Category: Madhya Pradesh

  • मानसून आने से पहले मौसम का यू-टर्न, 18 जिलों में बारिश-आंधी और फिर पड़ेगी भीषण गर्मी

    मानसून आने से पहले मौसम का यू-टर्न, 18 जिलों में बारिश-आंधी और फिर पड़ेगी भीषण गर्मी


    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश में मानसून की दस्तक अब ज्यादा दूर नहीं है। मौसम विभाग और मौसम विशेषज्ञों के अनुसार प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून 15 से 18 जून के बीच प्रवेश कर सकता है। अनुमान है कि मानसून की पहली एंट्री इंदौर और जबलपुर संभाग के छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बालाघाट, बैतूल, बड़वानी, खरगोन या बुरहानपुर जिले के रास्ते हो सकती है। इसके पहले पूरे प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय रहेंगी, जिससे कई क्षेत्रों में तेज आंधी, गरज-चमक और बारिश का दौर जारी रहेगा।

    मौसम विभाग ने मंगलवार को प्रदेश के करीब 20 जिलों में तेज हवाओं और बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, जबलपुर, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, उमरिया और शहडोल सहित कई जिले शामिल हैं। इन क्षेत्रों में कहीं-कहीं तेज हवा के साथ गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

    हालांकि बारिश के साथ गर्मी का असर भी बना रहेगा। मौसम विभाग ने 10 और 11 जून को भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। इससे साफ है कि प्रदेश में फिलहाल तीनों मौसम—गर्मी, आंधी-बारिश और बढ़ती नमी—एक साथ प्रभाव दिखा रहे हैं।

    सोमवार को प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। मंडला सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। छिंदवाड़ा, खजुराहो, दमोह, मलाजखंड, राजगढ़, नरसिंहपुर, दतिया और शाजापुर सहित कई शहरों में तापमान 41 डिग्री से ऊपर पहुंच गया। वहीं ग्वालियर में 41.6 डिग्री, जबलपुर में 40 डिग्री, उज्जैन में 39.5 डिग्री, भोपाल में 38.7 डिग्री और इंदौर में 38.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदेश इस समय एक महत्वपूर्ण संक्रमण काल से गुजर रहा है। पूर्वी मध्य प्रदेश के रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट और सिवनी जिलों में अगले तीन से चार दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। महाकौशल क्षेत्र में कई स्थानों पर मध्यम वर्षा होने की संभावना है, जबकि बिजली गिरने और तेज हवाओं की घटनाओं में भी वृद्धि हो सकती है।

    भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल और हरदा जैसे जिलों में दोपहर बाद बादल छाने और हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। इससे पिछले कुछ दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं मालवा-निमाड़ क्षेत्र में अरब सागर से आने वाली नमी का असर दिखाई देगा, जिसके कारण बादलों की आवाजाही और उमस में बढ़ोतरी हो सकती है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान मौसमीय परिस्थितियां मानसून के आगमन के लिए अनुकूल बन रही हैं। यदि अगले कुछ दिनों तक यही स्थिति बनी रहती है, तो दक्षिण-पूर्वी और पूर्वी मध्य प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां तेजी से बढ़ सकती हैं। किसानों के लिए यह खरीफ सीजन की तैयारी का समय है, लेकिन विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि स्थायी और व्यापक वर्षा शुरू होने के बाद ही बुवाई का निर्णय लेना अधिक उचित रहेगा।

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश में सक्रिय प्री-मानसून सिस्टम, चक्रवाती परिसंचरण और पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त प्रभाव से मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। आने वाले दिनों में तापमान में 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज हो सकती है, जिससे कई क्षेत्रों में मौसम सुहावना होने की संभावना है।

  • राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस अलर्ट, 62 विधायक स्पेशल फ्लाइट से बेंगलुरु रवाना

    राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस अलर्ट, 62 विधायक स्पेशल फ्लाइट से बेंगलुरु रवाना


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश की राजनीति में राज्यसभा चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। भाजपा द्वारा तीसरी राज्यसभा सीट पर उम्मीदवार उतारे जाने के बाद चुनावी मुकाबला रोचक हो गया है। इसी बीच कांग्रेस ने अपने विधायकों को एकजुट रखने और संभावित क्रॉस वोटिंग की आशंका को देखते हुए बड़ा कदम उठाया है। पार्टी ने अपने सभी 62 विधायकों को कर्नाटक भेजने का निर्णय लिया है, जहां वे मतदान तक पार्टी के संपर्क और निगरानी में रहेंगे।

