द्विवेदी का शव आखिरकार मंगलवार सुबह बरामद कर लिया गया। यह खोज अभियान लगातार 6 दिनों तक चला, जिसमें NDRF, SDERF और स्थानीय प्रशासन की टीमें जुटी रहीं। जवान की मौत ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया है।

    जानकारी के मुताबिक, बघवार गांव निवासी गौरव द्विवेदी बीते बुधवार को अपने भाई-बहनों के साथ सिलपरा डैम घूमने गए थे। नहाते समय अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और वे गहरे पानी में चले गए। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।

    लगातार कई दिनों तक गोताखोरों और बचाव दल ने डैम में सर्च अभियान चलाया, लेकिन पानी की गहराई और सीमित दृश्यता के कारण सफलता नहीं मिल पाई। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने मंगलवार को बड़ा फैसला लेते हुए नहर का पानी रोक दिया, जिससे डैम का जलस्तर करीब 40 फीट तक कम हो गया।

    सुबह 6 बजे से NDRF आगरा की स्पेशल टास्क फोर्स और SDERF की टीम ने फिर से संयुक्त अभियान शुरू किया। लगभग तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सुबह 9 बजे जवान का शव पानी से बाहर निकाल लिया गया।

    शव मिलने की सूचना जैसे ही परिजनों तक पहुंची, वहां चीख-पुकार मच गई। पूरे गांव और आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

    प्रशासन ने रेस्क्यू टीमों के प्रयासों की सराहना की है, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों के बावजूद लगातार खोज अभियान जारी रखा।

  • इंदौर में खजराना मंदिर पुजारियों को हटाने की मांग, दहेज प्रताड़ना के आरोपों से बढ़ा विवाद

    इंदौर में खजराना मंदिर पुजारियों को हटाने की मांग, दहेज प्रताड़ना के आरोपों से बढ़ा विवाद


    मध्यप्रदेश । इंदौर के प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर से जुड़े पुजारी परिवार एक बार फिर विवादों में घिर गया है। पीड़िता डॉ. इंद्रा भट्ट ने आरोप लगाया है कि मई 2025 में पुजारी पुनित भट्ट से विवाह के बाद ससुराल पक्ष ने दहेज की मांग शुरू कर दी और मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना दी। इस मामले में महिला थाना इंदौर में पुजारी परिवार के कई सदस्यों के खिलाफ दहेज प्रताड़ना, मारपीट और धमकी देने जैसी धाराओं में एफआईआर दर्ज है। साथ ही घरेलू हिंसा का मामला भी अदालत में विचाराधीन बताया जा रहा है।

    मंदिर से हटाने और गर्भगृह प्रवेश पर रोक की मांग
    पीड़िता ने अब कलेक्टर जनसुनवाई में पहुंचकर मांग की है कि जब तक मामले की जांच पूरी नहीं होती, संबंधित पुजारियों को मंदिर में पूजा कार्य और गर्भगृह में प्रवेश से रोका जाए। उनका कहना है कि खजराना गणेश मंदिर राज्य अधिनियम के तहत संचालित होता है, इसलिए जिन पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं, उन्हें अस्थायी रूप से जिम्मेदारियों से हटाया जाना चाहिए।

    अनियमितताओं के भी लगाए आरोप
    शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं द्वारा दी जाने वाली दक्षिणा के उपयोग में अनियमितताएं हुई हैं। पीड़िता ने दावा किया है कि उनके पास इसके समर्थन में वीडियो और दस्तावेज मौजूद हैं।

    कानूनी दांव-पेच और प्रशासनिक मांग
    पीड़िता के वकील का कहना है कि मंदिर अधिनियम के तहत प्रशासन को अधिकार है कि वह जांच लंबित रहने तक पुजारियों को सेवा से अलग कर सकता है। वहीं, दूसरे पक्ष की ओर से भी कानूनी प्रावधानों का हवाला दिया जा रहा है।

    आगे बढ़ सकता है मामला
    पीड़िता ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की तो वह मुख्यमंत्री तक मामला लेकर जाएंगी। अब यह मामला केवल घरेलू विवाद न रहकर प्रशासनिक और धार्मिक संस्थान की भूमिका तक पहुंच गया है।

