Category: Madhya Pradesh

  • एमपी में भोपाल-सीहोर-रायसेन में रातभर बरसे बादल, आज 4 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

    एमपी में भोपाल-सीहोर-रायसेन में रातभर बरसे बादल, आज 4 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। मंगलवार को मौसम विभाग ने मुरैना, भिंड, दमोह और कटनी जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं राजधानी भोपाल सहित रायसेन और सीहोर में रातभर बारिश का दौर जारी रहा। इसके अलावा राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा और खरगोन में भी बारिश की संभावना जताई गई है।

    उज्जैन, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने के आसार हैं। वहीं नीमच, मंदसौर और रतलाम में फिलहाल बारिश की संभावना नहीं जताई गई है और इन जिलों में मौसम साफ रहने का अनुमान है।

    उमरिया में अच्छी बारिश के लिए हुआ भजन-कीर्तन
    उमरिया जिले में सामान्य से कम वर्षा होने के कारण ग्रामीणों ने अच्छी बारिश की कामना के लिए धार्मिक आयोजन किया। मानपुर क्षेत्र के चिल्हारी स्थित पहाड़ी हनुमान मंदिर में ग्रामीणों ने लगातार 24 घंटे तक भजन-कीर्तन किया। जिले में अब तक 11.2 इंच बारिश दर्ज की गई है।

    रायसेन में बारिश से किसानों को मिली राहत
    रायसेन जिले में मानसून आने के बावजूद करीब 18 दिनों से अच्छी बारिश नहीं हुई थी। इससे बोवनी प्रभावित हो गई थी, धान के खेतों में दरारें पड़ने लगी थीं और पौधे सूखने की स्थिति में पहुंच गए थे। सोमवार रात से शुरू हुई बारिश ने किसानों को बड़ी राहत दी। खेतों में फिर से पानी भर गया, जबकि सांची रोड पर जलभराव के कारण जाम की स्थिति बन गई। आसपास की पहाड़ियों पर झरने भी बहने लगे हैं।

    सीहोर में 13 दिन बाद झमाझम बारिश
    सीहोर जिले में भी लंबे इंतजार के बाद बारिश लौटी। यहां करीब 13 दिन बाद रात 1 बजे से लगातार वर्षा हो रही है। पिछले 8 घंटे से जारी बारिश ने मौसम सुहाना कर दिया है और किसानों को राहत पहुंचाई है।

  • नरवर किले से तोप चोरी मामले में पुलिस ने घोषित किया 10 हजार का इनाम

    नरवर किले से तोप चोरी मामले में पुलिस ने घोषित किया 10 हजार का इनाम

    शिवपुरी। जिले के नरवर किले से 16वीं शताब्दी की ऐतिहासिक तोप चोरी के मामले में पुलिस अधीक्षक ने बड़ी घोषणा की है। तोप चोरी करने वाले आरोपियों की पुख्ता जानकारी देने वाले व्यक्ति को 10 हजार रुपये नगद पुरस्कार दिया जाएगा। साथ ही जानकारी देने वाले व्यक्ति की पहचान गुप्त रखी जाएगी।
    15-16 जुलाई की रात को हुई चोरी-
    पुलिस के अनुसार 15-16 जुलाई की रात 25 से 30 हथियारबंद बदमाश किले के पिछले रास्ते से लोडिंग गाड़ियों में आए थे। उन्होंने पहरा दे रहे सुरक्षाकर्मियों को धमकाकर तोप लूट ली और फरार हो गए। मामले में केयरटेकर की शिकायत पर नरवर थाने में केस दर्ज किया गया है। जांच के दौरान किले के पीछे टायरों के निशान भी मिले हैं। इस चोरी से पहले 5 जुलाई को भी बदमाशों ने तोप को नीचे गिराकर ले जाने की कोशिश की थी, लेकिन वजन अधिक होने के कारण सफल नहीं हो पाए थे। इसके बाद भी सुरक्षा व्यवस्था नहीं बढ़ाई गई थी।
    सूचना देने वाले का नाम पूरी तरह गुप्त रखा जाएगा-
    पुलिस अधीक्षक ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी को तोप या आरोपियों के बारे में कोई जानकारी मिले तो वह तुरंत पुलिस को सूचित करे। सूचना देने वाले का नाम पूरी तरह गुप्त रखा जाएगा और उसे 10 हजार रुपये का नगद पुरस्कार दिया जाएगा।
    फिलहाल पुलिस ने आसपास के जिलों में नाकाबंदी कर वाहनों की चेकिंग शुरू कर दी है। अंतरराष्ट्रीय एंटीक तस्कर गिरोह के शामिल होने की आशंका के चलते मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। किले में रखी अन्य 13 तोपों की सुरक्षा भी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

