Category: Madhya Pradesh

  • जबलपुर के सेंट अलायसियस स्कूल में धर्म परिवर्तन के आरोपों पर बवाल, कर्मचारियों के दावों के बाद हिंदू संगठनों का प्रदर्शन, पुलिस ने संभाला मोर्चा

    जबलपुर के सेंट अलायसियस स्कूल में धर्म परिवर्तन के आरोपों पर बवाल, कर्मचारियों के दावों के बाद हिंदू संगठनों का प्रदर्शन, पुलिस ने संभाला मोर्चा

    मध्य प्रदेश:  जबलपुर स्थित सेंट अलायसियस स्कूल में धर्म परिवर्तन के आरोपों को लेकर मंगलवार को विवाद खड़ा हो गया। कुछ कर्मचारियों द्वारा स्कूल प्रबंधन पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने और नौकरी से निकालने की धमकी देने के आरोप लगाए जाने के बाद विभिन्न हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता स्कूल परिसर पहुंच गए। प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी और विरोध हुआ, जिसके बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।

    विवाद उस समय सामने आया जब स्कूल के कुछ कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उन पर धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाया गया। कर्मचारियों का दावा है कि उन्हें नौकरी बनाए रखने के लिए धर्म बदलने के लिए कहा गया और ऐसा नहीं करने पर सेवा समाप्त करने की चेतावनी दी गई। शिकायतकर्ताओं का यह भी आरोप है कि उन्हें विभिन्न प्रकार के प्रलोभन दिए गए, लेकिन धर्म परिवर्तन से इनकार करने के बाद उन्हें नौकरी से हटा दिया गया।

    इन आरोपों की जानकारी सामने आने के बाद विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और अन्य हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में स्कूल पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ नारे लगाए और आरोप लगाया कि कर्मचारियों पर अनुचित दबाव बनाया जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान परिसर में लगे कुछ बैनर और पोस्टर भी क्षतिग्रस्त किए गए तथा बैरिकेडिंग को नुकसान पहुंचने की सूचना मिली। मौके पर मौजूद पुलिस बल ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए प्रदर्शनकारियों को शांत कराया।

    प्रदर्शन में शामिल संगठनों के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों को डर और लालच के माध्यम से धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जा रहा था। उन्होंने मामले में निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित प्रबंधन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए।

    दूसरी ओर, शिकायत करने वाले कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने धर्म परिवर्तन करने से इनकार किया, जिसके बाद उनकी नौकरी समाप्त कर दी गई। उनका दावा है कि इस कार्रवाई से उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर न्याय दिलाने की मांग की है।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। अधिकारियों ने बताया कि सभी पक्षों से प्राप्त शिकायतों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल इस मामले में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और जांच जारी है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच पूरी होने का इंतजार करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जाएगी और कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

  • नेमावर में शातिर महिला ने भरोसे का उठाया फायदा, जेवर चमकाने और बर्तन बदलने के बहाने 20 लाख के आभूषण लेकर फरार

    नेमावर में शातिर महिला ने भरोसे का उठाया फायदा, जेवर चमकाने और बर्तन बदलने के बहाने 20 लाख के आभूषण लेकर फरार


    मध्य प्रदेश : के देवास जिले के प्रसिद्ध तीर्थस्थल नेमावर में महिलाओं को निशाना बनाकर ठगी की एक बड़ी घटना सामने आई है। आरोप है कि एक महिला ने पुराने बर्तनों के बदले नए बर्तन देने और सोने-चांदी के आभूषणों को चमकाने तथा नया डिज़ाइन तैयार करने का झांसा देकर करीब 20 लाख रुपये मूल्य के जेवर अपने कब्जे में ले लिए और फरार हो गई। घटना के बाद पीड़ित महिलाओं ने पुलिस से शिकायत कर आरोपी की गिरफ्तारी और आभूषण बरामद कराने की मांग की है।

    शिकायत के अनुसार, ठगी की शुरुआत 7 जुलाई को हुई, जब एक महिला अपनी गोद में एक छोटे बच्चे को लेकर पीड़ितों के घर पहुंची। उसने स्वयं को भरोसेमंद बताते हुए पुराने बर्तनों के बदले नए बर्तन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा। बातचीत के दौरान उसने महिलाओं का विश्वास जीतने की कोशिश की और अगले दिन फिर आने की बात कहकर वहां से चली गई।

    पीड़ितों का आरोप है कि 8 जुलाई को वही महिला दोबारा उनके घर पहुंची। इस बार उसने सोने और चांदी के आभूषणों को नया रूप देने, चमकाने और आकर्षक डिज़ाइन तैयार करने का प्रस्ताव रखा। उसने भरोसा दिलाया कि वह जेवर देखकर तुरंत वापस कर देगी। महिला की बातों पर विश्वास करते हुए पीड़ितों ने अपने कीमती आभूषण उसे सौंप दिए।

