Category: Madhya Pradesh

  • उज्जैन में मलेरिया निरोधक माह की शुरुआत, जागरूकता रैली और रथ को सीएमएचओ ने दिखाई हरी झंडी

    उज्जैन में मलेरिया निरोधक माह की शुरुआत, जागरूकता रैली और रथ को सीएमएचओ ने दिखाई हरी झंडी


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश के उज्जैन में मलेरिया और अन्य मच्छरजनित बीमारियों के खिलाफ जागरूकता अभियान की शुरुआत हो गई है। राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत सोमवार को मलेरिया निरोधक माह का शुभारंभ किया गया।

    इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) उज्जैन ने जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रैली सीएमएचओ कार्यालय और चरक अस्पताल परिसर से शुरू होकर चामुंडा माता चौराहे तक निकाली गई, जिसमें स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी और नर्सिंग स्टाफ शामिल रहे।

    रैली के साथ ही एक विशेष जागरूकता रथ भी रवाना किया गया, जो जिले के विभिन्न विकासखंडों और ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर लोगों को मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों से बचाव के उपाय बताएगा। इस दौरान जनप्रतिनिधियों और स्थानीय प्रभावशाली व्यक्तियों की मदद से पंपलेट वितरण भी किया जाएगा।

    स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि अपने घरों और आसपास पानी जमा न होने दें, क्योंकि यही मच्छरों के प्रजनन का प्रमुख कारण बनता है। साथ ही मच्छरदानी के उपयोग, साफ-सफाई और बुखार होने पर तुरंत जांच कराने की सलाह दी गई है।

    स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, उज्जैन शहर में पिछले पांच महीनों में मलेरिया का कोई भी नया मरीज सामने नहीं आया है, जो राहत की बात है। हालांकि विभाग ने सतर्कता बनाए रखने पर जोर दिया है।

    डॉ. प्रशांत तिवारी ने जानकारी दी कि जागरूकता रथ पूरे जिले की सभी तहसीलों में पहुंचेगा और लोगों को लगातार जागरूक करेगा। इसके साथ ही फीवर सर्विलेंस अभियान भी चलाया जा रहा है, जिसके तहत बुखार के मरीजों की जांच कर तुरंत इलाज सुनिश्चित किया जा रहा है।

    उन्होंने बताया कि यह विशेष अभियान पूरे महीने चलेगा, जबकि मलेरिया और अन्य वेक्टर जनित रोगों को लेकर जागरूकता गतिविधियां पूरे वर्ष जारी रहेंगी।

  • रीवा को मिली तैराकी की बड़ी सुविधा, मिहिर सेन तरणताल फिर से शुरू; महिलाओं के लिए अलग समय तय

    रीवा को मिली तैराकी की बड़ी सुविधा, मिहिर सेन तरणताल फिर से शुरू; महिलाओं के लिए अलग समय तय


    मध्य प्रदेश । रीवा शहर के लोगों के लिए राहत और खुशी की खबर है। वर्षों से बंद पड़े पुराने मिहिर सेन तरणताल को अब फिर से शुरू कर दिया गया है। नगर निगम ने 8 जून से इसे आम नागरिकों के लिए खोल दिया है, जिससे शहरवासियों को तैराकी की सुविधा दोबारा मिल सकेगी।

    यह तरणताल करीब तीन दशक पुराना है, जिसका हाल ही में व्यापक जीर्णोद्धार किया गया है। इसके बाद अब इसे आधुनिक सुविधाओं और सुरक्षा मानकों के साथ फिर से शुरू किया गया है।

    मिहिर सेन तरणताल के संचालन के लिए नगर निगम ने दो तरह की व्यवस्था लागू की है। नियमित तैराकी करने वालों के लिए 2500 रुपये प्रतिमाह सदस्यता शुल्क तय किया गया है, जबकि कभी-कभार आने वाले लोग 100 रुपये प्रति घंटे के हिसाब से इसका उपयोग कर सकते हैं।

