Category: Madhya Pradesh

  • सिलवानी इलाके में संवेदना यात्रा विधायक ने कई गांवों में पहुंचकर परिजनों को दिया संबल

    सिलवानी इलाके में संवेदना यात्रा विधायक ने कई गांवों में पहुंचकर परिजनों को दिया संबल


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के जैथारी क्षेत्र में हाल ही में हुए निधन के मामलों के बाद शोक का माहौल बना हुआ है। इसी बीच देवेंद्र पटेल ने आदिवासी अंचल का दौरा कर शोकाकुल परिवारों से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया। उनके इस दौरे को स्थानीय स्तर पर संवेदनशील पहल के रूप में देखा जा रहा है जहां जनप्रतिनिधि सीधे प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचे।

    दौरे की शुरुआत ग्राम छींद से हुई जहां विधायक ने ब्रजकिशोर ठाकुर के पुत्र अमित ठाकुर के निधन पर उनके परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने परिवार को सांत्वना दी और दुख की इस घड़ी में हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। इसके बाद वे ग्राम फुलमार पहुंचे जहां भूरा आदिवासी के बालक के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने परिवार के सदस्यों से बातचीत कर उनकी स्थिति का जायजा लिया और उन्हें मानसिक रूप से मजबूत रहने की सलाह दी।

    दौरे के दौरान जैथारी क्षेत्र के अन्य गांवों में भी विधायक ने पहुंचकर लोगों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि ऐसे कठिन समय में समाज और जनप्रतिनिधियों का कर्तव्य है कि वे प्रभावित परिवारों के साथ खड़े रहें और उन्हें हर संभव सहारा दें।

    ग्राम फुलमार में उन्होंने सरपंच केशव धुर्वे के निवास पर भी पहुंचकर उनके पिता के निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने परिवार के सदस्यों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं और ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की।

    स्थानीय लोगों ने इस दौरे को सराहा और कहा कि जनप्रतिनिधि का इस तरह गांवों में आकर लोगों के दुख में शामिल होना विश्वास और भरोसे को मजबूत करता है। इस पहल से क्षेत्र में सामाजिक एकजुटता और आपसी सहयोग की भावना भी देखने को मिली है।

  • बाबा बागेश्वर की हिन्दुओं से अपील… बोले- चार बच्चे पैदा करो…. एक RSS को समर्पित करो

    बाबा बागेश्वर की हिन्दुओं से अपील… बोले- चार बच्चे पैदा करो…. एक RSS को समर्पित करो

    नागपुर। महाराष्ट्र (Maharashtra) के नागपुर (Nagpur) में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बागेश्वर धाम (Bageshwar Dham) के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री (Pandit Dhirendra Shastri) ने एक बड़ा बयान दिया है, जो चर्चा का विषय बन गया है. भारत दुर्गा मंदिर के शिलान्यास कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने लोगों से अपील की कि वो चार बच्चे पैदा करें और उनमें से एक को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (Rashtriya Swayamsevak Sangh) के लिए समर्पित करें.

    कार्यक्रम के दौरान उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की जमकर तारीफ भी की. उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि बच्चे चार पैदा करो, जिस में एक स्वयंसेवक संघ को दो. उनके इस बयान के बाद कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई।

    इस कार्यक्रम की खास बात यह रही कि इसमें संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत खुद मौजूद थे. इसके अलावा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी कार्यक्रम में शामिल हुए. कार्यक्रम में कई साधु संतों की भी मौजूदगी रही।


    बयान के बाद अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं

    भारत दुर्गा मंदिर के शिलान्यास के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे. बागेश्वर बाबा के बयान के बाद यह मामला चर्चा में आ गया है. फिलहाल उनके इस बयान को लेकर अलग अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

  • MP: कान्हा में मृत मिला एक और बाघ शावक…. राज्य में इस साल अब तक 22 बाघों की मौत

    MP: कान्हा में मृत मिला एक और बाघ शावक…. राज्य में इस साल अब तक 22 बाघों की मौत


    मंडला।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के कान्हा रिजर्व (Kanha Reserve) के कोर एरिया में एक शावक (Tiger Cub.) मृत पाया गया, जिससे इस साल जनवरी से अब तक राज्य में बाघों (Tigers) की मौत की संख्या बढ़कर 22 हो गई है. यह रिजर्व मंडला और बालाघाट जिलों में फैला हुआ है.

