Category: Madhya Pradesh

  • भोपाल की वॉटर स्पोर्ट्स एकेडमी में 13 वर्षीय खिलाड़ी के साथ विवाद और आरोपों का मामला

    भोपाल की वॉटर स्पोर्ट्स एकेडमी में 13 वर्षीय खिलाड़ी के साथ विवाद और आरोपों का मामला


    भोपाल । भोपाल से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां 13 वर्षीय सेलर ध्रुवी टंडन और उनके परिवार ने वॉटर स्पोर्ट्स एकेडमी के अधिकारियों पर मानसिक प्रताड़ना, पक्षपात और खेल करियर बाधित करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि ध्रुवी को “लड़कों के साथ घूमने” जैसे आधारहीन आरोप लगाकर एकेडमी से बाहर कर दिया गया, जिसके बाद से वह पिछले तीन वर्षों से दोबारा प्रवेश के लिए संघर्ष कर रही हैं।

    परिवार का आरोप है कि ध्रुवी को प्रतियोगिताओं में कमजोर और फटे उपकरण दिए गए, जिससे उनका प्रदर्शन प्रभावित हुआ। वहीं, उनकी छोटी बहन सिद्धि टंडन, जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई मेडल जीत चुकी हैं, के चयन में भी अनियमितताओं और 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगने जैसे आरोप लगाए गए हैं।

    परिजनों का कहना है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई और उन्हें लगातार निराशा ही हाथ लगी। आर्थिक तंगी के चलते परिवार ने अपनी संपत्ति तक गिरवी रख दी और कई बार यात्रा के दौरान मुश्किल परिस्थितियों का सामना किया।

    वहीं दूसरी ओर, परिवार इसे पुरानी रंजिश और बदले की भावना से जुड़ा मामला बता रहा है। आरोप है कि शिकायतें करने के बाद से ही दोनों बहनों को लगातार परेशान किया जा रहा है। यह मामला अब खेल व्यवस्था, चयन प्रक्रिया और खिलाड़ियों के संरक्षण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

  • भोपाल: बशीर बद्र की याद में जुटेगा साहित्यिक जगत, राज सदन में होगी श्रद्धांजलि सभा

    भोपाल: बशीर बद्र की याद में जुटेगा साहित्यिक जगत, राज सदन में होगी श्रद्धांजलि सभा


    भोपाल  भोपाल का साहित्यिक और सांस्कृतिक वातावरण एक बार फिर भावनात्मक माहौल में डूबने जा रहा है, क्योंकि शहर के ख्यात पद्मश्री शायर Bashir Badr को श्रद्धांजलि देने के लिए एक सामूहिक सभा का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम 30 मई को शाम 5 बजे दुष्यंत कुमार स्मारक पांडुलिपि संग्रहालय के राज सदन में आयोजित होगा।

    28 मई को उनके निधन के बाद से ही देशभर के साहित्यिक जगत में शोक की लहर है। भोपाल, जो उनकी साहित्यिक कर्मभूमि में से एक रहा है, वहां विभिन्न साहित्यिक और सांस्कृतिक संस्थाएं मिलकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करेंगी।

    इस श्रद्धांजलि सभा में दुष्यंत कुमार स्मारक पांडुलिपि संग्रहालय, मध्यप्रदेश लेखक संघ, वनमाली सृजन पीठ, मध्यप्रदेश लेखिका संघ, हिन्दी भवन, अभिनव कला परिषद, प्रभात साहित्य परिषद, कला मंदिर, अखिल भारतीय साहित्य परिषद, वरिष्ठ नागरिक मंच और अंतरराष्ट्रीय विश्व मैत्री मंच सहित कई प्रमुख संस्थाएं शामिल होंगी। शहर के वरिष्ठ साहित्यकार, कवि और शायर भी इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे।

