Category: Madhya Pradesh

  • कम खर्च, बड़ा असर,पचमढ़ी में सफाई की नई क्रांति: अब एक हाई-टेक गाड़ी करेगी 20 मजदूरों का काम

    कम खर्च, बड़ा असर,पचमढ़ी में सफाई की नई क्रांति: अब एक हाई-टेक गाड़ी करेगी 20 मजदूरों का काम

    मध्यप्रदेश/नर्मदापुरम  के पचमढ़ी में स्वच्छता को लेकर एक ऐसा बदलाव शुरू हुआ है, जिसने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में काम करने के तरीके को ही बदल दिया है। पहाड़ों और संकरे रास्तों के बीच जहां कचरा प्रबंधन लंबे समय से एक बड़ी चुनौती बना हुआ था, वहीं अब एक नई तकनीकी पहल ने इस समस्या का प्रभावी समाधान पेश किया है।

    यह बदलाव एक विशेष रूप से तैयार की गई 4×4 कचरा गाड़ी के जरिए संभव हुआ है। इस गाड़ी को ऐसे इलाकों के लिए डिजाइन किया गया है, जहां सामान्य वाहन पहुंचने में असमर्थ रहते हैं। पचमढ़ी के ऊंचे-नीचे रास्ते, पथरीली जमीन और संकरी गलियां अब इस गाड़ी के लिए बाधा नहीं रहीं। यह वाहन उन स्थानों तक आसानी से पहुंच जाता है, जहां पहले सफाई करना बेहद कठिन होता था।

    इस गाड़ी की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता इसका हाइड्रोलिक सिस्टम है। इसकी मदद से कचरे को उठाना और खाली करना बेहद आसान हो गया है। पहले जहां सफाई कर्मियों को भारी मात्रा में कचरा अपने हाथों से उठाकर दूर तक ले जाना पड़ता था, वहीं अब यह प्रक्रिया काफी हद तक मशीन पर निर्भर हो गई है। इससे न केवल समय की बचत हो रही है, बल्कि श्रमिकों को शारीरिक मेहनत से भी राहत मिल रही है।

    पचमढ़ी जैसे पर्यटन और धार्मिक महत्व वाले स्थान पर बड़े आयोजनों के दौरान सफाई एक गंभीर चुनौती बन जाती थी। नागद्वारी जैसे मेलों में हजारों लोग जुटते हैं, जिससे भारी मात्रा में कचरा इकट्ठा हो जाता है। पहले सफाई कर्मियों को कई किलोमीटर दूर से कचरा ढोकर लाना पड़ता था, जो बेहद कठिन और समय लेने वाला काम था। लेकिन अब यह नई गाड़ी एक ही चक्कर में बड़ी मात्रा में कचरा उठाकर ले जाने में सक्षम है।

    बताया जा रहा है कि यह गाड़ी अकेले ही 15 से 20 लोगों के काम के बराबर कार्य कर सकती है। इससे सफाई व्यवस्था में तेजी आई है और काम अधिक व्यवस्थित तरीके से होने लगा है। सबसे अहम बात यह है कि इससे सफाई कर्मियों का बोझ काफी कम हो गया है, जिससे उनकी कार्यक्षमता भी बढ़ी है।

    इस पहल की एक और खासियत इसकी लागत है। सीमित बजट में तैयार की गई यह गाड़ी यह दर्शाती है कि बड़े बदलाव के लिए हमेशा बड़े संसाधनों की जरूरत नहीं होती। सही योजना और नवाचार के जरिए कम लागत में भी प्रभावी समाधान निकाले जा सकते हैं।

    अब पचमढ़ी में यह गाड़ी केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि एक मॉडल बन गई है, जिसे अन्य दुर्गम क्षेत्रों में भी अपनाया जा सकता है। यह पहल दिखाती है कि तकनीक का सही उपयोग न केवल समस्याओं को हल कर सकता है, बल्कि काम करने के तरीके को भी पूरी तरह बदल सकता है।

    इस तरह पचमढ़ी ने यह साबित कर दिया है कि इच्छाशक्ति और नवाचार के साथ किसी भी चुनौती को अवसर में बदला जा सकता है, और स्वच्छता जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में भी नई दिशा दी जा सकती है।

  • नरसिंहपुर में रहस्य गहराया, छोटे भाई के खेत में मिला बड़े भाई का शव, हत्या की आशंका से हड़कंप

    नरसिंहपुर में रहस्य गहराया, छोटे भाई के खेत में मिला बड़े भाई का शव, हत्या की आशंका से हड़कंप

    मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले के करेली थाना क्षेत्र के खैरुआ गांव में एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। गांव के एक किसान का शव उसके ही छोटे भाई के खेत से मिलने के बाद मामला गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। मृतक की पहचान 45 वर्षीय नरेंद्र पटेल के रूप में की गई है।

    घटना की जानकारी मिलते ही गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लोग बड़ी संख्या में घटनास्थल पर पहुंचने लगे और देखते ही देखते वहां भीड़ जमा हो गई। शुरुआती जांच में यह मामला एक दुर्घटना जैसा प्रतीत हुआ, लेकिन जैसे ही परिजनों ने सवाल उठाने शुरू किए, स्थिति संदिग्ध हो गई।

    परिजनों का कहना है कि यह मौत केवल एक हादसा नहीं हो सकती। उनका आरोप है कि नरेंद्र पटेल की मौत किसी अन्य स्थान पर हुई है और बाद में उनके शव को जानबूझकर खेत में लाकर रखा गया, ताकि इसे सामान्य दुर्घटना का रूप दिया जा सके। परिवार का यह भी दावा है कि क्षेत्र में जंगली जानवरों से फसल की सुरक्षा के लिए कई जगहों पर बिजली का करंट लगाया जाता है और संभव है कि इसी वजह से यह घटना हुई हो।

    हालांकि परिजन इस बात को स्वीकार नहीं कर रहे कि यह केवल एक लापरवाही का परिणाम है। उनका मानना है कि शव को खेत में मौजूद ट्रांसफार्मर के पास रखा गया, ताकि घटना को बिजली हादसे के रूप में दिखाया जा सके और असली कारण छिपाया जा सके। इसी आधार पर परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

    दूसरी ओर पुलिस ने प्रारंभिक जांच के आधार पर इसे करंट लगने से हुई दुर्घटनात्मक मौत बताया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटनास्थल की स्थिति और शुरुआती साक्ष्यों को देखते हुए यह मामला फिलहाल एक हादसा प्रतीत होता है, लेकिन किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

    पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि खेत में बिजली की व्यवस्था कैसे की गई थी और क्या इसमें किसी प्रकार की लापरवाही या नियमों का उल्लंघन हुआ है।

    इस घटना के बाद गांव में तनाव और चर्चाओं का माहौल बना हुआ है। लोग अलग-अलग तरह की बातें कर रहे हैं और हर कोई यह जानने की कोशिश में है कि यह वास्तव में एक दुखद हादसा था या इसके पीछे कोई गहरी साजिश छिपी हुई है।

    फिलहाल पुलिस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए हर संभावित पहलू की जांच कर रही है। यह मामला अब केवल एक सामान्य मौत नहीं रहा, बल्कि एक ऐसा रहस्य बन गया है जिसका सच सामने आना बाकी है और जिस पर पूरे गांव की नजर टिकी हुई है।

  • ट्रैक्टर ठगी का बड़ा खुलासा, किसानों को लालच देकर वाहन हड़पने वाला आरोपी गिरफ्तार

    ट्रैक्टर ठगी का बड़ा खुलासा, किसानों को लालच देकर वाहन हड़पने वाला आरोपी गिरफ्तार

    मध्य प्रदेश /उज्जैन जिले में किसानों के साथ ट्रैक्टरों की ठगी करने वाले एक शातिर व्यक्ति को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला लंबे समय से इलाके में चिंता का विषय बना हुआ था, जहां आरोपी लगातार किसानों को निशाना बनाकर उनके ट्रैक्टर हड़प रहा था। उसकी गिरफ्तारी के बाद इस पूरे नेटवर्क को लेकर कई अहम जानकारियां सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

    आरोपी किसानों को यह विश्वास दिलाता था कि उनके ट्रैक्टर को वह अधिक किराए पर चलवाएगा, जिससे उन्हें अच्छा मुनाफा मिलेगा। इसी लालच में आकर किसान अपने ट्रैक्टर उसे सौंप देते थे। शुरुआत में सब कुछ सामान्य लगता था, लेकिन बाद में न तो उन्हें तय किया गया किराया मिलता था और न ही उनका वाहन वापस किया जाता था।

    जांच में सामने आया है कि आरोपी ट्रैक्टरों को एक जगह से दूसरी जगह ले जाकर या तो बेच देता था या फिर उन्हें गिरवी रखकर पैसे हासिल करता था। इस तरह वह कई किसानों को आर्थिक नुकसान पहुंचा चुका था। सबसे बड़ी समस्या यह थी कि वह अपनी पहचान छिपाने के लिए बार-बार अपने मोबाइल नंबर और ठिकाने बदलता रहता था, जिससे उसे पकड़ना बेहद मुश्किल हो गया था।