    कान्हा टाइगर रिजर्व की डिप्टी डायरेक्टर अमिता बी ने बताया कि एक से डेढ़ साल के इस बच्चे का शव गुरुवार शाम को रिजर्व के मुख्य क्षेत्र के सरगी इलाके में मिला. शावक का पोस्टमॉर्टम शुक्रवार को किया गया और हम इसकी रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं ताकि मौत का सही कारण पता चल सके.

    अफसर ने आगे बताया कि पहली नजर में ऐसा लगता है कि बच्चे को उसकी मां ने दूध नहीं पिलाया होगा, जिसके कारण भूख से उसकी मौत हो गई. इसी बाघिन का एक और बच्चा तीन दिन पहले मर गया था. उन्होंने कहा, “बाघिन ने चार बच्चों को जन्म दिया था, जिनमें से दो की मौत हो चुकी है. हम बाघिन और बाकी बचे दो बच्चों पर कड़ी नजर रख रहे हैं.”

    राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश में जहां 9 बाघ अभयारण्य हैं, इस साल अब तक बाघों की 22 मौतें दर्ज की गई हैं, जिनमें शावकों की मौतें भी शामिल हैं. अधिकारियों ने बताया कि 2026 की पहली मौत 7 जनवरी को बांधवगढ़ बाघ अभयारण्य में दर्ज की गई थी.


    विशेषज्ञों की चिंता और जवाबदेही

    जाने-माने वन्यजीव कार्यकर्ता अजय दुबे ने राज्य में बाघों की बढ़ती मौतों पर चिंता जताई. उन्होंने कहा, “बाघों की मौतों के मामले में, जिनमें अप्राकृतिक मौतें भी शामिल हैं, मध्य प्रदेश पहले स्थान पर है, जो चिंता का विषय है.”

    दुबे ने आरोप लगाया कि निगरानी और गश्त की कमी के कारण ऐसी घटनाएं हो रही हैं और उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों से जवाबदेही की मांग की. उन्होंने पन्ना बाघ अभयारण्य के एक हालिया मामले का जिक्र किया, जहां बाघ की मौत के लगभग 20 दिन बाद उसका सड़ा-गला शव मिला था.

  • जनपद कार्यालय में हंगामा मंत्री के भाई ने सीईओ को दी जान से मारने की धमकी

    जनपद कार्यालय में हंगामा मंत्री के भाई ने सीईओ को दी जान से मारने की धमकी


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश में एक बार फिर सत्ता से जुड़े लोगों के परिजनों की कथित दबंगई को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। इस बार मामला नागर सिंह चौहान के भाई इंदरसिंह चौहान से जुड़ा है, जिन पर जनपद पंचायत कार्यालय में महिला सीईओ को धमकाने और अभद्र व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगे हैं। घटना ने प्रशासनिक तंत्र की सुरक्षा और कार्यस्थल पर अधिकारियों की स्थिति को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

    जानकारी के अनुसार यह घटना 22 अप्रैल की है, जब प्रिया काग अपने कार्यालय पहुंचीं। आरोप है कि कन्या विवाह योजना के तहत पहले से विवाहित आवेदकों के आवेदन निरस्त किए जाने को लेकर इंदरसिंह चौहान नाराज हो गए। इसी बात को लेकर उन्होंने कार्यालय में हंगामा किया और सीईओ के साथ अभद्रता की।

    सीईओ प्रिया काग का कहना है कि इंदरसिंह चौहान ने उन्हें न सिर्फ धमकाया बल्कि मारने के लिए दौड़े भी। उन्होंने कथित रूप से कहा कि तेरे दांत तोड़ दूंगा तुझे जिंदा गाड़ दूंगा और यहां सब कुछ उनकी मर्जी से चलेगा। इस दौरान उन्होंने उनका रास्ता भी रोका जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। मौके पर मौजूद लेखाधिकारी सावन भिंडे ने बीच बचाव कर स्थिति को संभाला।