  • यूसीसी लागू होना बड़ी उपलब्धि, इस कानून के फायदों को जनता तक पहुंचाएं

    यूसीसी लागू होना बड़ी उपलब्धि, इस कानून के फायदों को जनता तक पहुंचाएं


    भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल ने सोमवार को भाजपा विधायक दल की बैठक को संबोधित किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक सदन में पेश हो गया है। उसे आगामी दिनों में चर्चा के बाद पारित कराया जाएगा। यूसीसी लागू करना बड़ी उपलब्धि है। भाजपा विधायकगण अपने-अपने क्षेत्र में यूसीसी से होने वाले लाभों की जानकारी जनता तक पहुंचाएं। जनता को बताएं कि यूसीसी सभी नागरिकों को समान अधिकार एवं कानूनी संरक्षण प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आमजन को यह भी बताएं कि यूसीसी में महिला-पुरुष को संपत्ति में समान अधिकार देकर आधी आबादी के हितों का संरक्षण होगा। नए कानून में जनजातीय समाज की परंपराओं और मान्यताओं के संरक्षण के लिए उन्हें इस कानून के दायरे से बाहर रखा गया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि मध्यप्रदेश समान नागरिक संहिता लागू कर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के संकल्प को पूरा करने जा रहा है। जनप्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्र में यूसीसी के प्रावधानों से जनता को अवगत कराएं, ताकि कांग्रेस और विपक्षी दलों की वोटबैंक एवं तुष्टिकरण की राजनीति की सच्चाई जनता तक पहुंचाई जा सके। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा, श्री राजेन्द्र शुक्ल तथा मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय मंचासीन रहे। बैठक का संचालन विधायक श्री शैलेन्द्र जैन ने किया।