    आरोप है कि जेवर लेने के बाद महिला वहां से चली गई और फिर वापस नहीं लौटी। काफी देर तक इंतजार करने के बाद जब उसका कोई पता नहीं चला, तब पीड़ितों को अपने साथ हुई ठगी का अहसास हुआ। पीड़ित महिलाओं के अनुसार, गायब हुए सोने-चांदी के आभूषणों की कुल कीमत लगभग 20 लाख रुपये है। घटना के बाद क्षेत्र में लोगों के बीच भी चिंता का माहौल है और स्थानीय नागरिकों ने ऐसे गिरोहों से सतर्क रहने की अपील की है।

    मामले की जानकारी मिलते ही पीड़ित महिलाएं नेमावर थाने पहुंचीं और लिखित शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने पुलिस से निष्पक्ष जांच करने, आरोपी महिला की पहचान कर उसे शीघ्र गिरफ्तार करने तथा उनके आभूषण बरामद कराने की मांग की है। पुलिस ने शिकायत प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    प्राथमिक जांच के तहत पुलिस आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। साथ ही घटनास्थल के आसपास आने-जाने वाले संदिग्ध लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी महिला किसी संगठित ठग गिरोह का हिस्सा है या उसने अकेले इस वारदात को अंजाम दिया। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अपरिचित व्यक्ति के झांसे में आकर अपने कीमती आभूषण या अन्य बहुमूल्य सामान किसी को न सौंपें। यदि कोई व्यक्ति जेवर चमकाने, बदलने या अन्य किसी बहाने से घर पहुंचता है तो उसकी पहचान की पुष्टि किए बिना उस पर भरोसा न करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने से ऐसी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। यह मामला एक बार फिर सावधानी और सतर्कता की आवश्यकता को रेखांकित करता है, ताकि इस प्रकार की ठगी से आम नागरिकों को बचाया जा सके।

  • मध्य प्रदेश में UCC की दिशा में बड़ा कदम, उच्च स्तरीय समिति ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को सौंपी अंतिम रिपोर्ट, अब विधेयक की तैयारी तेज

    मध्य प्रदेश में UCC की दिशा में बड़ा कदम, उच्च स्तरीय समिति ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को सौंपी अंतिम रिपोर्ट, अब विधेयक की तैयारी तेज

    मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राज्य सरकार द्वारा गठित उच्च स्तरीय समिति ने अपना अंतिम प्रतिवेदन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को सौंप दिया है। मुख्यमंत्री ने निर्धारित समय-सीमा के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने पर समिति के अध्यक्ष और सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया। इसके साथ ही राज्य में यूसीसी को लेकर आगे की विधायी प्रक्रिया शुरू होने का मार्ग भी प्रशस्त हो गया है। सरकार ने रिपोर्ट को विधि विभाग को भेज दिया है, जहां आवश्यक परीक्षण और संशोधन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

    समिति द्वारा प्रस्तुत अंतिम प्रतिवेदन तीन अलग-अलग खंडों में तैयार किया गया है। पहले खंड में समिति की सिफारिशें शामिल हैं, जिनमें अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर लागू विभिन्न कानूनों, परंपराओं और व्यवस्थाओं का अध्ययन कर सुझाव दिए गए हैं। इस भाग में कुल दस अध्याय शामिल किए गए हैं, जिनमें विभिन्न कानूनी और सामाजिक पहलुओं का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है।

    रिपोर्ट का दूसरा खंड प्रस्तावित विधेयक के प्रारूप से संबंधित है। समिति ने मध्य प्रदेश में लागू कानूनों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए विधेयक का मसौदा तैयार किया है। प्रस्तावित प्रारूप में चार भाग, 404 धाराएं और सात अनुसूचियां शामिल हैं। इसका उद्देश्य राज्य की परिस्थितियों के अनुरूप समान नागरिक संहिता का व्यावहारिक और कानूनी ढांचा तैयार करना है।

    तीसरे खंड में व्यापक जन-परामर्श का विवरण दिया गया है। समिति ने जिला स्तर, राज्य स्तर और ऑनलाइन माध्यमों से सुझाव आमंत्रित किए थे। इस प्रक्रिया में 9.58 लाख से अधिक सुझाव प्राप्त हुए। रिपोर्ट में इन सुझावों का प्रश्नवार, लिंगवार और समुदायवार विश्लेषण भी शामिल किया गया है। समिति ने अपनी सिफारिशों में अनुसूचित जनजातियों को समान नागरिक संहिता के दायरे से बाहर रखने की अनुशंसा भी की है।