    मंगलवार को कांग्रेस विधायक भोपाल में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के निवास पर एकत्रित हुए। इसके बाद सभी विधायक अपनी-अपनी गाड़ियों से एयरपोर्ट पहुंचे, जहां से उन्हें विशेष विमान के जरिए बेंगलुरु रवाना किया गया। कांग्रेस ने इसके लिए 72 सीटों वाला विशेष विमान बुक किया है। दिलचस्प बात यह रही कि कई विधायक अपने परिवार के सदस्यों के साथ भी इस यात्रा पर निकले, जिससे एयरपोर्ट पर अलग ही माहौल देखने को मिला।

    राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाया है, जबकि भाजपा ने महेश केवट को मैदान में उतारा है। इसी वजह से राजनीतिक समीकरणों और संभावित क्रॉस वोटिंग को लेकर दोनों दल सतर्क नजर आ रहे हैं।

    एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत करते हुए नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि कांग्रेस के सभी विधायक पूरी तरह एकजुट हैं और पार्टी को अपने विधायकों पर पूरा भरोसा है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस को अपने विधायकों की चिंता नहीं है, बल्कि भाजपा को अपने विधायकों को संभालकर रखना चाहिए। सिंघार ने दावा किया कि कांग्रेस को 62 वोटों से भी अधिक समर्थन मिल सकता है और पार्टी पूरी मजबूती के साथ चुनाव लड़ेगी।

    उन्होंने विधायक निर्मला सप्रे को लेकर भी टिप्पणी की। सिंघार ने कहा कि यदि उन्हें अपनी विधानसभा सदस्यता बनाए रखनी है तो कांग्रेस का समर्थन करना होगा। उन्होंने यह भी बताया कि निर्मला सप्रे हाल की पार्टी बैठकों में शामिल नहीं हुई हैं, जिससे राजनीतिक अटकलें और तेज हो गई हैं।

    कांग्रेस की यह सतर्कता वर्ष 2020 के राजनीतिक घटनाक्रम से भी जुड़ी हुई मानी जा रही है। उस समय ज्योतिरादित्य सिंधिया के नेतृत्व में कई विधायकों के इस्तीफे के बाद कमलनाथ सरकार गिर गई थी। इसी अनुभव को देखते हुए कांग्रेस इस बार कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं दिख रही है।

    वर्तमान विधानसभा में कांग्रेस के 64 विधायक हैं, लेकिन न्यायालय के आदेश के चलते एक विधायक मतदान के पात्र नहीं हैं। वहीं कुछ विधायकों की गतिविधियों को लेकर भी पार्टी सतर्क है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्यसभा चुनाव में हर वोट महत्वपूर्ण हो सकता है और इसी कारण कांग्रेस अपने विधायकों को पार्टी शासित राज्य में रखकर किसी भी संभावित राजनीतिक घटनाक्रम से बचना चाहती है।

    इस बीच भोपाल एयरपोर्ट पर कांग्रेस नेताओं और विधायकों की मौजूदगी ने राजनीतिक सरगर्मियां और बढ़ा दीं। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भी एयरपोर्ट पहुंचे, जबकि तेलंगाना कांग्रेस अध्यक्ष महेश गौड़ ने उनसे मुलाकात की। आने वाले दिनों में राज्यसभा चुनाव को लेकर मध्यप्रदेश की राजनीति में और भी दिलचस्प घटनाक्रम देखने को मिल सकते हैं।

  • भोपाल में कचरा फैलाने और जलाने पर लगेगा जुर्माना, नए नियमों पर निगम परिषद में गरमाई बहस

    भोपाल में कचरा फैलाने और जलाने पर लगेगा जुर्माना, नए नियमों पर निगम परिषद में गरमाई बहस


    मध्यप्रदेश । भोपाल में स्वच्छता व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए नगर निगम ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के नए नियम लागू करने की तैयारी कर रहा है। मंगलवार को आईएसबीटी स्थित नगर निगम मुख्यालय में आयोजित विशेष परिषद बैठक में इन नियमों को लेकर विस्तृत प्रस्तुति दी गई। बैठक में बताया गया कि खुले में कचरा फेंकने, कचरा जलाने और बिना पूर्व सूचना बड़े आयोजनों के संचालन पर सख्त कार्रवाई करते हुए जुर्माना लगाया जाएगा। हालांकि इन प्रस्तावित नियमों को लेकर परिषद में लंबी बहस भी देखने को मिली।