    तैराकी के लिए दिनभर को तीन सत्रों में बांटा गया है। सुबह 6 बजे से 10 बजे तक सभी नागरिकों के लिए पूल खुला रहेगा। इसके बाद शाम 5 बजे से 6 बजे तक का समय विशेष रूप से महिलाओं के लिए आरक्षित किया गया है, ताकि वे सुरक्षित और सुविधाजनक माहौल में तैराकी कर सकें। शाम 6 बजे से 8 बजे तक फिर से सभी लोगों को प्रवेश की अनुमति दी गई है।

    नगर निगम ने सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए हर सत्र में प्रशिक्षित लाइफगार्ड और कोच की तैनाती की है। साथ ही एक समय में अधिकतम 30 लोगों को ही पूल में प्रवेश दिया जाएगा, ताकि भीड़ और दुर्घटनाओं से बचा जा सके।

    बच्चों के लिए भी विशेष नियम बनाए गए हैं। 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा, जबकि 5 से 14 वर्ष तक के बच्चों को अभिभावक के साथ ही पूल में आने की अनुमति होगी।

    तरणताल में प्रवेश के लिए पंजीयन अनिवार्य किया गया है, जिसमें आधार कार्ड, वोटर आईडी या जन्म प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज जरूरी होंगे। 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए अभिभावक की लिखित अनुमति भी जरूरी होगी।

    सुरक्षा कारणों से फिलहाल डाइविंग पूल को बंद रखा गया है और केवल मुख्य स्विमिंग पूल ही चालू किया गया है। नगर निगम ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की संक्रामक बीमारी से पीड़ित व्यक्ति को पूल में प्रवेश नहीं मिलेगा।

    नगर निगम के अनुसार तरणताल के संचालन के लिए निजी एजेंसी के चयन की प्रक्रिया अभी जारी है, लेकिन जनता की मांग को देखते हुए फिलहाल इसका संचालन नगर निगम स्वयं कर रहा है।

  • रीवा में शराब के लिए पैसे न देने पर बर्बर हमला, जेसीबी संचालक का पैर टूटा, लूटपाट भी

    रीवा में शराब के लिए पैसे न देने पर बर्बर हमला, जेसीबी संचालक का पैर टूटा, लूटपाट भी


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश के रीवा जिले में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है। मनगवां थाना क्षेत्र के अंतर्गत मनिकवार नंबर-2 इलाके में शराब के लिए पैसे न देने पर कुछ बदमाशों ने दिनदहाड़े हमला, तोड़फोड़ और लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया।

    जानकारी के अनुसार, रविवार रात कुछ युवक इलाके में पहुंचे और वहां मौजूद लोगों से शराब पीने के लिए पैसे मांगने लगे। जब लोगों ने पैसे देने से इनकार किया, तो विवाद अचानक हिंसक हो गया और आरोपियों ने लाठी-डंडों व अन्य हथियारों से हमला कर दिया।

    इस दौरान बदमाशों ने न सिर्फ लोगों को बेरहमी से पीटा, बल्कि वहां खड़ी जेसीबी मशीन और बोलेरो वाहन को भी निशाना बनाया। दोनों वाहनों के शीशे तोड़ दिए गए और मौके पर जमकर उत्पात मचाया गया।

    हमले में पवन पटेल, पुनीत पटेल और अंकित पटेल गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इनमें से जेसीबी संचालक की हालत ज्यादा गंभीर बताई जा रही है, जिसका पैर टूट गया है। घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

    पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि हमलावर करीब 70 से 80 हजार रुपये नकद और दो मोबाइल फोन भी लूटकर फरार हो गए। उनका कहना है कि यह हमला पहले पैसों की मांग से शुरू हुआ और बाद में लूटपाट व मारपीट में बदल गया।

    घटना की सूचना मिलते ही मनगवां थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने घायलों के बयान दर्ज कर मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

    स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर आक्रोश है। उनका कहना है कि इलाके में असामाजिक तत्वों की गतिविधियां बढ़ती जा रही हैं, जिससे आम लोगों में भय का माहौल है। लोगों ने पुलिस प्रशासन से सख्त कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।

  • देश की सबसे लंबी वाटर टनल 98% पूरी, विंध्य में नर्मदा जल पहुंचाने का सपना अंतिम चरण में

    देश की सबसे लंबी वाटर टनल 98% पूरी, विंध्य में नर्मदा जल पहुंचाने का सपना अंतिम चरण में

