Category: Madhya Pradesh

  • शुजालपुर में किसान की संदिग्ध आत्महत्या, मानसिक तनाव की आशंका; शव ले जाने को भी झेलनी पड़ी परेशानी

    शुजालपुर में किसान की संदिग्ध आत्महत्या, मानसिक तनाव की आशंका; शव ले जाने को भी झेलनी पड़ी परेशानी


    शुजालपुर । मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले के शुजालपुर क्षेत्र से एक दुखद घटना सामने आई है जहां एक किसान की खेत पर कीटनाशक पीने से मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार पारिवारिक विवाद के बाद किसान घर से खेत गया था और वहीं उसने जहरीला पदार्थ पी लिया। कुछ घंटे बाद परिजन जब खेत पहुंचे तो वह अचेत अवस्था में मिला। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है जबकि पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

    यह घटना शुजालपुर सिटी थाना क्षेत्र के ग्राम भ्राम ताजपुर गौरी की है। मृतक की पहचान 45 वर्षीय मांगीलाल पिता रेवाराम मालवीय के रूप में हुई है। वह खेती कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। परिवार में पत्नी और तीन बच्चे हैं। परिजनों के अनुसार रविवार सुबह करीब 11 बजे मांगीलाल रोज की तरह घर से खेत के लिए निकले थे। दोपहर बाद जब काफी देर तक वह वापस नहीं लौटे तो उनके भाई रमेश उन्हें देखने खेत पहुंचे। वहां मांगीलाल अचेत अवस्था में पड़े मिले।

    परिजन उन्हें तत्काल शुजालपुर सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। अस्पताल के डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस अस्पताल पहुंची और आवश्यक कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

    परिवार के सदस्यों ने बताया कि घर में कुछ समय से छोटे-मोटे पारिवारिक विवाद चल रहे थे। आशंका जताई जा रही है कि मानसिक तनाव के कारण मांगीलाल ने खेत पर पहुंचकर कीटनाशक पी लिया। हालांकि पुलिस का कहना है कि आत्महत्या के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच पूरी होने और सभी पहलुओं की पड़ताल के बाद ही की जाएगी।

    घटना के बाद एक और समस्या सामने आई जिसने परिजनों की पीड़ा और बढ़ा दी। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद नगर पालिका का शव वाहन उपलब्ध नहीं हो सका। जानकारी के अनुसार शव वाहन में डीजल खत्म होने और तकनीकी खराबी के कारण उसका उपयोग नहीं किया जा सका। मजबूरन परिजनों को निजी वाहन की व्यवस्था कर किसान का शव गांव ले जाना पड़ा। इस स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों ने भी नाराजगी जताई और कहा कि ऐसी आवश्यक सेवाएं हर समय उपलब्ध रहनी चाहिए ताकि शोकग्रस्त परिवारों को अतिरिक्त परेशानी का सामना न करना पड़े।

    शुजालपुर सिटी थाना के प्रधान आरक्षक निहाल सिंह ने बताया कि पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस सभी तथ्यों की जांच कर रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • शुजालपुर स्टेशन पर यात्री पर चाकू से हमला कर लूट, सात दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली

    शुजालपुर स्टेशन पर यात्री पर चाकू से हमला कर लूट, सात दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली


    शुजालपुर । मध्य प्रदेश के शुजालपुर रेलवे स्टेशन पर हुई लूट और चाकूबाजी की घटना ने रेलवे यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वारदात को हुए सात दिन बीत चुके हैं लेकिन रेलवे पुलिस अब तक आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी है। घायल यात्री का अस्पताल में उपचार जारी है जबकि पुलिस आरोपियों की तलाश का दावा कर रही है।

    जानकारी के अनुसार घटना 13 जुलाई की रात करीब तीन बजे की है। उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के नगरिया निवासी केशव सविता गोरखपुर उज्जैन ट्रेन के जनरल कोच में सफर कर रहे थे। ट्रेन जब शुजालपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर दो पर रुकी तो वे चने खरीदने के लिए नीचे उतरे। इसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे दो अज्ञात बदमाशों ने उन पर हमला कर दिया।