    बैठक में विशेषज्ञ अतुल खरे ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के तहत प्रस्तावित व्यवस्थाओं की जानकारी दी। प्रस्तुतीकरण के अनुसार यदि कोई व्यक्ति या संस्था खुले में कचरा फेंकती है या उसे जलाती है तो नगर निगम जुर्माना लगाएगा। इसके अलावा 100 या उससे अधिक लोगों के किसी भी सार्वजनिक आयोजन के लिए आयोजकों को कम से कम तीन दिन पहले निगम को सूचना देना अनिवार्य होगा। ऐसा नहीं करने पर कार्रवाई की जा सकेगी।

    नए नियमों को लेकर कांग्रेस पार्षदों ने कई सवाल उठाए। वार्ड-16 के पार्षद मोहम्मद सरवर ने कहा कि पॉलीथिन पर प्रतिबंध के बावजूद शहर में प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि जब तक मौजूदा नियमों का कड़ाई से पालन नहीं होगा, तब तक नए नियम भी केवल कागजों तक सीमित रह जाएंगे। उन्होंने सफाई व्यवस्था की खामियों का जिक्र करते हुए कहा कि कई क्षेत्रों में नालियों से निकाला गया कचरा दिनों तक सड़क किनारे पड़ा रहता है क्योंकि उसे उठाने की व्यवस्था नहीं होती।

    कांग्रेस पार्षद योगेंद्र सिंह गुड्डू चौहान ने निगम के संसाधनों पर सवाल उठाते हुए कहा कि नए नियम लागू करने से पहले यह देखना होगा कि निगम के पास पर्याप्त बजट, वाहन और कर्मचारी हैं या नहीं। उन्होंने बताया कि कई वार्डों में कचरा वाहन खराब होने पर कई दिनों तक कचरा नहीं उठ पाता। कर्मचारियों की कमी के कारण सफाई व्यवस्था प्रभावित होती है।

    वहीं भाजपा पार्षदों ने भी सफाई कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की मांग की। भाजपा पार्षद विलास राव घाड़गे ने कहा कि हर वर्ष कर्मचारियों की संख्या कम होती जा रही है जबकि शहर में कचरे की मात्रा लगातार बढ़ रही है। दूसरी ओर भाजपा पार्षद देवेंद्र भार्गव ने नए नियमों का समर्थन करते हुए कहा कि इससे शहर की स्वच्छता व्यवस्था मजबूत होगी और बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से सख्ती से शुल्क एवं दंड वसूला जाना चाहिए।

    बैठक के दौरान कांग्रेस पार्षद देवांशु कंसाना ने अपने वार्ड में गिरे पेड़ को हटाने में छह दिन लगने का उदाहरण देते हुए निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। इस पर भाजपा पार्षदों ने आपत्ति जताई और कहा कि उनके क्षेत्रों में ऐसी समस्याएं नहीं हैं। इस मुद्दे पर परिषद में कुछ देर तक तीखी नोकझोंक भी हुई।

    महापौर मालती राय ने चर्चा के दौरान कहा कि सफाई व्यवस्था की वास्तविक स्थिति वही पार्षद बेहतर जानते हैं जो नियमित रूप से अपने वार्डों का निरीक्षण करते हैं। उन्होंने रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था और जमीनी निगरानी की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

    नए नियमों के तहत अब बड़ी इमारतों, स्कूलों, कॉलेजों और व्यावसायिक परिसरों को अपने स्तर पर गीले कचरे के निपटान की व्यवस्था करनी होगी। बड़े आयोजनों और प्रदर्शनियों के लिए ऑनलाइन पंजीयन भी अनिवार्य किया जाएगा। नगर निगम 30 जून तक इन नियमों को लागू करने की तैयारी कर रहा है। निगम का दावा है कि नई व्यवस्था से शहर में कचरे के परिवहन में लगभग 25 प्रतिशत तक कमी आएगी और कचरा प्रबंधन अधिक वैज्ञानिक एवं जवाबदेह बन सकेगा।

    बैठक के दौरान एक दिलचस्प दृश्य भी देखने को मिला। भीषण गर्मी और परिषद हॉल में एयर कंडीशनर बंद होने के कारण कई पार्षद एजेंडे की प्रतियों से खुद को हवा करते नजर आए। यह दृश्य बैठक की चर्चा के साथ-साथ लोगों के बीच भी चर्चा का विषय बना रहा।

  • MP पुलिस की बेटी ने रचा इतिहास, माउंट किलिमंजारो फतह करने वाली पहली महिला अधिकारी बनीं दीपिका गौतम

    MP पुलिस की बेटी ने रचा इतिहास, माउंट किलिमंजारो फतह करने वाली पहली महिला अधिकारी बनीं दीपिका गौतम