    राज्य सरकार ने समिति को विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार, दत्तक ग्रहण और लिव-इन संबंधों जैसे व्यक्तिगत एवं पारिवारिक कानूनों का अध्ययन कर मध्य प्रदेश की सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक परिस्थितियों के अनुरूप सुझाव तैयार करने का दायित्व सौंपा था। समिति ने अपने प्रतिवेदन में लैंगिक समानता, संवैधानिक मूल्यों, प्रचलित परंपराओं और सामाजिक विविधता के बीच संतुलन बनाए रखने पर विशेष जोर दिया है। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है कि विभिन्न समुदायों की परंपरागत धार्मिक और सांस्कृतिक प्रथाएं अनावश्यक रूप से प्रभावित न हों।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष, सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई सहित अन्य सदस्यों के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि अब रिपोर्ट विधि विभाग के पास है, जहां आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसे वरिष्ठ सचिव समिति और मंत्रिपरिषद के समक्ष रखा जाएगा। इसके बाद सरकार इसे विधानसभा के आगामी मानसून सत्र में विधेयक के रूप में प्रस्तुत करने पर विचार कर सकती है।

    मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे पर राजनीतिक दलों से भी स्पष्ट रुख अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता जैसे विषय पर सभी पक्षों को अपने विचार स्पष्ट रूप से रखने चाहिए। सरकार का कहना है कि व्यापक जन-परामर्श और कानूनी अध्ययन के आधार पर तैयार यह प्रतिवेदन राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण आधार दस्तावेज के रूप में काम करेगा।

  • पेपर लीक और बेरोजगारी के खिलाफ कांग्रेस की 200 किलोमीटर साइक्लोथॉन जीतू पटवारी का बीजेपी पर बड़ा हमला

    पेपर लीक और बेरोजगारी के खिलाफ कांग्रेस की 200 किलोमीटर साइक्लोथॉन जीतू पटवारी का बीजेपी पर बड़ा हमला


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में परीक्षा प्रणाली में कथित गड़बड़ियों पेपर लीक और बढ़ती बेरोजगारी के मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने सोमवार से इंदौर से भोपाल तक 200 किलोमीटर लंबी साइक्लोथॉन यात्रा शुरू कर दी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में निकाली जा रही यह यात्रा राहुल गांधी के छात्रों की गूंज अभियान का हिस्सा बताई जा रही है। दो दिन तक चलने वाली इस यात्रा में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता छात्र और युवा शामिल हो रहे हैं। रास्ते में देवास सीहोर और भोपाल सहित कई जिलों से भी सैकड़ों लोग इस अभियान से जुड़ेंगे।

    यात्रा के दौरान देवास पहुंचे जीतू पटवारी ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रदेश और देश में सामने आए हर पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर हर पेपर लीक मामले के पीछे भाजपा से जुड़े माफिया का नाम ही क्यों सामने आता है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की भी मांग की।

    पटवारी ने कहा कि कांग्रेस छात्रों और युवाओं की आवाज को बुलंद करने के लिए सड़क पर उतरी है। उनके अनुसार राहुल गांधी लगातार देश के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था को बचाने का मुद्दा उठा रहे हैं और यह यात्रा उसी अभियान को आगे बढ़ाने का प्रयास है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं के भविष्य से जुड़े गंभीर मुद्दों पर संवेदनशील नहीं है।

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि यह मगरमच्छ की मोटी चमड़ी वाली सरकार है जिस पर जनता की समस्याओं का शायद कोई असर नहीं पड़ता। हालांकि उन्होंने विश्वास जताया कि इस यात्रा का प्रभाव आम जनता पर जरूर पड़ेगा और आने वाले समय में जनता बदलाव का फैसला करेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस छात्रों और बेरोजगार युवाओं के अधिकारों की लड़ाई लगातार लड़ती रहेगी।

    यात्रा के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं का विभिन्न स्थानों पर स्वागत किया गया। जगह जगह स्वागत पंडाल लगाए गए और साइकिल यात्रा में स्थानीय लोगों ने भी भागीदारी निभाई। पूर्व कृषि मंत्री और विधायक सचिन यादव ने भी यात्रा में हिस्सा लिया और करीब 36 किलोमीटर साइकिल चलाकर देवास पहुंचे। उन्होंने भी परीक्षा गड़बड़ियों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि केंद्रीय शिक्षा मंत्री में नैतिकता है तो उन्हें तत्काल इस्तीफा देना चाहिए।