    बदमाशों ने केशव पर चाकू से वार किया जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। हमला करने के बाद दोनों आरोपी उनका पर्स और बैग लेकर मौके से फरार हो गए। अचानक हुई इस वारदात से स्टेशन पर अफरा तफरी का माहौल बन गया। घायल यात्री को तत्काल सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया जहां उनका इलाज जारी है।

    घटना की सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास के इलाके में तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान बदमाशों द्वारा फेंका गया पर्स और आधार कार्ड बरामद कर लिया गया जिसे बाद में पीड़ित को लौटा दिया गया। हालांकि बैग और अन्य सामान के साथ फरार हुए आरोपी अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।

    घटना के सात दिन बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से यात्रियों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि रेलवे स्टेशन जैसे संवेदनशील स्थान पर सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को मजबूत किया जाना चाहिए ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। यात्रियों का कहना है कि देर रात स्टेशन पर पर्याप्त सुरक्षा बल की मौजूदगी नहीं होने का फायदा असामाजिक तत्व उठा रहे हैं।

    इधर स्टेशन पर एक और समस्या भी सामने आई है। यात्रियों ने शिकायत की है कि कुछ किन्नर जबरन पैसे मांगते हैं और कई बार ऑनलाइन भुगतान करने का दबाव भी बनाते हैं। इस संबंध में काजी एस रहमान ने शिकायत पुस्तिका में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि स्टेशन परिसर में ऐसी गतिविधियों पर भी सख्ती से रोक लगाई जानी चाहिए ताकि यात्रियों को सुरक्षित माहौल मिल सके।

    रेलवे पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। वहीं यह घटना एक बार फिर रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की जरूरत की ओर इशारा कर रही है।

  • शुजालपुर के जटाशंकर महादेव मंदिर में शुरू हुआ प्रसादम काउंटर अब देश विदेश तक ऑनलाइन पहुंचेगा बाबा का प्रसाद

    शुजालपुर के जटाशंकर महादेव मंदिर में शुरू हुआ प्रसादम काउंटर अब देश विदेश तक ऑनलाइन पहुंचेगा बाबा का प्रसाद


    शुजालपुर । शुजालपुर के प्रसिद्ध धार्मिक एवं पर्यटन स्थल श्री जटाशंकर महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए नई सुविधा की शुरुआत की गई है। मंदिर परिसर में सोमवार को प्रसादम काउंटर का शुभारंभ किया गया जहां अब भक्त भगवान को अर्पित शुद्ध देशी घी और ड्रायफ्रूट से बने प्रसाद को सशुल्क प्राप्त कर सकेंगे। खास बात यह है कि अब देश और विदेश में रहने वाले श्रद्धालु भी ऑनलाइन ऑर्डर के माध्यम से बाबा का प्रसाद अपने घर तक मंगवा सकेंगे। इस पहल से मंदिर की धार्मिक परंपरा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने का प्रयास किया गया है।

    प्रसादम काउंटर पर सांची के शुद्ध देशी घी और ड्रायफ्रूट से तैयार बेसन के लड्डू उपलब्ध कराए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए इन्हें दो पैक में रखा गया है। 100 ग्राम का पैकेट 40 रुपए और 200 ग्राम का पैकेट 80 रुपए में उपलब्ध होगा। प्रतिदिन प्रातः और संध्याकालीन आरती के दौरान भगवान को भोग लगाने के बाद यही प्रसाद श्रद्धालुओं को वितरित और विक्रय के लिए उपलब्ध कराया जाएगा जिससे भक्तों को मंदिर का पवित्र प्रसाद सहजता से मिल सके।

    इस व्यवस्था की सबसे विशेष बात यह है कि अब मंदिर आने की आवश्यकता नहीं होगी। देश और विदेश में रहने वाले श्रद्धालु भी ऑनलाइन माध्यम से प्रसाद मंगवा सकेंगे। इससे दूर बैठे भक्त भी बाबा जटाशंकर महादेव की कृपा और आशीर्वाद से जुड़ सकेंगे। प्रसाद की बिक्री से प्राप्त राशि में प्रति किलोग्राम 100 रुपए का अंशदान मंदिर को समर्पित किया जाएगा जिससे मंदिर के विकास और धार्मिक गतिविधियों को भी सहयोग मिलेगा।