    पीड़ित किसानों की शिकायतों के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। इसके बाद तकनीकी जानकारी और स्थानीय स्तर पर मिली सूचनाओं के आधार पर आरोपी की तलाश तेज की गई। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस को सफलता मिली और आरोपी को पकड़ लिया गया।

    गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस अब उससे गहन पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस धोखाधड़ी में और कौन लोग शामिल हैं और उसने अब तक कितने लोगों को निशाना बनाया है।

    पुलिस को शक है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं हो सकता और इसके पीछे कोई संगठित तरीका भी हो सकता है। इसी वजह से पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है और अन्य संभावित आरोपियों की तलाश भी की जा रही है।

    इस घटना के बाद अधिकारियों ने किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्हें बताया गया है कि किसी भी प्रकार के अनजान व्यक्ति या आकर्षक ऑफर पर बिना जांच-पड़ताल किए अपने उपकरण या वाहन न सौंपें।

  • मध्यप्रदेश के कटनी में दावा: जमीन से प्रकट हुई हनुमान प्रतिमा, पूरे इलाके में भक्ति का माहौल

    मध्यप्रदेश के कटनी में दावा: जमीन से प्रकट हुई हनुमान प्रतिमा, पूरे इलाके में भक्ति का माहौल

    मध्य प्रदेश /कटनी जिले के बहोरीबंद क्षेत्र में इन दिनों एक ऐसी घटना की चर्चा है, जिसने पूरे इलाके को आस्था और आश्चर्य के माहौल में बदल दिया है। रूपनाथ क्षेत्र के पास एक खेत में खुदाई के दौरान कथित तौर पर पवनपुत्र हनुमान की एक प्रतिमा मिलने का दावा सामने आया है। जैसे ही यह बात फैली, आसपास के गांवों में हलचल मच गई और लोग बड़ी संख्या में उस स्थान की ओर पहुंचने लगे।

    यह घटना उस समय हुई जब ग्राम सजहरी मोहनिया के कुछ किसान अपने खेत में सामान्य खुदाई का कार्य कर रहे थे। बताया जाता है कि मिट्टी हटाने के दौरान अचानक जमीन के भीतर एक पत्थरनुमा आकृति दिखाई दी। धीरे-धीरे जब खुदाई आगे बढ़ी, तो वहां मौजूद लोगों के अनुसार एक प्रतिमा जैसी संरचना स्पष्ट होने लगी, जिसे उन्होंने बजरंगबली की मूर्ति बताया।

    यह स्थान पहले से ही धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि यहां एक गऊ समाधि भी स्थित है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में पहले से ही श्रद्धा और आस्था का वातावरण रहा है, लेकिन इस घटना के बाद इसकी धार्मिक मान्यता और भी गहरी हो गई है। ग्रामीण इसे एक सामान्य घटना नहीं बल्कि आस्था से जुड़ा एक विशेष संकेत मान रहे हैं।

    जैसे ही यह खबर आसपास के गांवों तक पहुंची, लोग बिना देर किए उस स्थान पर पहुंचने लगे। कुछ ही घंटों में वहां श्रद्धालुओं की भीड़ जमा हो गई। लोग प्रतिमा के दर्शन कर पूजा-अर्चना करने लगे और पूरा वातावरण भक्ति भाव से भर गया। कई जगहों पर जयकारों की गूंज सुनाई देने लगी और माहौल पूरी तरह धार्मिक ऊर्जा से भर गया।

    स्थानीय लोगों ने इस घटना को लेकर अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि जब उन्होंने खुद मिट्टी हटाई, तो उन्हें पहले समझ नहीं आया कि यह क्या है, लेकिन जैसे-जैसे प्रतिमा सामने आती गई, सभी लोग आश्चर्य में पड़ गए। कई ग्रामीणों ने इसे अपने जीवन का एक अनोखा अनुभव बताया और इसे ईश्वर की कृपा से जोड़कर देखा।

    हालांकि इस पूरे मामले को लेकर अभी तक किसी आधिकारिक स्तर पर कोई पुष्टि नहीं की गई है। न ही यह स्पष्ट हो पाया है कि यह प्रतिमा कितनी पुरानी है या इसका ऐतिहासिक महत्व क्या हो सकता है। इसके बावजूद लोगों की आस्था लगातार बढ़ती जा रही है और श्रद्धालु दूर-दूर से दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।