    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक जल परियोजना अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। विंध्य क्षेत्र तक नर्मदा जल पहुंचाने की 17 साल पुरानी महत्वाकांक्षी योजना अब लगभग पूरी होने वाली है। कटनी जिले के स्लीमनाबाद में बन रही 11.95 किलोमीटर लंबी देश की सबसे बड़ी वाटर टनल अब 98 प्रतिशत तक तैयार हो चुकी है, और केवल 108 मीटर की खुदाई बाकी रह गई है।

    इस परियोजना के पूरा होने के बाद बरगी बांध से पानी पहली बार सीधे रीवा, सतना, मैहर और पन्ना जिलों तक पहुंचेगा, जिससे करीब 1.85 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित होने की उम्मीद है। इसके साथ ही कटनी जिले को पीने के पानी की बड़ी राहत भी मिलेगी।

    यह महत्वाकांक्षी परियोजना पिछले 17 वर्षों से कई तकनीकी और प्राकृतिक चुनौतियों से जूझती रही है। कभी खुदाई के दौरान चट्टानी परतें और बड़े बोल्डर सामने आए, तो कभी मशीनों ने काम करना बंद कर दिया। कई बार मीथेन गैस के रिसाव और भूजल के तेज प्रवाह ने काम को रोक दिया।

    परियोजना के दौरान करोड़ों रुपये के टनल कटर भी बदलने पड़े, और करीब 100 करोड़ रुपये की अमेरिकी मशीन भी इस कठिन भूगर्भीय स्थिति में सफल नहीं हो सकी। कुल मिलाकर यह परियोजना भारत की सबसे जटिल जल सुरंग परियोजनाओं में गिनी जा रही है।

    फिलहाल अंतिम चरण में एक जर्मन टनल बोरिंग मशीन (TBM) लगातार 100 मीटर से ज्यादा हिस्से की खुदाई कर रही है। यह मशीन सुरंग को अंतिम आकार देने का काम भी कर रही है। अत्यधिक तापमान और नमी के कारण यहां काम करने वाले तकनीशियन केवल सीमित समय तक ही कार्य कर पा रहे हैं, और उनकी लगातार मेडिकल मॉनिटरिंग की जा रही है।

    सुरंग के भीतर काम की स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण है। अंदर करीब तीन फीट पानी के बीच लोको ट्रेन केवल 3–4 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल पाती है। हर दिन हजारों लीटर भूजल को निकालने के लिए पांच डीवाटरिंग स्टेशन लगातार काम कर रहे हैं।

    टनल का व्यास 10.14 मीटर है, जो किसी तीन मंजिला इमारत की ऊंचाई के बराबर है। सुरक्षा के लिए M-50 ग्रेड सीमेंट से बने भारी कंक्रीट रिंग्स का उपयोग किया गया है, जिनका वजन लगभग 1420 किलो है।

    जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह परियोजना 30 जून 2026 तक पूरी होने की संभावना है। इसके बाद विंध्य क्षेत्र में कृषि उत्पादन और जल उपलब्धता में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद जताई जा रही है।

  • जबलपुर में बड़ा खुलासा: नाम बदलकर ठगी, रेप और ब्लैकमेलिंग करने वाला शातिर आरोपी बेंगलुरु से गिरफ्तार

    जबलपुर में बड़ा खुलासा: नाम बदलकर ठगी, रेप और ब्लैकमेलिंग करने वाला शातिर आरोपी बेंगलुरु से गिरफ्तार


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश के जबलपुर में पुलिस ने एक बेहद शातिर और धोखाधड़ी के तरीके से अपराध करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो देश के कई राज्यों में युवतियों को अपना शिकार बना चुका था। आरोपी को बेंगलुरु से पकड़ा गया और अब उसे ट्रांजिट रिमांड पर जबलपुर लाकर पूछताछ की जा रही है।

    पुलिस के अनुसार, आरोपी कभी “आदित्य”, कभी “दिव्यांशु” तो कभी “पंकज” बनकर सोशल मीडिया और मैट्रिमोनियल साइट्स के जरिए युवतियों से संपर्क करता था। वह खुद को बिजनेसमैन बताकर शादी का झांसा देता, भरोसा जीतता और फिर निजी मुलाकात के बहाने होटल में बुलाकर शारीरिक संबंध बनाता था।

