Category: Madhya Pradesh

  • भोपाल में शेफ की आत्महत्या सुसाइड नोट में लिखा कर्ज चुका दिया फिर भी रोज मांग रहे थे 10 हजार रुपये ब्याज

    भोपाल में शेफ की आत्महत्या सुसाइड नोट में लिखा कर्ज चुका दिया फिर भी रोज मांग रहे थे 10 हजार रुपये ब्याज


    मध्य प्रदेश। राजधानी भोपाल के रातीबड़ थाना क्षेत्र में कर्ज और कथित सूदखोरी से जुड़ा एक दर्दनाक मामला सामने आया है। कलियासोत डेम के पास तेरा शटर क्षेत्र में एक 37 वर्षीय शेफ का शव पेड़ से फंदे पर लटका मिला। मृतक की पहचान नीलबड़ स्थित बृजधाम कॉलोनी निवासी रामश्रवण पटेल के रूप में हुई है। वह कोलार रोड स्थित एक निजी बंगले में शेफ के तौर पर कार्यरत थे। घटना स्थल से उनकी बाइक और जेब से एक सुसाइड नोट मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है।

    परिजनों के अनुसार रामश्रवण मंगलवार दोपहर काम पर जाने की बात कहकर घर से निकले थे, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटे। बाद में कलियासोत क्षेत्र में उनका शव पेड़ से लटका मिला। सुसाइड नोट में लिखे मोबाइल नंबर के आधार पर पुलिस ने परिवार को सूचना दी। बुधवार सुबह पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी।

    मौके से मिले सुसाइड नोट में मृतक ने आरोप लगाया कि मकान निर्माण के लिए उसने एक व्यक्ति से लगभग 3.70 लाख रुपये उधार लिए थे। नोट के अनुसार उसने पूरी मूल राशि चुका दी थी, लेकिन इसके बावजूद उससे प्रतिदिन 10 हजार रुपये ब्याज की मांग की जा रही थी। मृतक ने यह भी लिखा कि एक निजी फाइनेंस कंपनी के रिकवरी एजेंट लगातार उस पर दबाव बना रहे थे, जिससे वह गहरे मानसिक तनाव में आ गया था।

    रामश्रवण के भाई अरुण पटेल ने बताया कि परिवार ने कर्ज चुकाने के लिए अपने गहने तक गिरवी रख दिए थे। इसके बावजूद वसूली करने वाले लगातार दबाव बना रहे थे। परिवार का कहना है कि पिछले कुछ समय से रामश्रवण बेहद तनाव में था और इसी कारण उसने यह कदम उठाया।

    परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि तीन दिन पहले रामश्रवण को चुनाभट्टी थाने बुलाया गया था, जहां उस पर कर्ज चुकाने का दबाव बनाया गया। हालांकि पुलिस ने इस आरोप से इनकार करते हुए कहा है कि फिलहाल ऐसी कोई आधिकारिक जानकारी उनके संज्ञान में नहीं है।

    रातीबड़ थाना प्रभारी रास बिहारी शर्मा के अनुसार शुरुआती जांच में आर्थिक दबाव और मानसिक तनाव की बात सामने आई है। उन्होंने बताया कि परिजनों ने यह भी जानकारी दी है कि चार दिन पहले रामश्रवण ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या का प्रयास किया था, लेकिन उस समय उसकी जान बच गई थी।

    पुलिस अब सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग का परीक्षण कराएगी। साथ ही मोबाइल कॉल डिटेल, वित्तीय लेन-देन और नोट में जिन लोगों का उल्लेख किया गया है, उनसे पूछताछ भी की जाएगी। जांच का एक अहम पहलू यह भी होगा कि कहीं कर्ज वसूली के नाम पर अवैध वसूली, धमकी या प्रताड़ना तो नहीं की गई।

    पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

  • मानसून सत्र में गरमाई सियासत कांग्रेस का वॉकआउट जैसा विरोध सदन 15 मिनट के लिए स्थगित

    मानसून सत्र में गरमाई सियासत कांग्रेस का वॉकआउट जैसा विरोध सदन 15 मिनट के लिए स्थगित


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र का तीसरा दिन राजनीतिक टकराव और तीखी बहसों के नाम रहा। दिल्ली में छात्रों के साथ हुई कथित मारपीट और कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी के मुद्दे को लेकर कांग्रेस विधायकों ने सदन में काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में विपक्ष ने इस मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग की, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने स्थगन प्रस्ताव के तहत इसकी अनुमति नहीं दी। इसके बाद सदन में जोरदार हंगामा हुआ और लगातार शोरगुल के चलते कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।

