Category: Madhya Pradesh

  • 18 महीने बाद जेल से बाहर आए RTO के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा, कोर्ट ने 10 लाख के मुचलके पर दी जमानत

    18 महीने बाद जेल से बाहर आए RTO के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा, कोर्ट ने 10 लाख के मुचलके पर दी जमानत


    भोपाल। आरटीओ के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा को आखिरकार करीब 18 महीने बाद जेल से राहत मिल गई। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट से नियमित जमानत मिलने के बाद बुधवार रात करीब 10:20 बजे उन्हें भोपाल सेंट्रल जेल से रिहा कर दिया गया। फरवरी 2025 से न्यायिक हिरासत में बंद सौरभ शर्मा की रिहाई की औपचारिकताएं पूरी होने के बाद जेल के बाहर परिजन और समर्थकों ने उनका स्वागत किया। लंबे समय से चर्चाओं में रहे इस बहुचर्चित मामले में हाईकोर्ट का यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की एकल पीठ ने सौरभ शर्मा की नियमित जमानत याचिका स्वीकार करते हुए उन्हें 10 लाख रुपए के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। हालांकि अदालत ने स्पष्ट किया कि जमानत मिलने का अर्थ आरोपों से बरी होना नहीं है। कोर्ट ने सौरभ शर्मा को ट्रायल कोर्ट की प्रत्येक सुनवाई में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया है। इसके अलावा बिना न्यायालय की अनुमति के देश छोड़ने पर रोक लगाई गई है। साथ ही उन्हें किसी भी गवाह को प्रभावित करने, साक्ष्यों से छेड़छाड़ करने या जांच को प्रभावित करने जैसी किसी भी गतिविधि से दूर रहने की सख्त हिदायत दी गई है।

    सुनवाई के दौरान अदालत ने माना कि मामले की जांच पूरी हो चुकी है और संबंधित एजेंसियां चार्जशीट दाखिल कर चुकी हैं। ट्रायल की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन गवाहों और दस्तावेजों की संख्या काफी अधिक होने के कारण मुकदमे के जल्द समाप्त होने की संभावना कम है। ऐसे में किसी आरोपी को अनिश्चितकाल तक जेल में रखना न्यायोचित नहीं माना जा सकता। इसी आधार पर अदालत ने उन्हें नियमित जमानत देने का निर्णय लिया।

    सौरभ शर्मा का नाम दिसंबर 2024 में उस समय पूरे देश में चर्चा का विषय बना था, जब लोकायुक्त, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और आयकर विभाग ने उनके ठिकानों पर संयुक्त कार्रवाई की थी। जांच के दौरान भोपाल के मेंडोरी क्षेत्र में खड़ी एक इनोवा कार से करीब 11 करोड़ रुपए नकद और 52 किलोग्राम सोना बरामद किया गया था। जांच एजेंसियों ने इस कार और बरामद संपत्ति का संबंध सौरभ शर्मा से जोड़ा था। इसके बाद उनकी और उनके सहयोगियों की कथित अघोषित संपत्तियों को लेकर कई बड़े खुलासे सामने आए थे।

    हालांकि जांच के दौरान सौरभ शर्मा लगातार इस बात से इनकार करते रहे कि मेंडोरी से बरामद नकदी और सोना उनका है। उन्होंने पूछताछ में इन संपत्तियों पर अपना स्वामित्व स्वीकार नहीं किया। यही कारण है कि आयकर विभाग और अन्य जांच एजेंसियों के सामने अब भी यह चुनौती बनी हुई है कि बरामद कैश और सोने के वास्तविक मालिक की पहचान कर अपनी जांच को अंतिम रूप दिया जाए।

    फिलहाल हाईकोर्ट से मिली जमानत के बाद सौरभ शर्मा को अस्थायी राहत जरूर मिल गई है, लेकिन उनके खिलाफ चल रही कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। अब इस बहुचर्चित मामले की निगाहें ट्रायल कोर्ट की आगामी सुनवाई और जांच एजेंसियों की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी रहेंगी।

  • आधे मानसून में ही पिछड़ी बारिश, प्रदेश के 49 जिले प्रभावित; तीन दिन का अलर्ट बढ़ाएगा राहत की उम्मीद

    आधे मानसून में ही पिछड़ी बारिश, प्रदेश के 49 जिले प्रभावित; तीन दिन का अलर्ट बढ़ाएगा राहत की उम्मीद