    इस बीच इंदौर में यात्रा के दौरान गांधी प्रतिमा के सामने कचरा फैलने का मामला भी सामने आया। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद नगर निगम ने मौके पर पहुंचकर जांच की और एनएसयूआई के प्रदेश प्रभारी रवि दांगी के नाम दो हजार रुपये का स्पॉट फाइन लगाया। भाजपा ने इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस की आलोचना की जबकि कांग्रेस ने यात्रा को छात्रों और युवाओं की आवाज से जोड़ते हुए इसे जनआंदोलन का स्वरूप देने की बात कही।

    कांग्रेस की यह साइक्लोथॉन अब भोपाल की ओर बढ़ रही है जहां यात्रा के समापन पर छात्रों बेरोजगारी और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता को लेकर सरकार के खिलाफ बड़ा संदेश देने की तैयारी की जा रही है।

  • ट्विशा शर्मा मौत केस में आज बड़ा दिन भोपाल कोर्ट में सुनवाई दूसरी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पेश कर सकती है सीबीआई

    ट्विशा शर्मा मौत केस में आज बड़ा दिन भोपाल कोर्ट में सुनवाई दूसरी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पेश कर सकती है सीबीआई


    भोपाल । भोपाल की मॉडल और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत से जुड़े बहुचर्चित मामले में मंगलवार को जिला अदालत में अहम सुनवाई होने जा रही है। इस सुनवाई पर जांच एजेंसियों के साथ साथ दोनों पक्षों की भी नजरें टिकी हुई हैं क्योंकि माना जा रहा है कि केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई इस दौरान दिल्ली एम्स की दूसरी पोस्टमॉर्टम की अंतिम फॉरेंसिक रिपोर्ट अदालत के समक्ष पेश कर सकती है। वहीं मामले के दोनों आरोपी रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे अधिवक्ता समर्थ सिंह की न्यायिक हिरासत से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी कराई जा सकती है।

    ट्विशा शर्मा की 12 मई 2026 की रात भोपाल के कटारा हिल्स स्थित ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। घटना के बाद ससुराल पक्ष ने इसे आत्महत्या बताया जबकि मायके पक्ष ने हत्या का आरोप लगाया। मामले ने तूल पकड़ने के बाद मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने जांच की निगरानी करते हुए दिल्ली एम्स से दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने के निर्देश दिए थे।

    हाईकोर्ट के आदेश के बाद 25 मई 2026 को सीबीआई ने इस मामले की जांच अपने हाथ में ली। इसके बाद एजेंसी लगातार वैज्ञानिक साक्ष्यों डिजिटल रिकॉर्ड घटनास्थल की जांच और फॉरेंसिक विश्लेषण के आधार पर मामले की पड़ताल कर रही है। जांच के दौरान सीबीआई ने घटनास्थल का सीन रिक्रिएशन भी कराया और कई तकनीकी साक्ष्य एकत्र किए।

    सूत्रों के अनुसार दिल्ली एम्स के पांच सदस्यीय मेडिकल बोर्ड ने 10 जुलाई को अपनी 11 पृष्ठों की अंतिम फॉरेंसिक रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में सीबीआई को सौंप दी थी। रिपोर्ट की एक प्रति मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को भी भेजी गई है। हालांकि रिपोर्ट की आधिकारिक सामग्री सार्वजनिक नहीं की गई है लेकिन बताया जा रहा है कि जांच में कथित तौर पर फांसी में इस्तेमाल हुई जिम बेल्ट पर मिले स्किन टिश्यू और ट्विशा की गर्दन पर मिले लिगेचर मार्क के बीच वैज्ञानिक समानता का उल्लेख किया गया है। इन दावों की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल अदालत में रिपोर्ट पेश होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

    आज की सुनवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि सीबीआई के पास जांच पूरी कर चालान पेश करने की वैधानिक समय सीमा तेजी से पूरी होने की ओर है। कानून के अनुसार एजेंसी को निर्धारित अवधि के भीतर आरोप पत्र दाखिल करना होगा। यदि तय समय में चालान पेश नहीं किया जाता है तो आरोपी पक्ष को डिफॉल्ट जमानत का दावा करने का कानूनी अधिकार मिल सकता है।

    ऐसे में अदालत की आज की कार्यवाही इस हाई प्रोफाइल मामले की दिशा तय करने में अहम साबित हो सकती है। यदि सीबीआई फॉरेंसिक रिपोर्ट के साथ चालान भी पेश करती है तो जांच अगले चरण में पहुंच जाएगी और मामले की सुनवाई तेजी से आगे बढ़ सकती है। पूरे प्रदेश की नजर अब अदालत की कार्यवाही और सीबीआई की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।

  • पुलिस अधिकारियों को मिला बड़ा तोहफा मध्य प्रदेश में 301 निरीक्षकों का डीएसपी पद पर हुआ प्रमोशन