    सरकार की उपलब्धियां जनता तक और जनता का फीडबैक सरकार तक पहुंचाएं – डॉ. मोहन यादव
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यूसीसी समानता, न्याय और सशक्त समाज की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। यूसीसी लागू होने पर मध्यप्रदेश में प्रत्येक नागरिक के लिए समान अधिकार एवं समान अवसर मिलने की परिकल्पना साकार होगी। यह बात जनता तक पहुंचाने का कार्य सभी विधायकों को करना है। हमने धार्मिक परंपराओं और आस्था को अलग रखा है तथा जनजातीय समुदाय को भी यूसीसी से अलग रखा गया है। इस तथय को भी हमें जनता तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश कृषि प्रधान प्रदेश है। इसलिए हमारी सरकार वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मना रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र और मध्यप्रदेश की डबल इंजन सरकार किसानों के हितों के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। देश की सबसे बड़ी टनल के माध्यम से सिंचाई का पानी विंध्य तक पहुंचाने की महत्वाकांक्षी परियोजना से जबलपुर, कटनी, पन्ना, सतना, मैहर एवं रीवा जिले की 2.45 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। विधायकगण डबल इंजन सरकार की उपलब्धियों और जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी जनता तक पहुंचाने की जिम्मेदारी निभाएं। साथ ही अपने विधानसभा क्षेत्र को मॉडल विधानसभा के रूप में विकसित करने के लिए विकास कार्यों को गांव-गांव तक पहुंचाएं। सरकार के पास विकास कार्यों और जनकल्याण के लिए धनराशि की कोई कमी नहीं है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि समान नागरिक संहिता का मूल उद्देश्य समाज के सभी वर्गों को समान कानूनी व्यवस्था उपलब्ध कराना है, ताकि नागरिकों के अधिकार एवं कर्तव्य पंथ या व्यक्तिगत परंपराओं के आधार पर अलग-अलग न होकर संविधान की भावना के अनुरूप सभी पर समान रूप से लागू हों। यह निर्णय सामाजिक समरसता, न्यायिक समानता तथा महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा। इन तथयों को जनता तक पहुंचाते हुए विपक्ष के तथयहीन आरोपों का तथयों एवं प्रमाणों के साथ जवाब देना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूसीसी लागू होने पर सबसे अधिक लाभ हमारी मुस्लिम बहनों को मिलेगा। विपक्ष भ्रम फैलाने का प्रयास करेगा, लेकिन उसके भ्रामक प्रचार का हमें तथयों के साथ जवाब देकर यूसीसी के लाभ आमजन तक पहुंचाने हैं।
    निवेश के लिए नियमों का सरलीकरण कर मध्यप्रदेश नीति आयोग में प्रथम स्थान पर आया
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हमारी सरकार जनता के समग्र कल्याण के लिए कार्य कर रही है। निवेशकों को सभी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के लिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की अवधारणा पर सचिवालय बनाया जा रहा है। निवेशकों को आकर्षित करने और सुविधाएं प्रदान करने के लिए अनेक विभागों की नीतियों में सुधार तथा नियमों का सरलीकरण किया गया है। नीति आयोग ने भी निवेशकों के अनुकूल नियमों के सरलीकरण के मामले में मध्यप्रदेश को देश में प्रथम स्थान दिया है।
    विधायकगण सरकार के साथ संगठन की गतिविधियों को जनता तक पहुंचाएं – श्री हेमंत खण्डेलवाल
    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि यूसीसी लागू होने पर मध्यप्रदेश में प्रत्येक नागरिक के लिए समान अधिकार एवं समान अवसर मिलने की परिकल्पना साकार होगी। यूसीसी में धार्मिक आस्था एवं परंपराओं का सम्मान करते हुए उन्हें यथावत रखा गया है। साथ ही महिलाओं को अधिक अधिकार-संपन्न बनाते हुए उनके हितों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। इन बातों को हमें जनता तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के आह्वान पर चलाए जा रहे ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत व्यापक पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना है। साथ ही प्रधानमंत्री जी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में आमजन की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए अपने-अपने क्षेत्र के शत-प्रतिशत बूथों पर कार्यक्रम का श्रवण कराया जाए। हम सभी कार्यकर्ताओं को सामाजिक जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए पर्यावरण, जल और प्रकृति के संरक्षण के लिए कार्य करना है। श्री खण्डेलवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार ने जनजातीय समाज की परंपराओं को संरक्षित रखने के लिए उन्हें यूसीसी के दायरे से बाहर रखने का सराहनीय निर्णय लिया है। भाजपा सरकार का यह निर्णय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के “विकास भी, विरासत भी” के संकल्प तथा “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” की भावना को साकार करने वाला है। सभी विधायकगण यूसीसी के लाभों एवं उससे मिलने वाले अधिकारों की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के साथ-साथ संगठन की गतिविधियों को भी प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचाकर संगठन को और अधिक सशक्त बनाने का कार्य करें।
  • दूधाना के पास सड़क हादसा तेज रफ्तार वाहन ने बाइक सवार को मारी टक्कर जिला अस्पताल रेफर

    दूधाना के पास सड़क हादसा तेज रफ्तार वाहन ने बाइक सवार को मारी टक्कर जिला अस्पताल रेफर


    शाजापुर । शाजापुर जिले के मोहन बड़ोदिया थाना क्षेत्र में सोमवार दोपहर एक सड़क हादसे में बाइक सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। ग्राम दूधाना के पास हुए इस हादसे में अज्ञात वाहन ने बाइक को टक्कर मार दी जिसके बाद युवक सड़क पर गिर पड़ा और गंभीर चोटें आईं। घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहन बड़ोदिया पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया।

    पुलिस के अनुसार घायल युवक की पहचान डांगीचा निवासी 35 वर्षीय श्याम पाल पुत्र रमेश चंद्र के रूप में हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि श्याम पाल अपनी बाइक से गुजर रहा था तभी ग्राम दूधाना के समीप तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि वह सड़क पर दूर जा गिरा और गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया।

    घटना की जानकारी मिलते ही डायल 112 के पायलट संतोष मालवीय और थाना स्टाफ के सत्यनारायण यादव तत्काल घटनास्थल पहुंचे। पुलिस और स्थानीय लोगों ने बिना देर किए घायल को एंबुलेंस की सहायता से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने उसका प्राथमिक उपचार किया। चिकित्सकों के अनुसार युवक के चेहरे और होंठ पर गंभीर चोटें आई हैं। चोटों के कारण वह ठीक से बोल भी नहीं पा रहा था। बेहतर इलाज और विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया।

    पुलिस ने अज्ञात वाहन के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आसपास के क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि दुर्घटना करने वाले वाहन और उसके चालक की पहचान की जा सके। साथ ही प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।

    पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि सड़क पर वाहन चलाते समय यातायात नियमों का पालन करें और दुर्घटना होने की स्थिति में घायल व्यक्ति की तुरंत मदद करें तथा पुलिस और आपातकालीन सेवाओं को सूचना दें। समय पर मिली सहायता कई बार गंभीर रूप से घायल व्यक्ति की जान बचाने में अहम भूमिका निभाती है।

  • सतना में जुलाई में अब तक सामान्य से 3 इंच कम बारिश अब अगले 10 दिनों में झमाझम बरसात की उम्मीद

    सतना में जुलाई में अब तक सामान्य से 3 इंच कम बारिश अब अगले 10 दिनों में झमाझम बरसात की उम्मीद


    सतना । सतना जिले में मानसून इस बार अब तक अपेक्षित रफ्तार नहीं पकड़ पाया है। जुलाई का अधिकांश समय बीत जाने के बावजूद जिले में सामान्य से करीब तीन इंच कम बारिश दर्ज की गई है। हालांकि मौसम विभाग ने राहत भरी संभावना जताई है कि महीने के अंतिम दिनों में मानसून सक्रिय होगा और 31 जुलाई तक वर्षा का कोटा काफी हद तक पूरा हो सकता है। बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण आने वाले दिनों में जिले में हल्की से मध्यम तथा कुछ स्थानों पर तेज बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई है।

    रविवार को पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहे। बंगाल की खाड़ी से पहुंच रही नमी भरी हवाओं के कारण मौसम सुहावना बना रहा और अधिकतम तापमान में करीब चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। दिन का अधिकतम तापमान घटकर 31.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया जिससे लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली। इसके बावजूद मौसम विभाग द्वारा जारी येलो अलर्ट के अनुरूप व्यापक बारिश नहीं हो सकी और जिले के अधिकांश हिस्सों में केवल हल्की बूंदाबांदी ही दर्ज हुई।

    मानसून सीजन की बात करें तो अब तक जिले में करीब 11 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है जबकि इस अवधि तक सामान्य रूप से लगभग 14 इंच वर्षा होनी चाहिए थी। यानी फिलहाल जिले में करीब तीन इंच बारिश की कमी बनी हुई है। जून महीने में भी मानसून कमजोर रहा था। सामान्य तौर पर जून में 5.25 इंच बारिश होती है लेकिन इस वर्ष केवल लगभग 3 इंच वर्षा दर्ज की गई। जुलाई में अब तक करीब 8 इंच बारिश हुई है लेकिन यह भी सामान्य स्तर तक नहीं पहुंच सकी है।

    रविवार को न्यूनतम तापमान 25.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह के समय हवा में नमी 86 प्रतिशत और शाम तक 79 प्रतिशत रही। वातावरण में नमी अधिक होने के कारण बादल बने रहे लेकिन पर्याप्त वर्षा नहीं हो सकी। पिछले वर्ष की तुलना करें तो स्थिति अलग नजर आती है। पिछले साल इसी अवधि तक सतना जिले में लगभग 23 इंच बारिश हो चुकी थी जबकि इस वर्ष अब तक केवल 11 इंच के आसपास वर्षा दर्ज हुई है।

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल सकता है। फिलहाल मानसून ट्रफ लाइन बंगाल की खाड़ी से रांची वाराणसी हरदोई रोहतक होते हुए गंगानगर तक सक्रिय बनी हुई है। इसके अलावा उत्तर पंजाब बंगाल की खाड़ी ओडिशा पश्चिम मध्य प्रदेश और हरियाणा के आसपास ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण भी बना हुआ है। इन सभी मौसमी सिस्टम के संयुक्त प्रभाव से रीवा संभाग सहित सतना जिले में अगले एक सप्ताह तक गरज चमक के साथ अच्छी बारिश होने के आसार हैं।

    मौसम विभाग का मानना है कि यदि अनुमान के अनुरूप बारिश होती है तो जुलाई के अंतिम सप्ताह तक जिले में वर्षा की कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है। इससे किसानों को राहत मिलेगी और खरीफ फसलों की बढ़वार के लिए भी अनुकूल परिस्थितियां बनेंगी। साथ ही जलाशयों और भूजल स्तर में भी सुधार की उम्मीद है।