  • इंदौर में दो युवकों ने फांसी लगाकर दी जान, अलग-अलग इलाकों में घटनाएं; पुलिस जांच में जुटी

    इंदौर में दो युवकों ने फांसी लगाकर दी जान, अलग-अलग इलाकों में घटनाएं; पुलिस जांच में जुटी

    मध्यप्रदेश । इंदौर के लसूडिया थाना क्षेत्र स्थित राहुल गांधी नगर में 36 वर्षीय विजय रावत ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। विजय पेशे से ड्राइवर था और पत्नी व तीन साल के बेटे के साथ रहता था। घटना के समय पत्नी काम पर गई हुई थी और बेटा नानी के घर था।

    परिजनों के मुताबिक परिवार में तीन भाई हैं और सभी अलग-अलग रहते हैं। माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका है। जब पत्नी घर लौटी तो उसने विजय को फंदे पर लटका पाया। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था।

    जूनी इंदौर में ससुराल में रहने वाले युवक ने दी जान
    दूसरी घटना जूनी इंदौर थाना क्षेत्र की है, जहां 32 वर्षीय पीयूष खटीक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पीयूष अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ ससुराल में रहता था। पुलिस के अनुसार देर रात पति-पत्नी के बीच विवाद की आवाजें पड़ोसियों ने सुनी थीं। बाद में पत्नी ने सुबह पति को फंदे पर लटका देखा। परिजनों ने बताया कि पीयूष प्रेम विवाह के बाद ससुराल में रह रहा था और नौकरी को लेकर दंपति में अक्सर विवाद होता था।

    पुलिस जांच में जुटी, मर्ग कायम
    दोनो ही मामलों में पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। परिजनों और आसपास के लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं ताकि आत्महत्या के पीछे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।

  • राज्यसभा चुनाव में गरमाई राजनीति, सीएम का बड़ा बयान- जीत तक चैन नहीं

    राज्यसभा चुनाव में गरमाई राजनीति, सीएम का बड़ा बयान- जीत तक चैन नहीं


    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश की राजनीति में राज्यसभा की तीसरी सीट को लेकर मुकाबला बेहद रोचक हो गया है। भाजपा ने महेश केवट को प्रत्याशी बनाकर चुनावी समीकरणों में नया मोड़ ला दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नामांकन के दौरान इसे रामायण से जोड़ते हुए कहा कि रामराजा की नगरी में भगवान राम का आशीर्वाद एक बार फिर निषादराज की परंपरा को आगे बढ़ा रहा है।

    महेश केवट ने भी इसे रामायण की भावना से जोड़ते हुए कहा कि जैसे भगवान राम ने निषादराज को गले लगाया था, वैसे ही भाजपा ने वंचित वर्ग को सम्मान दिया है। इसी बयान के बाद राजनीतिक हलकों में “केवट की नैया” और “सियासी रामायण” की चर्चा तेज हो गई है।

    आंकड़ों की जंग और सत्ता की रणनीति
    वर्तमान राजनीतिक गणित के अनुसार भाजपा के पास करीब 48 वोट बताए जा रहे हैं, जबकि जीत के लिए 58 वोटों की जरूरत है। यही वजह है कि तीसरी सीट का समीकरण पूरी तरह अनिश्चित बना हुआ है। दूसरी ओर कांग्रेस ने भी अपने विधायकों को टूट-फूट से बचाने के लिए सख्त रणनीति अपनाई है।

    कांग्रेस ने 62 विधायकों को बेंगलुरु शिफ्ट करने का फैसला किया है ताकि क्रॉस वोटिंग की आशंका को रोका जा सके। पार्टी नेताओं का दावा है कि सभी विधायक एकजुट हैं, लेकिन अंदरूनी डर ने सियासी माहौल को गर्म कर दिया है।