    पुलिस अधिकारियों को मिला बड़ा तोहफा मध्य प्रदेश में 301 निरीक्षकों का डीएसपी पद पर हुआ प्रमोशन


    मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश सरकार ने पुलिस विभाग में लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे अधिकारियों को बड़ी सौगात देते हुए बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। गृह विभाग ने राज्य पुलिस सेवा में कार्यरत 301 निरीक्षकों को पदोन्नत कर उप पुलिस अधीक्षक यानी डीएसपी के पद पर नियुक्त करने के आदेश जारी कर दिए हैं। 13 जुलाई 2026 को जारी इस आदेश के बाद पुलिस महकमे में खुशी का माहौल है और इसे विभाग के सबसे बड़े प्रमोशन आदेशों में से एक माना जा रहा है।

    गृह विभाग की ओर से मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल से जारी आदेश के अनुसार चयनित निरीक्षकों को छठे वेतनमान के ग्रेड पे 5400 से सातवें वेतनमान के लेवल 12 के अंतर्गत उप पुलिस अधीक्षक के पद पर पदोन्नत किया गया है। सरकार के इस फैसले से उन अधिकारियों को राहत मिली है जो कई वर्षों से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे थे। विभागीय वरिष्ठता और निर्धारित प्रक्रिया के तहत तैयार की गई सूची के आधार पर यह पदोन्नति दी गई है।

    पुलिस विभाग में निरीक्षक से उप पुलिस अधीक्षक बनना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जाता है। डीएसपी के रूप में अधिकारियों की जिम्मेदारियां पहले की तुलना में काफी बढ़ जाती हैं। कानून व्यवस्था बनाए रखने से लेकर अपराध नियंत्रण विशेष अभियानों की निगरानी और प्रशासनिक कार्यों का नेतृत्व करने जैसी अहम जिम्मेदारियां अब इन अधिकारियों के कंधों पर होंगी। इससे पुलिस प्रशासन की कार्यक्षमता और नेतृत्व क्षमता को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

    सरकार के इस फैसले का असर केवल अधिकारियों के पदनाम तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि इसका सीधा लाभ पुलिस व्यवस्था को भी मिलेगा। बड़ी संख्या में नए डीएसपी मिलने से विभिन्न जिलों और इकाइयों में लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने में मदद मिलेगी। इससे पुलिसिंग की गुणवत्ता बेहतर होने के साथ प्रशासनिक कार्यों में भी तेजी आने की संभावना है।

    पदोन्नति पाने वाले अधिकारियों के लिए यह फैसला उनके लंबे अनुभव और सेवा का सम्मान माना जा रहा है। वर्षों तक थाना स्तर पर कानून व्यवस्था संभालने वाले इन अधिकारियों को अब उच्च प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभाने का अवसर मिलेगा। इससे विभाग के भीतर कार्य करने वाले अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों का मनोबल भी बढ़ेगा तथा उन्हें अपने करियर में आगे बढ़ने की नई प्रेरणा मिलेगी।

    मध्य प्रदेश सरकार लगातार प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए विभिन्न विभागों में पदोन्नति और नियुक्ति संबंधी फैसले ले रही है। हाल के महीनों में कई विभागों में अधिकारियों और कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ दिया गया है। पुलिस विभाग में 301 निरीक्षकों को एक साथ डीएसपी बनाना भी इसी दिशा में उठाया गया बड़ा कदम माना जा रहा है।

    अब पदोन्नति के बाद इन अधिकारियों की नई पदस्थापना की प्रक्रिया भी जल्द पूरी होने की संभावना है। नई जिम्मेदारियां संभालने के बाद उनसे बेहतर नेतृत्व प्रभावी कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण में अधिक सक्रिय भूमिका निभाने की उम्मीद की जा रही है। सरकार का मानना है कि अनुभवी अधिकारियों को नेतृत्व की भूमिका देने से राज्य की पुलिस व्यवस्था और अधिक सशक्त तथा प्रभावी बनेगी।

  • आज का मौसम 14 जुलाई देशभर में मानसून रहेगा मेहरबान कई राज्यों में भारी बारिश और तेज आंधी का अलर्ट

    आज का मौसम 14 जुलाई देशभर में मानसून रहेगा मेहरबान कई राज्यों में भारी बारिश और तेज आंधी का अलर्ट


    मध्य प्रदेश। 14 जुलाई को देशभर में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहने के आसार हैं और मौसम विभाग के अनुसार कई राज्यों में बारिश का सिलसिला तेज हो सकता है। उत्तर भारत मध्य भारत पूर्वी भारत और पश्चिमी तटीय क्षेत्रों में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ इलाकों में भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है। गरज चमक और तेज हवाओं के कारण लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