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश पुलिस की एक महिला अधिकारी ने अपने साहस, दृढ़ संकल्प और जुनून से ऐसा इतिहास रच दिया है, जिस पर पूरा प्रदेश गर्व कर सकता है। भोपाल स्थित एससीआरबी (SCRB) पुलिस मुख्यालय में पदस्थ इंस्पेक्टर दीपिका गौतम ने अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो को फतह कर मध्यप्रदेश पुलिस के इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया है। इस उपलब्धि के साथ वह प्रदेश पुलिस की पहली महिला अधिकारी बन गई हैं, जिन्होंने इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय पर्वत अभियान को सफलतापूर्वक पूरा किया है।

    तंजानिया में स्थित माउंट किलिमंजारो समुद्र तल से लगभग 5,895 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है और इसे दुनिया के सबसे प्रसिद्ध पर्वत अभियानों में गिना जाता है। दीपिका गौतम ने 29 मई को इस ऊंची चोटी पर पहुंचकर तिरंगा लहराया और अपनी उपलब्धि से देश तथा प्रदेश का नाम रोशन किया।

    इस अभियान की सबसे खास बात यह रही कि अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण दल में दीपिका भारत की एकमात्र प्रतिभागी थीं। कठिन मौसम, ऊंचाई पर ऑक्सीजन की कमी और लगातार बदलती प्राकृतिक परिस्थितियों के बीच उन्होंने यह चुनौती स्वीकार की और सफलता हासिल की।

    दीपिका बताती हैं कि नौकरी और परिवार की जिम्मेदारियों के बीच अक्सर लोग अपने सपनों को अधूरा छोड़ देते हैं, लेकिन उन्होंने अपने सपनों को कभी पीछे नहीं छोड़ा। उनका मानना है कि जीवन में लक्ष्य और सपने होना बेहद जरूरी है, क्योंकि यही व्यक्ति को आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। इसी सोच ने उन्हें अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी तक पहुंचने का हौसला दिया।

    माउंट किलिमंजारो का यह अभियान आसान नहीं था। पांच दिनों तक चले इस कठिन सफर में उन्हें तीन अलग-अलग बेस कैंप पार करने पड़े। अंतिम चरण की चढ़ाई रात के समय शुरू हुई, जब तापमान माइनस 10 से 15 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। ऊंचाई बढ़ने के साथ मौसम लगातार बदल रहा था और हर कदम पर नई चुनौती सामने थी। इसके बावजूद दीपिका ने धैर्य, शारीरिक क्षमता और मानसिक मजबूती का परिचय देते हुए अपने लक्ष्य को हासिल किया।

    हालांकि यह उनका पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय पर्वत अभियान था, लेकिन रोमांच और ट्रेकिंग के क्षेत्र में उनका अनुभव पहले से ही काफी समृद्ध रहा है। वह कई बार अमरनाथ और केदारनाथ जैसी कठिन धार्मिक यात्राएं पूरी कर चुकी हैं। पर्वतारोहण और साहसिक गतिविधियों के प्रति उनका विशेष लगाव रहा है, जिसने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया।

    दीपिका स्वयं को मल्टीटास्किंग व्यक्ति मानती हैं और उनका विश्वास है कि जीवन में नई चुनौतियों को स्वीकार करना ही सफलता का मार्ग बनाता है। उनकी यह उपलब्धि न केवल महिला पुलिस अधिकारियों के लिए प्रेरणा है, बल्कि उन सभी लोगों के लिए भी एक संदेश है जो जिम्मेदारियों के बीच अपने सपनों को जीवित रखना चाहते हैं।

    माउंट किलिमंजारो फतह करने के बाद अब दीपिका का अगला लक्ष्य भी तय हो चुका है। हालांकि उन्होंने अपने आगामी अभियान का खुलासा नहीं किया है, लेकिन संकेत दिए हैं कि अगले वर्ष वह विदेश में एक और बड़े पर्वतारोहण मिशन का हिस्सा बन सकती हैं। उनकी यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा और साहस का प्रतीक बन गई है।

  • भोपाल मेट्रो पर बढ़ा खर्च, कैबिनेट ने दी 10,033 करोड़ की संशोधित मंजूरी; मंडी शुल्क में भी बड़ा बदलाव

    भोपाल मेट्रो पर बढ़ा खर्च, कैबिनेट ने दी 10,033 करोड़ की संशोधित मंजूरी; मंडी शुल्क में भी बड़ा बदलाव