    यह स्थान अब केवल एक खेत नहीं रह गया है, बल्कि आस्था और उत्सुकता का केंद्र बन चुका है। कोई इसे चमत्कार मान रहा है, तो कोई इसे पुरातात्विक जांच का विषय बता रहा है। लेकिन फिलहाल वहां का माहौल पूरी तरह श्रद्धा, विश्वास और भावनाओं से भरा हुआ है।

    कटनी की यह घटना एक बार फिर यह दिखाती है कि ग्रामीण भारत में आस्था कितनी गहराई से लोगों के जीवन से जुड़ी हुई है, जहां एक छोटी सी घटना भी पूरे समाज के लिए बड़े धार्मिक अनुभव में बदल जाती है।

  • एमपी में आज 21 जिलों में आंधी-बारिश और ओलों की चेतावनी, 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

    एमपी में आज 21 जिलों में आंधी-बारिश और ओलों की चेतावनी, 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

    भोपाल। मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच पिछले दो दिनों से प्रदेश के आधे से अधिक जिले आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की चपेट में हैं। मौसम विभाग ने शनिवार को ग्वालियर सहित 21 जिलों में बारिश और तेज आंधी की चेतावनी जारी की है। इस दौरान 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।

    पिछले दो दिनों में प्रदेश के करीब 35 जिलों में कहीं न कहीं बारिश, आंधी या ओले गिर चुके हैं, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। शुक्रवार को भी कई जिलों में मौसम खराब रहा। आज जिन जिलों में मौसम का असर देखने को मिल सकता है, उनमें ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, जबलपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, अनूपपुर, गुना, अशोकनगर, नीमच और मंदसौर शामिल हैं।

    वहीं दूसरी ओर भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, रतलाम, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, कटनी, उमरिया, शहडोल, रीवा, मऊगंज, सीधी, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा और सिंगरौली में गर्मी का असर बना रहेगा। हालांकि कुछ इलाकों में दोपहर बाद मौसम बदल सकता है, खासकर भोपाल, नर्मदापुरम, रीवा और शहडोल संभाग में।

    शुक्रवार को जबलपुर और दमोह में बारिश दर्ज की गई। वहीं खंडवा प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां तापमान 43.1 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। नरसिंहपुर में 42.2 डिग्री, रतलाम में 41.2 डिग्री, टीकमगढ़ में 41 डिग्री, बैतूल में 40.8 डिग्री, गुना में 40.4 डिग्री, जबकि शाजापुर, दमोह और सागर में 40.2 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। श्योपुर में पारा 40 डिग्री दर्ज हुआ। अगर बड़े शहरों की बात करें तो उज्जैन में तापमान 40.5 डिग्री के साथ सबसे अधिक रहा। भोपाल में 39.8 डिग्री, इंदौर में 39.4 डिग्री, ग्वालियर में 37.4 डिग्री और जबलपुर में 38 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    आमतौर पर मई महीने की शुरुआत तेज गर्मी के साथ होती है, लेकिन इस बार मौसम का रुख बदला हुआ है और महीने की शुरुआत आंधी-बारिश से हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, यह स्थिति 5 मई तक बनी रह सकती है। मौसम में इस बदलाव की वजह साइक्लोनिक सर्कुलेशन और हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ है। इन सिस्टम्स के चलते प्रदेश में आगे भी आंधी और बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

  • बरगी क्रूज़ हादसे के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, उच्च स्तरीय समिति करेगी जांच: मोहन यादव

    बरगी क्रूज़ हादसे के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, उच्च स्तरीय समिति करेगी जांच: मोहन यादव