    घटना के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इंदरसिंह चौहान के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है। मध्य प्रदेश पुलिस ने बीएनएस की धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जहां से उन्हें जमानत मिल गई। इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासनिक व्यवस्था और कानून व्यवस्था को लेकर बहस छेड़ दी है।

    बताया जा रहा है कि इंदरसिंह चौहान पहले भी विवादों में रह चुके हैं। खाद वितरण को लेकर एक सेल्समैन से मारपीट और कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरे हटवाने जैसे आरोप पहले भी सामने आ चुके हैं। ऐसे में यह नया मामला उनके पुराने विवादों को फिर से चर्चा में ले आया है।

    वहीं इस पूरे विवाद पर मंत्री नागर सिंह चौहान ने खुद को अलग बताते हुए कहा कि उनका अपने भाई से लंबे समय से कोई संबंध नहीं है और वह अपने निजी मामलों के लिए खुद जिम्मेदार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कानून अपना काम करेगा और जो भी उचित कार्रवाई होगी वह की जाएगी।

    यह मामला न सिर्फ राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है बल्कि इससे कार्यस्थल पर महिला अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि प्रशासनिक पदों पर बैठे अधिकारियों को भी कई बार दबाव और धमकियों का सामना करना पड़ता है, जो व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है।

  • किसानों के लिए बड़ा फैसला भू अर्जन पर चार गुना मुआवजा भाजपा किसान मोर्चा ने जताया आभार

    किसानों के लिए बड़ा फैसला भू अर्जन पर चार गुना मुआवजा भाजपा किसान मोर्चा ने जताया आभार


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश में किसानों के हित में लिए गए एक बड़े फैसले के बाद उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है। प्रदेश सरकार द्वारा भू अर्जन के मामलों में किसानों को चार गुना मुआवजा देने की घोषणा के बाद किसान वर्ग के साथ साथ भाजपा कार्यकर्ताओं में भी खुशी की लहर दौड़ गई है। इस फैसले को किसानों के लिए ऐतिहासिक और दूरगामी प्रभाव वाला कदम बताया जा रहा है।

    भारतीय जनता पार्टी के किसान मोर्चा ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह फैसला न केवल किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में अहम है बल्कि उनके सम्मान और सुरक्षा को भी सुनिश्चित करता है।

    कृषक कल्याण वर्ष 2026 के तहत लिए गए इस निर्णय की खुशी में आगर मालवा के छावनी नाका क्षेत्र में भाजपा किसान मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया। इस दौरान पटाखे फोड़े गए और एक दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी साझा की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे और उन्होंने सरकार के इस फैसले को किसानों के लिए नई उम्मीद का प्रतीक बताया।

    कार्यकर्ताओं ने कहा कि लंबे समय से किसान उचित मुआवजे की मांग कर रहे थे और यह निर्णय उनकी उस मांग को पूरा करता है। भू अर्जन के दौरान किसानों को होने वाले आर्थिक नुकसान की भरपाई के लिए यह कदम बेहद जरूरी था। अब चार गुना मुआवजा मिलने से किसानों को राहत मिलेगी और वे अपनी आजीविका को बेहतर तरीके से संभाल सकेंगे।

    इस मौके पर भाजपा जिला अध्यक्ष ओम मालवीय, पूर्व जिला अध्यक्ष करण सिंह यादव और किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष दिनेश परमार सहित कई प्रमुख कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हितों को प्राथमिकता दे रही है और आने वाले समय में ऐसे और भी फैसले लिए जाएंगे।

    यह फैसला प्रदेश में कृषि क्षेत्र को मजबूती देने और किसानों के जीवन स्तर को सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार के इस कदम से किसानों में भरोसा बढ़ा है और उन्हें आर्थिक रूप से सुरक्षित महसूस कराने में मदद मिलेगी।