    प्रसादम व्यवस्था की शुरुआत शुजालपुर निवासी कृष्णपाल ने की है जो इससे पहले नलखेड़ा स्थित माता बगुलामुखी मंदिर और बोलाई हनुमान मंदिर में भी इस तरह की व्यवस्था का सफल संचालन कर रहे हैं। प्रारंभिक चरण में इस पूरी व्यवस्था का संचालन और खर्च निजी विक्रेता द्वारा वहन किया जाएगा। इससे मंदिर प्रबंधन पर अतिरिक्त आर्थिक भार नहीं पड़ेगा और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिल सकेगी।

    शुभारंभ कार्यक्रम में भगवान जटाशंकर महादेव का विधिवत पूजन कर प्रसाद का भोग लगाया गया जिसके बाद प्रसादम काउंटर का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष बबीता परमार सहित कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल को धार्मिक आस्था और आधुनिक सुविधा का सुंदर संगम बताया।

    श्रद्धालुओं ने भी इस नई व्यवस्था का स्वागत किया। पहले ही दिन प्रसादम काउंटर पर बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे और केवल दो घंटे के भीतर लगभग एक क्विंटल प्रसाद की बिक्री हो गई। इससे साफ है कि श्रद्धालुओं में इस सुविधा को लेकर उत्साह है। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में यह व्यवस्था मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के साथ साथ देश विदेश में बसे भक्तों के लिए भी आस्था का मजबूत माध्यम बनेगी।

  • मेंटेनेंस कार्य के कारण विदिशा के कई इलाकों में बिजली कटौती बंटी नगर से हर्ष विहार तक प्रभावित रहेगी सप्लाई

    मेंटेनेंस कार्य के कारण विदिशा के कई इलाकों में बिजली कटौती बंटी नगर से हर्ष विहार तक प्रभावित रहेगी सप्लाई


    विदिशा । विदिशा शहर के कई इलाकों में सोमवार को निर्धारित बिजली कटौती की जाएगी। बिजली वितरण कंपनी द्वारा रखरखाव और तकनीकी सुधार कार्य किए जाने के कारण सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक कई कॉलोनियों और आवासीय क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बंद रहेगी। कंपनी ने पहले ही इसकी सूचना जारी करते हुए उपभोक्ताओं से आवश्यक तैयारियां करने और अपने जरूरी कार्य समय रहते पूरे करने की अपील की है।

    बिजली कंपनी के अनुसार इंडस्ट्रियल फीडर से जुड़े बंटी नगर सुभाष नगर सागर रोड पीतल मिल आम वाली कॉलोनी राजा भैया कॉलोनी और करैयाखेड़ा क्षेत्र में तीन घंटे तक बिजली सप्लाई बाधित रहेगी। इन इलाकों में रहने वाले लोगों को इस दौरान बिजली से संचालित घरेलू और व्यावसायिक कार्यों में असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे आवश्यक उपकरणों का उपयोग बिजली बंद होने से पहले कर लें।

    इसी तरह हस्नाबाद फीडर से जुड़े सांवरिया सेठ कॉलोनी तमोरिया पंचायत क्षेत्र हर्ष विहार कॉलोनी और आसपास के क्षेत्रों में भी सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। रखरखाव कार्य के दौरान लाइन और उपकरणों की तकनीकी जांच तथा आवश्यक मरम्मत की जाएगी ताकि भविष्य में उपभोक्ताओं को निर्बाध और बेहतर बिजली आपूर्ति मिल सके।

    बिजली वितरण कंपनी का कहना है कि यह निर्धारित शटडाउन पूरी तरह तकनीकी रखरखाव के लिए लिया जा रहा है। कार्य पूरा होते ही संबंधित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति तत्काल बहाल कर दी जाएगी। कंपनी ने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि वे बिजली बंद रहने के दौरान सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें और किसी भी तकनीकी समस्या की जानकारी नजदीकी बिजली कार्यालय या हेल्पलाइन पर दें।

    कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि मौसम या किसी अन्य तकनीकी कारण से कार्य प्रभावित होता है तो बिजली बहाली के समय में परिवर्तन हो सकता है। ऐसे में उपभोक्ताओं से धैर्य बनाए रखने और विभाग का सहयोग करने की अपील की गई है। नियमित रखरखाव से बिजली व्यवस्था अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बनेगी जिससे भविष्य में फॉल्ट और अनियोजित बिजली कटौती की संभावना कम होगी।

  • सीहोर में बारिश का नया दौर शुरू जावर और रेहटी सबसे ज्यादा भीगे बंगाल की खाड़ी का सिस्टम बढ़ाएगा बरसात

    सीहोर में बारिश का नया दौर शुरू जावर और रेहटी सबसे ज्यादा भीगे बंगाल की खाड़ी का सिस्टम बढ़ाएगा बरसात


    सीहोर । सीहोर जिले में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। रविवार और सोमवार के दौरान जिले के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई जिससे उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिली और मौसम सुहाना हो गया। बारिश के साथ तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां और तेज होंगी तथा 22 जुलाई से जिले में भारी बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है।

    भू अभिलेख कार्यालय के अनुसार 20 जुलाई को जिले में औसतन 0.28 इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई। सबसे अधिक बारिश जावर और रेहटी क्षेत्र में हुई जहां क्रमशः 0.98 इंच और 0.93 इंच पानी गिरा। इसके अलावा इछावर में 0.20 इंच आष्टा में 0.12 इंच और बुधनी में 0.04 इंच वर्षा दर्ज की गई। वहीं सीहोर शहर श्यामपुर और भैरूंदा क्षेत्र में बारिश नहीं हुई हालांकि दिनभर बादल छाए रहने से मौसम ठंडा बना रहा।

    मानसून सीजन की शुरुआत एक जून से अब तक जिले में कुल औसतन 14.30 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की इसी अवधि के 17.71 इंच की तुलना में कम है। जिले की सामान्य औसत वर्षा 45.21 इंच मानी जाती है। ऐसे में अभी भी सामान्य बारिश के लक्ष्य तक पहुंचने के लिए अच्छी वर्षा की जरूरत बनी हुई है।

    क्षेत्रवार आंकड़ों पर नजर डालें तो इस बार सबसे अधिक बारिश आष्टा क्षेत्र में दर्ज की गई है जहां अब तक 19.76 इंच पानी गिर चुका है। इसके बाद जावर में 17.87 इंच भैरूंदा में 15.31 इंच इछावर में 14.88 इंच और रेहटी में 14.60 इंच वर्षा दर्ज की गई है। दूसरी ओर सीहोर शहर में अब तक 12.94 इंच और बुधनी में 11.48 इंच बारिश हुई है जबकि श्यामपुर सबसे पीछे है जहां केवल 7.73 इंच वर्षा दर्ज की गई है।

    मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में नया कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय हो रहा है। इसके साथ मानसून ट्रफ मध्य प्रदेश के मध्य हिस्से से गुजर रही है। इस वजह से अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों ओर से पर्याप्त नमी प्रदेश में पहुंच रही है। इसी मौसम प्रणाली के प्रभाव से मालवा और मध्य क्षेत्र में वर्षा की गतिविधियां लगातार बढ़ने की संभावना है।

    मौसम वैज्ञानिकों ने अगले 24 से 48 घंटों तक हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है। वहीं 22 और 23 जुलाई से जिले में भारी बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई है। प्रशासन और मौसम विभाग ने किसानों को खेतों में जल निकासी की समुचित व्यवस्था करने तथा आकाशीय बिजली के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी है। यदि मौसम प्रणाली पूरी तरह सक्रिय रहती है तो आने वाले दिनों में जिले में झमाझम बारिश से जलस्तर बढ़ने और खरीफ फसलों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।

  • जमोनिया रोड पर भीषण सड़क हादसा दो मोटरसाइकिलों की जोरदार टक्कर में दो युवकों ने तोड़ा दम

    जमोनिया रोड पर भीषण सड़क हादसा दो मोटरसाइकिलों की जोरदार टक्कर में दो युवकों ने तोड़ा दम