    कार्यक्रम का उद्देश्य केवल औपचारिक श्रद्धांजलि देना नहीं, बल्कि शायर Bashir Badr के रचनात्मक योगदान को याद करना और उनकी शायरी की विरासत को जीवंत रखना है। इस दौरान उनकी प्रसिद्ध गजलों और शेर-ओ-शायरी के माध्यम से उन्हें याद किया जाएगा, जिससे माहौल पूरी तरह साहित्यिक और भावुक हो उठेगा।

    दुष्यंत कुमार स्मारक पांडुलिपि संग्रहालय की निदेशक करुणा राजूकर ने शहर के सभी साहित्य प्रेमियों और सांस्कृतिक संस्थाओं से अपील की है कि वे इस कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर शायर को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करें। उनका कहना है कि यह अवसर न केवल एक महान शायर को याद करने का है, बल्कि हिंदी और उर्दू साहित्य की समृद्ध परंपरा को भी सम्मान देने का है।

    भोपाल हमेशा से साहित्य और शायरी का एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है, और Bashir Badr की उपस्थिति ने इस शहर को एक विशेष पहचान दी है। ऐसे में उनकी स्मृति में आयोजित यह सभा साहित्यिक दुनिया के लिए एक भावपूर्ण क्षण साबित होगी, जहां शब्दों के जरिए उनके योगदान को सलाम किया जाएगा।

  • MP का ‘बंगला पान’ बना इंटरनेशनल पसंद, बढ़ी मांग, अब सरकार किसानों को देगी ₹1 करोड़ की मदद

    MP का ‘बंगला पान’ बना इंटरनेशनल पसंद, बढ़ी मांग, अब सरकार किसानों को देगी ₹1 करोड़ की मदद


    भोपाल। मध्य प्रदेश का प्रसिद्ध ‘बंगला पान’ अब देश ही नहीं, विदेशों में भी अपनी खास पहचान बना रहा है। अपनी सुगंध, कोमल बनावट और बेहतरीन स्वाद के कारण छतरपुर का बंगला पान अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। इसकी बढ़ती मांग को देखते हुए राज्य सरकार ने पान उत्पादक किसानों के लिए 1.03 करोड़ रुपये की विशेष सहायता योजना लागू की है।

    विदेशों तक पहुंचा एमपी का पान
    छतरपुर जिले में उगाया जाने वाला बंगला पान अपनी पतली बनावट, हल्की मिठास और लंबे समय तक ताजगी बनाए रखने की क्षमता के लिए जाना जाता है। यही वजह है कि इसकी मांग भारत के साथ-साथ पाकिस्तान, बांग्लादेश और श्रीलंका जैसे देशों में भी लगातार बढ़ रही है।

    किसानों के लिए सरकार की खास योजना
    पान उत्पादन को बढ़ावा देने और किसानों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से राज्य सरकार ने 10 प्रमुख जिलों को शामिल करते हुए विशेष कार्ययोजना तैयार की है। इसके लिए 1 करोड़ 3 लाख रुपये का वित्तीय प्रावधान किया गया है। योजना के तहत किसानों को आधुनिक खेती तकनीकों की जानकारी, उन्नत किस्म की पौध सामग्री, विशेष प्रशिक्षण, और ‘बरोज’ निर्माण के लिए आर्थिक व तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

    इन जिलों में होती है प्रमुख खेती
    मध्य प्रदेश के छतरपुर, रीवा, मंदसौर, नरसिंहपुर और टीकमगढ़ जिले पान उत्पादन के प्रमुख केंद्र हैं। यहां वर्षों से पान की खेती किसानों की आय का महत्वपूर्ण स्रोत बनी हुई है।

    रीवा का पान भी खूब लोकप्रिय
    रीवा जिले के महसांव क्षेत्र के दो गांवों में उत्पादित पान की भी अलग पहचान है। यहां तैयार होने वाला पान उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों वाराणसी, प्रयागराज और लखनऊ तक भेजा जाता है। इन बाजारों में मध्य प्रदेश के पान की विशेष मांग बनी रहती है।