    भोपाल। मध्य प्रदेश में इस बार मानसून की रफ्तार उम्मीद के मुताबिक नहीं रही है। प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 18 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, जिसके कारण कई जिलों में सूखे जैसे हालात बनने लगे हैं। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस मानसूनी सीजन में प्रदेश में अब तक केवल 16.3 इंच वर्षा हुई है, जबकि इस समय तक करीब 20 इंच बारिश हो जानी चाहिए थी। यानी लगभग 3.7 इंच पानी की कमी दर्ज की गई है। इसका असर खेती, जलाशयों और भूजल स्तर पर भी दिखाई देने लगा है।

    प्रदेश के 55 जिलों में से 49 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है। केवल छह जिलों में ही औसत से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। राजधानी भोपाल में सामान्य से 7 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जबकि इंदौर में 2 प्रतिशत, उज्जैन में 14 प्रतिशत और जबलपुर में 29 प्रतिशत बारिश की कमी दर्ज की गई है। राहत की बात केवल ग्वालियर के लिए है, जहां अब तक सामान्य से 7 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है।

    भोपाल, जबलपुर, सागर, शहडोल, रीवा और नर्मदापुरम संभाग के सभी जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे बना हुआ है। दूसरी ओर इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और चंबल संभाग के कुछ जिलों में अपेक्षाकृत बेहतर बारिश हुई है। इससे साफ है कि पूरे प्रदेश में मानसून का वितरण संतुलित नहीं रहा है।

    हालांकि पिछले 24 घंटों के दौरान कई जिलों में अच्छी बारिश देखने को मिली। सीधी जिले में सबसे अधिक करीब 3 इंच वर्षा दर्ज की गई। ग्वालियर में 2.3 इंच, दतिया में 2 इंच, रीवा में 1.8 इंच, सतना में 1.2 इंच और शिवपुरी में लगभग 1 इंच बारिश हुई। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, धार, नर्मदापुरम, पन्ना, श्योपुर, शाजापुर, मंडला, टीकमगढ़, बालाघाट और छतरपुर सहित 20 से अधिक जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई।

    मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों के लिए राहत भरी संभावना जताई है। विभाग के अनुसार प्रदेश के उत्तरी और मध्य हिस्सों में भारी बारिश का दौर शुरू हो सकता है। ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, शिवपुरी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और दमोह जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रायसेन, सीहोर, विदिशा, धार, खरगोन, झाबुआ, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, जबलपुर, कटनी, रीवा, सतना, शहडोल, उमरिया, सागर और कई अन्य जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से तेज बारिश होने की संभावना है।

    मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो चुका है, जिसका असर मध्य प्रदेश में भी देखने को मिलेगा। यदि यह मौसम प्रणाली मजबूत बनी रही तो अगले कुछ दिनों में लगातार अच्छी बारिश हो सकती है, जिससे अब तक की बारिश की कमी काफी हद तक पूरी होने की उम्मीद है। कृषि विशेषज्ञों का भी मानना है कि अगस्त का महीना किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और यदि इस दौरान अच्छी वर्षा होती है तो खरीफ फसलों को बड़ा फायदा मिलेगा।

  • भोपाल में गूंजेगी BRICS देशों की सांस्कृतिक एकता, आज घोषणा पत्र से लेकर भव्य महोत्सव तक कई अहम आयोजन

    भोपाल में गूंजेगी BRICS देशों की सांस्कृतिक एकता, आज घोषणा पत्र से लेकर भव्य महोत्सव तक कई अहम आयोजन


    भोपाल । भोपाल में आयोजित BRICS सांस्कृतिक सम्मेलन 2026 के दूसरे दिन गुरुवार को सांस्कृतिक सहयोग को नई दिशा देने वाले कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। 8 अगस्त तक चलने वाले इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में BRICS सदस्य और भागीदार देशों के प्रतिनिधि सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, संग्रहालयों के विकास, रचनात्मक उद्योगों, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण और लोगों के बीच आपसी जुड़ाव को मजबूत बनाने जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा करेंगे। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य सदस्य देशों के बीच सांस्कृतिक सहयोग को नई मजबूती देना और साझा विरासत के संरक्षण के लिए दीर्घकालिक रणनीति तैयार करना है।

    दूसरे दिन कार्य समूहों की ओर से तैयार की गई सिफारिशों पर विचार किया जाएगा, जो आगामी मंत्रिस्तरीय बैठक में संस्कृति मंत्रियों के लिए आधार तैयार करेंगी। इन चर्चाओं के जरिए BRICS देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में साझा सहमति विकसित करने का प्रयास किया जाएगा।