    कांग्रेस विधायकों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई और आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज को दबाया जा रहा है। विपक्ष ने यह भी कहा कि छात्रों के सम्मान और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सवालों पर सरकार जवाब देने से बच रही है। वहीं सत्ता पक्ष ने कांग्रेस के विरोध को केवल राजनीतिक प्रदर्शन और मीडिया में सुर्खियां बटोरने का प्रयास बताया।

    शून्यकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने दिल्ली में छात्रों के साथ हुई घटना का मुद्दा उठाते हुए कहा कि छात्रों का अपमान किया गया और उनके खिलाफ बल प्रयोग हुआ। उन्होंने इस विषय पर सदन में चर्चा कराने की मांग की। जवाब में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि यह मामला मध्य प्रदेश के अधिकार क्षेत्र से बाहर का है और विधानसभा के नियमों के अनुसार इस पर चर्चा नहीं कराई जा सकती। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष की ओर से सूचना निर्धारित समय के बाद दी गई थी।

    सदन में प्रश्नकाल के दौरान भी कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा गया। विधायकों ने ई-अटेंडेंस व्यवस्था, आदिवासियों की जमीन, किसानों के लंबित मुआवजे, केन-बेतवा परियोजना, भोपाल सिटी लिंक परियोजना पर लगाए गए जुर्माने, वसीयत के आधार पर नामांतरण और चंबल सूक्ष्म सिंचाई परियोजना जैसे विषयों पर सरकार को घेरा।

    शिवपुरी की चंबल सूक्ष्म सिंचाई परियोजना पर कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल ने 167 करोड़ रुपये की परियोजना में भ्रष्टाचार और किसानों तक पानी नहीं पहुंचने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि वर्षों बाद भी किसानों को परियोजना का लाभ नहीं मिला और उच्चस्तरीय जांच की मांग की। इसके जवाब में मंत्री कृष्णा गौर ने कहा कि परियोजना पूरी हो चुकी है और हजारों हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जहां भी तकनीकी खामियां होंगी, वहां जांच कराकर सुधार कराया जाएगा। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने भी परियोजना का निरीक्षण कर कमियों को दूर करने के निर्देश दिए।

    पेसा एक्ट और सोलर प्लांट के लिए भूमि अधिग्रहण का मुद्दा भी सदन में गूंजा। विधायक बाला बच्चन ने आरोप लगाया कि आदिवासी क्षेत्रों में ग्राम सभा की अनुमति के बिना किसानों को नोटिस दिए जा रहे हैं। हालांकि राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि किसी भी भूमि का अधिग्रहण नहीं किया गया है। विधानसभा अध्यक्ष ने स्पष्ट कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में भूमि से जुड़े मामलों में स्थानीय समुदाय के अधिकारों और सामूहिक हितों का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए।

    सत्र के दौरान भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (मध्य प्रदेश संशोधन) विधेयक को सदन ने पारित कर दिया। इसके बाद मध्य प्रदेश निजी विश्वविद्यालय स्थापना एवं संचालन (संशोधन) विधेयक पर चर्चा शुरू हुई। कांग्रेस विधायक महेश परमार ने निजी विश्वविद्यालयों के लिए 25 एकड़ भूमि की अनिवार्यता समाप्त किए जाने का विरोध करते हुए कहा कि इससे शिक्षा की गुणवत्ता और छात्रों के हित प्रभावित हो सकते हैं।

    मानसून सत्र के तीसरे दिन विधानसभा के भीतर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप, जनहित के मुद्दों पर बहस और विधायी कार्यवाही एक साथ देखने को मिली। आने वाले दिनों में भी किसानों, शिक्षा, आदिवासी अधिकारों और विकास परियोजनाओं से जुड़े मुद्दों पर सदन में तीखी बहस जारी रहने की संभावना है।

  • महिला आयोग की सुनवाई में भावुक कर देने वाला मामला बच्चों ने पिता पर लगाए अफेयर और घरेलू हिंसा के आरोप

    महिला आयोग की सुनवाई में भावुक कर देने वाला मामला बच्चों ने पिता पर लगाए अफेयर और घरेलू हिंसा के आरोप