  • शादी का झांसा देकर दो साल तक करता रहा दुष्कर्म शादीशुदा होने का राज खुलते ही आरोपी गिरफ्तार

    शादी का झांसा देकर दो साल तक करता रहा दुष्कर्म शादीशुदा होने का राज खुलते ही आरोपी गिरफ्तार


    सतना । सतना जिले में शादी का झांसा देकर एक युवती के साथ लंबे समय तक दैहिक शोषण करने का मामला सामने आया है। सभापुर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार आरोपी ने अपनी शादीशुदा होने की सच्चाई छिपाकर युवती को प्रेमजाल में फंसाया और विवाह का भरोसा देकर करीब दो वर्षों तक उसका शारीरिक शोषण करता रहा। जब पीड़िता को उसकी असलियत का पता चला और उसने शादी की बात कही तो आरोपी ने रिश्ता स्वीकार करने से इनकार कर दिया और उसे धमकाने लगा। इसके बाद युवती ने पुलिस का दरवाजा खटखटाया।

    पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी की पहचान 27 वर्षीय बृजेश प्रजापति निवासी देवरा थाना कोटर के रूप में हुई है। थाना प्रभारी शंखधर द्विवेदी ने बताया कि 23 वर्षीय युवती की मुलाकात करीब दो वर्ष पहले आरोपी से हुई थी। बातचीत के दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। इसी दौरान आरोपी ने खुद को अविवाहित बताते हुए युवती को शादी का भरोसा दिया। विश्वास में लेकर उसने कई बार शारीरिक संबंध बनाए। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी युवती के घर भी आता-जाता था और कई बार उसे अपने गांव भी लेकर गया।

    समय बीतने के साथ युवती को पता चला कि जिस व्यक्ति से वह शादी की उम्मीद लगाए बैठी थी वह पहले से ही शादीशुदा है। यह सच्चाई सामने आने के बाद उसने आरोपी से जवाब मांगा लेकिन उसने शादी करने से साफ इनकार कर दिया। इतना ही नहीं आरोपी ने युवती को डराने और धमकाने की भी कोशिश की ताकि वह किसी से शिकायत न करे। मानसिक रूप से परेशान युवती ने आखिरकार सभापुर थाने पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की लिखित शिकायत दर्ज कराई।

    शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच और पीड़िता के बयान के आधार पर आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। रविवार को उसे न्यायालय में पेश किया गया जहां से न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शादी का झूठा वादा कर किसी महिला की सहमति प्राप्त कर बनाए गए शारीरिक संबंध कानून की नजर में गंभीर अपराध हो सकते हैं। ऐसे मामलों में पीड़िता की शिकायत और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सख्त कार्रवाई की जाती है। पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि यदि किसी के साथ इस तरह की धोखाधड़ी या शोषण होता है तो बिना डर के तत्काल पुलिस से संपर्क करें ताकि समय रहते कानूनी कार्रवाई की जा सके।

  • सतना टाइगर शिकार केस में बड़ा मोड़, फरार मुख्य आरोपी की मौत; वन विभाग की जांच को बड़ा झटका

    सतना टाइगर शिकार केस में बड़ा मोड़, फरार मुख्य आरोपी की मौत; वन विभाग की जांच को बड़ा झटका


    सतना । मध्य प्रदेश के सतना जिले में सामने आए चर्चित बाघ शिकार मामले की जांच को बड़ा झटका लगा है। करंट लगाकर बाघ का शिकार करने और उसके नाखून तथा केनाइन निकालने के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी मुन्ना कोल की गिरफ्तारी से पहले ही मौत हो गई। वन विभाग को उम्मीद थी कि उसकी गिरफ्तारी के बाद बाघ के लापता 14 नाखूनों और अन्य वन्यजीव अंगों की बरामदगी हो सकेगी लेकिन उसकी मौत के साथ ही जांच की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी टूट गई है। अब वन विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती गायब नाखूनों का पता लगाना और यह जानना है कि आखिर उन्हें कहां और किसके पास पहुंचाया गया।

    जानकारी के अनुसार मझगवां वन परिक्षेत्र में करीब ढाई महीने पहले शिकारियों ने जंगल में बिजली का करंट बिछाकर बाघ का शिकार किया था। बाघ की मौत के बाद आरोपियों ने उसके शव से नाखून और केनाइन निकाल लिए तथा सबूत मिटाने के उद्देश्य से शव को गड्ढा खोदकर जंगल में दफना दिया। इस सनसनीखेज घटना की भनक वन विभाग को लगभग दो महीने बाद लगी। इसके बाद तीन जुलाई को मुखबिर की सूचना पर विभाग ने जेसीबी की मदद से शव बाहर निकलवाया। जांच में पुष्टि हुई कि बाघ की मौत करंट लगने से हुई थी।