    सम्मेलन के दौरान कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर परिसर में तीन विशेष प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। इनमें ज्ञान भारतम, प्रोजेक्ट मौसम और प्रोजेक्ट बृहत्तर भारत शामिल हैं। इन प्रदर्शनों के माध्यम से भारत की समृद्ध पांडुलिपि परंपरा, समुद्री सांस्कृतिक संपर्क, प्राचीन सभ्यताओं के बीच संबंध और सांस्कृतिक कूटनीति की विभिन्न पहलुओं को दर्शाया गया है। इन प्रदर्शनियों को आम लोगों के लिए भी खोला गया है ताकि नागरिक भी भारत की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को करीब से देख सकें।

    सम्मेलन में शामिल विदेशी प्रतिनिधियों के लिए मध्य प्रदेश की पारंपरिक मेहमाननवाजी भी विशेष आकर्षण बनी हुई है। दोपहर और रात्रिभोज में दाल-बाफले, निमोना, रिकमच, गुइया की सब्जी, चंबल का थोपा, चंदिया, बड़ा तथा कोदो-कुटकी जैसे मिलेट आधारित पारंपरिक व्यंजन परोसे जा रहे हैं। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय मेहमानों की पसंद को ध्यान में रखते हुए पश्चिमी और ओरिएंटल व्यंजनों की भी विशेष व्यवस्था की गई है।

    शाम को रविंद्र भवन में आयोजित होने वाला BRICS सांस्कृतिक महोत्सव सम्मेलन का प्रमुख आकर्षण रहेगा। इसमें सदस्य और भागीदार देशों के कलाकार अपनी पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। भारतीय शास्त्रीय संगीत, लोककलाओं और विभिन्न देशों की सांस्कृतिक झलकियों से सजा यह कार्यक्रम सांस्कृतिक एकता और वैश्विक सद्भाव का संदेश देगा।

    7 अगस्त को BRICS देशों के संस्कृति मंत्री औपचारिक रूप से सम्मेलन में शामिल होंगे। इस अवसर पर आयोजित विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम में सर्वे भवन्तु सुखिनः की मंगल कामना के साथ भारतीय संगीत की विविध परंपराओं का प्रदर्शन होगा। साथ ही BRICS पीस सॉन्ग के जरिए सदस्य देशों की सांस्कृतिक विविधता और एकता को संगीत के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। इसके अलावा मध्य प्रदेश संस्कृति विभाग की भव्य प्रस्तुति अमृतस्य मध्य प्रदेश में भीमबेटका, सांची, खजुराहो, उज्जैन, ओंकारेश्वर, नर्मदा और प्रदेश की समृद्ध लोक संस्कृति को नृत्य और संगीत के जरिए जीवंत किया जाएगा।

    8 अगस्त को भारत की अध्यक्षता में तीसरी BRICS संस्कृति मंत्रियों की बैठक आयोजित होगी, जिसमें सांस्कृतिक सहयोग को लेकर साझा घोषणा पत्र को अंतिम रूप दिया जाएगा। बैठक के बाद विदेशी प्रतिनिधिमंडल यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल सांची का भ्रमण करेगा, जहां उन्हें बौद्ध विरासत, योग, ध्यान और विशेष लाइट एंड साउंड शो का अनुभव कराया जाएगा। सम्मेलन के समापन के बाद 9 अगस्त को इच्छुक प्रतिनिधियों के लिए भीमबेटका शैलाश्रयों के भ्रमण की भी व्यवस्था की गई है, जिससे वे भारत की प्रागैतिहासिक सांस्कृतिक धरोहर से परिचित हो सकें।

  • MP: इंदौर में लोगों की जान से खिलवाड़…. नगर निगम ने स्पीड ब्रेकर की जगह लगाए रंबल स्ट्रिप, रोज रहे हादसे

    MP: इंदौर में लोगों की जान से खिलवाड़…. नगर निगम ने स्पीड ब्रेकर की जगह लगाए रंबल स्ट्रिप, रोज रहे हादसे


    इंदौर।
    नगर निगम (Municipal council) द्वारा शहर के विभिन्न हिस्सों में लगाए जा रहे फोर लेयर रंबल स्ट्रिप (Four-layer rumble strip) वाहन चालकों के लिए हादसों का सबब बन रहे हैं। स्पीड ब्रेकर (Speed ​​breaker) के स्थान पर लगाई जाने वाली यह प्लास्टिक व रबर की रंबल स्ट्रिप लगने के कुछ ही दिनों बाद टूट रही हैं। शहर में अधिकांश स्थानों पर जहां इन्हें स्थापित किया गया था, वहां से ये स्ट्रिप पूरी तरह उखड़ चुकी हैं। इन स्ट्रिप को मजबूत पकड़ देने के लिए लोहे की कीलों से सड़क पर ठोका गया था। अब स्ट्रिप के टूटने और उखड़ने के बाद सड़क पर उभरी हुई नुकीली कीलें राहगीरों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रही हैं। इन उभरी कीलों के कारण आए दिन वाहनों के टायर पंक्चर हो रहे हैं। अचानक सामने दिखने वाली कीलों से बचने की कोशिश में वाहन चालक अनियंत्रित होकर एक-दूसरे से टकरा जाते हैं, जिससे गंभीर दुर्घटनाएं घटित हो रही हैं।