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश राज्य महिला आयोग की जनसुनवाई में मंगलवार को एक ऐसा मामला सामने आया जिसने मौजूद सभी लोगों को भावुक कर दिया। दो नाबालिग बच्चे अपनी मां के लिए न्याय की गुहार लेकर आयोग पहुंचे और अपने ही पिता पर गंभीर आरोप लगाए। बच्चों का कहना था कि उनके पिता का पड़ोस में रहने वाली एक शादीशुदा महिला से पिछले चार वर्षों से संबंध है। इस रिश्ते का विरोध करने पर वह उनकी मां के साथ मारपीट करते हैं और कई बार उन्हें भी प्रताड़ित किया जाता है। लगातार घरेलू तनाव के कारण उनकी मां गहरे अवसाद में चली गई हैं और आत्महत्या का प्रयास भी कर चुकी हैं।

    बच्चों ने आयोग के सामने बताया कि इस मामले की शिकायत पहले भी पुलिस से की गई थी। उस समय उनके पिता ने शपथ पत्र देकर दोबारा ऐसा नहीं करने का भरोसा दिया था लेकिन इसके बावजूद उनका व्यवहार नहीं बदला। बच्चों का आरोप है कि संबंधित महिला के भी तीन बच्चे हैं और वह आंगनवाड़ी सहायिका के रूप में कार्यरत है। उन्होंने यह भी दावा किया कि उक्त महिला ने उनके पिता से आर्थिक मदद ली लेकिन अब तक राशि वापस नहीं की है।

    बच्चों ने आयोग से अपनी मां की सुरक्षा सुनिश्चित करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। आयोग ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए।

    इसी जनसुनवाई के दौरान एक अन्य पारिवारिक विवाद का सौहार्दपूर्ण समाधान भी हुआ। पति और पत्नी दोनों पक्ष आयोग के सामने उपस्थित हुए। समझाइश और बातचीत के बाद दोनों साथ रहने पर सहमत हो गए। महिला ने आगे किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई नहीं करने की इच्छा जताई जबकि पति ने भी परिवार में आपसी विश्वास और सम्मान के साथ जीवन बिताने का आश्वासन दिया।

    जनसुनवाई में एक औद्योगिक हादसे से जुड़ा मामला भी सामने आया। मंडीदीप स्थित एक फैक्ट्री के वेयरहाउस में गेहूं की बोरियों के नीचे दबने से एक कर्मचारी की मौत हो गई थी। मृतक की पत्नी ने आरोप लगाया कि हादसे के बाद अब तक उसे उचित मुआवजा नहीं मिला। सुनवाई के दौरान कंपनी का कोई प्रतिनिधि उपस्थित नहीं हुआ जिस पर महिला आयोग ने कड़ा रुख अपनाते हुए अगली सुनवाई में कंपनी के प्रतिनिधि की अनिवार्य उपस्थिति के निर्देश दिए।

    महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा यादव ने स्पष्ट कहा कि यदि अगली सुनवाई में भी कंपनी की ओर से कोई जिम्मेदार अधिकारी उपस्थित नहीं हुआ तो उसके खिलाफ वारंट जारी करने जैसी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए आयोग पूरी गंभीरता से काम करेगा।

    मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में घरेलू हिंसा कार्यस्थल पर प्रताड़ना पारिवारिक विवाद और मुआवजे से जुड़े कुल 18 मामलों पर सुनवाई की गई। आयोग की अध्यक्ष रेखा यादव सदस्य साधना स्थापक और सचिव सुरेश तोमर की मौजूदगी में दोनों पक्षों को सुनकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। आयोग ने दोहराया कि महिलाओं और पीड़ित परिवारों को समय पर न्याय दिलाना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

  • राहुल गांधी के विरोध में बीजेपी का प्रदर्शन विवादित तख्ती पर बढ़ा सियासी घमासान भोपाल में कांग्रेस भी करेगी पलटवार

    राहुल गांधी के विरोध में बीजेपी का प्रदर्शन विवादित तख्ती पर बढ़ा सियासी घमासान भोपाल में कांग्रेस भी करेगी पलटवार


    नई दिल्ली । दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं के प्रदर्शन के बाद मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भी राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। बुधवार को भारतीय जनता पार्टी के विधायक और कार्यकर्ता रेड क्रॉस चौराहे पर राहुल गांधी के प्रदर्शन के विरोध में एकत्र हुए और प्रदर्शन किया। इसी दौरान प्रदर्शन स्थल पर एक महिला कार्यकर्ता के हाथ में ऐसी तख्ती दिखाई दी जिस पर संविधान से जुड़ा विवादित संदेश लिखा था। पोस्टर सामने आते ही वहां मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं में हलचल मच गई।