    सीहोर । सीहोर जिले में रविवार रात एक भीषण सड़क हादसे ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। जमोनिया रोड स्थित ऋषभ वाटिका के सामने दो तेज रफ्तार मोटरसाइकिलों की आमने सामने हुई जोरदार टक्कर में दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइकें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं और दोनों सवारों को संभलने का कोई मौका नहीं मिला। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए।

    हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान शेरपुर निवासी 30 वर्षीय अकबर खान पुत्र बसारत खान और जमोनिया निवासी 20 वर्षीय रितेश पुत्र लक्ष्मीनारायण भिलाला के रूप में हुई है। दोनों युवक अपनी अपनी मोटरसाइकिल से विपरीत दिशा से आ रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों वाहन तेज गति में थे। अचानक आमने सामने आने के बाद दोनों चालक बाइक पर नियंत्रण नहीं रख सके और भीषण टक्कर हो गई। टक्कर का असर इतना जबरदस्त था कि दोनों युवकों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।

    हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को जानकारी दी। मंडी थाना पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को सुरक्षित करते हुए शवों को कब्जे में लिया। इसके बाद दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त मोटरसाइकिलों को भी जब्त कर लिया है और घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए हैं।

    मंडी थाना प्रभारी सुनील मेहर ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हादसे की मुख्य वजह तेज रफ्तार थी या फिर किसी अन्य कारण से यह दुर्घटना हुई। घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और दुर्घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

    इस दर्दनाक हादसे के बाद दोनों मृतकों के परिवारों में मातम पसरा हुआ है। एक पल की लापरवाही और तेज रफ्तार ने दो युवाओं की जिंदगी खत्म कर दी। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ लगातार वाहन चालकों को निर्धारित गति सीमा का पालन करने और सावधानीपूर्वक वाहन चलाने की सलाह देते हैं। पुलिस ने भी लोगों से अपील की है कि तेज रफ्तार से बचें और यातायात नियमों का पालन करें ताकि इस तरह की दुखद घटनाओं को रोका जा सके।

  • महाकाल दर्शन कर लौट रही श्रद्धालु की दर्दनाक मौत देवास में सड़क पार करते समय तेज रफ्तार कार ने मारी टक्कर

    महाकाल दर्शन कर लौट रही श्रद्धालु की दर्दनाक मौत देवास में सड़क पार करते समय तेज रफ्तार कार ने मारी टक्कर


    देवास । महाकाल की नगरी उज्जैन से दर्शन कर लौट रही एक श्रद्धालु की यात्रा देवास में दर्दनाक हादसे का शिकार हो गई। रविवार को सिविल लाइन थाना क्षेत्र में सड़क पार करते समय तेज रफ्तार कार की टक्कर से 65 वर्षीय महिला की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा तफरी मच गई और आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत घायल महिला को जिला अस्पताल पहुंचाया लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना से महिला के परिवार और साथियों में शोक की लहर दौड़ गई।

    मृतका की पहचान खरगोन जिले के बहगांव पुनर्वास गांव निवासी गहना केवट के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार गहना केवट अपनी कुछ महिला साथियों के साथ कार से उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन करने गई थीं। बाबा महाकाल के दर्शन और पूजा अर्चना के बाद सभी श्रद्धालु वापस अपने घर लौट रहे थे। रास्ते में देवास के सिंगावदा क्षेत्र के पास स्थित एक रेस्टोरेंट पर भोजन करने के लिए वाहन रोका गया था।

    बताया गया कि भोजन के दौरान गहना केवट सड़क पार कर रही थीं। इसी बीच तेज गति से आ रही एक कार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि वह गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर गईं। आसपास मौजूद लोगों और उनके साथियों ने बिना देर किए उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया लेकिन गंभीर चोटों के कारण उनकी जान नहीं बच सकी।

    घटना की सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई पूरी करने के बाद पोस्टमार्टम कराया और शव परिजनों को सौंप दिया। हादसे के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया। हालांकि घटनास्थल से कार की नंबर प्लेट बरामद हुई है जिससे वाहन के इंदौर जिले में पंजीकृत होने की जानकारी मिली है।