    प्रमुख मार्गों पर उखड़े स्पीड ब्रेकर और फैली कीलें

    एलआईजी चौराहा से लेकर कलश चौराहा तक 4 से ज्यादा स्पीड ब्रेकर बनाए गए हैं, जिनकी ऊंचाई सामान्य मानकों से काफी अधिक है। इन रबर के स्पीड ब्रेकरों को लगाते समय लोहे की कीलें ठोकी गई थीं। समय के साथ रबर के पल्ले उखड़ गए और अब केवल खतरनाक कीलें ही सड़क पर शेष बची हैं। उल्लेखनीय है कि एक पल्ले को कसने के लिए 4 से 6 कीलें ठोकी गई थीं, जो अब बाहर निकल आई हैं। इसी प्रकार पोलो ग्राउंड स्थित सांदिपनी स्कूल के सामने लगाया गया डबल स्पीड ब्रेकर भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है और उसके बीच के बॉक्स पूरी तरह उखड़ गए हैं। एमआर 4 तथा मरीमाता लिंक रोड पर 2 स्थानों पर लगाए गए रंबल स्ट्रिप लगभग पूरी तरह उखड़ चुके हैं। बाणगंगा क्षेत्र में मनोचिकित्सालय से लेकर ओवरब्रिज के बीच 2 स्थानों पर लगे रंबल स्ट्रिप का बड़ा हिस्सा टूट गया है। इसके अलावा एमटीएच कंपाउंड स्थित यातायात थाना के पास और मालवा ब्रिज से लेकर परदेशीपुरा तक 2 स्थानों पर लगाए गए स्पीड ब्रेकर भी उखड़कर जर्जर हो चुके हैं।


    आईडीए चौराहे पर रंबल स्ट्रिप टूटी और वाहन चालक परेशान

    रेसकोर्स रोड पर स्थित इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) चौराहे पर नगर निगम द्वारा फोर लेयर रंबल स्ट्रिप लगाई गई थी, जो घटिया निर्माण के कारण कुछ ही दिनों में टूटने लगी। वर्तमान में यहां की अधिकांश स्ट्रिप टूट चुकी हैं और केवल नुकीली कीलें सड़क पर बाहर निकली हुई हैं। स्थानीय वाहन चालक मुकेश बरोले ने बताया कि रंबल स्ट्रिप की इन उभरी कीलों के कारण उनकी गाड़ी का टायर 3 बार पंक्चर हो चुका है। क्षेत्रीय रहवासियों का कहना है कि इस मार्ग पर फोर लेयर रंबल स्ट्रिप की आवश्यकता ही नहीं थी। लैंटर्न चौराहे और जंजीरावाला चौराहे से आने-जाने वाले यातायात की गति को सामान्य स्पीड ब्रेकर के माध्यम से भी आसानी से नियंत्रित किया जा सकता था। रंबल स्ट्रिप पर वाहन अत्यंत धीमी गति से गुजरते हैं, फिर भी इनका इतनी जल्दी टूट जाना घटिया निर्माण गुणवत्ता की ओर सीधा इशारा करता है।


    नियमों की अनदेखी और सड़क सुरक्षा समिति के निर्णयों पर अमल नहीं

    आर्किटेक्ट अतुल शेठ के अनुसार शहर में स्पीड ब्रेकर का निर्माण करते समय किसी भी निर्धारित तकनीकी नियम व मानक का पालन नहीं किया जाता है। इसके परिणामस्वरूप न केवल आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं, बल्कि वाहनों के झटकों से लोगों को कमर दर्द व अन्य शारीरिक परेशानियां भी झेलनी पड़ रही हैं। अगस्त 2025 में आयोजित सड़क सुरक्षा समिति की आधिकारिक बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया था कि शहर की कॉलोनियों और मुख्य सड़कों से सभी अवैध स्पीड ब्रेकर तत्काल हटाए जाएंगे, परंतु इस निर्णय पर आज तक अमल नहीं हो सका। समिति ने यह प्रावधान भी किया था कि सड़क सुरक्षा समिति की पूर्व मंजूरी के बिना कहीं भी नया स्पीड ब्रेकर नहीं बनाया जा सकेगा और यदि कोई निर्माण होता है तो उसकी संपूर्ण राशि संबंधित निर्माण एजेंसी से वसूल की जाएगी। इस आदेश को पारित हुए 1 वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी धरातल पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है।