    क्या है ‘बरोज’ मॉडल?
    पान की खेती के लिए विशेष प्रकार का संरक्षित ढांचा तैयार किया जाता है, जिसे ‘बरोज’ कहा जाता है। इसमें तापमान और नमी को नियंत्रित रखा जाता है, जिससे पान की नाजुक बेलों का बेहतर विकास हो सके। मध्य प्रदेश में यह परंपरागत खेती मुख्य रूप से चौरसिया समाज द्वारा की जाती है, जो पीढ़ियों से इस व्यवसाय से जुड़ा हुआ है। बरोज प्रणाली की वजह से उच्च गुणवत्ता वाला पान तैयार होता है और यही मॉडल अब देशभर में चर्चा का विषय बन रहा है।

    चुनौतियों के बावजूद बनी हुई है मांग
    पारंपरिक पान व्यवसाय को पान मसाला और गुटखा जैसे उत्पादों से चुनौती मिल रही है। बदलती जीवनशैली और युवाओं की पसंद के कारण पान की खपत पर असर पड़ा है, जिससे किसानों की आय भी प्रभावित हुई है। इसके बावजूद भारतीय संस्कृति और परंपराओं में पान का महत्व आज भी बरकरार है। पूजा-पाठ, विवाह समारोह, मांगलिक आयोजनों और अतिथि सत्कार में पान का विशेष स्थान होने के कारण इसकी बाजार मांग स्थिर बनी हुई है।

    किसानों के लिए नई उम्मीद
    सरकार की नई योजना और बढ़ती निर्यात मांग के चलते पान उत्पादक किसानों को बेहतर आय की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आधुनिक तकनीकों और बरोज मॉडल को व्यापक स्तर पर अपनाया जाए, तो मध्य प्रदेश का बंगला पान वैश्विक बाजार में और मजबूत पहचान बना सकता है।

  • भीषण गर्मी के बीच राहत की बौछार: मध्य प्रदेश में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि का दौर

    भीषण गर्मी के बीच राहत की बौछार: मध्य प्रदेश में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि का दौर


    भोपाल । मध्य प्रदेश में नौतपा के छठे दिन मौसम ने एक बार फिर अचानक करवट ले ली। शनिवार सुबह प्रदेश के कई जिलों में तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश हुई, जिससे भीषण गर्मी से परेशान लोगों को बड़ी राहत मिली। रतलाम, झाबुआ, धार, मंदसौर, खंडवा और आसपास के क्षेत्रों में सुबह से ही बादल छाए रहे और रुक-रुक कर बारिश होती रही।

    देवास जिले में हालात और भी अलग रहे, जहां बारिश के साथ ओलावृष्टि भी दर्ज की गई। अचानक बदले मौसम ने लोगों को गर्मी से तो राहत दी, लेकिन कई जगह सड़कों पर पानी भरने और जनजीवन प्रभावित होने की स्थिति भी बन गई।

    कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश
    सुबह 4 से 9 बजे के बीच रतलाम, धार, झाबुआ और आसपास के इलाकों में अलग-अलग समय पर बारिश दर्ज की गई। पेटलावद, रायपुरिया और बामनिया जैसे क्षेत्रों में करीब आधे घंटे तक तेज बारिश हुई, जिससे सड़कों पर पानी जमा हो गया। वहीं जैतपुरा में लगभग दो घंटे तक लगातार बारिश हुई, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। ओंकारेश्वर और धार के कुक्षी क्षेत्र में भी हल्की से मध्यम बारिश हुई। कई स्थानों पर तेज आंधी के कारण दृश्यता प्रभावित हुई।

    मौसम विभाग का अलर्ट: अगले 4 दिन अस्थिर रहेगा मौसम
    मौसम विभाग के अनुसार मध्य प्रदेश में 30 मई से 2 जून तक मौसम का मिजाज इसी तरह अस्थिर बना रहेगा। कहीं आंधी-बारिश तो कहीं ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। विभाग ने बताया कि 31 मई से 2 जून के बीच कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश और ओले गिर सकते हैं। कुछ जिलों में हीटवेव का अलर्ट भी जारी किया गया है, जबकि अन्य हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है।