    पूरे मामले की जांच के दौरान वन विभाग ने 11 आरोपियों की पहचान की थी। इनमें से 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया जबकि मुख्य आरोपी मुन्ना कोल लगातार फरार था। पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने बार-बार यही बताया कि बाघ के नाखूनों और उनके ठिकाने की पूरी जानकारी केवल मुन्ना कोल के पास थी। ऐसे में विभाग उसकी गिरफ्तारी को इस मामले की सबसे अहम कड़ी मान रहा था।

    जांच में यह भी सामने आया कि बाघ की मौत के बाद मुन्ना कोल ने उसके चारों पैर काटकर अलग-अलग स्थानों पर जमीन में दबा दिए थे। वहीं गिरोह के अन्य दो आरोपी सत्यम और शुभम ने बाघ के केनाइन निकाल लिए थे। बाद में जब अन्य साथियों ने नाखून मांगे तो मुन्ना ने दावा किया कि जमीन में दबे पैर किसी जंगली जानवर ने खोदकर निकाल लिए जिसके कारण केवल चार नाखून ही बरामद हो सके। इसी वजह से अब तक बाघ के 14 नाखूनों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।

    वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार घटना उजागर होने के बाद से मुन्ना कोल गंभीर बीमारी से जूझ रहा था और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अलग-अलग स्थानों पर इलाज कराता रहा। विभाग उसकी तलाश में जुटा था लेकिन 18 जुलाई को उसकी मौत हो गई। इससे अब जांच का सबसे महत्वपूर्ण सिरा समाप्त हो गया है और वन्यजीव तस्करी के संभावित नेटवर्क तक पहुंचना भी कठिन हो गया है।

    मझगवां रेंजर रंजन सिंह परिहार ने मुख्य आरोपी की मौत की पुष्टि करते हुए बताया कि अन्य आरोपियों ने भी पूछताछ में नाखूनों की जानकारी केवल मुन्ना कोल के पास होने की बात कही थी। वन विभाग अब उपलब्ध साक्ष्यों और गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर जांच आगे बढ़ा रहा है। साथ ही यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि गायब नाखून कहीं वन्यजीव तस्करों के नेटवर्क तक तो नहीं पहुंचा दिए गए।

  • छत का कांच तोड़कर घर में घुसे बदमाश, सराफा कारोबारी के यहां लाखों की चोरी; पुलिस जांच में जुटी

    छत का कांच तोड़कर घर में घुसे बदमाश, सराफा कारोबारी के यहां लाखों की चोरी; पुलिस जांच में जुटी


    सतना । मध्य प्रदेश के सतना शहर में चोरों ने एक सराफा कारोबारी के सूने मकान को निशाना बनाकर करीब 50 लाख रुपए की बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दिया। परिवार के कुछ घंटों के लिए बाहर जाते ही बदमाश घर में घुस गए और सोने-चांदी के जेवरों के साथ नकदी भी समेटकर फरार हो गए। घटना का पता तब चला जब परिवार रात में वापस लौटा। घर के अंदर का नजारा देखकर सभी हैरान रह गए। कमरों का सामान बिखरा पड़ा था और अलमारियों के ताले टूटे हुए थे। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।

    यह वारदात सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के राज होम्स गली स्थित आस्था कुटी में रहने वाले 31 वर्षीय विपुल जैन के घर हुई। विपुल जैन का परिवार शहर के पावर हाउस चौक पर एचबी ज्वेलर्स के नाम से सराफा कारोबार संचालित करता है। रविवार दोपहर करीब तीन बजे पूरा परिवार उचेहरा के इचौल घूमने के लिए घर से निकला था। रात करीब साढ़े नौ बजे जब वे वापस लौटे तो मुख्य कमरों का सामान अस्त-व्यस्त मिला और अलमारियां खुली हुई थीं।

    विपुल जैन ने बताया कि सबसे पहले उनकी मां के कमरे की अलमारी खुली मिली। उसमें रखे सोने-चांदी के आभूषण और नकदी गायब थे। इसके बाद अपने और बड़े भाई के कमरों की जांच की गई तो वहां भी अलमारियों के ताले टूटे मिले और कीमती जेवर तथा नकदी चोरी हो चुकी थी। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार चोर करीब 50 लाख रुपए मूल्य का सामान लेकर फरार हुए हैं।