    कांग्रेस की बाड़ाबंदी और भाजपा पर आरोप
    कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया है कि भाजपा विधायकों की खरीद-फरोख्त की कोशिश कर सकती है। वहीं भाजपा खेमे का दावा है कि उनके पास अतिरिक्त समर्थन जुटाने की रणनीति मौजूद है। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज है कि क्या भाजपा विपक्षी खेमे में सेंध लगाने में सफल होगी या कांग्रेस अपनी एकजुटता बचा पाएगी।

    ‘पुष्पा’ गेटअप में महाकाल दर्शन, वायरल वीडियो से उठे सवाल
    उज्जैन के महाकाल मंदिर में एक युवक का ‘पुष्पा’ फिल्म स्टाइल में दर्शन करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। युवक ने अल्लू अर्जुन के किरदार जैसा गेटअप अपनाया और मंदिर परिसर में आकर्षण का केंद्र बन गया।

    हैरानी की बात यह रही कि सुरक्षा कर्मी उसके साथ मौजूद रहे और उसे वीआईपी तरीके से दर्शन भी कराए गए। कुछ कर्मचारियों ने उसके साथ सेल्फी भी ली, जबकि मंदिर में फोटो-वीडियो पर रोक है। इस घटना के बाद मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था और नियमों के पालन पर सवाल खड़े हो गए हैं।

    सियासत, धर्म और व्यवस्था पर सवाल
    एक तरफ राज्यसभा चुनाव में रामायण के पात्रों के जरिए सियासी संदेश दिए जा रहे हैं, तो दूसरी तरफ मंदिर में ‘पुष्पा’ स्टाइल वायरल वीडियो व्यवस्था पर सवाल उठा रहा है। मध्य प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक घटनाएं इन दिनों लगातार सुर्खियों में बनी हुई हैं।

  • जयपुर में छिपा था कफ सिरप तस्करी का आरोपी, बैतूल पहुंचते ही STF ने दबोचा

    जयपुर में छिपा था कफ सिरप तस्करी का आरोपी, बैतूल पहुंचते ही STF ने दबोचा


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश में कफ सिरप तस्करी के बड़े नेटवर्क के खिलाफ चल रही जांच में राज्य एसटीएफ को एक और बड़ी सफलता मिली है। भोपाल में 49,920 ऑनरेक्स कफ सिरप की भारी मात्रा में बरामदगी के मामले में फरार चल रहे 30 हजार रुपए के इनामी आरोपी अर्जुन मालवीय उर्फ निखिल को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी लंबे समय से पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था और गिरफ्तारी से बचने के लिए राजस्थान के जयपुर में छिपा हुआ था।

    जानकारी के अनुसार, आरोपी की गतिविधियों और संभावित ठिकानों पर एसटीएफ लगातार नजर बनाए हुए थी। इसी दौरान पता चला कि वह अपने एक परिचित से मिलने के लिए बैतूल आने वाला है। जैसे ही आरोपी बैतूल पहुंचा, एसटीएफ की टीम ने उसे घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया।

    एसटीएफ भोपाल के एसपी राजेश सिंह भदौरिया के अनुसार, गांधी नगर इलाके में पकड़ी गई अवैध कफ सिरप फैक्ट्री के खुलासे के बाद अर्जुन मालवीय का नाम जांच में सामने आया था। इसके बाद से ही उसकी भूमिका संदिग्ध मानी जा रही थी और उसकी तलाश तेज कर दी गई थी।

    जांच में सामने आया है कि आरोपी ने बागसेवनिया क्षेत्र के सुरेंद्र पैलेस में ‘अर्जुन ट्रेडर्स’ के नाम से ड्रग लाइसेंस हासिल किया था। इसी लाइसेंस का इस्तेमाल कथित तौर पर कफ सिरप की खरीद-फरोख्त से जुड़े कागजी रिकॉर्ड तैयार करने और अवैध सप्लाई को वैध दिखाने के लिए किया जा रहा था। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह पूरा नेटवर्क सुनियोजित तरीके से संचालित किया जा रहा था।

    एसटीएफ की जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि जिस स्थान पर लाइसेंस के तहत दुकान संचालित दिखाई गई थी, वह केवल कागजी दिखावे के लिए बनाई गई थी। करीब 10 महीने पहले यह दुकान लाइसेंस लेने के उद्देश्य से खोली गई थी, लेकिन वहां कभी भी ऑनरेक्स कफ सिरप की कोई वास्तविक स्टॉक मौजूद नहीं पाया गया।