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जबलपुर जिले के बरगी में हुए क्रूज़ दुर्घटना पर गहन शोक व्यक्त कर इसे दुर्भाग्यपूर्ण और अत्यंत पीड़ादायक बताया। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में राज्य सरकार प्रत्येक पीड़ित परिवार के साथ है। दुर्घटना के दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जायेगा। पीड़ित परिवारों की सरकार हरसंभव सहायता करने के लिये प्रतिबद्ध है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुर्घटना में लापरवाही करने वाले दोषियों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की गई है। क्रूज पायलट महेश पटेल, हेल्पर छोटेलाल गोंड और टिकट काउंटर प्रभारी बृजेन्द्र की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है। होटल मैकल रिसार्ट और मैनेजर बोट क्लब बरगी सुनील मरावी को लापरवाही के लिये निलंबित कर दिया गया है। साथ ही रीजनल मैनेजर संजय मल्होत्र को मुख्यालय अटैच कर विभागीय जांच संस्थित कर दी गई है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को जबलपुर के बरगी में घटनास्थल का मौका मुआयना करने और पीड़ित परिवारों से मिलने के बाद स्थानीय मीडिया को संबोधित करते हुए यह बातें कही। उन्होंने व्यथित मन से कहा कि जिन परिजनों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उसकी भरपाई संभव नहीं है। कठिन समय में पीड़ितों के परिजन खुद को कतई अकेला न समझें। सरकार की ओर से सहायता राशि दी जा रही है। शासन-प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधि दु:ख की इस घड़ी उनके साथ हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुर्घटना के हर पहलू की गहनता से जांच के लिये उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की जा रही है। समिति में महानिदेशक होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा, सचिव मध्य प्रदेश शासन, आयुक्त जबलपुर संभाग शामिल किए गए हैं। यह समिति तीन बिंदुओं पर दुर्घटना की बारीकी से जांच करेगी, जिसमें दुर्घटना के कारण, क्रूज संचालन के नियम सहित अन्य जरूरी जानकारियां भी जुटाई जाएंगी। जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी, जिससे कि भविष्य में इस तरह की दु:खद घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह की दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पर्यटन विभाग के माध्यम से क्रूज संचालन से जुड़ी एसओपी तैयार की जाएगी।

    बचाव दल के सभी बहादुरों को सम्मानित करेगी राज्य सरकार

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राहत और बचाव कार्य में जुटे श्रमिकों को प्रोत्साहन स्वरूप 51-51 हजार रुपये की पुरस्कार राशि देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बचाव दल के सभी बहादुरों को राज्य सरकार सार्वजनिक रूप से सम्मानित करेगी। रेस्क्यू टीम की जीवटता और कर्मठता से ज्यादा से ज्यादा लोगों को जीवित बचाया जा सका है। उन्होंने कहा कि रेस्क्यू ऑपरेशन अभी खत्म नहीं हुआ है। क्रूज बोट को खींचकर किनारे पर लाया गया है। कुछ लोग अभी लापता हैं, जिनकी हरसंभव तरीकों से तेजी से तलाश की जा रही है। जल्द ही सभी को रेस्क्यू कर लिया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्रूज हादसे में पीड़ित परिवारों के निवास पहुंचकर शोक संवेदनाएं व्यक्त की।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुर्घटना के बारे में बताया कि जबलपुर के बरगी डैम में गुरुवार की शाम हुए दु:खद हादसे में 9 लोगों की असमय मृत्यु हो गई। रेस्क्यू टीम ने तत्परता से कार्रवाई कर 28 लोगों को सुरक्षित बचा लिया है। उन्होंने कहा कि हादसे से पूरा प्रदेश स्तब्ध है। क्रूज हादसे के दौरान डैम के पास जल जीवन मिशन का कार्य चल रहा था, जिससे तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू हो पाया। सूचना मिलते ही लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, संस्कृति एवं पर्यटन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी और जबलपुर सांसद आशीष दुबे तत्काल घटनास्थल पर पहुंच गए थे। साथ ही एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने तत्परता से यहां राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। उप-मुख्यमंत्री और जबलपुर जिले के प्रभारी जगदीश देवड़ा भी लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन में भारतीय सेना के गोताखोरों की भी मदद ली गई है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि क्रूज़ में 4 से 5 घंटे तक पानी में फंसे रहे पीड़ित रियाज को रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित निकाल लिया। पीड़ित रियाज को शायद उम्मीद भी नहीं थी कि वे जिंदा रह पाएंगे, लेकिन रेस्क्यू टीम के अथक परिश्रम से आज वे हमारे साथ हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि उन्होंने पीड़ित रियाज सहित अन्य पीड़ितों और मृतकों के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मुश्किल दौर में राज्य सरकार सभी परिवारों के साथ है। हमारी संवेदनाएं सभी के साथ हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने क्रूज दुर्घटना में जान गंवाने वालों के निकटतम परिजन को दो-दो लाख रुपये और राज्य सरकार ने चार-चार लाख रुपये आर्थिक सहायता देने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि हम सभी को मौसम विभाग द्वारा समय-समय दी जाने वाली सूचनाओं और चेतावनियों को पूरी गंभीरता के साथ अमल में लाना चाहिए। मौसम विभाग की चेतावनियां हमें सचेत करती हैं और ऐसी दुर्घटनाओं से बचाती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्रूज़ हादसे में दिन-रात काम करने वाले बचाव दल के सभी जवानों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, स्थानीयजनों और मीडिया बंधुओं के सहयोग की प्रशंसा की।