    मौके की जांच में सामने आया कि बदमाश छत के रास्ते घर में दाखिल हुए थे। घर की छत पर बने दरवाजे का कांच तोड़कर उन्होंने अंदर प्रवेश किया और फिर एक-एक कमरे की अलमारियां खंगाल डालीं। इससे साफ है कि चोरों ने पूरी वारदात सुनियोजित तरीके से अंजाम दी और उन्हें यह जानकारी थी कि घर में उस समय कोई मौजूद नहीं है।

    घटना की सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जा सके।

    शहर में हुई इस बड़ी चोरी ने स्थानीय व्यापारियों और आम लोगों में चिंता बढ़ा दी है। लोगों का कहना है कि लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए पुलिस गश्त और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता है। फिलहाल पुलिस तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

  • एक घंटे की बारिश में डूबा बैकुंठपुर, दर्जनों दुकानों में घुसा पानी; नगर परिषद की तैयारियों की खुली पोल

    एक घंटे की बारिश में डूबा बैकुंठपुर, दर्जनों दुकानों में घुसा पानी; नगर परिषद की तैयारियों की खुली पोल


    रीवा । रीवा जिले के बैकुंठपुर नगर में सोमवार सुबह हुई करीब एक घंटे की तेज बारिश ने नगर परिषद की तैयारियों की हकीकत सामने ला दी। बारिश का दौर ज्यादा लंबा नहीं चला लेकिन इतनी ही देर में नगर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बन गई। सबसे अधिक प्रभावित वार्ड क्रमांक 10 रहा जहां केपी तिहारी के पास स्थित करीब एक दर्जन दुकानों में बारिश का पानी घुस गया। दुकानों में पानी भरने से व्यापारियों को अपना सामान सुरक्षित रखने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी जबकि कई स्थानों पर बारिश रुकने के बाद भी पानी लंबे समय तक जमा रहा।

    बारिश का सबसे ज्यादा असर ज्वेलर्स बर्तन जनरल स्टोर और रेडीमेड कपड़ों की दुकानों पर देखने को मिला। दुकानदारों ने जल्दबाजी में सामान ऊंची जगहों पर रखा ताकि नुकसान कम हो सके। अचानक हुए जलभराव के कारण ग्राहकों की आवाजाही भी प्रभावित हुई और कारोबार पर असर पड़ा। स्थानीय लोगों को सड़क पर जमा पानी के बीच आवाजाही करने में भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

    स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बैकुंठपुर में जलभराव की समस्या कोई नई बात नहीं है। हर वर्ष मानसून के दौरान यही हालात बनते हैं लेकिन इसके बावजूद स्थायी समाधान की दिशा में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। लोगों का आरोप है कि नगर परिषद नियमित रूप से नालियों की सफाई नहीं कराती जिसके कारण उनमें कचरा जमा रहता है और बारिश का पानी आसानी से नहीं निकल पाता। परिणामस्वरूप सड़कें तालाब में बदल जाती हैं और पानी दुकानों तथा घरों तक पहुंच जाता है।

    वार्डवासियों का कहना है कि स्वच्छता और नालियों की सफाई के नाम पर हर साल लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं लेकिन जमीनी स्तर पर उसका असर दिखाई नहीं देता। उनका कहना है कि अभी मानसून की शुरुआत ही हुई है और यदि समय रहते जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं। लगातार होने वाली बारिश से लोगों को आर्थिक नुकसान के साथ दैनिक जीवन में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।

    स्थानीय निवासी केपी तिहारी ने बताया कि महज एक घंटे की बारिश में ही उनकी सहित आसपास की कई दुकानों में पानी भर गया। उन्होंने कहा कि इस समस्या को लेकर कई बार नगर परिषद से शिकायत की जा चुकी है लेकिन नालियों की नियमित सफाई नहीं होने के कारण हर वर्ष यही स्थिति बन जाती है। वहीं निवासी राजेश गुप्ता ने बताया कि वार्ड की कई नालियां लंबे समय से जाम हैं जिससे पानी की निकासी बाधित होती है और बारिश का पानी सीधे घरों तथा दुकानों में पहुंच जाता है।