    इसके बाद वह युवतियों के निजी फोटो और वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करता और पैसों की मांग करता था। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी के पहचान दस्तावेजों—आधार कार्ड, पैन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस—में अलग-अलग नाम दर्ज थे, जिससे उसकी असली पहचान को लेकर भ्रम बना हुआ था।

    पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी बिहार का रहने वाला है, हालांकि वह खुद को अलग-अलग नामों से पेश करता था और फिलहाल उसका असली नाम ओमप्रकाश बताया जा रहा है। पुलिस को शक है कि उसने मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में इसी तरह की वारदातों को अंजाम दिया है।

    मामले की शुरुआत तब हुई जब 20 मार्च 2026 को महिला थाना जबलपुर में एक युवती ने शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता के अनुसार, उसकी पहचान शादी डॉट कॉम पर एक युवक से हुई थी, जिसने खुद को “आदित्य सिंह” और बिजनेसमैन बताया था।

    शिकायत में कहा गया कि आरोपी ने 14 मार्च को जबलपुर आकर एक होटल में मिलने के बहाने उसे बुलाया और शादी का झांसा देकर दुष्कर्म किया। इसके बाद उसने निजी फोटो और वीडियो के जरिए ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।

    पीड़िता का आरोप है कि आरोपी लगातार अलग-अलग नामों से संपर्क करता रहा और धमकी देकर पैसे मांगता रहा। बाद में जब पीड़िता ने परिवार को जानकारी दी, तो मामला पुलिस तक पहुंचा।

    जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों और लोकेशन ट्रैकिंग के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंची। बाद में पता चला कि वह बेंगलुरु में रह रहा है, जहां से उसे गिरफ्तार किया गया।

    पुलिस के अनुसार, यह भी सामने आया है कि आरोपी पहले भी 2022 के एक मामले में इसी तरह की वारदात कर चुका है, जिसमें वह फर्जी पहचान का इस्तेमाल करता था।

    इस पूरे मामले ने साइबर अपराध और ऑनलाइन रिश्तों के जरिए होने वाली ठगी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर उसके नेटवर्क और अन्य पीड़ितों की जानकारी जुटा रही है।

  • जबलपुर के इंद्रा मार्केट में 2 सांडों की भिड़ंत से मचा हड़कंप, आधे घंटे ठप रहा ट्रैफिक

    जबलपुर के इंद्रा मार्केट में 2 सांडों की भिड़ंत से मचा हड़कंप, आधे घंटे ठप रहा ट्रैफिक


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश के जबलपुर में रविवार शाम उस समय हड़कंप मच गया जब इंद्रा मार्केट क्षेत्र में दो आवारा सांड आपस में भिड़ गए। यह घटना सिविल लाइन और एसपी ऑफिस के बीच सड़क पर हुई, जहां दोनों सांडों के बीच सींग से सींग भिड़ाकर करीब आधे घंटे तक जोरदार संघर्ष चलता रहा।

    इस दौरान सड़क पर यातायात पूरी तरह से ठप हो गया और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। लोग अपनी जान जोखिम में डालकर किसी तरह वहां से निकलते नजर आए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सांडों की लड़ाई इतनी उग्र थी कि आसपास खड़े वाहन और राहगीर भी असहज हो गए। इसी दौरान एक स्कूटी सवार हल्की टक्कर की चपेट में आ गया और उसकी गाड़ी सड़क पर गिर गई, हालांकि वह बाल-बाल बच गया।

    स्थिति को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय लोगों ने पानी डालकर और लाठी की मदद से दोनों सांडों को अलग करने की कोशिश की, लेकिन काफी देर तक वे नहीं माने। करीब आधे घंटे बाद थककर दोनों सांड अलग-अलग दिशा में चले गए, तब जाकर यातायात सामान्य हो सका।

    इस घटना ने एक बार फिर शहर में आवारा मवेशियों की समस्या को उजागर कर दिया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर निगम जबलपुर की लापरवाही के कारण ऐसे हालात बार-बार बन रहे हैं।