    गौरतलब है कि मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में गुरुवार शाम करीब 5 बजे पर्यटन विभाग का एक क्रूज अचानक आई तेज आंधी के चलते डूब गया। शुक्रवार शाम तक चले राहत एवं बचाव अभियान के दौरान नौ लोगं के शव बरामद किए गए हैं, जबकि 28 लोगों को बचा लिया गया है। तीन बच्चों सहित चार लोग लापता हैं, जिनका खबर लिखे जाने तक पता नहीं चल सका। रेस्क्यू के दौरान वहां तेज बारिश भी होने लगी। इसके बाद सर्चिंग रोक दी गई है। शनिवार सुबह 5 बजे से एक बार फिर सर्चिंग की जाएगी।

    बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त क्रूज में 45 से अधिक पर्यटक मौजूद थे। टिकट सिर्फ 29 लोगों की कटी थी। हादसा किनारे से करीब 300 मीटर दूर हुआ, जिस समय क्रूज डूबा, उस वक्त हवा की रफ्तार 74 किलोमीटर प्रतिघंटा थी। बरगी सिटी सीएसपी अंजुल मिश्रा के मुताबिक, एसडीआरएफ ने कई लोगों को बचाया, लेकिन अंधेरा और खराब मौसम से राहत कार्य प्रभावित हुआ। हादसे में मरीना मैसी और उनके चार साल के बेटे त्रिशान की भी मौत हो गई। बचाव दल को शुक्रवार को दोनों के शव मिले। मां ने अपनी ही लाइफ जैकेट के भीतर अपने कलेजे के टुकड़े को समेट लिया था। उसने बच्चे को अपने सीने से इतनी मजबूती से चिपकाया था कि काल का क्रूर झोंका भी उन्हें अलग नहीं कर सका। रेस्क्यू टीम ने जब उन्हें बाहर निकाला, तो दोनों के शव एक-दूसरे को बाहों में जकड़े हुए थे। यह परिवार दिल्ली से घूमने आया था। पिता प्रदीप मैसी और बेटी सिया किसी तरह अपनी जान बचाने में कामयाब रहे।

    बरगी सिटी सीएसपी अंजुल मिश्रा के अनुसार, हादसे में जिन नौ लोगों के शव मिले हैं, उनके एक बच्चा और आठ महिलाएं शामिल हैं। मृतकों की पहचान नीतू सोनी (43), निवासी कोतवाली, जबलपुर, सौभाग्यम अलागन (42), निवासी अन्नानगर, वेस्ट तारापुरम, तमिलनाडु, मधुर मैसी (62), निवासी खाजन बस्ती, नई दिल्ली, काकुलाझी (38) पत्नी कामराज, निवासी वेस्ट लैंड खमरिया, जबलपुर, रेशमा सैयद (66), निवासी सिविल लाइन, भसीन आर्केड, जैक्सन होटल के पास, शमीम नकवी (68), निवासी डेरखी, भोपाल, मरीना मैसी (39) पत्नी प्रदीप मैसी निवासी दिल्ली, त्रिशान (4 वर्ष) पुत्र प्रदीप मैसी निवासी दिल्ली और ज्योति सेन, निवासी फूटाताल,घमापुर के आगे, जबलपुर के रूप में हुई है।

    वहीं, तीन बच्चे समेत 4 लोग अब भी लापता हैं, इनमें श्रीतमिल (5 वर्ष) पुत्र कामराज, कामराज पुत्र श्रीरामालिंगम, विराज सोनी (6 वर्ष) पुत्र कृष्णा सोनी और मयूरम (9 वर्ष) पुत्र परिमल शामिल हैं।

  • MP: मऊगंज में अश्लील वीडियो बनाकर पूर्व जनपद उपाध्यक्ष से मांगे 5 लाख…आरोपी दंपति गिरफ्तार

    MP: मऊगंज में अश्लील वीडियो बनाकर पूर्व जनपद उपाध्यक्ष से मांगे 5 लाख…आरोपी दंपति गिरफ्तार