    मौके पर मौजूद भाजपा नेताओं को जैसे ही तख्ती पर लिखे संदेश की जानकारी मिली उन्होंने तुरंत उसे हटाने का प्रयास किया। बताया गया कि पार्टी के प्रवक्ता ने स्थिति को संभालते हुए विवादित तख्ती को सार्वजनिक रूप से दिखाई देने से रोक दिया। हालांकि इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया तथा प्रदर्शन के दौरान मौजूद लोगों के बीच भी इस विषय को लेकर चर्चा शुरू हो गई।

    भारतीय जनता पार्टी का यह प्रदर्शन दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर राहुल गांधी और कांग्रेस नेताओं द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन के जवाब में आयोजित किया गया था। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन करने और राजनीतिक माहौल खराब करने का आरोप लगाया। प्रदर्शन के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए कांग्रेस के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।

    दूसरी ओर कांग्रेस ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी रणनीति तैयार कर ली है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार भोपाल के श्यामला हिल्स स्थित आदिवासी छात्रावास में छात्रों की गूंज अभियान के तहत प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। इस दौरान वे छात्रों से जुड़े मुद्दों के साथ दिल्ली में हुए घटनाक्रम पर कांग्रेस का आधिकारिक पक्ष सामने रखेंगे। कांग्रेस का कहना है कि छात्रों के हितों और लोकतांत्रिक अधिकारों के सवाल पर पार्टी लगातार आवाज उठाती रहेगी।

    समाजवादी पार्टी ने भी इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। प्रदेश अध्यक्ष डॉ मनोज यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाने की तैयारी की है। पार्टी का कहना है कि दिल्ली में विपक्षी नेताओं के साथ हुई कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं थी और इस विषय पर जनता के सामने अपना पक्ष रखा जाएगा।

    दिल्ली में हुए घटनाक्रम का असर अब प्रदेश की राजनीति पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। एक ओर भाजपा विरोध प्रदर्शन कर रही है तो दूसरी ओर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अपनी बात जनता तक पहुंचाने में जुटी हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मुद्दा मध्य प्रदेश की राजनीति में भी चर्चा का प्रमुख विषय बना रह सकता है।

    नोट: भाजपा प्रदर्शन के दौरान दिखाई देने वाली विवादित तख्ती को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दावे सामने आए हैं। इस मामले पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं और घटनाक्रम राजनीतिक विवाद का विषय बना हुआ है।

  • एमपी में आज 15 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी, अगले चार दिन तेज बारिश के आसार

    एमपी में आज 15 जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी, अगले चार दिन तेज बारिश के आसार


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। पिछले 36 घंटों से प्रदेश के 35 से अधिक जिलों में बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग (IMD) के भोपाल केंद्र के अनुसार, आगामी चार दिनों तक प्रदेश में तेज बारिश का दौर बना रहेगा। बुधवार को उज्जैन, धार, गुना समेत 15 जिलों के लिए भारी और अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। राजधानी भोपाल में भी रात से लगातार रिमझिम बारिश हो रही है।

    चार जिलों में ऑरेंज अलर्ट
    मौसम विभाग ने शिवपुरी, गुना, सागर और डिंडौरी में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान 4 से 8 इंच तक बारिश होने की संभावना है। वहीं श्योपुर, अशोकनगर, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, दमोह, नीमच, मंदसौर, उज्जैन, धार और बड़वानी में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

    इन जिलों में भी बारिश का दौर रहेगा जारी
    भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर और निवाड़ी में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है।

    बारिश बढ़ने से सुधरे आंकड़े
    लगातार हुई बारिश का असर प्रदेश के वर्षा आंकड़ों पर भी दिखाई दिया है। एक ही दिन की बारिश से प्रदेश का कुल वर्षा घाटा 3 प्रतिशत कम हो गया है। सोमवार तक जहां मध्य प्रदेश में सामान्य से 17 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई थी, वहीं मंगलवार को यह घटकर 14 प्रतिशत रह गई।