    नौतपा में गर्मी और राहत दोनों का असर
    25 मई से शुरू हुए नौतपा के शुरुआती दिनों में प्रदेश में तापमान 45 से 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। खजुराहो और नौगांव जैसे क्षेत्र सबसे ज्यादा गर्म रहे। हालांकि बीच-बीच में हो रही बारिश ने गर्मी से थोड़ी राहत जरूर दी है, लेकिन मौसम का यह उतार-चढ़ाव आगे भी जारी रहने की संभावना है।

    लोगों के लिए सलाह
    मौसम वैज्ञानिकों ने दोपहर 12 से 3 बजे के बीच बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। साथ ही बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी रखने, पर्याप्त पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की अपील की गई है।

  • ट्विशा केस से फिर गरमाई कानूनी दुनिया: पूर्व जज की गिरफ्तारी और पुराने फैसले पर चर्चा तेज

    ट्विशा केस से फिर गरमाई कानूनी दुनिया: पूर्व जज की गिरफ्तारी और पुराने फैसले पर चर्चा तेज


    भोपाल  भोपाल में एक्ट्रेस और मॉडल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले ने अब एक नया कानूनी मोड़ ले लिया है। सीबीआई द्वारा की गई कार्रवाई के बाद पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को गिरफ्तार कर स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया, जहां से दोनों को पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद न्यायिक जगत में हलचल तेज हो गई है।

    गिरफ्तारी के बाद सबसे ज्यादा चर्चा उनके उस फैसले को लेकर हो रही है, जो उन्होंने फरवरी 2023 में भोपाल के चर्चित फैज कुरैशी हत्याकांड में सुनाया था। उस मामले में अदालत ने आरोपी शफीक कुरैशी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया था।

    कोर्ट का फैसला क्यों बना चर्चा का केंद्र
    फैसले में अदालत ने स्पष्ट कहा था कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ हत्या का आरोप संदेह से परे साबित नहीं कर सका। सुनवाई के दौरान पेश किए गए प्रत्यक्षदर्शी गवाह अपने बयानों से पलट गए थे। किसी भी गवाह ने अदालत में यह स्वीकार नहीं किया कि उसने आरोपी को वारदात करते देखा।

    इसके अलावा, पुलिस द्वारा प्रस्तुत जब्ती और जांच संबंधी साक्ष्यों पर भी सवाल उठे। अदालत ने माना कि केवल परिस्थितिजन्य साक्ष्य और पुलिस बयानों के आधार पर किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। एफएसएल रिपोर्ट भी आरोपी की संलिप्तता को स्पष्ट रूप से साबित नहीं कर सकी थी।

    जांच एजेंसियों की कार्रवाई और नई बहस
    वर्तमान में ट्विशा शर्मा केस में सीबीआई की जांच जारी है। इसी क्रम में पूर्व जज और उनके परिवार पर कार्रवाई ने न्यायिक व्यवस्था और पुराने मामलों की जांच प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने रिमांड मंजूर की है और आगे की जांच जारी है।

    इस पूरे घटनाक्रम ने न केवल कानूनी हलकों में बल्कि राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी बहस छेड़ दी है। एक ओर जहां जांच एजेंसियां मामले को गंभीर बता रही हैं, वहीं दूसरी ओर पुराने फैसलों की निष्पक्षता और न्यायिक प्रक्रिया पर भी चर्चा तेज हो गई है।

    ट्विशा केस ने बढ़ाई संवेदनशीलता
    ट्विशा शर्मा की मौत 12 मई की रात भोपाल के कटारा हिल्स क्षेत्र में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी। मामले में ससुराल पक्ष इसे आत्महत्या बता रहा है, जबकि मायके पक्ष ने हत्या का आरोप लगाया है। जांच अभी विभिन्न कोणों से जारी है। इसी बीच पूर्व जज की गिरफ्तारी और पुराने फैसले की दोबारा चर्चा ने मामले को और अधिक संवेदनशील और जटिल बना दिया है।