    मऊगंज।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मऊगंज जिले (Mauganj district) में पूर्व जनपद उपाध्यक्ष विनोद मिश्रा का अश्लील वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल (Blackmail) करने वाले पति और पत्नी को पुलिस ने ओडिशा (Odisha) से गिरफ्तार कर लिया है। पीड़ित की शिकायत के बाद पुलिस हनी ट्रैप का मामला दर्ज करते हुए साइबर सेल की मदद से उनके ठिकाने तक पहुंची, और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। महिला और उसका पति मऊगंज में रेस्टोरेंट और कैफे चलाते थे। यहां पर उन्होंने पूर्व जनपद उपाध्यक्ष को अपना शिकार बनाया था, फिर उन्हें ब्लैकमेल कर 5 लाख रुपए की मांग कर रहे थे।

    आरोपी रुची और उसका पति मऊगंज में रुचि रेस्टोरेंट और कैफे चलाते थे। पुलिस के मुताबिक पूर्व जनपद उपाध्यक्ष विनोद मिश्रा को, पहले चाय पर बुलाकर नशीला चीज पिलाई गई, और फिर स्पाई कैमरे से अश्लील वीडियो रिकॉर्ड कर लिया गया। उसके बाद उन्हें ब्लैकमेल किया जाने लगा, और उनसे 5 लाख रुपए की मांग की गई। जब उन्होंने पैसे नहीं दिए तो वीडियो सोशल मीडिया में वायरल कर दिया गया।

    हनीट्रैप का केस
    मामला सामने आने के बाद पुलिस ने हनी ट्रैप का मामला दर्ज कर लिया। वीडियो वायरल होने के बाद मामले को तूल पकड़ता देख दोनों पति पत्नी, मऊगंज से फरार हो गए थे। पुलिस से बचने के लिए दोनों अपने ठिकाने बदल रहे थे। पुलिस साइबर सेल की मदद से दोनों आरोपियों को, ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले से गिरफ्तार कर मऊगंज ले आई है।

    गिरफ्तारी के बाद आरोपियों के मोबाइल से शुरुआती जांच में कई चैट के साथ फोटो और वीडियो भी मिले हैं। पुलिस अब इस पूरे मामले की गहराई से जांच में जुटी हुई है, और दोनों से पूछताछ कर पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस तरह से और कितने लोगों को इन्होंने अपना शिकार बनाया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया है, जहां से उनकी रिमांड लेने का पुलिस प्रयास कर रही है, जिससे आरोपियों से अच्छे से पूछताछ हो सके।

  • सीहोर के बाबरी घाट पर जान जोखिम में: ओवरलोड नावों में ट्रैक्टर-कार तक ढोए जा रहे, सुरक्षा नियमों की अनदेखी

    सीहोर के बाबरी घाट पर जान जोखिम में: ओवरलोड नावों में ट्रैक्टर-कार तक ढोए जा रहे, सुरक्षा नियमों की अनदेखी


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के बाबरी घाट पर नाव संचालन में गंभीर लापरवाही सामने आई है, जहां सुरक्षा नियमों को दरकिनार कर ओवरलोड नावों में यात्रियों के साथ-साथ ट्रैक्टर, कार और मोटरसाइकिल तक को नदी पार कराया जा रहा है।
    स्थानीय लोगों के अनुसार नावों में तय क्षमता से कई गुना अधिक यात्री बैठाए जा रहे हैं, लेकिन न तो लाइफ जैकेट उपलब्ध हैं और न ही आपात स्थिति के लिए कोई गोताखोर तैनात हैं। इससे हादसे की आशंका लगातार बनी हुई है।
    हाल ही में जबलपुर के बरगी डैम क्रूज हादसे के बाद भी यहां हालात में कोई सुधार नहीं देखा गया है। नियमों के मुताबिक मोटर चालित नावों में फायर एक्सटिंगुइशर, चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा उपकरण अनिवार्य हैं, लेकिन बाबरी घाट पर ये सभी व्यवस्थाएं नदारद हैं।
    नाव यात्री राजीव पटेल ने बताया कि ओवरलोड नावों में यात्रा करना बेहद जोखिम भरा है, लेकिन मजबूरी में लोगों को ऐसा करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ठेकेदार की मनमानी और प्रशासनिक ढिलाई के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
    स्थिति को देखते हुए भेरुंदा एसडीएम सुधीर कुशवाह ने घाट का निरीक्षण किया और ठेकेदार को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी यात्रियों के लिए लाइफ जैकेट अनिवार्य होंगे और नावों की नियमित तकनीकी जांच की जाएगी। केवल प्रशिक्षित नाविकों को ही संचालन की अनुमति दी जाएगी।
    एसडीएम ने यह भी निर्देश दिए कि घाट पर चेतावनी संकेतक, सुरक्षा बैरिकेडिंग और सूचना पट्ट लगाए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि नियमों का पालन नहीं किया गया तो संबंधित ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
  • बरगी डैम क्रूज हादसे पर बुरहानपुर में श्रद्धांजलि सभा: ताप्ती सेवा समिति ने जताया शोक, सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल

    बरगी डैम क्रूज हादसे पर बुरहानपुर में श्रद्धांजलि सभा: ताप्ती सेवा समिति ने जताया शोक, सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल


    नई दिल्ली।  मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में सामाजिक संगठनों ने जबलपुर के बरगी डैम क्रूज हादसे में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी। ताप्ती सेवा समिति ने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना सभा आयोजित की और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
    समिति के सदस्यों ने इस हादसे को व्यवस्थागत लापरवाही का परिणाम बताया। उनका कहना है कि दुर्घटना स्थल कोई दूरस्थ क्षेत्र नहीं था, इसके बावजूद समय पर पर्याप्त बचाव दल और संसाधन उपलब्ध नहीं हो सके, जिससे कई लोगों की जान बचाई जा सकती थी।
    श्रद्धांजलि सभा में उस दर्दनाक दृश्य का भी जिक्र किया गया, जिसमें एक मां अपने बच्चे को सीने से लगाए हुए मृत अवस्था में मिली थी। इस घटना ने सभी उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया।
    ताप्ती सेवा समिति ने जल पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा मानकों की गंभीरता से समीक्षा करने की मांग की है। सदस्यों ने सवाल उठाया कि क्या लाइफ जैकेट और आपातकालीन व्यवस्थाएं सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गई हैं, और आपात स्थिति में तुरंत सक्रिय होने वाली रेस्क्यू टीम क्यों मौजूद नहीं थी।
    समिति ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि सभी जल पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा नियमों को सख्ती से लागू किया जाए। हर क्रूज और नाव में पर्याप्त सुरक्षा उपकरण और प्रशिक्षित स्टाफ की अनिवार्यता होनी चाहिए।
    इसके साथ ही, उन्होंने यह भी मांग की कि आपात स्थिति के लिए त्वरित कार्रवाई करने वाली रेस्क्यू टीम और आधुनिक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। समिति ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
    इस अवसर पर कई सामाजिक कार्यकर्ता और समिति सदस्य मौजूद रहे, जिन्होंने हादसे को अत्यंत दुखद और चिंताजनक बताया।
  • MP में मौसम का बड़ा बदलाव: 21 जिलों में आंधी-बारिश और ओले का अलर्ट, 5 मई तक रहेगा असर

    MP में मौसम का बड़ा बदलाव: 21 जिलों में आंधी-बारिश और ओले का अलर्ट, 5 मई तक रहेगा असर


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच मौसम ने अचानक करवट ले ली है। राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी है। मौसम विभाग ने शनिवार को 21 जिलों में तेज हवाओं और बारिश का अलर्ट जारी किया है।

    भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार इन जिलों में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। साथ ही कुछ स्थानों पर ओले गिरने की भी संभावना जताई गई है। यह मौसम परिवर्तन 5 मई तक जारी रहने का अनुमान है।

    जिन जिलों में अलर्ट जारी किया गया है उनमें ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, जबलपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, अनूपपुर, गुना, अशोकनगर, नीमच और मंदसौर शामिल हैं।

    वहीं दूसरी ओर इंदौर, उज्जैन, सीहोर, विदिशा, रायसेन, धार, खंडवा, खरगोन, रतलाम, सागर, छिंदवाड़ा और अन्य जिलों में गर्मी का असर बना रहेगा, हालांकि कुछ स्थानों पर दोपहर बाद मौसम बदल सकता है।

    बीते दिनों भी प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम खराब रहा। जबलपुर और दमोह में बारिश दर्ज की गई, जबकि खंडवा में तापमान 43.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। कई जिलों में तापमान 40 डिग्री के आसपास बना रहा।

    मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह बदलाव साइक्लोनिक सर्कुलेशन और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण हो रहा है। इसके चलते नमी बढ़ रही है और आंधी-बारिश का दौर बना हुआ है।

    इस अचानक बदले मौसम का असर जनजीवन पर भी दिख रहा है। कई जगहों पर तापमान में गिरावट आई है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत तो मिली है, लेकिन तेज हवाओं और ओलावृष्टि से सतर्क रहने की सलाह दी गई है।