    मौसम विभाग के अनुसार, अब तक प्रदेश में 286.8 मिमी (11.3 इंच) वर्षा रिकॉर्ड की गई है, जबकि इस अवधि तक 335.3 मिमी (13.2 इंच) बारिश होनी चाहिए थी। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 18 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 11 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है।

    41 जिलों में अब भी सामान्य से कम बारिश
    प्रदेश के 41 जिलों में अब भी औसत से कम बारिश हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में निवाड़ी को छोड़कर लगभग सभी जिलों में वर्षा सामान्य से कम रही है। वहीं 14 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है।

    मौसम विशेषज्ञ ने क्या कहा
    मौसम विभाग के अनुसार, मध्य प्रदेश में मानसून फिलहाल सक्रिय अवस्था में है। यदि बंगाल की खाड़ी से नमी की आपूर्ति और मौजूदा मौसमीय तंत्र बने रहते हैं, तो प्रदेश के मध्य हिस्सों में आने वाले दिनों में भी अच्छी बारिश जारी रह सकती है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति जल संसाधनों और कृषि के लिए लाभदायक होगी, हालांकि शहरी क्षेत्रों में जलभराव और यातायात संबंधी परेशानियां बढ़ सकती हैं।

  • डीजीपी ने भारतीय पुलिस सेवा में नियुक्त अधिकारियों को लगाई रैंक

    डीजीपी ने भारतीय पुलिस सेवा में नियुक्त अधिकारियों को लगाई रैंक


    भोपाल
    । भारत सरकार, गृह मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार भारतीय पुलिस सेवा (चयन सूची-2025) के अंतर्गत मध्यप्रदेश राज्य पुलिस सेवा के सात अधिकारियों को भारतीय पुलिस सेवा (मध्यप्रदेश कैडर) में नियुक्त किया गया है। इसी क्रम में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने मंगलवार को पुलिस मुख्यालय, भोपाल में अधिकारियों को भारतीय पुलिस सेवा की रैंक लगाई।

    इस दौरान डीजीपी  कैलाश मकवाणा ने सभी अधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह उपलब्धि आपकी समर्पित एवं निष्ठापूर्ण सेवा का प्रतिफल है। प्रदेश में कानून एवं शांति व्यवस्था बरकरार रखने में आपने उत्कृष्ट कार्य किया है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि भविष्य में भी आप प्रदेश की प्रगति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने में अपनी नेतृत्व क्षमता का परिचय देंगे। आप अपनी कार्यप्रणाली एवं व्यवहार को ऐसा रखें कि वह अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए भी प्रेरणास्रोत बने।

    उन्होंने कहा कि समय पर योग्य अधिकारियों को अवसर प्रदान किया जाना सदैव सरकार की प्राथमिकता रही है, जिसका परिपालन करते हुए मध्यप्रदेश पुलिस के अधिकारियों को भारतीय पुलिस सेवा में नियुक्त किया गया है।

    डीजीपी  मकवाणा ने पुलिस मुख्यालय में  निमिषा पाण्डेय,  मलय जैन,  अमित सक्सेना, मनीषा पाठक सोनी, श्रीमती सुमन गुर्जर,  सब्यसाची सराफ तथा समर वर्मा को भारतीय पुलिस सेवा की रैंक लगाई।

    उल्लेखनीय है कि भारत सरकार, गृह मंत्रालय द्वारा दिनांक 17 जुलाई 2026 को जारी अधिसूचना के अनुसार भारतीय पुलिस सेवा (चयन सूची-2025) के इन अधिकारियों को भारतीय पुलिस सेवा में परिवीक्षा पर नियुक्त करते हुए मध्यप्रदेश कैडर आवंटित किया गया है। भारतीय पुलिस सेवा (परिवीक्षा) नियम, 1954 के प्रावधानों के अनुसार सभी अधिकारी एक वर्ष की परिवीक्षा अवधि पूर्ण करेंगे तथा निर्धारित इंडक्शन प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे।

  • यूसीसी महिलाओं और बेटियों को समाज में सुरक्षा और बराबरी का अधिकार दिलाएगा ; हेमंत खण्डेलवाल

    यूसीसी महिलाओं और बेटियों को समाज में सुरक्षा और बराबरी का अधिकार दिलाएगा ; हेमंत खण्डेलवाल


    भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने मध्यप्रदेश विधानसभा में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक पारित होने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को बधाई देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने यूसीसी लागू कर इतिहास रचा दिया है। भाजपा सरकार का यह निर्णय मध्यप्रदेश के इतिहास में सामाजिक न्याय, समानता और संवैधानिक मूल्यों को सशक्त बनाने वाला ऐतिहासिक अध्याय है। यूसीसी महिलाओं और बेटियों को समाज में सुरक्षा और बराबरी का अधिकार दिलाएगा। इस कानून से सामाजिक समरसता, महिला सशक्तिरण के साथ संवैधानिक मूल्यों को नई मजबूती मिलेगी।

    मध्यप्रदेश ने समान न्याय, समान अधिकारों की भावना को साकार किया
    भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि विधानसभा द्वारा यूसीसी विधेयक पारित कर मध्यप्रदेश ने समान न्याय, समान अधिकारों की भावना को साकार किया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के समान न्याय और समान अधिकारों की भावना को साकार करने की दिशा में मध्यप्रदेश ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। लिव-इन रिलेशनशिप का 1 महीने में रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। नियमों का उल्लंघन करना दण्डनीय अपराध है। हमारी सरकार ने जनजातीय समाज को यूसीसी कानून के दायरे से पूरी तरह बाहर रखा है। जनजातीय समुदाय की संस्कृति से कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है। मध्यप्रदेश में अब एक ही कानून चलेगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं के अधिकारों की रक्षा, सामाजिक समरसता तथा पारदर्शी कानूनी व्यवस्था स्थापित करने की दिशा में यह एक दूरगामी और प्रभावी निर्णय सिद्ध होगा।

    विधानसभा की स्वीकृति से संविधान की मूल भावना को मिली मजबूती
    भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि समान नागरिक संहिता विधेयक का विधानसभा से पारित होना संविधान के नीति-निर्देशक तत्वों में निहित उस भावना को साकार करने वाला कदम है, जिसमें सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक कानून की परिकल्पना की गई है। समान नागरिक संहिता समाज के सभी वर्गों के लिए समान कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित करेगी, जिससे नागरिकों के अधिकार एवं कर्तव्य किसी पंथ अथवा व्यक्तिगत परंपराओं के आधार पर अलग-अलग न होकर संविधान की भावना के अनुरूप समान रूप से लागू होंगे। यह निर्णय न्यायिक समानता, सामाजिक समरसता और सुशासन को नई मजबूती प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि लंबे समय से विभिन्न व्यक्तिगत कानूनों के कारण विशेषकर महिलाओं को न्याय प्राप्त करने में अनेक व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। समान नागरिक संहिता इन चुनौतियों का समाधान प्रस्तुत करते हुए महिलाओं को अधिक अधिकार-संपन्न बनाने तथा उनके हितों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित करने का मार्ग प्रशस्त करेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि समान नागरिक संहिता मध्यप्रदेश को अधिक समरस, न्यायपूर्ण और प्रगतिशील राज्य बनाने में मील का पत्थर सिद्ध होगी।
  • गुरु पूर्णिमा महोत्सव की तैयारियां तेज, 24 जुलाई से शिव महापुराण कथा, 29 जुलाई को गुरु दीक्षा समारोह

    गुरु पूर्णिमा महोत्सव की तैयारियां तेज, 24 जुलाई से शिव महापुराण कथा, 29 जुलाई को गुरु दीक्षा समारोह


    सीहोर। जिला मुख्यालय के समीपस्थ चितावलिया हेमा स्थित मुरली मनोहर एवं कुबेरेश्वर महादेव मंदिर में हर साल की तरह इस साल भी गुरु पूर्णिमा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। महोत्सव की शुरुआत 24 जुलाई से होगी। इस मौके पर दोपहर में कथा और 29 जुलाई को दीक्षा महोत्सव का आयोजन प्रसिद्ध अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के सानिध्य में किया जाएगा। मंदिर परिसर में होने वाली कथा की तैयारियां पूर्ण की जा रही है। इसको लेकर स्वयं अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित श्री मिश्रा ने यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं को लेकर भोजनशाला सहित अन्य भव्य पंडालों का निरीक्षण कर यहां पर मौजूद विठलेश सेवा समिति के सेवादारों से चर्चा की। मंदिर परिसर में महोत्सव के लिए भव्य पंडाल स्थाई रूप से बना है।  इसको लेकर विठलेश सेवा समिति की ओर से पंडित विनय मिश्रा और पंडित सहित अन्य ने मंदिर परिसर में भोजन, कथा स्थल आदि की व्यवस्था की।