    दिल्ली एनसीआर में दिनभर बादल छाए रहने के साथ रुक रुककर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। बारिश के चलते तापमान में गिरावट दर्ज होने की संभावना है जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिल सकती है। हालांकि सुबह और शाम के समय प्रमुख सड़कों पर जलभराव और ट्रैफिक प्रभावित होने की आशंका भी बनी रहेगी।

    उत्तर प्रदेश बिहार झारखंड और उत्तराखंड के कई जिलों में तेज बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। नदियों के किनारे रहने वाले लोगों और निचले इलाकों में रहने वालों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने की आशंका भी बनी हुई है।

    मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ और राजस्थान के कई हिस्सों में भी मानसून सक्रिय रहेगा। भोपाल इंदौर जबलपुर ग्वालियर उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों में गरज चमक के साथ बारिश होने के आसार हैं। कुछ स्थानों पर तेज हवाएं चल सकती हैं जिससे पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने जैसी स्थितियां भी बन सकती हैं। किसानों के लिए यह बारिश खरीफ फसलों के लिहाज से लाभदायक मानी जा रही है।

    महाराष्ट्र गुजरात गोवा और कोंकण क्षेत्र में भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। मुंबई और आसपास के इलाकों में बीच बीच में तेज वर्षा के कारण जलभराव और यातायात पर असर पड़ सकता है। पश्चिमी तट पर मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है क्योंकि समुद्र में ऊंची लहरें उठने की संभावना बनी हुई है।

    दक्षिण भारत के केरल कर्नाटक तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में भी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। पूर्वोत्तर भारत में असम मेघालय अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में कई स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है। इन क्षेत्रों में भूस्खलन और बाढ़ जैसी परिस्थितियों पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की सक्रियता के कारण अगले कुछ दिनों तक देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर बना रह सकता है। लोगों को बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों में जाने से बचने तथा मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है। यात्रा पर निकलने से पहले स्थानीय मौसम की जानकारी अवश्य लें ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।

    कुल मिलाकर 14 जुलाई का दिन देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश और बादलों के नाम रहने वाला है। जहां एक ओर बारिश गर्मी से राहत देगी वहीं दूसरी ओर भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में सावधानी और सतर्कता बेहद जरूरी रहेगी।

  • MP: प्रयागराज महाकुंभ में वायरल दंपति को HC से राहत…. अगली सुनवाई तक गिरफ्तारी पर रोक

    MP: प्रयागराज महाकुंभ में वायरल दंपति को HC से राहत…. अगली सुनवाई तक गिरफ्तारी पर रोक


    इंदौर।
    मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (Madhya Pradesh High Court) की इंदौर पीठ (Indore Bench) ने सोमवार को 2025 के प्रयागराज महाकुंभ (Prayagraj Mahakumbh) के दौरान चर्चा में आए एक दंपति को बड़ी राहत दी है. अदालत ने निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई तक उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले में कोई दंडात्मक या जबरन कार्रवाई नहीं की जाएगी. मामले की अगली सुनवाई 27 जुलाई से शुरू होने वाले सप्ताह में होगी।

    जस्टिस गजेंद्र सिंह की एकल पीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह अंतरिम आदेश पारित किया. अदालत ने कहा कि खरगोन जिले के महेश्वर थाने में दर्ज एफआईआर के आधार पर अगली सुनवाई तक याचिकाकर्ताओं के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई नहीं की जाए।

    दंपति ने हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर कर महेश्वर नगर परिषद की ओर से युवती का जन्म प्रमाण पत्र रद्द किए जाने को चुनौती दी है. याचिका में कहा गया है कि अंतरधार्मिक विवाह के बाद कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना युवती का जन्म प्रमाण पत्र रद्द कर दिया गया. इसके बाद बदले हुए रिकॉर्ड के आधार पर उसके पति के खिलाफ महेश्वर थाने में एफआईआर दर्ज कर दी गई।

    एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 137(2) (अपहरण), धारा 81 (विवाह का झांसा देकर धोखाधड़ी या यौन संबंध), धारा 83 (नाबालिग लड़की को बहलाना-फुसलाना) और धारा 87 (अपहरण), बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की धारा 9 तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराएं लगाई गई हैं।

    इससे पहले पॉक्सो मामलों की विशेष अदालत आरोपी पति की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर चुकी है. अब दंपति ने हाईकोर्ट का रुख किया है।


    याचिका में युवती को नाबालिग बताया गया

    याचिका में आरोप लगाया गया है कि युवती को विवाह के समय नाबालिग साबित करने के लिए उसके जन्म संबंधी रिकॉर्ड में आपराधिक साजिश के तहत छेड़छाड़ की गई. दंपति का कहना है कि उन्होंने 11 मार्च को केरल के एक मंदिर में विवाह किया था।