    स्थानीय नागरिकों का कहना है कि क्षेत्र में आवारा मवेशियों की समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। गोहलपुर, रसल चौक, इंद्रा मार्केट और गोकलपुर रोड जैसे इलाकों में रात के समय स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है।

    लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि शहर में आवारा पशुओं को नियंत्रित करने के लिए सख्त और स्थायी व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से आम जनता को परेशानी न झेलनी पड़े।

  • जबलपुर में भीषण सड़क हादसा: हाईवा ने स्कूटी सवार को कुचला, आग लगी, मौके पर दर्दनाक मौत

    जबलपुर में भीषण सड़क हादसा: हाईवा ने स्कूटी सवार को कुचला, आग लगी, मौके पर दर्दनाक मौत


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश के जबलपुर में रविवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने हर किसी को झकझोर दिया। माढ़ोताल थाना क्षेत्र के खजरी खिरिया बाईपास पर तेज रफ्तार हाईवा ने स्कूटी सवार युवक को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

    जानकारी के अनुसार, रात करीब 2 बजे स्कूटी सवार युवक बायपास से जबलपुर की ओर जा रहा था। इसी दौरान पीछे से आ रहे तेज रफ्तार हाईवा ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कूटी वाहन हाईवा के नीचे फंस गई और करीब 50 मीटर तक घिसटती चली गई।

    घर्षण और टकराव के कारण स्कूटी और हाईवा के निचले हिस्से में आग लग गई। आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप ले लिया, जिसे बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड को मौके पर बुलाना पड़ा। दमकलकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।

    हादसा इतना भयावह था कि सड़क पर मानव शरीर के अवशेष बिखर गए, जिससे मौके पर मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मंजर बेहद दर्दनाक और भयावह था।

    घटना के बाद आसपास मौजूद ट्रक चालकों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और नीचे फंसे वाहन को निकालने का प्रयास किया। सूचना मिलते ही माढ़ोताल थाना पुलिस और हनुमानताल थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया।

    थाना प्रभारी अपूर्वा चौरसिया ने बताया कि हाईवा को जब्त कर लिया गया है, जबकि चालक मौके से फरार हो गया। उसकी तलाश के लिए पुलिस टीम लगाई गई है। मामले की जांच जारी है।

    इस हादसे ने एक बार फिर तेज रफ्तार और भारी वाहनों की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में बायपास पर ट्रैफिक नियंत्रण और सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की मांग की है।

  • इंदौर में कल से शुरू होगा BRICS देशों का सम्मेलन, 20 देशों के प्रतिनिधि होंगे शामिल

    इंदौर में कल से शुरू होगा BRICS देशों का सम्मेलन, 20 देशों के प्रतिनिधि होंगे शामिल


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश का इंदौर शहर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय आयोजन का केंद्र बनने जा रहा है। कल यानी 9 जून से यहां ब्रिक्स (BRICS) देशों के कृषि मंत्रियों का अहम सम्मेलन शुरू होगा, जिसमें भारत सहित लगभग 20 देशों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे।

    केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि भारत इस वर्ष ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है और इसी क्रम में यह महत्वपूर्ण बैठक इंदौर में आयोजित की जा रही है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स की शुरुआत 2006 में हुई थी और आज यह समूह 11 सदस्य देशों व 10 साझेदार देशों के साथ वैश्विक स्तर पर बेहद प्रभावशाली बन चुका है।

    शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि दुनिया की लगभग 42 प्रतिशत कृषि भूमि, 68 प्रतिशत कृषि जोतें और करीब 42 प्रतिशत खाद्य उत्पादन ब्रिक्स देशों से जुड़ा है, जिससे यह मंच वैश्विक खाद्य सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाता है।

    भारत इससे पहले 2012, 2016 और 2021 में भी ब्रिक्स की अध्यक्षता कर चुका है। 2016 में भारत ने ब्रिक्स कृषि अनुसंधान मंच जैसी बड़ी पहल शुरू की थी, जिसका उद्देश्य कृषि क्षेत्र में सहयोग और नवाचार को बढ़ावा देना था।

    इस बार इंदौर सम्मेलन को विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि पहली बार ब्रिक्स कृषि मंत्रियों की बैठक मंत्री स्तर पर आयोजित की जा रही है। इसमें सदस्य और साझेदार देशों सहित करीब 20 देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