    दूसरी ओर नगर परिषद का कहना है कि तेज बारिश के कारण कुछ स्थानों पर अस्थायी जलभराव हुआ है। अधिकारियों के मुताबिक जहां भी नालियों में रुकावट की सूचना मिली है वहां सफाई दल भेजकर तत्काल सफाई कराई जा रही है। परिषद का दावा है कि पूरे बारिश के मौसम में जल निकासी व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकता अनुसार सफाई अभियान चलाया जाएगा। हालांकि स्थानीय लोग स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं ताकि हर मानसून में उन्हें इसी परेशानी का सामना न करना पड़े।

  • विश्व प्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर में धार्मिक आयोजनों की शुरुआत, 6 सितंबर को होगा भव्य छप्पन भोग महोत्सव

    विश्व प्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर में धार्मिक आयोजनों की शुरुआत, 6 सितंबर को होगा भव्य छप्पन भोग महोत्सव


    मंदसौर । मंदसौर स्थित विश्व प्रसिद्ध भगवान पशुपतिनाथ महादेव मंदिर में सावन माह को लेकर धार्मिक उत्साह चरम पर पहुंचने लगा है। भगवान पशुपतिनाथ की पारंपरिक राजसी शाही सवारी इस वर्ष 24 अगस्त को सावन के अंतिम सोमवार के अवसर पर पूरे श्रद्धा और भव्यता के साथ निकाली जाएगी। इस ऐतिहासिक आयोजन की तैयारियां काली आरती मंडल और मंदिर समिति ने शुरू कर दी हैं। हर वर्ष की तरह इस बार भी हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। शहर के प्रमुख मार्ग भगवान पशुपतिनाथ के जयघोष और भक्तिमय वातावरण से गुंजायमान होंगे।

    भगवान पशुपतिनाथ की शाही सवारी केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि मंदसौर की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान का भी प्रतीक मानी जाती है। वर्ष 1996 से लगातार चली आ रही इस परंपरा का श्रद्धालुओं के बीच विशेष महत्व है। सावन के अंतिम सोमवार को भगवान का राजसी स्वरूप सुसज्जित रथ पर विराजमान होकर नगर भ्रमण करता है। रास्ते भर श्रद्धालु पुष्पवर्षा कर भगवान का स्वागत करते हैं और विभिन्न सामाजिक तथा धार्मिक संस्थाएं जगह-जगह मंच बनाकर आरती और स्वागत कार्यक्रम आयोजित करती हैं।

    आयोजन समिति के अनुसार सावन माह के दौरान प्रतिदिन सुबह 6 बजे से 8 बजे तक भगवान पशुपतिनाथ का विधि-विधान से रुद्राभिषेक और विशेष अभिषेक किया जाएगा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु इन अनुष्ठानों में शामिल होकर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। मंदिर परिसर में पूरे सावन माह तक भक्ति और आस्था का विशेष वातावरण बना रहेगा।

    शाही सवारी से एक दिन पहले 23 अगस्त को भव्य वाहन रैली निकाली जाएगी। इस रैली के माध्यम से श्रद्धालुओं को शाही सवारी में शामिल होने का आमंत्रण दिया जाएगा और पूरे शहर में धार्मिक उत्सव का माहौल तैयार किया जाएगा। इसके बाद 24 अगस्त को भगवान पशुपतिनाथ की राजसी शाही सवारी निर्धारित मार्गों से होकर निकलेगी। सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन के लिए प्रशासन भी व्यापक तैयारियां करेगा ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

    सावन माह के धार्मिक आयोजनों का समापन भी विशेष तरीके से किया जाएगा। 6 सितंबर को भगवान पशुपतिनाथ को 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग अर्पित कर भव्य छप्पन भोग महोत्सव आयोजित होगा। इस अवसर पर मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के साथ प्रसादी वितरण भी किया जाएगा। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु भगवान के दर्शन कर छप्पन भोग का प्रसाद ग्रहण करेंगे।

    मंदिर समिति का कहना है कि सभी धार्मिक आयोजन पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न कराए जाएंगे। श्रद्धालुओं से भी अपील की गई है कि वे अनुशासन बनाए रखते हुए आयोजनों में शामिल हों और धार्मिक गरिमा का पालन करें। सावन के इस पावन अवसर पर भगवान पशुपतिनाथ की नगरी एक बार फिर शिवभक्ति और आध्यात्मिक उल्लास से सराबोर होने जा रही है।