    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य की महत्वाकांक्षी भोपाल मेट्रो रेल परियोजना को लेकर बड़ा फैसला किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में परियोजना की संशोधित लागत को मंजूरी प्रदान कर दी गई। लागत में करीब 4 हजार करोड़ रुपए की वृद्धि के बाद अब भोपाल मेट्रो परियोजना की कुल लागत 10,033 करोड़ रुपए पहुंच गई है। इसके साथ ही सरकार ने कृषि क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लेते हुए मंडी शुल्क व्यवस्था में भी बदलाव किया है।

    कैबिनेट बैठक के बाद एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि भोपाल मेट्रो परियोजना का प्रारंभिक स्वरूप वर्ष 2016 में तैयार किया गया था। उस समय इसकी अनुमानित लागत लगभग 6,241 करोड़ रुपए आंकी गई थी। हालांकि समय के साथ निर्माण सामग्री की कीमतों, तकनीकी आवश्यकताओं और अन्य कारणों से परियोजना की लागत में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। अब संशोधित लागत 10,033 करोड़ रुपए निर्धारित की गई है, जिसे कैबिनेट ने स्वीकृति प्रदान कर दी है।

    सरकार का मानना है कि संशोधित बजट से परियोजना के निर्माण कार्य में तेजी आएगी और आगामी दो वर्षों में मेट्रो परियोजना का स्वरूप अधिक स्पष्ट रूप से सामने दिखाई देगा। भोपाल मेट्रो को राजधानी के सार्वजनिक परिवहन ढांचे को मजबूत करने वाली प्रमुख परियोजना माना जा रहा है, जिससे यातायात व्यवस्था को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

    बैठक में किसानों से जुड़ा एक अहम निर्णय भी लिया गया। सरकार ने कपास उत्पादक किसानों को राहत देते हुए कपास पर लगने वाले मंडी शुल्क को घटाकर 0.50 प्रतिशत कर दिया है। मंत्री काश्यप ने बताया कि पहले अधिक मंडी शुल्क के कारण किसानों और व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ता था। महाराष्ट्र में भी कपास पर इसी दर से शुल्क लिया जाता है, इसलिए प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

    इसके विपरीत सरकार ने अन्य कृषि उपज पर मंडी शुल्क बढ़ाने का फैसला किया है। कुछ वर्ष पहले इसे डेढ़ प्रतिशत से घटाकर एक प्रतिशत किया गया था, लेकिन अब फिर से इसे बढ़ाकर 1.5 प्रतिशत कर दिया गया है। सरकार का अनुमान है कि इस निर्णय से राज्य को लगभग 800 करोड़ रुपए का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा। यह राशि सड़क विकास, ग्रामीण बुनियादी ढांचे के विस्तार और गौ-संवर्धन जैसी योजनाओं पर खर्च की जाएगी।

    कृषि क्षेत्र को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में भी पहल की गई है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में कार्यशालाओं का आयोजन कर किसानों को प्राकृतिक खेती की तकनीकों और उसके लाभों के बारे में जागरूक किया जाएगा। सरकार को उम्मीद है कि इससे कृषि लागत में कमी आएगी और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।

    कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन और शासन के 12 वर्ष पूर्ण होने पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसे देश के विकास का महत्वपूर्ण पड़ाव बताते हुए 5 जून से 21 जून तक प्रदेशभर में जनकल्याण और विकास कार्यों से जुड़े विशेष कार्यक्रम आयोजित करने की जानकारी दी।

    इसके अलावा राज्य के लगभग एक लाख संविदा कर्मचारी-अधिकारियों को 4.5 प्रतिशत वार्षिक वेतन वृद्धि दिए जाने के फैसले का भी स्वागत किया गया। कुल मिलाकर कैबिनेट बैठक में लिए गए निर्णयों को राज्य के बुनियादी ढांचे, कृषि क्षेत्र और कर्मचारी हितों से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

  • एमपी में 15 से 18 जून के बीच मानसून आने की संभावना, आज 18 जिलों में बारिश-आंधी का अलर्ट

    एमपी में 15 से 18 जून के बीच मानसून आने की संभावना, आज 18 जिलों में बारिश-आंधी का अलर्ट


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश में मानसून की एंट्री अगले सप्ताह 15 से 18 जून के बीच होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून प्रदेश में इंदौर संभाग के बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, बैतूल या जबलपुर संभाग के छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और बालाघाट जिलों के रास्ते प्रवेश कर सकता है। फिलहाल प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय बनी हुई हैं।

    मानसून के आगमन से पहले प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी और बारिश का दौर जारी रहेगा। मंगलवार को बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, जबलपुर, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, उमरिया और शहडोल सहित 18 जिलों में तेज हवाओं और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