    मृतका के परिजन रविंद्र ने बताया कि गहना केवट धार्मिक यात्रा पर गई थीं और परिवार को उनकी सकुशल वापसी का इंतजार था लेकिन रास्ते में हुए हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। उन्होंने दोषी चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

    सिविल लाइन थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर वाहन चालक की तलाश तेज कर दी है। पुलिस का कहना है कि नंबर प्लेट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि हादसे की पूरी परिस्थितियों का पता लगाया जा सके। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि जांच पूरी होने के बाद आरोपी चालक के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

  • सोमवार की भस्म आरती में दिव्य आभा से आलोकित हुए बाबा महाकाल पंचामृत अभिषेक के बाद राजा स्वरूप में दिए अलौकिक दर्शन

    सोमवार की भस्म आरती में दिव्य आभा से आलोकित हुए बाबा महाकाल पंचामृत अभिषेक के बाद राजा स्वरूप में दिए अलौकिक दर्शन


    मध्यप्रदेश । विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में सोमवार तड़के आयोजित भस्म आरती के दौरान एक बार फिर आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला। ब्रह्म मुहूर्त में सुबह चार बजे मंदिर के पट खुलते ही पूरा परिसर हर हर महादेव और वैदिक मंत्रोच्चार से गूंज उठा। गर्भगृह में विराजित सभी देवी देवताओं का विधि विधान से पूजन किया गया जिसके बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक संपन्न हुआ। इसके पश्चात दूध दही घी शक्कर और फलों के रस से तैयार पंचामृत से ज्योतिर्लिंग का अभिषेक किया गया। इस पावन अनुष्ठान के दौरान वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया और उपस्थित श्रद्धालु शिव भक्ति में भाव विभोर नजर आए।

    पंचामृत अभिषेक के बाद भगवान महाकाल का विशेष श्रृंगार किया गया। प्रथम घंटा बजाकर वैदिक मंत्रों के बीच हरिओम का पवित्र जल अर्पित किया गया। कपूर आरती के पश्चात बाबा महाकाल के मस्तक पर भांग चंदन और त्रिपुंड अर्पित कर उन्हें दिव्य स्वरूप प्रदान किया गया। मंदिर में मौजूद श्रद्धालु इस अलौकिक श्रृंगार के दर्शन कर स्वयं को धन्य मानते दिखाई दिए। पूरे अनुष्ठान के दौरान मंदिर परिसर में भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत वातावरण बना रहा।

    श्रृंगार की अगली प्रक्रिया में ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से आच्छादित कर पवित्र भस्म अर्पित की गई। भस्म रमाने के बाद भगवान महाकाल को शेषनाग का रजत मुकुट रजत मुंडमाला रुद्राक्ष की मालाएं और सुगंधित पुष्पों से सजाया गया। मोगरा और गुलाब के फूलों से सुसज्जित बाबा महाकाल का राजाधिराज स्वरूप अत्यंत मनोहारी दिखाई दिया। इसके बाद भगवान को फल और मिष्ठान का भोग अर्पित किया गया तथा विशेष आरती संपन्न हुई। इस दिव्य दृश्य ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक आनंद से भर दिया।

    भस्म आरती में देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान महाकाल के दर्शन कर सुख समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना की। महा निर्वाणी अखाड़े की ओर से परंपरा के अनुसार भगवान महाकाल को पवित्र भस्म अर्पित की गई। सनातन परंपरा में यह मान्यता है कि भस्म अर्पित होने के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार स्वरूप में भक्तों को दर्शन देते हैं। यही कारण है कि महाकाल मंदिर की भस्म आरती को विश्वभर के श्रद्धालु अत्यंत श्रद्धा और आस्था के साथ देखते हैं।

    सोमवार का दिन भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष महत्व रखता है। ऐसे में इस दिन आयोजित भस्म आरती का धार्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है। उज्जैन का श्री महाकालेश्वर मंदिर बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है जहां प्रतिदिन होने वाली भस्म आरती सदियों पुरानी परंपरा का जीवंत स्वरूप मानी जाती है। बाबा महाकाल के दिव्य दर्शन और भव्य श्रृंगार ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि आस्था और विश्वास से जुड़ी यह परंपरा आज भी करोड़ों श्रद्धालुओं की आध्यात्मिक शक्ति का सबसे बड़ा केंद्र बनी हुई है।