  • MP के सरकारी स्कूल में पढ़ाई छोड़ छात्रों को दिखाई गई 'धुरंधर' फिल्म, वीडियो वायरल, प्रिंसिपल को नोटिस

    MP के सरकारी स्कूल में पढ़ाई छोड़ छात्रों को दिखाई गई 'धुरंधर' फिल्म, वीडियो वायरल, प्रिंसिपल को नोटिस


    मैहर। मध्य प्रदेश के मैहर जिले के कठहा शासकीय विद्यालय में पढ़ाई के समय छात्रों को फिल्म दिखाने का मामला सामने आया है। कक्षा 11वीं के विज्ञान संकाय के छात्र-छात्राओं को एलईडी टीवी पर ‘धुरंधर’ फिल्म दिखाई गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आ गया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

    जानकारी के अनुसार, फिल्म प्रदर्शन के दौरान विद्यालय में अतिथि शिक्षक हंसराज पटेल भी मौजूद थे। वीडियो सामने आने के बाद अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए कि अध्ययन-अध्यापन के समय छात्रों को फिल्म क्यों दिखाई गई और शैक्षणिक गतिविधियां क्यों बाधित की गईं।

    मामले को लेकर सीएम हेल्पलाइन 181 पर भी शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायतकर्ता ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

    घटना ने सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक अनुशासन और शिक्षण व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि कक्षा के समय फिल्म प्रदर्शन जैसे मामलों पर स्पष्ट जवाबदेही तय होनी चाहिए।

    वीडियो वायरल होने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) सलोनी शर्मा ने मामले का संज्ञान लेते हुए विद्यालय की प्राचार्य को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साथ ही संबंधित ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) से विस्तृत प्रतिवेदन भी तलब किया गया है।

    डीईओ सलोनी शर्मा ने कहा, “कठहा स्थित स्कूल का वीडियो हमारे संज्ञान में आया है, जिसमें छात्र ‘धुरंधर’ फिल्म देखते दिखाई दे रहे हैं। मामले की तत्काल जांच कराई जा रही है। संबंधित बीईओ से रिपोर्ट मांगी गई है और विद्यालय की प्राचार्य से स्पष्टीकरण भी तलब किया गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।”

  • एमपी में बारिश का बड़ा संकट, 49 जिले औसत से पीछे, अगले 3 दिन भारी बारिश की चेतावनी

    एमपी में बारिश का बड़ा संकट, 49 जिले औसत से पीछे, अगले 3 दिन भारी बारिश की चेतावनी


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार अब तक उम्मीद के मुताबिक नहीं रही है। सीजन में अब तक प्रदेश में औसतन 16.3 इंच बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से करीब 18 प्रतिशत कम है। लगातार कम बारिश के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में सूखे जैसे हालात बनने लगे हैं। 55 में से 49 जिले औसत वर्षा से पीछे हैं, जबकि केवल छह जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है।

    राजधानी भोपाल सहित जबलपुर, सागर, शहडोल, रीवा और नर्मदापुरम संभाग के सभी जिले सामान्य वर्षा से नीचे हैं। वहीं इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और चंबल संभाग के सिर्फ छह जिलों में औसत से अधिक बारिश हुई है।

    बड़े शहरों का हाल
    प्रदेश के प्रमुख शहरों में ग्वालियर ही ऐसा शहर है, जहां सामान्य से 7 प्रतिशत अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है। इसके विपरीत भोपाल में 7 प्रतिशत, इंदौर में 2 प्रतिशत, उज्जैन में 14 प्रतिशत और जबलपुर में 29 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है।

    अगले तीन दिन भारी बारिश के आसार
    मौसम विभाग के अनुसार आगामी तीन दिनों में प्रदेश के उत्तरी हिस्से में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है। यदि सक्रिय मौसम प्रणालियां मजबूत रहीं तो वर्षा के आंकड़ों में सुधार हो सकता है। गुरुवार को ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, शिवपुरी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और दमोह जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

    इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, गुना, अशोकनगर, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, दमोह और निवाड़ी में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश होने की संभावना है।

    पश्चिमी विक्षोभ से बढ़ेगी बारिश
    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक एक नया पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) सक्रिय हो गया है। इसके प्रभाव से अगले कुछ दिनों में प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं, जिससे कई इलाकों में अच्छी वर्षा होने की उम्मीद है।

    कोटे की आधी बारिश भी नहीं
    मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में अब तक 413.3 मिमी (16.3 इंच) बारिश हुई है, जबकि इस समय तक 507.2 मिमी (20 इंच) वर्षा हो जानी चाहिए थी। यानी प्रदेश में करीब 19 प्रतिशत वर्षा की कमी बनी हुई है। लगातार कम बारिश के चलते खरीफ फसलों और जल स्रोतों पर भी असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।