    गिरफ्तारी के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। अब एसटीएफ उससे पूरे नेटवर्क, सप्लाई चैन और इस अवैध कारोबार में जुड़े अन्य लोगों के बारे में गहन पूछताछ कर रही है।

    अधिकारियों का मानना है कि इस गिरफ्तारी से कफ सिरप तस्करी के बड़े रैकेट का पर्दाफाश हो सकता है और आने वाले दिनों में कई और नाम सामने आ सकते हैं। फिलहाल जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई हैं।

  • राजधानी में विधायक का सरकारी बंगला भी नहीं सुरक्षित, चोरों ने की बड़ी वारदात

    राजधानी में विधायक का सरकारी बंगला भी नहीं सुरक्षित, चोरों ने की बड़ी वारदात


    मध्यप्रदेश । राजधानी भोपाल में विधायकों के सरकारी आवासों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाली एक बड़ी चोरी की घटना सामने आई है। मऊगंज विधानसभा क्षेत्र के विधायक प्रदीप पटेल के सरकारी रेस्ट हाउस स्थित कमरे में अज्ञात चोरों ने सेंध लगाकर लैपटॉप, नकदी, एटीएम कार्ड, पेन ड्राइव, घड़ी और विधानसभा से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज चोरी कर लिए। घटना अरेरा हिल्स थाना क्षेत्र में स्थित विधायक रेस्ट हाउस की है, जहां सुरक्षा व्यवस्था के बीच दिनदहाड़े चोरी होने से हड़कंप मच गया।

    जानकारी के अनुसार विधायक प्रदीप पटेल के निजी सहायक (पीए) डॉ. रामानंद पटेल 7 जून को मऊगंज से भोपाल आए थे। वे विधायक रेस्ट हाउस के खंड-3 स्थित कमरा नंबर-74 में ठहरे हुए थे। डॉ. पटेल ने पुलिस को बताया कि सुबह करीब 10:30 बजे वे कमरे को बाहर से बंद कर पानी लेने गए थे। इसके बाद वे अपने एक परिचित के कमरा नंबर-39 में बैठकर बातचीत करने लगे।

    करीब दो घंटे बाद जब वे दोपहर लगभग 12:30 बजे अपने कमरे में लौटे तो वहां का नजारा देखकर हैरान रह गए। कमरे में रखा उनका लैपटॉप गायब था और अलमारी का ताला टूटा हुआ मिला। जांच करने पर पता चला कि चोर अलमारी में रखे बैग से कई महत्वपूर्ण सामान भी ले गए हैं।

    चोरी हुए सामान में करीब 25 हजार रुपए कीमत का लैपटॉप, दो एटीएम कार्ड, नकदी, पेन ड्राइव, टाइटन और टाइमेक्स ब्रांड की घड़ियां तथा अन्य निजी दस्तावेज शामिल हैं। सबसे गंभीर बात यह है कि लैपटॉप और पेन ड्राइव में विधानसभा कार्य से संबंधित महत्वपूर्ण डेटा और दस्तावेज सुरक्षित थे। ऐसे में यह मामला केवल सामान्य चोरी तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि संवेदनशील सरकारी जानकारी के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    घटना के बाद विधायक रेस्ट हाउस की सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल उठने लगे हैं। जिस परिसर में जनप्रतिनिधियों और उनके स्टाफ का आना-जाना रहता है तथा जहां सुरक्षा व्यवस्था अपेक्षाकृत अधिक सख्त मानी जाती है, वहां दिन के समय चोरी की घटना होना प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बन गया है।

    पीड़ित की शिकायत के आधार पर अरेरा हिल्स थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है। पुलिस अब रेस्ट हाउस और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। अधिकारियों का कहना है कि संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान कर जल्द आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।

    फिलहाल पुलिस चोरी हुए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों की बरामदगी के लिए विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही है। घटना ने एक बार फिर सरकारी परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र की प्रभावशीलता को लेकर बहस छेड़ दी है।