    सम्मेलन में मुख्य रूप से चार प्रमुख विषयों पर फोकस किया जाएगा-खाद्य सुरक्षा एवं पोषण, कृषि व्यापार और सहयोग, जलवायु अनुकूलन एवं सतत कृषि, तथा कृषि और खाद्य प्रणालियों में नवाचार व साझेदारी।

    मंत्री ने कहा कि सरकार की नीति का केंद्र हमेशा छोटे और सीमांत किसान रहे हैं। उनके अनुसार, किसानों की आय बढ़ाना, कृषि ऋण तक आसान पहुंच सुनिश्चित करना और कृषि अनुसंधान का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचाना प्राथमिक लक्ष्य है।

    कार्यक्रम के दौरान 9 से 11 जून तक कृषि कार्य समूह की बैठकें होंगी, जबकि 12 से 13 जून को कृषि मंत्रियों की मुख्य बैठक आयोजित की जाएगी। इसी दौरान “लघु किसानों, महिलाओं एवं युवाओं के माध्यम से भविष्य की खाद्य सुरक्षा” विषय पर विशेष चर्चा भी होगी।

    पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए इस सम्मेलन में “ब्रिक्स वाटिका” का निर्माण और सामूहिक वृक्षारोपण भी किया जाएगा। साथ ही विदेशी प्रतिनिधियों को इंदौर के प्रसिद्ध स्थलों जैसे राजवाड़ा, छप्पन दुकान और मांडू का भ्रमण भी कराया जाएगा, ताकि वे भारत की सांस्कृतिक विरासत से परिचित हो सकें।

    सरकार का मानना है कि इंदौर में होने वाला यह सम्मेलन वैश्विक कृषि सहयोग को नई दिशा देगा और छोटे किसानों के हितों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूती से स्थापित करेगा।

  • सहेली के साथ रहने की जिद पर युवती से मारपीट, इंदौर में घर में घुसकर हमले का आरोप

    सहेली के साथ रहने की जिद पर युवती से मारपीट, इंदौर में घर में घुसकर हमले का आरोप


    इंदौर । इंदौर के द्वारकापुरी क्षेत्र में दो युवतियों की दोस्ती और साथ रहने की इच्छा ने गंभीर विवाद का रूप ले लिया है। एक युवती ने आरोप लगाया है कि उसकी सहेली के परिजनों ने उसके घर में घुसकर मारपीट की और उसे गंभीर रूप से घायल किया।

    पुलिस के अनुसार, पीड़िता स्वाति की शिकायत पर नितेश, उमेश, कृष्णा और नेहा के खिलाफ घर में घुसकर मारपीट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। घटना रविवार देर रात की बताई जा रही है।

    पीड़िता का कहना है कि उसकी एक युवती से पिछले लगभग पांच वर्षों से गहरी दोस्ती है और दोनों साथ रहने की इच्छा रखती हैं। इसी संबंध को लेकर दोनों के परिवारों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा था।

    मामले में नया मोड़ उस समय आया जब आरोप है कि सहेली के परिजन रविवार और सोमवार की दरमियानी रात करीब 12:30 बजे पीड़िता के घर पहुंचे और वहां जमकर विवाद किया। शिकायत के मुताबिक उमेश नामक आरोपी ने युवती का सिर दीवार से टकराया, जबकि अन्य लोगों ने हाथ-मुक्कों से मारपीट की। इसके बाद कथित तौर पर उसे घर से बाहर सड़क पर भी खींचकर पीटा गया।

    पीड़िता ने यह भी दावा किया है कि यह पूरी घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई है, जिससे जांच में मदद मिल सकती है।

    जानकारी के मुताबिक, यह विवाद नया नहीं है। दोनों युवतियां कुछ समय पहले वैष्णो देवी, मथुरा, जम्मू-कश्मीर और हरिद्वार की यात्रा पर साथ गई थीं, जिसके बाद सहेली के परिवार को उनके संबंध पर आपत्ति होने लगी थी।