  • एमपी में बस यात्रा हुई महंगी, परिवहन विभाग ने नई किराया दरें लागू कीं, जानिए किस श्रेणी की बस में कितना लगेगा किराया

    एमपी में बस यात्रा हुई महंगी, परिवहन विभाग ने नई किराया दरें लागू कीं, जानिए किस श्रेणी की बस में कितना लगेगा किराया


    मध्य प्रदेश।  में बस यात्रियों को अब सफर के लिए पहले की तुलना में अधिक किराया चुकाना होगा। राज्य के परिवहन विभाग ने मंजिली बसों के लिए नया अधिकतम यात्री किराया निर्धारित करते हुए संशोधित दरों की अधिसूचना जारी कर दी है। नए नियमों के अनुसार सामान्य बसों में अब अधिकतम मूल किराया 2 रुपये प्रति यात्री प्रति किलोमीटर होगा, जबकि न्यूनतम टिकट मूल्य 10 रुपये तय किया गया है। इस निर्णय के बाद प्रदेशभर में बस यात्रा की लागत बढ़ जाएगी और इसका सीधा असर रोजाना सफर करने वाले यात्रियों पर पड़ेगा।

    परिवहन विभाग के अनुसार किराया संशोधन विभिन्न श्रेणियों की बस सेवाओं को ध्यान में रखकर किया गया है। सामान्य बसों के अलावा डीलक्स, स्लीपर, वातानुकूलित और सुपर लग्जरी बसों के लिए भी अलग-अलग अधिकतम किराया निर्धारित किया गया है। सरकार का कहना है कि संशोधित दरों का उद्देश्य परिवहन व्यवस्था को संतुलित बनाए रखना और बढ़ती परिचालन लागत के अनुरूप किराया संरचना तैयार करना है।

    नई व्यवस्था के तहत रात्रिकालीन सामान्य बस सेवा के लिए सामान्य किराए की तुलना में 10 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लिया जा सकेगा। वहीं नॉन-एसी डीलक्स बसों में अधिकतम 25 प्रतिशत, स्लीपर बसों में 40 प्रतिशत, एसी डीलक्स बसों में 50 प्रतिशत तथा सुपर लग्जरी एसी कोच में 75 प्रतिशत तक अधिक किराया लिया जा सकेगा। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि डीलक्स, स्लीपर और लग्जरी बसों पर अलग से नाइट चार्ज लागू नहीं होगा। इसी प्रकार एक्सप्रेस बस सेवाओं के लिए भी अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।

    राज्य में बस किराया बढ़ाने का निर्णय ऐसे समय लिया गया है जब निजी बस संचालकों ने बढ़ती लागत और परिचालन संबंधी चुनौतियों का हवाला देते हुए किराया संशोधन की मांग की थी। बस ऑपरेटरों की ओर से हड़ताल की चेतावनी दिए जाने के बाद सरकार ने किराया ढांचे की समीक्षा की और संशोधित दरों को मंजूरी दी। इसके बाद परिवहन विभाग ने नई दरों का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया।

    विशेषज्ञों का मानना है कि डीजल, रखरखाव, स्पेयर पार्ट्स और अन्य परिचालन खर्चों में लगातार वृद्धि के कारण परिवहन क्षेत्र पर आर्थिक दबाव बढ़ा है। ऐसे में किराया संशोधन को परिवहन सेवाओं के संचालन से जोड़कर देखा जा रहा है। दूसरी ओर यात्रियों का मानना है कि बढ़े हुए किराए से दैनिक यात्रा का खर्च और बढ़ेगा, विशेषकर उन लोगों पर इसका अधिक प्रभाव पड़ेगा जो नियमित रूप से बसों से आवागमन करते हैं।

    परिवहन विभाग ने कहा है कि नई किराया दरें निर्धारित नियमों के अनुसार लागू होंगी और बस संचालकों को इन्हीं अधिकतम दरों का पालन करना होगा। विभाग समय-समय पर किराया व्यवस्था की समीक्षा भी करता रहेगा ताकि यात्रियों और परिवहन संचालकों दोनों के हितों के बीच संतुलन बनाए रखा जा सके। आने वाले दिनों में नई दरों का प्रभाव प्रदेश के सार्वजनिक परिवहन और यात्रियों के खर्च पर साफ दिखाई देने की संभावना है।

  • बहन से मुलाकात के बाद लौट रहा था युवक, रास्ते में चलती बाइक से गिरा, अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने मृत घोषित किया

    बहन से मुलाकात के बाद लौट रहा था युवक, रास्ते में चलती बाइक से गिरा, अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने मृत घोषित किया