    याचिका के अनुसार, युवती की वास्तविक जन्म तिथि 1 जनवरी 2008 है. यही तिथि महेश्वर नगर परिषद द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य सरकारी दस्तावेजों में भी दर्ज है. इसके बावजूद विवाह के बाद उसके परिवार ने इस रिश्ते का विरोध किया और बिना वैधानिक प्रक्रिया अपनाए जन्म प्रमाण पत्र निरस्त करा दिया।


    “लव जिहाद” से जोड़ा गया मामला

    दंपति ने यह भी आरोप लगाया है कि बदले हुए दस्तावेजों के आधार पर पति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई. साथ ही उनके अंतरधार्मिक विवाह को “लव जिहाद” से जोड़कर सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की गई, जिससे उनकी सुरक्षा को भी खतरा पैदा हो गया है।

    हाईकोर्ट ने फिलहाल दंपति को अंतरिम राहत देते हुए राज्य सरकार को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया है. अब इस मामले में अगली सुनवाई 27 जुलाई से शुरू होने वाले सप्ताह में होगी, जहां अदालत आगे की कार्रवाई पर फैसला करेगी।

  • एमपी में मानसून की रफ्तार पड़ी धीमी, पहली बार बारिश सामान्य से 3% कम, हल्‍की बारिश की संभावना

    एमपी में मानसून की रफ्तार पड़ी धीमी, पहली बार बारिश सामान्य से 3% कम, हल्‍की बारिश की संभावना


    भोपाल। मध्य प्रदेश में इस मानसून सीजन के दौरान जुलाई में पहली बार बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे पहुंच गया है। अब तक प्रदेश में 241.8 मिमी (9.5 इंच) वर्षा दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश 250.1 मिमी (9.8 इंच) मानी जाती है। इस तरह प्रदेश में फिलहाल 3 प्रतिशत कम बारिश हुई है। हालांकि, यह अब तक के निर्धारित मानसूनी कोटे का लगभग 25 प्रतिशत है।

    बारिश की रफ्तार पिछले पांच दिनों से लगभग थमी हुई है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बादल तो छा रहे हैं, लेकिन तेज बारिश नहीं हो रही। यही वजह है कि आधे से अधिक जिलों में सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, शहडोल, सागर और रीवा संभागों में औसत से 17 प्रतिशत कम बारिश हुई है। वहीं पश्चिमी क्षेत्र के भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और ग्वालियर-चंबल संभाग में सामान्य से 10 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है।

    आज ऐसा रहेगा मौसम
    मौसम विभाग ने मंगलवार को प्रदेश के कई जिलों में हल्की बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई है। सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में आंधी-गरज के साथ हल्की बारिश हो सकती है।

    वहीं भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में तेज धूप निकलने का अनुमान है।

    क्यों कमजोर पड़ा मानसून?
    मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल मानसून को सक्रिय बनाए रखने वाली प्रमुख मौसम प्रणालियां कमजोर हो गई हैं या उनका प्रभाव मध्य प्रदेश से दूर चला गया है। इसी कारण अधिकांश क्षेत्रों में केवल बादल छाए रहने और हल्की फुहार जैसी स्थिति बनी हुई है। हालांकि, उत्तर बंगाल की खाड़ी में एक नया ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) बनने की संभावना है। यदि यह आगे चलकर निम्न दाब क्षेत्र में परिवर्तित होता है, तो मध्य प्रदेश में एक बार फिर तेज बारिश का दौर शुरू हो सकता है।

    इसके अलावा मौसम विभाग का अनुमान है कि प्रशांत महासागर में तीन नए मौसमीय सिस्टम विकसित हो रहे हैं। इनमें से यदि कोई एक भी बंगाल की खाड़ी तक पहुंचता है, तो प्रदेश में मानसून दोबारा सक्रिय होने की संभावना बढ़ जाएगी।

    जून की तुलना में जुलाई बेहतर, लेकिन पांच दिन की सुस्ती से घटे आंकड़े
    मौसम विभाग के मुताबिक जून में बारिश सामान्य से कम रही थी, जबकि जुलाई की शुरुआत में वर्षा की गतिविधियां बढ़ी थीं। लेकिन पिछले पांच दिनों से तेज बारिश नहीं होने के कारण कुल वर्षा का आंकड़ा घटकर 13 जुलाई को सामान्य से नीचे पहुंच गया।