    10 और 11 जून को लू का भी असर

    मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार 9 से 11 जून तक प्रदेश में आंधी, बारिश और गर्मी तीनों का असर देखने को मिलेगा। वहीं 10 और 11 जून को भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में हीटवेव यानी लू चलने की चेतावनी जारी की गई है।

    कई जिलों में 42 डिग्री के पार पहुंचा पारा

    प्रदेश में बारिश की गतिविधियों के बावजूद गर्मी का असर बरकरार है। सोमवार को कई जिलों में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। मंडला सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 42.5 डिग्री रिकॉर्ड हुआ। छिंदवाड़ा में 42.1, खजुराहो में 42, दमोह में 41.8, मलाजखंड में 41.7 और राजगढ़ में 41.6 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।

    बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर में 41.6 डिग्री, जबलपुर में 40 डिग्री, उज्जैन में 39.5 डिग्री, भोपाल में 38.7 डिग्री और इंदौर में 38.6 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    प्रदेश में एक साथ दिख रहा तीन मौसमों का असर

    मौसम विभाग का कहना है कि मध्य प्रदेश इस समय मौसम के संक्रमण काल से गुजर रहा है। प्रदेश में एक ओर भीषण गर्मी है, वहीं दूसरी ओर प्री-मानसून की बारिश और बढ़ती नमी का प्रभाव भी दिखाई दे रहा है।

    रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट और सिवनी जिलों में अगले तीन से चार दिनों के दौरान गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। महाकौशल क्षेत्र में मध्यम बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं, जबकि बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की आशंका भी बनी हुई है।

    भोपाल और आसपास के इलाकों में राहत के आसार

    भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल और हरदा समेत प्रदेश के मध्य भागों में दोपहर बाद बादल छाने, गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। इससे पिछले कुछ दिनों से पड़ रही तेज गर्मी से राहत मिल सकती है। वहीं सागर, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और पन्ना में भी वर्षा गतिविधियां बढ़ने के संकेत हैं।

    मालवा-निमाड़ में बढ़ेगी नमी और उमस

    इंदौर, उज्जैन, धार, खरगोन, बड़वानी, खंडवा और बुरहानपुर जिलों में अरब सागर से आने वाली नमी का असर देखने को मिलेगा। यहां बादलों की आवाजाही बढ़ेगी और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। हालांकि पूर्वी मध्य प्रदेश की तुलना में वर्षा का दायरा सीमित रहने की संभावना है।

    तापमान में 2 से 5 डिग्री तक गिरावट संभव

    मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान में 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक कमी दर्ज की जा सकती है। जिन क्षेत्रों में बारिश होगी वहां मौसम सुहावना रहेगा, जबकि केवल बादल छाए रहने वाले इलाकों में उमस बढ़ सकती है।

    मानसून के स्वागत की तैयारी

    मौजूदा मौसमीय परिस्थितियों और मानसून की प्रगति को देखते हुए प्रदेश में मानसून प्रवेश की अनुकूल स्थिति बन रही है। यदि अगले कुछ दिनों तक यही हालात बने रहे तो दक्षिण-पूर्वी और पूर्वी मध्य प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। मौसम विशेषज्ञों ने किसानों को खरीफ फसलों की तैयारी करने की सलाह दी है, लेकिन बुवाई से पहले व्यापक और स्थायी बारिश का इंतजार करना बेहतर रहेगा।

    मौसम में बदलाव की वजह

    मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में सक्रिय प्री-मानसून सिस्टम के साथ उत्तर-पूर्वी हिस्से में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन बनी हुई है। इसके कारण प्रदेश के मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। वहीं 11 जून को पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय होने वाले पश्चिमी विक्षोभ का असर भी मध्य प्रदेश के मौसम पर पड़ सकता है।

  • MP में कॉन्ट्रैक्ट कर्मियों की बल्ले-बल्ले….. मोहन यादव सरकार ने बढ़ाया वेतन

    MP में कॉन्ट्रैक्ट कर्मियों की बल्ले-बल्ले….. मोहन यादव सरकार ने बढ़ाया वेतन


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश सरकार (Madhya Pradesh Government) ने कॉन्ट्रैक्ट (Contract.) पर काम करने वाले लगभग 1.25 लाख कर्मचारियों अधिकारियों को सौगात दी है। मोहन यादव सरकार (Mohan Yadav Govt) ने इन कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों अधिकारियों के सालाना वेतन में 4.46 फीसदी की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों अधिकारियों (Contract Employees and Officers) की सेलरी में यह बढ़ोतरी 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी। फैसला राज्य की 2023 की कॉन्ट्रैक्ट एम्प्लॉयमेंट पॉलिसी के तहत कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स के आधार पर लिया गया है।