    देवास । देवास में बुधवार को एक दुखद घटना सामने आई जहां बहन से मुलाकात कर घर लौट रहे 30 वर्षीय युवक की चलती बाइक से गिरने के बाद मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में डॉक्टरों ने साइलेंट हार्ट अटैक की आशंका जताई है। हालांकि मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है जबकि युवक के दोस्तों के भी अस्पताल पहुंचने से माहौल गमगीन हो गया।

    जानकारी के अनुसार मानकुंड निवासी धर्मेंद्र मालवीय एक निजी कंपनी में कार्यरत था। बुधवार को वह अपनी बहन से मिलने देवास आया था। परिजनों के मुताबिक मुलाकात के बाद वह बाइक से अपने घर लौट रहा था। घर से कुछ ही दूरी पर पहुंचने के दौरान अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह चलती बाइक से सड़क पर गिर पड़ा। आसपास मौजूद लोगों और परिजनों ने उसे तुरंत संभाला लेकिन वह बेसुध अवस्था में था।

    घटना के तुरंत बाद परिजन धर्मेंद्र को उपचार के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसकी जांच की लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अचानक हुई इस घटना से परिवार और परिचितों को गहरा सदमा लगा है।

    जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. कमल प्रजापति के अनुसार प्रथम दृष्टया मामला साइलेंट हार्ट अटैक का प्रतीत हो रहा है। कई बार व्यक्ति को बिना किसी स्पष्ट लक्षण के हार्ट अटैक आ जाता है जिससे वह अचानक बेहोश होकर गिर सकता है। हालांकि डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि अभी यह केवल प्रारंभिक आशंका है और मौत के वास्तविक कारण की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही की जाएगी। जांच के लिए विसरा भी सुरक्षित रख लिया गया है ताकि आवश्यकता पड़ने पर विस्तृत परीक्षण किया जा सके।

    परिजनों ने बताया कि धर्मेंद्र की शादी करीब चार से पांच वर्ष पहले हुई थी और वह निजी कंपनी में नौकरी कर परिवार का पालन-पोषण कर रहा था। उसकी अचानक मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है। घटना की सूचना मिलते ही इंदौर से उसके कई मित्र भी जिला अस्पताल पहुंच गए और परिजनों को सांत्वना दी।

    पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवक की मौत साइलेंट हार्ट अटैक से हुई या इसके पीछे कोई अन्य चिकित्सीय कारण था। फिलहाल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रहे हैं।

  • इंदौर की राजनीति में जुबानी जंग चरम पर, भाजपा ने कांग्रेस को घेरा, अंदरूनी विवाद और नेतृत्व पर उठाए सवाल

    इंदौर की राजनीति में जुबानी जंग चरम पर, भाजपा ने कांग्रेस को घेरा, अंदरूनी विवाद और नेतृत्व पर उठाए सवाल


    इंदौर । इंदौर की राजनीति में बयानबाजी का दौर लगातार तेज होता जा रहा है। भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए उसके शहर और प्रदेश नेतृत्व पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के भीतर चल रही खींचतान अब सार्वजनिक हो चुकी है और पार्टी का संगठन आंतरिक विवादों में उलझा हुआ है। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के कुछ नेताओं का व्यवहार राजनीतिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है और पार्टी का नेतृत्व अपने ही नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच बढ़ते विवादों पर कार्रवाई करने में विफल रहा है।

    मीडिया से बातचीत के दौरान सुमित मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस के भीतर नेताओं के बीच चल रहे विवाद अब शहरभर में चर्चा का विषय बन चुके हैं। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि पार्टी के अलग-अलग नेताओं के बीच लगातार टकराव हो रहा है और कई बार वरिष्ठ नेताओं को बीच-बचाव तक करना पड़ रहा है। भाजपा नेता का कहना था कि कांग्रेस संगठन में अनुशासन की स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है।

    उन्होंने शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उनका व्यवहार किसी जिम्मेदार राजनीतिक पदाधिकारी जैसा नहीं बल्कि गुंडा प्रवृत्ति वाले व्यक्ति जैसा दिखाई देता है। मिश्रा ने दावा किया कि कभी पार्टी कार्यालय में कार्यकर्ताओं के साथ विवाद होता है तो कभी वरिष्ठ नेताओं के प्रति अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और कांग्रेस की ओर से इन पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।

    भाजपा नगर अध्यक्ष ने हाल ही में कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता के घर पर कथित रूप से हुए विवाद का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां पार्टी नेताओं के बीच मारपीट और धमकी जैसी घटनाएं हुईं। उनका कहना था कि मामला प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व से जुड़ा होने के बावजूद पार्टी ने अब तक कोई ठोस अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की है। उन्होंने सवाल उठाया कि कांग्रेस अपने ही नेताओं और कार्यकर्ताओं के सम्मान की रक्षा क्यों नहीं कर पा रही है।