  • आगर मालवा में दर्दनाक हादसा अज्ञात वाहन की टक्कर से मां की मौत बेटा घायल

    आगर मालवा में दर्दनाक हादसा अज्ञात वाहन की टक्कर से मां की मौत बेटा घायल


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले में शुक्रवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। इस हादसे में 38 वर्षीय सपना माली की मौत हो गई जबकि उनका बेटा रोहित घायल हो गया। घटना आगर और आमला मार्ग पर ग्राम मोयाखेड़ा के पास हुई जब एक अज्ञात वाहन ने पीछे से उनकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी।
    जानकारी के अनुसार सपना अपने बेटे रोहित के साथ नलखेड़ा क्षेत्र के बड़ागांव में आयोजित एक मान कार्यक्रम में शामिल होकर अपने घर लौट रही थीं। रात का समय होने के कारण सड़क पर दृश्यता कम थी और इसी दौरान तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उनकी स्कूटी को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों सड़क पर गिर गए और गंभीर रूप से घायल हो गए।
    हादसे के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया लेकिन डॉक्टरों ने सपना को मृत घोषित कर दिया। वहीं उनके बेटे रोहित को गंभीर चोटें आई हैं और उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उसका इलाज जारी है। परिजनों के अनुसार सपना एक गृहिणी थीं और परिवार की जिम्मेदारियों को संभाल रही थीं। उनके परिवार में दो बेटे और एक बेटी है जिनमें से बेटी की शादी हो चुकी है।
    इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है और परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। स्थानीय लोगों ने सड़क पर तेज रफ्तार वाहनों और लापरवाही से ड्राइविंग को इस तरह के हादसों की बड़ी वजह बताया है। ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग पर अक्सर तेज गति से वाहन चलते हैं जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। मध्य प्रदेश पुलिस के अंतर्गत कोतवाली थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर अज्ञात वाहन की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से आरोपी वाहन की पहचान करने की कोशिश कर रही है।
    शनिवार सुबह जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गई जिसके बाद सपना का शव परिजनों को सौंप दिया गया। इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और सावधानी की जरूरत को उजागर किया है। वहीं पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे वाहन चलाते समय सतर्कता बरतें और ट्रैफिक नियमों का पालन करें ताकि इस तरह की दुखद घटनाओं को रोका जा सके।
  • MP में अब सप्ताह में 6 दिन गेहूं खरीदी…. किसान 9 मई तक कर सकेंगे स्लॉट बुक- CM ने की घोषणा

    MP में अब सप्ताह में 6 दिन गेहूं खरीदी…. किसान 9 मई तक कर सकेंगे स्लॉट बुक- CM ने की घोषणा


    भोपाल।
    मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) ने प्रदेश की जनता को संबोधित करते हुए किसानों के हित में कई अहम घोषणाएं की हैं. उन्होंने बताया कि रिकॉर्ड गेहूं उत्पादन (Record Wheat Production) को देखते हुए राज्य ने केंद्र सरकार से खरीदी सीमा बढ़ाने का आग्रह किया था, जिसे स्वीकार करते हुए अब गेहूं उपार्जन लक्ष्य 78 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है. इससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा. उन्होंने यह भी ऐलान किया कि अब गेहूं खरीदी सप्ताह में 6 दिन होगी और स्लॉट बुकिंग की तारीख 9 मई तक बढ़ा दी गई है।

    CM यादव ने बताया कि रिकॉर्ड उत्पादन को देखते हुए सरकार ने खरीदी व्यवस्था को और सुगम बनाया है. गेहूं उपार्जन का लक्ष्य 78 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर अब 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है।


    6 दिन होगी गेहूं खरीदी

    अब गेहूं उपार्जन सप्ताह में 6 दिन होगा. शनिवार का अवकाश समाप्त कर दिया गया है ताकि किसान निर्बाध रूप से अपनी फसल बेच सकें. वहीं, 30 अप्रैल तक समाप्त होने वाली स्लॉट बुकिंग की अवधि को अब 9 मई 2026 तक बढ़ा दिया गया है।


    भूमि अधिग्रहण पर 4 गुना मुआवजा

    मुख्यमंत्री ने भू-अर्जन को लेकर एक ऐतिहासिक निर्णय की जानकारी दी. अब किसानों को उनकी अधिग्रहित भूमि के बदले 4 गुना तक मुआवजा दिया जाएगा. यह कदम किसानों के अधिकारों की रक्षा और उनके भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से उठाया गया है.