  • कार में फंसे दो युवकों को रेस्क्यू, शराब के नशे में ड्राइविंग की आशंका

    कार में फंसे दो युवकों को रेस्क्यू, शराब के नशे में ड्राइविंग की आशंका


    मंदसौर । मंदसौर जिले के पिपलियामंडी थाना क्षेत्र में महू-नीमच हाईवे पर गुरुवार देर रात तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर की रेलिंग से जा टकराई। हादसे में कार सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया है।

    जानकारी के मुताबिक, हादसा करीब रात 12 बजे चौपाटी इलाके के पास हुआ। कार नीमच से मंदसौर की ओर आ रही थी, तभी चालक ने तेज रफ्तार में नियंत्रण खो दिया और वाहन सीधे डिवाइडर की रेलिंग में जा घुसा। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

    प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कार में सवार दोनों युवक सुवासरा के रहने वाले थे। हादसे के बाद वे बुरी तरह वाहन में फंस गए थे, जिन्हें स्थानीय लोगों की मदद से बाहर निकाला गया।

    घायलों की पहचान सुवासरा निवासी कालू सिंह और प्रताप सिंह के रूप में हुई है। सूचना मिलने पर टोल एंबुलेंस टीम मौके पर पहुंची और दोनों को प्राथमिक उपचार देकर अस्पताल भेजा।

    स्थानीय लोगों ने बताया कि कार पर नंबर प्लेट नहीं लगी थी और दोनों युवकों के नशे में होने की आशंका जताई गई है, हालांकि पुलिस ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

    हादसे के बाद क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त कार को पुलिस थाने भिजवाया गया है। फिलहाल दोनों घायलों का इलाज जिला अस्पताल में जारी है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।

  • सड़क हादसे में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता घायल, ड्राइवर मौके से फरार

    सड़क हादसे में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता घायल, ड्राइवर मौके से फरार


    मंदसौर । मंदसौर जिले के पिपलियामंडी थाना क्षेत्र में बेलारा और पलेवना गांव के बीच शुक्रवार दोपहर एक तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक को टक्कर मार दी। इस दर्दनाक हादसे में 45 वर्षीय किसान पर्वत लाल (निवासी कामलिया) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता वंदना गोड़ गंभीर रूप से घायल हो गईं।

    जानकारी के मुताबिक, वंदना गोड़ ड्यूटी खत्म कर मंदसौर लौट रही थीं। रास्ते में उन्हें गांव के किसान पर्वत लाल मिले, जिन्होंने लिफ्ट देने की बात स्वीकार की और दोनों एक ही बाइक से रवाना हुए। इसी दौरान यह हादसा हो गया।

    बताया जा रहा है कि जैसे ही बाइक बेलारा और पलेवना के बीच पहुंची, पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि किसान सड़क पर गिर पड़े और ट्रक का पहिया उनके चेहरे के ऊपर से गुजर गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वंदना गोड़ गंभीर रूप से घायल हो गईं और उन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया।

    हादसे के बाद स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने किसान को मृत घोषित कर दिया। घायल महिला का इलाज जारी है।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रक चालक लापरवाही से वाहन चला रहा था और नशे की हालत में होने की आशंका भी जताई जा रही है। हादसे के बाद चालक ट्रक मौके पर छोड़कर फरार हो गया।

    पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया है और फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है। मामले की जांच पिपलियामंडी थाना पुलिस कर रही है।

  • ट्रैफिक बदलाव पर बवाल, विरोध के बाद प्रशासन ने लिया बड़ा फैसला

    ट्रैफिक बदलाव पर बवाल, विरोध के बाद प्रशासन ने लिया बड़ा फैसला


    मंदसौर । मंदसौर के सबसे व्यस्त माने जाने वाले सरदार वल्लभभाई पटेल चौराहा यानी बीपीएल चौराहे पर ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर चल रहा विवाद आखिरकार प्रशासन के यू-टर्न के साथ फिलहाल थम गया। लगातार विरोध और जनदबाव के बाद प्रशासन ने शुक्रवार को चौराहे पर लगाए गए बैरिकेड्स हटा दिए, जिसके बाद यहां फिर से पुरानी यातायात व्यवस्था बहाल कर दी गई।