    सुमित मिश्रा ने प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व पर भी निशाना साधते हुए गंभीर राजनीतिक आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश और शहर कांग्रेस में ऐसे लोगों का प्रभाव बढ़ रहा है जिनकी वजह से पार्टी की छवि प्रभावित हो रही है। इसी दौरान उन्होंने शहर कांग्रेस अध्यक्ष पर स्टेरॉयड लेने का आरोप भी लगाया और कहा कि इसी कारण उनका व्यवहार आक्रामक रहता है। हालांकि इन आरोपों के समर्थन में उन्होंने कोई सार्वजनिक साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया।

    भाजपा नेता के इन बयानों के बाद इंदौर की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज होने की संभावना है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावी गतिविधियों से पहले दोनों प्रमुख दलों के बीच बयानबाजी और अधिक तीखी हो सकती है। फिलहाल कांग्रेस की ओर से भाजपा के इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।

  • क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई, फरार हथियार तस्कर संजय मराठा दबोचा गया, सप्लायर और नेटवर्क की तलाश तेज

    क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई, फरार हथियार तस्कर संजय मराठा दबोचा गया, सप्लायर और नेटवर्क की तलाश तेज


    इंदौर । इंदौर क्राइम ब्रांच ने अवैध हथियार तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी संजय उर्फ संजू मराठा को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ पहले से 17 आपराधिक मामले दर्ज हैं और पुलिस को आशंका है कि वह लंबे समय से अवैध हथियारों की सप्लाई के नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। अब उससे पूछताछ कर हथियारों के स्रोत, सप्लायर और इस पूरे गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है।

    क्राइम ब्रांच के अनुसार गिरफ्तार आरोपी संजय मराठा गुमास्ता नगर का रहने वाला है। वह प्रॉपर्टी ब्रोकिंग के साथ ई-रिक्शा किराये पर देने का कारोबार करता था। पुलिस का मानना है कि वह अपने अन्य व्यवसायों की आड़ में अवैध गतिविधियों को भी अंजाम देता था। मामले की जांच के दौरान उसका नाम सामने आने के बाद से वह लगातार फरार चल रहा था।

    इस प्रकरण में इससे पहले पुलिस परसराम उर्फ परसिया श्रीवास्तव और सोहेल उर्फ बलबली पटेल को गिरफ्तार कर चुकी है। दोनों आरोपियों के कब्जे से चार देसी पिस्टल, चार मैगजीन, चार जिंदा कारतूस, एक मारुति स्विफ्ट कार और तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए थे। जब्त किए गए सामान की कुल कीमत करीब छह लाख रुपए आंकी गई थी। इन गिरफ्तारियों के बाद हुई पूछताछ में संजय मराठा की भूमिका सामने आई थी।

    क्राइम ब्रांच ने आरोपी की तलाश के लिए लगातार तकनीकी निगरानी और मुखबिर तंत्र का सहारा लिया। आखिरकार पुख्ता सूचना मिलने पर टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी कितने समय से हथियारों की तस्करी में शामिल था और उसका नेटवर्क किन राज्यों या जिलों तक फैला हुआ है।

    एडिशनल डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश दंडोतिया के अनुसार संजय मराठा आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ वर्ष 2005 से 2020 के बीच कुल 17 आपराधिक मामले दर्ज हो चुके हैं। इनमें आर्म्स एक्ट, आबकारी एक्ट, मारपीट, धमकी, अवैध वसूली और अन्य गंभीर अपराधों से जुड़े प्रकरण शामिल हैं। पुलिस अब उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड को भी वर्तमान जांच से जोड़कर पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।

    जांच एजेंसियों का फोकस अब इस बात पर है कि आरोपी अवैध हथियार कहां से हासिल करता था और उन्हें किन लोगों तक पहुंचाता था। पूछताछ के दौरान मिले सुरागों के आधार पर पुलिस संभावित सप्लायरों और खरीदारों की पहचान करने में जुटी है। संभावना जताई जा रही है कि इस मामले में आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

    क्राइम ब्रांच का कहना है कि शहर में अवैध हथियारों की तस्करी पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। ऐसे मामलों में शामिल प्रत्येक आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का मानना है कि इस गिरफ्तारी से अवैध हथियारों के नेटवर्क से जुड़े कई महत्वपूर्ण खुलासे होने की उम्मीद है, जिससे शहर में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में मदद मिलेगी।