    फसलों पर बोनस और अन्य प्रोत्साहन

    तय समर्थन मूल्य (MSP) पर उड़द की खरीदी के साथ किसानों को 600 रुपये प्रति क्विंटल की अतिरिक्त बोनस राशि दी जाएगी। सरसों पर भावांतर योजना के सकारात्मक परिणाम मिले हैं, जिससे किसानों को MSP से भी अधिक दाम मिल रहे हैं। ‘किसान कल्याण वर्ष’ के तहत मात्र 5 रुपये में कृषि पंप कनेक्शन दिया जा रहा है. साथ ही, कृषक मित्र योजना में 90% सब्सिडी पर सोलर पंप दिए जा रहे हैं।


    मध्य प्रदेश बनेगा ‘मिल्क कैपिटल’

    पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को आय का मुख्य जरिया बनाने के लिए सरकार ठोस कदम उठा रही है. प्रदेश में 1752 नई दुग्ध समितियों का गठन किया गया है. हर दिन का दूध संकलन 10 लाख किलो के पार पहुंच गया है. दुग्ध उत्पादक किसानों को अब दूध का दाम 8 से 10 रुपये प्रति किलो बढ़कर मिल रहा है।


    यूरिया की उपलब्धता

    वैश्विक युद्ध स्थितियों के बावजूद प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं होने दी गई है. वर्तमान में 5.90 लाख मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है. वितरण प्रणाली को डिजिटल और आधुनिक बनाया गया है ताकि किसानों को बिना लंबी लाइनों के खाद मिल सके।

  • एमपी में गर्मी का कहर, सबसे ज्‍यादा तप रहे खजुराहो-नौगांव, आज कई जिलों में लू की चेतावनी

    एमपी में गर्मी का कहर, सबसे ज्‍यादा तप रहे खजुराहो-नौगांव, आज कई जिलों में लू की चेतावनी

    भोपाल। मध्यप्रदेश में इन दिनों गर्मी अपने चरम पर है। सुबह होते ही सूरज की तपिश तेज हो जाती है और दोपहर तक हालात और भी ज्यादा गर्म हो जाते हैं। इसी बीच मौसम विभाग ने शनिवार को ग्वालियर और उज्जैन सहित 20 से अधिक जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की है।

    हीट वेव का अलर्ट

    जिन जिलों में हीट वेव का अलर्ट जारी किया गया है, उनमें ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, उमरिया, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, रतलाम, उज्जैन, झाबुआ, धार और अलीराजपुर शामिल हैं। प्रदेश के अन्य जिलों में भी गर्मी का असर बना रहेगा और तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर ही रहने की संभावना है। फिलहाल छतरपुर जिला सबसे ज्यादा गर्म बना हुआ है, जहां खजुराहो और नौगांव में तापमान सबसे ऊंचा दर्ज किया जा रहा है।

    खजुराहो सबसे गर्म

    शुक्रवार को खजुराहो प्रदेश का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां पारा करीब 44 डिग्री तक पहुंच गया। मौसम विभाग के अनुसार, खजुराहो में 43.9 डिग्री, नौगांव में 43.5 डिग्री और रतलाम में 43.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। इसके अलावा सतना और टीकमगढ़ में 42.8 डिग्री, दमोह में 42.6 डिग्री, मंडला और रीवा में 42.5 डिग्री, जबकि धार, सीधी और रायसेन में 42.4 डिग्री तापमान रहा। दतिया और नर्मदापुरम में 42.3 डिग्री तथा श्योपुर और शाजापुर में 42.2 डिग्री दर्ज किया गया। मलाजखंड, उमरिया और खरगोन में तापमान 32 डिग्री के आसपास रहा।

    बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 42.1 डिग्री पहुंच गया। भोपाल में 41.6 डिग्री, इंदौर में 41.2 डिग्री, जबलपुर में 42 डिग्री और उज्जैन में 41.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। हालांकि, महीने के अंत में मौसम कुछ राहत दे सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक 27 और 28 अप्रैल को ग्वालियर, चंबल, जबलपुर और सागर संभाग के कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण हो सकता है।