    बैरिकेड्स हटने की खबर मिलते ही स्थानीय लोगों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर पटाखे फोड़कर खुशी जताई। लोगों का कहना है कि नई व्यवस्था से रोजमर्रा की आवाजाही प्रभावित हो रही थी और शहर में अनावश्यक ट्रैफिक दबाव बढ़ रहा था।

    प्रशासन ने कुछ महीनों पहले बढ़ते ट्रैफिक को नियंत्रित करने के उद्देश्य से सरदार वल्लभभाई पटेल चौराहे के सर्कल को छोटा कर वन-वे व्यवस्था लागू की थी। इसके तहत चौराहे पर बैरिकेड्स लगाए गए थे। नई व्यवस्था के कारण अफीम गोदाम रोड, नई आबादी और संजीत नाका की ओर जाने वाले वाहन चालकों को सीधे मार्ग की बजाय सिटी क्राउन होटल या महाराणा प्रताप चौराहा होकर निकलना पड़ रहा था। इससे लोगों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही थी और दूसरे मार्गों पर भी जाम की स्थिति बनने लगी थी।

    स्थानीय नागरिकों का आरोप था कि बिना पर्याप्त योजना और जनसुनवाई के लागू की गई इस व्यवस्था ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी। इसी के विरोध में कुछ दिन पहले जिला पंचायत सदस्य दीपक सिंह गुर्जर के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने चौराहे पर धरना-प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी हुई थी।

    प्रदर्शन के दौरान पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीना ने प्रदर्शनकारियों से चर्चा कर एक महीने के भीतर व्यवस्था की समीक्षा करने और बैरिकेड्स हटाने का आश्वासन दिया था। हालांकि लगातार बढ़ते विरोध और राजनीतिक दबाव के चलते प्रशासन ने तय समय से पहले ही बैरिकेड्स हटाने का फैसला कर लिया।

    दीपक सिंह गुर्जर ने आरोप लगाया कि सर्कल छोटा करने और बैरिकेड्स लगाने से चौराहे पर दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया था और लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। उन्होंने बैरिकेड्स हटाने का श्रेय आम जनता के संघर्ष को दिया।

    बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों में भाजपा से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी प्रशासनिक अधिकारियों से बैरिकेड्स हटाने की मांग की थी। अब पुरानी व्यवस्था बहाल होने के बाद लोगों ने राहत महसूस की है और चौराहे पर यातायात पहले की तुलना में अधिक सुगम दिखाई दे रहा है।

  • स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की कवायद, एंबुलेंस व्यवस्था के नोडल बदले

    स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की कवायद, एंबुलेंस व्यवस्था के नोडल बदले


    नरसिंहपुर  नरसिंहपुर जिले में 108 एंबुलेंस सेवाओं को लेकर लगातार सामने आ रही शिकायतों और अव्यवस्थाओं के बाद स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। गुरुवार देर शाम विभाग ने 108 एंबुलेंस सेवा के नोडल प्रभारी को बदलते हुए नई जिम्मेदारी सौंप दी। विभागीय आदेश के अनुसार अब तक यह जिम्मेदारी संभाल रहे प्रभारी परिवार कल्याण रंजीत चौधरी को निर्देश दिए गए हैं कि वे तीन दिन के भीतर वाहन शाखा और 108 सेवा का पूरा प्रभार नए प्रभारी प्रशांत सोनी को सौंप दें।