    आंकड़ों के अनुसार, जुलाई मानसून का सबसे महत्वपूर्ण महीना माना जाता है। इसी महीने प्रदेश में पूरे मानसूनी कोटे की लगभग 40 प्रतिशत बारिश होती है। उदाहरण के तौर पर भोपाल में सामान्य वार्षिक वर्षा 39 इंच है, जिसमें से करीब 14 इंच बारिश केवल जुलाई में होती है। वहीं बड़े शहरों में जबलपुर ऐसा शहर है, जहां जुलाई में सबसे अधिक 17 इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की जाती है।

  • दतिया उपचुनाव में भावुक हुए नरोत्तम मिश्रा सीएम मोहन यादव ने संभाला कहा घर घर जाकर आशुतोष तिवारी को जिताऊंगा

    दतिया उपचुनाव में भावुक हुए नरोत्तम मिश्रा सीएम मोहन यादव ने संभाला कहा घर घर जाकर आशुतोष तिवारी को जिताऊंगा


    मध्य प्रदेश। दतिया विधानसभा उपचुनाव की सियासी सरगर्मियों के बीच भाजपा की नामांकन रैली उस समय भावनात्मक मोड़ पर पहुंच गई जब पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा मंच से संबोधन करते हुए भावुक हो गए। भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के समर्थन में आयोजित जनसभा में अपने भाषण के अंतिम चरण में उनकी आंखें नम हो गईं और वे हाथ जोड़कर कार्यकर्ताओं के सामने खड़े रहे। मंच पर मौजूद मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने उनके कंधे पर हाथ रखकर उनका हौसला बढ़ाया जबकि प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भी उन्हें संभाला। इस घटनाक्रम ने रैली में मौजूद कार्यकर्ताओं को भी भावुक कर दिया।

    अपने संबोधन में नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि वह 16 जुलाई से दतिया में ही डेरा डालेंगे और कार्यकर्ताओं के साथ गांव गांव तथा घर घर जाकर भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के पक्ष में जनसंपर्क करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मतदाता के दरवाजे पर जाकर आशीर्वाद मांगेंगे और पूरी ताकत के साथ चुनाव अभियान को आगे बढ़ाएंगे। उनके इस संकल्प पर सभा में मौजूद कार्यकर्ताओं ने जोरदार समर्थन जताया।

    रैली के दौरान नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस और उसके नेताओं पर भी तीखे राजनीतिक हमले किए। उन्होंने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के उस बयान का जवाब दिया जिसमें भाजपा की हार को अहंकार से जोड़ा गया था। मिश्रा ने कहा कि यदि कुछ हजार वोटों से हारने वाले अहंकारी कहलाते हैं तो बड़े अंतर से हारने वालों के लिए क्या कहा जाएगा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जनता ही लोकतंत्र में अंतिम फैसला करती है और वही सही मूल्यांकन करती है।

    उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को भी खुली चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनमें दम है तो दतिया उपचुनाव मैदान में उतरकर भाजपा प्रत्याशी का सामना करें। उनका कहना था कि चुनावी मैदान ही तय करेगा कि जनता किसे स्वीकार करती है और किसे नकारती है। इस बयान के बाद रैली में मौजूद कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए भाजपा के पक्ष में माहौल बनाया।

    नरोत्तम मिश्रा ने अपने भाषण में भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी की पृष्ठभूमि का उल्लेख करते हुए उन्हें समर्पित कार्यकर्ता बताया। उन्होंने कहा कि आशुतोष तिवारी ने संगठन के लिए लंबे समय तक जमीन पर काम किया है और पार्टी के सिद्धांतों को अपने जीवन में उतारा है। उन्होंने कहा कि भाजपा का कार्यकर्ता पद और प्रतिष्ठा से नहीं बल्कि सेवा और समर्पण से पहचान बनाता है। यही कारण है कि संगठन ने एक कर्मठ कार्यकर्ता को उम्मीदवार बनाया है।

    सभा के दौरान उन्होंने दतिया उपचुनाव को केवल राजनीतिक मुकाबला नहीं बल्कि विचारधारा और कार्यकर्ता संस्कृति की लड़ाई बताया। उन्होंने कहा कि एक ओर राजनीतिक विरासत का दावा करने वाले लोग हैं तो दूसरी ओर संगठन और समाज सेवा के बल पर आगे बढ़ने वाले कार्यकर्ता हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे पूरी ऊर्जा और एकजुटता के साथ चुनाव मैदान में उतरें और भाजपा प्रत्याशी को रिकॉर्ड मतों से विजयी बनाएं।

    दतिया उपचुनाव को लेकर भाजपा ने पूरी ताकत झोंक दी है और शीर्ष नेतृत्व लगातार चुनाव प्रचार में सक्रिय दिखाई दे रहा है। नामांकन रैली में उमड़ी भीड़ और मंच पर दिखाई दिया भावनात्मक दृश्य इस चुनाव को और अधिक चर्चा का विषय बना गया है।