  • जमीन अधिग्रहण पर बवाल: देवास में किसानों का भोपाल कूच नाकाम, मुआवजे को लेकर सड़क पर आंदोलन

    जमीन अधिग्रहण पर बवाल: देवास में किसानों का भोपाल कूच नाकाम, मुआवजे को लेकर सड़क पर आंदोलन


    देवास । देवास में वेस्टर्न रिंग रोड परियोजना के लिए हो रहे भूमि अधिग्रहण के विरोध में किसानों का आंदोलन सोमवार को और तेज हो गया। अपनी कृषि भूमि के बदले बाजार मूल्य का चार गुना मुआवजा देने की मांग को लेकर बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टरों के साथ भोपाल कूच के लिए निकले, लेकिन पुलिस ने उन्हें शिप्रा चौराहे पर ही रोक दिया। इसके बाद हालात तनावपूर्ण हो गए और प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए प्रशासन ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। कार्रवाई के बाद किसान बरलाई जागीर गांव में सड़क पर ही धरने पर बैठ गए और मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान कर दिया।

    किसानों का कहना है कि उनकी उपजाऊ और सिंचित कृषि भूमि वेस्टर्न रिंग रोड परियोजना के लिए अधिग्रहित की जा रही है, लेकिन उन्हें कानून के अनुसार उचित मुआवजा नहीं दिया जा रहा। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि वे भूमि अधिग्रहण कानून 2013 के प्रावधानों के अनुसार बाजार मूल्य का चार गुना मुआवजा चाहते हैं। उनका आरोप है कि प्रशासन उनकी सहमति के बिना जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा है, जिससे किसानों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।

    सोमवार सुबह किसान ट्रैक्टरों के साथ भोपाल की ओर रवाना होने की तैयारी में थे। बड़ी संख्या में पुलिस बल पहले से ही शिप्रा चौराहे पर तैनात था। जैसे ही किसानों ने आगे बढ़ने का प्रयास किया, पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद किसानों और प्रशासन के बीच बहस हुई और स्थिति तनावपूर्ण हो गई। प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। हालांकि, इसके बावजूद किसान पीछे हटने को तैयार नहीं हुए और बरलाई जागीर में सड़क पर बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।

    प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विकास परियोजनाओं के नाम पर किसानों की उपजाऊ जमीन ले रही है, लेकिन उसके बदले उचित मुआवजा और पुनर्वास की व्यवस्था नहीं कर रही। किसानों का कहना है कि उनकी बहु-फसली सिंचित भूमि ही उनके परिवार की आय का मुख्य स्रोत है और इसके अधिग्रहण से उनका भविष्य प्रभावित होगा।

    प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। अधिकारियों के अनुसार प्रदर्शन शांतिपूर्ण बनाए रखने की कोशिश की जा रही है और किसानों से बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने का प्रयास भी जारी है।

    वेस्टर्न रिंग रोड परियोजना इंदौर और देवास क्षेत्र की महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं में शामिल है। इस आउटर हाईवे का उद्देश्य भारी वाहनों को शहरों के भीतर प्रवेश किए बिना वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराना है, जिससे ट्रैफिक का दबाव कम हो सके। साथ ही वर्ष 2028 में उज्जैन सिंहस्थ महाकुंभ के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में भी यह परियोजना महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बताया जा रहा है कि इस परियोजना से इंदौर, देवास, सांवेर और देपालपुर क्षेत्र के करीब 39 गांव प्रभावित होंगे।

    फिलहाल किसानों और प्रशासन के बीच गतिरोध बना हुआ है। एक ओर सरकार इस परियोजना को क्षेत्रीय विकास और बेहतर यातायात व्यवस्था के लिए जरूरी बता रही है, वहीं किसान उचित मुआवजे और अपनी जमीन के अधिकारों को लेकर आंदोलन पर अड़े हुए हैं। आने वाले दिनों में दोनों पक्षों के बीच होने वाली बातचीत इस विवाद की दिशा तय करेगी।