    पीड़िता का आरोप है कि पहले भी उसने और उसकी सहेली ने पुलिस कमिश्नर से मिलकर साथ रहने और सुरक्षा की मांग की थी। शिकायत महिला थाने को भेजी गई थी, लेकिन कथित रूप से उन्हें अलग रहने की सलाह दी गई थी। बाद में सहेली को उसके परिजन अपने साथ ले गए थे, लेकिन वह फिर से स्वाति के पास लौट आई।

    घटना के बाद दोनों युवतियों ने खुद को असुरक्षित बताते हुए इंदौर पुलिस के डीसीपी जोन-4 कार्यालय में भी सुरक्षा की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि उन्हें अपने-अपने परिवारों से जान का खतरा है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज व अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

  • भोपाल में अनोखा विरोध प्रदर्शन, पेट्रोल-सीएनजी महंगाई पर ऑटो यूनियन का हल्ला बोल

    भोपाल में अनोखा विरोध प्रदर्शन, पेट्रोल-सीएनजी महंगाई पर ऑटो यूनियन का हल्ला बोल


    नई दिल्ली। भोपाल में महंगाई और ईंधन कीमतों में लगातार बढ़ोतरी का असर अब सड़क पर साफ दिखाई देने लगा है। सोमवार सुबह रायसेन रोड स्थित छावनी पठार क्षेत्र में ऑटो चालकों ने अपनी मांगों को लेकर अनोखे और प्रतीकात्मक तरीके से प्रदर्शन किया।

    प्रदर्शन में शामिल ऑटो चालकों ने बढ़ी हुई सीएनजी और पेट्रोल-डीजल की कीमतों के विरोध में फटे हुए अंडरवियर दिखाकर सरकार का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की। चालकों का कहना था कि महंगाई इतनी बढ़ चुकी है कि उनकी आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गई है और अब तो दैनिक जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो गया है।

    इस प्रदर्शन का आयोजन रायसेन रोड स्थित शनि मंदिर के पास किया गया, जहां ऑटो संगठन के अध्यक्ष संजू अहिरवार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में चालक एकत्र हुए। प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा, लेकिन संदेश बेहद स्पष्ट था “किराया बढ़ाओ, वरना गुजारा मुश्किल है।”

    संजू अहिरवार ने बताया कि मौजूदा समय में एक सीएनजी ऑटो को रोजाना लगभग 500 रुपये की गैस भरवानी पड़ती है, जबकि औसतन 1200 रुपये की कमाई होती है। इसमें से ईंधन, किश्त और रखरखाव का खर्च निकालने के बाद चालकों के पास बहुत कम बचत बचती है। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में ऑटो चलाना घाटे का सौदा बन गया है।

    चालकों का आरोप है कि लंबे समय से ऑटो किराए में कोई संशोधन नहीं किया गया है, जबकि ईंधन की कीमतें लगातार बढ़ती जा रही हैं। इसी असंतुलन के कारण हजारों ऑटो चालकों की आय प्रभावित हो रही है।

    प्रदर्शन में मौजूद चालकों पुषेंद्र अहिरवार, विशाल और राजेश ने भी अपनी पीड़ा साझा की। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई का सबसे ज्यादा असर मेहनतकश वर्ग पर पड़ रहा है। रोजाना की कमाई का बड़ा हिस्सा ईंधन और खर्चों में चला जाता है, जिससे घर चलाना भी मुश्किल हो गया है।

    इसी दौरान चालकों ने फटे कपड़ों को दिखाकर अपनी आर्थिक स्थिति का प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया और कहा कि “किश्त भरते-भरते कपड़े तक फट गए हैं।”

    ऑटो संगठन ने सरकार से मांग की है कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए ऑटो किराए का पुनर्निर्धारण किया जाए, ताकि चालक अपनी किश्त समय पर चुका सकें और परिवार का भरण-पोषण ठीक से कर सकें।

    इस बीच देशभर में ईंधन कीमतों को लेकर भी चिंता बढ़ रही है। हाल ही में क्रिसिल की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार के प्रभाव से पेट्रोल-डीजल की कीमतों में और बढ़ोतरी संभव है, जिससे आम जनता और परिवहन व्यवसाय पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। भोपाल में हुआ यह अनोखा प्रदर्शन एक बार फिर इस बात को उजागर करता है कि महंगाई का दबाव अब सीधे सड़क पर काम करने वाले वर्ग तक पहुंच चुका है।