    विश्व प्रसिद्ध कुबेरेश्वरधाम में आयोजित होने वाले गुरु पूर्णिमा महोत्सव को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। आयोजन समिति एवं जिला प्रशासन श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व्यापक व्यवस्थाएं कर रहे हैं। महोत्सव में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
    विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि 24 जुलाई से 28 जुलाई तक प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक शिव महापुराण कथा का आयोजन होगा। इसके बाद 29 जुलाई को प्रात: 7 बजे से रात्रि 7 बजे तक भव्य गुरु दीक्षा समारोह एवं गुरु पूर्णिमा महोत्सव आयोजित किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु गुरु का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।
    महोत्सव के एक दिन पहले से रुद्राक्ष वितरण रहेगा बंद
    महोत्सव की तैयारियों एवं व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए 24 जुलाई से रुद्राक्ष वितरण अस्थायी रूप से बंद रहेगा। इस अवधि में स्वयंसेवक आयोजन स्थल की व्यवस्था, श्रद्धालुओं के आवागमन, सुरक्षा एवं अन्य आवश्यक कार्यों में जुटे रहेंगे।
    होटल और धर्मशालाएं लगभग फुल
    गुरु पूर्णिमा महोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया है। इसके चलते कुबेरेश्वरधाम सहित आसपास के होटल, धर्मशालाएं एवं अन्य आवासीय स्थल लगभग हाउसफुल हो चुके हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहले से ही अपने ठहरने की व्यवस्था सुनिश्चित कर रहे हैं।
    समिति और प्रशासन की संयुक्त तैयारियां
    आयोजन को सफल बनाने के लिए समिति एवं जिला प्रशासन द्वारा यातायात, पार्किंग, सुरक्षा, चिकित्सा, पेयजल, साफ-सफाई, बैरिकेडिंग एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यापक तैयारियां की जा रही हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
    मंगलवार को अपने प्रवचन के दौरान अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा  ने कहा कि महादेव कहते हैं धैर्य रखो, समय सबका बदलता है। जो मुझ पर विश्वास रखता है, उसका कभी अहित नहीं होता। इसलिए प्रतिदिन भगवान शिव का नाम जप करें और श्रद्धा के साथ एक लोटा जल अवश्य अर्पित करें। उन्होंने कहा कि भगवान शिव अपने भक्तों की सच्ची श्रद्धा से प्रसन्न होते हैं और उन पर सदैव अपनी कृपा बनाए रखते हैं। कुबेरेश्वरधाम में प्रतिदिन आने वाले हजारों श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक भोजनशाला में निरंतर नि:शुल्क भोजन प्रसादी की व्यवस्था की जा रही है। विठलेश सेवा समिति के स्वयंसेवक श्रद्धालुओं की सेवा में निरंतर जुटे हुए हैं और बड़ी संख्या में भक्त प्रसादी ग्रहण कर रहे हैं। हर वर्ष आयोजित होने वाला गुरु पूर्णिमा महोत्सव कुबेरेश्वरधाम का प्रमुख आध्यात्मिक आयोजन माना जाता है। इस वर्ष भी शिव महापुराण कथा, गुरु दीक्षा समारोह और विशाल सेवा व्यवस्थाओं के कारण देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
  • दिल्ली में राहुल गांधी की गिरफ्तारी पर मप्र में प्रदर्शन, विधानसभा में धरने पर बैठे कांग्रेस विधायक

    दिल्ली में राहुल गांधी की गिरफ्तारी पर मप्र में प्रदर्शन, विधानसभा में धरने पर बैठे कांग्रेस विधायक


    भोपाल।
    दिल्ली में राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में मंगलवार को मध्य प्रदेश में कांग्रेस का प्रदर्शन देर रात तक जारी रहा। प्रदेशभर में हुए विरोध प्रदर्शनों के बीच विधानसभा में मुख्यमंत्री कक्ष के बाहर कांग्रेस विधायक देर रात तक धरने पर बैठे हुए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भी उनके साथ धरने में शामिल हैं।

    मंगलवार को जीतू पटवारी लोकभवन के सामने धरने पर बैठे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें और अन्य कांग्रेस कार्यकर्ताओं को वहां से हटाकर वाहन में बैठा लिया। कुछ देर बाद वे सीधे विधानसभा पहुंचे और धरना दे रहे विधायकों का समर्थन किया।