    बताया जा रहा है कि जिले में लंबे समय से 108 एंबुलेंस सेवाओं के मनमाने संचालन और लापरवाही को लेकर शिकायतें मिल रही थीं। मरीजों और उनके परिजनों का आरोप था कि समय पर एंबुलेंस नहीं पहुंचती, कई बार फोन रिस्पॉन्स नहीं मिलता और सेवाओं का संचालन बेहद अव्यवस्थित हो चुका था। इससे लोगों का भरोसा भी लगातार कम हो रहा था।

    कुछ दिन पहले सेवा संचालक कंपनी ने भी जिला प्रबंधक को हटाया था। इसके बाद अब नोडल स्तर पर भी बदलाव किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि निगरानी और समन्वय मजबूत होने से एंबुलेंस सेवाओं में सुधार आएगा।

    16 मई को सामने आई एक घटना ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया था। हसन खान को एंबुलेंस कर्मियों के कथित असंवेदनशील रवैये के कारण अपनी बीमार मां को पीठ पर उठाकर ले जाना पड़ा था। इस घटना का वीडियो और शिकायतें उच्च स्तर तक पहुंचीं, जिसके बाद विभाग पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया।

    हालांकि विभागीय आदेश में नोडल प्रभारी बदलने का कारण “प्रशासकीय कार्य सुविधा” बताया गया है, लेकिन अधिकारियों का मानना है कि एंबुलेंस सेवाओं की निगरानी में गंभीर लापरवाही के कारण यह निर्णय लिया गया। लगातार बिगड़ती व्यवस्था और बढ़ती शिकायतों ने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए थे।

    इस मामले में डॉ. मनीष मिश्रा ने कहा कि नोडल 108 के प्रभार में बदलाव उच्च स्तर से मिले निर्देशों के अनुसार किया गया है। उन्होंने कहा कि विभाग अब एंबुलेंस सेवाओं को बेहतर बनाने और मरीजों को समय पर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए लगातार निगरानी करेगा।

  • गिट्टी हटाने को लेकर परिवार में बवाल, महिला पर फावड़े से हमले का आरोप

    गिट्टी हटाने को लेकर परिवार में बवाल, महिला पर फावड़े से हमले का आरोप


    राजगढ़ । राजगढ़ जिले के कांगनीखेड़ा गांव में पारिवारिक विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। गिट्टी हटाने को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद इतना बढ़ गया कि एक महिला ने अपने देवर, देवरानी और सास पर मारपीट, अभद्रता और जेवर छीनने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। घटना के बाद पीड़िता अपने पति के साथ थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पीड़िता सुनीता बाई बैरागी ने आरोप लगाया कि घटना दोपहर करीब एक बजे की है। वह अपने घर के सामने खड़ी थी, तभी उसका देवर राजू बैरागी वहां गिट्टी लेने पहुंचा और उसे हटने के लिए कहा। सुनीता के मुताबिक उसने कहा कि वह पहले से ही किनारे खड़ी है, लेकिन इसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया।

    महिला का आरोप है कि थोड़ी ही देर में देवरानी सुमित्रा बाई और उसकी सास भी मौके पर आ गईं और तीनों ने मिलकर गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर विवाद और बढ़ गया। पीड़िता के अनुसार देवर राजू ने पीछे से फावड़े से हमला किया, जबकि सुमित्रा ने उसका गला पकड़ लिया। बीच-बचाव करने आए उसके बेटे के साथ भी मारपीट की गई।

    सुनीता बाई ने आरोप लगाया कि हमले के दौरान आरोपियों ने उसके दो मंगलसूत्र और नाक की बाली छीन ली। महिला का कहना है कि मारपीट के दौरान उसके कपड़े भी फाड़ दिए गए। उसने आरोप लगाया कि देवर राजू ने उसके ब्लाउज के बटन तोड़ दिए, जिससे उसकी बेइज्जती हुई।

    पीड़िता ने कहा कि जिस देवर को उसने हमेशा बेटे की तरह माना, उसी ने उसके साथ ऐसा व्यवहार किया। घटना के बाद परिवार में तनाव का माहौल बना हुआ है।

    पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 296(बी), 115(2), 351(3) और 3(5) के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।