  • दमोह में गौशालाओं की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए 25 अप्रैल को अहम बैठक

    दमोह में गौशालाओं की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए 25 अप्रैल को अहम बैठक


    दमोह, 24 अप्रैल:
    जिले में संचालित गौशालाओं की व्यवस्था को बेहतर और सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने बड़ा कदम उठाया है। हाल ही में विभिन्न गौशालाओं के निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर व्यवस्थाओं में खामियां सामने आईं, जिन्हें सुधारने के लिए अब ठोस रणनीति तैयार की जा रही है।

    इसी क्रम में कलेक्टर ने 25 अप्रैल को गौशाला संचालकों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया है। इस बैठक में गौशालाओं के संचालन, उपलब्ध संसाधनों, साफ-सफाई, पशुओं के स्वास्थ्य, चारे-पानी की व्यवस्था और गौवंश की समुचित देखभाल जैसे अहम विषयों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

    निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि कई गौशालाओं में मूलभूत सुविधाओं की कमी है, जिससे गौवंश के रखरखाव पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। प्रशासन अब इन कमियों को दूर करने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने जा रहा है, ताकि हर गौशाला में बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके।

    कलेक्टर श्री यादव ने आमजन से भी इस पहल में सहभागिता की अपील की है। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता से ही गौशालाओं की व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। नागरिक अपने सुझाव देकर इस अभियान को मजबूत बना सकते हैं।

    प्रशासन का स्पष्ट लक्ष्य है कि जिले की सभी गौशालाओं में गौ माताओं को बेहतर सुविधा, पर्याप्त पोषण और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाए, जिससे उनकी देखभाल उच्च स्तर पर सुनिश्चित हो सके।

  • दमोह में बिजली बकायेदारों पर सख्ती, विभाग ने शुरू की कुर्की और जब्ती की कार्रवाई

    दमोह में बिजली बकायेदारों पर सख्ती, विभाग ने शुरू की कुर्की और जब्ती की कार्रवाई


    दमोह । दमोह शहर में बिजली बिल बकाया रखने वाले उपभोक्ताओं के खिलाफ बिजली विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए व्यापक कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग के अनुसार शहर में लगभग 7 हजार उपभोक्ताओं पर करीब 4 करोड़ 68 लाख रुपये का बिजली बिल बकाया है, जिसे वसूलने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
    बिजली विभाग द्वारा कनेक्शन काटने की कार्रवाई के बावजूद कई उपभोक्ता अवैध रूप से बिजली का उपयोग करते पाए गए हैं। ऐसे मामलों में विभाग ने सख्ती दिखाते हुए चार नामजद आरोपियों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कर जांच के लिए मामला सौंपा है। ये आरोपी अवैध रूप से लाइन से छेड़छाड़ कर बिजली का उपयोग कर रहे थे।
    विभाग ने बकाया राशि जमा न करने वाले उपभोक्ताओं के खिलाफ भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 146 एवं 147 के तहत आरआरसी नोटिस जारी कर कुर्की की कार्रवाई भी शुरू कर दी है।इसी क्रम में अधीक्षण अभियंता के निर्देशन में 24 अप्रैल को विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान फीडर नंबर 24 में कार्रवाई करते हुए शिवशक्ति मंदिर के पास रहने वाली माया/देवेंद्र जाटव, जिन पर 64 हजार रुपये बकाया था, तथा मल्लपुरा नया बाजार क्षेत्र के निवासी दयाशंकर/डल्लू प्रसाद अहिरवार, जिन पर 42,178 रुपये बकाया था, के दो वाहनों को जब्त किया गया।
    अधीक्षण अभियंता ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा और बकाया भुगतान नहीं करने वाले उपभोक्ताओं की संपत्ति कुर्क कर नीलामी तक की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि सहायक अभियंताओं को तहसीलदार की शक्तियां प्रदान की गई हैं, जिससे राजस्व वसूली की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
    अपील:
    बिजली विभाग ने सभी उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपने लंबित बिजली बिलों का शीघ्र भुगतान करें, अन्यथा उन्हें सख्त कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।