    1.25 लाख कर्मचारियों को फायदा

    मध्य प्रदेश के वित्त विभाग के अनुसार, मोहन यादव सरकार ने सोमवार को कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के वेतन में 4.46 फीसदी की सालाना बढ़ोतरी को मंजूरी दी। यह बढ़ोतरी इसी साल 1 अप्रैल से लागू कर दी जाएगी। इससे लगभग 1.25 लाख कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों अधिकारियों को फायदा होगा। यह बढ़ोतरी राज्य की कॉन्ट्रैक्ट एम्प्लॉयमेंट पॉलिसी के तहत की गई है। इस नीति को 22 जुलाई 2023 को अमल में लाया गया था।


    कितनी होगी बढ़ोतरी?

    बता दें कि कॉन्ट्रैक्ट एम्प्लॉयमेंट पॉलिसी में कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स के आधार पर सालाना वेतनमान में बदलाव का प्रावधान किया गया है। मध्य प्रदेश सरकार के इस फैसले पर एमपी कॉन्ट्रैक्टुअल ऑफिसर्स एंड एम्प्लॉइज एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश राठौर ने सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि इस बदलाव से कर्मचारियों के वेतन में पे स्केल के आधार पर लगभग 1,000 रुपये से 2,500 रुपये प्रति माह की बढ़ोतरी हो जाएगी।


    एक जैसे कॉन्ट्रैक्ट पदों के लिए समान वेतन

    मध्य प्रदेश के वित्त विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, इस बार कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों की सेलरी में पिछली बार से अधिक बढ़ोतरी की गई है। इस साल 1 अप्रैल से सालाना बढ़ोतरी की दर 4.46 प्रतिशत तय की गई है जबकि पिछले साल यह 2.94 फीसदी थी। बता दें कि 2023 की पॉलिसी से पहले अलग-अलग विभागों में एक जैसे कॉन्ट्रैक्ट पदों के लिए अलग-अलग वेतन मिलता था। इस पॉलिसी से अलग-अलग विभागों में एक जैसे कॉन्ट्रैक्ट पदों के लिए समान वेतन तय है।


    कर्मचारी संघ ने की है यह मांग

    बता दें कि नई नीति के तहत कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारियों का वेतन चपरासी पद के लिए 21,800 रुपये से लेकर असिस्टेंट इंजीनियर और असिस्टेंट मैनेजर के लिए 70,000 रुपये प्रति माह तक रखा गया है। कर्मचारी संघ की मांग है कि जिन विभागों में 2023 की पॉलिसी लागू नहीं हुई है वे भी कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले कर्मचारियों को बढ़ी हुई सेलरी जारी करें।

  • मौसम का बदलेगा मिजाज! आंधी, बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट, कई राज्यों में राहत तो कहीं बढ़ेगी उमस

    मौसम का बदलेगा मिजाज! आंधी, बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट, कई राज्यों में राहत तो कहीं बढ़ेगी उमस



    मध्य प्रदेशदेशभर में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने जा रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 9 जून को कई राज्यों में तेज आंधी, बारिश और गरज-चमक के साथ मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। मानसून धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है, जिसके चलते कई क्षेत्रों में राहत की बारिश देखने को मिल सकती है, जबकि कुछ इलाकों में गर्मी और उमस का असर बरकरार रहेगा।

    मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, राजस्थान, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और अन्य राज्यों में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना जताई है। कई स्थानों पर 60 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।

    मध्य प्रदेश में भी मौसम के तेवर बदले हुए नजर आ सकते हैं। भोपाल, सीहोर, विदिशा, सागर, सतना, उज्जैन और आसपास के इलाकों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। पिछले दिनों प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाएं दर्ज की गई थीं, जिससे तापमान में गिरावट और मौसम में बदलाव देखने को मिला था।

    दक्षिण भारत में मानसून की गतिविधियां तेज हो रही हैं। केरल और कर्नाटक में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने बाढ़ और जलभराव की आशंका को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

    पूर्वोत्तर भारत में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और आसपास के राज्यों में व्यापक वर्षा के संकेत हैं। वहीं उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में बादलों की आवाजाही के बावजूद उमस और गर्मी का असर महसूस किया जा सकता है।

    मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की प्रगति के साथ आने वाले दिनों में देश के अधिक हिस्सों में वर्षा गतिविधियां बढ़ेंगी। हालांकि कुछ क्षेत्रों में अभी भी गर्म और शुष्क हवाओं का प्रभाव बना रह सकता है। ऐसे में नागरिकों को मौसम विभाग की चेतावनियों और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की आवश्यकता है।

    कुल मिलाकर 9 जून का दिन मौसम के लिहाज से काफी सक्रिय रहने वाला है। कहीं बारिश राहत देगी तो कहीं तेज हवाएं और बिजली गिरने का खतरा चुनौती बन सकता है। इसलिए घर से निकलने से पहले मौसम की ताजा जानकारी जरूर लें और आवश्यक सावधानी बरतें।

  • शाजापुर में अगले 3 घंटे में आंधी-बारिश के आसार, उमस से लोग परेशान; 12 जून के बाद फिर बदलेगा मौसम

    शाजापुर में अगले 3 घंटे में आंधी-बारिश के आसार, उमस से लोग परेशान; 12 जून के बाद फिर बदलेगा मौसम


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले में मौसम एक बार फिर करवट लेने को तैयार है। पिछले कुछ दिनों से शाम के समय हो रही हल्की बारिश के बाद अब दिन के समय तेज गर्मी और उमस ने लोगों को परेशान कर दिया है।

    सोमवार सुबह से ही तेज धूप और नमी के कारण वातावरण भारी महसूस हुआ, जिससे आमजन को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा। मौसम में हल्की गिरावट के बावजूद गर्मी का असर लगातार बना हुआ है।

    मौसम विभाग के अनुसार, जिले में अधिकतम तापमान 37.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। साथ ही करीब 52 प्रतिशत आर्द्रता के कारण उमस का प्रभाव और बढ़ गया है। पश्चिमी-उत्तर पश्चिमी दिशा से लगभग 12 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं।

    विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगले तीन घंटों के भीतर शाजापुर में आंधी, गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। इसके चलते लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

    मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मंगलवार से प्री-मानसून गतिविधियों में थोड़ी कमी आ सकती है, जिससे बारिश की तीव्रता घट सकती है। हालांकि शाम के समय कुछ स्थानों पर हल्की गरज-चमक की स्थिति बनी रह सकती है।

    वहीं, अनुमान लगाया गया है कि 12 जून के बाद जिले में मौसम एक बार फिर सक्रिय होगा और बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। इससे आने वाले दिनों में तापमान में गिरावट और मौसम में बदलाव की संभावना है।

  • मंदसौर के फतेहगढ़ में फोरलेन पर स्क्रैप लदा वाहन पलटा, बड़ा हादसा टला

    मंदसौर के फतेहगढ़ में फोरलेन पर स्क्रैप लदा वाहन पलटा, बड़ा हादसा टला


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में सोमवार को एक सड़क हादसा उस समय हो गया जब स्क्रैप से भरा एक लोडिंग वाहन अचानक नियंत्रण खो बैठा और पलट गया। यह घटना फतेहगढ़ क्षेत्र में महू–नीमच फोरलेन हाईवे पर हुई।

    जानकारी के अनुसार, वाहन क्रमांक MP13 GA 3596 दलौदा से स्क्रैप सामग्री लेकर फतेहगढ़ स्थित टीएमटी फैक्ट्री की ओर जा रहा था। रास्ते में अचानक चालक का वाहन पर नियंत्रण बिगड़ गया, जिसके बाद लोडिंग वाहन सड़क पर पलट गया।

    वाहन में भारी मात्रा में स्क्रैप भरा होने के कारण पलटने के बाद सड़क पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी मच गई और यातायात प्रभावित हुआ।

    हादसे के समय चालक कालू वाहन में ही मौजूद था, जिसे इस दुर्घटना में मामूली चोटें आई हैं। स्थानीय लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर उसकी मदद की। राहत की बात यह रही कि चालक गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ और उसकी जान बच गई।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का निरीक्षण किया। इसके बाद क्रेन की मदद से पलटे हुए वाहन को हटाया गया और सड़क किनारे सुरक्षित स्थान पर खड़ा कराया गया, जिससे हाईवे पर यातायात सामान्य हो सका।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि हादसे के समय आसपास कोई अन्य वाहन मौजूद नहीं था, वरना स्थिति और गंभीर हो सकती थी। गनीमत रही कि इस घटना में किसी अन्य व्यक्ति को नुकसान नहीं पहुंचा।

    बताया जा रहा है कि वाहन वसीम नामक व्यक्ति का है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और प्रारंभिक तौर पर चालक का नियंत्रण खोना ही हादसे का कारण माना जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारणों की जांच जारी है।