    दरअसल, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास के पास प्रदर्शन किया था। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। इसी के विरोध में मध्य प्रदेश कांग्रेस ने भी प्रदेश में प्रदर्शन किया।

    विधानसभा में मुख्यमंत्री कक्ष के बाहर धरना जारी

    मंगलवार को शाम तक विधानसभा की कार्यवाही के बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक मुख्यमंत्री कक्ष के बाहर धरने पर बैठ गए। कुछ विधायक विरोध जताने के लिए फर्श पर भी लेट गए। इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने धरना खत्म कराने की कोशिश की लेकिन विधायक नहीं माने। बाद में संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी बातचीत के लिए पहुंचे। इस दौरान उनकी नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार से तीखी बहस हुई और कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी की।

    भोपाल के अलावा इंदौर, जबलपुर, कटनी, खंडवा, हरदा, शाजापुर, टीकमगढ़, रतलाम, डबरा और खरगोन समेत कई जिलों में कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन, रैली और नारेबाजी की। कुछ जगह चक्काजाम और पुलिस से धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। देर रात तक अधिकांश जिलों में प्रदर्शन समाप्त हो गए, जबकि विधानसभा में कांग्रेस विधायकों का धरना जारी है।

  • उज्जैन में महाकाल की श्रावस मास की सवारी 3 अगस्त को, अधिकारियों ने लिया तैयारियों का जायजा

    उज्जैन में महाकाल की श्रावस मास की सवारी 3 अगस्त को, अधिकारियों ने लिया तैयारियों का जायजा


    उज्जैन।
    मध्य प्रदेश के उज्जैन में विश्वर प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान श्री महाकालेश्वर की श्रावाण मास की पहली सवारी आगामी 3 अगस्त को निकलेगी। उज्जैन कलेक्टर रौशन कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने मंगलवार रात्रि में प्रशासनिक एवं पुलिस अमले के साथ भगवान महाकाल के सवारी मार्ग का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया।

    कलेक्टर ने सर्वप्रथम पालकी द्वार का का निरीक्षण किया और वहां ऊपर से गुजर रहे बिजली के तारों को तत्काल हटाने के निर्देश दिए। सवारी मार्ग के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने मार्ग पर चल रहे निर्माण कार्य एवं मरम्मत कार्यों के साथ सड़क, प्रकाश व्यवस्था, साफ-सफाई, बैरिकेडिंग, पेयजल, सुरक्षा तथा श्रद्धालुओं के लिए मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया।

    कलेक्टर ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रावण-भादौ मास की सवारियों से पूर्व सभी आवश्यक कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सवारी मार्ग पर स्वच्छता, विद्युत एवं पेयजल व्यवस्था, बैरिकेडिंग सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित की जाएं, ताकि भगवान श्री महाकालेश्वर की सवारी में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

    कलेक्टर सिंह ने रामघाट क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने, और सवारी मार्ग पर चल रहे निर्माण कार्यों की शीघ्र लेवलिंग पूर्ण कर मार्ग को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। ढाबा रोड पर स्थित जीर्ण शीर्ण भवनों एवं निर्माणाधीन भवनों के आसपास सवारी के दौरान कड़ा बीन का उपयोग न करने के सख्त निर्देश दिए गए।

    निर्माणाधीन मकानों के आसपास बेरीकेट्स लगाने तथा साइन बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए ताकि कोई व्यक्ति अंदर प्रवेश ना करें । लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जीर्ण शीर्ण चिन्हित मकानों के आसपास पर्याप्त चेतावनी के साइन बोर्ड लगाए जाने के निर्देश दिए गए। ढाबा रोड पर खुले ट्रांसफार्मरों के आसपास जाली लगाने के निर्देश दिए गए, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना न हो। कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट निर्देश दिए कि अब कोई नया निर्माण कार्य प्रारंभ न किया जाए तथा जो निर्माण कार्य चल रहे हैं, उन्हें तेज गति से पूरा किया जाए।

    गोपाल मंदिर पहुंचकर वहां निरीक्षण के दौरान कलेक्टर सिंह ने निर्देश दिए कि रीगल टॉकीज क्षेत्र के आसपास सवारी के दौरान किसी भी व्यक्ति को खड़ा नहीं होने दिया जाए तथा पर्याप्त बैरिकेडिंग की जाए। निरीक्षण के दौरान नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ श्रेयांस कूमट, महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक, एडीएम अत्येंद्र सिंह गुर्जर सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।