  • एमपी विधानसभा में UCC विधेयक पेश, आज होगी चर्चा; उज्जैन जमीन विवाद पर हंगामे से कार्यवाही दो बार स्थगित

    एमपी विधानसभा में UCC विधेयक पेश, आज होगी चर्चा; उज्जैन जमीन विवाद पर हंगामे से कार्यवाही दो बार स्थगित


    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पहले ही दिन सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक टकराहट देखने को मिली। राज्य सरकार ने सदन में मध्य प्रदेश समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक-2026 पेश कर दिया, जबकि विपक्ष ने उज्जैन जमीन खरीद मामले को लेकर जोरदार हंगामा किया। लगातार शोर-शराबे के चलते विधानसभा की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने स्पष्ट किया कि UCC विधेयक पर मंगलवार को विस्तृत चर्चा कराई जाएगी, जिसके बाद आगे की प्रक्रिया पूरी होगी।

    सत्र की शुरुआत से पहले ही कांग्रेस ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाया। कांग्रेस विधायक मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेश के कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना के मुखौटे पहनकर विधानसभा पहुंचे। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों के मुद्दों से ध्यान भटकाने में लगी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसानों को समय पर खाद और बीज नहीं मिल रहे हैं, लेकिन सरकार इन समस्याओं के समाधान के बजाय दूसरे मुद्दों में उलझी हुई है।

    सदन के भीतर भी विपक्ष ने सरकार को कई मुद्दों पर घेरा। उमंग सिंघार ने बरगी क्रूज हादसे में जान गंवाने वाले लोगों और कथित रूप से अव्यवस्था से परेशान नीट परीक्षार्थियों का मुद्दा उठाते हुए विधानसभा सचिवालय पर श्रद्धांजलि सूची में नाम शामिल नहीं करने का सवाल खड़ा किया। इसके बाद उज्जैन में मुख्यमंत्री और उनके परिवार की जमीन खरीद से जुड़े मामले पर विपक्ष ने स्थगन प्रस्ताव रखा, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने इसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया। इस फैसले के बाद कांग्रेस विधायकों ने तीखा विरोध किया और सदन में नारेबाजी शुरू हो गई। हंगामा बढ़ने पर विधानसभा की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।

    सरकार ने इस दौरान केवल UCC विधेयक ही नहीं, बल्कि एक साथ कई महत्वपूर्ण विधेयक भी सदन के पटल पर रखे। इनमें मध्य प्रदेश निरसन विधेयक, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं विधेयक, राजमार्ग संशोधन विधेयक, निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक, आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक, धन्वंतरि स्वास्थ्य विश्वविद्यालय विधेयक, श्रम और उद्योग से जुड़े कई नए विधेयक शामिल हैं। कांग्रेस ने एक साथ इतने विधेयक पेश किए जाने पर भी आपत्ति जताई और कहा कि इन्हें पहले कार्यसूची में शामिल नहीं किया गया था। संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने जवाब दिया कि कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में इस पर चर्चा हो चुकी थी और सभी विधायकों को विधेयकों का अध्ययन करने का पर्याप्त समय मिलेगा।

    इसी बीच ओबीसी महासभा ने भी विधानसभा के बाहर 27 प्रतिशत आरक्षण लागू करने और 13 प्रतिशत पदों को होल्ड मुक्त करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। संगठन के सदस्यों ने आरोप लगाया कि वर्षों से आंदोलन करने के बावजूद उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द फैसला नहीं लिया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

    विधानसभा के पहले दिन की कार्यवाही ने साफ संकेत दे दिए हैं कि मानसून सत्र काफी हंगामेदार रहने वाला है। एक तरफ सरकार समान नागरिक संहिता समेत कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने की तैयारी में है, वहीं विपक्ष किसानों, आरक्षण, उज्जैन जमीन विवाद और अन्य जनहित के मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बना चुका है। अब सबकी निगाहें UCC विधेयक पर होने वाली चर्चा और उज्जैन जमीन मामले में सरकार के अगले रुख पर टिकी हैं।